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Author name: Vinod Jha

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नीट पेपर लीक : राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर फिर बोला हमला- आपने 12 सालों में शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया

Rahul Gandhi : नीट पेपर लीक के मुद्दे को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर नरेंद्र मोदी प्रशासन पर हमला बोला है और कहा कि इस प्रशासन ने पूरी शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करके रख दिया है. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया कि आकांक्षा डॉक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहती थी, लेकिन नीट पेपर लीक होने की वजह से उसकी जान चली गई. आकांक्षा के पिता ने वह सबकुछ किया जो एक पिता कर सकता है राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा है कि आकांक्षा के पिता ने वह सबकुछ किया, जो एक पिता कर सकता है. उन्होंने आकांक्षा की पढ़ाई के लिए कर्ज लिया, कुक की नौकरी की, लेकिन परिणाम क्या निकला? उनकी बेटी परीक्षा स्थगित होने की वजह से इस दुनिया को अलविदा कह गई. राहुल गांधी लिखते हैं कि आकांक्षा के पिता किसान हैं. बेटी के डॉक्टर बनने के सपने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड पर 3 लाख रुपए का कर्ज लिया है और नागपुर में खुद कुक की नौकरी कर ली, ताकि बेटी वहां कोचिंग कर सके. आकांक्षा ने 3 मई को नीट की परीक्षा दी और फिर परीक्षा स्थगित हो गई. परीक्षा स्थगित होने से आकांक्षा सदमे में चली गई और उसने पिछले दिनों आत्महत्या कर ली. मोदी प्रशासन की भ्रष्ट व्यवस्था आकांक्षा की मौत की वजह राहुल गांधी ने आकांक्षा की मौत के लिए मोदी प्रशासन की भ्रष्ट व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया है. वे लिखते हैं कि आकांक्षा की मौत आत्महत्या नहीं, मोदी जी की एक भ्रष्ट, टूटी हुई व्यवस्था की देन है. वे तंज कसते हैं कि इतना कुछ होने के बाद भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान आज भी अपने पद पर बने हुए हैं. केवल कुछ कमेटी बन रही है, ट्रांसफर हो रहे हैं और जांच हो रही है. व्यवस्था में सुधार के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है और ना ही पीड़ितों को न्याय मिल रहा है. इसे भी पढ़ें : बढ़ता शहरीकरण गर्मी में ज्यादा बीमार कर रहा है डीके शिवकुमार बने कर्नाटक के नये मुख्यमंत्री, संविधान की प्रति हाथ में लेकर ली शपथ The post नीट पेपर लीक : राहुल गांधी ने मोदी प्रशासन पर फिर बोला हमला- आपने 12 सालों में शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया appeared first on Naya Vichar.

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गढ़वा सदर अस्पताल का ‘ब्लड बैंक’ बदहाल: गर्मी में बिना एसी-पंखे के रक्तदान करने को मजबूर लोग 

गढ़वा से प्रभाष मिश्रा की रिपोर्ट  Garhwa News: एक तरफ प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लोगों से बढ़-चढ़कर रक्तदान करने की अपील कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ गढ़वा जिले के सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक की व्यवस्था इन दिनों खुद ‘वेंटिलेटर’ पर नजर आ रही है. इस भीषण गर्मी के बीच ब्लड बैंक के एसी और पंखे लंबे समय से खराब पड़े हैं. स्थिति इतनी खराब है कि रक्तदाताओं और मरीजों को गर्म वातावरण में उबलते हुए रक्तदान करना पड़ रहा है. ब्लड बैंक में सिर्फ हवा-पानी की ही किल्लत नहीं है, बल्कि जीवन रक्षक उपकरणों का भी टोटा है.  जरूरी उपकरणों की कमी पर सवाल रक्तदाताओं से मिली जानकारी के मुताबिक रक्त संग्रह के समय ब्लड बैग के वजन और खून की सटीक मात्रा की निगरानी करने वाली मशीन ही उपलब्ध नहीं है. मशीन न होने के कारण नीचे जमीन पर रखकर अनुमान के आधार पर ही ब्लड बैग भरा जा रहा है, जो कि मेडिकल मानकों के लिहाज से बेहद गंभीर और चिंता का विषय है.  नियमित रक्तदाताओं में नाराजगी  नियमित रक्तदाता अतुलधर दुबे ने ब्लड बैंक की बदहाली पर गहरा रोष जताया है. उन्होंने कहा, “हम लोग समाज को रक्तदान के लिए प्रेरित करते हैं, लेकिन यहां की स्थिति डराने वाली है. न पंखे चल रहे हैं, न एसी. रक्तदान के बाद वैसे ही शरीर को आराम और ठंडक की जरूरत होती है. अगर इस उमस और गर्मी में कोई रक्तदाता बेहोश होकर गिर जाए, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?  विभागीय लापरवाही पर उठे सवाल  स्थानीय लोगों का कहना है कि मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण अब लोग इस चिलचिलाती गर्मी में रक्तदान केंद्र आने से कतराने लगे हैं, जिससे ब्लड बैंक में खून की कमी भी हो सकती है. बताया जा रहा है कि ब्लड बैंक की इस दुर्दशा की जानकारी संबंधित विभागीय अधिकारियों को काफी पहले ही दे दी गई है, लेकिन अब तक इसे ठीक करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. स्वास्थ्य विभाग का यह उदासीन रवैया जागरूकता अभियानों की हवा निकाल रहा है. ब्लड बैंक जैसी संवेदनशील जगह पर ऐसी लापरवाही मरीजों की जान से खिलवाड़ के बराबर है. अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य महकमा इस समाचार के बाद कब तक नींद से जागता है और व्यवस्था दुरुस्त करता है.  यह भी पढ़ें: कोडरमा विधायक के ड्राइवर राजकुमार यादव हत्याकांड को लेकर फूटा जनाक्रोश, दो घंटे तक सड़क जाम यह भी पढ़ें: रांची के बहुबाजार-सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाई ओवर का काम सिर्फ 37%, 14 जून को खत्म हो रही डेडलाइन The post गढ़वा सदर अस्पताल का ‘ब्लड बैंक’ बदहाल: गर्मी में बिना एसी-पंखे के रक्तदान करने को मजबूर लोग  appeared first on Naya Vichar.

