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September 4, 2026

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Krishna Janmashtami Vrat Katha: कंस के अत्याचार से कांप उठी थी मथुरा, फिर हुई ऐसी आकाशवाणी कि बदल गई पूरी कहानी

Krishna Janmashtami Vrat Katha: आज देशभर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है. ये दिन श्रीकृष्ण को समर्पित है और इस दिन को भक्त कान्हा के जन्मदिन के रूप में मनाते हैं. इस दिन श्रीकृष्ण की व्रत कता का भी काफी महत्व है. कंस का अत्याचार और भगवान कृष्ण के अद्भुत जन्म से जुड़ी कहानी पूजा के तौर पर और भक्त के तौर पर भी काफी उत्साहित करती है. यहां हम बता रहे हैं श्रीकृष्ण के जन्म की कहानी कृष्ण जन्माष्टमी व्रत कथा एकबार देवराज इंद्र ने नारद मुनि से पूछा- हे ब्रह्मपुत्र! क्या ऐसा कोई व्रत है, जो सभी व्रतों में श्रेष्ठ हो, कोई ऐसा व्रत है जिससे मनुष्य को लाभ, मुक्ति, भोग और मोक्ष की प्राप्ति हो. इसपर इंद्रदेव ने नारदजी को त्रेतायुग के अंत और द्वापर युग के प्रारंभ की कहानी सुनाई. कंस का अत्याचार और आकाशवानी नारद जी बोले , उस समय कंस नाम का एक बहुत ही गलत काम करने वाला दैत्य था. उसके पिता उग्रसेन उसकी चालाकी और बुरे किरदार से हमेशा दुखी रहते थे. जब पिता ने उसे डांटा और समझाया, तो कंस ने पिता की एक नहीं सुनी. उल्टे उन्हें राजगद्दी से उतार दिया और खुद राजा बन बैठा. उसके बाद मथुरा में लोगों के साथ उसने और ज्यादा जुल्म करने शुरू कर दिए. ये भी पढ़ें: Janmashtami: कान्हा की मुरली पर मोहित हुईं थीं गोपियां, जानें जन्माष्टमी से पहले यह कथा अब एक हैरान करने वाली बात — इतना खतरनाक कंस भी अपनी बहन देवकी से दिल से प्यार करता था. खुद ही उसने देवकी की शादी वासुदेव से तय की और खुशी-खुशी उनका विदा करने रथ पर बैठ गया. लेकिन तभी अचानक आसमान में से एक आवाज गूंजी , “अरे बुद्दू! जिस बहन को तू प्यार से रुखसत कर रहा है, ना उसी के आठवें शिशु के हाथों तेरा अंत होगा!” कारागार में सात बालकों का वध बस ये आवाज सुनते ही कंस का बुरा हाल हो गया. गुस्से में आकर वो सीधा वासुदेव को मारने ही वाला था कि तभी देवकी ने आगे बढ़कर कहा, “रुको! तुम मुझ पर भरोसा करो, मैं जो भी बच्चा जन्मूंगी, पैदा होते ही खुद तुम्हें दे दूंगी.” ये सुनकर कंस मान गया, पर उसने दोनों को कैदी बनाकर कालकोठरी में बंद कर दिया. इसके बाद वादे के हिसाब से एक के बाद एक सातों बच्चों को कंस अपने हाथों से मार डालता रहा. भगवान कृष्ण का अद्भुत जन्म अपने आठवें शिशु के आने से पहले भगवान विष्णु खुद देवकी और वासुदेव के सपने में आए और बोले , “मैं तुम्हारे यहां इंसान बनकर जन्म लूंगा, लेकिन जन्म के बाद मुझे नंद और यशोदा के पास छोड़ देना.” फिर भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की उसी रात, जब गोकुल में यशोदा का भी बच्चा होने वाला था, देवकी ने कृष्ण को जन्म दे दिया. भगवान के जादू से वहां के सारे पहरेदार गहरी नींद में डूब गए. फिर वासुदेव जी ने शिशु को सूप में लिटाया और रात के अंधेरे में नंद के घर की तरफ निकल पड़े. उस वक्त यमुना जी पानी से लबालब भरी हुई थीं, लेकिन जैसे ही शिशु के पैर उसके पानी को छुए, नदी अपने आप शांत हो गई. गोकुल पहुंचकर वासुदेव जी ने अपने बेटे को यशोदा की बेटी से बदल लिया और चुपचाप वापस जेल में आ गए. योगमाया की आकाशवाणी और कंस वध सुबह होते ही पहरेदार दौड़कर कंस के पास पहुंचे , “महाराज, देवकी के यहां लड़की हुई है.” ये सुनकर कंस का बुरा हाल हुआ. वो बच्ची को उठाकर चट्टान पर पटकने ही वाला था कि वो बच्ची उड़कर आसमान में जा बैठी और बिजली बनकर चमकने लगी! भारी आवाज में बोली , “काम तमाम करने वाले! जो तुझे मारेगा, वो गोकुल में जन्म चुका है. और सुन ले, मैं विष्णु की माया वैष्णवी हूं.” बाद में कंस ने पूतना राक्षसी को भेजा, जो जहरीला दूध पिलाकर कान्हा को खत्म करने आई थी. लेकिन नन्हे कान्हा ने दूध पीते-पीते ही उसकी सांसें ही खींच लीं! अंत में बड़े होकर श्रीकृष्ण ने कंस का खात्मा किया और मथुरा वालों को उसके आतंक से मुक्त करा दिया. जीवन भर अनगिनत लीलाएं करने वाले कान्हा ने गीता के उपदेश देकर पूरी दुनिया को वो ज्ञान दिया, जो आज के जमाने में भी उतना ही काम आता है. जन्माष्टमी 2026 व्रत शुभ मुहूर्त? पंचांग के अनुसार, जन्माष्टमी पर निशीथ काल की पूजा का मुहूर्त 4 सितंबर को मध्यरात्रि 11 बजकर 26 मिनट से 12 बजकर 12 मिनट तक है. जबकि वृषभ लग्न रात 9 बजकर 43 मिनट से 11 बजकर 40 मिनट तक रहेगा. इस साल निशीथ काल की पूजा के लिए 46 मिनट का समय मिलेगा. The post Krishna Janmashtami Vrat Katha: कंस के अत्याचार से कांप उठी थी मथुरा, फिर हुई ऐसी आकाशवाणी कि बदल गई पूरी कहानी appeared first on Naya Vichar.

