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Author name: Vinod Jha

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ट्विशा शर्मा की मौत की जांच अब सीबीआई करेगी, भाई ने कहा-निष्पक्ष जांच की उम्मीद जगी

Twisha Sharma death case : भोपाल के ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच अब सीबीआई करेगी. मध्यप्रदेश प्रशासन ने उसके परिवार की मांग पर सीबीआई जांच की सिफारिश की है. ट्विशा शर्मा का शव 11-12 मई की रात को उसके ससुराल में फांसी से लटका मिला था. ट्विशा के भाई ने कहा-निष्पक्ष जांच की ओर पहला कदम ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने सीबीआई जांच की सिफारिश पर कहा कि यह एक निष्पक्ष जांच की ओर पहला कदम है जिसकी हम मांग कर रहे थे. यह एक महत्वपूर्ण डेवलपमेंट है. हम शुरू से ही निष्पक्ष जांच और न्याय के लिए लड़ रहे थे. यह हम सभी की लड़ाई है, जो भी ट्विशा से जुड़े थे, उनकी लड़ाई है. सीबीआई जांच की सिफारिश हमारी छोटी जीत है, लेकिन अभी बड़ी लड़ाई बाकी है. ट्विशा का पति फरार Madhya Pradesh government recommends CBI investigation into Twisha Sharma death case pic.twitter.com/AkutW8XADc — ANI (@ANI) May 22, 2026 ट्विशा की मौत के बाद से उसका पति समर्थ सिंह फरार है. पुलिस उसकी गिरफ्तारी की पूरी कोशिश कर रही है. भोपाल के पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए काम कर रहे हैं और उसकी अग्रिम जमानत रद्द करने के लिए हाई कोर्ट में याचिका भी दायर की है. फरार समर्थ सिंह ने अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट में दाखिल की है. ट्विशा की सास के वकील एनोश जॉर्ज ने खोया आपा #WATCH | Twisha Sharma death case | Bhopal, Madhya Pradesh: Twisha Sharma’s mother-in-law Giribala Singh’s lawyer, Enosh George loses his cool as he leaves from her residence, while journalists asked him questions related to the case. pic.twitter.com/RI2q6q91xZ — ANI (@ANI) May 22, 2026 सीबीआई जांच की सिफारिश की सूचना सामने आने के बाद ट्विशा की सास के वकील एनोश जॉर्ज ने कहा कि जरूर जांच होनी चाहिए. मीडिया ने जब उनसे यह सवाल पूछा कि वे ट्विशा की सास के साथ क्या उनका बयान दर्ज कराने जा रहे हैं, तो उन्होंने अपना आपा खो दिया और मीडिया पर भड़क उठे. ट्विशा की सास एक पूर्व जज हैं, उनसे भी इस केस में पूछताछ हो रही है. ये भी पढ़ें : नमाज पर प्रतिबंध के बाद भोजशाला मंदिर परिसर में पहली बार शुक्रवार को हुई पूजा, सुरक्षाकर्मी मुस्तैद सीएम विजय ने एक बार फिर किया मंत्रिमंडल का विस्तार, IUML और VCK के 1-1 विधायक बने मंत्री The post ट्विशा शर्मा की मौत की जांच अब सीबीआई करेगी, भाई ने कहा-निष्पक्ष जांच की उम्मीद जगी appeared first on Naya Vichar.

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लालू प्रसाद को सिविल कोर्ट से राहत, सिंगापुर जाने की मिली इजाजत

रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट Lalu Prasad Fodder Scam: चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता और फिलहाल जमानत पर चल रहे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद को रांची सिविल कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. अदालत ने उन्हें इलाज और रूटीन मेडिकल चेकअप के लिए सिंगापुर जाने की अनुमति दे दी है. इसके साथ ही कोर्ट ने उनका पासपोर्ट भी रिलीज करने का आदेश दिया है. लालू प्रसाद जून के पहले सप्ताह में सिंगापुर रवाना हो सकते हैं. किडनी ट्रांसप्लांट के बाद होगा रूटीन चेकअप जानकारी के अनुसार, लालू प्रसाद किडनी ट्रांसप्लांट के बाद नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए सिंगापुर जाएंगे. दिसंबर 2022 में सिंगापुर के माउंट एलीजाबेथ अस्पताल में उनका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था. अब उसी अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें रूटीन चेकअप के लिए बुलाया है. लालू प्रसाद की ओर से अदालत में आवेदन देकर सिंगापुर जाने और पासपोर्ट रिलीज करने की अनुमति मांगी गई थी. आवेदन में बताया गया कि डॉक्टरों ने एक जून के बाद जांच के लिए बुलाया है, इसलिए विदेश यात्रा की अनुमति जरूरी है. अदालत ने मेडिकल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उन्हें राहत प्रदान की. अपर न्यायायुक्त की अदालत ने सुनाया आदेश रांची सिविल कोर्ट के अपर न्यायायुक्त अखिलेश कुमार तिवारी की अदालत में इस मामले पर सुनवाई हुई. सुनवाई के बाद अदालत ने लालू प्रसाद को सिंगापुर जाने की अनुमति देते हुए उनका पासपोर्ट रिलीज करने का आदेश दिया. कोर्ट के फैसले के बाद राजद समर्थकों में खुशी का माहौल देखा गया. लालू प्रसाद की सेहत पिछले कुछ वर्षों से लगातार चर्चा में रही है. किडनी संबंधी गंभीर समस्या के कारण उन्हें लंबे समय तक इलाज कराना पड़ा था. परिवार और डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चलता रहा है. इसे भी पढ़ें: डीएवी कपिलदेव के पूर्व प्रिंसिपल को तीन साल की सजा, यौन उत्पीड़न मामले में कोर्ट का फैसला चारा घोटाला मामले में हैं सजायाफ्ता बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता हैं. चारा घोटाले से जुड़े कई मामलों में उन्हें सजा सुनाई जा चुकी है. डोरंडा, चाईबासा, देवघर और दुमका कोषागार से करोड़ों रुपये की अवैध निकासी के मामलों में सीबीआई की विशेष अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया था. हालांकि, स्वास्थ्य कारणों और अन्य कानूनी आधारों पर उन्हें फिलहाल जमानत मिली हुई है. इसी वजह से विदेश यात्रा के लिए उन्हें अदालत से अनुमति लेनी पड़ी. अदालत की अनुमति मिलने के बाद अब उनके जून में सिंगापुर जाने का रास्ता साफ हो गया है. इसे भी पढ़ें: तेलंगाना में सरेंडर करने वाले नक्सलियों का झारखंड से है कनेक्शन, चाईबासा में फैला रखा था नेटवर्क The post लालू प्रसाद को सिविल कोर्ट से राहत, सिंगापुर जाने की मिली इजाजत appeared first on Naya Vichar.

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Used Car Market में AI की एंट्री, Spinny के बॉट ने किया ऐसा नेगोशिएशन, यूजर भी रह गया दंग

