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समन छोड़ दिल्ली भागे अभिषेक बनर्जी, ममता के आवास पहुंची सीआईडी, ‘साइन-गेट’ में बुरे फंसे टीएमसी के नंबर-2 नेता

खास बातें 24 घंटे के अल्टीमेटम वाला समन क्या वो ‘साइन-गेट’ घोटाला? सीआईडी की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश? बीमारी का बहाना और नेतृत्व में सक्रियता CID at Mamata Banerjee Residence: पूरी तरह अलग-थलग पड़े बुआ-भतीजे प्रवर्तन निदेशालय ने भी भेजा समन CID at Mamata Banerjee Residence: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की करारी हार के बाद बगावत का तूफान ममता बनर्जी के घर की चौखट तक पहुंच गया है. विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर वाले संगीन मामले (Signature Forgery Case) की जांच कर रही राज्य की आपराधिक जांच शाखा (CID) की हाई-प्रोफाइल टीम कालीघाट स्थित ममता बनर्जी के आधिकारिक आवास पहुंची. यह कार्रवाई तब हुई, जब टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) सीआईडी के समन पर हाजिर होने की दिल्ली चले गये. 24 घंटे के अल्टीमेटम वाला समन सीआईडी अब अभिषेक बनर्जी को और अधिक समय देने के मूड में बिल्कुल नहीं है. यही वजह है कि सोमवार देर रात उनके कालीघाट स्थित घर पर तीसरा और अंतिम ‘24 घंटे का अल्टीमेटम’ वाला समन तामील करा दिया है, जिसने टीएमसी के बचे-कुचे खेमे में भारी दहशत पैदा कर दी है. क्या वो ‘साइन-गेट’ घोटाला? इस पूरे कानूनी और नेतृत्वक ड्रामे की शुरुआत बेहद गोपनीय दस्तावेज के फर्जीवाड़े से जुड़ी है. इसकी पूरी क्रोनोलॉजी चौंकाने वाली है. विधानसभा चुनाव में शिकस्त के बाद 19 मई 2026 को तृणमूल कांग्रेस ने विधानसभा सचिवालय को एक आधिकारिक प्रस्ताव पत्र सौंपा था. इस पत्र के जरिये वरिष्ठ नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) मनोनीत करने की मांग की गयी थी. इस विवाद में अभिषेक बनर्जी की भूमिका सबसे संदिग्ध मानी जा रही है, क्योंकि उन्होंने खुद राष्ट्रीय महासचिव होने के नाते 70 विधायकों के हस्ताक्षर वाला यह आधिकारिक पत्र विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस को फॉरवर्ड (अग्रसारित) किया था. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और बागी गुट के प्रमुख रीतब्रत बनर्जी ने आरोप लगाया कि इस पत्र में 10 से अधिक विधायकों के नाम केवल ब्लॉक लेटर्स (अंग्रेजी के बड़े अक्षरों) में लिखे गये थे. विशेषज्ञों की मौजूदगी में हुई जांच के दौरान अरूप रॉय, बहारुल इस्लाम और सुभाशीष दास सहित 3 बागी विधायकों ने सीआईडी के सामने ऑन-कैमरा बयान दिया कि इस पत्र पर उनके हस्ताक्षर नहीं हैं. इसे भी पढ़ें : अभिषेक बनर्जी के ‘शांतिनिकेतन’ पर फिर CID की दस्तक, बंद मिला दरवाजा, जाली हस्ताक्षर मामले में बढ़ा सस्पेंस सीआईडी की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश? सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को 1 जून को पहली बार भवानी भवन (मुख्यालय) में हाजिर होने का समन भेजा था. तब अभिषेक ने ‘खराब स्वास्थ्य’ का हवाला देकर 2 सप्ताह का समय मांगा था. इसके बाद उन्हें 8 जून (सोमवार) को हाजिर होने का दूसरा समन मिला. जांच में सहयोग की बजाय वह शनिवार शाम को ही दिल्ली चले गये. सोमवार को ममता बनर्जी के साथ दिल्ली के कांस्टिट्यूशन क्लब में इंडिया (INDIA) गठबंधन की बैठक में शामिल हुए. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बीमारी का बहाना और नेतृत्व में सक्रियता अभिषेक के इस रवैये से सीआईडी अधिकारी नाराज हैं. उनका कहना है कि व्यक्ति खुद को बीमार बताकर जांच में शामिल होने से इनकार कर रहा है, वह दिल्ली में नेतृत्वक बैठकों में पूरी तरह सक्रिय है. इसके बाद सीआईडी की टीम सीधे हरीश मुखर्जी रोड स्थित उनके ‘शांतिनिकेतन’ आवास और कालीघाट स्थित ममता बनर्जी के घर पहुंची और तीसरा नोटिस थमा दिया. CID at Mamata Banerjee Residence: पूरी तरह अलग-थलग पड़े बुआ-भतीजे अभिषेक बनर्जी के लिए मुश्किलें केवल सीआईडी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि केंद्र और राज्य की सभी एजेंसियों ने एक साथ उनके खिलाफ चक्रव्यूह तैयार कर दिया है. कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद कोलकाता पुलिस ने अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर सालों से लगे वीआईपी पुलिस कियोस्क, बख्तरबंद गाड़ियां, स्कैनर मशीनें और सुरक्षा घेरे को पूरी तरह से हटा दिया था. इसे भी पढ़ें : सोशल मीडिया पोस्ट ने बढ़ायी अभिषेक बनर्जी की टेंशन, भवानीपुर थाने में केस दर्ज, दीदी के बाद मुश्किल में ‘भाईपो’! प्रवर्तन निदेशालय ने भी भेजा समन अभिषेक बनर्जी ने सीआईडी केस के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच में दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा (No Coercive Action) की गुहार लगायी, तो प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले (Primary Teachers Recruitment Scam) में उन्हें नया समन जारी कर 15 जून को कोलकाता जोनल ऑफिस में तलब कर लिया. इसे भी पढ़ें मुश्किल में ममता बनर्जी और अभिषेक, ‘दीदी’ पर सिलीगुड़ी और ‘भाईपो’ पर भवानीपुर में शिकायत, जानें क्या है पूरा मामला अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा की बढ़ी मुश्किलें, 2 PAN कार्ड, 2 पिता और 2 देशों की नागरिकता? बंगाल चुनाव 2026 में हार के बाद ‘कॉकरोच’ के सहारे ममता-अभिषेक! वायरल CJP का किया समर्थन कोलकाता के टेंगरा टीएमसी कार्यालय में मिले 300 वोटर और आधार कार्ड, बीजेपी का आरोप- वोट लूटने की थी साजिश The post समन छोड़ दिल्ली भागे अभिषेक बनर्जी, ममता के आवास पहुंची सीआईडी, ‘साइन-गेट’ में बुरे फंसे टीएमसी के नंबर-2 नेता appeared first on Naya Vichar.

