Hot News

ताजा ख़बर

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

PMOS में सिर्फ दवा नहीं, सही लाइफस्टाइल भी जरूरी, जानें डॉक्टर की सलाह और सही डाइट-एक्सरसाइज

डॉ. रजनी बगई, सीनियर कंसल्टेंट – गायनेकोलॉजी एवं प्रसूति विज्ञान, नारायण अस्पताल, हावड़ा और चूनावटी PCOS Lifestyle: पॉलीएंडोक्राइन मेटाबॉलिक ओवेरियन सिंड्रोम (PMOS), जिसे पहले पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (PCOS) कहा जाता था, एक ऐसी बीमारी है जिसके होने की पूरी वजह अभी साफ नहीं है. इतना जरूर पता है कि शरीर में हार्मोन का संतुलन बिगड़ने से कई तरह की समस्याएं शुरू हो सकती हैं. इससे ओव्यूलेशन में परेशानी, शरीर में एंड्रोजन यानी पुरुष हार्मोन का बढ़ना, इंसुलिन का ठीक से काम न करना और लंबे समय तक सूजन जैसी स्थिति हो सकती है. इसकी वजह से पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं, चेहरे या शरीर पर ज्यादा बाल आ सकते हैं और मुहांसे भी हो सकते हैं. लंबे समय में इसका असर प्रजनन क्षमता, डायबिटीज और हृदय रोग के जोखिम पर भी पड़ सकता है. कुछ मामलों में कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है. PMOS में मोटापे का क्या कनेक्शन है? यह अभी साफ नहीं है कि PMOS की वजह से वजन बढ़ता है या ज्यादा वजन होने से PMOS का खतरा बढ़ता है. हालांकि, PMOS से जूझ रही 30 प्रतिशत से ज्यादा स्त्रीएं ओवरवेट या मोटापे से ग्रस्त होती हैं. साथ ही, PMOS वाली स्त्रीओं के लिए वजन कम करना दूसरी स्त्रीओं की तुलना में मुश्किल हो सकता है. अच्छी बात यह है कि शरीर का सिर्फ 5-10 प्रतिशत वजन कम होने पर भी इंसुलिन प्रतिरोध और अनियमित पीरियड्स जैसी कई समस्याओं में सुधार देखा गया है. इसलिए आहार और व्यायाम PMOS को मैनेज करने के अहम तरीके हैं. PMOS में खान-पान क्यों जरूरी है? खान-पान में बदलाव करके वजन कम करने से PMOS में लंबे समय से बनी सूजन को कम करने और शरीर में बढ़े हुए पुरुष हार्मोन को कम करने में मदद मिल सकती है. हालांकि, अभी तक ऐसा कोई एक खास डाइट प्लान नहीं मिला है, जिसे PMOS के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाए. इसलिए किसी ट्रेंड या फैड डाइट के पीछे भागने के बजाय ऐसा खाना चुनना बेहतर है, जिसे लंबे समय तक आसानी से अपनाया जा सके. PMOS में व्यायाम का क्या फायदा है? एरोबिक एक्सरसाइज PMOS वाली स्त्रीओं में BMI कम करने में मदद कर सकती है. एक अध्ययन में पाया गया कि PMOS वाली स्त्रीओं के लिए बेहतर स्वास्थ्य परिणाम पाने के लिए हर सप्ताह कम से कम 120 मिनट तेज गति वाला व्यायाम जरूरी हो सकता है. हालांकि, अभी पर्याप्त सबूत नहीं हैं कि कोई एक खास तरह का व्यायाम बाकी व्यायामों से ज्यादा फायदेमंद है. कुछ अध्ययनों में योग को दूसरे व्यायामों से बेहतर बताया गया है, लेकिन इसके समर्थन में उपलब्ध सबूत बहुत मजबूत नहीं हैं. PMOS में सकारात्मक सोच भी जरूरी PMOS से जूझने वाली स्त्रीओं को वजन बढ़ने, शरीर पर ज्यादा बाल आने और मुहांसों की वजह से अपनी बॉडी इमेज को लेकर परेशानी हो सकती है. इससे आत्मविश्वास कम हो सकता है और रोजाना की लाइफस्टाइल में जरूरी बदलाव करना भी मुश्किल लग सकता है. इसलिए PMOS को मैनेज करने में आत्मविश्वास बनाए रखना और सकारात्मक सोच रखना भी जरूरी है. जब स्त्रीओं को यह पता होता है कि उन्हें जो बदलाव करने हैं, वे आसान और लंबे समय तक अपनाए जा सकते हैं, तो उन्हें अपनी दिनचर्या में शामिल करना भी आसान होता है. इसी वजह से बहुत मुश्किल फैड डाइट या महंगे एक्सरसाइज प्रोग्राम कई बार उल्टा असर डाल सकते हैं. डाइट और एक्सरसाइज को आसान और टिकाऊ बनाएं 71 देशों में हुए अध्ययनों के आधार पर PMOS के लिए तैयार प्रमाण-आधारित दिशानिर्देशों में सभी स्त्रीओं के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव की सलाह दी गई है. इसमें किसी एक खास डाइट या व्यायाम को जरूरी नहीं बताया गया है. दिशानिर्देशों के अनुसार, कुछ शारीरिक गतिविधि करना बिल्कुल सक्रिय न रहने से बेहतर है. इसी तरह, स्वस्थ खान-पान के सामान्य नियमों के अनुसार अपनाया गया कोई भी संतुलित आहार स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है. 2023 के प्रमाण-आधारित PCOS दिशानिर्देशों के अनुसार वजन बढ़ने से रोकने के लिए: 18-64 साल की उम्र में हर सप्ताह कम से कम 150-300 मिनट मध्यम-तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि या 75-150 मिनट तेज गति वाली एरोबिक गतिविधि करने की सलाह दी गई है. इसके साथ सप्ताह में 2 अलग-अलग दिनों में मांसपेशियों को मजबूत करने वाली एक्सरसाइज भी करनी चाहिए. वजन कम करने के लिए: हर सप्ताह 250 मिनट मध्यम-तीव्रता वाली गतिविधि या 150 मिनट तेज-तीव्रता वाली गतिविधि का लक्ष्य रखा जा सकता है. इसके साथ, संभव हो तो सप्ताह में 2 अलग-अलग दिनों में मांसपेशियों को मजबूत करने वाली एक्सरसाइज करनी चाहिए. किशोरों के लिए: हर दिन कम से कम 60 मिनट मध्यम से तेज गति वाली शारीरिक गतिविधि का लक्ष्य रखना चाहिए. इसमें सप्ताह में कम से कम 3 बार मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत करने वाली गतिविधियां शामिल होनी चाहिए. मध्यम और तेज व्यायाम में क्या अंतर है? मध्यम-तीव्रता वाली गतिविधि का मतलब ऐसा व्यायाम है, जिससे आपकी हार्ट रेट अधिकतम स्तर के करीब 50-60 प्रतिशत तक पहुंच जाए. इस दौरान आप बात कर सकते हैं, लेकिन गाना नहीं गा पाएंगे. वहीं तेज-तीव्रता वाले व्यायाम में हार्ट रेट करीब 70-90 प्रतिशत तक पहुंच सकता है. इस दौरान सांस लेने के लिए रुकने से पहले आप सिर्फ कुछ शब्द ही बोल पाएंगे. यह भी पढ़ें: 76 की उम्र में भी कैसे फिट और एक्टिव हैं पीएम मोदी? जानें उनकी खास आदतें The post PMOS में सिर्फ दवा नहीं, सही लाइफस्टाइल भी जरूरी, जानें डॉक्टर की सलाह और सही डाइट-एक्सरसाइज appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

