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ChatGPT से चीटिंग और फिर सुसाइड ! IIT बंबई में क्यों हो रहा प्रोटेस्ट?

शुक्रवार को IIT बंबई में आयोजित एक परीक्षा के दौरान साहिल वाकोडे को मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था. उसी दिन शाम को उसने सुसाइड कर लिया. इस घटना के बाद कैंपस में स्टूडेंट प्रोटेस्ट में शुरू हो गया और यह आरोप लगाए गए कि इस मामले को संभालने में संस्थान ने गलत तरीका अपनाया जिसकी वजह से साहिल वाकोडे ने आत्महत्या कर ली. प्रदर्शन के दौरान स्टूडेंट वेलफेयर को लेकर बड़ी चिंताएं जताईं गईं. ChatGPT पर क्वेश्चन पेपर अपलोड किया था IIT बंबई ने अपने आधिकारिक बयान में यह कहा है कि स्टूडेंट ने एग्जाम के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए ChatGPTपर क्वेश्चन पेपर अपलोड किया था. एग्जाम के दौरान उसे पकड़ा गया, हालांकि उसके खिलाफ कोई डिसिप्लिनरी एक्शन नहीं लिया गया. हां, साहिल से इस मामले पर इंस्ट्रक्टर और हेड ऑफ डिपार्टमेंट ने बात की. इन अधिकारियों ने उसकी काउंसलिंग की और उसे भरोसा दिलाया कि इस घटना से उसके एकेडमिक करियर पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा. बातचीत के बाद स्टूडेंट अपने हॉस्टल के कमरे में लौट आया. बाद में शाम को उसकी लाश कमरे से बरामद हुई. मौत के बाद छात्रों ने शुरू किया प्रदर्शन साहिल की मौत के बाद कैंपस में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया. स्टूडेंट्स ने सवाल उठाया कि इस घटना बहुत ही गलत तरीके से हैंडल किया गया और साहिल पर दबाव बनाया गया, जिसकी वजह से उसने सुसाइड किया. साहिल को सस्पेंशन की धमकी दी गई थी. हालांकि IIT बंबई ने इस बात से इनकार किया है. माता-पिता का आरोप-टॉर्चर की वजह से ही हमने इकलौता बच्चा खो दिया शनिवार सुबह साहिल के माता-पिता भी प्रदर्शन में शामिल हो गए. उसके माता-पिता ने अपने बेटे की मौत के लिए इंस्टीट्यूट एडमिनिस्ट्रेशन को दोषी ठहराया है. उनका कहना है कि उनका बेटा अपनी जान लेने का फैसला नहीं कर सकता था. उसके पिता ने कहा-यह जातिगत भेदभाव का मामला है. स्टूडेंट्स ने संस्थान के डायरेक्टर प्रोफेसर शिरीष केदारे और एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के इस्तीफे की मांग की है, जहां स्टूडेंट पढ़ रहा था. ये भी पढ़ें: प्रशासन ने EPFO की वेतन सीमा को 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपए किया, जानिए ; आपके वेतन और पेंशन पर क्या होगा असर The post ChatGPT से चीटिंग और फिर सुसाइड ! IIT बंबई में क्यों हो रहा प्रोटेस्ट? appeared first on Naya Vichar.

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WATCH: अमेरिका के मंच पर चीनी रोबोट्स ने किया ऐसा डांस, देखकर लोग दंग रह गए