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‘सिर फोड़ा पर जेल नहीं गया’, पॉडकास्ट में शेखी बघारने वाले इन्फ्लुएंसर पर SC/ST एक्ट, राहुल गांधी ने पूछा- क्यों बचाया जा रहा?

Swatantra Bharadwaj Viral Video : दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान एक छात्र के पिता संजय कुमार से मारपीट का मामला गरमा गया है. सोशल मीडिया पर खुद को ‘स्वतंत्र सनातनी योद्धा’ बताने वाले इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट की चर्चा जोरों पर है. इसमें वह बेखौफ होकर यह कहता दिख रहा है कि उसने पीड़ित का सिर फोड़ दिया था, जिसके बाद उसके सिर पर 60 टांके लगे थे. पॉडकास्ट में वो खुद कहता है कि इसके लिए उसपर धारा 307 के तहत हाफ मर्डर का केस लगना चाहिए था. उसके शब्दों में कहें तो “चिराग पासवान और मोदी जी अपने बड़े भैया हैं”. स्वतंत्र अपनी नेतृत्वक पहुंच की वजह से वह पूरी रात खुलेआम घूमता रहा और जेल तक नहीं गया. इतना ही नहीं, वह पुलिस जैसे जूते पहनकर रौब झाड़ने की बात भी कह रहा है. राहुल गांधी का प्रशासन पर तीखा हमला पीड़ित की बेटी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर न्याय की गुहार लगाई, जिस पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने तुरंत प्रतिक्रिया दी. राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि दलित बेटी के पिता का सिर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम क्यों घूम रहा है और उसे किसका संरक्षण हासिल है? उन्होंने छात्रा को भरोसा दिलाया कि पूरा विपक्ष उसके साथ खड़ा है. इधर, सीजेपी (CJP) नेताओं ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन कर आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की. पुलिस की सफाई और FIR में नई धाराएं मामला तूल पकड़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि पीड़ित की चोटें गंभीर या खोपड़ी टूटने जैसी नहीं थीं, बल्कि हाथापाई में कड़े से मामूली चोट लगी थी. पुलिस के मुताबिक 23 जून की इस घटना में स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा चुकी है और जल्द ही चार्जशीट पेश की जाएगी. नए घटनाक्रम के बाद पुलिस ने वायरल पॉडकास्ट को जांच में शामिल करते हुए मामले में एससी/एसटी (SC/ST) एक्ट की धाराएं जोड़ दी हैं. दूसरी तरफ आरोपी ने सफाई दी है कि उसने यह सब भीड़ से बचने के लिए आत्मरक्षा (Self-Defence) में किया था. ये भी पढ़ें: Nepal Flood Rescue : त्रिशूली सुरंग से 9 दिन बाद जिंदा निकले दो युवक, दर्जनों लोगों के फंसे होने की आशंका ये भी पढ़ें: Nepal Flood Rescue VIDEO : 9 दिन बाद सुरंग से निकली जिंदगी, अंदर से आई आवाज और फिर शुरू हुआ रेस्क्यू, वीडियो में देखें पूरा ऑपरेशन The post ‘सिर फोड़ा पर जेल नहीं गया’, पॉडकास्ट में शेखी बघारने वाले इन्फ्लुएंसर पर SC/ST एक्ट, राहुल गांधी ने पूछा- क्यों बचाया जा रहा? appeared first on Naya Vichar.

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BCCI Ban: रोहित ने उम्र कम दिखाने के लिए बनवा रखे थे 3-3 बर्थ सर्टिफिकेट, BCCI ने लगाया 2 साल का बैन

