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₹6.10 लाख में लॉन्च हुई Maruti Suzuki Baleno Facelift, ADAS के साथ मिला नया Z-Series इंजन

Maruti Suzuki ने अपनी पॉपुलर प्रीमियम हैचबैक Baleno का नया फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च कर दिया है. इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 6.10 लाख रुपये रखी गई है. इस अपडेट के साथ Baleno के लुक में कुछ छोटे बदलाव देखने को मिलते हैं, वहीं केबिन में नए फीचर्स और सेफ्टी को भी पहले से बेहतर किया गया है. लेकिन सबसे बड़ा बदलाव इसके इंजन में देखने को मिलेगा. नई Baleno में कंपनी ने 1.2-लीटर का 3-सिलेंडर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन दिया है. यही इंजन Maruti Suzuki Swift और Dzire में भी यूज किया जाता है. Maruti Suzuki Baleno Facelift: एक्सटीरियर फेसलिफ्टेड Baleno में पहले के मुकाबले ज्यादा स्लिम LED हेडलैंप दिए गए हैं, वहीं नई ग्रिल अब पहले से काफी बड़ी हो गई है. ग्रिल में ट्रिपल-स्लैट डिजाइन मिलता है, जो कार के फ्रंट लुक को पहले से ज्यादा स्टाइलिश बनाता है. फ्रंट बंपर को भी नया और ज्यादा स्कल्प्टेड डिजाइन दिया गया है. हालांकि, साइड प्रोफाइल को पहले जैसा ही रखा गया है. यहां क्रोम फेंडर गार्निश और शार्क-फिन एंटीना देखने को मिलता है. पीछे की तरफ टेल लैंप और रियर बंपर के डिजाइन में मामूली बदलाव किए गए हैं. इसके अलावा, Baleno को नए डिजाइन के अलॉय व्हील्स भी मिले हैं. Maruti Suzuki Baleno Facelift: इंटीरियर और फीचर्स 2026 Maruti Suzuki Baleno के केबिन में डुअल-टोन थीम देखने को मिलती है, जहां ब्लू और ब्लैक कलर का कॉम्बिनेशन इसे फ्रेश लुक देता है. डैशबोर्ड का लेआउट काफी हद तक मौजूदा मॉडल जैसा ही रखा गया है. बीच में फ्लोटिंग डिजाइन वाला इंफोटेनमेंट स्क्रीन मिलता है, जबकि जरूरी कंट्रोल्स के लिए फिजिकल बटन दिए गए हैं. स्टीयरिंग व्हील का डिजाइन भी पुराने मॉडल जैसा ही है और इसमें म्यूजिक, कॉल समेत दूसरे फंक्शन्स को कंट्रोल करने के लिए माउंटेड कंट्रोल्स मिलते हैं. इसमें अब बड़ा 10.1-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलता है, जबकि पुराने मॉडल में 9-इंच की स्क्रीन दी जाती थी. वहीं, इसके लोअर वेरिएंट्स में 7-इंच की छोटी स्क्रीन मिलती थी. नई स्क्रीन में Wireless Apple CarPlay और Android Auto का सपोर्ट दिया गया है. इसके साथ Clarion का प्रीमियम साउंड सिस्टम भी मिलता है. फीचर्स की लिस्ट यहीं खत्म नहीं होती. नई Baleno में अब वायरलेस चार्जर, वेंटिलेटेड सीट्स और Level 2 ADAS जैसे फीचर्स भी शामिल किए गए हैं. खास बात यह है कि Level 2 ADAS के साथ आने वाली यह हिंदुस्तान की सबसे किफायती हैचबैक में से एक बन गई है. प्री-फेसलिफ्ट मॉडल में मिलने वाले कई फीचर्स को नए मॉडल में भी बरकरार रखा गया है. इनमें Head-Up Display, 360-डिग्री कैमरा, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल और USB चार्जिंग पोर्ट जैसे फीचर्स शामिल हैं. सभी वेरिएंट्स में 6 एयरबैग्स मिलते हैं, जबकि ABS के साथ EBS, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम और हिल-होल्ड असिस्ट जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं. Maruti Suzuki Baleno Facelift: इंजन और गियरबॉक्स  फेसलिफ्ट के साथ कार के पावरट्रेन में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलता है. अब इसमें 1.2-लीटर, 3-सिलेंडर नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन (Z12E) दिया गया है. यही इंजन Maruti Suzuki Swift और Dzire जैसे मॉडल्स में भी यूज होता है. ट्रांसमिशन की बात करें तो इस इंजन के साथ दो ऑप्शन मिलते हैं. इसमें 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के अलावा AMT ऑटोमैटिक का ऑप्शन भी दिया गया है. इसके अलावा, कार का CNG वर्जन भी आने की उम्मीद है. हालांकि, लॉन्च के दौरान Maruti की ओर से इसकी कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं दी गई. फिलहाल कंपनी ने सिर्फ शुरुआती कीमतों का खुलासा किया है. आने वाले समय में बाकी वेरिएंट्स और पावरट्रेन से जुड़ी जानकारी सामने आने की उम्मीद है, जिसमें CNG वर्जन भी शामिल हो सकता है. ये भी पढ़ें: Car Buying Guide: एक्स-शोरूम से लेकर ऑन-रोड प्राइस तक, कार बुक करने से पहले देखें पूरी चेकलिस्ट The post ₹6.10 लाख में लॉन्च हुई Maruti Suzuki Baleno Facelift, ADAS के साथ मिला नया Z-Series इंजन appeared first on Naya Vichar.