अमेरिका के लोकप्रिय शो America’s Got Talent पर एक ऐसी परफॉर्मेंस देखने को मिली जिसने दर्शकों और जजों दोनों को हैरान कर दिया. चीनी कंपनी Unitree के ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने पारंपरिक मार्शल आर्ट्स स्टाइल में सिंक्रनाइज्ड डांस प्रस्तुत किया. रोबोट्स की सटीक मूवमेंट्स और फुर्ती देखकर लोग पूछने लगे कि क्या ये वाकई मशीनें हैं या इंसान. वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. रोबोट्स ने दिखाया कमाल का तालमेल स्टेज पर चीनी मंदिर जैसा बैकड्रॉप था. रोबोट्स पारंपरिक पोशाक में दिखाई दिए और एक साथ एक जैसे मूव्स करने लगे. किक, स्पिन और एक्रोबेटिक स्टंट इतनी परफेक्ट तरीके से हुए कि ऑडियंस तालियां बजाती रह गई. कुछ ह्यूमन डांसर्स भी उनके साथ नजर आए, लेकिन रोबोट्स की स्थिरता और स्पीड ने सबका ध्यान खींच लिया. सोशल मीडिया पोस्ट यहां देखें क्यों हो रही है इतनी चर्चा Unitree पहले से ही अपने एडवांस्ड ह्यूमनॉइड और क्वाड्रूपेड रोबोट्स के लिए जानी जाती है. इस परफॉर्मेंस ने दिखाया कि रोबोट अब सिर्फ फैक्ट्री या लैब तक सीमित नहीं रहे. वे मनोरंजन के क्षेत्र में भी दखल दे सकते हैं. कई लोग इसे भविष्य की झलक बता रहे हैं, जहां मशीनें कला और कल्चर को भी नई ऊंचाई दे सकती हैं. टेक्नोलॉजी का नया चेहरा इस शो ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स कितनी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. सिर्फ प्रोग्रामिंग से इतने जटिल और सिंक्रनाइज्ड मूव्स कराना आसान नहीं होता. यह परफॉर्मेंस रोबोट कंपनियों के बीच होड़ को भी और तेज कर सकती है. दर्शकों की प्रतिक्रिया जजेस की हैरानी साफ झलक रही थी. सोशल मीडिया पर लोग इसे रोबोटिक्स की बड़ी उपलब्धि बता रहे हैं. कुछ यूजर्स मजाक में कह रहे हैं कि अब डांस रियलिटी शोज में इंसानों की जगह मशीनें ले लेंगी. कुल मिलाकर यह क्लिप टेक्नोलॉजी और मनोरंजन के मेल का अच्छा उदाहरण बन गई है. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल सवाल 1: Unitree रोबोट्स किस कंपनी के हैं? जवाब: ये चीनी कंपनी Unitree Robotics द्वारा बनाए गए ह्यूमनॉइड रोबोट्स हैं. सवाल 2: रोबोट्स ने किस तरह का डांस किया? जवाब: पारंपरिक चीनी मार्शल आर्ट्स स्टाइल में सिंक्रनाइज्ड डांस और एक्रोबेटिक मूव्स किए. सवाल 3: यह परफॉर्मेंस कहां हुई? जवाब: America’s Got Talent नाम के लोकप्रिय अमेरिकी टैलेंट शो में. ये भी पढ़ें: क्या अब रोबोट बनेंगे नाई? AI ट्रेनिंग के वीडियो ने सोशल मीडिया पर मचाई हलचल ये भी पढ़ें: Jio यूजर्स को पूरे 1 साल मुफ्त मिलेगा Canva Pro, जानें कैसे उठाएं ₹4,000 की बचत का फायदा The post WATCH: अमेरिका के मंच पर चीनी रोबोट्स ने किया ऐसा डांस, देखकर लोग दंग रह गए appeared first on Naya Vichar.

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न UPI, न नया नंबर फिर भी मजदूर के बैंक खाते से 22 बार में उड़े ₹2.35 लाख, जानें बोकारो का यह हैरान करने वाला मामला

बोकारो. बेटी की शादी के लिए बैंक खाते में जमा किये गये 2 लाख 35 हजार 100 रुपये साइबर अपराधियों ने कथित तौर पर निकाल लिये. चास के सांगजौरी निवासी राम प्रसाद गोराई की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है. शिकायतकर्ता बीएसएल में ठेका मजदूर है और उसका बैंक खाता बैंक ऑफ इंडिया में है. राम प्रसाद ने बेटी की शादी के खर्च के लिए खाते में 2.35 लाख रुपये जमा किये थे. 17 सितंबर को वह बैंक से रुपये निकालने पहुंचे, तो उन्हें खाते में महज 472 रुपये शेष होने की जानकारी मिली. बैंक खाते के लेन-देन की जांच करने पर पता चला कि 14 से 16 सितंबर के बीच करीब 22 बार में रकम निकाली गयी है. यूपीआइ का इस्तेमाल नहीं करते हैं राम प्रसाद शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि वह यूपीआइ का इस्तेमाल नहीं करता है. इसके बावजूद उसके बैंक खाते से लगातार कई लेन-देन के माध्यम से राशि निकाली गयी. उन्होंने पुलिस को बताया कि खाते से जुड़े मोबाइल नंबर को वर्ष 2015-16 में ही बंद कर दिया गया था. इसके बाद उन्होंने बैंक खाते में नया मोबाइल नंबर अपडेट नहीं कराया. पुराने मोबाइल नंबर से संपर्क करने पर धमकी का आरोप राम प्रसाद के अनुसार, खाते में दर्ज पुराने मोबाइल नंबर पर संपर्क कर उसके धारक से नाम और पता जानने का प्रयास किया गया. शिकायतकर्ता का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति ने अपना परिचय बताने से इनकार कर दिया और धमकी भी दी. जांच में जुटी साइबर थाना पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने के बाद साइबर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है. पुलिस खाते से हुई निकासी के तरीके, संबंधित लेन-देन और मोबाइल नंबर समेत अन्य तकनीकी जानकारी जुटा रही है. जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि खाते से रकम किस माध्यम से और किन लोगों ने निकाली. ये भी पढ़ें: बोकारो में सियार के हमले के बाद अचानक क्यों बढ़ी विभाग की चिंता, 2 मौतों के बाद लिया गया यह फैसला The post न UPI, न नया नंबर फिर भी मजदूर के बैंक खाते से 22 बार में उड़े ₹2.35 लाख, जानें बोकारो का यह हैरान करने वाला मामला appeared first on Naya Vichar.

