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June 30, 2026

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E20 Petrol पर सुप्रीम कोर्ट में सरकार का बयान, 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग ‘एक एक्सपेरिमेंट’, अगले साल मिलेंगे नतीजे

E20 Petrol : देशभर में E20 पेट्रोल को लेकर चल रही बहस के बीच केंद्र प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में बड़ा बयान दिया है. प्रशासन ने कहा कि पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने (E20 Blending) का कार्यक्रम जारी रहेगा,हालांकि, अगले साल तक यह साफ हो जाएगा कि इस नीति का वास्तविक असर कितना पड़ा है. हालांकि प्रशासन ने यह भी साफ किया कि 20% एथेनॉल मिलने की नीति में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा. यानी E20 पेट्रोल पर प्रशासन अपनी मौजूदा नीति जारी रखेगी. क्या है पूरा मामला? सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) की याचिका पर हुई. यह मामला कर्नाटक हाई कोर्ट के उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें एक डिस्टिलरी की एथेनॉल आवंटन (Allocation) बढ़ाने की मांग पर विचार करने को कहा गया था. प्रशासन का कहना है कि यदि अलग-अलग कंपनियों के लिए आवंटन में बदलाव किया गया, तो इससे पूरे देश की Ethanol Blending Policy प्रभावित हो सकती है. सुप्रीम कोर्ट में प्रशासन ने क्या कहा? अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने अदालत में कहा कि E20 Blending Programme एक राष्ट्रीय नीति का हिस्सा है. इसके असर का विस्तृत मूल्यांकन अगले साल तक स्पष्ट होगा. फिलहाल 20% एथेनॉल मिश्रण की नीति बदलने की कोई योजना नहीं है. एथेनॉल का आवंटन मांग और उपलब्धता के आधार पर बदल सकता है. Also Read : पुरानी कार में E20 पेट्रोल भरवा रहे हैं? इंजन को नुकसान से बचाने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स क्या E20 Petrol से पुरानी गाड़ियों को नुकसान होगा? यही सबसे बड़ा सवाल है, जिसे लेकर वाहन मालिकों में चिंता बनी हुई है. प्रशासन का कहना है कि अभी तक ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो कि E20 पेट्रोल से वाहनों को व्यापक स्तर पर मैकेनिकल नुकसान होता है. इस मुद्दे पर लगातार अध्ययन और निगरानी की जा रही है. हालांकि, ऑटोमोबाइल विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि वाहन मालिक अपने वाहन निर्माता (Manufacturer) की E20 Compatibility जरूर जांच लें. प्रशासन E20 पर इतना जोर क्यों दे रही है? प्रशासन के अनुसार E20 Blending के कई फायदे हैं. कच्चे तेल के आयात में कमी : हिंदुस्तान का विदेशी तेल पर निर्भरता कम होगी. किसानों को फायदा : एथेनॉल मुख्य रूप से गन्ने और अन्य कृषि उत्पादों से बनाया जाता है. इससे किसानों की आय बढ़ने की संभावना रहती है. पर्यावरण को लाभ : एथेनॉल मिक्सिंग ईंधन से कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिल सकती है. विदेशी मुद्रा की बचत : प्रशासन के अनुसार Ethanol Blending Programme से अब तक ₹1.4 लाख करोड़ से अधिक की विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिली है. क्या E20 पेट्रोल से इंश्योरेंस पर असर पड़ेगा? हाल ही में इस तरह की कई समाचारें सामने आई थीं कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने से वाहन का इंश्योरेंस प्रभावित हो सकता है. इस पर पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ऐसी आशंकाएं सही नहीं पाई गई हैं. संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद यह स्पष्ट किया गया कि E20 पेट्रोल के कारण इंश्योरेंस अपने आप अमान्य (Invalid) नहीं होता. हिंदुस्तान में E20 Blending की स्थिति लक्ष्य स्थिति 20% Ethanol Blending 2025 में हासिल देशभर में E20 सप्लाई 1 अप्रैल 2025 से शुरू अगला लक्ष्य 2030 तक 30% Blending वाहन मालिकों को क्या करना चाहिए? यदि आपके पास पुराना वाहन है. Owner Manual देखें. कंपनी से E20 Compatibility की पुष्टि करें. केवल अधिकृत पेट्रोल पंप से ईंधन भरवाएं. वाहन की समय-समय पर सर्विस कराते रहें. Also Read : पुरानी BS-IV कार स्क्रैप करने पर मिलेंगे ₹1 लाख तक, लेकिन पहले जान लें ये जरूरी शर्तें The post E20 Petrol पर सुप्रीम कोर्ट में प्रशासन का बयान, 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग ‘एक एक्सपेरिमेंट’, अगले साल मिलेंगे नतीजे appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

पांच महीने से बंद नल-जल योजना पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, नगर पंचायत कार्यालय का घेराव; 15 दिन में जलापूर्ति बहाल करने का आश्वासन

