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Asian Games 2026: तीरंदाजी में भारत को डबल गोल्ड, चिकिथा-साहिल ने लगाया सटीक निशाना

Asian Games 2026: एशियन गेम्स में हिंदुस्तानीय कंपाउंड तीरंदाजों ने बुधवार को ऐसा प्रदर्शन किया, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा. पहले हिंदुस्तानीय स्त्री कंपाउंड टीम ने चीन को हराकर गोल्ड मेडल जीता और 238 के स्कोर के साथ विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की. इसके कुछ ही देर बाद चिकिथा तनिपर्थी और साहिल राजेश जाधव की जोड़ी ने भी कमाल कर दिया. दोनों ने कंपाउंड मिक्स्ड टीम फाइनल में दक्षिण कोरिया को शूट-ऑफ में हराकर हिंदुस्तान की झोली में एक और गोल्ड डाल दिया. कंपाउंड आर्चरी में हिंदुस्तान ने एक ही दिन में डेबल गोल्ड अपने नाम किया. पहले स्त्रीओं ने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी कर खोला गोल्ड का खाता दिन की शुरुआत हिंदुस्तानीय स्त्री कंपाउंड टीम के शानदार प्रदर्शन से हुई. ज्योति सुरेखा वेन्नम, पृथिका प्रदीप और चिकिथा तनिपर्थी की तिकड़ी ने फाइनल में चीन को 238-234 से हराया. हिंदुस्तानीय टीम का 238 का स्कोर इसलिए भी खास रहा, क्योंकि इस स्कोर के साथ उसने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी कर ली. यही जीत हिंदुस्तान के लिए कंपाउंड आर्चरी में दिन के गोल्डन प्रदर्शन की शुरुआत बनी और इसके बाद बारी थी मिक्स्ड टीम की. फाइनल में कोरिया के सामने भी नहीं डगमगाया हिंदुस्तान चिकिथा तनिपर्थी और साहिल राजेश जाधव ने फाइनल से पहले सेमीफाइनल में थाईलैंड के खिलाफ बेहद करीबी मुकाबला जीता. हिंदुस्तानीय जोड़ी ने 156-155 के अंतर से जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बनाई. उसके बाद फाइनल में हिंदुस्तान का सामना साउथ कोरिया से हुआ. मुकाबला शुरू होते ही दोनों टीमों ने एक-दूसरे पर दबाव बनाना शुरू कर दिया. हालांकि, हिंदुस्तान का हौसला नहीं डगमगाया. दूसरे हाफ में मुकाबला फिर रोमांचक हो गया और निर्धारित शूटिंग पूरी होने के बाद दोनों टीमों का स्कोर 157-157 हो गया. अब गोल्ड का फैसला शूट-ऑफ से होना था. जिसके बाद हिंदुस्तानीय मिक्स्ड टीम अपने लक्ष्य पर अडिग रही और शूट-ऑफ में साउथ कोरिया को हराकर गोल्ड अपने नाम किया. हिंदुस्तान की कंपाउंड आर्चरी में एक दिन, दो गोल्ड हिंदुस्तानीय तीरंदाजों के लिए यह दिन बेहद खास रहा. पहले स्त्री कंपाउंड टीम ने चीन को हराकर गोल्ड जीता और विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की. इसके बाद चिकिथा और साहिल ने शूट-ऑफ के रोमांच में दक्षिण कोरिया को पछाड़ दिया. इस गोल्ड के साथ हिंदुस्तान ने एशियन गेम्स में अब तक 8 गोल्ड जीता. The post Asian Games 2026: तीरंदाजी में हिंदुस्तान को डबल गोल्ड, चिकिथा-साहिल ने लगाया सटीक निशाना appeared first on Naya Vichar.

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UP Rajya Sabha Election: 99 वोट से कैसे बनेगा 3 सीटों का गणित? तीसरे प्रत्याशी के लिए सपा ने शुरू किया वोटों का खेल