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Batwara 1947 vs Awarapan 2: 14 अगस्त को बॉक्स ऑफिस पर महाक्लैश, सनी देओल-इमरान हाशमी भिड़ेंगे

Batwara 1947 vs Awarapan 2:बॉलीवुड एक्टर सनी देओल और प्रीति जिंटा की मोस्ट अवेटेड पीरियड ड्रामा ‘बंटवारा 1947’ जल्द ही सिनेमाघरों में रिलीज के लिए तैयार है. मेकर्स ने फिल्म की रिलीज डेट के साथ इसका पहला लुक भी जारी कर दिया है. मूवी की टक्कर इमरान हाशमी की फिल्म आवारापन 2 से होगी. इस दिन रिलीज होगी बंटवारा 1947 सनी देओल ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर बंटवारा 1947 का मोशन पोस्टर शेयर किया. जिसके कैप्शन में लिखा, नफरत और डर के दौर में उन्होंने साहस को चुना… #बंटवारा1947 14 अगस्त 2026 से सिनेमाघरों में देखें. फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी कर रहे हैं, जबकि इसे आमिर खान प्रोड्यूस कर रहे हैं. स्टारकास्ट की बात करें तो फिल्म में सनी देओल और प्रीति जिंटा के अलावा करण देओल, अली फजल और शबाना आजमी जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे. बंटवारा 1947 में क्या दिखाया जाएगा पोस्टर को देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि फिल्म हिंदुस्तान-पाकिस्तान विभाजन के दौर की दर्दनाक और भावनात्मक कहानी को बड़े पैमाने पर पेश करने वाली है. फर्स्ट लुक में उस समय के डर, अफरा-तफरी और बिछड़ने के दर्द को बेहद प्रभावशाली तरीके से दिखाया गया है. फिल्म एक और वजह से खास है. करीब 23 साल बाद सनी देओल और प्रीति जिंटा की जोड़ी फिर से बड़े पर्दे पर साथ दिखाई देगी. इससे पहले दोनों 2003 में रिलीज हुई ‘द हीरो: लव स्टोरी ऑफ ए स्पाई’ में नजर आए थे. बंटवारा 1947 की आवारापन 2 संग होगी टक्कर बंटवारा 1947 जिस दिन रिलीज हो रही है, उसी दिन इमरान हाशमी की ‘आवारापन 2’ भी सिनेमाघरों में दस्तक देगी. ऐसे में स्वतंत्रता दिवस वीकेंड पर दो बड़ी फिल्मों के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिल सकता है. हाल ही में मेकर्स ने फिल्म का एक पोस्टर शेयर करते हुए अनाउंस किया था कि यह 14 अगस्त, 2026 को आएगी. कैप्शन में लिखा था, पुराने फैंस जानते हैं कि ये कहानी का अंत नहीं है…वो तुम्हारे लिए वापस आया है. 14 अगस्त को सिनेमाघरों में…. #Awarapan2 #ShivamReturns #ItsAWrap यह भी पढ़ें- जब लड़कों से मिले गिफ्ट्स की कीमत देखती थी अनुष्का शर्मा, हिसाब लगाकर करती ये काम The post Batwara 1947 vs Awarapan 2: 14 अगस्त को बॉक्स ऑफिस पर महाक्लैश, सनी देओल-इमरान हाशमी भिड़ेंगे appeared first on Naya Vichar.

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8वें वेतन आयोग से कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹68,940 तक पहुंच सकती है

