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July 4, 2026

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बेंगलुरु डे-केयर कांड: बच्चों के मन में बैठ गया बाथरूम का डर, नहलाने की बात सुन भागते हैं बच्चे

बेंगलुरु के ब्रूकफील्ड स्थित कैपजेमिनी कैंपस के अंदर बने एक डे-केयर सेंटर में बच्चों के साथ दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद पेरेंट्स ने अपनी परेशानी शेयर की. ढाई साल की एक बच्ची के माता-पिता ने पुलिस को बताया कि डे-केयर में दाखिले के बाद उनकी बेटी को बाथरूम से बहुत डर लगने लगा है. दोनों आईटी प्रोफेशनल हैं. करीब आठ महीने पहले अपनी इकलौती बेटी को इस डे-केयर में इन्होंने छोड़ना शुरू किया था. वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने बच्ची के माता-पिता से बातचीत की. दक्षिण-पूर्व बेंगलुरु के डीसीपी मोहम्मद सुजीथा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बच्ची के माता-पिता और वीडियो में दिख रहे दूसरे शिशु के परिजनों से भी पूछताछ की. वीडियो में ‘लिटिल स्कॉलर्स’ डे-केयर सेंटर की आया छोटे बच्चों के साथ सख्ती और दुर्व्यवहार करती नजर आ रही हैं. एक वीडियो में एक छोटी बच्ची बाथरूम में बंद होकर रोते हुए “अम्मा… अम्मा…” पुकारती दिख रही है. बच्ची की मां ने पुलिस को बताया कि इस घटना के बाद उनकी बेटी को बाथरूम और टॉयलेट से बहुत डर लगने लगा है. बाथरूम और टॉयलेट के नाम से डरने लगे हैं शिशु बच्ची के माता-पिता ने जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों को बताया कि डे-केयर में दाखिले के कुछ ही समय बाद उसकी आदतें बदलने लगी थीं. वह बाथरूम या टॉयलेट जाने से मना कर देती थी और वहां का नाम सुनते ही रोने लगती थी. नहलाने या टॉयलेट ले जाने पर भी वह कमरे से बाहर भागने की कोशिश करती थी. माता-पिता ने बताया कि पहले उन्हें इसकी वजह समझ नहीं आई, लेकिन वायरल वीडियो देखने के बाद उन्हें पता चला कि बच्ची को बार-बार बाथरूम में बंद किया जाता था. उनका मानना है कि इसी कारण उसके मन में बाथरूम और टॉयलेट का गहरा डर बैठ गया. यह भी पढ़ें : बेंगलुरु : IT कंपनी के डेकेयर में बच्चों से दुर्व्यवहार, रोने पर बच्चों को वाशिंग मशीन और बाथरूम में किया जाता था बंद बच्चों को फ्रंट-लोडिंग वॉशिंग मशीन के अंदर डाल दिया जाता था पुलिस के मुताबिक, वायरल वीडियो में दिख रहा है कि जब दो से तीन साल के शिशु रोते या शोर करते थे, तो उनकी देखभाल करने वाली स्त्रीएं उन्हें डराती-धमकाती थीं. आरोप है कि बच्चों को फ्रंट-लोडिंग वॉशिंग मशीन के अंदर डाल दिया जाता था, जबरन वेस्टर्न टॉयलेट पर बैठाया जाता था, उनके मुंह में जेट स्प्रे से पानी डाला जाता था. इतना ही नहीं उन्हें बाथरूम में बंद कर चुप रहने के लिए धमकाया जाता था. The post बेंगलुरु डे-केयर कांड: बच्चों के मन में बैठ गया बाथरूम का डर, नहलाने की बात सुन भागते हैं शिशु appeared first on Naya Vichar.

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Prashant Kishor : दूसरों की सरकार बनाने वाले PK, बांकीपुर उपचुनाव में क्या साबित करना चाहते हैं?

