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Author name: Vinod Jha

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मादक पदार्थों की तस्करी मामले में 4 लोगों को हुई थी 10 साल की सजा, हाईकोर्ट ने किया रिहा, जानें पूरा मामला

खास बातें कृष्णनगर की अदालत ने आरोपियों को सुनायी थी 10 साल की सजा कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे अधिकारी : हाईकोर्ट अधिकारियों की कार्यप्रणाली से हाईकोर्ट नाराज 525 किलो मादक पदार्थ जब्त, सूची 549 किलोग्राम की मादक पदार्थ के वजन बढ़ने का सबूत नहीं : कोर्ट Calcutta High Court Released Drug Peddlers: 19 जुलाई 2024 को सुनायी गयी थी सजा Calcutta High Court Released Drug Peddlers: कलकत्ता हाईकोर्ट ने 525 किलोग्राम मादक पदार्थ की जब्ती प्रक्रिया की वीडियोग्राफी नहीं किये जाने और साक्ष्य जुटाने में लापरवाही पर पुलिस के प्रति नाराजगी जतायी. साथ ही कोर्ट ने इस मामले में 4 लोगों की दोषसिद्धि रद्द करते हुए उन्हें तत्काल रिहा करने के आदेश दिये. कृष्णनगर की अदालत ने आरोपियों को सुनायी थी 10 साल की सजा नदिया जिले के कृष्णनगर की एक अदालत ने समीर दास, जहीरुद्दीन शेख, गोपाल दास और विजय विश्वास को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनायी थी. हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने उन्हें तत्काल रिहा करने का आदेश दिया. कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे अधिकारी : हाईकोर्ट अदालत ने कहा कि अधिकारियों को छापेमारी और जब्ती की वीडियोग्राफी सुनिश्चित करने का बार-बार निर्देश दिया गया है. ऐसा प्रतीत होता है कि वे इन निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं और इसके कारण वे ही बेहतर जानते हैं. इसे भी पढ़ें : ट्रेनों से बंगाल आ रहे कैश और ड्रग्स पर RPF की पैनी नजर, अब तक 12 करोड़ से ज्यादा के माल जब्त, 102 गिरफ्तार अधिकारियों की कार्यप्रणाली से हाईकोर्ट नाराज जस्टिस अरिजीत बनर्जी और जस्टिस अपूर्व सिन्हा राय की खंडपीठ ने कहा- हैरानी की बात है कि विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और अन्य अधिकारी जांच एवं माप उपकरण समेत कई तरह के उपकरण साथ रखते हैं, लेकिन वे तलाशी और जब्ती की वीडियोग्राफी के लिए कोई उपकरण नहीं ले जाते. खंडपीठ ने 24 जून को सुनाये गये अपने फैसले में कहा- अभियोजन पक्ष जब्ती प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करा सकता था. स्वतंत्र गवाहों की मदद से भी मामला साबित कर सकता था, लेकिन रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री से पता चलता है कि अभियोजन पक्ष जब्ती प्रक्रिया की कोई वीडियोग्राफी पेश नहीं कर सका. अदालत ने कहा कि पूरी संभावना है कि सभी अधिकारियों के पास स्मार्टफोन रहे होंगे और वे तलाशी एवं जब्ती की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कर सकते थे. ये लोग अपने फोन से तस्वीरें ले सकते थे, लेकिन कलकत्ता हाईकोर्ट समेत विभिन्न अदालतों के स्पष्ट निर्देशों के बाद भी उन्होंने वीडियोग्राफी नहीं की. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 525 किलो मादक पदार्थ जब्त, सूची 549 किलोग्राम की पीठ ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने वीडियोग्राफी संबंधी निर्देश का पालन किये बिना छापेमारी दल में शामिल गवाहों पर भरोसा किया. कोर्ट ने कहा- हम उन गवाहों पर भरोसा करने के पक्ष में नहीं हैं, जो छापेमारी करने वाली टीम के सदस्य थे. अदालत ने यह भी कहा कि 525 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किया गया था, लेकिन सूची 549 किलोग्राम मादक पदार्थ की तैयार की गयी. मादक पदार्थ के वजन बढ़ने का सबूत नहीं : कोर्ट पीठ ने कहा कि नमी के कारण मादक पदार्थ का वजन बढ़ने संबंधी टिप्पणी के समर्थन में कोई साक्ष्य पेश नहीं किया गया. न ही किसी गवाह ने इस बारे में बयान दिया. अदालत ने कहा कि यदि ऐसा हुआ भी था, तो जब्ती के बाद इन पदार्थों के भंडारण पर सवाल उठता है. Calcutta High Court Released Drug Peddlers: 19 जुलाई 2024 को सुनायी गयी थी सजा मादक पदार्थ की कथित जब्ती 23 मई 2021 को नदिया जिले के नकाशीपाड़ा थाना क्षेत्र में की गयी थी. चारों व्यक्तियों को 19 जुलाई 2024 को सजा सुनायी गयी थी. इसे भी पढ़ें शालीमार स्टेशन पर दुरंतो एक्सप्रेस से उतरे नेपाली नागरिक के पास मिले 23.64 लाख के डॉलर और यूरो बंगाल समेत अन्य राज्यों में वोट के लिए बांटी जा रही शराब, ड्रग्स और कैश, अब तक 651.55 करोड़ जब्त The post मादक पदार्थों की तस्करी मामले में 4 लोगों को हुई थी 10 साल की सजा, हाईकोर्ट ने किया रिहा, जानें पूरा मामला appeared first on Naya Vichar.