हिंदुस्तान में एआई अब सिर्फ चैटबॉट या फोटो एडिटिंग तक सीमित नहीं रहा. अब यह लोगों की रोजमर्रा की खरीद-बिक्री में भी एंट्री कर चुका है. हाल ही में एक यूजर ने सोशल मीडिया पर ऐसा अनुभव शेयर किया जिसने दिखा दिया कि आने वाले समय में कार खरीदने और बेचने का तरीका पूरी तरह बदल सकता है. यूजर ने बताया कि उसने अपने पिता की पुरानी कार एक एआई वॉइस बॉट से बात करके बेच दी. हैरानी की बात यह रही कि बातचीत इतनी नेचुरल थी कि उसे कई बार लगा ही नहीं कि सामने कोई मशीन है. “मैं आर्यन बोल रहा हूं” से शुरू हुई बातचीत यूजर के मुताबिक, उसे इस्तेमाल की गई कार खरीदने-बेचने वाली कंपनी स्पिन्नी की तरफ से कॉल आया. कॉल की शुरुआत हिंदी में हुई और सामने से आवाज आई, “मैं आर्यन बोल रहा हूं.” शुरुआत में यूजर को लगा कि कोई सामान्य सेल्स एजेंट बात कर रहा है, लेकिन बाद में पता चला कि यह एआई आधारित वॉइस असिस्टेंट था. दिलचस्प बात यह रही कि एआई सिर्फ स्क्रिप्ट पढ़ने वाला सिस्टम नहीं था. उसने कार की मार्केट वैल्यू, डीजल वेरिएंट की मांग और डिप्रिसिएशन जैसे मुद्दों पर तर्क देते हुए कीमत पर बातचीत की. यूजर ने बताया कि एआई बॉट ने बिल्कुल इंसानों की तरह बातचीत की और हर सवाल का जवाब काफी शांति से दिया. एआई ने ऐसे किया प्राइस नेगोशिएशन कार बेचते समय सबसे बड़ी परेशानी लगातार मोलभाव और अलग-अलग ऑफर्स की होती है. लेकिन इस मामले में एआई बॉट ने पूरे प्रॉसेस को आसान बना दिया. यूजर ने जब अपनी अंतिम कीमत बताई, तो एआई ने जवाब दिया कि वह “सीनियर से कंसल्ट” करके बताता है. कुछ देर बाद एआई वापस आया और डील को मंजूरी दे दी. यूजर ने लिखा कि यह उसकी पहली ऐसी डील थी जो किसी एआई वॉइस बॉट के साथ पूरी हुई. सबसे खास बात यह रही कि बातचीत के दौरान कहीं भी चिढ़ या दबाव जैसा अनुभव नहीं हुआ, जो अक्सर इंसानी डीलर्स के साथ देखने को मिलता है. हिंदुस्तान के ऑटो मार्केट में तेजी से बढ़ रही एआई की एंट्री यह घटना दिखाती है कि हिंदुस्तान के ऑटोमोबाइल सेक्टर में एआई अब बैकग्राउंड टेक्नोलॉजी नहीं रह गया है. कंपनियां अब एआई का इस्तेमाल प्राइसिंग, कस्टमर सपोर्ट, कार वैल्यूएशन और डील क्लोजिंग जैसे कामों में करने लगी हैं. खासतौर पर इस्तेमाल की गई कारों के बाजार में एआई की भूमिका तेजी से बढ़ सकती है, क्योंकि यहां ग्राहकों को तेज और पारदर्शी अनुभव चाहिए होता है. एआई सिस्टम डेटा के आधार पर तुरंत वैल्यू तय कर सकते हैं और बिना भावनात्मक दबाव के बातचीत पूरी कर सकते हैं. यूजर्स को क्यों पसंद आ रहा है यह बदलाव कई लोगों के लिए कार बेचने का अनुभव तनावभरा होता है. बार-बार कॉल, कम कीमत के ऑफर और लंबा प्रॉसेस लोगों को परेशान कर देता है. ऐसे में एआई आधारित सिस्टम ग्राहकों को ज्यादा सहज अनुभव दे सकते हैं. इस मामले में भी यूजर ने कहा कि असली मानव टीम से ज्यादा तेज और स्मूद बातचीत एआई बॉट ने की. यही वजह है कि अब लोग एआई को सिर्फ तकनीक नहीं बल्कि उपयोगी सहायक के तौर पर देखने लगे हैं. आने वाले समय में और बदल सकता है कार खरीदने-बेचने का तरीका ऑटो इंडस्ट्री में एआई की मौजूदगी अब और गहरी होने वाली है. आने वाले समय में एआई न सिर्फ कार बेचने में मदद करेगा, बल्कि टेस्ट ड्राइव बुकिंग, फाइनेंस ऑप्शन, इंश्योरेंस और सर्विस शेड्यूल तक संभाल सकता है. जिस तरह डिजिटल पेमेंट्स कुछ सालों में सामान्य बन गए, उसी तरह एआई आधारित बातचीत भी जल्द रोजमर्रा का हिस्सा बन सकती है. और इसकी शुरुआत शायद उसी एक लाइन से हो चुकी है – “मैं आर्यन बोल रहा हूं.” यह भी पढ़ें: AI और 5G से बदल जाएगी ऑटो इंडस्ट्री; Google, Tesla और Xiaomi क्यों बदल रहे कारों का भविष्य? The post Used Car Market में AI की एंट्री, Spinny के बॉट ने किया ऐसा नेगोशिएशन, यूजर भी रह गया दंग appeared first on Naya Vichar.

