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Author name: Vinod Jha

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बिहार में 13,500 होमगार्ड भर्ती को मंजूरी, जानिए दैनिक भत्ता और आवेदन की प्रक्रिया

Bihar Home Guard Bharti: प्रशासनी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशसमाचारी सामने आई है. बिहार प्रशासन ने नए वित्तीय वर्ष में गृह रक्षक यानी होम गार्ड के 13,500 रिक्त पदों पर भर्ती निकालने का एलान किया है. इस फैसले से राज्य के हजारों युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा. भर्ती प्रक्रिया को लेकर मंजूरी दे दी गई है और अब जल्द ही गृह विभाग की ओर से विस्तृत नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा. प्रशासन के इस निर्णय को रोजगार के लिहाज से अहम माना जा रहा है. लंबे समय से होम गार्ड की रिक्तियां भरने की मांग उठ रही थी. अब विभाग की स्वीकृति के बाद उम्मीद है कि आवेदन प्रक्रिया जल्द शुरू होगी. नोटिफिकेशन जारी होते ही ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन की प्रक्रिया स्पष्ट कर दी जाएगी. दैनिक भत्ते में बड़ी बढ़ोतरी भर्ती के साथ-साथ प्रशासन ने होम गार्ड के दैनिक भत्ते में भी इजाफा किया है. पहले जहां एक दिन के कर्तव्य भत्ते के रूप में 774 रुपये मिलते थे. वहीं अब इसे बढ़ाकर 1121 रुपये कर दिया गया है. यानी प्रति दिन 347 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. इससे होम गार्ड जवानों को आर्थिक रूप से राहत मिलेगी. प्रशासन का कहना है कि यह कदम जवानों के मनोबल को बढ़ाने के लिए उठाया गया है. क्या है पात्रता? होम गार्ड पदों पर आवेदन करने के लिए अभ्यर्थी का 10वीं या 12वीं पास होना जरूरी होगा. न्यूनतम आयु 20 वर्ष निर्धारित की गई है. अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष तय की गई है. हालांकि आरक्षित वर्ग को आयु सीमा में छूट मिल सकती है. विस्तृत जानकारी आधिकारिक अधिसूचना में दी जाएगी. कैसे होगा चयन? चयन प्रक्रिया जिला स्तर पर आयोजित की जाएगी. अभ्यर्थियों को फिजिकल टेस्ट से गुजरना होगा. दौड़, लंबी कूद और अन्य शारीरिक दक्षता परीक्षण के आधार पर अंक दिए जाएंगे. इन्हीं अंकों के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी. अंतिम चयन से पहले मेडिकल जांच भी अनिवार्य होगी. कुल मिलाकर यह भर्ती राज्य के युवाओं के लिए सुनहरा मौका है. अब सभी की नजरें आधिकारिक नोटिफिकेशन पर टिकी हैं. Also Read: बिहार में सोलर पैनल लगाने पर 78 हजार तक सब्सिडी, 5 साल तक फ्री मेंटेनेंस की मिलेगी सुविधा The post बिहार में 13,500 होमगार्ड भर्ती को मंजूरी, जानिए दैनिक भत्ता और आवेदन की प्रक्रिया appeared first on Naya Vichar.

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गौडियम आईवीएफ आईपीओ का दूसरा दिन, रिटेल इन्वेस्टर्स का रहा जबरदस्त रिस्पॉन्स

Gaudium IVF IPO Day 2: नई दिल्ली की जानी-मानी फर्टिलिटी कंपनी, गौडियम आईवीएफ एंड वीमेन हेल्थ का आईपीओ (IPO) इन दिनों चर्चा में है. आज सोमवार, 23 फरवरी को सब्सक्रिप्शन के दूसरे दिन निवेशकों की तरफ से मिला-जुला रिस्पॉन्स देखने को मिल रहा है. सुबह 11:40 बजे तक यह आईपीओ कुल 1.78 गुना भरा है. Gaudium IVF: रिटेल निवेशकों में कितना है क्रेज? इस आईपीओ को लेकर छोटे यानी रिटेल निवेशकों में काफी उत्साह दिख रहा है. रिटेल हिस्सा 2.55 गुना भर चुका है, जबकि नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) का कोटा 2.33 गुना सब्सक्राइब हुआ है. हालांकि, बड़े संस्थागत खरीदारों (QIB) ने अभी तक सिर्फ 1% दिलचस्पी दिखाई है. कंपनी ने एंकर निवेशकों से पहले ही 49.5 करोड़ रुपये जुटा लिए हैं. Gaudium IVF: कितना फायदा दे सकता है ये आईपीओ? ग्रे मार्केट (GMP) की बात करें तो वहां से बहुत बड़े मुनाफे के संकेत नहीं मिल रहे हैं. अभी इसका शेयर ऊपरी प्राइस बैंड 79 रुपये के मुकाबले 7.5 रुपये के प्रीमियम (करीब 9.5%) पर ट्रेड कर रहा है. इसका मतलब है कि फिलहाल लिस्टिंग पर बहुत बड़े धमाके की उम्मीद कम है, लेकिन मार्केट की चाल इसे बदल भी सकती है. Gaudium IVF: पैसों का क्या करेगी कंपनी? यह पूरा आईपीओ 165 करोड़ रुपये का है. कंपनी इसमें से 50 करोड़ रुपये नए IVF सेंटर खोलने में लगाएगी और 20 करोड़ रुपये का इस्तेमाल पुराना कर्ज चुकाने के लिए करेगी. बाकी पैसा कंपनी के रोजमर्रा के कामकाज में खर्च होगा. जरूरी तारीखें और निवेश की जानकारी कब बंद होगा: यह आईपीओ कल 24 फरवरी को बंद हो जाएगा. शेयर प्राइस: 75 रुपये से 79 रुपये प्रति शेयर. कम से कम निवेश: एक लॉट (189 शेयर) के लिए आपको 14,931 रुपये लगाने होंगे. लिस्टिंग: शेयर मार्केट (BSE और NSE) पर इसकी एंट्री 27 फरवरी को हो सकती है. अगर आप हेल्थकेयर सेक्टर में भरोसा रखते हैं, तो कल शाम तक इस पर दांव लगाने का मौका है. ये भी पढ़ें: भारी धोखाधड़ी से हिला IDFC First Bank, शेयर गिरकर 68 रुपये पर आया The post गौडियम आईवीएफ आईपीओ का दूसरा दिन, रिटेल इन्वेस्टर्स का रहा जबरदस्त रिस्पॉन्स appeared first on Naya Vichar.

