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सही फैसला लेकिन काफी देर कर दी, राजनीति से अशोक सिद्धार्थ के संन्यास पर बोली मायावती

Mayawati BSP News: आज श्री अशोक सिद्धार्थ द्वारा नेतृत्व से संन्यास लेने की घोषणा अति-देर से उठाया गया यह सही क़दम है. बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पार्टी हित में एक अत्यंत कड़ा निर्णय लेते हुए अपने भतीजे आकाश आनंद को बीएसपी से पूरी तरह से मुक्त कर दिया है. इससे पहले उन्हें राष्ट्रीय संयोजक के पद से हटाया गया था. मायावती के अनुसार, आकाश आनंद पार्टी और आंदोलन के प्रति समर्पित रहने के बजाय पारिवारिक संबंधों को अधिक प्राथमिकता दे रहे थे. अशोक सिद्धार्थ के फैसले का नेतृत्वक असर यह पूरा घटनाक्रम आकाश आनंद के ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ के नेतृत्व से संन्यास लेने से जुड़ा हुआ है. मायावती ने स्पष्ट कहा कि यदि अशोक सिद्धार्थ काफी समय पहले ही नेतृत्व छोड़ने का निर्णय ले लेते, तो पार्टी, बहुजन आंदोलन और आकाश आनंद को विपरीत परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता. इसके कारण बीएसपी नेतृत्व को भी बार-बार कड़े और सख्त फैसले लेने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता. बहुजन आंदोलन के सिद्धांत और त्याग का संदेश बीएसपी प्रमुख ने जोर देकर कहा कि पार्टी की नींव बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और मान्यवर कांशीराम के त्याग, संघर्ष तथा निष्काम सेवा के सिद्धांतों पर आधारित है. बहुजन आंदोलन में निजी और पारिवारिक स्वार्थ के लिए कोई जगह नहीं है. पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं को व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर उठकर काम करना होगा, तभी शोषित और वंचित बहुजन समाज देश का शासक वर्ग बनने का अपना लक्ष्य हासिल कर सकेगा. यूपी में पूर्ण बहुमत की प्रशासन बनाने का संकल्प अंत में मायावती ने बीएसपी के सभी समर्पित कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे विरोधियों के किसी भी षड्यंत्र से प्रभावित न हों. वे पूरी निष्ठा, लगन और मेहनत के साथ उत्तर प्रदेश में बीएसपी की पूर्ण बहुमत वाली प्रशासन बनाने के अभियान में जुट जाएं. पार्टी का मुख्य उद्देश्य राज्य में एक बार फिर ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत पर मजबूत कानून-व्यवस्था और पारदर्शी शासन व्यवस्था कायम करना है. Must Read: 35 साल का सफर और एक भावुक पत्र,मायावती की शर्त मान अशोक सिद्धार्थ ने त्यागी नेतृत्व,आकाश आनंद की वापसी तय? The post सही फैसला लेकिन काफी देर कर दी, नेतृत्व से अशोक सिद्धार्थ के संन्यास पर बोली मायावती appeared first on Naya Vichar.

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VIDEO: PoK में फिर सड़कों पर उतरे लोग, महिला-पुरुषों के साथ बच्चे भी प्रोटेस्ट में शामिल; मुजफ्फराबाद में जवानों की बढ़ी तैनाती

PoK Protest: 9 सितंबर को आजाद जम्मू-कश्मीर (AJK) के साउथ बाग स्थित चितरा टोपी में स्थानीय लोगों ने एक विरोध मार्च निकाला. यह विरोध प्रदर्शन जम्मू-कश्मीर जॉइंट पब्लिक एक्शन कमेटी (JAAC) के आह्वान पर हुआ. जम्मू-कश्मीर जॉइंट पब्लिक एक्शन कमेटी (JAAC) के आह्वान पर हुए प्रदर्शन में स्त्रीएं, पुरुष और शिशु शामिल हुए. बढ़ती महंगाई के खिलाफ उठाई आवाज ग्रामीण पहाड़ी सड़क पर निकाले गए मार्च के दौरान लोगों ने अपनी मांगों और अधिकारों को लेकर आवाज उठाई. प्रदर्शनकारियों ने दाल और आटे समेत जरूरी खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों का विरोध किया. JAAC के मुताबिक, मार्च में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया. तीन महीने से जारी है आंदोलन PoK में तीन महीने से अधिक समय से पाकिस्तान प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी हैं. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन लोगों से संवाद कर समस्या का समाधान निकालने के बजाय उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है. पाकिस्तानी सेना पर हिंसा के आरोप प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी सेना पर आंदोलन की आवाज दबाने, हिंसा करने और लोगों को जबरन हिरासत में लेने के आरोप लगाए हैं. आंदोलन का नेतृत्व कर रही JAAC का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. मुजफ्फराबाद में बढ़ाई गई सेना की तैनाती इसी बीच PoK की राजधानी मुजफ्फराबाद में एक बार फिर बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. लगातार जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने से इलाके में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. ये भी पढ़ें: VIDEO: ऑस्ट्रेलिया में पाकिस्तानी शख्स से प्यार और शादी, पति ने घर लाकर 12 साल तक बंधक बनाया The post VIDEO: PoK में फिर सड़कों पर उतरे लोग, स्त्री-पुरुषों के साथ शिशु भी प्रोटेस्ट में शामिल; मुजफ्फराबाद में जवानों की बढ़ी तैनाती appeared first on Naya Vichar.

