Hot News

May 7, 2026

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

10 हजार फ्री टिकटों की शर्त ने छीनी बेंगलुरु से IPL फाइनल की मेजबानी, BCCI सचिव ने किया खुलासा

IPL Final Venue: सैकिया ने बताया- आईपीएल प्रोटोकॉल के तहत होस्ट एसोसिएशन को कुल सीटिंग क्षमता का केवल 15% कॉम्प्लिमेंटरी टिकट दिए जाते हैं. लेकिन कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (केएससीए) ने लीग मैचों के दौरान इससे कहीं ज्यादा टिकट मांगे. जो तय 15% से कहीं ज्यादा थी. नतीजतन, हमने उन्हें एक ईमेल भेजा जिसमें इस मामले के बारे में सटीक जानकारी मांगी गई. 2 मई को केएससीए ने ईमेल में जवाब दिया. इसमें 15% कोटे के अलावा सदस्यों, क्लबों, स्थानीय विधायकों (MLAs), विधान पार्षदों (MLCs) और कर्नाटक प्रशासन के लिए अतिरिक्त टिकटों की मांग की गई. कुल मिलाकर 15% कोटे के अलावा करीब 10,000 अतिरिक्त कॉम्प्लिमेंटरी टिकट मांगे गए. प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं कर सकते: बीसीसीआई सचिव बीसीसीआई सचिव ने बताया- BCCI ही प्लेऑफ और फाइनल मैचों के लिए मेजबान संस्था के तौर पर काम करती है. इसलिए, हम IPL के नियमों और विनियमों के तहत सीमा से ज्यादा टिकट जारी करके अपने प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं कर सकते. नतीजतन, हमें कर्नाटक से मैचों को दूसरी जगह शिफ्ट करने का मुश्किल फैसला लेने पर मजबूर होना पड़ा. #WATCH | Guwahati, Assam: BCCI Secretary Devajit Saikia says, “Yesterday, the BCCI and the IPL announced the venues for the playoff matches. We have the Qualifiers and Playoffs, as well as the Final match. Therefore, we have selected three venues. One venue is Dharamshala; the… pic.twitter.com/n4YORh7GLt — ANI (@ANI) May 7, 2026 प्रोटोकॉल के अनुसार बेंगलुरु में होना था आईपीएल का फाइनल मुकाबला मानक प्रोटोकॉल के अनुसार डिफेंडिंग चैंपियन को फाइनल, साथ ही एक प्लेऑफ मैच की मेजबानी अपने घरेलू मैदान पर करने का अधिकार होता है. पिछले साल RCB डिफेंडिंग चैंपियन थी; इसलिए, यह मैच आदर्श रूप से बेंगलुरु में होना चाहिए था. लेकिन टिकट विवाद के बाद अहमदाबाद को मेजबानी सौंप दी गई. 31 मई को आईपीएल का फाइनल मुकाबला स्पोर्ट्सा जाएगा. जबकि क्वालीफायर एक धर्मशाला और दो अन्य प्लेऑफ मैच न्यू चंडीगढ़ में स्पोर्ट्से जाएंगे. पिछले साल के अलावा अहमदाबाद ने इससे पहले 2022 और 2023 में आईपीएल फाइनल की मेजबानी की थी. The post 10 हजार फ्री टिकटों की शर्त ने छीनी बेंगलुरु से IPL फाइनल की मेजबानी, BCCI सचिव ने किया खुलासा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बजाज चेतक इलेक्ट्रिक ने बनाया 7 लाख यूनिट्स की बिक्री का रिकॉर्ड

