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June 22, 2026

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‘सरेंडर के बाद गोली मारने’ के आरोप पर मानवाधिकार आयोग सख्त, भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार सरकार से मांगा जवाब

Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर जिले के आरा में भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ में मौत के मामले में बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने सख्त रुख अपनाया है. आयोग ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए बिहार के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और भोजपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) से चार सप्ताह के भीतर तथ्यात्मक जांच रिपोर्ट मांगी है. आयोग में दायर शिकायत में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई. अवकाश प्राप्त न्यायाधीश से जांच कराने की मांग शिकायत में इस पूरी घटना को मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन बताया गया है. शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए इसकी जांच किसी अवकाश प्राप्त न्यायाधीश की निगरानी में कराने की पुरजोर मांग की है. इसके साथ ही पीड़ित पक्ष की ओर से मुठभेड़ में सीधे तौर पर शामिल रहे पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई करने तथा प्रभावित पीड़ित परिवार को उचित वित्तीय मुआवजा देने की भी मांग प्रमुखता से उठाई गई है. आयोग ने आरोपों को माना संज्ञान लेने योग्य आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपने आदेश में कहा है कि शिकायत में लगाए गए आरोप पूरी तरह से संज्ञान लेने योग्य हैं. इसलिए मुख्य सचिव, डीजीपी और भोजपुर एसपी से चार सप्ताह के भीतर फैक्ट फाइंडिंग जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है. आयोग इस बात की गहनता से पड़ताल करना चाहता है कि मुठभेड़ के दौरान प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन किया गया था या नहीं. इस आदेश के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है. 13 जुलाई को होगी मामले की अगली सुनवाई मानवाधिकार आयोग के इस बड़े कदम के बाद भोजपुर में हुए इस कथित एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच और पुलिस की भूमिका को लेकर कानूनी व नेतृत्वक बहस तेज होने की संभावना है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई 2026 को होगी, जिसमें सभी संबंधित अधिकारियों को अपनी रिपोर्ट के साथ मौजूद रहना होगा. तय समय सीमा के भीतर रिपोर्ट न सौंपने की स्थिति में आयोग द्वारा आगे की सख्त कार्रवाई की जा सकती है. Also Read: भरत तिवारी एनकाउंटर पर जीतन राम मांझी का बड़ा बयान, बोले- पुलिस ने कोई बर्बरता नहीं की The post ‘सरेंडर के बाद गोली मारने’ के आरोप पर मानवाधिकार आयोग सख्त, भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार प्रशासन से मांगा जवाब appeared first on Naya Vichar.

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भारत सीरीज से पहले आयरलैंड ने बदला कप्तान, स्टार विकेटकीपर को सौंपी टी20 टीम की कमान

Ireland Team Announced: हिंदुस्तान के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज से पहले आयरलैंड क्रिकेट टीम ने बड़ा फैसला लिया है. अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज लोर्कन टकर को आयरलैंड की टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम का नया कप्तान नियुक्त किया गया है. वह पॉल स्टर्लिंग की जगह लेंगे, जिन्होंने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बाद कप्तानी छोड़ने का फैसला किया था. 29 वर्षीय टकर आयरलैंड के लिए लंबे समय से स्पोर्ट्स रहे हैं और टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में गिने जाते हैं. उन्होंने अब तक आयरलैंड के लिए 91 टी20, 58 वनडे और 10 टेस्ट मैच स्पोर्ट्से हैं. इसके अलावा वह घरेलू क्रिकेट में लेइनस्टर लाइटनिंग टीम की कप्तानी भी कर चुके हैं. कप्तानी मिलना मेरे लिए गर्व की बात: टकर नए कप्तान बनाए जाने के बाद लोर्कन टकर ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में कभी नहीं सोचा था कि एक दिन उन्हें आयरलैंड की कप्तानी करने का मौका मिलेगा. टकर ने कहा, “यह मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है. आयरलैंड की कप्तानी करना गर्व की बात है. मैं उन सभी कप्तानों की प्रशंसा करता हूं जिन्होंने मुझसे पहले टीम का नेतृत्व किया और अब उनका हिस्सा बनना मेरे लिए खास है.” चोटों से जूझ रही है आयरलैंड टीम हिंदुस्तान सीरीज के लिए आयरलैंड की टीम कई अहम खिलाड़ियों के बिना मैदान पर उतरेगी. आयरलैंड के 6 खिलाड़ी पॉल स्टर्लिंग (पिंडली की चोट), जोश लिटिल (स्ट्रेस फ्रैक्चर), मार्क अडेयर (मांसपेशियों में चोट), कर्टिस कैम्फर (हाथ में फ्रैक्चर), बैरी मैकार्थी (ACL चोट), जॉर्डन नील (कंधे और पैर में चोट) चोट के कारण इस सीरीज का हिस्सा नहीं हैं. इन खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में मैथ्यू हॉलार्ड, जय मूंद्रा और रूबेन विल्सन को पहली बार आयरलैंड की टी20 टीम में शामिल किया गया है. हिंदुस्तान के खिलाफ आयरलैंड की टी20 टीम लोर्कन टकर (कप्तान), रॉस अडेयर, बेन कैलिट्ज, गैरेथ डेलानी, जॉर्ज डॉकरेल, स्टीफन डोहेनी, मैथ्यू हम्फ्रीज, गैविन होए, मैथ्यू हॉलार्ड, लियाम मैकार्थी, जय मूंद्रा, हैरी टेक्टर, टिम टेक्टर और रूबेन विल्सन. यह भी पढ़ें: ऋषभ पंत ने नहीं छोड़ी थी कप्तानी! LSG ने किया था बाहर, रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा The post हिंदुस्तान सीरीज से पहले आयरलैंड ने बदला कप्तान, स्टार विकेटकीपर को सौंपी टी20 टीम की कमान appeared first on Naya Vichar.

