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Author name: Vinod Jha

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ड्राइवर का बेटा, सेना में बने हवलदार… पहाड़ों पर दौड़ा और जीत लिया सिल्वर मेडल

Sawan Barwal Story: हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों से निकलकर एशियन गेम्स के पोडियम तक पहुंचने की सावन बरवाल की कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. मंडी के जोगिंदरनगर के रहने वाले सावन ने पुरुषों की मैराथन में 2 घंटे 11 मिनट 36 सेकंड के समय के साथ सिल्वर मेडल जीता. इसके साथ ही उन्होंने अपना राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बेहतर किया और एशियन गेम्स में 44 साल से चला आ रहा हिंदुस्तानीय मैराथन का इंतजार खत्म कर दिया. सावन की यह कामयाबी इसलिए भी खास है क्योंकि उनकी शुरुआत किसी आधुनिक ट्रैक या बड़े स्पोर्ट्स सेंटर से नहीं हुई थी. कार चलाकर परिवार चलाने वाले पिता के बेटे सावन ने पहाड़ों की ऊबड़-खाबड़ पगडंडियों पर दौड़ते हुए अपनी सहनशक्ति तैयार की. कभी सेना में भर्ती होने के लिए शुरू की गई दौड़ आज उन्हें एशियन गेम्स के पोडियम तक पहुंचा चुकी है. 44 साल बाद हिंदुस्तान को मिला मैराथन में पदक एशियन गेम्स की पुरुष मैराथन में हिंदुस्तान को इससे पहले आखिरी पदक 1982 में मिला था. उस साल एच.के. सीताराम ने कांस्य पदक जीता था. अब 2026 में सावन बरवाल ने सिल्वर मेडल जीतकर इस लंबे इंतजार को खत्म कर दिया. सावन से पहले एशियन गेम्स की पुरुष मैराथन में हिंदुस्तान के सभी पदक घरेलू जमीन पर आए थे. 1951 में छोटा सिंह ने गोल्ड और सूरत सिंह माथुर ने ब्रॉन्ज जीता था, जबकि 1982 में सीताराम ने कांस्य अपने नाम किया था. सावन अब विदेशी धरती पर एशियन गेम्स मैराथन में पदक जीतने वाले पहले हिंदुस्तानीय बन गए हैं. शुरुआत से ही आगे रहे सावन नागोया में हुई मैराथन में सावन ने शुरुआत से ही अपनी रफ्तार बनाए रखी. करीब 10 किलोमीटर के निशान पर उन्होंने बढ़त हासिल कर ली थी. रेस के आधे हिस्से तक भी हिंदुस्तानीय धावक आगे बने रहे. जापान के धावकों की ओर से लगातार दबाव बनाया गया, लेकिन सावन ने अपनी गति को बनाए रखा. करीब 30 किलोमीटर के आसपास वह थोड़ी देर के लिए पीछे हुए, लेकिन उन्होंने जल्द ही वापसी की और 35 किलोमीटर के बाद फिर से बढ़त हासिल कर ली. हालांकि रेस के अंतिम हिस्से में जापान के इचिटाका यामाशिता ने निर्णायक बढ़त बना ली. यामाशिता ने 2:10:51 के समय के साथ गोल्ड जीता. सावन ने 2:11:36 के समय के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया. ये भी पढ़ें: IND vs WI: विराट कोहली-रोहित शर्मा की वापसी पर बोले मोर्ने मोर्केल, ‘टीम इंडिया खुशकिस्मत है कि…’ सावन ने अपना ही नेशनल रिकॉर्ड तोड़ा सावन के लिए यह सिर्फ एशियन गेम्स का मेडल नहीं था. उन्होंने रेस के दौरान 2:11:36 का समय निकालकर अपना ही हिंदुस्तानीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड बेहतर किया. इससे पहले अप्रैल 2026 में रॉटरडैम मैराथन में सावन ने 2:11:58 का समय निकालकर शिवनाथ सिंह का करीब 48 साल पुराना हिंदुस्तानीय मैराथन रिकॉर्ड तोड़ा था. एशियाई गेम्स में हिंदुस्तान के मैराथन मेडल विजेता वर्ष खिलाड़ी पदक समय 1951 छोटा सिंह गोल्ड 2:42:58.6 1951 सूरत सिंह माथुर ब्रॉन्ज़ 2:53:49.8 1982 होसुर कुकप्पा सीताराम ब्रॉन्ज़ 2:25:07 2026 सावन बरवाल सिल्वर 2:11:36 अप्रैल 2026 में सावन ने नीदरलैंड्स की रॉटरडैम मैराथन में हिस्सा लिया. यह उनकी पहली प्रतिस्पर्धी मैराथन थी. रॉटरडैम में भी उनका सफर आसान नहीं रहा था. रेस के अंतिम हिस्से में ठंड और थकान के कारण उनकी स्थिति बिगड़ गई थी. फिनिश लाइन के करीब वह गिर भी पड़े, लेकिन उन्होंने दौड़ जारी रखी और रिकॉर्ड अपने नाम किया. कुछ ही महीनों बाद उन्होंने अपने उसी रिकॉर्ड को और बेहतर कर दिया. ये भी पढ़ें: Asian Games 2026 Day 6 Highlights: निशानेबाजी में गोल्ड के बाद अब एथलेटिक्स में आया सिल्वर, सेना के जवान ने जीता पदक मंडी के गांव से शुरू हुई सावन की कहानी सावन बरवाल का जन्म हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंदरनगर इलाके में हुआ. उनके पिता ड्राइवर थे और परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी. बचपन में सावन के पास बड़े शहरों जैसी स्पोर्ट्स सुविधाएं नहीं थीं. न सिंथेटिक ट्रैक और न ही आधुनिक ट्रेनिंग सेंटर. लेकिन उनके पास पहाड़ थे. ऊंची चढ़ाई, कठिन ढलान और पहाड़ी रास्ते ही सावन का रनिंग ट्रैक बन गए. सेना में जाने के सपने ने बदली जिंदगी सावन ने शुरुआत में एथलेटिक्स को करियर बनाने के लिए नहीं, बल्कि हिंदुस्तानीय सेना में भर्ती होने के लिए दौड़ना शुरू किया था. 2017 में सेना की भर्ती के दौरान उनकी दौड़ने की क्षमता ने अधिकारियों का ध्यान खींचा. इसके बाद उन्हें पुणे स्थित आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट में ट्रेनिंग का मौका मिला. 2019 में वह हिंदुस्तानीय सेना की इंजीनियरिंग कोर में हवलदार के रूप में शामिल हुए. सेना में आने के बाद उनकी स्पोर्ट्स प्रतिभा को व्यवस्थित प्रशिक्षण और बेहतर दिशा मिली. यहीं से पहाड़ों पर खुद से तैयारी करने वाला यह धावक धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर का एथलीट बनने लगा. 1500 मीटर से शुरू हुआ सफर, मैराथन तक पहुंचा सावन ने अपने करियर की शुरुआत 1500 मीटर, 5000 मीटर और 10,000 मीटर जैसी ट्रैक स्पर्धाओं से की. राष्ट्रीय स्तर पर भी उन्होंने लंबी दूरी की ट्रैक रेस में अपनी पहचान बनाई. बाद में उन्हें मैराथन में हाथ आजमाने की सलाह मिली. इसके बाद उन्होंने 42.195 किलोमीटर की इस कठिन रेस को अपना लक्ष्य बना लिया. ये भी पढ़ें: Asian Games 2026: कौन हैं कमलजीत और सुरुचि? एशियन गेम्स में हिंदुस्तान के लिए जीता गोल्ड The post ड्राइवर का बेटा, सेना में बने हवलदार… पहाड़ों पर दौड़ा और जीत लिया सिल्वर मेडल appeared first on Naya Vichar.

