इसके तहत 20 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती, 300 से अधिक CCTV कैमरों से निगरानी और 12 डिटेंशन सेंटर की व्यवस्था की गई है. पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है. अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना, अनधिकृत जमावड़े रोकना और संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा करना है.
20 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी रहेंगे तैनात
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के मद्देनजर नई दिल्ली, मध्य दिल्ली और राजधानी की सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी की है. पुलिस को आशंका है कि अनुमति नहीं मिलने के बावजूद प्रदर्शन में शामिल होने के लिए लोग दिल्ली पहुंच सकते हैं.
सुरक्षा व्यवस्था के तहत संवेदनशील इलाकों में बैरिकेडिंग की गई है. पुलिसकर्मियों को भीड़ नियंत्रित करने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के निर्देश दिए गए हैं.
1.5 किलोमीटर का इलाका सबसे संवेदनशील
दिल्ली पुलिस ने करीब 1.5 किलोमीटर के दायरे को बेहद संवेदनशील क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया है. इसमें जंतर-मंतर, जनपथ, चुनाव आयोग और दिल्ली पुलिस मुख्यालय के आसपास का इलाका शामिल है.
इस क्षेत्र में 6,500 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी. जंतर-मंतर की ओर जाने वाली सड़कों पर कई स्तरों की बैरिकेडिंग की गई है. कुछ रास्तों पर सात स्तर तक बैरिकेड लगाए गए हैं.
संवेदनशील स्थानों पर लाउडस्पीकर भी लगाए गए हैं. इनके जरिए लोगों को बताया जा रहा है कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली है. साथ ही सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाने और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट नहीं करने की अपील की जा रही है.
12 डिटेंशन सेंटर तैयार, पुलिस को संयम बरतने के निर्देश
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल होने के लिए राजधानी पहुंचने वाले लोगों को हिरासत में लेने की स्थिति में 12 डिटेंशन सेंटर तैयार किए हैं. सूत्रों के मुताबिक, वरिष्ठ अधिकारियों ने तैनात पुलिसकर्मियों को किसी भी उकसावे पर प्रतिक्रिया देने से बचने और अधिकतम संयम बरतने के निर्देश दिए हैं.
पुलिसकर्मियों से कहा गया है कि वे हालात के अनुसार पेशेवर तरीके से कार्रवाई करें. अधिकारियों ने पिछले प्रदर्शन के अनुभवों का भी जिक्र किया और पुलिस के व्यवहार को लेकर सतर्क रहने को कहा.
300 से ज्यादा CCTV कैमरों से होगी निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नई दिल्ली जिले के संवेदनशील स्थानों पर 300 से ज्यादा CCTV कैमरे लगाए गए हैं. इन कैमरों में ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा भी है.
इसके अलावा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के लिए बॉडी कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा. करीब 100 फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर भी तैनात किए जाने की जानकारी सामने आई है. वे प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई को रिकॉर्ड करेंगे.
इस रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल घटनाक्रम की समीक्षा करने और जरूरत पड़ने पर कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में सबूत के तौर पर किया जा सकता है.
गृह सचिव ने राज्यों को लिखा पत्र
केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस प्रमुखों को पत्र लिखकर दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय बनाए रखने को कहा है.
पत्र में खुफिया सूचनाओं का हवाला देते हुए आशंका जताई गई है कि प्रतिबंधों के बावजूद CJP के सदस्य दिल्ली पहुंचने की कोशिश कर सकते हैं. राज्यों से खुफिया एजेंसियों, सीमा निगरानी अधिकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच लगातार सूचना साझा करने तथा एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है.
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने के पीछे प्रक्रियागत जरूरतों, पहले की कानून-व्यवस्था संबंधी चिंताओं और सुरक्षा व यातायात पर संभावित असर का हवाला दिया है.
मोहल्लों से होटल तक चलाया जा रहा जागरूकता अभियान
दिल्ली पुलिस ने लोगों को प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने की जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान भी शुरू किया है. इसके तहत सामुदायिक केंद्रों, मस्जिदों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के जरिए लोगों तक संदेश पहुंचाया जा रहा है.
नई दिल्ली और मध्य दिल्ली के होटल, लॉज और अन्य ठहरने की जगहों की भी जांच की जा रही है. संचालकों से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर पुलिस को जानकारी देने को कहा गया है. Airbnb संचालकों और संपत्ति मालिकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
रामलीला मैदान के लिए नहीं मिला आवेदन
प्रदर्शन को रामलीला मैदान में आयोजित करने की संभावना पर दिल्ली पुलिस ने कहा है कि वहां कार्यक्रम की अनुमति के लिए अब तक कोई आवेदन नहीं मिला है. पुलिस के मुताबिक, आयोजकों को पहले औपचारिक आवेदन देना होगा. इसके बाद संबंधित अधिकारी उस पर विचार कर फैसला लेंगे.
पुलिस की कार्रवाई की भी होगी रिकॉर्डिंग
सुरक्षा योजना में पुलिस के व्यवहार और कार्रवाई को रिकॉर्ड करने पर भी जोर दिया गया है. वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहेंगे और हालात के अनुसार निर्णय लेंगे. पुलिसकर्मियों को पूरी कार्रवाई के दौरान पेशेवर रवैया अपनाने के निर्देश दिए गए हैं.
दिल्ली पुलिस ने स्थानीय निवासियों से सहयोग की अपील करते हुए एक खुला पत्र भी जारी किया है. पुलिस का कहना है कि उसका उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और नई दिल्ली जिले में किसी भी तरह की अव्यवस्था रोकना है.
10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले राजधानी में सुरक्षा एजेंसियां तैयारियों को अंतिम रूप दे रही हैं. अब नजर इस बात पर है कि प्रदर्शनकारी पुलिस की रोक के बीच क्या कदम उठाते हैं और प्रशासन स्थिति को किस तरह संभालता है.
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