8th Pay Commission : केंद्र प्रशासन के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चर्चाएं एक बार फिर बहुत तेज हो गई हैं. विभिन्न कर्मचारी संगठनों की ओर से नए वेतन ढांचे में ‘फिटमेंट फैक्टर’ (Fitment Factor) को बढ़ाने की मांग लगातार की जा रही है. अगर प्रशासन कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग को स्वीकार कर लेती है और अधिकतम प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर 3.83 को मंजूरी देती है, तो केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन (Basic Pay) मौजूदा ₹18,000 से बढ़कर सीधे ₹68,940 तक पहुंच सकता है. क्या होता है फिटमेंट फैक्टर ? फिटमेंट फैक्टर एक तरह का गणितीय गुणक (Multiplier) होता है. इसी के आधार पर कर्मचारियों की पुरानी बेसिक सैलरी और पेंशन को नए सैलरी स्ट्रक्चर (वेतनमान) में बदला जाता है. सरल भाषा में कहें तो नया वेतन आयोग लागू होने पर आपकी सैलरी कितनी बढ़ेगी, यह पूरी तरह इसी फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करता है. पिछले वेतन आयोग (7th Pay Commission) में प्रशासन ने 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया था. इसके कारण कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हो गई थी. 8वें वेतन आयोग के लिए अलग-अलग संगठनों की मांग देश के अलग-अलग कर्मचारी यूनियनों और एक्सपर्ट्स ने अपनी-अपनी तरफ से फिटमेंट फैक्टर के सुझाव दिए हैं. एक्सपर्ट्स का अनुमान: 1.92 ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC): 3.00 फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशन (FNPO): 3.25 नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM): 3.83 (सबसे बड़ी मांग) फिटमेंट फैक्टर के हिसाब से कितनी बढ़ सकती है सैलरी ? अगर मौजूदा न्यूनतम मूल वेतन (Basic Pay) ₹18,000 को बेस माना जाए, तो अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर न्यूनतम सैलरी का गणित कुछ ऐसा दिखेगा. स्तावित फिटमेंट फैक्टर संभावित न्यूनतम बेसिक सैलरी (प्रति महीना) 1.92 (एक्सपर्ट्स का अनुमान) ₹34,560 2.57 (7वें वेतन आयोग जैसा ही रहा तो) ₹46,260 2.86 (J&K कर्मचारी समिति का निचला स्तर) ₹51,480 3.00 (AITUC की मांग) ₹54,000 3.25 (FNPO की मांग) ₹58,500 3.68 (J&K कर्मचारी समिति का ऊपरी स्तर) ₹66,240 3.83 (NC-JCM की मांग) ₹68,940 (करीब 283% की बंपर वृद्धि) सिर्फ बेसिक सैलरी ही नहीं, भत्ते भी होंगे डबल! फिटमेंट फैक्टर बढ़ने का फायदा सिर्फ मूल वेतन (Basic Pay) तक सीमित नहीं रहता. जब बेसिक सैलरी बढ़ती है, तो उसके साथ जुड़े अन्य भत्तों का ग्राफ भी ऊपर जाता है. HRA में बढ़ोतरी: हाउस रेंट अलाउंस (HRA) सीधे बेसिक सैलरी के प्रतिशत पर तय होता है, इसलिए इसमें बड़ा उछाल आएगा. DA का मर्जर: नया वेतन आयोग लागू होते ही मौजूदा महंगाई भत्ता (DA) मूल वेतन में जोड़ दिया (समाहित कर दिया) जाएगा. इसके बाद नए सैलरी स्ट्रक्चर के आधार पर डीए की गणना शून्य (0) से दोबारा शुरू होगी. ट्रैवल अलाउंस: ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) और अन्य दूसरे भत्तों की भी नए सिरे से समीक्षा की जाएगी. Also Read : सोने की कीमतों में फिर आई तेजी, चांदी हुई सुस्त; जानें 9 जून को आपके शहर में क्या हैं सोने-चांदी के भाव The post 8वें वेतन आयोग से कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹68,940 तक पहुंच सकती है appeared first on Naya Vichar.

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बिहार के इस जिले में 32 एकड़ में बनेगा एक्वा पार्क, सम्राट चौधरी 15 जून को करेंगे शिलान्यास

Bihar News: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 15 जून को भोजपुर जिले के उदवंतनगर प्रखंड की नवादावेन पंचायत पहुंचेंगे. यहां वे बाणासुर मत्स्य बीज प्रक्षेत्र में बनने वाले इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क का शिलान्यास करेंगे. इसके बाद मुख्यमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे. मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. अधिकारियों को मिला जिम्मा दौरे को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने कई अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है. कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को नियमित रूप से स्थल का निरीक्षण करने और तैयारियों की निगरानी करने का निर्देश दिया है. 32 एकड़ में बनेगा आधुनिक एक्वा पार्क नवादावेन स्थित बाणासुर मत्स्य बीज प्रक्षेत्र में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क बनाया जाएगा. करीब 31.20 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह पार्क 32 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा. इस परियोजना का उद्देश्य बिहार में मत्स्य उत्पादन को नई ऊंचाई देना है. बनेगी राष्ट्रीय स्तर की मछली प्रजनन इकाई इस परियोजना के तहत एक आधुनिक कॉर्प हेचरी यानी मछली प्रजनन केंद्र भी बनाया जाएगा. यहां बेहतर गुणवत्ता वाले मत्स्य बीज तैयार किए जाएंगे. अधिकारियों का कहना है कि इससे बिहार के मत्स्य पालकों को काफी लाभ मिलेगा और राज्य की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी. केंद्र और राज्य प्रशासन मिलकर करेंगी खर्च परियोजना को केंद्र और राज्य प्रशासन मिलकर पूरा करेंगी. इसमें 60 प्रतिशत राशि केंद्र प्रशासन और 40 प्रतिशत राशि राज्य प्रशासन देगी. केंद्र प्रशासन करीब 18.72 करोड़ रुपये खर्च करेगी, जबकि राज्य प्रशासन लगभग 12.48 करोड़ रुपये का योगदान देगी. मत्स्य पालन के साथ पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क सिर्फ मत्स्य उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा. इससे एक्वा टूरिज्म यानी जल कृषि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. लोग यहां आधुनिक मत्स्य पालन की तकनीकों को देख सकेंगे. इससे क्षेत्र में नई आर्थिक गतिविधियां शुरू होने की उम्मीद है. स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार परियोजना के शुरू होने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. साथ ही मत्स्य पालन से जुड़े किसानों को बेहतर सुविधाएं और तकनीकी सहायता मिलेगी. प्रशासन का मानना है कि यह परियोजना ग्रामीण वित्तीय स्थिति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी. बिहार को मिलेगी नई पहचान अधिकारियों का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद बिहार देश के प्रमुख मत्स्य बीज उत्पादक राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना सकेगा. इससे राज्य में मत्स्य उद्योग का विस्तार होगा और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी. Also Read: IRCTC घोटाला केस में कोर्ट ने टाला फैसला, अब इस दिन होगी सुनवाई, लालू परिवार ने लोअर कोर्ट के आदेश को दी है चुनौती The post बिहार के इस जिले में 32 एकड़ में बनेगा एक्वा पार्क, सम्राट चौधरी 15 जून को करेंगे शिलान्यास appeared first on Naya Vichar.

