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बिंदा दियारा झौवाबहियार पंचायत भवन से कंप्यूटर सेट समेत लाखों की चोरी

बरियारपुर. बरियारपुर प्रखंड के गंगा पार बिंदा दियारा झौवाबहियार पंचायत प्रशासन भवन में सोमवार की रात चोरों ने चोरी की घटना को अंजाम दिया. चोरों ने आरटीपीएस कार्यालय में लगे कंप्यूटर सेट सहित अन्य प्रशासनी सामानों की चोरी कर ली. इस संबंध में पंचायत सचिव श्यामलाल किस्कू ने हरिणमार थाना में अज्ञात चोरों के खिलाफ लिखित शिकायत किया है. चोरी गये समानों की कीमत लगभग तीन लाख के करीब बतायी जा रही है. पंचायत सचिव ने कहा कि सोमवार की रात अज्ञात चोरों ने पंचायत भवन के आरटीपीएस कार्यालय में लगा इनवर्टर, बैट्री, कम्यूटर, सीपीयू, यूपीएस, कलर प्रिंटर, बॉयोमैट्रिक डिवाईस, स्टैंड फैन, की-वोर्ड, माउस, बायोमैट्रिक सिस्टम व प्रिंटर का तार चोरी कर लिया. जबकि चापाकल को क्षतिग्रस्त कर दिया. चोरों ने अन्य समान भी चोरी कर ली. चोरों ने गेट में लगा ताला तोड़ कर अंदर प्रवेश कर चोरी की घटना को अंजाम दिया. हरिणमार थानाध्यक्ष ने बताया कि आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर चोरों को शिनाख्त करने की करने की कार्रवाई की जा रही है. इधर, चोरी की घटना के बाद आरटीपीएस काउंटर पर मंगलवार को दिन भर काम काज पूरी तरह से ठप रहा. इसके कारण ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post बिंदा दियारा झौवाबहियार पंचायत भवन से कंप्यूटर सेट समेत लाखों की चोरी appeared first on Naya Vichar.

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सृष्टि कुमारी को डाक विभाग से मिली छात्रवृत्ति व मेरिट प्रमाण पत्र

कटिहार. डाक विभाग, संचार मंत्रालय, हिंदुस्तान प्रशासन की ओर से आयोजित दीनदयाल स्पर्श योजना के तहत छात्रवृत्ति परीक्षा में शहर के एएएम चिल्ड्रेन एकैडमी की सातवीं कक्षा की छात्रा सृष्टि कुमारी ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है. इस उपलब्धि के लिए उन्हें छात्रवृत्ति और मेरिट प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया है. विद्यालय के प्राचार्य विकास चटर्जी ने सृष्टि कुमारी की सफलता पर हर्ष व्यक्त किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल सृष्टि की मेहनत का परिणाम है. बल्कि विद्यालय के शिक्षकों और अभिभावकों के मार्गदर्शन का भी परिणाम है. इस सफलता से विद्यालय में खुशी का माहौल है और अन्य विद्यार्थियों को भी इससे प्रेरणा मिलेगी. विद्यालय प्रशासन ने छात्रा को आगे भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दी है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post सृष्टि कुमारी को डाक विभाग से मिली छात्रवृत्ति व मेरिट प्रमाण पत्र appeared first on Naya Vichar.

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राजकीय संरक्षित लाली पहाड़ी पर स्थापित होगी भगवान बुद्ध की प्रतिमा: डीएम

