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June 3, 2026

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गुमला में इंसानियत शर्मसार: चॉकलेट दिलाने के बहाने पड़ोसी ने 2 साल की मासूम से की दरिंदगी, ग्रामीणों में आक्रोश

गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट  Gumla News : गुमला जिले के सिसई प्रखंड के एक गांव से मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है. यहां महज दो वर्ष की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया है. घटना के बाद पूरे गांव में आक्रोश का माहौल है. पीड़ित बच्ची का इलाज गुमला सदर अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में चल रहा है. जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है. उसकी स्थिति गंभीर है. भरोसे का रिश्ता बना दरिंदगी का जरिया परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार रात करीब आठ बजे गांव का ही एक युवक बच्ची को गोद में लेकर घूमाने और चॉकलेट दिलाने की बात कहकर अपने साथ ले गया. आरोपी का पीड़िता के घर अक्सर आना-जाना था और पड़ोसी होने के कारण परिवार को उस पर कोई संदेह नहीं था. इसी भरोसे के चलते बच्ची की मां ने उसे युवक के साथ जाने दिया. आरोप है कि युवक बच्ची को गांव के एक सुनसान और अंधेरे स्थान पर ले गया, जहां उसने मासूम के साथ घिनौनी वारदात को अंजाम दिया. करीब आधे घंटे बाद वह बच्ची को लेकर घर लौटा. उस समय वह लगातार रो रही थी और असहनीय दर्द से तड़प रही. बावजूद आरोपी वहां से भाग निकला.  खून के निशान देख मां के उड़े होश बच्ची के लगातार रोने और असामान्य स्थिति को देखकर उसकी मां चिंतित हो गई.  जब उसने बच्ची की जांच की तो शरीर और कपड़े पर खून के निशान दिखाई दिए. यह देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई. परिजनों को घटना की जानकारी दी गई, जिसके बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया.  ग्रामीणों ने तलाश कर आरोपी को पकड़ा घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी. कुछ ही देर में उसे गांव में पकड़ लिया गया. ग्रामीणों द्वारा पूछताछ किए जाने पर उसने कथित रूप से अपना अपराध स्वीकार कर लिया. इसके बाद गांव में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठने लगी. पुलिस ने स्थिति संभाली, आरोपी हिरासत में ग्रामीण आरोपी को सजा देने की तैयारी कर रहे थे, तभी पुलिस को घटना की सूचना मिली. पुलिस टीम तुरंत गांव पहुंची और आरोपी युवक को अपने कब्जे में लेकर थाना ले आई. फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है और  पूरे मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. पुलिस एफएसएल टीम के द्वारा जांच में जुटी है. अस्पताल में भर्ती है मासूम घटना के बाद बच्ची को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है. चिकित्सकों की टीम उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. अस्पताल प्रशासन ने बच्ची को विशेष निगरानी में रखा है. इधर घटना के बाद गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी आक्रोश है. यह भी पढ़ें: जल जीवन मिशन 2.0 पर झारखंड और केंद्र के बीच समझौता, हेमंत सोरेन ने लंबित फंड जारी करने की उठाई मांग यह भी पढ़ें: हजारीबाग आरटीए की नई सचिव बनीं सुजाता कुजूर, सड़क सुरक्षा और कानून अनुपालन पर रहेगा फोकस The post गुमला में इंसानियत शर्मसार: चॉकलेट दिलाने के बहाने पड़ोसी ने 2 साल की मासूम से की दरिंदगी, ग्रामीणों में आक्रोश appeared first on Naya Vichar.

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Ranveer Singh Fees: धुरंधर के लिए रणवीर सिंह ने नहीं ली भारी-भरकम फीस, वजह जान रह जाएंगे हैरान

