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Author name: Vinod Jha

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रेप केस में गए थे जेल, विवादों के बीच अभिषेक पोरेल की रणजी टीम में हुई एंट्री

Abishek Porel: विवादों में रहे विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिषेक पोरेल को आगामी रणजी ट्रॉफी मुकाबले के लिए बंगाल की टीम में शामिल किया गया है. बंगाल अपने रणजी अभियान की शुरुआत दिल्ली के खिलाफ करेगा. दोनों टीमों के बीच मुकाबला कल्याणी के बंगाल क्रिकेट अकादमी मैदान पर स्पोर्ट्सा जाएगा. पोरेल को हाल ही में बलात्कार के एक मामले में जमानत मिली थी. इसके बावजूद उन्हें अभिमन्यु ईश्वरन की कप्तानी वाली बंगाल टीम में जगह दी गई है. एलीट ग्रुप-सी के इस मुकाबले के लिए बंगाल ने अपनी मजबूत टीम चुनी है. ईडन गार्डन्स की जगह कल्याणी में होगा मुकाबला बंगाल और दिल्ली के बीच होने वाला शुरुआती मुकाबला पहले कोलकाता के ईडन गार्डन्स में प्रस्तावित था, लेकिन अब इसे कल्याणी स्थानांतरित कर दिया गया है. 10 अक्टूबर से ईडन गार्डन्स में महालया के साथ शुरू होने वाले दुर्गा पूजा उत्सव से जुड़े कार्यक्रमों के कारण वेन्यू में बदलाव किया गया है. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी शामिल होने की बात है. ये भी पढ़ें: Korogi Sports Park: जिस मैदान का नाम आपने एशियन गेम्स 2026 में पहली बार सुना, वहां कभी क्रिकेट स्पोर्ट्सा ही नहीं जाता था शमी, आकाश दीप और मुकेश कुमार टीम में बंगाल की टीम में हिंदुस्तान के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को भी शामिल किया गया है. उनके अलावा मुकेश कुमार और न्यूजीलैंड दौरे से पहले अपनी फिटनेस व फॉर्म साबित करने की कोशिश कर रहे आकाश दीप भी टीम का हिस्सा हैं. तीनों तेज गेंदबाजों के लिए रणजी ट्रॉफी का यह मुकाबला अहम माना जा रहा है. हाल ही में दलीप ट्रॉफी और ईरानी कप में इन खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया था. वहीं, भुवनेश्वर कुमार की चार साल बाद हिंदुस्तानीय टी20 टीम में वापसी के बाद घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने वाले इन गेंदबाजों के पास भी राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने का मौका है. बंगाल और दिल्ली एक ही ग्रुप में बंगाल और दिल्ली को एलीट ग्रुप-सी में रखा गया है. इस ग्रुप में दोनों टीमों के अलावा गुजरात, झारखंड, केरल, महाराष्ट्र, ओडिशा और सर्विसेज की टीमें भी शामिल हैं. बंगाल की टीम अभिमन्यु ईश्वरन (कप्तान), सुदीप कुमार घरामी, सुदीप चटर्जी, अभिषेक पोरेल, अंकुर पॉल, सुमंत गुप्ता, अंकित शुक्ला, शुभम चटर्जी, मोहम्मद शमी, आकाश दीप, मुकेश कुमार, सूरज सिंधू जायसवाल, प्रदीप्त प्रमाणिक, आमिर गनी, मोहम्मद कैफ, सौम्यदीप मंडल. स्टैंडबाय: करण लाल, अखिलेश यादव, गीत पुरी, अभिषेक रमन, शुभम प्रशासन, सुमित मोहंता और आदित्य पुरोहित. ये भी पढ़ें: 6 मेडन, 5 विकेट… कभी हिंदुस्तान को डराता था यह तेज गेंदबाज, आज टीम इंडिया का बॉलिंग कोच The post रेप केस में गए थे जेल, विवादों के बीच अभिषेक पोरेल की रणजी टीम में हुई एंट्री appeared first on Naya Vichar.

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पटना से लखनऊ जा रही इंडिगो फ्लाइट पर गिरी आकाशीय बिजली, 17 हजार फीट पर क्षतिग्रस्त हुआ नोज; पायलट ने सुरक्षित उतारा

