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Author name: Vinod Jha

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30 जुलाई को Spider-Man देखने का है प्लान? टिकट बुक करने से पहले पढ़ लें First Review

Spider-Man: Brand New Day: ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ 31 जुलाई को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है, जबकि हिंदुस्तान में यह फिल्म 30 जुलाई को रिलीज होगी. रिलीज से पहले हॉलीवुड के डॉल्बी थिएटर में फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई, जहां कई फिल्म क्रिटिक्स और एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट ने इसे देखा. स्क्रीनिंग खत्म होते ही सोशल मीडिया पर फिल्म के फर्स्ट रिव्यू आने शुरू हो गए और ज्यादातर लोगों ने इसे टॉम हॉलैंड की अब तक की सबसे दमदार स्पाइडर-मैन फिल्म बताया. Spider-Man: Brand New Day First Review: स्पाइडर-मैन फैंस के लिए ‘लव लेटर’ है फिल्म हॉलीवुड के Fandango के सीनियर फिल्म क्रिटिक एरिक डेविस (Erik Davis) ने फिल्म देखने के बाद सोशल मीडिया पर अपना रिएक्शन शेयर किया. उन्होंने कहा कि ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ टॉम हॉलैंड की पिछली फिल्मों से ज्यादा मैच्योर और इमोशनल है. उनके मुताबिक, फिल्म में स्पाइडर-मैन के कुछ सबसे बेहतरीन एक्शन सीक्वेंस देखने को मिलते हैं. उन्होंने इसे डिटेक्टिव स्टोरी, साइकोलॉजिकल थ्रिलर और बडी कॉमेडी का शानदार मिश्रण बताया. साथ ही कहा कि यह फिल्म स्पाइडर-मैन फैंस के लिए एक ‘लव लेटर’ जैसी है. ‘टॉम हॉलैंड की बेस्ट स्पाइडर-मैन फिल्म’ एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट ब्रैंडन पोप ने भी फिल्म की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि डायरेक्टर डेस्टिन डेनियल क्रेटन ने पुराने स्पाइडर-मैन फिल्मों को शानदार ट्रिब्यूट दिया है. वहीं फिल्म क्रिटिक पीटर हॉवेल का कहना है कि इस बार टॉम हॉलैंड ने पीटर पार्कर और स्पाइडर-मैन के किरदार को पहले से कहीं बेहतर तरीके से निभाया है. उनके मुताबिक फिल्म में एक नया और खतरनाक विलेन भी है, जो कहानी को और रोमांचक बनाता है. Spider-Man: Brand New Day की कहानी क्या है? यह फिल्म ‘स्पाइडर-मैन: नो वे होम’ की घटनाओं के लगभग चार साल बाद की कहानी दिखाती है. अब पूरी दुनिया पीटर पार्कर को भूल चुकी है और वह अकेले ही स्पाइडर-मैन बनकर अपराधियों से लड़ रहा है. इसी बीच शहर में एक ऐसा नया दुश्मन आता है, जिसे देख पाना भी आसान नहीं है. अब पीटर पार्कर को इस नए खतरे से अपने शहर और अपने करीबियों को बचाना होगा. फिल्म में कौन-कौन आएगा नजर? फिल्म में टॉम हॉलैंड एक बार फिर पीटर पार्कर/स्पाइडर-मैन के रोल में दिखाई देंगे. उनके साथ जेंडाया (एमजे), जैकब बैटलॉन (नेड), जॉन बर्नथल (द पनिशर), मार्क रफालो (हल्क) और सैडी सिंक भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे. ये भी पढ़ें: Batwara 1947 ट्रेलर लॉन्च से आमिर खान क्यों रहे गायब? Sonam Wangchuk Controversy से जोड़ रहे लोग The post 30 जुलाई को Spider-Man देखने का है प्लान? टिकट बुक करने से पहले पढ़ लें First Review appeared first on Naya Vichar.

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‘सरकार को अहंकार था, नई पीढ़ी ने झुका दिया’, जानिए संसद में अखिलेश यादव के भाषण की 10 बड़ी बातें

लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन्स (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान जब अखिलेश यादव बोलने के लिए उठे, तो उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी, जौहर यूनिवर्सिटी और ‘कॉकरोच आंदोलन’ जैसे मुद्दों पर प्रशासन को जमकर घेरा. सांसद अखिलेश यादव ने पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था, एनटीए की कार्यप्रणाली, उत्तर प्रदेश की शिक्षा नीति और राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी जैसे मुद्दों को उठाते हुए प्रशासन की नीयत और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए. अखिलेश यादव ने कहा कि प्रशासन पेपर लीक रोकने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जिन लोगों से राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी नहीं रुक सकी, वे देश में पेपर लीक कैसे रोकेंगे. उन्होंने कहा यह भी कहा कि “प्रशासन को अहंकार था कि प्रशासन झुकती नहीं है, लेकिन नई पीढ़ी के लोगों ने नारा दिया कि झुकाने वाला चाहिए, प्रशासन भी झुकती है”. पेपर लीक से करोड़ों परिवार हुए प्रभावित अखिलेश यादव ने कहा कि जब प्रशासन 2024 में प्रिवेंशन ऑफ अनलॉफुल मींस एक्ट लेकर आई थी, तब उसे यह भी बताना चाहिए था कि 2026 तक इतने बड़े पैमाने पर पेपर लीक कैसे हो गए. उन्होंने कहा कि केवल एक-दो नहीं, बल्कि कई परीक्षाएं लीक हुईं और इससे अभूतपूर्व जनआंदोलन खड़ा हुआ. उनके मुताबिक, यदि 20 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी तो उनके परिवारों को मिलाकर करीब एक करोड़ लोग इस समस्या से प्रभावित हुए. आमतौर पर आंदोलनों के लिए नेतृत्वक दलों को अलग से तैयारी करनी पड़ती है, लेकिन यह पहला ऐसा आंदोलन था, जिसमें माता-पिता ने खुद अपने बच्चों से कहा कि वे आंदोलन करें, क्योंकि वे उनके साथ खड़े हैं. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे देश में देखने को मिला. ‘पहली बार माता-पिता भी आंदोलन में उतरे’ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि यदि उनकी बातें गलत लग रही हैं तो देश के गृह मंत्री से इसकी व्याख्या कराई जा सकती है. पेपर लीक से देशभर के छात्र और उनके अभिभावक इतने परेशान हैं कि पहली बार ऐसा देखने को मिला जब माता-पिता खुद अपने बच्चों के साथ आंदोलन में उतर गए. यह आंदोलन सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं था, बल्कि पूरे देश में फैला और इससे साफ पता चलता है कि परीक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों में कितना आक्रोश और निराशा है. ‘जो चढ़ावा नहीं बचा पाए, वे पेपर लीक क्या रोकेंगे’ राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा उठाते हुए अखिलेश यादव ने प्रशासन पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, “जो लोग चढ़ावा चोर भी नहीं बचा पाए, वो पेपर लीक कैसे बचा पाएंगे? भगवान के दरबार से दान गायब हो गया और अब वही लोग पेपर लीक रोकने की बात कर रहे हैं.” उन्होंने कहा कि प्रशासन पुराने कानून में संशोधन कर फिर से वही कानून लेकर आई है. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कानून इतना प्रभावी था तो भाजपा के दस वर्षों के शासनकाल में करीब 20 परीक्षाएं कैसे लीक हो गईं, जबकि कई मामलों में छात्रों को कोर्ट तक जाना पड़ा और उसके बाद भी परीक्षाएं समय पर रद्द नहीं की गईं. ‘दिल्ली में इमरजेंसी जैसी झलक देखने को मिली’ अपने भाषण के अंत में अखिलेश यादव ने पेपर लीक आंदोलन और छात्रों के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली में हुई घटनाओं ने इमरजेंसी की याद दिला दी. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और कील लगे डंडों का इस्तेमाल किया गया. छात्रों के साथ जो व्यवहार हुआ, वह इमरजेंसी से कम अन्याय नहीं था. अखिलेश यादव ने कहा, “याद रखिए, इमरजेंसी के बाद भी परिवर्तन हुआ था. मुझे भरोसा है कि इस बार भी बदलाव होगा. कानून बनाने से कुछ नहीं होगा, जब तक प्रशासन की नीयत साफ नहीं होगी, तब तक नीट जैसी परीक्षाएं भी साफ नहीं होंगी.” 69000 शिक्षक भर्ती और प्रशासनी स्कूलों का भी उठाया मुद्दा अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में केवल प्रशासनी स्कूल ही बंद नहीं किए जा रहे, बल्कि नौकरियों पर भी हमला किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि 69000 शिक्षक भर्ती में बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ, जिसके कारण अभ्यर्थियों को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जाना पड़ा. उन्होंने कहा कि वर्षों से अभ्यर्थी आंदोलन कर रहे हैं और शायद ही कोई ऐसा स्थान बचा हो, जहां उन्होंने अपनी आवाज न उठाई हो. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन किसी को नौकरी नहीं देना चाहती, क्योंकि भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ियां हुई हैं. उन्होंने कहा कि इस भर्ती में सबसे अधिक नुकसान पिछड़े और दलित वर्ग के युवाओं को हुआ, जिनका अधिकार उनसे छीन लिया गया. यह भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश की समाचारें पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें The post ‘प्रशासन को अहंकार था, नई पीढ़ी ने झुका दिया’, जानिए संसद में अखिलेश यादव के भाषण की 10 बड़ी बातें appeared first on Naya Vichar.

