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Buxar News: इटाढ़ी में गांजे के साथ पुलिस के हत्थे चढ़ी महिला तस्कर

बक्सर . जिले में मादक पदार्थों का धंधा फल-फूल रहा है. पुलिस के अथक प्रयास के बावजूद बेखौफ धंधेबाज तस्करी के धंधे से बाज नहीं आ रहे हैं और रातोंरात धनवान बनने के चक्कर में भोले-भाले युवकों को अपना शिकार बना रहे हैं. हालांकि पुलिस कप्तान शुभम आर्य की सख्ती से उनकी गिरफ्तारी आए दिन हो रही है. उसी कड़ी में इटाढ़ी थाना के डिहरियां गांव से भारी मात्रा में गांजा के साथ एक स्त्री तस्कर को गिरफ्तार कर मंगलवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया. उसके घर से 49.507 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है. इसकी पुष्टि थानाध्यक्ष सोनू कुमार ने की है. पुलिस के मुताबिक डिहरियां गांव में गांजा की खेप पहुंचने की सूचना मिली थी. जिसके बाद सोमवार की देर शाम छापेमारी कर चिन्हित स्त्री मिकू कुमारी के घर की तलाशी ली गई. जिसमें भारी मात्रा में गांजा की बरामदगी हुई. जबकि पड़ोस का उसका एक सहयोगी फरार हो गया. पुलिस दूसरे आरोपित की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. गिरफ्तार स्त्री मिकू कुमारी डिहरियां निवासी उपेन्द्र राजभर की पत्नी है. उसका पति उपेन्द्र रोजी-रोटी के जुगाड़ में गोवा रहता है. जबकि उसकी पत्नी गांजा की तस्करी में संलिप्त थी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Buxar News: इटाढ़ी में गांजे के साथ पुलिस के हत्थे चढ़ी स्त्री तस्कर appeared first on Naya Vichar.

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saran news : 90 फीसदी कार्य हो गये ऑनलाइन, फिर भी समय पर नहीं हो पा रहे पूरे

छपरा. जयप्रकाश विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन तथा इसके अंतर्गत सभी अंगीभूत व संबद्ध कॉलेजों के कार्यालयों में 90 फीसदी कार्य ऑनलाइन मोड में होते हैं.इसके बाद भी इन कार्यों को निर्धारित अवधि में पूरा नहीं किया जा रहा है, जिससे छात्र-छात्राओं की परेशानी लगातार बढ़ रही है. छात्रों से जुड़े सभी कार्य जैसे नामांकन, परीक्षा फॉर्म भरना, नामांकन के लिए अप्लाइ, सिलेबस, वर्ग संचालन का शेड्यूल, मार्क सीट आदि की सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध करायी जाती है. लेकिन इन कार्यों को जितने अवधि में पूरा करना है. उतनी अवधि में यह पूरा नहीं होता है. डिग्री, माइग्रेशन, अंकपत्र व सीएलसी के लिए भी छात्र-छात्राएं ऑनलाइन अप्लाइ करते हैं. उसके बावजूद भी अधिकतर छात्रों को इन कागजातों को प्राप्त करने में दो से तीन माह का समय लग जा रहा है. डिग्री व माइग्रेशन के लिए अप्लाइ करते समय यह कितने दिनों में मिल जायेगा इसकी जानकारी छात्रों को दी जाती है. लेकिन, जब तक छात्र विश्वविद्यालय में जाकर स्वयं प्रस्तुत नहीं होते या सभी कागजातों की हार्ड कॉपी जमा नहीं कराते, तब तक उन्हें डिग्री या माइग्रेशन नहीं मिल पाता. ऐसे में विश्वविद्यालय व कॉलेजों के कार्य डिजिटल होने के बाद भी इसका पूरा फायदा छात्र-छात्राओं तक नहीं पहुंच रहा. 2018 में डिजिटल हुआ था जेपीयू : यूजीसी व राजभवन के निर्देश पर वर्ष 2018 में ही जयप्रकाश विश्वविद्यालय के अधिकतर कार्यों को डिजिटल मोड में करना शुरू किया गया था. इसी समय से नामांकन व परीक्षा फॉर्म भरने के साथ ही अंक पत्र तथा डिग्री रिलीज करने का कार्य भी ऑनलाइन अप्लाइ द्वारा शुरू किया गया. लेकिन, डिजिटल व्यवस्थाएं लागू होने के छह साल बीत जाने के बाद भी कार्यविधि अब तक दुरुस्त नहीं हो सकी है. कभी नामांकन सूची व एडमिट कार्ड जारी करने के बाद त्रुटि, तो कभी परीक्षा परिणाम जारी करने के बाद अंकपत्र में गड़बड़ी सामने आती है. अपडेट नहीं है जेपीयू व कॉलेजों की वेबसाइट : जेपीयू के अंतर्गत छपरा, सीवान तथा गोपालगंज के सभी कॉलेजों का अपना वेबसाइट है. कॉलेज स्तर की सभी जानकारियां वेबसाइट पर उपलब्ध करायी गयी हैं. हालांकि अधिकतर कॉलेजों की वेबसाइट को समय-समय पर अपडेट नहीं किया जाता. वहीं जयप्रकाश विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी सभी जानकारियां अपलोड नहीं है. जेपीयू की वेबसाइट अभी पुराने पैटर्न पर ही चल रही है. ऐसे में दूरदराज के छात्रों को परीक्षा व नामांकन से जुड़ी जानकारियां समय पर उपलब्ध नहीं हो पाती हैं. कुलपति प्रो परमेंद्र कुमार बाजपेई ने कहा है कि इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है. जो भी समस्याएं थीं अब उन्हें दुरुस्त कर लिया गया है. डिग्री रिलीज करने में भी अब टाइम नहीं लग रहा है. ये सुविधाएं हैं ऑनलाइन : ऑनलाइन है एडमिशन की प्रक्रिया, ऑनलाइन भरे जाते हैं परीक्षा फॉर्म, कार्यालयों में लागू है कैशलेस सिस्टम, डिग्री, माइग्रेशन, सीएलसी के लिए ऑनलाइन अप्लाइ ऑनलाइन अप्लाइ के बाद इतने दिन में मिलते हैं कागजात : अप्लाइ के 40 दिन बाद मिलती है डिग्री, माइग्रेशन निकालने में लगता है 20 दिन से अधिक का समय, कॉलेजों में 10 दिन लग जाते हैं सीएलसी निकालने में. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post saran news : 90 फीसदी कार्य हो गये ऑनलाइन, फिर भी समय पर नहीं हो पा रहे पूरे appeared first on Naya Vichar.