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हर समय ऑनलाइन रहने की वजह से कहीं आपके रिश्ते बर्बाद तो नहीं हो रहे? देर होने से पहले संभल जाएं

Relationship Tips: आज के समय में हम सभी स्मार्टफोन और इंटरनेट से घिरे हुए हैं. ये हमारी जिंदगी का एक ऐसा हिस्सा बन चुका है जिसके बिना हम खुद को 5 मिनट के लिए भी सोच नहीं पाते हैं. सुबह उठती ही नोटिफिकेशन चेक करना, पूरे-पूरे दिन सोशल मीडिया पर एक्टिव रहना और रात को सोने से पहले तक अपने दोस्तों के साथ रील्स शेयर करना एक आदत सी बन गयी है. अगर आप भी इन्हीं में से हैं तो आपको थोड़ी देर ठहरकर सोचना चाहिए. कई बार आपके दिनभर ऑनलाइन रहने की आदत आपके रिश्तों, दोस्ती और प्यार पर भी काफी बुरा असर डाल सकता है. आपको यह जानकर हैरानी हो लेकिन स्क्रीन टाइम अगर ज्यादा हो तो इससे इमोशनल दूरी बढ़ने लगती है, आपस में बातचीत होना बंद हो जाता है और इसके अलावा कई बार रिश्तों में गलतफहमियां भी बढ़ने लगती है. आज इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे ही कुछ और नुकसानों के बारे में बताने वाले हैं जो आपके रिश्तों को पहुंचते हैं, जब आप पूरे-पूरी दिन सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने लग जाते हैं. तो चलिए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से. आमने-सामने बातचीत में हो जाती है कमी जब आप अपना ज्यादातर समय ऑनलाइन रहने में बिता देते हैं, तो इससे आपको अपने ही घर के लोगों के साथ आराम से बैठकर बात करने का मौका नहीं मिलता है. धीरे-धीरे यह एक आदत की तरह बन जाती है. जहां आप पहले अपनी बातें परिवार के साथ शेयर करते थे, वही अब आपका सारा समय स्मार्टफोन की स्क्रीन की तरफ देखते हुए बीत जाता है. लंबे समय तक ऐसा होते रहने से रिश्तों में अपनापन कम होने लगता है और इमोशनल कनेक्शन भी कमजोर पड़ने लगता है. ये भी पढ़ें: पार्टनर करने लगा इग्नोर तो टेंशन लेने की जरूरत नहीं, ये छोटे स्टेप्स एक बार फिर आप दोनों को लाएंगे करीब होने लगती है फोकस और समय की कमी अगर आप अपने रिश्तों को मजबूत बनाना चाहते हैं तो इसके लिए यह काफी जरूरी हो जाता है कि आप उन्हें समय जरूर दें. लेकिन जब आप अपना ज्यादातर समय ऑनलाइन रहने में बर्बाद कर देते हैं, तो अनजाने में ही अपनों को समय देना कम कर देते हैं. बार-बार अगर ऐसा होता रहे, तो आपके आसपास लोगों को ऐसा लगने लगता है जैसे आपको उनकी जरूरत ही नहीं है. अगर इस सोच को आप बढ़ने देते हैं, तो धीरे-धीरे रिश्तों में दूरियां और स्ट्रेस बढ़ने लग जाते हैं. गलतफहमी और भरोसे की समस्या जब आप किसी से ऑनलाइन चैट या फिर बात कर रहे होते हैं तो इस समय आप दोनों के लिए एक-दूसरे के इमोशंस को समझना काफी ज्यादा कठिन हो जाता है. एक छोटा सा मैसेज या फिर इमोजी भी सामने वाले को बातों का गलत मतलब निकालने को मजबूर कर सकता है. इसके अलावा जब आप अपना ज्यादातर समय ऑनलाइन बिताते हैं, तो कई बार इसकी वजह से अपने पार्टनर या परिवार के अंदर इनसिक्योरिटी बढ़ सकती है. लंबे समय तक अगर ऐसा होता रहे तो रिश्तों में शक बढ़ने लगता है और भरोसा भी टूटने लग जाता है. ये भी पढ़ें: पार्टनर करने लगा इग्नोर तो टेंशन लेने की जरूरत नहीं, ये छोटे स्टेप्स एक बार फिर आप दोनों को लाएंगे करीब इमोशनली होने लग जाते हैं दूर अगर आप रिश्तों को गहरा बनाना चाहते हैं तो इसके लिए सिर्फ आपके लिए एक-दूसरे से बात करना ही काफी नहीं होता है. अगर आप रिश्तों को मजबूती देना चाहते हैं तो आप दोनों के लिए साथ में समय बिताना भी उतना ही जरूरी हो जाता है. वहीं, जब आप अपना ज्यादातर समय स्मार्टफोन में ऑनलाइन रहकर बर्बाद कर देते हैं तो देखते ही देखते इमोशनल कनेक्शन कम होने लग जाता है. ऐसा होने का इकलौता नतीजा यही होता है कि रिश्तों में फॉर्मेलिटी बढ़ने लग जाती है. बच्चों और युवाओं पर पड़ता है ज्यादा असर आज के समय में बड़ों के साथ-साथ शिशु भी अपना ज्यादातर समय सोसाइल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग के बीच बिताने लग गए हैं. पूरे-पूरे दिन स्मार्टफोन में लगे रहने की वजह से वे अपने परिवार के साथ कम समय बिताने लग जाते हैं और एक असली सोशल कन्वर्सेशन से दूर होने लग जाते हैं. ऐसा होने की वजह से उनके व्यवहार और रिश्तों को समझने की कैपिसिटी कमजोर होने लग जाती है. ये भी पढ़ें: हर छोटी से छोटी बात पर होने लगा है पार्टनर से झगड़ा? बिना देरी किये बदल लें ये आदतें The post हर समय ऑनलाइन रहने की वजह से कहीं आपके रिश्ते बर्बाद तो नहीं हो रहे? देर होने से पहले संभल जाएं appeared first on Naya Vichar.

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डीएवी कपिलदेव के पूर्व प्रिंसिपल को तीन साल की सजा, यौन उत्पीड़न मामले में कोर्ट का फैसला

रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट Ranchi News: रांची से सामने आए चर्चित यौन उत्पीड़न मामले में सिविल कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. झारखंड की राजधानी रांची स्थित डीएवी कपिलदेव पब्लिक स्कूल के पूर्व प्रिंसिपल मनोज कुमार सिन्हा को नर्सिंग स्टाफ के साथ छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के मामले में तीन साल की सजा सुनाई गई है. अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. यह फैसला शुक्रवार को अपर न्यायायुक्त अरविंद कुमार की अदालत ने सुनाया. कोर्ट के फैसले के बाद शिक्षा जगत और शहर में इस मामले की चर्चा तेज हो गई है. गुरुवार को दोषी करार, शुक्रवार को सुनाई गई सजा इस मामले में अदालत ने गुरुवार को ही मनोज कुमार सिन्हा को दोषी करार दे दिया था. सुनवाई के दौरान अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों और जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्हें यौन उत्पीड़न के आरोप में दोषी माना. इसके बाद अदालत ने सजा के बिंदु पर फैसला सुरक्षित रख लिया था. शुक्रवार को सजा सुनाते हुए कोर्ट ने तीन साल की कैद और आर्थिक दंड का आदेश दिया. पीड़िता की ओर से अधिवक्ता खुशबू कटारुका और अधिवक्ता शुभम कटारुका ने अदालत में पक्ष रखा. दोनों अधिवक्ताओं ने अदालत को बताया कि पीड़िता को लंबे समय तक मानसिक प्रताड़ना और दबाव का सामना करना पड़ा. कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सजा सुनाई. मई 2022 में दर्ज हुई थी प्राथमिकी मामले की शुरुआत मई 2022 में हुई थी, जब स्कूल की एक स्त्री कर्मी ने तत्कालीन प्रिंसिपल मनोज कुमार सिन्हा पर यौन उत्पीड़न और अश्लील मांग करने का आरोप लगाया था. पीड़िता ने रांची के अरगोड़ा थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. शिकायत में कहा गया था कि प्रिंसिपल द्वारा लगातार अनुचित व्यवहार किया जा रहा था और मानसिक दबाव बनाया जा रहा था. एफआईआर दर्ज होने के बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया था. आरोप सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन ने तत्काल प्रभाव से मनोज कुमार सिन्हा को निलंबित कर दिया था. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और पीड़िता समेत कई लोगों के बयान दर्ज किए गए. हाईकोर्ट से मिली थी जमानत, फिर रद्द हुई राहत मामले में गिरफ्तारी के बाद मनोज कुमार सिन्हा को नवंबर 2022 में झारखंड हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी. हालांकि जेल से बाहर आने के बाद पीड़िता ने उन पर धमकाने और दबाव बनाने का आरोप लगाया. पीड़िता ने अदालत में कहा था कि आरोपी की ओर से समझौते का दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें डराया जा रहा है. इसके बाद पीड़िता ने झारखंड हाईकोर्ट में जमानत रद्द करने की मांग की थी. हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की जमानत रद्द कर दी. इसके खिलाफ मनोज कुमार सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन वहां से भी उन्हें राहत नहीं मिली. सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने अदालत में सरेंडर किया था, जिसके बाद उन्हें फिर से जेल भेज दिया गया. इसे भी पढ़ें: तेलंगाना में सरेंडर करने वाले नक्सलियों का झारखंड से है कनेक्शन, चाईबासा में फैला रखा था नेटवर्क जांच पूरी होने के बाद दाखिल हुई चार्जशीट मामले की जांच कर रहे जांच अधिकारी ने सभी साक्ष्यों और बयान दर्ज करने के बाद 25 जुलाई 2022 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी. चार्जशीट में पीड़िता के आरोपों को समर्थन देने वाले कई बिंदुओं का उल्लेख किया गया था. इसके बाद अदालत में लगातार सुनवाई चलती रही. करीब चार साल तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अब अदालत ने अपना अंतिम फैसला सुनाया है. इस फैसले को स्त्री कर्मियों की सुरक्षा और कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के मामलों में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है. वहीं, मामले के फैसले के बाद शिक्षा संस्थानों में आंतरिक सुरक्षा और शिकायत निवारण व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है. इसे भी पढ़ें: एसपी का दावा: गुमला हुआ नक्सलमुक्त, 5 लाख के इनामी नक्सली ने किया सरेंडर The post डीएवी कपिलदेव के पूर्व प्रिंसिपल को तीन साल की सजा, यौन उत्पीड़न मामले में कोर्ट का फैसला appeared first on Naya Vichar.

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विनेश फोगाट को अयोग्य करने पर भड़का दिल्ली HC, WFI की क्लास लगाते हुए कह दी ये बड़ी बात 

Vinesh Phogat: चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने केंद्र प्रशासन को निर्देश दिया. इसमें कहा गया कि वे हर हाल में यह पक्का करें कि विनेश फोगाट को आने वाले एशियन गेम्स के सिलेक्शन ट्रायल में भाग लेने का मौका मिले. दिल्ली हाई कोर्ट ने लगाई फटकार दिल्ली हाई कोर्ट ने विनेश फोगाट के मामले में कुश्ती महासंघ पर तीखी टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा कि आपसी विवादों की वजह से स्पोर्ट्स का नुकसान नहीं होना चाहिए. मां बनने के बाद विनेश की वापसी का स्वागत करते हुए कोर्ट ने कहा कि हमारे देश में मातृत्व का सम्मान होता है. लेकिन महासंघ के बदले नियमों से उनकी नीयत पर सवाल उठते हैं. कोर्ट ने केंद्र प्रशासन को एक एक्सपर्ट कमिटी बनाने का आदेश दिया है, ताकि विनेश के स्पोर्ट्स को परखकर उन्हें एशियाई स्पोर्ट्सों के ट्रायल में शामिल होने का पूरा मौका दिया जा सके. इस पूरे विवाद को 3 आसान पॉइंट्स में समझते है संन्यास से वापसी और स्पोर्ट्सने पर रोक: हिंदुस्तानीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने नियम का हवाला देते हुए विनेश फोगाट को 26 जून, 2026 तक घरेलू मैचों में स्पोर्ट्सने से रोक दिया था. महासंघ का कहना था कि डोपिंग के नियमों के मुताबिक, संन्यास से वापस आने वाले एथलीट के लिए स्पोर्ट्सने से पहले 6 महीने का नोटिस देना ज़रूरी होता है. हालांकि, विनेश ने इसके बावजूद गोंडा में हुए नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था. महासंघ के साथ पुराना विवाद: विनेश फोगाट का कुश्ती महासंघ के साथ विवाद काफी पुराना है. साल 2023 में स्त्री पहलवानों ने महासंघ के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे. इस बड़े विरोध प्रदर्शन और आंदोलन में विनेश फोगाट ने मुख्य भूमिका निभाई थी. ओलंपिक का दर्दनाक वाकया: अगस्त 2024 में पेरिस ओलंपिक के दौरान विनेश फोगाट इतिहास रचने के बेहद करीब थीं और 50 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में पहुंच चुकी थीं. लेकिन फाइनल मैच की सुबह उनका वजन तय सीमा से सिर्फ 100 ग्राम ज़्यादा पाया गया, जिसकी वजह से उन्हें ओलंपिक से अयोग्य घोषित कर दिया गया था. The post विनेश फोगाट को अयोग्य करने पर भड़का दिल्ली HC, WFI की क्लास लगाते हुए कह दी ये बड़ी बात  appeared first on Naya Vichar.

