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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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250km तक की रेंज, रिमूवेबल बैटरी और बाइक जैसा लुक… मार्केट में हुई नए इलेक्ट्रिक स्कूटर की एंट्री, जानें कीमत

हिंदुस्तानीय बाजार में इलेक्ट्रिक स्कूटर की रेंज को बढ़ाते हुए MotoHaus India ने VLF Strada सीरीज को पेश किया है. इस स्कूटर की खासियत इसका मोटरसाइकिल जैसा डिजाइन, आसानी से निकाली जा सकने वाली बैटरी और एक बार चार्ज करने पर 250 km तक की दावा की गई रेंज है. ऐसे में अगर आप नॉर्मल इलेक्ट्रिक स्कूटर से हटकर कुछ अलग डिजाइन और बेहतर रेंज वाला मॉडल तलाश रहे हैं, तो VLF Strada आपके लिए एक नया ऑप्शन बन सकता है. आइए डिटेल में जानते हैं इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में हमें और क्या खास देखने को मिलता है. VLF Strada: वेरिएंट्स VLF Strada इलेक्ट्रिक स्कूटर को दो वेरिएंट, City और Max में पेश किया गया है. इसका City वेरिएंट रोजाना शहर में आने-जाने वाले लोगों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. वहीं, अगर आप एक बार चार्ज करने पर ज्यादा दूरी तय करना चाहते हैं, तो Strada Max आपके लिए बेहतर ऑप्शन है. इसमें बड़ी बैटरी दी गई है, जो ज्यादा रेंज चाहने वाले कस्टमर्स को ध्यान में रखकर तैयार की गई है.  इस इलेक्ट्रिक स्कूटर की बुकिंग भी शुरू हो चुकी है. इच्छुक ग्राहक MotoHaus की ऑफिशियल वेबसाइट के जरिए महज 999 रुपये में इसे बुक कर सकते हैं. कंपनी के मुताबिक, इसकी डिलीवरी नवंबर 2026 से शुरू होने वाली है. VLF Strada: बैटरी, रेंज और कीमत VLF Strada City की एक्स-शोरूम कीमत 1,19,999 रुपये रखी गई है. इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में 2.16kWh की लिथियम आयरन फॉस्फेट (LFP) बैटरी मिलती है. कंपनी का दावा है कि एक बार फुल चार्ज करने पर यह IDC टेस्ट के हिसाब से 130 km तक चल सकता है. वहीं, VLF Strada Max की एक्स-शोरूम कीमत 1,55,500 रुपये है. इसमें 2.16kWh के दो रिमूवेबल बैटरी पैक दिए गए हैं, जिनकी कुल कैपेसिटी  4.32kWh है. कंपनी के मुताबिक, यह स्कूटर फुल चार्ज पर 250 km तक की IDC रेंज दे सकता है. दोनों स्कूटरों के बीच सबसे बड़ा अंतर बैटरी की कैपेसिटी और रेंज का है. मोटर और टॉप स्पीड के मामले में दोनों एक जैसे हैं. इनमें 85 kmph की टॉप स्पीड मिलती है. VLF Strada: इलेक्ट्रिक मोटर और परफॉर्मेंस VLF Strada इलेक्ट्रिक स्कूटर में BLDC हब मोटर दी गई है, जो 4.8kW (6.43bhp) की पीक पावर और 34Nm का टॉर्क जनरेट करती है. इसमें राइडिंग के लिए तीन मोड मिलते हैं, Eco, City और Sport. VLF Strada की एक और खासियत इसकी रिमूवेबल बैटरी है. यानी बैटरी चार्ज करने के लिए आपको हर बार स्कूटर को चार्जिंग पॉइंट के पास खड़ा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. आप चाहें तो बैटरी स्कूटर में लगी रहने के दौरान ही चार्ज कर सकते हैं या उसे निकालकर अलग से चार्जिंग के लिए ले जा सकते हैं. चार्जिंग टाइम की बात करें, तो MotoHaus के मुताबिक, Strada के City वेरिएंट को चार्ज होने में करीब 3 घंटे लगते हैं. वहीं, डुअल-बैटरी वाले Max वेरिएंट को चार्ज करने में लगभग 6 घंटे का समय लगता है. VLF Strada: फीचर्स और हार्डवेयर फीचर्स की बात करें, तो VLF Strada में 5-इंच की TFT इंस्ट्रूमेंट स्क्रीन मिलती है. इसके अलावा, स्कूटर में कीलेस एंट्री, रोशनी वाला इग्निशन सिस्टम और फुल LED लाइटिंग दी गई है. फोन चार्ज करने के लिए इसमें USB Type-A और Type-C पोर्ट भी मिलते हैं. वहीं, पीछे सामान रखने के लिए लगेज कैरियर और बैठने वाले की सुविधा के लिए ग्रैब रेल भी दी गई है. अब इसके हार्डवेयर पर नजर डालें, तो VLF Strada में स्टील ट्यूबलर फ्रेम का यूज किया गया है. इसमें आगे की तरफ 31mm का हाइड्रोलिक फ्रंट फोर्क और पीछे की तरफ दो हाइड्रोलिक सस्पेंशन यूनिट्स मिलती हैं. ब्रेकिंग के लिए स्कूटर में 240mm की फ्रंट डिस्क और 220mm की रियर डिस्क दी गई है. साथ ही, इसमें कंबाइंड ब्रेकिंग सिस्टम (CBS) भी मिलता है. इसके अलावा, स्कूटर में आगे 16-इंच और पीछे 14-इंच का व्हील दिया गया है. इसकी ग्राउंड क्लीयरेंस 175mm है, जिससे खराब सड़कों और छोटे-मोटे गड्ढों पर चलने में मदद मिल सकती है. वजन की बात करें, तो इसका कर्ब वेट 98 kg है. ये भी पढ़ें: 22 लीटर स्टोरेज से लेकर 4 राइडिंग मोड्स तक… Ampere Nexus EX+ में मिलते हैं ये काम के फीचर्स The post 250km तक की रेंज, रिमूवेबल बैटरी और बाइक जैसा लुक… मार्केट में हुई नए इलेक्ट्रिक स्कूटर की एंट्री, जानें कीमत appeared first on Naya Vichar.