हिंदुस्तानीय ऑटोमोबाइल इतिहास में एक और बड़ा माइलस्टोन जुड़ गया है. बजाज चेतक इलेक्ट्रिक स्कूटर ने हिंदुस्तान में कुल 7.28 लाख यूनिट्स की बिक्री दर्ज की है. खास बात यह है कि इनमें से लगभग 79% बिक्री सिर्फ पिछले दो वर्षों में हुई है, जो इस ईवी की बढ़ती लोकप्रियता और भरोसे को दर्शाती है. चेतक ने साबित कर दिया है कि एक लेगेसी ब्रांड आधुनिक तकनीक के साथ भी परिवारों का भरोसेमंद साथी बना रह सकता है. बिक्री में जबरदस्त उछाल FY2025 में चेतक की बिक्री 2.39 लाख यूनिट्स रही, जो पिछले साल की तुलना में 114% की वृद्धि थी. इसके बाद FY2026 में यह आंकड़ा 2.98 लाख यूनिट्स तक पहुंच गया. लगातार बढ़ती मांग ने बजाज ऑटो को हिंदुस्तान का दूसरा सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माता बना दिया. FY2023 से FY2026 के बीच कंपनी का मार्केट शेयर भी 20% तक पहुंच गया. 2026 मॉडल्स में नए फीचर्स बजाज ने चेतक इलेक्ट्रिक को 2026 में नए नामों और फीचर्स के साथ अपडेट किया है. अब यह C25, C30 और C35 सीरीज में उपलब्ध होगा. टॉप स्पीड बढ़ाई गई है फ्लैगशिप मॉडल अब 4.8kW पावर देता है Eco और Sport मोड, Hill-Hold Assist और फास्ट चार्जिंग जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं बजाज चेतक इलेक्ट्रिक के इन अपडेट्स ने राइडिंग एक्सपीरियंस को और बेहतर बना दिया है. क्यों है चेतक खास चेतक का नाम हिंदुस्तानीय स्कूटर बाजार में दशकों से भरोसे का प्रतीक रहा है. इलेक्ट्रिक अवतार में भी यह वही पहचान बनाए हुए है. मजबूत बिक्री आंकड़े और लगातार फीचर अपडेट्स दिखाते हैं कि बजाज ने सही समय पर ईवी सेगमेंट में कदम रखा और ग्राहकों का विश्वास जीतने में सफल रहा. यह भी पढ़ें: Bajaj Chetak 2026 अपडेट: अब ज्यादा रेंज, तेज स्पीड और स्मार्ट फीचर्स के साथ EV स्कूटर हुआ और पावरफुल यह भी पढ़ें: हिंदुस्तान में इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की बिक्री तेज, हर 10 में से 1 EV खरीदार The post बजाज चेतक इलेक्ट्रिक ने बनाया 7 लाख यूनिट्स की बिक्री का रिकॉर्ड appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

हार के बाद TMC में महासंग्राम, ममता बनर्जी और अभिषेक को अपनों ने ही घेरा, कहा- भ्रष्ट सरकार को जनता ने दिया सही जवाब