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Amazon Great Indian Festival 2026: 8 अक्टूबर से शुरू होगी सेल, स्मार्टफोन्स और स्मार्ट TV पर 80% तक ऑफ

त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन इंडिया (Amazon India) ने अपनी साल की सबसे बड़ी सेल ‘अमेजन ग्रेट इंडियन फेस्टिवल 2026′ (Amazon Great Indian Festival 2026) का बिगुल बजा दिया है. यह बहुप्रतीक्षित सेल 8 अक्टूबर 2026 से आधिकारिक तौर पर शुरू हो रही है. इस शॉपिंग फेस्टिवल के दौरान ग्राहकों को स्मार्टफोन्स, स्मार्ट टीवी, होम अप्लायंसेज और फैशन समेत तमाम कैटेगरी पर 80 प्रतिशत तक का भारी डिस्काउंट देखने को मिलेगा. त्यौहारों के दौरान नया सामान खरीदने का मन बना रहे ग्राहकों के लिए यह सेल बचत का शानदार मौका साबित होने वाली है. बैंक डिस्काउंट और इंस्टैंट कैशबैक से होगी अतिरिक्त बचत अमेजन ने अपनी इस अपकमिंग सेल के लिए आकर्षक बैंक ऑफर्स की घोषणा की है. सेल के दौरान चुनिंदा बैंकों के क्रेडिट और डेबिट कार्ड से खरीदारी करने वाले ग्राहकों को 10 प्रतिशत का इंस्टैंट कैशबैक/डिस्काउंट दिया जाएगा. इसके अलावा, महंगे इलेक्ट्रॉनिक्स और होम अप्लायंसेज की आसान खरीदारी के लिए नो-कॉस्ट EMI (No-Cost EMI) और बंपर एक्सचेंज ऑफर्स का लाभ भी मिलेगा. अमेजन प्राइम (Amazon Prime) मेंबर्स को हमेशा की तरह सेल का अर्ली एक्सेस मिलने की उम्मीद है, जिससे वे टॉप डील्स को सबसे पहले क्लेम कर सकेंगे. स्मार्टफोन्स, स्मार्ट TV और होम अप्लायंसेज पर बंपर डील्स अमेजन ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सेल में कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और होम गैजेट्स पर तगड़ा डिस्काउंट मिलेगा: स्मार्टफोन्स और एक्सेसरीज: सेल के दौरान प्रीमियम और बजट स्मार्टफोन्स पर अब तक की सबसे बड़ी डील्स और डिस्काउंट दिए जाएंगे. स्मार्ट TV और प्रोजेक्टर: अगर आप अपने घर के लिए नया स्मार्ट टीवी या प्रोजेक्टर खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो सेल में इन प्रोडक्ट्स पर 65 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी. होम अप्लायंसेज: फ्रिज, वाशिंग मशीन, एयर कंडीशनर और ओवन जैसे बड़े होम अप्लायंसेज पर भी 65 प्रतिशत तक का ऑफ दिया जाएगा. फैशन, ब्यूटी और होम प्रोडक्ट्स: कपड़ों, फुटवियर और ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर 50 से 80 प्रतिशत तक का डिस्काउंट रहेगा. वहीं, होम, किचन और आउटडोर कैटेगरीज पर 80 परसेंट तक की छूट मिलेगी. डेली एसेंशियल, बुक्स और टॉयज: रोजमर्रा के सामान पर 70 प्रतिशत तक और बच्चों के खिलौनों व किताबों पर 80 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी. क्यों खास है इस बार की अमेजन ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सेल? त्योहारों से ठीक पहले शुरू हो रही इस सेल में न केवल डिस्काउंट्स की बौछार होगी, बल्कि कई प्रमुख ब्रांड्स के नए प्रोडक्ट्स भी मार्केट में लॉन्च किए जाएंगे. इसके साथ ही, शॉपिंग अनुभव को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए प्लेटफॉर्म पर AI-बेस्ड टूल्स और ऑफर्स उपलब्ध रहेंगे. बजट फ्रेंडली शॉपिंग चाहने वाले यूजर्स के लिए ब्लॉकबस्टर डील्स, 8 PM डील्स और बाय मोर-सेव मोर जैसे विशेष विकल्प भी रखे गए हैं. FAQs: Amazon Great Indian Festival 2026 से जुड़े मुख्य सवाल 1. अमेजन ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सेल 2026 की शुरुआत कब से हो रही है? अमेजन की यह सबसे बड़ी सेल 8 अक्टूबर 2026 से शुरू होने जा रही है. प्राइम मेंबर्स को इसका एक्सेस 24 घंटे पहले मिलने की संभावना है. 2. सेल के दौरान कौन सा बैंक डिस्काउंट ऑफर उपलब्ध रहेगा? सेल के दौरान चुनिंदा बैंक (जैसे एसबीआई) के क्रेडिट व डेबिट कार्ड और ईएमआई ट्रांजैक्शंस पर 10% का इंस्टैंट डिस्काउंट मिलेगा. 