बौद्धकालीन लाली पहाड़ी का डीएम मिथिलेश मिश्र ने किया निरीक्षण ढाई करोड़ की लागत से लाली पहाड़ी की पुरानी पुरातात्विक धरोहर को किया जा रहा नवीकरण लाली पहाड़ी पुरास्थल की पुरानी संरचना का मार्च 2025 तक पूरा हो होगा नवीनीकरण कार्य लखीसराय. डीएम मिथिलेश मिश्र ने कहा है कि पर्यटकों के आकर्षण, दर्शनीय एवं फोटोग्राफी प्वाइंट बनाने के लिए लखीसराय के राजकीय संरक्षित बौद्धकालीन लाली पहाड़ी पर भगवान बुद्ध की विशाल प्रतिमा लगायी जायेगी. कला संस्कृति एवं युवा विभाग द्वारा ऐसी कार्य योजना बनायी जा रही है. वहीं यहां आने वाले पर्यटकों को सुविधा के लिए उन्होंने सुगम रास्ता और बरसाती पानी की निकास देने का निर्देश उन्होंने एजेंसी को दिया. डीएम मंगलवार को बौद्धकालीन राजकीय संरक्षित लाल पहाड़ी का निरीक्षण किया. उन्होंने दो करोड़ 47 लाख तीन हजार 703 रुपये की लागत से पुरातात्विक कार्य स्थल पर चल रहे नवीनीकरण कार्य का जायजा लिया, जहां-तहां बिखरे पड़े मूर्तियों को संरक्षित प्वाइंट पर रखे जाने के लिए उन्होंने कार्यकारी एजेंसी को निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि पुरास्थल पर जलजमाव से संरक्षित ईंट को खराब हो जाने की संभावना बनी रहती है. बरसाती पानी के बहाव को सुगम रास्ता देने के लिए कार्यकारी एजेंसी को उन्होंने को समुचित आदेश दिया. डीएम ने कहा कि लखीसराय लाली पहाड़ी पर बौद्धकालीन श्रीमद धम्म विहार का पुरातात्विक अवशेष मिला है, यह लखीसराय के लिए गौरव की बात है. कार्यकारी एजेंसी के मैनेजर अरविंद कुमार ने दावा है कि बौद्ध कालीन पुरास्थल नवीनीकरण का कार्य मार्च 2025 पूरा कर लिये जाने का लक्ष्य है. लाली पहाड़ी व घोसीकुंडी के बीच किऊल नदी पर हो पुल निर्माण सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीते 25 नवंबर 2017 को बौद्धकालीन लाली पहाड़ी पर पहुंचे थे. उसके बाद उत्खनन कार्य शुरू कराया था. मुख्यमंत्री ने लाल पहाड़ी और घोसीकुंडी के बीच किऊल नदी पर बड़ा आरसीसी पुल निर्माण की घोषणा की थी. उन्होंने कहा था लाल पहाड़ी, बिछवे पहाड़ और घोसीकुंडी पहाड़ को कनेक्ट कर बौद्ध सर्किट पर्यटन केंद्र बनाया जायेगा, इसकी जिम्मेदारी बिहार प्रशासन के कला संस्कृति एवं युवा विभाग को सौंपी गयी थी. बौद्ध पर्यटन स्थल को विकसित करने के लिए प्रशासन उक्त तीनों पहाड़ को सड़क मार्ग से जोड़ कर बिहार के नालंदा जिले के राजगीर जैसे पर्यटन स्थल बनाए जाने का सपना दिखाया था. श्रृंगीऋषि धाम व जलप्पा स्थान है श्रीराम की तपोभूमि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सूर्यगढ़ा क्षेत्र के श्रृंगीऋषि धाम एवं चानन क्षेत्र के जलप्पा स्थान को भगवान श्रीराम की तपोभूमि करार देते हुए इसे विकसित किये जाने और पर्यटन केंद्र के रूप में विस्तार देने की भी घोषणा की थी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की घोषणा के आठ साल बाद भी पर्यटन को बढ़ावा देने का सपना महज सपना बनकर रह गया है. नेतृत्वक दलों ने किऊल नदी पर आरसीसी पुल निर्माण की मांग जारी आठ साल पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की घोषणाओं को यहां के नेतृत्वक दलों ने जोरदार तरीके से मांग उठायी है. सीपीएम के वरिष्ठ नेता मोती साह व सीपीएम माले के जिला सचिव चंद्रदेव यादव ने डीएम को अलग अलग पत्र लिख कर मुख्यमंत्री के घोषणा के अनुरूप किऊल नदी पर घोसीकुंडी एवं लाली पहाड़ी के बीच आरसीसी पुल निर्माण कराये जाने की पुरानी मांग को फिर बुलंद किया है. विदित हो कि सीएम ने बीते छह फरवरी को लखीसराय में लखीसराय एवं किऊल स्टेशन के बीच नदी पर पुल निर्माण का शिलान्यास किया था. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post राजकीय संरक्षित लाली पहाड़ी पर स्थापित होगी भगवान बुद्ध की प्रतिमा: डीएम appeared first on Naya Vichar.