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80% तक फुल स्पीड, फिर अचानक क्यों सुस्त पड़ जाती है EV की चार्जिंग? जानिए असली वजह

Fast EV Charging: इलेक्ट्रिक गाड़ी (EV) खरीदने के बाद ज्यादातर लोग चार्जिंग स्पीड को लेकर शिकायत करते हैं. खासकर तब, जब बैटरी 80% तक चार्ज होने के बाद अचानक स्लो चार्ज होने लगे. शुरुआत में तो कई लोग ये समझ लेते हैं, कि उनकी चार्जर या बैटरी में ही कोई खराबी है, जबकि असली वजह कुछ और ही होती है. दरअसल, 80% चार्ज होने के बाद चार्जिंग स्पीड का स्लो होना एडवांस्ड बैटरी टेक्नोलॉजी का एक सामान्य हिस्सा है. आइए जानते हैं क्यों होता है ऐसा. लास्ट 20% चार्ज होने में क्यों लगता है ज्यादा समय? चार्ज लेवल कम रहने पर EV की बैटरी स्पीड में चार्ज होती है. लेकिन जैसे-जैसे बैटरी का चार्ज बढ़ने लगता है, इलेक्ट्रिक गाड़ी की बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम चार्जिंग स्पीड को कम करना शुरू कर देती है. दरअसल, ऐसा इसलिए होता है ताकि चार्जिंग के दौरान बैटरी ज्यादा गर्म न हो जाए. साथ ही उसकी लंबी उम्र भी बनी रहे. यही कारण है कि 20% से 80% तक पहुंचने के बाद 100% तक चार्ज होने में काफी समय लगा देती है. यानी 80% के बाद स्लो चार्ज किसी तरह की तकनीकी खराबी नहीं है, बल्कि बैटरी की सेफ्टी के लिए अपनाया गया एक सामान्य प्रोसेस है. कौन-सी गलती बढ़ा देती है आपका इंतजार? कई लोग EV चार्जिंग को गाड़ी में पेट्रोल या डीजल भरवाने जैसा मानते हैं और बैटरी को हर बार 100% तक चार्ज करने की कोशिश करते हैं. यही सबसे बड़ी गलती साबित होती है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, बैटरी का चार्ज लेवल आमतौर पर 20% से 80% के बीच रखना बेहतर माना जाता है. इससे न केवल बैटरी की लाइफ बढ़ती है, बल्कि चार्जिंग में लगने वाला समय भी कम हो जाता है. लंबे ट्रिप्स के दौरान 100% चार्ज का इंतजार करने के बजाय उतनी ही चार्जिंग करना ज्यादा समझदारी है, जिससे आप आसानी से अगले चार्जिंग स्टेशन तक पहुंच सकें. EV इस्तेमाल को आसान बनाने का सरल तरीका EV चार्जिंग को यात्रा की जरूरत के हिसाब से समझना जरूरी है. अगर आप केवल अगले पड़ाव तक पहुंचने लायक रेंज पर ध्यान देंगे, तो चार्जिंग का अनुभव काफी आसान और सुविधाजनक हो जाएगा. दरअसल, EV चार्जिंग से जुड़ी सबसे बड़ी समस्या चार्जर या बैटरी की खराबी नहीं होती, बल्कि इसके काम करने के तरीके को लेकर गलतफहमी होती है. एक बार जब आप समझ जाते हैं कि एडवांस्ड EV बैटरियां कैसे काम करती हैं, तो चार्जिंग में होने वाली देरी परेशान करने वाली नहीं लगती और लंबी यात्राओं की योजना बनाना भी काफी आसान हो जाता है. यह भी पढ़ें: HF Deluxe Flex Fuel vs Petrol: किस बाइक पर पैसे खर्च करना सही रहेगा? जानें यहां The post 80% तक फुल स्पीड, फिर अचानक क्यों सुस्त पड़ जाती है EV की चार्जिंग? जानिए असली वजह appeared first on Naya Vichar.

