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August 30, 2026

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बिहार से सटे नेपाल में धंसी सड़क, मुग्लिन-काठमांडू रोड बंद, बाढ़ और भूस्खलन के खतरे को लेकर हाई अलर्ट

Nepal Flash Flood: नेपाल में लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर मुश्किलें बढ़ा दी हैं. बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं के बीच अब कई प्रमुख सड़क मार्गों पर यातायात रोक दिया गया है. रसुवा से फिर बाढ़ और भूस्खलन की सूचना मिलने के बाद चितवन पुलिस प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट किया है. हालात को देखते हुए नारायणगढ़ से काठमांडू, पोखरा और मुग्लिन जाने वाली गाड़ियों के पहिए थाम दिए गए हैं. इन इलाकों से नारायणगढ़ आने वाली गाड़ियों की आवाजाही भी अगले सूचना तक बंद रहेगी. ऐसे में इस समय इन प्रमुख रूटों पर सफर करने वालों के लिए रास्ता बंद है. इस जगह पर धंसी सड़क कृष्णभीर इलाके में त्रिशूली नदी में बारिश के बाद शनिवार की सुबह बढ़े जलस्तर से सड़क धंस जाने के कारण मुग्लिन-काठमांडू सड़क पर परिचालन एक बार फिर पूरी तरह से बंद हो गया है. बागमती प्रदेश ट्रैफिक प्रमुख डिल्ली नारायण पांडे ने सड़क धंसने और मार्ग के पूर्ण रूप से बंद होने की पुष्टि की है. सड़क अवरुद्ध होने के बाद इस महत्वपूर्ण मार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है. संबंधित निकायों की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है. पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के बीच सड़क पर मलबा आने और जमीन खिसकने का खतरा भी बना हुआ है. यात्रियों और मालवाहकों की बढ़ेगी परेशानी सड़क बंद होने का असर सिर्फ आम यात्रियों पर नहीं पड़ेगा. बल्कि काठमांडू, पोखरा और मुग्लिन की ओर जाने वाले बस, कार, ट्रक और अन्य मालवाहक गाड़ियों को भी रुकना पड़ेगा. इससे यात्रा प्रभावित होने के साथ जरूरी सामान की आवाजाही पर भी असर पड़ सकता है. प्रशासन ने जारी किया अलर्ट चितवन पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों को स्थिति की जानकारी दी है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जरूरी काम के बिना जोखिम वाले रास्तों पर यात्रा न करें. यात्रा से पहले मार्ग की ताजा स्थिति की जानकारी लेना बेहद जरूरी बताया गया है. फिलहाल, नारायणगढ़-काठमांडू, पोखरा और मुग्लिन रूट पर यातायात अगली सूचना तक बंद है. मार्ग खोलने का फैसला हालात की समीक्षा के बाद लिया जाएगा. लोगों से अपनी और परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की गई है. बिहार के इन जिलों में अलर्ट नेपाल में हो रही लगातार बारिश की वजह से बिहार में खतरा बना हुआ है. राज्य की नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के आसपास रह रहा है. कुछ नदियों का जलस्तर घटा है, लेकिन खतरा टला नहीं है. कई इलाकों में प्रभावित लोगों को सुरक्षित जगह तक पहुंचाया गया है. दियारा इलाके में रह रहे लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है. बिहार के 5 जिलों पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, गोपालगंज और भागलपुर जिले में खासकर निगरानी की जा रही है. Also Read: 1692 करोड़ की लागत से मुजफ्फरपुर से महुआ तक बनेगी नई रेल लाइन, 60KM लंबा बिछेगा रेलवे ट्रैक The post बिहार से सटे नेपाल में धंसी सड़क, मुग्लिन-काठमांडू रोड बंद, बाढ़ और भूस्खलन के खतरे को लेकर हाई अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

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Exclusive:‘भोजपुरी बवाल’ का असर! काजल राघवानी को Bigg Boss का ऑफर, एक्ट्रेस ने ठुकराया, बोलीं- ‘दाल-चावल के लिए किच-किच नहीं हो पाएगी’