Prashant Kishor : नेतृत्व में चर्चा, खर्चा और परचा का बहुत महत्त्व होता है. परचा और खर्चा तो खैर वक्त की बात है, फिलहाल चर्चा है की प्रशांत किशोर का बांकीपुर से चुनाव लड़ना लगभग तय है. शनिवार 4 जुलाई को जन सुराज पार्टी की कोर कमेटी की बैठक होनी है और फिर इस चर्चे के ऊपर मुहर लग सकती है. चुनाव आयोग की तरफ से कि 30 जुलाई को बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान होगा. तो सवाल ये है की क्या प्रशांत किशोर को आत्मबोध हो गया है? बांकीपुर से चुनाव लड़कर वह गलती सुधारी जा रही है जो 2025 चुनाव में ना लड़ कर उन्होंने की थी? Prashant Kishor : दूसरों की प्रशासन बनाते-बनाते, अब अपनी नेतृत्व चमकाने की बारी? तमिलनाडु में चुनावी रणनीति बनाकर मुख्यमंत्री को जीत दिलाने के बाद अब लगता है कि प्रशांत किशोर ने अपनी ही नेतृत्वक ब्रांडिंग का प्रोजेक्ट हाथ में ले लिया है. वर्षों तक वे दूसरों की चुनावी नैया पार लगाते रहे, कभी नरेंद्र मोदी, कभी ममता बनर्जी, कभी अरविंद केजरीवाल, तो हाल के दिनों में तमिलनाडु की नेतृत्व में भी उनकी भूमिका चर्चा में रही. लेकिन सवाल हमेशा यही पूछा जाता रहा कि जो व्यक्ति दूसरों को जीत दिलाने का दावा करता है, वह खुद चुनाव जीतकर क्यों नहीं दिखाता? शायद इसी सवाल का जवाब देने के लिए प्रशांत किशोर ने बिहार की सबसे चर्चित सीटों में से एक बांकीपुर को चुना है. यह सिर्फ एक उपचुनाव नहीं, बल्कि उनकी अपनी नेतृत्वक विश्वसनीयता की परीक्षा भी है. क्या 2025 की गलती अब सुधारी जा रही है? 2025 के विधानसभा चुनाव में जन सुराज ने लगभग पूरे बिहार में उम्मीदवार उतारे, लेकिन पार्टी का खाता तक नहीं खुल सका. उससे भी बड़ा सवाल यह उठा कि बदलाव की नेतृत्व की बात करने वाले प्रशांत किशोर खुद चुनावी मैदान से दूर क्यों रहे? आलोचकों ने इसे उनकी सबसे बड़ी नेतृत्वक भूल बताया. अब अगर वे बांकीपुर से चुनाव लड़ते हैं, तो इसे उसी गलती को सुधारने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है. फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार उन्होंने कोई आसान सीट नहीं, बल्कि बीजेपी के सबसे मजबूत गढ़ों में से एक को चुना है. बांकीपुर : सिर्फ एक सीट नहीं, बीजेपी की प्रतिष्ठा है बांकीपुर (पूर्व में पटना वेस्ट) का नेतृत्वक इतिहास इसे सामान्य विधानसभा सीट नहीं रहने देता. पहले नवीन सिन्हा और फिर उनके बेटे नितिन नवीन पिछले लगभग तीन दशकों से यहां बीजेपी का झंडा बुलंद करते रहे हैं. नितिन नवीन अब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन चुके हैं और राज्यसभा चले गए हैं, जिसके बाद यह सीट खाली हुई है. ऐसे में यह चुनाव सिर्फ विधायक चुनने का नहीं, बल्कि नितिन नवीन की नेतृत्वक साख की भी परीक्षा माना जा रहा है. उम्मीदवार कोई भी हो, लेकिन नेतृत्वक संदेश यही जाएगा कि लड़ाई आखिरकार नितिन नवीन के प्रभाव की है. पीके का निशाना सिर्फ बीजेपी नहीं है अगर प्रशांत किशोर चाहते, तो किसी अपेक्षाकृत आसान सीट से चुनाव लड़ सकते थे. लेकिन बांकीपुर चुनने के पीछे उनकी रणनीति कहीं बड़ी दिखाई देती है. वे जानते हैं कि अगर बीजेपी के सबसे सुरक्षित किले में सेंध लगती है, तो उसका संदेश बिहार ही क्या देश भर में जाएगा. एक तरफ जहां विपक्ष के एक-एक क्षत्रप जैसे ममता, स्टालिन और केजरीवाल धराशायी हो गए है, यह जीत पीके को विपक्ष की राजनीती में नया आयाम दे सकती है.  यही वजह है कि वे इस उपचुनाव को सिर्फ स्थानीय मुकाबला नहीं, बल्कि प्रशासन के वादों पर जनमत संग्रह बता रहे हैं. रोजगार, पलायन, शिक्षा और युवाओं के भविष्य जैसे मुद्दों को सामने रखकर वे प्रशासन विरोधी माहौल को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. साथ ही वे यह भी याद दिला रहे हैं कि लोगों ने वोट नीतीश कुमार के चेहरे पर दिया था, लेकिन बाद में नेतृत्व बदल गया. इसी मुद्दे को वे जनता के विश्वास से जोड़ रहे हैं. 2025 की बिहार चुनाव पर मेरी पुस्तक यहां पढ़ें   इतिहास बताता है, गढ़ भी ढहते हैं हिंदुस्तानीय नेतृत्व में ऐसे कई उदाहरण हैं जब सबसे मजबूत माने जाने वाले गढ़ भी उपचुनाव में ढह गए. 2017 में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद गोरखपुर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था. इसलिए सिर्फ किसी सीट का इतिहास जीत की गारंटी नहीं होता. शायद यही गणित प्रशांत किशोर भी लगा रहे हैं. उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन से नाराज मतदाता, खासकर युवा, इस चुनाव को एक संदेश देने के अवसर के रूप में देख सकते हैं. हार में नुकसान कम, जीत में फायदा बड़ा बेशक, बांकीपुर का सामाजिक और चुनावी गणित आज भी बीजेपी के पक्ष में माना जाता है. जन सुराज की संगठनात्मक ताकत भी अभी उस स्तर पर नहीं है कि मुकाबला आसान हो जाए. लेकिन नेतृत्वक दृष्टि से देखें तो इस चुनाव में प्रशांत किशोर के पास खोने के लिए अपेक्षाकृत कम और पाने के लिए बहुत कुछ है. अगर वे हारते हैं, तो कहा जाएगा कि बीजेपी के गढ़ में हारना अस्वाभाविक नहीं था. लेकिन अगर वे जीत जाते हैं, तो यह सिर्फ एक सीट की जीत नहीं होगी. यह उनकी नेतृत्वक स्वीकार्यता की पहली बड़ी मुहर होगी. जन सुराज को पहली विधानसभा सीट मिलेगी और प्रशांत किशोर पहली बार बिहार विधानसभा में एक प्रभावी विपक्षी चेहरे के रूप में स्थापित हो सकते हैं. अंतिम सवाल और विशेषज्ञों की राय इसलिए बांकीपुर का यह उपचुनाव दो उम्मीदवारों के बीच का सामान्य मुकाबला नहीं है. एक तरफ बीजेपी अपने सबसे प्रतिष्ठित नेतृत्वक किले को बचाने की कोशिश करेगी, तो दूसरी तरफ प्रशांत किशोर यह साबित करना चाहेंगे कि वे सिर्फ चुनावी रणनीतिकार नहीं, बल्कि जनता का चुनाव जीतने वाले नेता भी बन सकते हैं. अब देखना यह है कि बांकीपुर उनके लिए नेतृत्वक सेल्फ गोल साबित होता है या फिर यही सीट उनके लंबे नेतृत्वक सफर की पहली बड़ी जीत और नया टर्निंग पॉइंट बन जाती है. इस मुद्दे पर जाने-माने नेतृत्वक विश्लेषक नरेंद्र कुमार का मानना ​​है कि NDA जीतेगी, लेकिन मुकाबला कड़ा होगा. बांकीपुर (जिसे पहले पटना वेस्ट के नाम से जाना जाता था)

