PM Kisan Yojana: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार (31 जुलाई) को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना को आगे जारी रखने का फैसला लिया गया. प्रशासन ने इस योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है. इस अवधि के लिए योजना के तहत कुल 3.15 लाख करोड़ रुपये के वित्तीय आवंटन को स्वीकृति दी गई है.
किसानों को हर साल मिलती है 6 हजार रुपये की सहायता
कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि PM-KISAN प्रशासन की प्रमुख योजनाओं में से एक है. इसके तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है. यह राशि तीन समान किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है. उन्होंने कहा कि यह सहायता किसानों को बीज, खाद, सिंचाई और अन्य कृषि जरूरतों को पूरा करने में मदद करती है. DBT के जरिए सीधे किसानों के खाते में पहुंचती है राशि
PM-KISAN योजना में किसानों के बैंक खातों में सीधे पैसा ट्रांसफर किया जाता है. आधार प्रमाणीकरण, डिजिटल सत्यापन और पारदर्शी प्रक्रिया के कारण योजना को प्रभावी और भरोसेमंद बनाया गया है. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि योजना के प्रभाव को लेकर किए गए अध्ययनों में सामने आया है कि लगभग 85 प्रतिशत किसानों ने इस सहायता के कारण अपनी ऋण निर्भरता कम की है.
2019 में शुरू हुई थी PM-KISAN योजना
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत फरवरी 2019 में की गई थी. इसका उद्देश्य भूमिधारक किसान परिवारों को खेती से जुड़ी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में सहायता देना है. योजना के तहत अब तक 23 किस्तों में किसानों के बैंक खातों में 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है. 23वीं किस्त के तहत 9.49 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिला और 18,984 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि जारी की गई.
PM-KISAN योजना की प्रमुख बातें
- योजना की शुरुआत फरवरी 2019 में की गई थी.
- पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है.
- राशि तीन किस्तों में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे बैंक खातों में भेजी जाती है.
- योजना का लाभ देशभर के करोड़ों किसान परिवारों को मिल रहा है.
- आधार प्रमाणीकरण और डिजिटल सत्यापन के जरिए योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है.
- DBT के जरिए सीधे खाते में पहुंचती है राशि
कोरोना काल में भी किसानों को मिला सहारा
कोरोना (Covid-19) महामारी के दौरान किसानों को आर्थिक सहायता देने के लिए PM-KISAN योजना के तहत 1.71 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई.
स्त्री किसानों को भी मिला लाभ
PM-KISAN योजना के तहत स्त्री किसानों को भी बड़ी संख्या में लाभ मिला है. योजना के अंतर्गत स्त्री किसानों को 1.06 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई है. लाभार्थियों में करीब हर चार में से एक स्त्री किसान शामिल है.
कृषि निवेश और उत्पादन बढ़ाने में मददगार बनी योजना
प्रशासन के अनुसार, PM-KISAN के माध्यम से किसानों को बीज, खाद, सिंचाई, कृषि मशीनरी और अन्य जरूरतों में समय पर निवेश करने में मदद मिली है. इससे किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़ी है और कर्ज पर उनकी निर्भरता कम हुई है. नीति आयोग के विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (DMEO) के अनुसार, 92 प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों ने बताया कि उन्होंने सहायता राशि का इस्तेमाल कृषि कार्य और निवेश के लिए किया है.
कृषि क्षेत्र को मिला सकारात्मक प्रभाव
- मूल्यांकन के मुताबिक साल 2020-21 से 2025-26 के बीच खाद्यान्न उत्पादन में काफी इजाफा दर्ज किया गया.
- कृषि क्षेत्र में करीब 9.65 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. कृषि उत्पादकता में करीब 10.53 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई. कुल खाद्यान्न उत्पादन में करीब 21.18 प्रतिशत वृद्धि.
डिजिटल इंडिया का सफल उदाहरण बनी PM-KISAN
PM-KISAN योजना को डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल का एक सफल उदाहरण माना जा रहा है. आधार आधारित प्रमाणीकरण, डिजिटल लाभार्थी सत्यापन और DBT प्रणाली के जरिए सहायता सीधे किसानों तक पहुंच रही है. प्रशासन का कहना है कि यह योजना केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों के आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और खेती में निवेश की क्षमता को भी मजबूत कर रही है.
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