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Author name: Vinod Jha

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US Iran War : ईरान को ट्रंप की खुली धमकी, बोले- डील नहीं हुई तो उड़ा दूंगा पुल और पावर प्लांट

US Iran War : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि तेहरान ने अमेरिका के साथ समझौता नहीं किया तो अमेरिकी सेना दोबारा सैन्य कार्रवाई करेगी. एएनआई न्यूजेंसी के मुताबिक, ट्रंप ने कहा कि इस बार निशाने पर ईरान के अहम पुल, बिजली संयंत्र और रणनीतिक ठिकाने होंगे. उन्होंने दावा है कि अमेरिका “अधूरा काम पूरा” करने के लिए पूरी तरह तैयार है. एक घंटे में उड़ा सकता हूं ज्यादातर पुल फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने बेहद आक्रामक अंदाज में कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह एक घंटे से भी कम समय में ईरान के ज्यादातर पुलों को नष्ट कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि पुल और बिजलीघर किसी भी देश की रीढ़ होते हैं और इनके नष्ट होने के बाद दोबारा निर्माण में कई साल लग जाते हैं. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान को ऐसी चोट पहुंचेगी जिससे उबरने में लंबा समय लगेगा. ट्रंप ने दावा किया कि उन्हें ईरान के ‘पिकएक्स माउंटेन’ परमाणु स्थल पर चल रही गतिविधियों की पूरी जानकारी है. उन्होंने कहा कि अमेरिका पहले ही ईरान के कई परमाणु ठिकानों को निशाना बना चुका है और यदि समझौता नहीं हुआ तो पिकएक्स माउंटेन पर भी कार्रवाई की जा सकती है. उनका कहना था कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को दोबारा खड़ा नहीं होने दिया जाएगा. बिजलीघर भी निशाने पर, लेकिन जनता को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते ट्रंप ने कहा कि बिजली संयंत्र भी अमेरिकी हमले का लक्ष्य बन सकते हैं क्योंकि इन्हें दोबारा तैयार करना सबसे कठिन होता है. हालांकि उन्होंने साफ किया कि समुद्री पानी को मीठा बनाने वाले डीसैलिनेशन प्लांट पर हमला नहीं करेंगे, क्योंकि उससे सीधे आम नागरिक प्रभावित होंगे. उन्होंने कहा कि अमेरिका का उद्देश्य आम लोगों को नहीं, बल्कि ईरान की रणनीतिक क्षमता को कमजोर करना है. नेतन्याहू पर भी साधा निशाना इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम की जानकारी देने के लिए नेतन्याहू को सार्वजनिक घोषणा करने की जरूरत नहीं थी. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका पहले से ही ईरान की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है और उसे किसी से जानकारी लेने की आवश्यकता नहीं है. व्हाइट हाउस बैठक से पहले बढ़ा तनाव राष्ट्रपति ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब उनकी व्हाइट हाउस में इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से अहम बैठक होने वाली है. दोनों नेताओं के बीच ईरान, लेबनान, मध्य-पूर्व की सुरक्षा स्थिति और अब्राहम समझौते के विस्तार पर चर्चा होने की उम्मीद है. ट्रंप के ताजा बयान ने एक बार फिर अमेरिका-ईरान तनाव को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है. यह भी पढ़ें- PoK में बवाल! चुनाव से पहले खूनी संघर्ष, 14 प्रदर्शनकारियों की मौत और दो दर्जन से ज्यादा घायल The post US Iran War : ईरान को ट्रंप की खुली धमकी, बोले- डील नहीं हुई तो उड़ा दूंगा पुल और पावर प्लांट appeared first on Naya Vichar.

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1 करोड़ का ईनामी नक्सली कमांडर मिसिर बेसरा गिरफ्तार, कई सालों से मचा रहा था उत्पात

