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August 22, 2026

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‘आरक्षण सुधार’ के नाम पर ‘आरक्षण समाप्ति’ का षड्यंत्र, अखिलेश यादव ने बताया-पीडीए के खिलाफ गहरी साजिश

UP Politics: ‘आरक्षण सुधार’ के नाम पर ‘आरक्षण समाप्ति’ का षड्यंत्र पीडीए समाज के खिलाफ एक और गहरी साजिश है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरक्षण को लेकर बीजेपी और उसके सहयोगी दलों पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि आरक्षण पीडीए का अधिकार है, किसी की इच्छा या कृपा का विषय नहीं. अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि आरक्षण को लेकर अलग-अलग समय पर ‘समीक्षा’, ‘सुधार’, ‘क्रीमीलेयर’ और ‘आरक्षण त्यागने’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर इसे कमजोर करने की कोशिश की जाती रही है. आरक्षण था, आरक्षण है, आरक्षण रहेगा! ‘आरक्षण किसी की इच्छा का विषय नहीं’ अखिलेश यादव ने कहा कि आरक्षण पीडीए समाज का अधिकार है और इसे किसी की इच्छा पर निर्भर नहीं किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि सदियों से शोषित और वंचित रहे लोगों को संविधान और व्यवस्था के तहत मिला आरक्षण उनके अधिकारों की रक्षा का माध्यम है. उनके मुताबिक, आरक्षण को लेकर उठाए जाने वाले ऐसे सवालों और सुझावों को गंभीरता से समझने की जरूरत है. ‘समीक्षा’ और ‘सुधार’ पर उठाए सवाल सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी और उसके सहयोगी समय-समय पर आरक्षण के संदर्भ में कभी ‘समीक्षा’, कभी ‘सुधार’ और कभी ‘क्रीमीलेयर’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं. उन्होंने इसे आरक्षण के अधिकार को कमजोर करने की कोशिशों से जोड़ते हुए कहा कि ‘आरक्षण त्यागने’ की सलाह भी इसी दिशा में उठाया गया कदम है. अखिलेश ने कहा कि इन अलग-अलग बयानों के पीछे एक ही मकसद दिखाई देता है-पीडीए समाज के आरक्षण के अधिकार को प्रभावित करना. यह भी पढ़ें: SP की विदाई पर रोने लगे संभल के DM साहब, आखिर क्यों भावुक हुए जिलाधिकारी? देखें वायरल वीडियो The post ‘आरक्षण सुधार’ के नाम पर ‘आरक्षण समाप्ति’ का षड्यंत्र, अखिलेश यादव ने बताया-पीडीए के खिलाफ गहरी साजिश appeared first on Naya Vichar.

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‘ट्रायंगुलर सिक्योरिटी ग्रिड’ से मजबूत होगी ‘चिकेन नेक’ की सुरक्षा, सिलीगुड़ी में बोले अमित शाह

Siliguri Corridor Security: देश की सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील ‘चिकन नेक’ के नाम से मशहूर सिलीगुड़ी कॉरिडोर (Siliguri Corridor) की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए केंद्र प्रशासन ने एक सुरक्षा चक्र तैयार किया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस पर मंथन के लिए शनिवार को पश्चिम बंगाल और केंद्रीय बलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में देश की पूर्वी सीमाओं पर सुरक्षा का जायजा लिया गया और मुख्य रूप से सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. क्या है ‘ट्रायंगुलर सिक्यूरिटी ग्रिड’ का सुरक्षा मॉडल? 3 सैन्य बेस का तालमेल : पूर्वोत्तर को शेष हिंदुस्तान से जोड़ने वाले इस बेहद संकरे भू-भाग की सुरक्षा के लिए 3 प्रमुख ठिकानों – चोपड़ा (पश्चिम बंगाल), किशनगंज (बिहार) और धुबरी (असम) को जोड़कर एक त्रिकोणीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है. त्रिस्तरीय निगरानी व्यवस्था : केंद्रीय बलों (बीएसएफ और एसएसबी), खुफिया एजेंसियों, पश्चिम बंगाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन के बीच रीयल-टाइम समन्वय स्थापित किया जा रहा है. नियमित युद्ध अभ्यास : इस क्षेत्र में सेना और सुरक्षा बलों द्वारा ‘तीस्ता प्रहार’ जैसे विशेष सैन्य अभ्यास चलाकर तैयारियों को लगातार परखा जा रहा है. ये भी पढ़ें: ‘चिकन नेक’ पर अभेद्य ‘स्मार्ट ग्रिड’ पर मंथन के लिए अमित शाह पहुंचे सिलीगुड़ी, शुभेंदु अधिकारी ने किया स्वागत सुकना में अमित शाह ने की हाई लेवल मीटिंग अधिकारियों ने बताया कि अमित शाह ने अपने 3 दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे के अंतिम दिन सुकना में राज्य प्रशासन, केंद्रीय सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ हाई लेवल समीक्षा बैठक की. बैठक का मुख्य मकसद सीमा पर निगरानी बढ़ाना, केंद्रीय सुरक्षा बलों, खुफिया एजेंसियों और राज्य पुलिस व प्रशासन के बीच तालमेल बेहतर करना तथा ‘ट्रायंगुलर सिक्यूरिटी ग्रिड’ बनाने के लिए एक रूपरेखा तैयार करना था. बीएसएफ और एसएसबी के अधिकारी भी बैठक में हुए शामिल गृह मंत्री शाह के पश्चिम बंगाल के दौरे के तीसरे और आखिरी दिन सिलीगुड़ी के पास सुकना में हुई अहम चर्चा में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया. बैठक इसलिए भी अहम थी, क्योंकि सिलीगुड़ी नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पास है और यहां से गुजरने वाला संकरा कॉरिडोर पूर्वोत्तर और देश के बाकी हिस्सों के बीच जमीन के रास्ते मुख्य संपर्क का काम करता है. ये भी पढ़ें: राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रवाद से कोई समझौता नहीं, सिलीगुड़ी में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का ऐलान रणनीतिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है ‘चिकन नेक’? अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का संगम : सिलीगुड़ी कॉरिडोर नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से घिरा है. पूर्वोत्तर की जीवन रेखा : यह संकरा गलियारा हिंदुस्तान के पूर्वोत्तर की सात बहनों (Seven Sisters) को मुख्य भूमि से जोड़ने वाला इकलौता जमीनी मार्ग है. अवैध घुसपैठ और तस्करी पर रोक : खुली सीमाओं के कारण होने वाली अवैध घुसपैठ, मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी को रोकने के लिए इस क्षेत्र की कड़ी किलेबंदी अनिवार्य मानी जा रही है. The post ‘ट्रायंगुलर सिक्योरिटी ग्रिड’ से मजबूत होगी ‘चिकेन नेक’ की सुरक्षा, सिलीगुड़ी में बोले अमित शाह appeared first on Naya Vichar.

