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April 19, 2025

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SBI PO Mains Admit Card 2025 Out: एसबीआई पीओ मेन्स एडमिट कार्ड जारी, यहां से करें डाउनलोड

SBI PO Mains Admit Card 2025 Out: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO) मेन्स परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी कर दिया है. जिन उम्मीदवार ने प्री परीक्षा पास की है तो वह अपना कॉल लेटर SBI की आधिकारिक वेबसाइट sbi.co.in से डाउनलोड कर सकते हैं. 5 मई को होगी परीक्षा (SBI PO Mains Admit Card 2025 Out) ऑफिशियल नोटिफिकेशन के मुताबिक, मेन्स परीक्षा 5 मई 2025 को होगी. SBI PO मेन्स एडमिट कार्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए जरूरी दस्तावेज है. चयन प्रक्रिया में प्रीलिम्स, मेन्स, ग्रुप एक्सरसाइज और इंटरव्यू शामिल हैं. उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि समय पर एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लें और परीक्षा वाले दिन इसे साथ जरूर ले जाएं.  यह भी पढ़ें- Top IIT of India 2025: देश के टॉप आईआईटी काॅलेज कौन से हैं, JEE के बाद ऐसे लें एडमिशन SBI PO Mains Admit Card 2025: ऐसे करें डाउनलोड SBI की आधिकारिक वेबसाइट sbi.co.in पर जाएं होमपेज से ‘Career’ सेक्शन पर क्लिक करें ‘SBI PO Mains Admit Card 2025’ वाले लिंक पर जाएं रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड या जन्मतिथि डालें जानकारी भरने के बाद एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखेगा उसे डाउनलोड करें और प्रिंट निकाल लें, ताकि परीक्षा के दिन साथ ले जा सकें. SBI PO Mains Admit Card 2025: क्या-क्या जानकारी होगी एडमिट कार्ड में? SBI PO मेन्स एडमिट कार्ड में ये अहम जानकारियां होती हैं: उम्मीदवार का नाम रोल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर परीक्षा की तारीख और रिपोर्टिंग टाइम परीक्षा केंद्र का नाम और पता उम्मीदवार की फोटो और सिग्नेचर जरूरी निर्देश और नियम. यह भी पढ़ें- Best BTech College: माइक्रोसॉफ्ट में प्लेसमेंट देकर छा गया झारखंड का कॉलेज, 82 लाख का हाईएस्ट पैकेज यह भी पढ़ें- CSIR NET Final Answer Key 2025: सीएसआईआर नेट फाइनल आंसर-की जारी, चेक करने का आसान तरीका यहां The post SBI PO Mains Admit Card 2025 Out: एसबीआई पीओ मेन्स एडमिट कार्ड जारी, यहां से करें डाउनलोड appeared first on Naya Vichar.

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शनिवार की रात करें ये उपाय, करें शनिदेव को खुश

Shanivar Upay; शनिदेव को न्याय का देवता माना जाता है. वे कर्मों के फल देने वाले हैं और हर व्यक्ति को उसके कार्यों के अनुसार परिणाम प्रदान करते हैं. यदि किसी पर शनि की कृपा होती है, तो वह निर्धनता से समृद्धि की ओर बढ़ सकता है, लेकिन यदि शनि नाराज हो जाएं, तो जीवन में कई कठिनाइयाँ, दुख और असफलताएँ उत्पन्न हो सकती हैं. इसलिए शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है, और विशेषकर शनिवार की रात कुछ विशेष उपाय करने से शनि देव की कृपा शीघ्र प्राप्त की जा सकती है. शनिदेव को प्रसन्न करने के उपाय सरसों के तेल का दीप जलाएं शनिवार की रात पीपल के वृक्ष के नीचे या घर के दक्षिण दिशा में सरसों के तेल का दीप जलाएं. दीपक में काले तिल डालकर शनिदेव का ध्यान करें और “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें. हनुमान जी की पूजा करें शनिदेव हनुमान जी के भक्तों से प्रसन्न होते हैं. शनिवार की रात हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें. हनुमान मंदिर जाकर चमेली का तेल और सिंदूर अर्पित करें. जरूरतमंदों को दान करें शनिवार की रात किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को काले वस्त्र, काला चना, काली उड़द, या सरसों का तेल दान करें। इससे शनि दोष में कमी आती है और जीवन में स्थिरता प्राप्त होती है. The post शनिवार की रात करें ये उपाय, करें शनिदेव को खुश appeared first on Naya Vichar.

