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Author name: Vinod Jha

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आज से शुरू होगा विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला, 30 जुलाई से एक माह तक बंद रहेगी बाबा बैद्यनाथ की स्पर्श पूजा

Shravani Mela 2026: देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रावणी मेला 2026 का शुभारंभ आज से हो रहा है. सावन शुरू होने के साथ 30 जुलाई से 28 अगस्त तक स्पर्श पूजा बंद रहेगी. श्रद्धालु इस दौरान केवल अरघा के माध्यम से जलार्पण कर सकेंगे. श्रावणी मेले का होगा भव्य उद्घाटन विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम का मासव्यापी राजकीय श्रावणी मेला बुधवार से शुरू हो रहा है. सावन मास 30 जुलाई 2026 से आरंभ होने से एक दिन पहले दुम्मा स्थित झारखंड प्रवेश द्वार पर सुबह 10:30 बजे मेले का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा. उद्घाटन कार्यक्रम में राज्य प्रशासन के मंत्री सुदिव्य कुमार, संजय प्रसाद यादव और दीपिका पांडेय सिंह संयुक्त रूप से शामिल होंगे. मेले के शुभारंभ के साथ ही देशभर से आने वाले लाखों कांवरियों की भीड़ देवघर पहुंचनी शुरू हो जाएगी. 30 जुलाई से 28 अगस्त तक बंद रहेगी स्पर्श पूजा मंदिर प्रशासन के अनुसार 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 की दोपहर तक बाबा बैद्यनाथ की स्पर्श पूजा पूरी तरह बंद रहेगी. इस अवधि में श्रद्धालु गर्भगृह में प्रवेश कर स्पर्श पूजा नहीं कर सकेंगे. सभी भक्त मुख्य अरघा या बाह्य अरघा के माध्यम से ही जलार्पण करेंगे. यह व्यवस्था सावन में अत्यधिक भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और सुचारु दर्शन के उद्देश्य से लागू की गई है. भीड़ प्रबंधन के लिए पहली बार नई व्यवस्था इस बार बाबा मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और बेहतर भीड़ प्रबंधन के लिए कई नई व्यवस्थाएं लागू की हैं. पहली बार प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं. आम श्रद्धालु और शीघ्रदर्शनम कूपनधारी भक्त मुख्य अरघा के माध्यम से जलार्पण करेंगे. वहीं निकास द्वार के पास बाह्य अरघा की भी व्यवस्था की गई है, जिसे पाइपलाइन के जरिए मुख्य अरघा से जोड़ा गया है. इससे बाहरी अरघा में अर्पित जल सीधे बाबा वैद्यनाथ पर चढ़ेगा. ये भी पढ़ें: ‘बाबा धाम में श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए’, मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने दिए संवेदनशील प्रशासन के निर्देश एलईडी स्क्रीन पर मिलेगा जलार्पण का सीधा दर्शन जो श्रद्धालु बाह्य अरघा से जलार्पण करेंगे, उन्हें मंदिर परिसर की छत पर लगी एलईडी स्क्रीन पर बाबा का सीधा दर्शन और जलार्पण का लाइव दृश्य देखने की सुविधा मिलेगी. इससे लंबी कतार में लगे श्रद्धालु भी बिना किसी असुविधा के पूजा का अनुभव प्राप्त कर सकेंगे. पार्वती मंदिर के लिए भी बदली गई कतार व्यवस्था श्रावणी मेले के दौरान पार्वती मंदिर में दर्शन की व्यवस्था भी बदली गई है. बाबा मंदिर में जलार्पण के बाद श्रद्धालुओं को पूर्व द्वार से बाहर निकलना होगा. इसके बाद बड़ा बाजार होते हुए नाथबाड़ी मार्ग से पार्वती मंदिर की कतार में शामिल होना होगा. प्रशासन का कहना है कि इससे श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक व्यवस्थित रहेगी. श्रद्धालुओं के लिए जरूरी बातें The post आज से शुरू होगा विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला, 30 जुलाई से एक माह तक बंद रहेगी बाबा बैद्यनाथ की स्पर्श पूजा appeared first on Naya Vichar.

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कोलकाता बंदरगाह से पहली मालगाड़ी नेपाल पहुंची, भारत-नेपाल रेल व्यापार में जुड़ा नया अध्याय

