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80 से ज्यादा एनकाउंटर, STF-ATS के संस्थापक सदस्य कौन हैं पूर्व IPS राजेश पांडेय, जो राम मंदिर ट्रस्ट के CEO की रेस में आगे?

Ayodhya Ram Mandir : अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के CEO पद को लेकर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो गई है. मंगलवार और बुधवार को उम्मीदवारों के इंटरव्यू हुए, जिसमें तीन लोगों का नाम शॉर्टलिस्ट किया गया है. इस पद के दावेदारों में उत्तर प्रदेश के पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय का नाम भी शामिल है. राजेश पांडेय का पुलिस करियर काफी चर्चित रहा है. उन्हें एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के तौर पर जाना जाता है. पुलिस सेवा के दौरान उन्होंने 80 से ज्यादा एनकाउंटर किए. वह यूपी पुलिस की खास यूनिट STF और ATS के संस्थापक सदस्य अधिकारियों में भी रहे हैं. 32 साल तक यूपी पुलिस में दी सेवा राजेश पांडेय उत्तर प्रदेश कैडर के 2003 बैच के IPS अधिकारी रहे हैं. वह प्रमोशन के जरिए IPS बने थे. इससे पहले वर्ष 1986 में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के जरिए उनका चयन PPS अधिकारी के रूप में हुआ था. 21 फरवरी 1989 को उन्हें यूपी पुलिस में DSP के पद पर तैनाती मिली. प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर जिम्मेदारी संभालने के बाद वर्ष 2003 में वह IPS बने. राजेश पांडेय बरेली रेंज के IG भी रहे. करीब 32 साल की पुलिस सेवा के बाद 30 जून 2021 को वह IG-इलेक्शन सेल के पद से रिटायर हुए. लखनऊ, अलीगढ़ और मेरठ में 80 से ज्यादा एनकाउंटर राजेश पांडेय की पहचान एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में रही है. लखनऊ, अलीगढ़ और मेरठ में SSP रहते हुए उन्होंने 80 से ज्यादा एनकाउंटर किए.वह उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) के संस्थापक सदस्य अधिकारियों में भी रहे. आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ अभियानों में उन्हें लंबा अनुभव रहा है. मोबाइल फोन के इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस में भी उन्हें विशेषज्ञता हासिल रही है. श्रीप्रकाश शुक्ला के खिलाफ अभियान रहा चर्चित राजेश पांडेय के पुलिस करियर में कुख्यात गैंगस्टर श्रीप्रकाश शुक्ला के खिलाफ चलाया गया अभियान खास तौर पर चर्चित रहा.श्रीप्रकाश शुक्ला पर बिहार के मंत्री बृज बिहारी प्रसाद और पूर्वी उत्तर प्रदेश के माफिया वीरेंद्र कुमार शाही समेत कई लोगों की हत्या में शामिल होने के आरोप थे. उस पर तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की हत्या की साजिश रचने का भी आरोप था.राजेश पांडेय ने यूपी में संगठित अपराध और आतंकवाद के खिलाफ कई अहम अभियानों में भूमिका निभाई. चार बार राष्ट्रपति के वीरता पदक से सम्मानित पुलिस सेवा के दौरान राजेश पांडेय को चार बार राष्ट्रपति के वीरता पदक से सम्मानित किया गया.वर्ष 2005 में उन्हें सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति का IPS पदक मिला. वर्ष 2008 में कोसोवो में शांति स्थापना मिशन के लिए संयुक्त राष्ट्र पदक से सम्मानित किया गया. वर्ष 2018 और 2020 में उन्हें यूपी DGP की सिल्वर कमेंडेशन डिस्क मिली. वर्ष 2021 में उन्हें यूपी DGP की प्लेटिनम डिस्क से सम्मानित किया गया. रिटायरमेंट के बाद UPEIDA से जुड़े रिटायरमेंट के बाद उत्तर प्रदेश प्रशासन ने राजेश पांडेय को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का नोडल सुरक्षा अधिकारी नियुक्त किया. वर्ष 2023 में उन्होंने पत्रकार और मीडिया-स्टडीज के प्रोफेसर राकेश गोस्वामी के साथ मिलकर अपनी पहली किताब ‘ऑपरेशन बाजूका’ लिखी. यूट्यूब पर सुनाते हैं पुलिस ऑपरेशन की कहानियां पुलिस सेवा से रिटायर होने के बाद राजेश पांडेय अपने अनुभवों को लोगों तक पहुंचा रहे हैं. वह यूट्यूब के जरिए पुलिस अभियानों और अपने अनुभवों से जुड़ी कहानियां भी साझा करते हैं. अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के CEO पद के उम्मीदवार के रूप में उनका नाम सामने आया है. ऐसे में उनके लंबे पुलिस करियर और प्रशासनिक अनुभव की भी चर्चा हो रही है. Must Read : यूपी के 14 बीघा प्रशासनी जमीन से हटाया गया अवैध कब्जा, अब यहां संवरेगा संभल के बेरोजगारों का भविष्य The post 80 से ज्यादा एनकाउंटर, STF-ATS के संस्थापक सदस्य कौन हैं पूर्व IPS राजेश पांडेय, जो राम मंदिर ट्रस्ट के CEO की रेस में आगे? appeared first on Naya Vichar.

