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Author name: Vinod Jha

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समस्तीपुर

कोर्ट में तैनात होमगार्ड जवान की बिगड़ी तबीयत इलाज के दौरान हुई मौत

नया विचार समस्तीपुर।समस्तीपुर नगर थाना क्षेत्र स्थित व्यवहार न्यायालय में तैनात होमगार्ड जवान का इलाज के दौरान हुई मौत ।19 अप्रैल को डियुटी के दौरान बिगड़ी थी तबीयत ।प्राथमिक उपचार के बाद मुजफ्फरपुर निजी अस्पताल में कराया गया था भर्ती । आज सुबह में हुई मौत ।मृतक होमगार्ड जवान की पहचान कल्याणपुर प्रखंड के कल्याणपुर निवासी स्वर्गीय राजेस्वर ठाकुर के पुत्र के रूप में हुई है ।मृतक होमगार्ड जवान दिलीप ठाकुर की बहाली 1989 में हुई थी ।तव से वो 36 वर्षों से जबान के पद पर तैनात रहें ।वही मौत की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर समस्तीपुर सदर अस्पताल में भेज आगे की कार्यवाही में जुट गई है ।  गृह रक्षा वाहिनी के जिला अध्यक्ष ने बताया कि 19 तारीख को व्यवहार न्यायालय में डियूटी के दौरान तबियत खराब हुआ था जिससे इलाज मुजफ्फरपुर में इलाज कराया जा रहा था ।जंहा उसकी तीन दिन बाद मौत हो गई है । इनका उम्र 55 वर्ष है इनके मौत के बाद उनके पीछे पत्नी और दो बेटे को छोड़ गया । संगठन के सदस्यों का बताना है कि प्रशासनी के द्वारा जो कुछ भी मुआवजा मिले उन्हें दिया जाए । विभाग के द्वारा इनके बेटे को अनुकंपा पर नौकरी दिया जाए क्योंकि इन्होंने 36 वर्ष अपने जीवन का विभाग को सेवा दिया है । दौरान उनकी मौत हो गई है । समस्तीपुर गृह रक्षा वाहिनी के जिला कमांडेंट मोहम्मद एहतशाम अली का बताना है कि होमगार्ड जवान की इलाज के दौरान मौत हो गई है । उनके कार्यालय पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा साथ ही कार्यालय के तहत जो त्वरित राशि 15 हजार रुपए दी जाती है वो दिया जाएगा ।ईपीएफ का लाभ दिया जाएग । गृह रक्षा वाहिनी संगठन के द्वारा अनुकंपा पर नौकरी की मांग की जा रही है वह भी दी जाएगी ।जो भी विभागीय मदद होगा दी जाएगी.

समस्तीपुर

Earth Day- मध्य विद्यालय गंगापुर में मनाया गया पृथ्वी दिवस

नया विचार सरायरंजन : प्रखंड के मध्य विद्यालय गंगापुर में मंगलवार को समारोहपूर्वक पृथ्वी दिवस मनाया गया। समारोह की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक अखिलेश ठाकुर ने कहा कि हर साल 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस मनाया जाता है। 1970 से दुनिया भर में पृथ्वी दिवस मनाया जा रहा है। पृथ्वी दिवस की शुरुआत अमेरिकी सीनेटर गेलार्ड नेल्सन द्वारा की गई थी। अमेरिका समेत कई देशों में बिगड़ते पर्यावरण की रोकथाम और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से इस दिवस को मनाने की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा कि पृथ्वी का संतुलन बिगड़ना सभी के लिए बड़ी समस्या है। हर किसी को पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना चाहिए। आयोजित समारोह को शिक्षक राज कुमार,संजीत कुमार, रूबी कुमारी, नूतन कुमारी,अंबिका कुमारी आदि ने संबोधित किया।