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श्रावणी मेले पर आतंकी साया, झारखंड में हाई अलर्ट, खुफिया इनपुट के बाद प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा कड़ी

प्रमुख संवाददाता, देवघर सावन महीने में आयोजित होने वाले देश के प्रमुख कांवर मेलों पर संभावित आतंकी खतरे के खुफिया इनपुट के बाद झारखंड में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. बाबा बैद्यनाथधाम, देवघर में शुरू होने वाले राजकीय श्रावणी मेला सहित राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर हाई अलर्ट जारी किया गया है. गृह मंत्रालय के अधीन स्पेशल इंटेलिजेंस ब्यूरो (एसआईबी), रांची से प्राप्त गोपनीय इनपुट के आधार पर राज्य पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों, रेल पुलिस और खुफिया इकाइयों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है. विशेष शाखा (एसबी) की ओर से जारी निर्देश में जिला पुलिस अधीक्षकों, रेल पुलिस अधीक्षकों और संबंधित अधिकारियों से संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने, फील्ड इंटेलिजेंस मजबूत करने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने को कहा गया है. सुरक्षा संबंधी इस निर्देश को ‘मैटर मोस्ट अर्जेंट’ श्रेणी में जारी किया गया है. देवघर श्रावणी मेला और हरिद्वार कांवर यात्रा पर विशेष नजर खुफिया एजेंसियों के अनुसार देश के बड़े धार्मिक आयोजनों और भीड़भाड़ वाले स्थान संभावित रूप से निशाने पर हो सकते हैं. इसी को देखते हुए देवघर श्रावणी मेला और हरिद्वार कांवर यात्रा के दौरान विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू करने को कहा गया है. मंदिर परिसर, मेला क्षेत्र, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, प्रवेश मार्ग और श्रद्धालुओं के ठहराव वाले स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है. ये भी पढ़ें… श्रावणी मेला 2026: होटल संचालकों के लिए प्रशासन की सख्ती, रेट चार्ट, सीसीटीवी और आईडी अनिवार्य आतंकी और कट्टरपंथी नेटवर्क की गतिविधियों पर नजर खुफिया इनपुट में विभिन्न आतंकी और कट्टरपंथी संगठनों की ऑनलाइन गतिविधियों तथा धमकी भरे संदेशों का उल्लेख किया गया है. सुरक्षा एजेंसियों को अल-कायदा से जुड़े नेटवर्क, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और खालिस्तानी समर्थक संगठनों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है. साथ ही सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध प्रचार और संदेशों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. पानी और खाद्य सामग्री की भी होगी निगरानी सुरक्षा एजेंसियों ने मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध पेयजल और खाद्य सामग्री की सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया है. अस्थायी शिविरों, भोजनालयों, पेयजल केंद्रों और खाद्य दुकानों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश प्रशासन को दिए गए हैं. दुमका प्रशासन ने भी जारी किया अलर्ट विशेष शाखा के निर्देश के बाद दुमका जिला प्रशासन ने भी सभी संबंधित अधिकारियों को सतर्क कर दिया है. उपायुक्त कार्यालय की गोपनीय शाखा की ओर से पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, बीडीओ और अंचल अधिकारियों को आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं. श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता राजकीय श्रावणी मेला में हर वर्ष देशभर से लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं. इसे देखते हुए प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन, प्रवेश-निकास व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, संदिग्ध वस्तुओं की जांच और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को और मजबूत करने का निर्णय लिया है. सुरक्षा एजेंसियों ने निर्देश दिया है कि श्रद्धालुओं की आस्था और सुरक्षा दोनों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाए. हाइलाइट्स श्रावणी मेला पर आतंकी खतरे का इनपुट, झारखंड हाई अलर्ट पर. देवघर समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश. अल-कायदा, लश्कर, जैश और खालिस्तानी नेटवर्क पर निगरानी. मेला क्षेत्र में पानी, भोजन और भीड़ प्रबंधन पर विशेष सतर्कता. दुमका प्रशासन ने पुलिस व अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिये. ये भी पढ़ें… श्रावणी मेले में सुरक्षित कांवर यात्रा के लिए नगर निगम ने शुरू किया सांड पकड़ने का अभियान श्रावणी मेला 2026: 80 से 90 रुपये में मिलेगा भरपेट भोजन, प्रशासन ने तय की खाद्य सामग्री की दरें The post श्रावणी मेले पर आतंकी साया, झारखंड में हाई अलर्ट, खुफिया इनपुट के बाद प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा कड़ी appeared first on Naya Vichar.