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पैरेंटिंग टिप्स: रील्स और गेम्स के आदी हो गए हैं बच्चे? स्क्रीन टाइम कम कराने के लिए अपनाएं ये फॉर्मूला

Kids Screen Addiction: गर्मियों की छुट्टियां बच्चों के लिए आराम और मनोरंजन का समय होती हैं, लेकिन इसी दौरान कई शिशु मोबाइल, टैबलेट और वीडियो गेम्स के ज्यादा इस्तेमाल के आदी हो जाते हैं. सुबह उठते ही स्क्रीन और रात तक वीडियो देखने की आदत अब कई घरों में चिंता का कारण बन चुकी है. ऐसे में स्कूल खुलने से पहले बच्चों की दिनचर्या को फिर से संतुलित करना बेहद जरूरी है. धीरे-धीरे कम करें स्क्रीन टाइम विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों का स्क्रीन टाइम अचानक बंद करने के बजाय धीरे-धीरे कम करना ज्यादा प्रभावी होता है. यदि बच्चा रोज कई घंटे मोबाइल इस्तेमाल करता है, तो हर दिन उसका स्क्रीन टाइम थोड़ा-थोड़ा घटाएं. इससे वह बदलाव को आसानी से स्वीकार कर पाएगा और चिड़चिड़ापन भी कम होगा. सोने से पहले बनाएं नो-स्क्रीन रूल स्कूल शुरू होने से पहले बच्चों की नींद की आदतों पर ध्यान देना जरूरी है. सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल, टीवी और अन्य गैजेट्स का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए. इससे बच्चों की स्लीप क्वालिटी बेहतर होती है और सुबह जल्दी उठने में परेशानी नहीं होती. घर में तय करें स्क्रीन-फ्री जोन घर में कुछ जगहों और समय को पूरी तरह स्क्रीन-फ्री बनाया जा सकता है. उदाहरण के लिए, डाइनिंग टेबल पर खाना खाते समय या बेडरूम में मोबाइल का इस्तेमाल न करने का नियम बनाया जा सकता है. जब पूरा परिवार इन नियमों का पालन करता है, तो शिशु भी उन्हें आसानी से अपनाने लगते हैं. बोरियत को बनाएं रचनात्मकता का मौका अक्सर माता-पिता बच्चों की बोरियत दूर करने के लिए उन्हें फोन दे देते हैं, लेकिन यही बोरियत उनकी रचनात्मकता को बढ़ाने का अवसर भी बन सकती है. बच्चों को किताबें पढ़ने, चित्र बनाने, बोर्ड गेम स्पोर्ट्सने, साइकिल चलाने या अन्य रचनात्मक गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रेरित करें. माता-पिता भी बनें अच्छी मिसाल शिशु केवल सलाह से नहीं, बल्कि उदाहरण से सीखते हैं. यदि माता-पिता खुद हर समय मोबाइल में व्यस्त रहेंगे, तो बच्चों से स्क्रीन टाइम कम करने की उम्मीद करना मुश्किल होगा. परिवार के साथ समय बिताते हुए मोबाइल से दूरी बनाकर रखें और बच्चों को भी क्वालिटी टाइम दें. स्कूल शुरू होने से पहले करें नई शुरुआत स्कूल खुलने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है. ऐसे में अभी से छोटे-छोटे बदलाव शुरू करना फायदेमंद रहेगा. स्क्रीन टाइम कम करने की प्रक्रिया को सजा नहीं, बल्कि एक सकारात्मक बदलाव की तरह अपनाएं. इससे शिशु धीरे-धीरे पढ़ाई, स्पोर्ट्सकूद और रचनात्मक गतिविधियों की ओर वापस लौट सकेंगे. यह भी पढ़ें: हर जिद पूरी करना नहीं, समझदारी सिखाना है जरूरी, बच्चों को ऐसे बताएं ‘Need’ और ‘Want’ का फर्क  The post पैरेंटिंग टिप्स: रील्स और गेम्स के आदी हो गए हैं शिशु? स्क्रीन टाइम कम कराने के लिए अपनाएं ये फॉर्मूला appeared first on Naya Vichar.