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Gopalganj: बेटी की डोली से ठीक पहले उठी पिता की अर्थी, आंधी तूफान ने शादी वाले घर में मचाई तबाही 

Gopalganj : गोपालगंज जिले के भोरे बाजार में शनिवार की सुबह एक ऐसा हादसा हुआ जिसने शादी की खुशियों को पल भर में मातम में बदल दिया. सिसई गांव के रहने वाले सत्यदेव बरनवाल अपनी बेटी अनु की शादी की तैयारी में लगे थे. 20 अप्रैल को बेटी की बारात आने वाली थी और उसी की तैयारी के लिए सुबह-सुबह सब्जी खरीदने वो अपने दामाद दीपक बरनवाल के साथ भोरे बाजार गए थे.   टहनी ने ले ली पिता की जान  वह जैसे ही बाजार पहुंचे वहां अचानक से मौसम खराब हो गया और तेज आंधी चलने लगी. उसी दौरान सब्जी मंडी में खड़े एक बड़े पेड़ की भारी टहनी टूटकर सीधे सत्यदेव और उनके दामाद पर गिर गई. इस हादसे में सत्यदेव बरनवाल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दामाद दीपक बुरी तरह जख्मी हो गए. दीपक को पहले स्थानीय अस्पताल में एडमिट कराया गया, लेकिन सीरियस कंडीशन देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें शादी के घर में छाया मातम का साया जिस घर में अगले दिन शादी की रौनक होनी थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है. परिवार वाले बेसुध हैं, किसी को यकीन नहीं हो रहा कि बेटी की डोली उठने से पहले ही उसके पिता की अर्थी उठ गई. सत्यदेव बरनवाल बेटी की शादी को लेकर बहुत खुश थे. वे सुबह से ही खरीदारी में लगे थे, लेकिन किसे पता था कि ये उनकी आखिरी सुबह होगी. स्थानीय लोगों के मुताबिक हादसे की समाचार मिलते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया. हर कोई हैरान और दुखी है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. अब शादी की तैयारियों की जगह सिर्फ आंसू हैं और गहरा सन्नाटा है. (यह समाचार इंटर्न श्रीति सागर ने लिखी है) इसे भी पढ़ें: Chirag Paswan देंगे मोदी कैबिनेट से इस्तीफा! बिहार चुनाव से पहले उठा सकते हैं बड़ा कदम The post Gopalganj: बेटी की डोली से ठीक पहले उठी पिता की अर्थी, आंधी तूफान ने शादी वाले घर में मचाई तबाही  appeared first on Naya Vichar.

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19 अप्रैल को आपको कितने में मिलेगा 14.2 किलो का एलपीजी सिलेंडर, यहां चेक करें रेट

