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CoBRA यूनिट की पहली महिला अधिकारी, जानिए कौन हैं IPS संजुक्ता पराशर

Sanjukta Parashar IPS: IPS संजुक्ता पराशर को स्पेशल यूनिट CoBRA (Commando Battalion for Resolute Action) का नया IG नियुक्त किया गया है. 10 बटालियन वाली इस स्पेशल फोर्स (Special Force) को संभालने वाली पहली स्त्री अधिकारी हैं. वो असम-मेघालय कैडर की 2006 बैच की IPS हैं, जो अपने बोल्ड मिजाज के लिए जानी जाती हैं. इसलिए उन्हें ‘आयरन लेडी ऑफ असम’ भी कहा जाता है. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने पहली बार दस बटालियन वाली यूनिट की कमान किसी स्त्री अधिकारी को दी है. परासर ने इससे पहले नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NAI) में भी काम किया है. आइए, जानते हैं उनके बारे में विस्तार से. स्पोर्ट्स और स्विमिंग का रखती हैं शौक संजुक्ता पराशर का जन्म असम में हुआ है. उन्हें हमेशा से स्पोर्ट्स में इंटरेस्ट था, जिस वजह से वे स्कूल के दौरान कई सारे स्पोर्ट्स प्रतियोगिता में शामिल होती थीं. इसी के साथ उन्होंने स्विमिंग भी सिखी और नाटक में भाग लेती थीं. DU और JNU से संजुक्ता पराशर ने की है पढ़ाई IPS संजुक्ता ने स्कूली पढ़ाई के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University) के इंद्रप्रस्थ कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में बैचलर की डिग्री हासिल की. इसके बाद उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से इंटरनेशनल रिलेशन (IR) में पीएचडी की डिग्री पूरी की. 2006 में बनीं IPS साल 2006 में संजुक्ता पराशर ने ऑल इंडिया रैंक 85वीं हासिल की. वो आराम से IAS बन सकती थीं. लेकिन उन्हें हमेशा से पुलिस और प्रशासन के लिए काम करना था और उन्होंने IPS कैडर चुना. यहीं से उनका मैदान और कानून व्यवस्था का सफर शुरू हुआ. 2008 में मिली पहली पोस्टिंग 2008 में संजुक्ता पराशर की पहली पोस्टिंग असम के माकुम में असिस्टेंट कमांडेंट के तौर पर हुई थी, जहां उन्हें एक बड़ी जिम्मेदारी मिली थी. संजुक्ता को बोडो समूहों और बांग्लादेश से आए प्रवासियों के बीच चल रही हिंसक झड़पों के बीच कानून-व्यवस्था संभालनी थी. IPS संजुक्ता पराशर अन्य अधिकारियों के साथ (PC-इंस्टाग्राम) उन्होंने इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया और एक के बाद एक उन्हें इस तरह के मिशन मिलते रहे. साल 2015 में कई उग्रवादी ऑपरेशन में उन्होंने बतौर IPS अहम रोल निभाया. क्या है CoBRA फोर्स? CoBRA (कमांडो बटालियन फॉर रेजोल्यूट एक्शन) केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की एक स्पेशल कमांडो इकाई है, जिसे मुख्य रूप से जंगल युद्ध (Jungle Warfare) और गुरिल्ला रणनीति (Guerrilla Tactics) के लिए तैयार किया गया है. इसकी स्थापना वर्ष 2008 में हिंदुस्तान प्रशासन के गृह मंत्रालय द्वारा की गई थी. ये भी पढ़ें: कनौरा की आस्था को UPSC में रैंक 61, सिर्फ 21 की उम्र में बनीं यंगेस्ट IAS The post CoBRA यूनिट की पहली स्त्री अधिकारी, जानिए कौन हैं IPS संजुक्ता पराशर appeared first on Naya Vichar.

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₹1.64 लाख के फोन के लिए रात भर कतार में खड़े रहे लोग! जानिए iPhone 18 Pro सीरीज में ऐसा क्या है खास