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दूसरी कार खरीदने के बजाय गैराज में शामिल कर सकते हैं ये 5 धांसू बाइक्स, देखें पूरी लिस्ट

शहरों में बढ़ते ट्रैफिक, पार्किंग की समस्या और कारों की आसमान छूती कीमतों के चलते अब कई लोग दूसरी कार खरीदने के बजाय एक दमदार परफॉर्मेंस बाइक चुनना ज्यादा पसंद कर रहे हैं. डेली कम्यूट हो या वीकेंड राइड्स, बाइक्स न सिर्फ आपका समय बचाती हैं बल्कि ड्राइविंग का एक अलग ही रोमांच भी देती हैं. अगर आप भी दूसरी कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो रुकिए! हिंदुस्तानीय बाजार में उपलब्ध ये 5 बाइक्स आपके लिए एक बेहतरीन और प्रैक्टिकल विकल्प बन सकती हैं. होंडा और बीएमडब्ल्यू : टेक्नोलॉजी और एडवेंचर का शानदार मेल इस लिस्ट में सबसे पहला नाम Honda CB750 Hornet E-Clutch का आता है. यह बाइक उन लोगों के लिए सबसे उपयुक्त है जो बिना क्लच दबाए ट्रैफिक में आराम से बाइक चलाना चाहते हैं. इसमें 755cc का लिक्विड-कूल इंजन दिया गया है, जो 90.5 bhp की पावर जनरेट करता है. इस बाइक में क्लचलेस राइडिंग के लिए E-Clutch तकनीक दी गई है. इसकी एक्स-शोरूम कीमत ₹10.49 लाख है. दूसरी तरफ, एडवेंचर टूरिंग के प्रेमियों के लिए BMW F 450 GS एक मजबूत दावेदार है. इसमें 420cc का पैरेलल-ट्विन इंजन मिलता है जो 48 hp की पावर देता है. 178 किग्रा के हल्के वजन, राइडिंग मोड्स, हीटेड ग्रिप्स और 6.5-इंच TFT डिस्प्ले के साथ आने वाली इस बाइक की कीमत ₹4.70 लाख से ₹5.30 लाख (एक्स-शोरूम) के बीच है. ट्रायम्फ और बेनेली: स्टाइल और टूरिंग का परफेक्ट कॉम्बिनेशन यदि आप प्रीमियम रोडस्टर लुक पसंद करते हैं, तो Triumph Trident 660 एक बेहतरीन चॉइस है. इसमें 660cc का इनलाइन-थ्री सिलेंडर इंजन दिया गया है, जो 80 bhp की पावर जनरेट करता है. बाई-डायरेक्शनल क्विकशिफ्टर, क्रूज कंट्रोल और कॉर्नरिंग ट्रैक्शन कंट्रोल से लैस इस स्पोर्ट्स बाइक की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹8.99 लाख है. वहीं लंबे सफर और हाईवे टूरिंग के शौकीनों के लिए Benelli TRK 502X बेस्ट ऑप्शन है. इसका 500cc का इंजन 46.9 bhp की पावर देता है. 20-लीटर का बड़ा फ्यूल टैंक, स्पोक व्हील्स और हीटेड सीट्स जैसी सुविधाएं इसे लंबी दूरी तय करने के लिए बेहद आरामदायक बनाती हैं. इसकी कीमत ₹7.14 लाख (एक्स-शोरूम) से शुरू होती है. कावासाकी Z650: डेली कम्यूट के लिए बेस्ट रोडस्टर सड़कों पर रोजाना चलाने और वीकेंड्स पर हाईवे राइड्स के लिए Kawasaki Z650 एक संतुलित और भरोसेमंद बाइक है. इसमें 649cc का पैरेलल-ट्विन इंजन मिलता है, जो 68 PS की पावर और 64Nm टॉर्क जनरेट करता है. कंपनी की सिग्नेचर ‘सुगोमी’ (Sugomi) स्टाइलिंग, LED लाइटिंग और TFT कंसोल के साथ आने वाली इस ऑल-राउंडर बाइक की एक्स-शोरूम कीमत ₹7.26 लाख है. ये 5 बाइक्स बदल देंगी आपका दूसरी कार खरीदने का इरादा Honda CB750 Hornet (E-Clutch) – ₹10.49 लाख BMW F 450 GS – ₹4.70 लाख से ₹5.30 लाख Triumph Trident 660 – ₹8.99 लाख Benelli TRK 502X – ₹7.14 लाख (लिमिटेड एडिशन: ₹7.43 लाख) Kawasaki Z650 – ₹7.26 लाख (नोट: सभी कीमतें एक्स-शोरूम हैं.) ये भी पढ़ें: Royal Enfield ने 2019 में उतारी थी ये बाइक, सिर्फ एक साल बाद ही बंद हो गई बिक्री, आखिर क्या थी वजह? ये भी पढ़ें: Army वाला लुक, 20.2HP का इंजन… Royal Enfield Classic 350 Gorkha Edition खरीदने से पहले जानें इसकी 5 खास बातें The post दूसरी कार खरीदने के बजाय गैराज में शामिल कर सकते हैं ये 5 धांसू बाइक्स, देखें पूरी लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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सिंधु जल संधि पर बौखलाया पाकिस्तान, मंत्री अहसान इकबाल बोले- पानी को हथियार बना रहा भारत