भोजपुरी सिनेमा में इन दिनों ‘बवाल’ थमने का नाम नहीं ले रहा है. पर्दे पर अपनी अदाकारी से पहचान बनाने वाले भोजपुरी सितारे अब अपने बयानों और बेबाक अंदाज की वजह से सोशल मीडिया पर भी छाए हुए हैं. ‘भोजपुरी बवाल’ शो ने इस चर्चा को और हवा दे दी है. शो में कलाकारों के खुलासे और आपसी समीकरणों से जुड़े किस्सों ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरीं. अब लगता है कि इस बढ़ती लोकप्रियता पर Bigg Boss की टीम की भी नजर पड़ गई है. समाचार है कि ‘भोजपुरी बवाल’ के बाद भोजपुरी इंडस्ट्री के चर्चित चेहरों को Bigg Boss की टीम अप्रोच कर रही है. इसी सिलसिले में भोजपुरी अभिनेत्री काजल राघवानी को भी शो के लिए कॉल आया था. हालांकि, काजल ने इस ऑफर को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है. ‘नया विचार’ से खास बातचीत में एक्ट्रेस ने खुद इसकी वजह बताई है. काजल राघवानी को आया Bigg Boss का कॉल काजल राघवानी ने ‘नया विचार’ को बताया कि Bigg Boss की टीम की ओर से उन्हें अप्रोच किया गया था. लेकिन फिलहाल वह दूसरे प्रोजेक्ट्स को लेकर पहले से कमिटेड हैं. ऐसे में उनके लिए Bigg Boss के घर में जाना संभव नहीं था. काजल ने कहा, “मुझे Bigg Boss के लिए कॉल आया था, लेकिन मैं दूसरे प्रोजेक्ट्स से पहले ही कमिटमेंट कर चुकी थी.” हालांकि, यह अकेली वजह नहीं है. काजल ने शो को मना करने की दूसरी वजह जिस अंदाज में बताई, वह काफी दिलचस्प है. ‘दाल-चावल के लिए किच-किच नहीं हो पाएगी’ Bigg Boss के घर में खाना और राशन हमेशा से विवाद का बड़ा मुद्दा रहा है. घर में दाल-चावल से लेकर सब्जी और राशन तक को लेकर कंटेस्टेंट्स के बीच खूब बहस देखने को मिलती है. काजल को शायद इसी ‘किच-किच’ से सबसे ज्यादा परहेज है. एक्ट्रेस ने मजाकिया अंदाज में कहा, “और शो का ना कहने का दूसरा कारण यही है कि मुझसे अब दाल-चावल के लिए किच-किच नहीं हो पाएगा.” काजल का यह जवाब भले ही मजाकिया हो, लेकिन यह Bigg Boss के घर के उस माहौल की ओर इशारा करता है जहाँ छोटी-छोटी बातें भी बड़े झगड़ों का रूप ले लेती हैं, और काजल शायद ऐसे विवादों से बचना चाहती हैं. भोजपुरी सितारों की बढ़ी डिमांड दरअसल, ‘भोजपुरी बवाल’ ने भोजपुरी इंडस्ट्री के कई चर्चित कलाकारों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है. शो में हुई बातचीत, कलाकारों के खुलासे और बेबाक बयानों के छोटे-छोटे वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए. नतीजा यह हुआ कि भोजपुरी सितारों को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा अचानक तेज हो गई. इसका फायदा अब इंडस्ट्री और रियलिटी शो दोनों उठाना चाहते हैं. जिन कलाकारों की सोशल मीडिया पर चर्चा है, उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और फैन फॉलोइंग को देखते हुए रियलिटी शो के मेकर्स भी उन्हें अपने शो का हिस्सा बनाने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं. आम्रपाली दुबे के नाम की भी तेज चर्चा काजल राघवानी के Bigg Boss ऑफर के बीच भोजपुरी अभिनेत्री आम्रपाली दुबे का नाम भी तेजी से सामने आ रहा है. चर्चा है कि आम्रपाली को भी Bigg Boss के लिए अप्रोच किया जा सकता है या शो में उनकी एंट्री को लेकर बातचीत चल रही है. हालांकि, आम्रपाली दुबे के शो में जाने की बात अभी सिर्फ चर्चा है. न तो उन्होंने और न ही बिग बॉस की टीम ने इसकी पुष्टि की है. फिलहाल इतना जरूर है कि ‘भोजपुरी बवाल’ के बाद भोजपुरी सितारों की लोकप्रियता ने नया जोर पकड़ा है. काजल राघवानी को Bigg Boss का ऑफर मिलना इसी बढ़ती चर्चा का एक बड़ा संकेत माना जा सकता है. हालांकि, काजल ने इस बार Bigg Boss के घर की दाल-चावल वाली किच-किच से दूरी बना ली है. The post Exclusive:‘भोजपुरी बवाल’ का असर! काजल राघवानी को Bigg Boss का ऑफर, एक्ट्रेस ने ठुकराया, बोलीं- ‘दाल-चावल के लिए किच-किच नहीं हो पाएगी’ appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड : नेपाल त्रासदी में लापता रामप्रसाद के परिजनों से मिले केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, कहा- खोजने का प्रयास जारी

