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CUET UG की आंसर की जारी, यहां डायरेक्ट लिंक से करें चेक

CUET UG Answer Key 2026 जारी हो गई है. सेंट्रल यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स के लिए यह बहुत जरूरी अपडेट है. इस परीक्षा में शामिल होने वाले सभी कैंडिडेट्स अब अपनी आंसर की आसानी से ऑनलाइन चेक कर सकते हैं. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने इसे अपनी ऑफिशियल वेबसाइट cuet.nta.nic.in पर जारी किया है. स्टूडेंट्स अपने सेट के अनुसार आंसर की डाउनलोड करके अपने जवाबों का मिलान कर सकते हैं और यह अंदाजा लगा सकते हैं कि उनके कितने मार्क्स बन सकते हैं. इस बार CUET UG परीक्षा का आयोजन 11 मई से 31 मई 2026 के बीच किया गया था. इसके बाद कुछ री शेड्यूल्ड एग्जाम 06 और 07 जून 2026 को भी हुए. एडमिट कार्ड 02 जून 2026 को जारी किया गया था और अब 09 जून 2026 को आंसर की भी जारी कर दी गई है. अब सभी स्टूडेंट्स रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं जो जल्द ही NTA की तरफ से घोषित किया जाएगा. CUET UG Answer Key 2026 ऐसे करें चेक सबसे पहले आपको NTA CUET की ऑफिशियल वेबसाइट cuet.nta.nic.in पर जाना होगा. वेबसाइट के होमपेज पर आपको CUET UG Answer Key 2026 का लिंक दिखाई देगा. उस लिंक पर क्लिक करने के बाद आपको अपना एप्लीकेशन नंबर और जन्मतिथि डालनी होगी. इसके बाद आपकी लॉगिन डिटेल्स ओपन हो जाएंगी और आपकी आंसर की स्क्रीन पर दिख जाएगी. अब आप अपने प्रश्न पत्र के सेट के अनुसार उत्तरों का मिलान कर सकते हैं. चाहें तो आप इसे डाउनलोड करके भविष्य के लिए सेव भी कर सकते हैं. CUET UG Answer Key 2026 यहां डायरेक्ट लिंक से चेक करें. CUET UG 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया 03 जनवरी 2026 से शुरू की गई थी और इच्छुक उम्मीदवार इस परीक्षा के लिए 04 फरवरी 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते थे. आवेदन करने के बाद उम्मीदवारों को 07 फरवरी 2026 तक ऑनलाइन फीस जमा करने का मौका दिया गया था. The post CUET UG की आंसर की जारी, यहां डायरेक्ट लिंक से करें चेक appeared first on Naya Vichar.

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निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवानी के नामांकन में तकनीकी गड़बड़ी, होल्ड पर रखा गया

रांची से आनंद मोहन की रिपोर्ट Rajya Sabha Election: झारखंड से राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव के बीच निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवानी के नामांकन पत्र में तकनीकी गड़बड़ी सामने आई है. इसके बाद उनकी उम्मीदवारी को फिलहाल होल्ड पर रखा गया है. मामले को केंद्रीय चुनाव आयोग के पास भेज दिया गया है, जहां से प्राप्त दिशा-निर्देश के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. कांग्रेस ने जताई आपत्ति परिमल नथवानी के नामांकन पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है. नामांकन को होल्ड किए जाने के बाद परिमल नथवानी अपने वकील के साथ विधानसभा पहुंचे. भाजपा के विधायक भी विधानसभा पहुंचे हैं. आठ जून को दाखिल किया था नामांकन परिमल नथवानी ने सोमवार, आठ जून 2026 को राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था. उन्हें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के करीब 20 विधायकों का समर्थन प्राप्त है. नामांकन के दौरान उनके समर्थक विधायक भी मौजूद रहे. गौरव बल्लभ के नाम की चर्चा के बीच मिला समर्थन राज्यसभा चुनाव के लिए एनडीए की ओर से पहले गौरव बल्लभ को उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा चल रही थी. हालांकि, बाद में परिमल नथवानी के मैदान में आने के बाद गठबंधन के विधायकों ने उनके पक्ष में समर्थन जताया. इसके बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया. बैद्यनाथ राम और प्रणव झा ने भी किया नामांकन राज्यसभा चुनाव के लिए अन्य प्रत्याशियों ने भी सोमवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की ओर से बैद्यनाथ राम तथा कांग्रेस की ओर से प्रणव झा ने उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन प्रस्तुत किया. तीनों प्रत्याशियों ने दो-दो सेटों में अपने नामांकन पत्र जमा किए. केंद्रीय चुनाव आयोग से मांगा गया मार्गदर्शन परिमल नथवानी के नामांकन पत्र में पाई गई तकनीकी त्रुटि को देखते हुए मामले को केंद्रीय चुनाव आयोग के पास भेजा गया है. चुनाव अधिकारियों की ओर से आयोग के निर्देश मिलने के बाद ही उनकी उम्मीदवारी को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा. फिलहाल नामांकन को लंबित रखा गया है. इसे भी पढ़ें: राज्यसभा चुनाव: बीजेपी के लोग ‘नोटों से भरी थैली’ लेकर पहुंच रहे हैं विधायकों के पास, कांग्रेस का आरोप आठ जून थी नामांकन की अंतिम तिथि राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि आठ जून 2026 निर्धारित की गई थी. राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव के तहत 18 जून 2026 को मतदान कराया जाएगा. इसके बाद मतगणना की प्रक्रिया पूरी कर विजयी उम्मीदवारों की घोषणा की जाएगी. इसे भी पढ़ें: सुदेश महतो ने नामधारी से मिलने के लिए घुमाया काफिला, पुराने दिनों को याद कर भावुक हुए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष The post निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवानी के नामांकन में तकनीकी गड़बड़ी, होल्ड पर रखा गया appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल पर चढ़ने लगा भगवा रंग, सचिवालय ‘नबान्न’ की बदल रही तस्वीर