AK-47 आरोप से MLC चुनाव तक… मोकामा में बढ़ी अदावत, आमने-सामने आए अनंत सिंह-नीरज कुमार

Anant Singh vs Neeraj Kumar “नीरज कुमार ने मेरे घर में AK-47 रखवाकर मुझे फंसाया था और जेल भिजवाया था.” मोकामा विधायक अनंत सिंह के इस आरोप ने जेडीयू के भीतर चल रही नेतृत्वक खींचतान को खुलकर सामने ला दिया है. पटना MLC चुनाव से ठीक पहले अनंत सिंह ने जेडीयू के एमएलसी नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन्हें चुनाव में हराने की बात कही है. वहीं, नीरज कुमार ने भी इन आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि अगर अनंत सिंह के पास कोई प्रमाण है तो उन्हें कोर्ट जाना चाहिए. अनंत सिंह ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि MLC चुनाव पार्टी का चुनाव नहीं है और वह नीरज कुमार को हराकर रहेंगे. उन्होंने नीरज कुमार पर अपने और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के चुनाव का विरोध करने का भी आरोप लगाया. अपराधियों के लिए कहर हैं नीरज कुमार ने अनंत सिंह के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “बहुत लोग हमारे ऊपर आरोप लगा रहे हैं. हम तो अपराधियों के लिए कहर हैं.” AK-47 से जुड़े आरोप पर उन्होंने कहा कि अगर अनंत सिंह के पास प्रमाण है तो वह कोर्ट जाएं. नीरज कुमार ने आरोपों को अनर्गल बताते हुए कहा कि इसके लिए कानूनी रास्ता अपनाया जाना चाहिए. इस विवाद के बीच शुक्रवार को जेडीयू के ओरिएंटेशन कार्यक्रम में भी अनंत सिंह और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय रही. कार्यक्रम में पार्टी के विधायकों और विधान पार्षदों की मौजूदगी अनिवार्य थी. ऐसे में दोनों नेताओं के नहीं पहुंचने को लेकर पार्टी के अंदर और बाहर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. बिहार से जुड़ी अन्य ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें.. 2015 में बदले रिश्ते, जब आमने-सामने आए अनंत-नीरज अनंत सिंह और नीरज कुमार दोनों मोकामा की नेतृत्व से जुड़े हैं और दोनों भूमिहार समुदाय से आते हैं. दोनों का संबंध जेडीयू से रहा है. लेकिन 2015 के विधानसभा चुनाव ने दोनों नेताओं के रिश्तों में बड़ा बदलाव ला दिया. 2015 में जेडीयू ने मोकामा विधानसभा सीट से अनंत सिंह की जगह नीरज कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया. नीरज कुमार जेडीयू के टिकट पर मैदान में उतरे, जबकि अनंत सिंह ने निर्दलीय चुनाव लड़ा. चुनाव में अनंत सिंह ने नीरज कुमार को करीब 18 हजार वोटों से हराया. अनंत सिंह को 54,005 वोट मिले, जबकि नीरज कुमार को 35,657 वोट मिले. इस चुनाव के बाद दोनों नेताओं के बीच नेतृत्वक दूरी बढ़ने की चर्चा होती रही. मोकामा बना सियासी टकराव का केंद्र दोनों नेताओं की नेतृत्व का मुख्य केंद्र मोकामा रहा है. एक ही इलाके से आने और लंबे समय तक एक ही पार्टी से जुड़े रहने के बावजूद दोनों के बीच नेतृत्वक मतभेद समय के साथ बढ़ते गए. मोकामा और आसपास के इलाकों में नेतृत्वक प्रभाव, समर्थकों के नेटवर्क और संगठन में पकड़ को लेकर भी दोनों खेमों के बीच खींचतान की चर्चा होती रही है. अनंत सिंह के करीबियों का दावा है कि जब वह जेल में थे, तब नीरज कुमार ने उन्हें जेडीयू का टिकट दिए जाने का विरोध किया था. वहीं, अनंत सिंह और सोनू-मोनू गिरोह के बीच हुए विवाद के दौरान भी दोनों नेताओं के बीच दूरी बढ़ने की बात कही जाती है. 2025 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी दोनों के बीच तल्खी की चर्चा सामने आई. खासकर नीरज कुमार के मोकामा को लेकर दिए गए ‘टेटन’ वाले बयान को अनंत सिंह के खिलाफ टिप्पणी के तौर पर देखा गया. ‘टेटन’ वाले बयान ने बढ़ाई तल्खी 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय मंत्री ललन सिंह की पहल के बाद अनंत सिंह की जेडीयू में वापसी हुई और पार्टी ने उन्हें मोकामा से उम्मीदवार बनाया. उस समय अनंत सिंह जेल में थे और ललन सिंह ने उनके चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी संभाली थी. नीरज कुमार ने अनंत सिंह के लिए चुनाव प्रचार करने से इनकार किया था. उन्होंने कहा था कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति के लिए प्रचार कर वह अपने माथे पर कलंक का टीका नहीं लगाना चाहते. इसी दौरान उन्होंने “मोकामा की तकदीर पर टेटन लग गया है” जैसी टिप्पणी की थी. अनंत सिंह के करीबियों के मुताबिक, यह टिप्पणी उनके खिलाफ सीधा नेतृत्वक हमला थी. अब MLC चुनाव में नीरज कुमार को हराने के ऐलान और AK-47 से जुड़े गंभीर आरोपों के बाद दोनों नेताओं के बीच पुरानी नेतृत्वक तल्खी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है. Also Read ‘AK-47 रखकर फंसाया, जेल भिजवाया’, JDU की बैठक के बीच अनंत सिंह का नीरज कुमार पर हमला The post AK-47 आरोप से MLC चुनाव तक… मोकामा में बढ़ी अदावत, आमने-सामने आए अनंत सिंह-नीरज कुमार appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