TMC Internal Conflict: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के हाथों मिली करारी शिकस्त के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) अब ताश के पत्तों की तरह बिखरती नजर आ रही है. पार्टी के भीतर ‘दीदी’ और ‘दादा’ यानी ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के खिलाफ बगावत के सुर उभरने लगे हैं. टॉप लीडरशिप और भ्रष्टाचार की वजह से हारी टीएमसी : तिवारी पश्चिम बंगाल प्रशासन के पूर्व मंत्री मनोज तिवारी से लेकर ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के प्रवक्ता रीजू दत्ता और सांसद देव के अलावा कई दिग्गज नेताओं ने नेतृत्व की कार्यशैली, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलता को हार की मुख्य वजह बताया है. अपनों के ही तीखे तीरों ने कालीघाट की चिंता बढ़ा दी है. मनोज तिवारी बोले- मेरा काम सिर्फ चाय-बिस्कुट तक सीमित था पूर्व क्रिकेटर और पूर्व स्पोर्ट्स राज्य मंत्री मनोज तिवारी ने अपनी ही प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में उन्होंने स्पोर्ट्स मंत्री अरूप विश्वास पर गंभीर आरोप लगाये. तिवारी ने कहा कि वे हावड़ा में जमैका के दिग्गज धावक योहान ब्लेक की मदद से एथलेटिक्स केंद्र बनाना चाहते थे, लेकिन अरूप विश्वास ने अपनी ‘असुरक्षा की भावना’ के कारण इसे रोक दिया. इसे भी पढ़ें : अभेद्य किले में तब्दील होगा ब्रिगेड परेड ग्राउंड, 9 मई को बंगाल में भाजपा प्रशासन लेगी शपथ, 4000 पुलिसकर्मी और ड्रोन रखेंगे पैनी नजर अपमान का घूंट और ममता बनर्जी से निराशा मनोज तिवारी ने आरोप लगाया कि उन्हें प्रशासनी कार्यक्रमों में मंच तक पर नहीं बुलाया जाता था. उनका काम सिर्फ चाय-बिस्कुट तक सीमित कर दिया गया था. तिवारी ने दावा किया कि जब उन्होंने कैबिनेट मीटिंग में मुख्यमंत्री से बात करनी चाही, तो ममता बनर्जी ने झिड़कते हुए कहा- क्या तुम्हारे पास और कोई काम नहीं है? उसी दिन उन्हें एहसास हो गया था कि यह प्रशासन गिरने वाली है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें रीजू दत्ता का दर्द – टीएमसी ने नहीं, भाजपा नेताओं ने बचायी जान टीएमसी प्रवक्ता रीजू दत्ता ने अपनी ही पार्टी के शीर्ष नेताओं पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया है. रीजू के मुताबिक, मतगणना के दिन जब उनके ससुराल पर हमला हुआ, तो टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं ने उनकी गुहार नहीं सुनी. उन्होंने दावा किया कि उस संकट की घड़ी में उनकी मदद भाजपा नेताओं ने की, जिससे स्थिति और बिगड़ने से बच गयी. इसे भी पढ़ें : इस्तीफा नहीं दूंगी, चाहे राष्ट्रपति शासन लगा दो, हार के बाद ममता बनर्जी का रौद्र रूप, कहा- सुप्रीम कोर्ट से इंटरनेशनल कोर्ट तक जायेगी TMC अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली पर उठे सवाल पार्टी के भीतर केवल मंत्रियों के खिलाफ ही नहीं, बल्कि ममता के उत्तराधिकारी अभिषेक बनर्जी के खिलाफ भी गुस्सा फूट पड़ा है. कोलकाता के उपमहापौर अतिन घोष और कृष्णेंदु नारायण चौधरी जैसे नेताओं ने अभिषेक बनर्जी की रणनीति को पार्टी की कमजोरी का जिम्मेदार ठहराया है. बेहाला पश्चिम से चुनाव हारीं रत्ना चटर्जी ने अफसोस जताया कि जरूरत के वक्त उनका पार्टी नेतृत्व से संपर्क तक नहीं हो पाया. इसे भी पढ़ें : अभिषेक बनर्जी का VVIP रसूख खत्म, घर और दफ्तर की सुरक्षा घटी, अब आम आदमी की तरह होगा मूवमेंट सांसद देव का बदला रुख- प्रतिबंधों की संस्कृति खत्म हो टीएमसी सांसद और सुपरस्टार देव ने भाजपा को जीत की बधाई देते हुए नयी प्रशासन से खास अपील की है. उन्होंने कहा कि बांग्ला फिल्म उद्योग में अब ‘प्रतिबंध और विभाजन’ की नेतृत्व खत्म होनी चाहिए. देव ने यह भी उम्मीद जतायी कि नयी भाजपा प्रशासन ‘घाटाल मास्टर प्लान’ को पूरा करने में सहयोग करेगी. TMC Internal Conflict: तृणमूल कांग्रेस की सफाई, ये नेताओं के निजी विचार इन आरोपों के बीच तृणमूल कांग्रेस ने एक संक्षिप्त बयान जारी कर इसे नेताओं के निजी विचार बताया है. हालांकि, नेतृत्वक जानकारों का मानना है कि यह तो केवल शुरुआत है, आने वाले दिनों में टीएमसी के कई बड़े चेहरे पाला बदल सकते हैं. इसे भी पढ़ें अमित शाह के वो ‘5 ब्रह्मास्त्र’ जिनसे ढह गया ममता बनर्जी का अभेद्य किला, मुस्लिम इलाकों में भी चला मोदी का जादू क्या खत्म हो जायेगा अभिषेक बनर्जी का नेतृत्वक करियर? पढ़ें पूरा विश्लेषण अंदरूनी कलह और ‘मिड-लेवल’ लीडरशिप की बेरुखी ने डुबोयी TMC की लुटिया! बंगाल में ममता का किला ढहने की इनसाइड स्टोरी सत्ता छिनते ही TMC के अस्तित्व पर संकट, जानें क्यों अब ममता बनर्जी के लिए वापसी की राह है कठिन The post हार के बाद TMC में महासंग्राम, ममता बनर्जी और अभिषेक को अपनों ने ही घेरा, कहा- भ्रष्ट प्रशासन को जनता ने दिया सही जवाब appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