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खामेनेई की अंतिम विदाई शुरू, 9 को होंगे सुपुर्द- ए- खाक, अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं हजारों लोग

Khamenei’s final farewell : ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की शुरुआत हो गई है. छह दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम में करीब दो करोड़ लोगों के शामिल होने की उम्मीद है. तेहरान में उमड़ा जनसैलाब ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की शुरुआत शनिवार ( 4 जुलाई ) से तेहरान में हो गई. राजधानी के ग्रैंड मोसल्ला में हजारों लोग सुबह से ही अंतिम दर्शन के लिए पहुंचने लगे. ईरानी प्रशासन का दावा है कि अगले तीन दिनों में 1.5 से 2 करोड़ लोग अंतिम यात्रा में शामिल हो सकते हैं. यह 1989 में अयातुल्ला रुहोल्ला खोमैनी के अंतिम संस्कार के बाद देश का सबसे बड़ा जनसमूह माना जा रहा है. Scenes from the Funeral Prayer Ceremony for Iran’s Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei During the ceremony, Iran’s Foreign Minister Abbas Araghchi and the Speaker of the Iranian Parliament, Mohammad Bagher Ghalibaf, were moved to tears. pic.twitter.com/2YCkPBmsDX — Iran Updates🚨 (@IranUpdatesNow) July 3, 2026 4 जुलाई की तारीख बनी चर्चा का विषय खामेनेई के अंतिम संस्कार की शुरुआत 4 जुलाई को हुई, जो अमेरिका के स्थापना दिवस की 250वीं वर्षगांठ भी है. हालांकि ईरान ने आधिकारिक तौर पर इसे प्रतीकात्मक नहीं बताया, लेकिन समारोह के दौरान “डेथ टू अमेरिका” और “बदला-बदला” जैसे नारे गूंजते रहे. इससे इस तारीख को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है. छह दिन तक चलेगा अंतिम संस्कार खामेनेई अंतिम संस्कार का कार्यक्रम 4 से 9 जुलाई तक चलेगा. 4 और 5 जुलाई को तेहरान में आम लोग अंतिम दर्शन करेंगे। 6 जुलाई को राजधानी में अंतिम यात्रा निकाली जाएगी. इसके बाद 7 जुलाई को पार्थिव शरीर कोम ले जाया जाएगा, 8 जुलाई को इराक के नजफ और कर्बला में श्रद्धांजलि दी जाएगी और 9 जुलाई को उनके गृह नगर मशहद में दफनाया जाएगा. नई नेतृत्व पर दुनिया की नजर इस पूरे कार्यक्रम के दौरान नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई पर भी सबकी नजर बनी हुई है. माना जा रहा है कि वह अपने पिता की मौत के बाद पहली बार बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम में दिखाई दे सकते हैं. हालांकि, उनकी सेहत को लेकर अब तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. दुनिया भर के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि खामेनेई की अंतिम विदाई में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ, विदेश मंत्री अब्बास अराघची सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव और हमास, हिज्बुल्लाह तथा तालिबान के प्रतिनिधियों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की. हिंदुस्तान की ओर से केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन शामिल हुए. नन्ही पोती का ताबूत देख भावुक हुए लोग समारोह का सबसे भावुक दृश्य तब देखने को मिला जब खामेनेई के ताबूत के साथ उनके परिवार के उन सदस्यों के ताबूत भी रखे गए, जिनकी हालिया हमले में मौत हुई थी. इनमें उनकी बड़ी बेटी, दामाद, नए सर्वोच्च नेता की पत्नी और सिर्फ 14 महीने की पोती का छोटा ताबूत भी शामिल था. इस दृश्य को देखकर कई लोग भावुक होकर रो पड़े. कड़ी सुरक्षा और बदले की चेतावनी तेहरान में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. कई सड़कें बंद कर दी गई हैं और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है. इस बीच संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि “शहीद नेता के खून का बदला पूरी दुनिया सुनेगी.” वहीं सेना प्रमुख अमीर हातामी ने अमेरिका और इजराइल को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान जरूरत पड़ने पर फिर से जवाब देने के लिए तैयार है. यह भी पढ़ें- ईरान के वार्ताकारों की हत्या की साजिश, इजराइल ने रिपोर्ट को बताया ‘फेक न्यूज’ The post खामेनेई की अंतिम विदाई शुरू, 9 को होंगे सुपुर्द- ए- खाक, अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं हजारों लोग appeared first on Naya Vichar.