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रिटायर्ड शिक्षक को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी, 15 दिन डिजिटल अरेस्ट कर 30 लाख ठगे

Digital Arrest Scam Patna : दानापुर थाना क्षेत्र के सगुना मोड़ निवासी केंद्र प्रशासन के एक सेवानिवृत्त शिक्षक को साइबर अपराधियों ने करीब 15 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 30 लाख रुपये ठग लिये. आरोपितों ने खुद को दिल्ली पुलिस, सीबीआइ और न्यायालय से जुड़ा बताकर शिक्षक को गिरफ्तारी, मनी लॉन्ड्रिंग और गोपनीय जांच में फंसाने की धमकी दी. उन्होंने दावा किया कि दिल्ली के चांदनी चौक स्थित एक बैंक शाखा में शिक्षक के नाम पर खाता है, जिसमें विदेश से मनी लॉन्ड्रिंग के 6.80 करोड़ रुपये आये हैं. उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होने की बात भी कही गयी. डर से शिक्षक ने एफडी तोड़कर दिये पैसे लगातार दबाव और गिरफ्तारी के डर से शिक्षक ने अपनी एफडी तुड़वाकर 30 लाख रुपये आरोपितों के बताये खाते में भेज दिये. बाद में सोना गिरवी रखने के लिए कहे जाने पर उन्हें ठगी का शक हुआ. भतीजे की मदद से मामले को समझने के बाद उन्होंने पटना साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी. पुलिस मामले की जांच कर रही है. आधार पर सिम निकलने की बात कह शुरू किया ठगी का स्पोर्ट्स पीड़ित शिक्षक जवाहर नवोदय विद्यालय से सेवानिवृत्त हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश प्रशासन के अधीन संविदा पर कार्यरत हैं. वह मुरादाबाद स्थित अटल आवासीय विद्यालय में पढ़ाते हैं. शिक्षक के मुताबिक, 20 सितंबर को उनके व्हाट्सएप पर एक स्त्री का फोन आया. उसने दावा किया कि उनके आधार कार्ड पर एक सिम जारी हुआ है, जिसका नंबर 6787413832 है. स्त्री ने इसी आधार पर शिक्षक का इस्तेमाल वाला मोबाइल नंबर बंद किये जाने की बात कही. वीडियो कॉल पर पुलिस वर्दी में व्यक्ति ने बात की कारण पूछने पर स्त्री ने दिल्ली के बाराखंबा थाने में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज होने की बात बतायी और शिकायत संख्या भी दी. इसके बाद उन्हें कथित तौर पर दिल्ली पुलिस से जोड़ दिया गया. वीडियो कॉल पर पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति ने शिकायत संख्या पूछी और फिर मुख्यालय से संपर्क कराने की बात कही. वहां से शिक्षक को बताया गया कि उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी है और वारंट पर उनका नाम, पता तथा आधार कार्ड का विवरण दर्ज है. फर्जी पासबुक और कोर्ट के आदेश से बनाया दबाव साइबर अपराधियों ने भरोसा दिलाने के लिए कथित तौर पर दिल्ली के चांदनी चौक स्थित बैंक शाखा की पासबुक दिखाई. उसमें शिक्षक का फोटो, नाम और पता दर्ज होने का दावा किया गया. आरोपितों ने कहा कि उनके खाते में विदेश से मनी लॉन्ड्रिंग के 6.80 करोड़ रुपये आये हैं. इसके बाद शिक्षक की बात एक कथित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से करायी