खास बातें पूरी तरह बदल जायेगा Nabanna भवन का रंग West Bengal Secretariat Nabanna Colour Change: नबान्न सभागार की रंगाई शुरू डेढ़ दशक तक नीले-सफेद रंग में रंगा था सचिवालय सिर्फ सौंदर्यीकरण का प्रतीक नहीं है सचिवालय का नया रंग कोलकाता से शिव कुमार राउत की रिपोर्ट West Bengal Secretariat Nabanna Colour Change: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अब प्रशासनिक गलियारों में भी बदलाव दिखाई देने लगा है. वर्षों तक नीले-सफेद रंग में रंगा सचिवालय ‘नबान्न’ अब भगवा और सफेद रंग में रंगने लगा है. मंगलवार को शुभ मुहूर्त में नबान्न परिसर में भगवा रंग की पहली परत चढ़ायी गयी. इसे प्रशासन के बदलते नेतृत्वक और प्रशासनिक दृष्टिकोण का प्रतीक माना जा रहा है. पूरी तरह बदल जायेगा Nabanna भवन का रंग पश्चिम बंगाल में नयी प्रशासन के गठन के बाद प्रशासनिक कार्यशैली के साथ-साथ सचिवालय की तस्वीर भी बदलने लगी है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में प्रशासन तेजी से फैसले ले रही है और केंद्र के साथ समन्वय स्थापित कर रही है, तो नबान्न भवन का रंग-रूप भी बदलने लगा है. West Bengal Secretariat Nabanna Colour Change: नबान्न सभागार की रंगाई शुरू पूरे सचिवालय भवन को भगवा रंग में रंगने के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से औपचारिक निविदा अभी जारी नहीं की गयी है, लेकिन नबान्न सभागार को भगवा और सफेद रंग से रंगने का काम तेजी से चल रहा है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें डेढ़ दशक तक नीले-सफेद रंग में रंगा था सचिवालय डेढ़ दशक तक ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस प्रशासन के दौरान नबान्न सहित अन्य प्रशासनी इमारतों और सार्वजनिक स्थलों को नीले और सफेद रंग में रंगा गया था. माना जाता था कि यह रंग तत्कालीन मुख्यमंत्री की पहचान बन चुकी नीली पाढ़ वाली सफेद साड़ी से प्रेरित था. ममता बनर्जी के शासनकाल में सड़क के डिवाइडर का भी नीले और सफेद रंग में रंगे थे. सिर्फ सौंदर्यीकरण का प्रतीक नहीं है सचिवालय का नया रंग विशेषज्ञों का एक वर्ग मानता है कि किसी प्रशासनिक भवन को नेतृत्वक रंगों से जोड़ने की बजाय उसे तटस्थ और गरिमामयी स्वरूप दिया जाना चाहिए, ताकि वह पेशेवर और निष्पक्ष सचिवालय की छवि पेश करे. नबान्न का रंग परिवर्तन केवल सौंदर्यीकरण का मामला नहीं, बल्कि सत्ता परिवर्तन के बाद बदलती नेतृत्वक संस्कृति और नयी प्रशासनिक सोच का भी प्रतीक माना जा रहा है. इसे भी पढ़ें नबान्न से लोक भवन तक हलचल, राज्यपाल से मिले शुभेंदु अधिकारी, मंत्रिमंडल विस्तार या घुसपैठियों पर एक्शन? हालोंग फॉरेस्ट बंगले का नया डिजाइन नबान्न को सौंपा गया छात्र समाज का ‘नबान्न अभियान’ आज, पुलिस ने नहीं दी अनुमति, सुरक्षा में तैनात रहेंगे 8000 जवान नौ अगस्त को फिर नबान्न अभियान, पुलिस सतर्क The post बंगाल पर चढ़ने लगा भगवा रंग, सचिवालय ‘नबान्न’ की बदल रही तस्वीर appeared first on Naya Vichar.