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जब हनुमान जी ने तोड़ा था शनि देव का घमंड, जानिए अद्भुत पौराणिक कथा

Hanuman Ji And Shani Dev Ki Katha: पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार हनुमान जी प्रभु श्रीराम के ध्यान में पूरी तरह लीन थे. उसी समय शनि देव अपने सामर्थ्य के अभिमान में हनुमान जी को चुनौती देने पहुंच गए. शनि देव को अपनी शक्ति और प्रभाव पर अत्यधिक गर्व था. उनका मानना था कि तीनों लोकों में कोई भी उनकी दृष्टि और प्रभाव से बच नहीं सकता. हनुमान जी को ध्यानमग्न देखकर शनि देव ने उन्हें ललकारना शुरू किया. उन्होंने कहा, “ऐ वानर! आंखें खोल और देख, तेरे सामने कौन खड़ा है. मैं तेरे सुख और शांति को समाप्त करने आया हूं” हनुमान जी की विनम्रता ने बढ़ाया शनि का क्रोध शनिदेव के बार-बार ललकारने और ध्यान भंग करने के प्रयासों के बाद जब हनुमान जी ने अपनी आंखें खोलीं, तो उन्होंने अत्यंत शांत और विनम्र स्वर में पूछा, ‘महाराज, आप कौन हैं? यह सुनकर शनि देव का अहंकार और बढ़ गया. उन्होंने कहा, “मैं शनि देव हूं. मेरे नाम से देवता और मनुष्य तक भयभीत रहते हैं. आज मैं तुम्हारी राशि में प्रवेश करने जा रहा हूं, यदि रोक सकते हो तो रोक लो. हनुमान जी ने विनम्रता से उत्तर दिया, “शनिदेव, मुझे प्रभु श्रीराम का ध्यान करने दें. आप किसी और स्थान पर जाकर अपना पराक्रम दिखाइए” जब शनि देव ने हनुमान जी को दी चुनौती हनुमान जी पुनः ध्यान में बैठ गए, लेकिन शनि देव शांत नहीं हुए. उन्होंने आगे बढ़कर हनुमान जी की बांह पकड़ ली और उन्हें अपनी ओर खींचने लगे. हनुमान जी ने पहले धैर्य रखा, लेकिन जब शनि देव बार-बार उन्हें परेशान करने लगे तो उन्होंने अपनी विशाल पूंछ से शनि देव को कसकर लपेट लिया. इसके बाद भी शनि देव का अहंकार कम नहीं हुआ. फिर उन्होंने यहां तक कह दिया कि “तुम तो क्या, तुम्हारे श्रीराम भी मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते” पूंछ में बांधकर कराया अपनी शक्ति का अहसास प्रभु श्रीराम के प्रति अपमानजनक शब्द सुनकर हनुमान जी का क्रोध जाग उठा. उन्होंने अपनी पूंछ में लिपटे शनि देव को पर्वतों, चट्टानों और वृक्षों से रगड़ना शुरू कर दिया. कुछ ही समय में शनि देव का अभिमान चूर-चूर हो गया. उनके शरीर पर चोटें लग गईं और वे पीड़ा से व्याकुल हो उठे. उन्होंने कई देवी-देवताओं से सहायता की गुहार लगाई, लेकिन कोई भी उनकी मदद के लिए नहीं आया. शनि देव ने मांगी क्षमा शनि देव ने हनुमान जी से अंततः क्षमा याचना की. शनिदेव ने कहा, “वानरराज, मुझे मेरी उद्दंडता का फल मिल चुका है. कृपया मुझे क्षमा करें. मैं भविष्य में कभी आपका अपमान नहीं करूंगा. हनुमान जी ने उन्हें मुक्त करते हुए कहा, केवल मेरी ही नहीं, मेरे भक्तों की छाया से भी दूर रहना होगा. शनि देव ने यह वचन स्वीकार कर लिया. क्यों की जाती है शनि दोष में हनुमान जी की पूजा? इसी घटना के बाद से यह मान्यता प्रचलित हुई कि जो व्यक्ति श्रद्धा और भक्ति के साथ हनुमान जी की आराधना करता है, उस पर शनि देव की कठोर दृष्टि का प्रभाव कम हो जाता है. यही कारण है कि साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि दोष के समय हनुमान चालीसा का पाठ, सुंदरकांड का पाठ और हनुमान जी की पूजा विशेष रूप से लाभकारी मानी जाती है. यह भी पढ़ें: हिंदू धर्म में अंतिम संस्कार से पहले मृत सुहागिन स्त्री को सजाया क्यों जाता है? जानें रहस्य The post जब हनुमान जी ने तोड़ा था शनि देव का घमंड, जानिए अद्भुत पौराणिक कथा appeared first on Naya Vichar.

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घर आया है नन्हा शहजादा? भगवान शिव के इन 14 शक्तिशाली नामों से करें उसके जीवन की खूबसूरत शुरुआत, देखें पूरी लिस्ट