Patna Lucknow IndiGo Flight Lightning Strike: पटना से लखनऊ जा रही इंडिगो की फ्लाइट बुधवार शाम खराब मौसम के बीच आकाशीय बिजली (लाइटनिंग स्ट्राइक) की चपेट में आ गयी. घटना के समय विमान करीब 17 हजार फीट की ऊंचाई पर था. आकाशीय बिजली की चपेट में आने से विमान का अगला हिस्सा (नोज) क्षतिग्रस्त हो गया. हालांकि, पायलट ने सूझ-बूझ का परिचय देते हुए विमान को लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया. विमान में सवार सभी यात्री सुरक्षित रहे. 17 हजार फीट की ऊंचाई पर विमान से टकरायी आकाशीय बिजली एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक, इंडिगो की नियमित घरेलू उड़ान संख्या 6E-925 ने पटना एयरपोर्ट से बुधवार दोपहर 3:10 बजे उड़ान भरी थी. विमान को शाम 4:20 बजे लखनऊ पहुंचना था. खराब मौसम के बीच लखनऊ के एयरस्पेस के आसपास विमान करीब 17 हजार फीट की ऊंचाई पर था, तभी आकाशीय बिजली विमान से टकरा गयी. लाइटनिंग स्ट्राइक की चपेट में आने से विमान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया. घटना के दौरान विमान के अंदर कुछ देर के लिए दहशत का माहौल रहा. पायलट ने सुरक्षित कराया विमान का लैंडिंग आकाशीय बिजली की चपेट में आने के बाद पायलट ने सूझ-बूझ का परिचय देते हुए विमान को सुरक्षित लखनऊ एयरपोर्ट पर उतारा. विमान शाम करीब 4:05 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पर उतर गया. विमान में सवार सभी यात्री सुरक्षित रहे. तकनीकी जांच के लिए मौके पर पहुंचे इंजीनियर आकाशीय बिजली की चपेट में आए विमान की तकनीकी जांच के लिए एयरलाइन के इंजीनियरों की टीम मौके पर पहुंची. विमान में आयी तकनीकी खराबी का पता लगाने के लिए इंजीनियरों की ओर से उसकी जांच की जा रही है. इसे भी पढ़ें: पटना में देर शाम बदला मौसम का मिजाज, काले बादलों से छाया अंधेरा; 9 अक्टूबर तक बारिश का पूर्वानुमान The post पटना से लखनऊ जा रही इंडिगो फ्लाइट पर गिरी आकाशीय बिजली, 17 हजार फीट पर क्षतिग्रस्त हुआ नोज; पायलट ने सुरक्षित उतारा appeared first on Naya Vichar.

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मां के निधन से टूटे हेमंत सोरेन, बोले- बाबा के जाने के बाद मां ही मेरी सबसे बड़ी छांव थीं

रांची. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के निधन से पूरा सोरेन परिवार शोक में है. मां के निधन के बाद हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक संदेश साझा किया है. उन्होंने अपनी मां को याद करते हुए कहा कि पिता शिबू सोरेन के जाने के बाद वही उनकी सबसे बड़ी छांव थीं. अब वह छांव भी प्रकृति की गोद में समा गयी. हेमंत सोरेन ने अपने पोस्ट में लिखा, “बाबा के जाने के बाद माँ ही मेरी सबसे बड़ी छाँव थीं. आज वह छाँव भी प्रकृति की गोद में समा गयीं. माँ….” मुख्यमंत्री का यह संदेश उनकी मां के साथ उनके गहरे भावनात्मक जुड़ाव को बयां करता है. कुछ समय पहले ही हेमंत सोरेन ने अपने पिता और झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता शिबू सोरेन को खोया था. पिता के निधन के बाद मां रूपी सोरेन उनके लिए परिवार की उस मजबूत छांव की तरह थीं, जिसका जिक्र उन्होंने खुद अपने संदेश में किया है. पिता के बाद मां थीं सबसे बड़ा सहारा शिबू सोरेन के निधन के बाद रूपी सोरेन का जाना हेमंत सोरेन के लिए एक और बड़ी व्यक्तिगत क्षति है. पिता के जाने के बाद मां के साथ उनका भावनात्मक रिश्ता और भी महत्वपूर्ण हो गया था. ऐसे में मां को खोने के बाद मुख्यमंत्री ने जिस संक्षिप्त संदेश में अपनी भावना व्यक्त की, उसमें उनका व्यक्तिगत दर्द साफ नजर आता है. हेमंत सोरेन ने अपने नेतृत्वक जीवन और मुख्यमंत्री के तौर पर जिम्मेदारियों के बीच भी कई मौकों पर परिवार के प्रति अपने लगाव को सार्वजनिक किया है. लेकिन इस बार मां के निधन के बाद उनका संदेश पूरी तरह व्यक्तिगत भावनाओं से भरा है. किडनी और पेट की समस्या से भी जूझ रही थीं रूपी सोरेन किडनी और पेट से जुड़ी समस्या से भी जूझ रही थीं. उन्हें शुगर और बीपी की समस्या भी थी. किडनी की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उनका नियमित डायलिसिस चल रहा था. स्वास्थ्य संबंधी इन समस्याओं के कारण उनकी स्थिति में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा था. ऐसे बिगड़ती गयी तबीयत 17 सितंबर: आवास में देर रात तबीयत बिगड़ गयी थी. 18 सितंबर: सुबह उन्हें हिल व्यू अस्पताल लाया गया. 19 सितंबर: ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया. 20 सितंबर: अचानक बेहोश हो गयी थीं. 25 सितंबर: इलाज के प्रयासों के बाद स्वास्थ्य में सुधार होने लगा था. 30 सितंबर: रूपी सोरेन को होश आया था. 5 अक्टूबर: उनकी स्थिति दोबारा खराब हो गयी. 6 अक्टूबर: डॉक्टरों की टीम उन्हें स्वस्थ करने के प्रयास में लगी रही. 7 अक्टूबर: उनकी स्थिति बेहद नाजुक हो गयी और रात करीब 8:30 बजे उनका निधन हो गया. The post मां के निधन से टूटे हेमंत सोरेन, बोले- बाबा के जाने के बाद मां ही मेरी सबसे बड़ी छांव थीं appeared first on Naya Vichar.