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मैंने अपने पिता की मौत प्लान की… ‘लॉक अप 2’ में राम कपूर का सबसे दर्दनाक खुलासा

Lock Upp 2: रियलिटी शो ‘लॉक अप 2’ अपने फिनाले की ओर बढ़ रहा है और कंटेस्टेंट्स एक-दूसरे को एलिमिनेशन में डालने के लिए अपनी जिंदगी के सबसे बड़े राज दुनिया के सामने ला रहे हैं. इसी दौरान अभिनेता राम कपूर ने ऐसा खुलासा किया, जिसे सुनकर घर में मौजूद सभी लोग इमोशनल हो गए. राम ने कहा, “मैंने अपने पिता की मौत प्लान की.” उनकी यह बात सुनते ही कुछ पल के लिए पूरा माहौल शांत हो गया. इसके बाद उन्होंने बताया कि आखिर उन्होंने ऐसा क्यों कहा और इस फैसले की वजह से आज तक क्या कीमत चुका रहे हैं. Ram Kapoor Secret: आखिर ‘मैंने अपने पिता की मौत प्लान की’ से क्या था मतलब? राम कपूर ने बताया कि उनके पिता को पैंक्रियाटिक कैंसर था. पहली बार इलाज और कई कीमोथेरेपी के बाद वह पूरी तरह ठीक हो गए थे और करीब 10 साल तक अच्छी जिंदगी जी. लेकिन जब वह 73 साल के हुए, तब कोरोना के दौरान कैंसर दोबारा लौट आया. डॉक्टरों ने फिर से इलाज कराने की सलाह दी, लेकिन उनके पिता अब और दर्द नहीं सहना चाहते थे. राम ने बताया कि उनके पिता ने उनसे कहा कि वह बाकी की जिंदगी अस्पताल में नहीं बिताना चाहते और शांति से विदा लेना चाहते हैं. इसी वजह से उन्होंने कहा, “मैंने अपने पिता की मौत प्लान की.” राम का मतलब था कि उन्होंने अपने पिता की आखिरी इच्छा का सम्मान किया और उनके अंतिम दिनों की योजना बनाने में उनका साथ दिया. Father Last Wish: पिता की आखिरी इच्छा क्या थी? राम कपूर ने बताया कि उनके पिता ने उनसे वादा लिया था कि वह इस बारे में किसी को कुछ नहीं बताएंगे. उन्होंने राम से कहा कि जब उनका आखिरी समय आए, तब वह उनके पास रहें और उनका हाथ थामे रखें. राम ने अपने पिता से किया वादा निभाया और उनके अंतिम पल तक उनके साथ रहे. मां और बहन ने क्यों तोड़ लिया रिश्ता? राम कपूर ने बताया कि उनके इस फैसले से उनकी मां और बहन बिल्कुल सहमत नहीं थीं. उनका मानना था कि इलाज जारी रखना चाहिए था. इसी वजह से दोनों ने राम से दूरी बना ली. राम का कहना है कि पिछले 5 साल से ज्यादा समय से उनकी मां और बहन उनसे बात नहीं कर रही हैं. हालांकि, राम को अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं है. उनका मानना है कि किसी भी बेटे के लिए अपने माता-पिता की आखिरी इच्छा पूरी करना सबसे बड़ा फर्ज होता है. Harshad Chopra भी हुए इमोशनल राम कपूर की कहानी सुनकर शो में मौजूद हर्षद चोपड़ा भी भावुक हो गए. उन्होंने बताया कि कैंसर की वजह से वह भी अपनी मां को खो चुके हैं. इसके बाद घर के बाकी सदस्य भी राम कपूर के पास पहुंचे, उन्हें गले लगाया और उनका हौसला बढ़ाया. Lock Upp Finale: फिनाले से पहले बढ़ा इमोशनल ड्रामा ‘लॉक अप’ अब अपने आखिरी पड़ाव पर है. फिनाले वीक में पहुंचने के लिए कंटेस्टेंट्स अपनी जिंदगी के ऐसे राज बता रहे हैं, जिनके बारे में पहले कभी किसी को पता नहीं था. शो को फराह खान और रितेश देशमुख होस्ट कर रहे हैं और यह नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रहा है. ये भी पढ़ें: Batwara 1947 ट्रेलर लॉन्च से आमिर खान क्यों रहे गायब? Sonam Wangchuk Controversy से जोड़ रहे लोग The post मैंने अपने पिता की मौत प्लान की… ‘लॉक अप 2’ में राम कपूर का सबसे दर्दनाक खुलासा appeared first on Naya Vichar.