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क्या आप भी खाना चंद मिनटों में खत्म कर देते हैं? जानें कितनी होनी चाहिए Eating Speed

Healthy Eating Habits: काम की बात सीरीज में हम रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी उन छोटी-बड़ी बातों पर चर्चा करते हैं, जिनका सामना हम अक्सर करते हैं. आज बात खाना खाने की आदत की. भागदौड़ में कई लोग खाना जल्दी-जल्दी खा लेते हैं और कभी मोबाइल देखते हुए तो कभी काम के बीच में ही खाना खत्म कर देते हैं. ऐसे में सवाल है कि क्या बहुत तेजी से खाना सेहत के लिए ठीक है. क्या खाना खाने में 20-30 मिनट लगाना जरूरी है. हाल में ही अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने FSSAI के Eat Right India से बातचीत में बताया कि वह खाना खाने में करीब 30 मिनट का समय देते हैं. तो आइए, आज की काम की बात में जानते हैं कि धीरे खाने से क्या फायदा हो सकता है और खाना खाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.  पंकज त्रिपाठी ने बताया खाने का आसान तरीका अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने बताया कि अच्छी सेहत, दिनभर एनर्जी बनाए रखने और दिमाग को एक्टिव रखने के लिए सिर्फ क्या खा रहे हैं, यह ही नहीं बल्कि कैसे खा रहे हैं, यह भी जरूरी है. FSSAI का #EatRightIndia अभियान भी रोज के खान-पान को बेहतर बनाने पर जोर देता है. इसमें ज्यादा प्रोसेस्ड फूड से बचने और ताजा खाना खाने के साथ-साथ भोजन को आराम से और ध्यान देकर खाने की बात कही गई है. View on Instagram क्या खाना खाने के लिए 30 मिनट का समय तय करना चाहिए? नहीं, हर व्यक्ति के लिए 30 मिनट का कोई तय नियम नहीं है. जरूरी यह है कि खाना बहुत जल्दबाजी में न खाया जाए. अगर आप आमतौर पर कुछ ही मिनटों में पूरी प्लेट खत्म कर देते हैं, तो अपनी इटिंग स्पीड थोड़ी कम करने की कोशिश (Healthy Eating Habits) कर सकते हैं. आराम से खाना, निवाले को अच्छी तरह चबाना और बीच-बीच में रुकना ज्यादा महत्वपूर्ण है. जल्दी खाना खाने से क्या परेशानी हो सकती है? बहुत तेजी से खाने पर कई बार व्यक्ति को यह समझने का समय नहीं मिलता कि उसका पेट भर रहा है. ऐसे में जरूरत से ज्यादा खाना खाया जा सकता है. धीरे खाने से खाने के बीच थोड़ा समय मिलता है और भूख कम होने के संकेतों को पहचानना आसान हो सकता है. यानी खाना सिर्फ प्लेट खत्म करने के लिए नहीं, बल्कि शरीर की जरूरत को समझते हुए खाना जरूरी है. पेट भरने का संकेत मिलने में इतना समय क्यों लगता है? खाना शुरू करने के बाद पेट और दिमाग के बीच लगातार सिग्नल का आदान-प्रदान होता है. पेट में खाना पहुंचने और पाचन प्रक्रिया शुरू होने के बाद शरीर कई तरह के संकेत भेजता है. इन संकेतों को दिमाग तक पहुंचने और भरने महसूस होने में कुछ समय लग सकता है. यही वजह है कि बहुत तेजी से खाने पर व्यक्ति को बाद में अचानक यह महसूस हो सकता है कि उसने जरूरत से ज्यादा खाना खा लिया. क्या खाना जल्दी खाने से गैस या पेट फूलने की समस्या हो सकती है? कुछ लोगों में इसकी संभावना हो सकती है. जल्दी खाते समय बड़े निवाले लेने या खाना खाते हुए बात करने से भोजन के साथ ज्यादा हवा निगलने की समस्या हो सकती है. इससे डकार या पेट फूलने जैसा बेचैनी महसूस हो सकता है. लेकिन हर बार गैस या एसिडिटी का कारण सिर्फ जल्दी खाना नहीं होता. इन समस्याओं के पीछे दूसरी स्वास्थ्य संबंधी वजहें भी हो सकती हैं. PC: AI Generated खाना खाते समय मोबाइल चलाना भी गलत आदत है? अगर आपका ध्यान पूरी तरह मोबाइल पर है, तो आप खाने पर ठीक से ध्यान नहीं दे पाते. ऐसे में खाना कितनी तेजी से खाया जा रहा है या पेट कब भरने लगा, इसे महसूस करना मुश्किल हो सकता है. इसलिए खाना खाते समय कुछ देर मोबाइल को दूर रखना एक आसान बदलाव हो सकता है. इससे आपका ध्यान भोजन पर रहेगा और आप अपनी भूख व पेट भरने के संकेतों को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे. Healthy Eating Habits: धीरे खाने की आदत डालने के लिए क्या करें? छोटे निवाले लें. हर निवाले को अच्छी तरह चबाएं. निवाला निगलने के बाद ही अगला निवाला लें. खाना खाते समय मोबाइल या टीवी से दूरी रखें. खाने को जल्दी खत्म करने की कोशिश न करें. खाते समय बीच-बीच में अपनी भूख पर ध्यान दें. पेट संतुष्ट महसूस होने लगे तो सिर्फ प्लेट खत्म करने के लिए खाते न रहें. छोटी बात हो या रोज की कोई परेशानी, सही जानकारी काम आसान कर सकती है. ऐसी ही एक और काम की जानकारी के साथ अगली कड़ी में फिर मिलेंगे. यह भी पढ़ें: दूध उबालकर भी जल्दी फट जाता है? कहीं आप तो नहीं कर रहे ये गलतियां The post क्या आप भी खाना चंद मिनटों में खत्म कर देते हैं? जानें कितनी होनी चाहिए Eating Speed appeared first on Naya Vichar.