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लोकसभा में अभिषेक बनर्जी को नेता पद से हटाने की तैयारी, लाया जा सकता है अविश्वास प्रस्ताव

मुख्य बातें पार्टी में अलग-थलग पड़ चुके हैं अभिषेक सांसदों की बढ़ रही है ममता से दूरी तृणमूल क्या सोच रही है ​​Abhishek Banerjee: कोलकाता/ नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस में फूट के बाद अब लोकसभा में बागी गुट अपना नेता चुनने की तैयारी में जुट गया है. पार्टी में कभी दूसरे नंबर के नेता रहे अभिषेक बनर्जी आज पार्टी के भीतर अलग-थलग पड़ गए हैं. लोकसभा में पार्टी नेता के रूप में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी चल रही है. तृणमूल कांग्रेस के अंदरखाने यह बात चल रही है कि तृणमूल की संसदीय दल की बैठक बुलायी जा सकती है. सूत्रों का कहना है कि कई सांसद बागी गुट के के संपर्क में नहीं हैं. दिल्ली की नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस का भविष्य क्या होगा, यह देखना बाकी है. पार्टी में अलग-थलग पड़ चुके हैं अभिषेक विधानसभा में 58 विधायकों के समर्थन से ऋतब्रता बनर्जी विपक्ष के नेता का पदभार ग्रहण कर चुके हैं. पद पर बैठते ही उन्होंने डायमंड हार्बर सांसद अभिषेक पर जमकर हमले किए हैं. इस माहौल में लोकसभा में पार्टी विभाजन का नेतृत्व कौन कर रहा है. अटकलें तेज हैं. कहा जा रहा है कि बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार जांच के दायरे में हैं. सुखेन्दुशेखर रॉय पहले ही राज्यसभा में हैं. ममता बनर्जी के धरने में सिर्फ छह लोग शामिल हुए हैं. अभिषेक के अलावा अनुपस्थित लोगों को लेकर भी जमकर चर्चाएं चल रही हैं. सांसदों की बढ़ रही है ममता से दूरी पिछले कुछ दिनों में देखा जा रहा है कि पार्टी के मशहूर सांसद ममता से दूरी बढ़ा रहे हैं. कल्याण-काकली विवाद पर दबाव कम नहीं हुआ है. काकली ने खुद कल्याण के खिलाफ सनसनीखेज आरोप लगाए हैं. उन्होंने ये आरोप लोकसभा अध्यक्ष के सामने रखे हैं. अब क्या अन्य सांसद भी मुख्य सचेतक कल्याण बनर्जी के खिलाफ काकली के आरोपों से सहमत होंगे. यह सवाल और भी गंभीर होता जा रहा है. इस बीच, प्रशासन संसद में तृणमूल कांग्रेस को भंग करने के लिए परिसीमन विधेयक को फिर से लाने की तैयारी कर रही है. जेपीसी के विचाराधीन ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ विधेयक को भी जल्द पारित कराने के लिए प्रशासन प्रयास में है. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें तृणमूल क्या सोच रही है दूसरी ओर, विधानसभा में पार्टी के विभाजन और लोगो के अधिकारों को लेकर अनिश्चितता के संदर्भ में, ममता बनर्जी समर्थक तृणमूल ने कानूनी सलाह लेना शुरू कर दिया है. सूत्रों के अनुसार, स्पीकर की भूमिका को ध्यान में रखा जा रहा है. ममता की नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस उचित समय पर सर्वोच्च न्यायालय का रुख करेगी. तृणमूल नेता ममता बनर्जी के 8 तारीख को दिल्ली में होने वाली इंडिया ब्लॉक की बैठक में शामिल होंने की उम्मीद है. उस दौरान वे शीर्ष वकीलों से अलग से बात करेंगी. इस संबंध में महाराष्ट्र में शिवसेना और एनसीपी के बीच लोगो का मामला और नेतृत्व विवाद निर्णायक भूमिका निभाएगा. Also Read: ममता बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज, राष्ट्रविरोधी टिप्पणी करने का आरोप The post लोकसभा में अभिषेक बनर्जी को नेता पद से हटाने की तैयारी, लाया जा सकता है अविश्वास प्रस्ताव appeared first on Naya Vichar.

