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Author name: Vinod Jha

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JPSC और JSSC में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, विवादों के बीच बदल दिए गए 11 प्रशाखा पदाधिकारी

रांची से मनोज लाल की रिपोर्ट JPSC-JSSC Transfer: झारखंड प्रशासन ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है. कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने अधिसूचना जारी कर दोनों आयोगों में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत प्रशाखा पदाधिकारियों (एसओ) का तबादला कर दिया है. जेपीएससी से पांच और जेएसएससी से छह प्रशाखा पदाधिकारियों को हटाकर विभिन्न विभागों में भेजा गया है. प्रशासन ने राज्यभर में कुल 89 प्रशाखा पदाधिकारियों का स्थानांतरण किया है. जेपीएससी से हटाए गए पांच प्रशाखा पदाधिकारी प्रशासनी अधिसूचना के अनुसार जेपीएससी में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत पांच प्रशाखा पदाधिकारियों को वहां से हटाकर उनके नए विभागों में भेज दिया गया है. ये सभी अधिकारी मूल रूप से अन्य विभागों के कर्मचारी थे और प्रतिनियुक्ति पर आयोग में अपनी सेवाएं दे रहे थे. जेपीएससी से हटाए गए अधिकारियों में धर्मजीत कुमार साहू, नुपूर कुमारी, रितेश कुमार अग्रहरी, शिव शंकर प्रसाद और सौरभ सिंह शामिल हैं. फिलहाल आयोग में किसी नए प्रशाखा पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति नहीं की गई है. जेएसएससी से भी हटाए गए छह अधिकारी इसी तरह झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) से भी छह प्रशाखा पदाधिकारियों का तबादला किया गया है. इनमें सुधीर लकड़ा, सुकरा भगत, इनोसेंट टुडू, चांद झा, स्नेह राज रवि और प्रेम कुमार के नाम शामिल हैं. इन सभी अधिकारियों को भी अलग-अलग विभागों में नई जिम्मेदारी दी गई है. प्रशासन के इस फैसले को दोनों आयोगों में प्रशासनिक व्यवस्था को नए सिरे से व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. जेएसएससी में सात नए प्रशाखा पदाधिकारियों की तैनाती जहां जेएसएससी से छह अधिकारियों का तबादला किया गया है, वहीं आयोग में सात नए प्रशाखा पदाधिकारियों की तैनाती भी की गई है. नए अधिकारियों में कुमार भाष्कर, कृष्णा कुमार हांसदा, राहुल कुमार, सुदिप्तो बोस, अमित कुमार डे, ओम प्रकाश राणा और कुमारी रश्मि शामिल हैं. इन अधिकारियों के कार्यभार संभालने के बाद आयोग के प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है. राज्यभर में 89 प्रशाखा पदाधिकारियों का तबादला कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार राज्य स्तर पर कुल 89 प्रशाखा पदाधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है. सभी संबंधित अधिकारियों को अपने वर्तमान पद से 20 अगस्त से पहले विरमित होने का निर्देश दिया गया है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई अधिकारी निर्धारित तिथि तक विरमित नहीं होता है, तो उसे 20 अगस्त की अपराह्न के बाद स्वतः विरमित माना जाएगा और उसके स्थानांतरण आदेश को प्रभावी समझा जाएगा. इसे भी पढ़ें: JPSC-JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ी पर कांग्रेस से हस्तक्षेप की मांग, बंधु तिर्की ने सौंपे पांच अहम सुझाव आयोगों में प्रशासनिक बदलाव पर नजर जेपीएससी और जेएसएससी में यह प्रशासनिक बदलाव ऐसे समय किया गया है, जब दोनों आयोग विभिन्न भर्ती परीक्षाओं, नियुक्ति प्रक्रियाओं और उनसे जुड़े विवादों को लेकर चर्चा में हैं. ऐसे में अधिकारियों के तबादले को प्रशासनिक पुनर्संरचना के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि प्रशासन की ओर से इन स्थानांतरणों के पीछे किसी विशेष कारण का उल्लेख नहीं किया गया है. आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन बदलावों का दोनों आयोगों की कार्यप्रणाली और लंबित भर्ती प्रक्रियाओं पर क्या प्रभाव पड़ता है. इसे भी पढ़ें: JPSC-JSSC अभ्यर्थियों ने प्रशासन के सामने रखीं 10 प्रमुख मांगें, पूरी नहीं हुई तो सीएम हेमंत को देना होगा इस्तीफा The post JPSC और JSSC में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, विवादों के बीच बदल दिए गए 11 प्रशाखा पदाधिकारी appeared first on Naya Vichar.

