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Author name: Vinod Jha

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समस्तीपुर

श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज में 50 एमबीबीएस सीटों पर काउंसलिंग की तैयारी पूरी, 18 सितंबर से 50 एमबीबीएस सीटों पर काउंसलिंग, मेडिकल कॉलेज में तैयारी पूरी

केंद्र की 8 और बिहार प्रशासन की 42 सीटों पर होगा नामांकन, एसडीओ ने लिया तैयारियों का जायजा नया विचार न्यूज़ सरायरंजन। प्रखंड क्षेत्र के नरघोघी गांव स्थित श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एमबीबीएस की 50 सीटों पर नामांकन की प्रक्रिया को लेकर तैयारी तेज हो गई है। आगामी 18 सितंबर से शुरू होने वाली काउंसलिंग प्रक्रिया को लेकर सोमवार को सदर एसडीओ राकेश कुमार ने मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। उन्होंने काउंसलिंग स्थल पर की गई व्यवस्थाओं, सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था की तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि कॉलेज में काउंसलिंग के लिए कुल 50 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें 8 सीटें केंद्र प्रशासन तथा 42 सीटें बिहार प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई गई हैं। काउंसलिंग प्रक्रिया को लेकर कॉलेज प्रशासन के साथ स्थानीय प्रशासन की ओर से भी आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं। मेडिकल कॉलेज में पहली बार एमबीबीएस की पढ़ाई और नामांकन शुरू होने की जानकारी से सरायरंजन सहित आसपास के क्षेत्र के लोगों में खासा उत्साह है। एसडीओ ने काउंसलिंग स्थल पर अभ्यर्थियों के लिए बैठने, प्रवेश, निकासी, सुरक्षा, आवश्यक सुविधाओं तथा अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को काउंसलिंग के दौरान अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसका विशेष ध्यान रखने को कहा। निरीक्षण के दौरान सरायरंजन के प्रखंड विकास पदाधिकारी सुनील कुमार, अंचलाधिकारी निशांत कुमार सहित कॉलेज के अधिकारी व कर्मी मौजूद थे। 100 के बजाय 50 सीटों पर मिली मंजूरी श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के लिए यह मंजूरी लंबे समय से चल रही प्रक्रिया के बाद मिली है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की प्रक्रिया और केंद्र प्रशासन के स्तर पर विचार के बाद शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कॉलेज में 50 एमबीबीएस सीटों पर वार्षिक नामांकन की अनुमति दी गई है। कॉलेज को पहले 100 एमबीबीएस सीटों के लिए प्रस्तावित किया गया था, लेकिन दूसरी अपील पर विचार करने के बाद फिलहाल 50 सीटों की वार्षिक प्रवेश क्षमता के साथ मंजूरी दी गई है। इससे कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई और नामांकन शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग द्वारा कॉलेज प्रबंधन की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों, स्पष्टीकरण तथा पूर्व में बताई गई कमियों के अनुपालन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। कॉलेज प्रबंधन की ओर से आवश्यक दस्तावेज और सहायक साक्ष्य सक्षम पदाधिकारी के विचारार्थ दूसरी अपील के साथ प्रस्तुत किए गए थे। इसके बाद 19 अगस्त 2026 को टीईजी और सीओओ की संयुक्त बैठक में प्रस्तुत दस्तावेजों और कॉलेज की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी पर विस्तार से विचार किया गया। समिति ने कॉलेज में पूर्व में बताई गई कमियों को दूर करने की दिशा में हुई प्रगति की भी समीक्षा की। इस दौरान पाया गया कि बिहार प्रशासन ने कॉलेज में रिक्त संकाय पदों को जल्द से जल्द भरने का आश्वासन दिया है। राज्य प्रशासन की ओर से प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, सीनियर रेजिडेंट सहित अन्य आवश्यक चिकित्सकीय एवं शैक्षणिक पदों पर नियुक्ति के लिए कार्रवाई की जा रही है। निरीक्षण के दौरान कॉलेज में संकाय सदस्यों की उपलब्धता में भी सुधार पाया गया। बुनियादी ढांचे से लेकर चिकित्सा सेवाओं में हुआ सुधार समिति ने मेडिकल कॉलेज के बुनियादी ढांचे की स्थिति का भी जायजा लिया। कॉलेज प्रबंधन की ओर से बताया गया कि प्रमुख आधारभूत संरचना से संबंधित निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। संस्थागत उद्देश्यों के लिए आवश्यक कुछ अंतिम कार्य और आंतरिक संशोधन का काम अभी प्रगति पर है। समिति ने आधारभूत संरचना के क्षेत्र में हुई प्रगति को संतोषजनक माना। कॉलेज की चिकित्सा सेवाओं में भी लगातार विस्तार हुआ है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर करीब 600 हो गई है। मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ अस्पताल में बेड की उपलब्धता और उसके उपयोग की स्थिति में भी सुधार हुआ है। वहीं, अस्पताल में बड़ी सर्जरी की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई है। निरीक्षण के दौरान संकाय सदस्यों द्वारा प्रतिदिन करीब 10 बड़ी सर्जरी किए जाने की जानकारी सामने आई। समिति ने संकाय की उपलब्धता, आधारभूत संरचना और अस्पताल की नैदानिक सेवाओं में हुई प्रगति के साथ बिहार प्रशासन की ओर से शेष आवश्यकताओं को शीघ्र पूरा करने के आश्वासन को भी ध्यान में रखा। सभी बिंदुओं पर विचार करने के बाद कॉलेज के पक्ष में निर्णय लिया गया। दूसरी अपील स्वीकार, 50 सीटों की प्रवेश क्षमता केंद्र प्रशासन की ओर से विधिवत विचार और जांच के बाद समस्तीपुर जिले में स्थित श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की दूसरी अपील को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्वीकार कर लिया गया। हालांकि कॉलेज की ओर से 100 एमबीबीएस सीटों का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन फिलहाल 50 एमबीबीएस सीटों की वार्षिक प्रवेश क्षमता के साथ मंजूरी मिली है। इसके बाद राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के चिकित्सा मूल्यांकन एवं रेटिंग बोर्ड ने 50 एमबीबीएस सीटों की क्षमता वाले नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए संतुष्टि जताई है। मंजूरी मिलने की जानकारी के बाद सरायरंजन क्षेत्र के लोगों में खुशी है। स्थानीय लोगों ने मेडिकल कॉलेज को मंजूरी मिलने और क्षेत्र में उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा की शुरुआत का रास्ता साफ होने पर प्रसन्नता जताई है। लोगों ने इसके लिए स्थानीय विधायक सह बिहार प्रशासन के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया। लोगों का कहना है कि श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को सरायरंजन में स्थापित कराने और इसके विकास में उपमुख्यमंत्री का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. सुधीर कुमार कर्ण ने भी कॉलेज को मिली मंजूरी और आगामी काउंसलिंग प्रक्रिया से संबंधित जानकारी दी। अब 18 सितंबर से शुरू होने वाली काउंसलिंग को लेकर कॉलेज प्रशासन और जिला प्रशासन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। पहली बार 50 एमबीबीएस सीटों पर नामांकन शुरू होने से न केवल सरायरंजन बल्कि पूरे समस्तीपुर जिले में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर नई उम्मीद जगी है।