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आज खत्म हो रही CJP की डेडलाइन, सौरव दास बोले- FIR वापस ले और लिखित गारंटी दे सरकार

सौरव दास ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा 18 वर्ष से कम उम्र के बेकसूर छात्रों को रिहा करने के आदेश का स्वागत किया. उन्होंने कहा, “हम लंबे समय से जमीनी स्तर पर संघर्ष कर रहे हैं. हमारी सबसे प्रमुख मांग यह है कि आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर (FIR) तुरंत वापस ली जाए और प्रशासन भविष्य में किसी भी प्रदर्शनकारी पर कोई दंडात्मक या जवाबी कार्रवाई न करने का लिखित आश्वासन दे.” CJP ने एफआईआर वापसी के लिए मंगलवार तक का समय तय किया था CJP ने एफआईआर वापसी के लिए मंगलवार तक का समय तय किया था. प्रवक्ता ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन अपनी बात से पीछे हटती है, तो देश का युवा एक बार फिर दिल्ली की सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगा. सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी और निर्देश मामले की सुनवाई कर रहे हिंदुस्तान के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने राज्यों को निर्देश दिया है कि बिना किसी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 18 साल से कम उम्र के नाबालिगों को तुरंत रिहा किया जाए. अदालत ने यह भी आदेश दिया कि किसी भी छात्र पर फिलहाल कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए और विरोध-प्रदर्शनों से जुड़े सभी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए. कंगना रनौत के बयान पर पलटवार छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर बीजेपी सांसद कंगना रनौत की विवादास्पद टिप्पणियों पर सौरव दास ने कहा, “खुद उनकी पार्टी के लोग उन्हें गंभीरता से नहीं लेते, तो हम या देश की नई पीढ़ी उन्हें क्यों सुनें? हिमाचल में अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे के दौरान उन्होंने खुद कहा था कि उन्हें लगा था कि सांसद का काम आसान होगा, लेकिन इसमें बहुत मेहनत है. उनका यह बयान ही उनकी गंभीरता को दर्शाने के लिए काफी है.” बता दें कि कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर प्रदर्शनकारी छात्रों की भाषा और शैली की आलोचना करते हुए वीडियो को ‘उल्टी आने जैसा’ बताया था. ये भी पढ़ें: Video : CJP आंदोलन की खोज मोहम्मद इरफान, राहुल गांधी भी मिलने पहुंचे The post आज खत्म हो रही CJP की डेडलाइन, सौरव दास बोले- FIR वापस ले और लिखित गारंटी दे प्रशासन appeared first on Naya Vichar.

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अब मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स के लिए प्रचार करेंगे महेंद्र सिंह धोनी

हिंदुस्तानीय क्रिकेट के कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी भले ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हों, लेकिन उनकी लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है. इसका ताजा प्रमाण है मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स द्वारा उन्हें अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया जाना. मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स, विविध कारोबार वाले हिंदुस्तानीय समूह मलाबार ग्रुप की प्रमुख कंपनी है. इसकी शुरुआत 1993 में की गई थी. कंपनी के 14 देशों में 450 से अधिक शोरूम हैं. मालाबार समूह के चेयरमैन एमपी अहमद ने मंगलवार को जारी बयान में कहा आज उपभोक्ता जिस भी ब्रांड का चयन करता है उससे काफी अपेक्षाएं रखता है. उत्कृष्ट उत्पादों के साथ वे हर खरीदारी में पारदर्शिता, प्रामाणिकता और भरोसा भी चाहते हैं. उन्होंने कहा कि धोनी ने अपनी ईमानदारी, अनुशासन और निरंतरता के दम पर करोड़ों लोगों का सम्मान और विश्वास अर्जित किया है. ये खूबियां कंपनी के मूल्यों से भी मेल खाते हैं. इसी वजह से उन्हें ब्रांड एम्बैसडर बनाया गया है. धोनी ने कहा, अपने पूरे करियर में मेरा यही मानना रहा है कि काम और निरंतरता के दम पर ही भरोसा अर्जित किया जाता है. यही बात मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स के साथ मेरे इस जुड़ाव को सार्थक बनाती है. धोनी ने कहा कि वह लोगों को आभूषण खरीदने के बारे में सोच-समझकर फैसला लेने के लिए प्रोत्साहित करने में मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स का सहयोग करेंगे. ये भी पढ़ें : सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 20 जुलाई के CJP प्रोटेस्ट के दौरान जिसने भी ज्यादती की उसे सजा मिलनी चाहिए The post अब मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स के लिए प्रचार करेंगे महेंद्र सिंह धोनी appeared first on Naya Vichar.

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गंदा और बिखरा हुआ किचन देखकर बढ़ जाती है टेंशन? ये आसान हैक्स मिनटों में दूर कर देंगे आपकी परेशानी