Ranveer Singh Fees: आदित्य धर की ओर से निर्देशित धुरंधर फ्रैंचाइजी ने बॉक्स ऑफिस पर धुआंधार कमाई की. पहली फिल्म ने वर्ल्डवाइड 1307 करोड़ और सीक्वल ने 1790 करोड़ से अधिक की कमाई की. ऐसे में क्या आप जानते हैं कि रणवीर सिंह ने मूवी के लिए भारी-भरकम फीस ना लेकर काफी कम चार्ज किया था. रणवीर सिंह ने धुरंधर के लिए ली कम फीस धुरंधर की सह-निर्माता ज्योति देशपांडे ने ईटी डिजिटल संग बात करते हुए खुलासा किया कि जहां आजकल एक्टर भारी भरकम फीस लेते हैं. ऐसे में रणवीर और आदित्य ने कम एडवांस फीस ली और बैकएंड डील के जरिए मुनाफे में हिस्सा लिया. ज्योति ने कहा, ”धुरंधर में, रणवीर फिक्सड फीस और बैकएंड डील के साथ आए, इसलिए जब मूवी हिट हुई तो उन्हें फायदा हुआ. आदित्य के साथ भी ऐसा ही हुआ, उन्होंने भी बाद में अच्छा मुनाफा कमाया. इस तरह आप रिस्क और लाभ दोनों को बांट सकते हैं.” धुरंधर की सह-निर्माता ने प्रोफिट को लेकर कही ये बात उन्होंने आगे कहा कि इस मॉडल ने यह सुनिश्चित किया कि फिल्म से जुड़े सभी लोग प्रोफिट में फायदा मिले. ज्योति के मुताबिक, धुरंधर का स्केल इतना बड़ा हो गया कि फिल्म का बजट शुरुआती अनुमान से लगभग दोगुना पहुंच गया. उन्होंने बताया कि टीम ने इस प्रोजेक्ट पर पूरी ताकत झोंक दी थी. एक फिल्म के तौर पर शुरू हुई यह कहानी आगे चलकर दो पार्ट में बदल गई, जिससे यह सफर और भी बड़ा हो गया. हालांकि, आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और पूरी टीम को इसका शानदार फायदा मिला. धुरंधर के बारे में धुरंधर 5 दिसंबर, 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. वहीं धुरंधर 2 इस साल 19 मार्च को रिलीज हुई. एक्शन ड्रामा में रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना, संजय दत्त, अर्जुन रामपाल, आर माधवन, सारा अर्जुन, राकेश बेदी, गौरव गेरा और दानिश पंडोर जैसे स्टार्स की टोली है. ये फिल्में जसकिरत सिंह रंगी उर्फ ​​हमजा अली मजारी की कहानी बयां करती हैं, जिसे पाकिस्तान के लयारी में एक आतंकी संगठन को खत्म करने के लिए भेजा जाता है. वह एक बलूच गिरोह में घुसपैठ करता है और राजनेता की बेटी से शादी करता है. यह भी पढ़ें- Bharat Bhhagya Viddhaata: कंगना रनौत ने नर्स का किरदार निभाने के लिए की ऐसी तैयारी, छोड़ा कम्फर्ट जोन, बताई वजह The post Ranveer Singh Fees: धुरंधर के लिए रणवीर सिंह ने नहीं ली भारी-भरकम फीस, वजह जान रह जाएंगे हैरान appeared first on Naya Vichar.

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खान सर की कोचिंग पर हमले मामले में बड़ी कार्रवाई, ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर रोशन आनंद समेत तीन को पुलिस ने उठाया

Khan Sir Coaching Controversy: पटना में खान सर की कोचिंग ‘ग्लोबल स्टडीज’ पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रोशन आनंद, अभिषेक और गौरव को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. पुलिस तीनों से घटना को लेकर लगातार सवाल-जवाब कर रही है. तीनों को पटना के दीघा थाने पुलिस ले गई है. घटना के बाद खान सर ने ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर और वहां के कुछ कर्मियों पर हमला करवाने का आरोप लगाया था. उनका कहना था कि कोचिंग में घुसकर तोड़फोड़ की गई, पोस्टर फाड़े गए और सिक्योरिटी गार्ड के साथ बेरहमी से मारपीट की गई. CCTV फुटेज के आधार पर जांच पुलिस को घटना के CCTV फुटेज भी मिले हैं. वीडियो में कुछ लोग गार्ड के साथ मारपीट करते और हंगामा करते दिखाई दे रहे हैं. इसी आधार पर पुलिस पूरे मामले की जांच आगे बढ़ा रही है. आसपास लगे अन्य कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है. गार्ड का सिर फूटा, PMCH में भर्ती हमले में कोचिंग के सिक्योरिटी गार्ड को गंभीर चोटें आई हैं. खान सर के मुताबिक हमलावरों ने गार्ड का सिर फोड़ दिया, जिसके बाद उसे इलाज के लिए PMCH में भर्ती कराया गया. फिलहाल उसका इलाज जारी है. गोलीबारी के दावे से पीछे हटे खान सर घटना के बाद खान सर ने शुरुआत में 8 से 10 राउंड गोली चलने की बात कही थी. हालांकि बाद में उन्होंने अपने बयान में बदलाव करते हुए कहा कि घटना के समय माहौल काफी तनावपूर्ण था और उन्हें स्थिति स्पष्ट नहीं समझ आई. उनकी ओर से दर्ज FIR में भी फायरिंग का जिक्र नहीं है. वहीं पुलिस ने भी गोलीबारी की पुष्टि से इनकार किया है. हमले के बाद बंद रही कोचिंग घटना के बाद बुधवार को खान सर की कोचिंग बंद रखी गई. खान सर ने कहा कि मौजूदा हालात में पढ़ाई कराना संभव नहीं है. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई गई है. छात्रों ने किया प्रदर्शन हमले की घटना के विरोध में बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर उतर आए. छात्रों ने प्रदर्शन करते हुए खान सर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की. उनका कहना है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. पटना पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है. हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है और CCTV समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. Also Read: खान सर की कोचिंग पर हमले का वीडियो देखिए, गार्ड से मारपीट, तोड़फोड़ और पोस्टर फाड़ते दिखे हमलावर The post खान सर की कोचिंग पर हमले मामले में बड़ी कार्रवाई, ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर रोशन आनंद समेत तीन को पुलिस ने उठाया appeared first on Naya Vichar.