LPG Cylinder Price Today 19 April 2025 : 19 अप्रैल 2025 को 14.2 किलो का एलपीजी सिलेंडर आपको कितने में मिलेगा. आपके शहर में आज एलपीजी सिलेंडर की कीमत क्या है. आपके आसपास के जिलों में किस रेट मिल रहा है 14 किलोग्राम का एलपीजी सिलेंडर. आज झारखंड में सबसे सस्ता एलपीजी सिलेंडर कहां मिल रहा है. सबसे महंगा एलपीजी सिलेंडर आज झारखंड के किस जिले में मिल रहा है. इन सारे जवालों का जवाब आपको यहां मिल जायेगा. सबसे पहले यह जान लीजिए कि झारखंड में सबसे महंगा एलपीजी सिलेंडर हजारीबाग, कोडरमा और रामगढ़ जिले में मिल रहा है. इन तीनों जिलों में 14.2 किलोग्राम का एलपीजी सिलेंडर आज आपको 912 रुपए में मिलेगा. अगर यही सिलेंडर आप जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां जिले में लेंगे, तो आपको सबसम कम पैसे देने होंगे. इन दोनों जिलों में एलपीजी सिलेंडर सबसे सस्ता है. दोनों जिलों में आपको 892.50 रुपए में मिल जायेगा. राजधानी रांची में यही सिलेंडर आपको 910.50 रुपए में मिलेगा. धनबाद, देवघर, गोड्डा, गिरिडीह, बोकारो समेत 17 ऐसे जिले हैं, जहां 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर की कीमत 910.50 रुपए है. 19 अप्रैल को झारखंड के किस जिले या शहर में एलपीजी सिलेंडर की कीमत कितनी है, यहां देख लें. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 19 अप्रैल को 14 किलो के एलपीजी सिलेंडर की कीमत शहर/जिला का नाम एलपीजी सिलेंडर की कीमत रांची 910.50 रुपए जमशेदपुर 892.50 रुपए धनबाद 910.50 रुपए बोकारो 910.50 रुपए गिरिडीह 910.50 रुपए देवघर 910.50 रुपए दुमका 910.50 रुपए हजारीबाग 912.00 रुपए कोडरमा 912.00 रुपए पलामू 910.50 रुपए चतरा 909.50 रुपए जामताड़ा 910.50 रुपए गढ़वा 910.50 रुपए गोड्डा 910.50 रुपए गुमला 910.50 रुपए खूंटी 910.50 रुपए चाईबासा 902.00 रुपए लातेहार 910.50 रुपए लोहरदगा 910.50 रुपए पाकुड़ 910.50 रुपए रामगढ़ 912.00 रुपए साहिबगंज 910.50 रुपए सरायकेला-खरसावां 892.50 रुपए सिमडेगा 910.50 रुपए स्रोत : इंडियन ऑयल इसे भी पढ़ें Crime News Jharkhand: कांड्रा में दिनदहाड़े व्यापारी को गोली मारी, इलाके में दहशत मौसम की मार : तेज हवा-बारिश संग ओलावृष्टि, कारों के शीशे, घर के एस्बेस्टस टूटे, शौचालय पर गिरा पेड़ हिसीम पहाड़ के महादेवबेड़ा में धूमधाम से मना भगता परब, आज होगी बलि कसमार के मंजूरा में धूमधाम से मना सरहुल परब, भूमिगत जलस्तर और वर्षा की भविष्यवाणी से है कनेक्शन The post 19 अप्रैल को आपको कितने में मिलेगा 14.2 किलो का एलपीजी सिलेंडर, यहां चेक करें रेट appeared first on Naya Vichar.

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Vienna Schools: वियना के स्कूलों में मुस्लिम बहुसंख्या, क्या ऑस्ट्रिया अपनी पहचान खो रहा है?