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IIT ISM धनबाद में नहीं बढ़ीं BTech की सीटें, देखें किस ब्रांच में कितने स्टूडेंट होंगे

IIT ISM Dhanbad BTech Admission 2026: झारखंड के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज IIT ISM धनबाद में BTech सीटें नहीं बढ़ाई गई हैं. पिछले साल भी 1210 सीटें थीं और इस साल भी उतनी ही हैं. कॉलेज प्रशासन ने सभी ब्रांचों में लगभग वही सीट स्ट्रक्चर रखा है. इसका मतलब है कि कंपटीशन इस बार भी पहले जैसा ही रहेगा और कटऑफ में ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है. आइए ब्रांच वाइज सीटों की डिटेल्स जानते हैं. IIT ISM Dhanbad ब्रांच वाइज सीटें IIT ISM धनबाद में कुल 1210 सीटें उपलब्ध हैं. इनमें अलग अलग ब्रांच और कोर्स शामिल हैं जैसे BTech, Dual Degree और Integrated MSc. हर ब्रांच में सीटों का बंटवारा तय कर दिया गया है. कुछ ब्रांचों में ज्यादा सीटें हैं जैसे Computer Science और Mechanical Engineering जबकि कुछ में कम सीटें हैं जैसे Geology और Physics से जुड़े कोर्स. ब्रांच का नाम सीटों की संख्या केमिकल इंजीनियरिंग 49 सिविल इंजीनियरिंग 70 कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग 145 इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग 130 इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन 130 इंजीनियरिंग फिजिक्स 32 एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग 50 मैथमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग 75 मैकेनिकल इंजीनियरिंग 130 जियोलॉजिकल इंजीनियरिंग 21 जियोफिजिकल टेक्नोलॉजी 21 माइनिंग इंजीनियरिंग 60 माइनिंग मशीनरी इंजीनियरिंग 47 पेट्रोलियम इंजीनियरिंग 79 मिनरल एंड मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग 37 फिजिकल साइंस (इंटीग्रेटेड) 20 केमिकल साइंस (इंटीग्रेटेड) 20 सबसे ज्यादा सीटें कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (BTech CSE) में हैं जो 145 हैं. इसके बाद इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में 130-130 सीटें हैं. वहीं दूसरी तरफ Geological Engineering और Geophysical Technology जैसी ब्रांचों में सबसे कम सीटें हैं जो सिर्फ 21-21 हैं. IIT ISM Dhanbad Admission 2026 BTech Seat Matrix Check Here एडमिशन कैसे होगा? एडमिशन की प्रक्रिया JoSAA Counselling 2026 के जरिए होगी. सबसे पहले उम्मीदवार को रजिस्ट्रेशन करना होगा. उसके बाद कॉलेज और ब्रांच की चॉइस भरनी होगी. सीट अलॉटमेंट राउंड के अनुसार होगा. जिन छात्रों को सीट मिलेगी उन्हें डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और फीस पेमेंट करना होगा. यह भी पढ़ें: IITs में बढ़ गईं BTech की सीटें, कंप्यूटर साइंस से ज्यादा इस ब्रांच में होगा एडमिशन The post IIT ISM धनबाद में नहीं बढ़ीं BTech की सीटें, देखें किस ब्रांच में कितने स्टूडेंट होंगे appeared first on Naya Vichar.

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विराट कोहली अफगानिस्तान सीरीज से बाहर, जानिए क्या है पूरा मामला 