RRB NTPC का फाइनल रिजल्ट जारी, यहां जोन वाइज करें चेक

RRB NTPC Final Result 2026 OUT: रेलवे में नौकरी का सपना देख रहे लाखों उम्मीदवारों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है. रेलवे भर्ती बोर्ड यानी RRB ने NTPC Graduate Level Exam 2026 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है. बोर्ड की तरफ से अलग-अलग रेलवे जोन के लिए चयनित उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट जारी की गई है. RRB NTPC Graduate Level भर्ती के माध्यम से रेलवे में कई अहम पदों पर नियुक्तियां की जा रही हैं. इसमें मुख्य वाणिज्य सह टिकट सुपरवाइजर, स्टेशन मास्टर, मालगाड़ी प्रबंधक, जूनियर अकाउंट असिस्टेंट सह टाइपिस्ट और सीनियर क्लर्क सह टाइपिस्ट जैसे पद शामिल हैं. RRB NTPC Final Result 2026 ऐसे करें चेक सबसे पहले indianrailways.gov.in वेबसाइट पर जाएं. होम पेज पर RRB NTPC Final Result 2026 लिंक खोजें. अपने रेलवे जोन के रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें. रिजल्ट PDF स्क्रीन पर खुल जाएगी. PDF में अपना रोल नंबर सर्च करें. भविष्य के लिए रिजल्ट डाउनलोड करके प्रिंट निकाल लें. रेलवे भर्ती बोर्ड ने NTPC Graduate Level भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 14 सितंबर 2024 से शुरू की थी. उम्मीदवारों को आवेदन करने के लिए 20 अक्टूबर 2024 तक का समय दिया गया था. इसके बाद जून 2025 में परीक्षा आयोजित की गई थी. अब लगभग एक साल बाद फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया गया है. जोन वाइज चेक करें रिजल्ट रेलवे जोन स्थिति RRB Kolkata रिजल्ट जारी RRB Ahmedabad रिजल्ट जारी RRB Siliguri रिजल्ट जारी RRB Bhubaneshwar रिजल्ट जारी RRB Ranchi रिजल्ट जारी RRB Secunderabad रिजल्ट जारी फाइनल रिजल्ट में नाम आने वाले उम्मीदवारों को अब आगे की प्रक्रिया के लिए तैयार रहना होगा. रेलवे भर्ती बोर्ड जल्द ही डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल टेस्ट से जुड़ी जानकारी जारी कर सकता है. यह भी पढ़ें: राजस्थान जेल प्रहरी का फाइनल रिजल्ट जारी, राम अवतार को Rank 1, देखें टॉपर्स लिस्ट The post RRB NTPC का फाइनल रिजल्ट जारी, यहां जोन वाइज करें चेक appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

निशिकांत दुबे का हेमंत सरकार पर बड़ा हमला, बोले- एनडीए के साथ मिलकर काम करना मजबूरी

देवघर से अमरनाथ पोद्दार की रिपोर्ट Nishikant Dubey Statement: गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर झारखंड की हेमंत सोरेन प्रशासन पर बड़ा हमला बोला है. देवघर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा की प्रशासन बनने के बाद संथाल परगना क्षेत्र में घुसपैठियों की गतिविधियां और तेजी से बढ़ सकती हैं. ऐसी स्थिति में झारखंड प्रशासन को केंद्र प्रशासन के साथ मिलकर काम करना ही होगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह लंबे समय से बांग्लादेशी घुसपैठ के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं और इस मुद्दे की गंभीरता को अच्छी तरह समझते हैं. सहयोग नहीं करने पर कारोबार रोकने की चेतावनी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि यदि झारखंड प्रशासन केंद्र का सहयोग नहीं करती है तो राज्य से गिट्टी, बालू और शराब के गैर कानूनी कारोबार पर पूरी तरह रोक लगा दी जाएगी. उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड से पश्चिम बंगाल और बिहार के रास्ते अवैध तरीके से गिट्टी और बालू की सप्लाई की जाती है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि संथाल परगना में बांग्लादेशी घुसपैठियों की बढ़ती गतिविधियों को रोकने के लिए केंद्र और राज्य प्रशासन के बीच समन्वय जरूरी है. अगर राज्य प्रशासन सहयोग नहीं करती है तो केंद्र स्तर पर सख्त कदम उठाए जा सकते हैं. झारखंड चारों तरफ से एनडीए शासित राज्यों से घिरा निशिकांत दुबे ने कहा कि झारखंड चारों ओर से एनडीए शासित राज्यों से घिरा हुआ है. बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भाजपा या एनडीए की प्रशासन है. ऐसे में हेमंत प्रशासन के लिए एनडीए के साथ मिलकर काम करना मजबूरी बन गई है. उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर नेतृत्वक मतभेदों से ऊपर उठकर काम करने की जरूरत है. खासकर सीमावर्ती इलाकों में अवैध घुसपैठ और गैर कानूनी गतिविधियों पर सख्ती जरूरी है. संथाल परगना में जनसंख्या संतुलन बिगड़ने का दावा भाजपा सांसद ने दावा किया कि बांग्लादेशी घुसपैठियों ने संथाल परगना के कई इलाकों में जमीनों पर कब्जा कर लिया है. उन्होंने कहा कि इसी कारण क्षेत्र में आदिवासी आबादी का प्रतिशत 45 से घटकर 24 प्रतिशत तक पहुंच गया है. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सामाजिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है. इस पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है. ममता बनर्जी और बंगाल प्रशासन पर भी साधा निशाना निशिकांत दुबे ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि उन्हें संविधान के दायरे में रहकर काम करना होगा और हर हाल में जवाबदेही तय करनी होगी. उन्होंने भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में अंतरराष्ट्रीय अपराध सक्रिय हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं. इसे भी पढ़ें: महंगाई के विरोध में चतरा झामुमो का धरना-प्रदर्शन, केंद्र प्रशासन के खिलाफ किया जमकर नारेबाजी देवघर और बंगाल के सांस्कृतिक संबंधों का किया उल्लेख अपने बयान के दौरान निशिकांत दुबे ने देवघर और पश्चिम बंगाल के सांस्कृतिक संबंधों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर, स्वामी विवेकानंद, रामकृष्ण परमहंस, ईश्वर चंद्र विद्यासागर, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, महर्षि अरविंद और आरएन बोस जैसे महापुरुषों का देवघर से गहरा जुड़ाव रहा है. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की नेतृत्वक मजबूती से देवघर और संथाल परगना के लोगों में भी उत्साह का माहौल है. इसे भी पढ़ें: पलामू के जीएलए और जेएस कॉलेज में बंद होगी आर्ट्स की पढ़ाई, चैनपुर मॉडल डिग्री कॉलेज में होगी शुरुआत The post निशिकांत दुबे का हेमंत प्रशासन पर बड़ा हमला, बोले- एनडीए के साथ मिलकर काम करना मजबूरी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर भारत का बांग्लादेश को कड़ा जवाब, कहा- बयानबाजी छोड़ें, काम पर ध्यान दें