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IRCTC घोटाला केस में कोर्ट ने टाला फैसला, अब इस दिन होगी सुनवाई, लालू परिवार ने लोअर कोर्ट के आदेश को दी है चुनौती

IRCTC Scam Case: IRCTC होटल टेंडर और उससे जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मंगलवार को बड़ा फैसला आने की उम्मीद थी. दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट को लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने पर फैसला सुनाना था. हालांकि अदालत ने अपना आदेश 16 जुलाई तक के लिए टाल दिया. अब इस मामले पर सभी की नजरें अगली सुनवाई पर टिकी हैं. ED की चार्जशीट के बाद बढ़ी थी हलचल इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पहले ही चार्जशीट दाखिल कर रखी है. जांच एजेंसी का दावा है कि मामले में पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं. आरोप तय होने की स्थिति में लालू परिवार की कानूनी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. पिछली सुनवाई 6 मई को हुई थी. उस दिन भी फैसला सुरक्षित रख लिया गया था. हाईकोर्ट पहुंचा लालू परिवार जानकारी के अनुसार, लालू परिवार ने निचली अदालत के उस आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप तय किए गए थे. वहीं, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अदालत में इस याचिका का विरोध किया है. CBI का कहना है कि जांच के दौरान मिले दस्तावेज और साक्ष्य आरोपों को मजबूत करते हैं. क्या है पूरा IRCTC होटल टेंडर मामला? यह मामला उस दौर का है जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे. आरोप है कि रांची और पुरी स्थित IRCTC होटलों के टेंडर आवंटन में अनियमितताएं हुईं. जांच एजेंसियों का दावा है कि टेंडर प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया. कुछ प्राइवेट कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया. इसके बदले कथित तौर पर लाभार्थियों को आर्थिक फायदा मिला. इसी आधार पर CBI और ED ने जांच शुरू की थी. कोर्ट की टिप्पणी ने बढ़ाई थी मुश्किलें निचली अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि टेंडर प्रक्रिया में हुई कथित साजिश की जानकारी लालू यादव को थी. अदालत ने यह भी माना था कि इस मामले में उनके हस्तक्षेप और परिवार को लाभ पहुंचने के आरोपों की जांच जरूरी है. इसी आधार पर कोर्ट ने लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ मुकदमा चलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई थी. 16 आरोपी और कई कंपनियां जांच के घेरे में IRCTC होटल टेंडर मामले में कुल 16 व्यक्ति और कंपनियां आरोपी हैं. इनमें लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत कई कारोबारी और निजी कंपनियां शामिल हैं. मामला होटल टेंडर आवंटन में कथित अनियमितताओं और उससे जुड़े भ्रष्टाचार व मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से जुड़ा है. Also Read: खान सर को राहत, लेकिन रौशन आनंद को नहीं मिली जमानत, कोर्ट ने याचिका की खारिज The post IRCTC घोटाला केस में कोर्ट ने टाला फैसला, अब इस दिन होगी सुनवाई, लालू परिवार ने लोअर कोर्ट के आदेश को दी है चुनौती appeared first on Naya Vichar.

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दलित ईसाइयों को SC दर्जा देने की मांग तेज, BRS और YSRCP ने न्यायमूर्ति बालाकृष्णन आयोग के सामने रखा पक्ष