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छात्राओं ने सूर्य नमस्कार के महत्व को समझा

संवाददाता, पटना पटना वीमेंस कॉलेज के दर्शनशास्त्र विभाग में सूर्य नमस्कार दिवस मनाया गया. कार्यक्रम में बताया गया कि वैदिक काल से ही सूर्य नमस्कार की परंपरा चली आ रही है. यह गतिशील आसनों का समूह है, जिसमें हस्त उत्तान आसन, पादहस्तासन, अश्वसन्चालन पर्वत आसन इत्यादि हैं. यह शरीर के सभी जोड़, मांसपेशियों को ढीला करता है, साथ ही उनमें खिंचाव लाता है. इससे सभी आंतरिक अंगों की मालिश होती है. सूर्य नमस्कार का अभ्यास श्वास मंत्र और ध्यान के साथ करने से शरीर स्वस्थ व तेजस्वी होता हैं. इसके साथ ही मानसिक और शारीरिक शक्ति संतुलित होती है. इस अवसर पर प्राचार्या डॉ सिस्टर एम रश्मि एसी, डॉ अमिता जयसवाल, डॉ कीर्ति चौधरी और रिचा प्रिया मौजूद थीं. योग टीचर मीतु कुमारी ने सूर्य नमस्कार के महत्व बताते हुए इसे छात्राओं को करना सिखाया. दर्शनशास्त्र विभाग में योग में सर्टिफिकेट डिप्लोमा, एडवांस डिप्लोमा का पाठ्यक्रम करवाया जाता है. इस अवसर पर विभिन्न विभागों की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सूर्य नमस्कार का अभ्यास किया और उसके लाभ से परिचित हुईं. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post छात्राओं ने सूर्य नमस्कार के महत्व को समझा appeared first on Naya Vichar.

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गेहूं की खेत में घास काटने के विवाद में मारपीट, पिस्तौल व कारतूस के साथ एक गिरफ्तार

मुंगेर. बरियारपुर थाना क्षेत्र के करहरिया मौजा में सोमवार को गेहूं खेत में घास काटने को लेकर जमीन मालिक व चरवाहा के बीच मारपीट की घटना हुई, जिसमें जमीन मालिक व ग्रामीणों ने मारपीट करने वाले एक व्यक्ति को पकड़ कर बरियारपुर थाना पुलिस को सौंप दिया. जिसके पास से पुलिस ने एक कट्टा व दो कारतूस बरामद किया. गिरफ्तार व्यक्ति बरियारपुर थाना क्षेत्र के टीकारामपुर रघुनाथपुर निवासी कारेलाल मंडल है. जिसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. एसडीपीओ सदर राजेश कुमार ने बताया कि सोमवार को बरियारपुर थानाध्यक्ष को करहरिया मौजा के ग्रामीणों ने सूचना दिया कि तीन व्यक्ति हरवे हथियार के साथ नित्यानंद शर्मा के गेहूं खेत में घास काटने के क्रम में फसल को नष्ट कर रहे हैं. खेत मालिक बंगाली टोला निवासी नित्यानंद शर्मा जब मना किया तो उसके साथ मारपीट किया गया. ग्रामीणों ने यह भी बताया कि तीन में से एक व्यक्ति को उनलोगों ने पकड़ लिया है. बरियारपुर गश्ती टीम घटना स्थल पर पहुंची तो बरियारपुर थाना क्षेत्र के टीकारामपुर रघुनाथपुर निवासी कारेलाल मंडल को ग्रामीणों ने पुलिस टीम को सौंप दिया. पुलिस ने उसके पास से एक देशी कट्टा व दो कारतूस बरामद किया गया. जमीन मालिक नित्यानंद शर्मा के आवेदन पर थाना में प्राथमिकी दर्ज करते हुए गिरफ्तार कारेलाल मंडल को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. उन्होंने बताया कि वर्तमान में कांड अनुसंधान अंतर्गत है. जबकि अन्य फरार अभियुक्तिों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है. गिरफ्तार कारेलाल ने कहा नहीं है मेरी पिस्तौल व गोली गिरफ्तार कारेलाल ने बताया कि यह बात सही है कि उसकी मां और बहन नित्यानंद के गेहूं खेत में घास काट रही थी. लेकिन नित्यानंद ने घास काटने से मना कर दिया और कचिया व रस्सी ले लिया. वह कचिया और रस्सी लेने के गया तो नित्यानंद अपने सहयोगी के साथ मिल कर मुझे कब्जे में लेकर अपने गांव चला गया, जहां पर पुलिस को बुलाया और पिस्तौल व गोली देकर कहा कि यह हमारा है. लेकिन पिस्तौल व गोली उसका नहीं है, उसे फंसा दिया गया है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post गेहूं की खेत में घास काटने के विवाद में मारपीट, पिस्तौल व कारतूस के साथ एक गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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पुलिस सप्ताह समारोह को लेकर निकाली गयी प्रभात फेरी