समस्तीपुर

SAMASTIPUR NEWS- लाटबसेपुरा के उप मुखिया की संदेहास्पद स्थिति में मौत 

नया विचार सरायरंजन : मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के लाटबसेपुरा पंचायत अंतर्गत परिहत्था निवासी पंचायत के उप मुखिया धर्मजीत कुमार राय (45) की इलाज के दौरान सोमवार के देर शाम संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गई। घटना के संबंध में बताया गया है कि उक्त उपमुखिया को 18 अप्रैल की रात करीब 11:00 किसी ने फोन कर बाहर बुलाया था। वह घर वालों को बताकर निकला कि जल्द ही वापस लौट रहे हैं। काफी देर बीतने पर जब वह घर नहीं लौटे तो उनके घर वालों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। जब उप मुखिया के स्वजनों ने उनके मोबाइल का नंबर लगाया तो किसी ने बताया कि वह मुसरीघरारी स्थित एक निजी क्लीनिक में भर्ती हैं। जानकारी मिलने पर उनके परिवार के लोग बदहवास होकर मुसरीघरारी की ओर  भागे। यहां के चिकित्सक ने बताया कि वह गंगापुर पंचायत के मुबारकपुर स्थित ग्रामीण सड़क के किनारे बेहोशी की हालत में पड़े हुए थे। ग्रामीणों के सहयोग से उन्हें इस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सुबह चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें आईजीआईएमएस पटना रेफर कर दिया। पटना में इलाज के दौरान सोमवार के देर शाम उनकी मौत हो गई। मृतक को एक पुत्री तथा तीन पुत्रियां हैं। मृतक के पुत्र रोशन कुमार ने पटना के शास्त्री नगर स्थित नगर थाने में एक फर्द बयान दिया है,जिसमें उसने मोबाइल फोन कर बुलाने वाले युवक पर हत्या का आरोप लगाया है।

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World Book And Copyright Day 2025 : दुनिया में मशहूर हैं किताबों के ये घर

World Book And Copyright Day 2025 : विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस विश्व साहित्य के लिए एक प्रतीकात्मक दिन है. वर्ष 1995 ई में फ्रांस में आयोजित यूनेस्को के एक सम्मेलन में, 23 अप्रैल को पुस्तक और कॉपीराइट का वैश्विक दिवस घोषित किया गया था. इसका उद्देश्य लिखित शब्दों को जीवित और स्वस्थ रखना और कॉपीराइट के माध्यम से पठन, प्रकाशन और बौद्धिक संपदा के संरक्षण को बढ़ावा देना है. यह दिन साहित्य के प्रति प्रेम को बढ़ावा देता है और लोगों को हर दिन पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करता है. किताबों की जब बात चलती है, तो पुस्तकालयों का जिक्र भी लाजिम है. सार्वजनिक पुस्तकालय यानी एक जगह, जो सभी के लिए है. वाशिंगटन डीसी में है सबसे बड़ी लाइब्रेरी पुस्तकालयों को सदियों से ज्ञान और सांस्कृतिक भंडार के रूप में देखा जाता रहा है, जो शोध और शिक्षा के लिए आवश्यक संस्थानों के रूप में कार्य करते हैं. दुनिया की सबसे बड़ी लाइब्रेरी का खिताब आम तौर पर लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस ( एलओसी ) को दिया जाता है, जो अमेरिका के वाशिंगटन डीसी में स्थित है. इसकी स्थापना संयुक्त राज्य अमेरिका के दूसरे राष्ट्रपति जॉन एडम्स के कार्यकाल में 24 अप्रैल, 1800 को हुई थी, जब अमेरिकी की राजधानी फिलाडेल्फिया, पेनसिल्वेनिया से वाशिंगटन डीसी में स्थानांतरित हुई थी. मोरक्को में है सबसे पुराना पुस्तकालय मोरक्को में नौवीं शताब्दी के एक पुस्तकालय अल-करावियिन को दुनिया का सबसे पुराना पुस्तकालय माना जाता है. इस पुस्तकालय का पुनरुद्धार किया जा रहा है, ताकि भविष्य की पीढ़ियों के लिए इसे संरक्षित किया जा सके. मोरक्को की पूर्व राजधानी फेस में एक स्त्री द्वारा स्थापित अल-करावियिन पुस्तकालय दुनिया की कुछ सबसे दुर्लभ और अनोखी पांडुलिपियों का घर है. हिंदुस्तान का सबसे उल्लेखनीय पुस्तकालय तमिलनाडु के तंजावुर में स्थित सरस्वती महल पुस्तकालय हिंदुस्तान का सबसे पुराना ज्ञात पुस्तकालय है और यह एशिया के सबसे पुराने पुस्तकालयों में से एक है. यह पुस्तकालय ताड़पत्र पांडुलिपियों, संस्कृत और तमिल पांडुलिपियों एवं देशी भाषा की पुस्तकों के संग्रह के लिए व्यापक रूप से जाना जाता है. इस पुस्तकालय में 49,000 से अधिक वॉल्यूम उपलब्ध हैं और इसे हिंदुस्तान का सबसे उल्लेखनीय पुस्तकालय भी कहा गया है. आपने देखी है पटना की यह लाइब्रेरी ! इतिहास और संस्कृति से भरपूर शहर पटना में स्थित है एशिया की सबसे पुरानी लाइब्रेरियों में से एक खुदा बख्श ओरिएंटल लाइब्रेरी. खान बहादुर खुदा बख्श द्वारा 1891 में स्थापित इस पुस्तकालय में लगभग 21,000 से अधिक दुर्लभ पांडुलिपियों और 250,000 मुद्रित पुस्तकों का उत्कृष्ट संग्रह है. लोगों तक चलकर पहुंचे पुस्तकालय किताब हर किसी के लिए हो, इस उद्देश्य से दुनिया भर में लाइब्रेरियां बनायी गयीं. बाद में दूर-दराज के इलाकों में लोगों तक किताबों की पहुंच बनाने के लिए चलती फिरती लाइब्रेरियां भी बनीं. ऐसी ही एक भ्रमणशील पुस्तकालय 1956 में झारखंड के दुमका स्थित संथाल परगना में स्थापित किया गया. कुल 76000 किलोमीटर की यात्रा के बाद वर्ष 2022 में इसे विरासत का दर्जा दे दिया गया.कोलकाता में हुगली नदी पर हिंदुस्तान की पहली बोट लाइब्रेरी है. पश्चिम बंगाल परिवहन निगम एक हेरिटेज बुक स्टोर के साथ मिलकर यंग रीडर्स बोट लाइब्रेरी को संचालित करता है. इसमें हिंदी, अंग्रेजी और बंगाली में कई विधाओं की 500 से अधिक संग्रहित पुस्तकें हैं.ऐसे तैरते पुस्तकालय मैनहट्टन एवं बांग्लादेश में गुमानी नदी में भी मौजूद हैं. यह भी पढ़ें : CJI Kailashnath Vanchu: बिना लॉ की डिग्री के बने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया, जानें कैसे हुई तैनाती The post World Book And Copyright Day 2025 : दुनिया में मशहूर हैं किताबों के ये घर appeared first on Naya Vichar.