नंदीग्राम उपचुनाव: सीएम शुभेंदु से मुलाकात के बाद ममता खेमे की उम्मीदवार ने वापस लिया नामांकन

पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम उपचुनाव में शुक्रवार को बड़ा नेतृत्वक उलटफेर सामने आया. ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया. इससे नंदीग्राम उपचुनाव में ममता खेमे की ओर से कोई उम्मीदवार नहीं रह गया है. खास बात यह है कि नामांकन वापस लेने से पहले संचिता प्रधान डे ने राज्य सचिवालय नबान्न में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी. शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद वापस लिया नामांकन संचिता प्रधान डे शुक्रवार दोपहर अपने पति सत्यजीत के साथ नबान्न पहुंचीं. वहां उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की. दोनों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई. इसके बाद संचिता ने नंदीग्राम उपचुनाव से अपना नामांकन वापस ले लिया. नामांकन वापसी की अंतिम तारीख शनिवार है. ये भी पढे़ं: पाकिस्तान में लॉकडाउन जैसे नियम, रात 9 बजे बाजार बंद, शादी में सिर्फ एक डिश, जानें क्यों बढ़ी मुश्किलें? कुछ दिन पहले ही बनाया गया था उम्मीदवार ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट ने 13 सितंबर को नंदीग्राम उपचुनाव के लिए संचिता प्रधान डे को उम्मीदवार घोषित किया था. वह पेशे से शिक्षिका हैं और नंदीग्राम की स्थानीय नेतृत्व में भी सक्रिय रही हैं. इसके बाद 16 सितंबर को उन्होंने नंदीग्राम सीट से अपना नामांकन दाखिल किया था. उस समय तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुट पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर दावा कर रहे थे. अब नामांकन वापसी के बाद ममता खेमे के लिए नंदीग्राम उपचुनाव में उम्मीदवार का सवाल फिर से अहम हो गया है. चुनाव आयोग ने 6 अक्टूबर को नंदीग्राम समेत पश्चिम बंगाल की विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तारीख तय की है. The post नंदीग्राम उपचुनाव: सीएम शुभेंदु से मुलाकात के बाद ममता खेमे की उम्मीदवार ने वापस लिया नामांकन appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

यूपी में 2027 चुनाव से पहले राज्यसभा का चुनावी रण, बीजेपी की दावेदारी मजबूत, दलित वोट पर सपा की नज़र, शून्य की कगार पर बसपा