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शिबू सोरेन से शादी के तुरंत बाद शुरू हो गया था रूपी सोरेन का संघर्ष, दुर्गा को गोद में लेकर जंगलों की खाक छानी

Rupi Soren Life: दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन नहीं रहीं. बुधवार को उन्होंने रांची के हिल व्यू अस्पताल में अंतिम सांस ली. वह एक बहादुर स्त्री थीं. जब शिबू सोरेन झारखंड आंदोलन के लिए संघर्ष कर रहे थे, जंगलों और पहाड़ों में छिपकर रहते थे, तब मुश्किल भरे दौर में उन्होंने बहादुरी के साथ जीवन को आगे बढ़ाया. उनके संघर्ष के दिनों में उनकी ननद ने भरपूर साथ दिया था. नया विचार के पूर्व कार्यकारी संपादक और वर्तमान में झारखंड सूचना आयोग के सदस्य अनुज कुमार सिन्हा बताते हैं कि शिबू सोरेन की अनुपस्थिति में महाजनों और पुलिस दोनों से वह अकेले मुकाबला करतीं थीं. अनुज सिन्हा ने उनके जीवन से जुड़ी कई अहम बातें नया विचार को बतायीं. जब पूरी तरह अकेली पड़ गयीं रूपी सोरेन उन्होंने बताया कि शिबू सोरेन से शादी के बाद ही रूपी सोरेन के जीवन में संघर्ष की शुरुआत हो गयी थी. शादी के कुछ ही दिनों बाद शिबू सोरेन को पुलिस ने गिरफ्तार कर हजारीबाग जेल भेज दिया. रूपी परेशान हो उठीं. नयी-नयी शादी हुई थी. इतने पैसे भी नहीं थे कि वह अपने पति को रिहा करवा सकें. पूरी तरह अकेली पड़ गयी थीं. ये भी पढ़ें: झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का निधन पिता से पैसे मांगकर पति को जेल से छुड़ाया आखिरकार गांव के एक व्यक्ति से उन्होंने मदद मांगी. रूपी ने उससे कहा कि या तो कुछ पैसे उधार दे दीजिए या चांडिल जाने का टिकट कटवा दीजिए. इसके बाद वह अपने मायके चांडिल चली गयीं. वहां अपने पिता से बात की और उनसे आग्रह किया कि वह शिबू सोरेन को जेल से छुड़वाने में मदद करें. पिता से पैसे लेकर आयीं और अपने पति को रिहा करवाया. पुलिस से कहा- ये शिबू सोरेन का नहीं, रूपी सोरेन का घर है 1970 के आसपास पुलिस अक्सर शिबू सोरेन के घर आती थी. रूपी सोरेन से भी पूछताछ करती थी. शुरू में तो वह कुछ सवालों के जाब दे देती थीं, लेकिन बाद में उन्होंने पुलिस के किसी भी सवाल का जवाब देने से इनकार करना शुरू कर दिया. एक बार तो उन्होंने पुलिस से साफ-साफ कह दिया कि यह शिबू सोरेन का घर नहीं है. यह रूपी सोरेन का घर है. शिबू सोरेन यहां नहीं आते. शिबू सोरेन जहां हैं, वहां जाकर उनको खोजिए. ये भी पढ़ें: रूपी सोरेन की तबीयत कब-कब बिगड़ी? 18 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ऐसे चला इलाज दुर्गा को गोद में लेकर शिबू सोरेन को खोजने जंगल में निकल गयीं रूपी महाजनों के विरोध और अलग झारखंड राज्य के लिए आंदोलन की वजह से शिबू सोरेन को छिप-छिपकर रहना पड़ता था. उन दिनों वह टुंडी के आसपास के जंगल में और पहाड़ों पर रहते थे. इस दौरान रूपी सोरेन को उनकी कोई खोज-समाचार नहीं रहती थी. एक बार वह इतनी परेशान हो गयीं कि अपने बेटे दुर्गा को लेकर शिबू सोरेन को खोजने के लिए जंगलों में निकल पड़ीं. मुश्किल वक्त में भी नहीं हारी हिम्मत रूपी के साथ उनकी सास और ननद भी चल पड़ीं. एक छोटे शिशु के साथ तीन स्त्रीओं को जंगल-पहाड़ों में काफी भटकना पड़ा. यह उनके जीवन का बेहद कठिन दौर था. पति आंदोलन कर रहे थे, पुलिस लगातार उन पर नजर रख रही थी. घर-परिवार की पूरी जिम्मेदारी रूपी के कंधों पर थी. लेकिन मुश्किल वक्त में कभी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. ये भी पढ़ें: रूपी सोरेन के निधन से शोक में डूबा झारखंड, सांसद-विधायक और मंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि The post शिबू सोरेन से शादी के तुरंत बाद शुरू हो गया था रूपी सोरेन का संघर्ष, दुर्गा को गोद में लेकर जंगलों की खाक छानी appeared first on Naya Vichar.