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रविशंकर प्रसाद का राहुल गांधी पर हमला, कहा- LOP के अहंकार और मनमानी की भेंट चढ़ गया मानसून सत्र

रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी के विरोध-प्रदर्शन के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा, “राहुल गांधी अपनी बहन के साथ बिना किसी पूर्व अनुमति के प्रधानमंत्री आवास के गेट पर धरने पर बैठ गए. उनके पिता, दादी और परदादा देश के प्रधानमंत्री रह चुके हैं, ऐसे में उन्हें भली-भांति पता होना चाहिए कि प्रधानमंत्री आवास की क्या गरिमा और महत्व होता है.” क्या राहुल गांधी को शासन-प्रशासन की बुनियादी समझ नहीं है? : रविशंकर प्रसाद रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर हमला करते हुए आगे कहा, “NEET पर एक बड़ा कानून आया और सदन में सिर्फ उसी पर बहस हुई. राहुल गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. वे बार-बार कहते रहे कि पुलिस की कार्रवाई पर गृह मंत्री को जवाब देना चाहिए. क्या राहुल गांधी को शासन-प्रशासन की बुनियादी समझ नहीं है? क्या कभी गृह मंत्री के आदेश पर गोली चलाई जाती है? वहां पुलिस अधिकारी होते हैं; उनसे सलाह-मशविरा करने के बाद ही कार्रवाई की जाती है.” लोकतंत्र में भरोसा रखने वाले लोग कांग्रेस और विपक्ष को कभी माफ नहीं करेंगे : बीजेपी बीजेपी नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा, “कांग्रेस ने संसद के इतिहास पर एक काला धब्बा लगाया है. पूरा सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया. कांग्रेस और विपक्ष ने जिस तरह की हरकतें की हैं, उन्हें लोकतंत्र में भरोसा रखने वाले लोग कभी माफ नहीं करेंगे. कांग्रेस ने जिस तरह एक के बाद एक शर्तें रखीं और विपक्ष के नेता के तौर पर राहुल गांधी ने पूरे विपक्ष को गुमराह किया, उन्होंने संसद को काम नहीं करने दिया.” लोकसभा अनिश्चिकाल के लिए स्थगित लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चिकाल के लिए स्थगित कर दी गई. मॉनसून सत्र में निचले सदन में केवल 19 प्रतिशत ही काम हो पाए. वहीं इस बार एक भी दिन प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सके. अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर चर्चा और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे और नारेबाजी के कारण लोकसभा में लगातार गतिरोध बना रहा. इसे दूर करने के लिए विपक्ष एवं सत्ता पक्ष के बीच सहमति नहीं बन पाई. मानसून सत्र के दौरान केवल 28 और 29 जुलाई के दौरान सदन में सामान्य माहौल देखने को मिला जब लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ पर लगभग दस घंटे तक चर्चा हुई. ये भी पढ़ें: लोकसभा में हुआ 19% काम, लेकिन यह सबसे खराब प्रदर्शन नहीं; 2010 में सिर्फ 5% चली थी कार्यवाही The post रविशंकर प्रसाद का राहुल गांधी पर हमला, कहा- LOP के अहंकार और मनमानी की भेंट चढ़ गया मानसून सत्र appeared first on Naya Vichar.