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रानीगंज में 139 डेंजर जोन से 28778 परिवारों को शिफ्ट करने की पहल, ईसीएल ने दिया फ्लैट और कैश का ऑफर

आसनसोल से शिवशंकर ठाकुर की रिपोर्ट रानीगंज मास्टर प्लान (Raniganj Master Plan) के तहत भूमिगत आग और धंसान प्रभावित 139 गांवों में बसे 28,778 परिवारों को किसी अन्य जगह पर बसाने की तैयारी ईसीएल ने कर ली है. ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के सीएमडी सतीश झा ने कहा है कि 139 गांवों में प्रशासनी जमीनों पर बसे लोगों के लिए स्पेशल पैकेज दिया जायेगा. इसके तहत एक फ्लैट और 10.15 लाख रुपए नकद दिये जायेंगे. जो लोग अपनी जमीन पर हैं, उन्हें पैकेज के साथ जमीन और घर का भी मुआवजा दिया जायेगा. 10304 फ्लैट का शुरू हुआ निर्माण, बने सिर्फ 5616 इन 139 साइट्स को वर्षों पहले डेंजर जोन के रूप में चिह्नित किया जा चुका है. आवासीय व्यवस्था के साथ उन्हें सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के लिए ही रानीगंज मास्टर प्लान बना था. केंद्र प्रशासन ने इसके लिए 12 अगस्त 2009 को 2661.73 करोड़ रुपए आवंटित किये थे. इसके तहत पश्चिम बर्धमान जिला के अंडाल, जामुड़िया और बाराबनी प्रखंड में 10,304 फ्लैट का निर्माण शुरू हुआ. इसमें 5,616 आवास बनकर तैयार है. इसमें शिफ्ट करने पर ही लोगों को पैकेज का लाभ मिलेगा. 1997 में उठी थी भूमिगत आग और धंसान प्रभावित लोगों को बचाने की मांग रानीगंज कोयलांचल में भूमिगत आग और धंसान से प्रभावित क्षेत्रों में बसे लोगों को पुनर्वासित करने की मांग वर्ष 1997 में शुरू हुई थी. हिंदुस्तानीय कोलियरी मजदूर सभा (सीटू) के महासचिव हराधन राय, जो सांसद भी थे, ने 31 जुलाई 1997 को सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी. माकपा के जिला सचिव गौरांग चटर्जी ने बताया कि इस पर लंबी सुनवाई के बाद वर्ष 2009 में सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्वास के पक्ष में अपना फैसला सुनाया. ये भी पढ़ें: ईसीएल की इंटर्नल रिपोर्ट में खुलासा- झारखंड से ज्यादा बंगाल में होती है कोयले की चोरी नये पैकेज में क्या है प्रस्ताव? हर परिवार को 2 फ्लैट दिये जायेंगे. यदि कोई परिवार एक फ्लैट लेता है, तो उसे एक फ्लैट के 5 लाख रुपए नकद मिलेंगे. 2 साल तक जीवन यापन के लिए प्रतिदिन 500 रुपए दिये जायेंगे. प्रभावित परिवारों को शिफ्टिंग के लिए 50 हजार रुपए दिये जायेंगे. रेंटल असिस्टेंस के एक लाख रुपए अलग से दिये जायेंगे. हर परिवार को एक फ्लैट के साथ 10.15 लाख रुपए और 2 फ्लैट के साथ 5.15 लाख रुपए नकद मिलेंगे. कानूनी लड़ाई पर यूनियन ने खर्च किये 15 लाख रुपए अदालती प्रक्रिया में यूनियन का 15 लाख रुपए से अधिक का खर्च हुआ था. इसके लिए कोयलांचल के श्रमिकों ने चंदा दिया था. सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के आधार पर 12 अगस्त 2009 को केंद्र प्रशासन ने रानीगंज कोलफील्ड एरिया पुनर्वास परियोजना के लिए 2661.73 करोड़ रुपए के फंड के आवंटन की मंजूरी दी. ये भी पढ़ें: जामुड़िया में जोरदार विरोध के बाद ईसीएल ने बहाल की 3 गांवों की बिजली आपूर्ति 10 वर्ष में होना था सभी लोगों का पुनर्वास रानीगंज कोलफील्ड पुनर्वास परियोजना का कार्य