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11 सितंबर को बैंकिंग पर ब्रेक, SBI-PNB समेत कई बैंकों में ठप हो सकता है कामकाज

Bank Strike Today: देशभर में बैंक ग्राहकों के लिए शुक्रवार, 11 सितंबर को बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत कई मांगों को लेकर एक दिन की देशव्यापी हड़ताल बुलाई है. सार्वजनिक क्षेत्र के कई बैंकों ने ग्राहकों को पहले ही संभावित असर की जानकारी दे दी है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), यूको बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र समेत कई बैंकों ने कहा है कि उन्होंने कामकाज सामान्य रखने के लिए जरूरी इंतजाम किए हैं. हालांकि, कर्मचारियों की भागीदारी के आधार पर शाखाओं और दफ्तरों का काम प्रभावित हो सकता है. बैंक कर्मचारी आखिर हड़ताल क्यों कर रहे हैं? UFBU सात बैंक कर्मचारी और अधिकारी यूनियनों का संयुक्त मंच है. यूनियनों की मुख्य मांग पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करना है. इसके अलावा कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से जुड़े कई मुद्दों को भी जल्द सुलझाने की मांग की जा रही है. मुख्य मांगों में शामिल हैं: पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करना पेंशन को अपडेट करना पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) का एक समान फॉर्मूला नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना में जाने का विकल्प सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मचारियों के लिए परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना से जुड़े मुद्दों का समाधान PLI योजना को लेकर क्या है मामला? बैंक यूनियनों ने PLI योजना को लेकर भी चिंता जताई है. वित्त मंत्रालय ने 19 नवंबर 2024 को जारी PLI योजना को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए फिलहाल रोक दिया है. मंत्रालय के मुताबिक, इस मुद्दे पर नए द्विपक्षीय समझौते और संयुक्त नोट को लेकर चल रही बातचीत के दौरान विचार किया जाएगा. यह फैसला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक के बाद आया. बैठक में PLI के अलावा एक्स-ग्रेशिया भुगतान और रिटायर हो चुके बैंक कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुविधाओं जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई. 11 सितंबर के बाद बैंक कब-कब बंद रहेंगे? ग्राहकों के लिए परेशानी सिर्फ 11 सितंबर तक सीमित नहीं रह सकती. UFBU ने 28 से 30 सितंबर तक तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल का भी ऐलान किया है. अगर मांगों पर समाधान नहीं निकला तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी गई है. इसके अलावा 11 सितंबर की हड़ताल के अगले दिन 12 सितंबर को दूसरा शनिवार और 13 सितंबर को रविवार है। 14 सितंबर को कुछ राज्यों में गणेश चतुर्थी के कारण बैंक अवकाश रहेगा. तारीख स्थिति 11 सितंबर देशव्यापी बैंक हड़ताल 12 सितंबर दूसरा शनिवार 13 सितंबर रविवार 14 सितंबर कुछ राज्यों में गणेश चतुर्थी की छुट्टी ऐसे में कुछ राज्यों में बैंक शाखाओं का काम लगातार कई दिनों तक प्रभावित हो सकता है. इसलिए जरूरी बैंकिंग काम वाले ग्राहकों के लिए बेहतर होगा कि वे अपने संबंधित बैंक की स्थानीय शाखा और छुट्टियों के कैलेंडर के हिसाब से पहले से योजना बना लें. ये भी पढ़ें: Bank Holiday September: 11 सितंबर से लगातार 3 दिन बंद रहेंगे बैंक, जानें क्यों… ? The post 11 सितंबर को बैंकिंग पर ब्रेक, SBI-PNB समेत कई बैंकों में ठप हो सकता है कामकाज appeared first on Naya Vichar.

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‘हनुमान अंश’ ने बदला बॉलीवुड का मूड! जिस धर्म पर फिल्म बनाने से डरते थे मेकर्स, अब उसी पर लग रहा है दांव