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Vial Video: टीचर ने छीन लिया फोन तो छात्रा ने चप्पल से कर दिया हमला, दोनों में जमकर होने लगी मारपीट, वायरल हो रहा वीडियो

Viral Video: हिंदुस्तान में शिक्षक और विद्यार्थियों का रिश्ता श्रद्धा और सम्मान वाला होता है. लेकिन बदलते जमाने के साथ लगता है कि वो रिश्ता भी अब तार-तार होने लगा है. आज शिक्षक पर हाथ उठा देना आम बात हो गई है. ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में दिख रहा है कि एक छात्रा शिक्षिका पर चीख-चिल्ला रही है. देखने से लग रहा है किसी बात से वो काफी नाराज है. दरअसल, रघु इंजीनियरिंग कॉलेज में एक शिक्षिका ने छात्रा का फोन छीन लिया, इसके बाद तो छात्रा का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. छात्रा ने टीचर पर कर दिया हमला वीडियो में दिख रहा है कि स्टूडेंट अपने टीचर से बहुत नाराज है. वो उन पर चिल्ला रही है. दोनों के बीच तेलुगु भाषा में थोड़ी देर तक बहस होती है. इसके बाद छात्रा गुस्से में आकर अपना चप्पल निकाल कर टीचर को दिखाती है. कोई कुछ समझ पाता उससे पहले छात्रा ने टीचर पर चप्पलों से हमला कर दिया. छात्रा यहीं नहीं रुकी उसने चप्पल के बाद टीचर पर थप्पड़ भी चलाए. हालांकि इसके बाद टीचर ने भी गुस्से में आते हुए छात्रा पर पलटवार किया. वीडियो हो रहा वायरल सोशल मीडिया एक्स पर इस वीडियो को @gharkekalesh ने पोस्ट किया है. इसके कैप्शन में लिखा है. आंध्र प्रदेश के रघु कॉलेज में शिक्षक और छात्र के बीच झड़प (रघु इंजीनियरिंग कॉलेज में शिक्षक द्वारा छात्र का फोन छीन लेने पर छात्र और शिक्षक के बीच बहस हो गई।). अब तक इस वीडियो को 26 हजार से ज्यादा लोगों ने देख लिया है. Kalesh broke out b/w a teacher and a student at Raghu College (Student got into an argument with the teacher after a teacher at Raghu Engineering College took a student’s phone.) AP pic.twitter.com/l76v9V5Jqq — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) April 22, 2025 कई यूजर्स ने किया कमेंट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को देखकर कई यूजर्स ने कमेंट किया है. एक यूजर ने लिखा ‘बच्ची कुछ ज्यादा ही परेशान है.’ एक अन्य यूजर ने लिखा ‘व0ह मानसिक रूप से स्थिर नहीं दिख रही है.’एक अन्य यूजर ने लिखा ‘..और एक हम थे जिनके घर वाले टीचर को बोलते थे कोई भी गलती करे न पढ़े तो बोरा समझ के कूट दो, डंडा अलग से ला के दे जाते थे.’ Also Read: Viral Video: यहां से गुजरने के लिए देना पड़ता है यह टैक्स! सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल The post Vial Video: टीचर ने छीन लिया फोन तो छात्रा ने चप्पल से कर दिया हमला, दोनों में जमकर होने लगी मारपीट, वायरल हो रहा वीडियो appeared first on Naya Vichar.

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Bokaro Encounter: झारखंड में इन 8 नक्सलियों का 5 घंटे में पोस्टमार्टम, निकलीं 2 गोलियां