Baby Boy Names: घर पर जब एक बेटे का जन्म होता है तो ऐसे में चारों तरफ एक जश्न का माहौल बन जाता है. सभी इस नन्ही सी जान के पीछे लग जाते हैं. सभी के मन में सिर्फ एक विचार होता है कि इस शिशु को किसी भी तरह की कोई समस्या या फिर परेशानी न हो. माता-पिता के साथ ही पूरा परिवार भी इस शिशु की जरूरतों का ख्याल रखने में जुट जाता है. जब एक शिशु का जन्म होता है तो पूरे परिवार की जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं. इन्हीं जिम्मेदारियों में से एक जिम्मेदारी होती है इसके लिए एक नाम का चुनाव करने की. ऐसे में अगर आप भी अपने बेटे के लिए एक नाम की तलाश कर रहे हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए काफी काम की और मददगार साबित होने वाली है. आज इस आर्टिकल में हम आपको भगवान शिव से प्रेरित नामों की एक लंबी लिस्ट शेयर करने जा रहे हैं और साथ ही इन नामों के अर्थ भी बताने वाले हैं. तो चलिए इस लिस्ट पर डालते हैं एक नजर. भगवान शिव के से प्रेरित नाम और उनके अर्थ रुद्र – इस नाम का अर्थ होता है सबसे शक्तिशाली, जो दुखों का नाश करते हैं और दुष्टों को रुलाते हैं. शंभू – इस नाम का अर्थ होता है आनंद का स्रोत, जो सबका कल्याण और भला करते हैं. भावेश – इस नाम का अर्थ होता है इस पूरे संसार और जगत के स्वामी या राजा. ईशान – इस नाम का अर्थ होता है उत्तर-पूर्व दिशा के स्वामी और ज्ञान देने वाले सर्वोपरि देवता. त्रिशूलिन – इस नाम का अर्थ होता है जिनके हाथ में पवित्र त्रिशूल है, यानी तीनों लोकों के रक्षक. अनिकेत – इस नाम का अर्थ होता है वैरागी, जिनका कोई एक निश्चित घर नहीं है क्योंकि वे पूरे ब्रह्मांड के स्वामी हैं. नंदीश – इस नाम का अर्थ होता है शिव जी के प्रिय वाहन और परम भक्त नंदी के स्वामी. शर्व – इस नाम का अर्थ होता है सब कुछ सहन करने वाले और संसार के कष्टों को दूर करने वाले. व्योमकेश – इस नाम का अर्थ होता है जिनके बाल आकाश की तरह असीम और फैले हुए हैं. महादेव – इस नाम का अर्थ होता है देवताओं के भी देवता, यानी सबसे महान ईश्वर. शिव – इस नाम का अर्थ होता है जो पूरी तरह से परम पवित्र, शांत और कल्याणकारी हैं. त्रिनेत्र – इस नाम का अर्थ होता है तीन आंखों वाले, जो भूत, वर्तमान और भविष्य सब देखते हैं. मृत्युंजय – इस नाम का अर्थ होता है जिन्होंने मृत्यु पर विजय प्राप्त कर ली हो. चंद्रशेखर – इस नाम का अर्थ होता है जिन्होंने अपने सिर पर चंद्रमा को धारण किया हुआ है. ये भी पढ़ें: Baby Names: सभी के दिल में अपनी जगह बना लेंगे आपके बेटे के ये मनमोहक नाम, सुनने वाले भी तारीफ करने से नहीं हटेंगे पीछे The post घर आया है नन्हा शहजादा? भगवान शिव के इन 14 शक्तिशाली नामों से करें उसके जीवन की खूबसूरत शुरुआत, देखें पूरी लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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Dhamaal 4: खजाना ढूंढने निकली अजय देवगन की पलटन, नए पोस्टर्स देखकर छूट जाएगी हंसी

Dhamaal 4: मशहूर कॉमेडी फ्रेंचाइजी ‘धमाल’ का नया भाग यानी ‘धमाल 4’ जल्द ही आने वाला है. फिल्म के मेकर्स ने इसके नए और मजेदार कैरेक्टर पोस्टर्स जारी किए हैं, जिन्हें देखकर साफ लग रहा है कि इस बार भी फिल्म में जबरदस्त कॉमेडी, पागलपन और हंसी का तड़का देखने को मिलेगा. इस फिल्म में अजय देवगन, रितेश देशमुख, अरशद वारसी, जावेद जाफरी और संजय मिश्रा जैसे बड़े कलाकार मिलकर सबको हंसाएंगे. सभी पोस्टर्स यहां: View this post on Instagram A post shared by Anand Pandit Motion Pictures (@anandpanditmotionpictures) खजाने की तलाश और ‘W’ का चक्कर View this post on Instagram A post shared by Anand Pandit Motion Pictures (@anandpanditmotionpictures) सुपरस्टार अजय देवगन ने सोशल मीडिया पर फिल्म का एक पोस्टर शेयर किया है. इस पोस्टर में अजय देवगन और संजय मिश्रा एक पहाड़ पर चढ़ते दिख रहे हैं और उनके हाथ में एक नक्शा है. अजय देवगन ने लिखा है कि इन दोनों का एक ही लक्ष्य है, सोने का खजाना पाना. मजेदार बात यह है कि नक्शे पर ‘W’ आकार का पहाड़ बना है और लिखा है कि 100 साल पुराना खजाने का नक्शा दोबारा मिल गया है. आपको याद होगा कि पहली ‘धमाल’ फिल्म में भी सब ‘W’ के नीचे छिपे पैसों के पीछे भागे थे. बदल गई है फिल्म की रिलीज डेट पहले यह फिल्म 17 जुलाई 2026 को आने वाली थी. लेकिन उसी दिन हॉलीवुड के बहुत बड़े डायरेक्टर क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म ‘The Odyssey’ भी रिलीज हो रही है. हॉलीवुड की फिल्म से टक्कर से बचने के लिए ‘धमाल 4’ के मेकर्स ने समझदारी दिखाई और अपनी फिल्म को एक हफ्ता पहले खिसका लिया. अब ‘धमाल 4’ सिनेमाघरों में 10 जुलाई 2026 को रिलीज होगी, ताकि लोग बिना किसी रुकावट के इस मजेदार फिल्म को एंजॉय कर सकें. यह भी पढ़ें: South Theater Releases This Week: 8 से 14 जून तक बड़े पर्दे पर छाएगा साउथ सिनेमा, रिलीज होंगी ये 7 नई फिल्में The post Dhamaal 4: खजाना ढूंढने निकली अजय देवगन की पलटन, नए पोस्टर्स देखकर छूट जाएगी हंसी appeared first on Naya Vichar.

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महुआ मोईत्रा को ‘इश्क करो पार्टी’ में शामिल होने का ऑफर! जस्टिस काटजू और टीएमसी सांसद के वार-पलटवार का क्या है सच?