कोलकाता : हिंदुस्तान-नेपाल रेल संपर्क प्रणाली में एक अभूतपूर्व उपलब्धि और इस उपलब्धि में कोलकाता का नाम भी शामिल है. 40 वैगनों वाली पहली वाणिज्यिक कंटेनर मालगाड़ी कोलकाता बंदरगाह से नेपाल के बीरतनगर सीमा शुल्क यार्ड तक सफलतापूर्वक पहुंच गई है. रेलवे के अनुसार, यह ऐतिहासिक कदम संशोधित हिंदुस्तान-नेपाल रेल पारगमन प्रोटोकॉल के कार्यान्वयन का प्रतीक है और सीमा पार माल परिवहन में एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है. माल अब सीधे रेल द्वारा पहुंचाना संभव उत्तर पूर्वी रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिनजल किशोर शर्मा ने बताया कि नई परिवहन प्रणाली के तहत रेल संचालन सुचारू रूप से चल रहा है. इसके परिणामस्वरूप, सीमा पर माल को अन्य वाहनों में स्थानांतरित किए बिना, कोलकाता बंदरगाह से बिराटनगर तक बड़ी मात्रा में माल सीधे रेल द्वारा पहुंचाना संभव हो गया है. इससे दोनों पड़ोसी देशों के बीच व्यापार दक्षता बढ़ने और परिवहन समय, रसद लागत और माल प्रबंधन में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है. ब्रॉड गेज रेल लिंक होने से हुआ संभव यह उपलब्धि योगवानी (हिंदुस्तान) और बीरतनगर (नेपाल) के बीच ब्रॉड गेज रेल लिंक पर आधारित है. इस रेल लिंक का उद्घाटन जून 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेपाल के तत्कालीन प्रधानमंत्री ने संयुक्त रूप से किया था. नवंबर 2025 में संशोधित ‘विनिमय पत्र’ पर हस्ताक्षर होने के बाद नेपाल के साथ प्रत्यक्ष वाणिज्यिक रेल परिवहन एक वास्तविकता बन गया है. क्षेत्रीय संपर्क मजबूत होने की उम्मीद यह उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय रेल संपर्क को मजबूत करने और सीमा पार व्यापार को सुगम बनाने में उत्तर पूर्वी सीमांत रेलवे की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करती है. इस पहल से द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा मिलने, रसद दक्षता में सुधार होने और आधुनिक रेल अवसंरचना के माध्यम से क्षेत्रीय संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें आर्थिक साझेदारी का समर्थन रेलवे को उम्मीद है कि इस ऐतिहासिक सफलता के आधार पर, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे विश्वसनीय और ग्राहक-केंद्रित रेल सेवाओं के माध्यम से सीमा पार रेल संपर्क को मजबूत करना, माल परिवहन में सुधार करना और हिंदुस्तान और नेपाल के बीच बढ़ते व्यापार और आर्थिक साझेदारी का समर्थन करना जारी रखेगा. Also Read: उत्तर बंगाल में पर्यटन को नयी उड़ान, सैंडकफू में बनेंगे पर्यावरण अनुकूल 10 कंटेनर होम The post कोलकाता बंदरगाह से पहली मालगाड़ी नेपाल पहुंची, हिंदुस्तान-नेपाल रेल व्यापार में जुड़ा नया अध्याय appeared first on Naya Vichar.

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CWG 2026: भारत के मेडल विजेताओं की पूरी लिस्ट, जानें किस खेल में किस खिलाड़ी ने जीता मेडल?