Illegal Immigrants बांग्लादेश की टिप्पणी पर MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, हमने बांग्लादेश के विदेश मंत्री के बयान को देखा है. उनकी टिप्पणियों को हिंदुस्तान से अवैध बांग्लादेशियों को वापस भेजने के मुख्य मुद्दे के संदर्भ में देखा जाना चाहिए. इसके लिए जाहिर तौर पर बांग्लादेश के सहयोग की जरूरत है. बांग्लादेश के पास नागरिकता सत्यापन के 2,860 से ज्यादा मामले लंबित हैं, और उनमें से कई तो पांच साल से भी ज्यादा समय से लंबित हैं. हमें उम्मीद है कि बांग्लादेश नागरिकता सत्यापन की प्रक्रिया में तेजी लाएगा, ताकि अवैध प्रवासियों को वापस भेजने का काम सुचारू रूप से हो सके. बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने क्या दिया था बयान? पश्चिम बंगाल में बीजेपी की धमाकेदार जीत के बाद बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने कहा था कि बंगाल में सत्ता बदलने के बाद अगर पुश इन की घटनाएं होती हैं, तो ढाका कार्रवाई करेगा. बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने उम्मीद जताई थी कि बीजेपी की जीत के बाद लोगों को जबरन बांग्लादेश नहीं भेजा जाएगा. अहमद ने कहा कि बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) को सीमाओं पर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. #WATCH | Delhi | On Bangladesh Foreign Minister Khalilur Rahman’s statement following BJP’s win in West Bengal elections, MEA Spokesperson Randhir Jaiswal says, “We have seen comments of this nature being made in the last several days. These comments must be seen in the context… pic.twitter.com/VmKqDQr9rC — ANI (@ANI) May 7, 2026 ये भी पढ़ें: बंगाल में भाजपा की जीत से ढाका में हड़कंप, बांग्लादेशी मीडिया ने बताया ‘बड़ा संकट’, सांसद को डराने लगा शरणार्थी संकट The post अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर हिंदुस्तान का बांग्लादेश को कड़ा जवाब, कहा- बयानबाजी छोड़ें, काम पर ध्यान दें appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

तमिलनाडु में सरकार पर सस्पेंस, राज्यपाल ने विजय को लौटाया, जानें कहां फंसा है पेच

