Hot News

ताजा ख़बर

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Nissan Pixo: 259 Km रेंज वाली नई इलेक्ट्रिक कार पेश, 28 मिनट में हो जाएगी 15-80% चार्ज, जानें 6 शानदार फीचर्स

Nissan Pixo Unveiled: निसान ने ग्लोबल मार्केट में अपनी नई इलेक्ट्रिक कार Nissan Pixo को पेश कर दिया है. छोटी और कॉम्पैक्ट बॉडी के साथ आने वाली Pixo में 259 किलोमीटर तक की रेंज मिलने का दावा किया गया है. कार में डिजिटल फीचर्स के साथ कई एडवांस सेफ्टी और ड्राइविंग फीचर्स भी दिए गए हैं. आइए जानते हैं Nissan Pixo में क्या खास है और यह हिंदुस्तान में कब तक आ सकती है. कॉम्पैक्ट साइज की वजह से शहरों में चलाने और पार्क करने में आसानी निसान ने Nissan Pixo को ग्लोबल स्तर पर पेश किया है. कंपनी के मुताबिक, इसे खास तौर पर यूरोपीय शहरों की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है. कॉम्पैक्ट साइज की वजह से इसे शहरों में चलाने और पार्क करने में आसानी होगी. कंपनी की योजना सबसे पहले इसे यूरोपीय बाजारों में उतारने की है. ये भी पढ़ें: The post Nissan Pixo: 259 Km रेंज वाली नई इलेक्ट्रिक कार पेश, 28 मिनट में हो जाएगी 15-80% चार्ज, जानें 6 शानदार फीचर्स appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Bigg Boss 20 X Review: काजी तौकीर ने रीति तिवारी की निकाली हेकड़ी, यूजर्स ने कहा- ‘शो का बाप है वो’, जाने X पर क्या है यूजर्स के रिएक्शन

Bigg Boss 20 X Review: बिग बॉस 20 के घर में काजी तौकीर  और रीति तिवारी के  बीच हुआ विवाद अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गया है. एक टास्क के दौरान रीति ने काजी को लेकअभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और उनसे ‘Who are you?’ कहा. इसके बाद घर के अंदर मामला गरमाया तो X (पूर्व में ट्विटर) पर भी दोनों के फैंस आमने-सामने आ गए काजी  के समर्थकों ने दावा किया कि भले ही कुछ लोगों को उनका गेम पसंद न आए, लेकिन इस समय शो में सबसे ज्यादा चर्चा उन्हीं की वजह से हो रही है. ‘Who are you?’ पर Qazi के फैंस ने दिया जवाब रीति तिवारी का काजी से ‘Who are you?’ कहना सोशल मीडिया यूजर्स को खूब चर्चा का मौका दे रहा है. एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा, “WHO ARE YOU? X  यूजर का कहना था कि काजी की पहचान पर सवाल उठाने के बावजूद इस वक्त शो का कंटेंट उन्हीं के इर्द-गिर्द घूम रहा है. “WHO ARE YOU?” 😭 Girl… the irony is Qazi is currently the one giving Bigg Boss the content everyone is talking about. 😂 You can hate his game, but you can’t ignore his screen presence. Qazi 1 — Noise 0. 🔥#BiggBoss20 #QaziTouqeer pic.twitter.com/gA1TOtyo3a — Venkat Sports ⚡️ (@WealthArigato) September 23, 2026 “> एक अन्य पोस्ट में लिखा गया, आप काजी के गेम को नापसंद कर सकते हो, पर उसके स्क्रीन प्रजेंस को नहीं। यूजर ने आगे काजी को नॉइज के साथ जोड़ते हुए लिखा कि वह इस समय शो में अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं. इन प्रतिक्रियाओं से पता चलता है कि काजी के फैंस उनके स्क्रीन प्रेजेंस को लेकर काफी मुखर हैं. मनोज तिवारी को लेकर काजी का बयान  विवाद बढ़ने के बाद काजी ने मनोज तिवारी से भी रीति के व्यवहार को लेकर बात करने की कोशिश की. सोशल मीडिया पर इस सीन को लेकर भी खूब पोस्ट किए जा रहे हैं. एक यूजर ने लिखा,काजी का बीस्ट मोड ऑन हो चूका हैं और वह मनोज तिवारी को डायरेक्ट धमकी दे रहे हैं. वहीं रीति को लेकर उसी पोस्ट में लिखा गया कि उनका आत्मविश्वास तो नजर आ रहा है, लेकिन उसका कोई असर नहीं दिख रहा. Qazi beast mode ON 🔥Manoj ko direct dhamki ☠️And Rhiti? Free ka confidence, zero ka impact. 🤡☠️#QaziTouqeer #BiggBoss20 #BB20 pic.twitter.com/Tmabn1bkXt — Fire bird 🕊️ (@Firebird14015) September 24, 2026 “> काजी और रीति का विवाद उदिति सिंह  के साथ हुई बहस तक भी पहुंचता नजर आया. कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि रीति की कथित अभद्र भाषा के बाद उदिति और उनके बीच भी तीखी बहस हुई. इसके बाद मामला सिर्फ दो कंटेस्टेंट्स के बीच की लड़ाई न रहकर परिवार तक पहुंचने वाली बहस जैसा दिखाई देने लगा. ये भी पढ़ें: Video: बिग बॉस के ‘डिस-बैटल’ में रिती के तानों ने लगाई ऐसी आग, उदिति का पारा हाई और काजी आउट ऑफ कंट्रोल काजी के मास्टरशेफ’ अवतार ने भी जीता ध्यान विवादों के बीच काजी  का मजाकिया अंदाज भी सोशल मीडिया पर छाया रहा. एक वायरल पोस्ट में काजी और गुल्लू  की बातचीत को मास्टरशेफ वाला ट्विस्ट दिया गया. पोस्ट के मुताबिक, काजी ने डिनर को लेकर मजाक करते हुए कहा कि पहले बताया जाए कि क्या बनाना है, फिर वह अपना माइंड तैयार करेंगे. इसके जवाब में गुल्लू ने भी मजेदार अंदाज में प्रतिक्रिया दी. इसके बाद काजी के कथित जवाब तुमको टेस्ट चाहिए न, दूंगा न टेस्ट” को लेकर यूजर्स ने खूब मीम्स बनाए. एक फैन ने इसे काजी का “मास्टरशेफ मोड बताया. यंग DSA की बात पर भी उठे सवाल दूसरी तरफ यंग  DSA के अमन गांधी के साथ बातचीत को लेकर भी X पर बहस देखने को मिली. एक यूजर ने स्त्रीओं से जुड़े शब्दों का इस्तेमाल पुरुषों को नीचा दिखाने के लिए किए जाने पर सवाल उठाया. “Wear a saree,” “chudi pehno,” “samaan kaam nahi kar raha” using women as an insult to shame men, as if being a woman is something to be ashamed of. That mindset itself is misogynistic. And the people defending it? Need to be studied. 😭 #BiggBoss20 pic.twitter.com/c3M4VrxNiK — CandyFlossLob (@CandyFlossLob) September 23, 2026 “> पोस्ट में ‘साड़ी पहनो’, ‘चूड़ी पहनो’ और ‘सामान काम नहीं कर रहा’ जैसे कथित तंज का जिक्र करते हुए यूजर ने इसे स्त्रीओं को अपमान का प्रतीक मानने वाली मानसिकता बताया. ये भी पढ़ें: बेटी की उम्र’ की को-स्टार की मांग में दिखा सिंदूर? गोविंदा को देख बीवी सुनीता का फूटा गुस्सा, सरेआम कह दिया- ‘धोखेबाज’ The post Bigg Boss 20 X Review: काजी तौकीर ने रीति तिवारी की निकाली हेकड़ी, यूजर्स ने कहा- ‘शो का बाप है वो’, जाने X पर क्या है यूजर्स के रिएक्शन appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

