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July 15, 2026

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ममता बनर्जी का बागियों को संदेश- अभिषेक के हाथों में ही रहेगी टीएमसी की कमान, दीदी ने जनता से क्यों मांगी माफी?

Mamata Banerjee Backs Abhishek Banerjee: ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) की संस्थापक और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने साफ कर दिया है कि उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी ही भविष्य में पार्टी के नेता बनेंगे. उन्होंने बुधवार को एक वीडियो बयान जारी किया. इसमें ममता बनर्जी ने टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी का खुलकर समर्थन किया. मदन मित्रा और सुदीप बंद्योपाध्याय जैसे दिग्गज नेताओं के द्वारा अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधे जाने के बाद ममता बनर्जी का यह वीडियो बागी नेताओं को स्पष्ट संदेश दे रहा है. गद्दारों की ओर से मैं जनता से माफी मांगती हूं : ममता ममता बनर्जी ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को ‘गद्दार’ करार दिया. उन्होंने पश्चिम बंगाल की जनता को संबोधित करते हुए कहा- पार्टी के जिन गद्दारों ने अपने निजी हितों के लिए इस कठिन समय में तृणमूल कांग्रेस की पीठ में छुरा घोंपा है, मैं उनकी ओर से बंगाल की जनता से हाथ जोड़कर माफी मांगती हूं. जनता ने हमें बड़े भरोसे के साथ चुना था, लेकिन कुछ लोग केंद्रीय एजेंसियों के डर से या अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं के कारण पार्टी को धोखा दे रहे हैं. परिवार के नेतृत्वक समझौते के आरोपों को किया खारिज विपक्ष और बागी धड़े द्वारा लगाये जा रहे ‘परिवारवाद’ और नेतृत्वक सौदेबाजी के आरोपों का जवाब देते हुए ममता बनर्जी पूरी तरह आक्रामक नजर आयीं. उन्होंने कहा कि तो उन्होंने या उनके परिवार (अभिषेक बनर्जी) ने अपने नेतृत्वक अस्तित्व के लिए कभी सिद्धांतों से कोई समझौता नहीं किया. ममता ने कहा कि वे किसी भी दबाव या केंद्रीय जांच एजेंसियों के डर के आगे झुकने वाली नहीं हैं. ये भी पढ़ें: टीएमसी विवाद : एनसीपीआई को सर्वदलीय बैठक में बुलायेंगे ओम बिरला! सुदीप सदन के नेता, शताब्दी बन सकती हैं उपनेता नये सिरे से तृणमूल कांग्रेस को खड़ा करने का संकल्प ममता बनर्जी ने इसे संकट के साथ-साथ एक नये अवसर के रूप में देखते हुए पार्टी के कायाकल्प की बात कही. उन्होंने कार्यकर्ताओं में नया जोश फूंकते हुए संकल्प लिया कि वे तृणमूल कांग्रेस को जमीनी स्तर पर फिर से संगठित और पुनर्गठित करेंगी. ममता बनर्जी के इस बयान से साफ है कि भविष्य में भी टीएमसी की कमान अभिषेक बनर्जी के हाथों में ही रहेगी. ये भी पढ़ें: असली तृणमूल और सिंबल विवाद पर चुनाव आयोग को जल्द लेना होगा फैसला, 24 को है राज्यसभा चुनाव The post ममता बनर्जी का बागियों को संदेश- अभिषेक के हाथों में ही रहेगी टीएमसी की कमान, दीदी ने जनता से क्यों मांगी माफी? appeared first on Naya Vichar.

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ICC ने बदला वर्ल्ड कप का नियम, वनडे में सुपर-7 और T20 में एलिमिनेटर की एंट्री