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भरत तिवारी एनकाउंटर पर जीतन राम मांझी का बड़ा बयान, बोले- पुलिस ने कोई बर्बरता नहीं की

संजीव कुमार सिन्हा की रिपोर्टBharat Tiwari Encounter : गया जी में आयोजित दिशा समिति की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि पुलिस को एकतरफा दोषी ठहराना उचित नहीं है. मांझी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति हथियार लेकर पुलिस के सामने खड़ा हो जाए, तो पुलिस के पास कार्रवाई करने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं बचता. साथ ही उन्होंने मामले की न्यायिक जांच रिपोर्ट आने तक किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचने की अपील की. सोमवार को गया जिला परिषद सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी सहित जिले के विधायक, एमएलसी और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए. बैठक के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने जिले में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा और अन्य समसामयिक मुद्दों पर अपनी बात रखी. भरत तिवारी एनकाउंटर पर बोले मांझी – “पुलिस को दोषी ठहराना उचित नहीं” मीडिया द्वारा हाल ही में हुए चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर पूछे गए सवाल पर जीतन राम मांझी ने कहा कि हर घटना को एकतरफा नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने अपने लंबे नेतृत्वक जीवन के दौरान हुए चर्चित अरवल नरसंहार का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी पुलिस कार्रवाई को लेकर काफी विवाद हुआ था, लेकिन जांच के बाद कई अलग तथ्य सामने आए थे. “कार्रवाई करने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं बचता” – मांझी मांझी ने दो टूक कहा कि यदि कोई व्यक्ति हथियार लेकर पुलिस के सामने खड़ा हो जाए, तो पुलिस के पास कार्रवाई करने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं बचता. उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस पर लगातार सवाल उठाने से कानून-व्यवस्था कमजोर होती है और इससे पुलिसकर्मियों का मनोबल भी प्रभावित होता है. न्यायिक जांच रिपोर्ट का करें इंतजार, पुलिस ने नहीं की बर्बरता केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने आगे कहा कि बिहार प्रशासन ने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं, इसलिए जांच रिपोर्ट आने तक किसी भी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी और यह उचित नहीं होगा. हालांकि, उन्होंने अपना व्यक्तिगत पक्ष रखते हुए साफ तौर पर कहा, “मेरे अनुसार पुलिस ने इस मामले में कोई बर्बरता नहीं की है.” नीतीश कुमार के बेटे निशांत के नेतृत्व में आने पर कही बड़ी बात पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार के संभावित नेतृत्वक भविष्य पर पूछे गए सवाल के जवाब में जीतन राम मांझी ने एक प्रसिद्ध देहाती कहावत का जिक्र करते हुए कहा, “बांस की कोठी में बांस ही फूटता है.” उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार करीब दो दशक से बिहार की नेतृत्व के केंद्र में हैं और निशांत कुमार उन्हीं के संस्कारों में पले-बढ़े हैं. ऐसे में निशांत कुमार की नेतृत्वक समझ और उनकी परिपक्वता पर किसी को संदेह नहीं किया जाना चाहिए. मांझी ने कहा कि यदि निशांत कुमार नेतृत्व में सक्रिय होते हैं, तो भविष्य में वे स्वयं को जरूर साबित कर सकते हैं. उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा, “आज नहीं तो कल वह यह साबित कर देंगे कि वह अपने पिता के योग्य पुत्र हैं.” Also Read: गया जी के विपिन SDO से बने DPO, किसान के बेटे ने BPSC 70वीं में लहराया परचम, जानिए सक्सेस स्टोरी The post भरत तिवारी एनकाउंटर पर जीतन राम मांझी का बड़ा बयान, बोले- पुलिस ने कोई बर्बरता नहीं की appeared first on Naya Vichar.