Tamil Nadu Government Formation: राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने टीवीके अध्यक्ष सी जोसेफ विजय को गुरुवार को लोक भवन आमंत्रित किया था. लेकिन बैठक के बाद वापस लौटा दिया. बैठक के दौरान राज्यपाल ने समझाया कि उनके पास तमिलनाडु विधानसभा में प्रशासन गठित करने के लिए आवश्यक बहुमत अभी तक नहीं है. विजय ने प्रशासन गठन को लेकर राज्यपाल से 24 घंटे के भीतर दूसरी बार मुलाकात करने गए थे. Rajendra Vishwanath Arlekar, Governor of Tamil Nadu, has invited Thiru C. Joseph Vijay, President, Tamilaga Vettri Kazhagam, today to Lok Bhavan, Chennai. During the meeting, the Governor explained that the requisite majority support in the Tamil Nadu Legislative Assembly,… pic.twitter.com/57NboyBnWV — ANI (@ANI) May 7, 2026 बहुमत जुटाने में भाग दौड़ कर रहे विजय विजय की पार्टी टीवीके ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीट जीतीं और वह सबसे बड़े दल के रूप में उभरी. विजय दो सीटों पर चुनाव लड़े थे, उन्हें एक पर इस्तीफा देना होगा, वैसे में उनके पास 107 सीटें ही बच जाती हैं. 5 विधायकों वाली कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन दिया है, लेकिन अभिनेता से नेता बने विजय के नेतृत्व वाली पार्टी 200 से अधिक सदस्यीय सदन में बहुमत के 118 के आंकड़े से अब भी कुछ सीट दूर है. टीवीके ने वाम दलों, VCK और IUML से मांगा समर्थन टीवीके ने तमिलनाडु में प्रशासन बनाने के लिए वामपंथी दलों, वीसीके और आईयूएमएल से समर्थन मांगा है. CPI, CPI(M), VCK और IUML के पास दो-दो सीटें हैं. अगर इन छोटे दलों का टीवीके को समर्थन मिल जाता है, तो विजय के पास जरूरी 118 आंकड़े पूरे हो जाएंगे.टीवीके – 107कांग्रेस – 5CPI – 2CPI(M) – 2VCK – 2IUML – 2Total = 120 ये भी पढ़ें: क्या तमिलनाडु में प्रशासन बना पाएंगे विजय या फिर एआईएडीएमके के सहयोग से बनेगा कोई नया समीकरण? The post तमिलनाडु में प्रशासन पर सस्पेंस, राज्यपाल ने विजय को लौटाया, जानें कहां फंसा है पेच appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सम्राट कैबिनेट में 7 नए चेहरों को किया गया शामिल, देखें एक-एक का नाम

