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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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45 हजार में इलेक्ट्रिक स्कूटर, 1 रुपये में 4 किलोमीटर चलेंगे ये EV मॉडल

पेट्रोल की बढ़ती कीमतों ने एक बार फिर आम लोगों का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है. रोजाना ऑफिस, कॉलेज या लोकल ट्रैवल करने वाले लोगों के लिए अब हर महीने फ्यूल खर्च बड़ा बोझ बनता जा रहा है. ऐसे में इलेक्ट्रिक स्कूटर अब सिर्फ ट्रेंड नहीं बल्कि जरूरत बनते जा रहे हैं. खास बात यह है कि अब बाजार में ऐसे ईवी स्कूटर भी मौजूद हैं, जिन्हें बैटरी-ऐज-ए-सर्विस यानी BaaS मॉडल के साथ बेहद कम शुरुआती कीमत पर खरीदा जा सकता है. TVS Orbiter V1 और Vida VX2 Go जैसे मॉडल्स इसी वजह से तेजी से चर्चा में हैं. कम रनिंग कॉस्ट, सस्ती चार्जिंग और लंबी रेंज के कारण ये स्कूटर्स पेट्रोल स्कूटर का मजबूत विकल्प बनकर उभर रहे हैं. 1 रुपये में 4 किमी चलने का दावा इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की सबसे बड़ी ताकत उनकी रनिंग कॉस्ट मानी जा रही है. मौजूदा बिजली दरों के हिसाब से 3kWh बैटरी वाले स्कूटर को फुल चार्ज करने में करीब 24 रुपये तक खर्च आते हैं. इसके बाद यह लगभग 100 किलोमीटर तक चल सकता है. यानी औसतन 1 रुपये में करीब 4 किलोमीटर तक सफर संभव है. यही वजह है कि रोजाना लंबा सफर करने वाले लोग अब ईवी विकल्पों की तरफ तेजी से शिफ्ट हो रहे हैं. Vida VX2 Go बना बजट खरीदारों की पसंद Vida VX2 Go इस समय सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में शामिल हो गया है. कंपनी इसे BaaS मॉडल के तहत करीब 45 हजार रुपये की शुरुआती कीमत में ऑफर कर रही है. इस स्कूटर में 2.2kWh बैटरी पैक मिलता है, जो लगभग 92 किलोमीटर की रेंज देने का दावा करता है. अगर ज्यादा रेंज चाहिए तो इसका 3.4kWh बैटरी वेरिएंट भी मौजूद है. यह मॉडल करीब 142 किलोमीटर तक की रेंज ऑफर करता है. ऐसे में शहरों में रोजाना इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए यह एक प्रैक्टिकल ऑप्शन बन सकता है. TVS Orbiter V1 भी दे रहा लंबी रेंज TVS का नया Orbiter V1 भी कम कीमत और बेहतर रेंज के कारण तेजी से ध्यान खींच रहा है. कंपनी ने इसका शुरुआती BaaS प्राइस करीब 49,999 रुपये रखा है. इसका V1 मॉडल लगभग 86 किलोमीटर तक की रेंज ऑफर करता है, जबकि V2 वेरिएंट 158 किलोमीटर तक चलने का दावा करता है. TVS की मजबूत सर्विस नेटवर्क और भरोसेमंद ब्रांड वैल्यू इसे कई खरीदारों के लिए सुरक्षित विकल्प बनाती है. खासकर वे लोग जो पहली बार इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की सोच रहे हैं, उनके लिए यह मॉडल आकर्षक माना जा रहा है. Ola और Ather भी दे रहे सस्ते विकल्प सिर्फ Vida और TVS ही नहीं, Ola और Ather जैसी कंपनियां भी BaaS मॉडल पर जोर दे रही हैं. Ola S1X को करीब 49,999 रुपये की शुरुआती कीमत पर खरीदा जा सकता है. वहीं Ather Rizta और Ather 450 भी बैटरी सब्सक्रिप्शन प्लान के साथ कम डाउन पेमेंट में उपलब्ध हैं. ऑटो इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में बैटरी सब्सक्रिप्शन मॉडल इलेक्ट्रिक व्हीकल मार्केट को और तेजी से बढ़ा सकता है, क्योंकि इससे शुरुआती खरीद कीमत काफी कम हो जाती है. यह भी पढ़ें: बेंगलुरु में ईवी बैटरी ब्लास्ट से बड़ा हादसा, आप न करें ऐसी गलतियां The post 45 हजार में इलेक्ट्रिक स्कूटर, 1 रुपये में 4 किलोमीटर चलेंगे ये EV मॉडल appeared first on Naya Vichar.