Vienna Schools: ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना के प्राथमिक विद्यालयों में छात्र आबादी की धार्मिक और भाषाई संरचना में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है. पहली बार मुस्लिम छात्रों की संख्या ईसाई छात्रों से अधिक हो गई है. वियना की शिक्षा मामलों की जिम्मेदार सिटी काउंसलर बेटिना एमरलिंग के कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, प्राथमिक स्कूलों में 41.2% छात्र मुस्लिम समुदाय से हैं, जबकि ईसाई छात्रों की कुल संख्या 34.5% है, जिसमें रोमन कैथोलिक और ऑर्थोडॉक्स दोनों शामिल हैं. इन आंकड़ों के सार्वजनिक होने के बाद देशभर में इस विषय को लेकर बहस छिड़ गई है. दक्षिणपंथी पार्टियां और कुछ सामाजिक संगठन इसे महज़ आप्रवासन का परिणाम नहीं, बल्कि “जनसांख्यिकीय विस्थापन” करार दे रहे हैं. उनका दावा है कि यह परिवर्तन ऑस्ट्रियाई पहचान और संस्कृति के लिए खतरा बनता जा रहा है. भाषा में बदलाव और शिक्षा पर असर रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि कई स्कूलों में जर्मन अब मुख्य भाषा नहीं रह गई है. छात्रों की मातृभाषाएं जैसे अरबी, तुर्की, बोस्नियाई और चेचन अब कई कक्षाओं में प्रमुख हो गई हैं. इससे न केवल भाषा आधारित शिक्षा प्रभावित हो रही है, बल्कि शिक्षकों और छात्रों के बीच संवाद, शिक्षण गुणवत्ता और सामाजिक एकीकरण भी मुश्किल हो रहा है. इसे भी पढ़ें: हैवान प्रिंसिपल! 5 साल की बच्ची को बेरहमी से पीटा, वीडियो देख कांप जाएगा कलेजा 1,12,600 छात्रों पर आधारित रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 17.5% छात्र रोमन कैथोलिक हैं, 14.5% ऑर्थोडॉक्स ईसाई, और 23% छात्र किसी भी धर्म को नहीं मानते. अन्य धर्मों के छात्रों की संख्या सीमित है—बौद्ध 0.2%, यहूदी 0.1% और अन्य धर्मों के 0.9% छात्र. नेतृत्वक प्रतिक्रियाएं और बढ़ती चिंता दक्षिणपंथी फ्रीडम पार्टी ऑफ ऑस्ट्रिया (FPÖ) ने इन आंकड़ों को “चिंताजनक” बताते हुए कहा कि यह प्रवृत्ति देश की सांस्कृतिक पहचान को कमजोर कर सकती है. पार्टी के युवा संगठन के प्रमुख मैक्स वेनजिएरल ने कहा कि मुस्लिम छात्र अब नया बहुसंख्यक बन गए हैं और यह प्रवास नहीं, बल्कि “विस्थापन” है. उन्होंने स्कूलों में बढ़ती हिंसा, स्त्रीओं के प्रति असम्मान और यहूदी विरोधी भावनाओं को भी इसी बदलाव से जोड़ते हुए गंभीर चिंता जताई. शिक्षकों और अभिभावकों की मुश्किलें शिक्षकों और अभिभावकों ने भी शिक्षा व्यवस्था की गिरती गुणवत्ता पर चिंता जताई है. ऑस्ट्रियन पैरेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष एवलिन कोमेटर के अनुसार, शिक्षकों को एक ही बात कई बार दोहरानी पड़ती है ताकि सभी छात्र समझ सकें. इससे शिक्षा का स्तर प्रभावित हो रहा है और शिक्षक मानसिक दबाव में आकर नौकरी छोड़ रहे हैं. कई परिवार अब वियना छोड़कर ऐसे क्षेत्रों में जा रहे हैं जहाँ जर्मन भाषा और पारंपरिक शैक्षणिक माहौल अब भी कायम है. इसे भी पढ़ें: अगले 48 घंटे भयंकर बारिश और आंधी-तूफान का तांडव! IMD का हाई अलर्ट प्रशासन की पहल इस स्थिति को सुधारने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने ‘लिविंग इन अ डेमोक्रेसी’ नामक एक नया विषय स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने की घोषणा की है. इसके माध्यम से छात्रों को लोकतंत्र, समानता, सहिष्णुता और नागरिक मूल्यों की शिक्षा दी जाएगी. शिक्षा मंत्री क्रिस्टोफ वीडरकेयर और काउंसलर एमरलिंग दोनों ने इस पहल को समय की जरूरत बताया है. इसे भी पढ़ें: प्राइवेट पार्ट पर लात मारा, पेशाब से नहलाया, फिर जाति के नाम पर दी गाली   मुस्लिम समुदाय की वियना में मौजूदगी नई नहीं है. 1960 के दशक में तुर्की-ऑस्ट्रिया श्रम समझौतों के बाद बड़ी संख्या में तुर्की आप्रवासी यहां आए. इसके बाद 2015 के शरणार्थी संकट सहित विभिन्न कारणों से सीरिया, अफगानिस्तान और इराक जैसे देशों से बड़ी संख्या में लोग वियना पहुँचे. आज उन्हीं आप्रवासियों की संततियाँ वियना की स्कूलों में पढ़ रही हैं. यह जनसांख्यिकीय बदलाव न सिर्फ सामाजिक और नेतृत्वक बहस को जन्म दे रहा है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था के सामने नई चुनौतियाँ भी खड़ी कर रहा है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ऑस्ट्रियाई प्रशासन इस स्थिति से कैसे निपटती है और सामाजिक संतुलन बनाए रखने में कितनी सफल होती है. The post Vienna Schools: वियना के स्कूलों में मुस्लिम बहुसंख्या, क्या ऑस्ट्रिया अपनी पहचान खो रहा है? appeared first on Naya Vichar.