वरीय संवाददाता, धनबाद झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है. भाकपा (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी सदस्य और झारखंड, बिहार व ओडिशा का मोस्ट वांटेड माओवादी कमांडर मिसिर बेसरा को मंगलवार देर शाम धनबाद-गिरिडीह सीमावर्ती इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया. मिसिर बेसरा पर केंद्र सहित विभिन्न राज्यों में कुल एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था. सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों को गुप्त सूचना मिली थी कि मिसिर बेसरा धनबाद-गिरिडीह सीमा क्षेत्र में अपने नेटवर्क से संपर्क करने पहुंचा है. सूचना के आधार पर झारखंड पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की संयुक्त टीम ने विशेष रणनीति के तहत इलाके की घेराबंदी की और उसे गिरफ्तार कर लिया. गुप्त स्थान पर पूछताछ, कई अहम खुलासों की उम्मीद गिरफ्तारी के बाद मिसिर बेसरा को कड़ी सुरक्षा के बीच एक सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है. सूत्रों का कहना है कि पूछताछ में माओवादी संगठन के नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति, लेवी वसूली, नए कैडरों की भर्ती और सक्रिय दस्तों से जुड़ी अहम जानकारी मिल सकती है. सूत्रों के मुताबिक उसके पास से हथियार और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद हुए हैं. हालांकि पुलिस ने अभी तक बरामदगी और पूछताछ से जुड़ी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था मिसिर बेसरा पिछले कई वर्षों से झारखंड, बिहार और ओडिशा में माओवादी गतिविधियों का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता रहा है. उस पर सुरक्षाबलों पर हमले, लेवी वसूली, हथियारों की तस्करी और कई नक्सली वारदातों की साजिश रचने के आरोप हैं. वह लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था और उसकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न राज्यों में इनाम घोषित था. नक्सल विरोधी अभियान को मिलेगी मजबूती सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी माओवादी संगठन के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है. हाल के वर्षों में झारखंड में लगातार चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों के कारण संगठन की गतिविधियां पहले ही कमजोर हुई हैं. ऐसे में शीर्ष नेतृत्व के एक प्रमुख सदस्य की गिरफ्तारी को बड़ी रणनीतिक सफलता माना जा रहा है. धनबाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने फिलहाल पूरे मामले पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. संभावना है कि पूछताछ के बाद पुलिस विस्तृत जानकारी साझा करेगी. एक दिन पहले ही 16 नक्सलियों ने किया था सरेंडर इस गिरफ्तारी से ठीक एक दिन पहले झारखंड पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में एक और बड़ी सफलता मिली थी. मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में 16 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें छह इनामी नक्सली शामिल थे. इन छह पर कुल 39 लाख रुपये का इनाम घोषित था. आत्मसमर्पण करने वालों में क्षेत्रीय समिति (RCM), जोनल समिति (ZCM), सब-जोनल समिति (SZCM) और एरिया कमेटी के सदस्य भी शामिल हैं. पांच स्त्री नक्सलियों ने भी मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया. पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने छह इंसास राइफल, दो एके-47, अन्य हथियार, 38 मैगजीन और 1,562 कारतूस सुरक्षा बलों को सौंपे. इनमें 15 लाख रुपये के इनामी संतोष महतो उर्फ बसुदेव दा उर्फ दिलीप, 10 लाख रुपये के इनामी चंदन लोहरा समेत कई सक्रिय माओवादी शामिल हैं. हाल के महीनों में राज्य प्रशासन के ‘ऑपरेशन नवजीवन-2’ और लगातार चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों के कारण संगठन का नेटवर्क कमजोर हुआ है. ये भी पढ़ें… शनिचरवा था मिसिर बेसरा का बॉडीगार्ड, संतोष पर 15 व चंदन लोहरा पर था 10 लाख रुपए का इनाम झारखंड : मिसिर बेसरा के बॉडीगार्ड शनिचरवा समेत 18 उग्रवादियों ने किया सरेंडर The post 1 करोड़ का ईनामी नक्सली कमांडर मिसिर बेसरा गिरफ्तार, कई सालों से मचा रहा था उत्पात appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल के कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, दुर्गा पूजा से पहले मिलेगा 20 फीसदी DA, शुभेंदु अधिकारी का ऐलान