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Gurugram Biker Case: कार में नशे में 4 लोग थे सवार? अभद्रता की कोशिश की, शिया ने सबसे पहले भाई को किया फोन

गुरुग्राम में स्त्री बाइक सवार शिया को कार से टक्कर मारने के मामले में अब उसके भाई ने घटना को लेकर कई अहम बातें बताई हैं. शिया के भाई के मुताबिक, घटना रविवार सुबह करीब 7:30 से 8 बजे के बीच हुई थी. हादसे के तुरंत बाद शिया ने सबसे पहले अपने भाई को फोन किया और बताया कि उसके साथ एक्सीडेंट हुआ है. भाई ने कहा कि शुरुआत में उन्हें लगा कि शिया शायद सड़क पर फिसल गई होगी, लेकिन बाद में उसने बताया कि यह hit-and-run की घटना थी. आपत्तिजनक इशारे करने का आरोप शिया के भाई का दावा है कि एक कार में चार लोग सवार थे और सभी नशे में थे. उनके मुताबिक, इन लोगों ने पहले शिया को परेशान करने और अभद्र इशारे करने की कोशिश की. शिया ने उन्हें दूरी बनाए रखने का इशारा किया था. इसके बाद भी कार सवारों ने खिड़की से आपत्तिजनक इशारे किए और आगे जाकर उसकी बाइक को टक्कर मार दी. घटना के बाद मानसिक तनाव में शिया? भाई के मुताबिक, घटना के बाद शिया किसी तरह घर पहुंची. उसने अपने माता-पिता को तुरंत पूरी बात नहीं बताई थी और अपनी तकलीफ को जिम की वजह से होने वाले शरीर के दर्द से जोड़कर बताया था. परिवार का कहना है कि घटना के बाद वह मानसिक तनाव जैसी स्थिति से गुजर रही है. ये भी पढ़ें: Gurugram Biker Case: कौन चला रहा था गाड़ी? कार मालिक बोला- 2 दिन पहले दोस्त को दी थी गाड़ी वकील ने बताया अब क्या होगी कार्रवाई शिया के वकील अभिषेक चौहान ने कहा कि परिवार की ओर से अब शिकायत दर्ज कराई जाएगी. उन्होंने बताया कि घटना गुरुग्राम के Golf Course Road के पास हुई थी. वकील के मुताबिक, शिया ने उन्हें घर पहुंचने के बाद पूरी घटना के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि मामले में Motor Vehicles Act के साथ BNS के तहत भी कार्रवाई की जाएगी. गुरुग्राम में पहले से दर्ज FIR को लेकर भी परिवार के वकील ने SHO से आगे की कार्रवाई के संबंध में बात की है. The post Gurugram Biker Case: कार में नशे में 4 लोग थे सवार? अभद्रता की कोशिश की, शिया ने सबसे पहले भाई को किया फोन appeared first on Naya Vichar.

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Bihar MLC Election: प्रशांत किशोर की जन सुराज 20 सितंबर को खोलेगी पत्ते, इन चेहरों पर लग सकती है मुहर, RJD-JDU भी तैयार

Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है. पार्टी 20 सितंबर को अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान करेगी. जन सुराज सभी संबंधित सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है. ऐसे में यह चुनाव पार्टी के लिए बड़ा सियासी टेस्ट माना जा रहा है. उम्मीदवारों के नाम पर चल रहा मंथन जन सुराज ने उम्मीदवारों के चयन को लेकर पिछले कुछ दिनों से मंथन तेज कर दिया है. कई सीटों पर उम्मीदवारों के नाम लगभग तय बताए जा रहे हैं. हालांकि, पार्टी ने अभी किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है. पार्टी इस बार आखिरी चरण में उम्मीदवारों के नाम सामने लाने की रणनीति पर काम कर रही है. पटना में पार्टी स्तर पर लगातार बैठकें हो रही हैं. उम्मीदवारों के नाम पर अंतिम मुहर लगाने की तैयारी है. मतदाता सूची में गड़बड़ी का मुद्दा भी उठाया विधान परिषद चुनाव से पहले जन सुराज ने मतदाता सूची का मुद्दा भी उठाया है. पार्टी ने 1668 डुप्लीकेट नाम होने का दावा किया था. इसे लेकर निर्वाचन आयोग के सामने मामला रखा गया. पार्टी की ओर से बताया गया कि आयोग ने अंतिम मतदाता सूची में गड़बड़ियां दूर करने का आश्वासन दिया है. जन सुराज लगातार इस मुद्दे को चुनावी प्रक्रिया से जोड़कर उठा रहा है. पटना शिक्षक सीट पर डॉ. दिव्या ज्योति का नाम चर्चा में पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर भी जन सुराज के संभावित उम्मीदवार की चर्चा तेज है. डॉ. दिव्या ज्योति का नाम संभावित उम्मीदवार के तौर पर सामने आया है. हालांकि, अंतिम फैसला 20 सितंबर को ही साफ होगा. उसी दिन पता चलेगा कि प्रशांत किशोर की पार्टी किन चेहरों पर भरोसा जताती है. RJD ने छह सीटों पर उतारे उम्मीदवार वहीं, RJD ने विधान परिषद की आठ सीटों के चुनाव के लिए छह उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं. पार्टी ने 11 सितंबर को उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी. पटना शिक्षक सीट से डॉ. संजीव कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है. पटना स्नातक से दिलीप कुमार को टिकट मिला है. कोसी स्नातक से नितेश कुमार और दरभंगा स्नातक से अनिल कुमार झा को उम्मीदवार बनाया गया है. सारण शिक्षक सीट से प्रो. जयराम यादव और तिरहुत स्नातक से डॉ. रश्मि विनायक गौतम को मैदान में उतारा गया है. RJD ने अभी तिरहुत शिक्षक और दरभंगा शिक्षक सीट के लिए उम्मीदवार के नाम घोषित नहीं किए हैं. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें JDU के उम्मीदवारों के नाम भी लगभग तय दूसरी ओर JDU ने भी अपने उम्मीदवारों के नाम लगभग तय कर लिए हैं. हालांकि, पार्टी की ओर से अभी औपचारिक घोषणा नहीं हुई है. चर्चा के मुताबिक पटना स्नातक सीट से नीरज कुमार, तिरहुत स्नातक से अभिषेक झा, सारण शिक्षक से पुष्कर आनंद और दरभंगा शिक्षक सीट से दिलीप चौधरी का नाम आगे चल रहा है. पटना स्नातक सीट पर मुकाबला दिलचस्प हो सकता है. यहां नीरज कुमार के सामने RJD के दिलीप कुमार और जन सुराज की संभावित उम्मीदवार डॉ. दिव्या ज्योति के नाम की चर्चा है. अनुज कुमार का नाम भी संभावित दावेदार के तौर पर सामने आ रहा है. BJP के पत्ते अभी नहीं खुले विधान परिषद चुनाव को लेकर BJP ने अभी अपने उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं. ऐसे में जन सुराज की 20 सितंबर की घोषणा पर भी सबकी नजर है. उम्मीदवारों की घोषणा के बाद चुनावी तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है. Also Read: नया विचार के पत्रकार से मारपीट पर RJD सांसद बोले- खराब व्यवस्था छिपाने के लिए पीटा जा रहा, IP गुप्ता ने कहा- फ्रस्ट्रेशन में ऐसा कर रहे डॉक्टर The post Bihar MLC Election: प्रशांत किशोर की जन सुराज 20 सितंबर को खोलेगी पत्ते, इन चेहरों पर लग सकती है मुहर, RJD-JDU भी तैयार appeared first on Naya Vichar.

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Asia Cup Trophy Controversy: मोहसिन नकवी के ACC चीफ बनने से अब तक कैसे उलझते गए भारत-पाकिस्तान के क्रिकेट रिश्ते?