Bokaro Encounter: बोकारो, रंजीत कुमार-बोकारो मुठभेड़ में सोमवार को आठ नक्सली ढेर हो गए थे. देर रात सभी नक्सलियों का शव जंगल से लाकर ललपनिया थाने में रखा गया. आज अहले सुबह पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के बीच सभी शवों का पोस्टमार्टम चास अनुमंडलीय अस्पताल में पांच घंटे में किया गया. मुठभेड़ के बाद बोकारो के ललपनिया थाना क्षेत्र के लुगू पहाड़ इलाके में सर्च अभियान चलाया जा रहा है. सुबह चार बजे से डॉक्टरों की टीम ने किया पोस्टमार्टम सुबह तीन बजे सभी नक्सलियों का शव अस्पताल लाया गया. अस्पताल में सुबह साढ़े चार बजे पोस्टमार्टम के लिए चिकित्सकों की टीम पहुंची. टीम में शामिल अनुमंडल अस्पताल उपाधीक्षक डॉ आभा इंदू तिर्की, एमओ डॉ रवि शेखर, एमओ डॉ रीना कुमारी, एमओ डॉ शिव नारायण महतो शामिल थे. पुलिस सुरक्षा में सुबह साढ़े चार बजे से दिन के साढ़े नौ बजे तक पोस्टमार्टम प्रक्रिया चली. पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी, स्टील फोटोग्राफी के साथ सभी कागजी कार्रवाई पूरी की गयी. नक्सलियों के शवों से निकलीं दो गोलियां पोस्टमार्टम के दौरान शवों से निकलीं दो बुलेट्स को जब्त किया गया, जबकि आगे की जांच के लिए शव का बेसरा और डीएनए सुरक्षित रखा गया है. पोस्टमार्टम प्रक्रिया एसडीएम बेरमो मनोज मछुआ, एक दंडाधिकारी और कई पुलिस अधिकारियों की निगरानी में पूरी की गयी. इसके बाद शव को बोकारो जेनरल अस्पताल के मोर्चरी में सुरक्षित रखा गया है. ये भी पढ़ें: Kal Ka Mausam: झारखंड में प्रचंड गर्मी से जीना मुहाल, हीट वेव का अलर्ट, कब से बरसेंगी राहत की बूंदें? सभी मृतकों के परिजनों को भेजी गयी है सूचना बोकारो एसपी मनोज स्वर्गियारी ने बताया कि पोस्टमार्टम कराने के बाद शवों को सुरक्षित बीजीएच के मोर्चरी में रख दिया गया है. इसके साथ ही सभी मृतकों के परिजनों तक पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरे होने की जानकारी दी गयी है. सभी के परिजनों तक सूचना पहुंचा दी गयी है कि शव को ले जा सकते हैं. इसके साथ ही स्थानीय पुलिस को भी अलर्ट कर दिया गया है. ये भी पढ़ें: Dream 11: कभी दिल्ली में था कुक, 49 रुपए से रातोंरात करोड़पति बने सोनू की कितनी बदली जिंदगी? चिकित्सकों की टीम ने किया इनका पोस्टमार्टम चास अनुमंडलीय अस्पताल में मंगलवार को एक करोड़ का इनामी नक्सली सीसीएम सदस्य प्रयाग मांझी उर्फ विवेक उर्फ फुचना उर्फ नागो मांझी उर्फ करण दा उर्फ लेतरा (पिता स्व चरकु मुर्मू, धनबाद जिला के टुंडी थाना स्थित दलुबुढा गांव), तीन लाख (बिहार प्रशासन द्वारा घोषित) का इनामी अरविंद यादव उर्फ अविनाश (बिहार के जमुई जिले के सोना थाना स्थित भेलवा मोहनपुर गांव), 10 लाख का इनामी जेडसीएम सदस्य साहेबराम मांझी (पिता पांडु मांझी, गिरिडीह जिला के पीरटांड़ थाना स्थित करन्दो गांव), एसजेडसीएम का सक्रिय माओवादी गंगा राम उर्फ पवन लंगरा (पिता सीताराम मांझी, गिरिडीह जिला के खुखरा थाना स्थित खुखरा गांव), एसजेडसीएम की सक्रिय माओवादी तालो दी (नक्सली बिनोद की बहन और पिता सोनाराम हांसदा, गिरिडीह जिले के निमियाघाट थाना स्थित बंदखारो गांव), एसजेडसीएम का सक्रिय माओवादी महेश (बरियारपुर निवासी), एसजेडसीएम का सक्रिय माओवादी महेश मांझी उर्फ मोटा उर्फ डोरा (गिरिडीह जिला के पीरटांड थाना स्थित गारण्डो गांव), एसजेडसीएम की सक्रिय माओवादी रंजू मांझी उर्फ संथाली (पति पवन मांझी, गिरिडीह जिले के डुमरी थाना स्थित मंझलाडीह) का पोस्टमार्टम किया गया. ये भी पढ़ें: Hemant Soren Spain Trip: विदेश दौरे पर सीएम हेमंत सोरेन, झारखंड में निवेश के लिए किया आमंत्रित The post Bokaro Encounter: झारखंड में इन 8 नक्सलियों का 5 घंटे में पोस्टमार्टम, निकलीं 2 गोलियां appeared first on Naya Vichar.

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प्रयागराज की बेटी शक्ति दुबे बनी UPSC टॉपर,2018 से सिविल सर्विस की कर रही थी तैयारी