कटिहार. बिहार पुलिस सप्ताह समारोह को लेकर मंगलवार को जिले के विभिन्न थाना क्षेत्र में कई कार्यक्रम का आयोजन किया गया. पुलिस उपाधीक्षक यातायात सह साइबर थाना अध्यक्ष सद्दाम हुसैन के नेतृत्व में यातायात थाना से प्रभात फेरी निकाली गयी. जिसमें मुख्य रूप से थाना अध्यक्ष दिनेश कुमार सहित अन्य ट्रैफिक पुलिस पदाधिकारी व बल शामिल थे. यह प्रभात फेरी शहर के प्रमुख मार्गों का भ्रमण कर नगर थाना में में संपन्न हुई. इसके पश्चात पुलिस उपाधीक्षक सद्दाम हुसैन ने साइबर अपराधियों से बचने को लेकर जागरूक किया. उन्होंने कहा कि साइबर थाना पुलिस, जिला पुलिस, राज्य प्रशासन यहां तक कि सभी प्रशासनी गैर प्रशासनी संगठनों के द्वारा लोगों को जागरूक किया जा रहा है, बावजूद लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं. इतना ही नहीं ठगे जाने के बाद भी थाना आकर शिकायत करने में लोगों को हिचकिचाहट होती है. यहां तक की लोगों को बारंबार जागरूक करते हुए यह कहां गया है कि ठगी का शिकार होते ही 1930 पर कॉल कर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करायें ताकि अविलंब आपके खाते को होल्ड किया जा सके. इस मामले में भी लोग ढिलाई बरतते हैं. जिस कारण उसका अकाउंट खाली हो जाता है. जब तक आप सजग नहीं होंगे तब तक आपकी मेहनत की कमाई साइबर अपराधी लूटते रहेंगे. किसी भी प्रशासनी संगठन में कार्यरत कर्मी के नाम से अगर कोई फोन आता है तो उसे अनदेखा करें. बैंक, बिजली विभाग कंपनी, बीएसएनएल कंपनी या फिर अन्य प्रशासनी गैर प्रशासनी संगठन के नाम पर अगर आपसे किसी प्रकार की जानकारी मांगता है तो उसे किसी प्रकार की जानकारी डॉक्यूमेंट या फिर ओटीपी आदि शेयर ना करें. आजकल डिजिटल अरेस्टिंग के नाम पर पुलिस के वरीय अधिकारी, सीआईडी, सीबीआई, कमिश्नर के नाम पर फोन कर लाखों करोड़ों रुपए कर रहे हैं. इसलिए आवश्यक है आप सतर्कता बरते तथा ठगी का शिकार होने पर 1930 पर शिकायत दर्ज करायें. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post पुलिस सप्ताह समारोह को लेकर निकाली गयी प्रभात फेरी appeared first on Naya Vichar.