7th Pay Commission News Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को राज्य प्रशासन के कर्मचारियों को खुश कर दिया. पश्चिम बंगाल पुलिस मुख्यालय ‘भवानी भवन’ में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्गा पूजा से पहले राज्य के कर्मचारियों को 20 प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ता (DA) और अक्टूबर महीने का वेतन एक साथ जारी किया जायेगा. कर्मचारियों को मिलेगी एडवांस सैलरी आमतौर पर राज्य प्रशासन के कर्मचारियों को हर महीने के अंतिम कार्य दिवस पर वेतन मिलता है. इस बार अक्टूबर के मध्य में पड़ने वाले दुर्गा पूजा उत्सव से काफी पहले कर्मचारियों के खातों में एडवांस सैलरी और बढ़ा हुआ डीए ट्रांसफर कर दिया जायेगा. केंद्र और राज्य के डीए का अंतर होगा कम कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने वित्त सचिव और वित्त मंत्री को इस संबंध में आवश्यक निर्देश देने की जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने कहा- मैंने वित्त विभाग को निर्देश दिया है कि अक्टूबर का वेतन दुर्गा पूजा से पहले जारी किया जाये. पूजा वाले महीने में अतिरिक्त 20 प्रतिशत डीए भी प्रभावी होगा. अभी केंद्र और राज्य प्रशासन के कर्मचारियों के डीए में 42 प्रतिशत का अंतर है. इसे रातोंरात खत्म नहीं किया जा सकता, लेकिन हम इसे चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. ये भी पढ़ें: बंगाल में प्रशासनी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, 16000 रुपए तक बढ़ जायेगी बेसिक सैलरी सातवें वेतन आयोग पर भी बनी सहमति वेतन और डीए में बढ़ोतरी के अलावा, मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि कुछ ही दिनों पहले गठित सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) की सिफारिशों को भी राज्य में पूरी तरह लागू किया जायेगा. बजट घोषणा के अनुसार, 20 प्रतिशत अतिरिक्त डीए का यह लाभ अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो जायेगा. ये भी पढ़ें: महंगाई भत्ता पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से झूमे आंदोलनकारी, बांटे लड्डू The post बंगाल के कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, दुर्गा पूजा से पहले मिलेगा 20 फीसदी DA, शुभेंदु अधिकारी का ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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JPSC धांधली में CID का शिकंजा: 8 घंटे की पूछताछ के बाद पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते का पासपोर्ट जब्त, बुधवार को फिर पेशी

रांची से पंकज त्रिपाठी की रिपोर्ट रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में हुई गड़बड़ियों की जांच कर रही सीआईडी (CID) टीम ने मामले में बड़ी कार्रवाई की है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सीआईडी ने जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते का पासपोर्ट जब्त कर लिया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है. मंगलवार को सीआईडी ने पूर्व अध्यक्ष से करीब 8 घंटे तक पूछताछ की, जिसके बाद यह कदम उठाया गया. बुधवार को उन्हें फिर से पूछताछ के लिए बुलाया गया है. इससे पहले सीआईडी ने उनके आवास पर छापेमारी की थी और आयोग के अन्य सदस्यों से मिली जानकारियों के आधार पर उन्हें समन भेजकर तलब किया था. सीएम हेमंत सोरेन के निर्देश पर पड़ा था छापा उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में धांधली और अनियमितताओं की लगातार शिकायतें मिल रही थीं. मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश के बाद सीआईडी और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने जेपीएससी मुख्यालय पर अचानक छापेमारी की थी. इस दौरान बरामद हुए अहम साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार लोगों में आयोग की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता और परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी के पूर्व मार्केटिंग मैनेजर (वर्तमान में गोड्डा के पोड़ैयाहाट में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी) अभय कुमार तिवारी शामिल थे. इन गिरफ्तारियों के बाद ही चेयरमैन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठने लगे थे, जिसके बाद एल. ख्यांगते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. ये भी पढ़ें: घटिया पनीर और एक्सपायर्ड ब्रेड मिली, रांची के बेकरी-रेस्टोरेंट में फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की छापेमारी ख्यांगते का दावा- ‘पारदर्शिता के लिए दिया इस्तीफा’ पूछताछ के लिए उपस्थित होने से पूर्व सोमवार को मीडिया से बात करते हुए पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते ने कहा था कि उन पर इस्तीफा देने का कोई नेतृत्वक या प्रशासनिक दबाव नहीं था. जांच निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से हो सके, इसी मंशा से उन्होंने अपने पद से त्यागपत्र दिया था. हालांकि, दूसरी तरफ गिरफ्तार उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता ने सीआईडी पूछताछ में बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया है कि आयोग में जो कुछ भी हुआ, वह सब एल. ख्यांगते की पूरी जानकारी में ही हुआ था. सीआईडी अब जब्त दस्तावेजों और गिरफ्तार सदस्यों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की रणनीति बना रही है. ये भी पढ़ें: झारखंड में एएसडीडी वोटर लिस्ट पर कांग्रेस पहुंची चुनाव आयोग, ‘लापता’ मतदाताओं की संख्या पर उठाए सवाल The post JPSC धांधली में CID का शिकंजा: 8 घंटे की पूछताछ के बाद पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते का पासपोर्ट जब्त, बुधवार को फिर पेशी appeared first on Naya Vichar.