गयी. अधिकारी ने उन्हें सीबीआइ के टीम लीडर प्रदीप कुमार सिंह के नाम से आवेदन देने को कहा, ताकि ऑनलाइन जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ायी जा सके. लगातार कॉल करके दबाव बनाया शिक्षक के अनुसार, इसके बाद लगातार फोन कर जांच में सहयोग करने का दबाव बनाया जाने लगा. आरोपितों ने दावा किया कि सुदीप कुमार नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जिसके पास से 180 पासबुक बरामद हुई हैं. इसी मामले से जोड़कर शिक्षक पर भी खाते के बदले दो लाख रुपये और कथित मनी लॉन्ड्रिंग की रकम का 10 प्रतिशत यानी 68 लाख रुपये कमीशन लेने का आरोप लगाया गया. बैंक खातों की जानकारी देकर जीता भरोसा पीड़ित ने बताया कि आरोपित उनके बैंक खातों, संबंधित शाखाओं और बैलेंस तक की जानकारी दे रहे थे. इससे उन्हें लगा कि वास्तव में प्रशासनी एजेंसियां जांच कर रही हैं. ठगों ने कथित तौर पर हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि के दो दिनों तक मौजूद रहने की बात कही. साथ ही दिल्ली सेशन कोर्ट के नाम पर एक आदेश की प्रति भी दिखाई. आरोपितों ने दावा किया कि शिक्षक निर्दोष पाये जाने पर एक माह के भीतर अनापत्ति प्रमाणपत्र दिया जाएगा, जबकि दोषी होने पर उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा. जांच की गोपनीयता भंग होने या आरोपी के भागने पर शिक्षक को भी जिम्मेदार ठहराने की धमकी दी गयी. गिरफ्तारी का डर बढ़ाने के लिए हथकड़ी पहने पांच लोगों की तस्वीर या दृश्य भी दिखाये गये. मुरादाबाद से पटना आये और खाते में भेजे पैसे लगातार मानसिक दबाव के बीच शिक्षक मुरादाबाद से पटना आये. उन्होंने वरिष्ठ नागरिक के रूप में जमा अपनी एफडी तुड़वायी और 30 लाख रुपये आरोपितों के बताये खाते में भेज दिये. ठगों ने उन्हें आइसीआइसीआइ बैंक के माध्यम से रकम भेजने को कहा. उनका दावा था कि मनी लॉन्ड्रिंग की रकम इसी बैंक के खाते में आयी है, इसलिए जांच के लिए उसी माध्यम से पैसे भेजना जरूरी है. उन्होंने 24 घंटे के भीतर रकम लौटाने का भरोसा भी दिया. सोना गिरवी रखने को कहा तो हुआ शक रकम भेजने के करीब दो दिन बाद आरोपितों ने शिक्षक से सोना बैंक में रखकर कर्ज लेने या उसे गलाकर उसकी वास्तविकता से संबंधित प्रमाण भेजने को कहा. इस मांग पर उन्हें संदेह हुआ. उन्होंने अपने भतीजे को पूरी घटना बतायी, जो हिंदुस्तानीय स्टेट बैंक में कार्यरत हैं. भतीजे ने मामले को समझने के बाद साइबर ठगी की आशंका जतायी. इसके बाद पीड़ित ने पटना साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी. पुलिस अब मामले की जांच कर रही है. The post रिटायर्ड शिक्षक को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी, 15 दिन डिजिटल अरेस्ट कर 30 लाख ठगे appeared first on Naya Vichar.

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Video : वोट चोरी के मुद्दे पर CJI से मिलेंगे खरगे और राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा- युवाओं के आंदोलन से डर गई है सरकार

सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत से मुलाकात करेंगे. CJI से दोनों नेताओं की मुलाकात शाम 4 बजे से 5 बजे के बीच होगी. इस दौरान वे मुख्य न्यायाधीश से वोट चोरी के मुद्दे पर अपनी बात रखेंगे. CJI को पत्र लिखकर मुलाकात का समय मांगा कांग्रेस अध्यक्ष ने बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि उन्होंने और राहुल गांधी ने CJI को पत्र लिखकर मुलाकात का समय मांगा है. बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि वे CJI को वोट चोरी मामले की जानकारी देंगे और उनसे इस मुद्दे पर ध्यान देने का अनुरोध करेंगे. खरगे ने कहा कि हमने चीफ जस्टिस से मिलने के लिए सोमवार शाम चार से पांच बजे के बीच का समय मांगा है. हम उन्हें अपनी बात भी बताएंगे, क्योंकि हम मांग नहीं कर सकते. हम उनसे हाथ जोड़कर केवल अनुरोध ही कर सकते हैं. मैंने और राहुल गांधी ने प्रधान न्यायाधीश को पत्र भी लिखे हैं. कांग्रेस अध्यक्ष ने अपनी बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा किया. खरगे बोले : युवाओं के आंदोलन से डर रही है प्रशासन इस दौरान खरगे ने शनिवार को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान लगाई गई पाबंदियों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि सुरक्षा के नाम पर सड़कों को बंद कर दिया गया था. कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान करीब 32,000 पुलिसकर्मियों और 7,500 केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों को तैनात किया गया था. उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती से पता चलता है कि प्रशासन युवाओं के आंदोलन से डर रही है. मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने देशभर में अराजकता का माहौल पैदा किया है. ये भी पढ़ें: CJP नेताओं ने प्रशासन पर लगाया किडनैपिंग का आरोप, सौरव दास ने कहा- देश में बनाया जा रहा डर का माहौल लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए जारी रहेगी लड़ाई : खरगे मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि प्रशासन देश में लोकतंत्र को शांतिपूर्ण तरीके से काम नहीं करने देना चाहती. उन्होंने कहा कि लोगों को अपने विचार रखने और संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करने की आजादी मिलनी चाहिए. खरगे ने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र और लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी. The post Video : वोट चोरी के मुद्दे पर CJI से मिलेंगे खरगे और राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा- युवाओं के आंदोलन से डर गई है प्रशासन appeared first on Naya Vichar.

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VIDEO: दिल्ली पुलिस ने जारी किया अभिजीत दीपके की हिरासत का वीडियो, बोली – कस्टडी में दी थी दादी के निधन की खबर

CJP Protest: दिल्ली पुलिस ने बताया, अभिजीत दीपके को दुखद समाचार की जानकारी दी गई थी. साथ ही, अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उनके गृह नगर जाने और परिवार से बात करने में मदद की पेशकश भी की गई थी, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया. यह वीडियो दीपके की मां और CJP की ओर से पुलिस पर लगाए गए आरोपों के बाद जारी किया गया. दीपके की मां ने आरोप लगाया था कि हिरासत के दौरान उनके बेटे को उसकी दादी के निधन की सूचना नहीं दी गई. पार्टी ने भी पुलिस के रवैये पर सवाल उठाए थे. ‘हरसंभव मदद की पेशकश की गई थी’ दिल्ली पुलिस की डीसीपी (जनसंपर्क) नेहा यादव ने संवाददाता सम्मेलन में वीडियो दिखाते हुए कहा कि जैसे ही पुलिस को दीपके की दादी के निधन की जानकारी मिली, अधिकारियों ने उन्हें इसकी सूचना दी और हरसंभव मदद की पेशकश की. नेहा यादव के मुताबिक, दीपके से पूछा गया कि क्या उन्हें फ्लाइट, फोन कॉल या किसी अन्य तरह की सहायता की जरूरत है. उन्हें अपने माता-पिता से बात करने का विकल्प भी दिया गया, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया. पुलिस ने बताया कि दीपके की दादी लंबे समय से बीमार थीं. शनिवार को पूर्वाह्न करीब 11:30 बजे उनका निधन हो गया था. पुलिस का कहना है कि दीपके को निधन की जानकारी देने के साथ अंतिम संस्कार का निर्धारित समय भी बताया गया था. ये भी पढ़ें: Watch Video : ‘प्राइवेट पार्ट पर मारी लात, मां-बहन की भद्दी गालियां दीं’, नेहा बोरा ने दिखाई डिटेंशन बस की हालत; पुलिस पर बर्बरता का आरोप CJP के प्रदर्शन को अनुमति क्यों नहीं मिली? डीसीपी नेहा यादव ने CJP के पिछले प्रदर्शनों और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि पहले अनुमति दिए जाने के बावजूद पार्टी के प्रदर्शनकारियों ने निर्धारित निर्देशों का पालन नहीं किया था. पुलिस के मुताबिक, पिछले प्रदर्शनों के दौरान पत्थरबाजी, आगजनी और हिंसा की घटनाएं हुई थीं, जिससे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा था. उन्होंने कहा कि तय प्रक्रियाओं का पालन नहीं करने और मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए जनपथ पर प्रस्तावित धरने की अनुमति नहीं दी गई. पुलिस ने दिल्ली के कई इलाकों में हिंदुस्तानीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू किए जाने का भी हवाला दिया और कहा कि सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया. ये भी पढ़ें: जंतर-मंतर प्रदर्शन : गृह मंत्रालय को SC ने भेजा कारण बताओ नोटिस, 5 प्वाइंट्स में समझिए कोर्ट में क्या हुआ? विमान से हिरासत में लिए गए थे CJP के तीन नेता CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने एक विमान के भीतर से हिरासत में लिया था. पुलिस ने नई दिल्ली इलाके में लागू निषेधाज्ञा और प्रक्रियागत आवश्यकताओं का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था. बाद में तीनों को एहतियातन गिरफ्तार किया गया. रविवार सुबह कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया. CJP की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने दावा किया कि तीनों को इस शर्त पर रिहा किया गया कि वे एक साल तक शांति भंग नहीं करेंगे. पार्टी ने उनकी रिहाई को बयान जारी कर ‘बड़ी कानूनी जीत’ बताया. The post VIDEO: दिल्ली पुलिस ने जारी किया अभिजीत दीपके की हिरासत का वीडियो, बोली – कस्टडी में दी थी दादी के निधन की समाचार appeared first on Naya Vichar.