India medal winners at CWG 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिंदुस्तान के 122 खिलाड़ी पदक और पोडियम की उम्मीदों के साथ मैदान में उतरे हैं. 23 जुलाई से 2 अगस्त तक ग्लासगो में आयोजित हो रहे इस प्रतिष्ठित स्पोर्ट्स महाकुंभ में हिंदुस्तानीय दल आठ मुख्य स्पोर्ट्सों और पांच पैरा स्पोर्ट्सों में अपनी चुनौती पेश कर रहा है. हिंदुस्तान की पदक उम्मीदें इस बार एथलेटिक्स, कलात्मक जिम्नास्टिक, लॉन बाउल्स, बॉक्सिंग, जूडो, तैराकी, ट्रैक साइक्लिंग और वेटलिफ्टिंग जैसे स्पोर्ट्सों से जुड़ी हैं। इसके अलावा पैरा एथलेटिक्स, पैरा पावरलिफ्टिंग, पैरा स्विमिंग, पैरा ट्रैक साइक्लिंग और 3×3 व्हीलचेयर बास्केटबॉल में भी हिंदुस्तानीय खिलाड़ी पदक के लिए मुकाबला कर रहे हैं. हिंदुस्तान को मिला पहला स्वर्ण हिंदुस्तान के लिए ग्लासगो 2026 की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मीराबाई चानू का स्वर्ण पदक रहा. उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीसरी बार खिताब अपने नाम किया और हिंदुस्तान के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता. मीराबाई की इस उपलब्धि ने हिंदुस्तान की पदक तालिका को नई ऊंचाई दी और वेटलिफ्टिंग में देश की मजबूत पकड़ को एक बार फिर साबित किया. ऋषिकांत सिंह की सिल्वर से हुई शुरुआत वेटलिफ्टर ऋषिकांत सिंह चानमब ने 60 किलो वजन वर्ग में रजत पदक जीता. उन्होंने स्नैच में नया रिकॉर्ड भी बनाया. कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में यह किसी सामान्य हिंदुस्तानीय खिलाड़ी का पहला पदक था. इससे पहले झंडू कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग में कांस्य पदक जीतकर हिंदुस्तान को पदक दिलाया था. CWG 2026: हिंदुस्तान के पदक विजेता क्र.सं. एथलीट (Athlete) स्पर्धा (Event) स्पोर्ट्स (Sport) पदक (Medal) 1 झंडू कुमार पुरुषों की हेवीवेट (Men’s Heavyweight) पैरा पावरलिफ्टिंग (Para Powerlifting) कांस्य (Bronze) 2 ऋषिकांत सिंह पुरुषों की 60 किग्रा (Men’s 60kg) वेटलिफ्टिंग (Weightlifting) रजत (Silver) 3 मीराबाई चानू स्त्रीओं की 48 किग्रा (Women’s 48kg) वेटलिफ्टिंग (Weightlifting) स्वर्ण (Gold) 4 राजा मुथुपांडी  पुरुषों की 65 किग्रा (Men’s 65kg) वेटलिफ्टिंग (Weightlifting) रजत (Silver) 5 ज्ञानेश्वरी यादव स्त्रीओं की 53 किग्रा (Women’s 53kg) वेटलिफ्टिंग (Weightlifting) रजत (Silver) 6 बिंदियारानी देवी स्त्रीओं की 58 किग्रा (Women’s 58kg) वेटलिफ्टिंग (Weightlifting) कांस्य (Bronze) 7 शर्मिला धाकड़ स्त्रीओं की शॉट पुट F57 (Women’s Shot Put F57) पैरा एथलेटिक्स (Para Athletics) स्वर्ण (Gold) 8 सर्वेश कुशारे पुरुषों की ऊंची कूद (Men’s High Jump) एथलेटिक्स (Athletics) रजत (Silver) 9 शिल्पा के. शाइला स्त्रीओं की शॉट पुट F57 (Women’s Shot Put F57) पैरा एथलेटिक्स (Para Athletics) कांस्य (Bronze) 10 वल्लुरी अजय बाबू पुरुषों की 79 किग्रा (Men’s 79kg) वेटलिफ्टिंग (Weightlifting) रजत (Silver) 11 हरजिंदर कौर स्त्रीओं की 69 किग्रा (Women’s 69kg) वेटलिफ्टिंग (Weightlifting) रजत (Silver) 12 गुलवीर सिंह पुरुषों की 10000 मीटर (Men’s 10000m) एथलेटिक्स (Athletics) रजत (Silver) लवलीना बोरगोहेन को पदक पक्का, लेकिन नजर गोल्ड पर हिंदुस्तानीय बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने स्त्रीओं के 75 किलोग्राम वर्ग में क्वार्टर फाइनल बाई मिलने के बाद अपना पदक सुनिश्चित कर लिया है. बॉक्सिंग नियमों के अनुसार सेमीफाइनल में हारने वाले दोनों खिलाड़ियों को कांस्य पदक दिया जाता है. हालांकि, लवलीना की नजर केवल पदक तक सीमित नहीं है. वह अपने प्रदर्शन को स्वर्ण पदक में बदलने के इरादे से रिंग में उतरेंगी. हिंदुस्तान की पदक तालिका में अब तक 12 मेडल कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिंदुस्तान अब तक 12 पदक जीत चुका है. इनमें शामिल हैं: 2 स्वर्ण पदक 7 रजत पदक 3 कांस्य पदक CWG 2026: हिंदुस्तान की पदक तालिका (Medal Table by Sport) स्पोर्ट्स स्वर्ण (Gold) रजत (Silver) कांस्य (Bronze) कुल (Total) वेटलिफ्टिंग 1 5 1 7 एथलेटिक्स 0 2 0 2 पैरा एथलेटिक्स 1 0 1 2 पैरा पावरलिफ्टिंग 0 0 1 1 कुल 2 7 3 12 नीरज चोपड़ा पर टिकीं उम्मीदें एथलेटिक्स में हिंदुस्तान की सबसे बड़ी उम्मीद ओलंपिक और विश्व स्तर के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा से है. नीरज 32 सदस्यीय हिंदुस्तानीय एथलेटिक्स टीम की अगुवाई कर रहे हैं. उन्होंने गोल्ड कोस्ट 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था. हालांकि, बर्मिंघम 2022 में चोट के कारण वह अपने खिताब का बचाव नहीं कर सके थे. अब ग्लासगो में वह फिर से अपना वर्चस्व साबित करने के लक्ष्य के साथ उतरेंगे. इन खिलाड़ियों से भी पदक की उम्मीद नीरज चोपड़ा के अलावा हिंदुस्तान के कई अन्य एथलीट भी पदक के दावेदार हैं. इनमें अनिमेष कुजूर, मुरली श्रीशंकर, तजिंदरपाल सिंह तूर और पारुल चौधरी जैसे नाम शामिल हैं. मुरली श्रीशंकर लंबी कूद, तजिंदरपाल सिंह तूर शॉटपुट और पारुल चौधरी लंबी दूरी की दौड़ में हिंदुस्तान की उम्मीदों को मजबूत कर रहे हैं. इसे भी पढ़े- CWG 2026: जिसे सिर्फ हवलदार बनना था, उसने हिंदुस्तान को दिला दिया सिल्वर मेडल… जानिए गुलवीर सिंह की अनसुनी कहानी The post CWG 2026: हिंदुस्तान के मेडल विजेताओं की पूरी लिस्ट, जानें किस स्पोर्ट्स में किस खिलाड़ी ने जीता मेडल? appeared first on Naya Vichar.