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चीन की बादशाहत खत्म! कजाकिस्तान में मिला रेयर अर्थ का महाभंडार, AI से हो रही खोज

Kazakhstan Rare Earth Deposit Discovery: कजाकिस्तान को अब तक लोग सिर्फ तेल और लंबे मैदानों के लिए जानते थे, लेकिन अब इस देश ने एक ऐसा दांव स्पोर्ट्सा है जिसने पूरी दुनिया के टेक मार्केट में हलचल मचा दी है. कजाकिस्तान के कारागांडी (Karagandy) इलाके में जमीन के नीचे रेयर अर्थ (दुर्लभ खनिजों) का एक बहुत बड़ा भंडार मिला है. दावा किया जा रहा है कि यह दुनिया के सबसे बड़े भंडारों में से एक हो सकता है. इसमें नियोडिमियम, सीरियम, लैंथेनम और येट्रियम जैसे तत्व मिले हैं, जिनका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक कारों, विंड टर्बाइन और आपके स्मार्टफोन में होता है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह खोज कजाकिस्तान को केवल एक ‘ट्रांजिट हब’ से बदलकर हाई-टेक सप्लाई चेन का ‘सुपरपावर’ बना सकती है. इससे रेयर अर्थ मार्केट पर चीन की जो मजबूत पकड़ है, उसे अब कड़ी टक्कर मिलने वाली है. ‘न्यू कजाकिस्तान’ में मिला 20 मिलियन टन का भंडार शुरुआती अनुमानों की मानें तो यहां लगभग 9,35,400 मीट्रिक टन रेयर अर्थ ऑक्साइड मौजूद है. कुछ अनौपचारिक आंकड़ों के अनुसार, पूरे अयस्क (ore body) की मात्रा 20 मिलियन टन तक हो सकती है, जिसमें औसतन 700 ग्राम प्रति टन खनिज है. स्थानीय लोग इस जगह को अब गर्व से न्यू कजाकिस्तान बुलाने लगे हैं. भले ही ये खनिज मात्रा में छोटे दिखते हों, लेकिन क्लीन एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और मिलिट्री के लिए ये ऑक्सीजन की तरह जरूरी हैं. PONEN के जॉर्जी फ्रीमैन ने 2025 के MINEX फोरम में सावधानी बरतते हुए कहा कि इसे आधिकारिक तौर पर ‘डिपॉजिट’ घोषित करने के लिए अभी हाइड्रोलॉजी और इकोनॉमिक्स पर पूरी स्टडी की जरूरत है. कब शुरू होगी माइनिंग?  भले ही खजाना मिल गया है, लेकिन इसे जमीन से निकालना इतना आसान नहीं है. जानकारों का कहना है कि बड़े पैमाने पर माइनिंग शुरू होने में 2031 तक का समय लग सकता है. इसमें शुरुआती निवेश 10 मिलियन डॉलर से शुरू हो सकता है, लेकिन इसमें रिफाइनरी और ट्रांसपोर्ट का खर्च शामिल नहीं है. फिलहाल कजाकिस्तान के पास इन खनिजों को रिफाइन (शुद्ध) करने की अपनी तकनीक नहीं है. इसके लिए कजाकिस्तान की प्रशासनी कंपनी ताऊ-केन समरुक (Tau-Ken Samruk), कनाडा की इवानहो माइन्स (Ivanhoe Mines) के साथ मिलकर काम कर रही है. वे यहां टाइफून नाम की खास डीप-डिटेक्शन टेक्नोलॉजी का टेस्ट कर रहे हैं. ये भी पढ़ें: जापान ने बनाया दुनिया का पहला लकड़ी का सैटेलाइट, बिना कील-हथौड़े के हुआ तैयार दुनिया की बड़ी कंपनियों की नजर इस खोज ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है. 2020 से 2025 के बीच यहां 1 अरब डॉलर से ज्यादा का विदेशी निवेश आ चुका है. रियो टिंटो (Rio Tinto), बीएचपी (BHP), फोर्टेस्क्यू और बैरिक जैसी दिग्गज कंपनियां यहां कतार में हैं. वहीं दक्षिण कोरिया की KIGAM एजेंसी यहां AI सर्वे का इस्तेमाल कर रही है ताकि खोज का काम जल्दी पूरा हो सके. चीन के लिए क्यों है यह खतरे की घंटी? फिलहाल दुनिया के 70% रेयर अर्थ प्रोडक्शन और 85% रिफाइनिंग पर चीन का कब्जा है. दुनिया के कई देश चीन पर इस निर्भरता से परेशान हैं. ऐसे में कजाकिस्तान का यह नया रोल ग्लोबल मार्केट का बैलेंस बदल सकता है. हालांकि, अभी एनवायरमेंट और कमर्शियल स्टडीज 2026 तक चलेंगी और प्रशासन ने अभी तक रिफाइनिंग प्लान या लाइसेंस को लेकर कोई अंतिम मुहर नहीं लगाई है. ये भी पढ़ें: मासूम की मौत पर केरल के कपल ने दिखाई दरियादिली, ड्राइवर को किया माफ; कवि रूमी पर रखा था नाम ये भी पढ़ें: तुम्हारी आंखों को मासूमियत… दुबई के रूलर ने शेयर किया वीडियो; पत्नी के बर्थडे पर ऐसे किया प्यार का इजहार The post चीन की बादशाहत खत्म! कजाकिस्तान में मिला रेयर अर्थ का महाभंडार, AI से हो रही खोज appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड के सरायकेला नगर पंचायत में बंपर 47.57% वोटिंग, खूंटी में भी जोश हाई, देखें 1 बजे तक का हाल