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन । नगर पंचायत सरायरंजन के गोपालपुर गांव स्थित वार्ड संख्या-13 में पिछले पांच महीनों से नल-जल योजना बंद रहने से नाराज ग्रामीणों का आक्रोश मंगलवार को फूट पड़ा। पेयजल संकट से परेशान ग्रामीणों ने नगर पंचायत कार्यालय का घेराव कर अधिकारियों के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का आरोप था कि कई बार शिकायत और आवेदन देने के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं किया गया, जिससे उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी पानी के संकट का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि वार्ड संख्या-13 में करीब 150 परिवार निवास करते हैं। पिछले पांच महीनों से नल-जल योजना पूरी तरह ठप पड़ी है, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए निजी चापाकलों और अन्य वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नगर पंचायत प्रशासन को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं होने पर लोगों का धैर्य जवाब दे गया और वे नगर पंचायत कार्यालय पहुंचकर विरोध-प्रदर्शन करने लगे। घेराव की सूचना मिलते ही मुख्य पार्षद पूजा कुमारी और कार्यपालक पदाधिकारी जयराम प्रसाद मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और आश्वासन दिया कि अगले 15 दिनों के भीतर नल-जल योजना को चालू कर नियमित जलापूर्ति बहाल कर दी जाएगी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए और अपना आंदोलन समाप्त किया। मुख्य पार्षद पूजा कुमारी ने बताया कि वार्ड संख्या-13 में पहले कराई गई बोरिंग में पर्याप्त जलस्तर नहीं मिला था। इसके बाद लगभग 500 फीट तक दोबारा बोरिंग कराई गई, लेकिन उसमें भी अपेक्षित जलस्तर नहीं मिलने के कारण योजना चालू नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि लोगों की परेशानी को देखते हुए नगर पंचायत की ओर से टैंकर के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा था, ताकि किसी को पानी की गंभीर समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की रिपोर्ट कार्यपालक पदाधिकारी और कनीय अभियंता के माध्यम से संबंधित विभाग को भेजी गई थी। अब नई बोरिंग के लिए निविदा (टेंडर) स्वीकृत हो चुकी है और प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। उम्मीद है कि अगले 15 दिनों के भीतर कार्य पूरा कर वार्डवासियों को नल-जल योजना का लाभ मिलने लगेगा। मुख्य पार्षद ने यह भी बताया कि नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा 15 लाख रुपये तक की विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन पर फिलहाल रोक लगाए जाने के कारण कई आवश्यक कार्य समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे कार्यों के लिए निविदा प्रक्रिया अपनानी पड़ रही है, जिससे कार्य पूरा होने में अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है। नगर पंचायत कार्यालय का घेराव करने वालों में मोहम्मद इसराफिल, मोहम्मद गिलानी, मोहम्मद मन्नू, मोहम्मद आजाद, हसरत हुसैन, मोहम्मद सिराज, मोहम्मद नौशाद, इमरान अली, मोहम्मद तय्यब, मोहम्मद चांद, मोहम्मद कौशिक, मोहम्मद शहंशाह सहित दर्जनों ग्रामीण शामिल थे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय के भीतर जलापूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे दोबारा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

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‘न तो बंधक बनाया, न की हाथापाई’, शशांक सिंह ने मारपीट के आरोपों पर तोड़ी चुप्पी

Shashank Singh Breaks Silence on Assault Allegations: पंजाब किंग्स के स्टार बल्लेबाज शशांक सिंह ने अपने ऊपर लगे मारपीट और बंधक बनाने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. शशांक ने कहा कि जिस व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई है, वह खुद को कुक बताकर उनके घर आया था, लेकिन उसे खाना बनाना तक नहीं आता था. उन्होंने यह भी दावा किया कि उस व्यक्ति की गतिविधियां संदिग्ध थीं और उन्हें शक है कि वह चोरी के इरादे से घर में आया था. मध्य प्रदेश के रीवा जिले के रहने वाले 31 वर्षीय विपेंद्र सिंह तोमर ने शशांक सिंह और उनके परिवार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. तोमर का आरोप है कि उन्हें शशांक के घर पर गाली-गलौज की गई और नौकरी छोड़ने का फैसला करने के बाद उनके साथ मारपीट की गई. शिकायत में यह भी कहा गया है कि उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया था और उनसे घर में तीन दिन तक खाए गए खाने के पैसे भी वसूले गए. आरोप है कि शशांक और उनके ड्राइवर ने उनके साथ हाथापाई की. शशांक ने क्या कहा? एएनआई से बातचीत में शशांक सिंह ने कहा, “हमने कभी भी उसे बंधक नहीं बनाया. वह खुद को कुक बताकर हमारे घर आया था, लेकिन उसे खाना बनाना नहीं आता था. वह ज्यादातर समय वीडियो बनाने और तस्वीरें लेने में बिताता था. यहां तक कि वह मेरे कमरे में भी घुस गया था. उसके व्यवहार को देखकर मुझे शक हुआ कि वह चोरी के इरादे से आया हो सकता है. हालांकि अब तक की जांच में घर से कोई सामान गायब नहीं मिला है.” #WATCH | Bhopal, Madhya Pradesh: On FIR registered against him and his father for allegedly assaulting and verbally abusing a staff member, Punjab Kings Cricketer Shashank Singh says, “No, we didn’t hold him hostage… It is true that he arrived claiming to be a cook, but he… https://t.co/Dr6KawT5YT pic.twitter.com/szZYdHkpSh — ANI (@ANI) June 30, 2026 निजी तस्वीरें और वीडियो बनाने का आरोप शशांक ने दावा किया कि शिकायतकर्ता के फोन में घर की कई निजी तस्वीरें और वीडियो मौजूद थे. उन्होंने कहा कि उनकी मां ने उससे वे तस्वीरें और वीडियो डिलीट करने को कहा था क्योंकि वे परिवार की निजी जानकारी से जुड़ी थीं. शशांक के मुताबिक, “जब हमने उसे फोटो और वीडियो बनाते हुए पकड़ा तो मेरी बहन ने पुलिस बुलाने की बात कही थी, लेकिन उसने माफी मांगी और गुहार लगाई, इसलिए हमने उसे जाने दिया.” पुलिस ने शशांक सिंह पर दर्ज किया मामला विपेंद्र सिंह तोमर की शिकायत के आधार पर रतिबड़ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक मेडिकल जांच में तोमर के शरीर पर चोट के निशान भी पाए गए हैं, जिसके बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है. हाथापाई करना मेरे स्वभाव में नहीं शशांक सिंह ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “जो लोग मुझे जानते हैं, वे जानते हैं कि किसी के साथ शारीरिक झगड़ा करना मेरे स्वभाव में नहीं है. मैं गाली-गलौज तक पसंद नहीं करता, इसलिए ऐसा कुछ करना मेरे लिए संभव नहीं है.” फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों के दावों की पड़ताल की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी. यह भी पढ़ें: IPL स्टार शशांक सिंह और उनके पिता पर FIR, कुक ने लगाए गंभीर आरोप The post ‘न तो बंधक बनाया, न की हाथापाई’, शशांक सिंह ने मारपीट के आरोपों पर तोड़ी चुप्पी appeared first on Naya Vichar.