Virat Kohli: हिंदुस्तानीय क्रिकेट फैंस के लिए एक हैरान करने वाली समाचार आ रही है। अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली आगामी वनडे सीरीज में स्टार बल्लेबाज विराट कोहली स्पोर्ट्सते हुए नजर नहीं आएंगे. कोहली का इस सीरीज में न होना टीम इंडिया के बैटिंग ऑर्डर के लिए एक बड़ा नुकसान साबित हो सकता है. क्यों बाहर हुए विराट कोहली स्टार बल्लेबाज विराट कोहली अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली आगामी वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, बीसीसीआई के एक सूत्र ने बताया कि कोहली हैमस्ट्रिंग चोट के कारण इस सीरीज में नहीं स्पोर्ट्स पाएंगे. हालांकि, बोर्ड की तरफ से अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. वनडे सीरीज से बाहर हुए विराट कोहली हिंदुस्तान और अफगानिस्तान के बीच 6 जून से रोमांचक क्रिकेट सीरीज की शुरुआत होने जा रही है. इस दौरे की शुरुआत न्यू चंडीगढ़ में 6 से 10 जून तक होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच से होगी, जिसके बाद तीन मैचों की वनडे सीरीज स्पोर्ट्सी जाएगी. लेकिन इस वनडे सीरीज से पहले हिंदुस्तानीय खेमे से एक बेहद निराश करने वाली समाचार आ रही है. टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली इस वनडे सीरीज का हिस्सा नहीं होंगे. कौन लेगा किंग कोहली की जगह विराट कोहली की गैरमौजूदगी में सिलेक्टर्स के सामने उनके रिप्लेसमेंट को चुनने की चुनौती होगी. समाचारों की मानें तो टीम में उनकी जगह युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल या ऋतुराज गायकवाड़ को शामिल किया जा सकता है. टी20 और टेस्ट से ले चुके हैं संन्यास गौरतलब है कि विराट कोहली पहले ही टी-20 और टेस्ट फॉर्मेट से संन्यास ले चुके हैं और अब वह सिर्फ वनडे क्रिकेट स्पोर्ट्सते हैं. ऐसे में वनडे सीरीज से भी उनके बाहर होने की समाचार ने फैंस को बड़ा झटका दिया है. रोहित शर्मा की फिटनेस पर टिकी नजरें दूसरी ओर, पूर्व कप्तान रोहित शर्मा को 19 मई को इस ऐतिहासिक सीरीज के लिए हिंदुस्तानीय टीम में जगह तो मिली थी, लेकिन वह पूरी सीरीज स्पोर्ट्स पाएंगे या नहीं, इस पर अभी सस्पेंस है. रोहित को फिटनेस के आधार पर ही स्क्वॉड में चुना गया था, क्योंकि आईपीएल 2026 के दौरान उन्हें भी हैमस्ट्रिंग की समस्या से जूझना पड़ा था. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि मैनेजमेंट उन्हें लेकर क्या फैसला करता है. वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया का स्कवॉड शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, नितीश कुमार रेड्डी, वाशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, गुरनूर बरार, हर्ष दुबे यह भी पढ़े- डायना श्नाइदर का बड़ा उलटफेर, वर्ल्ड नंबर-1 आर्यना सबालेंका को हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह The post विराट कोहली अफगानिस्तान सीरीज से बाहर, जानिए क्या है पूरा मामला  appeared first on Naya Vichar.

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मुजफ्फरपुर: फायरमैन से सुनिये आंखों देखा हाल, निजी अस्पताल में अगलगी, खिड़की तोड़कर रेस्क्यू, 4 की मौत

Muzaffarpur Fire: मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा इलाके में गुरुवार सुबह एक निजी अस्पताल में आग लगने से हड़कंप मच गया. हॉस्पिटल के आईसीयू वार्ड में अगलगी के बाद मरीजों, परिजनों और अस्पताल कर्मियों के बीच अफरा-तफरी मच गयी. अस्पताल प्रशासन की मुस्तैदी से तत्काल फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और राहत बचाव अभियान के दौरान 25 से अधिक मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला. वही दम घुटने से चार मरीजों की मौत हो गई. अब इस मामले में एक वीडियो सामने आया है, जिसमें फायर ब्रिगेड टीम के सदस्य ने आंखों देखा हाल बताया है. #WATCH | मुजफ्फरपुर, बिहार: एक अन्य दमकलकर्मी ने बताया, “मैंने करीब 15 लोगों को बचाया। जब हम लोगों को बचाने में व्यस्त थे, तब वहां बहुत ज़्यादा धुआं था। मेरा काम आग बुझाना था…” pic.twitter.com/BtgmNj6MoR — ANI_HindiNews (@AHindinews) June 4, 2026 खिड़की-दरवाजे तोड़कर घुसी रेस्क्यू टीम डीएम सुब्रत कुमार सेन ने भी घटना में चार मौत की पुष्टि की है. मौके पर FSL की टीम पहुंची है और घटना की जांच कर रही है. बताया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से ICU वार्ड में आग लग गयी थी. यह भी बताया जा रहा है कि मौके पर पहुंची दमकल टीम ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आईसीयू की खिड़कियों और दरवाजों को तोड़कर अंदर फंसे मरीजों तक पहुंच बनाई. फायर ब्रिगेड टीम के जवान ने क्या बताया? मौके पर मौजूद फायरमैन ने बताया, “हमें लगभग 3.50 बजे सूचना प्राप्त हुई और हम 4 बजे मौके पर पहुंच गए थे. मौके पर पहुंचकर हमने पाया कि चौथी मंजिल पर स्थित ICU वॉर्ड में आग लगी हुई है. हमने रेस्क्यू अभियान चलाकर वहां से 15 से 20 मरीजों को निकाला. उन मरीजों को दूसरे अस्पताल में ले जाया गया है. अब परिस्थिति नियंत्रण में है.” सीएम ने किया मुआवजे का ऐलान मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में आग लगने से चार व्यक्तियों की मृत्यु अत्यंत दुःखद है। शोक-संतप्त परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ हैं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा परिजनों को इस कठिन समय में संबल दें। मृतकों के परिजनों को अविलंब 4-4 लाख रुपये का अनुग्रह… — Samrat Choudhary (@samrat4bjp) June 4, 2026 सीएम सम्राट चौधरी ने हादसे को लेकर दुख जताया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में आग लगने से चार व्यक्तियों की मृत्यु अत्यंत दुःखद है. शोक-संतप्त परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ हैं. ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा परिजनों को इस कठिन समय में संबल दें. मृतकों के परिजनों को अविलंब 4-4 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान प्रदान करने का निर्देश दिया गया है. स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है तथा घायलों के उपचार हेतु सदर अस्पतालों में समुचित व्यवस्था की गई है.” The post मुजफ्फरपुर: फायरमैन से सुनिये आंखों देखा हाल, निजी अस्पताल में अगलगी, खिड़की तोड़कर रेस्क्यू, 4 की मौत appeared first on Naya Vichar.