ऐपल प्रेमी जिस घड़ी का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, वह आखिरकार आ ही गई. हिंदुस्तान में बहुप्रतीक्षित iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max की आधिकारिक बिक्री शुरू हो चुकी है. देश की राजधानी दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और नोएडा सहित सभी छह प्रमुख ऐपल रिटेल स्टोर्स और आधिकारिक ऑनलाइन स्टोर पर सुबह से ही ग्राहकों का हुजूम उमड़ पड़ा. नए प्रो मॉडल्स को खरीदने के लिए लोग 10 से 12 घंटे तक लाइनों में खड़े रहे. वहीं, कंपनी ने इस बार अपने पहले फोल्डेबल फोन iPhone Duo की प्री-ऑर्डर तारीखों का भी ऐलान कर दिया है, जिससे हिंदुस्तानीय टेक प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. “दीवानगी ऐसी कि 12 घंटे का इंतजार!” स्टोर्स के बाहर दिखा त्यौहारी माहौल ऐपल स्टोर्स के बाहर का नजारा किसी बड़े त्योहार से कम नहीं नजर आया. महाराष्ट्र में पहला आईफोन (iPhone 18 Pro) हासिल करने वाले एक खरीदार ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि वह इस पल के लिए रात से ही लगभग 10 से 12 घंटे तक लाइन में लगे रहे. कुछ ऐसा ही नजारा बेंगलुरु में देखने को मिला, जहां राहुल नाम के ग्राहक सुबह 5 बजे से कतार में डटे थे. उन्होंने बताया कि वह iPhone 7 के समय से हर साल नया मॉडल खरीदते हैं और उनके लिए यह दिन किसी उत्सव की तरह होता है. नोएडा में भी पहला फोन खरीदने पहुंचे ग्राहक ने बताया कि वह iPhone 13 से सीधे iPhone 18 Pro पर अपग्रेड कर रहे हैं. इस क्रेज में देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे लोग शामिल रहे, जो नए गैजेट को सबसे पहले अपने हाथों में थामना चाहते थे. सोशल मीडिया पोस्ट यहां देखें iPhone 18 Pro सीरीज: जानिए हिंदुस्तान में कितनी है कीमत ऐपल ने अपने प्रो लाइनअप को चार स्टोरेज ऑप्शंस में पेश किया है. इनमें 256GB बेस वेरिएंट से लेकर 2TB तक के टॉप-एंड मॉडल शामिल हैं: iPhone 18 Pro Price: इसका 256GB बेस वेरिएंट ₹1,64,900 में उपलब्ध है. वहीं, 512GB वेरिएंट की कीमत ₹1,89,900, 1TB वेरिएंट की कीमत ₹2,39,900 और टॉप-स्पेक 2TB वेरिएंट की कीमत ₹3,14,900 तय की गई है. iPhone 18 Pro Max Price: इस फ्लैगशिप मॉडल का 256GB वेरिएंट ₹1,79,900 से शुरू होता है. इसके 512GB वेरिएंट का प्राइस ₹2,04,900, 1TB वेरिएंट का प्राइस ₹2,54,900 और सबसे महंगे 2TB मॉडल का प्राइस ₹3,29,900 है. दमदार A20 Pro चिप, नया कलर और वेरिएबल एपर्चर वाला 48MP कैमरा तकनीकी रूप से iPhone 18 Pro सीरीज को काफी मजबूत बनाया गया है. यह सीरीज ब्लैक, सिल्वर, ग्लेशियर और एक नए आकर्षक बर्गंडी (Burgundy) फिनिश में उपलब्ध कराई गई है: परफॉर्मेंस और कूलिंग: इसमें ऐपल की अगली पीढ़ी की A20 Pro चिप दी गई है. फोन को हैवी टास्क और गेमिंग के दौरान ठंडा रखने के लिए नया वेपर चैंबर (Vapour Chamber) कूलिंग सिस्टम दिया गया है, जो एआई फीचर्स और बैटरी बैकअप को भी बेहतर बनाता है. कैमरा सिस्टम: प्रो मॉडल्स में वेरिएबल एपर्चर (Variable Aperture) के साथ 48MP फ्यूजन प्राइमरी कैमरा और नए प्रो-कैमरा कंट्रोल्स दिए गए हैं, जिससे प्रोफेशनल फोटोग्राफी और भी आसान हो जाती है. हिंदुस्तान में आया ऐपल का पहला फोल्डेबल फोन ‘iPhone Duo’ स्मार्टफोन इतिहास में बड़ा कदम उठाते हुए ऐपल ने अपने पहले फोल्डेबल फोन iPhone Duo से भी पर्दा उठा दिया है. डिस्प्ले: इसमें 7.6-इंच की अंदरूनी सुपर रेटिना XDR डिस्प्ले और 5.4-इंच की बाहरी स्क्रीन दी गई है. प्री-ऑर्डर व बिक्री: हिंदुस्तान में iPhone Duo के प्री-ऑर्डर 16 अक्टूबर को शाम 5:30 बजे से शुरू होंगे, जबकि इसकी बिक्री 23 अक्टूबर से शुरू की जाएगी. कीमत और रंग: स्टार व्हाइट और नाइट स्काई कलर ऑप्शंस में आने वाले इस फोल्डेबल फोन की शुरुआती कीमत ₹2,99,900 रखी गई है. AirPods 5 और नई Apple Watch Series 12 भी हुईं लॉन्च आईफोन के साथ-साथ ऐपल ने अपने एक्सेसरीज पोर्टफोलियो को भी अपडेट किया है: AirPods 5: ओपन-ईयर डिजाइन वाले इन नए ईयरबड्स में एक्टिव नॉइज कैंसिलेशन (ANC) दिया गया है. कंपनी का दावा है कि यह AirPods 4 की तुलना में 50% अधिक बाहरी शोर को कम कर सकते हैं. Apple Watch Series 12 & Ultra 4: नए S11 चिपसेट और एडवांस हेल्थ सेंसिंग सिस्टम से लैस ये स्मार्टवॉच बेहतर हार्ट रेट ट्रैकिंग, HRV रीडिंग्स और नया रेडीनेस स्कोर (Readiness Score) प्रदान करती हैं. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) Q1: हिंदुस्तान में iPhone 18 Pro और Pro Max की शुरुआती कीमत क्या है? उत्तर: हिंदुस्तान में iPhone 18 Pro के 256GB वेरिएंट की शुरुआती कीमत ₹1,64,900 है, जबकि iPhone 18 Pro Max के 256GB वेरिएंट की कीमत ₹1,79,900 से शुरू होती है. Q2: ऐपल के फोल्डेबल फोन ‘iPhone Duo’ की बिक्री हिंदुस्तान में कब शुरू होगी? उत्तर: iPhone Duo के लिए प्री-ऑर्डर 16 अक्टूबर शाम 5:30 बजे से शुरू होंगे और इसकी आधिकारिक बिक्री 23 अक्टूबर से होगी. इसकी शुरुआती कीमत ₹2,99,900 है. Q3: iPhone 18 Pro सीरीज में कौन-कौन से नए फीचर्स और रंग दिए गए हैं? उत्तर: इसमें A20 Pro चिप, नया वेपर चैंबर कूलिंग सिस्टम, वेरिएबल एपर्चर वाला 48MP कैमरा और एक नया ‘बर्गंडी’ कलर ऑप्शन शामिल है. ये भी पढ़ें: iPhone 18 Pro और Pro Max की बिक्री हिंदुस्तान में शुरू: जानिए EMI, बैंक ऑफर्स और टॉप मॉडल की कीमतें ये भी पढ़ें: ₹3 लाख का iPhone Duo: फोल्डेबल फोन में Apple का सबसे बड़ा दांव, क्या कीमत को सही ठहराते हैं फीचर्स? The post ₹1.64 लाख के फोन के लिए रात भर कतार में खड़े रहे लोग! जानिए iPhone 18 Pro सीरीज में ऐसा क्या है खास appeared first on Naya Vichar.