Asia Cup Trophy Controversy: हिंदुस्तान और पाकिस्तान के रिश्ते पहले से ही बेहद संवेदनशील रहे हैं. दोनों देशों के बीच नेतृत्वक तनाव का असर कई बार क्रिकेट पर भी दिखाई देता है. लेकिन अप्रैल 2025 के बाद क्रिकेट से जुड़े कई ऐसे घटनाक्रम सामने आए, जिन्होंने दोनों देशों के बीच स्पोर्ट्स संबंधों को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया. इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन और पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी लगातार केंद्र में रहे. अप्रैल 2025 में नकवी ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष का पद संभाला था. उन्होंने श्रीलंका के शम्मी सिल्वा की जगह ली. यह जिम्मेदारी उन्हें तय रोटेशन के तहत मिली थी. उस समय उनके सामने 2025 पुरुष एशिया कप के आयोजन के साथ-साथ हिंदुस्तान-पाकिस्तान क्रिकेट संबंधों को संभालने की चुनौती भी थी. इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव और क्रिकेट से जुड़े विवाद एक के बाद एक सामने आते गए. पहलगाम हमले के बाद बदले हालात मोहसिन नकवी के ACC अध्यक्ष बनने के कुछ ही हफ्ते बाद 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ. इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई. इसके बाद हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव तेजी से बढ़ गया. नकवी उस समय PCB चेयरमैन के साथ पाकिस्तान के गृह मंत्री भी थे. ऐसे में दोनों देशों के बीच बढ़ते नेतृत्वक और सुरक्षा तनाव का असर क्रिकेट संबंधों पर भी दिखाई देने लगा. यहां यह समझना जरूरी है कि दोनों देशों के बीच तनाव की वजह नकवी का ACC अध्यक्ष बनना नहीं था. पहलगाम हमले और उसके बाद के नेतृत्वक घटनाक्रम ने रिश्तों को ज्यादा तनावपूर्ण बनाया. नकवी की दोहरी भूमिका ने बाद में क्रिकेट से जुड़े विवादों को जरूर ज्यादा संवेदनशील बना दिया. सैन्य तनाव का असर क्रिकेट पर भी पड़ा अप्रैल के हमले के बाद मई 2025 में हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव हुआ. दोनों देशों के रिश्ते बेहद तनावपूर्ण दौर में पहुंच गए. इसका असर स्पोर्ट्स गतिविधियों पर भी पड़ा. हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट पहले से ही लगभग बंद था. ऐसे माहौल में दोनों देशों के बीच ICC और ACC के आयोजनों से जुड़े मुकाबले और फैसले भी नेतृत्वक नजरिए से देखे जाने लगे. एशिया कप की ट्रॉफी बनी विवाद की वजह 2025 पुरुष एशिया कप के दौरान हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव का असर क्रिकेट के मैदान पर भी साफ दिखाई दिया. टूर्नामेंट UAE में आयोजित किया गया और हिंदुस्तान ने 28 सितंबर को फाइनल में पाकिस्तान को हराकर खिताब अपने नाम किया. फाइनल के बाद विवाद तब बढ़ा जब हिंदुस्तानीय टीम ने ACC अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया. नकवी PCB चेयरमैन होने के साथ पाकिस्तान के गृह मंत्री भी थे. हिंदुस्तान-पाकिस्तान के बीच पहले से चल रहे तनाव के बीच हिंदुस्तानीय टीम ने उनके हाथों ट्रॉफी लेने से परहेज किया. हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों ने असली ट्रॉफी के बिना ही पोडियम पर जश्न मनाया. नकवी ने कहा, ACC ऑफिस से ले सकते हैं ट्रॉफी ट्रॉफी विवाद के बाद मोहसिन नकवी ने अपना रुख साफ किया. उन्होंने कहा कि वह फाइनल के दिन भी हिंदुस्तानीय टीम को ट्रॉफी देने के लिए तैयार थे और आगे भी ट्रॉफी देने के लिए तैयार हैं. नकवी ने यह भी कहा कि अगर हिंदुस्तानीय टीम या BCCI ट्रॉफी लेना चाहती है तो वह ACC के दुबई स्थित मुख्यालय से इसे ले सकती है. वहीं, BCCI की ओर से नकवी के ट्रॉफी अपने साथ ले जाने के फैसले पर आपत्ति जताई गई. इस पूरे मामले ने हिंदुस्तान-पाकिस्तान क्रिकेट संबंधों में चल रहे तनाव को और चर्चा में ला दिया. ये भी पढ़ें: Women’s Asia Cup: एशिया कप चैंपियन बनकर भी टीम इंडिया ने क्यों नहीं ली ट्रॉफी, जानिए BCCI के फैसले पर क्या बोले कोच वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की भागीदारी पर सवाल जनवरी 2026 में पाकिस्तान की T20 वर्ल्ड कप में भागीदारी को लेकर भी अनिश्चितता पैदा हुई. ICC ने बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल करने का फैसला किया था. इसके बाद पाकिस्तान की ओर से भी टूर्नामेंट में भाग लेने को लेकर सवाल उठने लगे. 26 जनवरी को मोहसिन नकवी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की. इस बैठक में T20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की भागीदारी और हिंदुस्तान में होने वाले मुकाबलों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई. नकवी ने ICC पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया. उनका कहना था कि बांग्लादेश के हिंदुस्तान में मुकाबले स्पोर्ट्सने से इनकार करने के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि पाकिस्तान के मामले को अलग नजरिए से देखा जा रहा था. हिंदुस्तान आने के बजाय ICC बैठक में ऑनलाइन जुड़े नकवी मई 2026 में IPL फाइनल के दौरान अहमदाबाद में ICC बोर्ड की बैठक हुई. मोहसिन नकवी इस बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जुड़े. यह उस समय हुआ जब हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच भू-नेतृत्वक तनाव अभी भी बना हुआ था. ICC की बैठकों में रिमोट भागीदारी की व्यवस्था उपलब्ध होने के कारण नकवी ने ऑनलाइन बैठक में हिस्सा लिया. स्त्री एशिया कप में भी टीम ने नहीं ली ट्रॉफी 13 सितंबर 2026 को स्त्री एशिया कप के फाइनल में हिंदुस्तान ने श्रीलंका को हराकर खिताब अपने नाम किया. इसके बाद हिंदुस्तानीय स्त्री टीम ने भी मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया. पुरुष एशिया कप 2025 के बाद यह दूसरी बड़ी घटना थी, जब हिंदुस्तानीय टीम ने नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से परहेज किया. ये भी पढ़ें: मोहसिन नकवी की विदाई का काउंटडाउन! हिंदुस्तान को जल्द ही मिल सकती हैं एशिया कप की दोनों ट्रॉफियां The post Asia Cup Trophy Controversy: मोहसिन नकवी के ACC चीफ बनने से अब तक कैसे उलझते गए हिंदुस्तान-पाकिस्तान के क्रिकेट रिश्ते? appeared first on Naya Vichar.

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TMC के बागी सांसद बसुनिया का दावा- भाजपा में शामिल होंगे 17 सांसद, शमिक भट्टाचार्य का इनकार