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BRICS Business Forum 2026: दिल्ली में जुटेंगे दुनिया के सबसे बड़े कारोबारी, Huawei और Alibaba भी होंगे शामिल

BRICS बिजनेस फोरम 2026 : 18वें ब्रिक्स सम्मेलन से पहले नई दिल्ली में ब्रिक्स बिजनेस फोरम की बैठक हो रही है. शुक्रवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम में भाषण देंगे. इसमें दुनिया की कई बड़ी कंपनियों के बड़े अधिकारी और 1,000 से ज्यादा दूसरे देशों के लोग शामिल हो रहे हैं. Huawei और Alibaba जैसी बड़ी कंपनियों के अधिकारी शामिल इस बैठक में चीन की कई बड़ी कंपनियों के अधिकारी भी शामिल होंगे. इनमें चाइना नेशनल पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (CNPC), इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना (ICBC), Huawei और Alibaba जैसी कंपनियों के बड़े अधिकारी शामिल हैं. इसके अलावा फर्स्ट अबू धाबी बैंक, एमिरेट्स (Emirates) एयरलाइन, इतिहाद एयरवेज और ब्राजील की विमान बनाने वाली कंपनी एम्ब्रेयर के बड़े अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे. ये भी पढ़ें: Weather Update: बंगाल की खाड़ी से बदलेगा मौसम का मिजाज, 10 से 12 सितंबर तक इन राज्यों में बारिश का जोर 1,000 से ज्यादा लोग दूसरे देशों से ब्रिक्स बिजनेस फोरम में करीब 1,000 दूसरे देशों के लोगों के आने की उम्मीद है. बैठक में कारोबार, नई तकनीक, आपसी मदद और आने वाले समय में कारोबार को बेहतर बनाने जैसे मुद्दों पर बात होगी. कार्यक्रम की शुरुआत में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी स्पीच देंगे. बैठक में खेती, दूसरे देशों के साथ व्यापार, पैसा लगाने और इंटरनेट से जुड़े कारोबार जैसे कई मुद्दों पर बात होगी. इसके बाद ब्रिक्स-प्लस देशों के नेताओं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का खास कार्यक्रम होगा. चीन से भी कारोबारी दल पहुंचा हिंदुस्तान ब्रिक्स सम्मेलन के लिए चीन से एक बड़ा कारोबारी दल भी हिंदुस्तान पहुंचा है. इसमें CNPC के चेयरमैन होउलियांग दाई, ICBC के चेयरमैन लिन लियाओ और चीन कॉस्को शिपिंग कॉरपोरेशन के चेयरमैन मिन वान शामिल हैं. इसके अलावा ब्राजील की एम्ब्रेयर कंपनी के सीईओ फ्रांसिस्को गोम्स नेटो, रूसी रेलवे के सीईओ ओलेग बेलोजेरोव, स्बरबैंक के पहले उप-चेयरमैन अलेक्जेंडर वेद्याखिन और नैस्पर्स लिमिटेड के सीईओ फूथी महानेले-दबेंगवा भी बैठक में हिस्सा ले रहे हैं. दुनिया के देशों के बीच व्यापार पर होगी बात यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब दुनिया के कई देशों के बीच व्यापार को लेकर तनाव बना हुआ है. ऐसे में ब्रिक्स देशों के कारोबारी ऐसी व्यवस्था बनाने पर बात कर सकते हैं, जिससे एक देश से दूसरे देश तक सामान पहुंचाने में ज्यादा परेशानी न हो. विकासशील देशों के हितों पर भी इस बैठक में ध्यान दिया जा रहा है. कारोबार और सामान की सप्लाई को आसान और मजबूत बनाने पर भी चर्चा होने की उम्मीद है. 11 और 12 सितंबर को होगा ब्रिक्स सम्मेलन 18वां ब्रिक्स सम्मेलन 11 और 12 सितंबर को होने वाला है. इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मुंबई में ब्रिक्स देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के प्रमुखों की बैठक की अध्यक्षता कर रही हैं. हिंदुस्तान की अध्यक्षता में इस साल करीब 25 शहरों में 350 से ज्यादा बैठकें हो चुकी हैं. इन बैठकों में कारोबार, पैसा, तकनीक और विकास से जुड़े कई मुद्दों पर बात हुई है. ये भी पढ़ें: Viral Video : विशाल अजगर पर खड़ी होकर स्पोर्ट्स रही थी बच्ची, वायरल हुआ ‘निगलने’ का दावा, सच जानकर रह जाएंगे हैरान The post BRICS Business Forum 2026: दिल्ली में जुटेंगे दुनिया के सबसे बड़े कारोबारी, Huawei और Alibaba भी होंगे शामिल appeared first on Naya Vichar.

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Duleep Trophy Final Day 5 Live: कुनैन कुरैशी का अर्धशतक, ईस्ट जोन की बढ़त 600 के पार

दलीप ट्रॉफी फाइनल के पांचवें दिन ईस्ट जोन की टीम खिताब जीतने के इरादे से उतरेगी. वहीं साउथ जोन को कोई चमत्कार की उम्मीद होगी. ईस्ट जोन अभी तक 584 रन से आगे. पांचवें दिन के लाइव अपडेट्स के लिए आप हमारे साथ जुड़े रहें. The post Duleep Trophy Final Day 5 Live: कुनैन कुरैशी का अर्धशतक, ईस्ट जोन की बढ़त 600 के पार appeared first on Naya Vichar.

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Donald Trump : क्या सच में बदलेगा होर्मुज जलडमरूमध्य का नाम? ट्रंप बोले- चुनाव जीतने पर हर अमेरिकी को देंगे 5000 डॉलर