खास बातें ‘वैलेंटाइन डे’ का मजाक नहीं, गंभीर जन-संघर्ष है : जस्टिस काटजू नफरत के खिलाफ ‘इश्क’ का हथियार महुआ बीजेपी में चली जाएं तो हैरानी नहीं होगी : काटजू आरामदेह नौकरी के लिए छिपकर संघी बनने वाले… : मोईत्रा बिना सिर-पैर के दावों के लिए डांट भी लगायी जस्टिस काटजू ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को बताया बेवकूफ Justice Markandey Katju Ishq Karo Party: हिंदुस्तान की नेतृत्व में सोशल मीडिया के दौर ने अब पारंपरिक तौर-तरीकों को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है. हाल ही में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर पर हुए डिजिटल विरोध प्रदर्शन के बाद, देश में एक और अनोखी और अजीबोगरीब एंट्री हुई है. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने आधिकारिक तौर पर इश्क करो पार्टी (IKP) नाम से नया नेतृत्वक मोर्चा खोल दिया है. समाचार है कि जस्टिस काटजू ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) में विद्रोह के बीच, कृष्णानगर की फायरब्रांड सांसद महुआ मोईत्रा (Mahua Moitra) को अपनी पार्टी में शामिल होने का ऑफर दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि महुआ मोईत्रा ने इस पर ऐसा पलटवार कर दिया है. ‘वैलेंटाइन डे’ का मजाक नहीं, गंभीर जन-संघर्ष है : जस्टिस काटजू जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (X) पर ‘इश्क करो पार्टी’ के गठन का उद्देश्य साफ करते हुए विरोधियों पर तीखे तंज कसे हैं. उन्होंने लिखा- लोग शायद इस अनोखे नाम को देखकर इसे कोई मजाक समझें या लड़के-लड़कियों के बीच रोमांस को बढ़ावा देने वाला ‘वैलेंटाइन डे’ जैसा कोई आयोजन मान लें. लेकिन यह पूरी तरह से उनकी गलतफहमी है. इसे भी पढ़ें : मार्कंडेय काट्जू का दावा- बीजेपी में शामिल हो सकती हैं महुआ मोईत्रा, सागरिका और सायोनी घोष नफरत के खिलाफ ‘इश्क’ का हथियार पूर्व जज ने बताया कि देश को इस समय गरीबी, बच्चों में कुपोषण और बेरोजगारी जैसी भयानक समस्याओं से मुक्त कराने के लिए जनता की अटूट एकजुटता की जरूरत है. उन्होंने लिखा- हमें जाति, धर्म, नस्ल और रंग से ऊपर उठकर अपने देश के सभी लोगों के लिए प्यार (इश्क) रखना होगा. ‘मेक लव, नॉट वार’ (प्यार करो, जंग नहीं) के इसी सिद्धांत पर यह पार्टी काम करेगी. इसके चेयरमैन प्रिंसटन (यूएसए) में रहने वाले इरफान अली हैं और मैं इसका संरक्षक हूं. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें महुआ बीजेपी में चली जाएं तो हैरानी नहीं होगी : काटजू मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि जस्टिस काटजू ने कहा है कि अगर टीएमसी में चल रही भयंकर टूट के बीच महुआ मोईत्रा खुद को बचाने के लिए हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (BJP) ज्वाइन कर लेती हैं, तो इसमें किसी को कोई हैरानी नहीं होनी चाहिए. कथित तौर पर इसके तुरंत बाद उन्होंने एक स्क्रीनशॉट साझा करते हुए महुआ और वरिष्ठ पत्रकार मृणाल पांडे को नफरत की नेतृत्व छोड़ने और ‘इश्क करो पार्टी’ से जुड़ने के लिए ishqkaroparty@gmail.com पर मेल करने का निमंत्रण दे दिया. आरामदेह नौकरी के लिए छिपकर संघी बनने वाले… : मोईत्रा रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि ममता बनर्जी की सबसे वफादार नेता के रूप में जानी जाने वाली महुआ मोईत्रा ने जस्टिस काटजू की धज्जियां उड़ाने में देरी नहीं की. उन्होंने करारा जवाब देते हुए कहा- सर मार्कंडेय काटजू, पूरे सम्मान के साथ मैं आपको सही करना चाहूंगी. आपके जैसे कई लोगों के उलट, जिन्हें रिटायरमेंट के बाद प्रशासन से कोई आरामदेह और मलाईदार नौकरी (Post-Retirement Plum Posting) पाने के लिए चुपके-चुपके ‘संघी’ बनने की जरूरत पड़ती है, मैंने अपने मकसद पर भरोसे के कारण अपनी पूरी जवानी और शानदार कॉर्पोरेट करियर का त्याग किया है. इसे भी पढ़ें : जस्टिस काटजू ने TMC की स्त्री सांसदों को बताया ‘मैकबेथ की चुड़ैल’, महुआ मोईत्रा ने किया करारा पलटवार Justice Markandey Katju Ishq Karo Party: बिना सिर-पैर के दावों के लिए डांट भी लगायी इतना ही नहीं, महुआ मोईत्रा ने कड़े लहजे में जस्टिस काटजू को नसीहत देते हुए लिखा- जब हमारी पार्टी TMC इतने संवेदनशील और कठिन दौर से गुजर रही है, तब कृपा करके बिना किसी ठोस आधार के ऐसे भ्रामक दावे करना बंद करें. हालांकि, जस्टिस काटजू या महुआ मोईत्रा के सोशल मीडिया अकाउंट्स (फेसबुक और एक्स) पर ऐसा कोई पोस्ट नहीं किया गया है. जस्टिस काटजू ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को बताया बेवकूफ जस्टिस काटजू ने इस दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दिपके को भी आड़े हाथों लिया. उन्होंने सीजेपी द्वारा नीट (NEET) पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को मूर्खतापूर्ण बताया. कहा कि एक मंत्री के हटने से व्यवस्था नहीं बदलेगी, उसके स्थान पर दूसरा मंत्री आ जायेगा. इसे भी पढ़ें Video : फ्लाइट में महुआ मोइत्रा के खिलाफ लगे ‘चोर-चोर’ के नारे, TMC सांसद ने दर्ज कराई शिकायत बंगाल में एसआईआर के मुद्दे पर महुआ मोईत्रा ने फिर चुनाव आयोग पर बोला हमला The post महुआ मोईत्रा को ‘इश्क करो पार्टी’ में शामिल होने का ऑफर! जस्टिस काटजू और टीएमसी सांसद के वार-पलटवार का क्या है सच? appeared first on Naya Vichar.