UP Rajya Sabha Election: उत्तर प्रदेश की नेतृत्व में आगामी नवंबर महीने में बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिलेगा. राज्य की 10 उच्च सदन सीटों पर कार्यकाल समाप्त होने के कारण चुनाव आयोजित कराए जाएंगे. विधानसभा चुनाव 2027 से ठीक पहले यह मुकाबला सभी प्रमुख दलों के लिए शक्ति प्रदर्शन का मंच बन चुका है. वर्तमान में विधानसभा के बदले समीकरणों से प्रत्येक पार्टी अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटी है. इस प्रक्रिया के माध्यम से नेतृत्वक ताकत का आकलन भी आसानी से किया जा सकेगा. राज्यसभा चुनाव: नया समीकरण उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 सीटों पर विधायकों के संख्या बल के हिसाब से नया गणित बना है. 2017 के चुनाव आधार पर बीजेपी के पास 9 और सपा के पास 1 सीट थी. बदला हुआ समीकरण इस प्रकार है: बीजेपी (8 सीटें): मजबूत संख्या बल से बीजेपी आसानी से 8 सीटें जीत सकती है. समाजवादी पार्टी (2 सीटें): बदला गणित सपा के पक्ष में है, जिससे उसे 2 सीटों का लाभ तय है. बसपा (0 सीट): कम विधायकों के कारण बसपा का खाता खाली रहेगा. सपा का पीडीए दांव और दलित नेतृत्व समाजवादी पार्टी दो सीटों पर जीत दर्ज करने की स्थिति में है। पहली सीट पर अनुभवी नेता रामगोपाल यादव का दोबारा चुना जाना तय माना जा रहा है. दूसरी रिक्ति के लिए अखिलेश यादव सामाजिक संतुलन साधने की तैयारी में हैं. पार्टी इस बार किसी गैर-यादव पिछड़ा या दलित उम्मीदवार को सदन में भेज सकती है. इसके जरिए ‘पीडीए’ फॉर्मूले को जमीन पर मजबूती देने का प्रयास रहेगा. पश्चिम उत्तर प्रदेश के समीकरण संभालने के लिए गुर्जर अथवा जाट उम्मीदवार को भी जिम्मेदारी देने पर विचार जारी है. बीजेपी की रणनीति और बसपा का घटता जनाधार हिंदुस्तानीय जनता पार्टी विधानसभा में अपनी मजबूत स्थिति के बल पर 8 सीटें जीतने का अनुमान लगा रही है. पूर्व उप मुख्यमंत्री के रिक्त स्थान पर वरिष्ठ ब्राह्मण चेहरे को अवसर दिया जा सकता है. इसके अतिरिक्त, लोकसभा चुनावों में पिछड़ने वाले क्षेत्रीय दिग्गजों को भी मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है. दूसरी तरफ, विधायकों की कमी के कारण बहुजन समाज पार्टी की उपस्थिति समाप्त होने के कगार पर है. प्रस्तावक न मिलने से बसपा के लिए उम्मीदवार उतारना अत्यंत कठिन साबित हो रहा है. क्षेत्रीय संतुलन और आगामी चुनाव की बिसात राज्यसभा की इन 10 सीटों के नतीजे न केवल संसद में दलों की ताकत तय करेंगे, बल्कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए एक बड़ा नेतृत्वक संदेश भी देंगे. बीजेपी जहां अपने ब्राह्मण, पिछड़े और जाट-गुर्जर समीकरणों के सहारे पूर्वांचल से लेकर पश्चिम यूपी तक अपनी पकड़ बनाए रखना चाहती है, वहीं समाजवादी पार्टी का पूरा जोर ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) को मजबूत आधार देने पर है. बीएसपी का इस चुनाव से बाहर होना यह साफ संकेत देता है कि राज्य में अब मुख्य मुकाबला सीधे तौर पर बीजेपी और सपा के बीच ही सिमट कर रह गया है. Must Read: इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकीलों का महासंग्राम, 30 पदों पर 263 दावेदार, जानें कब आएंगे परिणाम The post यूपी में 2027 चुनाव से पहले राज्यसभा का चुनावी रण, बीजेपी की दावेदारी मजबूत, दलित वोट पर सपा की नज़र, शून्य की कगार पर बसपा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Parivartini Ekadashi 2026: कब है परिवर्तिनी एकादशी? जानें व्रत से पारण तक का मुहूर्त और महत्व

Parivartini Ekadashi 2026: भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी को परिवर्तिनी एकादशी कहा जाता है. इसे कर्मा और पार्श्व एकादशी के नाम से भी जाना जाता है. पद्म और ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, परिवर्तिनी एकादशी के दिन पाताल लोक में योगनिद्रा में स्थित भगवान विष्णु करवट (दाहिना) लेते हैं. इसलिए इस एकादशी का नाम ‘परिवर्तिनी’ पड़ा. पंचांग के अनुसार, इस साल परिवर्तिनी एकादशी कब है. पारण कब करना सही रहेगा. परिवर्तिनी एकादशी व्रत के दौरान क्या नहीं करना चाहिए और इस एकादशी व्रत का महत्व और लाभ क्या है, जानिए. परिवर्तिनी एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 21 सितंबर को रात 8 बजे शुरू होगी. जबकि, एकादशी तिथि की समाप्ति 22 सितंबर को रात 9 बजकर 43 मिनट पर होगी. चूंकि, उदय व्यापिनी तिथि 22 सितंबर को सुबह में मान्य है. इसलिए परिवर्तिनी एकादशी का व्रत मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को रखा जाएगा. परिवर्तिनी एकादशी इंफोग्राफिक्स (Image- AI Generated) परिवर्तिनी एकादशी व्रत विवरण तारीख और समय एकादशी तिथि प्रारंभ 21 सितंबर 2026, रात 08:00 बजे एकादशी तिथि समाप्त 22 सितंबर 2026, रात 09:43 बजे परिवर्तिनी एकादशी व्रत मंगलवार, 22 सितंबर 2026 व्रत-पारण बुधवार, 23 सितंबर 2026 पारण का समय सुबह 5:38 बजे से 8:04 बजे तक नोट: परिवर्तिनी एकादशी तिथि के आरंभ और समाप्ति के समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है. लेकिन व्रत और पारण की तारीख में कोई अंतर नहीं है. महावीर और मिथिला पंचांग के अनुसार परिवर्तिनी एकादशी का व्रत 22 सितंबर, मंगलवार को रखना अच्छा रहेगा. ये भी पढ़ें: Radha Ashtami Vrat Katha: जब तक कान्हा सामने नहीं आए, राधा रानी ने नहीं खोली थीं आंखें; जानें जन्म की अद्भुत कथा परिवर्तिनी एकादशी व्रत का महत्व श्रीमद्भागवत महापुराण के अनुसार, परिवर्तिनी एकादशी का व्रत भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष में रखा जाता है. चातु्र्मास के दौरान भगवान विष्णु पाताल लोग में योगनिद्रा में रहते हैं और परिवर्तिनी एकादशी के दिन दाईं करवट लेते हैं. चूंकि, भगवान श्रीहरि इस दिन अपनी स्थिति में परिवर्तन लाते हैं इसलिए इस एकादशी का नाम ‘परिवर्तिनी एकादशी’ पड़ा. धर्मशास्त्र के जानकार पं. बैद्यनाथ झा ने बताया कि विधि-विधान से परिवर्तिनी एकादशी का व्रत रखने से जाने-अनजाने हुए पाप कर्म नष्ट हो जाते हैं. मानसिक शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है. इस दिन पूजा करने से ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवताओं की पूजा का फल प्राप्त होता है. उनकी कृपा से जीवन खुशहाल और समृद्ध रहता है. साथ ही जो कोई विधि-विधान से इस व्रत को रखता है, उसे पाजपेय यज्ञ के बराबर पुण्य प्राप्त होता है. भगवान की कृपा से जीवन में अन्न और धन की कमी नहीं होती और परिवार में सुख-शांति का माहौल कायम रहता है. ये भी पढ़ें: Anant Chaturdashi 2026: कौन हैं’अनंत भगवान’, जानें अनंत चतुर्दशी व्रत का महत्व और शुभ मुहूर्त परिवर्तिनी एकादशी के दिन क्या न करें शास्त्रों की मान्यता के अनुसार, परिवर्तिनी एकादशी के दिन उन्हें दिन में नहीं सोना चाहिए, जो इस व्रत को रखते हैं. एकादशी का व्रत रखने वालों को इस दिन बाल-दाढ़ी या नाखून काटने या कटवाने से बचना चाहिए. व्रतियों के लिए यह ये काम अशुभ माने गए हैं. व्रत के दौरान पूजा-पाठ या अन्य कार्यों में मन को बिल्कुल शांत रखना चाहिए. इस दिन किसी पर भी क्रोध (गुस्सा) नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से व्रत का शुभ फल नष्ट हो जाता है. व्रत के दिन परिवार में बड़े सदस्यों का अपमान नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से व्रत का कोई लाभ नहीं मिलता. परिवर्तिनी एकादशी के दिन किसी भी तरह से तुलसी का अपमान नहीं करना चाहिए. इस दिन नाखून लगातर तुलसी का पत्ता नहीं तोड़ना चाहिए. अंगूठा और तर्जनी उंंगली से पड़कर तुलसी का पत्ता पौधा से छुड़ाना चाहिए. The post Parivartini Ekadashi 2026: कब है परिवर्तिनी एकादशी? जानें व्रत से पारण तक का मुहूर्त और महत्व appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Tata Sierra में आया Legend Series, कीमत 11.99 लाख रुपये से शुरू, जानें सभी वेरिएंट और फीचर्स

