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June 7, 2026

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टॉप IIT में CSE ब्रांच पाने के लिए कितनी रैंक चाहिए? दूर करें कंफ्यूजन

Top IITs CS Rank: हिंदुस्तान में इस वक्त टेक्नोलॉजी के फील्ड में ग्रोथ के साथ कंप्यूटर साइंस BTech स्टूडेंट्स की पहली पसंद बनता जा रही है. हिंदुस्तान के टॉप IITs में कंप्यूटर साइंस का ब्रांच मिलना इतना आसान नहीं है. सीट्स सीमित होने के कारण केवल टॉप रैंक वालों को ही एडमिशन मिल पाता है. आमतौर पर AIR 100 से 1000 के बीच रैंक लानी होती है. जोसा काउंसलिंग की प्रक्रिया जारी है और अगर आप भी इस बीच टॉप IITs में से किसी एक में CS ब्रांच में एडमिशन लेना चाहते हैं तो पहले सीट्स और रैंक की जानकारी हासिल कर लें. 5 टॉप IITs के नाम हिंदुस्तान में कुल 23 IITs हैं, जिनमें जोसा काउंसलिंग से एडमिशन मिलता है. NIRF Ranking 2025 के अनुसार, इंजीनियरिंग कैटेगरी में IIT Madras पहले नंबर पर है, IIT Delhi दूसरे नंबर पर, IIT Bombay तीसरे, IIT Kanpur चौथे और IIT खड़गपुर पांचवे नंबप पर है. आइए जानते हैं कि इन टॉप IITs में कंप्यूटर साइंस की कितनी सीटें और कितने रैंक पर एडमिशन मिलेगा. रैंक IIT संस्थान 1 IIT मद्रास 2 IIT दिल्ली 3 IIT बॉम्बे 4 IIT कानपुर 5 IIT खड़गपुर हिंदुस्तान के टॉप IITs में कंप्यूटर साइंस में उपलब्ध सीट्स 2026 के डाटा के अनुसार, टॉप 5 IITs में कंप्यूटर साइंस ब्रांच की सीट्स इतनी थी- IIT बॉम्बे- 198IIT दिल्ली- 99IIT मद्रास- 87IIT कानपुर- 129IIT खड़गपुर- 140 CS के लिए जनरल कैटेगरी में कितनी रैंक चाहिए? जानकारी के अनुसार, टॉप IITs में CSE ब्रांच पाने के लिए जनरल कैटेगरी के छात्रों को आमतौर पर AIR 100 से 1000 के बीच रैंक लानी होती है. हालांकि, अलग-अलग IIT और राउंड के हिसाब से यह रेंज बदल सकती है. IIT संस्थान अनुमानित क्लोजिंग रैंक (AIR) IIT बॉम्बे 1 – 65 IIT दिल्ली 66 – 130 IIT मद्रास 130 – 180 IIT कानपुर 150 – 250 IIT खड़गपुर 200 – 350 ये सभी रैंक पिछले वर्षों के कटऑफ डेटा पर आधारित अनुमान हैं. हर साल JoSAA काउंसलिंग के दौरान रैंक में बदलाव हो सकता है. फाइनल सीट अलॉटमेंट JoSAA काउंसलिंग के जरिए ही होता है.  जोसा काउंसलिंग से कैसे मिलता है IIT में एडमिशन? JoSAA काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. IITs में एडमिशन के लिए JEE Advanced पास करने वाले छात्र ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर काउंसलिंग के लिए आवेदन कर सकते हैं. JoSAA 2026 के तहत रजिस्ट्रेशन और च्वॉइस फिलिंग की प्रक्रिया जारी है. राउंड 1 सीट अलॉटमेंट लिस्ट जल्द ही जारी की जाएगी. आईआईटी में एडमिशन के लिए उम्मीदवारों को JoSAA की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने JEE Main क्रेडेंशियल्स से लॉग इन करना होगा और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी. इसके बाद छात्रों को अपनी पसंद के अनुसार IITs और ब्रांच चुनना होगा. यह भी पढ़ें- छात्रों को लगा धक्का! NIT Trichy में इस बार नहीं बढ़ी एक भी सीट The post टॉप IIT में CSE ब्रांच पाने के लिए कितनी रैंक चाहिए? दूर करें कंफ्यूजन appeared first on Naya Vichar.