3. क्या स्मार्ट टीवी और होम अप्लायंसेज पर एक्सचेंज ऑफर उपलब्ध होंगे? जी हां, स्मार्ट टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन और स्मार्टफोन्स पर कंपनी बंपर एक्सचेंज ऑफर्स और नो-कॉस्ट EMI की सुविधा दे रही है. ये भी पढ़ें: Flipkart Big Billion Days 2026: अर्ली बर्ड डील्स लाइव; जानिए सेल से पहले कैसे बुक करें पसंदीदा सामान The post Amazon Great Indian Festival 2026: 8 अक्टूबर से शुरू होगी सेल, स्मार्टफोन्स और स्मार्ट TV पर 80% तक ऑफ appeared first on Naya Vichar.

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वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत से सनसनी, चौथी मंजिल से गिरा युवक, प्राइवेट पार्ट पर मिला खून के निशान

Premanand Maharaj News : वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े आश्रम से एक शिष्य की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है. जबलपुर निवासी 25 वर्षीय दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की गुरु कृपा कुंज आश्रम की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई. गंभीर हालत में उन्हें सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है. चौथी मंजिल से नीचे गिरा युवक मिली जानकारी के अनुसार, घटना गुरुवार शाम की है. गुरु कृपा कुंज आश्रम की चौथी मंजिल पर बने कमरे में रसिक दुलारी शरण अकेले थे. बताया गया कि शाम के समय वह बिल्डिंग की चौथी मंजिल की छत पर पहुंचे. कुछ देर बाद वह नीचे गिर पड़े. जैसे ही लोगों ने आवाज सुनी तो दौड़कर मौके पर पहुचें . लोगों ने देखा की युवक गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा था. इसके बाद उसे तत्काल सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. कमरे से इलेक्ट्रॉनिक ग्राइंडर बरामद अस्पताल से सूचना मिलने के बाद क्षेत्राधिकारी वृंदावन संदीप सिंह और वृंदावन पुलिस मौके पर पहुंची. फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल के साथ मृतक के कमरे की भी जांच की. जांच में कमरे से एक इलेक्ट्रॉनिक ग्राइंडर बरामद होने की बात सामने आई है. पुलिस शरीर पर मिले चोट के निशानों और कमरे से बरामद सामान समेत घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है. शरीर पर मिले गंभीर चोट के निशान पुलिस जांच और मेडिकल परीक्षण के दौरान मृतक के प्राइवेट पार्ट के पास गंभीर चोट और कटने के निशान मिलने की जानकारी सामने आई है. शरीर से काफी खून बहने की भी बात कही गई है. पुलिस अब कमरे से मिले ग्राइंडर, शरीर पर मिले चोट के निशान और चौथी मंजिल से गिरने की घटना के बीच संबंध की जांच कर रही है. फिलहाल मौत की परिस्थितियों को लेकर जांच जारी है. 2015 में ली थी प्रेमानंद महाराज से दीक्षा जानकारी के अनुसार, दीपक लोधी पहले जबलपुर में बिजली मिस्त्री का काम करते थे. सितंबर 2015 में उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी. इसके बाद उनका नाम रसिक दुलारी शरण रखा गया. बताया गया कि जून 2026 से वह इसी गुरु कृपा कुंज बिल्डिंग में रह रहे थे. इस बहुमंजिला इमारत में प्रेमानंद महाराज से जुड़े करीब 50 अन्य शिष्य भी रहते हैं. परिजनों को दी गई सूचना सीओ वृंदावन संदीप सिंह के अनुसार, सर्वोदय अस्पताल से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. मृतक के परिजनों को मध्य प्रदेश में सूचना दे दी गई है. पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. Also Read : UP में बारिश और कर्ज की दोहरी मार, धान की फसल बर्बाद होने से जिले भर में किसान बेहाल The post वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत से सनसनी, चौथी मंजिल से गिरा युवक, प्राइवेट पार्ट पर मिला खून के निशान appeared first on Naya Vichar.

