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June 6, 2026

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भारतीयों के खिलाफ जहर बो रहे जेडी वेंस! ब्रिटेन से पड़ी डांट; क्यों खतरनाक हैं US उपराष्ट्रपति के कमेंट्स?

JD Vance Britain Row: ब्रिटेन में एक किशोर की हत्या का मामला अब अंतरराष्ट्रीय नेतृत्वक विवाद में बदल गया है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद ब्रिटिश प्रशासन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. डाउनिंग स्ट्रीट ने बिना नाम लिए उन लोगों को निशाने पर लिया, जो ब्रिटेन के लोकतांत्रिक विमर्श में हस्तक्षेप करने और समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. पूरा विवाद 18 वर्षीय हेनरी नोवाक की हत्या से जुड़ा है, जिसे हिंदुस्तानीय मूल के विक्रम डिगवा ने चाकू मारा था. जेडी वेंस ने इस घटना को इमिग्रेशन और सभ्यता के पतन से जोड़ दिया. उनकी टिप्पणी के बाद ब्रिटेन में नेतृत्वक माहौल गरमा गया. क्या हुआ था हेनरी नोवाक के साथ? हेनरी नोवाक की दिसंबर 2025 में इंग्लैंड के दक्षिणी तट पर स्थित साउथैम्पटन में हत्या कर दी गई थी. इस मामले में 23 वर्षीय विक्रम डिगवा को दोषी ठहराए जाने के बाद 1 जून को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई. अदालत में पेश सबूतों के मुताबिक, एक मामूली विवाद के बाद डिगवा ने नोवाक पर चाकू से हमला कर दिया था. घटना के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो डिगवा ने दावा किया कि नोवाक ने उसके साथ नस्लीय दुर्व्यवहार किया था और उस पर हमला भी किया था.  उसने यह भी आरोप लगाया कि झड़प के दौरान उसकी पगड़ी गिरा दी गई थी और उसकी आंख के पास चोट लगी थी. हालांकि, बाद की जांच में पुलिस ने पाया कि डिगवा के ये दावे सही नहीं थे. बॉडी कैमरा वीडियो ने बढ़ाया विवाद डिगवा को सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस द्वारा जारी किए गए बॉडी कैमरा फुटेज ने इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया. वीडियो में घायल हेनरी नोवाक को कहते हुए सुना जा सकता है, ‘मुझे चाकू मारा गया है’ और ‘मैं सांस नहीं ले पा रहा हूं.’ इसके बावजूद पुलिस अधिकारियों ने उन्हें हथकड़ी लगा दी. एक अधिकारी को यह कहते हुए भी सुना गया, ‘मुझे नहीं लगता कि तुम्हें चाकू मारा गया है.’ यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिली. विवाद में कूदे जेडी वेंस विवाद की शुरुआत तब हुई जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हेनरी नोवाक की मौत को लेकर टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि यह घटना उस बड़ी समस्या का प्रतीक है, जिसमें इमिग्रेशन और सिस्टम की विफलता है. वेंस ने कहा कि नोवाक की मौत केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि एक सभ्यता के पतन की कहानी जैसी है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों ने पीड़ित की पर्याप्त परवाह नहीं की. उनकी यह टिप्पणी अदालत के फैसले के बाद आई. Henry Nowak died the same way a civilization dies: abandoned, handcuffed by authorities who neither trusted nor cared for him, and accused of hate crimes he did not commit. His murder is as tragic as it is enraging. He should still be alive today, and he would be if the last few… https://t.co/e3HkjzWzwU — JD Vance (@JDVance) June 5, 2026 कीर स्टार्मर की ब्रिटिश प्रशासन ने दिया जवाब जेडी वेंस की टिप्पणी के बाद ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के कार्यालय ने अप्रत्यक्ष रूप से जवाब दिया, क्योंकि इसमें उनका नाम लिया गया था. हालांकि, यह साफ था कि यह वेंस को ही जवाब दिया जा रहा है. प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि हेनरी नोवाक के परिवार की स्पष्ट इच्छा है कि उनके बेटे की मौत को नफरत या विभाजन फैलाने के लिए इस्तेमाल न किया जाए.  उन्होंने कहा कि ऐसी दुखद घटनाओं में नेतृत्व का उद्देश्य लोगों को बांटना नहीं, बल्कि एकजुट करना होना चाहिए. डाउनिंग स्ट्रीट ने यह भी कहा कि हाल के दिनों में कुछ लोग ब्रिटेन के लोकतंत्र में हस्तक्षेप करने और सड़कों पर विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. जेडी वेंस ने क्यों की ऐसी टिप्पणी? नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि जेडी वेंस लंबे समय से इमिग्रेशन और कल्चरल आइडेंटिटी जैसे मुद्दों को अपनी नेतृत्व के केंद्र में रखते आए हैं. उनके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बीते दिनों हिंदुस्तानीयों को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की थी. इसमें हिंदुस्तान को हेलहोल बताने से लेकर हाल ही में हिंदुस्तानीय पत्रकार को हॉलीवु़ड के सेंट्रल कास्टिंग जैसे टर्म से संबोधित किया था. ट्रंप इस तरह के बयानों की वजह से आए दिन दो चार होते रहते हैं, लेकिन जेडी वेंस, जिनकी खुद की पत्नी- उषा वेंस हिंदुस्तानीय मूल की हैं, वह भी आपराधिक घटनाओं को प्रवासी संस्कृति से जोड़कर विषवमन करते हैं.  हेनरी नोवाक मामले पर जेडी वेंस की टिप्पणी कोई पहली घटना नहीं है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति पहले भी अमेरिका और यूरोप में बड़े पैमाने पर हो रहे प्रवासन को अपराध, सामाजिक अस्थिरता और ‘सभ्यतागत पतन’ से जोड़ते रहे हैं. आलोचकों का आरोप है कि वेंस अक्सर ऐसे मामलों को व्यापक आव्रजन बहस से जोड़कर नेतृत्वक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देते हैं, जबकि उनके MAGA समर्थक इसे सीमा सुरक्षा और राष्ट्रीय पहचान से जुड़ी वैध चिंता बताते हैं. पहले क्या बोल चुके हैं जेडी वेंस? मिलियंस ऑफ इललीगल एलियंस वाला बयान: 2024 के अमेरिकी चुनाव अभियान के दौरान जेडी वेंस ने कई बार कहा था कि अमेरिका में ‘लाखों अवैध प्रवासियों का अनियंत्रित प्रवेश’ देश की सुरक्षा, नौकरियों और सामाजिक व्यवस्था के लिए खतरा बन रहा है. आलोचकों ने कहा कि उनकी भाषा प्रवासियों को अपराध और अव्यवस्था से जोड़ती है. स्प्रिंगफील्ड (ओहायो) विवाद: 2024 में वेंस ने ओहायो के स्प्रिंगफील्ड शहर में हैती मूल के प्रवासियों को लेकर फैली विवादित और अपुष्ट चर्चाओं को सोशल मीडिया पर उठाया था. इस मामले में उन पर बिना पर्याप्त सबूत के प्रवासियों के खिलाफ माहौल बनाने का आरोप लगा. बाद में यह मुद्दा अमेरिकी नेतृत्व में बड़ा विवाद बन गया. ओपन बॉर्डर को सभ्यता के लिए खतरा बताना: वेंस कई बार कह चुके हैं कि पश्चिमी देशों की उदार आव्रजन नीतियां ‘राष्ट्रीय पहचान’ और ‘सभ्यतागत मूल्यों’ को कमजोर कर रही हैं. उनके भाषणों में ‘सिविलाइजेशनल डिक्लाइन’ (सभ्यतागत पतन) शब्द बार-बार दिखाई देता है, जिसका इस्तेमाल उन्होंने हेनरी नोवाक मामले में भी किया. यूरोप की आव्रजन नीतियों