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100% टैरिफ की धमकी पर भी नहीं झुका भारत, क्या अमेरिका के साथ रिश्तों पर पड़ेगा बुरा असर?

अमेरिका और हिंदुस्तान के रिश्तों में रूस से खरीदा जाने वाला कच्चा तेल एक बार फिर बड़ा मुद्दा बन गया है. अमेरिकी संसद ने ऐसा विधेयक पास किया है, जिससे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का अधिकार मिल सकता है. हिंदुस्तान भी इसकी संभावित चपेट में है. हालांकि, अभी हिंदुस्तान पर 100% टैरिफ लगाया नहीं गया है. विधेयक अब ट्रंप की मंजूरी के इंतजार में है. 100% टैरिफ का खतरा आखिर आया कहां से? अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने 16 सितंबर को लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026 को 262-159 वोट से मंजूरी दी. इससे पहले अमेरिकी सीनेट इसे 86-11 वोट से पास कर चुकी थी. अब यह राष्ट्रपति ट्रंप के पास है. इस कानून का मकसद रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है. इसमें रूस के ऊर्जा सेक्टर और कथित ‘शैडो फ्लीट’ पर भी कार्रवाई का प्रावधान है. साथ ही राष्ट्रपति को उन देशों के सामान पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार दिया जा सकता है, जो रूसी ऊर्जा खरीदना जारी रखते हैं. यानी अभी हिंदुस्तान पर कोई नया 100% टैरिफ लागू नहीं हुआ है. हिंदुस्तान ने अमेरिका को क्या जवाब दिया? हिंदुस्तान ने इस मामले में अपना रुख साफ कर दिया है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि हिंदुस्तान 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और बदलते बाजार हालात के हिसाब से अलग-अलग देशों से ऊर्जा खरीद जारी रखेगा. विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि हिंदुस्तान ने अमेरिकी अधिकारियों के सामने इस कदम के हिंदुस्तान-अमेरिका संबंधों और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ने वाले संभावित असर को स्पष्ट किया है. साथ ही हिंदुस्तान अपने व्यापार और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा. रूस का तेल हिंदुस्तान के लिए इतना अहम क्यों? यही इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा पॉइंट है. हिंदुस्तान अपनी कच्चे तेल की जरूरत का 90% से ज्यादा हिस्सा आयात करता है. ऐसे में दुनिया के किसी बड़े तेल सप्लायर से अचानक दूरी बनाना आसान नहीं है. रॉयटर्स के मुताबिक, जुलाई 2026 में हिंदुस्तान के कुल कच्चे तेल आयात में रूसी तेल की हिस्सेदारी 50.83% यानी करीब 24.7 लाख बैरल प्रतिदिन थी. अप्रैल-जुलाई के दौरान औसत हिस्सेदारी 43.25% रही. इस दौरान रूस हिंदुस्तान का सबसे बड़ा क्रूड सप्लायर रहा. हिंदुस्तान के पास सऊदी अरब, इराक, यूएई, अमेरिका और लैटिन अमेरिका जैसे दूसरे विकल्प हैं. लेकिन रूसी तेल को अचानक पूरी तरह बदलने पर सप्लाई, कीमत और रिफाइनिंग लागत पर दबाव पड़ सकता है. अगर 100% टैरिफ लगा तो अमेरिका को क्या नुकसान, हिंदुस्तान को क्या? यहां मामला सिर्फ तेल का नहीं है. अमेरिका हिंदुस्तान का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है. एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक ऑफ इंडिया के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में हिंदुस्तान ने अमेरिका को करीब 86.5 अरब डॉलर का सामान निर्यात किया था. इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, मशीनरी, टेक्सटाइल और रत्न-जवाहरात जैसे सेक्टर इसमें अहम हैं. अगर अमेरिका हिंदुस्तान के सामान पर भारी अतिरिक्त टैरिफ लगाता है, तो हिंदुस्तानीय उत्पाद अमेरिकी बाजार में महंगे हो सकते हैं. इससे निर्यातकों के मार्जिन और अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा पर दबाव पड़ने की संभावना है. हालांकि वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि टैरिफ कब, किन उत्पादों पर और कितनी दर से लगाया जाता है. अप्रैल-अगस्त 2026 में अमेरिका को हिंदुस्तान का माल निर्यात 42.79 अरब डॉलर रहा, जो एक साल पहले इसी अवधि के 40.39 अरब डॉलर से ज्यादा है. तेल से लेकर महंगाई तक, आम आदमी पर क्या असर? अगर हिंदुस्तान रूसी तेल की खरीद कम करता है और उसकी जगह महंगा कच्चा तेल खरीदना पड़ता है, तो आयात बिल बढ़ सकता है. इसका असर पेट्रोल-डीजल, ट्रांसपोर्ट और दूसरी चीजों की लागत पर पड़ने की संभावना बन सकती है. इस समय कच्चे तेल की कीमतें भी अहम हैं. रॉयटर्स के मुताबिक, अगस्त में हिंदुस्तान के क्रूड बास्केट की औसत कीमत 90.19 डॉलर प्रति बैरल थी, जबकि सितंबर में यह औसत अब तक 109.76 डॉलर तक पहुंच चुका था. यानी हिंदुस्तान के सामने सीधी चुनौती है- रूसी तेल से मिलने वाली ऊर्जा सुरक्षा और अमेरिकी बाजार तक पहुंच, दोनों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए. फिलहाल गेंद अमेरिका के पाले में है. हिंदुस्तान ने साफ कर दिया है कि वह अपनी ऊर्जा जरूरतों और आर्थिक हितों को ध्यान में रखकर फैसला करेगा. अब देखना होगा कि ट्रंप इस कानून में मिले अधिकार का इस्तेमाल करते हैं या हिंदुस्तान के साथ किसी तरह की छूट या समझौते का रास्ता निकलता है. ये भी पढ़ें: 100% टैरिफ बिल के आगे नहीं झुकेगा हिंदुस्तान, कहा- देश की ऊर्जा सुरक्षा सबसे पहले The post 100% टैरिफ की धमकी पर भी नहीं झुका हिंदुस्तान, क्या अमेरिका के साथ रिश्तों पर पड़ेगा बुरा असर? appeared first on Naya Vichar.