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कनाबागिरी की ऐश्वर्या ऋतुपर्णा प्रधान बनीं देश की पहली ट्रांसजेंडर अफसर, समाज के तानों को बनाई ताकत और हौसले ने दिलाई नई पहचान

Success Story: समाज की सोच, भेदभाव और मुश्किल हालात के बीच ऐश्वर्या ऋतुपर्णा प्रधान ने अपने सपनों का साथ नहीं छोड़ा. स्कूल में अपमान से लेकर कॉलेज में उत्पीड़न तक, उन्होंने कई चुनौतियों का सामना किया. परिवार के सहयोग और अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने अपनी पहचान को स्वीकार किया और करियर में आगे बढ़ते हुए एक अलग मुकाम हासिल किया. The post कनाबागिरी की ऐश्वर्या ऋतुपर्णा प्रधान बनीं देश की पहली ट्रांसजेंडर अफसर, समाज के तानों को बनाई ताकत और हौसले ने दिलाई नई पहचान appeared first on Naya Vichar.

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फिर बढ़े सोने के दाम, चांदी ₹244.90 प्रति ग्राम पर आई, खरीदारी से पहले जान लें नया रेट

Gold-Silver Price Today: सोना-चांदी के दाम में आज हल्की हलचल देखने को मिली है. जहां सोना मामूली महंगा हुआ है, वहीं चांदी के दाम में गिरावट दर्ज हुई है. ध्यान रहे, यहां दिए गए रेट कल के क्लोजिंग सेशन और आज के हिसाब से बताए गए हैं. आज सोने का भाव कितना बढ़ा? आज 24 कैरेट सोना ₹15,285 प्रति ग्राम पर है, जो कल के मुकाबले सिर्फ ₹1 महंगा हुआ है. 22 कैरेट सोना भी ₹14,011 प्रति ग्राम पर पहुंच गया, यानी इसमें भी ₹1 का ही उछाल आया. बिहार और यूपी के लोगों के लिए खास बात ये कि पटना और लखनऊ में सोना बाकी शहरों से थोड़ा महंगा बिक रहा है. सोने का रेट टेबल: शहर आज का रेट (24 कैरेट) कल का रेट बदलाव पटना ₹15,290 ₹15,289 +₹1 लखनऊ ₹15,300 ₹15,299 +₹1 दिल्ली ₹15,300 ₹15,299 +₹1 मुंबई ₹15,285 ₹15,284 +₹1 कोलकाता ₹15,285 ₹15,284 +₹1 चेन्नई ₹15,285 ₹15,284 +₹1 बेंगलुरु  ₹15,285 ₹15,284 +₹1 चांदी में क्यों आई नरमी? चांदी आज ₹244.90 प्रति ग्राम और ₹2,44,900 प्रति किलो पर बिक रही है. कल के मुकाबले चांदी ₹100 प्रति किलो सस्ती हुई है. पटना और लखनऊ में चांदी का भाव बाकी शहरों जैसा ही यानी ₹2,449 प्रति 10 ग्राम है. चांदी का रेट टेबल: शहर आज का रेट (10 ग्राम) कल का रेट बदलाव पटना ₹2,449 ₹2,450 -₹1 लखनऊ ₹2,449 ₹2,450 -₹1 दिल्ली ₹2,449 ₹2,450 -₹1 मुंबई ₹2,449 ₹2,450 -₹1 कोलकाता ₹2,449 ₹2,450 -₹1 चेन्नई ₹2,499 ₹2,500 -₹1 बेंगलुरु  ₹2,449 ₹2,450 -₹1 क्या अभी गहने खरीदना सही रहेगा? सितंबर महीने में सोना ₹15,409 से गिरकर आज ₹15,285 पर आ गया है, यानी पूरे महीने में गिरावट का रुख रहा है. अगर आप गहने खरीदने की सोच रहे हैं, तो लोकल जौहरी से GST और मेकिंग चार्ज सहित पक्का रेट जरूर कन्फर्म कर लें.  ये भी पढ़ें: भागलपुर-बेगूसराय में पेट्रोल-डीजल हुआ महंगा, इन शहरों को मिली राहत, देखें पूरी लिस्ट The post फिर बढ़े सोने के दाम, चांदी ₹244.90 प्रति ग्राम पर आई, खरीदारी से पहले जान लें नया रेट appeared first on Naya Vichar.