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14 JPSC Scam: पीटी परीक्षा में 48 प्रश्न सही करने वाला सुमन सौरभ गिरफ्तार, कबूला पूरा ‘सेटिंग’ का खेल!

रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित परीक्षाओं में कथित धांधली मामले में अपराध अनुसंधान विभाग (CID) को बड़ी सफलता मिली है. सीआईडी की टीम ने हजारीबाग पुलिस के सहयोग से झारखंड लोक सेवा आयोग 2025 की प्रारंभिक परीक्षा (PT) में चयनित एक अभ्यर्थी सुमन सौरभ को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी अभ्यर्थी ने गलत तरीके से पीटी परीक्षा पास की थी. ये वही छात्र है जिसकी कार्बन कॉपी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा था. इस कार्बन कॉपी को जांच करने पर पता चला था कि इस अभ्यर्थी ने 100 में से मात्र 48 प्रश्न हल किये थे. इसके बावजूद वो पीटी परीक्षा पास कर ली थी. गिरफ्तारी के बाद पुलिस और सीआईडी की टीम ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. आरोपी ने जुर्म किया स्वीकार सीआईडी द्वारा दर्ज इस मामले में जांच के दौरान यह बात सामने आई कि गिरफ्तार अभ्यर्थी सुमन सौरभ के पास से OMR शीट की कार्बन कॉपी भी बरामद नहीं हुई है. जांच एजेंसी ने इस संबंध में जब कड़ाई से पूछताछ की तो उसने फर्जी तरीके से परीक्षा पास करने के अपने अपराध को स्वीकार कर लिया है. जांच एजेंसियों के अनुसार, इस गिरफ्तारी से परीक्षा में हुए पूरे सिंडिकेट और धांधली के तरीकों का पर्दाफाश करने में अहम सुराग हाथ लगे हैं. ये भी पढ़ें: दुमका में लूट की कोशिश नाकाम. विरोध करने पर ग्रामीण का हाथ तोड़ा, देवघर का युवक गिरफ्तार सीआईडी का दावा: आगे होगी और भी सख्त कार्रवाई झारखंड सीआईडी (CID) द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस पूरे घोटाले और कांड का अनुसंधान तेजी से आगे बढ़ रहा है. सीआईडी अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जो भी नए साक्ष्य और सबूत सामने आएंगे, उनके आधार पर मामले में शामिल अन्य चेहरों और सेटिंग गिरोह के खिलाफ भी आगे की विधि-सम्मत कड़ी कार्रवाई की जाएगी. ये भी पढ़ें: बोकारो में सदर अस्पताल की कैंटीन समेत 10 दुकानों में छापेमारी, कई अनियमितताएं मिलीं The post 14 JPSC Scam: पीटी परीक्षा में 48 प्रश्न सही करने वाला सुमन सौरभ गिरफ्तार, कबूला पूरा ‘सेटिंग’ का स्पोर्ट्स! appeared first on Naya Vichar.

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सुदेश बेरी ने पीएम मोदी को बताया ‘भगवान विष्णु का अवतार’, बोले- उनके पैर धोकर वह पानी पी लूंगा