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Triumph Tracker 400 Review: कैफे रेसर, स्क्रैम्बलर या रोडस्टर? स्टाइल देखकर नहीं, चलाकर होगा असली प्यार

हिंदुस्तान में 400सीसी सेगमेंट की मोटरसाइकिलों की मांग लगातार बढ़ रही है और इसी बीच ट्रायम्फ ने अपनी नई ट्रैकर 400 के साथ इस सेगमेंट में एक अलग पहचान बनाने की कोशिश की है. पहली नजर में यह बाइक कैफे रेसर, स्क्रैम्बलर और रोडस्टर का मिश्रण लगती है, लेकिन सड़क पर उतरते ही इसका असली किरदार सामने आता है. यह ऑफ-रोडिंग मशीन नहीं, बल्कि उन राइडर्स के लिए तैयार की गई मोटरसाइकिल है जो रोजमर्रा की राइडिंग के साथ वीकेंड पर भी कुछ अलग अनुभव चाहते हैं. पहली राइड में यह बाइक सिर्फ स्टाइल से नहीं, बल्कि अपने हैंडलिंग और राइडिंग कैरेक्टर से भी प्रभावित करती है. डिजाइन में कैफे रेसर, स्क्रैम्बलर और रोडस्टर का अनोखा मेल ट्रायम्फ ट्रैकर 400 का लुक इसे स्पीड 400 से अलग पहचान देता है. फ्रंट में ब्लैक फ्लाईस्क्रीन, ब्लैक यूएसडी फोर्क और नया टैंक डिजाइन इसे ज्यादा स्पोर्टी बनाते हैं. वहीं पीछे का टेल सेक्शन काफी हद तक थ्रक्सटन से प्रेरित नजर आता है, जबकि एग्जॉस्ट स्क्रैम्बलर 400X की याद दिलाता है. बाइक का फ्यूल टैंक पहले से ज्यादा स्लिम बनाया गया है, जिससे राइडर को घुटनों के जरिए बेहतर ग्रिप मिलती है. कुल मिलाकर इसका डिजाइन ऐसा है जो भीड़ में आसानी से अलग दिखाई देता है. राइडिंग पोजिशन बनी सबसे बड़ा बदलाव इस बाइक का सबसे बड़ा अंतर इसकी राइडिंग पोजिशन में महसूस होता है. हैंडलबार पहले से नीचे और चौड़ा रखा गया है, जबकि फुटपेग्स को थोड़ा पीछे और ऊपर शिफ्ट किया गया है. इन छोटे बदलावों की वजह से बाइक चलाते समय ज्यादा स्पोर्टी और कंट्रोल्ड फीलिंग मिलती है. सीट हाइट 805 मिमी रखी गई है, जबकि ग्राउंड क्लीयरेंस 162 मिमी है. इसका वजन 181 किलोग्राम है, लेकिन चलते समय यह ज्यादा भारी महसूस नहीं होती. 349cc इंजन देता है दमदार परफॉर्मेंस ट्रैकर 400 में 349सीसी का लिक्विड-कूल्ड सिंगल-सिलेंडर इंजन दिया गया है, जो 40 बीएचपी की पावर और 32 एनएम टॉर्क जेनरेट करता है. इंजन को 6-स्पीड गियरबॉक्स से जोड़ा गया है. कंपनी का दावा है कि 3,000 आरपीएम से ही लगभग 80 प्रतिशत टॉर्क उपलब्ध हो जाता है. यही वजह है कि शहर के ट्रैफिक में बार-बार गियर बदलने की जरूरत कम पड़ती है. वहीं हाईवे पर एक्सीलरेशन भी काफी उत्साहजनक महसूस होता है. हैंडलिंग में स्पीड 400 से ज्यादा मजेदार इस बाइक की सबसे बड़ी ताकत इसकी हैंडलिंग है. स्टेयरिंग रिस्पॉन्स तेज है और कॉर्नरिंग के दौरान फ्रंट एंड अच्छा फीडबैक देता है. चाहे शहर की सड़कें हों या घुमावदार रास्ते, ट्रैकर 400 हर जगह आत्मविश्वास के साथ चलती है. इसमें स्विचेबल ट्रैक्शन कंट्रोल मिलता है, हालांकि स्विचेबल एबीएस नहीं दिया गया है. बाइक का चेसिस ऐसा ट्यून किया गया है कि नए राइडर्स भी इसे आसानी से चला सकते हैं, जबकि अनुभवी राइडर्स को भी यह भरपूर मजा देती है. कीमत और किसके लिए है यह बाइक? ट्रायम्फ ट्रैकर 400 की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 2.46 लाख रुपये रखी गई है. यह स्पीड 400 से करीब 11-12 हजार रुपये महंगी है, लेकिन स्क्रैम्बलर 400X से लगभग 12-13 हजार रुपये सस्ती पड़ती है. अगर आप ऐसी बाइक चाहते हैं जो रोजाना इस्तेमाल के साथ वीकेंड राइड्स में भी रोमांच का एहसास कराए, तो ट्रैकर 400 एक मजबूत विकल्प बन सकती है. यह सिर्फ स्टाइलिश नहीं दिखती, बल्कि सड़क पर चलाने में भी अपनी अलग पहचान छोड़ती है. यह भी पढ़ें: महंगी ट्विन-सिलेंडर बाइक छोड़िए, जानें Triumph 400 खरीदना क्यों है ज्यादा फायदे का सौदा यह भी पढ़ें: Royal Enfield Classic 350 या Triumph Speed 400? जानिए किस बाइक पर पैसे लगाना रहेगा फायदे का सौदा The post Triumph Tracker 400 Review: कैफे रेसर, स्क्रैम्बलर या रोडस्टर? स्टाइल देखकर नहीं, चलाकर होगा असली प्यार appeared first on Naya Vichar.