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72 घंटे से लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई जगह पेड़-पोल गिरे; आज से राहत की उम्मीद

रांची. बंगाल की खाड़ी में गहरे निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण बीते चार दिनों से झारखंड में मौसम अचानक बदल गया. शुक्रवार को भी कई इलाकों में तेज बारिश हुई. साथ ही 55 से 60 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवा चली, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गयीं और जनजीवन थम सा गया. जगह-जगह पेड़ और बिजली के पोल उखड़ने से सड़कें बाधित हो गयीं, जबकि कई इलाकों में रात से ही बिजली गुल है. जैसे ही बच्चों से भरी स्कूल बस आगे बढ़ी, अचानक एक विशाल पेड़ ठीक उसके सामने गिर पड़ा. गनीमत रही कि चालक की सतर्कता से शिशु सुरक्षित बच निकले. KG से 12वीं कक्षा तक के सभी स्कूल बंद इधर, राजधानी में भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए जिले में शनिवार (26 सितंबर) को केजी से 12वीं कक्षा तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे. जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने स्कूलों को बंद करने से संबंधित आदेश जारी किया है. विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए यह निर्णय लिया गया है. इसका पालन सभी प्रशासनी, गैर-प्रशासनी सहायता प्राप्त, अल्पसंख्यक और निजी विद्यालयों को करना होगा. मौसम विभाग के विशेष बुलेटिन के अनुसार, रांची को येलो जोन में रखा गया है और भारी बारिश की आशंका है. ऐसे में विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन ने यह निर्णय लिया है. यदि किसी स्कूल में अनिवार्य परीक्षा निर्धारित है, तो उसके संचालन के संबंध में स्कूल अपने स्तर से निर्णय ले सकेंगे. रांची में 18 मिमी, जमशेदपुर में 65 मिमी बारिश लगातार बारिश और तेज हवा से लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. शुक्रवार को रांची में रुक-रुक कर 18 मिमी बारिश हुई, जबकि सबसे अधिक जमशेदपुर में 65 मिमी बारिश हुई है. मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया है कि बंगाल में निम्न दबाव वाला क्षेत्र बना है. वहीं चक्रवाती हवाओं का एक घेरा जो उत्तरी छत्तीसगढ़ व मध्य प्रदेश की सीमा के पास केंद्रित था, उसका झारखंड पर गहरा असर पड़ा है. ये भी पढ़ें: गेतलसूद डैम का बढ़ा जलस्तर, शनिवार सुबह खोले गए दो रेडियल गेट; तटवर्ती इलाकों में अलर्ट शनिवार को इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी शनिवार को पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में भारी बारिश की चेतावनी दी गयी है. वहीं राजधानी सहित कई इलाकों में सुबह में बारिश और तेज हवा चलने से परेशानी बढ़ेगी, लेकिन दोपहर के बाद से बारिश व तेज हवा में कमी आने से लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है. लेकिन 27 सितंबर यानी रविवार से मौसम साफ होने की उम्मीद है. झारखंड में अब भी सामान्य से तीन फ़ीसदी कम बारिश मॉनसून की अवधि में एक जून से 25 सितंबर तक झारखंड में अब भी सामान्य से तीन फ़ीसदी कम बारिश हुई है. सामान्य रूप से इस अवधि में 992 मिमी बारिश है, लेकिन अब तक यहां 962.6 मिमी बारिश हुई है. वहीं रांची में 15 फ़ीसदी अधिक बारिश हो गयी है. पलामू, गढ़वा, चतरा, पाकुड़, देवघर, गुमला, कोडरमा, साहिबगंज, हजारीबाग आदि जिलों में अभी भी सामान्य से काफ़ी कम बारिश दर्ज की गयी है. ये भी पढ़ें: पाटन: बारिश से किसानों के चेहरे पर लौटी रौनक, तेज हवाओं ने बढ़ायी चिंता The post 72 घंटे से लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई जगह पेड़-पोल गिरे; आज से राहत की उम्मीद appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में वासगीत पर्चाधारियों को अब जमीन पर दिलाया जाएगा कब्जा, सरकार चलाएगी विशेष अभियान, जानें क्या है पूरा प्लान