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केनरा बैंक पर RBI ने लगाया ₹41.8 लाख का जुर्माना; जानिए ग्राहकों पर क्या होगा असर

RBI Imposes Penalty On Canara Bank : हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के बड़े प्रशासनी बैंकों में से एक, केनरा बैंक (Canara Bank) पर ₹41.8 लाख की भारी-भरकम पेनल्टी (जुर्माना) लगाई है. केंद्रीय बैंक ने यह कड़ा कदम ‘नो योर कस्टमर’ (KYC) नियमों और ग्राहकों के खातों को संभालने से जुड़ी कुछ बेहद जरूरी बैंकिंग गाइडलाइंस का पालन न करने की वजह से उठाया है. आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर केनरा बैंक से ऐसी क्या गलतियां हुईं, जिसके कारण आरबीआई को यह जुर्माना लगाना पड़ा. केनरा बैंक से हुईं ये 2 बड़ी गलतियां सेंट्रल रजिस्ट्री पर KYC डेटा अपलोड न करना : आरबीआई के कड़े नियमों के मुताबिक, सभी बैंकों के लिए यह अनिवार्य है कि वे अपने नए और मौजूदा ग्राहकों का केवाईसी (KYC) डेटा तय समय सीमा के भीतर सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड्स रजिस्ट्री (CKYCR) पर अपलोड करें. ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि बैंकिंग सिस्टम में किसी भी तरह के फ्रॉड (धोखाधड़ी) को रोका जा सके. केनरा बैंक कई ग्राहकों का डेटा इस केंद्रीय रजिस्ट्री पर टाइमलाइन के भीतर अपडेट करने में पूरी तरह नाकाम रहा. चलते खातों को जबरन ‘इनऑपरेटिव’ घोषित करना : दूसरा गंभीर मामला कस्टमर अकाउंट्स की गलत हैंडलिंग से जुड़ा है. आरबीआई की गाइडलाइंस साफ कहती हैं कि अगर किसी बैंक खाते में पिछले 1 साल के भीतर ग्राहक की तरफ से कोई भी लेनदेन (Transaction) हुआ है, तो उस खाते को ‘एक्टिव’ माना जाएगा. लेकिन केनरा बैंक ने नियमों की धज्जी उड़ाते हुए ऐसे कई खातों को भी ‘इनऑपरेटिव’ (Inoperative) कैटेगरी में डाल दिया, जिनमें आखिरी ट्रांजैक्शन हुए अभी एक साल भी पूरा नहीं हुआ था. इससे ग्राहकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. कैसे पकड़ी गई बैंक की यह खामी? आरबीआई हर साल बैंकों के कामकाज और उनकी वित्तीय स्थिति की बारीकी से जांच करता है. केनरा बैंक की यह लापरवाही भी एक सुपरवाइजरी इवैल्यूएशन (ISE 2025) के दौरान पकड़ी गई, जिसमें 31 मार्च 2025 तक की बैंक की बैलेंस शीट और वर्किंग का ऑडिट किया गया था. इन कमियों के सामने आने के बाद आरबीआई ने पहले बैंक को ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause Notice) जारी किया था. लेकिन बैंक से मिले लिखित जवाब और उनके अधिकारियों की दलीलों को सुनने के बाद भी जब आरबीआई संतुष्ट नहीं हुआ, तब जाकर यह जुर्माना ठोक दिया गया. क्या केनरा बैंक के ग्राहकों पर पड़ेगा इसका कोई असर ? इस समाचार के बाद केनरा बैंक के करोड़ों ग्राहकों के मन में डर बैठ सकता है, लेकिन आरबीआई ने इस पर पूरी तरह स्थिति साफ कर दी है. यह पेनल्टी केवल बैंक द्वारा रेगुलेटरी कंप्लायंस (नियमों के पालन) में की गई कमियों के कारण लगाई गई है. इस कार्रवाई का मकसद बैंक और उसके ग्राहकों के बीच हुए किसी भी लेनदेन या एग्रीमेंट की वैधता (Validity) पर सवाल उठाना नहीं है. Also Read : डॉलर की तंगी होगी दूर! विदेशी पैसा खींचने के लिए RBI ने बनाया ‘फाइव-पॉइंट प्लान’ The post केनरा बैंक पर RBI ने लगाया ₹41.8 लाख का जुर्माना; जानिए ग्राहकों पर क्या होगा असर appeared first on Naya Vichar.