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अरुण योगीराज बनाएंगे बिहार के इस मंदिर में 18 फीट ऊंचे नंदी भगवान, अयोध्या में कर चुके हैं रामलला की दिव्य प्रतिमा का निर्माण

Bihar News: बिहार के विराट रामायण मंदिर में एक और भव्य धार्मिक निर्माण जुड़ने जा रहा है. यहां पहले ही विश्व का सबसे बड़ा 33 फीट ऊंचा शिवलिंग स्थापित किया जा चुका है. अब उसी परिसर में 18 फीट ऊंचे नंदी भगवान की प्रतिमा स्थापित की जाएगी. यह प्रतिमा देश के प्रसिद्ध शिल्पकार अरुण योगीराज तैयार करेंगे. अरुण योगीराज को मिली बड़ी जिम्मेदारी प्रसिद्ध मूर्तिकार अरुण योगीराज ने इस परियोजना के लिए अपनी सहमति दे दी है. श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने बताया कि योगीराज का इस प्रोजेक्ट से जुड़ना मंदिर निर्माण के लिए एक बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि नंदी भगवान की यह विशाल प्रतिमा मंदिर की भव्यता को और बढ़ाएगी. अरुण योगिराज ने सायण कुणाल के साथ महावीर मंदिर, पटना में किया दर्शन 18 महीने में पूरा होगा निर्माण कार्य मंदिर प्रशासन के अनुसार, 18 फीट ऊंची नंदी प्रतिमा को तैयार करने में करीब 18 महीने का समय लगेगा. निर्माण कार्य के दौरान जिस स्थान पर नंदी की स्थापना होनी है, वहां का काम रोक दिया जाएगा. हालांकि मंदिर परिसर के अन्य हिस्सों में निर्माण कार्य बिना किसी बाधा के जारी रहेगा. मंदिर स्थल का दौरा कर चुके हैं योगीराज अरुण योगीराज ने हाल ही में विराट रामायण मंदिर परियोजना स्थल का दौरा भी किया. उन्होंने पूरे प्रोजेक्ट की रूपरेखा और डिजाइन को करीब से देखा. इस दौरान उन्होंने कहा कि इस भव्य धार्मिक परियोजना का हिस्सा बनना उनके लिए ऐतिहासिक और गर्व की बात है. उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर में शिल्पकला और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा. देश के प्रमुख शिल्पकारों में शामिल अरुण योगीराज देश के जाने-माने शिल्पकारों में से एक हैं. उन्होंने अयोध्या में रामलला की दिव्य प्रतिमा का निर्माण किया है, जो पूरे देश में चर्चा का विषय रही. इसके अलावा उन्होंने नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर स्थापित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भव्य प्रतिमा भी तैयार की है. उनकी कलाकृतियां अपनी बारीकी और आध्यात्मिक भावनाओं के लिए जानी जाती हैं. 120 एकड़ में बन रहा भव्य धार्मिक परिसर विराट रामायण मंदिर पद्मश्री आचार्य किशोर कुणाल का ड्रीम प्रोजेक्ट है. यह मंदिर श्री महावीर स्थान न्यास समिति द्वारा बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के जानकीनगर (कैथवलिया) में लगभग 120 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है. मंदिर परिसर में कुल 18 शिखर और 22 अलग-अलग मंदिर बनाए जाएंगे. इसके साथ ही यहां एक विशाल प्रार्थना हॉल भी तैयार किया जा रहा है, जिसमें एक साथ करीब 20 हजार श्रद्धालु बैठ सकेंगे. हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं मंदिर परिसर में 33 फीट ऊंचा शिवलिंग पहले ही स्थापित हो चुका है. इसके दर्शन के लिए प्रतिदिन 4 से 5 हजार श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. मंदिर को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है. Also Read: खान सर कहां हैं? पुलिस की तारीफ की, जांच में सहयोग का वादा भी किया, फिर FIR के बाद से कहां गायब हैं फैसल खान The post अरुण योगीराज बनाएंगे बिहार के इस मंदिर में 18 फीट ऊंचे नंदी भगवान, अयोध्या में कर चुके हैं रामलला की दिव्य प्रतिमा का निर्माण appeared first on Naya Vichar.

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कल है अधिक कालाष्टमी का पर्व, जल्दी से नोट कर लें पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट

Adhik Kalashtami 2026: कालाष्टमी सनातन धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है. लेकिन जून 2026 की यह कालाष्टमी बेहद दुर्लभ और फलदायी मानी जा रही है, क्योंकि यह अधिक मास के दौरान पड़ रही है. इसी कारण इसे अधिक कालाष्टमी कहा जा रहा है. इस दिन भगवान शिव के रौद्र स्वरूप भगवान काल भैरव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अधिक मास में किए गए व्रत, जप और पूजा-पाठ का फल कई गुना बढ़ जाता है.  अधिक कालाष्टमी 2026: शुभ मुहूर्त और तिथि शास्त्रों के अनुसार, काल भैरव की पूजा मुख्य रूप से प्रदोष काल (संध्या समय) या निशिता काल (रात्रि) में करना अत्यंत शुभ माना जाता है. अष्टमी तिथि प्रारंभ: 8 जून 2026, सुबह 03:24 बजे अष्टमी तिथि समाप्त: 9 जून 2026, सुबह 03:23 बजे पूजा का शुभ मुहूर्त (प्रदोष काल): शाम 06:30 बजे से शाम 07:30 बजे तक पूजा सामग्री सूची भगवान काल भैरव या भगवान शिव की मूर्ति/तस्वीर लकड़ी की चौकी चौकी पर बिछाने के लिए साफ कपड़ा मिट्टी या धातु का दीपक सरसों का तेल रुई की बत्ती माचिस शुद्ध जल गंगाजल कच्चा दूध काला तिल अक्षत (चावल) चंदन रोली पुष्प (फूल) बिल्वपत्र धतूरा मीठी रोटी (रोट) उड़द की दाल के बड़े इमरती फल कलावा पान का पत्ता सुपारी लौंग इलायची कपूर पूजा विधि सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करके व्रत का संकल्प लें. शाम के शुभ मुहूर्त में उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें. चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर भगवान काल भैरव की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें.सबसे पहले भगवान शिव की विधिवत पूजा करें. इसके बाद काल भैरव को सरसों के तेल का दीपक अर्पित करें. उन्हें रोली, चंदन और काले तिल से तिलक लगाएं. बाबा भैरव को मीठी रोटी (रोट) अथवा उड़द की दाल से बने बड़ों का भोग लगाएं. इसके पश्चात “ॐ कालभैरवाय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें. अंत में काल भैरव जी की आ यह भी पढ़ें: Bhanu Saptami 2026: जीवनभर पाप करने वाली वेश्या को कैसे मिला मोक्ष? जानिए इन्दुमती की कथा The post कल है अधिक कालाष्टमी का पर्व, जल्दी से नोट कर लें पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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कहां हैं कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के माता-पिता?