BCCI Bans Rohit: हिंदुस्तानीय क्रिकेट में उम्र को लेकर फर्जीवाड़े का एक और मामला सामने आया है. बंगाल और हिंदुस्तान की अंडर-19 टीम का हिस्सा रहे रोहित यादव पर उम्र संबंधी दस्तावेजों में गड़बड़ी के चलते BCCI ने दो साल का प्रतिबंध लगा दिया है. हैरानी की बात यह है कि रोहित के पास अलग-अलग जन्म वर्ष वाले तीन जन्म प्रमाण पत्र मिले हैं. दस्तावेजों में उनकी जन्मतिथि को अलग-अलग साल में दिखाया गया था. रोहित को ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ आगामी घरेलू सीरीज के लिए हिंदुस्तानीय टीम में चुना गया था, लेकिन अब वह इस सीरीज में नहीं स्पोर्ट्स पाएंगे. हिंदुस्तान और ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के बीच सीरीज की शुरुआत 18 सितंबर से होनी है. बनवा रखे थे तीन बर्थ सर्टिफिकेट क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) ने अपने खिलाड़ियों के दस्तावेजों को अपडेट करने के दौरान रोहित यादव के रिकॉर्ड में यह गड़बड़ी पकड़ी. रिपोर्ट के मुताबिक, रोहित के पास 2007, 2009 और 2010 जन्म वर्ष वाले तीन अलग-अलग जन्म प्रमाण पत्र मिले. यानी एक ही खिलाड़ी के रिकॉर्ड में जन्म के तीन अलग-अलग साल दर्ज थे. इसके अलावा उनके आधार कार्ड में भी जन्म वर्ष को लेकर बदलाव किए गए थे. रिपोर्ट के अनुसार, 2017 में आधार अपडेट के दौरान रोहित का जन्म वर्ष 2006 किया गया था. इसके बाद 2021 में इसे बदलकर 2009 कर दिया गया. उनके पते में भी बदलाव हुआ और उत्तर प्रदेश की जगह हावड़ा का पता दर्ज किया गया. बाद के दस्तावेजों में लिलुआ का पता सामने आया. CAB के एक अधिकारी ने बताया कि दस्तावेजों में मौजूद जन्म वर्ष के आधार पर रोहित स्पोर्ट्सने के लिए पात्र नहीं थे. BCCI ने लगाया दो साल का बैन दस्तावेजों में इस तरह की विसंगतियां सामने आने के बाद BCCI ने रोहित यादव पर तत्काल प्रभाव से दो साल का प्रतिबंध लगा दिया है. सभी संबद्ध राज्य क्रिकेट संघों को भी इस फैसले की जानकारी दे दी गई है. इस कार्रवाई के बाद हिंदुस्तानीय अंडर-19 टीम के चयनकर्ताओं को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी सीरीज के लिए रोहित के स्थान पर नए खिलाड़ी का चयन करना होगा. ये भी पढ़ें: Axel Viral Video: कभी रेसिंग ट्रैक पर दौड़ाते थे बाइक, आज नंगे पैर दुनिया घूम रहा ये पूर्व Moto2 रेसर श्रीलंका दौरे पर भी किया था शानदार प्रदर्शन उम्र विवाद के बीच रोहित हाल ही में हिंदुस्तान की अंडर-19 टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर भी गए थे. जुलाई में हुए दो मैचों की यूथ टेस्ट सीरीज में वह शुरुआती मुकाबले में नहीं स्पोर्ट्स पाए थे, लेकिन दूसरे टेस्ट में मौका मिलने के बाद उन्होंने गेंद से शानदार प्रदर्शन किया. रोहित ने दोनों पारियों में कुल छह विकेट अपने नाम किए. दूसरी पारी में उनके चार विकेट की मदद से हिंदुस्तान ने श्रीलंका अंडर-19 को 260 रन पर समेट दिया था और मुकाबला 211 रन से अपने नाम किया था. 62 खिलाड़ियों पर भी गिरी गाज रोहित यादव अकेले ऐसे खिलाड़ी नहीं हैं, जिनके दस्तावेजों में गड़बड़ी सामने आई है. CAB ने कुल 62 खिलाड़ियों को 2026-27 और 2027-28 सीजन के दौरान किसी भी टूर्नामेंट में रजिस्ट्रेशन या ट्रांसफर के लिए अयोग्य घोषित किया है. ये भी पढ़ें: Dasun Shanaka Century: 12 छक्के, 8 चौके और 281 का स्ट्राइक रेट, दासुन शनाका ने CPL में जड़ा सबसे तेज शतक The post BCCI Ban: रोहित ने उम्र कम दिखाने के लिए बनवा रखे थे 3-3 बर्थ सर्टिफिकेट, BCCI ने लगाया 2 साल का बैन appeared first on Naya Vichar.

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PHOTOS: इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी मनाने पहुंचे निशांत कुमार, श्रीकृष्ण के दर्शन कर युवाओं को दिया खास संदेश

स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने जन्माष्टमी के अवसर पर इस्कॉन मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए. उन्होंने बिहार के युवाओं से नशे से दूर रहने और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की खास अपील की. The post PHOTOS: इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी मनाने पहुंचे निशांत कुमार, श्रीकृष्ण के दर्शन कर युवाओं को दिया खास संदेश appeared first on Naya Vichar.

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Mirzapur Movie Review: कालीन भैया किडनैप, गुड्डू भैया की एंट्री पर शोर और रवि किशन का भौकाल, मिर्जापुर की गद्दी पर किसका कब्जा?