UP Rajya Sabha Election: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है. चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने अपने तीसरे प्रत्याशी को जिताने के लिए वोटों का गणित साधना शुरू कर दिया है. पार्टी के रणनीतिकारों के मुताबिक तीनों उम्मीदवारों को जीत दिलाने के लिए कुल 111 मतों की जरूरत होगी. सपा के पास फिलहाल करीब 99 वोट आसानी से उपलब्ध बताए जा रहे हैं. ऐसे में तीसरे प्रत्याशी की जीत के लिए पार्टी को 12 अतिरिक्त वोट जुटाने होंगे. 37 वोटों पर टिकी जीत की पूरी बाजी राज्यसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की एक सीट जीतने के लिए 37 मतों की जरूरत होगी. इसी हिसाब से तीन प्रत्याशियों के लिए 111 वोट चाहिए. सपा के पास मौजूदा संख्या के आधार पर दो सीटों का गणित मजबूत माना जा रहा है, लेकिन तीसरी सीट के लिए अतिरिक्त समर्थन जुटाना जरूरी होगा. यही वजह है कि पार्टी अब अपने खेमे से बाहर के विधायकों पर भी नजर बनाए हुए है और ऐसे नेताओं को अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रही है. बीजेपी के नाराज विधायकों पर सपा की नजर तीसरी सीट के लिए सपा की रणनीति में बीजेपी के उन विधायकों को साधना भी शामिल बताया जा रहा है, जिन्हें 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट कटने की आशंका है. पार्टी की ओर से ऐसे विधायकों को राज्यसभा चुनाव में समर्थन के बदले आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट का भरोसा दिए जाने की बात कही जा रही है. सपा का प्रयास है कि बीजेपी के भीतर संभावित नाराजगी को अपने पक्ष में वोटों में बदला जाए. पुराने बागियों की भी वापसी पर नजर सपा की नजर उन विधायकों पर भी है, जिन्होंने पिछले राज्यसभा चुनाव में पार्टी से बगावत करते हुए बीजेपी के पक्ष में मतदान किया था. पार्टी को उम्मीद है कि इनमें से कम से कम दो विधायक इस बार उसके साथ वापस आ सकते हैं. हालांकि, बीजेपी पदाधिकारी बन चुकीं पूजा पाल को लेकर सपा को कोई उम्मीद नहीं बताई जा रही है. ऐसे में पार्टी पुराने बागियों में से संभावित वापसी करने वाले विधायकों के जरिए अपने तीसरे प्रत्याशी का आंकड़ा मजबूत करने में जुटी है. सुभासपा के दो वोट भी अहम तीसरे प्रत्याशी के लिए वोट जुटाने की कवायद में सुभासपा के दो विधायक भी सपा के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं. जगदीश नारायण राय और मो. अब्बास अंसारी के वोट सपा को मिलने की प्रबल संभावना जताई जा रही है. यदि इन विधायकों का समर्थन मिलता है तो पार्टी के तीसरे उम्मीदवार के लिए जरूरी अतिरिक्त वोटों के इंतजाम में मदद मिलेगी. इसके अलावा सपा की नजर अन्य संभावित समर्थन और नाराज विधायकों के रुख पर भी बनी हुई है. खुली वोटिंग के बीच नामांकन पर सस्पेंस राज्यसभा चुनाव में खुला मतदान होता है, जिसमें विधायक को अपना वोट अधिकृत एजेंट या प्रत्याशी को दिखाकर डालना होता है. इसी बीच सपा प्रत्याशी प्रो. रामगोपाल यादव के बुधवार को नामांकन दाखिल करने की बात कही गई है. पार्टी ने कुल चार पर्चे खरीदे हैं, लेकिन बाकी दो प्रत्याशियों के नामों को लेकर नेतृत्व ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं. ऐसे में तीसरे प्रत्याशी को लेकर सपा की रणनीति और वोटों का गणित दोनों चर्चा के केंद्र में हैं. यह भी देखें: UP MLC Election: भाजपा का ‘ब्राह्मण दांव’! 11 में 5 टिकट इसी समाज को, 2027 विधानसभा चुनाव से पहले क्या है सियासी संदेश? The post UP Rajya Sabha Election: 99 वोट से कैसे बनेगा 3 सीटों का गणित? तीसरे प्रत्याशी के लिए सपा ने शुरू किया वोटों का स्पोर्ट्स appeared first on Naya Vichar.

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शेयर बाजार में संभलकर रखें कदम: TCS और IT शेयरों में तेजी, जानिए 22800 के नीचे क्या है एक्सपर्ट्स की सलाह