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जमशेदपुर का अनोखा चोर! पेट्रोल चेक करने के बाद ही करता था बाईक की चोरी

Jamshedpur Crime News|जुगसलाई पुलिस ने एक बाइक चोर को गिरफ्तार किया है. इसका नाम राहुल रजक है. वह सेवा सदन रोड जुगसलाई का रहने वाला है. पुलिस ने उसके पास से चोरी की 2 बाईक बरामद की है. पूछताछ करने के बाद पुलिस ने उसे मंगलवार को जेल भेज दिया. पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक युवक चोरी की बाईक लेकर घूम रहा है. सूचना मिलने के बाद पुलिस ने टीम के साथ छापेमारी की. इस दौरान शिवघाट के पास पुलिस ने देखा कि एक बाइक पर 2 युवक संदिग्ध हालत में घूम रहे हैं. बाइक पर नंबर भी नहीं है. पुलिस को देखने के बाद युवक भागने लगा. पुलिस ने दौड़ाकर राहुल को पकड़ लिया. हालांकि, उसका साथी फरार हो गया. राहुल की निशानदेही पर चोरी की एक और बाईक बरामद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर एक और चोरी की बाईक बरामद की है. चोरों ने इस बाईक को बर्मामाइंस थाना क्षेत्र से चुराया था. पुलिस ने बताया कि चोरी और एनडीपीएस के मामले में राहुल पहले भी जेल जा चुका है. राहुल के खिलाफ उसके पिता मदन रजक ने भी जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए जुगसलाई थाने में शिकायत दर्ज करायी थी. बाइक की पेट्रोल टंकी जांच कर करते थे चोरी राहुल रजक शातिर बाईक चोर है. राहुल ने पुलिस को बताया कि वे लोग मौज-मस्ती के लिए बाईक की चोरी करते थे. बाइक की चोरी करने से पहले वे लोग बाईक की टंकी चेक करके यह पता लगाते थे कि उस बाईक में कितना पेट्रोल है. बाइक हिलाने पर टंकी से अगर पेट्रोल की आवाज आयी, तभी उस बाईक की चोरी करते थे. बाईक में अगर पेट्रोल कम होता, तो बाईक की चोरी नहीं करते थे. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बाईक चोरी करने के बाद हटा देते हैं नंबर प्लेट राहुल ने पुलिस को बताया कि बाईक की चोरी करने के बाद वे लोग नंबर प्लेट हटा देते हैं. उसके बाद उसी गाड़ी से घूमते हैं. बाईक का पेट्रोल खत्म होने पर बाईक को वहीं छोड़ देते हैं. मौका देखकर गली-मुहल्ले में बाईक खड़ी कर देते हैं. उसके बाद फिर दूसरी बाईक की चोरी करते हैं. 2 दर्जन से ज्यादा बाईक की कर चुके हैं चोरी पुलिस ने बताया कि राहुल और उसका पार्टनर मिलकर अब तक 2 दर्जन से ज्यादा बाईक की चोरी कर चुके हैं. अब तक की पूछताछ में राहुल ने बाईक बेचने की बात नहीं स्वीकार की है. इस संबंध में पुलिस ने उसके पार्टनर के बागबेड़ा स्थित आवास पर छापेमारी की, लेकिन वह पकड़ में नहीं आया. राहुल ने बताया कि वह अपने दोस्त के साथ मिलकर ही घटनाओं को अंजाम देता है. वे लोग 3-4 साल से ये काम कर रहे हैं. इसे भी पढ़ें देवघर में महाशिवरात्रि महोत्सव का उद्घाटन करेंगे हेमंत सोरेन, सुरक्षा में तैनात रहेंगे 3000 पुलिस बल गुमल के चारों ओर हैं शिवालय, शिवरात्रि पर जलार्पण करने बिहार, बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से आते हैं श्रद्धालु सीएम आवास ढाहने पर हमलावर हुई भाजपा, पूछा- झारखंड में शीश महल बनाने जा रही हेमंत सोरेन प्रशासन? Jharkhand Weather Forecast: झारखंड में बदलने वाला है मौसम का मिजाज, 3-4 डिग्री बढ़ेगा तापमान खूंटी में 5 आदिवासी बच्चियों से सामूहिक दुष्कर्म मामले में 18 गिरफ्तार, डीजीपी ने कही ये बात, देखें Video The post जमशेदपुर का अनोखा चोर! पेट्रोल चेक करने के बाद ही करता था बाईक की चोरी appeared first on Naya Vichar.