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने पुरुष क्रिकेट के दो टूर्नामेंट वनडे विश्व कप और टी20 विश्व कप के फॉर्मेट में बदलाव की घोषणा की है. एडिनबर्ग में आयोजित ICC की वार्षिक कॉन्फ्रेंस के दौरान चीफ एग्जीक्यूटिव्स कमेटी (CEC) की सिफारिशों पर इन बदलावों को मंजूरी दी गई. नए प्रारूप का उद्देश्य टूर्नामेंट को अधिक प्रतिस्पर्धी, रोमांचक और दर्शकों के लिए आकर्षक बनाना है. ICC के अनुसार, नए फॉर्मेट से हर राउंड के मुकाबलों का महत्व बढ़ेगा और उभरती हुई टीमों को भी वैश्विक मंच पर अपनी क्षमता दिखाने का बेहतर अवसर मिलेगा. वनडे विश्व कप में लागू होगा तीन-स्तरीय फॉर्मेट 14 टीमों वाला वनडे विश्व कप अब पुराने प्रारूप से अलग दिखाई देगा. नए सिस्टम में टूर्नामेंट तीन राउंड में स्पोर्ट्सा जाएगा. सबसे पहले राउंड-1 में रैंकिंग में सबसे नीचे की तीन टीमें (12वीं, 13वीं और 14वीं) ‘सुपर सीरीज’ स्पोर्ट्सेंगी. इस चरण से केवल एक टीम अगले दौर में पहुंचेगी. इसके बाद राउंड-2 में कुल 12 टीमें दो ग्रुप में बंटेंगी, जिनमें प्रत्येक ग्रुप में छह टीमें होंगी. दोनों ग्रुप की शीर्ष तीन-तीन टीमें और अगली सर्वश्रेष्ठ टीम मिलकर सात टीमों के नए ‘सुपर-7’ चरण में पहुंचेंगी. सुपर-7 में सभी टीमें राउंड-रॉबिन आधार पर मुकाबले स्पोर्ट्सेंगी और यहां से शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी. इसके बाद फाइनल के जरिए चैंपियन का फैसला होगा. आईसीसी ने बदले ये नियम (फोटो-सोशल मीडिया) टी20 विश्व कप में सुपर-10 और एलिमिनेटर का नया रोमांच टी20 विश्व कप के प्रारूप में भी बड़ा बदलाव किया गया है. 2026 संस्करण में उभरती टीमों के शानदार प्रदर्शन से प्रभावित होकर ICC ने दूसरे चरण को आठ टीमों से बढ़ाकर 10 टीमों का कर दिया है. अब शुरुआती दौर में 20 टीमों को चार-चार टीमों के पांच ग्रुप में बांटा जाएगा. प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष दो टीमें अगले दौर में पहुंचेंगी, जहां ‘सुपर-10’ चरण स्पोर्ट्सा जाएगा. सुपर-10 में 10 टीमों को पांच-पांच टीमों के दो ग्रुप में विभाजित किया जाएगा. यहां से दोनों ग्रुप की शीर्ष टीम सीधे सेमीफाइनल में पहुंचेगी. एलिमिनेटर से तय होंगे बाकी सेमीफाइनलिस्ट नए फॉर्मेट का सबसे दिलचस्प हिस्सा ‘एलिमिनेटर’ होगा. सुपर-10 के दोनों ग्रुप में दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमें क्रॉस-ओवर एलिमिनेटर मुकाबले स्पोर्ट्सेंगी. इन मैचों के विजेता बाकी दो सेमीफाइनल स्थान हासिल करेंगे. इस बदलाव से सुपर-10 चरण के आखिरी मुकाबलों का महत्व काफी बढ़ जाएगा, क्योंकि तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमों के पास भी खिताब की दौड़ में बने रहने का मौका रहेगा. 2028 टी20 विश्व कप के लिए भी बना नया क्वालिफिकेशन रोडमैप ICC बोर्ड ने 2028 टी20 विश्व कप के लिए क्वालिफिकेशन प्रक्रिया का भी खाका तैयार किया है. 2026 विश्व कप में सीधे क्वालिफाई नहीं करने वाली टीमें ग्लोबल क्वालिफायर में हिस्सा लेंगी. इस चरण में क्षेत्रीय क्वालिफायर से आने वाली आठ टीमें भी शामिल होंगी. अफ्रीका, एशिया और यूरोप से दो-दो टीमें, जबकि अमेरिका और ईस्ट एशिया-पैसिफिक क्षेत्र से एक-एक टीम इसमें जगह बनाएगी. ग्लोबल क्वालिफायर से प्रत्येक क्षेत्र की सर्वश्रेष्ठ टीम और कुल मिलाकर अगली तीन शीर्ष टीमें 2028 टी20 विश्व कप के लिए क्वालिफाई करेंगी. ये भी पढ़ें: फीफा वर्ल्ड कप से बाहर होते ही रो पड़े एम्बाप्पे, भावुक VIDEO हुआ वायरल The post ICC ने बदला वर्ल्ड कप का नियम, वनडे में सुपर-7 और T20 में एलिमिनेटर की एंट्री appeared first on Naya Vichar.

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NCP-SP में फूट की खबरों पर सुप्रिया सुले का पूर्णविराम, बोलीं- सभी 8 सांसद और विधायक एकजुट हैं