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वृषभ साप्ताहिक राशिफल 5 से 11 जुलाई तक: इस सप्ताह सफलता के साथ मिलेगी आर्थिक मजबूती

Vrishabh Saptahik Rashifal, वृषभ राशि: इस सप्ताह आपके जीवन में परिवार का सहयोग, आर्थिक लाभ के नए अवसर और कार्यक्षेत्र में चुनौतियों के बीच सफलता के संकेत हैं. हालांकि स्वास्थ्य और रिश्तों को लेकर विशेष सावधानी बरतनी होगी. जानिए इस सप्ताह का पूरा राशिफल, लकी अंक, शुभ रंग और प्रभावी उपाय. पारिवारिक जीवन इस सप्ताह घर-परिवार में मेलजोल और सकारात्मक माहौल बना रहेगा. सामाजिक कार्यों में हिस्सा लेने से समाज में आपकी साख और जुड़ाव बढ़ेगा. प्राकृतिक स्थलों की यात्रा की योजना बन सकती है, जो पूरे परिवार को मानसिक शांति और ऊर्जा प्रदान करेगी. व्यापार और नौकरी कार्यक्षेत्र में अपनी वर्तमान स्थिति को बनाए रखना आपके लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है. आपके विरोधी बहुत सक्रिय रहेंगे, लेकिन आपके प्रभावशाली व्यक्तित्व और विवेकपूर्ण निर्णयों के आगे उनकी सारी चालें असफल होंगी. करियर और शिक्षा इस दौरान दिखावे और आडंबर से पूरी तरह दूरी बनाए रखें. दूसरों की नकल करने या अनावश्यक प्रतिस्पर्धा में फंसने से बचें. छात्रों को अपनी सादगी और सहजता पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि यही आपकी सबसे बड़ी ताकत साबित होगी. स्वास्थ्य इस सप्ताह सेहत को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज न करें. फेफड़ों से संबंधित समस्याएं परेशानी का कारण बन सकती हैं. सांस लेने या एलर्जी से जुड़े लक्षणों को हल्के में न लें, समय रहते डॉक्टरी सलाह अवश्य लें. आर्थिक स्थिति आर्थिक दृष्टिकोण से सप्ताह लाभदायक रहेगा. नई आय के स्रोत सामने आ सकते हैं. इस दौरान अचानक आर्थिक लाभ मिलने की संभावना भी बनी हुई है, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति में मजबूती आएगी. प्रेम जीवन रिश्तों में संतुलन बनाए रखने के लिए आपको थोड़ा झुकना पड़ सकता है. आपका स्वभाव अकसर अड़ियल रहता है, लेकिन प्रेम संबंधों को बचाने और तालमेल बनाने के लिए समझदारी व लचीलापन दिखाना जरूरी होगा. लकी अंक: 1, 7लकी रंग: भूरा, हरा उपाय घर के पास स्थित मंदिर में जाकर भगवान गणेश को भोग अर्पित करें और पंडित से विधिपूर्वक पूजन कराएं. बाद में प्रसाद गरीबों में वितरित करें, इससे बाधाएं दूर होंगी और सुख-शांति बनी रहेगी. The post वृषभ साप्ताहिक राशिफल 5 से 11 जुलाई तक: इस सप्ताह सफलता के साथ मिलेगी आर्थिक मजबूती appeared first on Naya Vichar.