Donald Trump : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डलास में आयोजित रिपब्लिकन नेशनल कमेटी (RNC) मिडटर्म कन्वेंशन में अनोखे अंदाज में भाषण दिया. उन्होंने मिडटर्म चुनावों को लेकर ऐलान किया कि अगर रिपब्लिकन पार्टी 2026 में अमेरिकी सीनेट और हाउस (संसद) पर अपना दबदबा बनाए रखती है, तो हर वयस्क अमेरिकी नागरिक को $5,000 (लगभग 4.2 लाख रुपये) का डिविडेंड दिया जाएगा. अपने लंबे भाषण के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय मामलों, तेल नेतृत्व और अमेरिकी भौगोलिक स्थानों के नाम बदलने को लेकर कई बड़े दावे किए. होर्मुज जलडमरूमध्य का नाम ‘ट्रंप जलडमरूमध्य’ रखने की वकालत ईरान के साथ जारी भू-नेतृत्वक तनाव और युद्ध पर बोलते हुए ट्रंप ने दावा किया, जैसे ही हम ईरान के साथ जारी इस युद्ध को जीतेंगे, वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें काफी नीचे आ जाएंगी. हम यह जंग जीत रहे हैं. उन्होंने चुटकी लेते हुए आगे कहा, “मुझे लगता है कि अब हमें होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का नाम बदलकर ‘ट्रंप जलडमरूमध्य’ (Trump Strait) रख देना चाहिए. हालांकि, मुझे नहीं लगता कि ईरानी नेतृत्व इस फैसले से खुश होगा, क्योंकि वे वैसे भी किसी चीज से खुश नहीं रहते और उनका देश इस वक्त पूरी तरह बिखर रहा है.” ऊर्जा उत्पादन में अमेरिका सबसे आगे, वेनेजुएला से हुई सबसे बड़ी डील अमेरिकी तेल और गैस उत्पादन पर अपनी प्रशासन की पीठ थपथपाते हुए ट्रंप ने दावा किया कि आज अमेरिका रूस और सऊदी अरब के कुल उत्पादन को मिलाकर भी उससे अधिक तेल और गैस का उत्पादन कर रहा है. उन्होंने कहा, “हम अब दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देश बन चुके हैं. इसमें वेनेजुएला का वह विशाल भंडार शामिल नहीं है, जिसे हमने हाल ही में अपने साथ जोड़ा है. यह अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी तेल डील है-लगभग 65 अरब बैरल तेल अब हमारे पास है, जो अगले 500 सालों के लिए पर्याप्त है.” लेक ओंटारियो अब लेक अमेरिका और न्यू मेक्सिको न्यू अमेरिका भौगोलिक स्थानों के नाम बदलने पर बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि कनाडा अमेरिकी प्रशासन के साथ व्यापारिक समझौता करने के लिए बहुत उत्सुक है. उन्होंने कहा, लेक ओंटारियो (Lake Ontario) का नाम बदलकर अब हम लेक अमेरिका (Lake America) रखेंगे. इसके अलावा, हमारे पड़ोसी राज्य न्यू मेक्सिको का नाम भी बदलकर न्यू अमेरिका (New America) किया जाना चाहिए.” 3 नवंबर के चुनाव के बाद जंग खत्म होने और तेल कीमतें घटने का दावा ओपेक (OPEC) देशों पर तंज कसते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब इस तेल संगठन से कहीं अधिक शक्तिशाली हो चुका है. आगामी 3 नवंबर के चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “चुनाव खत्म होते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम तेजी से गिरेंगे और युद्ध भी खत्म हो जाएगा. ईरान फिलहाल सिर्फ इसलिए समझौते को टाल रहा है ताकि हम चुनाव हार जाएं और वे कमजोर डेमोक्रेट्स के साथ डील करके अपना परमाणु बम हासिल कर सकें, लेकिन हम ऐसा कभी नहीं होने देंगे.” ये भी पढ़ें: Iran US War : ईरान ने होर्मुज में 20 जहाजों को बनाया निशाना, ‘नो-गो जोन’ अरब सागर तक बढ़ाया – तेल $100 पार The post Donald Trump : क्या सच में बदलेगा होर्मुज जलडमरूमध्य का नाम? ट्रंप बोले- चुनाव जीतने पर हर अमेरिकी को देंगे 5000 डॉलर appeared first on Naya Vichar.

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Bigg Boss 20 Verdict: लड़ाई चाहिए, कैमरा चाहिए, attention चाहिए… बस गेम किसे खेलना है, ये अभी तय नहीं!