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जब चीन के चंगुल में फंसे थे भारतीय एजेंट…अजीत डोभाल ने सुनाया किस्सा, बोले- लगा था करियर खत्म!

जब 20 की उम्र में थे, तैनाती सिक्किम में थी. खुफिया जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे. तब एक खुफिया मिशन पर गई टीम कई दिनों तक वापस नहीं लौटी. बाद में पता चला कि वह टीम चीन की हिरासत में है. यह पुराना किस्सा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने IIT रुड़की के दीक्षांत समारोह में सुनाया. डोभाल को क्यों लगा करियर खत्म हो जाएगा? NSA डोभाल ने अपने युवा दिनों के किस्से साझा करते हुए बताया कि ये कहानी उस समय की है जब सिक्किम आज की तरह हिंदुस्तान का पूर्ण राज्य नहीं था. 1975 में संविधान के 36वें संशोधन के जरिए सिक्किम हिंदुस्तान का 22वां राज्य बना. डोभाल उस समय हिंदुस्तानीय पुलिस सेवा के युवा अधिकारी थे और खुफिया काम में नए थे. उनकी जिम्मेदारी सीमा क्षेत्रों पर नजर रखना और चीनी सेना यानी PLA की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाना था. डोभाल ने बताया कि एक बार एक खुफिया टीम को सीमा क्षेत्र में मिशन पर भेजा गया. टीम को कुछ दिनों में वापस आना था, लेकिन आठ दिन गुजर गए.. फिर दस और करीब 15 दिन भी बीत गए. इस दौरान उन्हें चिंता होने लगी कि आखिर टीम के साथ हुआ क्या है. क्योंकि इस दौरान किसी तरह के कोई प्रकृतिक घटना या दुर्घटना की सूचना नहीं थी. …फिर मुझे मुख्यालय से फोन आया इसके बाद मुख्यालय से फोन आया. एक वरिष्ठ अधिकारी ने डोभाल से पूछा कि क्या उन्होंने कुछ लोगों को सीमा पार भेजा था. डोभाल ने बताया हां, जिसके बाद अधिकारी ने उन्हें जानकारी दी कि वे लोग चीनी हिरासत में हैं. इस सुचना के मिलने के बाद, डोभाल ने बताया कि उनकी हालत बेहद खराब हो गई थी. डोभाल ने घटना को याद करते हुए बताया कि उन्हें इस घटना के बाद पुरा यकिन था उनका करियर खत्म हो जाएगा. वह उस समय 20 की उम्र में थे और उन्हें लग रहा था कि अब उन्हें कोई दूसरा करियर शुरू करना पड़ेगा. हालांकि ऐसा नहीं हुआ क्योंकि… NSA डोभाल ने बताया कि उन्हें जिम्मेदार नहीं माना गया और जांच में यह सामने आया कि मुख्यालय से उपलब्ध कराए गए स्केच और नक्शों में कुछ गलतियां और कमियां थीं. टीम के लौटने के बाद इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई और फिर चीनी पक्ष ने उन लोगों से पूछताछ की और बाद में उन्हें वापस कर दिया. सिक्किम का हिंदुस्तान में विलय कब हुआ? सिक्किम के हिंदुस्तान में शामिल होने की प्रक्रिया 1970 के दशक में तेज हुई और मई 1975 में संवैधानिक बदलाव के बाद वह हिंदुस्तान का 22वां राज्य बना. ये भी पढ़ें: Video : US के पूर्व NSA ने कहा-धोखेबाज है पाकिस्तान…पैसे के लिए कुछ भी कर सकता है! The post जब चीन के चंगुल में फंसे थे हिंदुस्तानीय एजेंट…अजीत डोभाल ने सुनाया किस्सा, बोले- लगा था करियर खत्म! appeared first on Naya Vichar.

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Video : US के पूर्व NSA ने कहा-धोखेबाज है पाकिस्तान…पैसे के लिए कुछ भी कर सकता है!