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ट्रंप ने जिसे बताया व्हाइट हाउस का ‘गोल्डन गिफ्ट’, फैक्ट चेक में खुली उसकी पोल

Donald Trump Golden Eagle: राष्ट्रपति ट्रंप ने जो तस्वीर पोस्ट की है, उसमें व्हाइट हाउस की ट्रूमैन बालकनी (Truman Balcony) पर एक विशालकाय सुनहरे रंग का बाज बैठा हुआ दिखाई दे रहा है, जिसके पंख बालकनी के खंभों तक फैले हुए हैं. इसके साथ ही बालकनी पर अमेरिकी झंडे (सितारे और पट्टियों) वाला एक बड़ा सा शील्ड (कवच) भी लगा हुआ है. ट्रंप ने इसे पोस्ट करते हुए लिखा, “व्हाइट हाउस के 250वें जन्मदिन के वर्ष के लिए एक गोल्डन गिफ्ट”. राष्ट्रपति के इस पोस्ट के बाद व्हाइट हाउस के आधिकारिक ‘X’ (ट्विटर) हैंडल ने भी इसे रीशेयर कर अपनी स्वीकृति दे दी. अमेरिकी मीडिया ने ट्रंप के पोस्ट की खोल दी पोल अमेरिकी समाचार चैनल CNN की पड़ताल में सामने आया है कि यह कोई असली तस्वीर नहीं है. असली ट्रूमैन बालकनी की वास्तुकला और रेलिंग की बनावट ट्रंप द्वारा शेयर की गई एआई इमेज से काफी अलग है. तस्वीर में क्या गड़बड़ी पाई गई? ट्रंप द्वारा शेयर तस्वीर में जो शील्ड दिख रहा है, उसमें केवल 11 सितारे ही बने हैं. जबकि अमेरिकी इतिहास के अनुसार, देश के स्थापना काल के मूल 13 उपनिवेशों (Original Colonies) को दर्शाने के लिए पारंपरिक रूप से इसमें 13 सितारे होने चाहिए थे. एक फ्रीलांस फोटोग्राफर एंड्रयू लेडेन ने ट्रंप के पोस्ट के ठीक बाद रात 9:30 बजे वास्तविक बालकनी की तस्वीरें खिंची, और उसे एक्स पर शेयर किया. जिसमें ऐसा कोई बाज या शील्ड मौजूद नहीं था. तस्वीर के साथ एंड्रयू लेडेन ने लिखा- सोमवार रात 9:30 बजे ट्रूमैन बालकनी ऐसी दिखती है. This is what the Truman Balcony looks like at 9:30pm Monday night. pic.twitter.com/IEZEGsRuUn — Andrew Leyden (@PenguinSix) June 30, 2026 नए अमेरिकी पासपोर्ट पर दिखेगी ट्रंप की तस्वीर और खास संदेश इससे पहले, राष्ट्रपति ट्रंप ने देश की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में जारी होने वाले एक ‘लिमिटेड एडिशन’ अमेरिकी पासपोर्ट का नया डिजाइन भी पेश किया. इस नए पासपोर्ट पेज पर खुद राष्ट्रपति ट्रंप की तस्वीर प्रमुखता से छपी है. पासपोर्ट पर संदेश: ट्रंप ने इस डिजाइन को ट्रुथ सोशल पर शेयर करते हुए लिखा, “यूएसए का नया पासपोर्ट, जो कहता है- ‘स्वागत है, लेकिन अच्छे बनकर रहो’ (Welcome, but be good)” कैसा है डिजाइन? इस प्रोटोटाइप पेज में राष्ट्रपति ट्रंप को ऐतिहासिक ‘रेजोल्यूट डेस्क’ के ऊपर बैठे हुए दिखाया गया है, जिसके बैकग्राउंड में अमेरिका का ऐतिहासिक स्वतंत्रता घोषणा पत्र (Declaration of Independence) अंकित है और नीचे ट्रंप के हस्ताक्षर हैं. ये भी पढ़ें: हिंदुस्तान-अमेरिका ट्रेड डील आखिरी दौर में, सर्जियो गोर ने पीएम मोदी से जुड़ा दिलचस्प किस्सा सुनाया The post ट्रंप ने जिसे बताया व्हाइट हाउस का ‘गोल्डन गिफ्ट’, फैक्ट चेक में खुली उसकी पोल appeared first on Naya Vichar.