‘मिर्जापुर’ की दुनिया में फिर गोलियां चल रही हैं. फिर गद्दी का स्पोर्ट्स है. फिर पुराने चेहरे आमने-सामने हैं. फर्क बस इतना है कि इस बार स्पोर्ट्स ओटीटी की स्क्रीन पर नहीं, बड़े पर्दे पर हो रहा है. ‘मिर्जापुर द मूवी’ की शुरुआत ही कालीन भैया यानी अखंडानंद त्रिपाठी के अपहरण से होती है. इसके बाद कहानी उन्हें बचाने से ज्यादा मिर्जापुर की गद्दी के स्पोर्ट्स में उलझती जाती है. गुड्डू भैया हैं. मुन्ना हैं. बबलू हैं. और इस बार सबसे बड़ा दांव रवि किशन का किरदार स्पोर्ट्स रहा है. अगर आप सोच रहे हैं कि फिल्म सिर्फ पुराने किरदारों को एक बार फिर साथ खड़ा करके पुरानी यादें बेचती है, तो ऐसा नहीं है. फिल्म में पुराने किरदारों की वही पहचान है, लेकिन कहानी को नए ट्विस्ट और नए रिश्तों के साथ आगे बढ़ाया गया है. गुड्डू भैया आते हैं और थिएटर जाग जाता है गुड्डू भैया जब भी स्क्रीन पर आते हैं, माहौल बदल जाता है. थिएटर में शोर सुनाई देता है और समझ आता है कि इस किरदार की फैन फॉलोइंग अब भी कम नहीं हुई है. अली फजल ने गुड्डू भैया के अंदाज को बरकरार रखा है. उनकी बॉडी लैंग्वेज हो या फाइट सीक्वेंस, किरदार में वही पुराना एटीट्यूड नजर आता है. खासकर उनके एक्शन सीन फिल्म की बड़ी ताकत हैं. कई जगह तो ऐसा लगता है जैसे किसी सुपरहीरो फिल्म में एक बड़े विलेन को खत्म करने के लिए सारे हीरो एक साथ उतर आए हों. फर्क बस इतना है कि यहां सुपरहीरो की जगह ‘मिर्जापुर’ के वो किरदार हैं, जिनके हाथों में बंदूक है और हिसाब बराबर करने का अपना तरीका. बबलू भैया की वापसी भी मजेदार बबलू के रोल में जीतेंद्र कुमार स्क्रीन पर आते हैं तो कहानी में पुराना स्वाद लौटता है. उनकी मौजूदगी सिर्फ नॉस्टैल्जिया नहीं है. उनके किरदार को एक्शन और ड्रामा दोनों में जगह मिलती है. और फिल्म का क्लाइमेक्स यहां सबसे बड़ा स्पोर्ट्स करता है. जिन किरदारों ने एक-दूसरे के खिलाफ खून की लड़ाई लड़ी है, वही एक वक्त पर साथ खड़े नजर आते हैं. मुन्ना, बबलू और गुड्डू का साथ आना फैंस के लिए बड़ा थिएटर मोमेंट बन सकता है. लेकिन असली भौकाल रवि किशन का है फिल्म खत्म होने के बाद अगर किसी एक कलाकार की परफॉर्मेंस सबसे ज्यादा याद रहती है, तो वह रवि किशन हैं. उनका किरदार कहानी के बीच में कहीं से आता हुआ चेहरा नहीं है. धीरे-धीरे पूरी कहानी उनके इर्द-गिर्द घूमने लगती है. उनकी नजर मिर्जापुर की गद्दी पर है और इसके लिए वह अपना पूरा स्पोर्ट्स तैयार करते हैं. रवि किशन ने किरदार की चालाकी, महत्वाकांक्षा और तेवर को जिस तरह पकड़ा है, वह फिल्म को मजबूत बनाता है. कई सीन में वह सामने मौजूद बाकी किरदारों पर भारी पड़ते हैं. यानी गुड्डू भैया का स्वैग अपनी जगह है, लेकिन इस बार रवि किशन का स्पोर्ट्स अलग लेवल पर है. मुन्ना की मां वाली कहानी दिल छूती है ‘मिर्जापुर’ में सिर्फ गोलियां नहीं चलतीं. किरदारों के पीछे उनकी अपनी कहानियां भी हैं. फिल्म मुन्ना भैया की बैकस्टोरी को भी छूती है. मुन्ना की मां उन्हें बचाने के लिए अपनी जान दे देती हैं. यही याद उनके भीतर कहीं दबकर रह जाती है. बाद में जब मुन्ना बबलू की मां को मारने पहुंचते हैं और वह उन्हें बचा लेती हैं, तो उन्हें अपनी मां की याद आ जाती है. यही पल उनके भीतर कुछ बदल देता है. यह ट्रैक फिल्म में इमोशनल वजन जोड़ता है और मुन्ना के किरदार को सिर्फ गुस्सैल और हिंसक इंसान बनाकर नहीं छोड़ता. वीणा की पुरानी मोहब्बत ने बदल दिया पूरा स्पोर्ट्स फिल्म का एक बड़ा ट्विस्ट वीणा के अतीत से जुड़ा है. शादी से पहले वीणा का एक लोहार प्रेमी था. दोनों शादी नहीं कर सके और वीणा कालीन भैया की पत्नी बन गईं. लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई. दोनों के बीच संपर्क बना रहा. अब ट्विस्ट देखिए. यही प्रेमी आगे चलकर रवि किशन का राइट हैंड बन जाता है. उसका निशाना कालीन भैया हैं. दूसरी तरफ रवि किशन की नजर मिर्जापुर की गद्दी पर है. मतलब एक तरफ गद्दी का स्पोर्ट्स है. दूसरी तरफ बदले की आग. और इनके बीच छिपा हुआ है वीणा का पुराना रिश्ता. जब यह राज खुलने का खतरा पैदा होता है, तो वीणा खुद अपने हाथों से अपने प्रेमी को गोली मार देती हैं. यहां फिल्म अचानक एक अलग ही मोड़ ले लेती है. डायलॉग पुराने नहीं, इस बार मीम मटीरियल नया है ‘मिर्जापुर’ के पुराने डायलॉग्स इतने पॉपुलर हैं कि फिल्म के सामने सबसे बड़ा खतरा यही था कि कहीं वह उन्हीं संवादों को बार-बार दोहराकर नॉस्टैल्जिया बेचने न लगे. लेकिन यहां ऐसा नहीं होता. कुछ पुराने संदर्भ जरूर हैं, लेकिन ज्यादातर डायलॉग नए हैं. कई संवाद ऐसे हैं जिन पर थिएटर में रिएक्शन मिलता है और सोशल मीडिया पर आने वाले दिनों में मीम बनने की पूरी गुंजाइश है. यानी मेकर्स ने सिर्फ पुराने वायरल डायलॉग्स के भरोसे फिल्म नहीं छोड़ी है. एक्शन में कोई कंजूसी नहीं फिल्म का एक्शन इसकी सबसे बड़ी यूएसपी में शामिल है. फाइट सीक्वेंस अच्छी तरह कोरियोग्राफ किए गए हैं. एक्शन कहानी से अलग कोई चिपकाया हुआ हिस्सा नहीं लगता. जहां जरूरत है, वहां मारधाड़ कहानी को आगे बढ़ाती है और जहां गुड्डू भैया स्क्रीन पर हैं, वहां फैंस को वह सब मिलता है जिसका वे इंतजार कर रहे थे. बैकग्राउंड म्यूजिक भी माहौल बनाने में पूरा साथ देता है. इसके अलावा फिल्म में पंजाबी और पुराने लोकप्रिय गानों का इस्तेमाल किया गया है. गानों के राइट्स लेकर उन्हें कहानी के बीच जिस तरह इस्तेमाल किया गया है, वह कई जगह अच्छा असर छोड़ता है. ‘मिर्जापुर’ नहीं देखा तो भी फिल्म समझ आएगी? यह फिल्म की सबसे अच्छी बातों में से एक है. अगर आपने ‘मिर्जापुर’ का कोई सीजन नहीं देखा है, तब भी फिल्म की कहानी को समझा जा सकता है. पुराने किरदारों और रिश्तों की जानकारी रखने वाले दर्शकों को जरूर ज्यादा मजा आएगा, लेकिन नए दर्शक भी प्लॉट से कटे हुए महसूस नहीं करेंगे. यानी फिल्म सिर्फ पुराने फैंस के लिए बंद दरवाजा नहीं है. यूपी की मिट्टी वाला स्वाद बरकरार ‘मिर्जापुर’ की असली ताकत सिर्फ बंदूक