सऊदी अरब की सिक्योरिटी और क्रिटिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते हमलों के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल एच.आर. मैकमास्टर ने चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि सऊदी अरब की आर्थिक महत्वाकांक्षाओं के लिए स्थिर और सुरक्षित माहौल जरूरी है. अपने बयान में उन्होंने 7 अगस्त 2026 को सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुआ मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट को लेकर भी सवाल उठाया. क्या है मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने 7 अगस्त 2026 को मक्का में जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए थे. समझौते के मुताबिक तीनों में से किसी एक देश पर सशस्त्र हमला होने पर उसे तीनों के खिलाफ हमला माना जाएगा. इसका उद्देश्य सामूहिक प्रतिरोध क्षमता और रक्षा सहयोग को मजबूत करना है. तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने बाद में कहा था कि इस व्यवस्था को तकनीकी तौर पर नाटो के आर्टिकल 5 के समान समझा जा सकता है, लेकिन किसी हमले की स्थिति में मदद का स्वरूप परिस्थितियों और संबंधित देश की मांग पर निर्भर करेगा. ये भी पढ़ें: पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के रक्षा सहयोग समझौते का हिंदुस्तान पर क्या होगा असर? पाकिस्तान और तुर्की पर मैकमास्टर ने क्या उठाए सवाल मक्का डिफेंस एग्रीमेंट में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर मैकमास्टर का कहना है कि अब असली बात यह होगी कि जरूरत पड़ने पर पाकिस्तान इस समझौते की शर्तों को कितनी गंभीरता से लागू करता है. उन्होंने पाकिस्तान की नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि वह कई बार एक ही समय में अलग-अलग दिशाओं में काम करता दिखाई देता है. मैकमास्टर ने यह भी दावा किया कि मक्का समझौता काफी हद तक प्रतीकात्मक हो सकता है और इसके पीछे सऊदी अरब से पाकिस्तान को मिलने वाली आर्थिक मदद को बनाए रखने का मकसद भी हो सकता है. मैकमास्टर ने तुर्किये की भूमिका पर भी अपनी चिंता जाहिर की है. उन्होंने साफ किया कि उनकी आलोचना तुर्किये के लोगों को लेकर नहीं, बल्कि राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन की प्रशासन और उनकी पार्टी एकेपी की नीतियों को लेकर है. देखिए वीडियो पाकिस्तान और तुर्की की भूमिका क्यों अहम? मक्का समझौते में सिर्फ सामूहिक सुरक्षा की बात नहीं है. इसमें रक्षा सहयोग के अलग-अलग क्षेत्रों को बढ़ाने का प्रावधान भी है. तुर्किये ने साफ किया है कि यह समझौता किसी खास देश के खिलाफ नहीं है. पाकिस्तान ने भी इसे विशुद्ध रूप से रक्षात्मक समझौता बताया है. हालांकि अभी यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संकट की स्थिति में तीनों देश किस तरह का सैन्य, तकनीकी या लॉजिस्टिक सहयोग देते हैं. सऊदी के लिए सिक्योरिटी अब सबसे बड़ा सवाल 18 सितंबर को ANI से बातचीत में मैकमास्टर ने कहा कि मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट को लेकर पाकिस्तान के इरादों और समझौते को लागू करने की उसकी क्षमता पर उन्हें संदेह है. उन्होंने सऊदी अरब पर हुए ताजा हमलों का उदाहरण देते हुए कहा कि सिर्फ सऊदी अरब का इन्फ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, बल्कि मक्का भी हमले की चपेट में आया है. इसका असर आने वाले समय में देखने को मिलेगा. उनके मुताबिक क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की आर्थिक योजनाएं, खासकर विजन 2030, तभी आगे बढ़ सकती हैं जब पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बनी रहे. मैकमास्टर ने यह भी कहा कि रियाद के सामने यह सवाल है कि मुश्किल समय में उसके साथ कौन खड़ा रहेगा. उन्होंने अमेरिका की सिक्योरिटी गारंटी को लेकर सऊदी नेतृत्व की संभावित चिंताओं का भी जिक्र किया. उनके अनुसार, क्षेत्रीय स्थिरता का असर सऊदी के फाइनेंशियल हब, डेटा सेंटर, कंप्यूटिंग क्षमता और एआई से जुड़े भविष्य के निवेश पर पड़ सकता है. ये भी पढ़ें: Video: हिंदुस्तान की बढ़ती ताकत देख सहमा पाकिस्तान, सेना के प्रवक्ता ने कहा-उनसे हमारा कोई मुकाबला नहीं The post Video : US के पूर्व NSA ने कहा-धोखेबाज है पाकिस्तान…पैसे के लिए कुछ भी कर सकता है! appeared first on Naya Vichar.