Abhijeet Dipke : महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर शहर के वालुज एमआईडीसी क्षेत्र में एक घर की सुरक्षा पुलिस ने बढ़ा दी. दरअसल, यह घर सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके का है. जी हां…वह महाराष्ट्र के रहने वाले हैं और यहां उनके माता-पिता रहते हैं. एक अधिकारी ने शनिवार (6 जून) को बताया कि दीपके के हिंदुस्तान पहुंचने के मद्देनजर अनावश्यक भीड़भाड़ को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है. पुलिस उपायुक्त (जोन-1) पंकज अतुलकर ने कहा कि यदि अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की जरूरत हुई तो समीक्षा के बाद ऐसा किया जाएगा. उन्होंने यह भी बताया कि दीपके के माता-पिता फिलहाल वालुज स्थित अपने घर में नहीं रह रहे हैं. अतुलकर ने कहा कि वे मेरे संपर्क में नहीं हैं. उन्होंने इससे अधिक जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया. इस बीच, एमआईडीसी वालुज थाने के प्रभारी अधिकारी ने बताया कि पहले दीपके के घर पर एक सुरक्षाकर्मी तैनात था. अब हमने वहां एक अधिकारी सहित दस पुलिसकर्मियों की टीम तैनात की है. दीपके शनिवार को दिल्ली पहुंचे और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में भाग लिया. धमकियों की वजह से घर छोड़ना पड़ा दीपके के माता पिता को अभिजीत दीपके ने एक्स पर लिखा कि एक साल से ज्यादा समय बाद मैं अपने माता-पिता से मिलने घर जा रहा हूं. पिछले 15 दिनों में उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा और धमकियों की वजह से घर छोड़ना पड़ा. अब मैं उन्हें वापस घर लेकर जाऊंगा. और हां, आज का प्रदर्शन सिर्फ एक ट्रेलर था. इतनी बड़ी संख्या में समर्थन देने के लिए आप सभी का धन्यवाद. Going home to see my parents, it’s been more than a year since I last met them. They’ve suffered a lot over the last 15 days and had to leave home because of threats. Will be taking them back to home. FYI, today’s protest was just a trailer. Thank you for showing up in such… — Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) June 6, 2026 अमेरिका से लौटे दीपके ने इस आंदोलन को एक शांतिपूर्ण और संवैधानिक अभियान बताया है. वह इस अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए हिंदुस्तान लौटे हैं. यह भी पढ़ें : कॉकरोच जनता पार्टी जॉइन करने से मना किया तो डॉक्टर को पीटा The post कहां हैं कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के माता-पिता? appeared first on Naya Vichar.

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खान सर कहां हैं? पुलिस की तारीफ की, जांच में सहयोग का वादा भी किया, फिर FIR के बाद से कहां गायब हैं फैसल खान