जिस जेनरेशन के लिए कभी भगवान की कहानी का मतलब टीवी पर आने वाली रामायण या दादी-नानी की सुनाई कथा हुआ करता था, आज वही जेनरेशन थिएटर में ‘हनुमान अंश’ के लिए तालियां बजा रही है. सोशल मीडिया पर जय श्री राम लिखने से लेकर धार्मिक किरदारों के पोस्टर शेयर करने तक, आस्था अब सिर्फ पूजा की चीज नहीं रही, वह पॉप कल्चर का हिस्सा बन चुकी है. शायद यही वजह है कि ‘हनुमान अंश’ की सुपर सक्सेस के बाद बॉलीवुड का मूड तेजी से बदला है.  साईं बाबा, जगन्नाथ, खाटू श्याम, महाकाली से लेकर रामायण तक, धार्मिक कहानियों की लंबी लाइन लग गई है. दिलचस्प यह है कि जिन विषयों से कभी बड़े स्टार और मेकर्स यह सोचकर दूरी बनाते थे कि ‘आज की जेनरेशन इसे देखेगी कौन?’, अब उसी जेनरेशन को ध्यान में रखकर करोड़ों के प्रोजेक्ट तैयार हो रहे हैं. तो क्या बदल गया है- दर्शक या बॉलीवुड का नजरिया? एक फिल्म चली और खुल गया आस्था का दरवाजा बॉलीवुड के लिए यह कोई नई बात नहीं है कि एक फिल्म की सफलता के बाद उसी तरह की कई कहानियों पर काम शुरू हो जाए. कभी एक्शन का दौर आया. फिर गैंगस्टर फिल्में चलीं. कॉमेडी का ट्रेंड आया. कंटेंट सिनेमा ने जगह बनाई. अब धार्मिक और पौराणिक कहानियों की बारी दिखाई दे रही है. ‘हनुमान अंश’ की सफलता ने मेकर्स को सबसे बड़ा भरोसा यही दिया है कि धार्मिक विषय को अगर नए अंदाज में पेश किया जाए, तो आज का दर्शक उसे खारिज नहीं करेगा. यही वजह है कि एक के बाद एक नए प्रोजेक्ट सामने आ रहे हैं. साईं बाबा, भगवान जगन्नाथ, खाटू श्याम, महाकाली और रामायण जैसे विषय बड़े पर्दे पर पहुंच रहे हैं. यानी भगवान अब सिर्फ मंदिर की घंटियों और टीवी स्क्रीन तक सीमित नहीं हैं. बॉलीवुड उन्हें सिनेमाघरों की सबसे बड़ी स्क्रीन पर लाने की तैयारी कर रहा है. और इस बार फर्क सिर्फ फिल्मों की संख्या का नहीं है. फर्क यह भी है कि इन फिल्मों के साथ बड़े नाम और बड़े सितारे जुड़ रहे हैं. कभी ‘धोती-कुर्ता और मुकुट’ से डरते थे स्टार यह बदलाव अचानक नहीं आया है. हिंदुस्तानीय सिनेमा के इतिहास में धार्मिक फिल्मों की अपनी एक लंबी और मजबूत परंपरा रही है. शुरुआती दौर में पौराणिक फिल्में सिनेमा का अहम हिस्सा थीं. ‘राजा हरिश्चंद्र’ से लेकर ‘संतोषी मां’ तक धार्मिक कहानियों ने दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचा. क्यों हनुमान अंश और जय संतोषी माता को कंपेयर कर रहे दर्शक यानी धार्मिक सिनेमा के सफल होने का सबूत बॉलीवुड के पास पहले से था. फिर सवाल यह है कि इतने साल तक मेकर्स इससे दूर क्यों रहे? शायद इसलिए क्योंकि धार्मिक फिल्म में सिर्फ बॉक्स ऑफिस का रिस्क नहीं होता. इसमें दर्शक की आस्था का रिस्क भी होता है. और यही वजह है कि आज धार्मिक फिल्म बनाना एक साथ आसान भी हुआ है और मुश्किल भी. सोशल मीडिया ने आस्था को ‘वायरल’ कर दिया आज की जेनरेशन धार्मिक विषयों से उसी तरह जुड़ती है, जैसे वह बाकी पॉप कल्चर से जुड़ती है. इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब शॉर्ट्स और मीम्स ने धार्मिक किरदारों को भी डिजिटल स्पेस में पहुंचा दिया है. किसी फिल्म का एक डायलॉग वायरल होता है. कोई पोस्टर ट्रेंड करता है. किसी अभिनेता का भगवान वाला लुक सोशल मीडिया पर चर्चा में आ जाता है. यानी फिल्म रिलीज होने से पहले ही उसका एक डिजिटल दर्शक तैयार हो जाता है. ‘हनुमान अंश’ के मामले में भी सोशल मीडिया और वर्ड ऑफ माउथ ने फिल्म को लेकर माहौल बनाने में अहम भूमिका निभाई. यही वह चीज है जिसे अब मेकर्स नजरअंदाज नहीं कर सकते. डॉ. द्विवेदी भी इस बदलाव को सकारात्मक नजर से देखते हैं. वह कहते हैं, “यह बहुत ही खूबसूरत दौर है. अच्छी बात है कि ऐसी चीजें अब बेबाकी से बन रही हैं.” उनके मुताबिक आज लोग अपने धर्म को लेकर ज्यादा खुलकर बात कर रहे हैं. “लोग अब जय श्री राम बोलने से हिचकते नहीं हैं, अपने धर्म को लेकर प्राउड फील करते हैं.” यानी जो बात कभी पर्दे के पीछे थी, अब वह खुले तौर पर पॉप कल्चर का हिस्सा बन रही है. लेकिन बॉलीवुड के लिए यह स्पोर्ट्स इतना आसान भी नहीं यहीं से कहानी का दूसरा और ज्यादा दिलचस्प हिस्सा शुरू होता है. धार्मिक फिल्म में अगर कहानी दर्शक को पसंद आ गई, तो फिल्म को सिर्फ सफलता नहीं मिलती. उसे एक तरह का भावनात्मक समर्थन भी मिलता है. लेकिन अगर दर्शक को लगा कि उसके आराध्य, धार्मिक ग्रंथ या परंपरा के साथ छेड़छाड़ हुई है, तो वही दर्शक सबसे बड़ा आलोचक भी बन जाता है. ‘आदिपुरुष’ इसका सबसे बड़ा उदाहरण है. रामायण जैसे विषय पर बनी इस बड़े बजट की फिल्म से दर्शकों को काफी उम्मीदें थीं. लेकिन रिलीज के बाद फिल्म के लुक, वीएफएक्स और संवादों को लेकर ऐसा विवाद हुआ कि मामला सिर्फ फिल्म की समीक्षा तक नहीं रहा. सोशल मीडिया पर जबरदस्त विरोध हुआ. धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप लगे और मेकर्स को विवादित संवादों में बदलाव तक करना पड़ा. डॉ चंद्रप्रकाश द्विवेदी उनके मुताबिक ऐसे विषयों पर गहरी रिसर्च जरूरी है. किताबें पढ़नी होंगी. इतिहास समझना होगा. धार्मिक मान्यताओं और लोककथाओं के बीच अंतर समझना होगा. क्योंकि इंटरनेट पर मौजूद हर जानकारी इतिहास नहीं है और हर वायरल पोस्ट धार्मिक सत्य नहीं. धार्मिक सिनेमा में क्रिएटिव फ्रीडम जरूर हो सकती है, लेकिन रिसर्च से समझौता करना सबसे महंगा पड़ सकता है. अब असली परीक्षा उन फिल्मों की है जो लाइन में हैं ‘हनुमान अंश’ ने रास्ता दिखा दिया है. अब साईं बाबा, जगन्नाथ, खाटू श्याम, महाकाली और रामायण जैसी फिल्मों की बारी है. इन फिल्मों के सामने दो तरह के दर्शक होंगे. एक वह, जो भगवान को अपने बचपन की कहानी की तरह जानता है. और दूसरा वह युवा दर्शक, जो उसी भगवान को सोशल मीडिया, रील्स और सिनेमा की भाषा में देखना चाहता है. मेकर्स की असली चुनौती इन दोनों को एक साथ जोड़ने की है. सिर्फ बड़े सेट बना देने से धार्मिक फिल्म नहीं बनेगी. सिर्फ वीएफएक्स से भगवान का संसार खड़ा नहीं होगा. और सिर्फ किसी सुपरस्टार को भगवान बना देने से दर्शक थिएटर नहीं आएगा. कहानी में भरोसा

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Explained : नया मॉडल आते ही पुराना iPhone क्यों हो गया महंगा? कैसे तय होती है आईफोन की कीमत