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तेल लगाते समय न करें ये 5 गलतियां, वरना तेजी से बढ़ सकता है हेयर फॉल

Hair Oiling Mistakes: बालों को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने के लिए तेल लगाना एक पुरानी और असरदार आदत मानी जाती है. लेकिन कई बार लोग तेल तो लगाते हैं, फिर भी बाल झड़ने की समस्या कम नहीं होती. इसकी एक बड़ी वजह तेल लगाने का गलत तरीका भी हो सकता है. अगर आप भी बालों में तेल लगाते हैं, तो कुछ सामान्य गलतियों से बचना जरूरी है. आइए जानते हैं ऐसी 5 गलतियां, जो हेयर फॉल बढ़ाने का कारण बन सकती हैं. 1. बहुत ज्यादा तेल लगाना (Hair Oiling Mistakes) कई लोगों को लगता है कि जितना ज्यादा तेल लगाएंगे, बाल उतने ही मजबूत होंगे. जबकि जरूरत से ज्यादा तेल लगाने से स्कैल्प पर धूल और गंदगी जल्दी चिपकने लगती है. इससे बालों की जड़ें प्रभावित हो सकती हैं और स्कैल्प की सफाई भी मुश्किल हो जाती है. बालों की लंबाई और घनत्व के हिसाब से ही तेल लगाना बेहतर माना जाता है. PC: AI Generated 2. बहुत जोर से मसाज करना तेल लगाते समय तेज दबाव के साथ मसाज करना भी सही नहीं है. कई लोग नाखूनों से सिर खुजलाते हुए या जोर-जोर से रगड़ते हुए तेल लगाते हैं, जिससे बाल टूट (Hair Oiling Mistakes) सकते हैं और स्कैल्प में जलन भी हो सकती है. हमेशा उंगलियों के पोरों से हल्के हाथों से गोलाई में मसाज करें. 3. कई दिनों तक तेल लगाकर छोड़ देना कुछ लोग एक बार तेल लगाने के बाद उसे दो से तीन दिन तक नहीं धोते. इससे स्कैल्प पर तेल, पसीना और धूल जमा हो सकती है, जो खुजली, डैंड्रफ और बाल झड़ने जैसी समस्याओं को बढ़ा सकती है. आमतौर पर कुछ घंटों बाद या रातभर तेल लगाकर अगली सुबह बाल धोना बेहतर माना जाता है. 4. गंदे बालों में बार-बार तेल लगाना अगर स्कैल्प पहले से ही गंदा है और उस पर बार-बार तेल लगाया जाए, तो रोमछिद्र बंद (Hair Oiling Mistakes) हो सकते हैं. इससे स्कैल्प की सफाई प्रभावित होती है और बाल कमजोर पड़ सकते हैं. इसलिए जरूरत पड़ने पर पहले बालों को साफ करें और फिर तेल लगाएं. PC: AI Generated 5. हर किसी के लिए एक ही तेल इस्तेमाल करना हर इंसान के बाल और स्कैल्प की जरूरत अलग होती है. किसी को नारियल का तेल सूट करता है, तो किसी को बादाम, तिल या आंवले वाला तेल. सिर्फ दूसरों की सलाह देखकर कोई भी तेल इस्तेमाल करने के बजाय अपनी जरूरत और बालों के प्रकार के अनुसार तेल चुनना बेहतर होता है. अगर स्कैल्प से जुड़ी कोई समस्या है, तो एक्सपर्ट की सलाह लेना भी सही रहेगा. बालों में तेल लगाने का सही तरीका तेल को हल्का गुनगुना करके लगाने से वह आसानी से स्कैल्प तक पहुंच सकता है. उंगलियों के पोरों से धीरे-धीरे मसाज करें और जरूरत के हिसाब से ही तेल लगाएं. इसके बाद समय पर हल्के शैंपू से बाल धो लें. साथ ही संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और अच्छी नींद भी बालों की सेहत के लिए उतनी ही जरूरी है. यह भी पढ़ें: बारिश के दिनों में अचानक बढ़ जाता है बालों का झड़ना? टेंशन लेने की जरूरत नहीं, अपनाएं ये सिंपल हेयर केयर टिप्स The post तेल लगाते समय न करें ये 5 गलतियां, वरना तेजी से बढ़ सकता है हेयर फॉल appeared first on Naya Vichar.

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प्रेमानंद जी महाराज: घर हो या बाहर, खाना खाने से पहले बस कर लें ये एक काम, होगा कल्याण 