BB20 Verdict: बिग बॉस के घर में अभी ठीक से चप्पलें भी अपनी जगह नहीं ढूंढ पाई हैं, लेकिन कंटेस्टेंट्स ने एक-दूसरे की नीयत, attitude और personality का पूरा पोस्टमार्टम शुरू कर दिया है. पहले हफ्ते में आमतौर पर लोग दोस्त बनते हैं, एक-दूसरे को समझते हैं, थोड़ा awkward होते हैं. यहां तो मामला उल्टा है. लोगों ने दोस्ती बाद में, दुश्मनी पहले शुरू कर दी है. और मजेदार बात ये है कि हर कोई खुद को शांत और समझदार बता रहा है. भाई, अगर घर में आठ लोग एक साथ बोल रहे हैं कि “मैं लड़ाई नहीं करता”, तो फिर लड़ कौन रहा है? छोटी बात, बड़ा तमाशा आम्रपाली दुबे और अरिश्फा खान की तकरार ने आज खूब मसाला दिया. बात शुरू हुई एक comment से और पहुंच गई personal zone तक. यही Bigg Boss का magic है. घर में अगर कोई पूछ दे- “आपकी उम्र कितनी है?” तो अगले पांच मिनट में लगता है जैसे संसद का विशेष सत्र बुल गया हो. आम्रपाली की personality में दम है. वह अपनी बात रखने से पीछे नहीं हटतीं. लेकिन थोड़ा control जरूरी है. क्योंकि Bigg Boss में सामने वाला अगर एक तीर चलाए और आप पूरा तरकश खोल दें, तो फायदा किसका होगा? जिसने तीर चलाया उसका. अरिश्फा को भी थोड़ा Bigg Boss समझना पड़ेगा अरिश्फा के लिए भी एक बात समझना जरूरी है. यहां कोई आपको चिढ़ाएगा. कोई provoke करेगा. कोई आपकी बात का गलत मतलब निकालेगा. और कोई ऐसा भी मिलेगा जो सिर्फ यह देखने के लिए button दबाएगा कि आप react कब करती हैं. इसलिए हर बार reaction देना मतलब दूसरे contestant को free content देना. और Bigg Boss के घर में free content सबसे महंगी चीज होती है. कनिका मान- बाकी लोग बोल रहे हैं, ये देख रही हैं? आज कनिका को देखकर लगा कि कम से कम किसी ने घर में volume के अलावा strategy भी लेकर प्रवेश किया है. कप्तानी टास्क में उनका फैसला हो या दूसरे मुद्दों पर उनका रवैया, वह हर जगह अपना सिर पटकने की बजाय मौके को समझती दिख रही हैं. अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि कनिका mastermind हैं. लेकिन इतना जरूर है- जो contestant पहले हफ्ते में ही अपना पूरा पत्ता खोल दे, उसे दूसरे हफ्ते में नया क्या दिखाना है? कनिका शायद पत्ते बचाकर चल रही हैं. युंग डीएसए- Energy अच्छी है, ब्रेक भी रखिए! युंग के पास energy की कोई कमी नहीं है. इतनी energy कि कभी-कभी लगता है Bigg Boss को इनके लिए अलग से “Mute” button देना पड़ेगा. लेकिन मजाक से अलग, उनका फायदा यही है कि वह boring नहीं हैं. समस्या बस इतनी है कि हर वक्त reaction देने से धीरे-धीरे audience को भी लग सकता है कि भाई के पास हर सवाल का जवाब और हर बात पर opinion तैयार है. थोड़ा रहस्य भी रहने दीजिए. काजी- भाई, पहले गेम समझ लो फिर गुस्सा करना! काजी का नाम लिए बिना आज के episode की बात अधूरी है. उनकी और युंग की टकराहट ने एक बात साफ कर दी- दोनों में patience की कमी है और ego की supply भरपूर. काजी में personality है, लेकिन कई बार ऐसा लगता है कि उन्हें हर situation में अपनी बात साबित करनी है. Bigg Boss में यह attitude शुरुआत में बहुत अच्छा लगता है. फिर धीरे-धीरे audience सोचने लगती है- “भाई, आप सही हो सकते हैं… लेकिन हर पांच मिनट में साबित करना जरूरी है क्या?” काजी के लिए सबसे जरूरी होगा कि वह सिर्फ reaction देने वाले contestant न बनें. क्योंकि अगर दूसरे लोग आपकी एक छोटी सी बात पर आपको trigger कर दें और आप तुरंत मैदान में उतर जाएं, तो game की remote control आपके हाथ में नहीं, सामने वाले के हाथ में है. अभी काजी को थोड़ा observe करना होगा, थोड़ा calculate करना होगा और हर लड़ाई को अपनी personal battle बनाने से बचना होगा. क्योंकि उनमें potential है. बस potential को temper के नीचे दबने मत दीजिए, काजी साहब! Mary Kom- नाम बड़ा है, लेकिन Bigg Boss में reputation नहीं, reaction चलता है अब बात Mary Kom की. उनकी सबसे बड़ी strength उनकी personality और उनका real-life stature है. लेकिन Bigg Boss का घर ऐसी जगह है जहां बाहर की achievement आपको शुरुआत में respect दिला सकती है, trophy नहीं. Kitchen को लेकर Rhiti Tiwari से हुई बहस छोटी लग सकती है, लेकिन ऐसे ही छोटे moments से घर में perception बनता है. और Mary Kom के लिए यही सबसे interesting challenge है. लोग उन्हें champion के रूप में जानते हैं. लेकिन Bigg Boss पूछेगा- “Champion हैं, ठीक है… लेकिन घर के pressure में आपका temperament कैसा है?” अगर वह शांत रहते हुए अपनी बात मनवा लेती हैं, तो यह उनके game की बड़ी strength होगी. क्योंकि हर argument को boxing match बनाना जरूरी नहीं है. यहां सामने वाले को knock-out नहीं करना, audience को connect करना है. और फिलहाल Mary Kom को भी यही balance तलाशना होगा. Rhiti के लिए असली परीक्षा अभी बाकी है Rhiti Tiwari के सामने सबसे बड़ा challenge कोई दूसरा contestant नहीं है. उनका सबसे बड़ा challenge है- अपनी पहचान बनाना. क्योंकि audience उन्हें सिर्फ Manoj Tiwari की बेटी के तौर पर नहीं देखना चाहती. वह जानना चाहती है कि Rhiti खुद कैसी हैं, उनका game क्या है और pressure में उनका personality कैसी निकलती है. अभी कुछ छोटे conflicts से presence बन रही है. लेकिन सिर्फ kitchen में बहस करके कोई Bigg Boss winner नहीं बनता. वरना तो घर का सबसे अच्छा cook ही trophy ले जाता. और बाकी लोग? कुछ contestants को देखकर अभी भी यही सवाल है- “आप यहां game स्पोर्ट्सने आए हैं या attendance लगाने?” पहले हफ्ते में invisible रहना भी strategy हो सकती है. लेकिन बहुत ज्यादा invisible रह गए तो audience पूछेगी ही नहीं कि आप कहां हैं. और Bigg Boss में सबसे खतरनाक चीज है- लड़ाई हारना नहीं, याद ही न रहना. इस वक्त मेरा गेम-मीटर क्या कहता है? कनिका: शांत हैं, लेकिन नजर रखिए. आम्रपाली: strong हैं, पर गुस्सा control करना होगा. अरिश्फा: personality है, reaction कम करना होगा. युंग: entertaining हैं, थोड़ा brake भी जरूरी है.

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IND vs BAN Women’s Asia Cup: फ्री में कब, कहां और कैसे देखें भारत-बांग्लादेश का सेमीफाइनल?