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VIDEO: राहुल गांधी को हिरासत में लेकर जा रही थी दिल्ली पुलिस, कार्यकर्ताओं ने बस का टायर किया पंक्चर

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं को दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर की ओर मार्च के दौरान हिरासत में लिया था. विपक्षी सांसद मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने जंतर-मंतर जाना चाहते थे. राहुल गांधी को दूसरी बस में किया गया शिफ्ट राहुल गांधी को लेकर जा रही बस का टायर पंक्चर होने के बाद वाहन को रोकना पड़ा. इसके बाद राहुल गांधी को दूसरी बस में शिफ्ट किया गया और उन्हें बाराखंबा रोड स्थित पुलिस स्टेशन ले जाया गया. कांग्रेस ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि राहुल गांधी को जिस बस में ले जाया जा रहा था, उसे अग्रसेन की बावली के पास पार्टी कार्यकर्ताओं ने पंक्चर कर दिया. पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में लिया इससे पहले जनपथ से जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे विपक्षी सांसदों को दिल्ली पुलिस ने अशोक रोड पर शांगरी-ला होटल के सामने रोक दिया था. इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कई अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया. राहुल गांधी को पुलिसकर्मी बस में ले गए. इस दौरान कई कांग्रेस कार्यकर्ता बस के ऊपर चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे. बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया. सड़क पर लेट गईं प्रियंका गांधी पुलिस द्वारा मार्च रोके जाने पर प्रियंका गांधी वाड्रा ने विरोध जताया. वह सड़क पर लेट गईं और उनके हाथ में संविधान की प्रति थी. बाद में उन्हें भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया. विपक्षी सांसद मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर अपनी मांगें उठा रहे हैं. विपक्ष का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ियां हुई हैं. ये भी पढ़ें: VIDEO: राहुल गांधी ने पीएम मोदी और शाह को ललकारा, बोले- मार्च रोक सकते हैं, हमारी इच्छाशक्ति नहीं राहुल गांधी बोले- ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष का आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते. उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसद लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे. बुधवार को हुए प्रदर्शन से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी सांसदों के लिए दोपहर के भोज का आयोजन किया था. इसके बाद विपक्षी सांसद तीन बसों में सवार होकर जंतर-मंतर की ओर रवाना हुए थे. यह लगातार दूसरा दिन था, जब राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया. मंगलवार को भी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया था. ये भी पढ़ें: Video: संविधान की प्रति हाथ में लेकर सड़क पर लेट गईं प्रियंका गांधी, कहा- स्त्री पुलिस ने खरोंचा और जमीन पर गिराया The post VIDEO: राहुल गांधी को हिरासत में लेकर जा रही थी दिल्ली पुलिस, कार्यकर्ताओं ने बस का टायर किया पंक्चर appeared first on Naya Vichar.

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CJP को मिला ध्रुव राठी का साथ, 8 अक्टूबर को बैंगलुरु के फ्रीडम पार्क प्रदर्शन में होंगे शामिल

Dhruv Rathi : फेमस यूट्यूबर ध्रुव राठी पहली बार ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को सपोर्ट करने हिंदुस्तान आने वाले हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो पब्लिश कर जानकारी दी कि 8 अक्टूबर को बैंगलोर में वह CJP को समर्थन देने आ रहे हैं. View on Instagram कॉकरोच जनता पार्टी समेत विपक्षी दलों के द्वारा स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) के विरोध में और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है. 2 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर और मुंबई के शिवाजी पार्क से इस विरोध प्रदर्शन की शुरुआत हुई थी. किनकी रहेगी मौजूदगी? आंदोलन के समर्थक और अभिनेता प्रकाश राज ने वीडियो पोस्ट कर बताया कि ध्रुव राठी के अलावा और किन नेताओं की मौजूदगी रहने वाली है. 8 अक्टूबर को प्रोटेस्ट में छात्र नेता आइशी घोष, ऑल इंडिया स्टू़डेंट यूनियन की नेता नेहा बोरा के साथ SIR पीड़ित लोग भी मौजूद रहेंगे. चप्पल प्रदर्शन का ऐलान 8 अक्टूबर को पीपुल्स ट्रिब्यूनल के बाद CJP स्त्री पत्रकारों के समर्थन में प्रदर्शन करेगी. आशुतोष रंका ने अपने एक्स अकाउंट पर इस प्रदर्शन से जुड़े पोस्टर भी शेयर किए हैं. इनमें हाथों में चप्पल और सैंडल उठाए हुए लोग नजर आ रहे हैं. पोस्टर में स्त्रीओं की सुरक्षा, स्वतंत्रता और आजादी से जुड़े संदेश दिए गए हैं. इसमें लिखा है कि स्त्रीओं को सुरक्षा मिलनी चाहिए, पाबंदी नहीं. स्त्रीओं को स्वतंत्रता मिलनी चाहिए, शर्तें नहीं. स्त्रीओं को आजादी से जीने देने की बात भी पोस्टर में कही गई है. पोस्टर के अंत में लिखा है, ‘जब तक सब स्वतंत्र नहीं हैं, तब तक कोई भी स्वतंत्र नहीं है.’ ध्रुव राठी का लोकसभा चुनाव के दौरान असर 2024 को हुए लोकसभा चुनाव के दौरान सोशल मीडिया में चलाए कैंपेन के बाद ध्रुव राठी का असर देखने को मिला था. राठी ने चुनावी मुद्दों पर कई एनलिसिस वीडियो बनाए थे. उन्होंने लोगों को मतदान के लिए जागरूक करने का भी काम किया था. ऐसे में उनका आंदोलन को समर्थन देने हिंदुस्तान आना CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रोटेस्ट को धार मिलने की तरह देखा जा रहा है. ये भी पढ़ें: Watch Video: प्रियंका को हटाने पहुंची पुलिस तो ढाल बने राहुल गांधी, भिड़ंत का वीडियो वायरल The post CJP को मिला ध्रुव राठी का साथ, 8 अक्टूबर को बैंगलुरु के फ्रीडम पार्क प्रदर्शन में होंगे शामिल appeared first on Naya Vichar.