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Jharkhand High Court: कोर्ट जाने पर कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाल सकते, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

झारखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि किसी भी कर्मचारी को मात्र इस कारण से सेवा से पृथक करना कि उसने अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हेतु न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, पूर्णतः मनमाना, दुर्भावनापूर्ण एवं विधि-विरुद्ध है. हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की पीठ ने रिट याचिका धरो उरांव एवं अन्य की ओर से दायर याचिका में यह महत्वपूर्ण निर्णय पारित करते हुए स्पष्ट किया कि “किसी नागरिक को अपने संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा हेतु न्यायालय की शरण में जाने के कारण किसी भी प्रकार के प्रतिकूल परिणाम भुगतने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता. न्यायालय जाने का अधिकार स्वयं में एक संवैधानिक अधिकार है तथा इस अधिकार के प्रयोग के प्रतिशोध में की गई कोई भी कार्यवाही विधि के शासन की जड़ पर प्रहार करती है.” क्या था मामला? याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने अदालत में पक्ष रखा. याचिकाकर्तागण को वर्ष 2004-2005 से स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, राज्य प्रशासन की अभियंत्रण कोषांग में लिपिक, टाइपिस्ट, चालक, पंप ऑपरेटर आदि पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्त किया गया था. वर्ष 2016 में विभाग के विलय के पश्चात इन कर्मचारियों को जनवरी 2017 तक नियमित रूप से कार्य करने दिया गया, किंतु तत्पश्चात बिना किसी औपचारिक आदेश अथवा कारण बताओ नोटिस के उन्हें सेवा से पृथक कर दिया गया. पूर्व में समन्वय पीठ द्वारा चार फरवरी 2017 को याचिकाकर्ताओं की सेवा नियमित करने का आदेश पारित किया गया था, जिसे राज्य द्वारा अपील याचिका दायर कर चुनौती दी गयी, परंतु वह भी 25,000 रुपये के हर्जाने के साथ खारिज कर दी गई. इसके बावजूद विभाग द्वारा दिनांक 14 अगस्त 2024 के आदेश से याचिकाकर्ताओं के सेवा नियमितीकरण के दावे को अस्वीकृत कर दिया गया. कोर्ट का महत्वपूर्ण अभिनिर्धारण जस्टिस दीपक रोशन की पीठ ने पाया कि याचिकाकर्ता 10 वर्षों से अधिक समय तक बिना किसी अवकाश अथवा शिकायत के स्वीकृत पदों पर कार्यरत रहे तथा उनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित थी. पीठ ने राज्य के इस तर्क को अस्वीकार कर दिया कि याचिकाकर्ता स्वीकृत पदों पर नियुक्त नहीं थे. सुप्रीम कोर्ट के जग्गो बनाम हिंदुस्तान संघ जैसे नजीरी निर्णयों का उल्लेख करते हुए पीठ ने कहा कि जहां कार्य की प्रकृति सतत एवं संस्थान के लिए अपरिहार्य हो, वहां मात्र “संविदा” अथवा “अस्थायी” के नामकरण मात्र से नियुक्ति को अनियमित घोषित नहीं किया जा सकता. कोर्ट का निष्कर्ष एवं आदेश जस्टिस रोशन ने यह भी टिप्पणी की कि “राज्य एवं उसकी अभिकरणों द्वारा वादियों को उनके संवैधानिक उपचारों के प्रयोग मात्र के लिए दंडित करने की प्रथा तत्काल समाप्त होनी चाहिए.” पीठ ने दिनांक 14 अगस्त 2024 के प्रशासन के तर्कयुक्त आदेशों को रद्द कर दिया. राज्य प्रशासन को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं को समस्त परिणामी लाभों के साथ छह सप्ताह के भीतर सेवा में पुनर्स्थापित कर नियमितीकरण का औपचारिक आदेश जारी किया जाये. ये भी पढ़ें: झारखंड कांग्रेस में खींचतान: केशव महतो ने अभिलाष साहू को बनाया उपाध्यक्ष, प्रभारी के. राजू ने कहा- पहले जांच, फिर पदभार The post Jharkhand High Court: कोर्ट जाने पर कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाल सकते, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला appeared first on Naya Vichar.

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नीरज कुमार को अनंत सिंह की खुली चुनौती, बोले- बजरंगबली मंदिर के सामने आमने-सामने होंगे, AK-47 मामले पर भी उठाए सवाल