Quick Kitchen Cleaning Tips: किचन में खाना बनाने के बाद जब वह बिखरा हुआ दिखने लगता है, तो उसे देखकर अक्सर हमारी टेंशन बढ़ जाती है. हर दिन किचन की सफाई में घंटों बर्बाद करना किसी को पसंद नहीं आता और इसमें कोई समझदारी भी नहीं है. अगर आप भी रोज किचन की सफाई में बहुत ज्यादा समय लगा देते हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए ही है. सही प्लानिंग और स्मार्ट क्लीनिंग ट्रिक्स अपनाकर आप सिर्फ 10 मिनट के अंदर पूरे किचन को आसानी से चमका सकते हैं. जब आप इन ट्रिक्स को अपनाएंगे, तो चाहे तेल के जिद्दी दाग हों या सिंक की बदबू, सब कुछ मिंटों में गायब हो जाएगा और आपको थकावट भी नहीं होगी. तो चलिए जानते हैं वे 5 आसान और असरदार स्टेप्स, जिनसे आपकी किचन तुरंत साफ, चमकदार और हाइजीनिक बन जाएगी. kitchen cleaning tips सामान को सही जगह पर रखें अगर आप किचन की सफाई करने जा रहे हैं, तो इसकी शुरुआत हमेशा सामान को समेटने से करें. खाना बनाने के बाद अक्सर मसाले के डिब्बे, तेल की बोतलें, चम्मच और कटिंग बोर्ड स्लैब पर ही छूट जाते हैं. सबसे पहले इन सभी चीजों को उठाकर उनकी तय जगह पर रख दें. जो गंदे बर्तन खाली हो चुके हैं, उन्हें उठाकर सिंक में डाल दें. जैसे ही आपके किचन का स्लैब खाली हो जाएगा, आपकी आधी रसोई अपने आप ही साफ और सुंदर दिखाई देने लगेगी. सामान को समेटकर रखने में आपको ज्यादा से ज्यादा दो से तीन मिनट का ही समय लगेगा. ये भी पढ़ें: हफ्तों तक फ्रेश और खुशबूदार रहेगी हरी धनिया, बस फ्रिज में रखने से पहले अपनाएं ये आसान हैक्स गैस और स्लैब की सफाई भी करें अक्सर खाना बनाते समय तेल के छींटे या फिर ग्रेवी पूरे स्लैब और चूल्हे पर गिर जाते हैं. यह बहुत ही आम बात है, लेकिन ऐसा होने पर आपको कभी भी इसके सूखने का इंतजार नहीं करना चाहिए. जैसे ही तेल या ग्रेवी गिरे, उसे तुरंत साफ कर लें. सफाई के लिए हमेशा कॉटन या फिर माइक्रोफाइबर के कपड़े का इस्तेमाल करें. इस कपड़े को गुनगुने पानी में भिगोएं और उस पर बर्तन धोने वाले लिक्विड की दो बूंदें डाल लें. अब इससे गैस स्टोव और स्लैब को अच्छे से पोंछ लें. अगर तेल या मसाले का कोई पुराना या पक्का दाग है, तो उस पर थोड़ा सा वाइट विनेगर छिड़क दें. विनेगर तेल के चिपचिपेपन को तुरंत खत्म कर देता है. इसके बाद कपड़े को साफ पानी में धोकर एक बार फिर से स्लैब पोंछ दें. इसे करने में आपको दो से तीन ही मिनट लगेगा. मिनटों में चमकाएं अपना किचन सिंक किचन का सिंक ही वह जगह है जहां सबसे ज्यादा बैक्टीरिया और बदबू इकट्ठा होते हैं. इसे मिनटों में साफ करने के लिए सबसे पहले सिंक में आधा चम्मच बेकिंग सोडा और थोड़ा सा डिशवॉश लिक्विड डाल दें. इसके बाद बर्तन साफ करने वाले स्क्रबर से सिंक को 1 मिनट के लिए चारों तरफ अच्छे से रगड़े और लास्ट में पानी से धो लें. बेकिंग सोडा सिंक की चमक वापस ले आता है और नाली से आने वाली गंदी बदबू को भी गायब कर देता है. सिंक साफ करने में आपको तीन मिनट से ज्यादा समय नहीं लगेगा. ये भी पढ़ें: पकौड़े और बैंगन ही नहीं, ये चीजें भी सोखती हैं कटोरी भर तेल, हेल्दी रहना है तो पकाते समय जरूर रखें इन बातों का ध्यान सफाई वाले कपड़े को भी साफ करना जरूरी आपको कभी भी उस कपड़े या फिर स्पंज को गंदा या गीला नहीं छोड़ना चाहिए जिससे आपने किचन की सफाई की हो. गीले पड़े कपड़ों में बैक्टीरिया बढ़ने लगते हैं और इसी वजह से उनमें से अजीब सी बदबू भी आने लगती है. जैसे ही सफाई खत्म हो, उस कपड़े को साबुन से अच्छे से धोकर निचोड़ लें और सूखने के लिए टांग दें. अगर आप स्पंज का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उसे गर्म पानी से धो लें. साफ कपड़े से अगली बार सफाई करना और भी आसान हो जाता है. कपड़े की सफाई करने में आपको एक से दो मिनट से ज्यादा समय नहीं लगेगा. कचरा फेंकें और फर्श की सफाई करें लास्ट में किचन के डस्टबिन की थैली को बाहर निकालें और उसकी जगह एक नई थैली लगा दें. इसके अलावा डस्टबिन के नीचे थोड़ा सा बेकिंग सोडा छिड़क दें. जब आप ऐसा करते हैं, तो उसमें से गंदी बदबू आना बंद हो जाता है. इसके बाद फर्श की तरफ नजर घुमाएं, अगर कहीं तेल, दूध या फिर चाय गिरी हुई दिखे, तो बस उसी जगह पर गीले कपड़े से पोछा लगा दें. आपको हर दिन पूरे फर्श की सफाई करने की जरूरत नहीं है, कई बार सिर्फ दाग हटाने से ही काम चल जाता है. ये भी पढ़ें: क्या आप भी फ्रिज में ठूंस-ठूंसकर रखते हैं सामान? तुरंत जान लें इसके नुकसान The post गंदा और बिखरा हुआ किचन देखकर बढ़ जाती है टेंशन? ये आसान हैक्स मिनटों में दूर कर देंगे आपकी परेशानी appeared first on Naya Vichar.