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भानु सप्तमी 2026: सूर्य देव को नाराज कर सकती हैं ये गलतियां

Bhanu Saptami 2026: हिंदू धर्म में सूर्य देव की पूजा को विशेष महत्व दिया गया है. मान्यता है कि सूर्य उपासना से व्यक्ति को उत्तम स्वास्थ्य, यश, ऊर्जा, आत्मविश्वास और सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है. जब सप्तमी तिथि रविवार के दिन पड़ती है, तब उसे भानु सप्तमी या सूर्य सप्तमी कहा जाता है. पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में अधिकमास की भानु सप्तमी 7 जून को मनाई जाएगी. यह दिन सूर्य देव की कृपा प्राप्त करने और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. भानु सप्तमी पर क्यों खास होती है सूर्य पूजा? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से सूर्य देव को अर्घ्य देने और व्रत-पूजन करने से रोग, कष्ट और बाधाएं दूर होती हैं. साथ ही व्यक्ति के मान-सम्मान और सौभाग्य में वृद्धि होती है. भानु सप्तमी के दिन भूलकर भी न करें ये गलतियां सूर्य उदय के बाद देर तक न सोएं भानु सप्तमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना और सूर्य देव को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है. देर तक सोना इस दिन अशुभ माना जाता है. तामसिक भोजन से करें परहेज इस दिन मांसाहार, शराब, लहसुन-प्याज और अन्य तामसिक पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए. सात्विक भोजन को प्राथमिकता दें. किसी का अपमान न करें धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भानु सप्तमी पर क्रोध, कटु वचन और किसी का अपमान करने से पूजा का पुण्य फल कम हो सकता है. दान-पुण्य से न करें दूरी जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और जल का दान करना शुभ माना जाता है. इस दिन दान न करने की बजाय अपनी सामर्थ्य के अनुसार पुण्य कार्य करें. सूर्य को अर्घ्य देना न भूलें भानु सप्तमी पर तांबे के पात्र में जल, लाल फूल और अक्षत डालकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करना विशेष फलदायी माना जाता है. ये भी पढ़ें: कब है सूर्य देव को समर्पित भानु सप्तमी, जानें महत्व और व्रत के लाभ भानु सप्तमी पर करें ये शुभ कार्य सूर्य मंत्रों का जाप करें. आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें. लाल वस्त्र और गेहूं का दान करें. सूर्य देव को गुड़ और लाल फूल अर्पित करें. गरीब और जरूरतमंद लोगों की सहायता करें. भानु सप्तमी सूर्य देव की कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर माना जाता है. इस दिन पूजा-पाठ के साथ-साथ कुछ गलतियों से बचना भी जरूरी माना गया है. श्रद्धा और नियमपूर्वक सूर्य उपासना करने से जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. The post भानु सप्तमी 2026: सूर्य देव को नाराज कर सकती हैं ये गलतियां appeared first on Naya Vichar.

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खान सर की कोचिंग सेंटर के बाहर फायरिंग करते दिखे बॉडीगार्ड, बवाल का नया वीडियो आया सामने