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होर्मुज स्ट्रेट को क्रॉस करके 20,000 टन LPG लेकर गुजरात पहुंचा सिमी जहाज

LPG tanker: होर्मुज स्ट्रेट से किसी जहाज के गुजरने पर पूरे विश्व की नजर टिकी हुई है, वैसी स्थिति में सिमी नाम का जहाज 20,000 टन गैस लेकर गुजरा है. यह जहाज अब हिंदुस्तानीय पोर्ट पहुंच चुका है. यह जानकारी न्यूज एजेंसी एएनआई ने दी है. न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार जहाज पर मार्शल आइलैंड्स का झंडा लगा हुआ था. #WATCH | Kachchh, Gujarat: The Marshall Islands-flagged tanker Symi, carrying approx 20,000 tonnes of LPG, arrives at the Kandla Port. Symi crossed the Strait of Hormuz on May 13. (Source: DPA Kandla) pic.twitter.com/nbdSwdmkio — ANI (@ANI) May 17, 2026 कमर्शियल गैस की कीमत बढ़ने से लागत में वृद्धि देश में कमर्शियल गैस की कीमत बढ़ने से प्रवासी मजदूरों, कम्युनिटी किचन, कैंटीन, ढाबों और इंडस्ट्रियल यूजर्स के लिए गैस की लागत 47% से ज़्यादा बढ़ गई है. ऐसे में यह समाचार राहत देने वाली है. देश में एनर्जी संकट से बचने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में गैस का समझदारी से इस्तेमाल करने को कहा है. इसकी वजह यह है कि ईरान ने अमेरिका के साथ युद्ध को देखते हुए होर्मुज स्ट्रेट और फ्यूल सप्लाई लाइनों को जाम कर दिया है. एनर्जी संकट से बचने के लिए हिंदुस्तान तलाश रहा है विकल्प हिंदुस्तान में तेल की कमी ना हो और जनता परेशान ना हो, इसके लिए प्रशासन ने विकल्प की तलाश शुरू कर दी है.हिंदुस्तान और यूनाइटेड अरब अमीरात ने शुक्रवार को डिफेंस कोऑपरेशन, लॉन्ग-टर्म LPG सप्लाई, स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व और शिपिंग पर अहम एग्रीमेंट साइन किया है. यूएई के प्रेसिडेंट मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने कहा कि हिंदुस्तान ने हमेशा बातचीत और डिप्लोमेसी के जरिए समस्याओं को सुलझाने की बात कही है. हिंदुस्तान ने होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने की वकालत की ही है और समस्या का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से करने की वकालत की है. ये भी पढ़ें : वीडी सतीशन सोमवार को लेंगे शपथ, खरगे, राहुल और प्रियंका भी रहेंगे मौजूद The post होर्मुज स्ट्रेट को क्रॉस करके 20,000 टन LPG लेकर गुजरात पहुंचा सिमी जहाज appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल के सियालदह स्टेशन पर केवल IRCTC का स्टॉल, अब नहीं दिखेंगे फेरीवाले

मुख्य बातें यात्रियों को हो रही थी परेशानी यूनियनों के दबाव के कारण कार्रवाई में हुई देरी Bengal News IRCTC: सियालदह : नेतृत्वक बदलावों के चलते पश्चिम बंगाल में बहुत कुछ बदल रहा है. सियालदह रेलवे स्टेशन अब खाली है. प्लेटफार्म 1 से 21 तक फेरीवालों से मुक्त हैं. आम यात्रियों की सुगमता के लिए यह निर्णय लिया है. आम यात्रियों ने इसका स्वागत किया है. सियालदह रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म से 200 से 250 से अधिक फेरीवालों को हटाया जा चुका है. सियालदह डीआरएम कार्यालय के अनुसार, फेरीवालों को पहले नोटिस दिया गया. फिर समय दिया गया. उस दौरान, उनमें से कई अपनी दुकानें या स्टॉल लेकर चले गए. प्लेटफॉर्म छोड़ने में देरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. यात्रियों को हो रही थी परेशानी सियालदह डिवीजन की मुख्य और दक्षिणी शाखाओं से प्रतिदिन लगभग 9 लाख यात्री यात्रा करते हैं. सियालदह रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन लगभग 885 से 921 उपनगरीय लोकल ट्रेनें (ईएमयू) चलती हैं.इसके अतिरिक्त, इस स्टेशन से प्रतिदिन 1,591 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं, जिनमें लगभग 158 लंबी दूरी की मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें और यात्री ट्रेनें शामिल हैं. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि प्लेटफार्म यात्रियों की आवाजाही के लिए होता है और वहां एक के बाद एक फेरीवालों के बैठने से बार-बार बाधाएं पैदा हो रही थीं. यहां तक ​​कि कई यात्रियों को भी इससे परेशानी हो रही थी. आम रेल यात्रियों ने भी विभिन्न स्थानों पर अपने बयानों में यह बात स्पष्ट की थी, लेकिन नेतृत्वक मजबूरियों के कारण उन फेरीवालों को हटाना संभव नहीं हो पाया. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें यूनियनों के दबाव के कारण कार्रवाई में हुई देरी सियालदह अधिकारियों का दावा है कि फेरीवाले मेंढक की छतरी की तरह एक के ऊपर एक बैठे थे. पहले, पिछली सत्ताधारी पार्टी के यूनियनों के दबाव के कारण इन फेरीवालों को हटाना संभव नहीं था, लेकिन प्रशासन बदलने के बाद, सियालदह स्टेशन के प्लेटफार्म को फेरीवालों से पूरी तरह मुक्त करना संभव हो पाया. यहां तक ​​कि अमृत हिंदुस्तान परियोजना के तहत सियालदह स्टेशन के उन्नयन के मामले में भी यह अवैध अतिक्रमण एक बाधा बन गया. पूर्वी रेलवे के महाप्रबंधक का दावा है कि सियालदह स्टेशन को धीरे-धीरे प्लेटफार्म पर कूड़ा फेंकने या जगह पर अतिक्रमण करने की आदत से मुक्त कर दिया गया है. Also Read: कोलकाता में गलत जगह पर गाड़ी हुई पार्क तो देगा होगा 500 रुपया जुर्माना, पार्किंग नियम हुए सख्त The post बंगाल के सियालदह स्टेशन पर केवल IRCTC का स्टॉल, अब नहीं दिखेंगे फेरीवाले appeared first on Naya Vichar.