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बिहार के बीजेपी विधायक गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट में दोषी करार, कोर्ट ने दिया हिरासत में लेने का आदेश

BJP MLA Raju Singh: बिहार के साहेबगंज विधायक राजू सिंह को लेकर दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया. कोर्ट ने गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट में उन्हें दोषी करार दिया. इसके बाद उन्हें हिरासत में लेने का आदेश जारी कर दिया है. उन्हें शस्त्र अधिनियम की धारा 304 भाग 2 और 30 के तहत दोषी पाया गया है. पत्नी समेत इन लोगों को किया गया बरी दूसरी तरफ राउज एवेन्यू कोर्ट ने विधायक राजू सिंह की पत्नी रेनू सिंह, राणा राजेश सिंह और रामेंद्र सिंह को सभी आरोपों से बरी कर दिया है. जानकारी के मुताबिक, मामला 31 दिसंबर 2018 का ही है. एक न्यू ईयर पार्टी में जश्न के दौरान फायरिंग की गई थी, जिसके बाद गोली डॉ. अर्चना गुप्ता को लगी और उनकी मौत हो गई थी. इस घटना को लेकर मामला फतेहपुर बेरी पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था. राजू सिंह बिहार प्रशासन में रह चुके हैं मंत्री जानकारी के मुताबिक, विधायक राजू सिंह बिहार प्रशासन में 26 फरवरी 2025 में मंत्री बने थे. उनके पिता कई बार आनंदपुर खरौनी पंचायत के मुखिया रह चुके हैं. राजू सिंह सिर्फ बीजेपी नहीं बल्कि जेडीयू, लोजपा और वीआईपी पार्टी में भी रह चुके हैं और विधायक बने हैं. इतना ही नहीं, राजू सिंह की पत्नी रेणु सिंह हैं, पूर्वी चंपारण से एमएलसी रह चुकीं हैं. पत्नी को निर्दलीय चुनाव लड़ाकर बनाया था एमएलसी जानकारी के मुताबिक, राजू सिंह ने निर्दलीय ही चुनाव लड़कर अपनी पत्नी रेणु सिंह को एमएलसी बनाया था. साल 2015 में वह जेडीयू में शामिल हुए थे. लेकिन इस दौरान विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. फिर साल 2020 में उन्होंने पार्टी बदली और वीआईपी में शामिल हो गए. इस बार उन्होंने चुनाव लड़ा और जीते भी. लेकिन उन्होंने फिर पार्टी बदली और 2022 में बीजेपी में शामिल हो गए. Also Read: अशरफ अंसारी होंगे चिराग की पार्टी के MLC कैंडिडेट, BJP-JDU ने उतारे हैं 4-4 उम्मीदवार The post बिहार के बीजेपी विधायक गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट में दोषी करार, कोर्ट ने दिया हिरासत में लेने का आदेश appeared first on Naya Vichar.

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कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी, सोनव वांगचुक भी होंगे शामिल; शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग

Cockroach Janta Party : दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है. यह विरोध प्रदर्शन पिछले कुछ समय से परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ी के विरोध में आयोजित किया गया है. कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके इस विरोध प्रदर्शन के लिए शनिवार सुबह दिल्ली पहुंचे हैं. इस विरोध प्रदर्शन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है. नीट यूजी पेपर लीक और सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम में हुई गड़बड़ी नीट यूजी पेपर लीक से युवाओं में काफी निराशा है और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम का इस्तेमाल क्लास 12 बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन और री-इवैल्यूएशन दोनों के लिए किया गया था. बाद में जब विवाद बढ़ा तो सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया गया है. Crowds gather at Jantar Mantar for Cockroach Janta Party protest against education minister. Education minister Dharmendra Pradhan must resign! pic.twitter.com/skLGZfzCiT — Cockroach Janta Party (@CJP_for_India) June 6, 2026 सोनम वांगचुक भी प्रदर्शन में शामिल होंगे लद्दाख के 59 साल के एक्टिविस्ट, जिन्हें सितंबर में गिरफ्तार किया गया था और छह महीने तक हिरासत में रखा गया था, उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में यह कहा था कि मैं छह जून को दिल्ली के प्रोटेस्ट में शामिल होऊंगा. उनका कहना है कि जब चीजें गलत हो रही हैं, तो जिम्मेदार मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए. कैसे बना CJP और कौन हैं अभिजीत दिपके ? कॉकरोच जनता पार्टी का सोशल मीडिया एकाउंट तब बनाया गया था जब चीफ जस्टिस ने एक केस की सुनवाई के दौरान कुछ लोगों पर टिप्पणी करते हुए उन्हें कॉकरोच बताया था. इस एकाउंट को बनाने वाले अभिजीत दिपके 30 साल के हैं और महाराष्ट्र के रहने वाले हैं. उन्होंने पुणे से जर्नलिज्म में अंडरग्रेजुएट डिग्री ली है. वहां अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद, वे हायर एजुकेशन के लिए यूनाइटेड स्टेट्स चले गए थे. उन्होंने हाल ही में बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशन्स में दो साल की मास्टर डिग्री पूरी की है. 2020 से 2023 तक, उन्होंने आम आदमी पार्टी के साथ काम किया, जहां वे सोशल मीडिया मैनेजमेंट और इलेक्शन कैंपेन एक्टिविटीज में शामिल थे. ये भी पढ़ें : कौन हैं अन्नामलाई जिनके बीजेपी छोड़ने पर मचा हड़कंप? तमिलनाडु की नेतृत्व में आ सकता है नया मोड़ The post कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी, सोनव वांगचुक भी होंगे शामिल; शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग appeared first on Naya Vichar.

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राबड़ी देवी के बाद तेजस्वी यादव ने भी हटाई अपनी सुरक्षा, RJD नेता बोले- एक खरोंच भी आई तो…