Jharkhand Municipal Election, रांची : झारखंड में नगरपालिका आम निर्वाचन 2026 के तहत मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से जारी है. दोपहर 1 बजे तक विभिन्न जिलों से सामने आये आंकड़ों के अनुसार शहरी क्षेत्रों में मतदाताओं की भागीदारी लगातार बढ़ती जा रही है. कई जिलों में औसत मतदान प्रतिशत 35 प्रतिशत के पार पहुंच चुका है. सबसे अधिक मतदान खूंटी जिला का रहा है. जहां एकमात्र नगर पंचायत में 40.70 फीसदी मतदान रहा. दूसरे स्थान पर सरायकेला-खरसावां है, जहां मतदान प्रतिशत 39.33 तक पहुंच गया है. सरायकेला नगर पंचायत झारखंड में सबसे आगे सरायकेला अंतर्गत आदित्यपुर नगर निगम में दोपहर के 1 बजे तक 34.82 फीसदी लोगों ने वोट किया है तो वहीं, सरायकेला नगर पंचायत में 47.57 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया है. जो पूरे झारखंड में सबसे ज्यादा है. सरायकेला-खरसावां के अंदर आने वाले कपाली नगर परिषद में 35.59 फीसदी लोगों ने वोटिंग की है. इसके बाद रामगढ़ जिला का नंबर आता है, जहां रामगढ़ नगर परिषद, दुलमी, मांडू और पतरातू को मिलाकर औसत मतदान लगभग 38.56 प्रतिशत के आसपास रहा. दुलमी में 38.62, मांडू में 42.61, पतरातू में 37.22 और रामगढ़ में 37.91 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. Also Read: धनबाद के लोयाबाद के वार्ड नंबर आठ की मतदान पर्ची में गड़बड़ी, कई वोटरों ने कर दिया वोट लोहरदगा नगर परिषद में भी मतदाताओं का उत्साह जबरदस्त लोहरदगा नगर परिषद में भी मतदाताओं का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, जहां कुल मतदान प्रतिशत 38.89 दर्ज किया गया. वहीं, देवघर जिले के देवघर नगर निगम 30.36 प्रतिशत और मधुपुर नगर परिषद 38.70 प्रतिशत को मिलाकर औसत मतदान 34.53 प्रतिशत रहा. पश्चिमी सिंहभूम जिले अंतर्गत चक्रधरपुर नगर परिषद 33.05 प्रतिशत और चाईबासा नगर परिषद 34.59 प्रतिशत को मिलाकर औसतन 33.82 प्रतिशत मतदान हुआ. दूसरी ओर बोकारो जिले में चास नगर निगम और फुसरो नगर परिषद को मिलाकर औसत मतदान 31.05 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो अन्य जिलों की तुलना में थोड़ा कम रहा. कोडरमा और गिरिडीह में भी मतदान की स्थिति संतोषजनक कोडरमा और गिरिडीह में भी मतदान की स्थिति संतोषजनक रही है. कोडरमा जिले में झुमरी तिलैया नगर परिषद, कोडरमा और डोमचांच नगर पंचायतों को मिलाकर औसत मतदान 35.55 प्रतिशत दर्ज किया गया. जबकि गिरिडीह जिले के अंतर्गत आने वाले गिरिडीह नगर निगम, बड़की सरैया और धनवार नगर पंचायतों का औसत मतदान 36.10 प्रतिशत रहा. हालांकि दोपहर के बाद मतदान की रफ्तार और तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है. प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि वे घर से बाहर निकलकर अपने मताधिकार का प्रयोग जरूर करें. Also Read: कहीं मारपीट तो कहीं फर्जी वोटिंग का स्पोर्ट्स! झारखंड निकाय चुनाव में भारी हंगामा, 3 पुलिस हिरासत में The post झारखंड के सरायकेला नगर पंचायत में बंपर 47.57% वोटिंग, खूंटी में भी जोश हाई, देखें 1 बजे तक का हाल appeared first on Naya Vichar.