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चंद्रशेखरन को दोबारा चेयरमैन बनाने पर विवाद: नोएल टाटा ने किया विरोध, लिस्टिंग रोकने के लिए दिया नया प्रस्ताव

Tata Chairman Dispute : देश के सबसे बड़े कारोबारी घरानों में शुमार टाटा ग्रुप के भीतर लीडरशिप और भविष्य के ढांचे को लेकर खींचतान तेज हो गई है. हाल ही में हुई टाटा संस के बोर्ड की बैठक में एन. चंद्रशेखरन को अगले पांच साल के लिए दोबारा चेयरमैन चुनने का प्रस्ताव पास किया गया. हालांकि, यह फैसला सबकी सहमति से नहीं हुआ. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने इसके खिलाफ वोट डाला और अपना विरोध दर्ज कराया. यह प्रस्ताव एक स्वतंत्र निदेशक के निर्णायक वोट (कास्टिंग वोट) के जरिए पास तो हो गया, लेकिन नोएल टाटा के विरोध ने इस फैसले की कानूनी वैधता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. ‘टाटा संस को प्राइवेट रखना 100 साल पुराने मॉडल की रीढ़’ नोएल टाटा का कहना है कि टाटा संस को गैर-सूचीबद्ध (प्राइवेट) रखना सिर्फ पसंद का मामला नहीं, बल्कि पूरे टाटा मॉडल का मूल आधार है. टाटा संस में टाटा ट्रस्ट्स की सबसे बड़ी हिस्सेदारी (करीब 66%) है और कंपनियों से मिलने वाले डिविडेंड से बड़े पैमाने पर सामाजिक और धर्मार्थ काम होते हैं. ये भी पढ़ें: बांग्लादेश विमान में मारपीट : आपस में भिड़े दो पैसेंजर, चले लात-घूसे; कपड़े तक फाड़ दिए, Video Viral नोएल का तर्क है कि प्राइवेट कंपनी होने के नाते ही टाटा संस सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और एविएशन (विमानन) जैसे भारी निवेश और लंबे समय में मुनाफा देने वाले सेक्टर्स में निर्भीक होकर फैसले ले पाती है. यदि कंपनी शेयर बाजार में लिस्ट हो गई, तो उसे हर तिमाही में वित्तीय रिटर्न चाहने वाले संस्थागत निवेशकों को जवाब देना पड़ेगा. इससे नुकसान में चल रहे कारोबार को संभालने और नए जोखिम लेने की क्षमता कमजोर होगी. RBI का फैसला और लिस्टिंग का दबाव टाटा संस को ‘अपर-लेयर एनबीएफसी’ (NBFC) की श्रेणी में रखे जाने के बाद बाजार में उसकी लिस्टिंग को लेकर चर्चाएं तेज हैं. टाटा संस ने मार्च 2024 में अपना एनबीएफसी रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की अर्जी दी थी, जिसे हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में 11 सितंबर को खारिज कर दिया और तय नियमों का पालन करने को कहा. नोएल टाटा का कहना है कि आरबीआई ने सीधे तौर पर तुरंत लिस्टिंग का आदेश नहीं दिया है, इसलिए कंपनी को लिस्टिंग की ओर भागने से पहले सभी कानूनी विकल्पों और नियामक से बातचीत के रास्तों को टटोलना चाहिए. एसपी ग्रुप का ₹25,000 करोड़ का प्रस्ताव इसी बैठक में नोएल टाटा ने शापूरजी पालोनजी (SP) ग्रुप की ओर से 25,000 करोड़ रुपये का एक प्रस्ताव भी बोर्ड के सामने रखा. इस प्रस्ताव के तहत टाटा संस को पब्लिक लिस्टिंग में धकेले बिना, शेयर बायबैक या कुछ हिस्सों को बेचकर एसपी ग्रुप को जरूरी नकदी (Liquidity) मुहैया कराने का विकल्प दिया गया है. अब सारा दारोमदार इस बात पर निर्भर करता है कि ट्रस्ट्स के नॉमिनी डायरेक्टर्स के अधिकारों को दरकिनार कर लिया गया यह फैसला कानूनी तौर पर कितना टिक पाता है. विश्लेषकों का मानना है कि चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल पर बोर्ड की मुहर के बावजूद यह विवाद अदालत या कानूनी समीक्षा की दहलीज तक पहुंच सकता है. ये भी पढ़ें: Mausam Update : 18 सितंबर को दिल्ली-UP से राजस्थान तक मौसम बदलेगा, जानें अगले 3 दिन कहां होगी बारिश The post चंद्रशेखरन को दोबारा चेयरमैन बनाने पर विवाद: नोएल टाटा ने किया विरोध, लिस्टिंग रोकने के लिए दिया नया प्रस्ताव appeared first on Naya Vichar.

