BJP vs Congress News : दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन और वोट चोरी के आरोपों को लेकर शुरू हुई सियासी लड़ाई अब ‘रेजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन की बहस तक पहुंच गई है. हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर बांग्लादेश जैसे आंदोलन के जरिए प्रशासन को अस्थिर करने की कोशिश का आरोप लगाया है. वहीं, विपक्ष का कहना है कि उसका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में सुधार और लोकतंत्र की रक्षा करना है.
प्रशांत भूषण के बयान से शुरू हुआ विवाद
15 अक्टूबर को दिल्ली में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि अगर कथित मनमानी जारी रही, तो सत्ता परिवर्तन जरूर होगा. उन्होंने कहा कि नागरिकों को लोकतांत्रिक तरीके से प्रशासन बदलने की मांग करने का अधिकार है. उनके इस बयान को BJP ने विपक्ष के आंदोलन के पीछे सत्ता परिवर्तन की मंशा के रूप में पेश किया.
बांग्लादेश के आंदोलन का क्यों हुआ जिक्र?
विवाद में बांग्लादेश का संदर्भ तब जुड़ा, जब ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने 14 अक्टूबर को बांग्लादेश में 2024 के छात्र आंदोलन की तारीफ की. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में दिख रहा Gen-Z आंदोलन सबसे पहले बांग्लादेश में शुरू हुआ था और वहां के आंदोलन से सीख लेने की जरूरत है.
बांग्लादेश में जुलाई 2024 में प्रशासनी नौकरियों में आरक्षण के खिलाफ शुरू हुआ छात्र आंदोलन बाद में व्यापक प्रशासन विरोधी आंदोलन में बदल गया. पांच अगस्त 2024 को तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता छोड़कर देश से बाहर जाना पड़ा. BJP ने नेहा बोरा के बयान को हिंदुस्तान में भी इसी तरह के सत्ता परिवर्तन की कोशिश से जोड़ दिया.
राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर साधा निशाना
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 16 अक्टूबर को कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर युवाओं को अराजकता की नेतृत्व में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को नेतृत्वक अस्थिरता पैदा करने के लिए मोहरा बनाया जा रहा है. BJP का दावा है कि SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध-प्रदर्शनों के जरिए प्रशासन के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है.
BJP के दूसरे नेताओं ने भी लगाए आरोप
BJP सांसद संबित पात्रा ने प्रशांत भूषण के बयान का हवाला देते हुए कहा कि विपक्ष का उद्देश्य केवल मतदाता सूची में सुधार नहीं, बल्कि प्रशासन बदलना है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने भी विपक्ष पर आंदोलन के जरिए सत्ता हासिल करने की कोशिश का आरोप लगाया. BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी कांग्रेस और CJP पर विदेशी ताकतों के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया है. इन आरोपों के समर्थन में सार्वजनिक रूप से कोई निर्णायक सबूत पेश किए जाने की जानकारी इस रिपोर्ट में नहीं है.
कांग्रेस का जवाब- चुनाव के जरिए बदलेंगे प्रशासन
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने राजनाथ सिंह के आरोपों पर तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष ने कभी यह छिपाया ही नहीं कि वह चुनाव के जरिए BJP प्रशासन को हराना चाहता है. उन्होंने 1977 के चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि लोकतंत्र में प्रशासन बदलने का रास्ता चुनाव है. खेड़ा के मुताबिक, विपक्ष का लक्ष्य भी इसी संवैधानिक प्रक्रिया के जरिए सत्ता परिवर्तन करना है.
अभिजीत दीपके ने सत्ता परिवर्तन से किया किनारा
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार CJP के चीफ अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि उनके संगठन का उद्देश्य प्रशासन बदलना नहीं, बल्कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और उनकी जगह निष्पक्ष नियुक्ति की मांग करना है. उन्होंने कहा कि संगठन जवाबदेही चाहता है. CJP SIR में कथित अनियमितताओं को लेकर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है.
SIR से शुरू हुई लड़ाई अब नेतृत्वक आरोपों तक पहुंची
इस पूरे विवाद की शुरुआत मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध से हुई थी. अब BJP इसे प्रशासन को अस्थिर करने की कोशिश बता रही है, जबकि विपक्ष लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनाव सुधार की बात कर रहा है. फिलहाल ‘रेजीम चेंज’ को लेकर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं. असली सवाल यही है कि नेतृत्वक बदलाव की मांग को लेकर चल रहा यह विवाद आगे किस दिशा में जाता है.
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