Siwan blast: सीवान जिले के जामो बाजार थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में शुक्रवार की शाम पटाखा बनाने के दौरान भीषण विस्फोट हो गया. धमाका इतना जोरदार था कि मकान की छत उड़ गयी और घर का बड़ा हिस्सा ढह गया. जिला प्रशासन ने हादसे में चार लोगों की मौत की पुष्टि की है. मृतकों में गृहस्वामी अमीरुद्दीन अहमद (70), खुशबू (10) और असद (8) शामिल हैं. चौथे मृतक की पहचान की जानकारी स्पष्ट नहीं हो सकी है. वहीं, मलबे में कई अन्य लोगों के दबे होने की आशंका जतायी जा रही है. आसपास के लोगों के अनुसार, घटना के समय घर में सात से अधिक लोग मौजूद थे. इनमें परिवार के सदस्यों के साथ पटाखा बनाने के काम में लगे मजदूर भी शामिल थे.
विस्फोट के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गयी. धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और आसपास के मकानों पर भी इसका असर पड़ा. स्थानीय लोगों के मुताबिक, शुरुआती विस्फोट के बाद रह-रहकर धमाके होते रहे. करीब तीन घंटे तक विस्फोट की आवाज सुनाई देने की बात सामने आयी है. घटना के बाद आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन लगातार धमाकों और मकान की जर्जर स्थिति के कारण घटनास्थल के करीब जाने से भी लोग कतरा रहे थे. घर के भीतर से आ रही चीख-पुकार ने हादसे की भयावहता और बढ़ा दी.
पटाखा बनाने के दौरान बारूद में लगी आग, ढह गया मकान
ग्रामीणों के अनुसार, आलमपुर गांव में पिछले करीब 20 वर्षों से कई घरों में पटाखा बनाने का काम किया जाता रहा है. शुक्रवार की शाम करीब पांच बजे अमीरुद्दीन अहमद के घर में पटाखा बनाने का काम चल रहा था. इसी दौरान किसी तरह बारूद में आग लग गयी, जिसके बाद जोरदार विस्फोट हुआ. धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मकान का बड़ा हिस्सा जमींदोज हो गया. इसके बाद लगातार छोटे-बड़े विस्फोट होते रहे.
हादसे के समय घर में मौजूद परिजनों और पटाखा बनाने में लगे मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका जतायी गयी है. पड़ोसी फिरोज अहमद के परिवार का एक बच्चा भी लापता बताया जा रहा है. ऐसे में आशंका है कि मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ सकती है. हालांकि, प्रशासन की ओर से फिलहाल चार मौतों की पुष्टि की गयी है.
डीआइजी, डीएम और एसपी मौके पर पहुंचे, 20 से अधिक दमकल वाहन तैनात
घटना की सूचना मिलते ही डीआइजी नीलेश कुमार, जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा और पुलिस अधीक्षक हिंदुस्तान सोनी समेत पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे. जिले के करीब आधा दर्जन थानों की पुलिस को भी घटनास्थल पर बुलाया गया. अधिकारियों की निगरानी में राहत और बचाव कार्य चलाया गया. आग पर काबू पाने और घटनास्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 20 से अधिक अग्निशमन वाहनों को लगाया गया.
पुलिस ने गांव की घेराबंदी कर आसपास के कई घरों की तलाशी भी ली. घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम पहुंची और साक्ष्य जुटाने में लगी रही. पुलिस और प्रशासन की टीमें विस्फोट के कारणों, पटाखा निर्माण के लिए लाइसेंस और सुरक्षा मानकों समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं.
थानाध्यक्ष धीरज कुमार और चौकीदार निलंबित
हादसे के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जामो बाजार थानाध्यक्ष धीरज कुमार और संबंधित चौकीदार को निलंबित कर दिया है. वहीं, महाराजगंज के एसडीपीओ के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गयी है. टीम को घटना के सभी पहलुओं की जांच करने और जिम्मेदारी तय करने की दिशा में कार्रवाई करने को कहा गया है.
पुलिस अधीक्षक हिंदुस्तान सोनी ने चार लोगों की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि हादसे में हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका है. उन्होंने बताया कि पटाखा निर्माण के लाइसेंस और घटना के कारणों समेत सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पटाखा निर्माण की अनुमति थी या नहीं और हादसा किन परिस्थितियों में हुआ.
20 वर्षों से पटाखा निर्माण की बात, लाइसेंस पर उठे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि आलमपुर गांव में कई घरों में लंबे समय से पटाखा बनाने का काम होता रहा है. अब इस भीषण हादसे के बाद पटाखा निर्माण की अनुमति, बारूद के भंडारण और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं. हालांकि, संबंधित घर में पटाखा निर्माण के लिए वैध लाइसेंस था या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.
फिलहाल पुलिस और प्रशासन का मुख्य ध्यान मलबे में दबे लोगों की तलाश, राहत-बचाव और घटना के कारणों का पता लगाने पर है. हादसे में चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि लापता लोगों और संभावित अन्य हताहतों को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है.
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