जामताड़ा से उमेश कुमार की रिपोर्ट
Jamtara News: स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली और प्रशासनिक संवेदनहीनता की एक दर्दनाक तस्वीर सामने आई है. समय पर एंबुलेंस सेवा नहीं मिलने के कारण एक गंभीर मरीज को ट्रैक्टर पर खटिया लादकर अस्पताल पहुंचाना पड़ा, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनी आपातकालीन सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
क्या है पूरा मामला?
मामला जामताड़ा थाना क्षेत्र के गोपालपुर पंचायत अंतर्गत शहरबेड़ा गांव का है. जानकारी के अनुसार शुक्रवार 12 जून की रात को मोनू टुडू की अचानक तबीयत बिगड़ गई. हालत गंभीर होने पर परिजनों ने प्रशासनी 108 एंबुलेंस सेवा से संपर्क किया, लेकिन आरोप है कि कई बार कॉल करने और मदद की गुहार लगाने के बावजूद एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंची.

ट्रैक्टर से अस्पताल पहुंचाने के बावजूद मरीज की मौत
जब कोई प्रशासनी सहायता नहीं मिली तो परिजनों और ग्रामीणों ने खुद मरीज को अस्पताल पहुंचाने का निर्णय लिया. गांव में उपलब्ध ट्रैक्टर-ट्रॉली पर खटिया रखकर मोनू टुडू को लिटाया गया और किसी तरह जामताड़ा सदर अस्पताल लाया गया. हालांकि तब तक काफी देर हो चुकी थी. अस्पताल में डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन उपचार के दौरान ही मोनू टुडू की मौत हो गई.
सिविल सर्जन ने जांच के दिए आदेश, एंबुलेंस कॉल की होगी जांच
मामले को लेकर सिविल सर्जन डॉ शिव प्रसाद मिश्रा ने कहा कि कहां से चूक हुई है, मामले का जांच किया जाएगा, साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि परिजन द्वारा 108 एंबुलेंस को फोन किया था या नहीं.
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