नई दिल्ली में हुई BIMSTEC (बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन) देशों के गृह मंत्रियों की पहली बैठक में सदस्य देशों ने आतंकवाद, ड्रग्स तस्करी, साइबर क्राइम और मानव तस्करी जैसी चुनौतियों से मिलकर निपटने पर सहमति जताई. बैठक में पांच अहम समझौतों और एक्शन प्लान को मंजूरी दी गई. जिसमें हिंदुस्तान ने भरोसा दिया कि क्षेत्रीय सुरक्षा मजबूत करने के लिए, वह दूसरे सदस्य देशों की सीमा पार अपराध रोकने, पुलिस ट्रेनिंग और आपदाओं से निपटने में मदद करेगा.
सीमा पार अपराधों पर मिलकर कार्रवाई करेंगे सदस्य देश
जानकारी के लिए बता दें कि नई दिल्ली में मंगलवार को BIMSTEC देशों के होम मिनिस्टर्स की पहली बैठक हुई, इसमें बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग बढ़ाने और सीमा पार होने वाले अपराधों पर रोक लगाने को लेकर चर्चा हुई. केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के मुताबिक बैठक में आतंकवाद, आतंकवाद की फंडिंग, कट्टरपंथ, ड्रग्स तस्करी, मानव तस्करी, साइबर क्राइम और संगठित अपराध के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करने पर जोर दिया गया. BIMSTEC के सदस्य देशों ने माना कि अपराध और अपराधी अब एक देश की सीमा तक सीमित नहीं रह गए है, वो सीमा पार कर अलग-अलग देशों की कमजोरियों का फायदा उठाते हैं. ऐसे में अपराध से जुड़ी जानकारी साझा करना, कानूनी मदद देना, आरोपियों के प्रत्यर्पण और जांच एजेंसियों की क्षमता बढ़ाना जरूरी है.
बैठक में किन समझौतों और एक्शन प्लान को मिली मंजूरी
बैठक में क्षेत्रीय सहयोग मजबूत करने के लिए BIMSTEC देशों के बीच पांच अहम फैसलों पर सहमति बनी,
- मानव तस्करी पर रोक
BIMSTEC कन्वेंशन अगेंस्ट ट्रैफिकिंग इन पर्सन्स के तहत मानव तस्करी रोकने, इस अपराध के खिलाफ कार्रवाई करने और पीड़ितों के बचाव, सुरक्षा और पुनर्वास में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया.
- ड्रग्स तस्करी के खिलाफ रणनीति
BIMSTEC प्लान ऑफ एक्शन ऑन ड्रग कंट्रोल के जरिए नशीले पदार्थों, साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस और उनके निर्माण में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स की अवैध तस्करी रोकने के लिए मिलकर काम करने की योजना है.
- मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग पर कार्रवाई
BIMSTEC के सदस्य देशों के बीच जांच से जुड़ी जानकारियों को साझा कर आतंकवाद और काले धन के कारोबार पर रोक लगाने के लिए सदस्य देशों के अधिकारियों को विशेषज्ञों से ट्रेनिंग दी जाएगी.
- अवैध वित्तीय लेनदेन पर निगरानी
BIMSTEC इलिसिट फाइनेंशियल फ्लो से जुड़े एक्शन प्लान के तहत अवैध पैसों के स्रोत, जोखिम और उनके लेनदेन के रास्तों की पहचान करने पर जोर दिया गया.
- प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारी
सदस्य देशों ने आपदा प्रबंधन के लिए बेहतर तालमेल, अर्ली वॉर्निंग सिस्टम, संयुक्त अभ्यास, आपदा संबंधी जानकारी साझा करने और सुनामी के खतरे को कम करने जैसे उपायों पर सहमति जताई.
ऑनलाइन स्कैम और मानव तस्करी भी लगेगा लगाम
गृह मंत्रालय ने बताया कि बैठक में ऑनलाइन स्कैम और मानव तस्करी के शिकार लोगों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया. यानी उन लोगों की सुरक्षा पर खास ध्यान दिया गया, जिन्हें मानव तस्करी के जरिए ऑनलाइन ठगी जैसे कामों में फंसाया जाता है. कई मामलों में लोगों को नौकरी का झांसा देकर दूसरे देश ले जाया जाता है और फिर उनसे जबरन ऑनलाइन ठगी कराई जाती है. हिंदुस्तान ने क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए पुलिस ट्रेनिंग, आतंकवाद विरोधी अभियानों और फॉरेंसिक जांच में अपनी विशेषज्ञता साझा करने की प्रतिबद्धता भी जताई. बैठक में गुजरात के जामनगर में प्रस्तावित BIMSTEC सेंटर फॉर डिजास्टर मैनेजमेंट के जरिए आपदा प्रबंधन में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई.
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क्या है BIMSTEC और क्यों अहम है यह बैठक?
BIMSTEC यानी बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन में सात देश, जिनमें हिंदुस्तान, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार और थाईलैंड शामिल हैं. यह संगठन दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों को जोड़ता है. इस क्षेत्र में करीब 1.7 अरब लोग रहते हैं और इसकी संयुक्त जीडीपी लगभग 5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर बताई गई है. ऐसे में सुरक्षा, व्यापार और आपदा प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर इन देशों का सहयोग क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अहम है.
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