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टीएनबी कॉलेज हत्याकांड में बड़ा खुलासा, आरोपी ने कबूली हत्या, बदले की आग में ली जान

Bihar News: भागलपुर स्थित TNB कॉलेज परिसर के कर्मचारी क्वार्टर में हुए प्रभु नारायण मंडल हत्याकांड में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी संजीव झा को घटना के महज चार घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया. मंगलवार को उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. पूछताछ के दौरान आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार की और बताया कि प्रभु नारायण ने उसकी पूर्व गिरफ्तारी में पुलिस की मदद की थी, जिससे बदला लेने के लिए उसने यह अपराध किया. हत्या की वजह और आरोपी का कबूलनामा पुलिस पूछताछ में संजीव झा ने बताया कि चार साल पहले TNB कॉलेज कर्मचारी क्वार्टर में रहने वाले अरुण मंडल पर उसने गोली चलाई थी, जिसके बाद प्रभु नारायण मंडल की निशानदेही पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था. छह महीने जेल में रहने के बाद जमानत पर छूटने के बाद वह दिल्ली चला गया, लेकिन बदले की आग उसके मन में बनी रही. पैसे कमाकर लौटने के बाद उसने हथियार खरीदा और अपने प्रतिशोध को अंजाम दिया. हत्या की रात का घटनाक्रम रविवार रात करीब 10:30 बजे आरोपी संजीव झा क्वार्टर में घुसा और प्रभु नारायण मंडल पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मृतक के परिजनों के बयान पर आरोपी के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की और उसे गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पहले केवल समझाने गया था, लेकिन बहस बढ़ने पर उसने गोली चला दी. पुलिस जांच और हथियार की तलाश पुलिस अधिकारी एसआई सुप्रिया कुमारी के अनुसार, पूछताछ के दौरान संजीव झा हथियार की सही लोकेशन बताने में पुलिस को गुमराह करता रहा. जरूरत पड़ने पर वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति से उसे दोबारा रिमांड पर लेकर हथियार बरामदगी के लिए पूछताछ की जाएगी. ये भी पढ़े: TMBU PAT 2023 रिजल्ट में गड़बड़ी का आरोप, छात्र संगठनों ने की जांच की मांग फेसबुक पोस्ट पर इंकार हत्या के बाद संजीव झा के फेसबुक प्रोफाइल से किए गए एक कथित पोस्ट ने सनसनी फैला दी थी, लेकिन आरोपी ने पुलिस के सामने किसी भी तरह का पोस्ट डालने से साफ इंकार किया है. पुलिस अब इस मामले की भी जांच कर रही है. The post टीएनबी कॉलेज हत्याकांड में बड़ा खुलासा, आरोपी ने कबूली हत्या, बदले की आग में ली जान appeared first on Naya Vichar.