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गंगा जल समझौते को लेकर भारत पर दबाव बना रहा बांग्लादेश, कहा- भविष्य के संबंध इसी पर डिपेंड

Bangladesh India Ganga Water Treaty: बांग्लादेश की बीएनपी प्रशासन ने हिंदुस्तान के साथ भविष्य के संबंधों को गंगा जल बंटवारा समझौते से जोड़ते हुए नई दिल्ली से जल्द नई संधि पर बातचीत शुरू करने की मांग की है. पार्टी का कहना है कि अगला समझौता बांग्लादेश की जरूरतों और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर तैयार होना चाहिए. पार्टी के सीनियर नेता ने कहा कि हिंदुस्तान-बांग्लादेश के आगे के संबंध इस संधि की शर्तों पर निर्भर करेंगे. हिंदुस्तान और बांग्लादेश के बीच मौजूदा गंगा जल बंटवारा समझौता 1996 में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना और हिंदुस्तान के पीएम एचडी देवगौड़ा के कार्यकाल में हुआ था. यह संधि दिसंबर 2026 में समाप्त होने वाली है, जिसके बाद दोनों देशों के बीच नए समझौते की जरूरत पड़ेगी. ढाका में आयोजित एक कार्यक्रम में बीएनपी महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने कहा कि बांग्लादेश चाहता है कि हिंदुस्तान के साथ होने वाला नया जल समझौता आपसी चर्चा और बांग्लादेशी जनता के हितों के अनुरूप तय हो. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि हिंदुस्तान और बांग्लादेश के बेहतर रिश्तों का भविष्य काफी हद तक गंगा जल बंटवारा संधि या फरक्का समझौते पर निर्भर करेगा.  बांग्लादेश की 54 नदियां हिंदुस्तान से निकलती हैं या हिंदुस्तान से होकर गुजरती हैं. ऐसे में बांग्लादेश सीमा पार जल बंटवारे की व्यवस्थाओं पर काफी निर्भर है. आलमगीर के अनुसार, बांग्लादेश की लगभग 17 करोड़ आबादी में से करीब एक-तिहाई लोगों की आजीविका और पर्यावरणीय संतुलन इस नदी तंत्र पर निर्भर करता है. आलमगीर ने यह भी सुझाव दिया कि जब तक नया समझौता अंतिम रूप नहीं ले लेता, तब तक मौजूदा संधि को जारी रखा जाना चाहिए. क्यों अहम है गंगा और फरक्का विवाद? 1975 में बना फरक्का बैराज लंबे समय से हिंदुस्तान और बांग्लादेश के बीच संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है. बांग्लादेश का आरोप है कि सूखे के मौसम में फरक्का बैराज के कारण नीचे की ओर जल प्रवाह कम हो जाता है, जिससे खेती, जैव विविधता और पेयजल व्यवस्था प्रभावित होती है. बांग्लादेश में गंगा नदी को पद्मा नाम से जाना जाता है. यह नदी वहां की कृषि व्यवस्था और लाखों लोगों की आजीविका का बड़ा आधार है. बीएनपी का दावा है कि देश की लगभग एक-तिहाई आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस नदी तंत्र पर निर्भर है. बांग्लादेश का आरोप है हिंदुस्तान ने एक के बाद इन नदियों पर डैम बनाकर बांग्लादेश के लिए समस्या खड़ी कर दी है. हालांकि, हिंदुस्तान का कहना है कि फरक्का बैराज का मुख्य उद्देश्य कोलकाता पोर्ट की नौवहन क्षमता को बनाए रखना है. इसके जरिए हुगली नदी में जमा गाद हटाने के लिए पानी का प्रवाह नियंत्रित किया जाता है. पद्मा बैराज परियोजना ने बढ़ाई बहस बांग्लादेश प्रशासन ने हाल ही में पद्मा नदी (हिंदुस्तान में गंगा) पर एक बड़े बैराज निर्माण प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है. प्रशासन का कहना है कि यह परियोजना फरक्का बैराज के असर को कम करने के लिए शुरू की जा रही है. इस योजना को प्रधानमंत्री तारिक