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NEET UG पेपर लीक मामला: CBI ने 13 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट, 29 जुलाई को फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई

चार्जशीट को पेपर लीक मामले की सुनवाई के लिए बनाई गई स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट के सामने 29 जुलाई को पेश किया जाएगा. यह चार्जशीट CBI की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने दाखिल की है. इन धाराओं के तहत आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया गया है मामला सभी 13 आरोपियों के खिलाफ BNS 2023 की धारा 315(5), 318(4), 61(2), 238, 303(2); प्रिवेंशन ऑफ करप्शन (PC) एक्ट 1988 की धारा 13(2) और 13(1)(a); और पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 की धारा 10 (धारा 3, 4, 5 और 11 के साथ) के तहत मामला दर्ज किया गया है. न्यायिक हिरासत में हैं ये सभी 13 आरोपी आरोपी यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रहलाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, डॉ. मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवलदार न्यायिक हिरासत में हैं. ये भी पढ़ें: अभिजीत दीपके ने फिर से विरोध-प्रदर्शन की धमकी दी, SC के ऑर्डर पर जताई चिंता The post NEET UG पेपर लीक मामला: CBI ने 13 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट, 29 जुलाई को फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई appeared first on Naya Vichar.

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बेउर जेल के बाहर छात्रों की रिहाई का इंतजार, परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

Bihar Student Protest: बेउर जेल के बाहर मंगलवार सुबह से ही बड़ी संख्या में छात्र और उनके परिजन अपने बच्चों की रिहाई का इंतजार करते रहे. घंटों इंतजार के बाद परिजनों का सब्र जवाब देने लगा. कई परिवारों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि हिरासत में लिए गए छात्रों के साथ मारपीट की गई और उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है. आज छोड़े गए छात्र बेल पर बाहर आए जानकारी के अनुसार, मंगलवार को जिन छात्रों को जेल से बाहर छोड़ा गया है, उन्हें प्रशासन की ओर से जारी रिहाई के आदेश के तहत नहीं, बल्कि बेल पर रिहा किया गया है. बताया गया कि छात्रों के परिजनों ने उनकी परीक्षा को देखते हुए बेल फाइल किया था. न्यायिक प्रक्रिया के बाद छात्रों को परीक्षा देने के लिए जेल से बाहर आने की अनुमति मिली. प्रशासन की चिट्ठी के तहत अभी एक भी छात्र नहीं हुआ रिहा वहीं, प्रशासन की ओर से छात्रों की रिहाई को लेकर जारी चिट्ठी के तहत अभी तक एक भी छात्र को रिहा नहीं किया गया है. जानकारी के अनुसार, इस संबंध में अभी कागजी प्रक्रिया चल रही है. प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रशासन के आदेश के तहत छात्रों को जेल से छोड़े जाने की संभावना है. बताया जा रहा है कि कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद संभवत: बुधवार सुबह तक छात्रों की रिहाई हो सकती है. ऐसे में आज बेल पर बाहर आए छात्रों की रिहाई को प्रशासन की ओर से प्रस्तावित रिहाई से अलग माना जा रहा है. परिजनों का आरोप- 13 छात्रों की रिहाई की मिली थी जानकारी परिजनों के अनुसार, उन्हें जानकारी मिली थी कि 13 छात्रों को जेल से रिहा किया जाएगा, क्योंकि कई छात्रों की परीक्षा भी होनी है. हालांकि, मंगलवार को जिन छात्रों को बाहर निकाला गया, उनकी रिहाई बेल के आधार पर हुई है. इसके अलावा एक फूड ब्लॉगर को भी छोड़े जाने की जानकारी सामने आई है. बाकी छात्रों की रिहाई को लेकर परिजनों में चिंता बनी हुई है. छात्र ने सुनाई आपबीती, पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप जेल से बाहर आए एक छात्र ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. उसने कहा कि उसे लाइब्रेरी से बाहर निकलते समय पकड़ लिया गया था. छात्र का आरोप है कि पूछताछ के बाद 10 से 15 पुलिसकर्मियों ने मिलकर उसकी पिटाई की. उसने दावा किया कि उसे करीब डेढ़ सौ लाठियां मारी गईं, जिससे उसके पैर में गंभीर चोट आई है. छात्र ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उसके साथ गाली-गलौज भी की. उसने कहा कि अंदर छात्र हैं या आतंकवादी, जिस तरह की कार्रवाई की गई है, वह काफी परेशान करने वाली है. लाइब्रेरी के सीसीटीवी फुटेज का किया दावा पीड़ित छात्र ने दावा किया कि जिस समय उसे लाइब्रेरी से पकड़ा गया, उस पूरी घटना का वीडियो वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड है. उसने कहा कि जरूरत पड़ने पर सीसीटीवी फुटेज से घटना की सच्चाई सामने आ सकती है. परिजन बोले- पुलिस ने बताया, कल होगी रिहाई छात्रों के परिजनों का कहना है कि वे सुबह से ही बेउर जेल के बाहर खड़े होकर रिहाई का इंतजार कर रहे हैं. उनका आरोप है कि जेल गेट पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बताया कि बाकी छात्रों को अगले दिन छोड़ा जाएगा. प्रशासन की ओर से जारी चिट्ठी के तहत रिहाई की कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद छात्रों को बाहर निकाले जाने की संभावना है. पुलिस के आधिकारिक बयान का इंतजार छात्रों और उनके परिजनों की ओर से पुलिस पर लगाए गए आरोपों को लेकर पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है. वहीं, छात्रों की रिहाई को लेकर बेल और प्रशासन की ओर से जारी आदेश की प्रक्रिया अलग-अलग चल रही है. प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई जारी है. इसे भी पढ़ें: बिहार में शिक्षकों के लिए नई एसओपी जारी, ट्रांसफर से पहले ये 5 बातें जानना जरूरी The post बेउर जेल के बाहर छात्रों की रिहाई का इंतजार, परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल appeared first on Naya Vichar.