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सेशेल्स में पीएम मोदी का भव्य स्वागत, राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ पहुंचे बॉटनिकल गार्डन

PM Modi Seychelles Visit: सेशेल्स अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हर्मिनी और एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मोदी का स्वागत किया. प्रधानमंत्री को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया. राष्ट्रपति डॉ पैट्रिक हर्मिनी के साथ एक ही गाड़ी में बॉटनिकल गार्डन पहुंचे सेशेल्स पहुंचने के बाद पीएम मोदी, राष्ट्रपति डॉ पैट्रिक हर्मिनी के साथ एक ही गाड़ी में सवार होकर नेशनल बॉटनिकल गार्डन गए. पीएम मोदी ने सेशेल्स के बॉटनिकल गार्डन में एक पौधा भी लगाया. उसके बाद गार्डन में घुमने के दौरान राष्ट्रपति के साथ नारियाल का पानी पिया. #WATCH | Victoria, Seychelles: Prime Minister Narendra Modi arrives at Seychelles International Airport At the invitation of the President of Seychelles, Dr Patrick Herminie, PM Modi is on a State Visit to Seychelles from 27-29 June 2026 to attend the Golden Jubilee… pic.twitter.com/8VmVrt3OfF — ANI (@ANI) June 27, 2026 सेशेल्स के राष्ट्रपति के निमंत्रण पर सेशेल्स पहुंचे हैं पीएम मोदी सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर, प्रधानमंत्री मोदी 27-29 जून 2026 तक सेशेल्स की राजकीय यात्रा पर हैं. वे गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल होंगे. नेशनल असेंबली को भी संबोधित करेंगे पीएम मोदी प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स की संसद नेशनल असेंबली को भी संबोधित करेंगे. इसके अलावा हिंदुस्तानीय समुदाय के सदस्यों से बातचीत करेंगे. ये भी पढ़ें: ‘पहला अमेरिकी राष्ट्रपति जिसे हिंदुस्तान में यह सम्मान मिला’, खुश होकर बोले डोनाल्ड ट्रंप, आखिर ऐसा क्या मिल गया? The post सेशेल्स में पीएम मोदी का भव्य स्वागत, राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ पहुंचे बॉटनिकल गार्डन appeared first on Naya Vichar.

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महाराष्ट्र: पेपर लीक के चलते TET परीक्षा स्थगित, उद्धव सेना का सरकार पर करारा हमला

Maharashtra TET Paper Leak: भिवंडी में कुछ लोगों के पास एक अनधिकृत प्रश्न-पत्र मिला, जिसमें असली परीक्षा के कई सवाल शामिल थे. भिवंडी पुलिस ने उस जगह पर छापा मारा. जांच के दौरान, उनके पास मौजूद अनधिकृत प्रश्न-पत्र में असली परीक्षा के कई सवाल पाए गए. भिवंडी पुलिस ने शामिल लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. परीक्षा परिषद की डिप्टी कमिश्नर ने पेपर लीक मामले में क्या कहा? पेपर लीक के बाद महाराष्ट्र में टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट टलने पर परीक्षा परिषद की डिप्टी कमिश्नर प्रिया शिंदे ने कहा, परीक्षा कल, 28 जून 2026 को होनी थी. ठाणे में हुई घटना के कारण हमने इसे टाल दिया है. इस परीक्षा के लिए पूरे महाराष्ट्र में 1,728 केंद्र थे और राज्य भर में 6,00,125 छात्र परीक्षा में शामिल होने वाले थे. (पेपर लीक पर उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा- मामले की जांच चल रही है. हमने पहले ही परीक्षा टालने की घोषणा कर दी है और औपचारिक सूचना जारी कर दी है. यह जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध है और छात्रों को सूचित कर दिया गया है कि परीक्षा टाल दी गई है. #WATCH | Pune, Maharashtra | On Teacher Eligibility Test in Maharashtra postponed after paper leak, Deputy Commissioner of the Examination Council, Priya Shinde, says, “The exam was scheduled for tomorrow, June 28, 2026. We have postponed it due to the incident that occurred in… pic.twitter.com/wEkFzNX3LB — ANI (@ANI) June 27, 2026 छात्रों को दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट टलने पर परीक्षा परिषद की डिप्टी कमिश्नर प्रिया शिंदे ने कहा- छात्रों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है. उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखनी चाहिए. उन्हें दोबारा रजिस्ट्रेशन करने की भी जरूरत नहीं है. शिवसेना (UBT) नेता अंबादास दानवे ने महाराष्ट्र प्रशासन पर बोला हमला पेपर लीक के बाद महाराष्ट्र में टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट टलने पर शिवसेना (UBT) नेता अंबादास दानवे ने कहा, महाराष्ट्र भी NEET पेपर लीक का केंद्र था. लेकिन प्रशासन ने उससे कोई सबक नहीं सीखा. TET एक छोटी परीक्षा है, लेकिन महाराष्ट्र प्रशासन यहां भी फेल हो गई. मुझे लगता है कि यह पेपर लीक महाराष्ट्र प्रशासन के लिए शर्म की बात है. यह प्रशासन TET का पेपर नहीं संभाल सकती. हमें दुख है कि महाराष्ट्र में BJP की ऐसी प्रशासन है. ये भी पढ़ें: NTA ने NEET के लिए शुरू की फीस रिफंड प्रक्रिया, बैंक अकाउंट डिटेल्स ऐसे करें अपडेट The post महाराष्ट्र: पेपर लीक के चलते TET परीक्षा स्थगित, उद्धव सेना का प्रशासन पर करारा हमला appeared first on Naya Vichar.