रहमान की अध्यक्षता में राष्ट्रीय आर्थिक परिषद की बैठक में स्वीकृति मिली. परियोजना को 2033 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. बांग्लादेश के जल संसाधन मंत्री शहीदुद्दीन चौधरी अनी ने कहा कि यह परियोजना बांग्लादेश के राष्ट्रीय हित से जुड़ी है और इसके लिए हिंदुस्तान से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है. हालांकि, जल विशेषज्ञ अनीनुन निशात ने चेतावनी दी कि यदि हिंदुस्तान के साथ जल समझौता कमजोर हुआ तो इस परियोजना की उपयोगिता भी प्रभावित हो सकती है. हिंदुस्तान और बांग्लादेश को इस समझौते से कुछ फायदे और कुछ नुकसान भी हो सकते हैं. जिनमें से कुछ इस तरह हैं:- हिंदुस्तान को संभावित फायदे नया समझौता होने से हिंदुस्तान-बांग्लादेश संबंध स्थिर रह सकते हैं. सीमा पार सुरक्षा और व्यापार सहयोग मजबूत हो सकता है. पूर्वोत्तर हिंदुस्तान के लिए रणनीतिक और कूटनीतिक सहयोग बेहतर हो सकता है. जल विवाद कम होने से क्षेत्रीय स्थिरता बढ़ सकती है. हिंदुस्तान के सामने चुनौतियां पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में पानी की उपलब्धता पर दबाव बढ़ सकता है. फरक्का बैराज और कोलकाता पोर्ट संचालन पर असर पड़ने की आशंका रहेगी. तीस्ता और अन्य नदी समझौतों पर भी नया दबाव बन सकता है. घरेलू नेतृत्व में नदी जल बंटवारे को लेकर विरोध तेज हो सकता है. बांग्लादेश के पद्मा बैराज से हिंदुस्तान में फरक्का संकट और बढ़ सकता है. क्योंकि पद्मा बैराज से नदी का तल ऊंचा हो जाएगा. तलछट जमाव नदी को उथला और चौड़ा कर सकता है, जिससे फरक्का बैराज से पैदान होने वाले दुष्प्रभाव और बढ़ेंगे. बांग्लादेश को संभावित फायदे सूखे के मौसम में पानी की उपलब्धता बेहतर हो सकती है. कृषि, मत्स्य पालन और पर्यावरणीय संतुलन को राहत मिलेगी. दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्रों में खारेपन की समस्या कम हो सकती है. नदी आधारित वित्तीय स्थिति और पेयजल आपूर्ति को मजबूती मिलेगी. बांग्लादेश के सामने जोखिम यदि नया समझौता समय पर नहीं हुआ तो जल संकट गहरा सकता है. पद्मा बैराज परियोजना पर भारी आर्थिक बोझ बढ़ सकता है. नदी में गाद जमने और जल प्रवाह बदलने की समस्या बढ़ने की आशंका है. हिंदुस्तान के साथ तनाव बढ़ने पर व्यापार और सीमा सहयोग प्रभावित हो सकता है. ये भी पढ़ें:- नीदरलैंड ने लौटाए 1000 साल पुराने चोल काल के ताम्रपत्र, पीएम मोदी ने कहा हिंदुस्तानीयों के लिए गर्व का पल ये भी पढ़ें:- मादुरो का राजदार अमेरिका में देगा गवाही! वेनेजुएला ने एलेक्स साब को किया डिपोर्ट  हिंदुस्तान बोला बातचीत से ही होगा समाधान हिंदुस्तान और बांग्लादेश के बीच नदियों का एक जाल है. कुल 54 नदियों का पानी दोनों देश साझा करते हैं. हिंदुस्तान ने स्पष्ट किया है कि बांग्लादेश के साथ सभी जल संबंधी मुद्दों पर बातचीत के लिए स्थापित द्विपक्षीय तंत्र सक्रिय हैं.  इसके लिए दोनों देश नियमित रूप से बैठकें करते हैं. पानी साझा करने के स्पष्ट नियम हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हाल ही में कहा था कि सीमा पार जल विवादों का समाधान बातचीत और संस्थागत तंत्र के जरिए ही निकाला जाएगा. हालांकि, हिंदुस्तान और बांग्लादेश के लिए किसी भी संधि पर पहुंचना आसान नहीं होगा. दोनों ही देशों में आबादी का बोझ बहुत ज्यादा है और बदलते पर्यावरण की वजह से पानी की किल्लत बढ़ती जा रही