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Heavy Rain Alert: चक्रवात का असर, अगले 4 से 5 दिन होगी भयंकर बारिश, IMD अलर्ट जारी

Heavy Rain Alert: मौसम विभाग के अनुसार 20 तारीख को उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में तेज हवा चलने की संभावना है. इसको लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.20 अप्रैल को उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि होने की संभावना है. 20 अप्रैल को उत्तर प्रदेश में तेज हवाओं (गति 30-40 किमी प्रति घंटे से बढ़कर 50 किमी प्रति घंटे तक) चलने की संभावना है. झारखंड के ऊपर बना साइक्लोनिक सर्कुलेशन मौसम विभाग के अनुसार पहला उत्तर-पश्चिम झारखंड के ऊपर, दूसरा उत्तरी बांग्लादेश और उसके आसपास और तीसरा साइक्लोनिक सर्कुलेशन असम के ऊपर स्थित है. जिसके कारण मौसम में भारी बदलाव देखा जा रहा है. 20 अप्रैल को ओडिशा में गरज, बिजली और तेज़ हवाओं (गति 40-50 किमी प्रति घंटे से बढ़कर 60 किमी प्रति घंटे तक) के साथ छिटपुट से लेकर हल्की/मध्यम वर्षा होने की संभावना है. 20 अप्रैल को झारखंड में छिटपुट स्थानों पर गरज के साथ बौछारें (हवा की गति 50-60 किमी प्रति घंटे से बढ़कर 70 किमी प्रति घंटे तक) पड़ने की संभावना है. 19 अप्रैल को झारखंड और ओडिशा में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना है. अगले 4 दिनों के दौरान पूर्वोतर और पूर्वी हिंदुस्तान में आंधी-तूफान और बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार अगले 5 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर और पूर्वी हिंदुस्तान में आंधी, बिजली और तेज हवाओं (गति 40-50 किमी प्रति घंटे से बढ़कर 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने) के साथ छिटपुट से लेकर काफी व्यापक हल्की/मध्यम वर्षा होने की संभावना है. 23 अप्रैल के दौरान विदर्भ और छत्तीसगढ़ में आंधी, बिजली और तेज हवाओं (30-40 किमी प्रति घंटे से बढ़कर 50 किमी प्रति घंटे तक की गति) के साथ हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है. 22 से 25 अप्रैल तक यहां होगी भारी बारिश 22 से 25 अप्रैल के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी वर्षा होने की संभावना है. केरल और माहे में आंधी, बिजली और तेज़ हवाओं (गति 40-50 किमी प्रति घंटे से बढ़कर 60 किमी प्रति घंटे) के साथ छिटपुट से लेकर व्यापक रूप से हल्की/मध्यम वर्षा की संभावना है और अगले 5 दिनों के दौरान कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, रायलसीमा और 19 से 21 तारीख के दौरान तेलंगाना में आंधी, बिजली और तेज़ हवाओं (गति 40-50 किमी प्रति घंटे से बढ़कर 60 किमी प्रति घंटे) के साथ छिटपुट से लेकर हल्की/मध्यम वर्षा की संभावना है; 19 और 20 अप्रैल को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में बिजली गिरने की संभावना है. The post Heavy Rain Alert: चक्रवात का असर, अगले 4 से 5 दिन होगी भयंकर बारिश, IMD अलर्ट जारी appeared first on Naya Vichar.