Khan Sir Coaching Attack: पटना में खान सर की कोचिंग सेंटर पर बवाल से जुड़ा नया वीडियो आ गया है. 2 जून की रात लगभग 10 बजे कोचिंग सेंटर पर जमकर बवाल हुआ था. इस मामले से जुड़े नए वीडियो में देखा जा रहा है कि एक बॉडीगार्ड फायरिंग कर रहा है. 38 सेकंड के वीडियो में यह देखा गया कि कोचिंग सेंटर के बाहर कुछ लोग मौजूद हैं. इस बीच एक शख्स बंदूक को लोड करता है और फायरिंग कर देता है. जानकारी के मुताबिक, फायरिंग कर रहा शख्स खान सर का बॉडीगार्ड ही बताया जा रहा है. लेकिन अब तक इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई है. खान सर फायरिंग की कही थी बात फिर मुकरे मंगलवार की रात खान सर की कोचिंग में घुसकर मारपीट हुई. हमलावरों ने जमकर तोड़फोड़ भी की. इस हमले के बाद खान सर ने मीडिया से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने कहा था, कुछ लोग कोचिंग में घुस आए और गार्ड के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसका सिर फट गया. उन्होंने गोलीबारी का दावा भी किया था. लेकिन, बाद में खान सर अपने बयान से पलट गए. फायरिंग को लेकर खान सर ने कहा, उस समय माहौल तनावपूर्ण था, कोई भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी. उन्होंने कहा था कि गार्ड ने जैसा बताया वही मैंने भी बोल दिया. खान सर ने आगे बताया कि गार्ड बुरी तरह से घायल है. उसका सर फोड़ दिया गया है. इस घटना को लेकर पुलिस की माने तो, मारपीट और तोड़फोड़ हुई, लेकिन गोली चलने की पुष्टि नहीं हुई. मामले में तीन को किया गया गिरफ्तार खान सर की कोचिंग पर बवाल और हमला मामले में ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद के साथ उनके दो सहयोगियों अभिषेक और गौरव को गिरफ्तार किया गया है. रौशन आनंद पर ही साजिश के तहत हमले का आरोप लगाया गया था. रौशन आनंद ने भी फायरिंग की बात को गलत बताया था. जब पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर ले जा रही थी, तब उन्होंने कहा था, घटना वाली रात कोई गोलीबारी नहीं हुई थी. गोलीबारी और उनके ऊपर लगाए गए आरोप गलत है. मामले की जांच कर रही पुलिस जानकारी के मुताबिक, पुलिस मामले की जांच-पड़ताल में जुटी हुई है. साथ ही मौके पर लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है और अन्य सबूतों को इकट्ठा किया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी. इस बीच नया वीडियो सामने आया, जिसे लेकर आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है. लेकिन जांच में क्या खुलासा होता है, यह देखने वाली बात होगी. Also Read: खान सर की कोचिंग को बम से उड़ाने की धमकी, FIR कॉपी में खुलासा, रौशन आनंद पर लगी ये 7 गंभीर धाराएं The post खान सर की कोचिंग सेंटर के बाहर फायरिंग करते दिखे बॉडीगार्ड, बवाल का नया वीडियो आया सामने appeared first on Naya Vichar.

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ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम में अमेरिकी गैजेट्स, सालों तक हुई सप्लाई; अब दबोचा गया टेक सीईओ, कैसे किया ये कांड?