पाकिस्तानी मंत्री अहसान इकबाल ने कहा, “सिंधु जल संधि एक अछूता विषय था क्योंकि यह एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है. लेकिन इस बार हिंदुस्तान प्रशासन ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए इसे रोक दिया है. इसने हमारे सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है.” उन्होंने आगे दावा किया कि आधुनिक इतिहास में शायद पहली बार पानी को हथियार बनाया गया है. अहसान इकबाल के मुताबिक, “पाकिस्तान अब इस बड़े खतरे का सामना कर रहा है कि हिंदुस्तान जब चाहे तब पानी रोककर हमारी फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है और जब जरूरत न हो तब पानी छोड़कर बाढ़ की स्थिति पैदा कर सकता है.” डैम बनाकर बफर तैयार कर रहा पाकिस्तान हिंदुस्तान के इस कड़े फैसले से बचने के उपाय पर बात करते हुए अहसान इकबाल ने कहा कि पाकिस्तान जिन नए बांधों का निर्माण कर रहा है, वे ऐसे संकट के समय बफर के रूप में काम करेंगे. हालांकि, उन्होंने माना कि यह समस्या सिर्फ बांध बनाने से हल नहीं होगी और पाकिस्तान इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय और कूटनीतिक स्तर पर उठा रहा है. पहलगाम आतंकी हमले के बाद हिंदुस्तान ने सिंधु जल संधि को किया था स्थगित जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए घातक आतंकी हमले के एक दिन बाद, 23 अप्रैल 2025 को हिंदुस्तान प्रशासन ने 1960 की सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया था. यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक में लिया गया था. ये भी पढ़ें: PoK में हालात बेकाबू: 70 से अधिक ब्रिटिश सांसदों ने UN से लगाई गुहार, तत्काल कार्रवाई की अपील The post सिंधु जल संधि पर बौखलाया पाकिस्तान, मंत्री अहसान इकबाल बोले- पानी को हथियार बना रहा हिंदुस्तान appeared first on Naya Vichar.

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IPL 2027 से पहले MI का मास्टरस्ट्रोक, वैभव सूर्यवंशी को तराशने वाले जुबिन भरूचा की टीम में एंट्री