Lalu Family Security: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपनी सुरक्षा हटा दी है. इससे पहले राबड़ी देवी ने राबड़ी आवास से सुरक्षाकर्मियों को हटा दिया था. राबड़ी देवी ने सभी सुरक्षाकर्मियों को वहां से वापस जाने का निर्देश दिया. 10 सर्कुलर रोड आवास के मुख्य गेट पर भी एक भी सुरक्षाकर्मी नहीं दिखें. सम्राट प्रशासन की तरफ से दो दिन पहले ही लालू परिवार की सुरक्षा घटाई गई थी. राजद नेता शक्ति सिंह ने क्या कहा? जानकारी के मुताबिक, राबड़ी देवी ने खुद ही सुरक्षाकर्मियों को बंगले से हटा दिया है. नया विचार से बातचीत के दौरान राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा, राबड़ी देवी के साथ-साथ तेजस्वी यादव ने भी अपनी सुरक्षा हटा दी है. अगर एक खरोंच भी आया तो प्रशासन जन आक्रोश नहीं झेल पाएगी. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राबड़ी देवी देश की बड़े नेताओं में से एक हैं. फिर उनकी सुरक्षा में व्यापक कटौती क्यों कर दी गई. इसके साथ ही उन्होंने सत्ता पक्ष के कई नेताओं का नाम लेकर कहा कि उनकी सुरक्षा को लेकर समीक्षा क्यों नहीं की गई. इस तरह से कैमरे पर उन्होंने जमकर अपनी भड़ास निकाली. गृह विभाग ने सुरक्षा कम करने का लिया था फैसला गृह विभाग की बैठक में लालू फैमिली की सुरक्षा को कम करने का फैसला लिया गया था. लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की जेड प्लस सिक्योरिटी खत्म कर दी गई थी. उन्हें बिहार पुलिस की तरफ से सिर्फ विशेष सुरक्षा दी जाएगी. इसके साथ ही लालू प्रसाद के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के सुप्रीमो तेज प्रताप यादव को भी अब सिर्फ एक गार्ड ही मिलेगा. पहले से उन्हें मिल रही वाई कैटेगरी की सुरक्षा को हटा दिया गया है. जबकि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा में बदलाव नहीं किया गया था. साथ ही तेजस्वी की पत्नी राजश्री और बहन मीसा हिंदुस्तानी की सुरक्षा में भी कोई बदलाव नहीं किया गया था. जानकारी के मुताबिक, तेजस्वी यादव को अब बीसैप के 1-4 हाउस गार्ड, पटना जिला बल से 6 बॉडीगार्ड और एस्कॉर्ट पार्टी के सदस्य शामिल होंगे. साथ ही उनकी पत्नी को पटना जिला बल से एक स्त्री बॉडीगार्ड पहले की तरह ही रहेगा. जबकि मीसा हिंदुस्तानी के साथ पहले की तरह 3 बॉडीगार्ड रहेंगे. इस तरह से लालू फैमिली की सुरक्षा को लेकर सम्राट प्रशासन ने फैसला लिया. Also Read: लालू-राबड़ी की Z+ सिक्योरिटी खत्म, तेज प्रताप को सिर्फ एक बॉडीगार्ड, सम्राट प्रशासन का फैसला The post राबड़ी देवी के बाद तेजस्वी यादव ने भी हटाई अपनी सुरक्षा, RJD नेता बोले- एक खरोंच भी आई तो… appeared first on Naya Vichar.

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Govind Murder Case: प्रेमिका की हत्या का बदला और जमीन विवाद, ऐसे मारा गया शूटर गोविंद शर्मा

मुजफ्फरपुर से चंदन सिंह की रिपोर्ट Govind Murder Case: नगर थाना क्षेत्र के अमर सिनेमा रोड स्थित आइकॉन टावर अपार्टमेंट में हुए कुख्यात शूटर गोविंद शर्मा की हुई हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. प्रेमिका के मर्डर का बदला व जमीन कारोबार में वर्चस्व को लेकर गोविंद की हत्या की गयी थी. हत्याकांड का मास्टरमाइंड कुढ़नी का रहनेवाला कुख्यात अपराधी रविकांत उर्फ बाबुल चौधरी ने रची थी. जिसको बिहार एसटीएफ की टीम ने दरभंगा एयरपोर्ट के पास से गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, मुख्य शूटर पारू के रहने वाले सौरभ कुमार को पूर्वी चंपारण जिला के रक्सौल बॉर्डर से दबोचा गया है. इससे पहले वह दो बार बैंक लूट केस में जेल भी जा चुका है. गिरफ्तार दोनों से नगर थाने पर सौरभ की निशानदेही पर एसआइटी व एसटीएफ ने लंबी पूछताछ की है. उनकी निशानदेही पर पुरानी गुदरी रोड में मनीष कुमार के घर से एक खून लगी शर्ट बरामद की गयी है.  दो महीने पहले से चल रही थी प्लानिंग पूछताछ के दौरान दोनों ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. बाबुल का कहना है कि हाल के दिनों में गोविंद उसको जमीन कारोबार के दौरान परेशान कर रहा था. उसकी जमीन की डील होने नहीं देता था. विवि में ठेकेदारी को लेकर वर्चस्व चल रहा था. वहीं, सौरभ कुमार जिसकी प्रेमिका आयशा खान की दरभंगा जिले के जाले में गोली मारकर दो साल पहले हत्या की गयी थी. सौरभ को शक था कि गोविंद ने ही उसकी प्रेमिका को गोली मारी थी. इसके अलावा सौरभ के कुछ रुपये भी गोविंद के पास थे, जो गोविंद वापस नहीं कर रहा था. उसी का बदला लेने के लिए बाबुल चौधरी के साथ मिलकर दो महीने पहले गोविंद की हत्या की साजिश रची थी. फिर, फूल प्रूफ प्लानिंग के साथ उसकी आइकॉन टावर अपार्टमेंट में गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी.  