Indian Stock Market Today: बुधवार को हिंदुस्तानीय शेयर बाजार की शुरुआत मिली-जुली रही. कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी से उपजी वैश्विक चिंताओं के कारण निवेशक संभलकर कदम उठा रहे हैं. घरेलू बाजार में सीमित दायरे में कारोबार देखा जा रहा है, जहां निफ्टी में हल्की गिरावट है तो सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ बना हुआ है. बाजार में क्या चल रहा है? कारोबार की शुरुआत में निफ्टी 50 मामूली कमजोरी के साथ लाल निशान में खुला, जबकि सेंसेक्स ने बढ़त दर्ज की: इंडेक्स (Index) शुरुआती/मौजूदा स्तर बदलाव (अंक) बदलाव (%) निफ्टी 50 (Nifty 50) 22,679.50 -36.70 -0.16% बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 72,660.64 +131.57 +0.18% इससे पहले मंगलवार को निफ्टी 64.05 अंक गिरकर 22,716.20 पर बंद हुआ था, जो इसकी लगातार दूसरे दिन की गिरावट थी. बाजार में उतार-चढ़ाव की क्या वजह है? अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल: अमेरिका में 30 साल की ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 5.6% के पार पहुंच गई है, जो 2002 के बाद का उच्चतम स्तर है. एचडीएफसी सिक्योरिटीज (HSL) के एक्सपर्ट देवर्ष वकील के अनुसार, बॉन्ड यील्ड बढ़ने से उधारी लागत बढ़ती है, जिससे महंगे वैल्यूएशन वाले शेयरों और क्रिप्टो बाजार पर दबाव बनता है. कच्चा तेल: ब्रेंट क्रूड ऑयल $96.59 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है. अमेरिका-ईरान बातचीत में प्रगति और क्रूड की कीमतों में नरमी से बाजार को सहारा मिल सकता है, लेकिन तेल में फिर तेजी आई तो दबाव बढ़ेगा. FII की बिकवाली: बाजार विश्लेषक विपिन दिक्सेना के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है. कौन से सेक्टर और शेयर चमक रहे हैं? कमजोर वैश्विक माहौल के बावजूद आईटी और एनर्जी सेक्टर में खरीदारी देखी जा रही है: बढ़ने वाले सेक्टर: निफ्टी मीडिया (+1.37%), ऑयल एंड गैस (+1.15%), पीएसयू बैंक (+1.11%) और आईटी (+0.85%). दबाव वाले सेक्टर: मेटल (-0.54%) और फाइनेंशियल सर्विसेज. दिग्गज शेयर: टीसीएस (TCS) में 1.78% की तेजी रही. इसके अलावा टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक हरे निशान में हैं. वहीं दूसरी ओर, बीएसई, मैक्स हेल्थकेयर और अदाणी पोर्ट्स में गिरावट दर्ज की गई. निवेशकों के लिए आगे के क्या लेवल हैं? अक्षिस डायरेक्ट के एक्सिस डायरेक्ट के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट हेमांग गोर का कहना है कि जब तक निफ्टी 22,800 के नीचे है, तब तक बाजार का मूड थोड़ा सुस्त ही रहेगा. सपोर्ट लेवल (Support): निफ्टी के लिए 22,600-22,570 का दायरा मजबूत सपोर्ट है. अगर यह टूटता है, तो निफ्टी 22,380 और फिर 22,200 के स्तर तक नीचे गिर सकता है. रेजिस्टेंस लेवल (Resistance): सुधार की स्थिति में निफ्टी को ऊपर की तरफ 22,850 से 22,900 पर पहला झटका (रुकावट) मिल सकता है. इसके पार जाने पर 23,100 का स्तर देखने को मिल सकता है. ये भी पढ़ें: सोना-चांदी खरीदने का शानदार मौका! 30 सितंबर को गिरे दाम, देखें पटना-रांची से दिल्ली तक के लेटेस्ट रेट्स The post शेयर बाजार में संभलकर रखें कदम: TCS और IT शेयरों में तेजी, जानिए 22800 के नीचे क्या है एक्सपर्ट्स की सलाह appeared first on Naya Vichar.

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Video: पहलगाम हमले का मोस्ट वॉन्टेड था हाशिम मूसा, लश्कर आतंकी को सुरक्षाबलों ने ऐसे मार गिराया

बुधवार सुबह यूसमर्ग के पालमैदान इलाके में तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को उसका शव और युद्ध जैसे सामान बरामद हुए. चिनार कॉर्प्स ने भी इसकी पुष्टि की है. कैसे मारा गया हाशिम मूसा? सुरक्षाबलों ने विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर यूसमर्ग इलाके में ‘ऑपरेशन कोराग’ शुरू किया था. संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान जवानों को संदिग्ध गतिविधि नजर आई. सुरक्षाबलों ने संदिग्धों को चुनौती दी तो आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी. इसके बाद सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें हाशिम मूसा मारा गया. सुरक्षाबलों के मुताबिक, इलाके में तलाशी अभियान अभी जारी है. आसपास के क्षेत्रों में किसी अन्य आतंकी की मौजूदगी और हथियारों या अन्य सामान की बरामदगी के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. कौन था हाशिम मूसा? मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा आतंकी था. 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसरन में हुए आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उसका स्केच जारी किया था. इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी. पुलिस ने हमले के बाद पाकिस्तान के नागरिकों और लश्कर के आतंकियों आदिल हुसैन ठोकर, अली भाई और हाशिम मूसा की गिरफ्तारी से जुड़ी सूचना देने पर 20 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी. सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, मूसा पाकिस्तान की स्पेशल सर्विसेज ग्रुप (SSG) में पैरा-कमांडो के तौर पर काम कर चुका था. पहलगाम हमले की जांच में भी था नाम राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पहलगाम आतंकी हमले के मामले में सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. इसमें पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा और उसके सहयोगी नाम द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) को भी आरोपी बनाया गया. NIA ने अपनी 1,597 पन्नों की चार्जशीट में हमले की साजिश, उसकी तैयारी और उसे अंजाम देने में पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क की भूमिका का विवरण दिया था. पाकिस्तानी हैंडलर और आतंकी सजिद जट्ट को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है. हाशिम मूसा के मारे जाने के बाद सुरक्षाबलों का अभियान इलाके में जारी है. अब तलाशी अभियान के दौरान किसी अन्य आतंकी की मौजूदगी और अतिरिक्त हथियारों की बरामदगी पर नजर है. ये भी पढ़ें: Jammu kashmir: कठुआ में बहस के बाद जवान ने साथियों पर बरसाईं गोलियां, असिस्टेंट कमांडेंट समेत 4 की मौत The post Video: पहलगाम हमले का मोस्ट वॉन्टेड था हाशिम मूसा, लश्कर आतंकी को सुरक्षाबलों ने ऐसे मार गिराया appeared first on Naya Vichar.