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अचानक पैरों में दर्द और ऐंठन क्यों होती है? इन जरूरी विटामिन्स की कमी हो सकती है वजह

Leg Pain Causes: पैरों में दर्द या ऐंठन होना काफी आम बात है. ज्यादा देर तक खड़े रहने, बहुत चलने या लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने से पैरों में दर्द हो सकता है. कई बार थोड़ी देर आराम करने के बाद यह परेशानी ठीक भी हो जाती है. लेकिन अगर बिना ज्यादा काम किए भी बार-बार पैरों में दर्द, ऐंठन, झनझनाहट या सुन्नपन महसूस हो रहा है, तो इसके पीछे शरीर में कुछ जरूरी विटामिन और मिनरल्स की कमी भी हो सकती है. हालांकि हर बार दर्द की वजह यही हो, ऐसा जरूरी नहीं है. Vitamin D की कमी से हो सकता है पैरों में दर्द Vitamin D हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी है. यह हड्डियों और मांसपेशियों को सही तरह से काम करने में मदद करता है. शरीर में Vitamin D कम होने पर कुछ लोगों को कमजोरी और शरीर के अलग-अलग हिस्सों में दर्द महसूस हो सकता है. पैरों में दर्द या कमजोरी भी इसकी कमी से जुड़ी हो सकती है. Vitamin D का सबसे आसान स्रोत धूप है. इसके अलावा खाने और डॉक्टर की सलाह से इसकी कमी पूरी की जा सकती है. बिना जांच के Vitamin D की दवा लेना सही नहीं है. Calcium कम होने पर पैर में ऐंठन हो सकती है Calcium का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों को हड्डियों की मजबूती याद आती है. लेकिन यह हमारी मांसपेशियों के लिए भी जरूरी है. शरीर में Calcium कम होने पर पैरों में खिंचाव या ऐंठन जैसी परेशानी हो सकती है. इसकी कमी से बचने के लिए खाने में दूध, दही, पनीर, तिल जैसी चीजें शामिल कर सकते हैं. अगर पैरों में बार-बार ऐंठन होती है, तो डॉक्टर से बात करके इसकी सही वजह पता करना बेहतर रहेगा. Vitamin B12 कम होने पर पैर सुन्न पड़ सकते हैं Vitamin B12 हमारे शरीर की नसों के लिए जरूरी होता है. इसकी कमी होने पर हाथ-पैर में झनझनाहट, सुन्नपन या कमजोरी महसूस हो सकती है. कुछ लोगों को पैरों में जलन या अजीब सा दर्द भी महसूस हो सकता है. अगर ऐसी परेशानी बार-बार हो रही है, तो केवल अंदाजा लगाकर B12 की दवा शुरू न करें. डॉक्टर जरूरत पड़ने पर खून की जांच करवाकर सही वजह पता कर सकते हैं. खाने में इन चीजों को करें शामिल शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल्स देने के लिए रोज के खाने पर ध्यान देना जरूरी है. अपनी डाइट में हरी सब्जियां, दालें, दूध, दही, पनीर, अंडे, फल और साबुत अनाज जैसी चीजें शामिल करें. इसके साथ दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और रोज थोड़ा चलना-फिरना भी रखें. इससे शरीर एक्टिव रहता है और मांसपेशियों की अच्छी तरह देखभाल होती है. बार-बार दर्द हो तो डॉक्टर से मिलें कभी-कभार पैरों में दर्द या ऐंठन होना आम बात हो सकती है. लेकिन अगर बिना किसी खास वजह के यह परेशानी बार-बार हो रही है या दर्द के साथ पैर सुन्न पड़ रहे हैं, कमजोरी महसूस हो रही है या चलने में परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें. पैरों में दर्द सिर्फ Vitamin या Mineral की कमी की वजह से ही नहीं होता. इसलिए खुद से कोई दवा या सप्लीमेंट लेने के बजाय पहले इसकी वजह पता करना ज्यादा सही रहेगा. यह भी पढ़ें: बच्चों के कान छिदवाने में न करें जल्दबाजी, डॉक्टर ने बताई सही उम्र The post अचानक पैरों में दर्द और ऐंठन क्यों होती है? इन जरूरी विटामिन्स की कमी हो सकती है वजह appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में बिजली संकट का सोलर समाधान! 2030 तक 24 GW रिन्यूएबल एनर्जी का लक्ष्य, ₹1.38 लाख करोड़ होंगे खर्च