Mumbai Indians Appointed Zubin Bharucha as Director Of Performance: IPL 2027 से पहले मुंबई इंडियंस ने अपने सपोर्ट सिस्टम में अहम बदलाव किया है. मुंबई इंडियंस ने राजस्थान रॉयल्स के पूर्व डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट ऑपरेशंस जुबिन भरूचा को सभी वर्टिकल में डायरेक्टर ऑफ परफॉर्मेंस नियुक्त किया है. राजस्थान रॉयल्स में रहते हुए भरूचा ने वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ियों के डेवलपमेंट में अहम भूमिका निभाई है. मुंबई इंडियंस पिछले छह IPL सीजन से ट्रॉफी नहीं जीत सकी है. ऐसे में टीम मैनेजमेंट ने अपने क्रिकेट ऑपरेशंस और प्लेयर डेवलपमेंट के सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया है. भरूचा अब मुंबई के पूरे इकोसिस्टम में परफॉर्मेंस से जुड़े अलग-अलग पहलुओं पर काम करेंगे. Zubin Bharucha-Vaibhav Sooryavanshi Connection: वैभव सूर्यवंशी से है खास कनेक्शन जुबिन भरूचा का नाम इस लिए भी चर्चा में है कि उन्होंने वैभव सूर्यवंशी के ओवरऑल डेवलपमेंट पर काम किया और उसे उभरते हुए करीब से देखा है. राजस्थान रॉयल्स की देशभर में चलने वाली अकादमियों में वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ियों ने ऑफ सीजन में ट्रेनिंग की. भरूचा इन अकादमियों के संचालन और युवा खिलाड़ियों के डेवलपमेंट से जुड़े रहे. वैभव ने पिछले कुछ समय में जिस तेजी से क्रिकेट की दुनिया में अपनी पहचान बनाई है, उसमें राजस्थान रॉयल्स के सिस्टम और उनके मार्गदर्शन की भी भूमिका रही है. अब वही अनुभव भरूचा मुंबई इंडियंस के युवा खिलाड़ियों के विकास में इस्तेमाल करेंगे. ये भी पढ़ें: Duleep Trophy 2026: व्हाइट बॉल के बाद अब रेड-बॉल में वैभव सूर्यवंशी की अग्निपरीक्षा, जानें कब और कहां स्पोर्ट्सेंगे मैच Who is Zubin Bharucha: कौन हैं जुबिन भरूचा? जुबिन भरूचा का क्रिकेट से पुराना रिश्ता रहा है. वह मुंबई और सरे के लिए घरेलू क्रिकेट स्पोर्ट्स चुके हैं. दाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज भरूचा ने 18 साल की उम्र में इंग्लैंड के रीगेट प्रायरी क्रिकेट क्लब के लिए विदेशी खिलाड़ी के तौर पर क्रिकेट करियर शुरू किया था. बाद में उन्होंने बॉम्बे का प्रतिनिधित्व किया. उनके नाम 17 फर्स्ट क्लास और 11 लिस्ट ए मुकाबले हैं. क्रिकेट से संन्यास के बाद भरूचा ने मुंबई में वर्ल्ड क्रिकेट एकेडमी की स्थापना की, जहां कई टेस्ट क्रिकेटरों ने ट्रेनिंग की. उन्होंने युवराज सिंह की फुटवर्क पर भी काम किया और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) की तकनीकी पहलों में योगदान दिया. Zubin Bharucha Experience: राजस्थान रॉयल्स के साथ लंबा अनुभव जुबिन भरूचा और यशस्वी जायसवाल (फोटो- सोशल मीडिया) IPL में भरूचा का जुड़ाव राजस्थान रॉयल्स से काफी पुराना रहा है. वह 2008 से 2015 तक टीम के साथ जुड़े रहे. 2012 में उन्होंने टीम को कोच भी किया. इसके बाद उन्होंने दिल्ली डेयरडेविल्स, जिसे अब दिल्ली कैपिटल्स के नाम से जाना जाता है, में टेक्निकल डायरेक्टर की भूमिका निभाई. 2018 में वह दोबारा राजस्थान रॉयल्स से जुड़े और 2025-26 सीजन तक डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट ऑपरेशंस के पद पर रहे. अब मुंबई इंडियंस में उन्हें सभी वर्टिकल में परफॉर्मेंस की जिम्मेदारी दी गई है. ये भी पढ़ें: IND vs SL 2nd Test: कोलंबो में कैसा रहेगा मौसम, टॉस जीतकर क्या करना होगा बेहतर? जानें कहां देख सकेंगे मैच का लाइव प्रसारण MI on Zubin Bharucha: MI ने क्या कहा? मुंबई इंडियंस ने जुबिन भरूचा की नियुक्ति की जानकारी देते हुए कहा कि वह टीम के मौजूदा मल्टी-डिसिप्लिनरी लीडरशिप ग्रुप के साथ मिलकर काम करेंगे. उनका फोकस MI के पूरे इकोसिस्टम में परफॉर्मेंस से जुड़े क्षेत्रों और खिलाड़ी विकास को और मजबूत करने पर होगा. टीम का मानना है कि भरूचा का आधुनिक और डेटा-केंद्रित क्रिकेट ऑपरेशंस का अनुभव खिलाड़ी विकास की मौजूदा व्यवस्था को और बेहतर बनाने में मदद करेगा. रोहित-हार्दिक पर भी होगी नजर मुंबई इंडियंस के लिए IPL 2027 से पहले कई अहम फैसले लेने होंगे. टीम के सामने रोहित शर्मा और हार्दिक पांड्या जैसे बड़े नामों को लेकर भी रणनीति तैयार करने की चुनौती है. छह सीजन से IPL ट्रॉफी का इंतजार कर रही MI अब अपने सिस्टम में बदलाव के जरिए टीम को दोबारा खिताबी दौड़ में मजबूत करना चाहेगी. जुबिन भरूचा की नियुक्ति इसी बड़े बदलाव का हिस्सा मानी जा रही है. ये भी पढ़ें: Rahul Dravid on Vaibhav Sooryavanshi: द्रविड़ ने बताया 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के लिए क्यों जरूरी है रेड-बॉल क्रिकेट The post IPL 2027 से पहले MI का मास्टरस्ट्रोक, वैभव सूर्यवंशी को तराशने वाले जुबिन भरूचा की टीम में एंट्री appeared first on Naya Vichar.