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वाशु भगनानी को क्या हुआ? लंदन के अस्पताल में भर्ती हैं प्रोड्यूसर, अकेला छोड़ने की बात कही

बॉलीवुड के दिग्गज प्रोड्यूसर वाशु भगनानी को लेकर बड़ी समाचार सामने आ रही है. एएनआई के मुताबिक, वह लंदन में अस्पताल में भर्ती हैं. हालांकि उन्हें क्या हुआ है, इसको लेकर डिटेल्स सामने नहीं आए हैं. उनका हॉस्पिटलाइजेशन ऐसे समय में हुआ, जब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े एक मामले की जांच कर रहा है. अस्पताल में भर्ती हुए प्रोड्यूसर वाशु भगनानी एएनआई ने जब वाशु भगनानी से उनकी हेल्थ को लेकर बात की, तो प्रोड्यूसर ने प्राइवेसी की अपील की और उन्हें अकेला छोड़ने की बात कही. वाशु भगनानी की अस्पताल में भर्ती होने की समाचार मुंबई में हुई इनकम टैक्स की कार्रवाई के कुछ दिन बाद सामने आई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, विभाग ने वाशु भगनानी, उनकी बहू और एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह से जुड़े ठिकानों के साथ-साथ Panorama Studios से जुड़े कुल 12 परिसरों पर तलाशी ली थी. रकुल प्रीत सिंह और वासु भगनानी, फोटो- इंस्टाग्राम इनकम टैक्स अधिकारी फिल्म प्रोडक्शन और उससे जुड़े खर्चों के सिलसिले में विदेश भेजी गई कथित रकम की जांच कर रहे हैं. हालांकि, इन लेनदेन की पूरी डिटेल या कथित तौर पर शामिल रकम की जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है. अभी तक किसी टैक्स उल्लंघन की ऑफिशियल पुष्टि भी नहीं की गई है. 1995 में शुरू किया था पूजा एंटरटेनमेंट वाशु भगनानी ने साल 1995 में पूजा एंटरटेनमेंट की शुरुआत की थी. उन्होंने बॉलीवुड की कई चर्चित फिल्मों को प्रोड्यूस किया, जिनमें कुली नंबर 1, हीरो नंबर 1, बीवी नंबर 1, प्यार किया तो डरना क्या और रहना है तेरे दिल में जैसी फिल्में शामिल हैं. वह अपने बेटे जैकी भगनानी के साथ कंपनी चलाते हैं. प्रोड्यूसर के तौर पर उन्होंने सरबजीत, बेल बॉटम और 2024 में रिलीज हुई बड़े मियां छोटे मियां जैसी फिल्मों को भी सपोर्ट किया गया है. दूसरी तरफ, प्रोड्यूसर कुमार मंगत की कंपनी पैनोरमा स्टूडियोज भी इस मामले में जांच के दायरे में बताई जा रही है. यह कंपनी पूजा एंटरटेनमेंट से अलग प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी है. ये भी पढ़ें: रकुल प्रीत सिंह से लेकर वासु भगनानी तक, बॉलीवुड के इन दिग्गजों के घर IT की रेड, विदेशों में पैसा भेजने का आरोप The post वाशु भगनानी को क्या हुआ? लंदन के अस्पताल में भर्ती हैं प्रोड्यूसर, अकेला छोड़ने की बात कही appeared first on Naya Vichar.

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जीतिया व्रत से पहले खाएं ये चीजें, दिनभर बनी रहेगी एनर्जी और नहीं लगेगी प्यास