Bihar Solar Energy बिहार अपनी बढ़ती बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए अब पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के साथ-साथ सौर और अन्य अक्षय ऊर्जा स्रोतों पर तेजी से निर्भरता बढ़ा रहा है. राज्य प्रशासन ने 2030 तक 24 GW की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता विकसित करने और 6 GWh का एनर्जी स्टोरेज सिस्टम तैयार करने का लक्ष्य रखा है. इसके केंद्र में सोलर पावर को रखा गया है. राज्य के ऊर्जा क्षेत्र के सामने हालांकि कई बड़ी आर्थिक चुनौतियां भी हैं. बिजली की खरीद पर होने वाला भारी खर्च और उपभोक्ताओं से होने वाली कम वसूली के बीच प्रशासन को लगातार अतिरिक्त वित्तीय दबाव का सामना करना पड़ रहा है. वित्त वर्ष 2025-26 में बिजली उपभोक्ताओं से राज्य ने 19,000 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की, जबकि बाहर से बिजली खरीदने पर सालाना करीब 25,000 करोड़ से 35,000 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं. मुफ्त बिजली और बढ़ती मांग से बढ़ा बोझ इसके अलावा 2.2 करोड़ से अधिक बिजली उपभोक्ताओं में से करीब 1.89 करोड़ उपभोक्ताओं को हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की योजना पर भी प्रशासन को लगभग 3,800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार उठाना पड़ रहा है. बिहार में बिजली की औसत दैनिक मांग फिलहाल 7,300 से 7,400 MW के बीच रहती है. गर्मियों में यह मांग बढ़कर करीब 9,500 MW तक पहुंच जाती है. इसके मुकाबले राज्य की अपनी बिजली उत्पादन क्षमता महज 550 MW है. यानी बिजली की जरूरत और घरेलू उत्पादन के बीच बड़ा अंतर है, जिसे फिलहाल बाहरी स्रोतों से बिजली खरीदकर पूरा किया जा रहा है. बिहार से जुड़ी अन्य ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें.. बिहार का सोलर मिशन एक अनुमान के अनुसार 2030 तक बिहार में बिजली की पीक डिमांड 11,747 MW तक पहुंच सकती है. इसी भविष्य की जरूरत को ध्यान में रखते हुए राज्य प्रशासन ने अगले पांच वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र के लिए करीब 1.38 लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजना तैयार की है. इसमें रिन्यूएबल एनर्जी, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रमुखता दी गई है. हालांकि, ऊर्जा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अक्षय ऊर्जा पर बढ़ता फोकस केवल आर्थिक दबाव का नतीजा नहीं है. अधिकारियों के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में राज्य की पावर कंपनियों की वित्तीय स्थिति में सुधार हुआ है और इसी दौर में ऊर्जा क्षेत्र को अधिक टिकाऊ बनाने के लिए स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़े कदम उठाए जा रहे हैं. 2030 तक 24 GW का लक्ष्य ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार बिहार की ‘रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी 2025’ में 2030 तक करीब 24 GW रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है. इसके साथ 6 GWh का एनर्जी स्टोरेज सिस्टम भी विकसित किया जाएगा. इस पूरी रणनीति में सौर ऊर्जा की अहम भूमिका होगी. 2030 तक बढ़ने वाली बिजली की मांग को देखते हुए बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड बिजली उत्पादन से संबंधित परियोजनाओं पर करीब 82,679 करोड़ रुपये खर्च करेगी. इस राशि का इस्तेमाल पंप्ड-स्टोरेज पावर प्रोजेक्ट्स, सोलर इंस्टॉलेशन और बांका व सिवान में न्यूक्लियर पावर की संभावनाओं से जुड़ी फिजिबिलिटी स्टडी जैसी परियोजनाओं में किया जाएगा. ऊर्जा क्षेत्र के लिए प्रस्तावित निवेश में ट्रांसमिशन नेटवर्क को भी बड़ा हिस्सा दिया गया है. इसके लिए करीब 24,683 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं. इस राशि से लगभग 680 सर्किट-किलोमीटर का ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर विकसित करने की योजना है. इसके अलावा बची हुई राशि का इस्तेमाल बिजली वितरण व्यवस्था, डिजिटल तकनीक के विस्तार और रखरखाव से जुड़े कामों में किया जाएगा. राज्य की अक्षय ऊर्जा योजना में लखीसराय का कजरा सोलर पावर प्लांट एक प्रमुख परियोजना है. करीब 2,866 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में 301 MW क्षमता का सोलर प्लांट और 523 MWh का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम लगाया गया है. इससे दिन में पैदा होने वाली सौर ऊर्जा को स्टोर कर जरूरत के समय इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी. बिहार में सौर ऊर्जा का विस्तार बिहार बड़े सोलर प्लांट्स के साथ-साथ विकेंद्रीकृत सौर ऊर्जा व्यवस्था पर भी जोर दे रहा है. औरंगाबाद में 150 MW के सोलर पार्क पर शुरुआती काम शुरू हो चुका है. वहीं, प्रशासनी इमारतों पर रूफटॉप सोलर लगाने की दिशा में भी काम जारी है. केंद्र की ‘सूर्य संकल्प’ योजना के तहत राज्य की करीब 12,000 प्रशासनी इमारतों पर अब तक 115 MW क्षमता के रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं. इसके अलावा 500 MW की अतिरिक्त क्षमता को हाल ही में मंजूरी दी गई है. ग्रामीण इलाकों में भी सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं लागू की जा रही हैं. PM-KUSUM के तहत फीडर सोलराइजेशन परियोजनाओं के जरिए 457 MW क्षमता विकसित करने की योजना है. वहीं, PM सूर्य घर योजना के तहत करीब 10 लाख बिजली उपभोक्ताओं के घरों पर रूफटॉप सोलर लगाने का लक्ष्य रखा गया है.पिछले दो दशकों में बिहार के बिजली क्षेत्र में मांग और उपभोक्ताओं की संख्या दोनों में बड़ा बदलाव आया है. करीब 20 साल पहले राज्य में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 17 लाख थी, जो अब बढ़कर 2.2 करोड़ से अधिक हो गई है. इसी अवधि में प्रति व्यक्ति बिजली खपत में भी पांच गुना से ज्यादा वृद्धि हुई है. Also Read : बाणसागर का पानी बना बिहार के लिए नई मुसीबत, सोन में 5.25 लाख क्यूसेक का रिकॉर्ड बहाव The post बिहार में बिजली संकट का सोलर समाधान! 2030 तक 24 GW रिन्यूएबल एनर्जी का लक्ष्य, ₹1.38 लाख करोड़ होंगे खर्च appeared first on Naya Vichar.