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Video: प्रदर्शन के दौरान बदहवास भागती नजर आईं नेहा बोरा, हिरासत में प्रदर्शनकारियों से दुर्व्यवहार का आरोप

Delhi Protest: दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर रविवार को विरोध प्रदर्शन जारी रहा. इस बीच, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में वह अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ भागती और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाती दिखाई दे रही हैं. बैरिकेड पार कर कनॉट प्लेस पहुंचीं नेहा बोरा नेहा बोरा ने खुद यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया. उन्होंने लिखा, “हमने बैरिकेड्स पार किए और कनॉट प्लेस पहुंच गए. आंदोलन का जोश बरकरार है और हमारी आवाज सुनी जाती रहेगी.” वीडियो फुटेज में बोरा और आइसा के अन्य सदस्य कनॉट प्लेस के इनर सर्कल और राजीव चौक के आसपास नारेबाजी करते नजर आ रहे हैं. प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए. इसी दौरान सुरक्षाकर्मी उनकी ओर बढ़े और उन्हें रोकने की कोशिश की. इसके बाद नेहा बोरा समेत कई प्रदर्शनकारी भागते दिखाई दिए. बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. नेहा बोरा का आरोप, हिरासत में प्रदर्शनकारियों के निजी अंगों पर मारी गई लातें हिरासत में लिए जाने के बाद नेहा बोरा ने एक और वीडियो एक्स पर साझा किया. इसमें उन्होंने पुलिस की हिरासत वाली बसों की व्यवस्था पर सवाल उठाए और प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार का आरोप लगाया. बोरा ने दावा किया कि हिरासत में लिए गए पुरुष प्रदर्शनकारियों को मां-बहन, जाति और धर्म को लेकर गालियां दी गईं. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रदर्शनकारियों के निजी अंगों पर लातें मारी गईं. स्त्रीओं को भी छोटी-छोटी जगहों में बड़ी संख्या में रखा गया. नेहा बोरा के मुताबिक, हिरासत में लिए गए लोगों को ऐसी बसों में रखा गया, जिनकी खिड़कियों पर जालियां लगी थीं और अंदर छोटे-छोटे अलग सेल बनाए गए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि इन जगहों पर सांस लेने के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी. उन्होंने हिरासत की इस व्यवस्था को लेकर दिल्ली पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की कार्रवाई पर सवाल उठाए. बोरा ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग और कथित अभद्र व्यवहार का मकसद ज्ञानेश कुमार को बचाना है. उन्होंने केंद्र प्रशासन और भाजपा-आरएसएस पर भी निशाना साधा. दिल्ली में कहां-कहां हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारी? रविवार को दिल्ली के कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की कोशिश की. पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया. आरके आश्रम मार्ग मेट्रो स्टेशन के पास 40 से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी पुलिस सूत्रों ने दी. दोपहर तक पूरे शहर में हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या करीब 100 बताई गई. स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), आइसा और क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) के सदस्यों के अलावा कॉजपा समर्थकों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया. प्रदर्शनकारियों को कनॉट प्लेस, राजीव चौक और अन्य स्थानों पर नारेबाजी करते देखा गया. एसएफआई ने दावा किया कि उसके सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर नांगलोई स्थित सूरजमल स्टेडियम ले जाया गया. संगठन के मुताबिक, उसके अखिल हिंदुस्तानीय अध्यक्ष आदर्श एम साजी, दिल्ली प्रदेश सचिव सूरज एलामोन और केंद्रीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य अभिजीत मणिलाल को भी हिरासत में लिया गया. एसएफआई ने आरोप लगाया कि पुलिस की पिंजरे जैसी वैन में उसके नेताओं के साथ मारपीट की गई. संगठन ने यह भी दावा किया कि माकपा सांसद जॉन ब्रिटास पर हमला किया गया और बाद में उन्हें घायल अवस्था में सड़क किनारे छोड़ दिया गया. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. जंतर-मंतर जाने से रोकने के लिए भारी सुरक्षा व्यवस्था प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए राजधानी के कई हिस्सों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई. सुरक्षा व्यवस्था के तहत दिल्ली में 30,000 से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए जाने की जानकारी दी गई. ये भी पढ़ें: CJP नेताओं ने प्रशासन पर लगाया किडनैपिंग का आरोप, सौरव दास ने कहा- देश में बनाया जा रहा डर का माहौल The post Video: प्रदर्शन के दौरान बदहवास भागती नजर आईं नेहा बोरा, हिरासत में प्रदर्शनकारियों से दुर्व्यवहार का आरोप appeared first on Naya Vichar.