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“जो देखते हैं, वही बोलते हैं…” मोहम्मद इरफान की बहन ने बताया कैसे बनी उनकी अलग पहचान

Mohammad Irfan Story : नीट पेपर लीक और शिक्षा सुधारों को लेकर जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के दौरान देशभर में चर्चा का विषय बने मोहम्मद इरफान की बहन ने बताया कि उनके भाई की तैयारी किसी मंच या नेतृत्वक संगठन से नहीं होती. उन्होंने कहा कि इरफान अन्ना हजारे के आंदोलन के समय से ही अलग-अलग जन आंदोलनों में जाते रहे हैं. जो कुछ अपनी आंखों से देखते हैं और समाज में महसूस करते हैं, उसी को अपनी भाषा में लोगों के सामने रखते हैं. अगर उन्हें कहीं कोई अच्छी बात या लाइन सुनने को मिलती है तो वह उसे पढ़कर सुनाती हैं. इसके बाद इरफान बार-बार उसकी प्रैक्टिस करते हैं और फिर अपने अंदाज में लोगों के सामने रखते हैं. “मजदूरों की बात कोई नहीं करता, इसलिए भाई वही मुद्दा उठाते हैं” उनकी बहन बताती हैं कि मोहम्मद इरफान खुद रेहड़ी लगाकर परिवार का गुजारा करते हैं. मजदूरों की जिंदगी को उन्होंने करीब से देखा है, इसलिए उनके भाषणों में सबसे ज्यादा जिक्र मजदूरों और आम लोगों की समस्याओं का होता है. उनका कहना है कि मजदूरों की आवाज उठाने वाला कोई नहीं होता, इसलिए उनके भाई हमेशा उन्हीं के हक की बात करते हैं. जब लोग आकर कहते हैं कि “आपका भाई बहुत अच्छा बोलता है”, तो पूरे परिवार को खुशी होती है कि कम से कम वह समाज के लिए कुछ अच्छा कर रहे हैं. नाम पर होती है नेतृत्व तो लगता है डर इरफान की बहन ने कहा कि कई बार जब लोगों को उनके भाई का नाम पता चलता है तो चर्चा हिंदू-मुस्लिम की तरफ मुड़ जाती है. ऐसे समय परिवार को थोड़ा डर जरूर लगता है, लेकिन उनका मानना है कि उनका परिवार सभी धर्मों का सम्मान करता है और कभी किसी धर्म के खिलाफ नहीं बोला. उनके मुताबिक इरफान का मकसद केवल लोगों के अधिकारों और संविधान की बात करना है, किसी तरह की धार्मिक या नेतृत्वक नफरत फैलाना नहीं. जंतर-मंतर से पूरे देश में मिली पहचान दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के दौरान एक इंटरव्यू सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मोहम्मद इरफान रातों-रात चर्चा में आ गए. संविधान, लोकतंत्र और मजदूरों के अधिकारों पर उनकी सरल लेकिन प्रभावी बातों ने लोगों का ध्यान खींचा. उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी उनके घर पहुंचे, परिवार से मुलाकात की और इरफान की समझ और सीखने की इच्छा की सराहना की. परिवार का कहना है कि उनके लिए सबसे बड़ी खुशी यही है कि एक आम मजदूर की आवाज अब पूरे देश तक पहुंच रही है. The post “जो देखते हैं, वही बोलते हैं…” मोहम्मद इरफान की बहन ने बताया कैसे बनी उनकी अलग पहचान appeared first on Naya Vichar.

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इस सावन रिश्ते में घोलें प्यार की मिठास, अपनाएं ये 5 आसान तरीके

Sawan Special: सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति के साथ-साथ रिश्तों में प्यार और अपनापन बढ़ाने का भी खास समय माना जाता है. बारिश, हरियाली और ठंडी हवाएं इस मौसम को और भी खूबसूरत बना देती हैं. ऐसे में अगर कपल एक-दूसरे के लिए थोड़ा समय निकालें और कुछ छोटी-छोटी आदतों को अपनाएं, तो उनका रिश्ता पहले से ज्यादा मजबूत हो सकता है. आइए जानते हैं सावन में अपनाई जाने वाली 5 आसान प्रेम रस्मों के बारे में. सावन सोमवार को साथ करें पूजा AI Image बारिश की शाम को कुछ देर के लिए मोबाइल फोन दूर रख दें और सिर्फ एक-दूसरे के साथ समय बिताएं. साथ में चाय या कॉफी पीते हुए खुलकर बातें करें. रोजमर्रा की भागदौड़ में ऐसे छोटे पल रिश्ते को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. पसंदीदा खाना बनाकर दें सरप्राइज AI Image आज के डिजिटल दौर में हाथ से लिखा एक छोटा-सा नोट भी किसी खास तोहफे से कम नहीं होता. आप अपने साथी के लिए कुछ प्यार भरे शब्द लिख सकते हैं या बारिश के दिन उन्हें एक दिल छू लेने वाला मैसेज भेज सकते हैं. इससे उन्हें आपकी भावनाओं का एहसास होगा और रिश्ता और भी खास लगेगा. हर हफ्ते दें छोटा-सा सरप्राइज AI Image सावन के हर सप्ताह अपने पार्टनर के लिए कोई छोटा-सा सरप्राइज प्लान करें. यह एक फूल, पसंदीदा चॉकलेट, कोई प्यारा-सा संदेश या साथ में बिताया गया कुछ खास समय भी हो सकता है. ऐसे छोटे-छोटे प्रयास रिश्ते में नई ताजगी और खुशियां बनाए रखते हैं. सावन का महीना सिर्फ पूजा-पाठ का ही नहीं, बल्कि अपने रिश्तों को समय और प्यार देने का भी अवसर है. इन आसान प्रेम रस्मों को अपनाकर आप अपने साथी के साथ अपने रिश्ते को और मजबूत, खुशनुमा और यादगार बना सकते हैं. यह भी पढ़ें: सावन में पसीने से नहीं बिगड़ेगा मेकअप, अपनाएं ये 5 आसान हैक्स The post इस सावन रिश्ते में घोलें प्यार की मिठास, अपनाएं ये 5 आसान तरीके appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में आज से शिक्षकों के लिए खुल जाएगा पोर्टल, ट्रांसफर के लिए कर सकेंगे अप्लाई, TRE-3 टीचरों को भी राहत