सिटी एसपी ने किया मामले का खुलासा मामले का खुलासा करते हुए सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि मास्टरमाइंड बाबुल चौधरी व प्रमुख शूटर सौरभ कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है. इससे पहले कांड में प्राथमिकी अभियुक्त कुमार रंजय ओंकार को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था. हत्या में शामिल अन्य शूटरों को भी चिन्हित कर लिया गया है. उनकी गिरफ्तारी को लेकर एसआइटी व एसटीएफ की टीम अहियापुर, मोतीपुर ,पूर्वी चंपारण व वैशाली में छापेमारी कर रही है.  अब समझिये कैसे मर्डर को दिया गया अंजाम… गोविंद की रेकी के लिए बाबुल ने सौरभ को दिलाया था फ्लैट दिनांक:- 31.05.2026 को नगर थानांतर्गत गोबिंद शर्मा हत्याकांड में संलिप्त 02अभियुक्त गिरफ्तार। इस कांड में अब तक कुल 03 अभियुक्तों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा चुकी है। गिरफ्तारी के संदर्भ में मो0 मोहिबुल्लाह अंसारी, पुलिस अधीक्षक, नगर, मुजफ्फरपुर द्वारा किये गए प्रेस1/2 pic.twitter.com/J6rPiLj6gc — Muzaffarpur Police (@MuzaffarpurPol3) June 5, 2026 सिटी एसपी ने बताया कि गोविंद की हत्या करने के लिए बाबुल चौधरी ने ही सौरभ कुमार को आइकॉन टावर अपार्टमेंट के फोर्थ फ्लोर पर फ्लैट नंबर 406 दिलाया था. सौरभ ने अपार्टमेंट के मैनेजर को जो आधार कार्ड दिया था उसमें अपने गांव व पिता का नाम बदल दिया था. 14 हजार के महीने पर छात्र बनकर सौरभ ने फ्लैट लिया. इसके लिए 28 हजार डिपोजिट भी बाबुल ने ही किया था. 15 मई से ही सौरभ व एक अन्य शूटर फ्लैट में रहकर गोविंद की रेकी कर रहे थे.  हत्या में चार पिस्टल का शूटरों ने किया था इस्तेमाल गोविंद की हत्या से एक दिन पहले बाबुल चौधरी ने 30 मई की रात ही चार पिस्टल लाकर सौरभ को दिया था. हत्या की रात बाबुल चौधरी बुलेट बाइक से गोविंद शर्मा की रेकी कर रहा था. जैसे ही वह अपनी कार से अपार्टमेंट के अंदर घुसा कि बाबुल ने सौरभ व दूसरे शूटर को अलर्ट कर दिया. बेसमेंट में कार पार्क करने के बाद गोविंद सीढ़ी चढ़कर जैसे ही सेकेंड फ्लोर स्थित अपने फ्लैट की ओर बढ़ा कि शूटरों ने दोनों हाथों से गोविंद पर गोलियां बरसना शुरू कर दिया. गोविंद पर 24 गोलियां चलायी गयी थी.  गोली लगने के बाद भी पांच मिनट तक शूटरों से की हाथापाई पुलिस की पूछताछ के दौरान यह बात सामने आयी है कि गोली लगने के बाद भी वह पांच मिनट तक दोनों शूटरों से हाथापायी करता रहा. उसकी पिस्टल छीनने का प्रयास किया. इस दौरान सौरभ जो शर्ट पहना था उसमें खून लग गया. गोविंद को गिराने के लिए सिर में गोली मारी. जब वह जमीन पर गिर गया इसके बाद दोनों वहां से फरार हो गए.  दोस्त को कहा शर्ट में आग लगा देना गोविंद की हत्या करने के बाद दोनों शूटर पैदल ही महराजी पोखर होते हुए पुरानी गुदरी में अपने दोस्त मनीष के घर पहुंचा. वहां खुन लगी शर्ट को निकाल कर सौरभ ने मनीष को दिया और बोला कि इसको आग लगा देना. साथ ही पिस्टल को बोला कि बाबुल आएगा तो उसको सौंप देना. रात में दोनों शूटर वहां पर रुके फिर, अगली सुबह फरार हो गए.  जमीन का था विवाद गोविंद व बाबुल चौधरी पूर्व में दोनों पार्टनर थे. लेकिन, हाल के दिनों में मिठनपुरा थाना के मदनानी गली में तीन कट्ठा व कलमबाग चौक पर 15 कट्ठा जमीन को लेकर विवाद चल रहा था. बाबुल चौधरी का कहना है कि जब भी वह जमीन बेचने के लिए जाता था तो गोविंद वहां अड़ंगा लगा देता था. ग्राहक को डराता था. वह रुपये की डिमांड करता था. कहता था कि उससे बिना पूछे जमीन बेचा तो हत्या कर देगा. विवि में भी ठेकेदारी नहीं करने देता था.  बाबुल ने कहा, मैं नहीं मारता तो गोविंद मुझे मार देता बाबुल चौधरी ने पूछताछ के दौरान सिटी एसपी को बताया कि वह अगर गोविंद को नहीं मारता तो उसको वह मार देता. उसने अपने ऑडियो का भी समर्थन किया है. बाबुल का कहना है कि उसने खुद इस ऑडियो को वायरल किया. पुलिस का कहना है कि वायरल ऑडियो की जांच करायी गयी तो वह बाबुल का निकला.  गोविंद की डॉक्टर गर्लफ्रेंड की भूमिका पर जांच जारी सिटी एसपी ने बताया कि हत्या में प्राथमिकी अभियुक्त पटना की डॉक्टर जैसमिन परवीन की भूमिका की जांच की जा रही है.