Nepal Flood: नेपाल में 26 अगस्त को आई भयावह बाढ़ की त्रासदी के बाद रांची के रहने वाले रामप्रसाद घोष लापता हैं. उनसे 26 अगस्त के बाद से परिवार का कोई संपर्क नहीं हो पाया है. रामप्रसाद की तलाश में उनके परिजन लगातार प्रयास कर रहे हैं. इसी सिलसिले में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने शनिवार को रामप्रसाद के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया. एंबेसी समेत अन्य माध्यमों से तलाश जारी परिजनों से मुलाकात के दौरान संजय सेठ ने कहा कि रामप्रसाद घोष रांची के रहने वाले हैं और एक ऑस्ट्रेलियन कंपनी में काम करते थे. नेपाल में आई त्रासदी के बाद से वे लापता हैं. परिवार के सदस्य उन्हें खोजने के लिए काठमांडू गए हैं, लेकिन अभी तक रामप्रसाद के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है. उन्होंने कहा कि पिछले तीन-चार दिनों से एंबेसी समेत अन्य माध्यमों से रामप्रसाद का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है. संजय सेठ ने कहा कि सभी लोग ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि रामप्रसाद सकुशल वापस लौटें. उन्होंने बताया कि रामप्रसाद पिछले करीब एक साल से नेपाल में काम कर रहे थे और त्रासदी के बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया है. अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि वे घायल हैं, सुरक्षित स्थान पर हैं या किसी अन्य स्थिति में हैं. उन्हें खोजने के लिए हर स्तर पर प्रयास जारी है. ये भी पढ़ें- नेपाल त्रासदी पर राज्यपाल संतोष गंगवार ने जताया दुख, कहा- संकट की घड़ी में हिंदुस्तान नेपाल के साथ बहन बोली- अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली रामप्रसाद की बहन पूजा घोष ने कहा कि अभी तक उनकी खोज ही की जा रही है. उनका कहीं कोई पता नहीं चल रहा है. उन्होंने बताया कि वहां से यह सूचना मिली थी कि लोग पहाड़ के ऊपर हैं और अब नीचे आ गए हैं, लेकिन वहां भी उनके भाई नहीं मिले. वहीं, रामप्रसाद के भाई प्रकाश कुमार घोष ने बताया कि 25 अगस्त को उनकी रामप्रसाद से आखिरी बार फोन पर बात हुई थी. इसके बाद 26 अगस्त से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है. उन्होंने कहा कि अभी तक भाईया से संबंधित कोई जानकारी नहीं मिली है. परिवार के बड़े भाई और भाभी नेपाल गए हैं और आज त्रिशूली पहुंचने वाले हैं. परिवार अपनी ओर से हर संभव प्रयास कर रहा है. प्रकाश ने कहा कि केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से भी परिवार की मुलाकात हुई है. उन्होंने भरोसा दिया है कि रामप्रसाद को खोजने के लिए उनकी ओर से भी पूरा प्रयास किया जाएगा. पिता बोले- जानकारी मिलती तो रांची ले आते रामप्रसाद के पिता ने कहा कि उनके बेटे की अब तक कोई जानकारी नहीं मिली है. अगर कोई जानकारी मिल जाती, तो परिवार दर-दर भटकने के बजाय उसे रांची वापस ले आता. उन्होंने कहा कि 26 अगस्त के बाद से रामप्रसाद की कोई समाचार नहीं है और उन्हें खोजने के लिए परिवार पूरी कोशिश कर रहा है. बड़े बेटे और बहू नेपाल गए हुए हैं. रामप्रसाद का एक दोस्त भी नेपाल में है, जिसे वहां के इलाके की जानकारी है और वह भी उनकी तलाश में मदद कर रहा है. ये भी पढ़ें- हजारीबाग: दनुवा घाटी में अफीम तस्करों से पुलिस की मुठभेड़, जवाबी फायरिंग में 21 वर्षीय युवक घायल अपर त्रिशूली क्षेत्र में कंपनी में काम करते थे रामप्रसाद रामप्रसाद घोष रांची के कोकर स्थित हैदर अली रोड नंबर 12 के रहने वाले हैं. परिजनों के अनुसार, वे नेपाल के अपर त्रिशूली क्षेत्र में स्थित एंड्रिट्ज हाइड्रो पावर कंपनी में एडमिन के पद पर कार्यरत थे. वे पिछले छह से सात महीनों से इस कंपनी से जुड़े हुए थे. परिजनों के अनुसार, रामप्रसाद करीब दो महीने पहले ही छुट्टी पर रांची आए थे. मंगलवार 25 अगस्त को उनसे आखिरी बार बात हुई थी. इसके बाद से कोई संपर्क नहीं हो पाया है. परिवार लगातार एंबेसी से भी संपर्क कर रहा है, ताकि रामप्रसाद के बारे में कोई जानकारी मिल सके. परिजनों को उम्मीद है कि रामप्रसाद सुरक्षित हैं और जल्द ही उनका पता चल जाएगा. The post झारखंड : नेपाल त्रासदी में लापता रामप्रसाद के परिजनों से मिले केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, कहा- खोजने का प्रयास जारी appeared first on Naya Vichar.

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जब इस वेब सीरीज में Jyothika को रिप्लेस करना चाहती थी शबाना आजमी, एक्ट्रेस का खुलासा