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Nepal Flood Rescue VIDEO : 9 दिन बाद सुरंग से निकली जिंदगी, अंदर से आई आवाज और फिर शुरू हुआ रेस्क्यू, वीडियो में देखें पूरा ऑपरेशन

Nepal Flood Rescue VIDEO : नेपाल में बाढ़ के बाद सुरंगों में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान जारी है. शुक्रवार, 4 सितंबर को त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर परियोजना की सुरंग से दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. दोनों करीब 9 दिनों से सुरंग के अंदर फंसे हुए थे. नेपाली आर्मी ने अपने एक्स पोस्ट में रेस्क्यू का वीडियो जारी किया है. सुरंग के अंदर से सुनाई दी आवाज, फिर बढ़ी रेस्क्यू टीम रेस्क्यू टीम को सुरंग के भीतर से कुछ आवाजें सुनाई दीं. इसके बाद बचावकर्मियों ने अंदर मौजूद लोगों से बात करने की कोशिश की. टीम ने उन्हें भरोसा दिलाते हुए कहा कि “घबराइए नहीं, हम आपको बचाने आए हैं.” अंदर से जवाब मिलने के बाद यह साफ हो गया कि सुरंग में लोग अभी जीवित हैं. राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के सांसद और इंजीनियर श्री राम नेउपाने के मुताबिक, सुरंग से बचाए गए लोगों की पहचान मैकेनिकल फोरमैन संजय साह और मैकेनिकल सुपरवाइजर कबीर महर्जन के रूप में हुई है. View on Instagram रेस्क्यू के बाद दोनों को एयरलिफ्ट कर काठमांडू पहुंचाया गया. साह को बीरेंद्र आर्मी हॉस्पिटल और महर्जन को नेशनल ट्रॉमा सेंटर में इलाज के लिए ले जाया गया है. दोनों के सुरक्षित बाहर आने से उनके परिवारों को बड़ी राहत मिली है. ये भी पढ़ें: Nepal Flood Rescue : त्रिशूली सुरंग से 9 दिन बाद जिंदा निकले दो युवक, दर्जनों लोगों के फंसे होने की आशंका The post Nepal Flood Rescue VIDEO : 9 दिन बाद सुरंग से निकली जिंदगी, अंदर से आई आवाज और फिर शुरू हुआ रेस्क्यू, वीडियो में देखें पूरा ऑपरेशन appeared first on Naya Vichar.

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मथुरा में भारी वाहनों की नो एंट्री, दिल्ली-नोएडा में भी ट्रैफिक डायवर्जन, घर से निकलने से पहले जान लें रूट