What to Eat Before Jitiya Vrat: जीतिया का व्रत कई स्त्रीएं पूरे दिन बिना अन्न और पानी के रखती हैं. ऐसे में व्रत शुरू होने से पहले क्या खाया जाए, इसका ध्यान रखना जरूरी हो जाता है. अगर व्रत से पहले पेट ठीक से भरा हो और शरीर को पर्याप्त ऊर्जा मिल जाए, तो लंबे समय तक भूख और थकान को संभालना कुछ आसान हो सकता है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि व्रत से पहले बहुत ज्यादा खाना खा लिया जाए. सही मात्रा और संतुलित खाना ज्यादा जरूरी है. व्रत से पहले खाएं पेट भरने वाला खाना (What to Eat Before Jitiya Vrat) व्रत शुरू होने से पहले ऐसी चीजें खाना बेहतर रहता है, जिनमें कार्बोहाइड्रेट के साथ प्रोटीन, फाइबर और दूसरे जरूरी पोषक तत्व भी मिलें. इससे पेट कुछ ज्यादा देर तक भरा हुआ महसूस हो सकता है. इसके लिए रोटी-सब्जी, दाल-चावल, दही, पनीर या चना जैसी चीजों को खाने में शामिल किया जा सकता है. अगर चावल खा रही हैं, तो उसके साथ दाल और सब्जी जरूर लें. इसी तरह सिर्फ रोटी खाने के बजाय रोटी के साथ दाल, दही या सब्जी लेना ज्यादा संतुलित विकल्प हो सकता है. PC: AI Generated दही और फल भी हो सकते हैं अच्छे विकल्प व्रत से पहले दही और फल भी लिए जा सकते हैं. दही से प्रोटीन मिलता है, जबकि फल शरीर को कार्बोहाइड्रेट और फाइबर देते हैं. केला, सेब, अमरूद या पपीता जैसे फल लिए जा सकते हैं. हालांकि, सिर्फ फल खाकर लंबे निर्जला व्रत की शुरुआत करना हर किसी के लिए पर्याप्त नहीं हो सकता. इसलिए फल के साथ दही, थोड़े नट्स या सामान्य भोजन लेना ज्यादा संतुलित विकल्प हो सकता है. थोड़े नट्स और बीज करें शामिल बादाम, अखरोट या कुछ दूसरे नट्स भी व्रत से पहले (What to Eat Before Jitiya Vrat) लिए जा सकते हैं. इनमें फैट और प्रोटीन होता है, जिससे खाना ज्यादा संतोषजनक लग सकता है. लेकिन इनकी मात्रा बहुत ज्यादा न रखें. मुट्ठी भर नट्स खाने के बजाय थोड़ी मात्रा लेना ही काफी है. अगर चाहें तो इन्हें दही या फल के साथ भी लिया जा सकता है. इससे एक ही समय में कई तरह के पोषक तत्व मिल जाते हैं. पानी पीना बिल्कुल न भूलें अगर जीतिया का व्रत निर्जला रखा जाना है, तो व्रत शुरू होने से पहले पर्याप्त पानी पीना खास तौर पर जरूरी है. पूरे दिन पानी न मिलने की स्थिति में शरीर में पानी की कमी होने पर परेशानी बढ़ सकती है. व्रत शुरू होने से कुछ घंटे पहले धीरे-धीरे पानी पीते रहें. एक साथ बहुत ज्यादा पानी पीने की कोशिश न करें. नारियल पानी या छाछ जैसे पेय भी सामान्य डाइट में लिए जा सकते हैं, अगर आपकी व्रत की परंपरा और व्यक्तिगत डाइट में ये शामिल हों. बहुत तला-भुना और ज्यादा मीठा खाने से बचें कई बार लोग सोचते हैं कि व्रत से पहले खूब तला-भुना या मीठा खा लेने से देर तक भूख नहीं लगेगी. लेकिन बहुत ज्यादा तला-भुना खाना पेट को भारी कर सकता है और ज्यादा मीठा खाने के बाद कुछ लोगों को जल्दी भूख लग सकती है. इसलिए व्रत से पहले पेट भरने के चक्कर में पूड़ी, पकौड़े, मिठाई या बहुत ज्यादा मसालेदार खाना खाने से बचना बेहतर है. हल्का लेकिन संतुलित भोजन लें. व्रत से पहले भोजन की मात्रा का रखें ध्यान व्रत से पहले सबसे जरूरी बात है कि खाना न तो बहुत कम हो और न ही जरूरत से ज्यादा. अपनी सामान्य भूख के हिसाब से संतुलित भोजन करें. अगर आपको डायबिटीज, लो ब्लड प्रेशर, किडनी की समस्या या कोई दूसरी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी है, तो निर्जला व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है. यह भी पढ़ें: जितिया के लिए मेहंदी लगवाने की सोच रही हैं? ये डिजाइन जरूर करें ट्राई The post जीतिया व्रत से पहले खाएं ये चीजें, दिनभर बनी रहेगी एनर्जी और नहीं लगेगी प्यास appeared first on Naya Vichar.

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नीतीश कुमार के INDIA ब्लॉक छोड़ने पर CWC में मतभेद, सोनिया गांधी और दिग्विजय सिंह की राय अलग

CWC Meeting: इंडिया टुडे के अनुसार, दिग्विजय सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार को INDIA ब्लॉक से अलग नहीं होने देना चाहिए था. अगर वह गठबंधन में बने रहते तो नेतृत्वक स्थिति अलग हो सकती थी. सोनिया गांधी ने क्या कहा इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, दिग्विजय सिंह की टिप्पणी पर सोनिया गांधी ने कहा कि नीतीश कुमार का गठबंधन से अलग होना बेहतर रहा और वह पहले से ही बाहर निकलने का रास्ता तलाश रहे थे. सोनिया गांधी ने कथित तौर पर कहा कि नीतीश कुमार लगातार INDIA ब्लॉक से बाहर निकलने के नए रास्ते खोज रहे थे. सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नीतीश कुमार पर बीजेपी का प्रभाव था. जनवरी 2024 में NDA में लौटे थे नीतीश नीतीश कुमार ने जनवरी 2024 में बिहार के महागठबंधन से नाता तोड़कर बीजेपी के साथ मिलकर प्रशासन बनाने का दावा पेश किया था. इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. यह उनका मुख्यमंत्री के रूप में नौवां कार्यकाल था. SIR और चुनाव आयोग पर भी चर्चा CWC की बैठक में नीतीश कुमार के अलावा चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी चर्चा हुई. कांग्रेस ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर अपनी रणनीति पर विचार किया. बैठक में पार्टी ने इन मुद्दों को लेकर आगे की नेतृत्वक रणनीति पर भी चर्चा की. ये भी पढ़ें: INDIA ब्लॉक की बैठक से पहले दिल्ली में पोस्टर वॉर, विपक्षी नेताओं के खिलाफ लगाए गए होर्डिंग The post नीतीश कुमार के INDIA ब्लॉक छोड़ने पर CWC में मतभेद, सोनिया गांधी और दिग्विजय सिंह की राय अलग appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में तेजी से बढ़ रहा नदियों का पानी, गोपालगंज-सारण समेत 9 जिलों में तबाही, टेंशन में गुजर रही लोगों की रातें