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सुनील कुमार सिंह की सदस्यता बहाल करने पर विधायक ने दी बधाई

गुरुआ. गुरुआ प्रखंड के राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ताओं ने बिहार विधान परिषद के सदस्य सुनील कुमार सिंह की सुप्रीम कोर्ट के द्वारा छह महीने बाद सदस्यता बहाल कर दिये जाने पर खुशियां व्यक्त करते हुए बधाई दी है. गुरुआ विस क्षेत्र के राजद विधायक सह मगध सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन विनय कुमार यादव ने बताया कि प्रशासन के इशारे पर सुनील कुमार सिंह की सदस्यता रद्द कर दी गयी थी. सुप्रीम कोर्ट ने उचित न्याय देकर उन्हें बहाल कर दिया है. इससे कार्यकर्ता उत्साहित है. इधर, सुनील कुमार की सदस्यता बहाल होने पर विधायक प्रतिनिधि सह मुखिया पति सुरेंद्र कुमार यादव, राजद के वरीय नेता अजय कुमार दांगी, विधान सभा स्तरीय नेता कमलेश कुमार यादव, सुनील कुमार आदि ने बधाई दी है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post सुनील कुमार सिंह की सदस्यता बहाल करने पर विधायक ने दी बधाई appeared first on Naya Vichar.

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DHC HJS Pre Result Out: दिल्ली हाईकोर्ट एचजेएस प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी, ऐसे करें चेक

DHC HJS Pre Result Out: दिल्ली उच्च न्यायालय ने उच्च न्यायिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2024 का परिणाम जारी कर दिया है. उम्मीदवार अपना रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट (delhihighcourt.nic.in) पर जाकर नीचे दिए गए आसान स्टेप्स से चेक कर सकते हैं. इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 27 दिसंबर, 2024 से शुरू हुई थी और 10 जनवरी, 2025 तक चली थी. कुल 16 रिक्तियों को भरने के लिए यह भर्ती अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें 5 पद अनारक्षित, 5 अनुसूचित जनजाति (ST) और 6 अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित हैं. कब होगी मुख्य परीक्षा ? दिल्ली उच्चतर न्यायिक सेवा मुख्य परीक्षा (लिखित) 2024, 22 और 23 मार्च, 2025 को आयोजित की जाएगी. यह परीक्षा उन उम्मीदवारों के लिए होगी जिन्होंने प्रारंभिक परीक्षा पास की है और अब मुख्य परीक्षा में बैठने के योग्य हैं. मुख्य परीक्षा में कुल चार पेपर होंगे, जिनमें प्रत्येक का उद्देश्य उम्मीदवारों की कानूनी ज्ञान, लेखन क्षमता और सामान्य ज्ञान की समझ का मूल्यांकन करना होगा. पहला पेपर “सामान्य ज्ञान और भाषा” होगा, जिसमें सामान्य ज्ञान के साथ-साथ भाषा संबंधी प्रश्न होंगे, जैसे कि हिंदी और अंग्रेजी की समझ, व्याकरण, शब्दावली, और लेखन कौशल. दूसरा, तीसरा और चौथा पेपर क्रमशः “कानून – I”, “कानून – II” और “कानून – III” होंगे, जिनमें विभिन्न कानूनी क्षेत्रों जैसे संविधान, आपराधिक कानून, सिविल कानून, परिवार कानून, और अन्य कानूनी पहलुओं पर आधारित सवाल होंगे. क्या होती है सिलेक्शन की प्रक्रिया ? सबसे पहले, उम्मीदवारों को प्रारंभिक परीक्षा में शामिल होना होगा, जिसके बाद मुख्य परीक्षा आयोजित की जाएगी. मुख्य परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा. इसके बाद, चयन प्रक्रिया के सभी चरणों में उम्मीदवारों के प्रदर्शन के आधार पर एक अंतिम चयन सूची तैयार की जाएगी. मुख्य परीक्षा के लिए कैसे करें आवेदन ? सबसे पहले, आधिकारिक वेबसाइट delhihighcourt.nic.in पर जाएं. इसके बाद, होमपेज पर “भर्ती परिणाम” सेक्शन पर क्लिक करें. अब, परिणाम लिंक पर क्लिक करें. फिर, परिणाम डाउनलोड करें. भविष्य में उपयोग के लिए रिजल्ट का एक प्रिंटआउट ले लें. Naya Vichar Premium Story: झारखंड में परीक्षाओं में धांधली को लेकर केंद्र से भी सख्त कानून, फिर भी थमने का नाम नहीं ले रहे पेपर लीक के मामले The post DHC HJS Pre Result Out: दिल्ली हाईकोर्ट एचजेएस प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी, ऐसे करें चेक appeared first on Naya Vichar.