Supriya Sule NCP SP Unity: NCP (SP) नेता सुप्रिया सुले ने कहा, “मेरे पास गपशप करने के लिए इतना फालतू समय नहीं है. मैं सूत्रों पर भरोसा नहीं करती, मैं असलियत पर यकीन करती हूं. मैं आपको यकीन दिलाती हूं कि NCP(SP) के सभी 8 सांसद और हमारे सभी विधायक एकजुट हैं. NCP(SP) एक ऐसी पार्टी है जिसका नेतृत्व न सिर्फ शरद पवार करते हैं, बल्कि वे हर किसी पर ध्यान देते हैं और सबकी बात सुनते हैं. एक नेता के तौर पर उनकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि वे बहुत अच्छे से बात सुनते हैं.” छिपकर कुछ नहीं किया गया : सुप्रिया सुले सुप्रिया सुले ने कहा: यह एक आधिकारिक बैठक थी. पार्टी के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने अपनी पार्टी के नगर परिषद अध्यक्ष के खिलाफ हुई एक कार्रवाई के सिलसिले में मुख्यमंत्री फडणवीस से मिलने का समय मांगा था. उन्होंने कहा- जयंत पाटिल दिन के उजाले में अपनी गाड़ी से गए और मिलकर वापस आए. इसमें छिपकर कुछ नहीं किया गया. सुप्रिया सुले ने अटकलों पर कसा तंज सुप्रिया सुले ने मजाकिया लहजे में कहा कि मीडिया पिछले 12 सालों से उन्हें मंत्री पद मिलने की भविष्यवाणी कर रहा है. कौन-सा विभाग किसे मिलेगा, यह फैसला केवल मुख्यमंत्री ही करते हैं. वित्त विभाग या ‘वर्षा’ में हुई बैठकों के बारे में आ रही सभी समाचारें केवल अटकलें हैं. ऐसे सवालों का जवाब केवल मुख्यमंत्री ही दे सकते हैं.’’ हर मुलाकात को नेतृत्वक साजिश के नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए : सुले सुप्रीया सुले ने कहा- “हर मुलाकात को नेतृत्वक साजिश के नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए. कल ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ की बैठक के दौरान मैंने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ नाश्ता किया और बाद में डिंपल और अखिलेश यादव से भी मिली, क्योंकि हमारे पारिवारिक संबंध हैं.” पूरा मामला क्या है? मंगलवार 14 जुलाई की रात को सत्ताधारी ‘महायुति’ गठबंधन (जिसमें अजीत पवार की NCP शामिल है) और विपक्षी ‘महा विकास आघाडी’ (जिसमें शरद पवार की NCP-SP शामिल है) के नेताओं की मुख्यमंत्री आवास पर बैठक हुई थी. जिसके बाद मीडिया में एनसीपी शरद पवार पार्टी में फूट की अटकलें शुरू हो गईं. पी चिदंबरम ने 131वां संविधान संशोधन विधेयक को लेकर किया था ऐसा दावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने दावा किया था कि केंद्र की बीजेपी प्रशासन 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में 131वां संविधान संशोधन विधेयक पास कराना चाहती है. चिदंबरम के मुताबिक, इस बिल को पास कराने के लिए बीजेपी को अतिरिक्त समर्थन की जरूरत है और वह शरद पवार की NCP (SP) तथा तमिलनाडु की DMK जैसी पार्टियों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है. इसी दावे के बीच जब महाराष्ट्र में नेताओं की मुलाकात हुई, तो अफवाहों को और हवा मिल गई. ये भी पढ़ें: सुप्रिया सुले ने केंद्र प्रशासन से 33% स्त्री आरक्षण लागू करने की मांग की The post NCP-SP में फूट की समाचारों पर सुप्रिया सुले का पूर्णविराम, बोलीं- सभी 8 सांसद और विधायक एकजुट हैं appeared first on Naya Vichar.

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हफ्तों तक फ्रेश और खुशबूदार रहेगी हरी धनिया, बस फ्रिज में रखने से पहले अपनाएं ये आसान हैक्स