Bihar Teacher Transfer Posting: बिहार के शिक्षकों के लिए जरूरी समाचार है. उनके ट्रांसफर के लिए बनी नई ट्रांसफर पॉलिसी के तहत आवेदन लिए जाने के लिए बुधवार को पोर्टल खोल दिया जाएगा. ऐसे में शिक्षक ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकेंगे. आवेदन की अंतिम तारीख पांच अगस्त निर्धारित की गई है. इस तरह तीन चरणों में होगा ट्रांसफर ट्रांसफर प्रक्रिया तीन चरणों में संपन्न होगी. पहले चरण में समायोजन (रैशनलाइजेशन) और समानुपातीकरण (छात्र-शिक्षक अनुपात) की प्रक्रिया पूरी की जायेगी. इसके बाद पारस्परिक (म्यूचुअल) ट्रांसफर होगा, जबकि अंतिम चरण में सामान्य ट्रांसफर किया जायेगा. जानकारी के मुताबिक, 7 से 9 सितंबर के बीच जिला एवं प्रमंडल स्तर की स्थापना समितियां समायोजन और समानुपातीकरण की लिस्ट जारी करेंगी और आपत्तियों का निपटारा करेंगी. इसके बाद 10 से 14 सितंबर तक पारस्परिक ट्रांसफर होगा. इसके बाद रिक्तियों का संशोधित डिटेल जारी होगा और 17 से 23 सितंबर तक सामान्य ट्रांसफर के लिए विद्यालयों का विकल्प लिया जायेगा. 24 सितंबर से 31 अक्टूबर के बीच सामान्य ट्रांसफर की लिस्ट जारी कर पूरी प्रक्रिया पूरी होगी. टीआरई-3 शिक्षकों को कैसे मिलेगा फायदा? शिक्षा विभाग ने टीआरई-3 के तहत नियुक्त शिक्षकों को राहत दी है. उनके प्रोबेशन पीरियड में भी ट्रांसफर की अनुमति दे दी है. अब प्रोबेशन पर कार्यरत शिक्षक, प्रधानाध्यापक और प्रधान शिक्षक भी विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन अप्लाई कर सकेंगे. शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने मंगलवार को बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026 में संशोधन संबंधी अधिसूचना जारी की. इस फैसले के साथ टीआरई-3 के शिक्षक भी सामान्य शिक्षकों की तरह ट्रांसफर के लिए आवेदन करने के पात्र हो गए हैं. पहले प्रशासन का क्या था फैसला? जानकारी के मुताबिक, ट्रांसफर नियमावली जो 21 जुलाई को जारी की गई थी, उसमें स्पष्ट किया गया था कि प्रोबेशन पीरियड में काम कर रहे शिक्षक ट्रांसफर के लिए पोर्टल पर अप्लाई नहीं कर सकेंगे. साथ ही जिनका पहले ट्रांसफर हो चुका है, उन्हें सामान्य ट्रांसफर का भी मौका नहीं मिलेगा. लेकिन पोर्टल खुलने के कुछ घंटे पहले ही टीआरई-3 शिक्षकों को राहत दी गई और ट्रांसफर के लिए अप्लाई करने की अनुमति दी गई. इस वजह से लिया गया फैसला शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की माने तो, राज्य प्रशासन शिक्षकों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है. शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षकों से मिले सुझावों और व्यावहारिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है. प्रशासन का उद्देश्य ट्रांसफर प्रक्रिया को अधिक न्यायसंगत, पारदर्शी और शिक्षक हितैषी बनाना है, ताकि किसी भी शिक्षक को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े. Also Read: बिहार के इन 13 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट, तेज हवा चलने की भी संभावना The post बिहार में आज से शिक्षकों के लिए खुल जाएगा पोर्टल, ट्रांसफर के लिए कर सकेंगे अप्लाई, TRE-3 टीचरों को भी राहत appeared first on Naya Vichar.