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जयपुर स्कूल विवाद: CJP और ग्रामीणों ने दर्ज कराई क्रॉस FIR, आशुतोष रांका बोले- कैलाश वर्मा के साथ दिखे थे हमलावर

समाचार की मुख्य बातें जयपुर पुलिस ने CJP कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों दोनों की शिकायत पर दर्ज की अलग-अलग FIR. CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका का आरोप- हमलावर घटना से एक रात पहले BJP विधायक कैलाश वर्मा के साथ थे. विधायक कैलाश वर्मा का पलटवार- “क्या आप कांग्रेस के एजेंट हैं? बिना असलियत समझे नेतृत्व न करें”. शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग पर अड़ी CJP, राजस्थान पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल. जयपुर DCP (साउथ) राजर्षि राज वर्मा ने न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में बताया, “दोनों पक्षों—CJP और ग्रामीणों की तरफ से FIR दर्ज कराई गई हैं. दोनों पक्षों से मिली जानकारी के आधार पर दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं. जांच अभी शुरू हुई है; बयान दर्ज किए जा रहे हैं. सबूत मिलने पर कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी.” “क्या कांग्रेस के एजेंट हैं?”— BJP विधायक कैलाश वर्मा का हमला CJP के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए स्थानीय बीजेपी विधायक कैलाश वर्मा ने आशुतोष रांका पर हमला बोला. उन्होंने कहा, “क्या आप कांग्रेस के एजेंट हैं? गांव में आने की हिम्मत कैसे हुई? यह मेरा गांव है. यहां के लोगों से मेरा गहरा नाता है. सबसे बड़ी समस्या यह है कि कुछ लोग गांव की जिंदगी की असलियत समझे बिना, सिर्फ इंग्लिश-मीडियम स्कूलों और बड़े शहरों के नजरिए से बातें करते हैं. भजन लाल जी ने राज्य में स्कूलों के विकास के लिए करोड़ों रुपयों के प्रोजेक्ट मंजूर किए हैं.” ये भी पढ़ें: ABVP-NSUI विवाद: एबीवीपी के आरोपों पर NSUI का पलटवार, कहा- CCTV फुटेज से सामने आएगी सच्चाई CJP का संगीन आरोप: ‘विधायक के साथ बैठे थे गुंडे’ CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने घटना को सोची-समझी साजिश करार दिया. रांका ने कहा, “शुक्रवार को जो घटना हुई, जिसमें मारपीट और हिंसा हुई, उसमें बाहर से गुंडे बुलाए गए थे. हमने आज ट्विटर पर इन सभी लोगों की तस्वीरें शेयर की हैं. यही लोग पिछली रात स्थानीय विधायक कैलाश वर्मा के साथ बैठे देखे गए थे. जिन लोगों ने सुबह गुंडागर्दी की, वे ही लोग पिछली रात कैलाश वर्मा के साथ बैठे थे. यह साफ है कि यह बहुत सोच-समझकर और योजना बनाकर किया गया हमला था; जिस तरह के पत्थर इस्तेमाल किए गए, उनसे लगता है कि वे जान लेने के इरादे से आए थे. पुलिस मौके पर बिल्कुल नहीं थी, जबकि हमने उनसे लगातार संपर्क करने की कोशिश की; फिर भी कोई जवाब नहीं मिला. अब पूरा देश और दुनिया देखेगी कि क्या राजस्थान पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच करती है या नहीं. हमने अपने सभी वीडियो सार्वजनिक कर दिए हैं; अगर दूसरी तरफ़ के लोगों के पास कोई वीडियो है, तो उन्हें भी जारी करना चाहिए. लेकिन दुनिया देखेगी कि क्या राजस्थान पुलिस निष्पक्ष जांच करती है.” ये भी पढ़ें: स/रकारी स्कूल का जायजा लेने से पहले क्यों जरूरी है परमिशन ? CJP विवाद से समझिए पूरा नियम शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग आशुतोष रांका ने एएनआई के साथ बातचीत में आगे कहा, “शुक्रवार को हमारी कानूनी टीम और हमले के शिकार लोग वहां मौजूद थे. हमने कल ही अपनी शिकायत दर्ज कराई थी, और मुझे बताया गया है कि FIR दर्ज कर ली गई है. हम डरने वाले लोग नहीं हैं, और न ही हम हिंसा का सहारा लेने या पीछे हटने वाले लोग हैं. हम स्कूल को ठीक कराने की लड़ाई लड़ रहे हैं, और उसी दृढ़ संकल्प के साथ यह लड़ाई जारी रखेंगे. मदन दिलावर ने असल में खुद ही अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारी है. अब पूरा देश राजस्थान भर के स्कूलों की दयनीय हालत देखेगा. उन्हें शर्मिंदगी का सामना करना पड़ेगा. हम रुकने, झुकने या डरने वाले लोग नहीं हैं. मैं खुद जल्द ही फिर से स्कूलों का दौरा करूंगा. यह मुद्दा अब सिर्फ स्कूलों तक सीमित नहीं रहेगा; अब सीधे मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग होगी. आप अपनी जिम्मेदारियां ठीक से निभाने में नाकाम रहे हैं.” ये भी पढ़ें: आशुतोष रांका का दावा- जयपुर के हमले में CJP सदस्यों की हत्या हो सकती थी, पर हम डरने वाले नहीं हैं ; सच सामने लाएंगे The post जयपुर स्कूल विवाद: CJP और ग्रामीणों ने दर्ज कराई क्रॉस FIR, आशुतोष रांका बोले- कैलाश वर्मा के साथ दिखे थे हमलावर appeared first on Naya Vichar.