Bihar Flood: बिहार में मॉनसून कमजोर पड़ रहा लेकिन दूसरी तरफ बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है. राज्य की कई प्रमुख नदियां जैसे कि गंगा, गंडक, सोन, घाघरा का जलस्तर काफी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे लोगों की टेंशन बढ़ती जा रही है. पूरी रात लोग टेंशन में बिता रहे. केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों की माने तो, कई जगहों पर नदियां लाल निशान के पास पहुंच गईं हैं जबकि कई जगहों पर पार कर चुकीं हैं. इन जिलों में स्थिति गंभीर गंडक नदी में आई बाढ़ की वजह से पूर्वी चंपारण और पश्चिम चंपारण में खास तौर पर तबाही देखने के लिए मिली. कई तटबंध टूट गए. इसके साथ ही कई रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया. नदी के पास के इलाके या फिर निचले इलाके में रह रहे कई लोगों के घर नदी में डूब रहे. इसकी वजह से लोग खुद का घर छोड़ने तक के लिए मजबूर हैं. इन दोनों जिले के अलावा गोपालगंज, सारण और वैशाली जिले में भी तबाही जैसा मंजर देखने के लिए मिला. पटना में गंगा नदी का उफान आपदा प्रबंधन विभाग की माने तो, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण, सहरसा, दरभंगा, गोपालगंज और पूर्णिया के 24 प्रखंडों के 65 गांवों में 1.50 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित है. गंगा नदी की बात करें तो, पटना के गांधी घाट पर जलस्तर खतरे के निशान से 17 सेंटीमीटर ऊपर है. आज इस घाट पर जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना है. इसके अलावा दीघा घाट पर पानी खतरे के निशान से नीचे था लेकिन आज खतरे के निशान के पास पहुंच सकता है. हाथीदह में जलस्तर 42 सेंटीमीटर और कहलगांव में 17 सेंटीमीटर तक पानी बढ़ सकता है. ये नदियां भी रौद्र रूप में गंगा नदी के अलावा दूसरे नदियों की बात करें तो, पटना के मनेर में सोन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. जबकि गोपालगंज जिले में गंडक नदी उफान पर है. जिले में नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 176 सेंटीमीटर ऊपर है. इसके अलावा पश्चिम चंपारण नदी का जलस्तर 80 सेंटीमीटर तक बढ़ने की संभावना जताई गई है. दूसरी तरफ, सीवान जिले में घाघरा नदी भी रौद्र रूप में है. फिलहाल यह नदी खतरे के निशान से नीचे है लेकिन आज तक में बढ़ोतरी की संभावना है. बिहार से जुड़ी अन्य ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें गोपालगंज और सारण में लाखों की आबादी पर खतरा मिली जानकारी के अनुसार, गोपालगंज और सारण जिले में बाढ़ का खौफनाक मंजर देखने के लिए मिल रहा है. गोपालगंज जिले में गंडक नदी में आई बाढ़ की वजह से 43 गांवों में आफत आ गई है. घरों के साथ-साथ कई स्कूलों में पानी घुस गया है. लेकिन इस बीच प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट दिखा. बताया जा रहा है कि डीएम समीर सौरभ समेत अन्य अधिकारी बांध के पास रातभर पेट्रोलिंग करते रहे. दूसरी तरफ, सारण जिले की बात करें तो, गंडक नदी के उफान से सारण जिले के कई प्रखंडों में पानी घुस गया. अब तो किसानों की फसलें भी डूबने लगीं हैं. लाखों की आबादी गंडक में आई बाढ़ की वजह से प्रभावित हो रही है. खासकर निचले इलाकों में रह रहे लोगों की परेशानी बनी हुई है. आज भी नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना है. लेकिन मौसम विभाग की ओर से यह संभावना जताई गई है कि अगले कुछ दिनों तक राज्य में बारिश से राहत रहेगी. Also Read: Bihar Ka Mausam: बिहार में कमजोर पड़ा मॉनसून, लेकिन 17 जिलों में बाढ़ का खतरा, 3 अक्टूबर से फिर बिगड़ेगा मौसम The post बिहार में तेजी से बढ़ रहा नदियों का पानी, गोपालगंज-सारण समेत 9 जिलों में तबाही, टेंशन में गुजर रही लोगों की रातें appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए विंटर एक्शन प्लान: 50% WFH, निर्माण पर रोक; पार्किंग चार्ज दोगुना