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आज शाम डीके शिवकुमार लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ, आवास के बाहर जुटे समर्थक

DK Shivakumar : कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में डीके शिवकुमार बुधवार 3 जून की शाम को चार बजे शपथ लेने वाले हैं, उसके पहले उन्होंने अपने आवास के बाहर अपने समर्थकों से उनकी शुभकामनाएं लीं. डीके शिवकुमार के आवास के बाहर जमी है भीड़ डीके शिवकुमार ने 2023 के चुनाव में काफी मेहनत की थी, जिसकी वजह से कांग्रेस पार्टी बहुमत से चुनाव जीत पाई. उनके समर्थकों की संख्या भी बहुत अच्छी खासी है, जो उनके मुख्यमंत्री बनने से बहुत खुश हैं. बुधवार सुबह से ही उनके समर्थक उनके आवास के बाहर जमा हो रहे हैं और उनके समर्थन में नारे लगा रहे हैं. डीके शिवकुमार ने बाहर आकर उनसे शुभकामनाएं लीं और हाथ जोड़कर उनका शुक्रिया अदा किया. #WATCH | Karnataka CM designate DK Shivakumar greets his supporters who have gathered outside his residence in Bengaluru. He will take the oath as the CM of Karnataka today evening. pic.twitter.com/MNN6DNQLMi — ANI (@ANI) June 3, 2026 शिंदे सहित कांग्रेस के कई नेता पहुंचे बेंगलुरु कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुशील कुमार शिंदे डीके शिवकुमार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए बेंगलुरु पहुंच गए हैं. उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी में हमेशा सही फैसले लिए जाते हैं. ऐसा होता कि कभी-कभी फैसले लेने में समय लगता है, पर सही फैसले होते हैं. मुझे विश्वास है कि डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया पार्टी को आगे ले जाने के लिए साथ काम करेंगे. कांग्रेस नेता जी परमेश्वर डीके शिवकुमार के बेंगलुरु स्थित घर पहुंचे हैं. वहीं केरल कांग्रेस के एमपी एंटो एंटनी भी डीके शिवकुमार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए बेंगलुरु पहुंचे हैं. ये भी पढ़ें : देश में आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त हुईं स्त्रीएं, लेकिन 22.3% अभी भी पतियों से पिट रहीं The post आज शाम डीके शिवकुमार लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ, आवास के बाहर जुटे समर्थक appeared first on Naya Vichar.

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खान सर की कोचिंग पर हमले का वीडियो देखिए, गार्ड से मारपीट, तोड़फोड़ और पोस्टर फाड़ते दिखे हमलावर

Khan Sir Coaching Controversy: पटना में खान सर की कोचिंग ‘ग्लोबल स्टडीज’ पर हुए हमले का CCTV वीडियो सामने आया है. वीडियो में कुछ लोग कोचिंग परिसर में हंगामा करते और गार्ड के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं. फुटेज में ईंट-पत्थर चलाने और पोस्टर फाड़ने की तस्वीरें भी नजर आ रही हैं. हमले में कोचिंग के सिक्योरिटी गार्ड को गंभीर चोटें आई हैं. खान सर के अनुसार हमलावरों ने गार्ड का सिर फोड़ दिया, जिसके बाद उसे इलाज के लिए PMCH में भर्ती कराया गया. घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया. View this post on Instagram A post shared by Naya Vichar (@prabhat.khabar) CCTV के आधार पर पहचान में जुटी पुलिस पटना पुलिस अब CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है. पुलिस का कहना है कि वीडियो में कई लोगों के चेहरे साफ दिखाई दे रहे हैं. जांच टीम आसपास लगे अन्य कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि घटना में शामिल सभी लोगों तक पहुंचा जा सके. हमले के बाद बंद रही कोचिंग घटना के बाद बुधवार को खान सर की कोचिंग बंद कर दी गई. खान सर ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में पढ़ाई कराना संभव नहीं है. सुरक्षा और जांच को देखते हुए कोचिंग संचालन पर फिलहाल रोक लगाई गई है. गोलीबारी के दावे से पीछे हटे खान सर घटना के बाद खान सर ने शुरुआत में 8 से 10 राउंड फायरिंग होने का दावा किया था. हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि माहौल काफी तनावपूर्ण था और उसी वजह से भ्रम की स्थिति बन गई. उनकी ओर से दर्ज कराई गई FIR में भी गोलीबारी का कोई उल्लेख नहीं है. वहीं पुलिस ने भी फायरिंग की बात से इनकार किया है. पोस्टर विवाद से शुरू हुआ मामला? स्थानीय लोगों के अनुसार खान सर की कोचिंग के पास स्थित ज्ञान बिंदु कोचिंग के बोर्ड के ऊपर एक पोस्टर लगाया गया था. बताया जा रहा है कि बिहार पुलिस में चयनित छात्रों के सम्मान समारोह से जुड़ा यह पोस्टर विवाद की वजह बना. इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ा और बाद में मामला हिंसा तक पहुंच गया. छात्रों का प्रदर्शन जारी कोचिंग पर हमले के बाद बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर उतर आए हैं. छात्रों का कहना है कि जब तक खान सर और कोचिंग संस्थान की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा. SSP ने दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि CCTV फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान की जा रही है. गार्ड को चोट आई है और पोस्टर फाड़े गए हैं. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. Also Read: पटना में खान सर की कोचिंग के बाहर सड़क पर बैठे छात्र, बोले- जब तक सर को सुरक्षा नहीं मिलेगी, नहीं हटेंगे The post खान सर की कोचिंग पर हमले का वीडियो देखिए, गार्ड से मारपीट, तोड़फोड़ और पोस्टर फाड़ते दिखे हमलावर appeared first on Naya Vichar.