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यौन उत्पीड़न के आरोपी सांसद पर घिरी कांग्रेस, सोमवार को पूरे झारखंड में पार्टी दफ्तर घेरेगी BJP

रांची : जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्राध्यापक और कांग्रेस के लोकसभा सदस्य डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजाम पर छात्राओं द्वारा लगाए गए यौन शौषण के आरोपों के बाद झारखंड की नेतृत्व में भूचाल आ गया है. इस विषय को लेकर हिंदुस्तानीय जनता पार्टी ने केंद्र के प्रमुख विपक्षी दल के विरुद्ध पूरे प्रदेश में विशाल जन-आंदोलन खड़ा करने का निर्णय लिया है. पार्टी के राज्य महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने यह घोषणा की कि आने वाली 12 तारीख को प्रदेश भर के तमाम जिलों में स्थित कांग्रेस कमेटियों के कार्यालयों के समक्ष स्त्री मोर्चा के नेतृत्व में उग्र विरोध-प्रदर्शन तथा धरना दिया जाएगा. सांसद के पद छोड़ने तक नहीं थमेगा विरोध भाजपा महामंत्री ने स्पष्ट किया कि जब तक दोषी संसद सदस्य अपने पद से त्यागपत्र नहीं दे देते, तब तक पार्टी का यह संघर्ष अलग-अलग तरीकों से लगातार जारी रहेगा. इस राष्ट्रव्यापी एवं राज्यव्यापी अभियान के जरिए स्त्री मोर्चा की कार्यकर्ता समाज में स्त्रियों के स्वाभिमान, उनकी हिफाजत तथा जनप्रतिनिधियों की सामाजिक जिम्मेदारी जैसे गंभीर विषयों को मजबूती से उठाएंगी. उन्होंने कहा कि नारी गरिमा से जुड़े इस अति-संवेदनशील मामले में ढिलाई कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. ये भी पढ़ें: झारखंड में परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए बदलाव, जेटेट की हर OMR शीट पर पहले से छपा रहेगा अभ्यर्थी का नाम और रोल नंबर बीजेपी ने विपक्षी दल के दोहरे चरित्र पर खड़े किए सवाल अमर कुमार बाउरी ने विपक्षी पार्टी के रवैये की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि एक तरफ तो यह दल सार्वजनिक मंचों से स्त्रीओं के अधिकारों और उनके संरक्षण का ढोंग रचता है, वहीं दूसरी तरफ स्वयं के सांसद पर लगे इतने संगीन आरोपों के बावजूद उनका शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह मौन साधकर बैठा हुआ है. उन्होंने प्रश्न उठाया कि जब उनकी अपनी पार्टी का प्रतिनिधि ऐसी गंभीर घटना में संलिप्त है, तब पार्टी का केंद्रीय आलाकमान सामने आकर अपना स्पष्ट रुख जाहिर करने से आखिर क्यों कतरा रही है? ये भी पढ़ें: Jharkhand Weather: दुर्गा पूजा के बीच बदलेगा झारखंड का मौसम, तीन दिनों तक गरज-चमक और तेज हवा का अलर्ट The post यौन उत्पीड़न के आरोपी सांसद पर घिरी कांग्रेस, सोमवार को पूरे झारखंड में पार्टी दफ्तर घेरेगी BJP appeared first on Naya Vichar.