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नमाज पर प्रतिबंध के बाद भोजशाला मंदिर परिसर में पहली बार शुक्रवार को हुई पूजा, सुरक्षाकर्मी मुस्तैद

Bhojshala Dhar : माता सरस्वती के मंदिर में कोर्ट के आदेश के बाद पहली बार पूजा-अर्चना हुई और बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे. इस मौके पर मंदिर परिसर में शंख ध्वनि सुनाई दी और भक्तों ने पूजा की. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने यहां नमाज पर रोक लगा दी है, कोर्ट का यह आदेश 15 मई को आया था. शुक्रवार सुबह हुई मंदिर में आरती #WATCH | Dhar, Madhya Pradesh | Devotees offer prayers to Goddess Saraswati and play the conch shell following the Madhya Pradesh High Court order, which banned Friday namaz at the Bhojshala complex. pic.twitter.com/23feA7wS8s — ANI (@ANI) May 22, 2026 मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश के बाद धार में देवी सरस्वती को समर्पित भोजशाला मंदिर में सुबह की आरती हुई और माता का जयकारा भी हुआ. कोर्ट के आदेश के बाद यहां शुक्रवार के नमाज की इजाजत नहीं है.भोजशाला मंदिर में दर्शन करने आई एक भक्त विद्या सोनी ने एएनआई न्यूज एजेंसी को बताया कि हम आज सुबह अपना सारा काम छोड़कर भोजशाला आए हैं. हम बहुत खुश हैं. ऐसा पहली बार हुआ है जब हम शुक्रवार को यहां आ पाए हैं. यह सत्य की जीत है, हमने काफी लंबी लड़ाई लड़ी है. वहीं दूसरी भक्त ज्योति सोनी ने कहा कि हमें बहुत अच्छा लग रहा है, यह पहली बार है जब हम शुक्रवार को यहां दर्शन करने आ पाए हैं.पहले सिर्फ मंगलवार को ही यहां आ सकते थे या फिर वसंत पंचमी के दिन. सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम धार के एसपी सचिन शर्मा ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद, सभी नियमों का सख्ती से पालन करवाना हमारी ड्यूटी है. हमने सभी से संपर्क बनाए रखा है और सभी ग्रुप्स के साथ लगातार मीटिंग की हैं. सभी ने भरोसा दिलाया है कि कोर्ट के आदेश का पालन होगा. मंदिर के बाहर लगभग 1800 से ज्यादा पुलिसवालों को तैनात किया गया है. ये भी पढ़ें : सीएम विजय ने एक बार फिर किया मंत्रिमंडल का विस्तार, IUML और VCK के 1-1 विधायक बने मंत्री The post नमाज पर प्रतिबंध के बाद भोजशाला मंदिर परिसर में पहली बार शुक्रवार को हुई पूजा, सुरक्षाकर्मी मुस्तैद appeared first on Naya Vichar.

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अमित शाह ने शुभेंदु को बताया कैबिनेट विस्तार का फार्मूला, बैठक में लिये गये कई फैसले