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प्रभात इंपैक्ट: सिरोसिस से पीड़ित जगरनाथ से मिले गुमला डीसी, राशन और आयुष्मान कार्ड शीघ्र बनाने का निर्देश

दुर्जय पासवानGumla: नया विचार में छपी समाचार का असर हुआ है. उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने सोमवार को सदर अस्पताल गुमला पहुंचकर इलाजरत मरीज जगरनाथ तिर्की (उम्र 30 वर्ष) ग्राम काटाशारू, खटगांव और उनकी पत्नी रोहिणी कुजूर से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना. इस दौरान उन्होंने मरीज के स्वास्थ्य संबंधी स्थिति की जानकारी प्राप्त की और संबंधित अधिकारियों एवं चिकित्सकों को समुचित उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिये. जानकारी के अनुसार जगरनाथ तिर्की 8 जून 2026 से सदर अस्पताल, गुमला के वार्ड-125 के बेड संख्या-35 पर भर्ती हैं. वे गंभीर बीमारी लिवर सिरोसिस से ग्रसित हैं. जिसके कारण उनके लिवर की कार्यप्रणाली प्रभावित हुई है. चिकित्सकों की देखरेख में उनका उपचार जारी है और आवश्यकता के अनुसार विशेषज्ञ चिकित्सकों से भी समन्वय स्थापित किया जा रहा है. सभी प्रशासनी योजनाओं से जोड़ने का निर्देश मरीज एवं उनके परिजनों से बातचीत के दौरान यह जानकारी प्राप्त हुई कि लंबे समय तक राज्य के बाहर काम करने और आवश्यक जानकारी के अभाव में उनका राशन कार्ड एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज नहीं बन पाया था. इसके कारण वे राशन कार्ड एवं आयुष्मान हिंदुस्तान योजना जैसी महत्वपूर्ण प्रशासनी योजनाओं के लाभ से वंचित थे. नया विचार में समाचार छपने के बाद उपायुक्त ने त्वरित संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को मरीज का राशन कार्ड प्राथमिकता के आधार पर बनाने और उसके उपरांत दो दिनों के भीतर आयुष्मान कार्ड निर्गत कराने के निर्देश दिये. जिससे उन्हें प्रशासनी स्वास्थ्य एवं खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ शीघ्र उपलब्ध कराई जा सके. डॉक्टरों को भी डीसी ने दिया निर्देश डीसी ने मरीज को उपलब्ध सभी पात्रता आधारित प्रशासनी योजनाओं से जोड़ने का भी निर्देश दिया. उपायुक्त ने अस्पताल प्रबंधन को मरीज के उपचार में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने देने का निर्देश देते हुए कहा कि मरीज के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जाए और आवश्यकता पड़ने पर उच्च चिकित्सा संस्थानों से भी समन्वय स्थापित किया जाये. उन्होंने परिवार की तत्काल आवश्यकताओं को देखते हुए राशन एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिये. साथ ही आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में भी आवश्यक पहल करने की बात कही. परिजनों ने डीसी का जताया आभार उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन जरूरतमंद एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों की सहायता के लिए प्रतिबद्ध है और पात्र लाभुकों को प्रशासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने हेतु लगातार प्रयासरत है. उपायुक्त के अस्पताल पहुंचकर मरीज एवं परिजनों से मुलाकात करने और त्वरित सहायता सुनिश्चित किये जाने पर परिजनों ने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है. ये भी पढ़ें… गुमला के 18 बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया पूरी, उपायुक्त की समीक्षा बैठक में कई अहम फैसले Gumla: काम नहीं करने वाले थानेदारों को फाइनल वॉर्निंग, एसपी ने समीक्षा बैठक में दिखायी सख्ती The post प्रभात इंपैक्ट: सिरोसिस से पीड़ित जगरनाथ से मिले गुमला डीसी, राशन और आयुष्मान कार्ड शीघ्र बनाने का निर्देश appeared first on Naya Vichar.