Bihar Bhumi: बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में वासगीत पर्चाधारियों के लिए राहत की समाचार है. अब सिर्फ वासगीत पर्चा जारी कर देने से काम पूरा नहीं माना जाएगा. पर्चाधारियों को उनकी आवंटित जमीन पर वास्तविक दखल-कब्जा भी दिलाया जाएगा. इसके लिए राज्य में विशेष अभियान चलाया जाएगा. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इस संबंध में राज्य के सभी समाहर्ताओं को निर्देश जारी किया है. विभाग ने कहा है कि पर्चा मिलने के बाद लाभार्थी को जमीन पर कब्जा दिलाना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है. दखल-कब्जा नहीं मिलने की लगातार मिल रही शिकायतें सूत्रों के अनुसार जन शिकायत पोर्टल पर वासगीत पर्चाधारियों से जुड़ी कई शिकायतें मिल रही हैं. विभागीय समीक्षा में भी ऐसे मामले सामने आए हैं. बड़ी संख्या में लोगों को पर्चा तो मिल गया, लेकिन उन्हें संबंधित जमीन पर वास्तविक कब्जा नहीं मिल सका है. इस वजह से पर्चाधारियों से जुड़ी शिकायतों की संख्या बढ़ रही है. विभाग ने अब ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई का निर्देश दिया है. केवल पर्चा जारी करना पर्याप्त नहीं विभाग ने स्पष्ट किया है कि सिर्फ पर्चा जारी कर देना कार्रवाई पूरी नहीं मानी जाएगी. संबंधित जमीन की पहचान करनी होगी. इसके बाद राजस्व अभिलेखों का सत्यापन किया जाएगा. भूमि की मौजूदा स्थिति की भी जांच होगी. इसके बाद जरूरत के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. इस प्रक्रिया के बाद पर्चाधारी को उसकी आवंटित जमीन पर कब्जा दिलाया जाएगा. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें समाहर्ताओं को दिया गया ये निर्देश समाहर्ताओं को ऐसे सभी मामलों को चिह्नित करने को कहा गया है, जहां पर्चाधारियों को अब तक दखल-कब्जा नहीं मिला है. इन मामलों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करनी होगी. जरूरत पड़ने पर संबंधित अंचल अधिकारी और अन्य राजस्व कर्मी स्थल जांच करेंगे. जमीन की स्थिति और रिकॉर्ड की जांच के बाद पर्चाधारी को उसकी आवंटित भूमि पर कब्जा दिलाया जाएगा. प्रशासन की होगी जवाबदेही विभाग के इस निर्देश का मकसद पर्चाधारियों को उनकी जमीन का वास्तविक लाभ दिलाना है. पर्चा मिलने के बाद भी जमीन पर कब्जा नहीं मिलने की स्थिति को अब लंबित नहीं रखा जाएगा. विशेष अभियान के जरिए ऐसे मामलों की पहचान होगी. इसके बाद राजस्व अधिकारियों की मदद से दखल-कब्जा दिलाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. इससे वासगीत पर्चाधारियों की पुरानी शिकायतों के निपटारे की उम्मीद है. Also Read: बिहार में आज भी होगी भारी बारिश, इन 19 जिलों में मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, जानें लेटेस्ट अपडेट The post बिहार में वासगीत पर्चाधारियों को अब जमीन पर दिलाया जाएगा कब्जा, प्रशासन चलाएगी विशेष अभियान, जानें क्या है पूरा प्लान appeared first on Naya Vichar.

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Shani Maharaj Favorite Flower: शनिवार को शनि महाराज पर चढ़ाएं ये खास फूल, धार्मिक मान्यता में बताया गया है शुभ