Khan Sir Controversy: पटना के खान ग्लोबल स्टडीज इंस्टीट्यूट में 2 जून को विवाद हुआ. उसके बाद से खान सर एक बार फिर सुर्खियों में हैं. कोचिंग सेंटर में बवाल, फायरिंग और मारपीट के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर खान सर कहां हैं? मामले में गैर-जमानती धाराओं के तहत केस दर्ज है, लेकिन खान सर अब तक पुलिस के सामने नहीं आए हैं. इसी वजह से उनके अंडरग्राउंड होने की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं. कोर्ट में नहीं पहुंचे खान सर शनिवार को यह चर्चा थी कि खान सर पटना सिविल कोर्ट में सरेंडर कर सकते हैं. पुलिस और मीडिया की नजर भी कोर्ट पर टिकी थी. लेकिन दिनभर इंतजार के बाद भी खान सर वहां नहीं पहुंचे. इतना ही नहीं, उनकी ओर से अग्रिम जमानत की अर्जी भी दाखिल नहीं की गई. इससे अटकलों का बाजार और गर्म हो गया. वकील ने क्या बताया? खान सर के वकील अरविंद कुमार मऊआर ने साफ कहा है कि उनके मुवक्किल सरेंडर नहीं करेंगे. उन्होंने बताया कि सोमवार को कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की जाएगी. वकील ने कहा कि खान सर के सरेंडर की समाचारें पूरी तरह गलत हैं. वे शनिवार को कोर्ट पहुंचे ही नहीं थे. खान सर पर कोई धारा नहीं बनती- अरविंद कुमार मऊआर वकील अरविंद कुमार मऊआर ने दावा किया कि खान सर की इस मामले में कोई भूमिका नहीं है. उन्होंने कहा कि जो आरोप लगाए गए हैं, वे सुरक्षा गार्डों से जुड़े हैं. उनके मुताबिक हवाई फायरिंग के मामले में आर्म्स एक्ट की जो धारा लगती है, वह जमानती है. इसलिए पूरे मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है. वायरल वीडियो पर दर्ज हुई FIR वकील ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है. खान सर का नाम बाद में जोड़ा गया है. उन्होंने यह भी कहा कि बॉडीगार्ड्स ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया कि खान सर के कहने पर फायरिंग हुई थी. जो बातें सामने आ रही हैं, वे केवल डिस्क्लोजर स्टेटमेंट का हिस्सा हैं. पुलिस को सहयोग करने की कही थी बात दिलचस्प बात यह है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद खुद खान सर ने कहा था कि वे पुलिस जांच में पूरा सहयोग करेंगे. उन्होंने यह भी कहा था कि यदि उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज हुआ है तो वे कानून का पालन करेंगे. लेकिन अब तक उनका सामने नहीं आना कई सवाल खड़े कर रहा है. कुछ दिन पहले पुलिस की तारीफ कर रहे थे खान सर 3 जून को खान सर ने पटना पुलिस और बिहार प्रशासन की कार्रवाई की खुलकर सराहना की थी. उन्होंने कहा था कि कोचिंग सेंटर पर हमले के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और आरोपियों को गिरफ्तार किया. हालांकि बाद में उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस आने में देर की इसलिए गार्ड ने फायरिंग की. 2 जून को क्या हुआ था? 2 जून को मुसल्लहपुर स्थित खान कोचिंग सेंटर में जमकर हंगामा हुआ था. पथराव, मारपीट और फायरिंग के आरोप लगे थे. इस मामले में कदमकुआं थाना पुलिस ने दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं. पहली एफआईआर में ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. वहीं दूसरी एफआईआर सोशल मीडिया पर वायरल फायरिंग वीडियो के बाद दर्ज की गई थी. गार्ड गिरफ्तार, हथियार भी जब्त फायरिंग मामले में खान सर के दो निजी सुरक्षा गार्ड गिरफ्तार किए जा चुके हैं. दोनों को जेल भेज दिया गया है. पुलिस ने उनके पास मौजूद दोनों राइफल भी जब्त कर ली हैं. खान सर पर क्या है आरोप? पुलिस के अनुसार दोनों गार्डों ने खान सर के कहने पर फायरिंग की थी. इसी आरोप के आधार पर खान सर को भी मामले में नामजद किया गया है. अब सबकी नजर सोमवार पर टिकी है. देखना होगा कि खान सर अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल करते हैं या फिर इस मामले में कोई नया मोड़ सामने आता है. Also Read: ‘खान सर सरेंडर नहीं करेंगे…’, वकील ने बताया आगे का पूरा प्लान, गिरफ्तार हुए तो नहीं मिलेगी जमानत The post खान सर कहां हैं? पुलिस की तारीफ की, जांच में सहयोग का वादा भी किया, फिर FIR के बाद से कहां गायब हैं फैसल खान appeared first on Naya Vichar.

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रसोई का बजट बिगड़ा! 29 रुपये महंगा हुआ घरेलू LPG सिलेंडर, फटाफट चेक करें अपने शहर का नया रेट 