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कतर के गैस टर्मिनल में भीषण विस्फोट, 13 लोगों की मौत

Qatar Gas Terminal Explosion: कतर के एक प्रमुख गैस निर्यात केंद्र में सोमवार (22 जून) को हुए भीषण धमाके में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई. इस घटना की पुष्टि कतर के ऊर्जा मंत्री साद शेरिदा अल-काबी ने सोमवार को की. कतर की राजधानी दोहा में मीडिया से बात करते हुए ऊर्जा मंत्री साद शेरिदा अल-काबी ने बताया कि रास लाफान औद्योगिक क्षेत्र स्थित गैस निर्यात टर्मिनल में हुए विस्फोट में 13 लोगों की जान गई है. उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच के अनुसार यह घटना एक औद्योगिक दुर्घटना की तरह लग रही है. रास लाफान औद्योगिक क्षेत्र में हुआ हादसा धमाका कतर के रास लाफान औद्योगिक क्षेत्र में हुआ है. यह देश के ऊर्जा क्षेत्र का प्रमुख केंद्र माना जाता है. यह इलाका प्राकृतिक गैस के उत्पादन, प्रसंस्करण (Processing) और निर्यात के लिए काफी अहम है. हादसे के बाद संयंत्र में आग लग गई. रिपोर्टों के अनुसार ईरान के होर्मुज स्ट्रेट पर प्रभाव के कारण कतर कुछ समय से अपने ग्राहकों को गैस की खेप नहीं भेज पा रहा था. इस वजह से देश ने अस्थायी रूप से गैस उत्पादन भी रोक दिया था. निर्यात फिर शुरू करने की तैयारी के दौरान हुआ विस्फोट क्षेत्रीय तनाव कम होने और निर्यात दोबारा शुरू करने की तैयारी के बीच प्रशासनी कंपनी कतरएनर्जी ने अपने निर्यात टर्मिनल को फिर से चालू करने का काम शुरू किया था. कंपनी के अनुसार इसी दौरान बरजान गैस आपूर्ति प्लांट में विस्फोट हो गया, और भीषण आग लग गई. Also Read: ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने दिया इस्तीफा, नए प्रधानमंत्री के चयन तक संभालेंगे पद The post कतर के गैस टर्मिनल में भीषण विस्फोट, 13 लोगों की मौत appeared first on Naya Vichar.

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बच्चे को कब डायपर पहनाना चाहिए और कब नहीं? जानिए ज्यादातर पैरेंट्स कहां कर देते हैं गलती