Janmashtami Traffic Advisory : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर दिल्ली, नोएडा और मथुरा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है. कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी, जबकि श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है. मथुरा में भारी वाहनों की एंट्री पर रोक रहेगी. दिल्ली में जन्माष्टमी यात्रा के कारण बदलेगा ट्रैफिक दिल्ली में जन्माष्टमी के मौके पर निकलने वाली यात्रा को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष व्यवस्था की है. जन्माष्टमी यात्रा पुलिस स्टेशन सब्जी मंडी से शुरू होकर मल्कागंज चौक, रोशनआरा रोड, स्पार्क्स मॉल, सत्यवती मार्ग, शक्तिनगर चौक, जीटी करनाल रोड और घंटाघर चौक से होते हुए वापस सब्जी मंडी पहुंचेगी. ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों को शाम 5:30 बजे के बाद इन मार्गों पर जाने से बचने की सलाह दी है. दिल्ली पुलिस ने वाहन चालकों को दी ये सलाह पुलिस ने लोगों से यात्रा शुरू करने से पहले अपने रूट की योजना बनाने और अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलने की अपील की है. लोगों को निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने की सलाह दी गयी है. सड़क किनारे वाहन खड़ा करने पर भी रोक रहेगी. ट्रैफिक पुलिस ने कहा है कि इमरजेंसी वाहनों को प्राथमिकता के आधार पर रास्ता उपलब्ध कराया जाएगा. नोएडा में इस्कॉन मंदिर के आसपास डायवर्जन जन्माष्टमी को देखते हुए नोएडा सेक्टर-33 स्थित इस्कॉन मंदिर के आसपास भी यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है. एनटीपीसी अंडरपास से गिझौड़ चौक और फिर एनटीपीसी की ओर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी. गिझौड़ से अट्टा अंडरपास की ओर जाने वाले वाहनों को होशियारपुर और समरविला तिराहे की ओर डायवर्ट किया जाएगा. श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग की विशेष व्यवस्था इस्कॉन मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एडोबी बिल्डिंग के पास पार्किंग की व्यवस्था की गयी है. वहीं वीवीआईपी वाहनों की पार्किंग शिल्प हाट में निर्धारित की गयी है. प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही इस्तेमाल करने की अपील की है, ताकि मंदिर के आसपास जाम की स्थिति न बने. मथुरा में 5 सितंबर तक भारी वाहनों की नो एंट्री भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में जन्माष्टमी के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगायी गयी है. यह व्यवस्था 5 सितंबर की सुबह 9 बजे तक लागू रहेगी. मथुरा-वृंदावन के प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाएगा. श्रीकृष्ण जन्मभूमि की ओर जाने वाले वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों तक भेजा जाएगा. इन प्रमुख चौराहों से वाहनों की एंट्री रहेगी बंद श्रीकृष्ण जन्मभूमि क्षेत्र में भूतेश्वर तिराहा, मसानी चौराहा, डीग गेट, गोकरण तिराहा, चौक बाजार, भरतपुर गेट, कृष्णापुरी, स्टेट बैंक चौराहा और महाविद्या कॉलोनी समेत कई स्थानों से वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा. वहीं गोवर्धन चौराहा और मंडी चौराहा से भूतेश्वर की ओर भारी वाहन, रोडवेज बस और ट्रैक्टर नहीं जा सकेंगे. रोडवेज बसों के लिए भी बदला गया रूट यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए रोडवेज बसों के संचालन में भी बदलाव किया गया है. बसों को औद्योगिक क्षेत्र और जयगुरुदेव आश्रम होते हुए मालगोदाम मार्ग से संचालित किया जाएगा. इसके अलावा मसानी चौराहा से जन्मभूमि और चौक बाजार की ओर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी. जन्माष्टमी पर मथुरा जाने वाले श्रद्धालुओं को प्रशासन द्वारा निर्धारित रूट और पार्किंग व्यवस्था का पालन करने की सलाह दी गयी है. Also Read : जिस बेटे को पाल-पोसकर जवान किया, उसी ने मां की गला घोंटकर ले ली जान, जाने पूरी समाचार The post मथुरा में भारी वाहनों की नो एंट्री, दिल्ली-नोएडा में भी ट्रैफिक डायवर्जन, घर से निकलने से पहले जान लें रूट appeared first on Naya Vichar.

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VIDEO: 200 यात्री आराम से बैठे थे और अचानक खंभे से टकरा गया प्लेन, श्रीनगर एयरपोर्ट का वीडियो वायरल

श्रीनगर एयरपोर्ट पर शुक्रवार(4 सितंबर) सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब नवी मुंबई से पहुंचा इंडिगो का एक विमान पार्किंग के दौरान विजुअल डॉकिंग गाइडेंस सिस्टम (VDGS) के पोल से टकरा गया. विमान में यात्री और क्रू सवार थे, लेकिन राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी को चोट नहीं आई. बे नंबर 6 पर हुआ हादसा जानकारी के मुताबिक, इंडिगो की फ्लाइट 6ई 225 नवी मुंबई से श्रीनगर पहुंची थी. विमान को सुबह करीब 9 बजकर 2 मिनट पर बे नंबर 6 पर पार्क किया जा रहा था. एयरपोर्ट पर बे नंबर (Bay Number) या एयरक्राफ्ट स्टैंड (Aircraft Stand) वह खास जगह (पार्किंग स्लॉट) होती है जहाँ विमान को यात्रियों को चढ़ाने, उतारने, ईंधन भरने या पार्क करने के लिए खड़ा किया जाता है. इसी दौरान विमान VDGS पोल के संपर्क में आ गया. एयरपोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक, सभी यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित हैं. यात्रियों को विमान से सुरक्षित उतारने के लिए मैनुअल सीढ़ियों का इस्तेमाल किया गया. हादसे में विमान को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है. हालांकि, इस घटना से श्रीनगर एयरपोर्ट का सामान्य संचालन प्रभावित नहीं हुआ और उड़ानों का परिचालन जारी रहा. VDGS पोल तक कैसे पहुंचा विमान फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि पार्किंग के दौरान विमान वीडीजीएस पोल तक कैसे पहुंचा. एयरपोर्ट अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की सही वजह सामने आएगी. इसलिए अभी पायलट की गलती, तकनीकी समस्या या पार्किंग प्रक्रिया में किसी चूक को हादसे का कारण बताना जल्दबाजी होगी. VDGS एक ऐसा सिस्टम है, जो विमान को पार्किंग बे में सही जगह पर लाने में पायलट की मदद करता है. ये भी पढ़ें: न मसाज, न स्पा…खुजली करके हर महीने यह व्यक्ति कर रहा ₹14 लाख की कमाई! जानिए कैसे? The post VIDEO: 200 यात्री आराम से बैठे थे और अचानक खंभे से टकरा गया प्लेन, श्रीनगर एयरपोर्ट का वीडियो वायरल appeared first on Naya Vichar.

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