LPG Price Hike: आम जनता की जेब पर एक बार फिर महंगाई की मार पड़ी है. आज यानी 7 जून से घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है. पिछले तीन महीनों में यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है. इससे पहले 7 मार्च को भी सिलेंडर के दाम 60 रुपये बढ़ाए गए थे. इस नए बदलाव के बाद देश के अलग-अलग राज्यों और प्रमुख शहरों में गैस सिलेंडर की कीमतें बदल गई हैं. आइए जानतें हैं की बदलाव के बाद आपके शहर में क्या नया रेट है.  अब आपके शहर में कितना है दाम? स्थानीय टैक्स और ट्रांसपोर्टेशन खर्च अलग होने के कारण हर राज्य और शहर में एलपीजी के दाम अलग-अलग होते हैं. ताजा बढ़ोतरी के बाद 14.2 किलो के भरे हुए घरेलू सिलेंडर के पुराने और नए रेट इस प्रकार हैं: एलपीजी सिलेंडर की नई और पुरानी दरें: राज्य  पुराना रेट   नया रेट – बढ़ने के बाद   बिहार  1002.5 1031.5 झारखंड 970.5 999.5 उत्तर प्रदेश 950.5 979.5 पश्चिम बंगाल 939.0 968.0 कर्नाटक 915.5 944.5 दिल्ली 913.0 942.0 मुंबई 912.5 941.5 अचानक क्यों बढ़े सिलेंडर के दाम? दाम बढ़ने की मुख्य वजह मिडिल ईस्ट में चल रहा तनाव और संघर्ष है. इस वजह से ग्लोबल लेवल पर एनर्जी और फ्यूल की सप्लाई प्रभावित हुई है और इंटरनेशनल मार्केट में कीमतें बढ़ गई हैं. पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के मुताबिक, इस बढ़ोतरी के बाद भी प्रशासनी तेल कंपनियों को हर घरेलू सिलेंडर पर करीब 700 रुपये का नुकसान (अंडर-रिकवरी) उठाना पड़ रहा है, क्योंकि प्रशासन अंतरराष्ट्रीय कीमतों का पूरा बोझ कंज्यूमर्स पर नहीं डाल रही है.  क्या दूसरे फ्यूल भी महंगे हुए हैं? हां, सिर्फ रसोई गैस ही नहीं, बल्कि दूसरे फ्यूल की कीमतें भी बढ़ी हैं. मई के बीच से अब तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल 7.50 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है. वहीं, सीएनजी (CNG) के दाम भी लगभग 6 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ गए हैं. इसके बावजूद तेल कंपनियों को पेट्रोल पर 11 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 33.6 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है.  क्या देश में गैस की किल्लत होगी? मंत्रालय ने साफ किया है कि देश में कच्चे तेल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित और स्थिर है. हमारे रिफाइनरी प्लांट पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं और देश के पास पेट्रोल, डीजल व एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. इसके अलावा, घरेलू लेवल पर एलपीजी का प्रोडक्शन बढ़ाया गया है और डिलीवरी वेरिफिकेशन के लिए डिजिटल तकनीकों (जैसे DAC कोड) का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि कालाबाजारी रुक सके.  ये भी पढ‍़ें: महंगी हुई रसोई गैस: घरेलू LPG सिलेंडर 29 रुपये महंगा, दिल्ली में कीमत 942 रुपये The post रसोई का बजट बिगड़ा! 29 रुपये महंगा हुआ घरेलू LPG सिलेंडर, फटाफट चेक करें अपने शहर का नया रेट  appeared first on Naya Vichar.

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Salim Kumar Death: कौन थे सलीम कुमार? 56 की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए नेशनल अवॉर्ड विनर

Salim Kumar Death: मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के एक्टर, निर्देशक और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता सलीम कुमार का 6 जून की रात निधन हो गया. वह 56 साल के थे. उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें कोच्चि के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया. शनिवार रात उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उनका निधन हो गया. आइए आपको उनके बारे में बताते हैं. लंबे समय से बीमारियों से जूझ रहे थे सलीम कुमार द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार सलीम कुमार पिछले कई वर्षों से कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे थे. उन्हें लिवर सिरोसिस, किडनी से जुड़ी परेशानियां और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) जैसी बीमारियां थीं. कुछ साल पहले लिवर सिरोसिस की वजह से उनका लिवर ट्रांसप्लांट भी हुआ था. शनिवार को उनकी हालत अचानक ज्यादा खराब हो गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन रात में आए कार्डियक अरेस्ट से उनका निधन हो गया. ममूटी का भावुक संदेश सलीम कुमार के निधन की समाचार सुनकर सुपरस्टार ममूटी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “जो इंसान खुद हंसता था, दूसरों को हंसाता था, सोचता था, लोगों को सोचने पर मजबूर करता था, कभी खुद रोता था और दूसरों को भी भावुक कर देता था… आज वह हमें सिर्फ रुलाकर चला गया है. भाई, तुम्हारा जाना एक ऐसा दुख है जो कभी खत्म नहीं होगा.” ചിരിക്കുകയും ചിരിപ്പിക്കുകയും ചിന്തിക്കുകയും ചിന്തിപ്പിക്കുകയും ഇടയ്ക്ക് കരയുകയും കരയിപ്പിക്കുകയും ചെയ്ത സലീം നി ഇപ്പോൾ കരയിപ്പിക്കുക മാത്രമാണ്……….. തീരാത്ത സങ്കടം ആയി സഹോദരാ നിന്റെ വിയോഗം… pic.twitter.com/954P7IBhcw — Mammootty (@mammukka) June 6, 2026 वी. डी. सतीशन ने दी सलीम कुमार को श्रद्धांजलि वहीं, विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन ने सलीम कुमार को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, “मेरे लिए सलिम कुमार सिर्फ हंसी के बादशाह नहीं थे, बल्कि एक बेहद करीबी और संवेदनशील इंसान थे. वह अपने नेतृत्वक विचारों को खुलकर रखने वाले और कांग्रेस से जुड़े होने पर गर्व करने वाले व्यक्ति थे. वह ऐसे बहुमुखी कलाकार थे जो एक ही चेहरे से लोगों को हंसा भी सकते थे और रुला भी सकते थे. मलयालम सिनेमा ने एक महान कलाकार खो दिया है और मैंने अपना एक भाई खो दिया है.” He wasn’t just the prince of laughter to me — #SalimKumar was a deeply connected soul, fearless in his political beliefs and proud to say he stood with Congress. A versatile genius who could make us laugh and cry with the same face. Malayalam cinema lost a legend, and I lost a… pic.twitter.com/H0tx6RulC6 — V D Satheesan (@vdsatheesan) June 6, 2026 कौन थे सलीम कुमार? सलीम कुमार ने अपने करियर की शुरुआत थिएटर और मिमिक्री मंचों से की थी. साल 1997 में फिल्म ‘इष्टमानु नूरु वट्टम’ से उन्होंने फिल्मों में कदम रखा. उन्होंने ‘सत्यमेव जयते’, ‘थेंकासीपट्टणम’, ‘वन मैन शो’, ‘ई परक्कुम थालिका’, ‘मीसा माधवन’, ‘मझाथुल्लिक्किलुक्कम’, ‘कुंजिक्कूनन’, ‘कल्याणरामन’, ‘सी.आई.डी. मूसा’, ‘थिलक्कम’, ‘किलिचुंदन माम्पझम’, ‘पट्टालम’, ‘चथिक्काथा चंदु’, ‘मायावी’, ‘पेरुमझक्कालम’, ‘अचनुरंगाथा वीडु’ और ‘आदमिन्टे मकन अबू’ जैसी फिल्मों में काम किया.साल 2010 में फिल्म ‘आदमिन्टे मकन अबू’ के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था. उन्होंने ‘करुथा जूथन’ और ‘दैवमे कैथोझम के. कुमार अकानम’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया था. यह भी पढ़ें- कहां है TMC की टॉलीवुड ब्रिगेड? बंगाल चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी से दूर हुए फिल्मी सितारे The post Salim Kumar Death: कौन थे सलीम कुमार? 56 की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए नेशनल अवॉर्ड विनर appeared first on Naya Vichar.