टाटा मोटर्स ने सिएरा के लिए Legend Series ट्रिम लाइन पेश की है. इसकी कीमत 11.99 लाख रुपये से शुरू होती है. Legend Series के साथ सिएरा रेंज में कुल 18 नए वेरिएंट जुड़े हैं. इन्हें पांच ट्रिम लेवल Smart+ L, Pure L, Pure L(O), Pure+ L और Adventure+ L में बांटा गया है. ये वेरिएंट ज्यादातर सिएरा के पहले से मौजूद लोअर और मिड-स्पेक ट्रिम पर बेस्ड हैं. इनके नाम में ‘L’ suffix दिया गया है. टाटा सिएरा Legend Series की कीमत सिएरा के Legend Series ट्रिम की कीमत इनके बेस मॉडल से 50,000-70,000 रुपये ज्यादा है. चलिए सिएरा Legend Series की पूरी प्राइस लिस्ट पर नजर डालते हैं.  वेरियंट (Variant) पेट्रोल एमटी (Petrol MT) पेट्रोल डीसीटी (Petrol DCT) डीजल एमटी (Diesel MT) डीजल एटी (Diesel AT) टर्बो-पेट्रोल एटी (Turbo-petrol AT) Smart+ L 11.99 – 13.49 – – Pure L 13.79 14.99 15.24 – – Pure L(O) 14.29 15.59 15.74 16.99 – Pure+ L 14.99 16.29 16.44 17.74 – Adventure+ L 16.99 18.29 18.19 19.49 18.99 टाटा सिएरा Legend Series के ट्रिम की जानकारी Legend Series का मकसद सिएरा के महंगे वेरिएंट में मिलने वाले कई प्रीमियम फीचर्स को कम कीमत वाले वेरिएंट में भी देना है. इससे कम बजट में सिएरा खरीदने वाले ग्राहकों को भी ज्यादा प्रीमियम अनुभव मिलेगा. उदाहरण के लिए, सिएरा Pure+ L में वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स और 6-वे पावर्ड ड्राइवर सीट दी गई हैं. ये दोनों फीचर्स पहले सिर्फ SUV के टॉप से एक नीचे वाले Accomplished ट्रिम में मिलते थे. इसके अलावा इसमें डुअल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल, मैनुअल Boss मोड़, थाई सपोर्ट एक्सटेंडर और पूरे इंटीरियर में लेदरैट फिनिश भी मिलती है. सिएरा Smart+ L में क्या मिलेगा? बेस Smart+ L ट्रिम में स्टैंडर्ड सिएरा Smart+ के मुकाबले लेदरैट सीट्स और इंटीरियर ट्रिम, व्हील कवर, ऑटो-फोल्डिंग आउटसाइड रियरव्यू मिरर (ORVMs), स्टीयरिंग माउंटेड कंट्रोल्स और रूफ रेल्स दिए गए हैं. ये भी पढ़ें: बिहार-झारखंड के पहले JLR Exclusive शोरूम का उद्घाटन, MD से खास बातचीत; देखें अंदर की झलक सिएरा Pure L के फीचर्स Pure L वेरिएंट में 10.25 इंच का इंफोटेनमेंट टचस्क्रीन, वायरलेस Apple CarPlay और Android Auto, रियर कैमरा, 8-स्पीकर साउंड सिस्टम, क्रूज कंट्रोल, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम, रियर वाइपर/वॉशर, 17 इंच के अलॉय व्हील्स और कई अन्य फीचर्स मिलते हैं. सिएरा Pure L(O) में क्या खास है? Pure L(O) Legend Series का मिड-स्पेक वेरिएंट है. इसमें Pure L के मुकाबले पैनोरमिक सनरूफ, ऑटोमैटिक हेडलैंप्स और रेन-सेंसिंग वाइपर्स दिए गए हैं. ये भी पढ़ें: 22 सितंबर को आ सकती है नई Mahindra Thar Facelift, Roxx जैसा बदलेगा लुक; कौन-कौन से नए फीचर्स मिलेंगे? सिएरा Adventure+ L के फीचर्स Legend Series का सबसे ऊपर वाला वेरिएंट Adventure+ L है. इसमें 360 डिग्री कैमरा, फ्रिक्वेंसी-डिपेंडेंट डैम्पर्स, टेरेन मोड्स, दो 12.3 इंच की स्क्रीन, फ्रंट पार्किंग सेंसर, रियर सीट रिक्लाइन फीचर, एम्बिएंट लाइटिंग, कूल्ड ग्लव बॉक्स और वायरलेस चार्जिंग पैड मिलता है. टाटा सिएरा Legend Series के इंजन और गियरबॉक्स Legend Series में ज्यादातर पावरट्रेन विकल्प उन ट्रिम के जैसे ही हैं, जिन पर ये वेरिएंट बेस्ड हैं. हालांकि, Pure+ L में 160hp वाला 1.5 लीटर डायरेक्ट-इंजेक्शन टर्बो-पेट्रोल AT इंजन का अतिरिक्त विकल्प मिलता है. वहीं Adventure+ L में 106hp वाला 1.5 लीटर पेट्रोल DCT विकल्प दिया गया है. खास बात यह है कि अब Pure+ L सिएरा के टर्बो-पेट्रोल इंजन का सबसे कम कीमत वाला वेरिएंट है. Legend Series के अलावा, स्टैंडर्ड सिएरा Adventure+ ट्रिम को भी अब 1.5 लीटर पेट्रोल DCT पावरट्रेन के साथ खरीदा जा सकता है. The post Tata Sierra में आया Legend Series, कीमत 11.99 लाख रुपये से शुरू, जानें सभी वेरिएंट और फीचर्स appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Kal Ka Rashifal 19 September 2026: वृषभ के लिए खुलेंगे कमाई के नए रास्ते, कुंभ वाले रखें वाणी पर कंट्रोल, जानें कल का राशिफल