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TMBU PAT 2023 रिजल्ट में गड़बड़ी का आरोप, छात्र संगठनों ने की जांच की मांग

भागलपुर स्थित तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय TMBU PAT(पैट परीक्षा) 2023 के रिजल्ट को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. एक छात्र ने आवेदन देकर दावा किया कि रिजल्ट में उसकी श्रेणी और वर्ग बदल दिया गया है. वहीं, छात्र राजद और एबीवीपी ने भी रिजल्ट में अनियमितताओं का आरोप लगाया है और परीक्षा परिणाम की पुनः जांच की मांग की है. रिजल्ट में श्रेणी और वर्ग में बदलाव का आरोप नेतृत्व विज्ञान के छात्र सौरभ कुमार ने परीक्षा नियंत्रक को आवेदन देकर बताया कि उसकी श्रेणी ओबीसी थी, लेकिन रिजल्ट में उसे एससी श्रेणी में डाल दिया गया. इसके अलावा, स्त्री वर्ग में उसका रिजल्ट जारी कर दिया गया, जिससे गड़बड़ी और स्पष्ट हो गई है. छात्र संगठनों का प्रदर्शन, रिजल्ट रद्द करने की मांग मंगलवार को छात्र राजद के विश्वविद्यालय अध्यक्ष लालू यादव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल परीक्षा नियंत्रक डॉ. कृष्ण कुमार से मिला और परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी को लेकर ज्ञापन सौंपा. उन्होंने मांग की कि रिजल्ट को रद्द किया जाए और संशोधित रिजल्ट में पेपर वन एवं पेपर टू के प्राप्तांक को स्पष्ट रूप से दर्शाया जाए. छात्र संगठनों ने निम्नलिखित मांगें रखीं संशोधित रिजल्ट में नाम, क्रमांक संख्या, श्रेणी, पेपर वन और टू के अंक को स्पष्ट किया जाए. श्रेणीवार कट-ऑफ जारी किया जाए. वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के उत्तर सार्वजनिक किए जाएं. मूल्यांकन प्रक्रिया को मुख्यालय से बाहर करवाया जाए. पिछली परीक्षा में भी हुई थी गड़बड़ी, अब तक नहीं हुई जांच ABVP के प्रदेश सह मंत्री कुणाल पांडेय ने आरोप लगाया कि पिछली पैट परीक्षा में 16 ग्रेस अंक देकर कई छात्रों को पास किया गया था, लेकिन इसकी कोई जांच नहीं कराई गई. उन्होंने मौजूदा रिजल्ट में भी सुधार की मांग की और दोषियों पर कार्रवाई की अपील की. ये भी पढ़े: बिहार में बन रहा देश का सबसे बड़ा अस्पताल, अब मरीजों के लिए एयर एंबुलेंस की सुविधा भी होगी उपलब्ध परीक्षा नियंत्रक का बयान परीक्षा नियंत्रक डॉ. कृष्ण कुमार ने कहा कि छात्रों के आवेदन को पैट परीक्षा संचालन कमेटी के समक्ष रखा जाएगा. कमेटी के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई होगी. The post TMBU PAT 2023 रिजल्ट में गड़बड़ी का आरोप, छात्र संगठनों ने की जांच की मांग appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Airport: ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के लिए तलाशी जा रही संभावना, आगे की कार्यवाही बिहार सरकार के निर्णय पर