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भरत तिवारी एनकाउंटर : भोजपुर में बहुजन महापंचायत का ऐलान, आखिर क्यों वायरल हो रहा यह पोस्टर?

Bharat Tiwari Encounter On Mahapanchayat : (मिथिलेश कुमार) भोजपुर जिले में भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है. शाहपुर के बिलौटी गांव में हाल ही में हुई महापंचायत के बाद अब 5 जुलाई को जगदीशपुर प्रखंड में एक और बड़ी महापंचायत बुलाने का ऐलान किया गया है. इस पंचायत को “बहुजन महापंचायत” नाम दिया गया है, जिसमें हजारों लोगों के जुटने का दावा किया जा रहा है. ऐसे में यह सवाल भी उठने लगा है कि इस महापंचायत का मकसद क्या है? 5 जुलाई को जगदीशपुर में बड़ा जुटान जानकारी के मुताबिक, जगदीशपुर प्रखंड क्षेत्र के लाल बिहारी सिंह टोला स्थित हाई स्कूल मैदान में इस बहुजन महापंचायत का आयोजन किया जाएगा. आयोजन को लेकर तैयारियां तेजी से चल रही हैं. बहुजन महापंचायत कमिटी ने स्थानीय प्रशासन को आवेदन देकर सुरक्षा और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को लेकर अवगत कराया है, क्योंकि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है. बहुजन एकता दिखाने का दावा इस महापंचायत का आयोजन “बहुजन आर्मी” नामक संगठन द्वारा किया जा रहा है. संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोल्डेन दास ने दलित, आदिवासी, पिछड़ा और अल्पसंख्यक समाज के लोगों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है. सोशल मीडिया के जरिए भी लोगों को लगातार कार्यक्रम में आने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है. आयोजकों का कहना है कि इस मंच के जरिए बहुजन समाज की एकजुटता दिखाई जाएगी. Arrah News : बहुजन महापंचायत की असली वजह संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोल्डेन दास ने एक यूट्यूब चैनल से बातचीत में बताया कि यह महापंचायत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को समर्थन देने के लिए है. भरत तिवारी के एनकाउंटर के विरोध में सवर्ण समाज ने बिलौटी गांव में महापंचायत की थी. उसी के जवाब में अब बहुजन समाज एकजुट होकर प्रशासन के पक्ष में खड़ा हो रहा है. गोल्डन दास ने यह भी कहा कि आने वाले समय में दिल्ली में भी ऐसी ही महापंचायत की जाएगी. पोस्टर को लेकर विवाद महापंचायत से जुड़े कुछ पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिन्हें लेकर विवाद भी खड़ा हो गया है. इन पोस्टरों में भगवान बुद्ध, सम्राट अशोक, डॉ., लालू प्रसाद यादव, नीतीश कुमार, रामविलास पासवान और मुलायम सिंह यादव जैसे बड़े नेताओं की तस्वीरें लगाई गई हैं. वहीं, कुछ पोस्टरों में भरत तिवारी के श्राद्ध तक अल्टीमेटम देने की भी बात कही जा रही है, जिससे माहौल और गरमा गया है. बहुजन महापंचायत का पोस्टर मांझी ने की महापंचायत में शाम‍िल होने की घोषणा  केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने इस महापंचायत में शामिल होने की घोषणा की है. उन्होंने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट में लिखा, देश की जनता पुकार, बहुजन एकता अबकी बार के नारे के साथ वह 5 जुलाई को आरा पहुंचेंगे और जगदीशपुर में आयोजित बहुजन महासभा में हिस्सा लेंगे. “देश की जनता करें पुकार,बहुजन एकता अबकी बार”के नारों के बीच आगामी 5 जुलाई 2026 को आरा आ रहा हूँ।जगदीशपुर में आयोजित“बहुजन महासभा” में शामिल होने। — Jitan Ram Manjhi (@jitanrmanjhi) June 27, 2026 उन्होंने कहा कि देश संविधान से चलेगा, न कि अवैध हथियारों के दम पर। उनके अनुसार भरत तिवारी कोई क्रांतिकारी नहीं था, बल्कि उसके खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज थे. Bhojpur Encounter : सियासी कनेक्शन और बढ़ी चर्चा इस महापंचायत को लेकर सियासी चर्चाएं भी तेज हो गई हैं. दावा किया जा रहा है कि कार्यक्रम के जरिए बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के समर्थन को भी मजबूत करने की कोशिश होगी. हालांकि, इसको लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन नेतृत्वक गलियारों में इसे लेकर खूब चर्चा हो रही है. आज है भरत तिवारी की तेहरवीं भरत तिवारी के तेरहवीं की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. परिजनों और पारिवारिक मित्रों की ओर से बड़े स्तर पर आयोजन की तैयारी की जा रही है. आयोजन में करीब 20 से 25 हजार से अधिक लोगों के लिए खाने की व्यवस्था की जा रही है. भोजन तैयार करने के लिए करजा, बिलौटी और ब्रह्मपुर इलाके के लगभग 100 हलवाई और करीब 300 सहायक लगातार जुटे हुए हैं. खाना बनाने के लिए एलपीजी सिलेंडर और कोयले की व्यवस्था की गई है. बाहरी इलाकों से आने वाले लोगों की सुविधा और व्यवस्था संभालने के लिए आस-पास के कई गांवों के करीब 500 स्वयंसेवकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है. जबकि पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पानी के टैंकर और बोतल बंद पानी की भी व्यवस्था की जा रही है. श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए भरत तिवारी के घर के पास बड़े एरिया में अलग से टेंट लगाया गया है. परिवार को मिली आंशिक राहत इस मामले में भरत तिवारी के परिवार को कुछ राहत भी मिली है. पुलिस फायरिंग केस में दर्ज एफआईआर से उनके पिता और भाई का नाम हटा दिया गया है. साथ ही उन पर लगे हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और अन्य धाराएं भी वापस ले ली गई हैं. अब सबकी नजर 5 जुलाई को होने वाली बहुजन महापंचायत पर टिकी हुई है. देखना होगा कि यह महापंचायत भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को नया मोड़ देती है या फिर बिहार की नेतृत्व में एक नई बहस की शुरुआत करती है. फिलहाल इस आयोजन को लेकर प्रशासन भी सतर्क है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है. Also Read : भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में आया नया विवाद, स्मारक स्थल पर लगी रोक; प्रशासन ने कहा- ‘जिस भूमि पर… The post भरत तिवारी एनकाउंटर : भोजपुर में बहुजन महापंचायत का ऐलान, आखिर क्यों वायरल हो रहा यह पोस्टर? appeared first on Naya Vichar.