Anant Singh Vs Neeraj Kumar: पटना स्नातक निर्वाचन सीट को लेकर जेडीयू के भीतर सियासी खींचतान बढ़ती जा रही है. मोकामा विधायक अनंत सिंह और जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार के बीच जुबानी जंग अब व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गई है. नीरज कुमार के बयान पर अनंत सिंह ने फिर पलटवार किया है. उन्होंने नीरज कुमार को बजरंगबली मंदिर के सामने आमने-सामने आने की चुनौती दी है. अनंत सिंह ने कहा कि अगर नीरज कुमार में हिम्मत है, तो वह बजरंगबली के मंदिर के सामने आएं. दोनों वहीं आमने-सामने अपनी बात रखेंगे. उन्होंने कहा कि वहां जनता खुद दोनों की बातें सुनेगी और सब कुछ साफ हो जाएगा. ‘आज से नहीं, 15-18 साल से मेरे खिलाफ बोल रहे’ अनंत सिंह ने दावा किया कि नीरज कुमार आज से उनके खिलाफ बयान नहीं दे रहे हैं. उनके मुताबिक, जब नीरज कुमार पहली बार विधान पार्षद बने थे, तभी से वह उनके खिलाफ बोलते और उन्हें चुनौती देते रहे हैं. उन्होंने पत्रकारों से नीरज कुमार के पुराने वीडियो देखने की बात कही. अनंत सिंह ने कहा कि पुराने बयानों को देखने से दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद की पूरी कहानी सामने आ जाएगी. ‘बजरंगबली के सामने जो कहना है, कहें’ अनंत सिंह ने कहा कि नीरज कुमार बजरंगबली के सामने खड़े होकर जो कहना चाहते हैं, कहें. उन्होंने दावा किया कि अगर नीरज कुमार वहां यह कह दें कि अनंत सिंह ने कभी उनकी मदद नहीं की, तो वह अपनी बात वापस ले लेंगे. अनंत सिंह ने यह भी कहा कि वह मंदिर के सामने होने वाली बातचीत को जनता के सामने रखने के लिए तैयार हैं. उन्होंने इसे अपने लिए अदालत जैसा बताया. AK-47 मामले पर भी लगाए गंभीर आरोप जुबानी जंग के बीच अनंत सिंह ने पुराने AK-47 मामले का भी जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके घर पर AK-47 रखवाकर उन्हें जेल भेजने की साजिश की गई थी. अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर इस मामले में भूमिका होने का आरोप लगाया और नार्को टेस्ट की मांग दोहराई. इन आरोपों की पुष्टि के तौर पर कोई नया तथ्य अनंत सिंह ने पेश नहीं किया है. इस मामले पर नीरज कुमार पहले ही पलटवार कर चुके हैं और सबूत होने पर कोर्ट जाने की चुनौती दे चुके हैं. ‘नीरज की जीत में कई बार मदद की’ अनंत सिंह ने नीरज कुमार के नेतृत्वक सफर को लेकर भी दावा किया. उन्होंने कहा कि उन्होंने कई बार नीरज कुमार की चुनावी जीत में मदद की है. अनंत सिंह के मुताबिक, नीरज कुमार को पहली बार चुनाव लड़ने और टिकट दिलाने में भी उन्होंने मदद की थी. उन्होंने कहा कि अगर नीरज कुमार को लगता है कि उन्होंने उनकी कोई मदद नहीं की, तो वह बजरंगबली मंदिर के सामने आकर यह बात कह दें. अनुज सिंह के समर्थन का किया ऐलान पटना स्नातक निर्वाचन सीट को लेकर अनंत सिंह पहले ही नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर सामने आ चुके हैं. उन्होंने अनुज सिंह को अपना उम्मीदवार बताते हुए उनके समर्थन का ऐलान किया है. टिकट के सवाल पर अनंत सिंह ने कहा कि पार्टी टिकट दे तो ठीक है. टिकट नहीं मिलता है, तो निर्दलीय चुनाव लड़ने का विकल्प भी खुला है. पुराने नेतृत्वक विवाद भी किए याद अनंत सिंह ने जेडीयू से अपने पुराने संबंधों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से पार्टी से जुड़े रहे हैं. इसके बावजूद नीरज कुमार ने कई बार उनका विरोध किया. उन्होंने ललन सिंह को लेकर भी आरोप लगाए. अनंत सिंह ने दावा किया कि नीरज कुमार ने ललन सिंह के खिलाफ भी विरोध की नेतृत्व की है. इन आरोपों पर नीरज कुमार की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें नीतीश कुमार के पुराने कार्यक्रम का भी जिक्र अनंत सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मोकामा दौरे से जुड़ी एक पुरानी घटना का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि उस समय विरोध के दौरान मंच को नुकसान पहुंचाया गया था. अनंत सिंह के मुताबिक, नीरज कुमार वहां से बेगूसराय चले गए थे और दूसरे पक्ष के लिए वोट मांग रहे थे. इस दावे पर भी नीरज कुमार की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. पटना स्नातक सीट ने बढ़ाई सियासी गर्मी दरअसल, पटना स्नातक निर्वाचन सीट के चुनाव को लेकर जेडीयू के भीतर खींचतान पहले से चर्चा में है. नीरज कुमार इस सीट से चुनावी मैदान में हैं, जबकि अनंत सिंह उनके समर्थन के बजाय अनुज सिंह के साथ खड़े हैं. दोनों नेताओं के बीच पहले भी बयानबाजी हो चुकी है. Also Read: बच्चों के लिए बिहार पुलिस की नई व्यवस्था, 2 अक्टूबर से सभी थानों में शुरू होगी यह सुविधा, जानें क्या होगा फायदा The post नीरज कुमार को अनंत सिंह की खुली चुनौती, बोले- बजरंगबली मंदिर के सामने आमने-सामने होंगे, AK-47 मामले पर भी उठाए सवाल appeared first on Naya Vichar.