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कौन हैं शुभदीप घोष? टी दिलीप की जगह बन सकते हैं टीम इंडिया के नए फील्डिंग कोच

हिंदुस्तानीय क्रिकेट टीम के फील्डिंग कोच टी दिलीप का कार्यकाल खत्म होने के बाद बीसीसीआई नए फील्डिंग कोच की तलाश में जुटा है. समाचार एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, असम के पूर्व क्रिकेटर शुभदीप घोष इस पद के प्रमुख दावेदार हैं. उम्मीद है कि श्रीलंका दौरे से पहले बीसीसीआई नए फील्डिंग कोच के नाम का ऐलान कर देगा. बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि बोर्ड दो से तीन नामों पर चर्चा कर रहा है और अगले एक-दो दिनों में फैसला ले लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि श्रीलंका दौरे पर हिंदुस्तानीय टीम के साथ नया फील्डिंग कोच जाएगा. कौन हैं शुभदीप घोष? शुभदीप घोष असम के डिगबोई के रहने वाले हैं. उन्होंने 1994-95 सीजन में असम के लिए प्रथम श्रेणी (फर्स्ट क्लास) और लिस्ट-ए क्रिकेट में पदार्पण किया था. इसके बाद उन्होंने रेलवे की ओर से भी घरेलू क्रिकेट स्पोर्ट्सा. उनका आखिरी घरेलू मुकाबला 2004-05 सीजन में था. राहुल द्रविड़ के समय से BCCI से जुड़े शुभदीप घोष पिछले छह-सात वर्षों से बीसीसीआई के साथ जुड़े हुए हैं. उनकी शुरुआत राहुल द्रविड़ के नेशनल क्रिकेट अकादमी (NCA) प्रमुख रहने के दौरान हुई थी. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तानीय क्रिकेट के विभिन्न आयु वर्ग और सीनियर टीमों के साथ काम किया. इन टीमों के साथ निभा चुके हैं अहम भूमिका 2020 में उन्हें हिंदुस्तानीय स्त्री क्रिकेट टीम के सपोर्ट स्टाफ में शामिल किया गया. इसके अलावा वह हिंदुस्तान अंडर-19 टीम के साथ दक्षिण अफ्रीका में स्पोर्ट्से गए विश्व कप अभियान का हिस्सा रहे. 2023 एशियाई स्पोर्ट्सों में हिंदुस्तान की पुरुष क्रिकेट टीम के फील्डिंग कोच रहे, जहां टीम ने स्वर्ण पदक जीता. हाल ही में जिम्बाब्वे दौरे पर भी वह हिंदुस्तानीय टीम के सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा थे. कोचिंग का लंबा अनुभव पूर्व फर्स्ट क्लास क्रिकेटर शुभदीप घोष ने खिलाड़ी के बाद कोचिंग में भी लंबा अनुभव हासिल किया है. हिंदुस्तानीय स्त्री टीम, इंडिया ए, अंडर-19 और सीनियर टीम के साथ काम करने की वजह से उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की जरूरतों और दबाव का अच्छा अनुभव है. यही वजह है कि उन्हें टीम इंडिया के नए फील्डिंग कोच की रेस में सबसे आगे माना जा रहा है. ये भी पढ़ें: टीम इंडिया में एक और बदलाव, रयान टेन डोशेट के बाद फील्डिंग कोच टी दिलीप की भी छुट्टी The post कौन हैं शुभदीप घोष? टी दिलीप की जगह बन सकते हैं टीम इंडिया के नए फील्डिंग कोच appeared first on Naya Vichar.