मुख्य बातें शाह-अधिकारी की मुलाकात में इन मुद्दों पर चर्चा राजनाथ और द्रोपदी मुमू से भी की मुलाकात Suvendu Adhikari: नई दिल्ली. बंगाल में नई प्रशासन बने दो सप्ताह हो चुके हैं. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 14 दिनों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. हालांकि, राज्य में मंत्रिमंडल गठन पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है. केवल 5 मंत्रियों को ही विभाग आवंटित किए गए हैं. पूर्ण मंत्रिमंडल का गठन कब होगा और किसे कौन सा विभाग सौंपा जाएगा, इस पर अटकलें लगाई जा रही थीं. ऐसे माहौल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की दिल्ली यात्रा काफी महत्वपूर्ण है. जानकारी मिली है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अमित शाह के साथ बंगाल में मंत्रिमंडल गठन पर विस्तृत चर्चा की. सूत्रों के अनुसार, बंगाल में जल्द ही पूर्ण मंत्रिमंडल का गठन होगा. शाह-अधिकारी की मुलाकात में इन मुद्दों पर चर्चा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के दौरान कई मुद्दों पर चर्चा की. मंत्रिमंडल के गठन के साथ-साथ सीमा पर कांटेदार तार लगाने और सीएए के कार्यान्वयन पर भी चर्चा हुई. मंत्रिमंडल में किस योग्यता के आधार पर लोगों को स्थान दिया जाएगा, इस पर चर्चा चल रही है. इसका उद्देश्य पश्चिम बंगाल की हिंदू आबादी के सभी वर्गों का मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है. पूर्व में विधायक रह चुके लोगों के अलावा, नगरपालिकाओं और पंचायतों में जन प्रतिनिधित्व का अनुभव रखने वालों को भी महत्व दिया जाएगा. सूचना मिली है कि पूर्ण मंत्रिमंडल की घोषणा शीघ्र ही की जाएगी. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें राजनाथ और द्रोपदी मुमू से भी की मुलाकात शाह और शुभेंदु ने सीमा पर कांटेदार तार लगाने के लिए राज्य प्रशासन द्वारा भूमि की मंजूरी और आगे के कदमों पर चर्चा की. इस चर्चा में यह मुद्दा भी उठाया गया कि राज्य प्रशासन सीएए को लागू करने की दिशा में क्या कदम उठाएगी. समाचारों के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री को यह सुनिश्चित करने के लिए सुझाव भी दिए हैं कि बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति, जो हमेशा सुर्खियों में रहती है, इस बार नियंत्रण में लाई जाए. इसी बीच, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आज सुबह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की. दोनों ने कुछ देर तक बातचीत की. इसके बाद वे रायसीना हिल के लिए रवाना हो गए. वहां वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार भेंट की. इसके बाद दोपहर में बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. Also Read: बंगाल में 20 जून तक तैनात रहेंगी केंद्रीय बलों की 500 कंपनियां, गृह मंत्रालय ने भेजा पत्र The post अमित शाह ने शुभेंदु को बताया कैबिनेट विस्तार का फार्मूला, बैठक में लिये गये कई फैसले appeared first on Naya Vichar.

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कल है अधिक मासिक दुर्गाष्टमी, करें व्रत कथा का पाठ, जीवन में आएगी खुशहाली

Adhik Masik Durgashtami 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को ‘मासिक दुर्गाष्टमी’ मनाई जाती है. यह पावन दिन शक्ति की अधिष्ठात्री देवी मां दुर्गा को समर्पित होता है. ज्येष्ठ माह में अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) के संयोग के कारण इस पर्व को ‘अधिकमासिक दुर्गाष्टमी’ कहा जाएगा. धार्मिक मान्यता है कि जो भी भक्त इस दिन सच्चे मन से मां दुर्गा की पूजा करता है, उसके जीवन से दुख-कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि आती है. पूजा के दौरान व्रत कथा का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि कथा-पाठ से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और अपना आशीर्वाद प्रदान करती हैं. व्रत कथा महिषासुर का वरदान पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीन काल में एक असुर के कारण तीनों लोकों में भय और अत्याचार का अंधकार फैल गया था. महिषासुर नामक शक्तिशाली असुर ने देवताओं को पराजित कर स्वर्ग पर अधिकार कर लिया था. महिषासुर कोई साधारण असुर नहीं था. उसने वर्षों तक कठोर तपस्या करके त्रिदेवों—ब्रह्मा, विष्णु और महेश को प्रसन्न किया और एक अनोखा वरदान प्राप्त किया था कि “कोई भी देवता, दानव या पुरुष उसे युद्ध में कभी पराजित नहीं कर सकेगा.” इस वरदान के अहंकार में चूर होकर वह स्वयं को सर्वशक्तिमान समझने लगा. उसकी सेना ने निर्दोषों और ऋषि-मुनियों पर अत्याचार करना शुरू कर दिया. तब देवराज इंद्र सहित सभी देवता अपनी रक्षा के लिए त्रिदेवों की शरण में पहुंचे. देवताओं की पीड़ा देखकर भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा अत्यंत क्रोधित हुए. आदिशक्ति का प्राकट्य अधर्म के नाश और देवताओं के कष्टों के निवारण हेतु त्रिदेवों के शरीर से एक दिव्य ऊर्जा (तेज) प्रकट हुई. धीरे-धीरे सभी देवताओं का तेज भी उस ऊर्जा में समाहित हो गया. इस परम तेज के मिलन से जगत जननी मां आदिशक्ति दुर्गा का प्राकट्य हुआ. मां दुर्गा का दिव्य स्वरूप मां दुर्गा का स्वरूप अत्यंत दिव्य और अद्भुत था. उनके मुखमंडल की आभा से संपूर्ण ब्रह्मांड प्रकाशित हो उठा. उनके शांत और ओजस्वी रूप को देखकर देवताओं का खोया हुआ विश्वास पुनः जागृत हो गया. सभी देवताओं ने उन्हें नमन किया. इसके बाद देवताओं ने मां दुर्गा को अपने-अपने दिव्य अस्त्र-शस्त्र प्रदान किए. भगवान शिव ने त्रिशूल दिया, भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र, अग्निदेव ने शक्ति और पवनदेव ने धनुष-बाण प्रदान किए. अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित होकर और सिंह पर सवार होकर मां दुर्गा महिषासुर का अंत करने के लिए युद्धभूमि की ओर प्रस्थान कर गईं. महिषासुर का अंत युद्धभूमि में पहुंचकर मां दुर्गा ने ‘रणचंडी’ का रौद्र रूप धारण किया. उनके शंखनाद और सिंह की दहाड़ से तीनों लोक कांप उठे. महिषासुर की विशाल सेना मां के सामने तिनके की तरह बिखरने लगी. महिषासुर ने अनेक रूप बदलकर मां को पराजित करने का प्रयास किया, लेकिन आदिशक्ति के सामने उसकी एक न चली. अंततः मां दुर्गा ने अपने त्रिशूल से उसके हृदय पर प्रहार कर उसका वध कर दिया और संसार में पूर्ण शांति की स्थापना की. यहां पढ़ें धर्म से जुड़ी बड़ी समाचारें: Religion News in Hindi – Spiritual News, Hindi Religion News, Today Panchang, Astrology at Naya Vichar The post कल है अधिक मासिक दुर्गाष्टमी, करें व्रत कथा का पाठ, जीवन में आएगी खुशहाली appeared first on Naya Vichar.