Kal Ka Rashifal 19 September 2026: कल 19 सितंबर 2026 शनिवार का दिन सभी राशियों के लिए कुछ खास बदलाव लेकर आएगा. किसी को आर्थिक लाभ मिलेगा, तो किसी के लिए नौकरी, व्यापार और परिवार में अच्छे अवसर बनेंगे. जानें ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा से कल का राशिफल. मेष राशि का कल का राशिफल कल मंगलवार 19 सितंबर को मेष राशि के जातकों के लिए बदलाव और नए अवसर लेकर आएगा. वर्कप्लेस में लाभ के नए रास्ते खुल सकते हैं. सोशल लाइफ में आपका प्रभाव और कार्यक्षेत्र बढ़ेगा. किसी नए संपर्क से भविष्य में फायदा मिल सकता है. वृषभ राशि का कल का राशिफल कल 19 सितंबर को वृषभ राशि के जातकों को किसी नई प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने का अवसर मिलेगा. इनकम बढ़ाने के नए साधन मिल सकते हैं. सामाजिक स्तर पर मान-सम्मान और यश में वृद्धि होने के योग हैं मिथुन राशि का कल का राशिफल कल 19 सितंबर का दिन मिथुन राशि के जातकों के लिए उत्साह और उमंग से भरा रहेगा. नौकरी कर रहे लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं. परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा. कर्क राशि का कल का राशिफल कल 19 सितंबर को कर्क राशि के जातकों को अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखने में सफलता मिलेगी. सोच-समझकर किए गए फैसलों से लाभ मिलने की संभावना है. आज आर्थिक मामलों में स्थिति मजबूत हो सकती है. कारोबार से जुड़े लोगों के लिए समय अनुकूल रहेगा. सिंह राशि का कल का राशिफल कल 19 सितंबर को सिंह राशि के जातकों को मकान, वाहन या अन्य भौतिक सुख-सुविधाएं मिलेगी. परिवार के साथ सुखद समय बिताने का अवसर मिलेगा. विरोधियों पर आपका प्रभाव बना रहेगा. कन्या राशि का कल का राशिफल कल 19 सितंबर को कन्या राशि के जातकों के लंबे समय से रुका हुआ कोई महत्वपूर्ण काम पूरा होने की संभावना है. संतान से जुड़ी अच्छी समाचार मिल सकती है. आपकी कोई पुरानी महत्वाकांक्षा पूरी हो सकती है.नई प्रॉपर्टी खरीदने का संयोग बन सकता है. ये भी पढ़ें: Mars Gochar 2026: कर्क में नीच होकर मंगल करेंगे गोचर, मेष से मीन तक जानें किन राशियों को बरतनी होगी सावधानी तुला राशि का कल का राशिफल कल 19 सितंबर को तुला राशि के जातकों को नई योजनाओं को पूरा करने में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. कल जल्दबाजी के बजाय सोच-समझकर निर्णय लेना आपके लिए फायदेमंद रहेगा. आपकी बुद्धि और चतुराई आर्थिक समस्याओं को दूर करने में मदद करेगी वृश्चिक राशि का कल का राशिफल कल 19 सितंबर को वृश्चिक राशि के जातकों के आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और आप महत्वपूर्ण फैसले बेहतर तरीके से ले पाएंगे. लंबे समय से चली आ रही किसी परेशानी से राहत मिलने की संभावना है. व्यवसाय की स्थिति में सुधार आएगा और कामकाज से जुड़े मामलों में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं. धनु राशि का कल का राशिफल कल 19 सितंबर को धनु राशि के जातकों को आमदनी के साधनों में सुधार होने के संकेत हैं. परिवार के किसी सदस्य से शुभ समाचार मिल सकता है. आर्थिक मामलों में स्थिति पहले से बेहतर होने की संभावना है. मकर राशि का कल का राशिफल कल 19 सितंबर को मकर राशि के जातकों की कुछ नए लोगों से संबंध बन सकते हैं, जो भविष्य में आपके लिए उपयोगी साबित होंगे. पारिवारिक परेशानियों से राहत मिलने के योग हैं. नौकरी बदलने की योजना बना रहे हैं तो फिलहाल जल्दबाजी न करें. कुंभ राशि का कल का राशिफल कल 19 सितंबर को कुंभ राशि के जातक अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें और किसी से बातचीत करते समय सोच-समझकर शब्दों का प्रयोग करें. प्रशासनी नौकरी करने वालों को नया पद या अधिकार मिलने की संभावना है. कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं. मीन राशि का कल का राशिफल कल 19 सितंबर को मीन राशि के जातकों के सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा होगी. लंबे समय से बकाया रकम मिलने की संभावना है. श्रेष्ठजनों का सहयोग मिलेगा, जिससे रोजी-रोजगार के क्षेत्र में उन्नति के रास्ते खुलेंगे. The post Kal Ka Rashifal 19 September 2026: वृषभ के लिए खुलेंगे कमाई के नए रास्ते, कुंभ वाले रखें वाणी पर कंट्रोल, जानें कल का राशिफल appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