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नीम और करी पत्ता मिलाकर बनाएं ये होममेड पाउडर, बालों से लेकर स्किन तक आएगा काम

Curry Patta Powder For Hair: करी पत्ता सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने के काम नहीं आता. नीम का इस्तेमाल भी लंबे समय से स्किन और बालों की देखभाल के लिए किया जाता रहा है. अगर आपके घर में करी पत्ता और नीम आसानी से मिल जाता है, तो आप इन दोनों का पाउडर घर पर ही तैयार कर सकते हैं. इसे बनाना भी काफी आसान है और सही तरह से रखने पर कुछ समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है. आइए जानते हैं इसे बनाने का आसान तरीका. करी पत्ता और नीम पाउडर बनाने के लिए चाहिए ये चीजें करी पत्ते और नीम से तैयार पाउडर की सांकेतिक तस्वीर, Pc -AI इस पाउडर को बनाने के लिए आपको सिर्फ दो चीजों की जरूरत होगी. 2 कप साफ नीम की पत्तियां 2 कप ताजा करी पत्ता पत्तियां जितनी साफ और अच्छी होंगी, पाउडर भी उतना ही अच्छा बनेगा. सबसे पहले पत्तियों को अच्छी तरह साफ करें सबसे पहले नीम और करी पत्ते को डंठल से अलग कर लें. इसके बाद दोनों को 2-3 बार साफ पानी से धो लें. इससे पत्तियों पर लगी धूल और मिट्टी निकल जाएगी. धोने के बाद इन्हें किसी साफ कपड़े या बड़ी प्लेट पर फैला दें. अब इन्हें ऐसी जगह रखें जहां हवा आती-जाती रहे. पत्तियों को 1-2 दिन तक अच्छी तरह सूखने दें. पत्तियों को पूरी तरह सुखाना है जरूरी पत्तियों में बिल्कुल भी नमी नहीं रहनी चाहिए. अगर पत्तियां सूखने के बाद भी थोड़ी नरम लग रही हैं, तो उन्हें कुछ देर और सूखने दें. जल्दी में तेज धूप में रखने के बजाय इन्हें हल्की छांव और हवा वाली जगह पर सुखाना आसान तरीका है. इससे पत्तियां धीरे-धीरे अच्छी तरह सूख जाएंगी. अब बनाएं दोनों का बारीक पाउडर जब नीम और करी पत्ते पूरी तरह सूखकर कुरकुरे हो जाएं, तो इन्हें मिक्सी के सूखे जार में डालें. अब दोनों को बारीक पीस लें. पाउडर को और मुलायम बनाने के लिए इसे एक बार छलनी से छान सकते हैं. जो मोटा हिस्सा बच जाए, उसे दोबारा पीस लें. पाउडर को ऐसे रखें स्टोर तैयार पाउडर को किसी साफ और पूरी तरह सूखे एयरटाइट डिब्बे में भरकर रखें. डिब्बे में पानी या नमी बिल्कुल नहीं जानी चाहिए. इसे निकालने के लिए हमेशा सूखी चम्मच का इस्तेमाल करें. अगर पाउडर में नमी, बदबू या रंग में कोई अजीब बदलाव नजर आए, तो इसे इस्तेमाल न करें. फेस पैक में ऐसे कर सकते हैं इस्तेमाल अगर आप इसे चेहरे पर लगाना चाहते हैं, तो 1 चम्मच नीम-करी पत्ता पाउडर में थोड़ा दही या गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बना सकते हैं. चाहें तो इसमें एक चुटकी हल्दी भी डाल सकते हैं. इस पेस्ट को चेहरे पर हल्के हाथ से लगाएं और करीब 10-15 मिनट बाद पानी से धो लें. पहली बार इस्तेमाल करने से पहले थोड़ा सा पैक हाथ की त्वचा पर लगाकर देख लें. जलन या खुजली हो तो चेहरे पर इसका इस्तेमाल न करें. बालों के लिए ऐसे बनाएं हेयर पैक बालों के लिए 2 चम्मच इस पाउडर में थोड़ा एलोवेरा जेल या नारियल तेल मिलाकर पेस्ट बना सकते हैं. इसे बालों की जड़ों और स्कैल्प पर लगाएं. करीब 20-30 मिनट बाद माइल्ड शैम्पू से बाल धो लें. अगर स्कैल्प पर पहले से खुजली, घाव या ज्यादा जलन है, तो इसे लगाने से पहले एक्सपर्ट की सलाह लेना बेहतर है. यह भी पढ़ें: हर समय चेहरा दिखता है थका हुआ? ये आसान होममेड फेस मिस्ट करें ट्राई The post नीम और करी पत्ता मिलाकर बनाएं ये होममेड पाउडर, बालों से लेकर स्किन तक आएगा काम appeared first on Naya Vichar.