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कांग्रेस मुख्यालय में चले जूते-चप्पल, आराधना मिश्रा के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में हंगामा, धरने पर बैठे अजय राय

Lucknow Congress Headquarters: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को कांग्रेस मुख्यालय में उस समय हंगामा मच गया, जब पार्टी की वरिष्ठ नेता आराधना मिश्रा पदभार ग्रहण करने पहुंचीं. कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के दो पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया. देखते ही देखते कहासुनी ने झगड़े का रूप ले लिया. परिसर में धक्का-मुक्की और नारेबाजी होने लगी. इस दौरान जूते-चप्पल चलने की भी समाचार सामने आई. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे पार्टी की अंदरूनी कलह चर्चा में आ गई. पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ विवाद लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आराधना मिश्रा के पदभार ग्रहण करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया था. इस दौरान पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे. कार्यक्रम के बीच किसी बात को लेकर नेताओं के समर्थकों में कहासुनी शुरू हो गई. धीरे-धीरे विवाद बढ़ता गया और दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए. इसके बाद कार्यालय परिसर में धक्का-मुक्की और नारेबाजी होने लगी. मौके पर मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कार्यक्रम प्रभावित हुआ. कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई, जूते-चप्पल चलने का आरोप विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस मुख्यालय में मौजूद कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई होने की जानकारी सामने आई. इस दौरान जूते-चप्पल चलने की बात भी कही गई है. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने पार्टी की नेत्री ममता चौधरी पर उनके साथ बदसलूकी करने का आरोप लगाया. घटना के दौरान दोनों पक्षों के समर्थकों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की. कुछ लोगों पर अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप भी लगे. इस पूरे घटनाक्रम से पार्टी कार्यालय में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई. प्रमोद तिवारी और इमरान मसूद ने संभाली स्थिति कांग्रेस मुख्यालय में विवाद बढ़ता देख वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी और इमरान मसूद मौके पर पहुंचे. दोनों नेताओं ने नाराज कार्यकर्ताओं को शांत कराने और स्थिति को संभालने की कोशिश की. उन्होंने बीच-बचाव करते हुए अजय राय को सुरक्षित तरीके से कार्यक्रम स्थल के अंदर पहुंचाया. काफी देर तक चले इस घटनाक्रम के बाद वहां मौजूद लोगों के बीच पार्टी की गुटबाजी को लेकर चर्चा होने लगी. इस घटना ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस के भीतर आपसी मतभेदों को फिर से उजागर कर दिया है. कांग्रेस की अंदरूनी कलह फिर आई चर्चा में लखनऊ में कांग्रेस मुख्यालय पर हुई इस घटना के बाद पार्टी के भीतर आपसी तालमेल और संगठनात्मक एकता को लेकर सवाल उठने लगे हैं. पदभार ग्रहण जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं के बीच विवाद सामने आना पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा करता है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के कारण भी यह मामला चर्चा में है. हालांकि, विवाद के पीछे की पूरी वजह और सभी पक्षों का विस्तृत बयान सामने आना बाकी है. ऐसे में घटना से जुड़े आरोपों की पुष्टि के लिए आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है. Must Read: UP Weather Today: यूपी में फिर बढ़ेगी गर्मी, पश्चिमी जिलों में बारिश के आसार, लखनऊ और आगरा का जानें हाल The post कांग्रेस मुख्यालय में चले जूते-चप्पल, आराधना मिश्रा के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में हंगामा, धरने पर बैठे अजय राय appeared first on Naya Vichar.

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IND vs WI 3rd T20I LIVE: संजू के रूप में गिरा भारत का पहला विकेट, ईशान-अभिषेक की जोड़ी क्रीज पर

IND vs WI 3rd T20: हिंदुस्तान और वेस्टइंडीज के बीच 5 मैचों की सीरीज अभी 1-1 की बराबरी पर खड़ा है. संडे को इंदौर के होल्कर स्टेडियम में मैच स्पोर्ट्सा जा रहा है. वेस्टइंडीज टॉस जीतकर पहले बॉलिंग कर रही है. मैच से संबंधित पल-पल के अपडेट के लिए हमारे साथ जुड़ें. The post IND vs WI 3rd T20I LIVE: संजू के रूप में गिरा हिंदुस्तान का पहला विकेट, ईशान-अभिषेक की जोड़ी क्रीज पर appeared first on Naya Vichar.