SSC Stenographer 2026: ग्रेड C और D का आंसर की जारी, ऐसे करें चेक

SSC Stenographer Answer Key 2026: अगर किसी प्रश्न के उत्तर को लेकर आपत्ति है, तो SSC की ओर से निर्धारित अवधि में ऑनलाइन Representation भी दर्ज कराया जा सकता है. आधिकारिक नोटिस के अनुसार Answer Key पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए प्रति प्रश्न 50 रुपए फीस देनी होगी. आइए इस बारे में डिटेल में जानते हैं. SSC Stenographer 2026 Important Dates: जानिए कब जारी हुई आंसर की SSC की आधिकारिक वेबसाइट s sc.gov.in पर 23 सितंबर 2026 को Answer Key जारी किया गया है. इस भर्ती परीक्षा का आयोजन 9 से 15 सितंबर 2026 तक किया गया था. बता दें कि SSC Stenographer Grade C और D भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 24 अप्रैल 2026 से शुरू हुई थी और 15 मई 2026 तक जारी थी. इसके बाद उम्मीदवारों को 20 और 21 मई 2026 को आवेदन फॉर्म में सुधार का मौका दिया गया था. कमीशन के मूल नोटिस में कंप्यूटर बेस्ड एग्जामिनेशन का शेड्यूल जुलाई-अगस्त 2026 बताया गया है. हालांकि SSC Stenographer 2026 का रिजल्ट जारी होने की तारीख फिलहाल घोषित नहीं की गई है. SSC Stenographer Answer Key 2026 Official Notification Check Here ये भी पढ़ें: IBPS PO प्रीलिम्स का रिजल्ट जारी, जानें कब होगी मेन्स परीक्षा SSC Stenographer Answer Key 2026 कैसे चेक करें? सबसे पहले SSC की आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर जाएं. इसके बाद कैंडिडेट्स को यूजरनेम, पासवर्ड और कैप्चा फिल करके लॉग इन करना होगा. लॉग इन करने के बाद आपको आगे के निर्धारित प्रोसेस के अनुसार प्रक्रिया करनी होगी. इसके बाद आपके स्क्रीन पर आंसर की खुल जाएगा. यहां से आप अपना Answer Key चेक कर सकते हैं. SSC Stenographer Answer Key 2026 Check Here Direct Link SSC Stenographer Vacancy and Eligibility 2026: वैकेंसी और एलिजिबिलिटी डिटेल्स SSC की ओर से जारी वैकेंसी डिटेल्स के अनुसार इस भर्ती के तहत कुल 1275 पदों को भरा जाएगा. वहीं एलिजिबिलिटी की बात करें, तो SSC Stenographer Grade C और D दोनों पदों के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या यूनिवर्सिटी से 12वीं कक्षा या समकक्ष परीक्षा पास होना जरूरी है. इसके साथ ही उम्मीदवार के पास स्टेनोग्राफी स्किल्स होना जरूरी है. सकिल टेस्ट में Grade C उम्मीदवारों के लिए अंग्रेजी में 100 शब्द प्रति मिनट और हिंदी में 100 शब्द प्रति मिनट की डिक्टेशन तथा Grade D के लिए 80 शब्द प्रति मिनट की डिक्टेशन दी जाती है. इसके बाद उम्मीदवारों को कंप्यूटर पर उसका transcription करना होता है. Grade C के लिए इंग्लिश transcription का समय 40 मिनट और हिंदी का 55 मिनट है, जबकि Grade D के लिए इंग्लिश में 50 मिनट और हिंदी में 65 मिनट निर्धारित है. ये भी पढ़ें: HCL recruitment : अनुभवी पेशवरों से 43 एग्जीक्यूटिव पदों पर आवेदन आमंत्रित SSC Stenographer Selection Process: कैसे होगा उम्मीदवारों का सिलेक्शन? SSC Stenographer Grade C और D भर्ती में सबसे पहले कंप्यूटर बेस्ड एग्जामिनेशन (CBT) आयोजित किया जाता है. CBT में शॉर्टलिस्ट उम्मीदवारों को इसके बाद Skill Test in Stenography के लिए बुलाया जाता है. स्किल टेस्ट अनिवार्य है. ये भी पढ़ें: UNICEF Internship 2026: यूनिसेफ में 6 महीने की पार्ट टाइम इंटर्नशिप, 25 सितंबर तक करें अप्लाई, जानें पूरी डिटेल The post SSC Stenographer 2026: ग्रेड C और D का आंसर की जारी, ऐसे करें चेक appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ग्रेटर नोएडा: स्लीपर बस में लगी भयंकर आग, 9 लोगों की जलकर मौत; PM मोदी ने मुआवजे का किया ऐलान

ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक स्लीपर बस में भीषण आग लगने से 9 यात्रियों की जलकर मौत हो गई. हादसे में करीब 26 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. घटना जेवर थाना क्षेत्र की है. पुलिस के अनुसार, बस दिल्ली के कश्मीरी गेट से उत्तर प्रदेश के महोबा जा रही थी. हादसे के समय बस में करीब 35 यात्री सवार थे. इनमें कुछ यात्री सो रहे थे. आग लगने के बाद बस में धुआं भर गया. कुछ यात्री बेहोश हो गए. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत ठीक बताई जा रही है. दमकल, पुलिस और जिला प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया. बस के शीशे तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला गया. इसके अलावा गैस कटर की मदद से बस के हिस्से काटकर फंसे यात्रियों और शवों को बाहर निकाला गया. पुलिस के मुताबिक, कुछ मृतकों की पहचान हो गई है. अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है. पुलिस बस में आग लगने के कारणों की जांच कर रही है. पीएम मोदी ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रेटर नोएडा में बस में आग लगने की घटना में हुई मौतों पर दुख जताया है. उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की. प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है. वहीं, हादसे में घायल लोगों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे. PMO ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में बस में आग लगने की घटना में लोगों की मौत की समाचार सुनकर प्रधानमंत्री को दुख हुआ. उन्होंने अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी जताया दुख राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए इस हादसे पर दुख जताया है. उन्होंने घटना में लोगों की मौत को बेहद पीड़ादायक बताया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की. राष्ट्रपति ने ‘एक्स’ पर कहा कि उत्तर प्रदेश में यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में लगी आग में लोगों की मौत का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है. उन्होंने हादसे में घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना भी की. मुख्यमंत्री योगी ने भी किया मुआवजे का ऐलान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी घटना का संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है. उन्होंने अधिकारियों को घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित करने और मृतकों के परिजनों से संपर्क कर उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. ये भी पढ़ें: जमशेदपुर में भीषण सड़क हादसा: ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय की बेटी की मौत, मंत्री इरफान अंसारी ने जताया दुख The post ग्रेटर नोएडा: स्लीपर बस में लगी भयंकर आग, 9 लोगों की जलकर मौत; PM मोदी ने मुआवजे का किया ऐलान appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

समस्तीपुर में जमुई जैसी घटना: युवक के साथ जा रही लड़की से छेड़खानी, VIDEO वायरल

समस्तीपुर क्राइम: जिले के कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र में युवती से कथित छेड़खानी का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो जगतसिंहपुर में बांध किनारे का बताया जा रहा है. मामला पुलिस के संज्ञान में आने के बाद जांच शुरू कर दी गई है. फिलहाल पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है. हालांकि, युवती या उसके परिजनों की ओर से अब तक थाने में कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है. बांध किनारे रुकी थी युवती बताया जा रहा है कि युवती अपने एक परिचित युवक के साथ कहीं जा रही थी. इसी दौरान जगतसिंहपुर में बांध किनारे सड़क पर दोनों कुछ देर के लिए रुके. युवती मोबाइल से तस्वीर ले रही थी. इसी दौरान आसपास मौजूद कुछ युवकों ने युवती को घेर लिया. आरोप है कि इसके बाद युवकों ने उसके साथ छेड़खानी की. घटना के दौरान किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया. बाद में यही वीडियो इंटरनेट मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने लगा. वीडियो हम यहां नहीं लगा सकते क्योंकि इससे युवती की पहचान उजागर होने की संभावना है, जो उचित नहीं है. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस सक्रिय वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर घटना की चर्चा शुरू हो गई. मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद कर्पूरीग्राम थाना की पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर छानबीन शुरू की. पुलिस वीडियो में दिखाई दे रहे युवकों की पहचान करने के साथ घटना की वास्तविकता का पता लगाने में जुटी है. पुलिस यह भी पता कर रही है कि घटना कब हुई और उस समय वहां वास्तव में क्या परिस्थितियां थीं. वीडियो की सत्यता भी जांच रही पुलिस पुलिस की जांच में वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रहे घटनाक्रम की भी पड़ताल की जा रही है. पुलिस का कहना है कि केवल वायरल वीडियो के आधार पर घटना से जुड़े सभी तथ्यों को स्पष्ट नहीं माना जा सकता. जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति सामने आएगी. कर्पूरीग्राम के प्रभारी थानाध्यक्ष ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि जांच में मामला सत्य पाए जाने पर घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. चार लोगों से पूछताछ जारी पुलिस ने फिलहाल चार लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है. पूछताछ के जरिए पुलिस घटना से जुड़े अन्य लोगों और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है. पुलिस के अनुसार, युवती या उसके परिजनों की ओर से अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है. ऐसे में पुलिस वायरल वीडियो, पूछताछ और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है. जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो में दिख रही घटना की वास्तविक स्थिति क्या है. यह भी पढे़ं: जमुई में जहां लड़की से हुई दरिंदगी, वहां एक हफ्ते पहले भी स्त्री से हुई थी छेड़खानी, स्कूली बच्चियों पर भी अश्लील कमेंट करते हैं मनचले The post समस्तीपुर में जमुई जैसी घटना: युवक के साथ जा रही लड़की से छेड़खानी, VIDEO वायरल appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

स्विफ्ट, क्रेटा या नेक्सन? अपनी पेट्रोल कार में आजमाएं ये 5 टिप्स, हर लीटर में चलेगी कई किलोमीटर ज्यादा