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मिनी देवघर के नाम से जाना जाता है बिहार का यह प्रसिद्ध मंदिर, 40 किमी पैदल जाकर चल चढ़ाते हैं श्रद्धालु, जानें महिमा

Baba Brajaleshwar Mahadev Temple, अंजनी कुमार कश्यप: भागलपुर जिले में बाबा ब्रजलेश्वर महादेव मंदिर में शिवरात्रि को लेकर भव्य तैयारी हो रही है. जिला प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट की ओर से मंदिर के आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी ना हो इसको लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. मंदिर के मुख्य पुजारी के मुताबिक वैदिक विधि विधान के साथ मंदिर में शिव विवाह संपन्न होगी. इस दौरान श्रद्धालु भगवान भोले की बराती बन पाएंगे. मंदिर का 400 साल पुराना इतिहास रहा है. बाबा भोले का यह दरबार लोगों के बीच मिनी देवघर के नाम से प्रख्यात है. जानिए इस मंदिर की कैसे हुई स्थापना बाबा ब्रजलेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी बताते हैं कि बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ अकाल मौत को भी टाल देते हैं. यह मंदिर की स्थापना क्षेत्र के ही राजा झब्बन सिंह ने जन सहयोग से करवाया था. इस मंदिर के जगह पर पूर्व में जंगल हुआ करता था. जंगल में चरवाहा की गाय हर रोज एक निश्चित स्थान पर अपना सारा दूध बहा देती थी, इसको लेकर आसपास के इलाके में चर्चा हुई तो लोगों ने साहस कर उस जगह को कुदाल से खुदाई की तो वहां शिवलिंग पाया. उसी दिन रात को राजा को महादेव ने सपना दिया कि यहां पर मंदिर का निर्माण होना चाहिए. मंदिर का निर्माण तब से यहां पर हो रखा है.समय-समय पर मंदिर का मेंटेनेंस वही के लोगों के द्वारा किया जाता रहा है. 40 किलोमीटर पैदल यात्रा कर चढ़ाते हैं जल, मनोमकना होती है पूरी मंदिर के बारे में पुजारी बताते हैं कि सोमवार को बैरागन का दिन होता है. जहां पर की हजारों लोग जल अर्पण करने मंदिर पहुंचते हैं. सुल्तानगंज के अगवानी घाट से जल भरकर 40 किलोमीटर पैदल यात्रा करते वक्त मरवा पहुंचते हैं, सुरक्षा एवं विधि व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल व ग्रामीण स्वयंसेवक भी तैनात रहते हैं. उनका कहना है कि यह मनोकामना मंदिर है यहां पर कोई भक्त खाली नहीं जाता है. 26 फरवरी की सुबह 8:00 बजे से ही प्रशासनिक अधिकारी ट्रस्ट एवं परिजनों एवं स्थानीय प्रतिनिधियों की उपस्थिति में विशेष रुद्राभिषेक भी होना है. इसके बाद मेले का उद्घाटन किया जाएगा. श्रद्धालुओं के लिए सुबह से ही मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे. इसके बाद भक्त महादेव को जलाभिषेक कर सकेंगे. एसपी ने क्या बताया एसपी प्रेरणा कुमार ने कहा कि शिवरात्रि को लेकर हम पूर्ण रूप से तैयार है. हमलोगों ने सभी थानेदारों के साथ मीटिंग कर ली है. जहां श्रृद्धालुओं की संख्या ज्यादा होती है. हर जगह पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहेगी. क्या बोले मुख्य पुजारी मंदिर के मुख्य पुजारी संजय पांडे ने कहा कि महाशिवरात्रि को लेकर बहुत जोर शोर से तैयारी चल रही है. यहां बाबा शिव का झांकी निकाली जाएगी और भगवान शिव की बारात भी निकाली जाएगी जो शिव मंदिर बाबा ब्रजलेश्वर स्थान से निकल कर नेशनल हाईवे होते हुए बिहपुर गांव और झंडापुर गांव होते हुए पुनः मंदिर पहुंचती है. इसे भी पढ़ें: Bihar Crime: पति ने पहले प्रेमिका को फिर पत्नी को मारी गोली, एक की मौत, जानें क्यों बना हत्यारा The post मिनी देवघर के नाम से जाना जाता है बिहार का यह प्रसिद्ध मंदिर, 40 किमी पैदल जाकर चल चढ़ाते हैं श्रद्धालु, जानें महिमा appeared first on Naya Vichar.