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‘जवान’ डायरेक्टर एटली कुमार ने पहली बार रिवील किया बेटी का नाम, बेहद खास है मतलब

Atlee Kumar: फिल्म जवान के डायरेक्टर एटली कुमार इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में बने हुए हैं. हाल ही में एटली और उनकी पत्नी कृष्णा प्रिया दूसरी बार माता-पिता बने हैं. अब कपल ने अपनी बेटी के नाम का खुलासा कर दिया है, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है. एटली और प्रिया ने बेटी का नाम रखा ‘मियू’ एटली और प्रिया ने अपनी नन्ही बेटी का नाम “मियू” रखा है. कपल ने सोशल मीडिया पर एक खूबसूरत पोस्ट शेयर कर यह खुशसमाचारी फैंस के साथ साझा की. तस्वीर में प्रिया अपनी बेटी का हाथ थामे नजर आईं, जबकि पोस्ट के जरिए कपल ने अपने परिवार की खुशी जाहिर की. View this post on Instagram A post shared by Atlee Kumar (@atlee47) एटली ने पोस्ट में लिखा कि अब उनके प्यार को एक नया नाम मिल गया है. उन्होंने बताया कि “मियू” का मतलब खूबसूरती, कोमलता और प्यार होता है. इस नाम के सामने आते ही फैंस और सेलेब्स ने कपल को ढेरों शुभकामनाएं देना शुरू कर दिया. 2026 में दूसरी बार बने पेरेंट्स बता दें कि एटली और प्रिया ने 20 अप्रैल 2026 को अपनी बेटी का स्वागत किया था. बेटी के जन्म के बाद से ही परिवार में खुशी का माहौल है. इससे पहले कपल एक बेटे के माता-पिता भी बन चुके हैं, जिसका नाम मीर है. एटली और प्रिया की शादी साल 2014 में हुई थी। दोनों ने लंबे समय तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद शादी का फैसला लिया था. शादी के कई साल बाद कपल ने पहली बार अपने पेरेंट्स बनने की खुशसमाचारी फैंस के साथ साझा की थी. सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट जैसे ही एटली और प्रिया ने बेटी के नाम का ऐलान किया, सोशल मीडिया पर उनका पोस्ट तेजी से वायरल होने लगा. फैंस “मियू” नाम को बेहद प्यारा बता रहे हैं. साउथ फिल्म इंडस्ट्री से लेकर बॉलीवुड तक कई सितारों ने कपल को बधाई दी है. ‘राका’ को लेकर भी चर्चा में हैं एटली वर्क फ्रंट की बात करें तो एटली इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म राका को लेकर सुर्खियों में हैं. फिल्म में अल्लू अर्जुन और दीपिका पादुकोण मुख्य भूमिका में नजर आने वाले हैं. फिल्म से अल्लू अर्जुन का फर्स्ट लुक पहले ही सामने आ चुका है, जिसे फैंस ने काफी पसंद किया था. यह भी पढ़ें: थलापति विजय का नाम सुनते ही ब्लश करने लगीं तृषा कृष्णन, वीडियो इंटरनेट पर वायरलa The post ‘जवान’ डायरेक्टर एटली कुमार ने पहली बार रिवील किया बेटी का नाम, बेहद खास है मतलब appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली के खिलाफ इतिहास रचने उतरेंगे वैभव सूर्यवंशी, ऐसा करने वाले बनेंगे पहले भारतीय

Vaibhav Suryavanshi: दिल्ली और राजस्थान दोनों टीमों के लिए यह मैच बेहद अहम है, क्योंकि दोनों की प्लेऑफ की उम्मीदें इसी पर टिकी हैं. इस महामुकाबले में वैभव के पास इतिहास रचने का एक सुनहरा मौका होगा. अगर वैभव इस मैच में चमकते हैं, तो वह सनराइजर्स हैदराबाद के धाकड़ बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का एक बड़ा रिकॉर्ड तोड़ देंगे. सिक्सर किंग बन सकते हैं वैभव  अभिषेक शर्मा के नाम आईपीएल के एक सीजन में सबसे ज़्यादा 42 छक्के लगाने का हिंदुस्तानीय रिकॉर्ड है. जो उन्होंने 2024 में बनाया था. अब वैभव इस रिकॉर्ड को तोड़ने के बेहद करीब हैं. वैभव इस सीजन में 40 छक्के लगा चुके हैं और उन्हें नया रिकॉर्ड बनाने के लिए सिर्फ 3 छक्के और लगाने है. दूसरा सीजन स्पोर्ट्स रहे वैभव के नाम आईपीएल इतिहास का सबसे तेज शतक भी है. पिछले साल उन्होंने गुजरात टाइटंस के खिलाफ 35 बॉल में बनाए थे.  सबसे ज्यादा छक्के क्रिस गेल के नाम अगर ओवरऑल रिकॉर्ड की बात करें, तो आईपीएल के एक सीजन में सबसे ज़्यादा 59 छक्के लगाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम है. जो उन्होंने 2012 में बनाया था. अगर राजस्थान रॉयल्स फाइनल तक का सफर तय करती है, तो वैभव के पास इस  रिकॉर्ड को तोड़ने का मौका रहेगा. इसके लिए उन्हें 20 छक्के और लगाने होंगे. वैसे काम मुश्किल ज़रूर है, लेकिन वैभव जिस फॉर्म में हैं, यह नामुमकिन भी नहीं है. एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज 59- क्रिस गेल (RCB)- 2012 52- आंद्रे रसेल (KKR)- 2019 51- क्रिस गेल (RCB)- 2013 45- जोस बटलर (RR)- 2022 44- क्रिस गेल (RCB)- 2011 42- अभिषेक शर्मा (SRH)- 2024 The post दिल्ली के खिलाफ इतिहास रचने उतरेंगे वैभव सूर्यवंशी, ऐसा करने वाले बनेंगे पहले हिंदुस्तानीय appeared first on Naya Vichar.

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गौतम अदाणी का ऐलान: बिहार में 60 हजार करोड़ करेंगे निवेश, एजुकेशन सेक्टर में भी करेंगे काम