आमतौर पर टेक्नोलॉजी की दुनिया में नया मॉडल आते ही पुराना सस्ता हो जाता है. लेकिन इस बार एप्पल ने इस नियम को ही पलट दिया. आईफोन 18 प्रो और आईफोन 18 प्रो मैक्स की लॉन्चिंग (iPhone 18 Launch) के बाद हिंदुस्तान में iPhone 17 की शुरुआती कीमत करीब 21 फीसदी बढ़कर ₹99,900 हो गई है. यानी जो आईफोन 17, अब तक ₹82,900 से खरीदा जा सकता था, उसके लिए अब आपको ₹17,000 ज्यादा देने होंगे. नए मॉडल की लॉन्चिंग के बाढ़ एप्पल के ऑफिशियल वेबसाइट पर आईफोन 17 की शुरुआती कीमत ₹99,900 है. ऐसे में सवाल ये है कि पुराना आईफोन (Old iPhone) महंगा क्यों हो गया? और कैसे आईफोन (iPhone Price) की कीमत तय होती है. नया आईफोन मॉडल आया तो पुराना सस्ता क्यों नहीं हुआ? आमतौर पर नया आईफोन आते ही पिछला मॉडल सस्ता हो जाता है. इसके कई कारण होते हैं, लेकिन कीमत कम होने के पीछे एक बात की चर्चा होती है कि पुराने मॉडल का स्टॉक अभी भी बचा हुआ है. हालांकि, ऐसा जरूरी नहीं है. दरअसल, जब तक कोई मॉडल मार्केट में रहता है, उसकी नई यूनिट्स भी बनती रहती हैं. इसलिए उसकी कीमत में बदलाव होता रहता है. चैटबॉट, एआई मॉडल और जनरेटिव एआई सेवाएं सिर्फ आपके फोन या कंप्यूटर में नहीं चलतीं. इनके पीछे विशाल डेटा सेंटर होते हैं, जहां हजारों-लाखों प्रोसेसर के साथ भारी मात्रा में तेज मेमोरी की जरूरत होती है. एआई सर्वर में इस्तेमाल होने वाली हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (High-Bandwidth Memory) यानी HBM की मांग तेजी से बढ़ी है. इसका असर स्टैंडर्ड DRAM की सप्लाई पर भी पड़ रहा है. काउंटरपॉइंट के अनुसार 2026 की पहली तिमाही में वैश्विक डीआरएएम बाजार का राजस्व एक साल में 260 फीसदी बढ़कर करीब 97 अरब डॉलर पहुंच गया. एआई डेटा सेंटर( AI Data Center) की मांग इसका एक बड़ा कारण है. मतलब आसान भाषा में कहें तो आईफोन 17 के मामले में असली स्पोर्ट्स एआई और मेमोरी का है, जिसके कारण इसकी लागत बढ़ गई है. हिंदुस्तान में कीमत और ज्यादा क्यों चुभ रही है? हिंदुस्तान में इस कहानी का एक और हिस्सा है. रॉयटर्स के मुताबिक, 2026 में एप्पल ने हिंदुस्तान में कुछ आईफोन मॉडल्स की कीमतों में दुनिया के दूसरे बाजारों के मुकाबले ज्यादा बढ़ोतरी की. आईफोन 17 का बेस मॉडल करीब 21 फीसदी महंगा हुआ, जबकि कुछ दूसरे मॉडल्स की कीमत में बढ़ोतरी 41 फीसदी तक पहुंची. हिंदुस्तान में 18 फीसदी जीएसटी और आयात से जुड़ी लागत भी फोन की कीमत को प्रभावित करती है. इसलिए आईफोन 17 के महंगा होने के पीछे सिर्फ एक कारण नहीं है. मेमोरी की बढ़ती कीमत, एआई की बढ़ती मांग, सीमित चिप उत्पादन क्षमता (India Chip Production Capacity) और हिंदुस्तान की टैक्स-कॉस्ट संरचना(Tax-Cost Structure of India) इन सभी कारणों का असर इसकी कीमत पर पड़ा है. कैसे तय होती है iPhone की कीमत? आईफोन की कीमत सिर्फ इस बात से तय नहीं होती कि उसे बनाने में कितना खर्च आया. फोन के अंदर लगने वाले चिप, कैमरा, डिस्प्ले और मेमोरी जैसे पार्ट्स की कीमत भी इसमें जुड़ती है. इसके अलावा फोन को बनाने और एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का खर्च, सप्लाई चेन, टैक्स और इंपोर्ट कॉस्ट भी कीमत पर असर डालते हैं. अगर इनमें से किसी चीज की लागत बढ़ती है, तो फोन की कुल कीमत भी बढ़ जाती है. इसके साथ-साथ कंपनी यह भी देखती है कि किसी देश के बाजार में फोन की कितनी मांग है और वहां किस कीमत पर उसे बेचा जा सकता है. यानी आसान भाषा में कहें तो आईफोन की कीमत सिर्फ उसके पार्ट्स की कीमत जोड़कर तय नहीं होती. फोन बनाने से लेकर ग्राहक तक पहुंचने के बीच आने वाले कई खर्च मिलकर इसकी अंतिम कीमत तय करते हैं. तो क्या आगे फोन और महंगे होंगे? काउंटरपॉइंट का अनुमान है कि मेमोरी सप्लाई की समस्या 2027 के दूसरे हिस्से तक बनी रह सकती है और दुनिया भर में एआई हर दिन काम का जरूरी हिस्सा बनता जा रहा है. इसका मतलब हुआ कि आने वाले समय में स्मार्टफोन कंपनियों के सामने दो ही रास्ते होंगे, कीमत बढ़ाना या फिर हार्डवेयर और मुनाफे में कटौती करना. यानी आने वाले समय में पूरी संभावना है कि इस बढ़ती कीमत का असर आपके स्मार्टफोन के बिल में भी दिखाई दे. ये भी पढ़ें: iPhone 18 Pro लॉन्च होते ही Apple ने हिंदुस्तान में बढ़ाए iPhone 17, iPhone Air और iPhone 16 के दाम; देखें नयी रेट लिस्ट The post Explained : नया मॉडल आते ही पुराना iPhone क्यों हो गया महंगा? कैसे तय होती है आईफोन की कीमत appeared first on Naya Vichar.

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BRICS Summit से पहले PM मोदी का संदेश, बोले- विश्व कल्याण के लिए हो सार्थक चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS Summit से पहले संस्कृत के श्लोक के जरिए दुनिया के प्रमुख नेताओं का स्वागत किया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि अगले कुछ दिनों में दुनियाभर के प्रमुख नेता BRICS Summit के लिए एक मंच पर जुटेंगे. प्रधानमंत्री मोदी ने उम्मीद जताई कि सम्मेलन के दौरान विश्व कल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी. विश्व कल्याण के लिए सकारात्मक संवाद पर जोर पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि सम्मेलन में सभी देश मिलकर वैश्विक हित से जुड़े मुद्दों पर रचनात्मक चर्चा करेंगे. उन्होंने BRICS के मंच से सहयोग और सकारात्मक संवाद की भावना को आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई. संस्कृत श्लोक से दिया एकता और सद्भाव का संदेश प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में संस्कृत के श्लोक के जरिए अच्छे लोगों के साथ रहने, सद्भाव बनाए रखने और सकारात्मक संगति का महत्व बताया. श्लोक में कहा गया है— “सद्भिरेव सहासीत सद्भिः कुर्वीत सङ्गतिम्.” असद्भाव से बचने और मैत्री बढ़ाने की सीख श्लोक का भाव है कि सज्जनों के साथ रहना और उनके साथ संगति करना चाहिए. अच्छे लोगों के साथ ही संवाद, मैत्री और व्यवहार रखना चाहिए तथा असद्भाव रखने वालों से दूरी बनाए रखनी चाहिए. BRICS Summit से पहले यह संदेश वैश्विक सहयोग और मैत्री की भावना को रेखांकित करता है. ये भी पढ़ें: BRICS Summit 2026 : आज से अगले तीन दिन दिल्ली पर रहेगी दुनिया की नजर, जानिए 11, 12 और 13 सितंबर को क्या-क्या होगा ? The post BRICS Summit से पहले PM मोदी का संदेश, बोले- विश्व कल्याण के लिए हो सार्थक चर्चा appeared first on Naya Vichar.