Bihar Airport: बिहार प्रशासन के अनुरोध पर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के विशेषज्ञों की बहु-विषयक टीम (परामर्शदाता के रूप में) भागलपुर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के पूर्व-व्यवहार्यता अध्ययन के लिए हाल ही में भागलपुर पहुंची है. इस अध्ययन का उद्देश्य भागलपुर में हवाई अड्डे की संभावनाओं की तलाश करना है. साथ ही हवाई अड्डे की आवश्यकता का गहन मूल्यांकन करना है. यह टीम मूल्यांकन की रिपोर्ट राज्य प्रशासन को उपलब्ध करायेगी. इसके बाद राज्य प्रशासन जो निर्णय लेगी, उसके अनुसार आगे की कार्यवाही की जायेगी. यह जानकारी एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सदस्य (योजना) अनिल गुप्ता ने भागलपुर के सांसद अजय कुमार मंडल को 24 फरवरी को पत्र भेज कर दी है. गोराडीह में हवाई अड्डा स्थापित करने का किया था अनुरोध गोराडीह में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा स्थापित करने के लिए सांसद अजय मंडल ने अनुरोध किया था. इस पर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने नियम का भी हवाला दिया है. हिंदुस्तान प्रशासन के नागरिक विमानन मंत्रालय ने देश भर में नये हवाई अड्डों के विकास के लिए एक ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा नीति तैयार की है. इसके तहत राज्य प्रशासन या हवाई अड्डे के संचालक को उपयुक्त स्थल पहचान कर व्यवहार्यता अध्ययन (फिजिबिलिटी स्टडी) करवाना होता है. इसके बाद आवेदन को साइट क्लीयरेंस और सैद्धांतिक एप्रूवल के लिए निर्धारित प्रारूप में नागर विमानन मंत्रालय को भेजा जाता है. इसी नीति के तहत भागलपुर में संभावना तलाशी जा रही है और मूल्यांकन किया जा रहा है. गोराडीह में एयरपोर्ट के लिए राज्यसभा की समिति को दिया था तर्क गोराडीह ऐतिहासिक पर्यटक स्थल, राष्ट्रीय संस्थाओं व बिहार-बंगाल बॉर्डर के नजदीक है. भागलपुर संसदीय क्षेत्र में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण की बिहार कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है. बिहार कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू हो गयी है. गोराडीह में निर्माण की बात शुरू से ही तय थी. जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक भी लगायी गयी थी. गोराडीह से 15-20 किलोमीटर रेडियस में विक्रमशिला महाविहार, पीएम पैकेज के तहत प्रस्तावित विक्रमशिला सेंट्रल यूनिवर्सिटी है. गोराडीह से 15-20 किलोमीटर रेडियस में ट्रिपल आइटी, सीपेट, सॉफ्टवेर आइटी पार्क, इंजीनियरिंग कॉलेज है. गोराडीह से 15-20 किलोमीटर रेडियस में कहलगांव एनटीपीसी, प्रस्तावित पीरपैंती एनटीपीसी, सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल है. इससे व्यापारी, अधिकारी और पर्यटकों को हवाई सेवा का लाभ लेना सुलभ होगा. इसे भी पढ़ें: भागलपुर के स्कूल में 7 शिशु अचानक हुए बीमार, दो की तबीयत ज्यादा बिगड़ी, अस्पताल पहुंचाया गया 2023 में जारी हुआ था गैरप्रशासनी संकल्प भागलपुर जिला में हवाई अड्डा निर्माण की मांग विधानसभा में उठी थी. इस पर हवाई अड्डा निर्माण किये जाने के लिए मंत्री ने प्रशासनी आश्वासन दिया था, जिस पर 31.03.2023 को गैरप्रशासनी संकल्प जारी किया गया था. प्रशासन के स्तर से इन कार्रवाइयों के बाद सिविल विमानन निदेशालय के निदेशक निशीथ वर्मा ने डीएम को गत 05.02.2024 को आवश्यक पत्र भेज कर 475 एकड़ भूमि चिह्नित कर रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया. इसके बाद जिला प्रशासन के स्तर से गोराडीह में 660.57 एकड़ भूमि का प्रस्ताव प्रशासन को भेजा गया. इसके बाद सुलतानगंज में सुलतानगंज-देवधर सड़क के पश्चिम व निर्माणाधीन फोरलेन के दक्षिण 855 एकड जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव प्रशासन को भेज दिया गया. इसे भी पढ़ें: मिनी देवघर के नाम से जाना जाता है बिहार का यह प्रसिद्ध मंदिर, 40 किमी पैदल जाकर चल चढ़ाते हैं श्रद्धालु, जानें महिमा The post Bihar Airport: ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के लिए तलाशी जा रही संभावना, आगे की कार्यवाही बिहार प्रशासन के निर्णय पर appeared first on Naya Vichar.