Coriander Storage Hacks: हरी धनिया किसी भी खाने के स्वाद और खुशबू को मिनटों में बढ़ा देती है. चाहे आलू गोभी की सब्जी हो या फिर तीखी चटनी या फिर गर्मागर्म दाल, जब तक ऊपर से हरी धनिया न डाली जाए, तब तक खाने का स्वाद फीका ही लगता है. जब भी हम बाजार जाते हैं सब्जियां खरीदने, तो सब्जी वाले से धनिया भी खरीदकर फ्रिज में रख देते हैं, ताकि थोड़ा थोड़ा करके इसका इस्तेमाल सब्जियों में करते रहें. लेकिन हर इंडियन किचन की एक कहानी यह भी है कि, फ्रिज में रखने के बावजूद भी धनिया के ये पत्ते महज दो ही दिन के अंदर सूखकर काले पड़ जाते हैं. कई बार तो ऐसा भी होता है कि ये गलकर सड़ने लग जाते हैं. अगर आपके साथ भी आए दिन ऐसा ही होता है, तो आज का यह आर्टिकल आपके काफी काम का है. आज हम आपको कुछ ऐसे हैक्स बताने जा रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप बाजार से लाई हरी धनिया को हफ्तेभर से भी लंबे समय तक एकदम फ्रेश, खुशबूदार और खिला खिला बनाकर रख सकेंगे. तो चलिए इन सिंपल हैक्स के बारे में विस्तार से जानते हैं, ताकि जब आप अगली बार धनिया के पत्ते खरीदकर लाएं, तो इनके खराब होने की टेंशन लिए बिना इनका इस्तेमाल हफ्तों तक कर सकें. धनिया को लंबे समय तक फ्रेश रखने के टिप्स धनिया को अच्छे से साफ करना है सबसे पहला स्टेप जब भी आप बाजार से धनिया खरीदकर लाएं, तो उसे सीधे ले जाकर फ्रिज में स्टोर करने की गलती कभी न करें. सबसे पहले धनिया की गड्डी को खोलें और उसमें से सड़ चुकी पत्तियों या पीले पड़ चुके पत्तों को चुनकर अलग कर लें. अगर धनिया में कोई सड़ी हुई पत्ती रह जाएगी, तो वह बाकी की अच्छी धनिया को भी बहुत ही जल्द खराब कर देगी. इसके बाद आपको धनिया की जड़ों को काट लेना है, क्योंकि इस जड़ में ही मिट्टी और बैक्टीरिया के पनपने का खतरा रहता है. ये भी पढ़ें: क्या किचन में रखे मसाले बारिश के मौसम में हो जाते हैं खराब? ये सिंपल ट्रिक्स रखेंगी उन्हें लंबे समय तक फ्रेश पानी और टिशू पेपर का सही इस्तेमाल धनिया को अच्छे से साफ कर लेने के बाद आपको उसे अच्छी तरह से धो भी लेना है. जब आप उसे धोते हैं, तो उसमें मौजूद हर गंदगी और मिट्टी निकल जाती है. लेकिन, धोने के बाद सबसे जरूरी काम है इसे अच्छी तरह से सुखाना. धनिया को सुखाने के लिए इसे एक कपड़े या पेपर टॉवल पर फैलाकर रख दें. इसे तब तक रखें जब तक कि उसका पानी पूरी तरह सूख न जाए. इसके बाद एक साफ एयरटाइट डिब्बा लें और इसके निचले हिस्से पर एक टिशू पेपर बिछाएं. इसके बाद धनिया को रखें और फिर ऊपर से एक और टिशू पेपर अलग से रख दें. यह टिशू पेपर धनिया के एक्स्ट्रा मॉइस्चर को एब्जॉर्ब कर लेगा और धनिया गलेगी नहीं. कांच के ग्लास या जार का करें इस्तेमाल अगर आप धनिया को ज्यादा लंबे समय तक फ्रेश रखना चाहते हैं, तो इसे सबसे बेस्ट तरीका माना जाता है. इसके लिए आपको धनिया को बिल्कुल भी धोना नहीं है, आपको सिर्फ इसकी जड़ों को थोड़ा सा साफ कर लेना है. अब एक कांच के ग्लास या फिर जार में थोड़ा सा पानी भरना है और ऊपर से धनिया की जड़ों को उसमें डालकर रख देना है. इसे आपको ठीक उसी तरह से रखना है, जैसे आप एक फ्लावर पॉट में फूलों को रखते हैं. इसके बाद आपको धनिया के ऊपरी हिस्से को एक पॉलीथिन या जिप लॉक बैग से हल्के से ढक देना है और फिर इसे फ्रिज में रख देना है. आपको इसके पानी को हर दो दिन में बदलते रहना है ताकि यह धनिया लंबे समय तक फ्रेश और खिली हुई रहे. ये भी पढ़ें: पकौड़े और बैंगन ही नहीं, ये चीजें भी सोखती हैं कटोरी भर तेल, हेल्दी रहना है तो पकाते समय जरूर रखें इन बातों का ध्यान जिप लॉक बैग और कॉटन का कपड़ा अगर आपके पास फ्रिज में ज्यादा जगह नहीं है और आप बड़ा डिब्बा नहीं रखना चाहते, तो जिप लॉक बैग का इस्तेमाल करना आपके लिए सबसे बेस्ट ऑप्शन साबित होने वाला है. इसके लिए धनिया को साफ करके और पूरी तरह सुखाकर एक साफ कॉटन के कपड़े में लपेट लें. इसके बाद इसे जिप लॉक बैग के अंदर बंद करके फ्रिज में रख दें. कॉटन का कपड़ा हवा को पास होने देता है और मॉइस्चर को भी कंट्रोल में रखता है. इसकी वजह से धनिया 10 से 12 दिनों तक फ्रेश बनी रहती है. एल्युमिनियम फॉयल का भी कर सकते हैं इस्तेमाल धनिया को लंबे समय तक फ्रेश और इस्तेमाल करने लायक बनाकर रखने का यह भी एक बहुत ही यूनिक और कारगर तरीका है. धनिया के पत्तों को साफ और सूखा करने के बाद, उन्हें एल्युमिनियम फॉयल में अच्छी तरह से लपेट लें. इस बात का ख्याल रखें कि फॉयल चारों तरफ से बंद हो ताकि फ्रिज की ठंडी और सूखी हवा सीधे धनिया के पत्तों पर न लगे. एल्युमिनियम फॉयल धनिया के नेचुरल मॉइस्चर को लॉक कर देता है, जिससे पत्तियां न तो सूखती हैं और ना ही काली पड़ती हैं. ये भी पढ़ें: क्या आप भी फ्रिज में ठूंस-ठूंसकर रखते हैं सामान? तुरंत जान लें इसके नुकसान The post हफ्तों तक फ्रेश और खुशबूदार रहेगी हरी धनिया, बस फ्रिज में रखने से पहले अपनाएं ये आसान हैक्स appeared first on Naya Vichar.