पूरा करने के लिए 10 वर्ष की समयसीमा तय की गयी थी. राज्य प्रशासन की एजेंसी आसनसोल दुर्गापुर विकास प्राधिकरण को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गयी थी. सर्वे में 141 साइट चिह्नित किये गये. इन साइट्स में प्रशासनी जमीनों पर कब्जा करके बसे 22,668 परिवार, निजी जमीनों पर बसे 6,101 परिवार और 222 संस्थानों (क्लब, धार्मिक स्थल आदि) को शिफ्ट करने की सूची बनी. इसके आधार पर कार्य शुरू हुआ. कार्य 2019 तक पूरा होना था, लेकिन आधिकरिक तौर पर 161 लोगों को फ्लैटों की चाबी सौंपी गयी. वह भी वहां से लौट आये. 28,778 फ्लैटों में से सिर्फ 5,616 फ्लैट ही बनकर तैयार हुए हैं. लोगों के शिफ्ट नहीं होने के कारण वह भी जर्जर हो रहा है. ये भी पढ़ें: इसीएल के दौरे पर पहुंचे कोल इंडिया के मुख्य सतर्कता अधिकारी 802.40 करोड़ रुपए हो गये खर्च, काम कुछ नहीं रानीगंज कोलफील्ड पुनर्वास परियोजना के तहत 30 जून 2026 तक कुल 802.40 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं. इसमें ईसीएल ने 10.33 करोड़ रुपए और आसनसोल दुर्गापुर विकास प्राधिकरण (अड्डा) ने 792.07 करोड़ रुपए खर्च किये हैं. इसमें जमीन अधिग्रहण से लेकर फ्लैट निर्माण तक का कार्य शामिल है. समय पर काम पूरा नहीं होने से लागत बढ़ती गयी. 11 अगस्त 2025 को राज्य प्रशासन ने स्टेट कैबिनेट की बैठक में रिवाइज्ड रानीगंज मास्टर प्लान के लिए दूसरे आरआर पैकेज को मंजूरी दी. रिवाइज्ड पैकेज का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है. केंद्र ने इस पर अब तक कोई जवाब नहीं दिया है. ईसीएल की बढ़ी परेशानी चिह्नित किये गये 141 साइट्स पर बसे लोगों को दूसरी जगह नहीं बसा पाने की वजह से ईसीएल प्रबंधन की समस्या बढ़ गयी है. 141 साइट का अधिकांश हिस्सा ईसीएल का है. कंपनी के सीएमडी सतीश झा कहते हैं कि 141 में से 2 साइट के लोगों कंपनी ने शिफ्ट किया. इसके कारण साइट की संख्या अब 139 है. देश का सबसे पुराना कोल माइंस यहीं है. यहां 200 साल से भी अधिक पहले से खनन हो रहा है. भूमिगत खदानों में जो पिलर हैं, वे एक समयसीमा तक ही लोड लेंगे. कभी-कभी पिलर दरक जाते हैं, जिससे भू-धंसान की संभावना बनी रहती है. धंसान होने पर सारी जिम्मेदारी ईसीएल पर आ जाती है. ईसीएल के सीएमडी सतीश झा और कंपनी की ओर से लोगों को दिये गये ऑफर का विवरण. ईसीएल के सीएमडी कहते हैं कि लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के लिए 2,661 करोड़ रुपए आवंटित किये जा चुके हैं. 16 साइट से लोगों को तुरंत हटाना जरूरी है. कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. ईसीएल ने डेंजर जोन में बने अपने आवासीय इलाकों को शिफ्ट कर दिया है. 7 जगहों पर भूमिगत आग थी, उसे बंद किया गया है. राज्य प्रशासन का काम अटका पड़ा है. इससे भूमिगत आग के भड़कने का खतरा बना हुआ है. लोगों के शिफ्ट हो जाने से पूरे इलाके को भर दिया जायेगा. इससे भूमिगत आग फिर नहीं सुलग पायेगा. ये भी पढ़ें: कोल इंडिया के चेयरमैन ने किया इसीएल का दौरा लोग आवासों में शिफ्ट होने को तैयार नहीं 29 जुलाई को राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पॉल और रानीगंज के विधायक पार्थ घोष ने प्रभावित हरीशपुर गांव के लोगों के साथ बैठक की.