तृणमूल कांग्रेस के बागी नेता एवं कूचबिहार से लोकसभा सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने सोमवार को दावा किया कि टीएमसी छोड़कर एनसीपीआई में शामिल होने वाले 20 में से 17 सांसद हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो जायेंगे. उन्होंने कहा कि अक्टूबर में दुर्गा पूजा से पहले या उसके बाद ये सभी लोग बीजेपी का झंडा थामेंगे. हालांकि, पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने उनके दावे को खारिज कर दिया है. ‘दलबदल रोधी कानून के दायरे में नहीं आयेंगे’ बसुनिया ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि इन 17 सांसदों ने एक साथ भाजपा में शामिल होने की योजना को अंतिम रूप दे दिया है. टीएमसी के बागी सांसद ने दावा किया कि सामूहिक रूप से दल बदलने पर वे दलबदल रोधी कानून के दायरे में नहीं आयेंगे. हम 17 सांसद एक साथ भाजपा में जा रहे हैं. चूंकि 20 सदस्यों में से दो-तिहाई से अधिक सांसद दल बदल रहे हैं. इसलिए दलबदल रोधी कानून हम पर लागू नहीं होगा. -जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया, टीएमसी छोड़कर एनसीपीआई में शामिल हुए सांसद ‘कार्रवाई से बचने के लिए 14 सांसदों का साथ आना जरूरी’ तृणमूल के 20 असंतुष्ट सांसदों ने 14 जून 2026 को नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय की घोषणा की थी. इसके साथ ही इन सांसदों ने सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को समर्थन देने का ऐलान कर दिया था. दो-तिहाई का आंकड़ा पूरा करने के लिए बागी 20 सांसदों में से कम से कम 14 सांसदों का साथ जाना जरूरी है. तभी वे अयोग्यता का सामना करने से बच पायेंगे. ये भी पढ़ें: तृणमूल के बागी सांसदों के एनसीपीआई में शामिल होने के बाद संकराईल में पार्टी कार्यालय की सुरक्षा बढ़ी 3 अल्पसंख्यक सांसद बाहर से करेंगे एनडीए का समर्थन : बसुनिया बसुनिया ने कहा कि हालांकि, इन 20 सांसदों में से अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले 3 सांसद औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि उनके निर्वाचन क्षेत्रों में नेतृत्वक और प्रशासनिक परिस्थितियां इसके अनुकूल नहीं हैं. उन्होंने दावा किया कि सांसद अबू ताहेर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान बाहर से एनडीए को समर्थन देंगे. बदले में उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां या विभाग दिये जा सकते हैं. विरोध झेल चुके हैं उत्तर बंगाल के बागी टीएमसी सांसद बसुनिया का यह बयान उनके और उनकी पत्नी तृणमूल विधायक संगीता रॉय के कूचबिहार के सिताई स्थित पैतृक घर लौटने पर विरोध-प्रदर्शन का सामना किये जाने के कुछ दिन बाद आया है. बसुनिया के नेतृत्वक रुख में बदलाव की आलोचना के बीच स्थानीय लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने दंपती के खिलाफ प्रदर्शन किया था. ये भी पढ़ें: ममता बनर्जी को बड़ा झटका, सुदीप बनर्जी भी हुए बागी, बोले- दीदी को सिर्फ सलाहकार बनायेंगे लगातार सफाई दे रहे हैं बसुनिया इस दौरान उनके आवास के पास स्थित तृणमूल के एक कार्यालय में भी कथित तौर पर आग लगा दी गयी थी. बसुनिया लगातार यह कहते रहे हैं कि अब उनका तृणमूल से कोई संबंध नहीं है और वह एनडीए के साथ हैं. TMC के बागी सांसदों भाजपा में शामिल करने का इरादा नहीं : शमिक पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा है कि हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) की ऐसी कोई योजना नहीं है. वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद जिन लोगों ने भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या की, उन्हें प्रताड़ित किया, पार्टी की स्त्री कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किया, वैसे लोगों को पार्टी में शामिल नहीं किया जायेगा. The post TMC के बागी सांसद बसुनिया का दावा- भाजपा में शामिल होंगे 17 सांसद, शमिक भट्टाचार्य का इनकार appeared first on Naya Vichar.

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सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद उठे सवालों में क्यों आए सूरज, डीनो, रिया और आदित्य ठाकरे? पढ़िए पूरी कहानी