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जिन लड़कों का नाम A से शुरू होता है, उनमें होती हैं ये 7 दमदार खूबियां, जानिए क्या बनाता है उन्हें दूसरों से खास

Name Personality: क्या आपको यह पता है कि हमारे नाम का जो भी पहला अक्षर होता है, वह सिर्फ हमारी पहचान नहीं होता, बल्कि हमारे स्वभाव का एक आईना भी होता है? ज्योतिष और अंकशास्त्र के जानकारों के अनुसार, हमारे नाम के पहले अक्षर में एक खास तरह की एनर्जी छुपी हुई होती है. खासकर अंग्रेजी वर्णमाला यानी कि इंग्लिश अल्फाबेट के सबसे पहले अक्षर ‘A’ को इसमें बहुत ही ज्यादा पावरफुल माना और बताया गया है. अंकशास्त्र के अनुसार जिन लड़कों का नाम ‘A’ अल्फाबेट से शुरू होता है, उनकी पर्सनालिटी सबसे ज्यादा अलग और अट्रैक्टिव होती है. इस अक्षर से जिन लड़कों का भी नाम शुरू होता है, वे भीड़ में अपनी एक अलग पहचान बनाने की ताकत रखते हैं. अगर आपका नाम भी इस अक्षर से शुरू होता है और आप खुद के बारे में गहराई से जानने में दिलचस्पी रखते हैं, तो आज का यह आर्टिकल आपके लिए ही है. आज हम आपको बेहद ही आसान शब्दों में इन लड़कों की 7 सबसे प्यारी और दमदार खूबियों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं, तो चलिए इन खूबियों के बारे में जानते हैं. जन्मजात लीडर होते हैं ये लड़के अंकशास्त्र के अनुसार ‘A’ अक्षर से जिन भी लड़कों का नाम शुरू होता है, वे पैदाइशी लीडर होते हैं. इनमें किसी भी काम की शुरुआत करने और लोगों को साथ लेकर चलने की गजब की काबिलियत होती है. इन लड़कों को कभी भी दूसरों के इशारों पर चलना पसंद नहीं आता. ये लड़के हमेशा खुद अपने रास्ते बनाना जानते हैं और उसी पर चलना भी पसंद करते हैं. ऑफिस हो या दोस्तों का ग्रुप, ये हमेशा आगे रहकर अपनी जिम्मेदारियों को संभालते हैं. बेहद मेहनती और डिटर्मिन्ड जिन लड़कों का भी नाम ‘A” अल्फाबेट से शुरू होता है, उनकी सबसे बड़ी खूबी यह भी होती है कि वे मेहनती बहुत ज्यादा होते हैं. ये जो भी लक्ष्य तय करते हैं, उसे हासिल करने के लिए दिन-रात एक कर देते हैं. इन लड़कों का आलस से इनका दूर-दूर तक कोई रिश्ता-नाता नहीं होता. ये अपनी मेहनत और डेडिकेशन के दम पर जिंदगी में हर वो मुकाम हासिल करते हैं, जिसका ये सपना देखते हैं. यह भी पढ़ें: कठिन से कठिन हालातों को मात देने में माहिर होते हैं इस मूलांक के लोग, शांत स्वभाव के पीछे छिपा है सफलता का गहरा राज साफ दिल के और ईमानदार होते हैं ये लड़के अंकशास्त्र के अनुसार जिन लड़कों का भी नाम ‘A’ अल्फाबेट से शुरू होता है, वे अपने मन में कोई भी मैल नहीं रखते. इनके दिमाग में जो भी चीजें चलती हैं, ये साफ-साफ उन्हें सामने वाले से बोल देते हैं. इन्हें घुमा-फिराकर बात करना या किसी की पीठ पीछे बुराई करना इन्हें बिल्कुल पसंद नहीं होता. इनकी इसी ईमानदारी और साफ दिल की वजह से लोग इन पर बहुत जल्दी और गहरा भरोसा कर लेते हैं. होते हैं बुद्धिमान और व्यावहारिक इन लड़कों की एक खासियत यह भी होती है कि, ये कभी भी हवा-हवाई बातें नहीं करते, बल्कि बहुत ही प्रैक्टिकल होते हैं. ये किसी भी फैसले को लेने से पहले उसके अच्छे और बुरे नतीजों के बारे में गहराई से सोचते जरूर हैं. इनकी बुद्धि बहुत तेज होती है, जिससे ये मुश्किल से मुश्किल हालातों का हल भी चुटकियों में निकाल लेते हैं. यह भी पढ़ें: 35 की उम्र के बाद अचानक बदलती है इन लोगों की किस्मत, अंक ज्योतिष में छिपा इनकी सफलता का राज प्यार के मामले में सीरियस और वफादार अंकशास्त्र के अनुसार भले ही ये लड़के आपको बाहर से देखने से थोड़े सख्त या सीरियस दिखाई दें, लेकिन प्यार के मामले में ये बहुत ही वफादार और इमोशनल होते हैं. ये फ्लर्ट करने या किसी का दिल दुखाने में यकीन नहीं रखते. जब ये किसी से प्यार करते हैं, तो पूरी शिद्दत से निभाते हैं और अपने लाइफ पार्टनर का हर सुख-दुख में साथ देते हैं. कभी हार न मानने वाला जज्बा मुश्किलें हर किसी की जिंदगी में आती हैं, लेकिन ‘A’ अक्षर वाले लड़के उन मुश्किलों से कभी भी जीवन में डरकर पीछे नहीं हटते. इनमें गजब का पेशेंस और साहस होता है. चाहे कितनी भी बड़ी असफलता हाथ लगे, ये दोबारा उठ खड़े होते हैं और दोगुनी ताकत से अपने लक्ष्यों को पाने की कोशिश करते हैं. इनका यही जज्बा इन्हें दूसरों से काफी ज्यादा अलग बना देता है. होते हैं कॉन्फिडेंट और साहसी स्वभाव के अंकशास्त्र के अनुसार इन लड़कों का सबसे बड़ा हथियार इनका कॉन्फिडेंस ही होता है. ये लाड़के कभी भी जीवन में आने वाले नए बदलावों और चुनौतियों का सामना करने से कभी नहीं कतराते. रिस्क लेना और हर दिन कुछ नया सीखना इन्हें बहुत ज्यादा पसंद होता है. समाज में ये अपनी एक अलग पहचान बनाते हैं और लोग इनका बहुत सम्मान करते हैं. यह भी पढ़ें: बुद्धिमान, स्वाभिमानी और राजा जैसी जिंदगी जीते हैं इस मूलांक में जन्में लोग, कभी किसी का नहीं लेते एहसान The post जिन लड़कों का नाम A से शुरू होता है, उनमें होती हैं ये 7 दमदार खूबियां, जानिए क्या बनाता है उन्हें दूसरों से खास appeared first on Naya Vichar.