Premanand Ji Maharaj: हिंदुस्तान के प्रसिद्ध हिंदू आध्यात्मिक गुरु और संत प्रेमानंद जी महाराज ने प्रतिदिन भोजन करने से पहले श्रद्धापूर्वक भगवान को भोग लगाने की सलाह दी है. महाराज का कहना है कि सच्चे मन से भगवान को भोग लगाने से व्यक्ति का कल्याण होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. इसलिए भगवान को भोग लगाए बिना भोजन नहीं करना चाहिए. View this post on Instagram A post shared by Bhajan Marg Official (@bhajanmarg_official) बाहर खाना खाते समय भोग कैसे लगाएं? प्रेमानंद जी महाराज ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति घर से बाहर भोजन कर रहा हो और भगवान को प्रत्यक्ष रूप से भोग नहीं लगा सकता हो, तो ऐसी स्थिति में मानसिक रूप से भोग लगाना चाहिए. महाराज के अनुसार, जब आपके सामने भोजन परोसा जाए, तो उसे ग्रहण करने से पहले हाथ जोड़कर भगवान का स्मरण करें. मन ही मन भगवान को इस भोजन के लिए धन्यवाद दें और कहें, “प्रभु, आपकी कृपा से मुझे यह भोजन प्राप्त हुआ है. मैं इसे आपको अर्पित करता हूं.” इसके बाद भगवान का जयकारा लगाकर श्रद्धापूर्वक भोजन ग्रहण करें. भोजन तामसिक हो तो क्या करें? प्रेमानंद जी महाराज ने बताया कि भगवान को कभी भी तामसिक भोजन का भोग नहीं लगाना चाहिए. यदि भोजन में प्याज, लहसुन, मांस, मछली, अंडा या अन्य तामसिक पदार्थ शामिल हों, तो उसका मानसिक भोग भी भगवान को नहीं लगाना चाहिए. इसे उचित नहीं माना जाता है. भगवान को हमेशा सात्विक भोजन ही अर्पित करना चाहिए. यह भी पढ़ें: Vastu Tips: हाथ में नहीं टिकता पैसा? घर में रखी ये चीजें हो सकती हैं इसकी वजह The post प्रेमानंद जी महाराज: घर हो या बाहर, खाना खाने से पहले बस कर लें ये एक काम, होगा कल्याण  appeared first on Naya Vichar.

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25 साल पहले हुई थी पहली मुलाकात, 5 जुलाई को बनेंगी आमिर खान की तीसरी वाइफ, जानें कैसे शुरू हुई लवस्टोरी

Aamir Khan Gauri Spratt Love Story: 25 साल पहले आमिर खान और गौरी स्प्रैट की मुलाकात बेंगलुरु में हुई थी. फिर दोनों अपनी लाइफ में बिजी हो गए, लेकिन किस्मत ने फिर उन्हें मिलवा दिया. इस बार स्टार्स ने एक दूसरे से दोस्ती की. फिर बातचीत के दौरान उन्हें प्यार हो गया और अब 5 जुलाई को आमिर और गौरी शादी करने जा रहे हैं. Aamir Khan Gauri Kept Their Relationship Secret: आमिर खान-गौरी ने अपने रिश्ते को रखा था सीक्रेट शुरुआत में आमिर और गौरी ने अपने रिश्ते को मीडिया लाइमलाइट से दूर रखा. दुनिया को उनके रिश्ते के बारे में तब पता चला, जब आमिर ने अपने 60वें जन्मदिन के मौके पर पहली बार गौरी को ऑफिशियल तौर पर मिलवाया. उन्होंने कहा था कि सही मौका है, जब सभी गौरी से मिलें. Aamir khan gauri spratt Aamir Khan On love story with Gauri: गौरी संग अपनी लवस्टोरी पर क्या बोले थे आमिर खान गौरी संग अपनी लवस्टोरी पर आमिर खान ने एक इंटरव्यू में कहा था कि अब वह पहले से ज्यादा मैच्योर और सुकून भरी जिंदगी जी रहे हैं. गौरी उनकी जिंदगी में शांति और खुशियां लेकर आई हैं. आमिर ने आगे कहा कि रीना दत्ता और किरण राव से भी रिश्ता मजबूत था, लेकिन वक्त के साथ चीजें बदल गई. वहीं गौरी के साथ उन्हें ऐसा महसूस होता है कि अब उनकी जिंदगी पूरी हो गई है. Aamir khan kiran rao Aamir Khan Confirms Marriage: आमिर खान ने शादी की कंफर्म आमिर खान ने 3 जुलाई को मीडिया संग बातचीत में कंफर्म किया था, ”हां, मेरी शादी 5 जुलाई को हो रही है. बहुत छोटी-सी शादी है, घर पर ही करेंगे.” उन्होंने सभी से उनकी प्राइवेसी का सम्मान करने और नए सफर के लिए दुआएं देने की अपील भी की. यह आमिर खान की तीसरी शादी होगी. उन्होंने पहली शादी 1986 में रीना दत्ता से की थी, जिनसे उनके दो शिशु जुनैद और ईरा खान है. साल 2002 में उनका तलाक हो गया. साल 2005 में आमिर ने किरण राव से शादी की. साल 2021 में दोनों ने अलग होने का फैसला लिया. दोनों का बेटा आजाद राव है. यह भी पढ़ें- कितनी अमीर हैं आमिर खान की होने वाली पत्नी, जानें गौरी स्प्रैट की नेटवर्थ यह भी पढ़ें- पता नहीं डिटेल्स कैसे हुई लीक, गौरी स्प्रैट संग शादी की चर्चाओं पर बोले आमिर खान The post 25 साल पहले हुई थी पहली मुलाकात, 5 जुलाई को बनेंगी आमिर खान की तीसरी वाइफ, जानें कैसे शुरू हुई लवस्टोरी appeared first on Naya Vichar.

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500 शहरों की बदलने वाली है तस्वीर, क्या अब यहीं मिलेंगी नौकरी और कमाई के मौके?