Bihar Cabinet Expansion: सम्राट कैबिनेट में 7 नए चेहरों को शामिल किया गया है. आज गांधी मैदान में नए मंत्रियों ने शपथ ग्रहण किया. सम्राट कैबिनेट में जिन 7 चेहरों को जगह दी गई, उनमें निशांत कुमार, बुलो मंडल, श्वेता गुप्ता, मिथिलेश तिवारी, रामचंद्र प्रसाद, नंद किशोर राम और कुमार शैलेंद्र का नाम शामिल है. निशांत कुमार बिहार के पूर्व सीएम नीतीश कुमार के बेटे और जेडीयू नेता को पहली बार कैबिनेट में शामिल किया गया. निशांत की उम्र 44 साल है. उन्होंने बीआइटी मेसरा से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. निशांत कुमार को ‘लो-प्रोफाइल’ व्यक्ति माना जाता है. वह निजी जीवन जीने की आदि रहे हैं. दो महीने पहले ही वे जेडीयू में शामिल हुए थे. बुलो मंडल शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल गोपालपुर सीट से विधायक हैं. इनकी उम्र 49 साल है. बुलो मंडल भागलपुर लोकसभा क्षेत्र से संसद सदस्य भी रह चुके हैं. दो साल पहले वे राजद छोड़कर जेडीयू में शामिल हुए थे. अब पहली बार उन्होंने कैबिनेट में मंत्री बनाया गया है. श्वेता गुप्ता शिवहर विधानसभा सीट से पहली बार चुनाव जीती जदयू की श्वेता गुप्ता पेशे से एमबीबीएस डॉक्टर हैं. ये पहली बार विधायक बनी हैं. 45 साल की जाति से वैश्य श्वेता गुप्ता की सामाजिक कार्यों में रूचि रही है. इनके पति वरुण कुमार भी डॉक्टर हैं. मूलरूप से सीतामढ़ी जिले की रहने वाली हैं. मिथिलेश तिवारी मिथिलेश तिवारी बीजेपी के जाने-माने चेहरे में शामिल हैं. गोपालगंज के बैकुंठपुर सीट से विधायक हैं. 2015 में वह पहली बार विधायक बने थे. बीजेपी के साथ वे काफी लंबे समय से जुड़े हैं. मिथिलेश तिवारी ब्राह्मण जाति से आते हैं. ऐसे में अब पहली बार कैबिनेट में मंत्री बने हैं. रामचंद्र प्रसाद दरभंगा जिले के हायाघाट विधानसभा सीट से रामचंद्र प्रसाद विधायक हैं. 2020 से लगातार दूसरी बार विधायक बने हैं. इन्होंने पीएचडी की है. जिला परिषद से रामचंद्र प्रसाद ने नेतृत्वक सफर की शुरुआत की थी. साथ ही ये बीजेपी के काफी अनुभवी नेता माने जाते हैं. नंद किशोर राम नंद किशोर राम पश्चिम चंपारण जिले की रामनगर (सुरक्षित) विधानसभा सीट से विधायक हैं. उन्होंने 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की. नंद किशोर राम पहली बार विधायक बने हैं. भाजपा ने यहां मौजूदा नेता भागीरथी देवी का टिकट काटकर नंद किशोर राम को मौका दिया था. चुनाव में उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रत्याशी को बड़े अंतर से हराकर अपनी नेतृत्वक पहचान मजबूत की. उनकी जीत को भाजपा के लिए महत्वपूर्ण माना गया, क्योंकि पार्टी ने इस सीट पर नए चेहरे के रूप में उन पर भरोसा जताया था. नेतृत्व में आने से पहले वे भाजपा संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहे. वे पार्टी के जमीनी कार्यकर्ता के रूप में काम करते रहे हैं और संगठन में जिला स्तर पर भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. उनकी पहचान क्षेत्र में सक्रिय और जनता से जुड़े नेता की रही है. रामनगर सुरक्षित सीट पर उनकी जीत को भाजपा की सामाजिक समीकरण और संगठनात्मक रणनीति का हिस्सा माना गया. अनुसूचित जाति वर्ग में उनकी पकड़ और क्षेत्रीय सक्रियता ने उन्हें मजबूत जनाधार दिलाने में मदद की. भाजपा में उन्हें नये लेकिन प्रभावशाली एससी चेहरे के रूप में देखा जा रहा है. कुमार शैलेंद्र भागलपुर जिले के बिहपुर विधानसभा सीट से भाजपा की टिकट पर चुनाव जीते कुमार शैलेंद्र पहली बार मंत्री बने हैं. साठ साल के कुमार शैलेंद्र पेशे से इंजीनियर हैं. 1991 में सिविल इंजीनियरिंग की. बिहार के 74 साल के चुनावी इतिहास में बिहपुर से लगातार तीसरी बार (2025) जीत दर्ज की थी. 2020 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने सफलता प्राप्त की थी. वे एक पेशेवर इंजीनियर हैं और अपनी मजबूत स्थानीय पकड़ के लिए जाने जाते हैं. 2026 के आंकड़ों के अनुसार, वे क्षेत्र के सबसे वरिष्ठ भाजपा नेताओं में से एक हैं. Also Read: 2019 में नेतृत्व में की एंट्री, अब सम्राट कैबिनेट में बने मंत्री, दीपक प्रकाश के बारे में जानिए सबकुछ The post सम्राट कैबिनेट में 7 नए चेहरों को किया गया शामिल, देखें एक-एक का नाम appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