Dalit Christians SC Status Demand: दलित ईसाइयों को अनुसूचित जाति (एससी) का दर्जा देने की मांग एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है. इसी मुद्दे को लेकर हिंदुस्तान राष्ट्र समिति (बीआरएस) और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने न्यायमूर्ति के.जी. बालाकृष्णन आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखा है. बीआरएस प्रतिनिधिमंडल ने आयोग से की मुलाकात मंगलवार को नई दिल्ली में बीआरएस के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय जांच आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति के.जी. बालाकृष्णन से मुलाकात की. बैठक के दौरान पार्टी नेताओं ने दलित ईसाइयों को एससी श्रेणी में शामिल करने की मांग करते हुए एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा. प्रतिनिधिमंडल में राज्यसभा में पार्टी के उपनेता वद्दिराजू रविचंद्र, पूर्व मंत्री कोप्पुला ईश्वर, बीआरएस के महासचिव आर.एस. प्रवीण कुमार और पूर्व निगम अध्यक्ष राजीव सागर समेत कई नेता शामिल थे. ఢిల్లీలోని జాతీయ విచారణ కమిషన్ చైర్మన్ జస్టిస్ కె.జి. బాలకృష్ణన్‌తో బీఆర్ఎస్ పార్టీ ప్రతినిధుల బృందం సమావేశం ముగిసింది. దళిత క్రిస్టియన్‌లకు ఎస్సీ హోదా కల్పించాలనే ప్రధాన డిమాండ్‌పై ఈ సమావేశం జరిగింది. ఈ అంశానికి సంబంధించిన పూర్తి వివరాలతో కూడిన నివేదికను కమిషన్ చైర్మన్‌కు… pic.twitter.com/9IuLEIevOh — BRS Party (@BRSparty) June 9, 2026 इससे पहले वाईएसआरसीपी भी पहुंची थी आयोग के पास बीआरएस से पहले वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सांसद मद्दिला गुरुमूर्ति भी पार्टी प्रतिनिधियों के साथ आयोग की अध्यक्षता कर रहे न्यायमूर्ति बालाकृष्णन से मिले थे. उन्होंने संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 के तहत अनुसूचित जाति मूल के ईसाइयों को शामिल करने की मांग वाला विस्तृत ज्ञापन आयोग को सौंपा था. अपने पत्र में गुरुमूर्ति ने लिखा, ‘मैं समानता, धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय और वास्तविक भेदभाव-रहित व्यवस्था जैसे संवैधानिक सिद्धांतों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से अनुसूचित जाति मूल के ईसाइयों को संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 के दायरे में शामिल करने का आग्रह करता हूं.’ आंध्र प्रदेश विधानसभा के प्रस्ताव का भी दिया हवाला गुरुमूर्ति ने अपने ज्ञापन में 24 मार्च 2023 को आंध्र प्रदेश विधानसभा द्वारा पारित सर्वसम्मत प्रस्ताव का भी उल्लेख किया. उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी और वाईएसआरसीपी प्रशासन ने माना था कि दलित ईसाई आज भी सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक रूप से पिछड़े हुए हैं. पत्र में कहा गया, ‘आंध्र प्रदेश विधानसभा ने 24 मार्च 2023 को सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया था कि दलित ईसाई उसी स्तर तक सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक रूप से वंचित हैं, जिस स्तर तक हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म मानने वाले अनुसूचित जाति समुदाय हैं. इसलिए उन्हें भी एससी सूची में शामिल किया जाना चाहिए.’ ये भी पढ़ें:- सुप्रीम कोर्ट ने कहा- सहमति से बने शारीरिक संबंध चरित्रहीनता का प्रमाण नहीं ये भी पढ़ें:- राज्यसभा चुनाव: बीजेपी के लोग ‘नोटों से भरी थैली’ लेकर पहुंच रहे हैं विधायकों के पास, कांग्रेस का आरोप धर्म परिवर्तन से खत्म नहीं होती सामाजिक चुनौतियां: गुरुमूर्ति गुरुमूर्ति ने आयोग के सामने यह तर्क भी रखा कि दलित ईसाइयों को एससी सूची से बाहर रखना धर्म आधारित वर्गीकरण के समान है. उन्होंने कहा कि धर्म परिवर्तन होने भर से जातिगत भेदभाव और सामाजिक पिछड़ापन समाप्त नहीं हो जाता. उन्होंने यह भी कहा कि समान सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों का सामना करने के बावजूद दलित ईसाइयों को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत मिलने वाले कानूनी संरक्षण का लाभ नहीं मिल पाता. संविधान के अनुच्छेद 341 का किया उल्लेख अपने ज्ञापन में सांसद ने संविधान के अनुच्छेद 341(2) का भी हवाला दिया. उन्होंने कहा कि यह प्रावधान संसद को किसी समुदाय को अनुसूचित जाति सूची में शामिल करने का अधिकार देता है. गुरुमूर्ति ने आयोग से आग्रह किया कि मौजूदा सामाजिक परिस्थितियों और संवैधानिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर सकारात्मक सिफारिश की जाए. The post दलित ईसाइयों को SC दर्जा देने की मांग तेज, BRS और YSRCP ने न्यायमूर्ति बालाकृष्णन आयोग के सामने रखा पक्ष appeared first on Naya Vichar.

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इंडिया में Redmi Turbo 5 को लेकर हुआ बड़ा बदलाव, चीन वाले वेरिएंट से होगी अलग बैटरी

Redmi Turbo 5 को इस साल जनवरी में चीन में लॉन्च किया गया था. अब यह फोन इंडियन मार्केट में आने को तैयार है. ऑफिशियल लॉन्च से पहले ही Redmi और Amazon ने इसके कुछ खास फीचर्स टीज करना शुरू कर दिया है. लेटेस्ट टीजर से पता चला है कि हिंदुस्तान में आने वाला वेरिएंट चीन वाले मॉडल की तुलना में थोड़ी छोटी बैटरी के साथ आएगा. लॉन्च की बात करें तो Redmi Turbo 5 को 16 जून को हिंदुस्तान में पेश किया जाएगा. इसे आप Amazon India और Mi.com से खरीद पाएंगे. Redmi Turbo 5: बैटरी  Amazon की माइक्रोसाइट से यह साफ हो गया है कि Redmi Turbo 5 में एक बड़ी 7,540mAh की बैटरी दी जाएगी. दिलचस्प बात यह है कि इसका चीन वाला वर्जन 7,560mAh बैटरी के साथ आता है. यानी इसमें थोड़ी सी कमी की गई है. लेकिन चार्जिंग में कोई कमी नहीं रखी गई है. यह फोन 100W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आएगा, बिल्कुल इसके चाइनीज मॉडल की तरह. Redmi turbo 5 battery (photo: redmi india) Redmi Turbo 5: कैमरा कैमरे की बात करें तो इसमें डुअल रियर कैमरा सेटअप मिलेगा. इसमें 50MP का मेन कैमरा और 8MP का अल्ट्रा-वाइड लेंस शामिल है. वहीं सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 20MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है. Redmi Turbo 5: डिस्प्ले और परफॉरमेंस Redmi Turbo 5 के डिस्प्ले साइज को लेकर अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है. लेकिन इतना कन्फर्म है कि इसमें 1.5K रेजोल्यूशन वाला शानदार डिस्प्ले मिलेगा, जो 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आएगा. परफॉर्मेंस की बात करें तो इसमें MediaTek Dimensity 8500 Ultra चिपसेट दिया जाएगा. साथ ही 12GB तक LPDDR5x Ultra RAM का सपोर्ट मिलेगा. खास बात ये है कि इसमें 12GB तक वर्चुअल RAM का ऑप्शन भी होगा. Redmi Turbo 5: कीमत Redmi Turbo 5 को चीन में जनवरी महीने में लॉन्च किया गया था. इसकी शुरुआती कीमत करीब 2,299 युआन रखी गई थी, जो हिंदुस्तानीय रुपये में लगभग 30,000 रुपये के आसपास बैठती है. यह फोन 12GB RAM और 256GB स्टोरेज वाले बेस वेरिएंट के साथ आता है. हालांकि अभी तक कंपनी ने यह साफ नहीं किया है कि इसे हिंदुस्तान में किस कीमत पर लॉन्च किया जाएगा. यह भी पढ़ें: 5200mAh बैटरी के साथ लॉन्च Infinix Smart 20 4G, जानें 12,499 रुपये वाले फोन में और क्या खास The post इंडिया में Redmi Turbo 5 को लेकर हुआ बड़ा बदलाव, चीन वाले वेरिएंट से होगी अलग बैटरी appeared first on Naya Vichar.