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नहीं रहे दिग्गज अभिनेता-निर्देशक के. भाग्यराज, अमिताभ बच्चन सहित इन फिल्मों में किया था काम

K Bhagyaraj Death: पॉपुलर अभिनेता और निर्देशक के. भाग्यराज का चेन्नई में निधन हो गया. हार्ट अटैक की वजह से महज 73 साल की उम्र में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया. जैसे ही उनका पार्थिव शरीर घर पहुंचा. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय पहुंचे और उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी. भाग्यराज के बेटे, शांतनु, पत्नी पूर्णिमा और बेटी सरन्या भाग्यराज फूट-फूटकर रो रहे थे K Bhagyaraj Real Name: के. भाग्यराज का असली नाम जानते हैं आप के. भाग्यराज का जन्म तमिलनाडु के ईरोड जिले में कृष्णास्वामी भाग्यराज के रूप में हुआ था. उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत मशहूर निर्देशक हिंदुस्तानीराजा के असिस्टेंट के तौर पर की थी. इसके बाद उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाते हुए एक्टर, राइटर और डायरेक्टर के रूप में जबरदस्त सफलता हासिल की. K bhagyaraj death, photo- twitter K Bhagyaraj Career: के. भाग्यराज का करियर शुरुआती दौर में भाग्यराज ने ’16 वायथिनिले’ (1977) और ‘सिगप्पु रोजाक्कल’ (1978) जैसी फिल्मों में छोटे-छोटे किरदार निभाए. इसके साथ ही उन्होंने हिंदुस्तानीराजा के साथ ’16 वायथिनिले’ और ‘किझक्के पोगुम रेल’ में असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम किया. उन्होंने ‘किझक्के पोगुम रेल’ (1978) और ‘टिक टिक टिक’ (1981) की कहानी भी लिखी. Tamil Nadu Chief Minister C. Joseph Vijay pays his final respects to the late legendary director K. Bhagyaraj. pic.twitter.com/ao7RCHnv4j — Actor Vijay Team (@ActorVijayTeam) June 27, 2026 K Bhagyaraj Most Popular Films: भाग्यराज की सबसे चर्चित फिल्मों के बारे में जानें भाग्यराज की सबसे चर्चित फिल्मों में ‘अंधा 7 नाटकल’ (1981), ‘मुथानई मुडिचु’ (1983), ‘थूरल निन्नु पोचु’ (1982) और ‘इंद्रु पोई नालाई वा’ (1981) शामिल हैं. अपने करियर में भाग्यराज ने 25 से ज्यादा फिल्मों का निर्देशन किया और 75 से अधिक फिल्मों में अभिनय कर तमिल सिनेमा में अपनी अलग छाप छोड़ी. K Bhagyaraj Worked With Amitabh Bachchan: अमिताभ बच्चन के साथ भी किया काम भाग्यराज ने सिर्फ तमिल ही नहीं, बल्कि हिंदी सिनेमा में भी अपनी पहचान बनाई. उन्होंने साल 1986 में अमिताभ बच्चन स्टारर ‘आखिरी रास्ता’ का निर्देशन किया. इस फिल्म में अमिताभ बच्चन डबल रोल में नजर आए थे. इसके बाद उन्होंने हिंदी फिल्मों में भी एक्टिंग की. वह ‘मिस्टर बेचारा’ (1996) में अनिल कपूर और श्रीदेवी के साथ नजर आए. वहीं ‘पापा द ग्रेट’ (2000) में उन्होंने कृष्णा कुमार, नगमा और सत्य प्रकाश के साथ स्क्रीन शेयर की. यह भी पढ़ें- लगा मैं मर जाऊंगा… सैफ अली खान ने सुनाई जिंदगी की सबसे डरावनी रात की कहानी यह भी पढ़ें- ये बात प्राइवेट में बतानी चाहिए थी… फीमेल फैन की बात सुन ये क्या बोल गए शाहरुख खान The post नहीं रहे दिग्गज अभिनेता-निर्देशक के. भाग्यराज, अमिताभ बच्चन सहित इन फिल्मों में किया था काम appeared first on Naya Vichar.