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Radha Ashtami Vrat Katha: जब तक कान्हा सामने नहीं आए, राधा रानी ने नहीं खोली थीं आंखें; जानें जन्म की अद्भुत कथा

Radha Ashtami Vrat Katha: राधा अष्टमी भाद्रपद शुक्ल अष्टमी तिथि को मनाई जाती है. पौराणिक मान्यता के अनुसार, इसी तिथि में राधा रानी का जन्म वृषभानु और कीर्तिदा (कलावती) की पुत्री के रूप में हुआ था. महावीर और मिथिला पंचांग के अनुसार, इस साल भाद्रपद शुक्ल अष्टमी तिथि 19 सितंबर, शनिवार को पड़ रही है. पुराणों में राधा रानी के जन्म से जुड़ी कथा क्या है? जानिए. राधा अष्टमी व्रत कथा ब्रह्मवैवर्त और पद्म पुराण (पाताल खंड, गीता प्रेस गोरखपुर) में वर्णित प्रसंग के अनुसार, द्वापर युग में वृषभानु जी यमुना नदी में स्नान करने गए थे. उस दौरान दोपहर (मध्याह्न काल) के वक्त उन्हें जल में हजारों पत्ते वाले कमल पर सूर्य जैसा अलौकिक दिव्य तेज नजर आया. उस कमल के बीच एक तेजस्वी और अलौकिक रूप वाली एक कन्या मंद-मंद मुस्कुरा रही थी. पद्म पुराण मे राधा रानी के जन्म का प्रमाण “ततो दृष्ट्वा मया देवी बालभावेन संस्थिता, पद्ममध्ये स्थितां तन्वीं बालसूर्यसमप्रभाम्” (पद्म पुराण). यानी वृषभानु जी को कमल फूल के बीच सूर्य के समान चमकता हुआ और सुकोमल कन्या नजर आई. ये भी पढ़ें: Radha Ashtami 2026: कब मनाई जाएगी राधा अष्टमी? नोट कर लें तिथि, पूजा मुहूर्त और मंत्र कैसे हुआ राधा रानी का प्राकट्य? कहा जाता है कि वृषभानु जी और उनकी पत्नी कीर्तिदा (कलावती) को संतान नहीं थी. इसलिए वे उस कन्या को अपनी गोद में उठाकर रावल स्थित अपने महल में ले आए. पौराणिक मान्यता के अनुसार, राधा रानी का प्राकट्य श्रीकृष्ण से साढ़े ग्यारह महीने पहले हुआ था. रावल (मथुरा में स्थित) में प्राकट्य के बाद राधा रानी ने अपनी आंखें नहीं खोलीं. इसे देखकर कीर्तिदा और वृषभानु जी चिंतित हो गए. उन्हें लगा कि कन्या आंखों से दिव्यांग है. कहा जाता है कि राधा रानी ने संकल्प लिया था कि जब तक वह श्रीकृष्ण का दर्शन नहीं कर लेंगी, तब तक अपनी आंखें नहीं खोलेंगी. कुछ समय बीतने पर नंद जी की पत्नी यशोदा जी गोकुल से अपने लाडले (कान्हा जी) के साथ वृषभानु जी के घर पहुंचीं, जहां उनका आदर के साथ स्वागत किया गया. यशोदा जी कान्हा जी (श्रीकृष्ण) को अपनी गोद में लेकर राधा रानी के पास पहुंचीं. जब राधा रानी के सामने कान्हा जी पहुंचे, तो उन्होंने अपनी आंखें खोलीं. राधा रानी, कान्हा जी को एकटक (बिना पलक झपकाए) निहारती रहीं. अपने प्राणप्रिय कान्हा जी (श्रीकृष्ण) को देखकर राधा रानी बहुत आनंदित हुईं. वहीं, कान्हा जी भी राधा रानी को सामने देखकर बेहद खुश हुए. राधा-रानी (Image AI Generated) कीर्दिता और वृषभानु जी ने पूर्व जन्म में की थी कठोर तपस्या राधा रानी के जन्म से जुड़ी एक अन्य पौराणिक कथा के अनुसार, द्वापर युग में एक दिन वृषभानु जी यमुना में स्नान करने गए. उस दौरान उन्हें यमुना में सोने सा चमकता हुआ एक कमल तैरता हुआ दिखाई दिया. वृषभानु जी उस कमल के पास गए, तो उन्हें कमल फूल की पंखुड़ियों के बीच एक सुंदर कन्या लेटी हुई अवस्था में दिखाई दी. उस वक्त ब्रह्मा अचानक वहां प्रकट हुए. उन्होंने कहा कि पिछले जन्म में वृषभानु और उनकी पत्नी कीर्तिदा ने भगवान विष्णु की पत्नी (लक्ष्मी) को संतान के रूप में पाने के लिए कठिन तपस्या की थी. पूर्व जन्म के तप का फल: जब वृषभानु-कीर्तिदा के घर आईं राधा रानी भगवान ब्रह्मा ने वृषभानु जी को बताया कि कमल के फूल पर विराजमान यह कन्या मां लक्ष्मी का प्रतिरूप है. इस घटना के बाद वृषभानु जी उस कन्या को अपने घर ले गए. शरद पूर्णिमा के चंद्रमा के समान चमकती हुई कन्या को देखकर कीर्तिदा (वृषभानु जी की पत्नी) की खुशी का ठिकाना न रहा. घर में कन्या के आने पर कीर्तिदा ने धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया. ब्राह्मणों को गायें दान कीं. राधा रानी को रत्नों से जड़े पालने में रखा गया. धीरे-धीरे गांव की अन्य स्त्रीएं भी राधा रानी को देखने और पालने में झुलाने के लिए पहुंचने लगीं. राधा रानी का तेज चंद्रमा के समान धीरे-धीरे बढ़ता गया. ये भी पढ़ें: Radha Ashtami 2026: कब है राधा अष्टमी? जानें तारीख और महत्व The post Radha Ashtami Vrat Katha: जब तक कान्हा सामने नहीं आए, राधा रानी ने नहीं खोली थीं आंखें; जानें जन्म की अद्भुत कथा appeared first on Naya Vichar.