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कहीं हाथ से न निकल जाए IOB में नौकरी का मौका, ग्रेजुएट्स कर सकते हैं आवेदन

IOB LBO Recruitment 2026: इंडियन ओवरसीज बैंक में नौकरी पाने के लिए आवेदन का मौका अब आखिरी दौर में पहुंच गया है. बैंक ने लोकल बैंक ऑफिसर के 250 पदों पर भर्ती निकाली है. इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 8 अगस्त 2026 से ही हो रहा है. अब आवेदन की आखिरी तारीख 24 अगस्त 2026 है. यानी जो उम्मीदवार इसके लिए आवेदन करना चाहते है, उनके पास फॉर्म भरने के लिए अब ज्यादा समय नहीं बचा है. 250 पदों पर होनी है भर्ती इंडियन ओवरसीज बैंक की इस भर्ती में कुल 250 पद हैं. तमिलनाडु में 100 और कर्नाटक में 50 पद हैं. महाराष्ट्र और गुजरात में भी 50-50 पद रखे गए हैं. खास बात यह है कि उम्मीदवार सिर्फ एक राज्य के लिए आवेदन कर सकते हैं. चयन होने के बाद उम्मीदवार की पोस्टिंग उसी राज्य में होगी. बैंक के मुताबिक, चयनित उम्मीदवारों को शुरुआती 12 साल तक उसी राज्य में पोस्टिंग दी जाएगी.  ग्रेजुएट उम्मीदवार कर सकते हैं आवेदन इस भर्ती के लिए किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट होना जरूरी है. उम्मीदवार की उम्र 1 अगस्त 2026 को कम से कम 20 साल होनी चाहिए. अधिकतम उम्र 30 साल रखी गई है. आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियम के अनुसार उम्र में छूट मिलेगी. इसके अलावा जिस राज्य के लिए आवेदन करेंगे, वहां की स्थानीय भाषा पढ़ना, लिखना और बोलना आना चाहिए. अगर उम्मीदवार ने 10वीं या 12वीं में संबंधित स्थानीय भाषा नहीं पढ़ी है, तो उसे स्थानीय भाषा की परीक्षा देनी होगी. बाकि विशेष जानकारी के लिए आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर ऑफिशियल नोटिफिकेशन देख सकते हैं. IOB LBO Recruitment 2026 Official Notification ये भी पढ़ें: पटना में लगने जा रहा है नौकरियों का मेला, 20 हजार से अधिक पदों पर होगी सीधी भर्ती IOB LBO Recruitment Application Process: ऐसे करें आवेदन सबसे पहले इंडियन ओवरसीज बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट पर iob.bank.in जाएं. इसके बाद टॉप में दिख रहे “Career” ऑप्शन पर क्लिक करें अब थोड़ा नीचे स्क्रॉल कर लोकल बैंक ऑफिसर भर्ती का लिंक खोलें. अब ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करके लॉगिन करें. आवेदन फॉर्म में मांगी गई जानकारी ध्यान से सही-सही भरें. फोटो, सिग्नेचर और मांगे गए जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें. इसके बाद अपनी कैटेगरी के हिसाब से आवेदन फीस जमा करें. फॉर्म सबमिट करने से पहले पूरी जानकारी दोबारा चेक कर लें. अंत में आवेदन फॉर्म सबमिट कर उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें. आवेदन की आखिरी तारीख 24 अगस्त 2026 है. इसलिए जिन उम्मीदवारों ने अभी तक फॉर्म नहीं भरा है, वे आखिरी दिन का इंतजार न करें. आप डायरेक्ट नीचे दिए गए लिंक पर भी क्लिक कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. IOB LBO Recruitment 2026 Application Online Apply ये भी पढ़ें: IBPS क्लर्क की 11,403 भर्ती के लिए आज है लास्ट डेट, अप्लाई करने से पहले तैयार कर लें ये डॉक्यूमेंट्स The post कहीं हाथ से न निकल जाए IOB में नौकरी का मौका, ग्रेजुएट्स कर सकते हैं आवेदन appeared first on Naya Vichar.