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भरत तिवारी को लगी थीं 5 गोलियां, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा, जानिए शरीर के किन-किन हिस्सों में मिले बुलेट के निशान

Bharat Tiwari Encounter Postmortem Report: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है. रिपोर्ट के अनुसार, भरत तिवारी को कुल पांच गोलियां लगी थीं. सभी गोलियां शरीर के निचले हिस्से यानी दोनों जांघों और एक पैर में लगीं. रिपोर्ट सामने आने के बाद एक बार फिर पूरे मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया रिपोर्ट के मुताबिक पहली गोली बाईं जांघ के ऊपरी हिस्से में सामने से लगी थी. दूसरी गोली बाईं जांघ के बीच वाले हिस्से के अंदर की ओर लगी. तीसरी गोली दाईं जांघ के बीच वाले हिस्से के अंदर की तरफ लगी. चौथी गोली दाईं जांघ के बाहरी हिस्से में मिली. वहीं पांचवीं गोली बाएं पैर के बीच वाले हिस्से में पीछे से लगी थी. रिपोर्ट में सभी गोलियों के शरीर के निचले हिस्से में लगने की पुष्टि हुई है. पिता और भाई का नाम FIR से हटाया गया इस बीच भोजपुर पुलिस ने भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी और भाई चंदन तिवारी को बड़ी राहत दी है. दोनों का नाम एफआईआर से हटा दिया गया है. पहले उन पर हथियार रखने और भरत तिवारी को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था. न्यायिक जांच जारी मामले की न्यायिक जांच भी शुरू हो चुकी है. गुरुवार को रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा अपनी टीम के साथ भरत तिवारी के गांव पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया. उन्होंने भरत के परिजनों से भी बातचीत की. इस दौरान भोजपुर के डीएम, एसपी और शाहाबाद रेंज के डीआईजी भी मौजूद रहे. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें CM सम्राट चौधरी ने क्या कहा एनकाउंटर के आठवें दिन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मामले पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई गड़बड़ी सामने आती है तो प्रशासन कार्रवाई करेगी. उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय आयोग गठित किया गया है और रिपोर्ट के आधार पर उचित कदम उठाए जाएंगे. क्या है पूरा मामला 17 जून को भरत तिवारी फेसबुक लाइव पर आया था. उसने खुद को निर्दोष बताते हुए पुलिस के सामने सरेंडर करने की बात कही थी. पुलिस का दावा है कि सरेंडर के बाद उसने दोबारा हथियार उठाकर फायरिंग की कोशिश की. इसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी. अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और न्यायिक जांच के बाद पूरे मामले पर सबकी नजर टिकी हुई है. Also Read: बिहार में अगले 48 घंटे मानसून दिखाएगा दम, IMD ने जारी किया भारी बारिश-आंधी का अलर्ट, जानें आपके जिले का हाल The post भरत तिवारी को लगी थीं 5 गोलियां, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा, जानिए शरीर के किन-किन हिस्सों में मिले बुलेट के निशान appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड में बिजली विभाग का गजब कारनामा, रांची में सरेंडर मीटर का बिल चालू, चालू मीटर का बिल बंद