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प्रसव पीड़ा पर अस्पताल पहुंची महिला की मौत, गर्भ में दो बच्चों ने भी तोड़ा दम, बेहोशी की दवा अधिक देने का आरोप

Death of mother and 2-newborn in Patna : पटना के दानापुर थाना क्षेत्र के आरपीएस मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में शनिवार को प्रसव के दौरान एक स्त्री और उसके गर्भ में पल रहे दो बच्चों की मौत का मामला सामने आया है. घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया. परिजनों ने अस्पताल के चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. सूचना मिलने पर एसडीपीओ अजीत कुमार, थानाध्यक्ष पीके भारद्वाज समेत पुलिस बल मौके पर पहुंचा और परिजनों को समझाकर शांत कराया. एफएसएल की टीम ने भी जांच की मृतका की पहचान राजीव नगर निवासी बिट्टू सिंह की 25 वर्षीय पत्नी अनु सिंह के रूप में हुई है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, जबकि एफएसएल की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की है. बच्चों की मौत की जानकारी के बाद भी नहीं किया रेफर मृतका के परिजनों के अनुसार अनु सिंह का पिछले करीब आठ महीने से इसी अस्पताल में इलाज चल रहा था. शनिवार को प्रसव पीड़ा होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. परिजनों का आरोप है कि भर्ती कराने के बाद चिकित्सकीय प्रक्रिया के दौरान अनु को बेहोशी की दवा की अधिक मात्रा दी गई, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई. परिजनों का दावा है कि अनु के गर्भ में दो शिशु थे और इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई. आरोप है कि बच्चों की मौत की जानकारी होने के बाद भी चिकित्सक ने अनु को दूसरे अस्पताल के लिए रेफर नहीं किया. अस्पताल में हंगामा, सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस स्त्री और दोनों बच्चों की मौत की जानकारी मिलने के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा. उन्होंने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की. परिजनों के हंगामे के बाद अस्पताल के चिकित्सक और कई कर्मियों के वहां से चले जाने की बात सामने आई है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया. पुलिस ने अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच शुरू कर दी है, ताकि पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा सके. पुलिस कर रही मामले की जांच एसडीपीओ अजीत कुमार ने बताया कि निजी अस्पताल में स्त्री और दो बच्चों की मौत हुई है. मामले की छानबीन की जा रही है और अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि मृतका के परिजनों की ओर से लिखित आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस जांच और एफएसएल रिपोर्ट के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा. The post प्रसव पीड़ा पर अस्पताल पहुंची स्त्री की मौत, गर्भ में दो बच्चों ने भी तोड़ा दम, बेहोशी की दवा अधिक देने का आरोप appeared first on Naya Vichar.

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Video : ईरान ने दागीं मिसाइलें तो अमेरिका ने बरसाए बम, 3 तेल टैंकर हुए धुआं-धुआं

Video : U.S. Central Command (CENTCOM) ने हमले की जानकारी एक्स पर दी. एक वीडियो शेयर करते हुए अमेरिकी सेना ने लिखा कि 5 सितंबर को ईरान के तीन कच्चे तेल ले जाने वाले टैंकरों पर हमला किया गया है. अमेरिकी सेना के मुताबिक, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने क्षेत्र में गश्त कर रहे दो अमेरिकी नौसैनिक युद्धपोतों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं. इसके बाद अमेरिका ने यह कार्रवाई की.  देखें वीडियो. सेना ने बताया कि अमेरिका के एक विमानवाहक युद्धपोत और एक मिसाइल से लैस युद्धपोत ने ईरान के कई हमलों से खुद को बचा लिया. इन हमलों में किसी भी अमेरिकी सैनिक को चोट नहीं आई. ये भी पढ़ें: Video : शादी में मचा मौत का तांडव, अमेरिकी हमले पर भड़का ईरान, कहा- ऐसा जवाब देंगे, अमेरिका याद रखेगा किन तीन टैंकरों को अमेरिकी सेना ने बनाया निशाना? ईरान के हमले नाकाम होने के बाद अमेरिका ने ईरान के तीन तेल टैंकरों पर कार्रवाई की. अमेरिकी सेना के मुताबिक, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़े दो कच्चे तेल के टैंकरों को पूरी तरह काम करने लायक नहीं छोड़ा गया. इनमें एक टैंकर खार्ग द्वीप के पास और दूसरा जास्क के नजदीक था. इसके अलावा ओमान की खाड़ी में मौजूद एक खाली तेल टैंकर को भी अमेरिकी सेना ने पूरी तरह नष्ट कर दिया. हमला करने से पहले जहाज के चालक दल को उसे छोड़ने का निर्देश दिया गया था. इसके बाद अमेरिकी सेना ने जहाज के कई अहम हिस्सों को निशाना बनाकर उसे पूरी तरह बेकार कर दिया. ये भी पढ़ें: अमेरिका के हमले से भड़का ईरान, जॉर्डन-बहरीन में US बेस पर ताबड़तोड़ अटैक अमेरिका के मुताबिक, ईरान के ये तीनों कच्चे तेल के टैंकर अरबों डॉलर के एक गुप्त नेटवर्क का हिस्सा हैं. इस नेटवर्क के जरिए ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) और उसके दूसरे सहयोगी संगठनों को पैसा पहुंचाया जाता है. The post Video : ईरान ने दागीं मिसाइलें तो अमेरिका ने बरसाए बम, 3 तेल टैंकर हुए धुआं-धुआं appeared first on Naya Vichar.