Sushant Singh Rajput Case: सुशांत सिंह राजपूत की मौत सिर्फ एक्टर की मौत की समाचार बनकर नहीं रह गई थी. 14 जून 2020 के बाद बॉलीवुड से लेकर नेतृत्व तक कई बड़े नाम इस मामले से जुड़ी चर्चाओं का हिस्सा बने. किसी का नाम कथित पार्टी से जोड़कर लिया गया, किसी पर सोशल मीडिया पर सवाल उठे, तो किसी के खिलाफ शिकायतों और याचिकाओं में आरोपों का जिक्र हुआ. दूसरी तरफ कई लोगों ने इन दावों को सिरे से खारिज किया और कानूनी रास्ता भी अपनाया. सुशांत की मौत के साथ ही 8 जून 2020 को हुई दिशा सालियान की मौत को लेकर भी कई तरह के सवाल और थ्योरी सामने आती रहीं. यही वजह रही कि अलग-अलग समय पर सूरज पंचोली, डीनो मोरिया, रिया चक्रवर्ती, अरबाज खान, सलमान खान और आदित्य ठाकरे जैसे नाम सुर्खियों में रहे. लेकिन इन नामों का जिक्र किस संदर्भ में हुआ था और आधिकारिक तौर पर क्या सामने आया? ‘सुशांत : सुसाइड या हत्या?’ सीरीज की इस कड़ी में इसी की पड़ताल. 13 जून की कथित पार्टी और सूरज पंचोली सुशांत की मौत से ठीक एक रात पहले यानी 13 जून 2020 को सूरज पंचोली के घर कथित पार्टी होने की समाचारें सामने आई थीं. इसके बाद सोशल मीडिया और नेतृत्वक बयानों में इस पार्टी को सुशांत की मौत से जोड़कर सवाल उठाए गए. उस समय बीजेपी नेता नारायण राणे ने भी कथित पार्टी में शामिल लोगों से पूछताछ को लेकर सवाल खड़े किए थे. इसके बाद सूरज पंचोली का नाम सुशांत केस की चर्चाओं में प्रमुखता से लिया जाने लगा. सूरज ने इन दावों को खारिज किया था. उन्होंने कहा था कि उनका नाम बेवजह मामले में घसीटा जा रहा है. उन्होंने आदित्य ठाकरे के साथ किसी तरह के संपर्क से जुड़े दावों से भी इनकार किया था. डीनो मोरिया के घर जाने की समाचारों का क्या था सच? इसी कथित पार्टी से जुड़ी चर्चाओं में अभिनेता डीनो मोरिया का नाम भी सामने आया. कुछ रिपोर्ट में दावा किया गया कि सूरज के घर से निकलने के बाद कुछ लोग डीनो के घर गए थे. डीनो मोरिया ने इन समाचारों को गलत बताया था. उनका कहना था कि उनके घर ऐसी कोई पार्टी नहीं हुई थी. इस तरह उनके नाम को लेकर चल रही चर्चाओं पर उन्होंने सार्वजनिक तौर पर सफाई दी. रिया चक्रवर्ती पर क्यों केंद्रित हुई जांच? सुशांत की एक्स गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती का मामला बाकी नामों से अलग था. सुशांत के पिता केके सिंह की शिकायत के बाद रिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई और जांच एजेंसियों ने उनसे पूछताछ की. मामला आगे बढ़ा तो ड्रग्स एंगल की जांच में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने रिया को गिरफ्तार किया. हालांकि, सुशांत की मौत के मामले में आपराधिक साजिश को लेकर कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया. रिया के मामले ने सुशांत केस को एक अलग दिशा दी और उनकी निजी जिंदगी, पैसों और ड्रग्स से जुड़े सवाल भी जांच का हिस्सा बने. अरबाज खान के खिलाफ सोशल मीडिया पोस्ट सुशांत की मौत के बाद सोशल मीडिया पर बॉलीवुड के कई सितारों को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे थे. इसी दौरान अभिनेता और निर्माता अरबाज खान का नाम भी कुछ पोस्ट और वीडियो में सुशांत और दिशा सालियान की मौत से जोड़कर पेश किया गया. अरबाज ने इन दावों को लेकर कानूनी कार्रवाई की. सितंबर 2020 में उन्होंने मानहानि का मुकदमा दायर किया और कथित तौर पर आपत्तिजनक पोस्ट और वीडियो हटाने की मांग की. सलमान खान का नाम किस वजह से चर्चा में आया? सुशांत की मौत के बाद बॉलीवुड में नेपोटिज्म, गुटबाजी और इंडस्ट्री में कथित भेदभाव को लेकर बहस तेज हो गई. इस बहस के केंद्र में कई बड़े सितारों के नाम आए, जिनमें सलमान खान भी शामिल थे. जून 2020 में सलमान ने अपने फैंस से सुशांत के परिवार और उनके प्रशंसकों की भावनाओं का सम्मान करने की अपील की थी. उनके भाई अरबाज खान ने भी सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और नफरत को लेकर प्रतिक्रिया दी थी. इसलिए सलमान का नाम मुख्य रूप से उस दौर में चल रही बॉलीवुड की अंदरूनी नेतृत्व और नेपोटिज्म की बहस के संदर्भ में चर्चा में रहा. आदित्य ठाकरे तक कैसे पहुंचा मामला? सुशांत केस को लेकर महाराष्ट्र की नेतृत्व में भी काफी हलचल रही. इसी दौरान महाराष्ट्र के तत्कालीन मंत्री आदित्य ठाकरे का नाम भी नेतृत्वक आरोपों के बीच लिया गया. आदित्य ठाकरे ने इन आरोपों को खारिज किया और इसे नेतृत्वक साजिश बताया. बाद में दिशा सालियान की मौत से जुड़े मामलों में दाखिल शिकायतों और याचिकाओं में भी उनका नाम शामिल किया गया. ये भी पढ़ें: सुशांत सुसाइड या हत्या? ‘2-3 बार दबाया गया था गला’… पोस्टमार्टम स्टाफ के दावे से फिर गरमाया मामला सुशांत और दिशा सालियान की मौत को क्यों जोड़ा जाता रहा? दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को हुई थी, जबकि सुशांत की मौत 14 जून को हुई. इन दोनों घटनाओं के बीच छह दिनों का अंतर था. इसी वजह से दोनों मामलों को जोड़कर कई सवाल और थ्योरी सामने आती रहीं. दिशा मामले से जुड़ी किसी भी नई शिकायत, जांच या नेतृत्वक बयान के बाद सुशांत केस भी फिर चर्चा में आ जाता था. इसी सिलसिले में सूरज पंचोली, डीनो मोरिया और आदित्य ठाकरे जैसे नाम अलग-अलग दावों और चर्चाओं के संदर्भ में सामने आते रहे. लेकिन दोनों घटनाओं के बीच संबंध को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए हर दावे को जांच में साबित तथ्य नहीं माना जा सकता. एक केस, कई नाम और कई अलग-अलग कहानियां सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद सामने आए नामों को एक ही नजर से देखना सही नहीं होगा. रिया चक्रवर्ती के खिलाफ एफआईआर और जांच हुई, सूरज पंचोली और डीनो मोरिया ने अपने बारे में किए गए दावों को खारिज किया, अरबाज खान ने कथित सोशल मीडिया आरोपों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की, जबकि सलमान खान का नाम मुख्य रूप से नेपोटिज्म और बॉलीवुड की अंदरूनी नेतृत्व की बहस में आया. आदित्य ठाकरे ने भी अपने खिलाफ लगाए गए नेतृत्वक आरोपों से इनकार किया. सुशांत केस की कहानी में इन नामों का बार-बार जिक्र इसी वजह से हुआ, लेकिन हर चर्चा

समस्तीपुर

समस्तीपुर में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में, 71 गांव प्रभावित; 44 हजार से अधिक लोगों ने सामुदायिक रसोई में किया भोजन