India vs Bangladesh Women’s Asia Cup Free Live Streaming: स्त्री एशिया कप 2026 में आज 10 सितंबर को हिंदुस्तान और बांग्लादेश की स्त्री टीमें पहले सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगी. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जाएगा. हिंदुस्तानीय टीम की नजरें मुकाबला जीतकर फाइनल में जगह बनाने पर होंगी. मैच रात 8 बजे से शुरू होगा. हिंदुस्तान बनाम बांग्लादेश मैच कब स्पोर्ट्सा जाएगा? हिंदुस्तान और बांग्लादेश की स्त्री टीमों के बीच स्त्री एशिया कप 2026 का पहला सेमीफाइनल 10 सितंबर 2026 को स्पोर्ट्सा जाएगा. यह मुकाबला टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने के लिहाज से बेहद अहम है. कहां होगा IND vs BAN मैच? हिंदुस्तान और बांग्लादेश के बीच पहला सेमीफाइनल दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, दुबई में स्पोर्ट्सा जाएगा. कितने बजे शुरू होगा हिंदुस्तान-बांग्लादेश मैच? हिंदुस्तान-बांग्लादेश स्त्री एशिया कप सेमीफाइनल हिंदुस्तानीय समयानुसार रात 8 बजे शुरू होगा. मैच से करीब 30 मिनट पहले यानी शाम 7:30 बजे टॉस होगा. ये भी पढ़ें: Women’s Asia Cup: बांग्लादेश से सेमीफाइनल में भिड़ेगा हिंदुस्तान, जानिए T20I में किसका पलड़ा रहा है भारी टीवी पर कहां देखें India vs Bangladesh Women मैच? अगर आप हिंदुस्तान-बांग्लादेश सेमीफाइनल टीवी पर देखना चाहते हैं, तो इसका लाइव प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा. मोबाइल और ऑनलाइन कैसे देखें लाइव स्ट्रीमिंग? टीवी के अलावा हिंदुस्तान में इस मुकाबले की ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग सोनी लिव ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध होगी. मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिवाइस पर सोनी लिव के जरिए मैच लाइव देखा जा सकता है. फ्री में कैसे देखें हिंदुस्तान-बांग्लादेश का मैच? अगर आप हिंदुस्तान-बांग्लादेश का सेमीफाइनल फ्री में देखना चाहते हैं, तो DD Sports और DD Free Dish पर देख सकते हैं. हिंदुस्तान की नजर फाइनल के टिकट पर हिंदुस्तान ने ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई है. अब हरमनप्रीत कौर की टीम की कोशिश बांग्लादेश को हराकर फाइनल में पहुंचने की होगी. दूसरी ओर, बांग्लादेश ने यूएई को हराकर अंतिम चार में जगह बनाई है. सेमीफाइनल के लिए दोनों टीमों की पूरी स्क्वाड हिंदुस्तान: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), शेफाली वर्मा, हिंदुस्तानी फुलमाली, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), जी. कमालिनी (विकेटकीपर), अरुंधति रेड्डी, प्रेमा रावत, राधा यादव, श्री चरणी, रेणुका ठाकुर, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड, प्रतिका रावल. बांग्लादेश: निगार सुल्ताना (कप्तान और विकेटकीपर), जुएरिया फिरदौस, दिलारा अख्तर, शोभना मोस्तरी, शोर्ना अख्तर, रितु मोनी, नाहिदा अख्तर, फरजाना इस्मीन, सुल्ताना खातून, मारुफा अख्तर, फाहिमा खातून, राबेया खान, शंजीदा अख्तर मेघला, सरमिन सुल्ताना, शर्मिन अख्तर. एक नजर में हिंदुस्तान-बांग्लादेश मैच की पूरी जानकारी मुकाबला हिंदुस्तान vs बांग्लादेश (पहला सेमीफाइनल) टूर्नामेंट स्त्री एशिया कप 2026 तारीख 10 सितंबर, गुरुवार समय रात 8:00 बजे IST टॉस शाम 7:30 बजे IST स्थान दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम टीवी प्रसारण Sony Sports Network Live Streaming SonyLIV फ्री देखने का विकल्प DD Sports/DD Free Dish ये भी पढ़ें: India vs Bangladesh Women: सेमीफाइनल में हिंदुस्तान का सामना बांग्लादेश से, फाइनल के लिए होगी कड़ी टक्कर The post IND vs BAN Women’s Asia Cup: फ्री में कब, कहां और कैसे देखें हिंदुस्तान-बांग्लादेश का सेमीफाइनल? appeared first on Naya Vichar.

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iPhone 18 Pro लॉन्च होते ही Apple ने भारत में बढ़ाए iPhone 17, iPhone Air और iPhone 16 के दाम; देखें नयी रेट लिस्ट