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IND W vs JPN W Live: भारतीय टीम ने जीता टॉस, जापान को पहले बल्लेबाजी का दिया न्योता; ऐसी है प्लेइंग-11

IND W vs JPN W Live: एशियन गेम्स 2026 में हिंदुस्तान और जापान की स्त्री क्रिकेट टीम आमने-सामने हैं. टीम इंडिया की नजर सेमीफाइनल में जगह पक्की करने पर है. यहां पढ़ें मैच का टॉस, स्कोर, विकेट और हर पल का लाइव अपडेट. The post IND W vs JPN W Live: हिंदुस्तानीय टीम ने जीता टॉस, जापान को पहले बल्लेबाजी का दिया न्योता; ऐसी है प्लेइंग-11 appeared first on Naya Vichar.

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Chhath-Diwali Special Train: यात्रियों को राहत: बिहार आने वालों के लिए चलाई जायेंगी 8 स्पेशल ट्रेनें, देखिए पूरी लिस्ट और टाइम टेबल

Chhath-Diwali Special Train: त्योहारों की सीजन की शुरुआत अक्टूबर से हो जाएगी. इस बीच बिहार आने वालों के लिए अच्छी समाचार है. उनके लिए कंफर्म टिकट नहीं मिलने की परेशानी काफी हद तक कम हो सकती है. राज्य के अलग-अलग जिलों के लिए 8 स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला लिया गया है. इस फैसले से ट्रेनों में भीड़भाड़ की समस्या भी कम होने की उम्मीद है. देखिए ट्रेनों की लिस्ट रक्सौल-लोकमान्य तिलक टर्मिनस (गाड़ी नंबर- 05557/05558)– यह ट्रेन हर मंगलवार और गुरुवार को चलाई जाएगी. 22 सितंबर से 26 नवंबर तक इस स्पेशल ट्रेन का परिचालन होगा. इस ट्रेन में यात्रियों को 4 जेनरल बोगी, 4 स्लीपर बोगी, 6 एसी थर्ड क्लास, 2 एसी सेकंड क्लास और 1 एसी फर्स्ट सह सेकंड क्लास की सुविधा मिलेगी. यह ट्रेन पूरे 10 ट्रिप लगाएगी. मुजफ्फरपुर हडपसर (पुणे) (गाड़ी नंबर- 05589/05590)– इस स्पेशल ट्रेन का परिचालन 22 सितंबर से 26 नवंबर तक होगा. यह ट्रेन भी हर मंगलवार और गुरुवार को चलेगी और पूरे 10 ट्रिप लगाएगी. इस ट्रेन में यात्रियों को 2 जेनरल बोगी, 8 स्लीपर बोगी, 8 एसी थर्ड क्लास, 1 इकोनॉमी क्लास और 1 एसी फर्स्ट सह सेकंड क्लास की सुविधा मिलेगी. सहरसा-लोकमान्य तिलक टर्मिनस (गाड़ी नंबर- 05585/05586)– इस ट्रेन का परिचालन हर शुक्रवार और रविवार को होगा. इस ट्रेन को 18 सितंबर से 29 नवंबर तक चलाया जाएगा. यह ट्रेन 11 ट्रिप लगाएगी. इस ट्रेन में यात्रियों को 4 जेनरल बोगी, 8 स्लीपर बोगी, 6 एसी थर्ड क्लास और 2 इकोनॉमी क्लास की सुविधा मिलेगी. नई दिल्ली-दरभंगा स्पेशल ट्रेन (गाड़ी नंबर- 04098/04097)– इस स्पेशल ट्रेन का परिचालन 10 नवंबर से किया जाएगा. फेस्टिवल स्पेशल एक्सप्रेस के तौर पर इन ट्रेन को चलाया जाएगा. यह ट्रेन गाजियाबाद, गोरखपुर, नरकटियागंज, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर होते हुए दरभंगा पहुंचेगी. इसके बाद वापसी में इन्हीं रूटों से होते हुए लौट जाएगी. नई दिल्ली-दानापुर स्पेशल (गाड़ी नंबर- 04089/04090)– नई दिल्ली और दानापुर के बीच यह ट्रेन पहले से चल रही है. लेकिन अब इसकी अवधि बढ़ाने का फैसला लिया गया है. यह सुपरफास्ट साप्ताहिक ट्रेन 2 अक्टूबर से 21 अक्टूबर के बीच 8 ट्रिप लगाएगी. इससे दिल्ली और बिहार के बीच यात्रा करने वाले लोगों को राहत मिल सकेगी. नई दिल्ली-हावड़ा स्पेशल (गाड़ी नंबर- 04051/04052)– इस स्पेशल ट्रेन का परिचालन 2 अक्टूबर से 29 नवंबर के बीच किया जाएगा. हर शुक्रवार और शनिवार को यह ट्रेन चलेगी. टोटल 9 फेरे यह ट्रेन लगाएगी. आनंद विहार से जोगबनी (गाड़ी नंबर- 04007/04008)– दिल्ली और अररिया के बीच यह स्पेशल ट्रेन चलेगी. यह ट्रेन 2 अक्टूबर से 7 नवंबर के बीच चलाया जाएगा. आनंद विहार टर्मिनल से हर शनिवार को इस ट्रेन को चलाया जाएगा. आनंद विहार से भागलपुर स्पेशल ट्रेन (गाड़ी नंबर- 04061/04062)– छठ-दिवाली से पहले यह ट्रेन चलाई जाएगी. दिल्ली और भागलपुर के बीच 10 अक्टूबर से यह ट्रेन चलेगी और 26 नवंबर तक इसका परिचालन होगा. खास बात यह है कि हर रोज यह ट्रेन चलेगी. गया, किऊल और जमालपुर समेत अन्य रूटों से गुजरेगी. Also Read: बिहार के 19 जिलों में आज बिगड़ा रहेगा मौसम, बारिश के साथ बिजली गिरने का अलर्ट, IMD की एडवाइजरी जारी The post Chhath-Diwali Special Train: यात्रियों को राहत: बिहार आने वालों के लिए चलाई जायेंगी 8 स्पेशल ट्रेनें, देखिए पूरी लिस्ट और टाइम टेबल appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड के क्रिकेट फैंस के लिए बुरी खबर: रांची से छिन सकती है ऑस्ट्रेलिया टेस्ट की मेजबानी?

