प्रभात खबर का सवाल : SIR राजनीतिक मुद्दा, आंदोलन में सीजेपी-GenZ और अभिनेता हैं, नेता-वोटर क्यों नहीं?
वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान के दौरान कथित गड़बड़ी के खिलाफ दिल्ली और मुंबई में जोरदार आंदोलन हुआ. इन आंदोलनों में GenZ और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के अलावा स्टूडेंट्स संगठनों ने भाग लिया. मुंबई में सीजेपी के आंदोलन में फिल्म जगत की 3 हस्तियों नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी और सिंगर विशाल ददलानी शामिल हुए. नेतृत्वक कारणों से हो रहे इस आंदोलन में लेफ्ट और आम आदमी पार्टी (AAP) को छोड़कर मुख्यधारा की किसी नेतृत्वक पार्टी की भागीदारी नहीं दिखी. राष्ट्रीय पार्टी तो कोई भी नहीं थी. न ही किसी ऐसे वोटर को आंदोलन में देखा गया, जो एसआईआर की वजह से वोटिंग से वंचित रहा हो. मुंबई में सीजेपी और दिल्ली में आइसा का प्रदर्शन. सीजेपी के आंदोलन में नेतृत्वक दलों के लोग नहीं मुंबई में सीजेपी के ‘जेल भरो आंदोलन’ में न तो कोई जेल गया, न ही किसी ने एसआईआर पर तथ्यात्मक बातें कीं, न ही कोई सबूत पेश किया गया. सिर्फ एक आंकड़ा दिया गया- 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काट दिये गये. बताया गया कि डॉ आंबेडकर, पंडित जवाहर लाल नेहरू और महात्मा गांधी इस देश की रीढ़, दिमाग और आत्मा हैं. डॉ आंबेडकर और पंडित नेहरू ने हमें वोटिंग का अधिकार उस वक्त दिया, जब हमें यह भी नहीं मालूम था कि चुनाव क्या होते हैं, वोट क्या होता है. ये भी पढ़ें: दिल्ली में एमए बेबी ने दी गिरफ्तारी सीपीएम के जेनरल सेक्रेटरी एमए बेबी, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी, दिल्ली प्रशासन के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज, सांसद संजय सिंह और आइसा की नेता नेहा बोरा को हिरासत में लिया गया. शनिवार को एक बार फिर योगेंद्र यादव कपिल सिब्बल, प्रशांत भूषण और नेहा बोरा समेत सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के वकीलों के साथ जंतर मंतर की ओर बढ़े, लेकिन करीब 150 लोगों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया. शनिवार को भी आंदोलन में मुख्यधारा की कोई पार्टी सीधे तौर पर शामिल नहीं थी. The post नया विचार का सवाल : SIR नेतृत्वक मुद्दा, आंदोलन में सीजेपी-GenZ और अभिनेता हैं, नेता-वोटर क्यों नहीं? appeared first on Naya Vichar.