Sudesh Berry: बॉलीवुड एक्टर सुदेश बेरी ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर खुलकर बात की. इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी की तारीफ की, उनके लिए अपना सम्मान जाहिर किया और नेतृत्व से जुड़े कुछ मुद्दों पर भी अपनी राय रखी. बातचीत के दौरान उन्होंने कई ऐसे बयान दिए, जो अब चर्चा में हैं. Sudesh Berry on PM Modi: ‘मोदी जी भगवान विष्णु के अवतार हैं’ Accompany Akki को दिए एक पॉडकास्ट में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र हुआ, तो सुदेश बेरी ने कहा कि वह उन्हें “भगवान विष्णु का अवतार” मानते हैं. उन्होंने कहा, “नरेंद्र मोदी ने आखिर गलत क्या किया है? लोग कहते हैं कि उन्होंने चाय बेची. बेचने दीजिए. उन्होंने चाय बेचते हुए पूरी दुनिया का सफर तय किया है.” उन्होंने आगे कहा, “जैसे हमने भगवान को नहीं देखा, लेकिन फिर भी उनकी पूजा करते हैं, वैसे ही मैं मोदी जी का सम्मान करता हूं. मेरे लिए वह भगवान विष्णु के अवतार हैं.” Sudesh Berry Statement: ‘उनके पैर धोकर वह पानी पी लूंगा’ बातचीत के दौरान होस्ट ने सुदेश बेरी को याद दिलाया कि उन्होंने एक बार अपनी मां के पैर धोकर उनका सम्मान किया था. इस पर एक्टर ने कहा, “अब मैं मोदी जी के पैर धोकर उस पानी को पीना चाहता हूं. अगर आप मेरी उनसे मुलाकात करवा दें, तो मैं जरूर ऐसा करूंगा.” उन्होंने यह भी कहा कि वह आज तक कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नहीं मिले हैं और न ही उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते हैं. इसके बावजूद उनके मन में मोदी जी के लिए बहुत सम्मान है. Sudesh Berry on Politics: ‘नेतृत्व से ऊपर है मेरा सम्मान’ सुदेश बेरी ने कहा कि उनका सम्मान किसी पार्टी या नेतृत्व की वजह से नहीं है. उन्होंने कहा, “मैं मोदी जी का सम्मान एक इंसान के तौर पर करता हूं। मेरा सम्मान किसी पार्टी से नहीं जुड़ा है. इसमें मुझे कुछ भी गलत नहीं लगता.” Sudesh Berry on CJP: प्रदर्शन करने वालों पर उठाए सवाल पॉडकास्ट में सुदेश बेरी ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वह इस संगठन को जानते तक नहीं हैं. उनके मुताबिक, ऐसे लोग देश को आगे बढ़ाने के बजाय पीछे ले जा रहे हैं. उन्होंने कहा, “अगर सच में समाज की सेवा करनी है, तो बच्चों के लिए पार्क बनाइए, बुजुर्गों के लिए वृद्धाश्रम बनाइए और जरूरतमंद लोगों का इलाज कराइए. सिर्फ जंतर-मंतर पर बैठकर प्रदर्शन करने से कुछ नहीं होगा.” सुदेश बेरी ने संगठन के नाम पर भी तंज कसते हुए कहा कि अगर ऐसा है तो कोई “लकड़बग्घा पार्टी” भी बना सकता है. Sudesh Berry on Ram Rajya: ‘देश में रामराज्य आ चुका है’ सुदेश बेरी ने कहा कि उन्हें लगता है कि देश में रामराज्य आ चुका है. उन्होंने कहा कि इसे सिर्फ महसूस किया जा सकता है. उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी तारीफ की. उनके मुताबिक, ये सभी लोग देश की तरक्की के लिए लगातार काम कर रहे हैं. ये भी पढ़ें: किरदार सांवला, चेहरा फेयर… क्या बॉलीवुड अब भी ऑथेंटिक कास्टिंग से दूर है? The post सुदेश बेरी ने पीएम मोदी को बताया ‘भगवान विष्णु का अवतार’, बोले- उनके पैर धोकर वह पानी पी लूंगा appeared first on Naya Vichar.

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इन 5 गलतियों की वजह से घर में नहीं टिकती सुख-शांति और खुशहाली, चाणक्य ने इन्हें बताया परिवार का सबसे बड़ा दुश्मन

