How Film Bold Scenes Shot: फिल्म में Bold Scene देखते हुए आपके मन में भी कभी ये सवाल आया है कि Actors के बीच दिखाया गया physical touch सच में होता है या सिर्फ camera का कमाल है? चादर के अंदर क्या होता है? इतने सारे crew members के बीच Actors ऐसे intimate scenes कैसे शूट करते हैं? और जो scene पर्दे पर इतना natural दिखता है, क्या उसे पहले से पूरी तरह choreograph किया जाता है?
हाल ही में Mirzapur की एक्ट्रेस Rasika Dugal ने भी intimate scenes की shooting को लेकर Intimacy Coordinator की अहमियत बताई. उन्होंने बताया कि ऐसे professionals की मौजूदगी यह सुनिश्चित करने में मदद करती है कि intimate scenes के दौरान किसी की boundaries violate न हों.
यानी पर्दे पर कुछ मिनट का दिखने वाला Bold Scene कैमरे के पीछे एक पूरी process से गुजरता है. Actors की comfort से लेकर scene की हर movement तक, कई चीजें पहले से तय की जाती हैं.
आखिर ये Intimacy Coordinator करते क्या हैं? Bold Scene शूट होने से पहले Actors के साथ क्या होता है? क्या intimate scenes की भी rehearsal होती है? और क्या वाकई चादर के अंदर सब कुछ वैसा ही होता है, जैसा स्क्रीन पर दिखाई देता है?
Naya Vichar से खास बातचीत में Intimacy Coordinator Astha ने कैमरे के पीछे की इस पूरी दुनिया के कई दिलचस्प राज बताए.
‘Action’ बोलने से पहले शुरू हो जाती है तैयारी
सोचिए, किसी फिल्म में एक intimate scene शूट होना है. Actor और Actress सेट पर पहुंच चुके हैं. Camera तैयार है. लेकिन “Action” बोलने से पहले ही काफी काम हो चुका होता है.
Astha के मुताबिक, Intimacy Coordinator का काम सिर्फ scene के वक्त सेट पर मौजूद रहना नहीं है. वह पहले Actors के साथ scene को समझते हैं. Director क्या दिखाना चाहता है, scene की जरूरत क्या है और Actors किस चीज के लिए comfortable हैं, इन सब पर बातचीत होती है.
इसके बाद scene की blocking और choreography तय की जाती है.
यानी पर्दे पर जो कुछ spontaneous या natural नजर आता है, उसके पीछे कई बार पहले से तय किए गए छोटे-छोटे steps होते हैं.
कितना Physical Touch होगा, यह भी पहले तय होता है
Bold Scene को लेकर दर्शकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर Actors को करना क्या पड़ता है?
Astha बताती हैं कि intimate scene को भी दूसरे scenes की तरह choreograph किया जाता है. किस movement के बाद क्या होगा, Actor कहां होगा, दूसरा Actor किस position में होगा और physical contact किस तरह का होगा, इन बातों पर पहले से चर्चा की जाती है.
इसका मकसद scene को artificial बनाना नहीं, बल्कि Actors को पहले से यह पता होना है कि शूटिंग के दौरान क्या होने वाला है.
यही वजह है कि Actor अचानक किसी ऐसी स्थिति में नहीं पहुंचता, जिसके लिए वह तैयार न हो.
क्या चादर के अंदर Actors कुछ नहीं पहनते?
यह सवाल शायद दर्शकों के मन में सबसे ज्यादा आता है. स्क्रीन पर अगर कोई scene चादर के अंदर शूट होता दिखाई देता है, तो असल में कैमरे के पीछे क्या हो रहा होता है?
Astha के मुताबिक intimate scenes में Actors की privacy और comfort का ध्यान रखा जाता है. इसके लिए modesty garments और barriers का इस्तेमाल किया जा सकता है.
यानी स्क्रीन पर जो कुछ दिखाई देता है, जरूरी नहीं कि कैमरे के पीछे भी बिल्कुल वही हो रहा हो. Camera angle, lighting, framing, costume और choreography मिलकर scene को उस तरह दिखाते हैं, जैसा Director चाहता है.
इतने सारे लोगों के सामने कैसे होती है शूटिंग?
एक दौर ऐसा भी रहा है जब फिल्म सेट पर बड़ी संख्या में crew मौजूद रहती थी. ऐसे में intimate scene करना Actors के लिए uncomfortable हो सकता था.
अब intimate scenes को लेकर सेट पर ज्यादा structured approach अपनाई जाती है. जरूरत के मुताबिक लोगों की मौजूदगी को सीमित किया जाता है और Actors की privacy का ध्यान रखा जाता है.