प्रयागराज: संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) 2024 का फाइनल रिजल्‍ट मंगलवार को घोषित कर दिया गया. प्रयागराज की बेटी शक्ति दुबे ने ऑल इंडिया टॉप किया है. दूसरे नंबर पर हर्षिता गोयल हैं. तीसरा स्‍थान डोंगरे अर्चित पराग का है. यूपीएससी की इस प्रतिष्ठित परीक्षा में हर साल देश भर से लाखों अभ्‍यर्थी शामिल होते हैं. मुख्‍य परीक्षा में सफल होने वाले लगभग 2845 उम्‍मीदवारों को अंतिम चरण इंटरव्‍यू के लिए बुलाया गया था. शक्ति दुबे ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की शिक्षा प्राप्त करने के बाद बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से बायोकैमेस्‍ट्री में एमएससी की छात्र रही. 2018 में पोस्‍ट ग्रेजुएट होने के बाद शक्ति दुबे ने सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी.सात सालों की कड़ी ‘तपस्‍या’ और लगन के बाद उन्‍होंने यूपीएससी की परीक्षा पास कर ली. उनकी सफलता का परिणाम आने पर घरवालों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा.शक्ति दुबे ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने परिवार, मित्रो और शिक्षकों को दिया है. शक्ति दुबे ने बताया कि….. शक्ति दुबे ने बताया कि वह 2018 से लेकर लगातार अपने उद्देश्‍य को पाने का प्रयास और लगन से मेहनत कर रही थीं.सात सालों की कड़ी मेहनत और तपस्या के बाद उनको परीक्षा पास करने का पूर्ण विश्‍वास था, लेकिन वह ऑल इंडिया टॉप कर जाएंगी, ऐसा उन्‍होंने कभी भी नहीं सोचा था. शक्ति के पिता ने बताया कि….. शक्ति पिछले साल इंटरव्यू तक गईं. हालांकि, कट ऑफ से 12 नंबर से चूक गई और यूपीएससी परीक्षा में फेल हो गईं थी. शक्ति ने कहा कि मेरे भाई ने भविष्यवाणी की थी कि मैं टॉप करूंगी. इसके बाद वह हिम्मत नहीं हारीं और इस बार यूपीएससी की परीक्षा में पूरे देश में टॉप कर दिया. बड़ी बात है कि शक्ति दुबे ने पांचवी बार में यूपीएससी की परीक्षा पास की है. शक्ति के पिता देवेंद्र कुमार दुबे कहा कि उसकी पढ़ाई में मैंने जो भूमिका निभाई, वह सिर्फ उसकी हर जरूरत को पूरा करना था. बाकी सब उसकी मेहनत और भगवान का आशीर्वाद था. उसकी मेहनत का फल आज हमको देखने को मिल रहा है, हम बहुत ही खुश हैं. पिछली साल इंटरव्यू तक गई, पर नहीं हो पाया. प्रयागराज की बेटी शक्ति दुबे बनी upsc टॉपर,2018 से सिविल सर्विस की कर रही थी तैयारी 2 The post प्रयागराज की बेटी शक्ति दुबे बनी UPSC टॉपर,2018 से सिविल सर्विस की कर रही थी तैयारी appeared first on Naya Vichar.

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Video: वक्फ संशोधन बिल के विरोध में भभुआ में प्रदर्शन, मंत्री जमा खां के काफिले को घेरा

Waqf Act Video: केंद्र प्रशासन द्वारा लाए गए वक्फ संशोधन बिल के विरोध में मंगलवार को भभुआ शहर में एक प्रोटेस्ट मार्च निकाला गया. जब यह प्रदर्शन शहर के मुख्य मार्गों से गुजर रहा था, उसी दौरान बिहार प्रशासन की अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खां का काफिला भी उसी रास्ते से गुज़र रहा था और ट्रैफिक जाम में फंस गया. मंत्री की गाड़ी को देखते ही प्रदर्शनकारियों का गुस्सा भड़क उठा. उन्होंने मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी. स्थिति तब और बिगड़ गई जब मंत्री के काफिले में शामिल एक वाहन से जदयू का झंडा नोच लिया गया. वीडियो सुरक्षाकर्मियों ने बाहर निकाला यह घटना समाहरणालय पथ पर पुराने मुंडेश्वरी सिनेमा हॉल के पास हुई, जहां प्रदर्शनकारी पहले से मौजूद थे. जैसे ही मंत्री की गाड़ी जाम में फंसी, उनके सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए उन्हें और उनके काफिले को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला. हालांकि, गाड़ी निकलने के बाद भी गुस्साए लोगों का विरोध थमा नहीं. वे लगातार मंत्री और उनकी पार्टी के खिलाफ नारे लगाते रहे. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें इसे भी पढ़ें: BPSC टीचर ने कोसी बराज से नदी में लगायी छलांग, नेपाल NDRF की टीम कर रही है तलाशी इसे भी पढ़ें: बिहार के युवाओं के लिए गुड न्यूज, जल्द भरे जायेंगे 49591 खाली पद, मुख्य सचिव ने जारी किया आदेश The post Video: वक्फ संशोधन बिल के विरोध में भभुआ में प्रदर्शन, मंत्री जमा खां के काफिले को घेरा appeared first on Naya Vichar.