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ममता बनर्जी का बड़ा दावा: बांग्लादेश में हुई हत्या पर गृह मंत्री ने करवाया फोन; मामला दबाने को कहा

Mamata Banerjee on Bangladesh Osman Hadi Case: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान बांग्लादेश में हुई एक चर्चित हत्या का उल्लेख करते हुए कई गंभीर दावे किए हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें उस मामले की पूरी जानकारी है. एक्स सीएम ममता ने दावा किया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद केंद्रीय गृह मंत्री ने उन्हें फोन करवाकर इस मामले को सार्वजनिक नहीं करने का अनुरोध किया था. उनके इस बयान ने बांग्लादेश में बवाल खड़ा कर दिया है.  चुनावी हार के बाद धरने में दिया बयान ममता बनर्जी ने मंगलवार, 2 जून को कोलकाता के धर्मतल्ला स्थित वाई-चैनल इलाके में आयोजित धरना कार्यक्रम के दौरान यह बयान दिया. यह कार्यक्रम उस समय हुआ जब हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस सत्ता से बाहर हो चुकी है. धरने के दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बांग्लादेश से जुड़े एक बड़े हत्या मामले के आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिसको लेकर बांग्लादेश में व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली थी. मेघालय के रास्ते पश्चिम बंगाल पहुंचे थे आरोपी ममता बनर्जी के अनुसार, हत्या के आरोपी बाद में मेघालय के रास्ते पश्चिम बंगाल में दाखिल हुए थे. उन्होंने दावा किया कि राज्य की एसटीएफ ने उन्हें गिरफ्तार किया और यह एजेंसी की बड़ी सफलता थी. उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के बाद उन्हें हिंदुस्तान के गृह मंत्री की ओर से फोन आया था. ‘देशहित का हवाला देकर मामला दबाने को कहा गया’: ममता ममता बनर्जी ने दावा किया कि उन्होंने अब तक इस विषय पर सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहा था. उनके अनुसार, अब परिस्थितियां ऐसी हो गई हैं कि उन्हें इस बारे में बोलना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि वह संबंधित व्यक्ति का नाम नहीं ले रही हैं क्योंकि इससे बांग्लादेश में लोगों की नाराजगी बढ़ सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि वह बांग्लादेश से प्रेम करती हैं और किसी तरह का तनाव नहीं चाहतीं. धरना स्थल पर मौजूद तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनसे नाम उजागर करने की मांग भी की, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया. इसके बाद ममता बनर्जी ने दावा किया कि उनसे कहा गया था कि वे पश्चिम बंगाल पुलिस को निर्देश दें कि इस मामले को बाहर न आने दिया जाए, क्योंकि यह देशहित से जुड़ा विषय है. ममता बोलीं- ‘आज भी मुझे सब कुछ पता है’ अपने संबोधन में ममता बनर्जी ने कहा कि हत्या को अंजाम देने के लिए किन लोगों का इस्तेमाल किया गया और जांच के दौरान किन नामों की चर्चा हुई, इसकी जानकारी उन्हें है. उन्होंने कहा कि भले ही राज्य में अब उनकी प्रशासन नहीं है, लेकिन उन्हें पूरे मामले की जानकारी आज भी है. उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास वर्षों के नेतृत्वक अनुभव से जुड़ी अनेक जानकारियां और तथ्य सुरक्षित हैं. बांग्लादेश में मचा बवाल ममता बनर्जी के दावों को लेकर सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं. बांग्लादेश के सोजू टुडे ने इसे इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया है. हालांकि, इसने अपने वीडियो के डिस्क्रिप्शन में हिंदुस्तानीय गृह मंत्री का नाम सीधे तौर पर लिया है, लेकिन ममता बनर्जी ने ऐसा नहीं किया. ममता बनर्जी ने कहा कि गृह मंत्री की ओर से उन्हें फोन आया था. View this post on Instagram A post shared by Sozoo Today (@sozoo.today) बांग्लादेश में हुई थी शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या बांग्लादेश की मीडिया का दावा है कि जिस मामले का जिक्र ममता बनर्जी ने किया, वह बांग्लादेश के इंकिलाब मंच के संयोजक शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या से जुड़ा बताया जा रहा है. हादी को पिछले साल 12 दिसंबर 2025 को ढाका में गोली मारी गई थी. गंभीर रूप से घायल होने के बाद 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई थी.  इस हत्या के बाद बांग्लादेश में काफी बवाल मचा था. कई मीडिया संस्थानों में आग लगने की घटना भी सामने आई थी. बाद में इस हत्या से जुड़े संदिग्धों को हिंदुस्तान के पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी. कौन था शरीफ उस्मान बिन हादी? शरीफ उस्मान बिन हादी बांग्लादेश के इंकिलाब मंच के प्रमुख नेताओं में गिना जाते था. वह हिंदुस्तान की नीतियों के मुखर आलोचक माना जाता था. उसने बांग्लादेश में 2024 के जनआंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी. हादी स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में ढाका-8 संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था. इसी दौरान 12 दिसंबर 2025 को ढाका में चुनाव प्रचार के समय नकाबपोश हमलावरों ने उसे गोली मार दी थी. हमले में उसके सिर में गोली लगी थी. बाद में उसे इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया, जहां छह दिन बाद उसकी मौत हो गई. हिंदुस्तान में कैसे पकड़े गए संदिग्ध? मार्च 2026 में हिंदुस्तानीय पुलिस ने एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया था, जिस पर हत्या के दो मुख्य आरोपियों को अवैध रूप से हिंदुस्तान में प्रवेश कराने में मदद करने का आरोप था। फैसल करीम मसूद और आलमगीर हुसैन को इस हत्या का प्रमुख बताया गया था. हमले के बाद दोनों बांग्लादेश से भागकर मेघालय के हालुआघाट सीमा क्षेत्र के रास्ते हिंदुस्तान में दाखिल होने की सूचना आई थी. हिंदुस्तानीय एजेंसियों ने 8 मार्च को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था. फिलहाल दोनों पुलिस हिरासत में हैं. ये भी पढ़ें:- 40 साल बाद बांग्लादेश को मिली बड़ी वैश्विक जिम्मेदारी, UN महासभा की कमान संभालेंगे विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ये भी पढ़ें:- जापान में बिना परमिशन तामीर हुई मस्जिद, इफ्तिताह में शामिल थे पाकिस्तानी राजदूत; अब चल सकता है बुलडोजर! तीसरे आरोपी की भी हुई थी गिरफ्तारी एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, फिलिप संगमा नामक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया था. उस पर आरोप है कि उसने फैसल करीम मसूद और आलमगीर हुसैन को हिंदुस्तान के सीमावर्ती क्षेत्रों से पश्चिम बंगाल पहुंचने में मदद की थी. ममता बनर्जी ने क्यों लीक की कथित बातचीत इन सभी की वजह ममता बनर्जी के बयान हैं. महत्वपूर्ण पद पर रहते हुए इस तरह की सीक्रेट जानकारी को लीक करने की वजह फिलहाल ज्ञात नहीं है. पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव 2026 में हार के बाद