Astha के मुताबिक Intimacy Coordinator की मौजूदगी Actors को यह भरोसा भी देती है कि अगर किसी चीज को लेकर उन्हें परेशानी है, तो वे खुलकर बात कर सकते हैं.
यानी सेट पर सिर्फ Director का “Action” महत्वपूर्ण नहीं है. Actor की “Comfort” भी उतनी ही महत्वपूर्ण है.
क्या intimate scene की भी Rehearsal होती है?
जी हां. Astha बताती हैं कि intimate scenes के लिए workshop और rehearsal की जाती है.
उन्होंने एक ऐसे project का अनुभव भी साझा किया, जिसमें एक नई Actor ने पहली बार intimacy scene किया था. उनके लिए यह बिल्कुल नया अनुभव था. शूटिंग से पहले blocking समझाई गई, workshop हुई और फिर co-actor के साथ पूरी choreography को run through किया गया.
इससे Actor को पहले ही पता था कि scene में क्या होने वाला है.
बाद में उन्होंने माना कि उन्हें शुरुआत में जितनी घबराहट थी, actual shooting उतनी मुश्किल नहीं लगी. क्योंकि उन्हें पता था कि अगला step क्या है.
Astha ने बताया कि कई Actors ने इस process को choreography जैसा बताया है. जैसे dance में आपको पता होता है कि अगला step क्या है, उसी तरह intimate scene में भी sequence पहले से तय होने से Actor का ध्यान awkwardness के बजाय performance पर रहता है.
Director की भी होती है मदद
Intimacy Coordinator सिर्फ Actors की मदद नहीं करता. Director और Producer के लिए भी यह role काफी अहम हो सकता है.
Director को अपनी कहानी और vision के मुताबिक scene चाहिए. वहीं Actor की comfort और boundaries भी जरूरी हैं.
Astha इसकी तुलना stunt coordinator से करती हैं.
जिस तरह stunt coordinator action scene में Actor की safety का ध्यान रखते हुए Director के vision को पूरा करवाता है, उसी तरह Intimacy Coordinator intimate scene में Actor की comfort और Director की creative requirement के बीच balance बनाने का काम करता है.
Rasika Dugal ने भी बताया क्यों जरूरी हैं Intimacy Coordinators
हाल ही में Rasika Dugal ने intimate scenes को लेकर Intimacy Coordinators की भूमिका पर बात की. उन्होंने इस व्यवस्था को Actors की safety और boundaries के लिहाज से अहम बताया.
उनका यह बयान इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि Mirzapur जैसे projects में intimate scenes लंबे समय से कहानी का हिस्सा रहे हैं. लेकिन industry में अब ऐसे scenes को शूट करने के तरीके पर ज्यादा बात हो रही है.
यानी दर्शक को स्क्रीन पर जो कुछ दिखता है, उसके पीछे अब सिर्फ Actor और Director की बातचीत नहीं, बल्कि एक trained professional की भूमिका भी हो सकती है.
Emraan Hashmi की ‘Serial Kisser’ वाली Image भी याद आती है
Bollywood में जब Bold और kissing scenes की बात होती है, तो Emraan Hashmi का नाम अपने आप याद आ जाता है.
एक दौर में उनकी फिल्मों और लगातार kissing scenes की वजह से उन्हें “Serial Kisser” तक कहा जाने लगा था. उनकी यही image उनके शुरुआती career का बड़ा हिस्सा बन गई थी. हाल के वर्षों में भी उनके पुराने “Serial Kisser” tag को लेकर चर्चा होती रही है.
दिलचस्प बात यह है कि आज intimate scenes को लेकर industry में जिस तरह safety, boundaries और choreography की बात होती है, वह पुराने दौर से काफी अलग professional approach को दिखाता है.
यानी एक समय में चर्चा इस बात पर ज्यादा होती थी कि Actor ने कितने kissing scenes किए. अब सवाल यह भी है कि वह scene शूट किस तरह हुआ और Actors को कितना comfortable रखा गया.
‘Ba***ds of Bollywood’ में भी दिखा Intimacy Coordinator का जिक्र
Intimacy Coordinator का concept अब इतना जाना-पहचाना हो रहा है कि इसे फिल्मों और series की कहानियों में भी जगह मिलने लगी है. Emraan Hashmi से जुड़ी The Ba**ds of Bollywood* की कहानी में भी उनका character Intimacy Coordinator की भूमिका में नजर आया था. उनके साथ intimate scene करने वाली Sahher Bambba ने उस अनुभव को लेकर सकारात्मक बात की थी. यह reference भी बताता है कि Intimacy Coordinator अब सिर्फ industry के अंदर इस्तेमाल होने वाला technical term नहीं रह गया है. दर्शक भी धीरे-धीरे इस profession को समझने लगे हैं.