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Bitcoin Scam CBI Raid: बिटकॉइन घोटाले पर सीबीआई की बड़ी कार्रवाई! देशभर में 60 जगहों पर छापेमारी

Bitcoin Scam CBI Raid: सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) ने 6,600 करोड़ रुपये के गेनबिटकॉइन (GainBitcoin) क्रिप्टो घोटाले की जांच के तहत मंगलवार 25 फरवरी 2025 को देशभर में 60 जगहों पर छापेमारी की. यह कार्रवाई दिल्ली-एनसीआर, पुणे, चंडीगढ़, नांदेड़, कोल्हापुर और बेंगलुरु सहित कई शहरों में की गई. इस दौरान प्रमुख आरोपियों से जुड़े परिसरों की तलाशी ली गई. 6,600 करोड़ का गैनबिटकॉइन घोटाला गेनबिटकॉइन कथित पोंजी स्कीम (Ponzi Scheme) का मास्टरमाइंड अमित भारद्वाज (अब दिवंगत) और उनके भाई अजय भारद्वाज को बताया जा रहा है. साल 2015 में शुरू हुई यह स्कीम वैरिएबलटेक प्राइवेट लिमिटेड के नाम से चलाई गई थी. ऐसे हुआ घोटाला निवेशकों को बिटकॉइन पर 18 महीने में हर महीने 10% रिटर्न देने का वादा किया गया. उन्हें बाहरी एक्सचेंजों से बिटकॉइन खरीदने और “क्लाउड माइनिंग” अनुबंधों के जरिए गेनबिटकॉइन (GainBitcoin) में जमा करने के लिए प्रेरित किया गया. यह मल्टी-लेवल मार्केटिंग (MLM) आधारित पोंजी स्कीम थी, जहां पुराने निवेशकों को नए निवेशकों के पैसे से भुगतान किया जाता था. ऐसे खुली पोल शुरुआती दिनों में निवेशकों को बिटकॉइन में भुगतान मिलता था, जिससे लोगों को यह एक लाभदायक योजना लगने लगी. लेकिन, 2017 के बाद जब नए निवेशक कम होने लगे, तो घोटाले का पर्दाफाश होने लगा. नुकसान को छुपाने के लिए कंपनी ने एकतरफा निवेशकों के बिटकॉइन को अपने खुद के एमकैप टोकन में बदल दिया, जिसकी कीमत बिटकॉइन की तुलना में बेहद कम थी. इससे निवेशकों को भारी नुकसान हुआ और देशभर में कई एफआईआर दर्ज की गईं. Premium Story: शेयर से इनकम पर लगने वाला है तगड़ा टैक्स, बहाना ऐसा कि आप कुछ बोल नहीं पाएंगे सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को सौंपी थी जांच की जिम्मेदारी सुप्रीम कोर्ट ने घोटाले की विशालता और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को देखते हुए इस मामले की जांच CBI को सौंप दी. सीबीआई ने अपनी जांच में अब तक क्रिप्टो वॉलेट, डिजिटल डिवाइस और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए. सीबीआई ने ईमेल और क्लाउड डेटा से डिजिटल सबूत इकट्ठा किए. केंद्रीय जांच एजेंसी ने वैश्विक लेनदेन का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू की. Premium Story: 19 सालों में ₹30 से ₹120 की हुई आम आदमी की थाली, जानें कैसे बढ़ती गई महंगाई The post Bitcoin Scam CBI Raid: बिटकॉइन घोटाले पर सीबीआई की बड़ी कार्रवाई! देशभर में 60 जगहों पर छापेमारी appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: 1853 में बना जुबली बेल रेलवे पुल बना इतिहास, डिमालिश का कार्य शुरू