India-Australia Ranchi Test: झारखंड के क्रिकेट फैंस के लिए बुरी समाचार सामने आ रही है. हिंदुस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाली बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2027 में रांची को मिली टेस्ट मैच की मेजबानी पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. BCCI के आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार हिंदुस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का चौथा मुकाबला 19 से 23 फरवरी 2027 तक JSCA इंटरनेशनल स्टेडियम, रांची में स्पोर्ट्सा जाना है. हालांकि, रिपोर्टों के मुताबिक इस मुकाबले के वेन्यू में बदलाव को लेकर चर्चा चल रही है. रांची के मैच पर क्यों उठे सवाल? रांची में फरवरी के दौरान दिन की रोशनी जल्दी कम होने को लेकर चिंता जताई गई है. टेस्ट मैच में प्रतिदिन निर्धारित ओवर पूरे करना महत्वपूर्ण होता है. ऐसे में अगर रोशनी कम होने के कारण स्पोर्ट्स जल्दी रोकना पड़े, तो मैच के पांच दिनों में पूरे समय का इस्तेमाल प्रभावित हो सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, टीम प्रबंधन की ओर से BCCI के सामने यह मुद्दा उठाए जाने की बात सामने आई है. टीम प्रबंधन चाहता है कि WTC के लिहाज से महत्वपूर्ण इस सीरीज में ऐसे स्थान और समय चुने जाएं, जहां पांचों टेस्ट में अधिक से अधिक स्पोर्ट्स हो सके. रांची में 19 फरवरी से होना है चौथा टेस्ट BCCI ने मार्च 2026 में हिंदुस्तान के 2026-27 घरेलू सत्र का कार्यक्रम जारी किया था. इसके अनुसार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट की सीरीज का पहला मुकाबला 21 जनवरी को नागपुर, दूसरा 29 जनवरी को चेन्नई, तीसरा 11 फरवरी को गुवाहाटी, चौथा 19 फरवरी को रांची और पांचवां 27 फरवरी को अहमदाबाद में होगा. टेस्ट तारीख वेन्यू पहला टेस्ट 21-25 जनवरी 2027 नागपुर दूसरा टेस्ट 29 जनवरी-2 फरवरी चेन्नई तीसरा टेस्ट 11-15 फरवरी गुवाहाटी चौथा टेस्ट 19-23 फरवरी रांची पांचवां टेस्ट 27 फरवरी-3 मार्च अहमदाबाद ये भी पढ़ें: हिंदुस्तानीय टीम ने रचा इतिहास, टी20I में ऐसा कारनामा करने वाली दुनिया की पहली टीम बनी रांची की जगह किन शहरों पर हो सकता है विचार? रिपोर्ट में रांची के मुकाबले को किसी दूसरे शहर में स्थानांतरित किए जाने की संभावना का जिक्र है. विशाखापत्तनम, हैदराबाद या राजकोट जैसे शहरों के नाम संभावित विकल्प के तौर पर सामने आ रहे हैं. हालांकि, इन शहरों में से किसी को रांची के आधिकारिक रूप से घोषित विकल्प के तौर पर BCCI ने अभी घोषित नहीं किया है. झारखंड के क्रिकेट फैंस के लिए क्यों होगा बड़ा झटका? रांची को हिंदुस्तान-ऑस्ट्रेलिया जैसी बड़ी टेस्ट सीरीज में मुकाबले की मेजबानी मिलना झारखंड के क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ा अवसर है. JSCA इंटरनेशनल स्टेडियम पहले भी हिंदुस्तानीय टीम के अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की मेजबानी कर चुका है. ऐसे में अगर BGT का टेस्ट रांची से स्थानांतरित होता है, तो झारखंड के क्रिकेट फैंस को घरेलू मैदान पर हिंदुस्तान और ऑस्ट्रेलिया जैसी दो बड़ी टीमों को टेस्ट क्रिकेट में देखने का मौका नहीं मिलेगा. WTC के लिहाज से बेहद अहम है सीरीज हिंदुस्तान और ऑस्ट्रेलिया की यह पांच टेस्ट मैचों की सीरीज ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 का हिस्सा है. हिंदुस्तान इस सीरीज को जीतकर फाइनल के लिए दावेदारी पेश कर सकता है. अब देखना होगा कि बॉर्डर-गावस्कर सीरीज में हिंदुस्तानीय टीम का प्रदर्शन कैसा रहता है. ये भी पढ़ें: Abhishek Sharma: टी20 में शतक के साथ-साथ बनाया ये खास रिकॉर्ड, जानिए किस मामले में उन्होंने विराट कोहली की बराबरी की The post झारखंड के क्रिकेट फैंस के लिए बुरी समाचार: रांची से छिन सकती है ऑस्ट्रेलिया टेस्ट की मेजबानी? appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में UCC पर बयानबाजी तेज, RJD ने JDU को दिया NDA छोड़ने का ऑफर; आज पटना में जुटेंगे पार्टी के सांसद-विधायक