Shabana Azmi: वेटेरन एक्ट्रेस  शबाना आजमी अपनी शानदार एक्टिंग के लिए जानी जाती हैं. उन्होंने अपनी एक्टिंग से सबको चौंकाया है और उनके रिश्ते सभी एक्टर्स से काफी अच्छे हैं, पर क्या आपको पता है  ‘डब्बा कार्टेल’ से जुड़ा एक ऐसा किस्सा जिसने सभी को हैरान कर दिया था. शबाना ने  एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि शुरुआत में वह सीरीज में ज्योतिका की कास्टिंग से खुश नहीं थीं और उन्होंने मेकर्स से उन्हें रिप्लेस करने की बात तक कह दी थी. हालांकि, बाद में शबाना को अपनी इस सोच पर पछतावा हुआ और उन्होंने माना कि अगर ज्योतिका शो का हिस्सा नहीं होतीं तो उन्हें उनके साथ काम करने का मौका नहीं मिलता. Shabana Azmi Shared She Don’t Want to Work With Jyotika एक इंटरव्यू के दौरान किया शबाना ने खुलासा  ‘डब्बा कार्टेल’ के एक इवेंट के दौरान जब मीडिया ने कलाकारों की कास्टिंग को लेकर सवाल किया तो शबाना आजमी ने खुद एक दिलचस्प खुलासा किया. उन्होंने बताया कि सीरीज में दो ऐसी अभिनेत्रियां थीं, जिन्हें वह हटाना चाहती थीं। इनमें से एक नाम ज्योतिका का था. ‘डब्बा कार्टेल’ Poster, फोटो- इंस्टाग्राम. इवेंट के दौरान ज्योतिका भी शबाना की यह बात सुनकर हंसती नजर आईं. शबाना ने माना कि मेकर्स का उनकी बात न मानना सही फैसला था. उन्होंने कहा कि अगर ज्योतिका को सीरीज से हटा दिया जाता, तो वह उनके साथ काम नहीं कर पातीं. Shabana Azmi Recent Work: बंटवारा 1947 और आवारापन 2 में नजर आईं थी शबाना  शबाना आजमी हाल ही में आवारापन 2 और बंटवारा 1947 में नजर आईं थी. उनकी दमदार स्क्रीन प्रजेंस के कारण उनको दर्शकों से  बहुत तारीफें भी मिली. उनकी आवारापन 2 ने 145 करोड़ कमाया वहीं  बंटवारा 1947 बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं कर पाई. शबाना ने एक इंटरव्यू में बंटवारा 1947 के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को देखते हुए कहा, कि वह यह देखकर हैरान हैं कि फिल्म को दर्शकों का वैसा रिस्पॉन्स नहीं मिला, जिसकी उन्हें उम्मीद थी. यह भी पढ़ें: Batwara 1947 के फ्लॉप होने पर शबाना आजमी हुई हैरान, बोली- सनी देओल मुस्लिम किरदार क्यों निभा रहे Why Can’t You Accept Sunny Deol as Muslim – Shabana Azmi: सनी देओल को मुस्लिम करैक्टर में देखना क्यों हो रहा है मुश्किल: शबाना आजमी शबाना आजमी ने फिल्म में सनी देओल के मुस्लिम किरदार को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाया. उन्होंने पूछा कि आखिर दर्शकों के लिए सनी देओल को एक मुस्लिम किरदार के रूप में स्वीकार करना इतना मुश्किल क्यों है. शबाना आजमी, बंटवारा 1947, फोटो- इंस्टाग्राम उन्होंने इसके लिए अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘कुली’ का उदाहरण दिया. शबाना ने याद किया कि अमिताभ बच्चन ने पहले कई फिल्मों में मुस्लिम किरदार निभाए और दर्शकों ने उन्हें आसानी से स्वीकार किया. उन्होंने कहा कि ऐसे किरदारों के साथ 786 जैसे प्रतीकों का इस्तेमाल भी हुआ और उस समय इसे लेकर कोई बड़ी आपत्ति नहीं थी. About Batwara 1947: ‘बंटवारा 1947’ की कहानी और स्टारकास्ट ‘बंटवारा 1947’ हिंदुस्तान के विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित है और इसे उर्दू नाटक ‘जिस लाहौर नइ वेख्या, ओ जम्याइ नइ’ से प्रेरणा मिली है. फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है और इसे आमिर खान ने प्रोड्यूस किया है. फिल्म में सनी देओल, शबाना आजमी, प्रीति जिंटा, करण देओल और कनिका कपूर प्रमुख भूमिकाओं में हैं. यह भी पढ़ें: Batwara 1947 Box Office: 50 करोड़ का आंकड़ा पार नहीं कर सकी सनी देओल की फिल्म, कलेक्शन देख जानें हिट हुई या फ्लॉप The post जब इस वेब सीरीज में Jyothika को रिप्लेस करना चाहती थी शबाना आजमी, एक्ट्रेस का खुलासा appeared first on Naya Vichar.