Middle Class Growth: अगर आप किसी छोटे शहर में रहते हैं और अक्सर सोचते हैं कि अच्छी नौकरी या बेहतर कमाई के लिए बड़े शहर जाना ही पड़ेगा, तो आने वाले सालों में यह सोच बदल सकती है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को फ्रांस में आयोजित एक आर्थिक सम्मेलन में कहा कि हिंदुस्तान के करीब 500 शहर आने वाले समय में नए आर्थिक केंद्र (Economic Hubs) बन सकते हैं. यानी रोजगार, कारोबार और निवेश के मौके अब सिर्फ मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं रहेंगे. उन्होंने बताया कि आज हिंदुस्तान की करीब 31% आबादी मिडिल क्लास है और यही वर्ग देश की वित्तीय स्थिति को सबसे ज्यादा गति दे रहा है. क्या अब छोटे शहरों में भी बढ़ेंगे मौके? आज भी लाखों लोग बेहतर नौकरी और करियर के लिए अपने शहर छोड़कर दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु या पुणे जैसे शहरों का रुख करते हैं. लेकिन प्रशासन का मानना है कि आने वाले वर्षों में टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी तेजी से विकास होगा. अगर ऐसा होता है तो लोगों को अपने ही शहर के आसपास बेहतर नौकरी, बिजनेस और कमाई के अवसर मिल सकते हैं. इससे बड़े शहरों पर दबाव भी कम होगा और छोटे शहरों की वित्तीय स्थिति भी मजबूत होगी. मिडिल क्लास को क्यों कहा गया देश का असली इंजन? वित्त मंत्री ने कहा कि मिडिल क्लास सिर्फ विकास का फायदा उठाने वाला वर्ग नहीं है, बल्कि वही विकास को आगे बढ़ा रहा है. आसान भाषा में समझें तो जब लोग घर खरीदते हैं, बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करते हैं, गाड़ी लेते हैं, यात्रा करते हैं या रोजमर्रा की खरीदारी करते हैं, तो बाजार में पैसा घूमता है और कारोबार बढ़ता है. यही वजह है कि हिंदुस्तान में होने वाले करीब 93% खर्च मिडिल क्लास और थोड़ा अधिक आय वाले परिवारों से आता है. एक नजर में बड़ी बातें मुद्दा जानकारी हिंदुस्तान की मिडिल क्लास आबादी 31% हर साल बढ़ने की रफ्तार 6.3% कुल खर्च में हिस्सेदारी करीब 93% नए आर्थिक केंद्र लगभग 500 शहर MSME का निर्यात में योगदान करीब 40% प्रशासन क्या कर रही है? मिडिल क्लास को मजबूत बनाने के लिए प्रशासन कई कदम उठा रही है. इनमें शामिल हैं— आसान बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं GST में राहत और बदलाव बिना गारंटी वाले लोन प्रधानमंत्री आवास योजना छोटे कारोबार और MSME को बढ़ावा इन योजनाओं का मकसद लोगों की आय बढ़ाना और नए रोजगार के अवसर तैयार करना है. AI से डरने की नहीं, सीखने की जरूरत? आज कई लोगों को लगता है कि AI आने से नौकरियां कम हो जाएंगी. इस पर वित्त मंत्री ने कहा कि प्रशासन देशभर में AI स्किलिंग प्रोग्राम चला रही है ताकि लोग नई तकनीक सीखकर बेहतर अवसर हासिल कर सकें. उन्होंने बताया कि हिंदुस्तान के करीब 40% एक्सपोर्ट में MSME का योगदान है और ये छोटे उद्योग भी तेजी से AI का इस्तेमाल कर रहे हैं. ऐसे में आने वाले समय में AI की जानकारी रखने वाले लोगों की मांग और बढ़ सकती है. ये भी पढ़ें: 8th Pay Commission : भुवनेश्वर में शुरू होगी अहम बैठक, सैलरी, पेंशन और HRA पर क्या होगा फैसला The post 500 शहरों की बदलने वाली है तस्वीर, क्या अब यहीं मिलेंगी नौकरी और कमाई के मौके? appeared first on Naya Vichar.

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रेड अलर्ट पर मुंबई, आईएमडी ने कहा-भारी बारिश की संभावना, 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी हवा