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DU और JNU एडमिशन 2026 लेटेस्ट कटऑफ अपडेट, इन बातों का रखें ध्यान

DU JNU Admission 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी और जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में एडमिशन अब CUET स्कोर के आधार पर होता है. इससे देशभर के स्टूडेंट्स को बराबर मौका मिलता है. आइए जानते हैं इस यहां एडमिशन के लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है. JNU में कटऑफ जारी जेएनयू ने इस साल अगस्त महीने में अपनी पहली कटऑफ लिस्ट जारी कर दी है. यूजी कोर्सेज के लिए फर्स्ट मेरिट लिस्ट के साथ ही प्री-एनरोलमेंट रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है. जिन स्टूडेंट्स ने CUET में अच्छा स्कोर किया है, वे जेएनयू की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपना नाम मेरिट लिस्ट में चेक कर सकते हैं. फॉरेन लैंग्वेज कोर्सेज जैसे अरबी, फ्रेंच, कोरियन और स्पैनिश में हर साल कटऑफ को लेकर स्टूडेंट्स में खासा उत्साह रहता है. फिजिकल वेरिफिकेशन की तारीखें अहम सिर्फ मेरिट लिस्ट में नाम आना ही काफी नहीं है, एडमिशन पक्का करने के लिए फिजिकल डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन भी जरूरी है. यूजी और सर्टिफिकेट प्रोग्राम के स्टूडेंट्स के लिए वेरिफिकेशन प्रक्रिया अगस्त के तीसरे हफ्ते में तय की गई है. स्टूडेंट्स को सलाह दी जाती है कि वे अपने सभी ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स और फोटोकॉपी पहले से तैयार रखें ताकि आखिरी वक्त में कोई परेशानी न हो. ये भी पढ़ें: जंतर-मंतर से दूर रहें… JNU स्टूडेंट्स के लिए एडवाइजरी जारी DU में भी काउंसलिंग जारी दिल्ली यूनिवर्सिटी में भी CUET स्कोर के आधार पर ही एडमिशन प्रक्रिया चल रही है. कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) के जरिए स्टूडेंट्स अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स के लिए च्वॉइस भर सकते हैं. हर राउंड के बाद सीट एलॉटमेंट रिजल्ट जारी होता है, जिसके बाद स्टूडेंट्स को तय समय में फीस जमा करनी होती है, वरना सीट रद्द हो सकती है. DU CSAS Round 2 Counselling Details Check Here किन बातों का रखें ध्यान? एडमिशन के दौरान स्टूडेंट्स को सबसे ज्यादा गलती डॉक्यूमेंट को लेकर होती है. मार्कशीट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट, कैटेगरी सर्टिफिकेट और आधार कार्ड जैसे दस्तावेज समय पर तैयार रखना जरूरी है. फीस जमा करने की डेडलाइन मिस करना सबसे बड़ी गलती मानी जाती है, इससे सीट हाथ से निकल सकती है. काउंसलिंग में देरी न करें बहुत से स्टूडेंट्स कटऑफ कम होने के इंतजार में काउंसलिंग की डेट मिस कर देते हैं. एक्सपर्ट्स की सलाह है कि जो भी सीट मिल रही है उसे पहले लॉक कर लें, बाद में अपग्रेडेशन का ऑप्शन हमेशा खुला रहता है. इससे स्टूडेंट्स को एक बैकअप सीट मिल जाती है और साल बर्बाद होने का डर नहीं रहता. आगे क्या करें? जिन स्टूडेंट्स का नाम पहली कटऑफ लिस्ट में नहीं है, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है. दोनों यूनिवर्सिटी कई राउंड की काउंसलिंग कराती हैं और सीटें खाली रहने पर कटऑफ अगले राउंड में और नीचे जाती है. स्टूडेंट्स को नियमित रूप से ऑफिशियल वेबसाइट चेक करते रहना चाहिए ताकि कोई अपडेट मिस न हो. ये भी पढ़ें: BIHAR STET को लेकर आई खुशसमाचारी, इस दिन से शुरू होंगे ऑनलाइन आवेदन The post DU और JNU एडमिशन 2026 लेटेस्ट कटऑफ अपडेट, इन बातों का रखें ध्यान appeared first on Naya Vichar.