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होलिका दहन पर इन लकड़ियों को जलाना माना गया है अशुभ

Holika Dahan 2026: होलिका दहन हिंदू धर्म का महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है. यह परंपरा प्रह्लाद की अटूट भक्ति और होलिका के अंत की याद दिलाती है. वर्ष 2026 में यह पर्व 03 मार्च को मनाया जाएगा. इस दिन श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा करते हैं और अग्नि में सामग्री अर्पित कर सुख, शांति और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं. होलिका दहन पर पूजा की परंपरा होलिका दहन में लकड़ियों से अग्नि प्रज्वलित की जाती है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हर प्रकार की लकड़ी का उपयोग उचित नहीं माना गया है. सही लकड़ी का चयन करना जरूरी होता है, क्योंकि इसका संबंध आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ा हुआ है. हरे और जीवित पेड़ों की लकड़ी का प्रयोग न करें होलिका दहन में कभी भी हरे और जीवित पेड़ों की लकड़ी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. हरे पेड़ जीवन का प्रतीक होते हैं और उन्हें काटना अशुभ माना जाता है. धर्म के अनुसार, जीवित पेड़ को नुकसान पहुंचाना पाप के समान माना गया है. इसलिए हमेशा सूखी और गिरी हुई लकड़ियों का ही उपयोग करना चाहिए. इससे प्रकृति की रक्षा भी होती है और पूजा का पूरा फल भी मिलता है. पेड़ के नाम कारण / महत्व पीपल बहुत पवित्र पेड़ माना जाता है, इसे जलाना अशुभ समझा जाता है शमी पूजा में इस्तेमाल होने वाला पेड़ है, इसे नहीं जलाना चाहिए आम शुभ कामों में आम के पत्ते लगाए जाते हैं, इसलिए इसकी लकड़ी न जलाएं आंवला धार्मिक और औषधीय महत्व वाला पेड़ है नीम सेहत के लिए फायदेमंद और पवित्र माना जाता है केला पूजा-पाठ में काम आता है अशोक खुशहाली का प्रतीक माना जाता है बेल भगवान शिव को प्रिय है, इसलिए इसे जलाने से बचें ये भी पढ़ें: होलिका दहन में इन चीजों को जलाना पड़ सकता है भारी फल देने वाले पेड़ों की लकड़ी से बचें धार्मिक मान्यता के अनुसार, आम, पीपल, बरगद और नीम जैसे फल और पूजनीय पेड़ों की लकड़ी होलिका दहन में नहीं जलानी चाहिए. ये पेड़ पवित्र माने जाते हैं और लोगों को जीवन देने वाले होते हैं. खासकर पीपल और बरगद में देवी-देवताओं का वास माना जाता है. इन पेड़ों की लकड़ी जलाने से नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और पूजा का शुभ फल कम हो सकता है. गंदी या अशुद्ध लकड़ी का उपयोग न करें होलिका दहन में गंदी, सड़ी-गली या कूड़े में पड़ी लकड़ियों का प्रयोग भी नहीं करना चाहिए. ऐसी लकड़ियां अशुद्ध मानी जाती हैं और पूजा की पवित्रता को कम करती हैं. प्लास्टिक, रबर, कपड़ा या किसी भी तरह का कचरा भी अग्नि में नहीं डालना चाहिए. इससे वातावरण प्रदूषित होता है और धार्मिक नियमों का भी उल्लंघन होता है. सूखी और पवित्र लकड़ी का ही करें उपयोग होलिका दहन के लिए हमेशा सूखी, साफ और प्राकृतिक रूप से गिरी हुई लकड़ियों का ही उपयोग करना सबसे अच्छा माना जाता है. सूखी लकड़ी आसानी से जलती है और इसे शुद्ध माना जाता है. इससे पर्यावरण को भी नुकसान नहीं होता. साथ ही, गोबर के उपले भी होलिका दहन में शुभ माने जाते हैं और इनका उपयोग करना अच्छा होता है. प्रकृति और धर्म दोनों का रखें ध्यान होलिका दहन केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि यह हमें प्रकृति का सम्मान करना भी सिखाता है. सही लकड़ी का चयन करना हमारी जिम्मेदारी है. अगर हम धार्मिक नियमों का पालन करते हुए सूखी और पवित्र लकड़ियों का उपयोग करेंगे, तो पूजा का पूरा फल मिलेगा और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा. यही होलिका दहन का सही संदेश है. The post होलिका दहन पर इन लकड़ियों को जलाना माना गया है अशुभ appeared first on Naya Vichar.