US Tech Iran Nuclear Program: अमेरिका ने ईरान को प्रतिबंधित तकनीकी उपकरणों की कथित आपूर्ति से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है. सुरक्षा एजेंसियों ने अमेरिकी-ईरानी नागरिक और टेक्नोलॉजी कंपनी के प्रमुख जमशीद घोमी को गिरफ्तार किया है. संघीय जांच एजेंसियों का आरोप है कि उन्होंने करीब एक दशक तक अमेरिकी एक्सपोर्ट नियमों को दरकिनार कर संवेदनशील नेटवर्किंग और एन्क्रिप्शन गैजेट्स ईरान के परमाणु और रक्षा प्रतिष्ठानों तक पहुंचाए. संघीय अधिकारियों के अनुसार, 63 वर्षीय जमशीद घोमी कैलिफोर्निया के न्यूपोर्ट कोस्ट का निवासी है. वह तेहरान स्थित तकनीकी कंपनी फराज परदाज रायानेह कंपनी लिमिटेड (एफपीआर) का संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी है. उसकी गिरफ्तारी एक संघीय आपराधिक शिकायत के आधार पर की गई. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उसने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (आईईईपीए) का उल्लंघन करने की साजिश रची और अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद बिना अनुमति संवेदनशील तकनीक ईरान भेजी. कैसे चलाया गया कथित नेटवर्क? अमेरिकी अभियोजकों का कहना है कि घोमी ने अपनी कंपनी के जरिए अमेरिकी नेटवर्किंग और सुरक्षा उपकरण हासिल किए. इसके बाद इन उपकरणों को सीधे ईरान भेजने के बजाय यूएई में मौजूद बिचौलियों के जरिए आगे बढ़ाया गया. जांच एजेंसियों के मुताबिक अंतिम खरीदारों में ईरान प्रशासन से जुड़े कई संस्थान और सैन्य संगठन शामिल थे. अमेरिकी न्याय विभाग का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क एक्सपोर्ट कंट्रोल नियमों से बचने और प्रतिबंधित संस्थाओं तक अमेरिकी तकनीक पहुंचाने के लिए तैयार किया गया था. جمشید قومی شهروند ایرانی امریکایی ساکن اورنج کانتی کالیفرنیا به اتهام قاچاق لوازم و تجهیزات یارانه به ایران و دور زدن تحریم های امریکا دستگیر شد ، قومی متهم است طی ده سال دهها میلیون دلار لوازم یارانه را که عنوان کرده به دوبی صادر کرده است با دور زدن تحریم ها از طریق امارات و… pic.twitter.com/acWhcDcoq2 — Amir ebrahimi (@Amir60118403) June 3, 2026 ईबे और पेपाल के जरिए हुई सैकड़ों खरीदारी जांच में दावा किया गया है कि 2011 से 2015 के बीच जमशीद घोमी ने ईबे और पेपाल खातों का इस्तेमाल करते हुए 400 से अधिक बार नियंत्रित तकनीकी उपकरण खरीदे. बाद के वर्षों में उसने मिनेसोटा और नेब्रास्का के कमर्शियल सप्लायर से सीधे सामान मंगाने की व्यवस्था की. इसके लिए कथित तौर पर कई शेल कंपनियों का इस्तेमाल किया गया ताकि वास्तविक खरीदारों की पहचान छिपी रहे. दुबई के रास्ते ईरान पहुंचा 250 टन से ज्यादा सामान संघीय जांचकर्ताओं के अनुसार, 2014 से 2018 के बीच घोमी ने दुबई स्थित फ्रेट फॉरवर्डिंग सेवाओं की मदद से 250 मीट्रिक टन से अधिक हार्डवेयर ईरान पहुंचाने का प्रबंध किया. अधिकारियों का कहना है कि इस दौरान शिपिंग दस्तावेजों में गलत जानकारी दर्ज की गई और अंतिम में जहां सामान पहुंचाना था, उनकी पहचान छिपाई गई. ये भी पढ़ें:- मौत के 3 महीने बाद अली खामेनेई की अंतिम विदाई की तैयारी, इमाम रजा दरगाह में किया जाएगा दफन, जनाजे में करोड़ों लोग शामिल होंगे परमाणु और रक्षा संस्थानों तक पहुंचाए गए उपकरण अदालती दस्तावेजों में दावा किया गया है कि एफपीआर ने ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन को तकनीकी उपकरण उपलब्ध कराए. यह वही संस्था है जो ईरान के परमाणु ढांचे को मैनेज करता है. इसके अलावा कंपनी पर ईरान के रक्षा मंत्रालय और सशस्त्र बल लॉजिस्टिक्स से जुड़े संगठनों को भी तकनीक उपलब्ध कराने का आरोप है. अभियोजकों का कहना है कि प्रतिबंधों के बावजूद रक्षा क्षेत्र से जुड़ी परियोजनाओं को एन्क्रिप्शन और सुरक्षा नेटवर्क उपलब्ध कराए गए. करोड़ों डॉलर के लेनदेन और आय छिपाने का आरोप अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क में पैसे के लेनदेन को छिपाने के लिए उलझाने वाले वित्तीय लेनदेन, फर्जी चालान और शेल कंपनियों का उपयोग किया गया. जांच एजेंसियों का दावा है कि 2011 से 2024 के बीच इस व्यवस्था के जरिए 1.5 करोड़ डॉलर से अधिक राशि अमेरिका में पहुंचाई गई. आरोप यह भी है कि घोमी ने कर अधिकारियों को अपनी वास्तविक आय से कम जानकारी दी. उसने कथित अवैध कारोबार से हुई कमाई से न्यूपोर्ट कोस्ट में करोड़ों डॉलर की आलीशान संपत्ति खरीदी. Today, Jamshid Ghomi, a dual U.S.-Iranian citizen who lives in a $35 million mansion in Orange County, California, was arrested on a federal criminal complaint charging him with selling computer technology to Iranian companies and Iran’s government — including technology to help… pic.twitter.com/EdL4OsB8Y5 — Acting AG Todd Blanche (@DAGToddBlanche) June 3, 2026 अमेरिका ने क्या कहा? अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा है कि यह मामला उन व्यापक प्रयासों का हिस्सा है जिनके तहत अमेरिका विरोधी देशों तक संवेदनशील तकनीक की अवैध पहुंच रोकने के लिए कार्रवाई कर रहा है. विभाग का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी तकनीकों को प्रतिबंधित संस्थाओं तक पहुंचाने के मामलों में सख्त कदम उठाए जाएंगे. ये भी पढ़ें:- अब रुकेगा ईरान युद्ध! ट्रंप को अपनों से मिला झटका, US प्रतिनिधि सभा में पास हुआ सैन्य शक्तियां सीमित करने वाला प्रस्ताव  ये भी पढ़ें:- पाकिस्तान: बच्चों के सामने स्त्री से दुष्कर्म करने वालों की फांसी की सजा बरकरार, एलन मस्क हुए खुश; कही ये बात दोषी साबित होने पर कितनी हो सकती है सजा? अगर अदालत में आरोप तय हो जाते हैं तो जमशीद घोमी को अमेरिकी फेडरल लॉ के तहत अधिकतम 20 वर्ष तक की जेल हो सकती है. हालांकि, न्यायिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल यह केवल एक आपराधिक आरोप है. अदालत में आरोप साबित होने तक आरोपी को कानूनन निर्दोष माना जाएगा. The post ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम में अमेरिकी गैजेट्स, सालों तक हुई सप्लाई; अब दबोचा गया टेक सीईओ, कैसे किया ये कांड? appeared first on Naya Vichar.

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