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PM Modi ने लॉन्च किया NGT Mobile App, अब मोबाइल पर मिलेगी पर्यावरण से जुड़े केस की हर जरूरी जानकारी

NGT Mobile App Launch : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘द फ्यूचर ऑफ एनवायरनमेंट एंड क्लाइमेट डायनेमिक्स’ के दौरान नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) Mobile App लॉन्च किया. यह सम्मेलन 19 और 20 सितंबर को NGT की ओर से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें पर्यावरण और जलवायु से जुड़े मुद्दों पर हिंदुस्तान समेत 17 देशों के न्यायिक प्रतिनिधि और विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं. क्या है NGT Mobile App? NGT Mobile App नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल से जुड़े मामलों की जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध कराने वाला डिजिटल प्लेटफॉर्म है. ऐप के जरिए यूजर्स केस स्टेटस, कॉज लिस्ट और मामलों से जुड़े ऑर्डर/जजमेंट देख सकते हैं. यानी NGT में चल रहे किसी मामले की स्थिति या उसके आदेश की जानकारी के लिए बार-बार वेबसाइट देखने की जरूरत कम होगी. ऐप को नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) ने विकसित किया है. पर्यावरण न्याय व्यवस्था में डिजिटल कनेक्ट NGT पर्यावरण से जुड़े मामलों की सुनवाई और उनके निपटारे के लिए महत्वपूर्ण संस्था है. ऐसे में मोबाइल ऐप के जरिए मामलों और आदेशों तक आसान पहुंच से न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी को लोगों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है. NGT के इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य केस से जुड़ी जरूरी जानकारी को मोबाइल के जरिए ज्यादा आसानी से उपलब्ध कराना है. ये भी पढ़ें: 408 साल पुराना मथुरा विवाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट में टली सुनवाई, समझें कैसे शुरू हुआ कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह का मसला The post PM Modi ने लॉन्च किया NGT Mobile App, अब मोबाइल पर मिलेगी पर्यावरण से जुड़े केस की हर जरूरी जानकारी appeared first on Naya Vichar.

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Prabhat Khabar Exclusive: ‘तालिबान को जल्द सैन्य झटके लगेंगे’, NRF कमांडर रूबिन सत्तार का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू

पिछले कुछ महीनों से उत्तरी अफगानिस्तान, खासकर बदख्शां और पंजशीर प्रांतों में तालिबान बलों पर तालिबान विरोधी गुटों, जैसे नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट (NRF), अफगानिस्तान फ्रीडम फ्रंट (AFF) और हाल ही में गठित सिपाह-ए-मिहान—की ओर से लगभग रोजाना हमले किए जाने की समाचारें सामने आती रही हैं. तालिबान ने हाल के दिनों में इन अशांत इलाकों में अपनी तैनाती बढ़ाई है और प्रतिरोधी कमांडरों का पता लगाने के लिए गुप्त अभियान भी शुरू किए हैं. इन्हीं अभियानों के दौरान NRF के ऑपरेशंस कमांडर हसीब पंजशिरी, जिन्हें कोये मरकज के नाम से भी जाना जाता था, की सलांग घाटी में तालिबान के विशेष बलों द्वारा किए गए घात में मौत हो गई. हसीब पंजशिरी के पूर्व डिप्टी कमांडर रूबिन सत्तार से अफगानिस्तान-पाकिस्तान मामलों के भू-नेतृत्वक विश्लेषक मनीष राय ने बातचीत की. सत्तार वर्तमान में नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट (NRF) की स्पेशल ऑपरेशंस यूनिट, यूनिट 01 के कमांडर हैं. Manish Rai interview Rubin Sattar of NRF, Afghanistan Read more: PM Modi @ 76: पीएम मोदी के दौर में कैसे बदली हिंदुस्तान की सभ्यतागत पहचान? काशी से ‘हिंदुस्तान’ तक समझिए कहानी The post Naya Vichar Exclusive: ‘तालिबान को जल्द सैन्य झटके लगेंगे’, NRF कमांडर रूबिन सत्तार का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू appeared first on Naya Vichar.

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