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MMDR कानून पर JMM का आर-पार की जंग का ऐलान, 7 सितंबर से बड़ा आंदोलन, ‘आर्थिक नाकेबंदी’ की भी दी चेतावनी

रांची से नवीन शर्मा की रिपोर्ट रांची : केंद्र प्रशासन द्वारा पारित खान एवं खनिज संशोधन कानून (MMDR Act) को लेकर झारखंड में सियासी घमासान तेज है. इस कानून के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है. नया विचार के प्रतिनिधि नवीन शर्मा ने इस खास बातचीत में झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडे ने स्पष्ट किया कि पार्टी 7 तारीख से पूरे राज्य में चरणबद्ध जन-जागरण सह आंदोलन की शुरुआत करने जा रही है. इसके तहत राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह कानून झारखंड के विकास में बड़ी बाधा बन रहा है और केंद्र प्रशासन को या तो इसमें संशोधन करना होगा, या फिर राज्य के लिए वैकल्पिक वित्तीय व्यवस्था घोषित करनी होगी. झारखंड के राजस्व और जनकल्याणकारी योजनाओं पर संकट झामुमो महासचिव ने कहा कि देश को लगभग 40 प्रतिशत खनिज राजस्व देने वाले झारखंड के साथ लगातार वादाखिलाफी की जा रही है. सर्वोच्च न्यायालय की नौ सदस्यीय संविधान पीठ ने राज्यों को खनिजों पर सेस (Cess) लगाने का संवैधानिक अधिकार दिया था, जिसके राजस्व से राज्य प्रशासन मंईयां सम्मान योजना और सर्वजन पेंशन योजना जैसी कई जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है. नया एमएमडीआर कानून लागू होने से राज्य के राजस्व संग्रहण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. उन्होंने मांग की कि केंद्र प्रशासन राज्य का वर्षों से लंबित 1,36,000 करोड़ रुपये का बकाया तुरंत जारी करें. भाजपा द्वारा इसे अवैध खनन रोकने का जरिया बताए जाने पर उन्होंने कहा कि भाजपा के सांसद और नेता हमेशा से झारखंड के हक-अधिकारों और विकास के खिलाफ खड़े रहे हैं. ये भी पढ़ें: पलामू सड़क हादसे में मुआवजा दोगुना, झारखंड हाईकोर्ट ने राशि बढ़ाकर 18.80 लाख रुपये किया झामुमो बोला- रूक सकती है खनिज सप्लाई आंदोलन की रणनीति साझा करते हुए विनोद पांडे ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र प्रशासन ने राज्य की न्यायसंगत मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो यह आंदोलन प्रखंड स्तर से शुरू होकर जिला, प्रमंडल और राज्य स्तर तक पहुंचेगा. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो इस जन आंदोलन को ‘आर्थिक नाकेबंदी’ का रूप दिया जाएगा. इसके तहत झारखंड की धरती से बाहर जाने वाली तमाम खनिज संपदा के परिवहन को पूरी तरह रोक दिया जाएगा, ताकि केंद्र प्रशासन को राज्य की खनिज संपदा और झामुमो के आंदोलन की ताकत का अहसास हो सके. छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर चला रही भाजपा छात्र आंदोलन और दर्ज एफआईआर पर भाजपा की चेतावनी का जवाब देते हुए झामुमो महासचिव ने कहा कि उपद्रवियों का बचाव करके भाजपा खुद बेनकाब हो गई है. उन्होंने कहा कि कोई भी सच्चा छात्र हाथ में लाठी, डंडे और हॉकी स्टिक लेकर हिंसा नहीं करता. झामुमो प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव से मिलकर वीडियो फुटेज के आधार पर केवल असामाजिक तत्वों और उपद्रवियों को चिन्हित कर कार्रवाई करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि सीआईडी द्वारा की जा रही त्वरित जांच से भाजपा में हताशा है, क्योंकि इस पूरे विवाद के पीछे की नेतृत्वक साजिश के तार अब खुलकर सामने आ रहे हैं. ये भी पढ़ें: रांची के आर्यभट्ट एकेडमी में शिक्षक दिवस धूमधाम से मनाया गया, शिक्षकों को स्मृति चिह्न देकर किया सम्मानित The post MMDR कानून पर JMM का आर-पार की जंग का ऐलान, 7 सितंबर से बड़ा आंदोलन, ‘आर्थिक नाकेबंदी’ की भी दी चेतावनी appeared first on Naya Vichar.