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आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे से बाहर हुए मोहम्मद सिराज, इस खिलाड़ी की हुई टीम एंट्री

Mohammed Siraj: आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज से पहले हिंदुस्तानीय टीम को बड़ा झटका लगा है. टीम के स्टार गेंदबाज मोहम्मद सिराज दोनों सीरीज से बाहर हो गए हैं. आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए सिराज को टीम में शामिल किया गया था. अब उनके बाहर होने के बाद प्रसिद्ध कृष्णा को टीम में शामिल किया गया है. मोहम्मद सिराज को वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत आराम करने की सलाह दी गई है. बीसीसीआई की मैनेजमेंट ने यह फैसला एक लंबे इंटरनेशनल शेड्यूल की वजह से लिया है. आयरलैंड और इंग्लैंड के बाद हिंदुस्तानीय टीम को एशियन गेम्स में हिस्सा लेना है. उसके लिए सभी खिलाड़ियों का फिट होना ज्यादा जरूरी है. 🚨 News 🚨 Prasidh Krishna replaces Mohd. Siraj in #TeamIndia‘s T20I squads for Ireland & England. Siraj has been advised a period of rest as part of his workload management programme. More Details 🔽 | #IREvIND | #ENGvINDhttps://t.co/LNPOVVVHq5 — BCCI (@BCCI) June 9, 2026 अफगानिस्तान टेस्ट के बाद दिया गया आराम मोहम्मद सिराज वनडे विश्व कप 2026 और टी20 विश्व कप 2026 का हिस्सा रहे. वह अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट का भी हिस्सा थे, लेकिन अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में उन्हें आराम दिया गया है. बीसीसीआई सिराज को आगामी वनडे और टेस्ट सीरीज के लिए पूरी तरह फिट रखना चाहती है और संभवत: इसीलिए उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड सीरीज से बाहर रखने का फैसला लिया है. सिराज 17 टी20 मैचों में 17 विकेट ले चुके हैं. हिंदुस्तानीय टी20 टीम के लिए प्रसिद्ध कृष्णा का प्रदर्शन प्रसिद्ध कृष्णा हिंदुस्तानीय टीम के लिए 5 टी20 मैचों में 8 विकेट ले चुके हैं. आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटंस (जीटी) के लिए स्पोर्ट्सते हुए उनका प्रदर्शन शानदार रहा था और 12 मैचों में उन्होंने 16 विकेट लिए थे. आयरलैंड में 2 जबकि इंग्लैंड में 5 टी20 मैच स्पोर्ट्से जाने हैं. आयरलैंड और इंग्लैंड टी20 सीरीज के लिए हिंदुस्तान की अपडेटेड टीम श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, तिलक वर्मा (उपकप्तान), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, वैभव सूर्यवंशी, प्रसिद्ध कृष्णा. यह भी पढ़ें: IPL 2027 से पहले टीम इंडिया का मेगा शेड्यूल, 9 देशों के खिलाफ स्पोर्ट्सेगी 51 मैच The post आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे से बाहर हुए मोहम्मद सिराज, इस खिलाड़ी की हुई टीम एंट्री appeared first on Naya Vichar.

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बिहार के हजारों किसानों की खुली किस्मत, फिर से चालू हो सकती है यह चीनी मिल, 43 करोड़ बकाया पर कैबिनेट की मुहर