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उद्धव ठाकरे को एक और झटका, आदित्य ठाकरे के करीबी सचिन अहीर ने थामा शिंदे का हाथ

Shiv Sena (UBT) News: शिवसेना शिंदे गुट में शामिल होने के तुरंत बाद सचिन अहीर ने महाराष्ट्र विधान परिषद के उपसभापति (डिप्टी चेयरमैन) पद के लिए अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया. सांसद श्रीकांत शिंदे ने उनके पार्टी में शामिल होने की पुष्टि करते हुए कहा कि अहीर को आधिकारिक तौर पर पार्टी की सदस्यता दिलाई गई और चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया गया है. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, उनके इस फैसले को उद्धव ठाकरे गुट के लिए बड़ा नेतृत्वक झटका माना जा रहा है. Maharashtra: MLC Sachin Ahir joins Eknath Shinde’s Shiv Sena, another setback for Uddhav Thackeray Read @ANI Story | https://t.co/Cx3t7BGi3r#Maharashtra #SachinAhir #EknathShinde #UddhavThackeray #ShivSena pic.twitter.com/cuvmsVZb7d — ANI Digital (@ani_digital) June 30, 2026 कांग्रेस से NCP और फिर शिवसेना तक का सफर सचिन अहीर ने अपने नेतृत्वक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी. इसके बाद वे एनसीपी में गए और फिर अविभाजित शिवसेना में शामिल हुए. जब आदित्य ठाकरे ने वर्ली सीट से चुनाव लड़ने का फैसला किया था, तब अहीर को उनका करीबी और भरोसेमंद नेता माना जाता था. उद्धव गुट की मुश्किलें लगातार बढ़ीं सचिन अहीर का यह कदम ऐसे समय आया है जब शिवसेना (यूबीटी) पहले से ही लगातार झटकों का सामना कर रही है. साल 2022 में पार्टी टूटने के बाद एकनाथ शिंदे अपने साथ बड़ी संख्या में विधायकों को ले गए थे. अभी हाल ही में उद्धव ठाकरे गुट (शिवसेना यूबीटी) के 6 लोकसभा सांसद ( 22 जून 2026) को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना में शामिल हुए है. क्या और कमजोर होगा उद्धव ठाकरे का कुनबा? शिवसेना (यूबीटी) में लगातार हो रही टूट-फूट ने उद्धव ठाकरे की नेतृत्वक चुनौती और बढ़ा दी है. वहीं, एकनाथ शिंदे इसे अपनी ताकत बढ़ने का संकेत मान रहे हैं. डिप्टी चेयरमैन चुनाव से पहले सचिन अहीर की एंट्री ने महाराष्ट्र की सियासत को फिर से गर्मा दिया है. नेतृत्वक विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में राज्य की नेतृत्व में और बड़े बदलावों का संकेत दे रही है. The post उद्धव ठाकरे को एक और झटका, आदित्य ठाकरे के करीबी सचिन अहीर ने थामा शिंदे का हाथ appeared first on Naya Vichar.