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‘महागठबंधन में क्लर्क का काम करेंगे तेजस्वी’, BJP अध्यक्ष का नेता विपक्ष पर अब तक का सबसे बड़ा हमला

Bihar Politics: बिहार में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर नेतृत्वक हलचल तेज हो गई है. विपक्षी महागठबंधन की पहली बैठक गुरुवार को पटना में आयोजित की गई, जिसमें कांग्रेस, राजद, सीपीआई, सीपीएम, सीपीआई माले और वीआईपी पार्टी के नेताओं ने हिस्सा लिया. इस बैठक के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने महागठबंधन और तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस नेता का मुख्यमंत्री बनने का सपना था, उसे अब कोऑर्डिनेशन कमेटी में क्लर्क जैसी भूमिका दी गई है. जमीन मजबूत करने में जुटी कांग्रेस- जायसवाल दिलीप जायसवाल ने कहा कि महागठबंधन ने अपनी पहली ही बैठक में नेता विपक्ष तेजस्वी यादव के कद को छोटा कर दिया. यह दिखाता है कि महागठबंधन के भीतर सब ठीक नहीं है और कांग्रेस बहुत चालाकी से बिहार में अपनी नेतृत्वक जमीन मजबूत करने में लगी है. दिलीप जायसवाल ने कहा कि अब तक कांग्रेस को “झोला टांगने वाली पार्टी” की तरह ट्रीट किया जाता था, लेकिन अब राहुल गांधी को इस बात का अहसास हो गया है कि अगर पार्टी ने अपनी रणनीति नहीं बदली तो बिहार में उसका पूरी तरह सफाया हो जाएगा. इसलिए कांग्रेस अब अपने हिसाब से महागठबंधन को दिशा देने की कोशिश कर रही है और यही कारण है कि तेजस्वी यादव जैसे नेता को पीछे धकेल कर खुद आगे आ रही है. दिलीप जायसवाल ने कहा कि 17 अप्रैल महागठबंधन के लिए सबसे बड़ा दिन था. पहली बैठक में ही तेजस्वी को किनारे कर कांग्रेस ने अपनी मंशा साफ कर दी है कि अब मनमानी नहीं चलेगी. इसे भी पढ़ें: 24 अप्रैल से 24 घंटे पहले सील होगा हिंदुस्तान- नेपाल बॉर्डर, हाई अलर्ट पर खुफिया एजेंसियां 24 अप्रैल को होगी दूसरी बैठक 17 अप्रैल को हुई पहली बैठक के बाद महागठबंधन की दूसरी बैठक 24 अप्रैल को होने वाली है. इससे पहले कांग्रेस प्रेसिडेंट मल्लिकार्जुन खरगे बिहार दौरे पर आ रहे हैं. बिहार में खरगे दो जनसभा को संबोधित करेंगे. उनके दौरे पर दिलीप जायसवाल ने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही नेतृत्वक दल अपने बड़े नेताओं को मैदान में उतारते हैं, यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है. उन्होंने कहा कि नेता आ रहे हैं, रैलियां हो रही हैं, बयानबाजी हो रही है, लेकिन जनता सब देख रही है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें इसे भी पढ़ें: बिहार को मिला नया पर्यटन केंद्र, छपरा का डच मकबरा अब होगा संरक्षित स्मारक The post ‘महागठबंधन में क्लर्क का काम करेंगे तेजस्वी’, BJP अध्यक्ष का नेता विपक्ष पर अब तक का सबसे बड़ा हमला appeared first on Naya Vichar.

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मुर्शिदाबाद हिंसा के विरोध में बजरंग दल का आक्रोश मार्च, राष्ट्रपति शासन के साथ NIA से जांच कराने की मांग