Delhi Pollution: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि केंद्र और दिल्ली प्रशासन मिलकर दिल्ली-NCR में प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए काम कर रही हैं. योजना के क्रियान्वयन में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM), केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), स्थानीय निकाय, दिल्ली पुलिस और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) समेत विभिन्न एजेंसियां शामिल होंगी. 1 अक्टूबर से ‘No PUCC, No Fuel’ अभियान होगा तेज प्रशासन के मुताबिक, 1 अक्टूबर से ‘No PUCC, No Fuel’ अभियान को दिल्ली के सभी 500 ऐसे पेट्रोल पंपों पर तेज किया जाएगा, जहां ANPR सिस्टम लगा है. वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) नहीं रखने वाले वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा. निर्धारित अवधि पूरी कर चुके वाहनों पर भी यह नियम लागू होगा. वहीं, 1 नवंबर से दिल्ली के बाहर पंजीकृत ऐसे पेट्रोल और डीजल वाहनों के प्रवेश पर रोक होगी, जो BS-VI मानकों को पूरा नहीं करते. CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है. निर्माण गतिविधियों पर चरणबद्ध प्रतिबंध सर्दियों में धूल और निर्माण से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं. 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल पैदा करने वाली तोड़फोड़ और खुले में होने वाली सिविल निर्माण गतिविधियों पर रोक रहेगी. इसके अलावा 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा. सभी निर्माण स्थलों पर 100 प्रतिशत CCTV कवरेज अनिवार्य किया गया है. प्रशासनी और निजी दफ्तरों में 50% WFH वाहनों से होने वाले प्रदूषण और ट्रैफिक को कम करने के लिए 1 नवंबर से प्रशासनी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम लागू किया जाएगा. कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन घर से काम करने की व्यवस्था भी की जाएगी. MCD के कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक और दिल्ली प्रशासन के कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक संचालित होंगे. अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क भी दोगुना किया जाएगा. हालांकि, मेट्रो पार्किंग सुविधाओं को इससे बाहर रखा गया है. सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने पर जोर प्रशासन ने सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ाने का लक्ष्य रखा है. दिल्ली में फिलहाल 6,840 बसें चल रही हैं, जिनमें 5,088 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं. प्रशासन का लक्ष्य रोजाना मेट्रो यात्रियों की संख्या बढ़ाकर 72 लाख और DTC बसों की सवारियों की संख्या 42 लाख तक पहुंचाना है. अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए 1 से 10 अक्टूबर तक Delhi Metro Sarathi App को बढ़ावा देने का अभियान चलाया जाएगा. 3,000 किलोमीटर सड़कों के पुनर्विकास का लक्ष्य सड़क की धूल से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए करीब 3,000 किलोमीटर सड़कों के पुनर्विकास का लक्ष्य रखा गया है. प्रशासन के अनुसार, इनमें से 1,193 किलोमीटर पर काम पूरा हो चुका है. इसके साथ ही डीप क्लीनिंग, मैकेनिकल स्वीपिंग, पानी का छिड़काव, फुटपाथों में सुधार और खाली जमीन पर हरियाली बढ़ाने के काम को भी तेज किया जाएगा. 37 हॉटस्पॉट की साप्ताहिक निगरानी वायु गुणवत्ता और ट्रैफिक से जुड़े 37 चिन्हित हॉटस्पॉट पर हर सप्ताह निरीक्षण किया जाएगा. सांसद, विधायक, पार्षद और नोडल अधिकारी इन इलाकों की निगरानी करेंगे. प्रशासन ने 15 प्रमुख सड़क मार्गों पर यातायात को सिग्नल-फ्री और जाम-मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है. इनमें से आठ सड़क मार्गों पर काम पूरा होने का दावा किया गया है. औद्योगिक प्रदूषण पर भी कार्रवाई प्रशासन के मुताबिक, प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ भी कार्रवाई जारी है. 11,271 इकाइयों के सर्वे के बाद 2,283 प्रदूषणकारी इकाइयों को सील या बंद किया गया है. इसके अलावा वाहन स्क्रैपेज और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए Parivartan Yojana और EV Policy 2026 के तहत प्रोत्साहन जारी रखा जाएगा. 1 अक्टूबर से AI आधारित कंट्रोल सेंटर प्रदूषण की निगरानी और कार्रवाई को बेहतर बनाने के लिए AI आधारित Command and Control Centre 1 अक्टूबर से पूरी तरह संचालित होगा. इसके लिए दो शिफ्ट में 334 प्रवर्तन टीमें काम करेंगी. लोग Green Delhi App के जरिए प्रदूषण से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकेंगे. इसके अलावा सुझाव देने के लिए एक अलग पोर्टल भी उपलब्ध कराया जाएगा. ‘Zero Burning’ अभियान भी चलेगा विंटर एक्शन प्लान में Zero Burning Campaign भी शामिल है. इसके तहत खुले में कचरा जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के साथ सुरक्षा गार्डों के लिए हीटिंग की व्यवस्था और मैकेनाइज्ड रोड क्लीनिंग बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा. प्रशासन के मुताबिक, मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों की संख्या बढ़ाकर 98 कर दी गई है और ये दो शिफ्ट में काम करेंगी. लोगों से भी सहयोग की अपील मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोगों से प्रदूषण कम करने के अभियान में भागीदार बनने की अपील की. उन्होंने दिल्लीवासियों से सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने, कारपूलिंग अपनाने, खुले में कचरा नहीं जलाने, वाहनों का PUCC प्रमाणपत्र वैध रखने, धूल पर नियंत्रण रखने, कचरे को अलग-अलग करने और हरित क्षेत्रों की सुरक्षा में सहयोग करने को कहा. The post दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए विंटर एक्शन प्लान: 50% WFH, निर्माण पर रोक; पार्किंग चार्ज दोगुना appeared first on Naya Vichar.

