Rohini Acharya Patna Return बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) को मिली हार और भाई तेजस्वी यादव के साथ विवाद की चर्चाओं के बाद पटना छोड़कर सिंगापुर गईं रोहिणी आचार्य गुरुवार शाम एक बार फिर अपने पिता लालू प्रसाद के बुलावे पर पटना पहुंचीं. रोहिणी आचार्य के पटना लौटते ही आरजेडी में उनकी संभावित भूमिका को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं.पटना पहुंचने के बाद पत्रकारों से बातचीत में रोहिणी आचार्य ने कहा कि वह अपने पिता के बुलावे पर पटना आई हैं और उनके आने को नेतृत्व के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए. हालांकि, पार्टी सूत्रों का दावा है कि राजद रोहिणी आचार्य को कोई बड़ी जिम्मेदारी देने पर विचार कर रहा है. सूत्रों के मुताबिक, इस संबंध में लालू प्रसाद ने पार्टी के शीर्ष नेताओं और परिवार के सदस्यों से बातचीत भी की है.
MLC चुनाव के बीच रोहिणी की वापसी
रोहिणी आचार्य का पटना लौटना ऐसे समय हुआ है, जब बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों के लिए चुनाव होने हैं। इन सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होना है. राजद ने आठ में से छह सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं. इनमें तीन सीटों पर राजद और कांग्रेस के प्रत्याशी आमने-सामने हैं. कांग्रेस और राजद के बीच इन सीटों पर अलग-अलग उम्मीदवार उतारे जाने के बाद महागठबंधन के भीतर चुनावी तालमेल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. ऐसे में रोहिणी आचार्य की पटना वापसी को लेकर नेतृत्वक हलकों में भी अलग-अलग चर्चाएं शुरू हो गई हैं.
रोहिणी आचार्य को करीब से जानने वाले लोगों का कहना है कि वह अपनी बात सीधे तौर पर रखने के लिए जानी जाती हैं. ऐसे में उनकी नेतृत्वक भूमिका को लेकर अभी से कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. हालांकि, उनकी भविष्य की भूमिका को लेकर अंतिम तस्वीर किसी औपचारिक घोषणा के बाद ही साफ होगी.
बिहार से जुड़ी अन्य ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें..
रोहिणी की वापसी नेतृत्वक रूप से अहम
रोहिणी आचार्य के पटना पहुंचने पर वरिष्ठ पत्रकार अजय कुमार ने कहा कि पहली नजर में यह पिता और बेटी के बीच का पारिवारिक मामला दिखाई देता है, लेकिन लालू प्रसाद के नेतृत्वक कदमों को व्यापक नेतृत्वक संदर्भ में भी देखा जाता रहा है. उन्होंने कहा कि विपक्ष कई मौकों पर रोहिणी आचार्य के बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राजद पर निशाना साधता रहा है. ऐसे में उनके पटना लौटने से विपक्ष के पास मौजूद इस मुद्दे की नेतृत्वक धार कम हो सकती है. अजय कुमार ने यह भी कहा कि रोहिणी आचार्य और लालू प्रसाद के बीच भावनात्मक संबंधों को भी इस पूरे घटनाक्रम से अलग करके नहीं देखा जा सकता.
एयरपोर्ट पर दिखा परिवार का साथ
गुरुवार को पटना एयरपोर्ट पर रोहिणी आचार्य के पहुंचने पर लालू प्रसाद और राबड़ी देवी ने उनका स्वागत किया. रोहिणी अपनी मां राबड़ी देवी और पिता लालू प्रसाद से गले मिलती नजर आईं. लालू प्रसाद भी बेटी को रिसीव करने एयरपोर्ट पहुंचे थे. इस दौरान मीसा हिंदुस्तानी भी मौजूद थीं. परिवार की इस तस्वीर के बाद रोहिणी और परिवार के बीच चल रहे विवाद को लेकर भी चर्चा शुरू हुई. हालांकि, एयरपोर्ट पर तेजस्वी यादव की मौजूदगी नहीं थी. इसे लेकर भी नेतृत्वक गलियारों में चर्चा हुई. इस पर राजद प्रवक्ता चितरंजन गगन ने सफाई देते हुए कहा कि तेजस्वी यादव दिल्ली में थे, इसलिए वह पटना एयरपोर्ट नहीं पहुंच सके.
‘नेतृत्व के लिए नहीं आई हूं’, फिर सोशल मीडिया पोस्ट पर चर्चा
पटना पहुंचने के बाद रोहिणी आचार्य ने कहा कि वह अपने माता-पिता के साथ रहने के लिए पटना आई हैं और उनके आने का मकसद नेतृत्व नहीं है. हालांकि, सिंगापुर में रहते हुए रोहिणी आचार्य की ओर से सोशल मीडिया पर किए गए कई पोस्ट नेतृत्वक मुद्दों से जुड़े रहे हैं. उन्होंने राजद में नई नियुक्तियों और पार्टी से जुड़े कुछ फैसलों पर सवाल भी उठाए थे. यही वजह है कि उनके पटना लौटने के बाद उनके नेतृत्वक रुख और पार्टी में संभावित भूमिका को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है. फिलहाल राजद की ओर से रोहिणी आचार्य को किसी नई जिम्मेदारी दिए जाने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. ऐसे में उनकी पटना वापसी के पीछे पारिवारिक कारण हैं या इसके साथ कोई नेतृत्वक भूमिका भी जुड़ने वाली है, इस पर अंतिम तस्वीर पार्टी के अगले फैसले के बाद ही साफ होगी.
Also Read अनंत सिंह के बागी तेवर से JDU में बढ़ी बेचैनी, संजय झा ने ललन सिंह को दिया ‘डैमेज कंट्रोल’ का जिम्मा
The post Bihar Politics: लालू के बुलावे पर पटना लौटीं रोहिणी, तेजस्वी की अनुपस्थिति ने खड़े किए कई सवाल? appeared first on Naya Vichar.