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VIDEO: राहुल गांधी ने पीएम मोदी और शाह को ललकारा, बोले- मार्च रोक सकते हैं, हमारी इच्छाशक्ति नहीं

INDIA Bloc Protest: राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “मैं INDIA गठबंधन के उन सभी सांसदों का आभारी हूं जो हमारे लोकतंत्र की रक्षा के लिए संसद में, सड़कों पर और आज जंतर-मंतर के पास मजबूती से डटे हुए हैं.” उन्होंने आगे कहा, “वे मार्च रोक सकते हैं. वे बैठक करने से मना कर सकते हैं. लेकिन वे हमारे लोगों की इच्छाशक्ति को नहीं रोक सकते.” राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और पूरे सिस्टम को जवाबदेह ठहराया जाएगा. जनपथ से जंतर-मंतर तक विपक्ष का मार्च ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों के नेता निर्वाचन आयोग के मुद्दे को लेकर लगातार दूसरे दिन सड़क पर उतरे. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से आयोजित दोपहर के भोज के बाद विपक्षी सांसद तीन बसों में सवार होकर जंतर-मंतर की ओर रवाना हुए. करीब तीन घंटे चले इस मार्च में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए. विपक्षी सांसदों को अशोक रोड पर शांगरी-ला होटल के सामने पुलिस ने रोक दिया. इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया गया. राहुल गांधी और कुछ अन्य नेताओं को एक टेंपो ट्रैवलर में बैठाकर मौके से ले जाया गया. उनके हिरासत में लिए जाने के बाद कई कांग्रेस कार्यकर्ता वाहन की छत पर चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे. संविधान की प्रति लेकर सड़क पर लेट गईं प्रियंका पुलिस द्वारा मार्च रोके जाने पर प्रियंका गांधी वाड्रा ने विरोध जताया. वह सड़क पर लेट गईं और उस समय उनके हाथ में संविधान की प्रति थी. हिरासत में लिए गए राहुल गांधी और कुछ अन्य नेताओं को बाद में बाराखंबा थाने ले जाया गया. कुछ देर बाद उन्हें रिहा कर दिया गया. कांग्रेस ने दावा किया कि राहुल गांधी को जिस वाहन में ले जाया जा रहा था, उसे अग्रसेन की बावली के पास पार्टी कार्यकर्ताओं ने पंचर कर दिया. कांग्रेस और विपक्ष के कुछ नेताओं ने पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार करने का भी आरोप लगाया. ‘ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन’ हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष का अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं दे देते. उन्होंने कहा कि विपक्ष के करीब 300 सांसद बुधवार को चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया. राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने विपक्षी सांसदों को प्रदर्शन करने से भी रोका. राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष अब जंतर-मंतर जाकर प्रदर्शन करेगा और देश को बताएगा कि ज्ञानेश कुमार “देश के वैध मुख्य निर्वाचन आयुक्त नहीं हैं.” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार पर लोकतंत्र को खत्म करने का आरोप लगाया. राहुल ने कहा कि इन लोगों पर कार्रवाई होगी और ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना पड़ेगा. खरगे बोले- मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन दोपहर के भोज के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन के सभी सहयोगी दल जंतर-मंतर पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा. खरगे ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग जो कुछ कर रहा है, उसके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं. उन्होंने कहा कि विपक्षी दल मिलकर जनता को यह बताना चाहते हैं कि उसके अधिकार छीने जा रहे हैं. खरगे ने कहा कि जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए विपक्षी नेताओं और सांसदों पर कितने भी मामले दर्ज किए जाएं, वे डरने या रुकने वाले नहीं हैं. भोज में 100 से अधिक सांसद हुए शामिल जंतर-मंतर जाने से पहले खरगे की ओर से जनपथ रोड स्थित ‘सागर रत्ना’ रेस्तरां में दोपहर के भोज का आयोजन किया गया. इसमें कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और वाम दलों समेत विपक्ष के कम से कम 100 सांसद शामिल हुए. हालांकि, समाजवादी पार्टी, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) का कोई प्रतिनिधि भोज में शामिल नहीं हुआ. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि भोज का फैसला मंगलवार देर रात लिया गया था और उसी समय सभी दलों को इसकी जानकारी दी गई थी. उन्होंने कहा कि इसी वजह से कुछ दलों के प्रतिनिधि इसमें शामिल नहीं हो सके. रमेश ने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन और अन्य विपक्षी दल ‘वोट चोरी’, एसआईआर और परिसीमन के मुद्दे पर एकजुट हैं और एक-दूसरे के साथ खड़े हैं. मंगलवार के प्रदर्शन की अगली कड़ी है बुधवार का मार्च विपक्षी सांसदों का बुधवार का मार्च मंगलवार के घटनाक्रम की अगली कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है. मंगलवार को ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसद संसद से निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग के पास बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया था. इसके बाद कई विपक्षी नेताओं और सांसदों ने वहीं धरना दिया था. दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कम से कम 260 लोगों को हिरासत में लिया था, जिनमें ‘इंडिया’ गठबंधन के 10 सांसद भी शामिल थे. बाद में सभी को रिहा कर दिया गया था. विपक्षी दल निर्वाचन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगातार सवाल उठा रहे हैं. The post VIDEO: राहुल गांधी ने पीएम मोदी और शाह को ललकारा, बोले- मार्च रोक सकते हैं, हमारी इच्छाशक्ति नहीं appeared first on Naya Vichar.