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य को अपने समय के सबसे ज्ञानी, समझदार और बुद्धिमान पुरुष के तौर पर जाना जाता है. वे सिर्फ एक महान शिक्षक ही नहीं थे, बल्कि एक कमाल के पॉलिटिशियन भी थे. मानवजाति को सही रास्ता दिखाने के लिए उन्होंने कई बातें बताई हैं, जिन्हें आज हम चाणक्य नीति के नाम से जानते हैं. उनकी कही बातें भले ही सदियों पुरानी हों, लेकिन आज के समय में भी हमारे जीवन में उतनी ही सटीक बैठती हैं. अपनी नीतियों में चाणक्य ने घर-परिवार से जुड़ी भी कई बातें बताई हैं. उनके अनुसार किसी भी घर में असली शांति सिर्फ पैसों से नहीं आती, बल्कि वहां रहने वाले लोगों की आदतों और सोच से आती है. अक्सर हम रोजमर्रा की जिंदगी में अनजाने में कुछ ऐसी छोटी-छोटी गलतियां कर देते हैं, जो देखते ही देखते परिवार की खुशियां और सुख-चैन छीन लेती हैं. आज इस आर्टिकल में हम आपको इन्हीं गलतियों के बारे में बहुत ही आसान शब्दों में समझाने जा रहे हैं. जब आप इन आदतों और गलतियों को सुधार लेंगे, तो आपके घर में एक बार फिर से एक-दूसरे के प्रति प्यार और सम्मान की भावना जागने लगेगी, और देखते ही देखते पूरे घर की खुशियां लौट आएंगी. chanakya niti on happy family कड़वी बातें बोलना और ताने मारना आचार्य चाणक्य के अनुसार, जिस घर में लोग एक-दूसरे से प्यार और सम्मान से बात नहीं करते, वहां कभी शांति रह ही नहीं सकती. बात-बात पर एक-दूसरे को ताने मारना, चिल्लाकर बात करना या हमेशा कड़वे शब्दों का इस्तेमाल करना रिश्तों को अंदर से खोखला कर देता है. जब घर के लोग एक-दूसरे की इज्जत करना बंद कर देते हैं, तो रिश्तों में दूरियां आने लगती हैं. इसलिए, अगर आपको अपने घर में खुशहाली और सुख-चैन चाहिए, तो अपनी बोली को जितना हो सके मीठा और सॉफ्ट रखने की कोशिश करनी चाहिए. ये भी पढ़ें: कब करें दूसरों को माफ और कब उठाएं उनके खिलाफ सख्त कदम? जानिए क्या कहते हैं आचार्य चाणक्य छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करना चाणक्य नीति के अनुसार, किसी भी इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन उसका गुस्सा ही होता है. जब किसी व्यक्ति को गुस्सा आता है, तो वह सही और गलत के बीच का फर्क भूल जाता है. चाणक्य के अनुसार, जिस घर में हर दिन लड़ाई-झगड़े होते रहते हैं और लोग छोटी से छोटी बात पर भी भड़कने लगते हैं, वहां कभी तरक्की नहीं हो सकती. गुस्से की वजह से सिर्फ रिश्ते टूटते हैं और जीवन में स्ट्रेस बढ़ता है. अगर आप परिवार में खुशहाली और सुख-चैन चाहते हैं, तो किसी भी समस्या पर भड़कने से बेहतर है कि आप उसे ठंडे दिमाग से बैठकर सुलझाएं. एक-दूसरे पर भरोसा न करना आचार्य चाणक्य की मानें तो किसी भी मजबूत रिश्ते की नींव भरोसे पर टिकी होती है. अगर परिवार के सदस्यों के बीच शक की बीमारी अपनी जगह बना ले, तो देखते ही देखते घर की हंसी और खुशहाली गायब हो जाती है. जब परिवार में लोग एक-दूसरे से ही बातें छिपाने लगते हैं या बेवजह शक करते हैं, तो हर बीतते दिन के साथ आपसी प्रेम खत्म होने लगता है. एक खुशहाल परिवार के लिए यह बहुत जरूरी हो जाता है कि सब एक-दूसरे के प्रति ईमानदार रहें और खुलकर बात करें. ये भी पढ़ें: इन 5 चीजों पर कंट्रोल करते ही बदल जाएगी आपकी जिंदगी, खुद पर जीत दिलाएंगी आचार्य चाणक्य की ये बातें खाना बर्बाद करना और फालतू खर्चे करना चाणक्य नीति कहती है कि जिस घर में भी अन्न और धन की कद्र नहीं की जाती, वहां परेशानियां हमेशा बनी रहती हैं. चाणक्य के अनुसार, प्लेट में खाना छोड़कर फेंकना या बिना सोचे-समझे फालतू चीजों पर पैसे बर्बाद करना बहुत ही गलत आदत है. जब आपके खर्चे बिना वजह बढ़ने लगते हैं और आप बचत नहीं कर पाते, तो जरूरत के समय आपको पैसों की तंगी से भी गुजरना पड़ता है. पैसों की यही किल्लत आगे चलकर घर में झगड़ों की वजह बन जाती है. आलस करना और घर में गंदगी रखना अगर आपको जीवन में आगे बढ़ना है, तो सबसे पहले आलस का त्याग कर देना चाहिए. चाणक्य के अनुसार, जिस घर के लोग देर तक सोते रहते हैं, कामों को बाद के लिए टालते रहते हैं और घर में हमेशा गंदगी रखते हैं, वहां का माहौल हमेशा भारी और निगेटिव बना रहता है. उनके अनुसार, साफ-सफाई और डिसिप्लिन से घर में पॉजिटिव एनर्जी आती है. जब आपका घर साफ और व्यवस्थित रहता है, तो आपका मन खुश रहता है और काम करने में भी आपका मन लगता है. ये भी पढ़ें: इस तरह के लोगों को हमेशा रखें अपने घर के मामलों से दूर, वरना छिन सकती है परिवार की सुख-शांति The post इन 5 गलतियों की वजह से घर में नहीं टिकती सुख-शांति और खुशहाली, चाणक्य ने इन्हें बताया परिवार का सबसे बड़ा दुश्मन appeared first on Naya Vichar.