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कर्नाटक की राजनीति में आज खुलेगा नया चैप्टर, डीके शिवकुमार लेंगे CM शपथ; कनकपुरा में जश्न का माहौल

DK Shivakumar Karnataka CM Oath: कर्नाटक की नेतृत्व में लंबे समय से चल रही नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है. कांग्रेस विधायक दल के नेता चुने जाने के बाद डीके शिवकुमार बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं. बंगलुरु के लोक भवन में बुधवार शाम 4 बजे डीके शिवकुमार कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. उनके शपथ ग्रहण से पहले उनके गृह क्षेत्र कनकपुरा में समर्थकों के बीच उत्साह साफ दिखाई दे रहा है. कर्नाटक में मुख्यमंत्री घोषित- शिवकुमार के शपथ ग्रहण समारोह से पहले कनकपुरा में जश्न का माहौल है. डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने पर बधाई देने वाले पोस्टर, बैनर और बड़े-बड़े कटआउट उनके आवास के आसपास और पूरे विधानसभा क्षेत्र में लगाए गए हैं. मंत्रिमंडल की सूची पर कांग्रेस हाईकमान का फैसला शपथ ग्रहण से पहले मंगलवार को डीके शिवकुमार ने कहा था कि नए मंत्रिमंडल की अंतिम सूची कांग्रेस हाईकमान की ओर से जारी की जाएगी. उन्होंने मीडिया में चल रही संभावित मंत्रियों की सूची को लेकर कहा कि जो नाम सामने आ रहे हैं, वे आधिकारिक नहीं हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस नेतृत्व तय समय पर मंत्रियों के नामों की घोषणा करेगा. शपथ के बाद बैठकों का दौर डीके शिवकुमार ने यह भी जानकारी दी कि कांग्रेस भवन के शिलान्यास कार्यक्रम को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि शपथ ग्रहण के बाद पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठकें होंगी और इसके बाद मंत्रिमंडल की पहली बैठक भी आयोजित की जाएगी. छात्र नेतृत्व से मुख्यमंत्री पद तक का सफर 15 मई 1962 को कनकपुरा में जन्मे डोड्डालहल्ली केम्पेगौड़ा शिवकुमार, जिन्हें आमतौर पर डीके शिवकुमार के नाम से जाना जाता है, ने 1980 के दशक में छात्र नेतृत्व से अपने नेतृत्वक जीवन की शुरुआत की थी. 1985 में उन्हें चुनावी हार का सामना करना पड़ा, लेकिन 1989 में मात्र 27 वर्ष की उम्र में उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव जीता. इसके बाद उन्होंने लगातार आठ बार विधानसभा चुनाव जीतकर अपनी मजबूत नेतृत्वक पकड़ साबित की. कांग्रेस के ‘ट्रबलशूटर’ के रूप में बनाई पहचान कांग्रेस संगठन में डीके शिवकुमार को अक्सर संकटमोचक या ‘ट्रबलशूटर’ के रूप में देखा जाता है. उन्होंने कई नेतृत्वक संकटों के दौरान पार्टी के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. 2002 के कांग्रेस-एनसीपी  महाराष्ट्र नेतृत्वक संकट के दौरान तत्कालीन शहरी विकास मंत्री शिवकुमार ने अपनी पार्टी के विधायकों को हॉर्स ट्रेडिंग से बचाया था. वहीं, 2017 के गुजरात राज्यसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस की रणनीति को संभालने में भी उनकी भूमिका चर्चा  में रही. कर्नाटक में 2023 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के पीछे भी उन्हें प्रमुख रणनीतिकारों में गिना जाता है. राहुल गांधी की ‘हिंदुस्तान जोड़ो यात्रा’ को भी सफल बनाने में डीके शिवकुमार का बड़ा हाथ माना जाता है. गांधी परिवार के करीबी नेताओं में गिने जाते हैं डीके शिवकुमार को कांग्रेस की शीर्ष नेतृत्व टीम का भरोसेमंद चेहरा माना जाता है. उनकी नजदीकी सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और मल्लिकार्जुन खरगे जैसे नेताओं के साथ रही है. यही वजह रही कि लंबे आंतरिक मंथन के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए उनकी दावेदारी मजबूत हुई. विवादों के बावजूद नहीं रुका नेतृत्वक सफर अपने लंबे नेतृत्वक करियर के दौरान डीके शिवकुमार कई जांचों और विवादों से भी जुड़े रहे. वर्ष 2019 में उन्हें कुछ समय के लिए जेल भी जाना पड़ा था. हालांकि इन घटनाओं का उनके नेतृत्वक प्रभाव पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा और वे लगातार संगठन तथा प्रशासन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते रहे. 2020 से कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे शिवकुमार पिछली प्रशासन में उपमुख्यमंत्री भी रह चुके हैं. कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन का महत्वपूर्ण पड़ाव मुख्यमंत्री पद की शपथ के साथ डीके शिवकुमार औपचारिक रूप से राज्य की कमान संभाल लेंगे. कांग्रेस संगठन को मजबूत करने, चुनावी रणनीति बनाने और कई नेतृत्वक संकटों से पार्टी को निकालने वाले नेता के रूप में उनकी पहचान रही है. ऐसे में उनका मुख्यमंत्री बनना कर्नाटक की नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन माना जा रहा है. सिद्धरमैया के इस्तीफे से शुरू हुई थी प्रक्रिया कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की शुरुआत 28 मई को हुई थी, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद राज्यपाल ने उनका इस्तीफा स्वीकार करते हुए मंत्रिपरिषद को भंग कर दिया था. इसी के साथ राज्य में नए नेतृत्व को लेकर नेतृत्वक गतिविधियां तेज हो गई थीं.  मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2023 में कर्नाटक विधान सभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद पार्टी ने 2.5-2.5 साल के मुख्यमंत्री पद का वादा किया था. इसमें पहले सिद्धरमैया और फिर शिवकुमार को मौका मिलना था. हालांकि, सिद्धरमैया ने 2.5 साल से ज्यादा समय तक मुख्यमंत्री पद अपने पास रखा. कांग्रेस हाईकमान का आदेश मिलने के बाद ही उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया है. ये भी पढ़ें:- CBSE OSM: बोले जयराम रमेश- अधिकारियों का तबादला गड़बड़ी का सबूत, शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा ये भी पढ़ें:- लक्ष्मी भंडार घोटाला : नदिया में 173 फर्जी खातों का भंडाफोड़, शुभेंदु अधिकारी प्रशासन की SIT करेगी जांच कांग्रेस कार्यसमिति में सिद्धरमैया की एंट्री कांग्रेस नेतृत्व ने सिद्धरमैया को तत्काल प्रभाव से कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) का सदस्य नियुक्त कर दिया. अहिंदा की नेतृत्व करने वाले सिद्धरमैया को पार्टी संगठन में उनके अनुभव और भूमिका को देखते हुए महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है. दिल्ली में हुई अहम बैठक मंगलवार को नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई. इस बैठक में नए मंत्रिमंडल के गठन, राज्यसभा नामांकन और संगठन में संभावित बदलावों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक अब भी कर्नाटक कांग्रेस के इन दो दिग्गज नेताओं के बीच अपने नेताओं को अहम पद दिलाने की कोशिश की जा रही है. हालांकि, अब इसमें ज्यादा समय नहीं है. आज, बुधवार, शाम 4 बजे डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री शपथ लेने के बाद कैबिनेट विस्तार के बारे में स्थिति और साफ होगी. 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मिडिल ईस्ट में तनाव से भड़की कच्चे तेल की कीमत, $97 के करीब पहुंचा क्रूड ऑयल