Senior Actors भी कर रहे हैं Accept
Astha बताती हैं कि सिर्फ नई generation के Actors ही नहीं, बल्कि कई senior Actors ने भी Intimacy Coordinators के साथ काम करने को लेकर काफी positive response दिया है.
उनके मुताबिक, कुछ senior Actors ने यह तक कहा कि उनके पुराने experiences शायद उतने smooth नहीं थे, जितने अब choreography और communication के साथ हो रहे हैं.
हालांकि Astha यह भी साफ करती हैं कि इसका मतलब यह नहीं कि पुराने experiences खराब थे. फर्क यह है कि अब पूरी process को ज्यादा structured तरीके से किया जाता है.
Modesty Garments और Barriers का भी होता है इस्तेमाल
Intimate scenes में Actors की privacy बनाए रखना भी इस process का हिस्सा है.
Astha के मुताबिक modesty garments और barriers का इस्तेमाल किया जाता है. इनका मकसद यह होता है कि Actors को शूटिंग के दौरान जरूरी privacy और comfort मिल सके.
Scene को इस तरह design किया जाता है कि कहानी की जरूरत भी पूरी हो और Actor को अपनी boundaries को लेकर असहज न होना पड़े.
अगर Actor Comfortable न हो तो?
यही Intimacy Coordinator की सबसे अहम भूमिकाओं में से एक है.
अगर Actor किसी particular movement या contact को लेकर comfortable नहीं है, तो उस पर बातचीत की जाती है. Scene को दूसरे तरीके से दिखाने का विकल्प तलाशा जा सकता है.
यानी script में scene लिखा होने का मतलब यह नहीं कि उसे किसी भी कीमत पर उसी तरह शूट करना है.
Actor की comfort को process का हिस्सा माना जाता है.
Intimacy Coordinator की फीस कितनी है?
अब बात इस profession से जुड़ी कमाई की.
Astha के मुताबिक उनके level पर Intimacy Coordinator की minimum fee करीब 25 हजार रुपये प्रति day से शुरू होती है.
हालांकि यह fixed amount नहीं है. Experience, project का scope, scenes की संख्या, workshop की जरूरत और काम की जिम्मेदारियों के हिसाब से fee बढ़ सकती है.
अगर Coordinator अपने साथ assistants की team लेकर काम करता है, तो assistants की अलग fee होती है. Astha के मुताबिक assistant की minimum fee करीब 15 हजार रुपये प्रति day से शुरू होती है.
यानी यह अब सिर्फ कोई additional set responsibility नहीं, बल्कि एक specialized profession बनता जा रहा है.
सिर्फ ‘Bold Scene’ करवाना नहीं है काम
Intimacy Coordinator को सिर्फ ऐसा व्यक्ति समझना गलत होगा, जो Actors को Bold Scene करवाता है.
उनका काम उससे कहीं बड़ा है.
Scene को समझना, Director की requirement जानना, Actors से बातचीत करना, boundaries तय करना, choreography तैयार करना, workshop और rehearsal करवाना और शूटिंग के दौरान agreed process को follow करवाना, यह पूरी जिम्मेदारी इसी role का हिस्सा हो सकती है.
Astha के मुताबिक वह workshops से लेकर set पर shooting तक पूरी process में involved रहती हैं.
पर्दे पर कुछ मिनट, कैमरे के पीछे पूरी कहानी
दर्शक को फिल्म में Bold Scene शायद कुछ सेकंड या कुछ मिनट का दिखाई देता है. लेकिन उस छोटे से scene के पीछे बातचीत, planning, choreography, rehearsal और कई लोगों की मेहनत होती है.
Rasika Dugal के हालिया बयान से लेकर Astha के अनुभव और Emraan Hashmi की पुरानी “Serial Kisser” image तक, Bollywood में intimate scenes को देखने और शूट करने का तरीका लगातार बदल रहा है.अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि स्क्रीन पर कितना Bold Scene दिखाया गया. सवाल यह भी है कि उस scene को कैमरे के पीछे कितनी तैयारी के साथ शूट किया गया.
और शायद यही वह हिस्सा है, जो दर्शक को कभी दिखाई नहीं देता.
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