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ऐसे झारखंड-बिहार का खूंखार नक्सली बन गया अरविंद यादव, दर्ज हैं 85 केस

Table of Contents बिहार के जमुई का रहने वाला था अरविंद यादव नक्सली प्रवक्ता भी रहा अरविंद यादव भेलवा में हुई थी अरविंद के घर की कुर्की-जब्ती दो-ढाई दशक तक नक्सलवाद से जुड़ा रहा अरविंद ईडी की भी थी अरविंद यादव और उसके परिवार पर नजर Naxal News| बोकारो/जमुई, रंजीत कुमार/ पंकज सिंह : बोकारो जिले के ललपनिया के लुगु बुरु पहाड़ की तलहटी में सोमवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों की मुठभेड़ में मारे गये इनामी (बिहार प्रशासन द्वारा घोषित 3 लाख रुपए) बिहार-झारखंड के नक्सली प्रवक्ता अरविंद यादव (42) पर झारखंड प्रशासन 25 लाख रुपए के इनाम की घोषणा करने की तैयारी कर रही थी. इसकी प्रक्रिया अंतिम चरण में थी. कुछ तकनीकी कारणों से इसकी घोषणा में देरी हो रही थी. बिहार के जमुई का रहने वाला था अरविंद यादव अरविंद यादव की 21 अप्रैल को मुठभेड़ में मौत के बाद रांची में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस ने इसका खुलासा किया. इनाम की घोषणा होने से पहले ही 21 अप्रैल को सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में अरविंद यादव को मार गिराया. अरविंद यादव उर्फ अविनाश मूल रूप से बिहार के जमुई जिले के सोना थाना क्षेत्र के भलवा गांव का रहने वाला था. नक्सली संगठन में उसका कद एसएजी सदस्य का था. झारखंड और बिहार के विभिन्न थानों में अरविंद पर हत्या, आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न कांडों से जुड़े कुल 85 प्राथमिकी दर्ज थे. नक्सली प्रवक्ता भी रहा अरविंद यादव नक्सली संगठन के लिए अरविंद यादव ने जमुई, मुंगेर और लखीसराय क्षेत्र में लंबे समय तक नक्सली प्रवक्ता के रूप में काम किया. कमजोर पड़ रहे नक्सल संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी अरविंद के कंधे पर थी. इसलिए वह लगातार झारखंड और बिहार के सीमावर्ती इलाके में मूवमेंट कर रहा था. अरविंद लगातार अपने बिखरे साथियों को एकजुट करने और इलाके में फिर से नक्सलियों की स्थिति को मजबूत करने की कोसिश कर रहा था. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें भेलवा में हुई थी अरविंद के घर की कुर्की-जब्ती जमुई जिले के चरकापत्थर, सोनो, खैरा, बरहट और अन्य कई थाना क्षेत्र के अलावा लखीसराय क्षेत्र में कई नक्सली घटना में उसकी संलिप्तता रही. फरार रहने के कारण न्यायालय के आदेश पर विभिन्न थाने की पुलिस भेलवा में उसके घर की कुर्की-जब्ती की थी. वर्ष 2018 में सोनो थाना में दर्ज एक कांड में न्यायालय के आदेश पर और फरवरी 2021 में बरहट पुलिस ने भेलवा में उसके घर की कुर्की-जब्ती की थी. इसे भी पढ़ें : Video : बोकारो में भीषण मुठभेड़ में एक करोड़ के इनामी प्रयाग उर्फ विवेक समेत 8 नक्सली ढेर दो-ढाई दशक तक नक्सलवाद से जुड़ा रहा अरविंद अरविंद उर्फ अशोक यादव का नक्सलवाद से नाता लगभग दो से ढाई दशक का रहा. वर्ष 2000-01 में वह नक्सल संगठन से जुड़ा. जमीन विवाद के कारण वह नक्सली बना. दरअसल, पिता यमुना यादव को भेलवा गांव में ननिहाल से खेत और अन्य संपत्ति मिली थी. इसलिए वे लोग भेलवा में रहने लगे. अपने गांव दूधनियां में हिस्सेदार के साथ जमीन का विवाद हुआ. विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया. इसे भी पढ़ें : बोकारो मुठभेड़ के बाद डीजीपी की चेतावनी- हथियार के साथ सरेंडर कर दें नक्सली, नहीं तो मारे जायेंगे ईडी की भी थी अरविंद यादव और उसके परिवार पर नजर इसके बाद अरविंद नक्सली संगठन से जुड़ गया. देखते ही देखते उसने संगठन में महत्वपूर्ण जगह बना ली. नक्सलवाद से जुड़ने के बाद उसका घर आना-जाना कम हो गया. वर्ष 2018 में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अरविंद की पत्नी और अरविंद के ससुर से अर्जित संपत्ति का ब्योरा मांगा था. ईडी ने नोटिस भेजकर वर्ष 2004 के बाद से अर्जित संपत्ति का ब्योरा मांगा था. इसे भी पढ़ें प्रशांत बोस की गिरफ्तारी के बाद प्रयाग मांझी ने पारसनाथ में संभाली थी नक्सलवाद की कमान Good News: धनबाद का यह इलाका बनेगा विकास का सबसे बड़ा केंद्र, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार झारखंड : अब तक 806 नक्सली ढेर, 551 पुलिसकर्मी शहीद, 7 जिलों के 18 थाना क्षेत्रों में नक्सलियों का प्रभाव The post ऐसे झारखंड-बिहार का खूंखार नक्सली बन गया अरविंद यादव, दर्ज हैं 85 केस appeared first on Naya Vichar.