Bihar Sugar Mill: गोपालगंज के सासामूसा चीनी मिल से जुड़े करीब 14 हजार गन्ना किसानों के लिए लंबे इंतजार के बाद राहत भरी समाचार आई है. कैबिनेट ने किसानों के वर्षों से लंबित ईख मूल्य भुगतान के लिए 42.99 करोड़ रुपये मंजूर कर दिए हैं. इस फैसले के बाद किसानों को उनका बकाया मिलने का रास्ता साफ हो गया है. प्रशासन का मानना है कि यह कदम केवल किसानों के भुगतान तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे बंद पड़ी सासामूसा चीनी मिल के पुनरुद्धार और क्षेत्र में बड़े औद्योगिक निवेश की संभावनाएं भी मजबूत होंगी. कैबिनेट की मंजूरी से खुला विकास का नया रास्ता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई. प्रशासन का दावा है कि किसानों के बकाये का भुगतान होने से गन्ना उत्पादन को नया प्रोत्साहन मिलेगा और किसान एक बार फिर बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती की ओर लौटेंगे. विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ने से मिल के दोबारा संचालन की संभावना मजबूत होगी, जिसका सीधा लाभ स्थानीय वित्तीय स्थिति को मिलेगा. गन्ना मंत्री संजय कुमार बोले- किसानों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य प्रशासन किसानों के हितों को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू करना और नई मिलों की स्थापना प्रशासन के प्रमुख लक्ष्यों में शामिल है. मंत्री ने कहा कि सासामूसा चीनी मिल के किसानों का बकाया भुगतान प्रशासन की प्राथमिकता सूची में था. अब कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही किसानों के खातों में राशि भेजी जाएगी. सिर्फ भुगतान नहीं, रोजगार और निवेश का भी बड़ा अवसर प्रशासनी सूत्रों के मुताबिक सासामूसा चीनी मिल के पुनः संचालन से क्षेत्र में 500 करोड़ रुपये से अधिक के संभावित निवेश का मार्ग प्रशस्त हो सकता है. मिल शुरू होने पर स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी. इसके अलावा चीनी उत्पादन के साथ इथेनॉल और बिजली उत्पादन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी, जिससे राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति मिल सकती है. रीगा मॉडल से मिली प्रेरणा प्रशासन इससे पहले सीतामढ़ी की रीगा चीनी मिल के किसानों के बकाये के लिए 51.31 करोड़ रुपये की मंजूरी दे चुकी है. एनसीएलटी प्रक्रिया पूरी होने के बाद रीगा मिल के संचालन का रास्ता खुला और किसानों को उनका बकाया भुगतान भी मिला. अब प्रशासन को उम्मीद है कि रीगा की तरह सासामूसा चीनी मिल का मामला भी सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगा और किसानों के साथ-साथ पूरे क्षेत्र को इसका लाभ मिलेगा. किसानों में बढ़ी उम्मीद कैबिनेट के इस फैसले ने हजारों गन्ना किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है. वर्षों से बकाया भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे किसानों को अब अपने हक की राशि मिलने की उम्मीद जगी है. साथ ही, बंद पड़ी चीनी मिल के फिर से शुरू होने की संभावना ने गोपालगंज और आसपास के इलाकों में विकास और रोजगार की नई उम्मीद पैदा कर दी है. Also Read: खान सर को राहत, लेकिन रौशन आनंद को नहीं मिली जमानत, कोर्ट ने याचिका की खारिज The post बिहार के हजारों किसानों की खुली किस्मत, फिर से चालू हो सकती है यह चीनी मिल, 43 करोड़ बकाया पर कैबिनेट की मुहर appeared first on Naya Vichar.

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भारत के दोस्त रूस ने पाकिस्तान के साथ किए दो बड़े समझौते, SCO में बनी सहमति; मिलकर करेंगे कार्रवाई