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विधानसभा में उठा EWS उम्र सीमा छूट का मुद्दा, मंत्री ने बताया क्यों नहीं ले सकती बिहार सरकार फैसला

Bihar Assembly: बिहार विधानसभा के बजट सत्र में आज प्रश्नकाल के दौरान युवाओं और नौकरीपेशा अभ्यर्थियों से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा सुर्खियों में रहा. सत्ता पक्ष के ही विधायक देवेश कांत सिंह ने राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के अभ्यर्थियों के लिए उम्र सीमा में छूट की मांग उठाई. इस सवाल ने सदन का तापमान बढ़ा दिया, क्योंकि बिहार के हजारों युवा लंबे समय से इस मांग को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से आवाज उठा रहे हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए सामान्य प्रशासन विभाग के मंत्री विजय चौधरी ने प्रशासन का पक्ष रखा और कानूनी अड़चनों की परतें खोलीं. सदन में उठा युवाओं के अवसर का सवाल प्रश्नकाल में विधायक ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के कई छात्र आर्थिक तंगी, संसाधनों की कमी और सामाजिक दबावों के कारण समय पर तैयारी नहीं कर पाते. ऐसे में वे उम्र सीमा पार कर जाते हैं और नौकरी के अवसर खो देते हैं. उन्होंने प्रशासन से पूछा कि क्या राज्य इस वर्ग को राहत देने पर विचार कर रहा है. विधायक ने चर्चा के दौरान गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि अन्य जगहों पर इस मुद्दे पर विमर्श हो सकता है, तो बिहार में भी इस दिशा में पहल होनी चाहिए. उन्होंने तर्क दिया कि जब अन्य वर्गों को आरक्षण और आयु सीमा में छूट का लाभ मिलता है, तो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए भी विशेष प्रावधान होना चाहिए. मंत्री ने बताया कानून की बाध्यता मंत्री विजय चौधरी ने जवाब में कहा कि EWS से जुड़ा मूल प्रावधान केंद्र प्रशासन के अधिनियम के तहत लागू है. इस अधिनियम में आयु सीमा में छूट का कोई प्रावधान नहीं है और इसमें बदलाव करने का अधिकार राज्य प्रशासन के पास नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य केवल केंद्र के कानून के अनुरूप नियम लागू कर सकता है. मंत्री ने यह भी कहा कि सदस्य द्वारा उठाए गए मुद्दे पर प्रशासन अध्ययन कर सकती है. यदि भविष्य में केंद्र प्रशासन इस विषय में कोई संशोधन या दिशा-निर्देश जारी करती है, तो राज्य प्रशासन उस पर विचार कर सकती है. अध्ययन की बात पर टिका भरोसा भले ही मंत्री ने कानूनी सीमाओं का हवाला दिया, लेकिन उन्होंने पूरी तरह दरवाजे बंद नहीं किए हैं. विजय चौधरी ने यह भी कहा कि अगर अन्य राज्यों द्वारा इस तरह की छूट दी गई है, तो प्रशासन उन तथ्यों और संभावनाओं का अध्ययन करा सकती है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में केंद्र प्रशासन इस अधिनियम में कोई संशोधन करती है, तो बिहार प्रशासन उसे सहर्ष लागू करने पर विचार करेगी. सदन में हुई इस चर्चा ने स्पष्ट कर दिया है कि भले ही अभी राहत न मिली हो, लेकिन EWS छात्रों की समस्या अब प्रशासन की ‘प्राथमिकता सूची’ में शामिल हो गई है. Also Read: बिहार में अप्रैल से लागू होगी टीचर ट्रांसफर की नई पॉलिसी, अब इतने साल में हो सकेगा तबादला The post विधानसभा में उठा EWS उम्र सीमा छूट का मुद्दा, मंत्री ने बताया क्यों नहीं ले सकती बिहार प्रशासन फैसला appeared first on Naya Vichar.