Bihar News: अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी रविवार को पहली बार सारण पहुंचे. मस्तीचक स्थित अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल में Adani Group के आई केयर प्रोजेक्ट की औपचारिक शुरुआत की गई. इस मौके पर अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन प्रीति अदाणी भी मौजूद रहीं. इस दौरान गौतम अदाणी ने बिहार में 60 हजार करोड़ के निवेश का ऐलान किया. अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के साथ जॉइंट पहल यह प्रोजेक्ट अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल और अदाणी फाउंडेशन की संयुक्त पहल है. इसके तहत Adani Center for Eye Diseases और Adani Training Center for Ophthalmic Sciences की स्थापना और संचालन किया जाएगा. इस परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सस्ती और बेहतर नेत्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है. दुनिया का सबसे बड़ा ग्रामीण आई नेटवर्क बनने की तैयारी इस प्रोजेक्ट को दुनिया का सबसे बड़ा ग्रामीण आई केयर नेटवर्क बताया जा रहा है. इसके जरिए गांव-गांव तक आधुनिक नेत्र चिकित्सा सेवाएं, ट्रेनिंग और मोबाइल यूनिट्स के माध्यम से इलाज पहुंचाने की योजना है. बिहार में 50-60 हजार करोड़ निवेश का ऐलान कार्यक्रम के दौरान गौतम अदाणी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि आने वाले 2 से 3 वर्षों में बिहार में 50 से 60 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. उन्होंने बताया कि पावर और रोड प्रोजेक्ट पहले से ही राज्य में चल रहे हैं और कई अन्य योजनाएं भी पाइपलाइन में हैं. गौतम अदाणी बोले- बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में भी काम करेंग गौतम अदाणी ने कहा कि बिहार की धरती आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी है. उन्होंने कहा कि उन्हें मस्तीचक और गायत्री मंदिर में आकर गहरी शांति का अनुभव हुआ. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कंपनी बिहार में शिक्षा क्षेत्र में भी काम करने की योजना बना रही है, जिसमें स्कूल और कॉलेज स्तर के प्रोजेक्ट शामिल होंगे. बिहार में पहले से चल रहे बड़े प्रोजेक्ट अदाणी समूह बिहार में पहले से कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है. भागलपुर थर्मल पावर प्रोजेक्ट भागलपुर जिले के पीरपैंती में करीब 26,482 करोड़ रुपये की लागत से 2400 मेगावाट का अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट विकसित किया जा रहा है. गंगा पथ परियोजना भागलपुर और सबौर को जोड़ने के लिए सुल्तानगंज-सबौर रोड लिमिटेड के तहत करीब 4,450 करोड़ रुपये की सड़क परियोजना PPP मॉडल पर बनाई जा रही है. सीमेंट फैक्ट्री प्रोजेक्ट मुजफ्फरपुर और किशनगंज में अंबुजा सीमेंट के तहत सीमेंट फैक्ट्रियों की स्थापना को मंजूरी मिली है. Also Read: पत्नी के साथ बिहार पहुंचे गौतम अदाणी, सारण में दुनिया के सबसे बड़े ग्रामीण आई हॉस्पिटल नेटवर्क की रखी नींव The post गौतम अदाणी का ऐलान: बिहार में 60 हजार करोड़ करेंगे निवेश, एजुकेशन सेक्टर में भी करेंगे काम appeared first on Naya Vichar.

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क्यों घट गया सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट, कंप्यूटर स्क्रीन चेकिंग पर सचिव ने बताई सच्चाई

CBSE 12th Result 2026: सीबीएसई कक्षा 12वीं के रिजल्ट में आई इस 3 प्रतिशत की गिरावट और छात्रों को कम नंबर मिलने की शिकायतों के बीच, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार का एक बड़ा बयान सामने आया है. शिक्षा सचिव संजय कुमार ने बताया कि इस बार सीबीएसई ने कक्षा 12वीं के रिजल्ट के लिए ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (OSM) सिस्टम का इस्तेमाल किया है. शिक्षा सचिव संजय कुमार ने बताया कि इस तकनीक के तहत कॉपियों का मूल्यांकन कंप्यूटर स्क्रीन पर डिजिटल माध्यम से किया गया है. रिजल्ट जारी होने के बाद से ही छात्रों के एक बड़े वर्ग में यह चिंता है कि इसी नए सिस्टम की वजह से उनका ओवरऑल पास प्रतिशत कम हुआ है और उन्हें उम्मीद के मुताबिक नंबर नहीं मिल पाए हैं. CBSE 12th Result 2026 को लेकर उठे सवाल छात्रों और सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए शिक्षा सचिव ने स्पष्ट किया कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग कोई नया कॉन्सेप्ट नहीं है. सीबीएसई ने सबसे पहले साल 2014 में ही इस ओएसएम (OSM) सिस्टम की शुरुआत की थी. हालांकि, उस समय देश में तकनीकी बुनियादी ढांचे (Technical Infrastructure) की कमी और सीमित संसाधनों के कारण इस प्रक्रिया को तुरंत आगे बढ़ाना संभव नहीं था. CBSE On Screen Marking पर दी जानकारी #WATCH | Delhi: Sanjay Kumar, Secretary, Department of School Education and Literacy, says, “As you are aware, the Class 12 results recently declared by the CBSE were marked using an On-Screen Marking (OSM) system this time. Following this, certain concerns have been… pic.twitter.com/QPwjO6f8Oi — ANI (@ANI) May 17, 2026 उन्होंने बताया कि पिछले साल जहां 88 फीसदी छात्र पास हुए थे, वहीं इस बार यह आंकड़ा घटकर 85 फीसदी रह गया है. इसी वजह से छात्रों और अभिभावकों के बीच सवाल उठ रहे हैं. यह भी पढ़ें: CBSE का बड़ा फैसला, 9वीं-10वीं कक्षा में जुलाई से लागू होगा थ्री लैंग्वेज रूल The post क्यों घट गया सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट, कंप्यूटर स्क्रीन चेकिंग पर सचिव ने बताई सच्चाई appeared first on Naya Vichar.