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Jana Nayagan Release Date: CM विजय थलपति की आखिरी फिल्म की रिलीज डेट फाइनल, तीन भाषाओं में अलग-अलग नाम से होगी रिलीज

Jana Nayagan Release Date: साउथ सुपरस्टार और अब तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बन चुके थलपति विजय के फैंस के लिए गुड न्यूज है. उनकी मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज डेट आखिरकार कन्फर्म हो गई है, जिसका फैंस साल की शुरुआत से बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. यह फिल्म 23 जुलाई 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी. खास बात यह है कि बतौर एक्टर यह थलपति विजय की आखिरी फिल्म होगी, क्योंकि इसके बाद वह पूरी तरह नेतृत्व पर फोकस करेंगे. Jana Nayagan New Posters: पुलिस की वर्दी में थलपति विजय का दमदार अंदाज फिल्म के मेकर्स KVN Productions ने इंस्टाग्राम पर ‘जन नायकन’ के तीन नए पोस्टर शेयर किए हैं. इन पोस्टर्स में थलपति विजय पुलिस की वर्दी पहने और हाथ में तलवार लिए नजर आ रहे हैं. Jana Nayagan Posters Reaction: नए पोस्टर ने बढ़ाया फैंस का क्रेज पोस्टर सामने आते ही फैंस की एक्साइटमेंट सातवें आसमान पर पहुंच गई. लोग कमेंट सेक्शन में लगातार रिएक्शन दे रहे हैं और विजय के इस नए लुक की जमकर तारीफ कर रहे हैं. Jana Nayagan Delay: क्यों टलती रही विजय की फिल्म? इस फिल्म को सिनेमाघरों तक पहुंचने के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है. पहले यह फिल्म जनवरी 2026 में रिलीज होने वाली थी, लेकिन सेंसर बोर्ड (CBFC) से इसे मंजूरी मिलने में देरी हो गई. इसके बाद कुछ लोगों ने फिल्म के सीन और पूरी फिल्म को इंटरनेट पर लीक कर दिया, जिससे मेकर्स को बहुत नुकसान हुआ. मामला इतना बढ़ गया कि मद्रास हाई कोर्ट को इस पर रोक लगानी पड़ी. लेकिन अब सारी मुश्किलें दूर हो चुकी हैं और फिल्म रिलीज के लिए तैयार है. Jana Nayagan Cast: फिल्म में कौन-कौन आएगा नजर? फिल्म में विजय के साथ पूजा हेगड़े, बॉबी देओल, ममिता बैजू, प्रकाश राज, प्रियामणि, गौतम वासुदेव मेनन और नारायण भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे. फिल्म का निर्देशन एच. विनोथ ने किया है और संगीत अनिरुद्ध रविचंदर ने दिया है. Jana Nayagan Language Release: किस नाम से होगी रिलीज? यह फिल्म तमिल में ‘जन नायकन’, तेलुगु में ‘जन नायकुडु’ और हिंदी में ‘जन नेता’ नाम से रिलीज होगी. यानी अलग-अलग भाषाओं के दर्शक अपनी पसंदीदा भाषा में इस फिल्म का आनंद ले सकेंगे. यह भी पढ़ें- ‘रजनीकांत इतना गिरा हुआ इंसान नहीं’, थलापति विजय को लेकर फैल रही अफवाहों पर फूटा सुपरस्टार का गुस्सा यह भी पढ़ें- त्रिशा कृष्णन ने विजय थलापति को किया अनफॉलो? बर्थडे भी नहीं किया विश The post Jana Nayagan Release Date: CM विजय थलपति की आखिरी फिल्म की रिलीज डेट फाइनल, तीन भाषाओं में अलग-अलग नाम से होगी रिलीज appeared first on Naya Vichar.

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श्रावणी मेला पर वीडियो बनाइए, बिहार सरकार देगी 3 लाख रुपये तक का इनाम, कंटेंट क्रिएटर्स के लिए खुशखबरी