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सरकार ने छात्रों को धोखा दिया, JPSC-JSSC में CBI जांच से बचने के लिए परीक्षा रद्द की : चंपाई सोरेन

रांची से अरविंद कुमार सिंह की रिपोर्ट Ranchi News: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता चंपाई सोरेन ने राज्य प्रशासन पर छात्रों के साथ धोखा करने और JPSC-JSSC भर्ती मामलों में CBI जांच से बचने के लिए परीक्षा रद्द करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलन के बाद यह राज्य का सबसे बड़ा छात्र आंदोलन था, लेकिन प्रशासन ने उनकी मूल मांग को नजरअंदाज कर दिया. उन्होंने शुक्रवार को छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की भी कड़ी निंदा करते हुए इसे तानाशाही करार दिया. सात साल में हर नियुक्ति प्रक्रिया पर उठे सवाल चंपाई सोरेन ने कहा कि राज्य में गठबंधन प्रशासन पिछले सात वर्षों से सत्ता में है, लेकिन इस दौरान एक भी नियुक्ति प्रक्रिया ऐसी नहीं रही जिस पर सवाल न उठे हों. उन्होंने कहा कि छात्र केवल JPSC और JSSC में हुई कथित विसंगतियों की CBI जांच की मांग कर रहे थे, लेकिन प्रशासन ने लंबे आंदोलन के बाद भी उनकी बात नहीं मानी. प्रशासन ने आंदोलन खत्म करने के लिए चालाकी की पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जिस दिन परीक्षा रद्द करने की घोषणा हुई, उसी दिन करीब साढ़े चार घंटे तक कैबिनेट की बैठक चली. उनके मुताबिक प्रशासन ने पहले JPSC के अध्यक्ष और सदस्यों से इस्तीफा दिलवाया, फिर कई लोगों को जेल भेजा. उन्होंने कहा कि अगर गड़बड़ी नहीं हुई थी तो कार्रवाई क्यों हुई. उन्होंने कहा कि अखबारों में लगातार भर्ती प्रक्रिया में पैसे लेकर नौकरी बेचने की समाचारें सामने आती रहीं. जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया, उनके बयान भी सार्वजनिक हुए. इसके बावजूद प्रशासन अब मामले को कमजोर करने और तथ्यों को छिपाने की कोशिश कर रही है. JPSC में ताला लग गया, दस्तावेज कौन देगा चंपाई सोरेन ने कहा कि JPSC एक संवैधानिक संस्था है और उसके अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति प्रशासन करती है. उन्होंने आरोप लगाया कि अब आयोग लगभग खाली हो गया है और ऐसे में भर्ती घोटाले से जुड़े दस्तावेज कौन उपलब्ध कराएगा, यह बड़ा सवाल है. प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत होती है परीक्षा रद्द उन्होंने कहा कि किसी परीक्षा को रद्द करने की एक तय प्रशासनिक प्रक्रिया होती है. पहले आयोग से दस्तावेज लिए जाते हैं, फिर संबंधित विभाग अपनी टिप्पणी देता है, उसके बाद मामला कैबिनेट में विचार के लिए जाता है. उनका दावा है कि इस मामले में यह पूरी प्रक्रिया नहीं अपनाई गई. छात्रों पर लाठीचार्ज की कड़ी निंदा चंपाई सोरेन ने हालिया छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि जब हाईकोर्ट ने परीक्षा रद्द करने के फैसले पर रोक लगाई, तब छात्रों ने 24 जिलों में पुतला दहन का कार्यक्रम रखा था. उनका आरोप है कि प्रशासन ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज कराया. उन्होंने कहा कि छात्र पूरे आंदोलन के दौरान अनुशासित रहे और किसी नेतृत्वक दल का झंडा लेकर नहीं आए. प्रशासन उन्हें भाजपा समर्थक बताकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस से ज्यादा सत्ता पक्ष के नेताओं ने छात्रों के साथ दुर्व्यवहार किया. उनके मुताबिक प्रशासन चाहती थी कि आंदोलन हिंसक हो जाए, लेकिन छात्रों ने संयम बनाए रखा. CGL पेपर में 120 सवाल मिलने का दावा चंपाई सोरेन ने JSSC-CGL परीक्षा को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि 135 में से 120 प्रश्न पहले से मेल खाने की जानकारी CID तक पहुंच चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद लीपापोती की गई. उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग केवल पारदर्शी जांच और भविष्य में निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित करने की थी. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के उस सिद्धांत का भी हवाला दिया कि यदि पूरे सिस्टम में गंभीर गड़बड़ी हो तो पूरी प्रक्रिया को नए सिरे से देखने की जरूरत पड़ती है. SIT बनाने का किया दावा पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वह खुद मुख्यमंत्री थे, तब उन्हें भी JPSC में गड़बड़ी की जानकारी मिली थी. इसी कारण उन्होंने SIT का गठन कराया था. उनका आरोप है कि वर्तमान प्रशासन भ्रष्टाचार के मामलों को दबाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि झारखंड जिस उद्देश्य से अलग राज्य बना था, वर्तमान प्रशासन उस रास्ते से भटक चुकी है. उन्होंने 15 सितंबर तक प्रशासन की मंशा स्पष्ट करने की चुनौती देते हुए कहा कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो जनता इसका जवाब देगी. इसे भी पढ़ें: दो दिन में JSSC CGL और JPSC की 4 परीक्षाओं पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक, प्रशासन से मांगा जवाब छात्रों के साथ खड़े रहने का किया ऐलान चंपाई सोरेन ने कहा कि छात्रों के साथ जो हुआ, वह झारखंड का अपमान है. उन्होंने छात्रों को न्याय दिलाने के लिए नैतिक समर्थन देने की अपील की और कहा कि सभी भर्ती विसंगतियों की CBI जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर है और मौजूदा शासन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. उनके शब्दों में, “ऐसी स्थिति में राज्य को विकल्प की जरूरत है.” इसे भी पढ़ें: Bokaro: निशाना साधते-साधते बिगड़ी नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट राज अदिति की तबीयत, अस्पताल में भर्ती The post प्रशासन ने छात्रों को धोखा दिया, JPSC-JSSC में CBI जांच से बचने के लिए परीक्षा रद्द की : चंपाई सोरेन appeared first on Naya Vichar.