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कहीं बढ़े तो कहीं घटे पेट्रोल-डीजल के दाम, देखें आपके शहर का हाल

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच बुधवार, 29 जुलाई को इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला. ब्रेंट क्रूड 3.42% चढ़कर 86.97 डॉलर प्रति बैरल और WTI 3.58% बढ़कर 82.09 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. ईरान की ओर से अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमलों के बाद बाजार में चिंता बढ़ी है. हिंदुस्तान अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है. हालांकि, आज कई शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, जबकि कुछ शहरों में मामूली बढ़ोतरी और गिरावट दर्ज की गई है. पेट्रोल के रेट में कहां क्या बदलाव हुआ? दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और मुंबई में ₹111.21 प्रति लीटर पर स्थिर है. कोलकाता में कीमत 50 पैसे घटी है, जबकि चेन्नई, गुरुग्राम, बेंगलुरु और बिहार के कुछ शहरों में बढ़ोतरी देखने को मिली.  पेट्रोल रेट टेबल: शहर आज का रेट (₹/लीटर) कल का रेट (₹/लीटर) बदलाव पटना 113.37 113.37 0.00 बेगूसराय 113.94 113.80 +0.14 भागलपुर 114.37 113.29 +1.08 दरभंगा 114.10 113.29 +0.81 गया 114.79 113.37 +1.42 मुजफ्फरपुर 114.10 113.37 +0.73 देवघर 104.95 106.12 -1.17 धनबाद 104.95 106.12 -1.17 जमशेदपुर  105.28 106.51 -1.23 रांची 106.19 106.12 +0.07 लखनऊ 101.89 102.28 -0.39 दिल्ली 102.12 102.12 0.00 मुंबई 111.21 111.21 0.00 कोलकाता 113.51 114.01 -0.50 चेन्नई 107.94 107.76 +0.18 गुरुग्राम 102.97 102.23 +0.74 नोएडा 101.89 102.12 -0.23 बेंगलुरु 111.68 110.93 +0.75 भोपाल 114.36 101.63 +12.73 डीजल की कीमतों में क्या हुआ? डीजल के रेट में भी आज कई शहरों में मामूली बदलाव देखने को मिला. दिल्ली में डीजल ₹95.20 और मुंबई में ₹97.83 प्रति लीटर पर स्थिर है. कोलकाता में 50 पैसे की कमी आई है, जबकि चेन्नई, गुरुग्राम, बेंगलुरु और बिहार के कुछ शहरों में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई.  डीजल रेट टेबल: शहर आज का रेट (₹/लीटर) कल का रेट (₹/लीटर) बदलाव पटना 99.36 99.36 0.00 बेगूसराय 99.90 99.77 +0.13 भागलपुर 100.30 99.29 +1.01 दरभंगा 100.05 99.29 +0.76 गया 100.71 99.36 +1.35 मुजफ्फरपुर 100.05 99.36 +0.69 देवघर 100.15 101.22 -1.07 धनबाद 100.15 101.22 -1.07 जमशेदपुर  100.48 101.62 -1.14 रांची 101.31 101.22 +0.09 लखनऊ 95.36 95.78 -0.42 दिल्ली 95.20 95.20 0.00 मुंबई 97.83 97.83 0.00 कोलकाता 99.82 100.32 -0.50 चेन्नई 99.71 99.55 +0.16 गुरुग्राम 95.64 94.89 +0.75 नोएडा 95.37 95.56 -0.19 बेंगलुरु 99.56 98.80 +0.76 भोपाल 99.48 95.12 +4.36 पेट्रोल-डीजल की कीमतें आखिर तय कैसे होती हैं? हिंदुस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमत सिर्फ कच्चे तेल से तय नहीं होती. इसमें कई दूसरे खर्च भी जुड़े होते हैं, जैसे: इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत रुपये और डॉलर की विनिमय दर केंद्र और राज्य प्रशासन के टैक्स रिफाइनिंग और ट्रांसपोर्ट का खर्च ऑयल मार्केटिंग कंपनियों का वितरण खर्च ये भी पढ़ें: कच्चा तेल सस्ता, फिर भी पेट्रोल-डीजल के दाम जस के तस, जानिए 28 जुलाई को आपके शहर में क्या है रेट The post कहीं बढ़े तो कहीं घटे पेट्रोल-डीजल के दाम, देखें आपके शहर का हाल appeared first on Naya Vichar.

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1 लाख से ज्यादा होगी सैलरी, ISRO में साइंटिस्ट बनने का मौका