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अभिजीत दीपके ने फिर से विरोध-प्रदर्शन की धमकी दी, SC के ऑर्डर पर जताई चिंता

सीजेपी के अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने कहा, “अगर पुलिस की तरफ से छात्रों को परेशान करने का सिलसिला जारी रहा, तो कॉकरोच जनता पार्टी जल्द ही एक बड़े और शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के जरिए इसका जवाब देगी. प्रशासन को छात्रों को निशाना बनाना और उन्हें परेशान करना बंद करना चाहिए.” The post अभिजीत दीपके ने फिर से विरोध-प्रदर्शन की धमकी दी, SC के ऑर्डर पर जताई चिंता appeared first on Naya Vichar.

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कोलकाता हिंसा : एक दिन में कोर्ट के 2 फैसले, पहले आरोपियों को जेल हिरासत, फिर किया रिहा

कोलकाता से विकास कुमार गुप्ता की रिपोर्ट धर्मतला में नीट पेपर लीक के दौरान हिंसक प्रदर्शन करने के आरोप में गिरफ्तार सभी 16 आरोपियों को मंगलवार को बैंकशाल कोर्ट में पेश किया गया. शुरू में सभी 16 आरोपियों को 30 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिये गये. बाद में सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद बैंकशाल कोर्ट में फिर से इस मामले की सुनवाई हुई. दूसरी बार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए कोलकाता में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) एवं वामपंथी छात्र संगठनों की रैली के दौरान हुए हंगामे के बाद गिरफ्तार 16 लोगों को चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने 500-500 रुपए के व्यक्तिगत बांड पर जमानत दे दी. सुप्रीम कोर्ट के आदेश का वकील को मिला सहारा जमानत के लिए आरोपियों के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का सहारा लिया, जिसमें सीजेपी आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कदम न उठाने की सलाह दी गयी थी. इसके बाद सभी 16 गिरफ्तार लोगों को जमानत मिल गयी, क्योंकि प्रशासनी वकील ने याचिका का विरोध नहीं किया. बिहार, असम के बाद पश्चिम बंगाल में भी सुप्रीम निर्देश का पालन कर निर्देश के मुताबिक हुई कार्रवाई कोलकाता पुलिस ने भी किया स्पष्ट, सुप्रीम कोर्ट के सभी आदेश का पालन करेगी पुलिस, नहीं होगी कोई सख्त कार्रवाई 16 आरोपियों की कोर्ट में पेशी रैली में हुए हंगामे के बाद मंगलवार को 16 लोगों को अदालत में पेश किया गया, तो आरोपियों के वकीलों ने जमानत याचिका दायर की. शुरू में प्रशासनी वकील ने जमानत का विरोध किया और न्यायिक हिरासत की मांग की. इसके बाद मजिस्ट्रेट ने 30 जुलाई तक सभी को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया. ये भी पढ़ें: कोलकाता हिंसा का विरोध : भाजपा ने निकाली 2 रैलियां, कहा- आंदोलन को था इसलामी कट्टरपंथियों का समर्थन वकीलों ने उठाया समझौते का मुद्दा दोपहर की सुनवाई के दौरान आरोपियों के वकीलों ने सीजेपी और केंद्र प्रशासन के बीच हुए समझौते का मुद्दा उठाया. उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली सहित पूरे हिंदुस्तान में नीट आंदोलन से जुड़े मामलों को वापस लेने का फैसला किया है. दिन में 2 बार हुई केस की सुनवाई इस बीच, सुप्रीम कोर्ट के फैसले की कॉपी मिलने के