Parenting Tips: आज के समय में छोटे बच्चों के माता-पिता डायपर पर काफी ज्यादा निर्भर रहने लगे हैं, क्योंकि ये उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है. जब पैरेंट्स शिशु को डायपर पहना देते हैं तो वह बिस्तर भी गीला नहीं करता है और साथ ही उसे बार-बार कपड़े बदलवाने की जरूरत भी नहीं पड़ती है. लेकिन हर एक चीज की तरह इसके भी दो पहलू हैं. अगर आप डायपर का जरूरत से ज्यादा या फिर गलत तरीके से इस्तेमाल करते हैं, तो इसकी वजह से शिशु की नाजुक स्किन को नुकसान भी हो सकता है. अगर आप भी अपने शिशु को हर समय डायपर पहनकर रखते हैं, तो आज की इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद शायद आप ऐसा करना बंद कर दें. आज हम आपको काफी आसान शब्दों में समझाने वाले हैं कि आपको अपने शिशु को कम डायपर पहनाना चाहिए और कब नहीं. तो चलिए समझते हैं इसके बारे में बेहद ही आसान शब्दों में. शिशु को कब डायपर पहनाना सही है? रात को सोते समय: शिशु को रात में डायपर पहनाना सबसे अच्छा ऑप्शन है. इससे बच्चा पूरी रात गीलेपन से दूर रहता है और उसकी नींद खराब नहीं होती. जब शिशु की नींद पूरी होगी, तो वह अगली सुबह खुशमिजाज और एक्टिव रहेगा. घर से बाहर जाते समय: अगर आप शिशु को लेकर किसी पार्टी, बाजार या डॉक्टर के पास जा रहे हैं, तो डायपर पहनाना बहुत जरूरी हो जाता है. इससे ट्रैवल करते समय कपड़े खराब होने का डर नहीं रहता और आप बिना किसी टेंशन के बाहर जा सकते हैं. सर्दियों और बरसात के मौसम में: ठंड के दिनों में छोटे शिशु बार-बार पेशाब करते हैं. ऐसे में बार-बार कपड़े बदलना और उन्हें सुखाना मुश्किल हो जाता है. इस मौसम में डायपर शिशु को ठंड और मॉइस्चर से बचाने में मदद करता है. वैक्सीनेशन या बीमारी के दौरान: जब शिशु को वैक्सीन लगती है या उसकी तबियत खराब रहती है, तो उसे ज्यादा आराम की जरूरत होती है. बार-बार कपड़े बदलने से उसकी चिड़चिड़ाहट बढ़ सकती है, इसलिए ऐसे समय में डायपर एक अच्छा सहारा है. ये भी पढ़ें: गुस्से में कहे गए ये 6 शब्द दीमक की तरह चाट सकते हैं शिशु का कॉन्फिडेंस, आपकी छोटी सी बात बिगाड़ सकती है उसका फ्यूचर शिशु को डायपर कब नहीं पहनाना चाहिए? घर के अंदर रहते समय: जब आप शिशु के साथ घर पर हों, तो कोशिश करें कि उसे कॉटन की लंगोट या पजामा पहनाएं. इससे शिशु की स्किन को खुलकर सांस लेने का मौका मिलता है. डायपर रैशेज होने पर: अगर शिशु की जांघों या प्राइवेट पार्ट के आसपास लाल दाने या रैशेज दिखें, तो तुरंत डायपर का इस्तेमाल करना बंद कर दें. इस दौरान स्किन को सूखा और हवादार रखना सबसे ज्यादा जरूरी होता है. गर्मियों के मौसम में: तेज गर्मी और उमस के दिनों में डायपर के अंदर पसीना जमा हो जाता है, जिससे बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए गर्मियों में डायपर का इस्तेमाल कम से कम करें. पॉटी ट्रेनिंग के दौरान: जब आपका बच्चा 1.5 से 2 साल का हो जाए और आप उसे टॉयलेट ट्रेनिंग दे रहे हों, तब दिन के समय डायपर न पहनाएं. इससे शिशु को गीलेपन का अहसास होगा और वह खुद टॉयलेट जाने की आदत सीखेगा. माता-पिता के लिए कुछ जरूरी बातें बच्चों को डायपर पहनाते समय कुछ सावधानियों का ख्याल रखना बहुत जरूरी है. शिशु के लिए हमेशा सही साइज का डायपर चुनें, जो न ज्यादा टाइट हो और न ज्यादा ढीला. इसके अलावा हर 4 से 5 घंटे में डायपर जरूर बदलें, चाहे वह पूरी तरह भरा हो या नहीं. डायपर बदलने के बाद उस जगह को साफ और सूखा रखें और रैश क्रीम या नारियल तेल का इस्तेमाल जरूर करें. याद रखें, डायपर आपकी सुविधा के लिए है, लेकिन शिशु के स्किन की सुरक्षा सबसे पहले है. दिन में कुछ घंटे शिशु को ‘डायपर-फ्री टाइम’ जरूर दें ताकि उनकी स्किन हेल्दी और सॉफ्ट बनी रहे. ये भी पढ़ें: क्या आप भी अपने शिशु को बनाना चाहते हैं सफल? आज रात सोने से पहले उनसे जरूर कहें ये 5 जादुई बातें The post शिशु को कब डायपर पहनाना चाहिए और कब नहीं? जानिए ज्यादातर पैरेंट्स कहां कर देते हैं गलती appeared first on Naya Vichar.