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India vs Pakistan Women’s Asia Cup 2026: आज भारत-पाकिस्तान के बीच महामुकाबला, थोड़ी देर में होगा टॉस, स्मृति मंधाना पर फिर होंगी नजरें

IND vs PAK Live Score: एशिया कप 2026 में हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच सबसे बहुप्रतीक्षित मुकाबला आज दुबई में स्पोर्ट्सा जाएगा. हिंदुस्तानीय स्त्री टीम आत्मविश्वास से भरी है और जीत की लय बरकरार रखना चाहेगी. यहां आपको मैच की हर खास मॉमेंट्स की लाइव डिटेल्स दी जाएगी. The post India vs Pakistan Women’s Asia Cup 2026: आज हिंदुस्तान-पाकिस्तान के बीच महामुकाबला, थोड़ी देर में होगा टॉस, स्मृति मंधाना पर फिर होंगी नजरें appeared first on Naya Vichar.

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सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने पर बोले ओवैसी- इतनी जल्दी क्या थी? 1911 से यहां हो रही थी नमाज

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को ध्वस्त किए जाने के बाद AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. हैदराबाद में उन्होंने कहा कि यह मस्जिद 1911 से मौजूद है और यहां लगातार नमाज पढ़ी जाती रही है. उन्होंने उत्तर प्रदेश के बीजेपी प्रशासन पर हमला बोला और कहा, “योगी एडमिनिस्ट्रेशन हायर कोर्ट पर भरोसा ही नहीं करता है. इतनी जल्दी क्या थी? हायर कोर्ट में ये लोग अपनी बात रखते, लेकिन सुबह 5 बजे इलाके की नाकाबंदी कर मस्जिद को शहीद कर देना यह साबित करता है कि बीजेपी की योगी प्रशासन इस मामले को हायर कोर्ट तक नहीं जाने देना चाहती थी.” ये भी पढ़ें: जम्मू-कश्मीर के बडगाम में सेना और अन्य सुरक्षाबलों के संयुक्त अभियान में एक आतंकवादी ढेर ओवैसी ने सवाल किया कि एक ऐसी मस्जिद को कैसे गिराया जा सकता है, जहां एक सदी से ज्यादा समय से इबादत होती रही है. उन्होंने कहा कि हाल में बने नए वक्फ कानून में भी मौजूदा ‘Waqf-by-user’ की वैधता को बरकरार रखा गया है. The post सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने पर बोले ओवैसी- इतनी जल्दी क्या थी? 1911 से यहां हो रही थी नमाज appeared first on Naya Vichar.

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Harmanpreet Kaur Pakistan match: पाकिस्तान के खिलाफ हरमनप्रीत कौर बनाएंगी खास रिकॉर्ड

Harmanpreet Kaur Pakistan match: हिंदुस्तान और पाकिस्तान की स्त्री क्रिकेट टीमें आज, 5 सितंबर को स्त्री एशिया कप 2026 में आमने-सामने होंगी. दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में होने वाला यह मुकाबला हिंदुस्तानीय समयानुसार रात 8 बजे शुरू होगा. टॉस शाम 7:30 बजे होगा. हिंदुस्तान पहले ही थाईलैंड और हांगकांग को हराकर सेमीफाइनल में पहुंच चुका है. इस मुकाबले में हिंदुस्तानीय कप्तान हरमनप्रीत कौर के नाम एक ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ने वाली है. पाकिस्तान के खिलाफ हरमनप्रीत बनाएंगी बड़ा रिकॉर्ड पाकिस्तान के खिलाफ मैदान पर उतरते ही वह टी20 इंटरनेशनल में बतौर कप्तान अपना 150वां मैच पूरा करेंगी. यह उपलब्धि हासिल करने वाली वह पुरुष और स्त्री क्रिकेट में पहली खिलाड़ी होंगी. स्मृति मंधाना, एक्स स्मृति मंधाना ने भी रचा इतिहास हिंदुस्तान की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना भी इस एशिया कप में बड़ा रिकॉर्ड बना चुकी हैं. हांगकांग के खिलाफ 124 रन की तूफानी पारी स्पोर्ट्सकर वह स्त्री इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गईं. उन्होंने मिताली राज का 10,868 रन का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा. The post Harmanpreet Kaur Pakistan match: पाकिस्तान के खिलाफ हरमनप्रीत कौर बनाएंगी खास रिकॉर्ड appeared first on Naya Vichar.