टेक दिग्गज ऐपल ने अपने बहुप्रतीक्षित iPhone 18 Pro लॉन्च इवेंट के तुरंत बाद हिंदुस्तानीय बाजार के लिए एक बड़ा झटका दिया है. आमतौर पर जब भी कंपनी अपनी नई स्मार्टफोन सीरीज बाजार में उतारती है, तो पुरानी जनरेशन के आईफोन्स की कीमतों में कटौती देखने को मिलती है. लेकिन इस बार ऐपल ने पूरे प्राइस स्ट्रक्चर को बदलते हुए अपने मौजूदा पोर्टफोलियो के आईफोन्स की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस फैसले के बाद स्टैंडर्ड iPhone 17, अल्ट्रा-थिन iPhone Air, एंट्री-लेवल iPhone 17e और दो साल पुराना iPhone 16 अब ग्राहकों को पहले की तुलना में काफी ज्यादा महंगे दामों पर मिलेगा. iPhone 17 और iPhone Air की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी ऐपल की नई प्राइस लिस्ट के मुताबिक, बेस मॉडल iPhone 17 का 256GB वेरिएंट जो पहले ₹82,900 की शुरुआती कीमत पर उपलब्ध था, वह अब ₹17,000 की तगड़ी बढ़ोतरी के बाद ₹99,900 का हो चुका है. इसके 512GB स्टोरेज मॉडल की कीमत ₹1,24,900 तय की गई है. यह फोन मस्ट ब्लू, सेज, लेवेंडर, ब्लैक और व्हाइट जैसे पांच आकर्षक फिनिश में बिक्री के लिए उपलब्ध रहेगा. सबसे बड़ा झटका अल्ट्रा-थिन डिजाइन वाले प्रीमियम iPhone Air को खरीदने वालों को लगा है, जिसकी शुरुआती कीमत में सीधे ₹30,000 की उछाल दर्ज की गई है. पहले यह डिवाइस ₹1,19,900 में लिस्ट था, जो अब बढ़कर सीधे ₹1,49,900 हो गया है. सामग्री में दिए गए सभी आईफोन मॉडल्स की पुरानी (लॉन्च) कीमत, नई रिवाइज्ड कीमत और उनके अंतर की पूरी टेबल नीचे दी गई है: ऐपल आईफोन प्राइस रिवीजन (हिंदुस्तान) टेबल आईफोन मॉडल (Model) पुरानी कीमत (Launch Price) नई कीमत (Revised Price) कीमत में बढ़ोतरी (Price Increase) iPhone 17e ₹64,900 ₹79,900 +₹15,000 iPhone 16 ₹79,900 ₹89,900 +₹10,000 iPhone 17 (256GB) ₹82,900 ₹99,900 +₹17,000 iPhone 17 (512GB) — ₹1,24,900 — iPhone Air ₹1,19,900 ₹1,49,900 +₹30,000 बजट और ओल्ड मॉडल्स भी हुए महंगे: iPhone 17e और iPhone 16 के नये दाम सिर्फ प्रीमियम रेंज ही नहीं, बल्कि कंपनी ने किफायती आईफोन्स सेगमेंट को भी नहीं बख्शा है. ऐपल के एंट्री-लेवल वेरिएंट iPhone 17e की कीमत में ₹15,000 का इजाफा हुआ है, जिससे इसकी शुरुआती कीमत ₹64,900 से बढ़कर ₹79,900 पर पहुंच गई है. वहीं, पुराने iPhone 16 की कीमत को भी ₹10,000 बढ़ाकर ₹89,900 कर दिया गया है. बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कंपोनेंट सप्लाई और ग्लोबल इकोनॉमिक फैक्टर्स के चलते ऐपल को हिंदुस्तानीय बाजार में अपने पूरे हार्डवेयर लाइनअप के प्राइसिंग टियर को री-पोजिशन करना पड़ा है. iPhone 17 और iPhone Air: डिस्प्ले, प्रोसेसर और कैमरा स्पेसिफिकेशंस बढ़ी हुई कीमतों के बावजूद ये दोनों स्मार्टफोन्स अपने सेगमेंट में सबसे एडवांस्ड हार्डवेयर अनुभव देते हैं. iPhone 17 में 120Hz रिफ्रेश रेट और 3,000 निट्स की पीक ब्राइटनेस वाला 6.3-इंच डिस्प्ले दिया गया है, जो एंटी-रिफ्लेक्टिव सिरेमिक शील्ड 2 प्रोटेक्शन के साथ आता है. इसमें दमदार A19 चिपसेट है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फीचर्स को आसानी से रन करता है. फोटोग्राफी के लिए पीछे 48MP प्राइमरी व 48MP अल्ट्रा-वाइड लेंस और फ्रंट में 18MP स्क्वायर शूटर दिया गया है, जो 30 घंटे तक का वीडियो प्लेबैक देता है. दूसरी तरफ, बेहद स्लिम iPhone Air में A19 Pro प्रोसेसर, 6.5-इंच सुपर रेटीना XDR OLED डिस्प्ले, ProMotion तकनीक, 48MP फ्यूजन कैमरा और 27 घंटे की बैटरी लाइफ मिलती है. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) Q1: iPhone 17 की कीमत में हिंदुस्तान में कितनी बढ़ोतरी हुई है? उत्तर: iPhone 17 के बेस 256GB वेरिएंट की कीमत में ₹17,000 का इजाफा किया गया है, जिसके बाद इसकी नई कीमत ₹82,900 से बढ़कर ₹99,900 हो गई है. Q2: सबसे ज्यादा कीमत किस आईफोन मॉडल की बढ़ी है? उत्तर: सबसे ज्यादा बढ़ोतरी प्रीमियम अल्ट्रा-थिन iPhone Air में हुई है, जिसकी कीमत में सीधे ₹30,000 की वृद्धि की गई है और यह अब ₹1,49,900 में मिलेगा. Q3: क्या पुराने iPhone 16 और किफायती iPhone 17e भी महंगे हुए हैं? उत्तर: जी हां, iPhone 17e की कीमत ₹15,000 बढ़कर ₹79,900 हो गई है और iPhone 16 की कीमत ₹10,000 बढ़कर ₹89,900 हो गई है. ये भी पढ़ें: Apple ने लॉन्च किया iPhone Duo: पहला फोल्डेबल iPhone ये भी पढ़ें: Apple Event 2026: लॉन्च हुए iPhone 18 Pro और Pro Max, पहली बार मिला वेरिएबल अपर्चर कैमरा और 2nm चिप ये भी पढ़ें: Apple Event 2026: Apple Watch Series 12, Ultra 4 और AirPods 5 हुए लॉन्च, जानें हेल्थ से लेकर ANC तक के बड़े फीचर्स ये भी पढ़ें: Apple Event 2026 Highlights: iPhone 18 Pro सीरीज, पहला फोल्डेबल iPhone Duo, Apple Watch Series 12 और AirPods 5 हुए लॉन्च The post iPhone 18 Pro लॉन्च होते ही Apple ने हिंदुस्तान में बढ़ाए iPhone 17, iPhone Air और iPhone 16 के दाम; देखें नयी रेट लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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UP Politics: मायावती के दलित वोट बैंक पर अखिलेश यादव की नजर, लाल-नीले रंग से PDA तक सपा की नई सियासी रणनीति