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AAP: पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी की सुरक्षा में हुई कमी

AAP: दिल्ली में प्रशासन बदलने के बाद कई स्तर पर बदलाव हो रहे हैं. इस बदलाव के तहत गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस को पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी की सुरक्षा को ‘जेड’ श्रेणी से कम कर ‘वाई’ श्रेणी करने का निर्देश जारी किया है. सूत्रों का कहना है कि  यह फैसला केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा आतिशी को खतरे की समीक्षा के बाद लिया गया है. सुरक्षा एजेंसियां समय-समय पर वीआईपी लोगों की सुरक्षा का आकलन करती है. आतिशी के सुरक्षा आकलन में पाया कि उन्हें कोई बड़ा खतरा नहीं है. इस आकलन के बाद गृह मंत्रालय ने आतिशी की सुरक्षा को कम करने का फैसला लिया है. मौजूदा समय में आतिशी दिल्ली में विपक्ष की नेता हैं. गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल की सुरक्षा को लेकर भी गृह मंत्रालय से संपर्क किया था. गृह मंत्रालय ने सभी तथ्यों पर गौर करते हुए केजरीवाल को फिलहाल ‘जेड प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा जारी रखने को कहा. केजरीवाल की सुरक्षा को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं. आरोप है कि केजरीवाल को पंजाब प्रशासन की ओर से भी जेड प्लस की सुरक्षा मुहैया करायी गयी है. केजरीवाल की सुरक्षा को लेकर नेतृत्वक विवाद भी हो चुका है. गौर करने वाली बात है कि ‘वाई’ श्रेणी की सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत अब आतिशी को अब दिल्ली पुलिस के दो कमांडो सहित लगभग 12 कर्मियों की एक टीम सुरक्षा मुहैया कराएगी.  कई आप नेताओं की सुरक्षा में हुई कटौती दिल्ली में प्रशासन बदलने के बाद मार्च में दिल्ली पुलिस ने दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, आप विधायक अजय दत्त और दिल्ली के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल को दी गई ‘वाई’ श्रेणी की सुरक्षा की समीक्षा करने का प्रस्ताव दिया था. नेताओं को सुरक्षा केंद्रीय खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा समय-समय पर किए गए खतरे के आकलन के आधार पर गृह मंत्रालय मुहैया कराता है. मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद आतिशी को ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा मुहैया करायी गयी थी. हालांकि अभी तक आम आदमी पार्टी की ओर से सुरक्षा में कमी करने पर कोई बयान नहीं आया है. लेकिन पार्टी ने कहा कि सुरक्षा एक बेहद संवेदनशील मामला है और इसपर नेतृत्व नहीं होनी चाहिए. वहीं आतिशी ने एक बार फिर दिल्ली में बिजली कटौती को लेकर भाजपा प्रशासन पर निशाना साधा. आतिशी ने कहा कि दिल्ली में बढ़ते पारे के साथ ही बिजली कटाैती बढ़ती जा रही है. लेकिन मौजूदा प्रशासन इस समस्या को दूर करने को लेकर गंभीर नहीं दिख रही है.  ReplyForward The post AAP: पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी की सुरक्षा में हुई कमी appeared first on Naya Vichar.

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