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रूपी सोरेन के निधन से शोक में डूबा झारखंड, सांसद-विधायक और मंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि

रांची. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां और दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन के निधन पर राज्य के कई नेताओं और मंत्रियों ने शोक जताया है. नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पूरे सोरेन परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि दी. दीपक बिरुआ ने कहा- पूरे राज्य के लिए अपूरणीय क्षति मंत्री दीपक बिरुआ ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए रूपी सोरेन के निधन पर दुख जताया. उन्होंने कहा कि पूजनीय मातृशक्ति रूपी सोरेन के निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है. उन्होंने कहा कि झारखंड के लंबे संघर्ष में दिशोम गुरु शिबू सोरेन के साथ हर मोड़ पर मजबूती से खड़ी रहने वाली माताजी का जाना पूरे राज्य के लिए अपूरणीय क्षति है. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पूरे शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की. मिथिलेश ठाकुर बोले- मां का साया उठना सबसे बड़ा व्यक्तिगत आघात मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने भी रूपी सोरेन के निधन पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पूज्य माताजी का निधन गहरे दुख से भर देने वाला है. उन्होंने अपने संदेश में कहा कि पिता के बाद मां का साया उठ जाना किसी व्यक्ति के लिए बेहद कठिन समय होता है. उन्होंने रूपी सोरेन की ममता और संस्कारों को याद करते हुए कहा कि उनकी स्मृतियां हमेशा जीवित रहेंगी. परिमल नाथवाणी ने शिबू सोरेन के संघर्ष में रूपी सोरेन के साथ को किया याद राज्यसभा सांसद परिमल नाथवाणी ने रूपी सोरेन के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि उन्होंने दिवंगत शिबू सोरेन के संघर्ष भरे जीवन में पल-पल साथ दिया. उन्होंने कहा कि उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कल्पना सोरेन और पूरे सोरेन परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की. विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने जताया दुख झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने रूपी सोरेन के निधन को अत्यंत दुखद और हृदयविदारक बताया. उन्होंने कहा कि रूपी सोरेन के निधन से झारखंड ने एक स्नेहमयी मातृशक्ति को खो दिया है. उन्होंने कहा कि यह क्षति केवल परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि उनके स्नेह और आत्मीयता से जुड़े लोगों के लिए भी अपूरणीय है. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पूरे शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की. संजय प्रसाद यादव ने दी श्रद्धांजलि मंत्री संजय प्रसाद यादव ने भी रूपी सोरेन के निधन पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने उन्हें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पूज्य माताजी और शिबू सोरेन की धर्मपत्नी बताते हुए दुख जताया और श्रद्धांजलि अर्पित की. सुखदेव भगत ने कहा- दुख की घड़ी में परिवार के साथ कांग्रेस नेता सुखदेव भगत ने कहा कि रूपी सोरेन के निधन का समाचार अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत पूरे शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और दुख की इस घड़ी में परिवार को शक्ति मिलने की कामना की. भाजपा नेताओं ने भी जताया शोक भाजपा के प्रदेश नेता आदित्य साहू ने भी रूपी सोरेन के निधन पर दुख जताया. उन्होंने उन्हें दिवंगत शिबू सोरेन की धर्मपत्नी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता बताते हुए श्रद्धांजलि दी. उन्होंने शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय को सहने की शक्ति मिलने की कामना की. भाजपा नेता रागिनी सिंह ने भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार के प्रति संवेदना जतायी. उन्होंने रूपी सोरेन की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की. नेतृत्वक दलों से परे नेताओं ने जतायी संवेदना रूपी सोरेन के निधन के बाद अलग-अलग नेतृत्वक दलों से जुड़े नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से शोक संदेश जारी किये. संदेशों में नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और सोरेन परिवार के प्रति संवेदना जतायी तथा रूपी सोरेन के निधन को परिवार के लिए गहरी व्यक्तिगत क्षति बताया. रूपी सोरेन के निधन से सोरेन परिवार के साथ झारखंड के नेतृत्वक और सामाजिक क्षेत्र में भी शोक का माहौल है. The post रूपी सोरेन के निधन से शोक में डूबा झारखंड, सांसद-विधायक और मंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि appeared first on Naya Vichar.