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सम्राट चौधरी का ऐलान, भरत तिवारी के परिवार के एक सदस्य को मिलेगी सरकारी नौकरी और आर्थिक मदद

Bharat Tiwari Encounter Case: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में गठित जांच आयोग ने अपनी अंतरिम (इंटरिम) रिपोर्ट सौंप दी है. रिपोर्ट सामने आने के बाद बिहार की सम्राट प्रशासन ने पीड़ित परिवार के हित में बड़ा फैसला लिया है. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने X पर लिखा, “न्यायिक जांच के अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर बिहार प्रशासन द्वारा दिवंगत भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता एवं एक परिजन को प्रशासनी नौकरी प्रदान की जाएगी.” क्या है मामला बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में 17 जून 2026 को भरत भूषण तिवारी की पुलिस कार्रवाई में मौत हुई थी. पुलिस का कहना था कि भरत ने पुलिस टीम पर अवैध हथियार से हमला किया. इसके बाद आत्मरक्षा में गोली चलाई गई. परिवार और कुछ ग्रामीणों ने इस कहानी पर सवाल उठाए और इसे कथित फर्जी एनकाउंटर बताया था. 24 जुलाई को भरत के परिजन से मिले थे सीएम सम्राट भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 24 जुलाई को उनके परिवार से मुलाकात की थी. इस दौरान मुख्यमंत्री ने परिजनों की बात सुनी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने का भरोसा दिया था. सीएम ने इस मुलाकात की जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर भी दी थी. उन्होंने कहा था कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है. परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रशासन की ओर से हर जरूरी कदम उठाया जाएगा. मुख्यमंत्री से भरत तिवारी की मां आशा देवी, बहन रूबी तिवारी और भाभी सुमन देवी ने मुलाकात की थी. परिजनों ने इस दौरान घटना के बाद अपनी परेशानी और मामले से जुड़े आरोप मुख्यमंत्री के सामने रखे. सम्राट चौधरी ने परिवार को भरोसा दिलाया था कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से होगी. उन्होंने यह भी कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. भरत तिवारी के परिजन के साथ सीएम सम्राट चौधरी बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें इस मामले में अब तक एक STF जवान को किया गया गिरफ्तार भरत तिवारी एनकाउंटर केस में अब तक पुलिस ने सिर्फ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. भोजपुर पुलिस ने इस कार्रवाई में शामिल STF जवान अक्षय कुमार को गिरफ्तार किया है. इस मामले में तत्कालीन SHO राजेश मालाकार पर भी कार्रवाई हुई है. उन्हें सस्पेंड किया जा चुका है. राजेश शर्मा को बाद में पटना में मद्य निषेध विभाग में डीएसपी की जिम्मेदारी दी गई थी. भरत तिवारी के परिवार की मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात के बाद उन्हें फिर से लाइन क्लोज कर दिया गया. इसके अलावा जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीएम संजीत कुमार पर भी प्रशासनिक कार्रवाई हुई. उन्हें पद से हटाकर पटना मुख्यालय से अटैच कर दिया गया. इस तरह मामले में अब तक एक गिरफ्तारी हुई है, जबकि पुलिस और प्रशासन के कई अधिकारियों पर अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई की जा चुकी है. इसे भी पढ़ें: गांव में रह गए मां-बाप, खेत और घर… रोजगार की तलाश में क्यों निकल रहे बिहार के युवा? 2030 में फिर बांकीपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं , प्रशांत किशोर को BJP की चुनौती The post सम्राट चौधरी का ऐलान, भरत तिवारी के परिवार के एक सदस्य को मिलेगी प्रशासनी नौकरी और आर्थिक मदद appeared first on Naya Vichar.