Shravani Mela 2026: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए बिहार प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है. पर्यटन विभाग ने ‘एक इंफ्लुएंसर की नजर से’ नाम से विशेष अभियान शुरू किया है. इसके तहत देशभर के कंटेंट क्रिएटर, ट्रैवल ब्लॉगर, फोटोग्राफर, वीडियोग्राफर और रील मेकर को श्रावणी मेले की आस्था, संस्कृति और पर्यटन को दुनिया तक पहुंचाने का मौका मिलेगा. इंफ्लुएंसर्स को दिया गया खुला निमंत्रण पर्यटन विभाग चाहता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए श्रावणी मेले की भव्यता अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे. इसी उद्देश्य से कंटेंट क्रिएटर्स को इस अभियान में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है. प्रशासन का मानना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से मेले को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान मिल सकती है. मेले के हर रंग को दिखाने की अपील पर्यटन विभाग की ओर से जारी विज्ञापन में प्रतिभागियों से कहा गया है कि वे कांवड़ यात्रा, बाबा मंदिर, धार्मिक परंपराएं, सेवा शिविर, लोक संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और श्रद्धालुओं की आस्था को रचनात्मक तरीके से अपने कंटेंट में दिखाएं. बेहतर और प्रभावशाली प्रस्तुति देने वाले प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कार भी दिए जाएंगे. 3 लाख रुपये तक का मिलेगा पुरस्कार इस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार दिया जाएगा. प्रथम पुरस्कार: 3 लाख रुपये द्वितीय पुरस्कार: 2 लाख रुपये तृतीय पुरस्कार: 1 लाख रुपये चतुर्थ पुरस्कार: दो प्रतिभागियों को 50-50 हजार रुपये प्रशंसा पुरस्कार: पांच प्रतिभागियों को 25-25 हजार रुपये बांका जिले को मिलेगा अधिक लाभ इस पहल का सबसे अधिक लाभ बांका जिले के कंटेंट क्रिएटर्स और स्थानीय लोगों को मिलने की उम्मीद है. सुल्तानगंज से देवघर तक करीब 105 किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा में लगभग 55 किलोमीटर का रास्ता बांका जिले से होकर गुजरता है. अमरपुर, शंभूगंज, कटोरिया, बेलहर और चांदन जैसे क्षेत्रों में हर साल लाखों कांवरिये पहुंचते हैं. यहां की प्राकृतिक सुंदरता, सेवा शिविर और “हर-हर महादेव” के जयकारे श्रद्धालुओं को खास अनुभव देते हैं. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर श्रावणी मेले की व्यापक मौजूदगी से धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी. इससे बांका और आसपास के क्षेत्रों में होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, छोटे व्यापार और स्थानीय रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे. बिहार की सांस्कृतिक विरासत को मिलेगी नई पहचान बिहार प्रशासन की यह पहल सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को दुनिया के सामने पेश करने की कोशिश है. आधुनिक तकनीक और सोशल मीडिया के जरिए श्रावणी मेले को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. Also Read: बिहार की 1.81 करोड़ स्त्रीओं के लिए खुशसमाचारी, 25 जुलाई को खाते में जाएगी राशि, सीएम सम्राट का ऐलान The post श्रावणी मेला पर वीडियो बनाइए, बिहार प्रशासन देगी 3 लाख रुपये तक का इनाम, कंटेंट क्रिएटर्स के लिए खुशसमाचारी appeared first on Naya Vichar.

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नोएडा : पांच मंजिला इमारत में लगी भीषण आग, दो की मौत, 100 से ज्यादा लोगों को किया गया रेस्क्यू

UP News : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा के ममूरा गांव में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया. सेक्टर-66 स्थित ममूरा इलाके में एक पांच मंजिला इमारत में अचानक भीषण आग लग गई. आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरे मकान में धुआं भर गया और लोगों में अफरा-तफरी मच गई. इस हादसे में एक 26 वर्षीय स्त्री समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दमकल विभाग की टीम ने समय रहते रेस्क्यू अभियान चलाकर इमारत में फंसे 100 से ज्यादा लोगों की जान बचा ली. इलेक्ट्रिक बाइक में स्पार्किंग से आग लगने की आशंका प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण इलेक्ट्रिक बाइक में हुई स्पार्किंग बताया जा रहा है. हालांकि दमकल विभाग और पुलिस की टीमें आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच कर रही हैं. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं. आग की गंभीरता को देखते हुए तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया. सामने वाली बिल्डिंग से लगाया गया सीढ़ी, लोगों को निकाला गया बाहर रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान फायर ब्रिगेड की टीम ने इमारत के सामने वाली बिल्डिंग से सीढ़ियां लगाकर लोगों को बाहर निकाला. कई लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया. दमकल कर्मियों ने बताया कि इमारत के अंदर बड़ी संख्या में लोग फंसे हुए थे. टीम ने काफी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकालने में सफलता हासिल की. संकरी गलियों और घनी आबादी ने बढ़ाई परेशानी ममूरा क्षेत्र में घनी आबादी और संकरी गलियों के कारण राहत एवं बचाव अभियान में दमकल कर्मियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. बड़ी गाड़ियों को मौके तक पहुंचाने में भी परेशानी हुई. इसके बावजूद फायर ब्रिगेड की टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पाने और लोगों को सुरक्षित निकालने का काम किया. फायर सेफ्टी व्यवस्था पर फिर उठे सवाल इस हादसे के बाद बहुमंजिला इमारतों में फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि घनी आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा मानकों की नियमित जांच होनी चाहिए. प्रशासन अब यह जांच कर रहा है कि इमारत में अग्नि सुरक्षा के नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं. पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मामले की विस्तृत जांच में जुटी हैं. समय पर कार्रवाई से बची कई जिंदगियां अधिकारियों का कहना है कि अगर राहत एवं बचाव अभियान में थोड़ी भी देरी होती तो हादसा और बड़ा हो सकता था. दमकल विभाग की तत्परता से 100 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. वहीं, दो लोगों की मौत ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है. यह भी पढ़ें: यूपी चुनाव 2027: बिहार के बाद चिराग पासवान की यूपी पर नजर, लखनऊ में आज बनेगी चुनावी रणनीति The post नोएडा : पांच मंजिला इमारत में लगी भीषण आग, दो की मौत, 100 से ज्यादा लोगों को किया गया रेस्क्यू appeared first on Naya Vichar.