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मैं अभी भी डरी हुई हूं, ‘इक्का’ में अक्षय खन्ना को थप्पड़ मारने पर बोली दीया मिर्जा, सनी देओल ने ऐसे किया सपोर्ट

Dia Mirza slapped Akshaye Khanna: नेटफ्लिक्स की फिल्म इक्का का ट्रेलर सोमवार (29 जून) को मुंबई में लॉन्च किया गया. इस मौके पर सनी देओल, दीया मिर्जा, तिलोत्तमा शोम और डायरेक्टर सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा मौजूद रहे. हालांकि फिल्म के अहम कलाकार अक्षय खन्ना इस इवेंट में शामिल नहीं हुए. ट्रेलर लॉन्च के दौरान दीया मिर्जा ने खुलासा किया कि फिल्म में उन्होंने अक्षय को थप्पड़ मारा है और इस बात को लेकर वह काफी डरी हुई थी. दीया मिर्जा ने कहा- अक्षय खन्ना को थप्पड़ मारने के बाद डर लग रहा था मीडिया से बातचीत के दौरान दीया मिर्जा ने मजाकिया अंदाज में कहा, “पहले आप लोग मुझे बताइए कि अक्षय खन्ना को थप्पड़ मारने के बाद मैं किसी बड़ी मुसीबत में तो नहीं फंसने वाली? मुझे बहुत डर लग रहा है. उनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग है.” इसके बाद वह हंसते हुए बोली, “मैं सच में डरी हुई हूं. ऊपर से उस सीन को ट्रेलर में भी डाल दिया गया है.” सिद्धार्थ मल्होत्रा ने कहा- वह पहला सीन था जो दीया ने अक्षय के साथ शूट किया इस दौरान डायरेक्टर सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा ने बड़ा खुलासा किया. उन्होंने बताया, “दीया ने फिल्म में अक्षय खन्ना के साथ जो पहला सीन शूट किया था. वही थप्पड़ वाला सीन था.” इस पर दिया ने भी हामी भरते हुए कहा, “इस फिल्म के लिए मैंने सबसे पहला सीन अक्षय खन्ना के साथ ही शूट किया था.” सनी देओल ने ऐसे किया दीया मिर्जा का बचाव जब दीया लगातार अपनी घबराहट की बात कर रही थीं, तब सनी देओल ने मजेदार अंदाज में उनका साथ दिया. सनी ने कहा, “तुम इतनी चिंता क्यों कर रही हो? फिल्म में तुम मेरी पत्नी का किरदार निभा रही हो.” सनी का जवाब सुनकर दीया ने कहा, “मैं इसी लाइन का इंतजार कर रही थी.” कब होगी ‘इक्का’ रिलीज? फिल्म ‘इक्का’ 10 जुलाई को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी. यह सनी देओल की पहली स्ट्रीमिंग फिल्म भी है. यह भी पढ़ें– करोड़ों की नेट वर्थ के बावजूद फटे जूतों में दिखे सनी देओल, यूजर्स ने किए ऐसे-ऐसे कमेंट, VIDEO यह भी पढ़ें- धर्मेंद्र की बीमारी के दौरान पैपराजी पर क्यों भड़के थे सनी देओल? अब बॉबी देओल ने बताई पूरी वजह The post मैं अभी भी डरी हुई हूं, ‘इक्का’ में अक्षय खन्ना को थप्पड़ मारने पर बोली दीया मिर्जा, सनी देओल ने ऐसे किया सपोर्ट appeared first on Naya Vichar.

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अयोध्या राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, कैश हैंडलिंग से जुड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू नहीं किए गए