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स्टार्क बने सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले बाएं हाथ के गेंदबाज, बांग्लादेश के खिलाफ बनाया रिकॉर्ड

Mitchell Starc: डार्विन टेस्ट के पहले दिन क्रिकेट के हिस्ट्री में कई बड़े रिकॉर्ड बने. ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने टेस्ट क्रिकेट में नया मुकाम हासिल किया. बांग्लादेश के खिलाफ उन्होंने इस्लाम का विकेट लेकर टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए है. उन्होंने ये उपलब्धि मात्र 106वें टेस्ट मैच में हासिल की है. ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट के पहले दिन शादमान इस्लाम को आउट करते ही टेस्ट क्रिकेट में नया रिकॉर्ड बना दिया. स्टार्क के नाम अब टेस्ट क्रिकेट में 434 विकेट हो गए हैं. इसके साथ ही उन्होंने श्रीलंका के दिग्गज स्पिनर रंगना हेराथ को पीछे छोड़ दिया. हेराथ ने अपने टेस्ट करियर में 433 विकेट लिए थे. अब स्टार्क टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बाएं हाथ के गेंदबाज बन गए हैं. यह उपलब्धि उनके शानदार टेस्ट करियर में एक और बड़ी उपलब्धि है. ऑस्ट्रेलिया 198 रन पर ढेर टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत ठीक रही. ट्रेविस हेड और जेक वेदराल्ड ने पहले विकेट के लिए 45 रन जोड़े. हेड ने 22 और वेदराल्ड ने 23 रन बनाए. हालांकि, इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई पारी लड़खड़ा गई और टीम 74 रन तक अपने चार विकेट गंवा चुकी थी. स्टीव स्मिथ ने 109 गेंदों पर 71 रन की जुझारू पारी स्पोर्ट्सी. उनकी पारी में सात चौके और एक छक्का शामिल रहा, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं मिला. Also Read: श्रीलंका में सहवाग ने ऐसे उड़ाई थी अजंता मेंडिस की धज्जियां, जड़ा था नाबाद डबल सेंचुरी हसन महमूद ने बनाया रिकॉर्ड बांग्लादेश की घातक गेंदबाजी के सामने ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 198 रन पर ऑलआउट हो गई. यह बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया का सबसे कम स्कोर है. इससे पहले उसका न्यूनतम स्कोर 2017 में मीरपुर टेस्ट में 217 रन था. बांग्लादेश के तेज गेंदबाज हसन महमूद ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने करियर का यादगार प्रदर्शन किया. हसन ने 17 ओवर में कुल 6 विकेट चटकाए. हसन महमूद के टेस्ट करियर में अब तीन पांच विकेट हॉल हो चुके हैं. तस्कीन ने पूरे किए 300 अंतरराष्ट्रीय विकेट बांग्लादेश के एक और तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद ने भी पहले दिन बड़ी उपलब्धि हासिल की. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 300 विकेट पूरे कर लिए. तस्कीन ने 204 मैचों में यह उपलब्धि हासिल की है. उनके नाम 13 बार चार विकेट, तीन बार पांच विकेट और कुल 300 अंतरराष्ट्रीय विकेट दर्ज हैं. बांग्लादेश के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में तस्कीन अब छठे स्थान पर हैं. उनसे आगे शाकिब अल हसन (712), मशरफे मुर्तजा (389), मुस्ताफिजुर रहमान (384), मेहदी हसन मिराज (369) और ताइजुल इस्लाम (302) हैं. Also Read: पिता के निधन पर टूटे मेसी, इंस्टाग्राम पर लिखा भावुक संदेश, रोनाल्डो ने बढ़ाया हौसला The post स्टार्क बने सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले बाएं हाथ के गेंदबाज, बांग्लादेश के खिलाफ बनाया रिकॉर्ड appeared first on Naya Vichar.

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पंजाब के पूर्व डिप्टी CM सुखबीर सिंह बादल पर हमला, अस्पताल में भर्ती

पंजाब के पूर्व डिप्टी CM सुखबीर सिंह बादल पर महाराष्ट्र के नांदेड़ में गुरुद्वारे में हमला हुआ. उन्हें अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है. यह जानकारी न्यूज एजेंसी पीटीआई ने अधिकारियों के हवाले से दी है. जानकारी के अनुसार गुरुद्वारे के अंदर एक निहंग (सिख धर्म के योद्धा) ने उनपर हमला कर दिया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया. उनके हाथ में गंभीर चोटें आई हैं. निहंग ने कृपाण से किया हमला समाचार है कि गुरुद्वारा नांदेड़ साहिब में निहंग ने उन पर कृपाण से हमला किया. बादल बुधवार को अपने परिवार और करीबी लोगों के साथ नांदेड़ के तीन दिन के दौरे पर गुरुद्वारे पहुंचे थे. वह अपनी पत्नी हरसिमरत कौर बादल के साथ गुरुद्वारे के अंदर थे, उसी वक्त उनपर हमला हुआ. The post पंजाब के पूर्व डिप्टी CM सुखबीर सिंह बादल पर हमला, अस्पताल में भर्ती appeared first on Naya Vichar.