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1 आउटडोर यूनिट से चलेंगे 5 AC, पूरे घर को ठंडा करेगा यह स्मार्ट सिस्टम

गर्मी का मौसम आते ही एयर कंडीशनर की मांग तेजी से बढ़ जाती है. छोटे घरों में एक या दो एसी काफी होते हैं, लेकिन जिन घरों में कई कमरे होते हैं वहां हर कमरे में अलग-अलग स्प्लिट एसी लगवाना महंगा सौदा साबित हो सकता है. न सिर्फ खरीदारी का खर्च बढ़ता है, बल्कि बिजली कनेक्शन पर अतिरिक्त लोड और रखरखाव की परेशानी भी बढ़ जाती है. ऐसे में एक ऐसी तकनीक मौजूद है जो एक ही आउटडोर यूनिट के जरिए पूरे घर को ठंडा कर सकती है. इसे VRF AC सिस्टम कहा जाता है. क्या है VRF AC और कैसे करता है काम? VRF यानी वेरिएबल रेफ्रिजरेंट फ्लो एक एडवांस्ड एयर कंडीशनिंग सिस्टम है, जिसे बड़े घरों, विला, ऑफिस और कमर्शियल बिल्डिंग्स में तेजी से अपनाया जा रहा है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि एक आउटडोर यूनिट के साथ कई इनडोर यूनिट जोड़ी जा सकती हैं. यानी अगर आपके घर में पांच, छह या उससे ज्यादा कमरे हैं, तो हर कमरे के लिए अलग आउटडोर यूनिट लगाने की जरूरत नहीं पड़ती. एक केंद्रीय सिस्टम सभी कमरों में जरूरत के हिसाब से कूलिंग पहुंचाता है. इससे जगह की बचत भी होती है और पूरा सेटअप ज्यादा व्यवस्थित दिखाई देता है. कई एसी की जगह एक सिस्टम, क्या है फायदा? आमतौर पर हर कमरे में अलग स्प्लिट एसी लगाने पर बिजली की खपत और इंस्टॉलेशन लागत दोनों बढ़ जाती हैं. VRF तकनीक जरूरत के अनुसार रेफ्रिजरेंट फ्लो को नियंत्रित करती है, जिससे ऊर्जा की बर्बादी कम होती है. इस सिस्टम का एक और फायदा यह है कि अलग-अलग कमरों का तापमान स्वतंत्र रूप से नियंत्रित किया जा सकता है. यानी एक कमरे में ज्यादा कूलिंग और दूसरे में कम कूलिंग की जरूरत हो तो सिस्टम उसी हिसाब से काम करता है. बिजली खपत और लोड को लेकर क्या जानना जरूरी है? विशेषज्ञों के अनुसार VRF सिस्टम आमतौर पर प्रति टन क्षमता के हिसाब से लगभग 0.6 से 0.9 किलोवाट बिजली की खपत कर सकता है. बाजार में 5 टन क्षमता से शुरू होने वाले VRF सिस्टम उपलब्ध हैं, जिनके लिए करीब 4.5 किलोवाट या उससे अधिक बिजली लोड की जरूरत पड़ सकती है. हालांकि वास्तविक बिजली खपत इस बात पर निर्भर करती है कि कितने इनडोर यूनिट एक साथ चल रहे हैं और कूलिंग की मांग कितनी है. कीमत कितनी और कौन-कौन से विकल्प मौजूद? हिंदुस्तानीय बाजार में VRF और VRV तकनीक वाले कई विकल्प उपलब्ध हैं. प्रमुख एयर कंडीशनिंग कंपनियां इस सेगमेंट में उत्पाद बेच रही हैं. शुरुआती स्तर के सिस्टम की कीमत लगभग 75 हजार रुपये से शुरू हो सकती है, जबकि क्षमता और फीचर्स बढ़ने के साथ लागत कई लाख रुपये तक पहुंच सकती है. इसलिए खरीदारी से पहले घर के आकार, कमरों की संख्या और कूलिंग जरूरत का आकलन करना जरूरी है. क्या मेंटेनेंस मुश्किल होता है? कई लोग मानते हैं कि इतने बड़े सिस्टम का रखरखाव जटिल होगा, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित सर्विसिंग के मामले में यह काफी हद तक स्प्लिट एसी जैसा ही होता है. आउटडोर यूनिट को छत, बालकनी या घर के बाहरी हिस्से में लगाया जा सकता है, जिससे रखरखाव भी आसान रहता है. अगर आपके घर में कई कमरे हैं और आप अलग-अलग एसी लगाने के बजाय एक स्मार्ट और व्यवस्थित समाधान चाहते हैं, तो VRF सिस्टम एक आकर्षक विकल्प बन सकता है. शुरुआती निवेश जरूर ज्यादा हो सकता है, लेकिन लंबे समय में सुविधा, जगह की बचत और बेहतर कूलिंग अनुभव इसे खास बनाते हैं. यह भी पढ़ें: AC नहीं दे रहा सही कूलिंग? घर बैठे कुछ मिनट में करें आसान सेल्फ सर्विस, बढ़ जाएगी ठंडक यह भी पढ़ें: मॉनसून में AC चलाने का क्या है सही तरीका? जानें कौन सा मोड ऑन करें और कौन सा ऑफ The post 1 आउटडोर यूनिट से चलेंगे 5 AC, पूरे घर को ठंडा करेगा यह स्मार्ट सिस्टम appeared first on Naya Vichar.

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ब्रिटेन का ‘द शॉशैंक रिडेम्प्शन’, दूसरे के अपराध में काटी 17 साल जेल; 23 साल बाद मिला असली गुनहगार