UP Politics: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की आहट के साथ सियासी दलों ने सामाजिक समीकरण साधने की कवायद तेज कर दी है. समाजवादी पार्टी की नजर अब बहुजन समाज पार्टी के पारंपरिक दलित आधार पर भी दिखाई दे रही है. पार्टी की नेतृत्वक गतिविधियों में लाल के साथ नीले रंग की मौजूदगी और दलित मुद्दों पर जोर को इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव लगातार PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समीकरण की बात करते रहे हैं. वहीं भाजपा को लोकतंत्र का दुश्मन और बेईमानों का गिरोह बता रहे हैं. बसपा के आधार पर नजर समाजवादी पार्टी ने अपने झंडे के लाल रंग के साथ नीले रंग को भी नेतृत्वक गतिविधियों में प्रमुखता देना शुरू किया है. इसे केवल संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि दलित मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है. पार्टी की कोशिश उन मतदाताओं के बीच जगह बनाने की है, जिनका नेतृत्वक जुड़ाव लंबे समय तक बसपा के साथ रहा है. PDA को बनाया नेतृत्वक आधार सपा की मौजूदा रणनीति के केंद्र में PDA फार्मूला है. पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग को साथ लाने की कोशिश के तहत पार्टी सामाजिक प्रतिनिधित्व और भागीदारी का मुद्दा उठा रही है. सपा की ओर से यह संदेश देने की कोशिश हो रही है कि पार्टी के नेतृत्वक मंच पर इन वर्गों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व और सम्मान मिलेगा. लाल-नीले रंग का सियासी संदेश सपा की छात्र और युवा गतिविधियों में नीले रंग की मौजूदगी भी इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है. दलित समाज के लिए नीला रंग लंबे समय से सामाजिक और नेतृत्वक पहचान का प्रतीक रहा है. ऐसे में लाल-नीले रंग के मेल के जरिए सपा अपने पारंपरिक सामाजिक आधार के साथ दलित मतदाताओं को जोड़ने का संदेश देने की कोशिश कर रही है. युवा दलितों पर भी फोकस सपा की रणनीति केवल चुनावी नारे तक सीमित नहीं दिखती. विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की नेतृत्व के जरिये युवा दलितों के बीच पैठ बनाने पर भी जोर है. पार्टी की कोशिश युवा कार्यकर्ताओं को तैयार करने के साथ उन्हें सामाजिक न्याय, प्रतिनिधित्व और भागीदारी के मुद्दों से जोड़ने की है. इससे आने वाले चुनाव में संगठनात्मक आधार मजबूत करने की उम्मीद है. बसपा की कमजोर होती पकड़ का फायदा उत्तर प्रदेश की नेतृत्व में बसपा के कमजोर होते चुनावी प्रदर्शन के बीच सपा के लिए दलित वोटों में जगह बनाने की संभावना बढ़ी है. 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा के प्रदर्शन को भी इसी सामाजिक समीकरण से जोड़कर देखा गया. विश्लेषणों में यह बात सामने आई कि PDA के साथ सपा को दलित और गैर-यादव पिछड़े मतदाताओं के एक हिस्से का समर्थन मिला. 2027 से पहले सामाजिक समीकरण साधने की तैयारी सपा की नजर अब विधानसभा चुनाव से पहले संगठन के विस्तार पर है. पार्टी दलित समाज के बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने के साथ विश्वविद्यालय और कॉलेज स्तर पर युवा नेतृत्व तैयार करने की दिशा में भी बढ़ रही है. नेतृत्वक तौर पर यह रणनीति बसपा के पारंपरिक आधार में सेंध लगाने के साथ भाजपा के खिलाफ व्यापक सामाजिक गठजोड़ तैयार करने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है. अखिलेश की लगातार PDA पर जोर अखिलेश यादव कई मौकों पर PDA को सपा की नेतृत्वक दिशा का प्रमुख आधार बता चुके हैं. पार्टी का तर्क है कि पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समाज की भागीदारी बढ़ाकर ही व्यापक सामाजिक गठजोड़ तैयार किया जा सकता है. 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा ने 37 सीटें जीतीं और करीब 33.8 प्रतिशत वोट हासिल किया था. भाजपा के खिलाफ भी बड़ा दांव सपा की यह कवायद केवल बसपा के वोट बैंक तक सीमित नहीं है. पार्टी की कोशिश भाजपा के सामाजिक आधार में भी सेंध लगाने की है. ऐसे में 2027 के चुनाव से पहले दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक मतदाताओं को एक मंच पर लाने की रणनीति सपा के लिए अहम होगी. लाल-नीले रंग का बढ़ता मेल इसी बड़े नेतृत्वक प्रयोग का संकेत माना जा रहा है. अखिलेश यादव ने भाजपा को लोकतंत्र का दुश्मन बताया सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा को लोकतंत्र का दुश्मन और बेईमानों का गिरोह बताया. उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक व्यवस्था को तहस-नहस कर नफरत फैला रही है. अखिलेश यादव ने जयप्रकाश नारायण को धोखा देने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि समाजवादी प्रशासन के सिग्नेचर बिल्डिंग और जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर बेच दिए गए. भाजपा प्रशासन में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी चरम पर है. एलिसियो मॉल, किसान बाजार और कनौज का काऊ मिल्क प्लांट सहित कई प्रशासनी चीजें बेची गईं. सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा ने दस साल में उत्तर प्रदेश के विकास को बर्बाद किया है. हाईवे, एक्सप्रेसवे और जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार हुआ. उन्होंने भाजपा को किसान, नौजवान, मजदूर विरोधी बताया और महंगाई बढ़ाने का आरोप भी लगाया. यह भी पढ़ें: यूपी में अब हर घर बनेगा ‘सोलर घर’! 90 हजार तक सब्सिडी, ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन The post UP Politics: मायावती के दलित वोट बैंक पर अखिलेश यादव की नजर, लाल-नीले रंग से PDA तक सपा की नई सियासी रणनीति appeared first on Naya Vichar.

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