ISRO Scientist Vacancy 2026: हिंदुस्तानीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने Scientist/Engineer ‘SC’ के 92 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं. इस भर्ती की खास बात यह है कि कैंडिडेट्स का चयन GATE स्कोर और इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा. इसके लिए किसी अलग रिटेन एग्जाम का आयोजन नहीं होगा. ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 17 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं. ISRO Scientist Vacancy 2026: किन पदों पर होगी भर्ती? कुल 92 पद विभिन्न इंजीनियरिंग शाखाओं के लिए निकाले गए हैं. इलेक्ट्रॉनिक्स- 34 पद मैकेनिकल -26 पद कंप्यूटर साइंस – 13 पद सिविल – 10 पद इलेक्ट्रिकल – 4 पद रेफ्रिजरेशन एवं एयर कंडीशनिंग – 2 पद आर्किटेक्चर – 2 पद सिविल (PRL) – 1 पद ISRO नोटिस (PC-ऑफिशियल वेबसाइट) कौन कर सकता है आवेदन? आवेदन करने के लिए कैंडिडेट्स के पास संबंधित विषय में BE/BTech या समकक्ष डिग्री होनी चाहिए. इसके साथ GATE 2025 या GATE 2026 का वैध स्कोर भी जरूरी है. सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 65% अंक या 6.84 CGPA निर्धारित है. ISRO Vacancy Age Limit: आयु सीमा अधिकतम आयु: 28 वर्ष (17 अगस्त 2026 तक) आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को प्रशासनी नियमों के अनुसार आयु में छूट मिलेगी. चयन प्रक्रिया इस भर्ती में कोई अलग लिखित परीक्षा नहीं होगी. उम्मीदवारों को पहले GATE स्कोर के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया जाएगा, इसके बाद इंटरव्यू के जरिए सेलेक्ट किया जाएगा. कितनी मिलेगी सैलरी? चुने गए कैंडिडेट्स की नियुक्ति Scientist/Engineer ‘SC’ पद पर होगी. उन्हें पे मैट्रिक्स लेवल-10 के तहत 56,100 रुपये प्रति महीने का शुरुआती बेसिक वेतन मिलेगा जो अधिकतम 1 लाख रुपये से ज्यादा होगी. इसके अलावा महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस और अन्य प्रशासनी सुविधाएं भी दी जाएंगी. ISRO Vacancy: कैसे करें आवेदन? उम्मीदवार ISRO की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन करते समय डॉक्यूमेंट्स, GATE स्कोरकार्ड और अन्य जरूरी जानकारी अपलोड करनी होगी. अप्लाई करने की लास्ट डेट 17 अगस्त 2026 है. यह भी पढ़ें-पूर्व अग्निवीरों के लिए गुड न्यूज, SSB में 50% सीटें होंगी रिजर्व, गृह मंत्रालय ने जारी किए नए नियम The post 1 लाख से ज्यादा होगी सैलरी, ISRO में साइंटिस्ट बनने का मौका appeared first on Naya Vichar.

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‘रामायण’ का डबल धमाका 30 जुलाई को आएगा ट्रेलर, रिलीज से पहले 75 करोड़ रुपये की म्यूजिक डील

नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ को लेकर मेकर्स ने बड़ा ऐलान किया है. फिल्म का ट्रेलर 30 जुलाई को सुबह 4:15 बजे रिलीज किया जाएगा. इस समय को ब्रह्म मुहूर्त माना जाता है, इसलिए मेकर्स ने इसी शुभ समय को ट्रेलर लॉन्च के लिए चुना है. सोशल मीडिया पर जारी किए गए पोस्टर के जरिए इस समाचार की जानकारी दी गई. पोस्ट सामने आते ही फैंस ने इसे खूब शेयर किया और फिल्म को लेकर अपनी उत्सुकता जाहिर की. Ramayana Trailer Update: पहले बदली गई थी ट्रेलर की डेट शुरुआत में फिल्म का ट्रेलर पहले रिलीज होने वाला था, लेकिन बाद में इसकी लॉन्च डेट बदल दी गई. इस बीच ट्रेलर की कुछ झलकियां अलग-अलग प्रीव्यू इवेंट्स के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं. इसके बाद मेकर्स ने लीक वीडियो हटाने के लिए जरूरी कदम भी उठाए. View on Instagram Ramayana Music Deal: रिलीज से पहले 75 करोड़ रुपये में बिके म्यूजिक राइट्स फिल्म ने रिलीज से पहले ही एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टी-सीरीज ने ‘रामायण’ के दोनों पार्ट्स के म्यूजिक राइट्स 75 करोड़ रुपये में अपने नाम कर लिए हैं. यह डील हिंदुस्तानीय फिल्म इंडस्ट्री की सबसे बड़ी म्यूजिक डील्स में गिनी जा रही है. हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस डील के लिए कई बड़ी म्यूजिक कंपनियों के बीच मुकाबला था. आखिर में टी-सीरीज ने दोनों फिल्मों के म्यूजिक राइट्स हासिल कर लिए. बताया जा रहा है कि कंपनी ने इसके लिए 75 करोड़ रुपये का एडवांस भी दिया है. View on Instagram Ramayana Music Update: संगीत को लेकर बढ़ी उम्मीदें ‘रामायण’ का संगीत पहले से ही चर्चा में है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि ए.आर. रहमान और हैंस जिमर पहली बार किसी हिंदुस्तानीय फिल्म के लिए साथ काम कर रहे हैं. दोनों दिग्गज संगीतकारों की जोड़ी से दर्शकों को शानदार और भव्य म्यूजिक की उम्मीद है. Ramayana Star Cast: दमदार स्टारकास्ट से सजी है फिल्म फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता और यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं. इनके अलावा सनी देओल, रवि दुबे, अरुण गोविल, लारा दत्ता, विवेक ओबेरॉय, कुणाल कपूर और रकुल प्रीत सिंह भी अहम किरदारों में नजर आएंगे. फिल्म का निर्देशन नितेश तिवारी ने किया है. पहला पार्ट दिवाली 2026 और दूसरा पार्ट दिवाली 2027 में सिनेमाघरों में रिलीज होगा. ये भी पढ़ें: राहा के पिता बनने के बाद ‘Ramayana’ को नए नजरिए से समझा… रणबीर कपूर का इमोशनल खुलासा The post ‘रामायण’ का डबल धमाका 30 जुलाई को आएगा ट्रेलर, रिलीज से पहले 75 करोड़ रुपये की म्यूजिक डील appeared first on Naya Vichar.

