Mathura News: वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद श्रीराधा केलिकुंज आश्रम को लेकर उठ रहे सवालों के बीच कई संत और भागवताचार्य प्रेमानंद महाराज के समर्थन में सामने आए हैं. भागवताचार्य चित्रलेखा और कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने बिना पूरी सच्चाई जाने किसी निष्कर्ष पर पहुंचने और बयानबाजी करने पर सवाल उठाए. वहीं, श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मामले की जांच और आश्रम से जुड़ी गतिविधियों की पड़ताल की मांग की है. वहीं रसिक दुलारी की मौत का मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है.
चित्रलेखा ने कहा- पूरी सच्चाई जाने बिना बयानबाजी गलत
भागवताचार्य चित्रलेखा ने प्रेमानंद महाराज के समर्थन में बोलते हुए कहा कि संत के बारे में लोग अपने मन में आने वाली बातों को बोल रहे हैं. उन्होंने कहा कि किसी को किसी के बारे में कुछ पता नहीं है, फिर भी बड़ी-बड़ी बातें की जा रही हैं. उन्होंने कहा कि यदि कोई घटना हुई भी है तो उसे लेकर पूरी जानकारी सामने आने से पहले किसी संत-महापुरुष पर आरोप लगाना उचित नहीं है. चित्रलेखा ने कहा कि सच्चाई की जानकारी नहीं है तो मौन रहना बेहतर है.
अनिरुद्धाचार्य ने भी किया प्रेमानंद महाराज का समर्थन
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य भी प्रेमानंद महाराज के समर्थन में सामने आए हैं. उन्होंने मीडिया और सोशल मीडिया पर बिना पूरी जानकारी के लगाए जा रहे आरोपों पर सवाल उठाया. उनका कहना है कि किसी मामले की पूरी जानकारी सामने आए बिना किसी को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है. अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि संत प्रेमानंद महाराज के प्रवचनों से बड़ी संख्या में लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है. उन्होंने अपील की कि किसी भी मामले में पूरी जानकारी सामने आने से पहले निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए.
संतों के साथ पीठाधीश्वर भी समर्थन में आए
अमर उजाला की 5 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, प्रेमानंद महाराज के समर्थन में संत और भागवताचार्य सामने आए हैं. पीठाधीश्वर महंत राजेंद्र दास महाराज ने भी संत प्रेमानंद महाराज का नाम लिए बिना कहा कि समाज बड़े से बड़े महापुरुष की आलोचना करने में नहीं चूकता, लेकिन समाज को इससे क्या मिला, इस पर विचार किया जाना चाहिए.
मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जांच की मांग
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर संत प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा और आश्रम परिसर से जुड़ी गतिविधियों की जांच की मांग की है. पत्र में उन्होंने श्रीराधा केलिकुंज आश्रम से जुड़ी गतिविधियों को लेकर कई आरोप लगाए हैं. उन्होंने आश्रम से जुड़े संपत्ति और व्यावसायिक गतिविधियों की जांच कराने तथा वहां लगे CCTV फुटेज सुरक्षित कराने की मांग की है. ये आरोप पत्र में लगाए गए हैं, इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है.
आश्रम में मतभेद का भी लगाया गया आरोप
दिनेश फलाहारी ने दावा किया है कि श्रीराधा केलिकुंज आश्रम से जुड़ी गतिविधियों को लेकर दो पक्षों के बीच मतभेद हैं. पत्र में उन्होंने इन गतिविधियों की जांच की मांग की है. उन्होंने यह भी दावा किया कि इन्हीं परिस्थितियों से आहत होकर प्रेमानंद महाराज ने आश्रम छोड़कर यमुना पार बेलवन क्षेत्र में प्रवास शुरू किया है. यह भी पत्र में किया गया दावा है, इसे पुलिस या प्रशासन की पुष्टि के रूप में नहीं लिखा जाना चाहिए.
बच्चों को लेकर भी जांच की मांग
पत्र में आश्रम में आने वाले बच्चों और किशोरों को लेकर भी चिंता जताई गई है. दिनेश फलाहारी ने उत्तर प्रदेश बाल संरक्षण आयोग से इस संबंध में जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि कुछ शिशु आध्यात्मिक गतिविधियों से प्रभावित होकर आश्रम में रुक जाते हैं और उनके परिजन उनकी तलाश में वहां पहुंचते हैं. उन्होंने ऐसे मामलों की वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है.
अनुज और मयंक दोनों सकुशल बरामद
इस पूरे प्रकरण में लापता बताए जा रहे दो किशोरों को लेकर भी अब महत्वपूर्ण अपडेट सामने आ चुका है. सादाबाद के अनुज चौधरी को बरसाना के एक आश्रम से, जबकि कासगंज के मयंक चौहान को प्रयागराज के दारागंज से पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है. दोनों की पहचान उनके परिजनों ने की है.
रसिक दुलारी की मौत की जांच अभी जारी
वहीं, प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की 25 सितंबर को हुई मौत की जांच अभी जारी है. उन्हें वृंदावन में एक इमारत की चौथी मंजिल से गिरने के बाद अस्पताल ले जाया गया था, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था. पोस्टमार्टम में गंभीर चोटों की बात सामने आई है और पुलिस मामले से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है.
मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट भी पहुंचा
रसिक दुलारी की मौत का मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट तक भी पहुंच चुका है. मामले की जांच के लिए SIT गठित करने की मांग की गई है. हालांकि, यह मांग किए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हाईकोर्ट ने SIT जांच का आदेश दे दिया है.
आश्रम ने भी जारी किया अपना बयान
इस बीच श्री हित राधा केलिकुंज ट्रस्ट की ओर से बयान जारी कर कहा गया कि रसिक दुलारी शरण की मौत से प्रेमानंद महाराज और उनका परिकर आहत है. ट्रस्ट ने कहा कि पुलिस प्रशासन की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है. साथ ही जांच पूरी होने तक अपुष्ट जानकारी, अफवाह या अनुमान के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकालने की अपील की गई है.
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