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कौन थीं रूपी सोरेन, जानें परिवार और जीवन से जुड़ी बातें

रांची. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के निधन से सोरेन परिवार शोक में है. रूपी सोरेन झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झामुमो के वरिष्ठ नेता शिबू सोरेन की पत्नी थीं. परिवार के नेतृत्वक सफर के बीच उन्होंने लंबे समय तक परिवार की जिम्मेदारियां संभालीं. उनके परिवार में झारखंड की नेतृत्व से जुड़े कई प्रमुख चेहरे रहे हैं. 1 जनवरी 1962 को हुई थी शिबू सोरेन से शादी राज्यसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार शिबू सोरेन और रूपी सोरेन का विवाह 1 जनवरी 1962 को हुआ था. शादी के बाद दोनों ने लंबे वैवाहिक जीवन में परिवार को संभाला. शिबू सोरेन के लंबे नेतृत्वक संघर्ष और झारखंड आंदोलन से जुड़े सफर के दौरान रूपी सोरेन परिवार की जिम्मेदारियों से जुड़ी रहीं. दोनों के परिवार में तीन बेटे और एक बेटी हैं. परिवार की अगली पीढ़ी में भी कई सदस्य झारखंड की नेतृत्व से जुड़े. चार बच्चों की मां थीं रूपी सोरेन रूपी सोरेन और शिबू सोरेन के तीन बेटे और एक बेटी हैं. सबसे बड़े बेटे दुर्गा सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे और जामा से विधायक भी रहे. वर्ष 2009 में उनका निधन हो गया था. दूसरे बेटे हेमंत सोरेन झारखंड के मुख्यमंत्री हैं. छोटे बेटे बसंत सोरेन भी नेतृत्व में सक्रिय रहे हैं और दुमका से विधायक रहे हैं. बेटी अंजनी सोरेन भी झामुमो से जुड़ी रही हैं. हेमंत सोरेन के जीवन में मां की खास भूमिका हेमंत सोरेन का जन्म 10 अगस्त 1975 को रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में हुआ था. उनके पिता शिबू सोरेन और मां रूपी सोरेन थीं. हेमंत सोरेन के नेतृत्वक जीवन के साथ उनका पारिवारिक पक्ष भी चर्चा में रहा है. ऐसे में मां रूपी सोरेन का निधन उनके लिए निजी क्षति है. परिवार के लिए यह एक ऐसा समय है, जब एक साथ कई पुरानी यादें और पारिवारिक स्मृतियां जुड़ रही हैं. शिबू सोरेन के संघर्ष के दौर में संभाला परिवार शिबू सोरेन ने झारखंड के अलग राज्य आंदोलन से लेकर सक्रिय नेतृत्व तक लंबा सफर तय किया. इस दौरान परिवार की जिम्मेदारियां भी बनी रहीं. रूपी सोरेन सार्वजनिक नेतृत्वक गतिविधियों में बहुत अधिक नजर नहीं आती थीं, लेकिन परिवार की पृष्ठभूमि में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही. शिबू सोरेन के नेतृत्वक जीवन के साथ सोरेन परिवार धीरे-धीरे झारखंड की नेतृत्व में एक प्रमुख नेतृत्वक परिवार के रूप में स्थापित हुआ. आज परिवार की अगली पीढ़ी भी नेतृत्व में सक्रिय है. परिवार ने देखे कई बड़े दुख सोरेन परिवार ने पिछले वर्षों में कई निजी दुख झेले हैं. परिवार के बड़े बेटे दुर्गा सोरेन का वर्ष 2009 में निधन हुआ था. इसके बाद शिबू सोरेन का भी निधन हुआ. अब रूपी सोरेन के निधन से परिवार ने एक और करीबी सदस्य को खो दिया है. रूपी सोरेन के निधन के बाद परिवार और समर्थकों के बीच शोक का माहौल है. उनके जीवन की कहानी शिबू सोरेन के साथ करीब छह दशक से अधिक लंबे वैवाहिक सफर और एक ऐसे परिवार से जुड़ी रही, जिसका झारखंड की नेतृत्व में महत्वपूर्ण स्थान रहा है. The post कौन थीं रूपी सोरेन, जानें परिवार और जीवन से जुड़ी बातें appeared first on Naya Vichar.

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एक ने चैंपियंस ट्रॉफी जिताई, दूसरा रफ्तार का बादशाह… फिर टीम इंडिया से बाहर क्यों हैं ये 3 मुस्लिम तेज गेंदबाज?