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Microsoft का नया Windows 11 अपडेट, अब कहीं भी लगाएं Taskbar और Resize करें Start Menu

विंडोज 11 यूजर्स लंबे समय से जिस बदलाव का इंतजार कर रहे थे, माइक्रोसॉफ्ट ने आखिरकार उसकी शुरुआत कर दी है. कंपनी ने अपने एक्सपेरिमेंटल विंडोज इनसाइडर बिल्ड में ऐसा अपडेट जारी किया है, जिससे यूजर्स अब टास्कबार को स्क्रीन के किसी भी हिस्से में मूव कर सकेंगे और स्टार्ट मेन्यू का साइज भी अपनी जरूरत के हिसाब से बदल पाएंगे. अब तक विंडोज 11 में टास्कबार सिर्फ नीचे फिक्स रहता था, जिसे लेकर कई यूजर्स लगातार शिकायत कर रहे थे. नए अपडेट के बाद विंडोज 11 पहले से ज्यादा कस्टमाइज्ड और फ्लेक्सिबल अनुभव देने की तैयारी में दिख रहा है. अब स्क्रीन के किसी भी साइड पर लगा सकेंगे टास्कबार माइक्रोसॉफ्ट ने नए अपडेट में टास्कबार को ऊपर, दाएं, बाएं या नीचे कहीं भी लगाने का विकल्प दिया है. खास बात यह है कि यह फीचर पुराने विंडोज वर्जन की याद दिलाता है, जहां यूजर्स अपनी सुविधा के हिसाब से स्क्रीन लेआउट सेट कर सकते थे. बड़ी स्क्रीन या मल्टी मॉनिटर सेटअप इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए यह बदलाव काफी उपयोगी माना जा रहा है. टास्कबार की पोजिशन बदलने के लिए यूजर्स को सेटिंग्स में जाकर पर्सनलाइजेशन सेक्शन खोलना होगा. इसके बाद टास्कबार बिहेवियर्स ऑप्शन में जाकर अपनी पसंद की लोकेशन चुन सकते हैं. स्टार्ट मेन्यू का साइज भी अब होगा कंट्रोल में नए अपडेट में स्टार्ट मेन्यू को रिसाइज करने का फीचर भी जोड़ा गया है. अब यूजर्स जरूरत के हिसाब से छोटा या बड़ा स्टार्ट मेन्यू इस्तेमाल कर पाएंगे. इसके लिए सिर्फ स्टार्ट मेन्यू के किनारों को ड्रैग करना होगा. इसके अलावा माइक्रोसॉफ्ट ने स्टार्ट मेन्यू में ज्यादा कंट्रोल देने की कोशिश की है. अब यूजर्स Pinned, Recent और All Apps सेक्शन को अलग-अलग दिखा या छिपा सकते हैं. इससे इंटरफेस ज्यादा क्लीन और पर्सनलाइज्ड लगेगा. प्राइवेसी फीचर भी हुआ शामिल कंपनी ने इस अपडेट में एक नया प्राइवेसी फीचर भी जोड़ा है. अब यूजर्स स्टार्ट मेन्यू से अपना अकाउंट नेम और प्रोफाइल फोटो छिपा सकते हैं. ऑनलाइन मीटिंग, स्क्रीन शेयरिंग या ऑफिस प्रेजेंटेशन के दौरान यह फीचर काफी काम आ सकता है. माइक्रोसॉफ्ट ने Recommended सेक्शन का नाम बदलकर Recent कर दिया है. कंपनी का कहना है कि नया नाम वहां दिखाई देने वाले हालिया ऐप्स और फाइल्स को ज्यादा सही तरीके से दर्शाता है. अभी सिर्फ इनसाइडर यूजर्स को मिल रहा अपडेट फिलहाल यह अपडेट सिर्फ विंडोज इंसाइडर प्रोग्राम के एक्सपेरिमेंटल चैनल में शामिल यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया गया है. आने वाले महीनों में इसे स्टेबल विंडोज 11 यूजर्स के लिए भी जारी किया जा सकता है. टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि माइक्रोसॉफ्ट अब विंडोज 11 को ज्यादा यूजर फ्रेंडली बनाने पर फोकस कर रहा है. यही वजह है कि कंपनी धीरे-धीरे उन फीचर्स को वापस ला रही है, जिन्हें यूजर्स काफी समय से मिस कर रहे थे. यह भी पढ़ें: Windows 11 की कमियां क्या दूर कर पाएगा K2 प्रोजेक्ट? Microsoft ने कर ली तैयारी The post Microsoft का नया Windows 11 अपडेट, अब कहीं भी लगाएं Taskbar और Resize करें Start Menu appeared first on Naya Vichar.