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शिवालयों से घिरा है गुमला, शिवरात्रि पर जलार्पण करने बिहार, बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से आते हैं श्रद्धालु

Maha Shivratri 2025|गुमला, दुर्जय पासवान : झारखंड के गुमला जिले के चारों ओर शिवालय और शिवलिंग विराजमान हैं. गुमला एक ऐसा जिला है, जिसके हर प्रखंड, हर पंचायत और हर गांव में शिव मंदिर और शिवलिंग जरूर हैं. जिले में कई प्राचीन मंदिर भी हैं. इसका कनेक्शन रामायण और महाहिंदुस्तान काल से है. 7वीं व 8वीं शताब्दी के भी मंदिर और शिवलिंग गुमला जिले में हैं. जंगल और पहाड़ों पर रहने वाले गुमला के अधिकांश लोग खुद को शिव का सबसे बड़ा भक्त मानते हैं. यही वजह है कि महाशिवरात्रि में लोगों का उत्साह देखते ही बनता है. महाशिवरात्रि में शिव मंदिर और शिवलिंग पर जलार्पण के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. गुमला के प्रमुख शिव मंदिरों में टांगीनाथ धाम, देवाकीधाम, बुढ़वा महादेव मंदिर करमटोली, वासुदेव कोना, देवगांव गुफा, पहाड़गांव, सेरका शिवलिंग के साथ-साथ अन्य कई मंदिर भी हैं. 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन इन शिवालयों में पूजा की तैयारी पूरी कर ली गयी है. मंदिरों और शिवालयों को विशेष रूप से सजाया गया है. शिवरात्रि पर जलार्पण के लिए झारखंड के अलग-अलग जिलों से तो लोग आते ही हैं, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से भी श्रद्धालु यहां के अलग-अलग मंदिरों में पूजा-अर्चना करने के लिए आते हैं. देवाकीधाम : श्रीकृष्ण की मां देवकी के नाम पर है मंदिर शिवालयों से घिरा है गुमला, शिवरात्रि पर जलार्पण करने बिहार, बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से आते हैं श्रद्धालु 6 गुमला जिले के घाघरा प्रखंड से 3 किमी दूर केराझारिया नदी के तट देवाकी बाबाधाम मंदिर है. जनश्रुति के अनुसार, महाहिंदुस्तान काल में पांडव के अज्ञातवाश के समय भगवान श्रीकृष्ण ने यहां 5 शिवलिंग की स्थापना की थी. इसमें से एक शिवलिंग देवाकीधाम में है. इसलिए इस स्थल का नाम श्रीकृष्ण की मां देवकी के नाम पर पड़ गया. पांडवों के अज्ञातवाश की समाप्ति के बाद भगवान श्रीकृष्ण ने देवाकीधाम में ही शंख बजाया था. देवगांव : पहाड़ की गुफा में बसते हैं स्वयं भगवान शिव शिवालयों से घिरा है गुमला, शिवरात्रि पर जलार्पण करने बिहार, बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से आते हैं श्रद्धालु 7 पालकोट प्रखंड में देवगांव है. यहां पहाड़ की गुफा में एक मंदिर है. यह प्राचीन मंदिर है. गुमला और सिमडेगा मार्ग पर पड़ने की वजह से यहां बिहार, ओड़िशा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और झारखंड राज्य के श्रद्धालु आते हैं. पालकोट के पहाड़ पर सावन के महीने में भी भक्तों की भीड़ उमड़ती है. ओड़िशा से काफी संख्या में शिवभक्त