UK Court Andrew Malkinson Shawshank Redemption: अगर आपने ‘द शॉशैंक रिडेम्प्शन’ देखी हो, तो आपको एंडी डुफ्रेन याद होगा. एक ऐसा व्यक्ति जो खुद को बेगुनाह बताता रहा, लेकिन सालों तक जेल की दीवारों के पीछे कैद रहा. ब्रिटेन में एंड्रयू माल्किंसन की कहानी भी कुछ ऐसी ही लगती है. फर्क सिर्फ इतना है कि वह फिल्म थी और यह सच्ची घटना है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. करीब दो दशक तक एक ऐसा व्यक्ति अपराधी कहलाता रहा, जिसने वह अपराध किया ही नहीं था. और जिस शख्स ने वास्तव में अपराध किया, वह खुलेआम अपनी जिंदगी जीता रहा. अब 23 साल बाद तस्वीर पूरी तरह साफ हुई है. कहानी की शुरुआत 2003 के उस हमले से साल 2003 में ग्रेटर मैनचेस्टर में 33 वर्षीय एक स्त्री के साथ बेहद क्रूर दुष्कर्म की घटना हुई. जांच शुरू हुई और पुलिस की पहचान परेड में स्त्री ने एंड्रयू माल्किंसन की ओर इशारा किया. उस समय स्थानीय शॉपिंग सेंटर में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करने वाले माल्किंसन को गिरफ्तार कर लिया गया.  अगले साल 2004 में अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए कम से कम सात साल की सजा सुनाई. लेकिन माल्किंसन शुरू से लेकर अंत तक एक ही बात कहते रहे, ‘मैं निर्दोष हूं.’ बेगुनाही की कीमत: सात नहीं, पूरे 17 साल जेल आमतौर पर दोष स्वीकार करने वाले कैदियों को राहत मिल सकती है, लेकिन माल्किंसन ने ऐसा कभी नहीं किया. उन्होंने अपराध कबूल करने से इनकार कर दिया क्योंकि उनका कहना था कि उन्होंने कोई अपराध किया ही नहीं. इसका परिणाम यह हुआ कि वे सिर्फ सात साल नहीं, बल्कि 17 साल तक जेल में रहे.  साल 2020 में उनकी रिहाई तो हुई, लेकिन उनकी परेशानी खत्म नहीं हुई. उनका नाम अब भी ब्रिटेन के यौन अपराधियों के रजिस्टर में दर्ज था. जेल से बाहर आने के बाद भी वे कानूनी लड़ाई लड़ते रहे, क्योंकि उन्हें सिर्फ आजादी नहीं, अपना सम्मान वापस चाहिए था. फिर आया वह सबूत जिसने सब बदल दिया समय बदला, तकनीक बदली और डीएनए जांच पहले से कहीं ज्यादा सटीक हो गई. माल्किंसन की कानूनी टीम और ‘अपील’ नामक कानूनी सहायता संस्था ने पीड़िता के कपड़ों से मिले डीएनए नमूनों की फिर से जांच कराई. इसी जांच ने उस व्यक्ति तक पहुंच बनाई, जिसका नाम था- पॉल क्विन. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, तस्वीर साफ होती गई. डीएनए सबूत सीधे पॉल क्विन की ओर इशारा कर रहे थे. आखिरकार जुलाई 2023 में कोर्ट ऑफ अपील ने एंड्रयू माल्किंसन की सजा रद्द कर दी और उन्हें आधिकारिक तौर पर निर्दोष घोषित कर दिया गया. So let me get this straight. He is going to do less jail time than the guy who was wrongly convicted? No amount of compensation will fix what they have done to Malkinson. Disowned and probably got mental health issues. https://t.co/3LYuKhEDAX — Deen (@Deens786) June 5, 2026 जिसने अपराध किया, वह 23 साल तक आजाद घूमता रहा डीएनए से पहचान होने के बाद 6 बच्चों के पिता पॉल क्विन के खिलाफ मुकदमा चला. मैनचेस्टर क्राउन कोर्ट में छह सप्ताह तक सुनवाई चली और अप्रैल में उसे दोषी करार दिया गया. अब शुक्रवार को अदालत ने 52 वर्षीय क्विन को 21 साल की जेल की सजा सुनाई है. इसके साथ तीन साल की विस्तारित निगरानी अवधि भी जोड़ी गई है. वह 14 साल बाद पैरोल के लिए आवेदन कर सकेगा. सजा सुनाते समय न्यायाधीश रॉबर्ट ब्राइट ने कहा कि क्विन ने अपनी आजादी का आनंद एक निर्दोष व्यक्ति की कीमत पर लिया. अदालत ने यह भी बताया कि जिस समय यह अपराध हुआ था, उस समय क्विन की उम्र 29 वर्ष थी. लेकिन, उसके आपराधिक और यौन अपराध से जुड़े रिकॉर्ड की शुरुआत 12 वर्ष की उम्र से ही हो चुकी थी. दो बार अदालत पहुंची पीड़िता, जज ने बताया ‘बहादुर’ मामले की पीड़िता को वर्षों के अंतराल पर दो अलग-अलग मुकदमों में गवाही देनी पड़ी. अदालत ने उनके साहस की सराहना करते हुए उन्हें असाधारण रूप से बहादुर बताया. यह मामला सिर्फ एक गलत सजा की कहानी नहीं, बल्कि उस स्त्री की भी कहानी है, जिसे न्याय पाने के लिए वर्षों तक संघर्ष करना पड़ा. अब मुआवजे की लड़ाई लड़ रहे हैं माल्किंसन माल्किंसन का कानूनी संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है. वे अब ब्रिटिश प्रशासन से उन 17 वर्षों के लिए मुआवजा मांग रहे हैं, जो उन्होंने एक ऐसे अपराध की सजा काटते हुए गंवा दिए, जो उन्होंने किया ही नहीं था. उनकी ओर से पैरवी कर रही लॉ फर्म हिकमैन एंड रोज के वकील टोबी विल्टन का कहना है कि यह अध्याय जरूर बंद हुआ है, लेकिन न्याय की लड़ाई अभी बाकी है. उनके मुताबिक, माल्किंसन चाहते हैं कि ब्रिटेन की मुआवजा व्यवस्था में बदलाव हो, क्योंकि न्यायिक भूलों के शिकार लोगों को उनकी वास्तविक क्षति के मुकाबले बेहद कम मुआवजा मिलता है. ये भी पढ़ें:- कौन हैं मारिया जखारोवा? विदेशियों के लिए पुतिन प्रशासन की जुबान; 23 साल में लगातार बढ़ा पद और कद ये भी पढ़ें:- कौन हैं आशीष वासवानी? BIT मेसरा का ‘हीरा’, साथियों के साथ मिलकर लिखी ‘AI की बाइबल’ और बदल गई दुनिया पुलिस और न्याय व्यवस्था भी जांच के घेरे में इस मामले का असर अब ब्रिटेन की संस्थाओं तक पहुंच चुका है. 2024 में हुई समीक्षा में कई ऐसी कमियां सामने आईं, जिनके कारण माल्किंसन को लगभग एक दशक पहले ही निर्दोष साबित किया जा सकता था. इसके बाद सार्वजनिक जांच शुरू की गई. ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस के पांच पूर्व अधिकारियों और एक वर्तमान अधिकारी की भूमिका की भी जांच हो रही है. उधर, क्रिमिनल केसेज रिव्यू कमीशन के चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी दोनों अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं. ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस ने भी बाद में एंड्रयू माल्किंसन से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी. एक फैसला जिसने ब्रिटेन को आईना दिखा दिया एंड्रयू माल्किंसन की कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की त्रासदी नहीं है. यह उस सवाल की भी कहानी है कि अगर कोई निर्दोष व्यक्ति वर्षों तक जेल में रह सकता है, तो न्याय व्यवस्था की सबसे बड़ी जिम्मेदारी क्या है? 23 साल बाद असली अपराधी जेल पहुंच गया है, लेकिन जो समय माल्किंसन से

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बिना JEE एडवांस के मिलेगा IIT दिल्ली में एडमिशन, शुरू हुआ AI कोर्स का दूसरा बैच 