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संसद में एंटी पेपर लीक बिल पर बहस: प्रियंका बोलीं- प्रधानमंत्री को कैमरे का एंगल नहीं, दिल का एंगल बदलना पड़ेगा

लोकसभा मेंलोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र प्रशासन पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को कैमरे का एंगल नहीं, बल्कि दिल का एंगल बदलना पड़ेगा. प्रियंका गांधी ने सवाल उठाया कि देश के युवाओं पर पैलेट गन और AK-47 चलाने का आदेश किसने दिया. एएनआई न्यूजेंसी के मुताबिक, उन्होंने कहा कि क्या यह फैसला प्रधानमंत्री या गृह मंत्री ने लिया था? उन्होंने कहा कि पूरे देश को इसका जवाब चाहिए और प्रशासन को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए. पेपर लीक और रोजगार पर प्रशासन को घेरा प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने रोजगार देने वाले सभी क्षेत्रों को कमजोर कर दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में 152 पेपर लीक की घटनाएं हुईं, जिससे करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ। इसके बावजूद पेपर लीक माफिया के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई और किसी प्रमुख आरोपी को सजा नहीं मिली। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं का प्रशासन पर भरोसा लगातार कम होता जा रहा है। केंद्र प्रशासन RSS प्रचारकों को भरकर हमारे शिक्षा सिस्टम को खोखला कर दिया है. उन्होंने NTA को जबरदस्ती लाकर और सिस्टम को सेंट्रलाइज करके मामलों को और उलझा दिया है. देश के कुल बजट में शिक्षा बजट ( 1.4 लाख करोड़ ) का हिस्सा हर साल बढ़ने के बजाय असल में घट रहा है… कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी शिक्षा व्यवस्था पर लगाए गंभीर आरोप कांग्रेस सांसद प्रियांका गांधी ने कहा कि मोदी प्रशासन ने शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर दिया है. उन्होंने आरोप कि शिक्षा संस्थानों में आरएसएस प्रचारकों की नियुक्तियां बढ़ाई गईं और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के जरिए पूरी परीक्षा व्यवस्था का केंद्रीकरण कर दिया गया. उन्होंने यह भी कहा कि देश के कुल बजट में शिक्षा का हिस्सा लगातार घट रहा है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और अवसर दोनों प्रभावित हो रहे हैं. पूर्व शिक्षा मंत्री को लेकर साधा निशाना कांग्रेस नेत प्रियंका गांधी ने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जिक्र करते हुए कहा कि जिस समय महाराष्ट्र में पेपर लीक से परेशान एक छात्रा के परिवार में शोक था, उसी समय संसद में उनका स्वागत और सम्मान किया गया. उन्होंने कहा कि जहां प्रशासन को आत्ममंथन करना चाहिए था, वहां जश्न मनाया गया. उन्होंने सवाल किया कि ऐसी स्थिति में करोड़ों छात्र प्रशासन पर कैसे भरोसा करेंगे. यह भी पढ़ें- संसद में बोले गौरव गोगोई, 21 छात्रों की मौत के लिए जिम्मेदार है प्रशासन The post संसद में एंटी पेपर लीक बिल पर बहस: प्रियंका बोलीं- प्रधानमंत्री को कैमरे का एंगल नहीं, दिल का एंगल बदलना पड़ेगा appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