Bihar News: अंग्रेजों के समय का बना जमालपुर के जुबली वेल रेलवे पुल को डिमोलिश करने का कार्य सोमवार की देर रात्रि से आरंभ किया गया है. डिमोलिशन कार्य (रद्दीकरण कार्य) अलग-अलग चरणों में किया जा रहा है. रात में मेगा ब्लॉक लेकर अलग-अलग चरणों में सुपर स्ट्रक्चर हटाने का कार्य किया जा रहा है. हालांकि इसके कारण न तो ट्रेन परिचालन प्रभावित हुआ है और न ही लोगों की आवाजाही पर कोई असर पड़ा है. जुबली वेल रेलवे पुल ईस्ट इंडिया कंपनी ने बनाया था रेलवे ओवर ब्रिज जुबली वेल पर स्थित रेलवे के ओवर ब्रिज संख्या 215 जुबली वेल बड़ा पुल का निर्माण अंग्रेजी शासन काल में ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा किया गया था. रेलवे इंजीनियरिंग विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस पुल का निर्माण 1853 ई के आसपास किया गया था. उस समय तक लोहे के पुल बनाने का चलन आरंभ हो गया था. रेलवे के अनुसार 100 वर्ष पूरे हो जाने वाले पुल को सुरक्षित नहीं समझा जाता है और इस पुल का लगभग डेढ़ सौ वर्ष से अधिक हो चुका था. मध्य रात्रि 23:15 बजे से 1:15 बजे तक लिया गया मेगा ब्लॉक जुबली बेल बड़ी पुल के डिमोलिशन के लिए मेगा ब्लॉक रात्रि में लिया जा जायेगा. इसे लेकर सोमवार की रात्रि 11:15 बजे से 1:15 बजे तक मेगा ब्लॉक लिया गया था. जानकारी में बताया गया कि पुल के डिमोलिशन कार्य को देखते हुए अगले कई दिनों तक रात में ही मेगा ब्लॉक लिया जायेगा. सुपर स्ट्रक्चर हटाने के सिलसिले में बताया गया कि इस दौरान प्राइवेट एजेंसी से 300 टन क्षमता वाला क्रेन मंगाया जायेगा. जिसकी सहायता से इस पुल के बड़े गार्डर को हटाया जायेगा. वर्तमान में गैस कटर से काटकर पुल के हिस्से को हटाया जा रहा है. इसे भी पढ़ें: मिनी देवघर के नाम से जाना जाता है बिहार का यह प्रसिद्ध मंदिर, 40 किमी पैदल जाकर चल चढ़ाते हैं श्रद्धालु, जानें महिमा The post Bihar News: 1853 में बना जुबली बेल रेलवे पुल बना इतिहास, डिमालिश का कार्य शुरू appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल के कारखाने में फंसी धनबाद 95 युवतियां हुईं मुक्त, अपने घर लौटीं

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर के रामचंद्रपुर स्थित एक्सोडस फ्यूचरा नीट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में कार्यरत झारखंड के धनबाद की रहने वाली करीब 95 युवतियां कई दिनों से कारखाने के अंदर फंसी थीं. युवतियों के अनुसार, वहां वेतन को लेकर उक्त कारखाना प्रबंधन और स्थानीय कामगारों के बीच विवाद के कारण कारखाने के गेट में ताला जड़ दिया गया था. युवतियों के वहां फंसे होने की जानकारी मिलने के बाद मंगलवार को ‘नया विचार’ में यह समाचार प्रकाशित की गयी थी. इसी दिन सुबह कारखाने के गेट पर जड़ा ताला खोल दिया गया और वहां फंसी युवतियां अपने घर जाने के लिए रवाना हो पायीं. विधायक अरूप चटर्जी का युवतियों ने किया धन्यवाद इन युवतियों में शामिल गुड़िया कुमारी और अन्य ने फोन पर कहा कि वे अपने-अपने घर रवाना हो गयीं हैं. वे काफी खुश हैं. कारखाने में बेवजह फंसे होने से वे और उनके परिजन काफी परेशान थे. यही वजह है कि उन्होंने फोन पर वीडियो भेजकर अपने-अपने परिजनों को अपना हाल बताया था. इसके बाद ही झारखंड के निरसा के विधायक अरूप चटर्जी से संपर्क साधा गया. उन्होंने पूरी मदद का आश्वासन दिया था. इस दिन सुबह कारखाने से बाहर निकलने के बाद उन्होंने विधायक चटर्जी और मामले में हस्तक्षेप करने वाले तमाम लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया है. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें निरसा के पंचेत की रहने वाली हैं युवतियां कारखाने में काम करने वाली झारखंड की युवतियां निरसा विधानसभा क्षेत्र के पंचेत के बेनागड़िया, पतलाबाड़ी, बांदा समेत अन्य गांवों की रहने वाली हैं. उनमें से कई एक वर्ष तो अन्य 6 महीने से कंपनी के लिए एक्सपोर्ट क्वालिटी कपड़े की सिलाई और डिजाइन का काम कर रहीं थीं. पिछले करीब 16 दिनों पहले से वहां काम ठप था. कामगार युवतियों ने यह भी बताया कि कंपनी के एचआर को घर जाने के लिए आवेदन भी दिया, लेकिन उन्हें उनकी सुरक्षा का हवाला देकर बाहर जाने नहीं दिया जा रहा था. इसे भी पढ़ें देवघर में महाशिवरात्रि महोत्सव का उद्घाटन करेंगे हेमंत सोरेन, सुरक्षा में तैनात रहेंगे 3000 पुलिस बल तेलंगाना टनल हादसा : सुरंग तक पहुंचे गुमला के श्रमिकों के परिजन, आंखों में आ गये आंसू खूंटी में 5 आदिवासी बच्चियों से सामूहिक दुष्कर्म मामले में 18 गिरफ्तार, डीजीपी ने कही ये बात, देखें Video सीएम आवास ढाहने पर हमलावर हुई भाजपा, पूछा- झारखंड में शीश महल बनाने जा रही हेमंत सोरेन प्रशासन? The post बंगाल के कारखाने में फंसी धनबाद 95 युवतियां हुईं मुक्त, अपने घर लौटीं appeared first on Naya Vichar.