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WhatsApp लाने वाला है बड़ा फीचर, टैप करते ही दिखेगा छिपा हुआ मैसेज, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp एक नए फीचर पर काम कर रहा है, जिसे देखकर कई यूजर्स को Reddit जैसे प्लेटफॉर्म याद आ सकते हैं. दरअसल, कंपनी टेक्स्ट मैसेज के लिए स्पॉइलर फॉर्मेटिंग लाने की तैयारी में है. इस फीचर की मदद से आप मैसेज के किसी हिस्से को छिपा सकेंगे. आपके छिपे हुए मैसेज को सामने वाला यूजर उस पर टैप करके ही उसे देख पाएगा. इस फीचर की जानकारी सबसे पहले WABetaInfo ने दी है. यह WhatsApp के आने वाले अपडेट्स पर नजर रखता है. रिपोर्ट के मुताबिक, यह ऑप्शन iOS के लेटेस्ट TestFlight बिल्ड में दिखा है और Android के बीटा वर्जन में भी इसकी झलक मिल चुकी है. आइए आइए आपको इस फीचर के बारे में डिटेल में बताते हैं.  स्पॉइलर फॉर्मेटिंग फीचर कैसे काम करेगा? जब यह फीचर शुरू होगा, तो स्पॉइलर का ऑप्शन आपको वहीं मिलेगा जहां अभी बोल्ड, इटैलिक और स्ट्राइकथ्रू जैसे फॉर्मेटिंग टूल्स होते हैं. अगर आप मैसेज के किसी हिस्से को स्पॉइलर के रूप में मार्क करते हैं, तो वह टेक्स्ट ग्रे बार से ढका हुआ दिखेगा. सामने वाला व्यक्ति उस छिपे हुए टेक्स्ट को पढ़ने के लिए उस पर टैप करेगा. समाचार यह भी है कि WhatsApp इसके लिए एक शॉर्टकट देने की तैयारी में है. यानी यूजर्स जिस टेक्स्ट को छिपाना चाहते हैं, उसके पहले और बाद में डबल पाइप (||) टाइप कर सकेंगे. उदाहरण के लिए, अगर आप लिखते हैं ||this text||, तो वह हिस्सा अपने आप छिप जाएगा. यह तरीका Reddit के स्पॉइलर टैग जैसा ही है, इसलिए कई यूजर्स को इसे इस्तेमाल करना आसान लगेगा. फिलहाल यह फीचर सिर्फ टेक्स्ट मैसेज पर ही काम करता हुआ नजर आ रहा है. अभी तक इस बात की कोई भी कन्फर्मेशन नहीं हुई है कि स्पॉइलर टैग आगे चलकर इमेज, वीडियो या वॉइस नोट्स पर भी मिलेगा या नहीं. Whatsapp spoiler formatting feature कब आएगा ये फीचर? WhatsApp ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि यह फीचर कब तक सभी यूजर्स के लिए जारी होगा. हालांकि, इसे iOS और Android दोनों के बीटा वर्जन में देखा गया है, जिससे लगता है कि इस पर काम चल रहा है. लेकिन ध्यान रखने वाली बात यह है कि बीटा में दिखने वाले सभी फीचर्स तुरंत लाइव हो जाएं, ऐसा हमेशा जरूरी नहीं होता. यह भी पढ़ें: अपनी फोटो को WhatsApp स्टिकर में कैसे बदलें? फॉलो करें ये सिंपल स्टेप्स The post WhatsApp लाने वाला है बड़ा फीचर, टैप करते ही दिखेगा छिपा हुआ मैसेज, जानें कैसे करेगा काम appeared first on Naya Vichar.

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होली के रंगों में घुला ‘हमार कोई का करिए’, नया होली गीत मचा रहा धमाल

Bhojpuri Holi Song Hamar Koi Ka Kariye: होली के ठीक पहले भोजपुरी संगीत प्रेमियों के लिए एक नया गीत सामने आया है, जिसका नाम ‘हमार कोई का करिए’ है. यह गाना रंगों की मस्ती, हल्की शरारत और प्यार भरे एहसास को साथ लेकर आया है. पहली बार सुनते ही इसके धुन और बोल मन में उतर जाते हैं. गाने के कलाकार के बारे में आपको बताते हैं. गाने का वीडियो रिलीज के साथ ही चर्चा में आया गाना यह गीत सारेगामा हम भोजपुरी के बैनर तले रिलीज हुआ है. ‘हमार कोई का करिए’ को भी रिलीज होते ही अच्छा रिस्पॉन्स मिलने लगा है. यूट्यूब और सोशल मीडिया पर इस गाने को लेकर पॉजिटिव रिएक्शन मिल रहे हैं. गाने के धुन को सुनकर ऐसा लग रहा है कि इस बार होली प्लेलिस्ट में यह गाना शामिल हो सकता है. सॉन्ग में फाजिल वागिद होसैन ने दी है आवाज इस गीत को आवाज दी है फाजिल वागिद होसैन ने. खास बात यह है कि उन्होंने ही इसके बोल लिखे हैं और संगीत भी तैयार किया है. उनकी आवाज में एक सादगी और मिठास है, जो सीधे दिल तक पहुंचती है. वीडियो में आशुतोष ठाकुर नजर आ रहे हैं. रंगों के बीच फिल्माए गए सीन होली के माहौल को और रंगीन बनाते हैं. सॉन्ग में ढोलक की आवाज सुनाई देती है, जिसे श्रीधारा चारी ने बजाया है. पारंपरिक बीट्स गाने को देसी अंदाज देती हैं. यूजर्स के रिएक्शन सॉन्ग पर एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा, सुर संगम के बेस्ट संगीत. एक यूजर ने लिखा, नाइस सॉन्ग. एक यूजर ने लिखा, अच्छा गाना है. यह भी पढ़ें– शिल्पी राज का नया गाना छाया, अपडेटेड बिहारन के ठुमकों ने बढ़ाई ‘दीदी रे दीदी’ की चमक यह भी पढ़ें- शिल्पी राज का न्यू ट्रैक ‘बलम कलकतिया’ रिलीज, भाभी-देवर की केमिस्ट्री ने मचाया धमाल The post होली के रंगों में घुला ‘हमार कोई का करिए’, नया होली गीत मचा रहा धमाल appeared first on Naya Vichar.