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फ्रिजी और उलझे बालों को कहें Bye-Bye, घर पर ऐसे बनाएं DIY Conditioner

DIY Leave-In Conditioner: ड्राई और फ्रिजी बालों को संभालना कई बार काफी मुश्किल हो जाता है. बाल धोने के बाद उन्हें सुलझाते समय कंघी में कई बाल फंस जाते हैं और छोटी-छोटी गांठें भी परेशान करती हैं. खासकर धूप, धूल, पॉल्यूशन और बार-बार हीट स्टाइलिंग से बाल रूखे और बेजान महसूस हो सकते हैं. ऐसे में बालों को मैनेजेबल बनाने के लिए आप घर पर एक आसान लीव-इन कंडीशनर तैयार कर सकती हैं. इसके लिए आपको बहुत ज्यादा सामान की जरूरत नहीं है. एलोवेरा जेल, गुलाब जल और बादाम या ऑलिव ऑयल से यह हल्का मिश्रण तैयार किया जा सकता है. इसे बाल धोने के बाद हल्के गीले बालों पर लगाया जाता है. इससे बालों को सॉफ्ट महसूस कराने और सुलझाने में मदद मिल सकती है. किन चीजों की होगी जरूरत? इसे बनाने के लिए आपको 2 चम्मच एलोवेरा जेल, आधा कप गुलाब जल और 1 छोटा चम्मच बादाम तेल या ऑलिव ऑयल चाहिए. साथ ही एक साफ स्प्रे बोतल रख लें. ध्यान रखें कि तेल बहुत ज्यादा न डालें, वरना बाल चिपचिपे और भारी लग सकते हैं. ऐसे बनाएं DIY लीव-इन कंडीशनर सबसे पहले एक साफ कटोरी में एलोवेरा जेल लें. अब इसमें गुलाब जल डालकर अच्छी तरह मिलाएं. इसके बाद बादाम तेल या ऑलिव ऑयल डालें और सभी चीजों को अच्छे से मिक्स कर लें. तैयार मिश्रण को साफ स्प्रे बोतल में भर लें. इस्तेमाल से पहले बोतल को अच्छी तरह हिला लें, क्योंकि तेल और पानी अलग हो सकते हैं. बालों में कैसे लगाएं? बाल धोने के बाद उन्हें तौलिए से हल्का सुखा लें. बालों में थोड़ी नमी रहनी चाहिए. अब इस मिश्रण को बालों की लंबाई और सिरों पर हल्की मात्रा में स्प्रे करें. इसे स्कैल्प या जड़ों पर लगाने से बचें, खासकर अगर आपकी स्कैल्प ऑयली रहती है. इसके बाद उंगलियों या चौड़े दांतों वाली कंघी से बालों को धीरे-धीरे सुलझाएं. कंघी हमेशा बालों के सिरों से शुरू करें और फिर धीरे-धीरे ऊपर की ओर जाएं. इससे बालों पर अचानक खिंचाव कम पड़ सकता है. बालों को मिल सकता है सॉफ्ट और मैनेजेबल लुक यह घरेलू मिश्रण बालों को मुलायम महसूस कराने के साथ उन्हें सुलझाने में मदद कर सकता है. एलोवेरा और गुलाब जल बालों में हल्की नमी देने में मदद कर सकते हैं, जबकि तेल बालों को स्मूद और चमकदार दिखा सकता है. हालांकि, यह किसी हेयर ट्रीटमेंट का विकल्प नहीं है. एक जरूरी बात यह भी है कि इस मिश्रण को लंबे समय तक स्टोर न करें. कम मात्रा में बनाकर इस्तेमाल करना बेहतर है. साफ बोतल रखें और अगर मिश्रण की गंध, रंग या बनावट बदल जाए तो उसे इस्तेमाल न करें. पहली बार इस्तेमाल करने से पहले थोड़ी मात्रा लगाकर पैच टेस्ट करना भी बेहतर रहेगा. यह भी पढ़ें:  बार-बार हो रहे हैं पिंपल्स? काम आ सकता है नीम-लौंग का ये फेस पैक The post फ्रिजी और उलझे बालों को कहें Bye-Bye, घर पर ऐसे बनाएं DIY Conditioner appeared first on Naya Vichar.