रांची से बिपिन सिंह की रिपोर्ट Jharkhand Electricity Billing: झारखंड की राजधानी में बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है. झारखंड बिजली वितरण निगम की ओर से केंद्रीयकृत कॉल सेंटर पर शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है, लेकिन इसका पर्याप्त लाभ उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा है. कोई बिल नहीं मिलने से परेशान है, तो किसी के यहां मीटर सरेंडर करने के बाद भी बिजली बिल भेजा जा रहा है. क्या कहती है रिपोर्ट निगम की कैंप रिपोर्ट में भी सर्वाधिक शिकायतें बिल से संबंधित दर्ज की गयी हैं. इनमें दर्ज 1616 शिकायतों में से बिल नहीं मिलने की 191, बिल सुधार की 416 और बिल से मोबाइल नंबर नहीं जुड़ने की 559 समस्या सामने आयी. इसके अलावा फोरम में आने के बाद भी उपभोक्ताओं की शिकायतों पर आदेश पालन नहीं होने के कई मामले सामने आ रहे हैं. कई शिकायतें अलग-अलग फोरम पर दर्ज कराने के बाद भी महीनों से लंबित हैं. अधिकारी भी नहीं सुनते उपभोक्ताओं की समस्या बिजली उपभोक्ता अपनी शिकायतों के लिए पहले निगम के कनीय अधिकारियों से संपर्क करते हैं. इसके बाद समाधान नहीं होने पर वरिष्ठ अफसरों को जानकारी देते हैं. इसके बावजूद अक्सर सुनवाई नहीं होती. बिल सुधार के कई मामले लंबित हैं. पदाधिकारी सुनवाई कर समाधान करने के लिए निचले क्रम पर बिजली अधिकारियों को मौके पर आदेश भी देते हैं, लेकिन शिकायतें नहीं सुलझ रही हैं. सरेंडर मीटर पर दनादन बिल रांची के कंज्यूमर नंबर एएनएजी 2424, एकाउंट नंबर 11223653253 के साथ अजीब मामला सामने आया है. यहां सरेंडर हो चुके मीटर का हर माह व्हाट्सऐप पर बिजली बिल भेजा जा रहा है. जिस दिन मीटर सरेंडर हुआ उस दिन मीटर की रिडिंग 23,597 रुपये थी, जबकि निगम के पास कंज्यूमर का सिक्योरिटी डिपॉजिट 27,800 रुपये था. कुल बकाया 25,968 रुपये था. इसके बावजूद एडजस्टमेंट नहीं हो सका. उपभोक्ता ने दो बार अधिकारियों को पत्र लिखा और व्यक्तिगत रूप से मिलकर भी गुहार लगायी, लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी. चालू मीटर पर बिल नहीं मोरहाबादी इलाके में रहने वाले रिटायर्ड प्रोफेसर बिजली बिल नहीं आने से परेशान हैं. उनका कंज्यूमर नंबर 11221898522 है. इन्हें फरवरी 2025 से ही बिजली बिल नहीं आ रहा है. वह पार्ट पेमेंट करना चाहते हैं, ताकि बिल की राशि इतनी न बढ़े कि जमा करना मुश्किल हो जाये. एकमुश्त बिल आने के डर से उन्होंने अधिकारियों को पत्र लिखा और व्यक्तिगत रूप से मिलकर भी शिकायत की, लेकिन समाधान नहीं हो सका. उन्होंने कई बार निगम के अलग-अलग फोरम पर शिकायत की, पर सुनवाई नहीं हुई. बिलिंग एजेंसी का मनमाना रवैया रांची में बिजली की आपूर्ति और निगरानी बेहतर रहे इसके लिए छह डिवीजन तैयार किये गये हैं. डिवीजन में बिलिंग एजेंसी द्वारा मनमाना रवैया अपनाने पर निदेशक स्तर से नाराजगी दर्ज करायी गयी है. सभी एजेंसी को हाउसहोल्ड विजिट में सुधार के लिए ऊर्जा मित्रों को उपभोक्ता के घर जाकर सही बिल देने और समय पर भुगतान करने का निर्देश दिया गया था. इसे भी पढ़ें: केंद्र और राज्य की खींचतान में फंसे झारखंड के 2.5 लाख आदिवासी विद्यार्थी, साल भर से छात्रवृत्ति बंद 400 करोड़ से अधिक राजस्व संग्रह का लक्ष्य झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड की ओर से 400 करोड़ से अधिक राजस्व संग्रह का लक्ष्य तय है. रांची के छह डिवीजन में करीब 3.5 लाख स्मार्ट मीटर से 80 से 90 करोड़ रुपये प्रति माह लक्ष्य है. इनमें औद्योगिक उपभोक्ताओं (एलटीआइएस) का 95%, वाणिज्यिक उपभोक्ताओं (सीएस) का 80%, घरेलू उपभोक्ता (शहरी) का 65% तथा घरेलू उपभोक्ता (ग्रामीण) का 50% तक बिलिंग लक्ष्य है. इसे भी पढ़ें: झारखंड को मिलेंगे 1,042 नये प्राइमरी टीचर, सीएम हेमंत सोरेन 29 जून को सौंपेंगे नियुक्ति पत्र The post झारखंड में बिजली विभाग का गजब कारनामा, रांची में सरेंडर मीटर का बिल चालू, चालू मीटर का बिल बंद appeared first on Naya Vichar.

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‘बेटी की शादी तय करने चले थे, खुद का गठबंधन कर आए’, बागी नेताओं पर उद्धव का हमला

Maharashtra: उद्धव ठाकरे ने संजय देशमुख (बागी नेता) पर सीधा निशाना साधते हुए कहा, पार्टी टूटने से ठीक दो हफ्ते पहले, मैंने सांसदों की एक बैठक बुलाई थी. तब उन्होंने (संजय देशमुख) मुझसे कहा कि उन्हें अपनी बेटी का रिश्ता तय करना है, इसलिए वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल होंगे. मुझे क्या पता था कि वह अपनी बेटी का गठबंधन तय कर रहे हैं या खुद का ही ‘पार्टी गठबंधन’ पक्का कर रहे हैं. Yavatmal, Maharashtra: Shiv Sena (UBT) president Uddhav Thackeray says, “Poaching is being carried out even when there are no elections. They have chosen this time deliberately. We came for the Lok Sabha elections. Their slogan was ‘Ab ki baar 400 paar’ (This time, cross 400). I… pic.twitter.com/S9nl58rpp7 — ANI (@ANI) June 27, 2026 रात को फोन कर पूछा- रिश्ता पक्का हुआ क्या? उद्धव ठाकरे ने आगे कहा, मैंने उस रात उन्हें फोन भी किया और पूछा कि क्या काम हो गया? उन्होंने जवाब दिया- हां, हो गया. इसके ठीक दो दिन बाद हमें असलियत पता चली कि वहां कौन सा ‘गठबंधन’ फिक्स हुआ था. ठाकरे ने जनता से अपील करते हुए कहा कि ऐसे गद्दारों को जहां भी देखो, उनसे सवाल पूछो. उनसे पूछो कि जब पार्टी ने तुम्हें चुनकर भेजा, तो तुमने गद्दारी क्यों की? अगर मुझे पैसे का लालच होता, तो मैं भी समझौता कर लेता, लेकिन मैं भगवे ध्वज और अपनी वफादारी के साथ खड़ा रहा. ‘अबकी बार 400 पार’ के बदले दिया था ‘अबकी बार तड़ीपार’ का नारा बीजेपी और विपक्षी गठबंधन पर हमला तेज करते हुए ठाकरे ने कहा कि बिना चुनाव के भी नेताओं को तोड़ने (पोचिंग) का स्पोर्ट्स चल रहा है. यह सब एक सोची-समझी साजिश के तहत हो रहा है. उन्होंने लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा, उनका नारा था अबकी बार 400 पार’, लेकिन मैंने कहा था अबकी बार तड़ीपार. ये लोग देश का संविधान बदलना चाहते हैं. एक बार संविधान बदल गया, तो ये अपनी मनमर्जी करेंगे और तानाशाही लाएंगे. महाराष्ट्र जागेगा या सोता रहेगा? ठाकरे ने हुंकार भरते हुए कहा कि हम देश में गुलामी और तानाशाही के राज को रोकने के लिए मैदान में उतरे हैं. बाकी राज्य जब जागेंगे तब जागेंगे, लेकिन मेरा सवाल आपसे है – क्या महाराष्ट्र जागेगा या नहीं? यह लड़ाई आसान नहीं है. उन्होंने जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि अगला सांसद वही होना चाहिए जो भगवे ध्वज का सच्चा और कट्टर समर्थक हो. असली शिवसेना सिर्फ एक ही है और उसका भगवा झंडा भी एक ही है. ये भी पढ़ें: क्या बीजेपी के साथ फिर जाएंगे उद्धव ठाकरे? फ्लाइट में फडणवीस से हुई मुलाकात के बाद उठे सवाल The post ‘बेटी की शादी तय करने चले थे, खुद का गठबंधन कर आए’, बागी नेताओं पर उद्धव का हमला appeared first on Naya Vichar.