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सिंगापुर ने कतरे चीनी प्रपंच के पर, भारतीयों के खिलाफ सोशल मीडिया पर फैला रहे थे नफरत

Singapore blocks Anti Indian Content: सिंगापुर ने हिंदुस्तानीय समुदाय के खिलाफ भड़काऊ कंटेंट फैलाने के खिलाफ सोशल मीडिया पर शेयर किए गए पोस्ट्स और वीडियोज पर सख्त कार्रवाई की है. सिंगापुर प्रशासन का कहना है कि यह सामग्री देश की मल्टीकल्चरल आईडेंटिटी और अलग-अलग समुदायों के बीच बने संतुलन को नुकसान पहुंचाने के मकसद से फैलाई जा रही थी. प्रशासनी सूत्रों के अनुसार, यह विवादित सामग्री पहले एक चीन-बेस्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सामने आई थी. बाद में इसे अन्य सोशल मीडिया नेटवर्क और वेबसाइटों के जरिए बड़े स्तर पर शेयर किया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए सिंगापुर के गृह मंत्रालय और पुलिस ने ऑनलाइन क्रिमिनल हार्म्स एक्ट (ओसीएचए, 2003) के तहत यूट्यूब, फेसबुक और एक्स को निर्देश जारी किए. इसके तहत तीनों प्लेटफॉर्म को 14 चिन्हित पोस्ट और वीडियो तक सिंगापुर के लोगों की पहुंच रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा गया. हिंदुस्तानीय समुदाय को लेकर गढ़ी गई भ्रामक तस्वीर जांच में सामने आया कि मई से चीनी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कुछ वीडियो और पोस्ट तेजी से फैलाए जा रहे थे. इन सामग्रियों में लिटिल इंडिया इलाके की भीड़भाड़ वाली तस्वीरों और स्थानीय हिंदू धार्मिक आयोजनों के वीडियो का टारगेटेड तरीके से इस्तेमाल किया गया. इन पोस्टों के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि सिंगापुर की जनसंख्या संरचना तेजी से बदल रही है और हिंदुस्तानीय समुदाय देश पर हावी होता जा रहा है. साथ ही यह दावा भी किया गया कि सिंगापुर की मल्टी एथनिक (बहुजातीय) नीति केवल दिखावे तक सीमित है. इतना ही नहीं, सामग्री में यह आरोप भी लगाया गया कि प्रशासनी संस्थानों और नेतृत्व में हिंदुस्तानीय मूल के लोगों का प्रतिनिधित्व जरूरत से ज्यादा है. कुछ पोस्टों में यह भी कहा गया कि सिंगापुर को अपनी चीनी सांस्कृतिक पहचान से जुड़े रहना चाहिए और उसे बीजिंग से दूरी नहीं बनानी चाहिए. मलय समुदाय को भी चर्चा में घसीटने की कोशिश इस अभियान का दायरा केवल हिंदुस्तानीय समुदाय तक सीमित नहीं था. कुछ सामग्री में स्थानीय मलय समुदाय को भी जोड़ा गया और विभिन्न अल्पसंख्यक समूहों से जुड़े मुद्दों को एक साथ पेश करने की कोशिश की गई. सिंगापुर की आबादी 60 लाख से अधिक है. इनमें करीब 75 प्रतिशत लोग चीनी मूल के हैं, लगभग 15 प्रतिशत मलय समुदाय से आते हैं, जबकि 7 से 9 प्रतिशत आबादी हिंदुस्तानीय मूल की है. बाकी लोग अन्य देशों और समुदायों से जुड़े हैं. ये भी पढ़ें:- ट्रंप-नेतन्याहू में तनातनी हुई, तो US को लगा इजरायल से जासूसी का खतरा! अमेरिकी अधिकारी अपना रहे ऐसे जुगाड़ ये भी पढ़ें:- पुतिन बोले- हिंदुस्तान पर प्रतिबंध की धमकी उलटा असर करेगी; पीएम मोदी पर US के बैन का दिया हवाला कानून के तहत हो सकती है तीन साल तक की सजा गृह मंत्रालय का कहना है कि संबंधित पोस्ट सिंगापुर दंड संहिता की धारा 298ए का उल्लंघन कर सकते हैं. यह धारा विभिन्न नस्लीय समूहों के बीच दुश्मनी, नफरत या दुर्भावना फैलाने अथवा सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने वाले कृत्यों से जुड़ी है. इस अपराध में दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है. प्रशासन ने दी चेतावनी, लोगों से भी की अपील गृह मंत्रालय ने कहा कि सिंगापुर नस्लवाद, विदेशी विरोधी मानसिकता और समुदायों के बीच विभाजन पैदा करने वाले किसी भी प्रयास का कड़ा विरोध करता है. मंत्रालय के मुताबिक किसी भी समुदाय को दूसरे के खिलाफ खड़ा करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी और विदेश से आने वाले ऐसे प्रयास और भी अधिक गंभीर माने जाएंगे. मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली सामग्री के सोर्स और उसके मकसद को समझने की कोशिश करें. ऐसा कंटेंट आगे साझा न करें जो समाज में तनाव या विभाजन पैदा कर सकता हो. The post सिंगापुर ने कतरे चीनी प्रपंच के पर, हिंदुस्तानीयों के खिलाफ सोशल मीडिया पर फैला रहे थे नफरत appeared first on Naya Vichar.