कुछ लोगों को वीकेंड पर घर में रहना ही क्यों अच्छा लगता है? जानें क्या है इसके पीछे की साइकोलॉजी

Staying home on weekends: पूरे हफ्ते ऑफिस, ट्रैवल और रोजमर्रा की जिम्मेदारियों में व्यस्त रहने के बाद कई लोगों को वीकेंड पर कहीं बाहर जाने का मन नहीं करता. वे घर पर रहकर आराम करना, फिल्म देखना, खाना बनाना या अपनी पसंद का कोई काम करना ज्यादा पसंद करते हैं. ऐसा करना सिर्फ आलस नहीं है. कई बार इसके पीछे मानसिक थकान और खुद को आराम देने की जरूरत भी हो सकती है. घर पर रहकर मिलती है मानसिक शांति हफ्तेभर काम का दबाव और लगातार भागदौड़ दिमाग को थका सकती है. ऐसे में वीकेंड पर घर में रहना व्यक्ति को थोड़ा धीमा होने और आराम करने का मौका देता है. बिना किसी जल्दबाजी के सोना, किताब पढ़ना, खाना बनाना या पसंदीदा सीरीज देखना मन को हल्का महसूस करा सकता है. अपनी पसंद के काम करने का मिलता है समय काम के दिनों में कई लोग अपनी हॉबी के लिए समय नहीं निकाल पाते. वीकेंड पर घर में रहने से उन्हें अपनी पसंद के काम करने का मौका मिलता है. कोई गार्डनिंग करता है, कोई पेंटिंग या गेमिंग में समय बिताता है, तो कोई घर को व्यवस्थित करना पसंद करता है. ऐसे काम रोज की व्यस्तता से अलग एक तरह का ब्रेक देते हैं. हर समय लोगों के बीच रहना जरूरी नहीं वीकेंड पर पार्टी या दोस्तों के साथ बाहर जाना हर किसी को पसंद हो, ऐसा जरूरी नहीं है. कुछ लोग कम लोगों के साथ समय बिताना पसंद करते हैं. उनके लिए घर पर परिवार के साथ बैठना या किसी करीबी दोस्त से बात करना ही काफी हो सकता है. इसका मतलब यह नहीं कि वे लोगों से दूरी बनाना चाहते हैं. अगले हफ्ते के लिए खुद को तैयार करना घर पर शांत समय मिलने से लोग आने वाले दिनों की तैयारी भी कर पाते हैं. कपड़े और जरूरी सामान व्यवस्थित करना, अगले हफ्ते का प्लान बनाना या कुछ जरूरी काम निपटाना आसान हो जाता है. इससे सोमवार की शुरुआत थोड़ी कम भागदौड़ वाली महसूस हो सकती है. घर पर रहना भी हो सकता है अच्छा ब्रेक हर व्यक्ति के लिए आराम करने का तरीका अलग होता है. किसी को घूमने से खुशी मिलती है, तो किसी को अपने घर के शांत माहौल में समय बिताने से. इसलिए वीकेंड पर घर में रहना बोरिंग होना नहीं है. अगर इससे आपको सुकून और ऊर्जा मिलती है, तो यह भी खुद को रिचार्ज करने का एक तरीका हो सकता है. यह भी पढ़ें: छोटे-छोटे UPI पेमेंट खाली कर रहे जेब? महीने भर के खर्चों का ऐसे रखें हिसाब The post कुछ लोगों को वीकेंड पर घर में रहना ही क्यों अच्छा लगता है? जानें क्या है इसके पीछे की साइकोलॉजी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Asian Games 2026: 57 रन पर जापान ढेर, 90 गेंद रहते जीता भारत… शेफाली की तूफानी पारी से सेमीफाइनल में टीम इंडिया