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IND vs WI 3rd T20I LIVE: इंदौर के होल्कर में हाई स्कोरिंग मैच की उम्मीद, शाम 6 बजकर 30 मिनट पर होगा टॉस

IND vs WI 3rd T20: हिंदुस्तान और वेस्टइंडीज के बीच 5 मैचों की सीरीज अभी 1-1 की बराबरी पर खड़ा है. संडे शाम इंदौर के होल्कर स्टेडियम में हाई स्कोरिंग मैच की उम्मीद है. मैच से संबंधित पल-पल के अपडेट के लिए हमारे साथ जुड़ें. The post IND vs WI 3rd T20I LIVE: इंदौर के होल्कर में हाई स्कोरिंग मैच की उम्मीद, शाम 6 बजकर 30 मिनट पर होगा टॉस appeared first on Naya Vichar.

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CJP Protest: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं रुकी दिल्ली पुलिस, कनॉट प्लेस से 100 प्रदर्शनकारी हिरासत में

CJP Protest : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में रविवार को भी पुलिस की कार्रवाई जारी रही. कनॉट प्लेस इलाके से करीब 100 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर दो बसों में वहां से ले जाया गया. हिरासत में लिए गए लोगों में CPI(M) नेता जॉन ब्रिटास भी शामिल थे. यह कार्रवाई ऐसे समय हुई, जब सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शांतिपूर्ण और निहत्थे प्रदर्शनकारियों को कानून में तय प्रक्रिया के अलावा हिरासत में नहीं लिया जा सकता. सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की विशेष पीठ ने रविवार को तत्काल सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया. याचिकाओं में बड़े पैमाने पर हिरासत, लोगों की आवाजाही पर रोक, इंटरनेट सेवाओं में बाधा और 9 अक्टूबर के आदेश का पालन नहीं होने का आरोप लगाया गया था. कोर्ट ने दिल्ली में मेट्रो और रेल सेवाएं सामान्य रूप से चलाने, इंटरनेट कनेक्टिविटी बाधित नहीं करने और लोगों की आवाजाही बहाल करने का निर्देश दिया. साथ ही सुप्रीम कोर्ट और अन्य अदालत परिसरों के आसपास लगाए गए निषेधात्मक प्रतिबंधों से जुड़ा नोटिस हटाने को कहा, ताकि लोगों को न्याय तक पहुंचने में परेशानी न हो. कनॉट प्लेस से लोगों को बसों में ले गई पुलिस हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कनॉट प्लेस में प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ने पर पुलिस ने करीब 100 लोगों को दो बसों में बैठाकर वहां से हटाया. एक व्यक्ति को प्रदर्शनकारी होने के संदेह में बर्गर आउटलेट से बाहर लाया गया. वीडियो में वह पुलिसकर्मियों से कहता दिखा कि वह केवल वहां खड़ा था और उनके साथ नहीं जाएगा. बाद में पुलिस ने उसे छोड़ दिया. आरके आश्रम इलाके में कम से कम चार पत्रकारों को भी कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया. भीड़ बढ़ने के बीच हिरासत में लिए गए लोगों को ले जाने के लिए कई खाली बसें भी देखी गईं. जॉन ब्रिटास ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल CPI(M) नेता जॉन ब्रिटास ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ बल प्रयोग किया गया. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करना लोगों का अधिकार है और ऐसी कार्रवाई से आंदोलन रुकने के बजाय और तेज हो सकता है. हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति ने भी दावा किया कि वह शांतिपूर्वक वहां खड़ा था. उसने सवाल उठाया कि प्रदर्शन करना लोगों का अधिकार होने के बावजूद उन्हें हिरासत में क्यों लिया जा रहा है. दिल्ली पुलिस ने 20 से ज्यादा FIR दर्ज कीं दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार को प्रतिबंधों के बावजूद प्रदर्शन की कोशिशों के सिलसिले में 20 से अधिक FIR दर्ज की गई हैं. एक अधिकारी ने बताया कि पुलिसकर्मियों पर कथित हमलों, कानून-व्यवस्था बाधित करने और प्रशासनी अधिकारियों के काम में रुकावट डालने के आरोपों की भी जांच की जा रही है. ये भी पढ़ें: Bangla Sahib Gurudwara: बंगला साहिब में प्रदर्शन को लेकर केजरीवाल की बढ़ीं मुश्किलें, DSGMC ने दिल्ली पुलिस में दर्ज कराई शिकायत CJP की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को अपने अधिकारों के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख करना पड़ना गंभीर सवाल खड़े करता है. समाचार लिखे जाने तक दिल्ली पुलिस की ओर से रविवार की कार्रवाई पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी. फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई और आदेशों के पालन पर नजर बनी हुई है. The post CJP Protest: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं रुकी दिल्ली पुलिस, कनॉट प्लेस से 100 प्रदर्शनकारी हिरासत में appeared first on Naya Vichar.

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