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CWG 2026: कभी भूसा काटने वाली मशीन चलाती थीं हरजिंदर कौर, आज भारत के लिए जीता सिल्वर मेडल

Harjinder Kaur: हिंदुस्तानीय वेटलिफ्टिंग की स्टार खिलाड़ी हरजिंदर कौर ने एक बार फिर अपनी दमदार ताकत और शानदार प्रदर्शन से देश का नाम रोशन कर दिया. कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में स्त्रीओं की 69 किलोग्राम भारवर्ग में हरजिंदर कौर ने सिल्वर मेडल जीतकर हिंदुस्तान के पदकों की संख्या में एक और इजाफा किया. उन्होंने कुल 227 किलोग्राम (101 किग्रा स्नैच + 126 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर न केवल रजत पदक अपने नाम किया, बल्कि अपने करियर का नया पर्सनल बेस्ट रिकॉर्ड भी बनाया. हरजिंदर की इस उपलब्धि के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिंदुस्तान के कुल पदकों की संख्या 11 पहुंच गई है. उनका यह प्रदर्शन हिंदुस्तानीय वेटलिफ्टिंग के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. स्नैच और क्लीन एंड जर्क दोनों में दिखाया दम स्त्रीओं की 69 किलोग्राम स्पर्धा में हरजिंदर कौर ने शुरुआत से ही आत्मविश्वास के साथ मुकाबला किया. उन्होंने स्नैच में 101 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया, जबकि क्लीन एंड जर्क में 126 किलोग्राम का सफल प्रयास किया. दोनों प्रयासों को मिलाकर उनका कुल स्कोर 227 किलोग्राम रहा, जो उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन साबित हुआ. इस शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया और हिंदुस्तान को प्रतियोगिता का 11वां पदक दिलाया. 2022 के ब्रॉन्ज के बाद अब सिल्वर तक का सफर हरजिंदर कौर का यह पहला कॉमनवेल्थ गेम्स पदक नहीं है. इससे पहले उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में स्त्रीओं की 71 किलोग्राम भारवर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई थी. चार वर्षों के भीतर उन्होंने अपने प्रदर्शन में लगातार सुधार किया और इस बार भारवर्ग बदलने के बावजूद एक कदम आगे बढ़ते हुए सिल्वर मेडल जीत लिया. संघर्षों से भरा रहा सफलता का सफर हरजिंदर कौर की सफलता की कहानी केवल स्पोर्ट्स तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, मेहनत और दृढ़ संकल्प की मिसाल भी है. पंजाब के पटियाला जिले के नाभा स्थित मेहस गांव की रहने वाली हरजिंदर बेहद साधारण परिवार से आती हैं. उनका परिवार एक छोटे से एक कमरे के घर में रहता था. परिवार का मुख्य सहारा खेती-किसानी और पशुपालन था. घर में छह भैंसें थीं, जिनकी देखभाल के साथ-साथ खेती का काम भी परिवार के सदस्य मिलकर करते थे. बचपन में हरजिंदर भी अपने परिवार का हाथ बंटाती थीं। वह खेतों में मवेशियों के लिए चारा काटती थीं और भूसा काटने वाली मशीन चलाने का काम भी करती थीं. यही कठिन मेहनत उनकी बाजुओं की ताकत का आधार बनी, जिसने आगे चलकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर बना दिया. कबड्डी से शुरू हुआ था स्पोर्ट्स का सफर हरजिंदर कौर के पिता साहिब सिंह और मां कुलदीप कौर की सबसे छोटी बेटी हैं. बचपन से ही उन्हें स्पोर्ट्सों में गहरी रुचि थी. नाभा के प्रशासनी गर्ल्स स्कूल में पढ़ाई के दौरान उन्होंने अपने स्पोर्ट्स करियर की शुरुआत कबड्डी से की. अभ्यास के लिए वह रोजाना लगभग 5 किलोमीटर साइकिल चलाकर मैदान पहुंचती थीं. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कभी अभ्यास नहीं छोड़ा. कोचों ने पहचानी असाधारण ताकत आनंदपुर साहिब के कॉलेज में दाखिले के बाद कोच सुरिंदर सिंह ने उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए कॉलेज की कबड्डी टीम में शामिल किया. इसके बाद जब हरजिंदर पंजाबी यूनिवर्सिटी के स्पोर्ट्स विंग पहुंचीं तो कोच परमजीत शर्मा की नजर उनकी असाधारण शारीरिक ताकत पर पड़ी. कोच ने सबसे पहले उन्हें रस्साकशी (टग ऑफ वॉर) की टीम में शामिल किया. यहां उन्होंने अपनी ताकत से सभी को प्रभावित किया. बाद में कोचों की सलाह पर उन्होंने वेटलिफ्टिंग में कदम रखा. शुरुआत में नया स्पोर्ट्स अपनाना आसान नहीं था, लेकिन हरजिंदर ने कठिन मेहनत, अनुशासन और लगातार अभ्यास के दम पर खुद को एक सफल वेटलिफ्टर के रूप में स्थापित कर दिया. इसे भी पढ़े- पिता ने खेत में बनाया था अभ्यास का पिट, बेटे ने कॉमनवेल्थ गेम्स में जीत लिया सिल्वर मेडल The post CWG 2026: कभी भूसा काटने वाली मशीन चलाती थीं हरजिंदर कौर, आज हिंदुस्तान के लिए जीता सिल्वर मेडल appeared first on Naya Vichar.

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