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लखनऊ के कोचिंग सेंटर में मची तबाही, आग, धुआं और चीखों के बीच ऐसे बचीं 11 जिंदगियां

Lucknow Coaching Centre Fire: लखनऊ के अलीगंज इलाके में स्थित एक कोचिंग सेंटर में सोमवार को लगी भीषण आग ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया. तीन मंजिला इमारत में अचानक आग भड़कने के बाद वहां मौजूद छात्रों के बीच अफरा-तफरी मच गई. चारों ओर धुआं भर गया, चीख-पुकार गूंजने लगी और जान बचाने के लिए छात्र इधर-उधर भागने लगे. इस दर्दनाक हादसे में 15 छात्रों की जान चली गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि बचाव दल ने 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. कुछ ही मिनटों में कोचिंग सेंटर बना मौत का जाल मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आग लगने के बाद देखते ही देखते पूरी इमारत धुएं से भर गई. कई छात्र ऊपरी मंजिलों पर फंस गए. बाहर निकलने के रास्ते सीमित होने के कारण स्थिति और भयावह हो गई. अंदर फंसे छात्र मदद के लिए पुकार रहे थे, जबकि बाहर मौजूद लोग उन्हें बचाने की कोशिश में जुटे थे. बगल की इमारत बनी उम्मीद की किरण जब बचावकर्मियों को पता चला कि कई छात्र अंदर फंसे हुए हैं, तो उन्होंने एक अनोखी रणनीति अपनाई. प्रभावित इमारत तक पहुंचने के लिए बगल की इमारत में दो बड़े छेद किए गए. इन्हीं रास्तों के जरिए राहतकर्मी अंदर पहुंचे और फंसे लोगों को बाहर निकालना शुरू किया. कड़ी मशक्कत के बाद 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. बचाव अभियान के दौरान हर मिनट महत्वपूर्ण था, क्योंकि धुआं लगातार बढ़ रहा था और अंदर फंसे लोगों की सांसें थमने का खतरा बढ़ता जा रहा था. 15 छात्रों की मौत की पुष्टि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद बताया कि इस हादसे में 15 छात्रों की मौत हो गई है. वहीं, चार घायल छात्रों को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है. उन्होंने कहा कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी. #WATCH लखनऊ के कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना पर उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा, “इस घटना में 14 बच्चों की मौत हो गई है और चार घायल बच्चों को KGMC ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। घटना की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। मुख्यमंत्री अलीगढ़ में अपने… pic.twitter.com/nI1xwsZCvN — ANI_HindiNews (@AHindinews) June 22, 2026 उच्चस्तरीय जांच के आदेश ब्रजेश पाठक ने बताया कि हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि आग कैसे लगी और इसके पीछे क्या कारण थे, इसका खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगा. साथ ही घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. NDRF समेत कई एजेंसियां बचाव अभियान में जुटीं हादसे की सूचना मिलते ही प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण और लखनऊ पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र सेंगर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमों को भी राहत और बचाव कार्य में लगाया गया. अधिकारियों ने तलाशी अभियान पूरा होने के बाद पुष्टि की कि अब इमारत में कोई भी छात्र फंसा नहीं है. मुख्यमंत्री योगी ने छोड़ा दौरा घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ का अपना निर्धारित दौरा बीच में ही छोड़ दिया और तुरंत लखनऊ लौट आए. मुख्यमंत्री पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और अधिकारियों से लगातार जानकारी ले रहे हैं. यह भी पढ़ें: लखनऊ में भयावह अग्निकांड, चीख-पुकार के बीच छात्रों समेत 15 लोगों की मौत, लपटों से बचने के लिए छत से कूदे थे युवक The post लखनऊ के कोचिंग सेंटर में मची तबाही, आग, धुआं और चीखों के बीच ऐसे बचीं 11 जिंदगियां appeared first on Naya Vichar.