Mohammed Shami comeback: टीम इंडिया की तेज गेंदबाजी में इन दिनों नए चेहरों को लगातार मौके मिल रहे हैं. इसी बीच मोहम्मद शमी, उमरान मलिक और खलील अहमद जैसे गेंदबाज लंबे समय से हिंदुस्तानीय टीम से बाहर हैं. तीनों ने हिंदुस्तान के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट स्पोर्ट्सा है, लेकिन फिलहाल उनकी वापसी नहीं हो पाई है. खास बात यह है कि तीनों के आखिरी इंटरनेशनल मैच अलग-अलग फॉर्मेट और अलग-अलग दौर में रहे हैं. ये भी पढ़ें: स्मृति मंधाना की कप्तानी से भुवनेश्वर कुमार की वापसी तक, BCCI के 6 अक्टूबर के फैसलों में क्या-क्या बदला? मोहम्मद शमी ने आखिरी बार कब स्पोर्ट्सा था? मोहम्मद शमी इन तीनों में सबसे अनुभवी गेंदबाज हैं. लंबे समय तक चोट और फिटनेस संबंधी परेशानियों के बाद उन्होंने 2025 में इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की. शमी ने अपना आखिरी टी20 इंटरनेशनल मैच 2 फरवरी 2025 को इंग्लैंड के खिलाफ मुंबई में स्पोर्ट्सा था. इसके बाद वह हिंदुस्तान की वनडे टीम का भी हिस्सा रहे. उनका आखिरी वनडे 9 मार्च 2025 को न्यूजीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल था. इस मुकाबले में हिंदुस्तान ने न्यूजीलैंड को हराकर चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया. उमरान मलिक की टीम इंडिया में कब हुई थी आखिरी एंट्री? उमरान मलिक को उनकी तेज रफ्तार के लिए जाना जाता है. उन्होंने हिंदुस्तान के लिए शुरुआत में टी20 और वनडे, दोनों फॉर्मेट में मौके हासिल किए. उमरान ने अपना आखिरी टी20 इंटरनेशनल 1 फरवरी 2023 को न्यूजीलैंड के खिलाफ स्पोर्ट्सा था. इसके बाद उन्हें वनडे टीम में भी मौका मिला. उनका आखिरी वनडे 29 जुलाई 2023 को वेस्टइंडीज के खिलाफ रहा. इसके बाद से उमरान हिंदुस्तानीय टीम में वापसी नहीं कर सके हैं. उमरान के मामले में सिर्फ रफ्तार ही चयन की गारंटी नहीं है. इंटरनेशनल क्रिकेट में लगातार मौके पाने के लिए गेंदबाजी में नियंत्रण, फिटनेस, विकेट लेने की क्षमता और टीम की जरूरत भी अहम होती है. ये भी पढ़ें: भुवी को Team India में वापस लाने के लिए किसने की थी पैरवी? 4 साल बाद फिर ब्लू जर्सी में आएंगे नजर खलील अहमद का आखिरी इंटरनेशनल मैच कब था? खलील अहमद भी लंबे समय से हिंदुस्तानीय वनडे टीम से बाहर हैं. उनका आखिरी वनडे 14 अगस्त 2019 को वेस्टइंडीज के खिलाफ था. हालांकि, इसके बाद खलील ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की. 2024 में उन्हें जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज में मौका मिला और इसके बाद श्रीलंका दौरे पर भी वह हिंदुस्तानीय टीम का हिस्सा रहे. खलील का आखिरी टी20 इंटरनेशनल 30 जुलाई 2024 को श्रीलंका के खिलाफ रहा. इस तरह वनडे क्रिकेट में उनकी वापसी का इंतजार काफी लंबा हो चुका है, जबकि टी20 इंटरनेशनल में वह 2024 तक हिंदुस्तान के लिए स्पोर्ट्सते रहे थे. ये भी पढ़ें: Video: Asian Games में देश को गोल्ड दिलाकर लौटीं संजू देवी, दिल्ली एयरपोर्ट पर नहीं हुआ स्वागत तीनों गेंदबाजों के आखिरी इंटरनेशनल मैच एक नजर में खिलाड़ी आखिरी टी20 इंटरनेशनल आखिरी वनडे मोहम्मद शमी 2 फरवरी 2025, इंग्लैंड 9 मार्च 2025, न्यूजीलैंड उमरान मलिक 1 फरवरी 2023, न्यूजीलैंड 29 जुलाई 2023, वेस्टइंडीज खलील अहमद 30 जुलाई 2024, श्रीलंका 14 अगस्त 2019, वेस्टइंडीज क्या टीम से बाहर रहना चयन में ‘अन्याय’ है? तीनों खिलाड़ियों के लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर रहने के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या उन्हें दोबारा मौका मिलना चाहिए. हिंदुस्तानीय टीम के चयन में कई चीजें देखी जाती हैं. इनमें हालिया फॉर्म, घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन, फिटनेस, गेंदबाजी की निरंतरता, टीम कॉम्बिनेशन और मौजूदा जरूरत जैसी बातें शामिल होती हैं. तेज गेंदबाजों के मामले में चोट और फिटनेस का मुद्दा भी काफी अहम हो जाता है. खासकर लंबे टूर्नामेंट और लगातार इंटरनेशनल क्रिकेट को देखते हुए टीम मैनेजमेंट ऐसे खिलाड़ियों को प्राथमिकता दे सकता है जो मौजूदा रणनीति में फिट बैठते हों. The post एक ने चैंपियंस ट्रॉफी जिताई, दूसरा रफ्तार का बादशाह… फिर टीम इंडिया से बाहर क्यों हैं ये 3 मुस्लिम तेज गेंदबाज? appeared first on Naya Vichar.

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