IIT Delhi AI Course: आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) से करना चाहते हैं पढ़ाई तो आपके लिए सुनहरा मौका है. IIT Delhi ने Continuing Education Programme (CEP) ने Executive Programme for AI in Healthcare का दूसरा बैच लॉन्च कर दिया है. इसके लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है. कैंडिडेट्स 30 जुलाई 2026 से पहले अप्लाई कर लें. संस्थान ने खुद इसकी जानकारी अपने सोशल मीडिया पर दी है. IIT Delhi ने शेयर की जानकारी IIT Delhi ने X पर किए एक पोस्ट में शेयर किया है कि संस्थान ने AI in Healthcare प्रोग्राम के दूसरे ब्रांच के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. साथ ही संस्थान ने इस प्रोग्राम से जुड़ी सभी जानकारी शेयर की है. The Continuing Education Programme (CEP), #IITDelhi, has launched the second batch of the “Executive Programme for AI in Healthcare”.  Details: https://t.co/t6YqAQLHmZ Apply Now Link: https://t.co/j1hPIUVKuh Last Date to Apply: 30th July 2026 pic.twitter.com/xPNtuXRDFR — IIT Delhi (@iitdelhi) June 5, 2026 क्या है यह प्रोग्राम? IIT Delhi के इस एक्जीक्यूटिव लेवल प्रोग्राम में स्टूडेंट्स को हेल्थकेयर इंडस्ट्री में AI के इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी. डाटा एनालिटिक्स, मशीन लर्निंग और मेडिकल टेक्नोलॉजी के इंटीग्रेशन की ट्रेनिंग दी जाएगी. इस प्रोग्राम का उद्देश्य प्रोफेशनल्स को हेल्थकेयर और टेक्नोलॉजी के कॉम्बिनेशन में एक्सपर्ट बनाना है, ताकि वे फ्यूचर की डिजिटल हेल्थ सर्विसेज में बेहतर योगदान दे सकें. अप्लाई करने के लिए जरूरी डिटेल प्रोग्राम: Executive Programme for AI in Healthcare (Batch 2) संस्थान: IIT Delhi (CEP) आवेदन प्रक्रिया: ऑनलाइन लास्ट डेट: 30 जुलाई 2026 Class Schedule- शनिवार: शाम 6:00 बजे से 7:30 बजे तक, रविवार: सुबह 11:00 बजे से 12:30 बजे तक कौन कर सकता है अप्लाई? कोई भी ग्रेजुएट प्रोफेशनल आवेदन कर सकता है उम्मीदवार इंडस्ट्री या एकेडमिक सेक्टर से जुड़ा होना चाहिए AI in Healthcare से संबंधित फील्ड में काम करने का अनुभव या इंटरेस्ट रखने वाले प्रोफेशनल्स के लिए आवेदन कैसे करें? IIT Delhi के इस प्रोग्राम के ceppay.iitd.ac.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं. सबसे पहले आपको नाम, फोन नंबर और ईमेल डालकर लॉगिन करना होगा. इसके बाद फॉर्म भरें. आईआईटी दिल्ली का यह प्रोग्राम उन प्रोफेशनल्स के लिए एक बेहतरीन अवसर है जो AI और हेल्थकेयर के फील्ड में अपने करियर को आगे बढ़ाना चाहते हैं. यह कोर्स फ्यूचर की टेक्नोलॉजी आधारित हेल्थ सिस्टम के लिए एक मजबूत कदम माना जा रहा है. यह भी पढ़ें- JEE Advanced छात्रों के लिए सुनहरा मौका, IIT की कैंपस लाइफ समझने के लिए जुड़ें इस वेबिनार से The post बिना JEE एडवांस के मिलेगा IIT दिल्ली में एडमिशन, शुरू हुआ AI कोर्स का दूसरा बैच  appeared first on Naya Vichar.

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ऑलराउंडर मानव सुथार का टेस्ट डेब्यू, अफगानिस्तान के खिलाफ मिला मौका 

Manav Suthar Test Debut: हिंदुस्तान और अफगानिस्तान के बीच स्पोर्ट्से जा रहे एकमात्र ऐतिहासिक टेस्ट मैच में आज एक नया अध्याय जुड़ गया. राजस्थान और गुजरात टाइटंस के उभरते हुए ऑलराउंडर मानव सुथार ने आज आधिकारिक तौर पर हिंदुस्तानीय जर्सी में अपना टेस्ट डेब्यू किया. मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर और बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया की देखरेख में चुनी गई इस टीम में मानव को उनकी काबिलियत के दम पर जगह मिली है। कप्तान शुभमन गिल ने इस युवा खिलाड़ी पर भरोसा जताते हुए उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल किया. मैच की शुरुआत से पहले एक बेहद भावुक पल में स्टार स्पिनर कुलदीप यादव ने मानव सुथार को टेस्ट कैप सौंपी. View this post on Instagram A post shared by Team India (@indiancricketteam) ऐसा रहा मानव सुथार का सफर मानव सुथार की हिंदुस्तानीय टेस्ट टीम तक की राह अचानक तय नहीं हुई है. घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले इस 23 वर्षीय बाएं हाथ के स्पिनर की प्रतिभा को हिंदुस्तानीय टीम के सीनियर खिलाड़ियों ने 2023 में ही पहचान लिया था. वनडे वर्ल्ड कप से पहले बेंगलुरु कैंप के दौरान, जब मानव ने नेट प्रैक्टिस में कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसी महान बल्लेबाजी जोड़ी को अपनी गेंदों पर संघर्ष करने के लिए मजबूर किया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उस दौरान टीम के सीनियर सदस्यों का मानना था कि यदि मानव अपनी गेंदबाजी में गेंद को हवा में ‘ड्रिफ्ट’ कराने की कला और विकसित कर लेते हैं, तो लाल गेंद के क्रिकेट में उनकी फिरकी को स्पोर्ट्सना किसी भी बल्लेबाज के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होगा. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में मानव सुथार का प्रदर्शन राजस्थान के लिए फरवरी 2022 में आंध्र प्रदेश के खिलाफ अपना पहला कदम रखने वाले मानव सुथार ने महज 29 फर्स्ट क्लास मैचों में अपनी अमिट छाप छोड़ी है. उन्होंने 2.94 की किफायती इकोनॉमी से 129 विकेट चटकाए हैं. मानव सिर्फ गेंद से ही नहीं, बल्कि निचले क्रम में बल्ले से भी बेहद भरोसेमंद हैं. उन्होंने 25.54 की औसत से 945 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक और 6 अर्धशतक शामिल हैं. इसका सबसे बड़ा सबूत जनवरी में हिमाचल प्रदेश के खिलाफ दिखा, जहां उन्होंने पहली पारी में 120 रनों का शानदार शतक जड़ा और मैच में कुल 7 विकेट भी अपने नाम किए. आईपीएल से लेकर इंडिया-ए तक फर्स्ट क्लास क्रिकेट में दमदार रिकॉर्ड रखने वाले मानव सुथार का प्रदर्शन सीमित ओवरों के प्रारूप में भी बेहद संतुलित रहा है. लिस्ट-ए क्रिकेट की बात करें तो उन्होंने अब तक स्पोर्ट्से 25 मैचों में 4.41 की बेहद किफायती इकोनॉमी रेट के साथ 34 विकेट चटकाए हैं. वहीं, 28 टी20 मैचों में उन्होंने 7.33 की इकोनॉमी से 25 विकेट हासिल किए हैं. उनकी इसी प्रतिभा को देखते हुए आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटंस ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया, जहां मानव को इस सीजन में 4 मैच स्पोर्ट्सने और 2 विकेट हासिल करने का मौका मिला. इसके अलावा, इसी साल फरवरी में नामीबिया के खिलाफ स्पोर्ट्से गए टी20 वर्ल्ड कप वॉर्म-अप मैच में उन्होंने इंडिया-ए की ओर से प्रतिनिधित्व किया था. यह भी पढ़े- अफगानिस्तान के खिलाफ टीम इंडिया की पहले बैटिंग, देखें दोनों टीमों की प्लेइंग 11 The post ऑलराउंडर मानव सुथार का टेस्ट डेब्यू, अफगानिस्तान के खिलाफ मिला मौका  appeared first on Naya Vichar.

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