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बारिश में जूते भीगते ही आती है बदबू? सिर्फ धूप में रखना नहीं है इलाज, ऐसे करें ड्राई

How to Dry Wet Shoes: रोजमर्रा की जिंदगी में कई ऐसी छोटी-छोटी परेशानियां होती हैं, जिनका सही तरीका पता हो तो काम काफी आसान हो सकता है. काम की बात सीरीज में हम ऐसी ही रोजमर्रा से जुड़ी जरूरी बातें बताएंगे, जिनका इस्तेमाल आप अपनी दिनचर्या में तुरंत कर सकते हैं.  बारिश में जूते भीग जाना भी ऐसी ही एक आम परेशानी है. सड़क पर जमा पानी हो या अचानक हुई तेज बारिश, जूते कुछ ही मिनटों में पूरी तरह गीले हो जाते हैं. परेशानी तब बढ़ती है जब इन्हें घर लाकर सही तरीके से सुखाया न जाए. जूतों के अंदर बची नमी से बदबू आने लगती है और लंबे समय तक नमी रहने पर फुटवियर का मटेरियल भी खराब हो सकता है. आज “काम की बात” की इस कड़ी में जानिए बारिश में भीगे जूतों को सुखाने का आसान तरीका, ताकि अगली बार उन्हें पहनते समय बदबू परेशान न करे.  जूते भीग जाएं तो सबसे पहले क्या करें? घर पहुंचते ही गीले जूतों को बंद रैक या जूते के बॉक्स में रखने की गलती न करें. सबसे पहले जूतों से अतिरिक्त पानी निकालें और उन्हें खुली, हवादार जगह पर रखें. अगर इनसोल आसानी से निकल सकता है, तो उसे बाहर निकालकर अलग से सूखने दें. इससे जूते के अंदर की नमी निकलने में मदद मिलेगी. REI की footwear-care guidance के अनुसार, गीले जूतों को सामान्य तापमान वाली कम नमी की जगह पर सुखाना चाहिए. जल्दी सुखाने के लिए पंखे की हवा का इस्तेमाल किया जा सकता है. How to Dry Wet Shoes: क्या जूतों में अखबार भरना सही है? हां, यह जूते सुखाने का आसान तरीका है. ASICS की official shoe-care guidance के अनुसार, गीले जूतों से इनसोल निकालकर उनके अंदर अखबार भरा जा सकता है. अखबार जूते के अंदर मौजूद नमी को सोखने में मदद करता है और जूते का आकार बनाए रखने में भी मदद कर सकता है. अखबार को समय-समय पर बदलना जरूरी है. जब वह नमी से गीला हो जाए, तो उसे निकालकर सूखा अखबार डालें. इससे नमी सोखने की प्रक्रिया बेहतर तरीके से जारी रहेगी. क्या गीले जूतों को हेयर ड्रायर से सुखा सकते हैं? जल्दी सुखाने के चक्कर में जूतों पर बहुत तेज गर्म हवा देना सही नहीं है. REI के अनुसार, जूतों को किसी हीट सोर्स के पास रखने से बचना चाहिए, क्योंकि ज्यादा गर्मी से उनका आकार बिगड़ सकता है. इसलिए हेयर ड्रायर की तेज गर्म हवा, हीटर या किसी दूसरे डायरेक्ट हीट सोर्स की बजाय जूतों को सामान्य तापमान पर हवा में सुखाना बेहतर है. जरूरत हो तो पंखे की सामान्य हवा का इस्तेमाल कर सकते हैं. PC: AI Generated क्या जूतों को तेज धूप में रखना चाहिए? गीले जूतों को जल्दी सुखाने के लिए तेज धूप में रख देना हमेशा सही तरीका (How to Dry Wet Shoes) नहीं है. ASICS की shoe-care guidance में भी जूतों को डायरेक्ट धूप और हीटींग डिवाइस से दूर रखकर air-dry करने की सलाह दी गई है. इसलिए जूतों को ऐसी जगह रखें जहां हवा आती-जाती रहे और वे सीधे तेज गर्मी के संपर्क में न हों. खासकर महंगे या किसी खास मटेरियल से बने जूतों के लिए निर्माता के care instructions जरूर देखें. बदबू आने लगे तो क्या करें? जूतों के अंदर नमी लंबे समय तक रहने पर बदबू की समस्या बढ़ सकती है. इसलिए सिर्फ जूते का बाहरी हिस्सा सूखना काफी नहीं है. इनसोल को निकालकर अलग से सुखाएं और जूते के अंदर भी अच्छी तरह हवा लगने दें. REI की गाइडेंस के अनुसार, इनसोल पसीने को सोखते हैं और उनमें odor-causing bacteria के लिए अनुकूल वातावरण बन सकता है. इसलिए इन्हें भी नियमित रूप से साफ करके अच्छी तरह air-dry करना जरूरी है. अगर जूते सूखने के बाद भी बदबू बनी हुई है, तो ASICS के अनुसार जूते पूरी तरह सूखने के बाद अंदर थोड़ी मात्रा में बेकिंग सोडा डालना गंध और बची हुई नमी को कम करने में मदद कर सकता है. यह भी पढ़ें: चंद मिनटों में खाना खत्म कर देते हैं? पंकज त्रिपाठी की 30 मिनट वाली आदत से सीखें सही तरीका The post बारिश में जूते भीगते ही आती है बदबू? सिर्फ धूप में रखना नहीं है इलाज, ऐसे करें ड्राई appeared first on Naya Vichar.

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3 विषयों के लिए जारी हुआ UGC NET आंसर की, 13 सितंबर तक करें ऑब्जेक्शन

UGC NET June 2026 Answer Key: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने यूजीसी नेट जून 2026 री-एग्जाम की प्रोविजनल आंसर की जारी कर दी है. यह री-एग्जाम इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों के लिए आयोजित किया गया था. परीक्षा में शामिल कैंडिडेट्स अब अपनी प्रोविजनल आंसर की और रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स देख सकते हैं. अगर किसी सवाल के उत्तर पर आपत्ति है, तो तय समय के अंदर Answer Key पर चैलेंज दर्ज कराया जा सकता है. 9 और 10 सितंबर को हुई थी परीक्षा NTA ने 16 अगस्त 2026 को UGC NET जून 2026 री-एग्जाम का आयोजन किया था. इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों की परीक्षा 9 सितंबर और 10 सितंबर 2026 को देश के अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर हुई थी. अब एजेंसी ने इन तीनों विषयों की प्रोविजनल आंसर की और उम्मीदवारों के रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स ऑनलाइन उपलब्ध करा दिए हैं. 13 सितंबर तक कर सकते हैं आंसर की पर ऑब्जेक्शन उम्मीदवार प्रोविजनल आंसर की देखने के बाद किसी सवाल के उत्तर से संतुष्ट नहीं हैं, तो उसके खिलाफ आपत्ति (ऑब्जेक्शन) दर्ज करा सकते हैं. आंसर की चैलेंज के लिए कैंडिडेट्स को 10 सितंबर से 13 सितंबर 2026 तक का समय दिया गया है. हर सवाल पर देनी होगी 200 रुपये फीस प्रोविजनल आंसर की को चुनौती देने के लिए कैंडिडेट्स को प्रति सवाल 200 रुपये की प्रोसेसिंग फीस देनी होगी. अगर कैंडिडेट्स की चुनौती सही पाई जाती है और NTA उसे स्वीकार कर लेता है, तो जमा की गई फीस पूरी तरह रिफंड कर दी जाएगी.उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे तय समय सीमा के अंदर ही अपनी ऑब्जेक्शन दर्ज करें. लास्ट डेट के बाद आंसर की चैलेंज स्वीकार नहीं किया जाएगा. कब हुआ था UGC NET री-एग्जाम? विषय री-एग्जाम की तारीख Answer Key Challenge English 9 और 10 सितंबर 2026 10 से 13 सितंबर 2026 Commerce 9 और 10 सितंबर 2026 10 से 13 सितंबर 2026 Sociology 9 और 10 सितंबर 2026 10 से 13 सितंबर 2026 ये भी पढ़ें: Railway Technician भर्ती परीक्षा की तारीख घोषित, 6557 पदों के लिए इस दिन होगा एग्जाम The post 3 विषयों के लिए जारी हुआ UGC NET आंसर की, 13 सितंबर तक करें ऑब्जेक्शन appeared first on Naya Vichar.