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कोडिंग और प्रोग्रामिंग के एक्सपर्ट के लिए बेस्ट हैं ये सरकारी नौकरी

Computer Science Government Jobs: आज के डिजिटल दौर में कंप्यूटर प्रोग्रामिंग एक महत्वपूर्ण स्किल बन चुकी है. Java, Python, C++ जैसी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की अच्छी जानकारी रखने से आपके पास नौकरी की कमी नहीं होगी. प्राइवेट के साथ-साथ प्रशासनी विभाग में भी अब टेक्नोलॉजी के एक्सपर्ट की डिमांड बढ़ रही है. IT Officer के पदों पर नौकरी का मौका बैंकिंग सेक्टर के साथ-साथ रेलवे और विभिन्न प्रशासनी संस्थानों में IT Officer के पदों पर भर्तियां निकलती रहती हैं. इन पदों के लिए कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के साथ डेटाबेस, साइबर सिक्योरिटी और सॉफ्टवेयर से जुड़ी जानकारी उपयोगी होती है. SBI, RBI और IBPS जैसी संस्थाएं समय-समय पर टेक्निकल पदों के लिए भर्ती करती हैं. प्रोग्रामर के पदों पर भर्ती केंद्र और राज्य प्रशासन के कई विभाग प्रोग्रामर के पदों पर भर्ती करते हैं. इन पदों पर उम्मीदवारों की Coding Skills के साथ उनके प्रोजेक्ट और टेक्निकल अनुभव को भी महत्व दिया जाता है. Java, Python, C और C++ जैसी लैंग्वेज की जानकारी यहां काम आ सकती है. Scientist-B बनने का मौका कंप्यूटर साइंस बैकग्राउंड वाले कैंडिडेट्स के लिए DRDO, ISRO और BARC जैसे वैज्ञानिक संस्थानों में Scientist और Engineer के पद भी करियर का अच्छा ऑप्शन हो सकते हैं. इन पदों के लिए सॉफ्टवेयर डेवलेपमेंट, एलगोरिदम और प्रोग्रामिंग की मजबूत समझ जरूरी होती है. कई भर्तियों में GATE स्कोर या संबंधित प्रतियोगी परीक्षा की भूमिका भी हो सकती है. सॉफ्टवेयर डेवलेपर की डिमांड National Informatics Centre यानी NIC केंद्र प्रशासन की प्रमुख टेक्निकल संस्थाओं में से एक है. ऐसी संस्थाओं में सॉफ्टवेयर डेवलेपर, डाटा एनालिस्ट और साइंटिस्ट की काफी डिमांड होती है. NIC के टेक्निकल प्रोफेशनल्स प्रशासनी वेबसाइट्स, पोर्टल्स और डिजिटल सिस्टम्स को विकसित करने और उनके संचालन में योगदान देते हैं. PSU में भी टेक्निकल जॉब्स BHEL, ONGC और NTPC जैसी Public Sector Undertakings यानी PSUs में भी Computer Science और IT से जुड़े उम्मीदवारों के लिए अवसर होते हैं. Software Engineer और टेक्निकल पदों के लिए Software Development और System Analysis जैसी स्किल्स उपयोगी होती हैं. GATE की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए PSU में करियर के रास्ते भी खुल सकते हैं. ये भी पढ़ें: SBI PO प्रीलिम्स में 15000 से ज्यादा कैंडिडेट्स पास, जानें कब होगी मेंस परीक्षा रेलवे में Programmer की नौकरी रेलवे से जुड़ी संस्था में IT और सॉफ्टवेयर डेवलेपर को नौकरी के अवसर मिलते हैं. यहां प्रोग्रामर जैसे पदों के लिए कोडिंग और सॉफ्टवेयर डेवलेपमेंट के एक्सपर्ट की जरूरत पड़ती है. इन स्किल्स पर करें फोकस अगर आप प्रशासनी क्षेत्र में कंप्यूटर सॉफटवेयर और प्रोग्रामिंग से जुड़ी नौकरी पाना चाहते हैं, तो इन स्किल्स पर अच्छी पकड़ बनाना फायदेमंद रहेगा. C और C++ Programming Java और Python Web Development Database Management Data Structures और Algorithms Software Development System Analysis Cybersecurity की बेसिक जानकारी इसके अलावा संबंधित प्रशासनी विभागों और संस्थानों की ऑफिशियल वेबसाइट पर भर्ती नोटिफिकेशन नियमित रूप से चेक करते रहें. अपनी टेक्निकल स्किल्स को मजबूत करने के लिए ऑनलाइन सर्टिफिकेशन कोर्स और प्रोजेक्ट्स भी किए जा सकते हैं. ये भी पढ़ें: AI से बनाएं Resume, जॉब इंटरव्यू में जरूर मिलेगी सफलता The post कोडिंग और प्रोग्रामिंग के एक्सपर्ट के लिए बेस्ट हैं ये प्रशासनी नौकरी appeared first on Naya Vichar.