Mumbai Rain News : हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को मुंबई के लिए रेड अलर्ट किया है. आईएमडी के अनुसार अगले 24 घंटों में मुंबई शहर एवं उपनगरों में भारी से बहुत भारी बारिश होने तथा कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश और 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है. मौसम के इस रुख को देखते हुए आईएमडी ने सतर्कता बरतने की चेतावनी जारी कर दी है. भारी बारिश की चपेट में है मुंबई दक्षिण पश्चिम मानसून के सक्रिय होने से पिछले एक सप्ताह से मुंबई में भारी बारिश हो रही है. मुंबई नगर निकाय के अधिकारियों के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान मुंबई के कई हिस्सों में 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश रिकार्ड की गई है. हालांकि, भारी बारिश के बावजूद शहर में सार्वजनिक परिवहन सामान्य रूप से चल रहा है. हालांकि यात्रियों ने उपनगरीय लोकल ट्रेन नेटवर्क के संचालन में देरी की शिकायत की है. VIDEO | Maharashtra: Heavy rains batter Pune; a low-lying blanket of fog covers the Pune-Mumbai expressway. (Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/AMAW0fPPwW — Press Trust of India (@PTI_News) July 4, 2026 अगले एक-दो दिनों में भी होगी भारी बारिश मौसम विभाग ने जिलावार पूर्वानुमान में मुंबई के लिए रेड अलर्ट जारी कर सप्ताह के अंत में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी और कुछ चुनिंदा इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है. बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) द्वारा शेयर किए गए आंकड़ों के अनुसार, पश्चिमी उपनगरों में बांद्रा (एच वेस्ट वार्ड कार्यालय) में सबसे अधिक 150.6 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई. वहीं, पूर्वी उपनगरों में विक्रोली में सबसे अधिक 143 मिलीमीटर बारिश हुई. मुंबई में पिछले 24 घंटों के दौरान हुई बारिश में शहर में 99 मिलीमीटर, पूर्वी उपनगरों में 98 मिलीमीटर और पश्चिमी उपनगरों में 94 मिलीमीटर औसत वर्षा हुई. ये भी पढ़ें : मौसम: बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर, इन राज्यों में अगले 4 दिन होगी भारी बारिश The post रेड अलर्ट पर मुंबई, आईएमडी ने कहा-भारी बारिश की संभावना, 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी हवा appeared first on Naya Vichar.

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भारत सरकार का एक्शन, JeM-LeT से जुड़े 23 पाकिस्तानियों को आतंकी घोषित किया

हिंदुस्तान प्रशासन के गृह मंत्रालय ने पाकिस्तान में मौजूद 23 लोगों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून (UAPA) के तहत आतंकवादी घोषित किया है. मंत्रालय के अनुसार, ये लोग जैश-ए-मोहम्मद (JeM), लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और दूसरे आतंकी संगठनों से जुड़े हैं. इन पर जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कराने, आतंकियों की भर्ती करने, हथियार पहुंचाने और हमलों की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप हैं. प्रशासन का कहना है कि ये सभी लंबे समय से आतंकी गतिविधियों में शामिल रहे हैं. आतंकवादी घोषित किए गए लोगों में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के संस्थापक हाफिज सईद के कई करीबी सहयोगी भी शामिल हैं. हाफिज सईद पर हिंदुस्तान में हुए कई बड़े आतंकी हमलों की साजिश रचने का आरोप है. UAPA कानून में किया गया था बदलाव केंद्र प्रशासन ने अगस्त 2019 में UAPA कानून में बदलाव किया था. पहले इस कानून के तहत सिर्फ संगठनों को ही आतंकी घोषित किया जा सकता था, लेकिन काननू में बदलाव के बाद किसी व्यक्ति को भी आतंकवादी घोषित करने का प्रावधान जोड़ दिया गया. इसके बाद NIA जैसी जांच एजेंसियां ऐसे लोगों की संपत्ति जब्त कर सकती हैं और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर सकती हैं. MHA designates 23 individuals based in Pak, linked to JeM, LeT and other organisations, as ‘terrorists’ under UAPA: Govt order. pic.twitter.com/Y8AhRnEDya — Press Trust of India (@PTI_News) July 4, 2026 कौन से नाम हैं लिस्ट में? जानें आतंकवादी घोषित लोगों की मौजूदा लिस्ट में हाफिज सईद, जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मौलाना मसूद अजहर, 26/11 मुंबई हमलों के साजिशकर्ता जकी-उर-रहमान लखवी, फरार अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और अमेरिका में रहने वाला खालिस्तानी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू जैसे नाम शामिल हैं. नए 23 नाम जोड़ने के बाद अब प्रशासन की आतंकी सूची में कुल 80 लोगों के नाम शामिल हो गए हैं. यह भी पढ़ें : आतंक के खिलाफ अफगानिस्तान का एक्शन, पाकिस्तान में ISIS बेस पर बरसे बम शनिवार (4 जुलाई) सुबह जारी अधिसूचना के मुताबिक, प्रशासन ने जिन लोगों को आतंकवादी घोषित किया है, उनमें हाफिज सईद के तीन करीबी सहयोगी भी शामिल हैं. इनमें अब्दुल रऊफ, जो लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जमात-उद-दावा (JuD) का सदस्य है. हाफिज खालिद वलीद, जो LeT और JuD का बड़ा नेता है. लिस्ट में राणा इफ्तिखार का नाम भी शामिल हैं. राणा पर युवाओं का ब्रेन वॉश करके आतंकवादी गतिविधियों में शामिल करने का आरोप है. The post हिंदुस्तान प्रशासन का एक्शन, JeM-LeT से जुड़े 23 पाकिस्तानियों को आतंकी घोषित किया appeared first on Naya Vichar.

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