हिंदुस्तान में नई या पुरानी कार खरीदते समय ग्राहक सबसे पहले उसके माइलेज पर ध्यान देते हैं. पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों और दैनिक आवाजाही के खर्चों के बीच हर कार मालिक की पहली प्राथमिकता बेहतर ईंधन दक्षता हासिल करना होता है. हाल के दिनों में देश भर के पेट्रोल पंपों पर E20 पेट्रोल (20% इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल) की आपूर्ति बढ़ने के बाद से कई वाहन चालकों में माइलेज में गिरावट को लेकर चिंता देखी गई है. हालांकि, ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स और कार निर्माताओं का मानना है कि E20 ईंधन से माइलेज पर केवल मामूली असर पड़ता है. किसी भी पेट्रोल कार का असली माइलेज काफी हद तक आपकी ड्राइविंग आदतों, सही मेंटेनेंस और सड़क की स्थितियों पर निर्भर करता है. चाहे आपके पास मारुति सुजुकी स्विफ्ट, हुंडई क्रेटा, टाटा नेक्सन, महिंद्रा XUV 3XO या किआ सेल्टोस जैसी कोई भी पेट्रोल कार हो, कुछ आसान और व्यावहारिक तरीके अपनाकर आप हर लीटर ईंधन में ज्यादा किलोमीटर की दूरी तय कर सकते हैं. E20 पेट्रोल से कितना घटता है माइलेज? समझें हिसाब E20 ईंधन में 80% सामान्य पेट्रोल और 20% इथेनॉल का मिश्रण होता है. इथेनॉल की कैलोरीफिक वैल्यू (ऊर्जा घनत्व) विशुद्ध पेट्रोल की तुलना में थोड़ी कम होती है. पेट्रोलियम मंत्रालय और प्रमुख ऑटो कंपनियों की संयुक्त वार्ता में मारुति सुजुकी इंडिया के कॉर्पोरेट मामलों के वरिष्ठ अधिकारी राहुल हिंदुस्तानी ने स्पष्ट किया था कि E20 पेट्रोल की कैलोरीफिक वैल्यू E10 के मुकाबले लगभग 3 से 3.5 प्रतिशत कम होती है. उदाहरण के तौर पर, अगर कोई कार सामान्य पेट्रोल पर 20 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती है, तो E20 पर उसका माइलेज लगभग 0.6 किमी/लीटर ही कम होगा. यानी दैनिक ड्राइविंग में होने वाला बड़ा माइलेज ड्रॉप ईंधन के बजाय गलत ड्राइविंग स्टाइल और कार की अनदेखी के कारण होता है. 1. सही ड्राइविंग तकनीक: स्मूथ एक्सीलरेशन और गियर चेंज कार का ईंधन बचाने के लिए सबसे जरूरी है संतुलित और शांत दिमाग से गाड़ी चलाना. ट्रैफिक में बार-बार अचानक तेज एक्सीलेटर दबाने और अचानक ब्रेक लगाने से इंजन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और पेट्रोल की खपत तेजी से बढ़ती है. सही आरपीएम पर गियर बदलें: कार को हमेशा सही स्पीड और गियर रेश्यो में चलाएं. कम स्पीड पर ऊंचे गियर में गाड़ी खींचने (Engine Lugging) या ज्यादा स्पीड में निचले गियर पर गाड़ी दौड़ाने से माइलेज खराब होता है. हाईवे पर क्रूज स्पीड: हाईवे पर 70 से 80 किमी/घंटा की एकसमान गति बनाए रखने से कार सबसे बेहतर ईंधन दक्षता देती है. 2. टायरों में सही एयर प्रेशर की समय पर जांच टायरों में हवा कम होना माइलेज में कमी का मुख्य कारण माना जाता है. जब टायर में कम हवा होती है, तो सड़क के साथ उसका संपर्क क्षेत्र (Contact Patch) बढ़ जाता है, जिससे रोलिंग रेजिस्टेंस में बढ़ोतरी होती है. परिणाम स्वरूप कार को आगे बढ़ाने के लिए इंजन को अधिक ताकत लगानी पड़ती है. कार मालिकों को सलाह दी जाती है कि हर 15 दिन में कम से कम एक बार टायरों का प्रेशर (PSI) ठंडी स्थिति में जरूर चेक कराएं. हमेशा कार निर्माता द्वारा डोर-पिलर या ओनर मैनुअल में सुझाए गए मानक एयर प्रेशर के अनुसार ही हवा भरवाएं. इससे माइलेज सुधरने के साथ टायरों की उम्र भी बढ़ती है. 3. समय पर इंजन सर्विस और फिल्टर्स की सफाई कार की नियमित और समय पर सर्विस न कराने से इंजन की कार्यक्षमता में गिरावट आती है. एयर फिल्टर: गंदा या धूल से जाम एयर फिल्टर इंजन तक सही मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंचने देता, जिससे पेट्रोल सही तरीके से जल नहीं पाता और ईंधन बर्बादी बढ़ती है. इंजन ऑयल और स्पार्क प्लग: पुराना इंजन ऑयल फ्रिक्शन बढ़ाता है और घिसे हुए स्पार्क प्लग मिसफायर का कारण बनते हैं. ओनर मैनुअल में दिए गए तय किलोमीटर या समय सीमा के भीतर सर्विस कराने से इंजन स्मूथ चलता है और माइलेज में सुधार होता है. 4. गाड़ी का वजन और रूफ एक्सेसरीज का ध्यान रखें आपकी कार में जितना ज्यादा वजन होगा, इंजन को गाड़ी खींचने में उतनी ही ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी. बूट (डिग्गी) में बेवजह रखा भारी सामान या रूफ कैरियर/रूफ बॉक्स गाड़ी के एयरोडायनामिक्स (हवा के प्रवाह) में रुकावट डालते हैं. विशेष रूप से हाईवे पर रूफ कैरियर के कारण एयर ड्रैग बढ़ता है, जिससे कार ज्यादा ईंधन खर्च करने लगती है. जरूरत न होने पर डिग्गी को साफ रखें और रूफ एक्सेसरीज हटा दें. 5. आइडलिंग बंद करें और एसी (AC) का सही इस्तेमाल करें ट्रैफिक सिग्नल या 1 मिनट से ज्यादा लंबे इंतजार के दौरान कार को स्टार्ट रखना ईंधन की सीधी बर्बादी है. ऑटो स्टार्ट-स्टॉप: आधुनिक कारों में मिलने वाले ऑटो स्टार्ट-स्टॉप सिस्टम का इस्तेमाल करें, जो ब्रेक दबाकर रुकने पर खुद इंजन बंद कर देता है. एसी सेटिंग्स: कार के एयर कंडीशनर को हमेशा बेहद कम तापमान पर चलाने के बजाय 22 से 24 डिग्री सेल्सियस पर सेट करें. साथ ही कार के केबिन में ‘रीसर्कुलेशन मोड’ ऑन रखें, जिससे एसी कंप्रेसर पर कम लोड पड़ता है और ईंधन की बचत होती है. FAQs: कार माइलेज और पेट्रोल से जुड़े मुख्य सवाल 1. क्या E20 पेट्रोल से पुरानी कार का इंजन खराब हो जाता है? नहीं, मारुति सुजुकी और ऑटो इंडस्ट्री के परीक्षणों के अनुसार E20 पेट्रोल से 2023 से पहले बनी (E10 अनुपालन वाली) पुरानी गाड़ियों के इंजन या पार्ट्स को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है. 2. क्या प्रीमियम या हाई-ऑक्टेन पेट्रोल भरवाने से कार का माइलेज बढ़ता है? सामान्य सेगमेंट की कारों में प्रीमियम पेट्रोल भरवाने से माइलेज में कोई बड़ा या ध्यान देने योग्य अंतर नहीं आता है. यदि आपकी कार का इंजन नॉर्मल पेट्रोल के लिए ट्यून किया गया है, तो साधारण पेट्रोल ही सबसे उपयुक्त और किफायती विकल्प है. 3. माइलेज बढ़ाने के लिए हाईवे पर खिड़कियां खोलना सही है या एसी चलाना? हाईवे पर उच्च गति (60 किमी/घंटा से अधिक) पर खिड़कियां खोलने से कार के अंदर हवा का ड्रैग (दबाव) बनता है, जिससे एसी चलाने के मुकाबले ज्यादा ईंधन खर्च होता है. इसलिए हाईवे पर खिड़कियां बंद करके एसी चलाना ज्यादा माइलेज-फ्रेंडली होता है. ये भी पढ़ें: Maruti Suzuki Brezza चला-चलाकर भर गया मन? अपग्रेड के लिए ये