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ब्रेकिंग न्यूज : रांची के हाईटेक बिल्डर्स पानस रियल्टर्स और दयानंद मोदी ग्रुप के ठिकानों पर आयकर की रेड

Income Tax Raid: झारखंड की राजधानी रांची में बुधवार को आयकर विभाग ने रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े दो बड़े समूहों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की. आयकर विभाग की जांच टीम ने पानस रियल्टर्स और दयानंद मोदी ग्रुप से जुड़े आवासीय एवं व्यावसायिक परिसरों में पहुंचकर दस्तावेजों की गहन जांच शुरू की. कार्रवाई के दौरान संबंधित परिसरों में आने-जाने पर निगरानी रखी गई और बाहरी लोगों के प्रवेश पर भी रोक लगाई गई. कंप्यूटर, लैपटॉप और हार्ड डिस्क की हो रही जांच सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग की टीम वित्तीय लेनदेन, आयकर रिटर्न, निवेश, संपत्ति खरीद-बिक्री और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है. कई स्थानों से कंप्यूटर, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को खंगाला गया. बैंक खातों और अन्य वित्तीय दस्तावेजों का भी मिलान किया जा रहा है. फिलहाल जांच जारी है और विभाग ने आधिकारिक रूप से किसी बरामदगी या कथित कर चोरी की राशि का खुलासा नहीं किया है. इसलिए कार्रवाई के अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे. दस्तावेजों का किया जा रहा मिलान बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई आयकर अधिनियम के तहत प्राप्त सूचनाओं और प्रारंभिक जांच के आधार पर की जा रही है. विभाग यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि कारोबार से संबंधित सभी आय और निवेश का सही विवरण कर विभाग को उपलब्ध कराया गया था या नहीं. जांच के दौरान कई दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है तथा संबंधित लोगों से पूछताछ भी की जा रही है. इसे भी पढ़ें: बाबा ग्रुप से जुड़े 45 ठिकानों पर IT रेड, करोड़ों रुपये के लेनदेन से जुड़े दस्तावेज जब्त परिसरों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी आयकर विभाग की इस कार्रवाई से रियल एस्टेट क्षेत्र में पूरे दिन हलचल बनी रही. संबंधित परिसरों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और विभागीय अधिकारी देर शाम तक जांच में जुटे रहे. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी प्रकार की आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी. फिलहाल विभाग ने इस मामले में कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया है. इसे भी पढ़ें: Income Tax Raid: रांची में इनकम टैक्स की छापेमारी, बाबा राइस मिल के संचालक के ठिकानों पर जांच जारी The post ब्रेकिंग न्यूज : रांची के हाईटेक बिल्डर्स पानस रियल्टर्स और दयानंद मोदी ग्रुप के ठिकानों पर आयकर की रेड appeared first on Naya Vichar.

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पत्नी और बेटे को ईडी ने भेजा समन, अगले ही दिन ममता बनर्जी की टीएमसी छोड़ रीतब्रत बनर्जी गुट में शामिल हुए मदन मित्रा

Madan Mitra Resigns Mamata Banerjee TMC: पत्नी और बेटों को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का समन मिलने के बाद तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और ममता बनर्जी के करीबी विधायक मदन मित्रा ने अपना ‘कमरा’ बदल लिया है. तृणमूल कांग्रेस कालीघाट गुट छोड़कर वह रीतब्रत बनर्जी गुट में शामिल हो गये हैं. TMC के कद्दावर नेता, पूर्व मंत्री और कमरहट्टी से विधायक मदन मित्रा ने बुधवार को कहा कि वह ममता बनर्जी का सम्मान करते हैं, लेकिन अब कालीघाट वाली टीएमसी के साथ नहीं हैं. एक दिन पहले ईडी ने पत्नी और बेटों को भेजा था समन मदन मित्रा ने पार्टी के सभी सांगठनिक और राष्ट्रीय-राज्य समितियों के पदों से इस्तीफा देते हुए रीतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी टीएमसी गुट का दामन थाम लिया. एक दिन पहले ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नगरपालिका भर्ती घोटाला से जुड़े धन शोधन (Money Laundering) मामले में मदन मित्रा की पत्नी और उनके दोनों बेटों को पूछताछ के लिए समन जारी किया है. मैंने सिर्फ कमरा बदला है, घर नहीं : मदन मित्रा बागी गुट के नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रीतब्रत बनर्जी से मुलाकात के बाद मदन मित्रा ने पत्रकारों से कहा- मैंने विधानसभा में सिर्फ अपना कमरा बदला है, घर नहीं. मैं अभी भी टीएमसी में ही हूं, लेकिन मैंने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली समिति के सभी सांगठनिक पदों और मुख्य सचेतक (Chief Whip) के पद से इस्तीफा दे दिया है. ये भी पढ़ें: बंगाल : सवालों के घेरे में मदन मित्रा का परिवार, भर्ती भ्रष्टाचार मामले में ईडी करेगी पूछताछ ममता बनर्जी ने मदन को बनाया था राज्य समिति का महासचिव कुछ ही दिन पहले ममता बनर्जी ने मदन मित्रा को पार्टी की राज्य समिति में महासचिव (General Secretary) नियुक्त किया था. लेकिन इस नियुक्ति के चंद दिनों के भीतर ही उन्होंने बगावत का रास्ता चुन लिया. ‘चाहे हर कोई मर जाये, सिर्फ अभिषेक को बचाना है’ तृणमूल कांग्रेस कालीघाट का साथ छोड़ने के बाद लंबे समय तक ममता बनर्जी के वफादार रहे मदन मित्रा ने टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हमला बोल दिया. उन्होंने आंतरिक संकट का जिक्र करते हुए कहा- मैंने अभिषेक बनर्जी को सुझाव दिया था कि वे 6 महीने या एक साल के लिए पद से हट जाएं, ताकि हम सब मिलकर पार्टी को दोबारा खड़ा कर सकें, लेकिन उन्होंने मना कर दिया. अब पार्टी की नैया डूब चुकी है, नाव पानी के नीचे है. जनता मर रही है, लेकिन पार्टी को मजबूर किया जा रहा है कि चाहे हर कोई मर जाये, सिर्फ अभिषेक को बचाना है. पूरी पार्टी अब सिर्फ एक व्यक्ति की सेवा में सिमट कर रह गयी है. जून में ED ने मदन के ठिकानों पर की थी छापेमारी नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि केंद्रीय एजेंसी ईडी (ED) की कार्रवाई के बाद मदन मित्रा ने यह बड़ा फैसला लिया है. 14 जुलाई को ही ईडी ने उनके बेटों स्वरूप मित्रा, शुभरूप मित्रा और पत्नी अर्चना मित्रा को अगले हफ्ते बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है. इससे पहले जून में ईडी ने मदन मित्रा के भवानीपुर और कालीघाट स्थित ठिकानों पर छापेमारी भी की थी. The post पत्नी और बेटे को ईडी ने भेजा समन, अगले ही दिन ममता बनर्जी की टीएमसी छोड़ रीतब्रत बनर्जी गुट में शामिल हुए मदन मित्रा appeared first on Naya Vichar.