Crude Oil Price: मिडिल ईस्ट में लगातार बढ़ते जियोपॉलिटिकल टेंशन्स के कारण इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें लगातार तीसरे दिन भी तेजी से बढ़ी हैं. अमेरिका और ईरान के बीच जल्द ही शांति समझौता होने की उम्मीदें धुंधली पड़ गई हैं, जिससे ग्लोबल लेवल पर कच्चे तेल की सप्लाई रुकने की चिंता गहरी हो गई है. इस हफ्ते के शुरुआती दो दिनों में ही तेल की कीमतें 7% से ज्यादा बढ़ चुकी थीं. अब बुधवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर 97 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच गई है, जबकि अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है.  तेल की कीमतें अचानक क्यों बढ़ रही हैं? बाजार में आई इस तेजी की सबसे बड़ी वजह पर्शियन गल्फ और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से होने वाले एनर्जी एक्सपोर्ट को लेकर बढ़ी अनिश्चितता है. पहले ट्रेडर्स को उम्मीद थी कि अमेरिका और ईरान के बीच कोई अंतरिम (interim) समझौता हो जाएगा, जिससे सप्लाई रूट जल्दी खुल जाएंगे और ग्लोबल इन्वेंट्री (स्टॉक) पर दबाव कम होगा. लेकिन अब बातचीत रुकने की समाचारों से यह उम्मीद टूटती दिख रही है. हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब भी समझौते को लेकर उम्मीद जताई है, लेकिन जमीनी हालात को देखते हुए बाजार में आशंका बढ़ गई है.  मिडिल ईस्ट में इस वक्त क्या चल रहा है? क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां और हमले तेज होने से हालात और बिगड़ गए हैं: इजराइल की कार्रवाई: इजराइल ने लेबनान में अपने सैन्य अभियान जारी रखे हैं. हालांकि दोनों देशों के बीच बुधवार को एक और दौर की बातचीत होनी है, लेकिन टिकाऊ सीजफायर को लेकर बाजार अभी पूरी तरह आश्वस्त नहीं है. ईरान के मिसाइल हमले: समाचारों के मुताबिक, ईरान ने कुवैत और बहरीन की तरफ बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं.  अमेरिका का एक्शन: अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान के केशम द्वीप (Qeshm Island) पर जवाबी हवाई हमले किए हैं.  क्या सप्लाई में भी कोई कमी आ रही है? हां, केवल युद्ध के हालात ही नहीं, बल्कि बाजार के बुनियादी आंकड़े भी कीमतों को ऊपर ले जा रहे हैं. इंडस्ट्री के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पिछले हफ्ते अमेरिका के कच्चे तेल के भंडार (inventories) में 6.8 मिलियन बैरल की भारी गिरावट आई है. अगर प्रशासनी आंकड़े भी इसकी पुष्टि कर देते हैं, तो यह लगातार छठा हफ्ता होगा जब अमेरिका में कच्चे तेल के स्टॉक में कमी दर्ज की जाएगी. यह साफ दिखाता है कि दुनिया के सबसे बड़े तेल बाजार में इस वक्त सप्लाई काफी कम यानी टाइट है.  तेल व्यापारियों पर इसका क्या असर पड़ रहा है? बाजार में बढ़ते जोखिम और भारी उतार-चढ़ाव (volatility) को देखते हुए व्यापारियों ने अब रिस्क लेना कम कर दिया है. ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स में ओपन इंटरेस्ट (सक्रिय कॉन्ट्रैक्ट्स की संख्या) घटकर पिछले साल अगस्त के बाद के सबसे निचले स्तर पर आ गया है. इसका मतलब है कि राजनायिक बातचीत के भविष्य और तेल की सप्लाई को लेकर बनी असमंजस की स्थिति के कारण ट्रेडर्स अब बाजार से अपने हाथ पीछे खींच रहे हैं.  ये भी पढ़ें: 3 जून को सोने और चांदी के दाम गिरे, चेक करें अपने शहर का भाव  The post मिडिल ईस्ट में तनाव से भड़की कच्चे तेल की कीमत, $97 के करीब पहुंचा क्रूड ऑयल appeared first on Naya Vichar.