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BRICS Summit 2026 : आज से अगले तीन दिन दिल्ली पर रहेगी दुनिया की नजर, जानिए 11, 12 और 13 सितंबर को क्या-क्या होगा ?

दिल्ली में इन दिनों हर तरफ BRICS समिट की तैयारियां दिखाई दे रही हैं. 12 और 13 सितंबर को हिंदुस्तान मंडपम में 18वां BRICS शिखर सम्मेलन का आयोजन हो रहा है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई बड़े नेता राजधानी पहुंच रहे हैं. इसका असर सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था पर नहीं, बल्कि स्कूल, सड़क और आम लोगों की आवाजाही पर भी पड़ेगा. हालांकि आम लोगों को कोई दिक्कत ना हो इसके लिए 11 से 13 सितंबर तक दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कई प्रमुख रास्तों पर डायवर्सन और नियंत्रित आवाजाही की व्यवस्था की है. 11 सितंबर से दिल्ली में क्या बदल रहा? आज (11 सितंबर) से BRICS समिट के लिए सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह लागू है. दिल्ली के सभी स्कूलों को आज बंद रखने का फैसला किया गया है. शिक्षा निदेशालय ने यह कदम समिट के दौरान संभावित ट्रैफिक और आवाजाही की परेशानी को देखते हुए उठाया है. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 11 से 13 सितंबर के लिए अलग से एडवाइजरी जारी की है. VVIP काफिलों की आवाजाही के दौरान कई सड़कों पर ट्रैफिक को कुछ समय के लिए रोका या दूसरे रास्ते पर भेजा जा सकता है. 35 से ज्यादा प्रमुख सड़कें इस व्यवस्था के दायरे में हैं और 22 डायवर्जन पॉइंट बनाए गए हैं. कल यानी 12 सितंबर सबसे अहम दिन 12 सितंबर को हिंदुस्तान मंडपम में BRICS सम्मेलन का पहला मुख्य दिन होगा. इसी दिन कई राष्ट्राध्यक्ष और दूसरे बड़े प्रतिनिधि हिंदुस्तान मंडपम पहुंचेंगे. दोपहर 2 बजे से नेताओं का पहुंचना शुरू होगा. हिंदुस्तान मंडपम के लेवल-2 पर उनका आधिकारिक फोटो भी लिया जाएगा. इसके बाद दोपहर 2:35 बजे नेताओं की बंद कमरे में बैठक होगी. इसमें दुनिया के बड़े मुद्दों पर चर्चा होगी. खास तौर पर इस बात पर जोर रहेगा कि दुनिया से जुड़े फैसलों में ज्यादा से ज्यादा देशों की आवाज कैसे शामिल हो और अलग-अलग देशों के बीच मिलकर काम करने को कैसे मजबूत किया जाए. शाम 4:25 बजे हिंदुस्तान इनोवेट्स नाम की प्रदर्शनी दिखाई जाएगी. इसके बाद शाम 5:05 बजे सभी नेताओं की ग्रुप फोटो होगी. इसके कुछ ही मिनट बाद, 5:10 बजे नेता पौधरोपण कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे. दिन का आखिरी बड़ा कार्यक्रम शाम 7:30 बजे होगा. प्रधानमंत्री की ओर से विदेशी नेताओं के लिए गाला डिनर रखा गया है. VVIP मूवमेंट ज्यादा होने की वजह से मध्य दिल्ली और नई दिल्ली के कई हिस्सों में ट्रैफिक का दबाव बढ़ सकता है.हिंदुस्तान मंडपम के आसपास के अलावा एयरपोर्ट से आने-जाने वाले रास्तों पर भी सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था कड़ी रहेगी. 13 सितंबर को क्या होगा? 13 सितंबर BRICS समिट का दूसरा और आखिरी दिन होगा. इस दिन भी हिंदुस्तान मंडपम के आसपास VVIP आवाजाही रहेगी और सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी. समिट का दूसरे दिन BRICS के साझेदार और दूसरे आमंत्रित देशों के नेता सुबह 9:55 बजे हिंदुस्तान मंडपम पहुंचेंगे. इसके बाद सुबह 10:35 बजे सभी नेताओं की ग्रुप फोटो होगी. फिर सुबह 10:50 बजे समिट का ओपन सेशन शुरू होगा. इस दौरान नेता खुले मंच से अपनी बात रखेंगे. इसमें अहम मुद्दों पर चर्चा के साथ बड़े ऐलान भी हो सकते हैं. यानी 13 सितंबर को समिट अपने आखिरी दौर में पहुंचेगा और दिन के कार्यक्रमों के साथ इस साल का BRICS शिखर सम्मेलन भी खत्म हो जाएगा. 35 से ज्यादा सड़कों पर VVIP मूवमेंट समिट के दौरान सरदार पटेल मार्ग, तीन मूर्ति मार्ग, अकबर रोड, मथुरा रोड, जनपथ, अशोका रोड, बाराखंभा रोड और दूसरी प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक नियंत्रित किया जा सकता है. हालांकि इन सभी सड़कों को पूरे समय बंद रखने की जानकारी नहीं है. VVIP काफिले की जरूरत के हिसाब से कुछ समय के लिए आवाजाही रोकी या डायवर्ट की जाएगी. एयरपोर्ट जाने वालों के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने मेट्रो को बेहतर विकल्प बताया है. सड़क से जाने पर VVIP मूवमेंट के कारण अचानक ट्रैफिक रुक सकता है, इसलिए यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है। सुरक्षा में हजारों जवान, 4,800 पुलिसकर्मी संभालेंगे ट्रैफिक BRICS समिट के लिए दिल्ली में सुरक्षा का इंतजाम कई स्तरों पर किया गया है.दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री को मिलाकर करीब 25,000 से 30,000 सुरक्षाकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहेंगे है. हिंदुस्तान मंडपम और VVIP रूट के आसपास मल्टी-लेयर सुरक्षा व्यवस्था है. CCTV, एंटी-ड्रोन सिस्टम और दूसरी तकनीकी निगरानी के जरिए भी नजर रखी जा रही है. 11, 12 और 13 सितंबर को आम दिल्ली वालों के लिए क्या बदलेगा? 11 से 13 सितंबर के बीच अगर आपका सफर नई दिल्ली, हिंदुस्तान मंडपम, एयरपोर्ट या VVIP रूट के आसपास है तो निकलने से पहले ट्रैफिक अपडेट जरूर देख लें. जरूरी न हो तो इन इलाकों से गुजरने से बचें. एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन जाने वालों को खास तौर पर समय लेकर निकलना चाहिए. मेट्रो का इस्तेमाल करने से सड़क पर होने वाले अचानक डायवर्जन से बचा जा सकता है. कुल मिलाकर, अगले तीन दिन दिल्ली के लिए सामान्य दिनों से अलग रहने वाले हैं. BRICS समिट के चलते सुरक्षा सबसे ऊपर रहेगी, लेकिन ट्रैफिक पुलिस की कोशिश है कि VVIP मूवमेंट के बीच आम लोगों की आवाजाही को जितना संभव हो, सामान्य रखा जाए.  ये भी पढ़ें: कैसे हुई थी BRICS की शुरुआत ? समझिए हिंदुस्तान के लिए क्यों खास है 2026 का शिखर सम्मेलन The post BRICS Summit 2026 : आज से अगले तीन दिन दिल्ली पर रहेगी दुनिया की नजर, जानिए 11, 12 और 13 सितंबर को क्या-क्या होगा ? appeared first on Naya Vichar.