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100 दिनों के बाद मारगोमुंडा के मनरेगा कर्मियों की हड़ताल खत्म, चेहरे पर मुस्कान लिए काम पर लौटे

Deoghar (मारगोमुंडा): पिछले सौ दिनों से अधिक समय तक विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे. हड़ताल समाप्त कर रोजगार सेवकों ने सोमवार को काम पर वापस आ गये हैं. मनरेगा संघ के प्रखंड अध्यक्ष सुनील मुर्मू के नेतृत्व में प्रखंड क्षेत्र में कार्यरत रोजगार सेवक प्रखंड कार्यालय पहुंचे और बीडीओ शशि संदीप सोरेन को लिखित आवेदन सौंपकर दोबारा कार्यभार संभालने की जानकारी दी. गौरतलब है कि रोजगार सेवकों की लंबी हड़ताल के कारण प्रखंड क्षेत्र में संचालित मनरेगा की अनेक कार्यों का संचालन प्रभावित हो रहा था. प्रशासन ने मानी मांगें प्रशासन की ओर से हड़ताली कर्मियों को लगातार पत्र जारी कर कार्य पर लौटने का आग्रह किया जा रहा था. प्रशासन से वार्ता के बाद सोमवार को रोजगार सेवकों ने काम पर वापसी कर ली. मौके पर रोजगार सेवक झुपर मरांडी, राम चंद्र पंडित, अमित कुमार सिंह, संतोष बेसरा, गणेश हांसदा, प्रवीण कुमार सिंह, उदय शंकर पांडेय, विजय कुमार, केवल प्रसाद आदि मौजूद थे. ये भी पढ़ें… Deoghar: बड़ी उपलब्धि, दुनिया के टॉप वैज्ञानिकों में एम्स देवघर के नौ फैकल्टी शामिल रोहिणी स्थित शहीद स्थल पर सलामत अली, अमानत अली व शेख हारून को दी श्रद्धांजलि The post 100 दिनों के बाद मारगोमुंडा के मनरेगा कर्मियों की हड़ताल खत्म, चेहरे पर मुस्कान लिए काम पर लौटे appeared first on Naya Vichar.

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ट्रांसपेरेंट डिजाइन के साथ आ सकता है Nothing Phone 4b, भारत में लॉन्च की तैयारी तेज

Nothing India जल्द ही अपना नया स्मार्टफोन Nothing Phone 4b लॉन्च कर सकती है. कंपनी अपनी पॉपुलर नेमिंग सीरीज को आगे बढ़ा रही है, क्योंकि इससे पहले Nothing Phone 4a जैसे डिवाइस भी बाजार में आ चुके हैं. अब सवाल यह है कि Nothing Phone 4b में नया क्या होगा? सबसे बड़ा बदलाव इसके डिजाइन में देखने को मिल सकता है. दरअसल, Nothing ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए फोन के नए डिजाइन की झलक दिखाई है. हालांकि, कंपनी ने अभी तक इसके स्पेसिफिकेशन्स या लॉन्च डेट का खुलासा नहीं किया है. Nothing ने हिंदुस्तान में अपने अपकमिंग स्मार्टफोन की दिखाई झलक Nothing ने अपने ऑफिसियल X (पहले Twitter) अकाउंट पर एक नया टीजर शेयर किया है. टीजर में एक स्मार्टफोन का स्केच दिखाई देता है और वीडियो के आखिर में ‘4b’ पेंसिल नजर आती है. इससे संकेत मिल रहा है कि Carl Pei की अगुवाई वाली कंपनी जल्द ही हिंदुस्तान में कथित Nothing Phone 4b लॉन्च कर सकती है. (b)usted. pic.twitter.com/b42Lk709lM — Nothing India (@nothingindia) June 21, 2026 बता दें यह कंपनी की नई ‘b’ सीरीज का पहला स्मार्टफोन होगा, जिसे एंट्री-लेवल सेगमेंट में उतारा जा सकता है. दिलचस्प बात यह है कि Flipkart पर इस आने वाले डिवाइस के लिए एक माइक्रोसाइट भी लाइव हो चुकी है. इससे यह साफ हो गया है कि फोन हिंदुस्तान में Flipkart के जरिए बिक्री के लिए उपलब्ध होगा. कैसा होगा डिजाइन? डिजाइन की बात करें तो कथित Nothing Phone 4b अपने यूनिक और फ्यूचरिस्टिक लुक के साथ आ सकता है. फोन के पीछे सिंगल रियर कैमरा देखने को मिल सकता है. इसके साथ ही Nothing की पहचान बन चुका ट्रांसपेरेंट बैक पैनल भी बरकरार रहने की उम्मीद है, जिसमें स्क्रू और कुछ इंटरनल कंपोनेंट्स साफ नजर आएंगे. फोन को फ्लैट बैक डिजाइन और राउंडेड कॉर्नर्स के साथ पेश किया जा सकता है. यह भी पढ़ें: 4G सपोर्ट, UPI भी चलेगा और लोकेशन भी होगी ट्रैक, सिर्फ ₹799 में जियो लेकर आई नया फोन The post ट्रांसपेरेंट डिजाइन के साथ आ सकता है Nothing Phone 4b, हिंदुस्तान में लॉन्च की तैयारी तेज appeared first on Naya Vichar.