अरविंद कुमार सिंह/ Bihar News: बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के द्वारा सीवान में पुतला दहन करने के बाद राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सिवान प्रशासन को सौंपा गया, जिसमें बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करने और मुर्शिदाबाद हिंसा की एनआईए (NIA) से जांच कराने की मांग की गई. बजरंग दल के बिहार-झारखंड क्षेत्रीय संयोजक जन्मेजय कुमार ने कहा कि देशभर में विरोध प्रदर्शन होते हैं, लेकिन बंगाल में ही हिंदुओं पर हिंसा क्यों होती है? उन्होंने मुर्शिदाबाद हिंसा की एनआईए जांच की मांग करते हुए कहा कि मालदा में राहत शिविरों में रहने को मजबूर हिंदुओं की मदद के लिए आगे आने वाली संस्थाओं को रोकना अमानवीय है. पुतला दहन करते हुए बजरंग दल के कार्यकर्ता बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने लगाया आरोप बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी प्रशासन हमलावरों को संरक्षण दे रही है, जबकि पीड़ित हिंदुओं को न्याय और सुरक्षा की जरूरत है. जन्मेजय कुमार ने कहा कि ममता बनर्जी ने हिंसा को पूर्व नियोजित और बांग्लादेशी तत्वों से जुड़ा बताया, लेकिन एनआईए जांच की मांग नहीं की. उन्होंने पूछा कि प्रदर्शनकारियों द्वारा हिंदुओं को ही निशाना क्यों बनाया जाता है? मालदा में निर्वासित हिंदुओं को सहायता देने वाले संगठनों पर प्रशासनी पाबंदी को उन्होंने मानवता के खिलाफ बताया. इसके साथ ही, पीड़ित परिवारों को जबरन मुर्शिदाबाद वापस भेजने को ‘जीते जी मारने’ जैसा करार दिया. बजरंग दल प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा आक्रोश मार्च गांधी मैदान से शुरू होकर जेपी चौक पहुंचा, जहां पुतला दहन किया गया. इसके बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया. मार्च में रितेश सिंह, रंजन सिंह, धनंजय कुमार सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए. बजरंग दल ने मांग की कि हिंदुओं की संपत्ति का नुकसान तुरंत पूरा किया जाए और बंगाल में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो. Also Read: Bihar Crime: हाइवा ड्राइवर से रंगदारी मांगने वाले दो कुख्यात बदमाश गिरफ्तार, पुलिस ने हथियार के साथ दबोचा The post मुर्शिदाबाद हिंसा के विरोध में बजरंग दल का आक्रोश मार्च, राष्ट्रपति शासन के साथ NIA से जांच कराने की मांग appeared first on Naya Vichar.

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Ramdhari Singh Dinkar Books in Hindi: राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की किताबें कौन सी हैं? देखें लिस्ट

Ramdhari Singh Dinkar Books in Hindi: हिंदी साहित्य में रामधारी सिंह दिनकर का नाम काफी ऊपर है. उन्हें हिंदुस्तान के “राष्ट्रकवि” के रूप में जाना जाता है. वह अपने राष्ट्रवादी छंदों के लिए जाने जाते हैं और उनकी रचनाओं ने स्वतंत्रता, न्याय और सामाजिक जागृति के लिए अपने भावुक आह्वान से हिंदुस्तानीयों की कई पीढ़ियों को प्रेरित किया है. उनकी कविताएं देशभक्ति, पौराणिक कथाओं, प्रेम और सामाजिक सुधार जैसे विषयों पर आधारित हैं. उन्होंने कई किताबें भी लिखीं हैं. इस लेख में उनकी साहित्यिक प्रतिभा को दर्शाती किताबें (Ramdhari Singh Dinkar Books) दी जा रही हैं जो छात्रों के लिए उपयोगी हैं. रामधारी सिंह दिनकर की किताबें कौन सी हैं? (Ramdhari Singh Dinkar Books) रामधारी सिंह दिनकर की किताबें (Ramdhari Singh Dinkar Books in Hindi) इस प्रकार हैं- किताब का नाम जानकारी रश्मिरथी महाहिंदुस्तान के कर्ण पर आधारित, समाज में भेदभाव और न्याय की बात करती है संस्कृति के चार अध्याय हिंदुस्तानीय संस्कृति के ऐतिहासक विकास पर आधारित गहन विश्लेषण परशुराम की प्रतीक्षा अन्याय के खिलाफ जागरूकता और संघर्ष की प्रतीकात्मक कविता कुरुक्षेत्र युद्ध के बाद शांति और मानवता की जरूरत पर आधारित दार्शनिक कविता उर्वशी प्रेम और सौंदर्य पर आधारित कविता, ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता हुंकार आजादी और देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत कविताओं का संग्रह समर शेष है युद्ध, संघर्ष और सामाजिक बदलाव को लेकर रची गई प्रेरणादायक कविता नील कुसुम सौंदर्य और भावनाओं की कोमलता को दर्शाने वाली कविताएं अरुणिमा जीवन की ऊर्जावान और आशावादी भावनाओं को दर्शाती रचनाएं धूप और धुआं स्वतंत्रता संग्राम और सामाजिक संघर्ष पर आधारित कविताएं असीम में ब्रह्मांड, चेतना और मानव सोच पर आधारित दार्शनिक विचार इतिहास के आंसू अतीत की गलतियों और उनकी सीखों को दर्शाती रचनाएं सीपी और शंख हिंदुस्तानीयता और सांस्कृतिक मूल्यों को लेकर गहरी सोच हारे को हरि नाम जीवन में संघर्ष के बावजूद उम्मीद और संकल्प पर आधारित लेखनी लोकदेव ने कहा संवादात्मक शैली में सामाजिक और नैतिक प्रश्नों पर विचार. यह भी पढ़ें- IAF Group Captain Shubhanshu Education: लखनऊ का बेटा जाएगा अंतरिक्ष…IAF ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला कितना पढ़े-लिखे हैं? The post Ramdhari Singh Dinkar Books in Hindi: राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की किताबें कौन सी हैं? देखें लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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Old Age Pension : जिंदा को मरा हुआ दिखाने वाले अधिकारियों पर गिरेगी गाज!