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इंटरमीडिएट और स्नातक ट्रेंड सहायक आचार्य परीक्षा के 16,113 आवेदन रद्द, 22 जून को एग्जाम

रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट Ranchi News: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) ने झारखंड इंटरमीडिएट एवं स्नातक प्रशिक्षित विशेष शिक्षा सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2025 के लिए आवेदन करने वाले 16,113 अभ्यर्थियों के ऑनलाइन आवेदन रद्द कर दिये हैं. आयोग की ओर से जारी सूचना के अनुसार, आवेदन प्रक्रिया को निर्धारित तरीके से पूरा नहीं करने के कारण यह कार्रवाई की गयी है. आयोग ने इस संबंध में विस्तृत सूचना अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भी जारी कर दी है. 15,936 अभ्यर्थियों ने पूरा नहीं किया आवेदन जेएसएससी द्वारा जारी सूचना के अनुसार, कुल 15,936 ऐसे अभ्यर्थियों के आवेदन रद्द किये गये हैं, जिन्होंने केवल प्रारंभिक चरण यानी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी की थी, लेकिन आवेदन के अन्य आवश्यक चरणों को पूरा नहीं किया. इसके कारण उनके आवेदन अमान्य घोषित कर दिये गये. इसके अलावा 177 ऐसे अभ्यर्थी भी हैं, जिन्होंने प्रारंभिक चरण की प्रक्रिया पूरी कर ली थी, लेकिन निर्धारित परीक्षा शुल्क का भुगतान नहीं किया. शुल्क जमा नहीं करने के कारण उनके आवेदन भी निरस्त कर दिये गये. 24 फरवरी 2026 तक लिये गये थे आवेदन आयोग ने बताया कि झारखंड इंटरमीडिएट एवं स्नातक प्रशिक्षित विशेष शिक्षा सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2025 (विज्ञापन संख्या-08/2025) के लिए 14 दिसंबर 2025 से 24 फरवरी 2026 की मध्यरात्रि तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किये गये थे. निर्धारित समय सीमा के भीतर प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद यह कार्रवाई की गयी है. 22 जून से शुरू होगी प्रतियोगिता परीक्षा जेएसएससी की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन 22 जून से 24 जून 2026 तक किया जायेगा. परीक्षा का आयोजन रांची जिला मुख्यालय स्थित विभिन्न कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) केंद्रों पर किया जायेगा. आयोग के परीक्षा नियंत्रक की ओर से इस संबंध में सूचना जारी की गयी है. मोबाइल और ई-मेल पर मिलेगी परीक्षा तिथि की जानकारी आयोग ने कहा है कि प्रत्येक अभ्यर्थी को उसकी परीक्षा तिथि की जानकारी पंजीकृत मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी पर एसएमएस और मेल के माध्यम से भेजी जायेगी. अभ्यर्थियों को सलाह दी गयी है कि वे अपने मोबाइल और ई-मेल को नियमित रूप से देखते रहें, ताकि परीक्षा से संबंधित किसी भी सूचना से वंचित न रहें. 17 जून से डाउनलोड कर सकेंगे एडमिट कार्ड प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी 17 जून 2026 से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे. इसके लिए आयोग की अधिकृत वेबसाइट पर जाकर आवेदन में दर्ज ई-मेल आईडी अथवा पंजीकरण (आवेदन) संख्या और जन्म तिथि की मदद से एडमिट कार्ड प्राप्त किया जा सकेगा. इसे भी पढ़ें: निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवानी के नामांकन में तकनीकी गड़बड़ी, होल्ड पर रखा गया परीक्षा केंद्र पर ले जानी होगी अतिरिक्त प्रति और दो फोटो आयोग ने सभी अभ्यर्थियों को निर्देश दिया है कि वे परीक्षा केंद्र पर प्रवेश पत्र की एक अतिरिक्त प्रति और दो पासपोर्ट आकार की फोटो अपने साथ अवश्य लेकर जायें. इसके अलावा अभ्यर्थियों को सलाह दी गयी है कि वे परीक्षा से संबंधित ताजा अपडेट और आवश्यक सूचनाओं के लिए आयोग की वेबसाइट को नियमित अंतराल पर देखते रहें. इसे भी पढ़ें: बोकारो में नाबालिग के साथ दुष्कर्म, वीडियो बनाकर कर रहा था ब्लैकमेल, दो नाबालिग हिरासत में The post इंटरमीडिएट और स्नातक ट्रेंड सहायक आचार्य परीक्षा के 16,113 आवेदन रद्द, 22 जून को एग्जाम appeared first on Naya Vichar.

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इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदते समय सिर्फ फीचर्स पर मत जाएं, ये 5 छिपी हुई सच्चाइयां पहले जरूर जान लें