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Video : जिनपिंग को डरते देख मुस्कुराने लगे ट्रंप! कैमरे में कैद हुआ रिएक्शन; US दौरे पर पुतिन के साथ भी हुआ था ऐसा

11 साल बाद अमेरिका पहुंचे शी जिनपिंग का स्वागत इस बार बेहद खास अंदाज में हुआ. हिंदुस्तानीय समय के मुताबिक 23-24 सितंबर की रात 2:30 बजे वॉशिंगटन डीसी के ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर उनका विमान उतरा. मिलिट्री बैंड की धुन, भव्य सैन्य सलामी और आसमान में बी-1 बॉम्बर के फ्लाईओवर के बीच हुए इस स्वागत समारोह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है. वायरल वीडियो में क्या है मैरीलैंड के ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर शी जिनपिंग के स्वागत समारोह के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग साथ खड़े थे, उसी दौरान अमेरिकी वायुसेना के दो बी-1 बॉम्बर विमानों ने उनके ऊपर से फ्लाईओवर किया. उस वक्त समारोह में अमेरिकी राष्ट्रगान बज रहा था. विमानों की तेज आवाज के बीच कैमरे में जिनपिंग कुछ पल के लिए ऊपर की ओर देखते और आंखें सिकोड़ते नजर आए. इसके उलट ट्रंप चेहरे पर मुस्कान के साथ खड़े दिखाई दिए. वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा हो रही है. दिलचस्प बात यह है कि ऐसा दृश्य ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात के दौरान भी देखने को मिला था। देखिए वीडियो जिनपिंग को लेने प्रोटोकॉल तोड़ एयरपोर्ट पहुंचे ट्रंप शी जिनपिंग 11 साल बाद तीन दिन की अमेरिका यात्रा पर पहुंचे हैं. उनके विमान के ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर उतरने के बाद डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप ने खुद उनका और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का स्वागत किया. स्वागत समारोह को खास बनाने के लिए करीब 100 फीट लंबा लाल कालीन बिछाया गया था. 21 सदस्यीय ऑनर कॉर्डन मौजूद था और अमेरिकी वायुसेना का बैंड दोनों देशों के राष्ट्रगान बजा रहा था. समारोह के दौरान तोपों की सलामी भी दी गई. इस दौरान दो बी-1 बॉम्बर विमानों ने एयरबेस के ऊपर से फ्लाईओवर किया. अमेरिकी राष्ट्रपति का किसी विदेशी नेता का एयरपोर्ट पर खुद स्वागत करना भी इस समारोह की खास बात रही. ये भी पढ़ें: डोनाल्ड ट्रंप-शी जिनपिंग की मुलाकात से दुनिया को ₹580 लाख करोड़ का नुकसान! जानिए हिंदुस्तान पर क्या होगा असर? जिनपिंग-ट्रंप बातचीत में किन मुद्दों पर होगी चर्चा? जिनपिंग और ट्रंप की बातचीत ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका और चीन के बीच व्यापार, तकनीक और रणनीतिक मुद्दों पर तनाव बना हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक बातचीत में व्यापार संबंध, दुर्लभ खनिज, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीकी पाबंदियों जैसे मुद्दे अहम रह सकते हैं. दोनों देशों के रिश्तों में आर्थिक और तकनीकी प्रतिस्पर्धा लंबे समय से बड़ा मुद्दा रही है. ताइवान और दूसरे सुरक्षा मुद्दे भी बातचीत के व्यापक एजेंडे का हिस्सा हो सकते हैं, हालांकि, किसी मुद्दे पर अंतिम सहमति क्या बनेगी, यह बातचीत के बाद ही स्पष्ट होगा. पुतिन के स्वागत में भी हुआ था ऐसा फ्लाईओवर डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में ऐसा सैन्य फ्लाईओवर पहले भी सुर्खियां बटोर चुका है. 15 अगस्त 2025 को अलास्का के ज्वाइंट बेस एल्मेंडॉर्फ-रिचर्डसन में ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का स्वागत किया था. उस दौरान एक बी-2 स्टेल्थ बॉम्बर के साथ चार एफ-35 लड़ाकू विमान आसमान से गुजरे थे. एयरबेस पर एफ-22 विमान भी तैनात थे. अमेरिकी अधिकारियों ने उस फ्लाईओवर की पुष्टि की थी. पुतिन के उस स्वागत समारोह में भी आसमान से गुजरते विमानों ने लोगों का ध्यान खींचा था. हालांकि, उस फ्लाईओवर के पीछे ट्रंप का व्यक्तिगत आदेश था या यह समारोह की सैन्य योजना का हिस्सा था. ये भी पढ़ें: AI की इस गलती से हो सकती थी अमेरिका-चीन में जंग…फिर ऐसे टला संकट, समझिए क्यों जरूरी है ह्यूमन इंटेलिजेंस The post Video : जिनपिंग को डरते देख मुस्कुराने लगे ट्रंप! कैमरे में कैद हुआ रिएक्शन; US दौरे पर पुतिन के साथ भी हुआ था ऐसा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