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अक्षर को बाहर करने पर अश्विन की खरी-खरी, बोले- IPL की रणनीति ICC में नहीं चलती

Highlights अक्षर पटेल हैं टी20 क्रिकेट के एमवीपी वाशिंगटन सुंदर का प्रदर्शन रहा पूरी तरह खराब अश्विन ने दिलाई 2024 वर्ल्ड कप फाइनल की याद IPL और ICC टूर्नामेंट की रणनीति में अंतर जिम्बाब्वे के खिलाफ करो या मरो का मुकाबला Ravichandran Ashwin Angry: साउथ अफ्रीका के खिलाफ 76 रन की करारी हार के बाद टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन पर सवालों की बौछार हो रही है. सबसे ज्यादा बवाल उपकप्तान अक्षर पटेल (Axar Patel) को बाहर बैठाने पर है. हिंदुस्तान के पूर्व दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने भी इस फैसले पर अपनी नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि वह यह बिल्कुल समझ नहीं पा रहे कि सुपर-8 के इतने अहम मुकाबले में अक्षर को मैदान से बाहर क्यों रखा गया. मैनेजमेंट ने बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ रणनीति के तहत वाशिंगटन सुंदर (Washington Sundar) को मौका दिया था, जो पूरी तरह गलत साबित हुआ. अक्षर पटेल हैं टी20 क्रिकेट के एमवीपी पूर्व स्पिनर अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल ऐश की बात पर इस फैसले की सख्त आलोचना की. अश्विन ने कहा कि विपक्षी बल्लेबाजों के हिसाब से रणनीति बनाना आईपीएल में ठीक है, जहां हर टीम को 14 मैच स्पोर्ट्सने होते हैं. लेकिन आईसीसी टूर्नामेंट में टीम को ज्यादा स्थिर रखने की जरुरत होती है. अश्विन ने साफ कहा कि अक्षर पटेल इस समय आपके टी20 क्रिकेट के एमवीपी यानी मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर हैं. उन्होंने टीम के लिए जो योगदान दिया है, उसे बिल्कुल नहीं भूलना चाहिए. वाशिंगटन सुंदर का प्रदर्शन रहा पूरी तरह खराब मैनेजमेंट ने बाएं हाथ के बल्लेबाजों के सामने वाशिंगटन सुंदर को अक्षर की जगह प्लेइंग इलेवन में बरकरार रखा था. हालांकि, यह रणनीति फेल रही. सुंदर गेंद और बल्ले दोनों मोर्चों पर प्रभाव दिखाने में नाकाम रहे. गेंदबाजी करते हुए उन्होंने अपने दो ओवर में 17 रन दिए. इसके बाद जब टीम को रनों की जरुरत थी, तब वह नंबर-5 पर बल्लेबाजी करने आए और सिर्फ 11 रन ही बना सके. अश्विन ने दिलाई 2024 वर्ल्ड कप फाइनल की याद अश्विन ने बातचीत में 2024 टी20 वर्ल्ड कप फाइनल का भी अहम उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि उसी खिताबी मैच जैसी मुश्किल परिस्थिति में अक्षर पटेल ने बेहतरीन पारी स्पोर्ट्सी थी. तब अक्षर ने विराट कोहली के साथ मिलकर महत्वपूर्ण साझेदारी की थी और टीम का स्कोर 170 के पार पहुंचाया था. अश्विन ने माना कि कोहली के पास बहुत अनुभव है, लेकिन अक्षर भी किसी से कम नहीं हैं. अगर इस मैच में हिंदुस्तान के पास विकेट होते और बीच के ओवरों में स्थिरता होती, तो टीम लक्ष्य हासिल कर सकती थी. IPL और ICC टूर्नामेंट की रणनीति में अंतर अश्विन ने मैनेजमेंट की मैच-अप रणनीति पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने साफ किया कि आईपीएल और आईसीसी टूर्नामेंट के दबाव में बहुत अंतर होता है. वर्ल्ड कप जैसे अहम इवेंट में टीम को अपने मुख्य मैच विनर खिलाड़ियों पर भरोसा करना चाहिए. बार-बार प्लेइंग इलेवन में बदलाव करने से टीम का बैलेंस खराब होता है, जिसका नतीजा साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली इस करारी हार में साफ देखने को मिला. जिम्बाब्वे के खिलाफ करो या मरो का मुकाबला अक्षर पटेल को लगातार दूसरे मैच में बाहर बैठना हुआ है. इससे पहले नीदरलैंड के खिलाफ भी उन्हें आराम दिया गया था. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मिली हार के बाद टीम चयन पर बहस तेज हो गई है. अब हिंदुस्तान की सेमीफाइनल की राह काफी मुश्किल हो चुकी है. टीम का अगला मुकाबला जिम्बाब्वे से चेन्नई के एम ए चिदंबरम स्टेडियम में 26 फरवरी को होना है. यह देखना दिलचस्प होगा कि मैनेजमेंट अपनी पुरानी रणनीति पर कायम रहता है या अक्षर पटेल की वापसी होती है. ये भी पढ़ें- पाकिस्तानी खिलाड़ियों की नापाक हरकत, हिंदुस्तान की हार के बाद उगल रहे जहर, जानें क्या कहा? करारी हार के बाद कोच रयान टेन डोशेट का खुलासा, बताया क्यों अक्षर की जगह स्पोर्ट्से सुंदर? साउथ अफ्रीका की जीत के बाद मिलर ने बताया तरीका, कैसे दी जा सकती है हिंदुस्तान को मात The post अक्षर को बाहर करने पर अश्विन की खरी-खरी, बोले- IPL की रणनीति ICC में नहीं चलती appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड निकाय चुनाव: दुमका और सरायकेला आगे! गोड्डा में मतदान की रफ्तार सुस्त, देखें 11 बजे तक का हाल