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‘ऑब्सेशन’ और ‘राज’ में क्या है कनेक्शन? विक्रम भट्ट ने किया दिलचस्प खुलासा

Vikram Bhatt On Obsession: विक्रम भट्ट पिछले 30 सालों से बॉलीवुड में हॉरर और थ्रिलर फिल्मों के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने ‘फरेब’, ‘गुलाम’, ‘कसूर’, ‘राज’, ‘आवारा पागल दीवाना’, ‘1920’ और ‘हॉन्टेड 3डी’ जैसी कई हिट फिल्में बनाई. उनकी मूवीज में अक्सर रहस्य, सस्पेंस और डर का अनोखा मेल देखने को मिलता है. अब उनकी नई फिल्म ‘हॉन्टेड 3डी: इकोज ऑफ द पास्ट’ को थियेटर्स में अच्छा रिस्पांस मिल रहा है. Why ‘Obsession’ bring back ‘Raaz’ memories: ‘ऑब्सेशन’ ने ‘राज’ की यादें क्यों ताजा कर दिया? विक्रम भट्ट ने हॉलीवुड फिल्म ‘ऑब्सेशन’ का जिक्र किया. फर्स्टपोस्ट संग बात करते हुए कहा, “मैंने ‘ऑब्सेशन’ नहीं देखी है, लेकिन किसी ने मुझे इसकी कहानी सुनाई और मैं हंसते-हंसते लोटपोट हो गया और मुझे लगा कि ये तो ‘राज’ है. पूरी फिल्म में तो ‘राज’ की मालिनी ही है.” फिल्म निर्माता का मानना ​​है कि हॉरर जॉनर इसलिए फल-फूल रहा है, क्योंकि दर्शक दिलचस्प हॉरर कहानियों की ओर आकर्षित होते हैं. मेरा मानना ​​है कि अगर आप एक अच्छी हॉरर फिल्म बनाते हैं, तो लोग उसे देखने जरूर आएंगे. ऑब्सेशन वाकई बहुत अच्छी थी.” Vikram Bhatt On Success Of ‘Haunted 3D: Echoes of the Past: ”हॉन्टेड 3डी: इकोज ऑफ द पास्ट’ की सफलता पर क्या बोले विक्रम भट्ट फिल्म की सफलता को लेकर विक्रम भट्ट ने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा भरोसा अपने दर्शकों पर था. उनका मानना था कि वह अपने ऑडियंस की पसंद को अच्छी तरह समझते हैं और दर्शक भी उनके काम से परिचित हैं. हालांकि फिल्म ट्रेड एक्सपर्ट्स को लग रहा था कि ‘हॉन्टेड’ के सफल होने की संभावना कम है, क्योंकि इसमें बड़े सितारे नहीं थे. इसके अलावा यह एक हॉरर फिल्म थी, जिसे रिलीज से पहले सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ा था. ऑडियंस के प्यार पर क्या बोले विक्रम भट्ट फिल्म से जुड़े कुछ कानूनी विवाद भी सामने आए थे, जिससे चुनौतियां और बढ़ गई थीं. इन सबके बावजूद मुझे पता था कि ऑडियंस इसे जरूर पसंद करेगी. यही भरोसा उनकी सबसे बड़ी ताकत बना और आखिरकार फिल्म ने दर्शकों का दिल जीत लिया. यह भी पढ़ें- ‘कॉकटेल 2’ की आंधी में भी डटी रही इम्तियाज अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’, 10वें दिन छापे ताबड़तोड़ नोट यह भी पढ़ें- संचिता उगाले का नहीं था बॉयफ्रेंड… करीबी दोस्त का सनसीखेज खुलासा, बोली- जिंदगी खत्म के बारे में कहा The post ‘ऑब्सेशन’ और ‘राज’ में क्या है कनेक्शन? विक्रम भट्ट ने किया दिलचस्प खुलासा appeared first on Naya Vichar.

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