Pakistan Russia Agreements: शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की महत्वपूर्ण बैठक के बीच पाकिस्तान और रूस ने सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में दो अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं. दोनों देशों ने अवैध प्रवासन पर रोक लगाने और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई बढ़ाने पर सहमति जताई है. इसके साथ ही अफगानिस्तान की सुरक्षा स्थिति और क्षेत्रीय आतंकवाद पर भी चर्चा हुई. पाकिस्तान के गृह मंत्रालय के अनुसार, यह समझौते किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी और रूस के गृह मंत्री व्लादिमीर कोलोकोल्त्सेव के बीच हुई बैठक के दौरान किए गए. मोहसिन नकवी एससीओ सदस्य देशों के गृह और सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रियों की विशेष बैठक में हिस्सा लेने के लिए बिश्केक पहुंचे हुए हैं. पाकिस्तानी गृह मंत्रालय ने कहा, ‘पाकिस्तान और रूस ने अवैध प्रवासन की रोकथाम के लिए सहयोग बढ़ाने संबंधी एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं.’ बैठक में दोनों देशों ने इस बात पर भी सहमति जताई कि जो नागरिक किसी भी देश में अवैध रूप से रह रहे हैं, उनकी पहचान कर उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया में सहयोग बढ़ाया जाएगा. ड्रग्स और नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने पर फोकस रूस और पाकिस्तान के बीच दूसरा महत्वपूर्ण समझौता मादक पदार्थों और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सहयोग बढ़ाने से जुड़ा है. मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्षों ने ड्रग्स नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय तस्करी से निपटने के लिए सूचना साझा करने और संयुक्त प्रयासों को मजबूत बनाने पर सहमति जताई. पाकिस्तान इन दिनों अपनी डिप्लोमेसी को केवल एक देश तक सीमित नहीं रखना चाहता है. वह ईरान यु्द्ध में ‘अमेरिका का डाकिया’ बना हुआ है. चीन के साथ उसकी दोस्ती बहुत पहले से ही है. अब रूस के साथ भी वह अपने संबंधों को प्रगाढ़ कर रहा है.  🇷🇺🤝🇵🇰Russia & Pakistan sign security cooperation agreement The two countries have agreed to boost joint efforts against illegal migration & drug trafficking following talks between Ministers Kolokoltsev & Mohsin Naqvi in Bishkek Why it matters: 🔸 For Russia: Cuts off drug… — Sputnik (@SputnikInt) June 8, 2026 रूस और पाकिस्तान के बीच सुधर रहे संबंध रूस और पाकिस्तान के संबंधों की मिसाल इससे समझी जा सकती है कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान 24 फरवरी 2022 को मॉस्को पहुंचे, उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की और उसी दिन रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया. अब यह किस तरह का संकेत था. अभी तक विशेषज्ञ इसका आंकलन करते हैं; क्या यह पाकिस्तान को दी जाने वाली कम अहमियत थी, या फिर दुनिया को संदेश. हालांकि, अब दोनों देश इस घटना से काफी आगे बढ़ते दिख रहे हैं.  बीते दो सालों पाकिस्तान और रूस के बीच संबंध वाकई सुधरते दिख रहे हैं. पाकिस्तान, रूस से तेल खरीदने की भी डील करने की कोशिश कर रहा है. इतना ही नहीं जुलाई 2025 में दोनों देशों ने कराची स्थित पाकिस्तान स्टील मिल (PSM) को फिर से शुरू करने पर समझौता किया. मॉस्को स्थित पाकिस्तानी दूतावास में हुई इस डील में स्टील मिल को 2027 तक शुरू करने की योजना है.  1973 में इस मिल को सोवियत रूस की सहायता से ही बनाया गया था.  पुतिन ने भी की पाकिस्तान की सराहना बीते दिनों रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी पाकिस्तान की बड़ाई की थी. दरअसल उनसे सवाल किया गया कि रूस के पाकिस्तान और चीन से अच्छे संबंध हैं, तो इससे हिंदुस्तान के संबंधों पर कोई असर होगा? इस पर पुतिन ने कहा कि उन्हें हिंदुस्तान-पाकिस्तान के बीच सीमा विवाद की समाचार है. लेकिन रूस को यह नहीं लगता कि पाकिस्तान के ऊपर चीन का कोई कंट्रोल है. पाकिस्तान एक बड़ा देश है और उसके कई देशों के साथ मल्टी डाइमेंशनल रिलेशन हैं.  अफगानिस्तान को सैन्य सहायता देगा रूस हालांकि, एक ओर जहां पाकिस्तान से संबंध ठीक हो रहे हैं. दूसरी ओर रूस और अफगानिस्तान की तालिबान प्रशासन के बीच भी संबंध सुधर रहे हैं. यह वही अफगानिस्तान है, जिसके पूर्ववर्ती लड़ाके- मुजाहिद्दीन के खिलाफ सोवियत रूस जंग लड़ चुका है. लेकिन कहा जाता है कि जियो पॉलिटिक्स में न तो परमानेंट दोस्त हैं और न दुश्मन. वैसे अब न सोवियत है और न मुजाहिद्दीन.  तो अब रूस और अफगान तालिबान ने मई 2026 में मॉस्को में एक महत्वपूर्ण सैन्य-तकनीकी सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए. इस समझौते के तहत रूस ने अफगानिस्तान को हथियार और उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम उपलब्ध कराने पर सहमति जताई है. साथ ही, अफगान सेना को सैन्य प्रशिक्षण देने में भी सहयोग करेगा. यह समझौता दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. एक ओर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा तनाव चरम पर है, दूसरी ओर रूस उसे सहयोग दे रहा है.  ये भी पढ़ें:- दिन में अदालत, रात में ‘चांदनी बार’, पाकिस्तान के रावलपिंडी कोर्ट परिसर में ‘मुजरा’ का वीडियो वायरल; FIR दर्ज ये भी पढ़ें:- बांग्लादेश की बल्ले-बल्ले, रूस देगा उसका साथ; AI, रोजगार और व्यपार से लेकर BRICS में एंट्री तक मिलेगा सहयोग  मध्य एशियाई देशों के मंत्रियों से भी मिले मोहसिन नकवी रूसी प्रतिनिधिमंडल के अलावा मोहसिन नकवी ने ताजिकिस्तान, उजबेकिस्तान, किर्गिस्तान और कजाकिस्तान के गृह मंत्रियों के साथ भी अलग-अलग बैठकें कीं. इन बैठकों में क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद और सीमा पार अपराधों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई. एससीओ मंच पर बढ़ा सुरक्षा सहयोग बिश्केक में हुई बैठकों से यह संकेत मिला है कि एससीओ सदस्य देश क्षेत्रीय सुरक्षा, अवैध प्रवासन, आतंकवाद और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे मुद्दों पर आपसी सहयोग बढ़ाने के पक्ष में हैं. पाकिस्तान और रूस के बीच हुए नए समझौते भी इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं. 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मस्क की SpaceX में भारतीय कैसे लगाएं पैसा? समझें कमाई और रिस्क का पूरा खेल!