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एशियन गेम्स: 24 निशाने में 22 परफेक्ट 10… चीन को हराकर भारत की बेटियों ने जीता गोल्ड

Asian Games 2026: हिंदुस्तानीय स्त्री कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है. बुधवार को स्पोर्ट्से गए फाइनल मुकाबले में हिंदुस्तान ने चीन को 238-234 से हराया. ज्योति सुरेखा वेन्नम, पृथिका प्रदीप और चिकिता तनिपर्थी की तिकड़ी ने हिंदुस्तान को गोल्ड दिलाया. इसके साथ ही हिंदुस्तानीय टीम ने 238 अंकों के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली. हिंदुस्तान ने फाइनल में शुरुआत से ही मजबूत प्रदर्शन किया. छह-छह निशानों के चार राउंड में हिंदुस्तानीय टीम ने कुल 24 शॉट लगाए. इनमें से 22 शॉट परफेक्ट 10 रहे, जबकि सिर्फ दो निशाने 9 अंक पर गए. हिंदुस्तान का कुल स्कोर 238 रहा, जबकि चीन 234 अंक ही बना सका. चीन के 10 का हिंदुस्तान ने दिया करारा जवाब फाइनल राउंड की शुरुआत चीन ने 10 अंक के निशाने के साथ की. इसके बाद चीन के दो निशाने 9 अंक पर गए और हिंदुस्तानीय टीम को बढ़त बनाने का मौका मिला. हिंदुस्तान ने इसका जवाब लगातार तीन परफेक्ट 10 के साथ दिया. मुकाबले के अंतिम चरण में चीन ने लगातार तीन 10 लगाकर वापसी की कोशिश की. हिंदुस्तानीय टीम पर दबाव बढ़ा, लेकिन ज्योति, पृथिका और चिकिता ने संयम बनाए रखा. हिंदुस्तान ने भी लगातार तीन परफेक्ट 10 लगाए और अपना स्कोर 238 तक पहुंचा दिया. इसके बाद चीन के लिए हिंदुस्तान के स्कोर तक पहुंचना मुश्किल हो गया और हिंदुस्तानीय टीम ने चार अंकों से फाइनल अपने नाम कर लिया. ये भी पढ़ें: Asian Games 2026 Day 11 Live: तीरंदाजी में हिंदुस्तान का एक और मेडल पक्का, स्त्री स्क्वॉश टीम सेमीफाइनल में पहुंची ज्योति और पृथिका ने नहीं चूका एक भी निशाना हिंदुस्तान की जीत में ज्योति सुरेखा वेन्नम और पृथिका प्रदीप का प्रदर्शन खास रहा. दोनों ने फाइनल में एक भी निशाना 10 से नीचे नहीं लगाया. चिकिता तनिपर्थी ने भी टीम के स्कोर को मजबूत बनाए रखा. हिंदुस्तानीय टीम की सटीकता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 24 में से 22 निशाने परफेक्ट 10 रहे. इस शानदार प्रदर्शन ने हिंदुस्तान को गोल्ड के साथ रिकॉर्ड की बराबरी भी दिलाई. दक्षिण कोरिया के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की तीरंदाजी में हिंदुस्तानीय स्त्री टीम ने जीता गोल्ड (फोटो- सोशल मीडिया) हिंदुस्तानीय टीम के 238 अंक स्त्री कंपाउंड टीम इवेंट के मौजूदा वर्ल्ड रिकॉर्ड के बराबर हैं. इससे पहले दक्षिण कोरिया ने 2014 में 238 अंक हासिल किए थे. हिंदुस्तान ने भी 238 अंक बनाकर इस रिकॉर्ड की बराबरी कर ली. सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को दी थी मात फाइनल से पहले हिंदुस्तानीय स्त्री कंपाउंड टीम ने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को रोमांचक मुकाबले में 234-233 से हराया था. मुकाबला आखिरी निशाने तक चला और हिंदुस्तान ने सिर्फ एक अंक के अंतर से जीत दर्ज की. चिकिता तनिपर्थी, पृथिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा वेन्नम ने दबाव के बावजूद अपना संयम बनाए रखा और फाइनल में जगह बनाई. हांगझोउ में भी जीता था गोल्ड हिंदुस्तानीय स्त्री कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने 2023 में हांगझोउ में आयोजित एशियन गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीता था. अब 2026 में भी टीम ने खिताब अपने नाम कर लिया है. ज्योति सुरेखा वेन्नम, पृथिका प्रदीप और चिकिता तनिपर्थी की हिंदुस्तानीय तिकड़ी ने चीन को 238-234 से हराकर हिंदुस्तान के खाते में एशियन गेम्स 2026 का सातवां गोल्ड मेडल जोड़ा है. ये भी पढ़ें: Asian Games 2026: हॉकी से बॉक्सिंग तक, 30 सितंबर को इन स्पोर्ट्सों में दम दिखाने उतरेंगे हिंदुस्तानीय, पूरा शेड्यूल The post एशियन गेम्स: 24 निशाने में 22 परफेक्ट 10… चीन को हराकर हिंदुस्तान की बेटियों ने जीता गोल्ड appeared first on Naya Vichar.

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