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर | गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण जिले के मोहनपुर, मोहिउद्दीननगर और विद्यापतिनगर प्रखंड के 26 ग्राम पंचायतों के 71 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। जिला प्रशासन के अनुसार बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन की ओर से आवागमन, भोजन, स्वास्थ्य एवं पशु चिकित्सा समेत अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन के अनुसार बाढ़ से अब तक 2,33,212 लोग, 51,910 परिवार और 7,811 पशु प्रभावित हुए हैं। वहीं करीब 10,709.78 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में फसल प्रभावित हुई है। प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा के लिए 155 निजी नावों का परिचालन कराया जा रहा है। 25 सामुदायिक रसोई में 44,350 लोगों ने किया भोजन बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए अब तक 131 सामुदायिक रसोई खोली गई हैं। सोमवार को इनमें से 25 रसोई क्रियाशील रहीं, जहां 44,350 लोगों को भोजन कराया गया। प्रशासन के अनुसार अब तक सामुदायिक रसोई के माध्यम से कुल 7,24,463 भोजन वितरित किए जा चुके हैं। जरूरतमंद परिवारों के बीच अब तक 46,490 पॉलीथीन शीट का वितरण किया गया है। 3,858 लोगों का स्वास्थ्य शिविरों में इलाज बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक 22 स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं। सोमवार को शिविरों में 3,858 लोगों का इलाज किया गया, जबकि अब तक कुल 15,086 लोग स्वास्थ्य सेवाओं से लाभान्वित हुए हैं। बीमारियों से बचाव के लिए प्रभावित क्षेत्रों में सोमवार को 130 किलोग्राम ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया। 3,547 पशुओं का हो चुका है उपचार पशु चिकित्सा विभाग की ओर से भी प्रभावित क्षेत्रों में लगातार चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सोमवार को 66 पशुओं का उपचार किया गया। अब तक कुल 3,547 पशुओं का इलाज किया जा चुका है। जिला पदाधिकारी ने बताया कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन के अनुसार अब तक किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रखा गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बुखार, दस्त या अन्य बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

समस्तीपुर

भूमि दान करने वाले लोग भगवान के स्वरूप, उनके योगदान से पीढ़ियों को मिल रही शिक्षा : विजय चौधरी

खजुरी हाईस्कूल में दाता सम्मान समारोह आयोजित, उपमुख्यमंत्री ने कहा- भूमि दाताओं का समाज के प्रति गहरा लगाव प्रेरणादायक नया विचार न्यूज़ सरायरंजन | प्रखंड क्षेत्र के पीएमश्री +2 राजकीय हर्षित उच्च विद्यालय अख्तेयारपुर खजुरी में सोमवार को दाता सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह का उद्घाटन बिहार प्रशासन के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान विद्यालय के लिए भूमि दान करने वाले दाताओं को सम्मानित किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि विद्यालय के लिए जमीन दान करने वाले लोग भगवान के स्वरूप होते हैं। भूमि दान करने वालों को समाज में सम्मान और भगवान का दर्जा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के लिए जमीन दान करने वाले लोगों का शिक्षा के प्रति गहरा लगाव रहा होगा। ऐसे भूमि दाता समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय की स्थापना के बाद यहां से हजारों छात्र शिक्षा प्राप्त कर विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़े हैं। स्कूल के लिए जमीन देने वाले ग्रामीणों और विद्यालय का संचालन करने वाली प्रशासन के प्रयासों का लाभ क्षेत्र के लोगों को मिल रहा है। करीब 60 वर्ष पूर्व जब लोगों ने विद्यालय के लिए जमीन दान की होगी, तब उन्हें यह सोचकर कितनी खुशी हुई होगी कि इस जमीन पर बनने वाले विद्यालय से आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा मिलेगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरायरंजन के लोगों ने उन्हें ऊंचाई तक पहुंचाया है और उन्होंने भी सरायरंजन को विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का प्रयास किया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले दिनों में किसी को निराश नहीं होने दिया जाएगा। विधान पार्षद डॉ. तरुण कुमार ने कहा कि प्रखंड में एक ही पीएमश्री विद्यालय होना है, जो खजुरी हाईस्कूल को मिला है। उन्होंने इसके लिए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्राध्यापक रामलगन सिंह ने की, जबकि संचालन कुशेश्वर प्रसाद सिंह ने किया। समारोह को विधायक वीरेंद्र कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष शशिधर झा, जयकृष्ण झा, उपप्रमुख संजीव ठाकुर, विद्यालय के प्रधानाध्यापक सत्यनारायण राय, चंद्रकांत चौधरी, मित्र कुमार ठाकुर, जदयू प्रखंड अध्यक्ष रामाश्रय प्रसाद, अनिल सिंह बाबा, इजहार अशरफ, जयकुमार राय, अमित कुमार सिंह, विशाल कुमार, बबलू झा, सत्यनारायण मिश्र, पूर्व मुखिया नागेश्वर सिंह, बैजनाथ चौधरी, महेंद्र प्रधान, धीरेंद्र कुमार सिंह समेत अन्य लोगों ने संबोधित किया। इससे पूर्व विद्यालय के प्रधानाध्यापक सत्यनारायण राय ने आगंतुक अतिथियों को चादर, माला और पाग पहनाकर सम्मानित किया। समारोह में विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं के अलावा शिक्षक एवं अन्य लोग मौजूद थे।

समस्तीपुर

हरतालिका तीज पर सुहागिनों ने रखा निर्जला व्रत, शिव-पार्वती की पूजा कर मांगा अखंड सौभाग्य 

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन |प्रखंड के जितवारपुर कुम्हिरा समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सोमवार को अखंड सौभाग्य और आस्था का महापर्व हरतालिका तीज धार्मिक उल्लास और पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर सुहागिन स्त्रीओं ने पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना को लेकर पूरे दिन निर्जला व्रत रखा। जितवारपुर कुम्हिरा समेत प्रखंड के दर्जनों गांवों में सुबह से ही घरों में पूजा की तैयारियां शुरू हो गई थीं। व्रती स्त्रीओं ने स्नान के बाद सोलह श्रृंगार किया और भगवान शिव, माता पार्वती एवं प्रथम पूज्य भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की। कई घरों में मिट्टी और बालू से शिव-पार्वती एवं गणेश की प्रतिमाएं बनाकर विधिवत स्थापित की गईं। पंडित पिंटू झा ने वैदिक विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई। शाम को स्त्रीओं ने समूह में पारंपरिक तीज के मंगल गीत गाए और हरतालिका व्रत की कथा सुनी। पूजा में बेलपत्र, धतूरा, मदार, केले का थंब, मौसमी फल समेत विभिन्न पूजन सामग्री अर्पित की गई। माता पार्वती को सुहाग की सामग्री भी चढ़ाई गई। धार्मिक मान्यता के अनुसार, हरतालिका तीज का संबंध माता पार्वती की कठोर तपस्या से है। भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए माता पार्वती ने अन्न-जल त्यागकर घोर तपस्या की थी। मान्यता है कि भाद्रपद शुक्ल तृतीया के दिन उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया। माता पार्वती को उनकी सखियां अपने साथ वन में ले गई थीं, इसी कारण इस व्रत का नाम हरतालिका पड़ा। व्रतियों ने 24 घंटे का निर्जला उपवास रखा। अगले दिन प्रातः हवन, आरती और विधि-विधान से पूजा संपन्न करने के बाद प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। इसके बाद ब्राह्मणों एवं जरूरतमंदों को दान-दक्षिणा देकर व्रती स्त्रीएं पारण करेंगी। हरतालिका तीज को लेकर पूरे क्षेत्र में दिनभर धार्मिक माहौल और उत्साह बना रहा।