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चलायी जा रही स्पेशल ट्रेन के परिचालन अवधि में विस्तार

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर-  यात्रियों की अत्याधिक भीड़ के मद्देनजर उनकी सुविधा हेतु मंडल द्वारा चलायी जा रही स्पेशल ट्रेन के परिचालन अवधि में विस्तार करने निर्णय लिया गया है जिनका विवरण निम्नानुसार है – गाड़ी संख्या 05557/05558 रक्सौल- लोकमान्य तिलक-रक्सौल स्पेशल – सीतामढ़ी- मुजफ्फरपुर- हाजीपुर- पाटलिपुत्र- डीडीयू के रास्ते रक्सौल और लोकमान्य तिलक के मध्य चलायी जा रही स्पेशल के परिचालन अवधि में विस्तार किया जा रहा है । गाड़ी सं. 05557 रक्सौल- लोकमान्य तिलक स्पेशल अब रक्सौल से 04.08.2026 से 15.09.2026 तक सप्ताह के प्रत्येक मंगलवार को परिचालित की जायेगी । इसी तरह गाड़ी सं. 05558 लोकमान्य तिलक-रक्सौल स्पेशल अब लोकमान्य तिलक से 06.08.2026 से 17.09.2026 तक सप्ताह के प्रत्येक गुरूवार को परिचालित की जायेगी ।

बिहार, समस्तीपुर

शीशो एवं ककरघट्टी में यात्री सुविधाओं के विस्तार एवं आधुनिक रेल अवसंरचना विकास के लिए समस्तीपुर मंडल प्रयासरत

• 28 जुलाई 2026 को शिशो यार्ड में फुट ओवर ब्रिज गर्डर की लॉन्चिंग सफलतापूर्वक संपन्न • 04 अगस्त 2026 को ककरघट्टी यार्ड में होगी फुट ओवर ब्रिज गर्डर लॉन्चिंग • फुट ओवर ब्रिज गर्डर लॉन्चिंग कार्य से बढ़ेगी सुरक्षा और परिचालन क्षमता नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर– पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर मंडल में यात्रियों को सुरक्षित, सुगम एवं विश्वस्तरीय रेल सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा रेलवे अवसंरचना को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से विभिन्न महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग कार्य युद्धस्तर पर किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 28 जुलाई 2026 को शिशो यार्ड में शिशो यार्ड की लाइन संख्या 01, 02, 03 एवं 04 पर फुट ओवर ब्रिज गर्डर की लॉन्चिंग सफलतापूर्वक संपन्न हुई l रेल प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि ये ब्लॉक यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिए जा रहे हैं। इन कार्यों के पूर्ण होने के बाद प्लेटफॉर्मों के बीच आवागमन अधिक सुरक्षित एवं सुगम होगा, भीड़भाड़ में कमी आएगी, परिचालन क्षमता बढ़ेगी, ट्रेनों के समयपालन में सुधार होगा तथा भविष्य में अधिक ट्रेनों के संचालन का मार्ग भी प्रशस्त होगा। यह कार्य समस्तीपुर मंडल के रेल नेटवर्क को और अधिक आधुनिक एवं सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। फुट ओवर ब्रिज गर्डर की लॉन्चिंग सफलतापूर्वक संपन्न दिनांक 28 जुलाई 2026 (मंगलवार) को शिशो यार्ड की लाइन संख्या 01, 02, 03 एवं 04 पर फुट ओवर ब्रिज गर्डर लॉन्चिंग के लिए प्रातः 06:55 बजे से 10:50 बजे तक (03 घंटे 55 मिनट) ट्रैफिक एवं पावर ब्लॉक लिया गया। विदित हो कि यह कार्य ट्रेन संख्या 15502 के गुजरने के उपरांत प्रारंभ किया गया था। इस दौरान 63374 नरकटियागंज–दरभंगा मेमू पैसेंजर को रक्सौल जंक्शन–मुहम्मदपुर रेलखंड के मध्य लगभग 1 घंटा 40 मिनट नियंत्रित (Regulated) कर चलाया गया। 04 अगस्त 2026 को ककरघट्टी यार्ड में होगा द्वितीय चरण दिनांक 04 अगस्त 2026 (मंगलवार) को ककरघट्टी यार्ड की लाइन संख्या 01, 02, 03 एवं 04 पर फुट ओवर ब्रिज गर्डर लॉन्चिंग के लिए 11:20 बजे से 15:15 बजे तक (03 घंटे 55 मिनट) ट्रैफिक एवं पावर ब्लॉक लिया जाएगा। यह ब्लॉक ट्रेन संख्या 13212 के गुजरने के बाद प्रभावी होगा। इस दौरान निम्नलिखित ट्रेनों के परिचालन में अस्थायी परिवर्तन रहेगा-  पुनर्निर्धारित (Rescheduled) ट्रेनें 13225 जयनगर–आरा एक्सप्रेस : जयनगर से 120 मिनट विलंब से प्रस्थान करेगी। 13226 आरा–जयनगर एक्सप्रेस : आरा से 120 मिनट विलंब से प्रस्थान करेगी। 63377 लहेरियासराय– सहरसा मेमू पैसेंजर : लहेरियासराय से 90 मिनट विलंब से प्रस्थान करेगी। नियंत्रित (Regulated) ट्रेनें 15553 भागलपुर–जयनगर एक्सप्रेस : समस्तीपुर जंक्शन–दरभंगा जंक्शन के मध्य 45 मिनट नियंत्रित कर चलाई जाएगी। 11062 जयनगर–लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस : जयनगर–तारसराय रेलखंड के मध्य 50 मिनट नियंत्रित कर चलाई जाएगी। यात्रियों को होंगे ये महत्वपूर्ण लाभ इन विकास कार्यों के पूर्ण होने के बाद— * शिशो एवं ककरघट्टी स्टेशनों पर यात्रियों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक फुट ओवर ब्रिज की सुविधा उपलब्ध होगी। * प्लेटफॉर्म बदलने में लगने वाला समय कम होगा तथा भीड़भाड़ में कमी आएगी। * रेलवे संरक्षा मानकों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। * रेल परिचालन अधिक सुचारु एवं समयबद्ध होगा। * भविष्य में अधिक ट्रेनों के सुरक्षित संचालन एवं बेहतर परिचालन क्षमता विकसित होगी। * आधुनिक रेल अवसंरचना के माध्यम से यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्राप्त होगा। समस्तीपुर मंडल रेल प्रशासन यात्रियों से अनुरोध करता है कि उपर्युक्त अवधि में यात्रा करने से पूर्व अपनी ट्रेन की अद्यतन स्थिति रेलवे के अधिकृत माध्यमों तथा 139 से अवश्य प्राप्त कर लें। यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा एवं भविष्य में और अधिक बेहतर रेल सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिए जा रहे इन अस्थायी परिचालन परिवर्तनों में सहयोग प्रदान करें।