जमशेदपुर में भीषण सड़क हादसा: ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय की बेटी की मौत, मंत्री इरफान अंसारी ने जताया दुख

रांची से नवीन शर्मा की रिपोर्ट जमशेदपुर: झारखंड से बड़ी समाचार सामने आ रही है. राज्य की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह की बेटी का जमशेदपुर में हुए एक भीषण सड़क हादसे में असामयिक निधन हो गया है. बताया जा रहा है कि यह दर्दनाक दुर्घटना गुरुवार की सुबह जमशेदपुर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग (NH Highway) पर हुई. घटना की समाचार फैलते ही मंत्री के परिजनों, शुभचिंतकों और नेतृत्वक हलकों में गहरा शोक व्याप्त है. इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सोशल मीडिया के जरिये से मंत्री दीपिका पांडे सिंह और उनके परिजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की. डॉ. अंसारी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए दिवंगत आत्मा को अपनी ‘छोटी बहन’ के रूप में याद किया और दुर्घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताया. The post जमशेदपुर में भीषण सड़क हादसा: ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय की बेटी की मौत, मंत्री इरफान अंसारी ने जताया दुख appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Cyclone Arnab : आधा भारत नहीं जानता कैसे रखे जाते हैं चक्रवाती तूफानों के नाम? ऐसे हुई थी इस सिलसिले की शुरुआत