Jharkhand Municipal Election, रांची : झारखंड नगर निकाय चुनाव को लेकर वोटिंग जारी है. सुबह 11 बजे तक किस जिले में कितने मतदाताओं ने अपना वोट डाला है इसका मतदान प्रतिशत आ चुका है. इसके अनुसार सबसे अधिक वोटिंग दुमका जिले में 25.40 फीसदी हुई है. दुमका नगर परिषद क्षेत्र में अब तक 19.75 फीसदी मतदान हुआ है तो वहीं बासुकी नगर पंचायत में 31.05 फीसदी मतदान हुआ है. बोकारो में 18.74 फीसदी लोगों ने डाला वोट वहीं, बोकारो में सुबह 11 बजे तक 18.74 फीसदी वोटिंग हुई है. इसके अंतर्गत आने वाले चास नगर निगम में 16.15 फीसदी मतदान हुआ है तो वहीं, फुसरो नगर परिषद 21.33 फीसदी लोगों ने अपना वोट डाला है. उसी तरह गुमला नगर परिषद क्षेत्र में अब तक 21.02 फीसदी लोगों ने अपना मताधिकार का प्रयोग किया है. इसके अंतर्गत वार्ड संख्या 1 से 4 में 1573 फीसदी लोगों ने वोट डाला तो वार्ड संख्या 5 से 8 में 1480, वार्ड 9 से 12 में 1622, वार्ड 13 से 17 में 1997 और वार्ड 18 से 22 में 1588 लोगों ने मतदान किया. Also Read: धनबाद में नगर निगम चुनाव के दौरान प्रत्याशी समर्थकों में झड़प, बूथ पर मची अफरा-तफरी देवघर में 21.63 फीसदी वोटिंग देवघर जिले की बात करें तो यहां कुल 21.63 फीसदी लोगों ने वोटिंग की है. इसके अंतर्गत आने वाले देवघर नगर निगम में 19.16 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया है. वहीं, मधुपुर नगर परिषद में 24.10 फीसदी लोगों ने अपने मतधिकार का प्रयोग किया है. पाकुड़ में 27.69 प्रतिशत लोगों ने वोट किया है. चतरा नगर परिषद में 23.46 फीसदी मतदान हुआ है. गोड्डा में 10.83 फीसदी वोटिंग हुई है. इसके अंतर्गत आने वाले गोड्डा नगर परिषद में 10.14 फीसदी लोगों ने वोट किया है. जबकि महागामा नगर पंचायत 11.52 में फीसदी वोटिंग हुई है. सरायकेला में 25.08 फीसदी मतदान सरायकेला खरसावां में तीनों निकायों का औसत मतदान 25.08 फीसदी हुआ है. इसके अंतर्गत आने वाले आदित्यपुर नगर निगम में 21.80 प्रतिशत, सरायकेला नगर पंचायत में 31.30 प्रतिशत और कपाली नगर परिषद में 22.13 फीसदी हुई वोटिंग हुई है. Also Read: झारखंड में ‘लालटेन युग’ की वापसी! गोड्डा सांसद का हेमंत प्रशासन पर हमला, बोले- बैलेट पेपर से राज्य पीछे The post झारखंड निकाय चुनाव: दुमका और सरायकेला आगे! गोड्डा में मतदान की रफ्तार सुस्त, देखें 11 बजे तक का हाल appeared first on Naya Vichar.

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