Asian Games 2026: हिंदुस्तानीय स्त्री क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स में अपने अभियान को शानदार अंदाज में आगे बढ़ाते हुए सेमीफाइनल में जगह बना ली है. चौथे क्वार्टरफाइनल में हिंदुस्तान ने जापान को 8 विकेट से हराया. जापान की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 57 रन पर सिमट गई. जवाब में हिंदुस्तान ने 8 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया और 90 गेंद बाकी रहते लक्ष्य हासिल कर लिया. 57 रन पर जापान की पारी सिमटी कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में स्पोर्ट्से गए मुकाबले में हिंदुस्तानीय कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया. हिंदुस्तानीय गेंदबाजों ने कप्तान के फैसले को सही साबित किया और जापान को बड़ा स्कोर बनाने का मौका ही नहीं दिया. जापान ने 24 रन के स्कोर पर अपना पहला विकेट गंवाया. इसके बाद हिंदुस्तानीय गेंदबाजों ने लगातार विकेट चटकाए और पूरी टीम 57 रन पर ऑलआउट हो गई. जापान की ओर से आयाका काटो ने सबसे ज्यादा 25 रन बनाए. हारुना इवासाकी ने 10 रन का योगदान दिया. इनके अलावा कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू सकी. हिंदुस्तान की ओर से शेफाली वर्मा ने 2 विकेट लिए, जबकि दीप्ति शर्मा और श्रेयंका पाटिल को 1-1 विकेट मिला. आपके दिए आंकड़ों के अनुसार श्री चरणी ने 4 विकेट लिए हैं. ये भी पढ़ें: एशियन गेम्स में मोहसिन नकवी ने मेडल दिया तो क्या करेगा हिंदुस्तान? BCCI ने दिया साफ जवाब 24 रन पर हिंदुस्तान ने गंवाए दो विकेट 57 रन के छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरी हिंदुस्तानीय टीम की शुरुआत भी पूरी तरह आसान नहीं रही. टीम ने 24 रन के स्कोर पर अपने दो विकेट गंवा दिए. इसके बाद शेफाली वर्मा और ऋचा घोष ने मोर्चा संभाला. दोनों ने तेजी से रन बनाते हुए जापान के गेंदबाजों को वापसी का कोई मौका नहीं दिया. शेफाली ने 40 रन की नाबाद पारी स्पोर्ट्सी शेफाली वर्मा ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 40 रन बनाए. वहीं ऋचा घोष ने उनका साथ देते हुए नाबाद 12 रन की पारी स्पोर्ट्सी. दोनों ने मिलकर महज कुछ ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया. हिंदुस्तान ने 90 गेंद यानी 15 ओवर बाकी रहते मुकाबला अपने नाम किया. सेमीफाइनल में पहुंची टीम इंडिया इस जीत के साथ हिंदुस्तानीय स्त्री क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स 2026 के सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली है. टीम ने पहले गेंदबाजी में जापान को सिर्फ 57 रन पर रोक दिया और फिर छोटे लक्ष्य को तेजी से हासिल कर मुकाबला एकतरफा बना दिया. अब सेमीफाइनल में हिंदुस्तान का सामना बांग्लादेश से होगा. ये भी पढ़ें: हिंदुस्तानीय टीम ने रचा इतिहास, टी20I में ऐसा कारनामा करने वाली दुनिया की पहली टीम बनी The post Asian Games 2026: 57 रन पर जापान ढेर, 90 गेंद रहते जीता हिंदुस्तान… शेफाली की तूफानी पारी से सेमीफाइनल में टीम इंडिया appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

VVAAN Chhath Song: ‘छठी मैया’ गीत ने जीत लिया बिहार का दिल, ‘वन’ के छठ गीत पर श्वेता तिवारी बोलीं- हर जगह इसी की चर्चा

VVAN Chhath Song: बॉलीवुड में जब कहानी बिहार की मिट्टी और छठ की आस्था से जुड़ जाए, तो मामला सिर्फ एक गाने का नहीं रहता, इमोशन सीधा दिल तक पहुंचता है. ‘द वन’ का ‘छठी मइयां’ सॉन्ग रिलीज होते ही चर्चा में आ गया है. अब फिल्म के ट्रेलर लॉन्च पर तमन्ना भाटिया, सिद्धार्थ मल्होत्रा और एकता कपूर के सामने श्वेता तिवारी ने बिहार में इसके क्रेज को लेकर बात की. छठी मैया सॉन्ग को लेकर क्या बोली श्वेता तिवारी श्वेता तिवारी ने द वन (The Vvaan) के ट्रेलर लॉन्च पर छठी मैया गीत की तारीफ की. उन्होंने एक किस्सा सुनाते हुए कहा, ‘छठी मइयां’ गाना रिलीज होने के बाद एक खास शख्स ने फोन किया था. फोन पर उन्होंने कहा ‘हम बहुत खुश हैं कि हमारा छठ पर्व अब बड़े पर्दे पर नजर आ रहा है. पूरा बिहार इसे लेकर इतना एक्साइटेड है, हर जगह इसी की चर्चा हो रही है. हमें कहीं न कहीं पहले से पता था कि अगर छठ को कभी पर्दे पर दिखाया गया, तो उसे एकता ही लेकर आएगी.”‘ ये भी पढ़ें: VVAAN Bihar Mystery: 400 साल पुराना मंदिर… सूर्यास्त के बाद नो एंट्री, बिहार की ‘वन देवी’ की रहस्यमयी कहानी दिखाएंगे सिद्धार्थ-तमन्ना तमन्ना भाटिया ने बिहार के छठ को लेकर क्या कहा तमन्ना भाटिया ने छठ को लेकर अपनी एक्साइटमेंट शेयर की थी. उन्होंने बताया कि हमारे देश में लोककथाओं और परंपराओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन उन्हें बड़े पर्दे तक लाना आसान काम नहीं. उन्होंने कहा कि फिल्म के लिए छठ वाला सीक्वेंस शूट करते वक्त उन्हें इस पर्व को करीब से समझने का मौका मिला. मैं उस वक्त इमोशनल हो गई थी, क्योंकि उगते सूरज को तो सब नमन करते हैं, लेकिन ढलते सूरज को प्रणाम करना बिहार की संस्कृति में है. द वन कब होगी रिलीज ‘द वन’ की रिलीज की तारीख में भी कई बार बदलाव हुए हैं. पहले इसे 2025 में छठ पूजा पर रिलीज करने की अनाउंसमेंट की गई थी, फिर इसे मई 2026 और उसके बाद 28 अगस्त के लिए आगे बढ़ा दिया गया. अब फाइनली ये मूवी 25 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. मूवी दीपक कुमार मिश्रा द्वारा निर्देशित और शोभा कपूर, एकता कपूर द्वारा निर्मित है. ये भी पढ़ें: भोजपुरी को कहा था ‘लैट्रिन वाली भाषा’… अब करियर बचाने सिद्धार्थ मल्होत्रा को याद आई बिहार की मिट्टी, छठ और वन देवी The post VVAAN Chhath Song: ‘छठी मैया’ गीत ने जीत लिया बिहार का दिल, ‘वन’ के छठ गीत पर श्वेता तिवारी बोलीं- हर जगह इसी की चर्चा appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top