शिक्षा, समस्तीपुर

नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत : ले. कर्नल साहिल कोचर

स्त्री कॉलेज में ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित हिंदुस्तान’ अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम, छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक व स्लैम पोएट्री से दिया संदेश नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर- युवा कार्यक्रम एवं स्पोर्ट्स मंत्रालय, हिंदुस्तान प्रशासन के अंतर्गत मेरा युवा हिंदुस्तान (MY Bharat), समस्तीपुर के तत्वावधान में गुरुवार को स्त्री कॉलेज, समस्तीपुर में “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित हिंदुस्तान” अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए नशामुक्त, स्वस्थ और सशक्त हिंदुस्तान के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट कर्नल साहिल कोचर, 12 बिहार एनसीसी बटालियन रहे। इस अवसर पर सहायक निदेशक-सह-जिला युवा पदाधिकारी विजेता मजूमदार, अनुष्का श्रीवास्तव (ADMO), श्रीमती सोनाली (ADDE), स्त्री कॉलेज के प्राचार्य प्रो. राजेश कुमार रंजन तथा राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. रिंकी कुमारी सहित महाविद्यालय के शिक्षक, एनएसएस स्वयंसेवक, एनसीसी कैडेट्स एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट कर्नल साहिल कोचर ने कहा कि युवाओं को नशीले पदार्थों से दूर रहकर अनुशासित, स्वस्थ और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पित जीवन अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवा शक्ति पर निर्भर है और नशामुक्त युवा ही विकसित हिंदुस्तान के निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। अन्य वक्ताओं ने भी युवाओं से नशे के खिलाफ जनजागरूकता फैलाने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशे से दूर रहकर ही युवा अपनी ऊर्जा का सही दिशा में उपयोग कर सकते हैं और राष्ट्र निर्माण में प्रभावी योगदान दे सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान नुक्कड़ नाटक, वाद-विवाद प्रतियोगिता, संगीत प्रस्तुति, स्लोगन लेखन और स्लैम पोएट्री जैसी विभिन्न जागरूकता आधारित गतिविधियों का आयोजन किया गया। छात्राओं ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से नशे के दुष्प्रभाव, स्वस्थ जीवनशैली के महत्व तथा विकसित हिंदुस्तान के निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। साथ ही उन्हें नशामुक्त, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनकर विकसित हिंदुस्तान के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम का समापन नशामुक्त, स्वस्थ एवं विकसित हिंदुस्तान के निर्माण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