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Aaj Ka Rashifal: मिथुन राशि वाले जातकों का बढ़ेगा उत्साह, तुला के काम होंगे लेट, जानें आज का राशिफल

Aaj Ka Rashifal 11 September 2026: आज शुक्रवार 11 सितंबर 2026 है. अमावस्या तिथि सुबह 08:56 बजे तक, इसके बाद प्रतिपदा तिथि कल सुबह 07:46 बजे तक रहेगी. आगे ज्योतिषाचार्य डॉ. एन. के. बेरा से सभी राशियों के लिए आज का राशिफल जानिए. मेष राशि का आज का राशिफल आज नौकरी में आपको वरिष्ठ अधिकारियों और सहकर्मियों का पूरा सहयोग मिलेगा. आपके काम की तारीफ होगी और मान-सम्मान बढ़ेगा. पद और प्रतिष्ठा के साथ आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी. शुभ अंक: 9, शुभ रंग: लाल वृषभ राशि का आज का राशिफल अपनी समझदारी और चतुराई से आप किसी महत्वपूर्ण काम को आसानी से पूरा कर सकते हैं. नौकरी या कारोबार में माहौल आपके पक्ष में रहेगा. धार्मिक और आध्यात्मिक कामों में भी रुचि बढ़ेगी. शुभ अंक: 6, शुभ रंग: सफेद मिथुन राशि का आज का राशिफल आज धन, कपड़े या आभूषण मिलने के योग हैं. आत्मविश्वास बढ़ेगा और आप नई योजनाओं को लेकर उत्साहित रहेंगे. कामकाज में कुछ नया करने की इच्छा भी बढ़ सकती है. शुभ अंक: 5,शुभ रंग: हरा कर्क राशि का आज का राशिफल कामकाज में अपनी प्रतिभा दिखाने और नाम कमाने का मौका मिलेगा. सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी. कारोबार को आगे बढ़ाने की आपकी योजना सफल हो सकती है और आर्थिक स्थिति बेहतर होगी. शुभ अंक: 2, शुभ रंग: सफेद सिंह राशि का आज का राशिफल आज जिस काम को पूरा करने का आपने मन बनाया है, उसमें सफलता मिलेगी. घर-परिवार का माहौल सुखद रहेगा. कारोबार में लाभ होगा और संतान की तरक्की से आपका मन खुश रहेगा. शुभ अंक: 1,शुभ रंग: सुनहरा कन्या राशि का आज का राशिफल धन पाने की कोशिशों में सफलता मिलने के संकेत हैं. कोई अच्छी समाचार मिल सकती है. समाज में प्रभावशाली और खास लोगों से आपकी मुलाकात होगी, जिससे भविष्य में फायदा मिल सकता है. शुभ अंक: 5, शुभ रंग: हरा तुला राशि का आज का राशिफल काफी समय से चली आ रही परेशानियों और उलझनों से राहत मिलेगी. मेहनत और सही प्रयास से नौकरी, कारोबार और प्रशासनी कामों में सफलता मिलने के योग हैं. रुके हुए काम में फिलहाल विलंभ होगा. शुभ अंक: 6, शुभ रंग: गुलाबी वृश्चिक राशि का आज का राशिफल आज आर्थिक लाभ के अच्छे मौके मिल सकते हैं. धैर्य और समझदारी से काम लेने पर परेशानियां कम होंगी. घर या मकान से जुड़ी समस्या का समाधान मिलने की उम्मीद है. शुभ अंक: 9, शुभ रंग: मैरून धनु राशि का आज का राशिफल आज आपकी पढ़ाई-लिखाई, समझ और प्रतिभा में निखार आएगा. नौकरी या रोजगार के क्षेत्र में आपका प्रभाव बढ़ेगा. सुख-सुविधाओं से जुड़ी कोई नई चीज मिलने के योग भी बन रहे हैं. शुभ अंक: 3, शुभ रंग: पीला मकर राशि का आज का राशिफल संतान की तरक्की से घर में खुशी का माहौल रहेगा. परिवार के लोगों का सहयोग मिलेगा. घर में कोई मांगलिक या शुभ कार्यक्रम होने के योग हैं, जिससे आपसी रिश्ते और मजबूत होंगे. शुभ अंक: 8, शुभ रंग: नीला कुंभ राशि का आज का राशिफल आज नई नौकरी मिलने के अच्छे संकेत हैं. परिवार के साथ घूमने-फिरने और मनोरंजन का मौका मिलेगा. नए लोगों से मुलाकात होगी और ये संपर्क आगे चलकर आपके काम आ सकते हैं. शुभ अंक: 4, शुभ रंग: आसमानी मीन राशि का आज का राशिफल रोजगार के क्षेत्र में आ रही मुश्किलों को दूर करने में सफलता मिलेगी. दांपत्य जीवन की परेशानियां कम होंगी और रिश्तों में सुधार आएगा. घर, जमीन और वाहन से जुड़े सुख मिल सकते हैं. शुभ अंक: 7, शुभ रंग: पीला The post Aaj Ka Rashifal: मिथुन राशि वाले जातकों का बढ़ेगा उत्साह, तुला के काम होंगे लेट, जानें आज का राशिफल appeared first on Naya Vichar.