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अमेरिकी खुफिया एजेंसी का दावा-तालिबान ने कंधार विमान अपहरण के बाद लादेन को सुरक्षा बढ़ाने की दी थी चेतावनी

अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए की ओर से जारी खुफिया दस्तावेजों से इस बात का खुलासा हुआ है कि तालिबान ने 1999 में अलकायदा के आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को अपनी सुरक्षा बढ़ाने के लिए आगाह किया था. यह चेतावनी उस वक्त जारी की गई थी, जब उसी साल इंडियन एयरलाइंस के एक विमान का अपहरण कर उसे कंधार ले जाया गया था. प्रेसिडेंशियल डेली ब्रीफ्स में किया गया था प्रस्तुत तालिबान की ओर से आगाह किये जाने का उल्लेख जनवरी 2000 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के समक्ष प्रस्तुत किए गए प्रेसिडेंशियल डेली ब्रीफ्स (पीडीबी) में किया गया था. ये दस्तावेज 11 सितंबर 2001 के हमलों की 25वीं बरसी के मौके पर जारी किए गए ऐसे 71 दस्तावेजों में शामिल हैं. तीन जनवरी, 2000 के इस दस्तावेज में कहा गया कि तालिबान ने पिछले हफ्ते लादेन को अपनी सुरक्षा बढ़ाने के लिए आगाह किया था, जो यह साबित करता है कि वो लादेन का समर्थक बना हुआ है. 1999 में हुआ था इंडियन एयरलाइंस के विमान का अपहरण काठमांडू से नयी दिल्ली जा रहे इंडियन एयरलाइंस के एक विमान का 24 दिसंबर, 1999 को हरकत-उल-मुजाहिदीन के आतंकवादियों ने अपहरण कर लिया था और उसे जबरन कंधार ले जाया गया था. उड़ान संख्या आईसी 814 से जुड़ा यह संकट 31 दिसंबर, 1999 को उस समय खत्म हुआ, जब हिंदुस्तान ने तीन आतंकवादियों को रिहा कर उन्हें तालिबान को सौंप दिया. कई देशों पर हमले की साजिश रच रहा था लादेन क्लिंटन के समक्ष 28 अगस्त, 1998 को प्रस्तुत एक अन्य पीडीबी में संकेत दिया गया था कि लादेन मिस्र, अरब प्रायद्वीप विशेषकर कुवैत, सऊदी अरब और यमन, हिंदुस्तान, पाकिस्तान, युगांडा और संभवतः नाइजीरिया में हमले करने की साजिश रच रहा था. इसमें कहा गया था कि उत्तरी अमेरिका, यूरोप और पूर्वी एशिया में लादेन के मजबूत नेटवर्क से संकेत मिलता है कि वह इन क्षेत्रों में भी अमेरिका से जुड़े प्रतिष्ठानों को निशाना बना सकता है. पेंटागन पर हमले की जानकारी अफगानिस्तान के पास थी सबसे शुरुआती दस्तावेज 13 फरवरी, 1998 का था, जिसमें कहा गया था कि बिन लादेन और अन्य इस्लामी चरमपंथियों ने खुले बाजार से अज्ञात रासायनिक, जैविक और परमाणु पदार्थ हासिल करने पर सहमति जताई. रिपोर्ट में कहा गया था कि लादेन के पास वैध कंपनियां, कारोबारी संबंध और एक वित्तीय साम्राज्य है, जो उसे ऐसे हथियार हासिल करने के प्रयास में मदद कर सकते हैं. सीआईए द्वारा जारी किए गए कुछ पीडीबी तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के लिए 12 अक्टूबर, 2000 को यमन के अदन बंदरगाह में युद्धपोत यूएसएस कोल पर हुए बम हमले की अमेरिका-यमन जांच के शुरुआती नतीजों के आधार पर तैयार किए गए थे. सीआईए की ओर से जारी दस्तावेजों में आखिरी दस्तावेज 12 सितंबर, 2001 का है. यह तारीख वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागन से विमानों के टकराने के अगले दिन की है. स्थिति रिपोर्ट में हमले से पहले लादेन से जुड़ी नवीनतम खुफिया जानकारी का विवरण दिया गया था, जिसमें उसकी संभावित संलिप्तता से जुड़े ब्योरे भी शामिल थे. रिपोर्ट में कहा गया कि उपलब्ध साक्ष्यों से संकेत मिलता है कि अफगानिस्तान और फारस की खाड़ी क्षेत्र के सुन्नी चरमपंथियों को लादेन के निर्देश पर होने वाले हमलों की जानकारी थी. ये भी पढ़ें: असदुद्दीन ओवैसी ने कहा-बराबरी के लिए नहीं, देश के मुसलमानों को टारगेट करने के लिए बीजेपी कर रही UCC की बात The post अमेरिकी खुफिया एजेंसी का दावा-तालिबान ने कंधार विमान अपहरण के बाद लादेन को सुरक्षा बढ़ाने की दी थी चेतावनी appeared first on Naya Vichar.

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