समस्तीपुर

डिजिटल रिपोर्टिंग से मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाएं होंगी और प्रभावी : डीएम

सदर अस्पताल में मिडवाइफरी IEC रिपोर्टिंग डैशबोर्ड पर ऑनलाइन हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण, स्वास्थ्यकर्मियों को दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर – सदर अस्पताल, समस्तीपुर में गुरुवार को मिडवाइफरी IEC रिपोर्टिंग डैशबोर्ड पर ऑनलाइन हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने किया। प्रशिक्षण का उद्देश्य मिडवाइफरी सेवाओं को तकनीक आधारित और अधिक प्रभावी बनाते हुए स्वास्थ्यकर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ाना तथा मातृ एवं नवजात शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल तकनीक का प्रभावी उपयोग समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी का व्यवहारिक उपयोग करने तथा IEC रिपोर्टिंग डैशबोर्ड पर नियमित, सटीक और समय पर डेटा अपलोड करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इससे मातृ एवं नवजात शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रभावी निगरानी और मूल्यांकन संभव हो सकेगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को IEC रिपोर्टिंग डैशबोर्ड के संचालन, डेटा प्रविष्टि, रिपोर्ट तैयार करने, ऑनलाइन मॉनिटरिंग तथा विभिन्न तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने लाइव डेमो के माध्यम से डैशबोर्ड के विभिन्न मॉड्यूल का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया, जिससे स्वास्थ्यकर्मियों को डिजिटल रिपोर्टिंग प्रणाली की बेहतर समझ विकसित हुई। सिविल सर्जन डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि मिडवाइफरी IEC रिपोर्टिंग डैशबोर्ड के माध्यम से मातृ एवं नवजात शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी अधिक प्रभावी और व्यवस्थित होगी। उन्होंने सभी स्वास्थ्यकर्मियों से प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान का उपयोग करते हुए गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने की अपील की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के वरीय पदाधिकारी, चिकित्सक, नर्सिंग पदाधिकारी, मिडवाइफ, एएनएम, जीएनएम सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी एवं संबंधित अधिकारी शामिल हुए। प्रतिभागियों को डिजिटल रिपोर्टिंग प्रणाली का व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया गया, जिससे भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।