Shani Maharaj Favorite Flower: शनिवार का दिन शनि महाराज को समर्पित है. इस दिन शनि महाराज को प्रसन्न करने के लिए कई उपाय किए जाते हैं, जिससे शनि की साढ़ेसाती और शनि की ढैय्या के दौरान प्रभाव कम हो सकता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार शनिवार को शनिदेव की विधि-विधान से पूजा करने के साथ उनके प्रिय फूल को अर्पित करना चाहिए. आइए जानते हैं कि शनिवार को कौन-सा फूल अर्पित करना शुभ होता है. अपराजिता का फूल करें शनिदेव को अर्पित अपराजिता का फूल शनिदेव को अति प्रिय है. यह नीले रंग का फूल शनिदेव/शनि महाराज को अर्पित किया जाता है. साथ ही भगवान शिव को भी यह फूल चढ़ाने की परंपरा है. शनि जयंती पर अगर कोई जातक 5, 7 या 11 अपराजिता के फूल शनिदेव के चरणों में अर्पित करता है, तो शनिदेव प्रसन्न होकर साढ़ेसाती और पनौती के प्रभाव को कम कर देते हैं. ये भी पढ़ें: जब हनुमान जी ने तोड़ा था शनि देव का घमंड, जानिए अद्भुत पौराणिक कथा ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा बताते हैं कि नीला रंग शनि ग्रह से संबंधित माना जाता है. ज्योतिष में शनि को कर्म, अनुशासन, न्याय, धैर्य और जिम्मेदारियों का कारक ग्रह माना गया है. हालांकि, फूलों की संख्या या किसी विशेष फूल से साढ़ेसाती का प्रभाव निश्चित रूप से कम होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है; ये धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताएं हैं. गुड़हल का फूल है शनिदेव का फेवरेट शनिदेव को गुड़हल का फूल अति प्रिय है, जिसे चढ़ाने से शनि दोष दूर होता है. शनि जयंती या किसी भी शनिवार को अगर गुड़हल का फूल शनिदेव को अर्पित करें, तो इसके बहुत अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं. गुड़हल का फूल सामान्यतः लाल रंग का होता है और इसे कई देवी-देवताओं की पूजा में प्रयोग किया जाता है. शनिदेव की पूजा में फूल अर्पित करने का उद्देश्य श्रद्धा और भक्ति के साथ ग्रह शांति की कामना करना माना जाता है. शनि से संबंधित उपायों में पूजा के साथ संयम, सेवा, दान और जरूरतमंदों की सहायता को भी महत्वपूर्ण माना जाता है. शनिदेव को शमी का फूल चढ़ाना शुभ शनिदेव को शमी के फूल चढ़ाना अति शुभ माना गया है. शनिदेव की विधि-विधान से पूजा करें और पूजा के समय ही शमी के पत्ते, शमी के फूल व शमी की जड़ अर्पित करें. शमी के फल चढ़ाने से भी शनिदेव का आशीर्वाद प्राप्त होता है और साढ़ेसाती का प्रभाव कम होता है, दुख दूर होते हैं और धन की आवक बढ़ती है. शमी का संबंध शनिदेव से विशेष रूप से माना जाता है. शनिवार को शमी के पेड़ की पूजा करना, उसके पत्ते अर्पित करना और उसके नीचे दीपक जलाना कई परंपराओं में शनि शांति के उपाय के रूप में बताया जाता है. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार शमी की पूजा से शनि ग्रह से संबंधित नकारात्मक प्रभावों को शांत करने की कामना की जाती है. शनिदेव पर चढ़ाएं आक का फूल मान्यता है कि शनिदेव को आक के फूल बेहद प्रिय हैं. ऐसे में पूजा के समय अगर शनिदेव को आक के फूल अर्पित किए जाएं, तो शनिदेव प्रसन्न होते हैं. आक का पौधा भगवान शिव से भी जुड़ा माना जाता है और कई धार्मिक अनुष्ठानों में इसके फूलों का प्रयोग किया जाता है. शनिदेव की पूजा में आक के फूल अर्पित करने की परंपरा कुछ क्षेत्रों और धार्मिक मान्यताओं में देखने को मिलती है. पूजा में किसी भी फूल को अर्पित करते समय उसकी स्वच्छता और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखना चाहिए. The post Shani Maharaj Favorite Flower: शनिवार को शनि महाराज पर चढ़ाएं ये खास फूल, धार्मिक मान्यता में बताया गया है शुभ appeared first on Naya Vichar.

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The Vvaan Box Office Day 1: छठी मईया की कृपा से ‘द वन’ ने उड़ाया गर्दा, पहले ही दिन धूल चाट गईं ये धाकड़ फिल्में

The Vvaan Box Office Day 1: छठी मईया की असीम कृपा और बिहार की ठेठ मिट्टी से जुड़ी कहानी जब सिल्वर स्क्रीन पर उतरती है, तो तहलका मचना लाजमी है. सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की नई फिल्म ‘द वन’ (The Vvaan) ने बॉक्स ऑफिस पर अपने पहले ही दिन इसी बात का पक्का सबूत दिया है. शहर से आए एक नास्तिक नौजवान की अपने गांव वापसी और खौफ से भरे देवांचल जंगल का गहरा सस्पेंस, यह कॉम्बिनेशन दर्शकों के सिर चढ़कर बोल रहा है. ओपनिंग डे पर द वन ने कमाए इतने करोड़ sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक द वन ने ओपनिंग डे पर 6,746 शोज से 8 करोड़ की नेट की कमाई की. इसके साथ ही हिंदुस्तान में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 9.60 करोड़ और नेट कलेक्शन 8 करोड़ तक पहुंच गया है. फिल्म ने पहले दिन सनी देओल और प्रीति जिंटा की बंटवारा 1947 (5.75 करोड़) के रिकॉर्ड को चकनाचूर कर दिया. सैफ अली खान की हैवान भी पीछे छूट गई है. View on Instagram द वन में ये स्टार्स मचा रहे हैं धमाल द वन- फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट में सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया लीड रोल में नजर आ रहे हैं. इनके साथ सुनील ग्रोवर, श्वेता तिवारी, अनुप सोनी, मनीष पॉल, अवतार गिल, मिलिंद गुनाजी, सुलभा आर्या, दुर्गेश कुमार, संदीप वेद और अक्षान सेहरावत भी अहम किरदारों में हैं. View on Instagram क्या है द वन की कहानी कहानी की बात करें तो, फिल्म एक ऐसे शहरी शख्स की है, जो अपने पुश्तैनी गांव के उस जंगल में कदम रख देता है, जहां जाना सख्त मना है. उसे अंदाजा भी नहीं होता कि उसका ये कदम एक दिव्य शक्ति को जगा देगा. इसके बाद शुरू होता है रहस्य, अलौकिक शक्तियों और एक ऐसी जंग का सिलसिला, जहां उसे अपने लोगों को विनाश से बचाने के लिए खुद आगे आना पड़ता है. फिल्म को बालाजी मोशन पिक्चर्स, जो बालाजी टेलीफिल्म्स लिमिटेड का हिस्सा है, टीवीएफ और 11.11 प्रोडक्शन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. इसे शोभा कपूर, एकता आर कपूर, अरुणाभ कुमार और नीरज कोठारी ने प्रोड्यूस किया है. ये भी पढ़ें: The Vvaan X Review: बिहार की छठ पूजा बनी लाइमलाइट, ‘द वन’ का टिकट खरीदने से पहले पढ़ें रिव्यू The post The Vvaan Box Office Day 1: छठी मईया की कृपा से ‘द वन’ ने उड़ाया गर्दा, पहले ही दिन धूल चाट गईं ये धाकड़ फिल्में appeared first on Naya Vichar.