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Aaj Ka Mausam : घर से छाता लेकर निकलें या नहीं! UP-बिहार से MP और झारखंड तक बरसेंगे बादल, जानें 11 सितंबर के मौसम का हाल

Aaj Ka Mausam : 11 सितंबर को उत्तर हिंदुस्तान के कई हिस्सों में बादल और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. IMD के ताजा अपडेट में उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में बारिश की गतिविधि बनी रहने की बात सामने आई है. दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में भी आज बारिश के आसार हैं. UP-बिहार में खास नजर उत्तर प्रदेश और बिहार में आज मौसम सक्रिय रहेगा. UP के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक हो सकती है. बिहार में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. जिन इलाकों में पहले से पानी जमा है, वहां नई बारिश परेशानी बढ़ा सकती है. झारखंड में भी बादल बरसेंगे झारखंड में भी आज कई जगह बारिश और गरज-चमक का असर देखने को मिल सकता है. IMD के मौसम अपडेट में पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास बिहार के ऊपर सक्रिय मौसम प्रणाली का जिक्र है, जिसका असर आसपास के इलाकों पर भी पड़ सकता है. MP में भी मौसम रहेगा सक्रिय मध्य प्रदेश में आज कई इलाकों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है. खासकर पूर्वी MP में मौसम पर नजर रखना जरूरी है. भोपाल, जबलपुर, शहडोल, रीवा और आसपास के जिलों में स्थानीय स्तर पर बारिश का असर देखने को मिल सकता है. उत्तराखंड और हिमाचल में पहाड़ों पर नजर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बारिश के दौरान पहाड़ी रास्तों पर सावधानी जरूरी है. तेज बारिश होने पर छोटे नालों और नदियों में पानी अचानक बढ़ सकता है. गांवों में रहने वाले लोग बारिश के समय नदी-नाले के आसपास जाने से बचें. पंजाब-हरियाणा और जम्मू-कश्मीर का हाल पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में भी आज मौसम पूरी तरह साफ रहने की उम्मीद नहीं है. कुछ जगह बादल और स्थानीय बारिश हो सकती है. खेतों में काम करने वाले किसानों को गरज-चमक के समय खुले स्थान पर रुकने से बचना चाहिए. अगले 3 दिन कैसे रहेंगे? 12 से 14 सितंबर के बीच भी देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है. उत्तर और मध्य हिंदुस्तान के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रह सकता है. गुजरात और मध्य हिंदुस्तान में भी मौसम पर नजर रहेगी. हालांकि किसी खास जिले में भारी बारिश होगी या नहीं, इसके लिए उसी दिन का IMD जिला-वार अलर्ट देखना सबसे सही रहेगा. गांव-घर के लोगों के लिए जरूरी बात बारिश के समय सिर्फ शहरों की सड़क ही नहीं, गांव की कच्ची सड़क, खेत और नाले भी प्रभावित होते हैं. अगर आपके इलाके में तेज बारिश या बिजली चमक रही है तो खेत में काम रोककर सुरक्षित जगह चले जाएं. पानी से भरे रास्ते को पार करने की जल्दबाजी न करें. ये भी पढ़ें: 11 सितंबर की टॉप 20 समाचारें: BRICS Summit के लिए दिल्ली में अभेद्य सुरक्षा, हिंदुस्तान आएंगे जिनपिंग-पुतिन, एशिया कप के फाइनल में पहुंची टीम इंडिया The post Aaj Ka Mausam : घर से छाता लेकर निकलें या नहीं! UP-बिहार से MP और झारखंड तक बरसेंगे बादल, जानें 11 सितंबर के मौसम का हाल appeared first on Naya Vichar.

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BRICS Summit के चलते दिल्ली में 26 ट्रेनें रद्द; 25 से ज्यादा डायवर्ट, देखें पूरी लिस्ट

नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक आयोजित हो रहे BRICS Leaders’ Summit को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. रेलवे के संचालन पर भी इसका सीधा असर हुआ है. यात्रियों की सुविधा और VVIP तथा विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही को देखते हुए रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द, डायवर्ट और नियंत्रित करने का फैसला लिया है. 26 ट्रेनें कैंसिल, दर्जनों सेवाओं पर असर नॉर्दर्न रेलवे के मुताबिक दिल्ली डिवीजन में 26 ट्रेनें रद्द की गई हैं, जबकि 25 से अधिक ट्रेनों के रूट में बदलाव किया गया है. इसके अलावा कई ट्रेनों को उनके निर्धारित स्टेशन से पहले समाप्त या वहीं से शुरू किया जाएगा. कुछ ट्रेनों की रफ्तार और परिचालन भी निर्धारित समय के मुकाबले नियंत्रित रहेगा. राजधानी समेत कई लंबी दूरी की ट्रेनें डायवर्ट BRICS Summit के दौरान दिल्ली रेलवे नेटवर्क के संवेदनशील हिस्सों से ट्रेनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाएगा. इसके तहत राजधानी एक्सप्रेस समेत कई लंबी दूरी की ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाया जाएगा. रांची, डिब्रूगढ़, सियालदह, हावड़ा और भुवनेश्वर जाने वाली कुछ राजधानी सेवाएं भी प्रभावित होंगी. इन स्टेशनों से शुरू या खत्म होंगी ट्रेनें कुछ ट्रेनों को उनके नियमित गंतव्य तक नहीं भेजा जाएगा. रेलवे की योजना के तहत कई सेवाओं को गाजियाबाद, साहिबाबाद, दिल्ली शाहदरा और शकूरबस्ती जैसे स्टेशनों पर शॉर्ट-ओरिजिनेट या शॉर्ट-टर्मिनेट किया जाएगा. यानी यात्रियों को इन स्टेशनों से आगे अपनी यात्रा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है. 11 सितंबर: इन ट्रेनों को किया गया कैंसिल ट्रेन नंबर ट्रेन रूट 64015 PWL-SSB EMU पलवल–शकूरबस्ती 64429 GZB-NDLS EMU गाजियाबाद–नई दिल्ली 64433 GZB-NDLS EMU गाजियाबाद–नई दिल्ली 64492 NDLS-Palwal Ladies EMU नई दिल्ली–पलवल 64491 EMU दिल्ली जंक्शन–शामली 12 सितंबर: कैंसिल ट्रेनों की सूची ट्रेन नंबर ट्रेन रूट 64425 GZB-NDLS EMU गाजियाबाद–नई दिल्ली 64432 NDLS-GZB EMU नई दिल्ली–गाजियाबाद 64013 PWL-SSB EMU पलवल–शकूरबस्ती 64015 PWL-SSB EMU पलवल–शकूरबस्ती 64429 GZB-NDLS EMU गाजियाबाद–नई दिल्ली 64433 GZB-NDLS EMU गाजियाबाद–नई दिल्ली 64441 GZB-NDLS EMU गाजियाबाद–नई दिल्ली 64492 NDLS-Palwal Ladies EMU नई दिल्ली–पलवल 64410 NDLS-GZB EMU नई दिल्ली–गाजियाबाद 64443 GZB-DLI EMU गाजियाबाद–दिल्ली जंक्शन 64418 DLI-GZB MEMU दिल्ली जंक्शन–गाजियाबाद 64445 EMU गाजियाबाद–दिल्ली जंक्शन 64412 EMU दिल्ली जंक्शन–गाजियाबाद VVIP मूवमेंट के लिए रेलवे ने बनाया विशेष प्लान नॉर्दर्न रेलवे ने BRICS Summit को देखते हुए दिल्ली डिवीजन के लिए विशेष ट्रेन-हैंडलिंग प्लान तैयार किया है. इसका उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ VVIP और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही को सुचारु रखना है. इसके तहत ट्रेनों के रद्दीकरण, डायवर्जन, शॉर्ट-टर्मिनेशन और नियंत्रित परिचालन जैसे कदम उठाए गए हैं. 13 सितंबर: कैंसिल ट्रेनों की सूची ट्रेन नंबर ट्रेन रूट 64053 Palwal-Ghaziabad EMU पलवल–गाजियाबाद 64439 GZB-Delhi Jn EMU गाजियाबाद–दिल्ली जंक्शन 64071 BVH-Shakurbasti EMU बल्लभगढ़–शकूरबस्ती 64078 NDLS-Palwal EMU नई दिल्ली–पलवल 64411 SBB-Delhi Jn EMU साहिबाबाद–दिल्ली जंक्शन 64031 GZB-Shakurbasti EMU गाजियाबाद–शकूरबस्ती 64406 EMU दिल्ली जंक्शन–गाजियाबाद 64426 EMU नई दिल्ली–गाजियाबाद 25+ ट्रेनों का रूट बदला गया 11 सितंबर: डायवर्ट ट्रेनें ट्रेन नंबर ट्रेन नया रूट/डायवर्जन 64419 NZM-GZB EMU निजामुद्दीन–तिलक ब्रिज–BPNL–साहिबाबाद 20840 नई दिल्ली–रांची राजधानी नई दिल्ली–दिल्ली जंक्शन–साहिबाबाद 12424 राजधानी एक्सप्रेस नई दिल्ली–दिल्ली जंक्शन–साहिबाबाद 12314 नई दिल्ली–सियालदह राजधानी नई दिल्ली–दिल्ली जंक्शन–साहिबाबाद 12306 नई दिल्ली–हावड़ा राजधानी नई दिल्ली–दिल्ली जंक्शन–साहिबाबाद 22812 नई दिल्ली–भुवनेश्वर राजधानी नई दिल्ली–दिल्ली जंक्शन–साहिबाबाद 64904 गाजियाबाद–मथुरा EMU साहिबाबाद–तिलक ब्रिज–निजामुद्दीन 12394 संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस नई दिल्ली–दिल्ली जंक्शन–साहिबाबाद 12 सितंबर: डायवर्ट ट्रेनों की सूची ट्रेन नंबर ट्रेन नया रूट/डायवर्जन 12420 गोमती एक्सप्रेस नई दिल्ली–दिल्ली जंक्शन–दिल्ली शाहदरा–साहिबाबाद 12392 श्रमजीवी एक्सप्रेस नई दिल्ली–दिल्ली जंक्शन–दिल्ली शाहदरा–साहिबाबाद 20503 राजधानी एक्सप्रेस साहिबाबाद–दिल्ली शाहदरा–दिल्ली जंक्शन 12314 नई दिल्ली–सियालदह राजधानी नई दिल्ली–दिल्ली जंक्शन–दिल्ली शाहदरा–साहिबाबाद 12302 नई दिल्ली–हावड़ा राजधानी नई दिल्ली–दिल्ली जंक्शन–दिल्ली शाहदरा–साहिबाबाद 64904 गाजियाबाद–मथुरा EMU साहिबाबाद–तिलक ब्रिज–निजामुद्दीन 54411 रेवाड़ी–मेरठ पैसेंजर दिल्ली किशनगंज–दिल्ली जंक्शन–शाहदरा–साहिबाबाद 11842 कुरुक्षेत्र–खजुराहो एक्सप्रेस आदर्श नगर दिल्ली–सफदरजंग–ओखला 64906 गाजियाबाद–पलवल EMU साहिबाबाद–तिलक ब्रिज–निजामुद्दीन 54473 दिल्ली–सहारनपुर पैसेंजर दिल्ली जंक्शन–शाहदरा–साहिबाबाद 15566 नई दिल्ली–ललितग्राम वैशाली एक्सप्रेस नई दिल्ली–दिल्ली जंक्शन–शाहदरा–साहिबाबाद 20802 मगध एक्सप्रेस नई दिल्ली–दिल्ली जंक्शन–शाहदरा–साहिबाबाद 12562 स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस नई दिल्ली–दिल्ली जंक्शन–शाहदरा–साहिबाबाद 13 सितंबर: डायवर्ट ट्रेनों की सूची ट्रेन नंबर ट्रेन नया रूट/डायवर्जन 54474 सहारनपुर–दिल्ली पैसेंजर साहिबाबाद–दिल्ली शाहदरा–दिल्ली जंक्शन 12559 बनारस–नई दिल्ली शिवगंगा साहिबाबाद–दिल्ली शाहदरा–दिल्ली जंक्शन 64472 पानीपत–गाजियाबाद MEMU सब्जी मंडी–दिल्ली जंक्शन–शाहदरा–साहिबाबाद 14030 मेरठ–श्रीगंगानगर स्पेशल साहिबाबाद–शाहदरा–दिल्ली जंक्शन–दिल्ली किशनगंज 64903 मथुरा–गाजियाबाद EMU निजामुद्दीन–तिलक ब्रिज–साहिबाबाद 64055 पलवल–गाजियाबाद EMU निजामुद्दीन–तिलक ब्रिज–साहिबाबाद 12581 बनारस–नई दिल्ली सुपरफास्ट साहिबाबाद–शाहदरा–दिल्ली जंक्शन Vande Bharat भी प्रभावित, 40 मिनट तक हो सकती है देरी सिर्फ लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनें ही नहीं, बल्कि कई सुपरफास्ट और वंदे हिंदुस्तान ट्रेनों के परिचालन पर भी असर पड़ेगा. NCR, पलवल और दुधिया सेक्शन में कुछ ट्रेनों को करीब 10 से 40 मिनट तक रेगुलेट किया जा सकता है. वहीं बनारस-नई दिल्ली वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस को NCR सेक्शन में करीब 35 मिनट तक नियंत्रित किया जाएगा. Vande Bharat समेत इन ट्रेनों की रफ्तार भी होगी नियंत्रित ट्रेन नंबर ट्रेन देरी/रेगुलेशन 22415 बनारस–नई दिल्ली Vande Bharat करीब 35 मिनट 11077 पुणे–जम्मूतवी एक्सप्रेस NCR में 40 मिनट, पलवल में 20 मिनट 12137 पंजाब मेल NCR में 40 मिनट, पलवल में 20 मिनट 12279 ताज एक्सप्रेस NCR में 40 मिनट, पलवल में 20 मिनट 12556 गोरखधाम एक्सप्रेस करीब 30 मिनट + 20 मिनट 12472 स्वराज एक्सप्रेस करीब 30 मिनट 64073 धौलपुर–नई दिल्ली EMU करीब 30 मिनट 11905 आगरा कैंट–होशियारपुर करीब 15 मिनट 12625 केरल सुपरफास्ट NCR में 40 मिनट, NR में 20 मिनट 20807 हिराकुंड एक्सप्रेस करीब 15 मिनट 12926 पश्चिम एक्सप्रेस करीब 35 मिनट 2455 कानपुर–नई दिल्ली स्पेशल करीब 10 मिनट यात्री यात्रा से पहले जरूर चेक करें ट्रेन का स्टेटस रेलवे परिचालन में ये बदलाव 11 से 13 सितंबर तक लागू रहेंगे और ट्रेन व रूट के हिसाब से असर अलग-अलग हो सकता है. ऐसे में यात्रियों को सलाह है कि स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन के रूट, समय और परिचालन स्थिति की ताजा जानकारी जरूर हासिल कर लें, ताकि अचानक होने वाली परेशानी से बचा जा सके. 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