Cyclone Arnab : क्या आप जानते हैं कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में उठने वाले चक्रवात का नाम कैसे तय होता है? तितली, गाजा, गुलाब तो कभी अम्फान – ये नाम किसी लॉटरी के तहत नहीं रखे जाते. बल्कि इसे एशिया और मिडिल ईस्ट के 13 देशों के ग्रुप द्वारा बारी-बारी से रखा जाता है. आइए समझते हैं कि कैसे किया है चक्रवातों का नामकरण? इन देशों के ग्रुप को क्या कहते हैं? वैज्ञानिक और भौगोलिक दृष्टि से इस ग्रुप को WMO/ESCAP (विश्व मौसम विज्ञान संगठन और एशिया-प्रशांत का आर्थिक व सामाजिक आयोग) का पैनल कहा जाता है. इस ग्रुप को इस तरह डिजाइन किया गया है कि उत्तरी हिंद महासागर, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के चक्रवातों से जिन भी देशों की समुद्री सीमाएं या मौसम प्रभावित होता है, उन सभी को इसमें शामिल किया जाए. पिछले 10 सालों में उठे चक्रवाती तूफान और इसे नाम देने वाले देश वर्ष (Year) चक्रवात का नाम (Cyclone Name) नाम देने वाला देश (Naming Country) प्रभावित मुख्य हिंदुस्तानीय क्षेत्र / देश 2026 अर्नब (Arnab) बांग्लादेश ओडिशा, आंध्र प्रदेश (वर्तमान में सक्रिय/अलर्ट) 2025 मोंथा (Montha) थाईलैंड आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना 2024 रेमल (Remal) ओमान पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश 2024 मिचांग (Michaung) म्यांमार आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु 2023 मिधिली (Midhili) मालदीव पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश 2023 हामून (Hamoon) ईरान बांग्लादेश, हिंदुस्तान के उत्तर-पूर्वी राज्य 2023 मोचा (Mocha) यमन म्यांमार, बांग्लादेश (अंडमान पर आंशिक असर) 2022 मांडूस (Mandous) UAE तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी 2022 सितरंग (Sitrang) थाईलैंड बांग्लादेश, पश्चिम बंगाल 2022 आसानी (Asani) श्रीलंका आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु 2021 जवाद (Jawad) सऊदी अरब ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल 2021 गुलाब (Gulab) पाकिस्तान आंध्र प्रदेश, ओडिशा 2021 यास (Yaas) ओमान ओडिशा, पश्चिम बंगाल 2020 निवार (Nivar) ईरान तमिलनाडु, पुडुचेरी 2020 अम्फान (Amphan) थाईलैंड पश्चिम बंगाल, ओडिशा (सुपर साइक्लोन) 2019 बुलबुल (Bulbul) पाकिस्तान पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बांग्लादेश 2019 फानी (Fani) बांग्लादेश ओडिशा, पश्चिम बंगाल 2018 गाजा (Gaja) श्रीलंका तमिलनाडु 2018 तितली (Titli) पाकिस्तान ओडिशा, आंध्र प्रदेश 2017 ओखी (Ockhi) बांग्लादेश कन्याकुमारी, केरल, लक्षद्वीप (खाड़ी से अरब सागर गया) 2016 वरदा (Vardah) पाकिस्तान तमिलनाडु (चेन्नई), आंध्र प्रदेश 2016 रोनू (Roanu) मालदीव ओडिशा, आंध्र प्रदेश, बांग्लादेश कौन-कौन से देश हैं शामिल इस 13 देशों के समूह में हिंदुस्तान और उसके पड़ोसी देशों के साथ-साथ मध्य-पूर्व (खाड़ी) के देश भी शामिल हैं. भौगोलिक दृष्टि से देखें तो इसमें दक्षिण एशिया से हिंदुस्तान, बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका और मालदीव आते हैं, जबकि दक्षिण-पूर्वी एशिया से म्यांमार और थाईलैंड को शामिल किया गया है. इसके अलावा, अरब सागर और हिंद महासागर से जुड़े पश्चिम एशिया (Middle East) के छह प्रमुख देश- ओमान, ईरान, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और यमन भी इस पैनल का हिस्सा हैं. ये सभी देश मिलकर उत्तरी हिंद महासागर क्षेत्र में उठने वाले चक्रवातों की निगरानी और उनके नामकरण का काम करते हैं. एडवांस में बनती है नामों की ‘बैंक’ चक्रवाती तूफानों के नाम तूफान आने के बाद नहीं रखे जाते. साल 2020 में सभी 13 देशों ने मिलकर 13-13 नाम सौंपे थे. इस तरह कुल 169 नामों की एक एडवांस लिस्ट (बैंक) तैयार कर ली गई, जो मौसम विभाग के पास सुरक्षित है. कब से हुई नामकरण की शुरुआत? चक्रवातों के नाम देने का सिलसिला साल 2004 से शुरू हुआ था. इन सभी देशों ने मिलकर जब ग्रुप बनाया इसके बाद से तूफानों के नाम तय किए जाने लगे. इसके पहले इनके नाम नहीं रखे जाते थे. मुख्य भूमिका अदा करता है हिंदुस्तान इस पूरी प्रक्रिया में हिंदुस्तान की भूमिका एक ‘सुपरबॉस’ की तरह है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं. दरअसल, नई दिल्ली स्थित हिंदुस्तानीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) दुनिया के उन चुनिंदा छह विशेष क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्रों में से एक है, जिसे वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त है. इसका मतलब यह है कि नाम भले ही अलग-अलग देश सुझाते हैं, लेकिन समुद्र में तूफान उठने के बाद उसे आधिकारिक रूप से नाम देने और उसकी निगरानी करने का मुख्य काम हिंदुस्तान का मौसम विभाग ही करता है. इसके साथ ही, हिंदुस्तान ही इन बाकी 12 देशों को चक्रवात की रफ्तार, उसके रास्ते और उससे होने वाले नुकसान को लेकर समय-समय पर आधिकारिक चेतावनी और निर्देश जारी करता है. नामों के पीछे का अनोखे अर्थ चक्रवातों को दिए जाने वाले इन नामों के पीछे बड़े ही दिलचस्प और अनोखे अर्थ छिपे होते हैं, जो आम पाठकों को बहुत ज्यादा आकर्षित करते हैं. उदाहरण के लिए, कुछ समय पहले आए ‘बिपरजॉय’ तूफान का नाम बांग्लादेश ने रखा था, जिसका बांग्ला भाषा में अर्थ ‘आपदा’ या ‘विपत्ति’ होता है. वहीं, हिंदुस्तान द्वारा दिए गए ‘तेज’ नाम का सीधा संबंध रफ्तार से था. इसी तरह, यमन ने एक चक्रवात का नाम ‘मोचा’ रखा था, जो वहां के एक मशहूर कॉफी उत्पादक शहर के नाम पर आधारित था, जबकि पाकिस्तान द्वारा दिए गए ‘गुलाब’ नाम के पीछे का उद्देश्य प्रकृति की खूबसूरती को दर्शाना था. ये नाम केवल पहचान के लिए नहीं, बल्कि इन देशों की संस्कृति और भाषा की झलक भी होते हैं. ‘रिटायर’ हो जाते हैं भारी तबाही मचाने वाले चक्रवातों के नाम इस नामकरण व्यवस्था का एक सबसे हैरान करने वाला नियम यह है कि तूफानों के नामों का भी ‘रिटायरमेंट’ होता है. अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार, यदि कोई चक्रवात असाधारण रूप से भयानक तबाही मचाता है और बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान करता है, तो उस नाम को हमेशा के लिए सूची से हटा यानी रिटायर कर दिया जाता है. ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि भविष्य में जब भी उस नाम का जिक्र हो, तो लोग केवल उसी ऐतिहासिक आपदा को याद कर सकें और मौसम संबंधी रिकॉर्ड्स में कोई भ्रम न पैदा हो. एक बार रिटायर होने के बाद उस नाम को दोबारा कभी भी दुनिया के किसी भी नए तूफान को नहीं दिया जाता. ये भी पढ़ें: Odisha Cyclone Arnab : बंगाल की खाड़ी के ‘डीप डिप्रेशन’ ने तट पर दी दस्तक, ओडिशा में आज और कल आफत की बारिश; कई जिलों में स्कूल बंद ये भी पढ़ें: Cyclone Arnab: डीप डिप्रेशन का असर, ओडिशा-झारखंड समेत 10 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, लैंडफॉल की स्थिति जानें The post Cyclone Arnab : आधा हिंदुस्तान नहीं जानता कैसे

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

CEC Appointment Law: चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति का कानून क्यों है विवाद में, सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?

मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) और निर्वाचन आयुक्तों (EC) की नियुक्ति से जुड़ा 2023 का कानून एक बार फिर चर्चा में है. इस कानून में CEC और EC की नियुक्ति करने वाली चयन समिति से हिंदुस्तान के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को हटा दिया गया है. इसी प्रावधान की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को खंडित फैसला सुनाया. जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ इस बात पर एकमत नहीं थी कि मामले को संविधान पीठ के पास भेजा जाना चाहिए या नहीं. हालांकि, दोनों जज इस बात पर सहमत हुए कि मामले को CJI सूर्यकांत के समक्ष रखा जाए, ताकि उचित संख्या वाली बड़ी पीठ के गठन पर फैसला हो सके. पहले समझिए, 2023 में क्या बदला? CEC और EC की नियुक्ति से जुड़ा मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023 संसद ने दिसंबर 2023 में बनाया था. इस कानून के तहत तीन सदस्यीय चयन समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और प्रधानमंत्री की ओर से नामित केंद्रीय कैबिनेट मंत्री शामिल हैं. यानी चयन समिति में प्रशासन के दो सदस्य होते हैं. पहले इस समिति में CJI को शामिल करने की व्यवस्था थी. 2023 के कानून में CJI की जगह प्रधानमंत्री द्वारा नामित कैबिनेट मंत्री को शामिल किया गया. CJI को हटाने पर सवाल क्यों उठा? इस विवाद की पृष्ठभूमि सुप्रीम कोर्ट के मार्च 2023 के अनूप बरनवाल बनाम हिंदुस्तान प्रशासन फैसले से जुड़ी है. उस समय पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा था कि जब तक संसद निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति के लिए कानून नहीं बनाती, तब तक चयन समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और CJI शामिल होंगे. अदालत ने निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता को महत्वपूर्ण माना था और कहा था कि चुनाव कराने वाली संस्था को कार्यपालिका के प्रभाव से सुरक्षित रखना जरूरी है. इसके कुछ महीने बाद संसद ने नया कानून बनाया और CJI की जगह प्रधानमंत्री के नामित मंत्री को समिति में शामिल कर दिया. याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि इससे नियुक्ति प्रक्रिया में कार्यपालिका का प्रभाव बढ़ता है और निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है. सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को क्या हुआ? मामले की सुनवाई पांच दिनों तक हुई. इसके बाद दो सदस्यीय पीठ ने अलग-अलग राय दी. जस्टिस दीपांकर दत्ता का मानना था कि मामले को संविधान पीठ में भेजना जरूरी नहीं है. उनके अनुसार, सुप्रीम कोर्ट पहले ही निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता से जुड़े संवैधानिक सिद्धांत तय कर चुका है. अब सवाल यह है कि 2023 का कानून उन तय सिद्धांतों के अनुरूप है या नहीं. जस्टिस दत्ता के मुताबिक, इस सवाल का फैसला मौजूदा पीठ भी कर सकती है. वहीं, जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की राय अलग थी. उन्होंने कहा कि 2023 के कानून की संवैधानिक वैधता पर सुप्रीम कोर्ट का कोई आधिकारिक फैसला अभी नहीं आया है. उनके मुताबिक, यह पहली बार है जब अदालत को यह तय करना है कि CJI की जगह प्रधानमंत्री के नामित कैबिनेट मंत्री को चयन समिति में शामिल करना संविधान के अनुरूप है या नहीं. इसलिए इस सवाल पर संविधान पीठ का फैसला जरूरी है. जस्टिस दत्ता ने चयन समिति पर क्या सवाल उठाए? जस्टिस दत्ता ने 2023 के कानून के तहत बनी चयन समिति की संरचना पर गंभीर सवाल उठाए, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि ये प्रथम दृष्टया टिप्पणियां हैं और कानून की वैधता पर अंतिम फैसला नहीं हैं. उन्होंने कहा कि समिति में प्रधानमंत्री और उनके द्वारा नामित कैबिनेट मंत्री होने के कारण कार्यपालिका के दो सदस्य हो जाते हैं. उनके अनुसार, प्रधानमंत्री द्वारा नामित मंत्री से यह उम्मीद करना मुश्किल है कि वह अपने नामित करने वाले व्यक्ति के खिलाफ जाकर फैसला करेगा. उन्होंने सामूहिक जिम्मेदारी के सिद्धांत का भी उल्लेख किया. उनके मुताबिक, ऐसी स्थिति में चयन समिति में मंत्री से स्वतंत्र संतुलनकारी भूमिका निभाने की उम्मीद करना मुश्किल है. क्या इससे फैसला 2:1 हो सकता है? जस्टिस दत्ता ने कहा कि चयन समिति में कार्यपालिका के दो सदस्य होने के कारण कागज पर फैसला 2:1 के अनुपात में प्रशासन के पक्ष में जा सकता है. उन्होंने कहा कि इससे कार्यपालिका के पास प्रभावी रूप से ‘वीटो’ जैसी स्थिति बन सकती है. उनके मुताबिक, ऐसी स्थिति में विपक्ष के नेता की मौजूदगी का उद्देश्य भी कमजोर पड़ सकता है. ‘आयोग स्वतंत्र हो, लेकिन स्वतंत्र दिखे भी’ जस्टिस दत्ता ने निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता को लेकर एक और अहम बात कही. उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग का स्वतंत्र होना ही पर्याप्त नहीं है. उसे स्वतंत्र तरीके से काम करते हुए दिखना भी चाहिए. उन्होंने इसे समझाने के लिए क्रिकेट का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि अगर किसी क्रिकेट मैच में अंपायर को किसी एक टीम का कप्तान चुनता है और बाद में उसी टीम की जीत होती है, तो अंपायर के सही फैसलों के बावजूद उस पर संदेह की गुंजाइश बनी रहती है. न्यायिक नियुक्तियों पर भी टिप्पणी सुनवाई के दौरान जस्टिस दत्ता ने न्यायिक नियुक्तियों को लेकर प्रशासन की दलीलों पर भी टिप्पणी की. उन्होंने उस आम धारणा को गलत बताया कि हिंदुस्तानीय न्यायपालिका में ‘न्यायाधीश ही न्यायाधीशों की नियुक्ति करते हैं.’ उन्होंने कहा कि यह एक मिथक है और न्यायिक नियुक्तियों की प्रक्रिया में कार्यपालिका की भी भूमिका होती है. उन्होंने यह भी कहा कि न्यायपालिका की नियुक्ति प्रक्रिया की तुलना निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति से करके चयन समिति में स्वतंत्र सदस्य की जरूरत को नकारा नहीं जा सकता. अब आगे क्या होगा? दोनों जजों की राय अलग होने के बाद मामला CJI सूर्यकांत के पास भेजा गया है. अब CJI यह तय करेंगे कि मामले की सुनवाई के लिए कितने सदस्यों वाली पीठ गठित की जाए. पीठ ने संविधान से जुड़े मामलों में लगातार हो रही देरी पर भी चिंता जताई और CJI से स्थायी पांच सदस्यीय संविधान पीठ बनाने की संभावना पर विचार करने का अनुरोध किया है. इस मामले में फिलहाल 2023 के कानून की संवैधानिक वैधता पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है. अगली सुनवाई बड़ी पीठ के गठन और उसके बाद कानून की वैधता से जुड़े सवालों पर होगी. ये भी पढ़ें: SIR पर घमासान:

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top