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मन की बात: PM मोदी बोले- नशामुक्ति पर कंटेंट बनाएं युवा, तिरंगे के साथ आईं 8 करोड़ सेल्फी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 137वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया. उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रखने, हिंदुस्तानीय इतिहास को तकनीक के जरिए समझने और समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया. इसके अलावा पीएम मोदी ने ‘हर घर तिरंगा’, स्त्रीओं के आर्थिक सशक्तिकरण, स्वच्छता और नई तकनीकी पहलों का भी जिक्र किया. PM मोदी बोले- नशामुक्ति पर कंटेंट बनाएं युवा पीएम मोदी ने युवाओं से नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए डिजिटल कंटेंट बनाने की अपील की. उन्होंने ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित हिंदुस्तान’ अभियान का जिक्र करते हुए “नशामुक्त युवा, ड्रग फ्री इंडिया” का लक्ष्य सामने रखा. पीएम ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और रचनात्मकता को सही दिशा में लगाना जरूरी है. तिरंगे के साथ करीब 8 करोड़ सेल्फी हुई अपलोड पीएम मोदी ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का जिक्र करते हुए बताया कि इस बार तिरंगे के साथ करीब 8 करोड़ सेल्फी अपलोड की गईं. उन्होंने इसे तिरंगे के प्रति देशवासियों के उत्साह और जनभागीदारी का उदाहरण बताया. तकनीक से आसान होगा हिंदुस्तान का इतिहास प्रधानमंत्री ने मुंबई के कृष्णा की बनाई वेबसाइट का जिक्र किया. BharatRajya.com पर किसी वर्ष को चुनकर यह देखा जा सकता है कि उस समय हिंदुस्तान के अलग-अलग हिस्सों में किसका शासन था. पीएम ने इस पहल को इतिहास को रोचक तरीके से समझने का उपयोगी माध्यम बताया और कृष्णा की सराहना भी की. ये भी पढ़ें: उज्बेकिस्तान में पीएम मोदी की ग्रैंड एंट्री: राष्ट्रपति शवकत ने किया स्वागत, एक ही कार में दिखे दोनों नेता एवोकाडो की खेती से बढ़ रही किसानों की कमाई पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में एवोकाडो की खेती का भी जिक्र किया. उन्होंने आंध्र प्रदेश के कडप्पा के वरदराज और तमिलनाडु के कोडाईकनाल के चंद्रशेखरन का उदाहरण दिया. प्रधानमंत्री ने बताया कि दोनों किसान एवोकाडो की खेती कर रहे हैं और इससे उन्हें अतिरिक्त आय हासिल हो रही है. पीएम ने कहा कि कभी-कभी किसी चीज को लेकर हमारा छोटा-सा शौक भी आगे चलकर बड़ी संभावना का रास्ता खोल सकता है. ये भी पढ़ें: लखनऊ छावनी को मिलेगा नया रूप! ₹101 करोड़ की 12 परियोजनाएं, आज होगा ऐलान PM स्वनिधि से स्त्रीओं को नई ताकत पीएम मोदी ने PM स्वनिधि योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना से लाखों माताओं और बहनों को नई ताकत मिल रही है. उन्होंने स्त्रीओं की आर्थिक भागीदारी को देश की प्रगति से जोड़ते हुए इस बदलाव को महत्वपूर्ण बताया. Mission ShaktiSAT और स्वच्छता का भी किया जिक्र प्रधानमंत्री ने Mission ShaktiSAT की सराहना की और इसे स्त्रीओं के सशक्तिकरण से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल बताया. उन्होंने स्वच्छता अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वच्छता किसी स्थान की पहचान और उसके चरित्र को बदल सकती है. The post मन की बात: PM मोदी बोले- नशामुक्ति पर कंटेंट बनाएं युवा, तिरंगे के साथ आईं 8 करोड़ सेल्फी appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में किडनी तस्करी गिरोह का खुलासा, रेट चार्ट के साथ तस्कर गिरफ्तार, सामने आया अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में किडनी तस्करी गिरोह की तलाश जारी है. जांच शुरू होते ही पुलिस को सनसनीखेज जानकारी मिली. बंगाल में किडनी तस्करी गिरोह में बांग्लादेश का भी नाम जुड़ गया है. किडनी तस्करी गिरोह में पहले भी पकड़े गए एक बुजुर्ग व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है. बंगाल एसटीएफ ने किया गिरफ्तार जानकारी मिली है कि बांग्लादेशी नागरिक रसेल अहमद को बागूइयाती के अतघरा फुलतला से गिरफ्तार किया गया है. उन्हें कल रात बंगाल एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था. इसके बाद उन्हें बिधाननगर दक्षिण पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया. बताया जाता है कि रसेल पहले भी पकड़ा जा चुका है. पहले भी रसेल जा चुका है जेल पुलिस रिकॉड के अनुसार 2024 में, रसेल को किडनी तस्करी गिरोह में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था. उस समय पता चला था कि बांग्लादेशी नागरिक रसेल हिंदुस्तान में अवैध रूप से दाखिल हुआ था और उसने आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवा लिए थे. गुर्दा तस्करी गिरोह का प्रभास पहले धराया कुछ दिन पहले पुलिस ने गुर्दा तस्करी गिरोह में शामिल प्रभास मंडल को गिरफ्तार किया था. प्रभास से पूछताछ के दौरान रसेल का नाम सामने आया. यह गुर्दा तस्करी गिरोह हिंदुस्तान-बांग्लादेश सीमा पर फैला हुआ है. रसेल किराए के मकान में अवैध रूप से रह कर किडनी तस्करी गिरोह का जाल फैला रहा था. कैसे खोजता था लक्ष्य 18 अगस्त को पीड़ित के पिता ने पहली बार शिकायत दर्ज कराई. उस शिकायत के आधार पर बिधाननगर पुलिस ने तस्करी गिरोह के बिचौलिए प्रभास को गिरफ्तार किया. उससे पूछताछ के दौरान रसेल का नाम सामने आया. यह ज्ञात है कि गुर्दा तस्करी गिरोह का सरगना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को निशाना बनाता था. वे गुर्दों को दूसरे राज्यों में ले जाते और उन्हें आकर्षक नौकरी का लालच देकर गुर्दे निकलवा देते थे. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें रसेल के पास से एक रेट चार्ट बरामद पुलिस जांच के दौरान गिरफ्तार रसेल के पास से एक रेट चार्ट बरामद हुआ. विभिन्न राज्यों के निजी अस्पतालों के कागजात भी मिले, जिनमें यह उल्लेख है कि किस अस्पताल में कितने गुर्दों की आवश्यकता है. रसेल से फिलहाल दक्षिण बिधाननगर पुलिस स्टेशन में पूछताछ चल रही है. उसे आज बिधाननगर अदालत में पेश किया जाएगा. Also Read: बंगाल में होगी जाति प्रमाणपत्रों की जांच, अब तक 45,000 लोग संदिग्ध सूची में The post बंगाल में किडनी तस्करी गिरोह का खुलासा, रेट चार्ट के साथ तस्कर गिरफ्तार, सामने आया अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन appeared first on Naya Vichar.