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सुप्रिया सुले ने केंद्र सरकार से 33% महिला आरक्षण लागू करने की मांग की

Supriya Sule Delimitation: सुप्रिया सुले ने कहा, “परिसीमन प्रक्रिया को लेकर न तो हमने किसी से कोई चर्चा की है और न ही इस विषय पर किसी ने हमसे संपर्क किया है. जब प्रशासन इस संबंध में विधेयक पेश करेगी, तब हम संसद में अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट करेंगे.” उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के किसी भी कानून पर कोई भी अंतिम निर्णय ‘इंडिया’ गठबंधन के साथी दलों के साथ विचार-विमर्श के बाद ही लिया जाएगा. ‘इंडिया’ गठबंधन की मांग- सीधे लागू हो 33% आरक्षण बारामती सांसद ने गठबंधन की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा: “हम आगामी विधेयक पर ‘इंडिया’ गठबंधन के भीतर विस्तार से चर्चा करेंगे. इससे पहले द्रमुक (DMK), समाजवादी पार्टी (SP) और हमारी पार्टी ने कहा था कि हम स्त्रीओं के लिए 50% आरक्षण के मुद्दे पर भी विचार करने को तैयार हैं. लेकिन फिलहाल हमारी स्पष्ट मांग है कि स्त्रीओं के लिए 33% आरक्षण तुरंत लागू किया जाए, इसे परिसीमन के फेर में न फंसाया जाए.” गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र, सामूहिक बैठक की मांग सांसद सुले ने प्रशासन के काम करने के तरीके पर भी सवाल उठाए. उन्होंने बताया कि विपक्षी दलों को अलग-अलग बुलाकर चर्चा करने के बजाय एक साथ बातचीत की जानी चाहिए. उन्होंने कहा, “पिछले बजट सत्र के दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने असदुद्दीन ओवैसी, मुझे और अरविंद सावंत को अलग से आमंत्रित किया था. हम देश के गृह मंत्री अमित शाह और रिजिजू से मिले भी थे. इसके बाद, मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में हमने गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि वे विपक्षी दलों को अलग-अलग बुलाने के बजाय ‘इंडिया’ गठबंधन की सभी पार्टियों को एक साथ चर्चा के लिए आमंत्रित करें.” संसद में गिर गया था संविधान संशोधन विधेयक इसी साल 17 अप्रैल, 2026 को लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पारित नहीं हो सका था. संसदीय सीटों के विस्तार और स्त्रीओं के लिए जल्द से जल्द 33% आरक्षण लागू करने के उद्देश्य से लाए गए इस विधेयक के पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़े थे, जो संविधान संशोधन के लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े से काफी कम था. 20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार, संसद का आगामी मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा, जिसमें स्त्री आरक्षण मुद्दे पर एक बार फिर गरमागरम बहस होने के आसार हैं. ये भी पढ़ें: क्या टूटने वाली है शरद पवार की एनसीपी? बोले संजय राउत- फैलाई जा रही है अफवाह The post सुप्रिया सुले ने केंद्र प्रशासन से 33% स्त्री आरक्षण लागू करने की मांग की appeared first on Naya Vichar.

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