यहां बाबा भोलेनाथ पर जलार्पण करने के लिए आते हैं. पालकोट में बाबा बूढ़ा महादेव मंदिर सहित कई प्रमुख स्थल हैं, जो श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं. टांगीनाथ : टांगीनाथ धाम में उमड़ता है श्रद्धालुओं का सैलाब शिवालयों से घिरा है गुमला, शिवरात्रि पर जलार्पण करने बिहार, बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से आते हैं श्रद्धालु 8 डुमरी प्रखंड के टांगीनाथ धाम में कई राज्यों से शिवभक्त जलाभिषेक करने के लिए पहुंचते हैं. यहां कई पुरातात्विक और ऐतिहासिक धरोहर हैं. यहां की कलाकृतियां और नक्कासी, देवकाल की कहानी बयां करती है. टांगीनाथ धाम में यत्र-तत्र सैकड़ों शिवलिंग मिल जाते हैं. यह मंदिर शाश्वत है. जमीन के ऊपर स्थित त्रिशूल के अग्र भाग में कभी जंग नहीं लगता. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें वासुदेव कोना : प्राचीन मंदिर है से जुड़ी है लोगों की आस्था शिवालयों से घिरा है गुमला, शिवरात्रि पर जलार्पण करने बिहार, बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से आते हैं श्रद्धालु 9 रायडीह प्रखंड में वासुदेव कोना मंदिर है. यह प्राचीन मंदिर है. इस मंदिर से अंग्रेजी हुकूमत की लड़ाई का इतिहास भी जुड़ा है. यहां महाशिवरात्रि और सावन के महीने में भक्तों का रेला आता है. स्थानीय लोगों के अलावा छत्तीसगढ़ और ओड़िशा राज्य से भी श्रद्धालु यहां आते हैं. कहते हैं कि वासुदेव कोना मंदिर में दिल से मांगी गयी मुराद जरूर पूरी होती है. इसलिए यहां भक्त दूर-दूर से पूजा करने आते हैं. सेरका शिवलिंग : हर 6 माह में बदलता है रंग शिवालयों से घिरा है गुमला, शिवरात्रि पर जलार्पण करने बिहार, बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से आते हैं श्रद्धालु 10 बिशुनपुर मुख्यालय से सटे सेरका गांव स्थित अति प्राचीन शिवालय लोगों की आस्था का केंद्र है. मंदिर की खासियत यह है कि यहां नागेश्वर नाथ एवं दूधेश्वर नाथ दो शिवलिंग हैं. साल में 2 बार इन शिवलिंगों का रंग खुद-ब-खुद बदल जाता है. शिवलिंग कभी लाल हो जाता है, तो कभी सफेद. इसकी वजह से इस मंदिर में लोगों की अटूट आस्था है. इसे भी पढ़ें खूंटी में 5 आदिवासी बच्चियों से सामूहिक दुष्कर्म मामले में 18 गिरफ्तार, डीजीपी ने कही ये बात, देखें Video सीएम आवास ढाहने पर हमलावर हुई भाजपा, पूछा- झारखंड में शीश महल बनाने जा रही हेमंत सोरेन प्रशासन? Jharkhand Weather Forecast: झारखंड में बदलने वाला है मौसम का मिजाज, 3-4 डिग्री बढ़ेगा तापमान 25 फरवरी 2025 को आपके शहर में क्या है एलपीजी सिलेंडर की कीमत, यहां देख लें रेट The post शिवालयों से घिरा है गुमला, शिवरात्रि पर जलार्पण करने बिहार, बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से आते हैं श्रद्धालु appeared first on Naya Vichar.

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