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सिर्फ स्वाद और रंग देखकर न मंगाएं खाना, FDA ने बताया किन बातों का रखें ध्यान

महाराष्ट्र Food and Drug Administration (FDA) ने खाने की साफ-सफाई और सुरक्षा को लेकर जांच तेज की है. इसी बीच FDA के अधिकारी तुकाराम मुंडे ने Forbes को दिए इंटरव्यू में बताया कि ग्राहक खाना खाने या ऑर्डर करने से पहले किन आसान बातों की जांच कर सकते हैं. मुंडे का कहना है कि लोगों को अपनी फूड हैबिट बदलने की जरूरत है. खाना चुनते समय सिर्फ स्वादिष्ट या देखने में अच्छा लगने वाली चीज पर ध्यान देने के बजाय यह भी पूछना चाहिए कि वह सुरक्षित है या नहीं और तय मानकों पर खरी उतरती है या नहीं. क्या सिर्फ स्वाद देखकर खाना चुनना सही है? मुंडे ने लोगों से कहा कि खाना सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि शरीर की जरूरत को ध्यान में रखकर खाना चाहिए. बाहर खाना खाते समय ग्राहक फूड सेफ्टी को लेकर सवाल पूछ सकते हैं. उनके मुताबिक, लोगों को यह जानने की आदत डालनी चाहिए कि जो खाना वे खा रहे हैं, वह उनके लिए सुरक्षित है या नहीं. यानी स्वाद के साथ फूड सेफ्टी भी आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए. खाना ऑर्डर करने से पहले क्या देखें? मुंडे के अनुसार, किसी होटल या फूड आउटलेट में खाना ऑर्डर करने से पहले इन बातों पर ध्यान देना उपयोगी है: खाने में इस्तेमाल होने वाले इंग्रीडिएंट्स क्या हैं? उसमें कितनी कैलोरी और प्रोटीन है? किस तरह के तेल का इस्तेमाल किया गया है और उसकी क्वालिटी कैसी है? आउटलेट के पास FSSAI लाइसेंस है या नहीं? वहां साफ-सफाई और हाइजीन का स्तर कैसा है? पैकेज्ड फूड है तो वह कब और कहां बनाया गया है? खासकर अगर किसी व्यक्ति को किसी चीज से एलर्जी है या कुछ इंग्रीडिएंट उसके लिए सही नहीं हैं, तो उसे खाने से पहले लेबल और सामग्री जरूर देखनी चाहिए. क्या ‘Sugar-Free’ लिखा हो तो भी सावधान रहें? मुंडे ने पैकेज्ड फूड पर लिखे नाम और दावों को भी ध्यान से देखने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि कई बार नाम या लेबल से ग्राहक भ्रमित हो सकते हैं. उदाहरण के लिए, किसी प्रोडक्ट पर “Sugar-Free” लिखा हो, तो उसके इंग्रीडिएंट्स और दूसरी जानकारी भी पढ़नी चाहिए. पैकेज पर अगर किसी खास वर्ग के लोगों के लिए चेतावनी दी गई है, तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. मसलन, किसी प्रोडक्ट को 18 साल से कम उम्र के लोगों, गर्भवती या स्तनपान कराने वाली स्त्रीओं के लिए न लेने की सलाह दी गई हो, तो उस चेतावनी का पालन करना जरूरी है. सिर्फ एक्सपायरी डेट देखना क्यों काफी नहीं? मुंडे के मुताबिक, फूड प्रोडक्ट खरीदते समय सिर्फ एक्सपायरी डेट और कीमत देखना पर्याप्त नहीं है. ग्राहक को प्रोडक्ट के इंग्रीडिएंट्स, बनाने की तारीख, बनाने की जगह और यह भी देखना चाहिए कि वह फूड उसके लिए सही है या नहीं. उनका कहना है कि फूड सेफ्टी के मानक विशेषज्ञों की मदद से तय किए जाते हैं. इसलिए ग्राहकों को भी इन मानकों और पैकेज पर दी गई जानकारी को समझकर खाना चुनने की आदत डालनी चाहिए. ये भी पढ़ें: PARIVARTAN Scheme: पुराना ट्रक-बस बदलने का मौका, प्रशासन देगी 5% ब्याज से लेकर ₹2.56 लाख तक का फायदा The post सिर्फ स्वाद और रंग देखकर न मंगाएं खाना, FDA ने बताया किन बातों का रखें ध्यान appeared first on Naya Vichar.

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Mahindra EV खरीदना हुआ ₹8 लाख तक सस्ता! XEV 9S और XEV 9e पर BaaS लागू, जानें नई कीमतें

महिंद्रा ने अपने बैटरी-एज-अ-सर्विस (BaaS) प्रोग्राम का विस्तार XEV 9S और XEV 9e मॉडल तक कर दिया है. BaaS के तहत XEV 9S की शुरुआती कीमत 12.65 लाख रुपये और XEV 9e की शुरुआती कीमत 13.90 लाख रुपये (सभी एक्स-शोरूम) रखी गई है. इसमें बैटरी इस्तेमाल के लिए 3.75 रुपये प्रति किलोमीटर का अलग से चार्ज देना होगा. ऐसे में कस्टमर्स को 8 लाख रुपये तक की बचत होगी. महिंद्रा की सभी इलेक्ट्रिक गाड़ियां अब BaaS प्रोग्राम के तहत उपलब्ध हैं. आइए इसके बारे में जानते हैं. XEV 9e और XEV 9S की शुरुआती कीमत में बचत BaaS प्रोग्राम की वजह से महिंद्रा XEV 9e और XEV 9S दोनों की शुरुआती कीमत 8 लाख रुपये तक कम हो जाती है, जो कि गाड़ी खरीदते समय एक अच्छी बचत है. जानकारी के लिए बता दें कि बिना BaaS के और बिना चार्जर के XEV 9S की कीमत 20.65 लाख रुपये से शुरू होती है, जबकि XEV 9e की कीमत 21.90 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) से शुरू होती है. महिंद्रा के अन्य मॉडल्स में BaaS का विस्तार इसके अलावा महिंद्रा ने BaaS प्रोग्राम को BE 6 Sporteq के सभी वेरिएंट्स में लागू कर दिया है. इससे पहले यह सुविधा सिर्फ छोटे 59kWh बैटरी वाले पैक वन और पैक टू ट्रिम्स में ही मिलती थी. हालांकि, महिंद्रा ने अभी तक तीनों इलेक्ट्रिक गाड़ियों के अलग-अलग वेरिएंट्स के हिसाब से BaaS की कीमतों की पूरी जानकारी नहीं दी है. बैटरी के इस्तेमाल का खर्च महिंद्रा के मुताबिक BaaS के तहत 3.75 रुपये प्रति किलोमीटर का खर्च 6,975 रुपये की शुरुआती बैटरी EMI और रोजाना औसतन 60 किलोमीटर चलने के आधार पर तय किया गया है. ये भी पढ़ें: लॉन्च के बाद से धड़ाधड़ बिक रही Mahindra की ये SUV, 7 महीने में 70 हजार गाड़ियां हुईं डिलीवर, जानें खूबियां BaaS क्या है? BaaS एक ऐसी कीमत स्ट्रक्चर है जिसमें इलेक्ट्रिक गाड़ी की एक्स-शोरूम कीमत से बैटरी पैक की लागत को हटा दिया जाता है, जिससे खरीदार को शुरुआत में गाड़ी काफी सस्ती मिल जाती है. इसके बाद बैटरी की कीमत को हर किलोमीटर इस्तेमाल के हिसाब से फाइनेंस किया जाता है, जो फाइनेंस कंपनी के हिसाब से तय समय और ब्याज दर पर निर्भर करता है. ध्यान रखने वाली बात यह है कि बैटरी इस्तेमाल के खर्च में गाड़ी की चार्जिंग का खर्च शामिल नहीं होता है. ये भी पढ़ें: Mahindra Thar 3-Door Facelift हुई स्पॉट, नए अलॉय व्हील्स और LED लाइट्स के साथ बदला-बदला दिखा लुक इलेक्ट्रिक मार्केट में BaaS की स्थिति JSW-MG मोटर इंडिया विंडसर के साथ BaaS की सुविधा देने वाली पहली कार कंपनी थी. इसके बाद टाटा मोटर्स, मारुति, टोयोटा, हुंडई और सिट्रोन जैसी कई अन्य कार कंपनियों ने भी इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री बढ़ाने के लिए इस मॉडल को अपनाया. महिंद्रा अब BaaS मॉडल अपनाने वाली नई कार कंपनी बन गई है, हालांकि इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदारों के बीच अभी भी BaaS को सीमित रूप से ही अपनाया जा रहा है. The post Mahindra EV खरीदना हुआ ₹8 लाख तक सस्ता! XEV 9S और XEV 9e पर BaaS लागू, जानें नई कीमतें appeared first on Naya Vichar.