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प्रदर्शन, नारेबाजी और टकराव में खत्म हुआ मानसून सत्र, विपक्ष बोला- जवाबदेही से भागी सरकार

Parliament Monsoon Session: संसद परिसर के मकर द्वार की सीढ़ियों पर प्रशासन और विपक्षी इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन किया. भाजपा सांसदों ने झारखंड में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के मुद्दे पर कांग्रेस की कथित अनदेखी को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन किया. इसके जवाब में विपक्षी सांसद भी मकर द्वार पर विरोध करते नजर आए. खिलौना बंदर लेकर विपक्ष का प्रदर्शन विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा हाथ में खिलौना बंदर लिए नजर आए. टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि सदन चलाने की जिम्मेदारी विपक्ष की नहीं, बल्कि प्रशासन की है. उन्होंने कहा कि प्रशासन जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है. प्रशासन जवाबहेदी से भागती रही है. ‘पेलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया?’ कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने प्रशासन पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि विपक्ष गृह मंत्री का लंबा भाषण नहीं, बल्कि इस बात का स्पष्ट जवाब चाहता था कि पेलेट गन से फायरिंग का आदेश किसने दिया. उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अगर वह चर्चा के लिए तैयार थे तो पहले ही सदन में क्यों नहीं आए. सदन चलाना हमारी जिम्मेदारी नहीं है, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है. विपक्ष को समझाना और मनाना प्रशासन का काम है- कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला सपा सांसद ने कहा- आखिरी दिन चर्चा की याद क्यों आई? सपा सांसद जावेद अली खान ने भी प्रशासन पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन चर्चा के लिए तैयार है तो मंत्री का बयान कार्यसूची में शामिल किया जा सकता है. उन्होंने सवाल किया कि सत्र खत्म होने से कुछ घंटे पहले ही प्रशासन को चर्चा की जरूरत क्यों महसूस हुई. जावेद अली खान ने कहा कि अगर मंत्री बयान देना चाहते हैं तो उन्हें सदन में आकर जवाब और सफाई देनी चाहिए. भाजपा ने राहुल गांधी को ठहराया जिम्मेदार वहीं दूसरी ओर, बीजेपी सांसदों ने सदन नहीं चलने देने के लिए विपक्ष और राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहराया. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह सदन को अपनी मर्जी से चलाना चाहते हैं, जबकि संसद संसदीय व्यवस्था और नियमों के अनुसार चलती है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इस गलतफहमी में हैं कि धर्मेंद्र प्रधान ने उनके कारण इस्तीफा दिया और अब वह अमित शाह तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी इसी तरह दबाव बनाने की सोच रहे हैं. गिरिराज सिंह का विपक्ष पर हमला गिरिराज सिंह ने कहा कि लोकतंत्र किसी की निजी जागीर नहीं है और यह तय व्यवस्था के अनुसार चलता है. उन्होंने शाह बानो मामले का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा और तीन तलाक, नागरिकता संशोधन कानून (CAA), अनुच्छेद 370 और 35A को लेकर केंद्र प्रशासन के फैसलों का भी जिक्र किया. Also Read: Parliament Live: राज्यसभा में बोले खरगे, ‘शुद्धिकरण’ कर किया गया मेरा अपमान The post प्रदर्शन, नारेबाजी और टकराव में खत्म हुआ मानसून सत्र, विपक्ष बोला- जवाबदेही से भागी प्रशासन appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड के 3 कलाकारों सुशांत कुमार महापात्र, बुटन देवी और सोमवारी देवी को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिला

Sangeet Natak Akademi Awards 2024-25: नई दिल्ली के विज्ञान भवन में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार समारोह का आयोजन हुआ. समारोह में झारखंड के तीन कलाकारों को सम्मानित किया गया. सरायकेला के छऊ मुखौटा शिल्पकार गुरु सुशांत कुमार महापात्र को छऊ और पारंपरिक मुखौटा शिल्प के लिए सम्मान मिला. वहीं बुंडू, रांची की सगी बहनें बुटन देवी और सोमवारी देवी को पारंपरिक नचनी नृत्य परंपरा को जीवित रखने के लिए सम्मानित किया गया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सभी कलाकारों को अपने हाथों सम्मानित किया. छऊ को आगे बढ़ाना जीवन का लक्ष्य – सुशांत कुमार महापात्र वर्ष 2024 और 2025 के लिए आयोजित विशेष अलंकरण समारोह में देशभर के 115 कलाकारों को संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप एवं पुरस्कार प्रदान किये गये. पुरस्कार प्राप्त करने के बाद गुरु सुशांत कुमार महापात्र ने इसे अपने गुरुओं को समर्पित किया. उन्होंने कहा कि सरायकेला की छऊ मुखौटा कला को आगे बढ़ाना उनके जीवन का उद्देश्य है और वह आगे भी छऊ मुखौटा शिल्प एवं छऊ नृत्य के संरक्षण और संवर्धन के लिए काम करते रहेंगे. () (2024-25) .#Jharkhand #NachniDance #SangeetNatakAkademi #PresidentDroupadiMurmu #ButanDevi pic.twitter.com/tJCahoTBLK — Naya Vichar Jharkhand (@jharkhand_pk) August 13, 2026 “> ये भी पढ़ें- राची में स्त्री यात्रियों के लिए बढ़ेगी सुविधा, शहर में चलेंगी 10 नई पिंक सिटी बसें कई अतिथि मौजूद थे समारोह में कई केंद्रीय मंत्री व संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष डॉ संध्या पुरेचा एवं सचिव राजू दास समेत कई गणमान्य अतिथि मौजूद थे. यह भी पढ़ें : छऊ मुखौटे की दिल्ली में गूंज, राष्ट्रपति करेंगी सरायकेला के इस शिल्पकार का सम्मान The post झारखंड के 3 कलाकारों सुशांत कुमार महापात्र, बुटन देवी और सोमवारी देवी को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिला appeared first on Naya Vichar.

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संसद का मानसून सत्र खत्म, किरेन रिजिजू ने कहा-लोकसभा में 19% और राज्यसभा में 39% हुआ काम

किरेन रिजिजू ने कहा कि मानसून सत्र में कुल 12 विधेयक पारित हुए, लेकिन दुख की बात यह रही कि लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में केवल एक विधेयक पर चर्चा हो सकी. संसद का अधिकांश समय बर्बाद हुआ, लोकसभा में 19 प्रतिशत और राज्यसभा में 39 प्रतिशत काम हुआ. लोकसभा में महज 19 प्रतिशत कार्य हुआ किरेन रिजिजू ने कहा कि मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में महज 19 प्रतिशत कार्य हुआ, जबकि राज्यसभा में 39 प्रतिशत काम हुआ. संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि प्रशासन संसद में चर्चा के स्तर से खुश नहीं है. उन्होंने कांग्रेस पर अनुचित तरीके से सदन की कार्यवाही बाधित करने का भी आरोप लगाया. संसदीय व्यवस्था के लिए विपक्ष का रुख गलत किरेन रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस ने संसदीय व्यवस्था को बर्बाद करने की कोशिश की है. संसदीय व्यवस्था में संसद का चलना बहुत जरूरी है. संसद चलेगा तभी बहस होगी और देश हित में निर्णय लिए जा सकेंगे. कांग्रेस ने इस व्यवस्था को खराब किया है. वे यह समझने लगे हैं कि उनका काम सिर्फ नारेबाजी करना है. इसी वजह से वे बहस से भाग रहे हैं. उनके हंगामे से सदन का समय खराब हुआ. ये भी पढ़ें : आतंकी गिरफ्तार : ISI के लिए ‘हैंडलर’ के तौर पर काम करता था राणा, पुलिस तलाश रही एजाज का काठमांडू कनेक्शन The post संसद का मानसून सत्र खत्म, किरेन रिजिजू ने कहा-लोकसभा में 19% और राज्यसभा में 39% हुआ काम appeared first on Naya Vichar.