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क्या सच में NEET री-एग्जाम का पेपर लीक हो गया है? NTA ने दी सफाई

NEET Re Exam 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2026 परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर फैल रही अफवाहों पर बड़ा बयान जारी किया है. NTA के अनुसार कुछ चैनलों और ग्रुप्स में यह दावा किया जा रहा है कि नीट री-एग्जाम के क्वेश्चन पेपर लीक हो गए हैं या उन्हें पहले से उपलब्ध कराया जा रहा है या बेचा जा रहा है. हालांकि, एजेंसी ने इन सभी दावों को पूरी तरह फेक, झूठा और भटकाने वाला बताया है. NTA ने अपने X पर जारी किया बयान NTA ने अपने X पर एक बयान जारी कर कहा कि इस तरह की समाचारें कुछ ग्रुप्स के द्वारा फैलाई जा रही हैं, जो कैंडिडेट्स और उनके माता-पिता को गुमराह करके पैसे ऐंठना चाहते हैं. NTA ने छात्रों को ऐसे किसी भी मैसेज या ऑफर से सावधान रहने को कहा है. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के संज्ञान में आया है कि सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफ़ॉर्म पर कुछ संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं, जिनमें NEET (UG) 2026 पुनः परीक्षा के प्रश्नपत्र के “लीक”, पूर्व-पहुँच अथवा “बिक्री” का दावा किया जा रहा है। ये सभी दावे पूर्णतः झूठे, फ़र्ज़ी और… — National Testing Agency (@NTA_Exams) June 6, 2026 NTA के 5 बड़े पॉइंट्स में रखी अपनी बात परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित है और सभी कैंडिडेट्स के लिए निष्पक्ष और सिक्योर एग्जाम सुनिश्चित करने के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय लागू हैं. 2. NTA ऐसे फर्जी चैनल्स और अकाउंट्स को ट्रैक कर रही है और उन्हें प्लेटफॉर्म्स तथा साइबर क्राइम अथॉरिटी को हटाने और कार्रवाई के लिए रिपोर्ट कर रही है. 3. एजेंसी साइबर क्राइम और लॉ एनफोर्समेंट अथॉरिटी के साथ मिलकर फॉर्मल शिकायत दर्ज कर रही है. फर्जी पेपर बनाना, फैलाना या बेचने की कोशिश करना एक गंभीर अपराध है और इसमें कड़ी कार्रवाई होगी. 4. कैंडिडेट्स और पेरेंट्स को साफ सलाह दी गई है कि वे ऐसे किसी भी मैसेज पर भरोसा न करें, न पैसे दें और न ही उसे फॉरवर्ड करें. 5. NTA ने कहा है कि कैंडिडेट्स अफवाहों से दूर रहें और सिर्फ ऑफिशियल वेबसाइट और वेरिफाइड चैनल्स पर ही भरोसा करें. NEET UG 2026 को लेकर कोई भी सही जानकारी सिर्फ वहीं से जारी होगी. कब हुई थी नीट यूजी परीक्षा? नीट यूजी की पहली परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित की गई थी. लेकिन पेपर लीक और गड़बड़ी के कारण इसे 12 मई को रद्द कर दिया गया था. NTA ने बाद में नोटिस जारी कर 22 जून को री-एग्जाम आयोजित करने की सूचना दी थी. कैंडिडेट्स अब इसकी तैयारी में जुट हुए हैं और 22 जून का इंतजार कर रहे हैं. ऐसे समय में पेपर लीक या बीक जाने की समाचारों का आना स्टूडेंट्स के मन में गहरी चिंता पैदा करती है. यह भी पढ़ें- MBBS छात्रों को बड़ी राहत, डिग्री पूरा करने के लिए अब मिल सकते हैं 10 साल  The post क्या सच में NEET री-एग्जाम का पेपर लीक हो गया है? NTA ने दी सफाई appeared first on Naya Vichar.