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Exclusive: ‘Hanuman Ansh’ के सेट पर 30% मुस्लिम क्रू, जो नंगे पांव बने शूटिंग का हिस्सा ; मेकर्स ने बताया पूरा सच

सोशल मीडिया पर ‘Hanuman Ansh’ का एक वीडियो इन दिनों चर्चा में है. वीडियो में एक मुस्लिम बुजुर्ग फिल्म देखने से पहले चप्पल उतारते नजर आ रहे हैं. उनकी यह तस्वीर लोगों का ध्यान खींच रही है. लेकिन इस वायरल वीडियो के बीच फिल्म के मेकर्स ने जो खुलासा किया, वह कहानी को एक कदम आगे ले जाता है. मेकर्स के मुताबिक, फिल्म के सेट पर करीब 30 फीसदी मुस्लिम क्रू था, जो धार्मिक दृश्यों की शूटिंग के दौरान नंगे पांव रहने से लेकर हनुमान चालीसा में शामिल होने तक, पूरी आस्था और शिद्दत के साथ अपने काम का हिस्सा बना. फिल्म में म्यूजिक कंपोजर रहे ऋषि पाठक बताते हैं,’शूटिंग के दौरान जब धार्मिक दृश्यों की शूटिंग होती थी, तो मुस्लिम क्रू के कई सदस्य नंगे पांव रहकर काम करते थे. हनुमान चालीसा के दौरान भी वे उसमें शामिल होते थे. सेट के माहौल और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए उन्होंने शूटिंग के दौरान कई चीजों का खास ख्याल रखा. यहां तक कि खाने में भी नॉनवेज से परहेज किया.’ अब वायरल हो रहा मुस्लिम बुजुर्ग का वीडियो इसी बीच सोशल मीडिया पर ‘Hanuman Ansh’ से जुड़ा एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें एक मुस्लिम बुजुर्ग फिल्म देखने से पहले अपनी चप्पल उतारते नजर आ रहे हैं. इसके बाद वे फिल्म देखते हैं. वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस बुजुर्ग की श्रद्धा की चर्चा हो रही है. जब ऋषि से इस वायरल वीडियो को लेकर बात की गयी, तो उन्होंने कहा कि उनके लिए यह कोई हैरानी वाली बात नहीं है. उनका कहना है कि फिल्म के सेट पर भी उन्होंने ऐसे कई अनुभव देखे हैं. अलग-अलग विभागों में काम करने वाले मुस्लिम क्रू सदस्य धार्मिक दृश्यों को लेकर उतने ही संवेदनशील और श्रद्धावान थे. साउंड से लाइटिंग तक में मुस्लिम टीम मेकर्स ने बताया कि सेट पर मुस्लिम क्रू सिर्फ किसी एक विभाग तक सीमित नहीं था. साउंड रिकॉर्डिस्ट से लेकर लाइटिंग की पूरी टीम में मुस्लिम सदस्य थे. हेयर और कॉस्ट्यूम विभाग में भी मुस्लिम लोग काम कर रहे थे. सभी ने फिल्म की जरूरत और सेट के धार्मिक माहौल को समझते हुए उसी के मुताबिक काम किया. ऋषि के अनुसार, शूटिंग के दौरान धर्म किसी के काम के बीच नहीं आया. धार्मिक दृश्यों को लेकर हर सदस्य ने सम्मान और संवेदनशीलता दिखाई. कैमरे के सामने भले ही कहानी हनुमान जी की थी, लेकिन कैमरे के पीछे उसे पर्दे तक पहुंचाने वाली टीम में अलग-अलग धर्मों के लोग साथ मिलकर काम कर रहे थे. वायरल वीडियो ने अब सेट पर मौजूद इसी माहौल की चर्चा फिर से शुरू कर दी है. मेकर्स के मुताबिक, बुजुर्ग का फिल्म देखने से पहले चप्पल उतारना उनके लिए कोई अलग या असामान्य तस्वीर नहीं है, क्योंकि सेट पर भी उन्होंने ऐसी ही श्रद्धा को करीब से देखा है. ये भी पढ़ें- Box Office Report: ‘मिर्जापुर द मूवी’ से ‘हनुमान अंश’ तक, बॉक्स ऑफिस पर किसकी चली बादशाहत, किसे मिली मात? The post Exclusive: ‘Hanuman Ansh’ के सेट पर 30% मुस्लिम क्रू, जो नंगे पांव बने शूटिंग का हिस्सा ; मेकर्स ने बताया पूरा सच appeared first on Naya Vichar.

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