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सोलह श्रृंगार और अखंड सौभाग्य का वरदान: हरियाली तीज पर जानें सिर से पांव तक सजने का धार्मिक अर्थ

Hariyali Teej 2026: हरियाली तीज सुहागिन स्त्रीओं के लिए विशेष पर्व माना जाता है. इस दिन स्त्रीएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं और पति की लंबी आयु व सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से निर्जला व्रत रखती हैं. इस अवसर पर किया जाने वाला 16 श्रृंगार केवल सजने-संवरने का माध्यम नहीं, बल्कि हिंदू परंपरा में सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक माना गया है. हरियाली तीज पर शुभ मुहूर्त ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा बताते हैं कि हिंदू पंचांग के अनुसार सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 14 अगस्त 2026 को शाम 6:46 बजे शुरू होगी और 15 अगस्त को शाम 5:28 बजे समाप्त होगी. उदया तिथि के अनुसार हरियाली तीज का व्रत 15 अगस्त 2026, शनिवार को रखा जाएगा. गजरा और फूल बालों में गजरा या फूल लगाना सुहाग और सौंदर्य का प्रतीक माना जाता है. फूलों की सुगंध वातावरण को खुशनुमा बनाती है और श्रृंगार को पारंपरिक रूप देती है. बिंदी और सिंदूर बिंदी को सौभाग्य और स्त्री शक्ति से जोड़ा जाता है. वहीं सिंदूर विवाहित स्त्रीओं के सुहाग का प्रमुख प्रतीक है. तीज पर सिंदूर लगाकर स्त्रीएं अपने वैवाहिक जीवन की मंगलकामना करती हैं. मंगलसूत्र और हार मंगलसूत्र विवाह के पवित्र बंधन का प्रतीक माना जाता है. इसके काले मोती और स्वर्ण धातु को पारंपरिक रूप से सुरक्षा और सौभाग्य से जोड़ा गया है. झुमके और मांग टीका कानों के झुमके और मांग टीका चेहरे की सुंदरता बढ़ाने के साथ 16 श्रृंगार को पूर्णता देते हैं. मांग टीका को विशेष रूप से सुहाग और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है. चूड़ियां और बाजूबंद चूड़ियों की खनक हरियाली तीज के उत्सव का खास हिस्सा है. इन्हें सौभाग्य, प्रसन्नता और वैवाहिक जीवन की खुशहाली से जोड़ा जाता है. बाजूबंद पारंपरिक श्रृंगार को और आकर्षक बनाता है. ये भी पढ़ें: हरियाली तीज पर क्यों पहना जाता है हरा रंग? जानिए इसके पीछे का धार्मिक रहस्य और वैज्ञानिक कारण कमरबंद और अंगूठी कमरबंद पारंपरिक परिधान के साथ सुंदरता बढ़ाता है, जबकि अंगूठियां हाथों की शोभा बढ़ाती हैं. दोनों को 16 श्रृंगार के महत्वपूर्ण हिस्सों में गिना जाता है. बिछिया और नथ बिछिया विवाहित स्त्री के सुहाग का प्रतीक मानी जाती है. नथ को भी हिंदुस्तानीय परंपरा में सौभाग्य और स्त्री सौंदर्य से जोड़ा गया है. पायल और मेहंदी पायल की रुनझुन तीज के उत्सव में खास आकर्षण जोड़ती है. वहीं मेहंदी को प्रेम, सौभाग्य और खुशहाल दांपत्य जीवन का प्रतीक माना जाता है. काजल और मेकअप काजल आंखों की सुंदरता बढ़ाता है, जबकि हल्का मेकअप और नेल पेंट पूरे श्रृंगार को पूर्णता प्रदान करते हैं. इनका उद्देश्य पारंपरिक सौंदर्य और आत्मविश्वास को बढ़ाना माना जाता है. हरियाली तीज 16 श्रृंगार की मान्यता धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, 16 श्रृंगार करके माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करने से सौभाग्य और दांपत्य सुख की कामना की जाती है. हालांकि, श्रृंगार से जुड़े स्वास्थ्य लाभों के दावे वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं माने जाने चाहिए. The post सोलह श्रृंगार और अखंड सौभाग्य का वरदान: हरियाली तीज पर जानें सिर से पांव तक सजने का धार्मिक अर्थ appeared first on Naya Vichar.

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