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पुणे मर्डर केस: रेस्क्यू टीम ने कहा- केतन का शव कुचली खोपड़ी के साथ हुआ था बरामद, सिया थी बिलकुल शांत

Pune Murder Case:पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल की संदिग्ध मौत के मामले में रेस्क्यू टीम के सदस्य सुनील गायकवाड़ ने एएनआई न्यूज एजेंसी को बताया कि जब टीम घटनास्थल पर पहुंची तो केतन का शव गंभीर हालत में पड़ा था. उसके सिर पर गहरे घाव थे, खोपड़ी बुरी तरह से कुचला गया था और हाथ-पैरों पर भी कई चोटों के निशान मिले. पुलिस को सुबह मिली सूचना, शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन सुनील गायकवाड़ ने बताया कि पुलिस स्टेशन को सुबह करीब 10:30 बजे घटना की सूचना मिली. इसके बाद रेस्क्यू टीम तुरंत लोहागढ़ किले के लिए रवाना हुई. दुर्गम पहाड़ी और घने जंगल के बीच शव तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण था. टीम ने करीब दो घंटे तक सर्च अभियान चलाकर शव को सुरक्षित बाहर निकाला. #WATCH | Ketan Agarwal Murder Case | Lonavala, Maharashtra | Sunil Gaikwad, who was part of the rescue team, says, “On reaching Lohagad Fort, we discovered a deceased boy with severe head injuries, including a crushed skull, and multiple bruises on his limbs. He had died. We… pic.twitter.com/eWApjdylsK — ANI (@ANI) June 27, 2026 खड़ी चढ़ाई और जंगल के बीच शव निकालना बना चुनौती रेस्क्यू टीम के सदस्य सुनील गायकवाड़ ने बताया कि शव को खड़ी ढलान और जंगल के रास्ते बाहर लाने में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा.उबड़ खाबड़ रास्ते की वजह से शव को उठाकर लाना बेहद मुश्किल था. आखिरकार दोपहर 12:30 बजे तक अभियान पूरा हुआ और करीब 1:30 बजे शव को एंबुलेंस के हवाले कर दिया गया. सिया के व्यवहार ने खड़े किए कई सवाल रेस्क्यू टीम के सदस्य ने बताया कि शव निकालने के दौरान सिया भी मौके पर मौजूद थी. हालांकि, उन्होंने देखा कि वह अन्य लोगों की तुलना में काफी शांत दिखाई दे रही थी. जहां आसपास मौजूद लोग जोर-जोर से रो रहे थे और भावुक थे, वहीं सिया के चेहरे पर वैसी भावनाएं नजर नहीं आईं. उसके इस व्यवहार ने जांच एजेंसियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है. भाई के बाद सिया के माता पिता से पूछताछ पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में मुख्य आरोपी सिया गोयल के माता-पिता और भाई साहिल गोयल शनिवार को जांच अधिकारियों के बुलावे पर लोनावला ग्रामीण पुलिस स्टेशन पहुंचे. गोयल परिवार से लगातार दूसरे दिन पूछताछ की गई, जिससे साफ है कि पुलिस अब परिवार के बयानों और डिजिटल सबूतों की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है. यह भी पढ़े-पुणे मर्डर केसः सिया के भाई का दोस्त था चेतन, उसी ने कराई थी दोनों की मुलाकात The post पुणे मर्डर केस: रेस्क्यू टीम ने कहा- केतन का शव कुचली खोपड़ी के साथ हुआ था बरामद, सिया थी बिलकुल शांत appeared first on Naya Vichar.

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