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Sajjan Kumar Case Timeline: अपराध के 41 साल बाद सज्जन कुमार को मिली सजा, जानिए सिलसिलेवार ढंग से पूरा घनटाक्रम

Sajjan Kumar Case Timeline: साल 1984 में दिल्ली में सिख विरोधी दंगों के दौरान हत्याकांड मामले में दोषी और कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. हालांकि पीड़ित परिजनों और दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से केस को रेयरेस्ट ऑफ रेयर कैटेगरी में मानते हुए दोषी के खिलाफ फांसी की सजा मांगी थी. केस को लेकर पुलिस की ओर से दिए दलील में इसे काफी संगीन अपराध कहा गया था. 1984 की इस घटना के खिलाफ मामला साल 1991 में दर्ज किया गया था. सज्जन कुमार के खिलाफ 2 लोगों की हत्या का केस दर्ज हुआ. एक नजर डालते हैं बीते 41 सालों में केस को कैसा रहा घटनाक्रम. 1991 में मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई. 8 जुलाई 1994- दिल्ली की अदालत ने अभियोजन शुरू करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं पाए. मामले में कुमार के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल नहीं किया गया. 12 फरवरी 2015- प्रशासन ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया. 21 नवंबर 2016- एसआईटी ने कोर्ट से कहा कि मामले में आगे जांच की जरूरत है. 6 अप्रैल 2021- सज्जन कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया. 5 मई 2021- पुलिस ने आरोपपत्र दाखिल किया. 26 जुलाई 2021- कोर्ट ने अदालत ने आरोपपत्र पर संज्ञान लिया. 1 अक्टूबर 2021- कोर्ट ने आरोपों पर बहस शुरू की. हालांकि सज्जन कुमार ने सभी आरोपों से इनकार कर दिया था. 16 दिसंबर- सज्जन कुमार पर कोर्ट ने हत्या, दंगा और अन्य अपराधों के आरोप तय किए. 31 जनवरी 2024- कोर्ट ने अंतिम दलीलें सुनना शुरू किया. 8 नवंबर 2024- अदालत ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. 12 फरवरी 2025: कोर्ट ने सज्जन कुमार को दोषी ठहराया. 25 फरवरी 2025- सज्जन कुमार को आजीवन कारावास की सजा दी गई. नानावटी आयोग ने की थी हिंसा और उसके बाद की घटनाओं की जांच दिल्ली हिंसा और उसके बाद की घटनाओं की जांच के लिए नानावटी आयोग का गठन किया गया था. समिति की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में दंगों को लेकर 587 प्राथमिकी दर्ज की गई थीं. इन दंगों में 2,733 लोग मारे गए थे. कुल मिलाकर करीब 240 केस को पुलिस ने कोई सुराग न मिलने के कारण बंद कर दिया. 250 मामलों में आरोपियों को बरी कर दिया गया. केवल 28 मामलों में ही सजा हो सकी, जिनमें लगभग 400 लोगों को दोषी ठहराया गया. सज्जन कुमार सहित करीब 50 लोगों को हत्या के लिए दोषी ठहराया गया. एक और केस में मिली थी आजीवन कारावास की सजा 80 के दशक में कांग्रेस के प्रभावी नेता रहे सज्जन कुमार 1984 में एक और दो नवंबर को दिल्ली की पालम कॉलोनी में पांच लोगों की हत्या के मामले में भी आरोपी थे. इस मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी और सजा को चुनौती देने वाली उनकी अपील सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. सज्जन कुमार को निचली अदालत की ओर से बरी किये जाने के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में एक और अपील लंबित है. Also Read: बाबा बैद्यनाथ की बारात का अनोखा रंग: भूत-पिशाच से लेकर अप्सराएं तक, जानें 30 साल पुरानी परंपरा The post Sajjan Kumar Case Timeline: अपराध के 41 साल बाद सज्जन कुमार को मिली सजा, जानिए सिलसिलेवार ढंग से पूरा घनटाक्रम appeared first on Naya Vichar.

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