डीएम ने विकास योजनाओं की समीक्षा की, बोले- तय समय सीमा में पूरा करें लंबित कार्य

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर | समस्तीपुर के जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय सभागार में विभिन्न विभागों एवं जिला स्तरीय समितियों की समीक्षात्मक बैठकें आयोजित की गईं। बैठक में विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण, सड़क सुरक्षा, जन वितरण प्रणाली सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को लंबित कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में मंदिर चहारदीवारी एवं कब्रिस्तान घेराबंदी योजनाओं की समीक्षा करते हुए डीएम ने लंबित कार्यों में तेजी लाने को कहा। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, जिला पर्यावरण समिति, जिला आर्द्रभूमि समिति तथा सिंगल यूज प्लास्टिक (एसयूपी) रोकथाम से संबंधित बैठकों में प्लास्टिक मुक्त वातावरण, पौधारोपण, जल संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिले के सभी थाना परिसरों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के कार्य की समीक्षा करते हुए शेष कार्य जल्द पूरा करने तथा निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने को कहा गया। अवैध खनन और नशे के कारोबार पर सख्ती के निर्देश जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक में अवैध खनन, अवैध परिवहन और भंडारण के खिलाफ संयुक्त अभियान लगातार चलाने का निर्देश दिया गया। वहीं एनसीओआरडी (NCORD) समिति की बैठक में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण, जनजागरूकता और विभागीय समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया। सड़क सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर विशेष फोकस जिला सड़क सुरक्षा समिति एवं राष्ट्रीय राजमार्ग सुरक्षा से संबंधित बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, ब्लैक स्पॉट चिह्नित कर सुधारात्मक कार्रवाई करने, यातायात नियमों के पालन और जनजागरूकता अभियान प्रभावी ढंग से चलाने के निर्देश दिए गए। विधि-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान डीएम ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, शांति एवं सौहार्द बनाए रखने तथा किसी भी स्थिति से त्वरित और प्रभावी ढंग से निपटने का निर्देश दिया। भूमि विवाद और भू-समाधान पोर्टल के मामलों का शीघ्र निष्पादन करें भूमि विवाद से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए डीएम ने राजस्व एवं पुलिस विभाग के समन्वय से नियमित शिविर आयोजित कर मामलों का जल्द निपटारा करने का निर्देश दिया। भू-समाधान पोर्टल पर लंबित आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने को भी कहा। श्रावणी मेला और पीडीएस व्यवस्था की भी हुई समीक्षा आगामी श्रावणी मेला की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए। आपूर्ति टास्क फोर्स की बैठक में जन वितरण प्रणाली की नियमित निगरानी, खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने तथा अनियमितता मिलने पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। वहीं पीडीएस विक्रेताओं की अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। दिव्यांगों को बैट्री चालित ट्राइसाइकिल देने के निर्देश दिव्यांगजनों को बैट्री चालित ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने के लिए जिला स्तरीय स्क्रीनिंग समिति की बैठक में प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की गई। डीएम ने पात्र लाभुकों को प्राथमिकता के आधार पर लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह, अपर समाहर्ता ब्रजेश कुमार, जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि जनहित एवं विकास से जुड़ी सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम लोगों को प्रशासनी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।

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क्या भारत दौरे पर आएंगे नेपाल के पीएम बालेन शाह? विदेश मंत्रालय ने दिया सीधा और सटीक जवाब

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछा गया कि क्या हमने नेपाल के प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया है या नहीं? इसके जवाब में उन्होंने कहा- “हां, नेपाल के प्रधानमंत्री को हिंदुस्तान आने का निमंत्रण दिया गया है.” बालेन शाह ने हिंदुस्तान के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह (बालेन) बहुत जल्द हिंदुस्तान की आधिकारिक यात्रा पर आने वाले हैं. बालेन शाह ने हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है, हालांकि अभी यह तय नहीं हो पाया है कि वो हिंदुस्तान कब आने वाले हैं. प्रधानमंत्री बनने के बाद बालेन शाह की होगी पहली विदेश यात्रा मार्च 2026 में नेपाल के प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद बालेन्द्र शाह की यह पहली हिंदुस्तान यात्रा होगी. आमतौर पर नेपाल के नए प्रधानमंत्री पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद हिंदुस्तान या चीन का दौरा करते रहे हैं, लेकिन बालेन शाह ने इस परंपरा से हटकर अब तक किसी भी पड़ोसी देश की यात्रा नहीं की है. हिंदुस्तान दौरे पर आए थे नेपाल के विदेश मंत्री नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल 5 जून से 7 जून 2026 तक तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हिंदुस्तान आए थे. इसके साथ ही उन्होंने चीन का भी दौरा किया था. शिशिर खनाल हिंदुस्तान के विदेश मंत्री एस जयशंकर के निमंत्रण पर हिंदुस्तान आए थे. इस दौरान दोनों देशों के बीच विकास कार्य, कनेक्टिविटी, व्यापार, ऊर्जा और जन-सांख्यिकी संबंधों की समीक्षा की गई थी. The post क्या हिंदुस्तान दौरे पर आएंगे नेपाल के पीएम बालेन शाह? विदेश मंत्रालय ने दिया सीधा और सटीक जवाब appeared first on Naya Vichar.

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