बाद आरोपियों के वकीलों ने फिर मंगलवार को नयी सुनवाई के लिए आवेदन किया. मजिस्ट्रेट ने अनुरोध स्वीकार कर लिया और एक बार न्यायिक हिरासत में भेजे जाने का आदेश देने के बाद इस मामले की सुनवाई अदालत में फिर से शुरू हुई. ये भी पढ़ें: कोलकाता हिंसा मामले में 2 और गिरफ्तार, आरोपियों को घटनास्थल तक नंगे पैर ले गयी पुलिस सुप्रीम कोर्ट की सलाह : आंदोलन करने वालों पर न हो सख्त कार्रवाई आरोपियों के वकीलों यासीन रहमान, राजा सेन और प्रशांत बागची ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का हवाला दिया, जिसमें सीजेपी आंदोलन के दौरान गिरफ्तार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई न करने की सलाह दी गयी थी. इसके बाद अदालत ने सभी 16 लोगों को जमानत पर रिहा करने का फैसला सुनाया. सुप्रीम कोर्ट के आदेश का कर रहे पालन : कोलकाता पुलिस इधर, सुप्रीम कोर्ट का निर्देश आने के बाद कोलकाता पुलिस के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर कुणाल अग्रवाल ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी आदेश का पालन कर रहे हैं. निचली अदालत ने गिरफ्तार किये गये सभी लोगों को जमानत दे दी है. The post कोलकाता हिंसा : एक दिन में कोर्ट के 2 फैसले, पहले आरोपियों को जेल हिरासत, फिर किया रिहा appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Student Protest: जेल से बाहर आए तेज प्रताप यादव, सरकार के आदेश के बाद मिली जमानत

Bihar Student Protest: नीट पेपर लीक मामले को लेकर बिहार बंद के दौरान हुई झड़प के मामले में बेऊर जेल में बंद पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव को मंगलवार देर शाम रिहा कर दिया गया. उनके साथ गिरफ्तार किए गए चार छात्र कार्यकर्ताओं को भी जेल से मुक्त कर दिया गया है. कोर्ट से मिली जमानत के बाद हुई रिहाई जमानत के आवश्यक कागजात मंगलवार देर शाम बेऊर जेल प्रशासन के पास पहुंचे, जिसके बाद नियमानुसार कागजी प्रक्रिया पूरी कर सभी को रिहा किया गया. बेऊर जेल अधीक्षक ने तेजप्रताप यादव समेत पांचों लोगों की रिहाई की पुष्टि की है. शनिवार को मॉल से हुए थे गिरफ्तार उल्लेखनीय है कि गांधी मैदान थाने में तेजप्रताप यादव और अन्य के खिलाफ दंगा भड़काने व कई अन्य गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इस मामले में पुलिस ने बीते शनिवार को उन्हें फ्रेजर रोड स्थित सेंट्रल मॉल से हिरासत में लिया था और देर रात बेऊर जेल भेज दिया था. जेल में रहने के दौरान तेजप्रताप यादव की तबीयत भी बिगड़ गई थी. सोमवार को प्रशासन ने जारी किया था आदेश प्रदर्शन के दौरान दर्ज मामलों को लेकर बिहार प्रशासन ने भी सभी प्राथमिकियों को रद्द करने का निर्णय लिया. वहीं, तेजप्रताप यादव की ओर से अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की गई थी, जिसे मंजूर करते हुए कोर्ट ने उनकी रिहाई का आदेश जारी कर दिया. Also Read: बिहार में NEET प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज FIR रद्द, पुलिस वेरिफिकेशन की टेंशन खत्म The post Bihar Student Protest: जेल से बाहर आए तेज प्रताप यादव, प्रशासन के आदेश के बाद मिली जमानत appeared first on Naya Vichar.

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