Nitish Kumar Meeting: बिहार की सियासत में जारी उठापटक और समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर चल रही नेतृत्वक बहस के बीच आज जनता दल यूनाइटेड (JDU) का अहम कार्यक्रम होने जा रहा है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में जदयू के विधायक और विधान परिषद सदस्य पटना में जुटेंगे. पार्टी की ओर से इसे एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम बताया गया है. कार्यक्रम जदयू प्रदेश कार्यालय स्थित कर्पूरी सभागार में आयोजित होगा. जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद के मुताबिक, कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पार्टी के जनप्रतिनिधियों को विधायी कार्यों की बेहतर समझ देना है. इसमें कानून बनाने की प्रक्रिया, विधायी जिम्मेदारियों और सदन में अपने क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को तथ्यपरक और प्रभावी तरीके से उठाने के तरीकों की जानकारी दी जाएगी. कार्यक्रम में प्रश्नोत्तर सत्र भी रखा गया है. UCC को लेकर भी जारी है नेतृत्वक बहस जदयू का कार्यक्रम ऐसे समय हो रहा है, जब बिहार में UCC को लेकर नेतृत्वक बयानबाजी तेज है. जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा है कि पार्टी UCC के प्रस्ताव का ड्राफ्ट सार्वजनिक होने के बाद उसके प्रावधानों का अध्ययन करेगी. इसके बाद संबंधित मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बातचीत की जाएगी. इससे पहले जदयू नेता श्याम रजक ने बिहार में UCC लागू किए जाने का विरोध करने की बात कही थी. वहीं, पार्टी की ओर से बाद में कहा गया कि ड्राफ्ट सामने आने के बाद उसके प्रावधानों का अध्ययन कर अंतिम रुख तय किया जाएगा. RJD के ऑफर के बाद बढ़ी सियासी चर्चा UCC के मुद्दे पर जदयू के रुख के बीच RJD नेता भाई वीरेंद्र ने जदयू को NDA से अलग होकर महागठबंधन में शामिल होने और प्रशासन बनाने में सहयोग करने का सार्वजनिक प्रस्ताव दिया है. उनके इस बयान के बाद बिहार की नेतृत्व में इस मुद्दे को लेकर चर्चा और तेज हो गई है. हालांकि, जदयू की ओर से RJD के इस प्रस्ताव को स्वीकार करने या महागठबंधन में वापसी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है. वहीं, जदयू ने 18 सितंबर के कार्यक्रम को किसी बड़े नेतृत्वक फैसले से जोड़ने वाली अटकलों को खारिज किया है. नीतीश कुमार करेंगे कार्यक्रम का उद्घाटन जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे. पार्टी की ओर से बताया गया है कि कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों को विधायी प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जाएगी. इसमें सदन में अपने क्षेत्र की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के तरीकों पर भी चर्चा होगी. फिलहाल जदयू की ओर से कार्यक्रम का घोषित एजेंडा विधायी प्रशिक्षण और जनप्रतिनिधियों की भूमिका को मजबूत करना है. हालांकि, UCC और बिहार की मौजूदा नेतृत्वक परिस्थितियों के बीच बैठक में नेताओं के बयानों पर नेतृत्वक नजर बनी रहेगी. Also Read: बाढ़ प्रभावितों के बीच पहुंचे सीएम सम्राट चौधरी, पटना में सामुदायिक रसोई और बाल केंद्र का किया निरीक्षण The post बिहार में UCC पर बयानबाजी तेज, RJD ने JDU को दिया NDA छोड़ने का ऑफर; आज पटना में जुटेंगे पार्टी के सांसद-विधायक appeared first on Naya Vichar.

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इन तीन विषय के लिए जारी हुआ UGC NET जून परीक्षा का रिजल्ट, ऐसे करें चेक

UGC NET June 2026 Result Out: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने यूजीसी नेट जून 2026 के तहत इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों के रिजल्ट जारी कर दिए हैं. इन विषयों की दोबारा परीक्षा 9 और 10 सितंबर 2026 को आयोजित की गई थी. परीक्षा में शामिल कैंडिडेट्स अब अपना रिजल्ट और स्कोरकार्ड ऑनलाइन चेक कर सकते हैं. कैंडिडेट्स को अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड करने के लिए NTA की ऑफिशियल वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाना होगा. इसके लिए उन्हें अपने एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड या डेट ऑफ बर्थ की जरूरत होगी. ऐसे डाउनलोड करें UGC NET June 2026 स्कोरकार्ड सबसे पहले NTA की आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाएं. होमपेज पर UGC NET June 2026 Result या Scorecard से जुड़े लिंक पर क्लिक करें. अब अपना एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड या डेट ऑफ बर्थ दर्ज करें. लॉगिन करने के बाद आपका स्कोरकार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा. स्कोरकार्ड चेक करने के बाद इसे डाउनलोड कर लें. फ्यूचर में जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल के लिए इसकी एक कॉपी सेव रख लें. 9 और 10 सितंबर को हुआ था री-एग्जाम  UGC NET June 2026 के English, Commerce और Sociology सब्जेक्ट का री-एग्जाम 9 और 10 सितंबर 2026 को आयोजित किया गया था. अब इन विषयों में शामिल उम्मीदवार अपने परीक्षा परिणाम की जांच कर सकते हैं. कैंडिडेट्स को सलाह दी जाती है कि रिजल्ट से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल NTA की ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध अपडेट को ही देखें. ये भी पढ़ें: UPSC इंजीनियरिंग सर्विस के लिए आवेदन शुरू, पिछले साल से डबल हो गई वैकेंसी The post इन तीन विषय के लिए जारी हुआ UGC NET जून परीक्षा का रिजल्ट, ऐसे करें चेक appeared first on Naya Vichar.

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