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नेपाल में बाढ़ के बाद जिंदगी बेहाल, दवा-पानी खत्म; राहत शिविरों में महामारी का डर, लूटपाट भी शुरू

Nepal flood crisis नेपाल में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. बाढ़ ने लोगों से पहले उनके घर छीने और अब दवा व पानी की कमी ने उनकी जिंदगी और मुश्किल कर दी है. नेपाल के कई इलाकों में लूटपाट शुरू होने की सूचनाएं भी सामने आ रही हैं. ‘द काठमांडू पोस्ट’ के अनुसार, बाढ़ के बाद पूरे देश में कालाबाजारी बढ़ गई है और रोजमर्रा की जरूरी चीजें मिलना मुश्किल हो गया है. पुल टूटने की वजह से कई अस्पतालों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है. मरीजों को इलाज के लिए लाने-ले जाने में हेलीकॉप्टर पर निर्भर रहना पड़ रहा है. अखबार के मुताबिक, अस्पतालों में जरूरी दवाओं की कमी हो गई है. रसोई गैस उपलब्ध नहीं है और एंबुलेंस के लिए डीजल भी कम पड़ रहा है. ऐसे में बाढ़ से बच गए लोग अब दवा, पानी और दूसरी जरूरी चीजों के लिए जूझ रहे हैं. राहत शिविरों में जल्द मदद नहीं पहुंची तो हालात और बिगड़ सकते हैं. साफ पानी, दवाओं और जरूरी सुविधाओं की कमी के बीच बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ गया है. बिहार से जुड़ी अन्य ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें.. दवा और पानी का संकट गहराया ‘द काठमांडू पोस्ट’ ने स्थानीय लोगों के हवाले से बताया है कि बाढ़ के बाद देश में कालाबाजारी बढ़ गई है और रोजमर्रा की जरूरी चीजें मिलना मुश्किल हो गया है. सबसे ज्यादा परेशानी दवा और पानी को लेकर हो रही है. बाढ़ में कई दवा दुकानें बह जाने की वजह से जरूरी दवाओं की कमी हो गई है. लोगों को अपनी नियमित दवाएं तक नहीं मिल पा रही हैं. अखबार के अनुसार, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और थायरॉइड जैसी पुरानी बीमारियों के मरीजों को भी जरूरी दवाएं नहीं मिल रही हैं. प्रसव पीड़ा से परेशान कुछ स्त्रीओं को हेलीकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन दवाओं और अन्य जरूरी सुविधाओं की कमी के कारण उन्हें भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. त्रिशूली अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट राजेंद्र लामा ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों के एक जगह रहने से बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है. साफ पानी और पर्याप्त शौचालय नहीं होने की स्थिति में महामारी फैलने की आशंका भी है. पुरानी बीमारियों वाले मरीज दवा के बिना परेशान राहत शिविरों में पीने के पानी की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. कई बाढ़ पीड़ितों के पास बोतलबंद पानी खरीदने के पैसे तक नहीं हैं. उनके कपड़े और दूसरी जरूरी चीजें भी बाढ़ में बह गई हैं. कई लोग अपने परिवार के सदस्यों से भी बिछड़ गए हैं. इन मुश्किल हालात के बीच शिविरों में रह रहे लोगों का कहना है कि उनके पास जो कुछ सामान बचा है, उसके भी चोरी होने का डर बना हुआ है. यानी बाढ़ से किसी तरह बच निकलने के बाद अब पीड़ितों के सामने दवा, पानी, भोजन और सुरक्षा का संकट खड़ा हो गया है. Also Read : नेपाल-तिब्बत में तबाही का बिहार के पर्यटन पर असर, बस-कैब सेवा ठप; पहाड़ों के बजाय गोवा-राजस्थान पसंद कर रहे पर्यटक The post नेपाल में बाढ़ के बाद जिंदगी बेहाल, दवा-पानी खत्म; राहत शिविरों में महामारी का डर, लूटपाट भी शुरू appeared first on Naya Vichar.

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