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इंजीनियरिंग में IIT Bombay का दबदबा, यूनिवर्सिटी में JNU आगे, देखें IIRF रैंकिंग की पूरी लिस्ट

IIRF Ranking 2026: देश के फेमस एजुकेशन इंस्टीट्यूट के लिए IIRF (Indian Institutional Ranking Framework) Ranking 2026 जारी कर दी गई है. इस साल इंजीनियरिंग संस्थानों की रैंकिंग में Indian Institute of Technology Bombay ने पहला स्थान हासिल किया है. वहीं यूनिवर्सिटी कैटेगरी में Jawaharlal Nehru University शीर्ष स्थान पर रही. इसके अलावा University of Delhi और Jamia Millia Islamia भी देश के टॉप संस्थानों में शामिल रहे. वहीं मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट में IIM अहमदाबाद टॉप पर है. सेंट्रल यूनिवर्सिटी और IIT का दबदबा IIRF रैंकिंग उच्च शिक्षा संस्थानों का रिव्यू शिक्षा की क्वालिटी, रिसर्च, इंडस्ट्री इंटीग्रेशन, प्लेसमेंट, इंटरनेशनल आउटलुक और फ्यूचर में मिलने वाला अवसर जैसे विभिन्न मानकों के आधार पर करती है. इस बार की रैंकिंग में IITs और सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दबदबा देखने को मिला. IIRF Ranking की ऑफिशियल वेबसाइट का स्क्रीनशॉट इंजीनियरिंग में IIT Bombay टॉप पर  इंजीनियरिंग कॉलेजों की रैंकिंग में Indian Institute of Technology Bombay पहले स्थान पर रहा. इसके बाद Indian Institute of Technology Delhi, Indian Institute of Technology Madras, Indian Institute of Technology Kharagpur और Indian Institute of Technology Kanpur को टॉप संस्थानों में जगह मिली है. टॉप 10 IITs रैंक कॉलेज का नाम 1 IIT बॉम्बे 2 IIT दिल्ली 3 IIT मद्रास 4 IIT कानपुर 5 IIT खड़गपुर 6 IIT रुड़की 7 IIT हैदराबाद 8 IIT गुवाहाटी 9 IIT BHU 10 IIT इंदौर यूनिवर्सिटी कैटेगरी में JNU सबसे आगे  यूनिवर्सिटी रैंकिंग में Jawaharlal Nehru University ने पहला स्थान हासिल किया. अपनी रिसर्च की क्वालिटी, अकैडमिक माहौल और नेशनल-इंटरनेशनल पहचान के कारण JNU लगातार टॉप यूनिवर्सिटी में शामिल रहा है. IIR Ranking की पूरी लिस्ट देखने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं- Link DU और जामिया भी टॉप संस्थानों में JNU के अलावा  University of Delhi और Jamia Millia Islamia भी IIRF Ranking 2026 में बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रहे. दोनों संस्थान अपनी क्वालिटी एजुकेशन, रिसर्च और प्लेसमेंट रिकॉर्ड के लिए जाने जाते हैं. IIRF Ranking छात्रों को कॉलेज और यूनिवर्सिटी चुनने में मदद करती है. इससे संस्थानों की एजुकेशन की क्वालिटी, प्लेसमेंट, रिसर्च और इंडस्ट्री कनेक्शन का अंदाजा लगाया जा सकता है.  यह भी पढ़ें- IIT Guwahati VS NIT Trichy, बीटेक CS ब्रांच के लिए कौन सा कॉलेज बेस्ट? The post इंजीनियरिंग में IIT Bombay का दबदबा, यूनिवर्सिटी में JNU आगे, देखें IIRF रैंकिंग की पूरी लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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99% लोग नहीं जानते; Cooler में डाला पानी जाता कहां है और AC में आता कहां से है?