SpaceX IPO: एलन मस्क की कंपनी SpaceX का IPO आने वाला है और इसे लेकर हिंदुस्तानीय इन्वेस्टर्स में काफी क्रेज है. यह IPO 12 जून को अमेरिकी शेयर बाजार NASDAQ पर लिस्ट हो सकता है. कंपनी की वैल्यूएशन करीब 1.75 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 145 लाख करोड़ रुपये) आंकी गई है. अगर आप भी इस मेगा आईपीओ में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए कुछ जरूरी बातें जानना बेहद जरूरी है.  क्या हिंदुस्तान से SpaceX IPO में पैसा लगा सकते हैं? हां, आप हिंदुस्तान में रहकर भी इस IPO में शामिल हो सकते हैं. हिंदुस्तानीय कानून के मुताबिक विदेशों में इंवेस्ट करने पर कोई पाबंदी नहीं है. लेकिन यह काम इतना आसान नहीं है. हिंदुस्तानीय रिटेल (आम) इन्वेस्टर सीधे इस IPO में अप्लाई नहीं कर सकते. इसके लिए आपके पास एक इंटरनेशनल ब्रोकरेज अकाउंट होना चाहिए. आप आरबीआई (RBI) की ‘लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम’ (LRS) के तहत साल में 2.5 लाख डॉलर (करीब 2 करोड़ रुपये) तक विदेश भेजकर इस अकाउंट को फंड कर सकते हैं. दूसरा तरीका GIFT City के प्लेटफॉर्म्स का है, लेकिन वहां के नियम आम इन्वेस्टर्स के लिए काफी पेचीदा हैं. सीधे शब्दों में कहें, तो अगर आपके पास पहले से विदेशी ब्रोकर अकाउंट है और वह ब्रोकर इस IPO का एक्सेस दे रहा है, तभी आप अप्लाई कर पाएंगे.  शेयर्स मिलने की कितनी उम्मीद है? SpaceX के शेयर्स मिलने यानी अलॉटमेंट की उम्मीद काफी कम है. अमेरिकी शेयर बाजारों में आईपीओ का बड़ा हिस्सा बड़े संस्थागत इन्वेस्टर्स (Institutions) को मिलता है. हालांकि, रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस IPO का करीब 30% हिस्सा (लगभग 22.5 बिलियन डॉलर) रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व रखा गया है.  इसके बावजूद, हिंदुस्तान जैसे इंटरनेशनल इन्वेस्टर्स को कड़े एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया, सीमित कोटा और स्थानीय नियमों की वजह से अलॉटमेंट मिलने की संभावना बहुत कम है.  अलॉटमेंट न मिले तो SpaceX में इंवेस्ट कैसे करें? अगर आपको IPO में शेयर्स नहीं मिलते हैं, तो निराश होने की जरूरत नहीं है. इसके लिए दो रास्ते और हैं: डायरेक्ट ट्रेडिंग: जब SpaceX के शेयर्स NASDAQ पर रेगुलर ट्रेडिंग के लिए लिस्ट हो जाएंगे, तब आप अपने इंटरनेशनल ब्रोकरेज अकाउंट से इन्हें सीधे खरीद सकते हैं.  म्यूचुअल फंड: लिस्टिंग के तुरंत बाद SpaceX को ‘Nasdaq 100 Index’ में शामिल किया जा सकता है. आप इस इंडेक्स को ट्रैक करने वाले हिंदुस्तानीय इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड के जरिए इंवेस्ट कर सकते हैं. हालांकि, अभी आरबीआई की लिमिट्स के कारण हिंदुस्तानीय फंड्स के पास इनवेस्टमेंट के सीमित ऑप्शन हैं.  इस IPO में पैसा लगाने के रिस्क क्या हैं? SpaceX का बिजनेस बहुत ज्यादा पूंजी (Capital) की मांग करता है. इस इनवेस्टमेंट से जुड़े बड़े रिस्क नीचे दिए गए हैं: भारी-भरकम वैल्यूएशन: कंपनी की 1.75 ट्रिलियन डॉलर की वैल्यूएशन उसकी मौजूदा सेल्स से 100 गुना ज्यादा है. यह पूरी तरह भविष्य की ग्रोथ के भरोसे है.  मुनाफे की कमी: कंपनी ने खुद कहा है कि उसे जल्द मुनाफे (Profit) की उम्मीद नहीं है.  इंडेक्स से दूरी: मुनाफे और अन्य कड़े नियमों को पूरा न करने के कारण SpaceX को फिलहाल ‘S&P 500 Index’ में जगह मिलने की संभावना नहीं है.  रॉयटर्स के अनुसार, हिंदुस्तान के अलावा अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, फ्रांस, यूके और यूएई समेत कुल 29 देशों के लोग इसमें इंवेस्ट कर सकते हैं, लेकिन हर देश के अपने नियम और पाबंदियां हैं. इसलिए, हाइप के बजाय सोच-समझकर फैसला लें.  ये भी पढ़ें: क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Zepto ला रहा है IPO, जुटाएगा ₹8,010 करोड़, जानिए पूरी डिटेल The post मस्क की SpaceX में हिंदुस्तानीय कैसे लगाएं पैसा? समझें कमाई और रिस्क का पूरा स्पोर्ट्स! appeared first on Naya Vichar.

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