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शाहरुख खान की इस फिल्म को इम्तियाज अली ने बताया ‘बदकिस्मत बच्चा’, सालों बाद खोली नाकामी की वजह

Imtiaz Ali: मशहूर फिल्म डायरेक्टर इम्तियाज अली इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ को लेकर काफी चर्चा में हैं. इस बीच उन्होंने शाहरुख खान और अनुष्का शर्मा की पुरानी फिल्म ‘जब हैरी मेट सेजल’ के फ्लॉप होने पर खुलकर चर्चा की. रिलीज से पहले इस फिल्म का बहुत क्रेज था, लेकिन थिएटर्स में आने के बाद दर्शकों को यह पसंद नहीं आई. इम्तियाज अली ने हाल ही में बताया है कि इस फिल्म में उनकी समझ और हुनर का सही इस्तेमाल नहीं हो पाया था. खुद अपनी ही फिल्म को दी 10 में से सिर्फ 3 रेटिंग अनफिल्टर्ड बाय समदीश के साथ बातचीत में जब इम्तियाज अली से पूछा गया कि वह इस फिल्म को 10 में से कितने नंबर देंगे, तो उन्होंने बिना झिझक इसे सिर्फ 3 रेटिंग दी. उन्होंने अपनी बात को समझाते हुए कहा कि “मुझे लगता है कि यह एक गंवाया हुआ मौका था, क्योंकि कहानी में बहुत क्षमता थी. मुझे इसे अलग तरह से हैंडल करना चाहिए था”. हैरी के किरदार को लेकर क्या था इम्तियाज का आइडिया? इम्तियाज ने फिल्म में शाहरुख खान के निभाए ‘हैरी’ के किरदार के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि उन्होंने पंजाब के एक छोटे से गांव के ऐसे सीधे-साधे लड़के के बारे में सोचा था, जो बहुत मासूमियत के साथ विदेश जाता है. लेकिन वहां जिंदगी की मुश्किलों और ठोकरों की वजह से वह धीरे-धीरे अंदर से कठोर हो जाता है. हैरी के दिल में एक गहरा दुख था और उसने अपने आप को ऐसा बना लिया था ताकि उसे दोबारा किसी से लगाव या प्यार न हो. अपनी फिल्म को बताया एक बदकिस्मत बच्चा इससे पहले इम्तियाज अली ने रणवीर इलाहाबादिया के साथ हुए इंटरव्यू में बताया था कि किसी ने उनसे कहा था कि फिल्म भले ही न चली हो, लेकिन यह है तो आपकी ही फिल्म है. यह बात सुनकर उनके दिल को बहुत ठेस पहुंची थी. इम्तियाज अली ने इस फिल्म को एक बदकिस्मत बच्चा भी कहा, जो चाहकर भी कामयाब नहीं हो सका. इस दिन रिलीज होगी ‘मैं वापस आऊंगा’ इम्तियाज अली की अगली फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ 12 जून 2026 को देश भर के सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है. इस फिल्म में एआर रहमान का संगीत है और गाने इरशाद कामिल ने लिखे हैं, जिसका जादू ट्रेलर में भी साफ सुनाई दे रहा है. इस फिल्म में दिलजीत दोसांझ, नसीरुद्दीन शाह, वेदांग रैना और शरवरी वाघ जैसे कलाकार मुख्य रोल में नजर आने वाले हैं. यह भी पढ़ें: नाना पाटेकर ने शूटिंग के दौरान इस एक्ट्रेस को जड़ दिया था जबरदस्त थप्पड़, सालों बाद सामने आया अनसुना किस्सा The post शाहरुख खान की इस फिल्म को इम्तियाज अली ने बताया ‘बदकिस्मत बच्चा’, सालों बाद खोली नाकामी की वजह appeared first on Naya Vichar.

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