इस भीषण गर्मी से बचने के लिए ज्यादातर घरों में Cooler और AC का इस्तेमाल किया जा रहा है. कूलर चलाने से पहले उसमें बार-बार पानी भरना पड़ता है, जबकि AC बिना पानी डाले ही कमरे को ठंडा कर देता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है, कि कूलर में पानी डालने के बाद सारा पानी जाता कहां है और एसी में बिना पानी डाले इतना पानी आता कहां से है? दरअसल, दोनों ही मशीनें कमरे को ठंडा करने का काम करती हैं, लेकिन इनके पीछे काम करने वाली तकनीक एक-दूसरे से बिल्कुल अलग होती है. इसी वजह से इनके पानी का पूरा स्पोर्ट्स भी अलग होता है. आइए जानते हैं इसके पीछे का कारण. कूलर का पानी आखिर कहां चला जाता है? कूलर वाष्पीकरण यानी Evaporation तकनीक पर काम करता है. जब हम कूलर में पानी भरते हैं, तो उसके अंदर लगा पंप उस पानी को कूलिंग पैड या हनीकॉम्ब पैड तक पहुंचाता है. इसके बाद जैसे ही कूलर चालू होता है, वह कमरे की गर्म हवा को अंदर खींचता है. यह गर्म हवा जब गीले कूलिंग पैड से गुजरती है, तो पैड पर मौजूद पानी धीरे-धीरे भाप में बदलने लगता है. इसी प्रक्रिया में हवा ठंडी हो जाती है और कूलर के पंखे के जरिए कमरे में पहुंचती है. यानी कि कूलर में डाला गया ज्यादातर पानी वाष्प बनकर हवा में मिल जाता है. यही वजह है कि कुछ घंटों बाद कूलर का टैंक खाली होने लगता है. इसके अलावा पानी का थोड़ा हिस्सा हवा के साथ बेहद छोटे छींटों या नमी के रूप में भी बाहर निकल जाता है. AC से पानी कैसे निकलता है? अब सवाल आता है कि AC में तो हम पानी डालते ही नहीं, फिर उसमें से पानी कैसे निकलता है? दरअसल, AC रेफ्रिजेशन तकनीक पर काम करता है. जब AC कमरे की गर्म हवा को अंदर खींचता है, तो वह हवा उसकी ठंडी कॉइल्स से टकराती है. गर्म हवा में पहले से मौजूद नमी ठंडी सतह के संपर्क में आते ही पानी की बूंदों में बदल जाती है. इस प्रक्रिया को संघनन यानी Condensation कहा जाता है. ठीक वैसे ही जैसे ठंडे गिलास के बाहर पानी की बूंदें जम जाती हैं. AC के अंदर बनने वाली यही पानी की बूंदें पाइप के जरिए बाहर निकलती रहती हैं. इसलिए AC चलाते समय उससे लगातार पानी टपकता दिखाई देता है. Cooler और AC में यही है सबसे बड़ा फर्क कूलर हवा में नमी बढ़ाकर कमरे को ठंडा करता है, इसलिए उसमें पानी लगातार खत्म होता रहता है. वहीं AC हवा की नमी को बाहर निकालकर कमरे को ठंडा करता है, इसलिए उसमें से पानी बाहर आता है. यही वजह है कि कूलर ज्यादा नमी वाले मौसम में उतना असरदार नहीं होता, जबकि AC उमस भरे मौसम में भी बेहतर कूलिंग देता है. यह भी पढ़ें: मेटल या प्लास्टिक कूलर? खरीदने से पहले जानिए तपती गर्मी में कौन देगा बढ़िया कूलिंग The post 99% लोग नहीं जानते; Cooler में डाला पानी जाता कहां है और AC में आता कहां से है? appeared first on Naya Vichar.

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