हिंदुस्तान-चीन सीमा पर शांति और तनाव के बीच की रेखा अब भी बेहद संवेदनशील है. एक ओर दोनों देश बातचीत और सीमा प्रबंधन के तंत्र के जरिए विवादों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं, तो दूसरी ओर वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर सैनिकों की तैनाती, गश्त और सामरिक तैयारियों का महत्व लगातार बना हुआ है.
अक्टूबर 2026 में हिंदुस्तान-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने अरुणाचल प्रदेश में कई स्थानों पर हिंदुस्तानीय और चीनी सैनिकों के बीच आमने-सामने की स्थितियां बने रहने की बात कही. उन्होंने ITBP की नई शौर्य कमांडो टीमों के प्रदर्शन की भी सराहना की.
इसके बाद विदेश मंत्रालय ने कहा कि सीमा पर स्थिति समय-समय पर तब बिगड़ती है, जब चीनी सैनिक स्थापित गश्ती पैटर्न से हटते हैं. मंत्रालय ने यह भी दोहराया कि सीमा क्षेत्रों में शांति बनाए रखना द्विपक्षीय संबंधों के विकास के लिए आवश्यक है.
Read more:
The post 2030 के बाद चीन से युद्ध का खतरा? ITBP प्रमुख के बयान और JS Sodhi के आकलन से समझिए हिंदुस्तान की चुनौती appeared first on Naya Vichar.