Old Age Pension : उत्तर प्रदेश प्रशासन ने राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत पेंशन प्राप्त कर रहे 61 लाख लाभार्थियों का सत्यापन शुरू कर दिया है. नए वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना का लाभ केवल वास्तविक और पात्र लोगों को मिले, इसके लिए मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को सत्यापन का कार्य 25 मई तक पूरा कराने के निर्देश जारी किए गए हैं. नए लाभार्थियों को मिलेगा मौका सत्यापन के दौरान जो पेंशनर्स मृतक या अपात्र पाए जाएंगे, उन्हें सूची से हटाकर नए पात्र वृद्धजनों को पेंशन दी जाएगी. समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा कि “प्रशासन बुजुर्गों की सुरक्षा, सम्मान और स्वास्थ्य के लिए प्रतिबद्ध है. पेंशन राशि पात्र वृद्धजनों को डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खातों में भेजी जाएगी.” पात्रता का निर्धारण स्पष्ट 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के ऐसे वृद्धजन, जिनकी वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्रों में 46,080 रुपये और शहरी क्षेत्रों में 56,460 रुपये से कम है, योजना के पात्र हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में सत्यापन बीडीओ और शहरी क्षेत्रों में एसडीएम अथवा ईओ के माध्यम से किया जा रहा है. गलत सत्यापन पर सख्ती सत्यापन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु 10% क्रॉस वेरिफिकेशन की जिम्मेदारी मंडलीय उप निदेशकों और समाज कल्याण अधिकारियों को दी गई है. यदि किसी जीवित पेंशनर्स को मृतक दिखाया गया, तो जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर जिलाधिकारी के माध्यम से दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी. ‘जीरो पावर्टी’ से जुड़ेंगे वृद्धजन ‘जीरो पावर्टी’ अभियान के तहत चिन्हित परिवारों के 60+ वृद्धों को पेंशन योजना से जोड़ने की कार्यवाही जारी है. पात्र पाए जाने पर उन्हें जून माह से प्रथम किश्त का भुगतान शुरू किया जाएगा, जिससे उनका जीवन यापन थोड़ा सहज हो सके. तकनीक से जुड़ी पारदर्शिता पेंशन वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने हेतु आधार प्रमाणीकरण, मोबाइल नंबर और बैंक खातों की लिंकिंग अनिवार्य की गई है. एकीकृत पोर्टल की मदद से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी व्यक्ति एक से अधिक पेंशन का लाभ न उठा सके. The post Old Age Pension : जिंदा को मरा हुआ दिखाने वाले अधिकारियों पर गिरेगी गाज! appeared first on Naya Vichar.

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