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कहीं आपका शरीर भी तो नहीं दे रहा प्रोटीन की कमी के संकेत? दिखने लगें ये 5 बदलाव तो तुरंत हो जाएं सावधान

Protein Deficiency Symptoms: आज की बिजी लाइफस्टाइल में हम खुद को फिट और एक्टिव रखने के लिए सही डाइट तो फॉलो करते हैं, लेकिन इसके बावजूद भी कई बार ऐसा होता है कि हमारे शरीर में न्यूटिशन की कमी हो ही जाती है. प्रोटीन भी इन्हीं जरूरी न्यूट्रिएंट्स में से एक है. जब आपके डाइट में प्रोटीन की कमी होने लगती है तो इसका सीधा असर आप अपने शरीर में देख सकते हैं. कई बार आप इन संकेतों को नॉर्मल सी कमजोरी समझकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन जब इसपर लंबे समय तक ध्यान नहीं दिया जाता है तो एक समय के बाद प्रॉब्लम काफी ज्यादा बढ़ जाती है. आज की इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे लक्षणों के बारे में बताने जा रहे हैं जो अगर आपको अपने शरीर में दिखने लग गए हैं, तो आपको यह समझ जाना चाहिए कि आपके शरीर में प्रोटीन की कमी होने लग गयी है. चलिए इन लशनों के बारे में जानते हैं ताकि आप समय रहते प्रोटीन की हो रही कमी को दूर कर सकें. हर समय कमजोरी और थकान रहना अगर आप ज्यादा काम नहीं कर रहे हैं फिर भी आपका शरीर थका-थका महसूस कर रहा है या फिर कमजोरी लगती रहती है, तो हो सकता है कि ये आपके शरीर में हो रहे प्रोटीन की कमी की तरफ इशारा कर रहा हो. प्रोटीन ही आपके शरीर को एनर्जी देने का काम करता है और साथ ही आपके मसल्स को भी स्ट्रॉन्ग बनाने में मदद करता है. अगर आपके शरीर में इसकी कमी हो जाए तो आपका शरीर काफी आसानी से थकने लग जाता है और उसके काम करने की कैपिसिटी भी कम हो जाती है. ये भी पढ़ें: क्या आप भी रातभर जागकर पुरानी बातें सोचते रहते हैं? जानें ओवरथिंकिंग के इस चक्रव्यूह से बाहर निकलने का तरीका बाल झड़ना और नाखूनों का कमजोर होना आपको शायद यह जानकर हैरानी हो लेकिन आपके बाल और नाखून प्रोटीन से ही बने हुए होते हैं. जब आपके शरीर में प्रोटीन की कमी होने लगती है, तो इसका सीधा असर आपके बालों और नाखूनों पर देखने को मिलता है. प्रोटीन की कमी से बाल तेजी से झड़ने लगते हैं और नाखून भी काफी पतले और कमजोर हो जाते हैं. अगर आपके बाल काफी तेजी से झड़ रहे हैं और नाखून टूट रहे हैं, तो आपको अपनी डाइट में प्रोटीन को शामिल करना शुरू कर देना चाहिए. बार-बार भूख लगते रहना जब आप अपनी डाइट में प्रोटीन को शामिल करते हैं तो आपका पेट लंबे समय तक भरा हुआ रहता है. लेकिन जब आपके शरीर में प्रोटीन की कमी होने लगती है, तो आपको हर थोड़ी देर में ही भूख लगती रहती है. प्रोटीन की कमी होने से आपको बार-बार कुछ मीठा या फिर जंक फूड खाने की इच्छा होती रहती है. अगर आपके साथ भी बार-बार ऐसा हो रहा है, तो यह प्रोटीन की कमी के संकेत हो सकते हैं. ये भी पढ़ें: क्या होगा जब आप हर सुबह पीने लगेंगे मेथी का पानी? जान लें इसके 5 चौंका देने वाले फायदे मसल्स में दर्द और कमजोरी प्रोटीन सिर्फ आपके मसल्स को रिपेयर ही नहीं करता है, यह उन्हें स्ट्रॉन्ग बनाने में भी काफी मदद करता है. जब आपके शरीर में इसकी कमी होने लगती है तो आपके मसल्स कमजोर होने लगते हैं. ऐसा होने की वजह से आपको अपने शरीर में दर्द और अकड़न ज्यादा महसूस होने लग जाती है. कई बार तो आपको कुछ सीढ़ियां चढ़ने या फिर हल्के से हल्का काम करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. अगर आपके साथ भी ऐसा ही हो रहा है तो यह इस बात की तरफ इशारा करता है कि आपके शरीर में प्रोटीन की कमी होने लग गयी है. स्किन का बेजान और ड्राई दिखना अगर आपकी स्किन अचानक से ही काफी ज्यादा ड्राई, बेजान और कमजोर दिखने लग गए हैं, तो इसके पीछे भी शरीर में हो रही प्रोटीन की कमी ही एक बड़ी वजह हो सकती है. बता दें यह प्रोटीन ही आपके स्किन के सेल्स को हेल्दी रखने में मदद करता है. अगर आपके शरीर में इसकी कमी हो जाए तो आपके चेहरे पर रिंकल्स दिखने लगते हैं. इसके अलावा ड्राइनेस और डलनेस की प्रॉब्लम भी काफी ज्यादा बढ़ जाती है. ये भी पढ़ें: 30 की उम्र के बाद आपकी ये पुरानी आदतें पड़ सकती हैं भारी, आज ही अपनाएं नया लाइफस्टाइल The post कहीं आपका शरीर भी तो नहीं दे रहा प्रोटीन की कमी के संकेत? दिखने लगें ये 5 बदलाव तो तुरंत हो जाएं सावधान appeared first on Naya Vichar.

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