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IRCTC घोटाले में फिर टला फैसला, लालू परिवार पर 9 जून को कोर्ट सुनाएगा आदेश, पूरा मामला समझिए

IRCTC Scam Case: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने IRCTC घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक बार फिर फैसला टाल दिया है. अब इस मामले में 9 जून को आदेश सुनाया जाएगा. इस केस में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव और मीसा हिंदुस्तानी समेत कई आरोपियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्रवाई की है. इससे पहले 6 मई को भी मामले की सुनवाई हुई थी, लेकिन उस दिन भी अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. कोर्ट पहले ही आरोप तय करने की प्रक्रिया पूरी कर चुकी है और अब सभी की नजरें अगली सुनवाई पर टिकी हैं. लालू परिवार के खिलाफ ED की चार्जशीट प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. माना जा रहा है कि 9 जून को आने वाला कोर्ट का आदेश आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा तय कर सकता है. अदालत ने पहले की सुनवाई में यह भी माना था कि कथित टेंडर घोटाले की साजिश लालू यादव की जानकारी में रची गई थी. कोर्ट के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया में हस्तक्षेप और आर्थिक लाभ पहुंचाने के आरोप गंभीर हैं. क्या है IRCTC घोटाला? यह मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव 2004 से 2009 के बीच यूपीए प्रशासन में रेल मंत्री थे. आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान IRCTC के अंतर्गत आने वाले रांची और पुरी स्थित बीएनआर होटलों के टेंडर आवंटन में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं. जांच एजेंसियों के मुताबिक, नियमों को नजरअंदाज कर सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड को होटल संचालन का ठेका दिया गया. इसके बदले कथित तौर पर लालू परिवार को पटना में बेशकीमती जमीन दी गई. टेंडर प्रक्रिया में दखल के आरोप राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि टेंडर प्रक्रिया में हस्तक्षेप के पर्याप्त संकेत मिले हैं. अदालत के मुताबिक, इस कथित अनियमितता से लालू परिवार को आर्थिक लाभ पहुंचा. इसी आधार पर कोर्ट ने लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा हिंदुस्तानी समेत कई अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी थी. CBI का दावा- बाजार कीमत से बेहद कम में मिली जमीन सीबीआई की जांच के अनुसार, होटल ठेका दिलाने के बदले विनय कोचर और विजय कोचर को फायदा पहुंचाया गया. एजेंसी का आरोप है कि इसके एवज में करीब तीन एकड़ जमीन लालू परिवार से जुड़ी कंपनी को ट्रांसफर की गई. जांच में सामने आया कि यह जमीन डिलाइट मार्केटिंग लिमिटेड से लारा प्रोजेक्ट्स के नाम केवल 65 लाख रुपये में ट्रांसफर की गई थी. जबकि जमीन की बाजार कीमत करीब 94 करोड़ रुपये और सर्कल रेट लगभग 32 करोड़ रुपये बताई गई. सत्ता के दुरुपयोग का आरोप जांच एजेंसियों का कहना है कि यह मामला सत्ता के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण है. आरोप है कि प्रशासनी प्रभाव का इस्तेमाल कर निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया और बदले में लालू परिवार को आर्थिक फायदा मिला. अब 9 जून को आने वाले कोर्ट के आदेश पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि यह फैसला मामले की आगे की कानूनी दिशा तय कर सकता है. Also Read: बिहार के हर जिले में बनेगी हाईटेक नर्सरी, अब तैयार होंगे ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी और विदेशी फूलों के पौधे The post IRCTC घोटाले में फिर टला फैसला, लालू परिवार पर 9 जून को कोर्ट सुनाएगा आदेश, पूरा मामला समझिए appeared first on Naya Vichar.

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