IIM रांची में E-MBA में 1.28 करोड़ का प्लेसमेंट, 96 कंपनियों से आए जॉब ऑफर

IIM Ranchi Placement 2026: आईआईएम रांची में रेगुलर MBA प्रोग्राम में हाईएस्ट प्लेसमेंट पैकेज 52.50 लाख रुपये तक पहुंच गया. IIM Ranchi ने 6 मई 2026 को अपनी फाइनल प्लेसमेंट रिपोर्ट जारी की. संस्थान की फाइनल प्लेसमेंट रिपोर्ट 2025-26 सामने आते ही हर तरफ इसकी चर्चा शुरू हो गई है. आईआईएम रांची के प्लेसमेंट रिपोर्ट को संस्थान के निदेशक प्रो दीपक कुमार श्रीवास्तव और कॉर्पोरेट रिलेशन टीम की मौजूदगी में जारी किया गया. सबसे बड़ी बात ये रही कि इस बार 96 कंपनियों ने कैंपस में आकर छात्रों को नौकरी के ऑफर दिए. पिछले साल के मुकाबले छात्रों की संख्या में भी 31.15% की बढ़ोतरी देखने को मिली. IIM Ranchi Placement 2026: 52 लाख का हाईएस्ट पैकेज MBA प्रोग्राम के छात्रों ने इस बार शानदार प्रदर्शन किया. कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव में 72.83% फ्रेशर्स और 42.93% छात्राएं शामिल हुईं. MBA छात्रों को कुल 60 कंपनियों ने प्लेसमेंट ऑफर दिए. एक छात्र को 52.50 लाख रुपये का सबसे बड़ा पैकेज मिला, जबकि टॉप 25% छात्रों का औसत पैकेज 24.83 लाख रुपये रहा. पूरे MBA बैच का औसत सालाना पैकेज 19.24 लाख रुपये दर्ज किया गया. जानकारी आंकड़ा सबसे बड़ा पैकेज 52.50 लाख रुपये औसत पैकेज 19.24 लाख रुपये टॉप 25% औसत पैकेज 24.83 लाख रुपये PPO पाने वाले छात्र 22.35% MBA HRM स्टूडेंट्स को शानदार ऑफर MBA-HRM प्रोग्राम के छात्रों का प्रदर्शन भी काफी अच्छा रहा. प्लेसमेंट में शामिल 40.54% छात्रों को पहले ही प्री-प्लेसमेंट ऑफर मिल चुके थे. इस कोर्स के एक छात्र को 22.75 लाख रुपये का सबसे बड़ा पैकेज मिला. वहीं टॉप 25% छात्रों का औसत पैकेज 20.95 लाख रुपये रहा. पूरे बैच का औसत पैकेज 17.74 लाख रुपये दर्ज किया गया. View this post on Instagram A post shared by IIM Ranchi (@iim_ranchi) टॉप कंपनियों से जॉब ऑफर इस बार प्लेसमेंट ड्राइव में Amazon, Deloitte, Accenture, JP Morgan Chase, Wells Fargo, HSBC, Tata Capital, Maruti Suzuki और Cognizant जैसी बड़ी कंपनियों ने हिस्सा लिया. आईटी, BFSI, Consulting, Logistics, Defence और Automotive सेक्टर की कंपनियों ने छात्रों को अलग-अलग प्रोफाइल में ऑफर दिए. IIM Ranchi को हाल ही में QS Executive MBA Ranking 2026 में भी जगह मिली है. संस्थान ने साथ ही Executive MBA 2026-28 बैच के लिए आवेदन प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. इससे आने वाले समय में संस्थान की वैश्विक पहचान और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है. यह भी पढ़ें: IIM रांची का दबदबा, QS Executive MBA रैंकिंग 2026 में बनाई जगह The post IIM रांची में E-MBA में 1.28 करोड़ का प्लेसमेंट, 96 कंपनियों से आए जॉब ऑफर appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सम्राट कैबिनेट में 3 पूर्व सीएम के बेटों की एंट्री, निशांत, संतोष और नीतीश ने ली शपथ

Bihar Cabinet Expansion: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया. इसमें सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन का खास ख्याल रखा गया है. पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई. इस नई टीम में जहां पुराने अनुभवी नेताओं पर भरोसा जताया गया है. कई नए चेहरों को भी काम करने का मौका दिया गया है. तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटों ने ली शपथ इस मंत्रिमंडल विस्तार में बिहार के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के पुत्रों को शामिल किया गया है. पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार पहली बार मंत्री बनाए गए हैं. पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के बेटे संतोष कुमार सुमन को भी जगह मिली है. वो पहले भी मंत्री रह चुके हैं. इनके अलावा, पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के पुत्र नीतीश मिश्रा ने भी मंत्री पद की शपथ ली है. नीतीश मिश्रा पहले भी बिहार प्रशासन में अहम विभाग संभाल चुके हैं. गांधी मैदान में जुटे देश के बड़े नेता शपथ ग्रहण समारोह बेहद भव्य रहा. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह मौजूद थे. इनके साथ ही बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, बिहार प्रभारी विनोद तावड़े, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मंच पर नजर आए. एनडीए के तमाम बड़े नेताओं की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया. यह पहली बार है जब इतने बड़े स्तर पर गांधी मैदान में मंत्रियों का शपथ ग्रहण आयोजित किया गया है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें एनडीए का नया स्वरूप और समीकरण पिछले महीने नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और इस्तीफे के बाद बिहार में बीजेपी के नेतृत्व वाली पहली प्रशासन बनी थी. सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी ने उप मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभाली थी. वर्तमान एनडीए गठबंधन में बीजेपी और जदयू के साथ-साथ चिराग पासवान की लोजपा (रा), मांझी की हम और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा मजबूती से साथ हैं. इसी एकता को दिखाने के लिए मंत्रिमंडल में सभी सहयोगियों को उचित स्थान दिया गया है. इसे भी पढ़ें: बिहार कैबिनेट में किस जाति से कितने मंत्री? देखिए सम्राट प्रशासन की पूरी सोशल इंजीनियरिंग The post सम्राट कैबिनेट में 3 पूर्व सीएम के बेटों की एंट्री, निशांत, संतोष और नीतीश ने ली शपथ appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top