हिंदुस्तान में इलेक्ट्रिक स्कूटर का मार्केट 2026 तक काफी तेजी से बढ़ चुका है. कीमतें भी काफी फैल चुकी हैं. लगभग 80,000 रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये से भी ऊपर तक जाती हैं. देखने में इतने सारे ऑप्शन अच्छे लगते हैं, लेकिन इसी वजह से बैटरी क्वालिटी, असली रेंज और सर्विस का फर्क भी काफी बड़ा हो जाता है. ये सारी ऐसी चीजें हैं जो लोग खरीदते वक्त अक्सर इग्नोर कर देते हैं. अगर आप इस साल इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने का सोच रहे हैं, तो कुछ ऐसी बातें हैं जो बाद में आपको चौंका सकती हैं. आइए जानते हैं उन बातों को. ब्रोशर में जो रेंज दी जाती है, असल में उतनी रेंज नहीं मिलती हिंदुस्तान में जो भी इलेक्ट्रिक स्कूटर मिलता है, उसकी रेंज आमतौर पर ARAI के IDC टेस्ट से तय होती है. लेकिन ये टेस्ट असल रोड कंडीशन जैसा बिल्कुल नहीं होता. इसमें स्कूटर को लैब में कम स्पीड, बिना ट्रैफिक, बिना पिलियन और बिल्कुल सही मौसम में चलाया जाता है. असल जिंदगी में जब आप उसे गर्मी, ट्रैफिक और कभी-कभी पीछे बैठी सवारी के साथ चलाते हैं, तो रेंज काफी कम हो जाती है. मतलब अगर स्कूटर 120 km की रेंज बताता है, तो रोजमर्रा में आपको करीब 75 से 90 km ही मिलती है. बैटरी वारंटी की शर्तें सभी में समान नहीं होतीं अक्सर लोग ‘3 साल की बैटरी वारंटी’ सुनकर समझ लेते हैं कि अब सब कवर हो गया, लेकिन असल में कहानी थोड़ी अलग होती है. ज्यादातर कंपनियां सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट होने पर ही बैटरी कवर करती हैं. यानी अगर बैटरी जल्दी कमजोर हो जाए लेकिन पूरी तरह खराब न हो, तो आपको क्लेम नहीं मिलता. कुछ ब्रांड्स एक कैपेसिटी लिमिट रखते हैं, जैसे 70% बैटरी हेल्थ. लेकिन अगर आपकी बैटरी 2 साल में 70% से नीचे, मान लीजिए 68% पर आ जाए, तो भी टेक्निकल वजहों से क्लेम रिजेक्ट हो सकता है. इसलिए कार खरीदने से पहले सिर्फ वारंटी का नाम मत देखिए, बल्कि बैटरी वारंटी डॉक्यूमेंट जरूर मांगिए. उसे ध्यान से पढ़िए कि किन हालात में आपको कवर मिलेगा और किन में नहीं. यह भी पढ़ें: सिर्फ बैटरी बदलिए और निकल पड़िए, ये हैं हिंदुस्तान की 5 सबसे शानदार स्वैपेबल बैटरी इलेक्ट्रिक स्कूटर आपका घर रातभर चार्जिंग के लिए शयद तैयार न हो ये बात बहुत सारे लोगों को खरीदने के बाद समझ आती है. ज्यादातर इलेक्ट्रिक स्कूटर के साथ एक पोर्टेबल चार्जर मिलता है जो 15-amp वाले नॉर्मल सॉकेट में चलता है. लेकिन असली सवाल ये है कि आपका घर इसे रोजाना आराम से संभाल पाएगा या नहीं. ये पूरी तरह आपके घर की वायरिंग की लाइफ, बिजली विभाग से मिले लोड और आपकी सोसाइटी के नियमों पर डिपेंड करता है. खासकर टियर-2 शहरों की पुरानी अपार्टमेंट बिल्डिंग्स में अक्सर पुरानी वायरिंग या शेयर मीटरिंग होती है, जो रात भर एक्स्ट्रा लोड के लिए बनी ही नहीं होती. कई स्कूटर चार्जर को सही अर्थिंग वाले सॉकेट की भी जरूरत होती है. अगर अर्थिंग सही नहीं है तो MCB ट्रिप हो सकता है या चार्जिंग बीच-बीच में रुक-रुक कर एरर देने लगती है. इसलिए स्कूटर खरीदने से पहले अपनी सोसाइटी से जरूर पूछ लें कि EV चार्जिंग की परमिशन है या नहीं. साथ ही ये भी कन्फर्म कर लें कि आपके घर में कौन सा सॉकेट चार्जर के लिए सही रहेगा. आपके इलाके में कितने सर्विस सेंटर मौजूद हैं, यह जरूर चेक करें इलेक्ट्रिक स्कूटर के सर्विस सेंटर अभी भी ज्यादातर बड़े शहरों (metros) और कुछ चुनिंदा शहरों तक ही सीमित हैं. अगर आप टियर-2 या टियर-3 शहर में रहते हैं, तो जरा ब्रांड की वेबसाइट खोलकर देखिए कि आपके घर के आसपास कितने सर्विस पॉइंट्स सच में मौजूद हैं. कई बार दूरी इतनी ज्यादा निकल आती है कि छोटी समस्या के लिए भी काफी परेशानी हो जाती है. अगर कंपनी बंद हो जाए तो कनेक्टेड फीचर्स बंद हो सकते हैं आज 2026 में लगभग हर इलेक्ट्रिक स्कूटर में स्मार्टफोन कनेक्टिविटी मिलती है. जैसे ऐप से लॉक/अनलॉक करना, GPS ट्रैकिंग, रिमोट डायग्नोस्टिक्स और राइड डेटा देखना. लेकिन ये सारी सुविधाएं सिर्फ तब तक काम करती हैं जब तक कंपनी अपने सर्वर चालू रखे और समय-समय पर सॉफ्टवेयर अपडेट देती रहे. 2021 से 2023 के बीच लॉन्च हुई कई EV स्टार्टअप कंपनियां बाद में बंद हो गईं या उन्होंने अपने ऐप अपडेट करना छोड़ दिया. नतीजा ये हुआ कि कई ग्राहकों के स्कूटर में कनेक्टेड फीचर्स काम करना बंद हो गए. सॉफ्टवेयर की दिक्कतें भी ठीक नहीं हो पाईं. इसलिए स्कूटर खरीदने से पहले ये जरूर देखना चाहिए कि ब्रांड कितने समय से बाजार में है, उनके ऐप का आखिरी अपडेट कब आया था और अगर मॉडल बंद हो जाए तो कंपनी सर्विस और सपोर्ट कितनी देर तक देगी. यह भी पढ़ें: ग्रॉसरी से लेकर रोजमर्रा के सामान तक, ये 5 इलेक्ट्रिक स्कूटर्स आते हैं बड़ी डिग्गी के साथ The post इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदते समय सिर्फ फीचर्स पर मत जाएं, ये 5 छिपी हुई सच्चाइयां पहले जरूर जान लें appeared first on Naya Vichar.

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