Ayodhya Ram Mandir: उत्तर प्रदेश के तीन सबसे बड़े मंदिर ट्रस्ट वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर, मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि और वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर से तुलना करने पर पता चलता है कि इन तीनों ने वित्तीय जवाबदेही के लिए मज़बूत सिस्टम बनाए हैं. इनमें मजिस्ट्रेट की देखरेख में गिनती, CCTV से कैश हैंडलिंग की निगरानी, ​​ऑडिट का लिखित रिकॉर्ड, सामूहिक देखरेख और दान की रकम को तुरंत बैंक में जमा करना शामिल है. यह तुलना तब और भी अहम हो जाती है जब दान चोरी की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी शुरुआती जांच में कहा है कि संदिग्ध धोखाधड़ी सिर्फ़ किसी व्यक्ति की गड़बड़ी नहीं है, बल्कि कैश हैंडलिंग, सुरक्षा प्रोटोकॉल और संस्थागत देखरेख में सिस्टम की कमियों के कारण हुई. राम मंदिर में दान सुरक्षा पर सवाल हिंदूस्तान टाइम्स में छपी समाचार के अनुसार, 21 मार्च को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एग्जीक्यूटिव कमिटी के सामने रखे गए फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स से पता चलता है कि 1 अप्रैल, 2025 और 28 फरवरी, 2026 के बीच भक्तों ने कुल 82.78 करोड़ का दान दिया. इसमें से 54.79 करोड़ डोनेशन बॉक्स से, 18.88 करोड़ कैश काउंटर से, 8.33 करोड़ ऑनलाइन ट्रांसफर से और 78 लाख फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (FCRA) के तहत मिले. इसी दौरान, ट्रस्ट ने बैंक डिपॉजिट पर ब्याज के तौर पर 138.03 करोड़ कमाए, जिससे उसकी कुल आय 220.81 करोड़ हो गई. अधिकारियों ने एग्जीक्यूटिव कमिटी को बताया कि कंस्ट्रक्शन पर खर्च के बाद भी लगभग 2,100 करोड़ फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेशित थे. इस स्थिति को देखते हुए, जांचकर्ताओं का कहना है कि कैश मैनेजमेंट में कथित कमियां और भी अहम हो जाती हैं. SIT की जांच में उजागर हुईं कमियां SIT जांच में सामने आया कि राम मंदिर की करीब 40 दान पेटियों से निकाली गई नकदी संग्रह से लेकर बैंक में जमा होने तक कई मैन्युअल प्रक्रियाओं से गुजरती थी. जांच एजेंसी ने जिम्मेदारियों के स्पष्ट बंटवारे, स्वतंत्र सत्यापन और निगरानी तंत्र की कमी पर सवाल उठाए हैं. रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि कैश हैंडलिंग से जुड़े कुछ निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल प्रभावी ढंग से लागू नहीं किए गए. इसके अलावा, सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था और रिकॉर्ड संरक्षण को लेकर भी कमियां बताई गईं. इसके विपरीत, उत्तर प्रदेश के अन्य प्रमुख मंदिर ट्रस्टों ने वित्तीय सुरक्षा के कई स्तर विकसित किए हैं. वराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट में दान पेटियां प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में खोली जाती हैं और बैंक अधिकारियों व स्वतंत्र पर्यवेक्षक की मौजूदगी में सीसीटीवी कैमरों के बीच गिनती की जाती है. वहां प्रत्येक लेनदेन का विस्तृत दस्तावेजीकरण और ऑडिट रिकॉर्ड भी तैयार किया जाता है. जांच में यह सवाल भी उठाया गया कि कैश संभालने वालों की तलाशी का काम पुलिस या किसी प्रशासनी सुरक्षा बल के बजाय प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी को क्यों सौंपा गया. दान पेटियों से बैंक तक निगरानी में फर्क मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि में दान संग्रह की व्यवस्था निर्धारित काउंटरों के माध्यम से संचालित होती है, जहां कर्मचारियों की नियमित मौजूदगी रहती है और पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी निगरानी में होती है. श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने कहा कि तय किए गए कर्मचारी लगभग हर दिन कैश गिनते हैं, गहनों को कड़ी सुरक्षा वाले स्ट्रॉन्ग रूम में रखा जाता है और डिजिटल दान सीधे बैंक खातों में जमा किया जाता है, जिससे हाथों से लेन-देन कम से कम होता है. वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में, दान के मैनेजमेंट की देखरेख एक हाई-पावर्ड कमेटी करती है. यह कमेटी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर बनाई गई है और इसके प्रमुख इलाहाबाद हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज हैं. दान के बक्से महीने में सिर्फ़ एक बार स्थानीय SDM और कमेटी के सदस्यों की मौजूदगी में CCTV की निगरानी में खोले जाते हैं और फिर इकट्ठा हुए दान को अधिकृत बैंक खातों में जमा किया जाता है. यह भी पढ़ें: SBI को 3 महीने पहले से शक था राम मंदिर दान चोरी का मामला, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई, जानिए किसका था दबाव The post अयोध्या राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, कैश हैंडलिंग से जुड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू नहीं किए गए appeared first on Naya Vichar.

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यमुना एक्सप्रेसवे बस और ट्रेलर की टक्कर, चार लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल

Accident on Yamuna Expressway:उत्तर प्रदेश के मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर बस और ट्रेलर की टक्कर में चार लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और राहत बचाव की टीम मौके पर पहुंची. बस और ट्रेलर की टक्कर मथुरा के राया थाना क्षेत्र में माइलस्टोन 112 के पास तेज रफ्तार बस और ट्रेलर की भीषण टक्कर हो गई. इसने चार लोगों की जान ले ली, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं. घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां कई की हालत नाजुक बताई जा रही है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. पुलिस ने मृतकों के शव कब्जे में लेकर पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है. #WATCH | Mathura, Uttar Pradesh | Four dead and several injured in a collision between a bus and a trailer near milestone 112 on the Yamuna Expressway, under the jurisdiction of Raya police station. pic.twitter.com/DCHoqP84NM — ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) June 30, 2026 The post यमुना एक्सप्रेसवे बस और ट्रेलर की टक्कर, चार लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल appeared first on Naya Vichar.

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