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कुत्ते ने दौड़ाया तो 50 फीट गहरे कुएं में जा गिरी 5 साल की बच्ची, 3 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

Farrukhabad News: फर्रुखाबाद के कायमगंज कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार को एक पांच वर्षीय बच्ची के साथ बड़ा हादसा हो गया. स्कूल से अपनी बहनों के साथ घर लौट रही सौम्या रास्ते में एक आवारा कुत्ते के पीछे दौड़ने से घबरा गई. खुद को बचाने के लिए वह सड़क किनारे बने पुराने सूखे कुएं के ऊपर रखी पटिया पर चढ़ गई. इसी दौरान जर्जर पटिया अचानक टूट गई और बच्ची करीब 45 से 50 फीट गहरे कुएं में जा गिरी. बच्ची की चीख सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी. करीब तीन घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन सूचना मिलते ही SDM अभिषेक वर्मा और CO राजेश कुमार द्विवेदी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे. फायर ब्रिगेड और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मेडिकल टीम को भी बुलाया गया. कुआं काफी गहरा और बंद होने के कारण नीचे दम घुटने और जहरीली गैस का खतरा था. कुछ ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों ने नीचे उतरने का प्रयास किया, लेकिन सांस लेने में परेशानी होने पर उन्हें वापस आना पड़ा. इसके बाद पुलिस ने सावधानी के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, जो करीब तीन घंटे चला. ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर कुएं में उतरा कांस्टेबल बच्ची को बाहर निकालने के लिए एक कांस्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर कुएं के अंदर उतरा. काफी मशक्कत के बाद उसने सौम्या को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. रेस्क्यू के बाद बच्ची को तत्काल एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के साथ उसे ऑक्सीजन दी. इसके बाद बेहतर इलाज के लिए बच्ची को लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया. डॉक्टरों ने हालत बताई स्थिर डॉक्टरों के मुताबिक सौम्या की हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर बताई जा रही है. ग्रामीणों, पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्वास्थ्य टीम की तत्परता से करीब 45-50 फीट गहरे सूखे कुएं में गिरी बच्ची को सुरक्षित बचा लिया गया. घटना के बाद इलाके में राहत की स्थिति रही कि इतने गहरे कुएं में गिरने के बावजूद बच्ची को समय रहते बाहर निकाल लिया गया. Must Read- UP में ग्राम प्रधान का चुनाव 2026 में कौन लड़ सकता है और कौन नहीं? जानिए उम्र, योग्यता और जरूरी नियम The post कुत्ते ने दौड़ाया तो 50 फीट गहरे कुएं में जा गिरी 5 साल की बच्ची, 3 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन appeared first on Naya Vichar.

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Patna Students Protest Live : PhD होल्डर्स के प्रदर्शन के बाद दारोगा अभ्यर्थी भी अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे, हाथों में दिखे अनोखे पोस्टर

PhD होल्डर्स के बाद अब दारोगा अभ्यर्थी भी अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर गए हैं. बिहार में शिक्षा और रोजगार से जुड़ी मांगों को लेकर प्रदर्शन का दौर लगातार जारी है. हजारों की संख्या में छात्र और अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं. पटना की सड़कों पर अलग-अलग वर्ग के अभ्यर्थियों के प्रदर्शन से माहौल गरमाया हुआ है. The post Patna Students Protest Live : PhD होल्डर्स के प्रदर्शन के बाद दारोगा अभ्यर्थी भी अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे, हाथों में दिखे अनोखे पोस्टर appeared first on Naya Vichar.

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