अपराध, समस्तीपुर

“तीनों ने मुंह दबाकर जब”रदस्ती की, फिर मैं बेहोश हो गई”: नाबालिग पीड़िता का आरोप

पिता ने स्त्री थाना में दिया आवेदन, एक नामजद व दो अज्ञात पर केस; मेडिकल और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार नया विचार न्यूज सरायरंजन (समस्तीपुर)। मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के एक गांव में मंगलवार शाम कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना में गुरुवार को पीड़ित नाबालिग छात्रा ने पहली बार अपनी आपबीती सुनाई। नौवीं कक्षा की छात्रा ने आरोप लगाया कि घास काटने के दौरान तीन युवकों ने उसके साथ जबरदस्ती की और विरोध करने पर उसका मुंह दबा दिया। दूसरी ओर, पीड़िता के पिता ने स्त्री थाना में लिखित आवेदन देकर एक नामजद एवं दो अज्ञात आरोपितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर अनुसंधान तेज कर दिया है। मेडिकल और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पीड़िता का आरोप— “मैं चीखती रही, उन्होंने मुंह दबा दिया” पीड़िता ने नया विचार न्यूज़ से बातचीत में आरोप लगाया कि मंगलवार शाम वह घर के पास खेत में घास काटने गई थी। उसी दौरान तीन युवक वहां पहुंचे और उसके साथ जबरदस्ती करने लगे। पीड़िता ने कहा, “मैंने विरोध किया और शोर मचाया तो उनमें से एक ने मेरा मुंह दबा दिया। इसके बाद तीनों ने बारी-बारी से मेरे साथ जबरदस्ती की। फिर मैं बेहोश हो गई। मुझे आगे क्या हुआ, इसकी कोई जानकारी नहीं है।” उसने बताया कि वह एक आरोपित को पहचानती है, जबकि अन्य दो की पहचान नहीं कर सकी। बातचीत के दौरान वह काफी सहमी हुई दिखी और उसने कहा कि उसे न्याय चाहिए। पीड़िता के इन आरोपों की पुष्टि अभी पुलिस जांच, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर की जानी बाकी है। पिता बोले— “बेटी खेत में बेहोश मिली” पीड़िता के पिता ने बताया कि मंगलवार शाम उनकी बेटी घास काटने गई थी। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर पहले उसकी छोटी और बड़ी बहन उसे खोजने निकलीं। जब उसका पता नहीं चला तो उन्हें भी सूचना दी गई। उस समय वह पास के एक प्लाई बोर्ड कारखाने में काम कर रहे थे। उन्होंने बताया, “हम लोग आसपास के खेतों में खोजबीन करने लगे। इसी दौरान जनेर (मक्के) के खेत में बेटी बेहोशी की हालत में मिली। उसके कपड़ों पर खून के निशान थे और वह अर्धनग्न अवस्था में थी। हम उसे तुरंत घर लाए और स्थानीय डॉक्टर से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन वे उपलब्ध नहीं थे। इसके बाद मुसरीघरारी थाना को सूचना दी गई। पुलिस के निर्देश पर हम उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल, समस्तीपुर लेकर पहुंचे।” इलाज में देरी का आरोप पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि सदर अस्पताल में इलाज शुरू होने में करीब दो घंटे की देरी हुई। उन्होंने कहा, “हमें काफी देर तक इधर-उधर भेजा जाता रहा। बाद में पुलिस के पहुंचने के बाद इलाज शुरू हुआ। पूरी रात इलाज चला। अगले दिन पुलिस हमारे घर आई, घटनास्थल का निरीक्षण किया और आगे की जांच के लिए हमें फिर अपने साथ ले गई।” स्त्री थाना में आवेदन पीड़िता के पिता ने स्त्री थाना में लिखित आवेदन देकर एक नामजद और दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। घटना के समय परिवार के साथ अस्पताल गए एक ग्रामीण ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर दावा किया कि अस्पताल में कुछ लोगों ने मीडिया से बात नहीं करने की सलाह दी थी। ग्रामीण ने आशंका जताई कि मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा था। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि शाम के समय बच्चियों को अकेले खेत या सुनसान रास्तों पर भेजने से लोग बच रहे हैं। पुलिस का पक्ष मुसरीघरारी थाना पुलिस ने बताया कि पीड़िता के पिता के आवेदन के आधार पर स्त्री थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। घटनास्थल से मिले कपड़ों सहित अन्य संभावित साक्ष्यों को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस के अनुसार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। पुलिस ने यह भी कहा कि पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा तथा मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा रही है। सुरक्षा बढ़ाने की मांग घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि खेतों और सुनसान रास्तों पर शाम के समय सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। स्थानीय लोगों ने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल पूरे मामले में मेडिकल रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और पुलिस का इंतजार है। इन्हीं के आधार पर घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट होंगी और आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

समस्तीपुर

गुढमा में समाजसेवी का हुआ निधन, गांव व परिवार में शोक की लहर 

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन । सरायरंजन नगर पंचायत के सरायरंजन पश्चिमी पंचायत के गुढमा गांव में समाजसेवी उमेश ईश्वर की 75 की उम्र में गुरुवार को निधन हो गया। इनके निधन से गांव एवं परिजनों में मातमी सन्नाटा पसर गया है।ये बहुत दिनों से बिमार चल रहे थे। इनके निधन की सूचना पाते हीं शोक संवेदना जताने वालों का तांता लग गया। इनके घर पर पहुंच कर पार्थिव शरीर पर पूष्पांजली अर्पित कर श्रद्धांजलि दिया गया। समाजसेवी उमेश ईश्वर के शव यात्रा निकाली गई।शव यात्रा को गुढमा गांव से सरायरंजन बाजार तक लोगों के द्वारा ले जाया गया।इसके बाद वाहन पर लादकर सिमरिया गंगा घाट पर दाह-संस्कार के लिए ले गये। शोक संवेदना जताने वालों में भाजपा नेता रंजीत निर्गुणी,घुनेश ईश्वर, वीरेंद्र ईश्वर, विपिन ईश्वर, नवीन ईश्वर, महेश ईश्वर, बाबी ईश्वर, पंकज ईश्वर, रमेश ईश्वर, खगेश ईश्वर, मनीष ईश्वर,जगजीवन ईश्वर, अमित ईश्वर, जगन्नाथ ईश्वर, बैजनाथ ईश्वर, डा. प्रभाकर ईश्वर, डा. अमरनाथ ईश्वर, संजीव ईश्वर आदि सामिल थे।

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