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UNGA में पाकिस्तान को भारत ने किया बेनकाब, आतंकवाद और PoK पर दिया करारा जवाब

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA)में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बयान पर हिंदुस्तान ने करारा जवाब दिया है. पाकिस्तान के बयान पर ‘राइट ऑफ रिप्लाई’ के तहत हिंदुस्तान की ओर से संयुक्त राष्ट्र में स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने आतंकवाद, कश्मीर और पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के अधिकारों समेत कई मुद्दों पर पाकिस्तान को घेरा. पेटल गहलोत ने कहा कि इस पूरे मुद्दे के केंद्र में पाकिस्तान की लंबे समय से चली आ रही सीमा पार आतंकवाद की नीति है. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान ने पिछले साल यह दिखाया है कि आतंकवादियों के लिए कहीं भागने या छिपने की जगह नहीं होगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा के हिंदुस्तान के अधिकार का इस्तेमाल जारी रहेगा. उन्होंने कहा, “पाकिस्तान के आतंकवाद के परिणाम होंगे.” गहलोत ने कहा कि बार-बार झूठ दोहराने से वह सच नहीं हो जाता. उन्होंने उम्मीद जताई कि महासभा पाकिस्तान और उसकी नीतियों को उसी रूप में देखेगी, जैसा वे वास्तव में हैं. कश्मीर पर भी पाकिस्तान को जवाब पाकिस्तान की ओर से जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने पर हिंदुस्तानीय प्रतिनिधि ने कहा कि जम्मू-कश्मीर हिंदुस्तान का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और हमेशा रहेगा. उन्होंने कहा कि अगर कश्मीर की बात करनी ही है, तो पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए. गहलोत ने विशेष रूप से रावलकोट के लोगों का जिक्र करते हुए वहां कथित हत्याओं, हिंसा और बुनियादी अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए. ये भी पढ़ें: UNGA में पाकिस्तान की हरकत देख हिंदुस्तानीय डिप्लोमैट को आई हंसी, शहबाज शरीफ की बातें सुन आप भी मुस्कुरा देंगे धार्मिक अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर भी घेरा पाकिस्तान की ओर से धार्मिक असहिष्णुता और मानवाधिकारों से जुड़े आरोपों पर हिंदुस्तान ने भी पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति का मुद्दा उठाया. गहलोत ने कहा कि जिस शासन की आलोचना धार्मिक असहिष्णुता के मुद्दे पर की जा रही है, उसके यहां खुद अल्पसंख्यकों के साथ व्यवहार को दुनिया जानती है. उन्होंने पाकिस्तान के ब्लासफेमी कानूनों का भी जिक्र किया और कहा कि केवल धार्मिक उपदेश देकर वास्तविकता को छिपाया नहीं जा सकता. ‘आर्मी के शासन’ का आरोप हिंदुस्तान ने पाकिस्तान की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाया. पेटल गहलोत ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की सत्ता व्यवस्था में सेना की निर्णायक भूमिका है. उन्होंने कहा कि प्रशासनें बदल सकती हैं, लेकिन उनके अनुसार असली सत्ता किसके हाथ में है, इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. उन्होंने पाकिस्तान के 27वें संविधान संशोधन और कथित आजीवन प्रतिरक्षा का भी उल्लेख किया. ओसामा बिन लादेन का भी किया जिक्र हिंदुस्तान ने अपने जवाब में 9/11 हमले की 25वीं बरसी का भी संदर्भ दिया. गहलोत ने कहा कि दुनिया को यह नहीं भूलना चाहिए कि अल-कायदा का सरगना ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में पाकिस्तानी सेना की प्रमुख अकादमी के पास रह रहा था. उन्होंने पाकिस्तान की मौजूदा प्रशासन को लेकर भी कटाक्ष किया और उसे पाकिस्तान में इस्तेमाल किए जाने वाले ‘Form 47 government’ के संदर्भ से जोड़ा. हिंदुस्तान का यह जवाब शहबाज शरीफ के UNGA संबोधन के बाद आया, जिसमें पाकिस्तान ने कश्मीर समेत हिंदुस्तान से जुड़े कई मुद्दे उठाए थे. संयुक्त राष्ट्र महासभा का मौजूदा 81वां सत्र सितंबर 2026 में चल रहा है. ये भी पढ़ें: UNGA में फिर शहबाज शरीफ का ‘कश्मीर राग’, हिंदुस्तान पर लगाए आरोप; पानी रोकने पर दी युद्ध की धमकी The post UNGA में पाकिस्तान को हिंदुस्तान ने किया बेनकाब, आतंकवाद और PoK पर दिया करारा जवाब appeared first on Naya Vichar.

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