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August 29, 2026

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नेपाल के सैलाब में बलिया के परिवार पर टूटा कहर: पत्नी-बेटा लापता, सुबह बेटे ने पिलाई थी चाय, कुछ घंटे बाद मच गई तबाही

UP News: नेपाल में त्रिशूली नदी में अचानक आई बाढ़ ने कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं. इस जलप्रलय की चपेट में बलिया के रसड़ा क्षेत्र का एक परिवार भी आ गया. रसड़ा के पुरानी मस्जिद के पास रहने वाले पन्नालाल चौरसिया की पत्नी जगदरा उर्फ उषा देवी और 18 वर्षीय बेटा राहुल सैलाब में बह गए. दोनों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है. परिजन उनकी सलामती की उम्मीद लगाए हुए हैं और लगातार तलाश की जा रही है. 40 साल पहले रोजगार के लिए नेपाल गए थे पन्नालाल बताया जाता है कि करीब 40 वर्ष पहले पन्नालाल चौरसिया रोजगार की तलाश में नेपाल गए थे. नुवाकोट के त्रिशूली बाजार में उन्होंने कपड़े का कारोबार शुरू किया. धीरे-धीरे परिवार भी उनके साथ नेपाल में बस गया. वर्षों से परिवार वहीं रह रहा था. राहुल पढ़ाई के साथ पिता की कपड़े की दुकान में भी हाथ बंटाता था. सुबह छह बजे बेटे ने पिलाई थी चाय, फिर बन गई आखिरी मुलाकात पन्नालाल के लिए सबसे दर्दनाक बात यह है कि गुरुवार की सुबह तक सबकुछ सामान्य था. करीब छह बजे बेटे राहुल ने रोज की तरह पिता के लिए चाय बनाई और उन्हें पिलाई. इसके बाद पन्नालाल व्यायाम के लिए बटार की ओर निकल गए. घर और दुकान पर उस समय पत्नी और बेटा मौजूद थे. उन्हें क्या पता था कि बेटे के हाथ की यह चाय उनकी आखिरी मुलाकात बन जाएगी. लौटते समय मिली सैलाब की समाचार, दुकान पहुंचे तो उड़ गए होश पन्नालाल के अनुसार, करीब 9:26 बजे जब वह वापस लौट रहे थे, तभी रास्ते में लोगों ने त्रिशूली नदी में अचानक आए सैलाब की जानकारी दी. वह घबराकर तेजी से अपनी दुकान की ओर पहुंचे. वहां पहुंचने पर पता चला कि उनकी पत्नी और बेटा बाढ़ के तेज बहाव की चपेट में आ गए हैं. इसके बाद से परिवार के दोनों सदस्यों की तलाश जारी है. मोबाइल पास होता तो शायद बच जाती पत्नी-बेटे की जान पन्नालाल का कहना है कि उनका मोबाइल दुकान में ही छूट गया था. अगर मोबाइल उनके पास होता तो बाढ़ की जानकारी मिलते ही वह पत्नी और बेटे को फोन कर सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कह सकते थे. यह सोचकर वह खुद को रोक नहीं पा रहे हैं. परिजनों के मुताबिक, मां और भाई के लापता होने की समाचार से दोनों बेटियां भी गहरे सदमे में हैं. परिवार के लोग लगातार नेपाल में संपर्क बनाए हुए हैं और राहत-बचाव दल से किसी सकारात्मक समाचार की उम्मीद कर रहे हैं. त्रिशूली बाजार में बाढ़ ने मचाई भारी तबाही नेपाल के नुवाकोट में त्रिशूली नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से कई इलाकों में तबाही मची है. त्रिशूली बाजार के आसपास घरों और दूसरे ढांचों को नुकसान पहुंचा है. अचानक आए तेज बहाव के कारण लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला. राहत और बचाव अभियान जारी है. बलिया के रसड़ा में भी पन्नालाल के परिवार और परिचितों की निगाहें नेपाल से आने वाली हर सूचना पर टिकी हैं. सभी की एक ही दुआ है—सैलाब में लापता मां-बेटा किसी तरह सुरक्षित मिल जाएं. यह भी पढ़ें: बरेली में रक्षाबंधन कार्यक्रम में भगदड़, एक स्त्री की मौत, साड़ी लेने उमड़ी थी हजारों की भीड़ The post नेपाल के सैलाब में बलिया के परिवार पर टूटा कहर: पत्नी-बेटा लापता, सुबह बेटे ने पिलाई थी चाय, कुछ घंटे बाद मच गई तबाही appeared first on Naya Vichar.

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80 हजार वाले फोन के प्रीमियम फीचर्स अब बजट में! जानिए Galaxy S26 FE की कीमत और खासियत

Samsung Galaxy S26 FE हिंदुस्तान में लॉन्च: प्रीमियम फीचर्स, किफायती दाम. Samsung Galaxy S26 FE हिंदुस्तान में लॉन्च हो गया है. यह Galaxy S26 लाइनअप का सबसे किफ़ायती ‘फैन एडिशन’ मॉडल है, जो प्रीमियम फीचर्स को बजट-फ्रेंडली सेगमेंट में लाता है. इससे ज्यादा से ज्यादा लोग प्रीमियम फीचर्स का अनुभव कर पाएंगे. कीमत और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धता ग्लोबल मार्केट में Samsung Galaxy S26 FE की शुरुआती कीमत 699 अमेरिकी डॉलर (लगभग 66,000 हिंदुस्तानीय रुपये) तय की गई है. यह स्मार्टफोन 4 सितंबर से चुने हुए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बिक्री के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा. कंपनी अगले महीने के अंत तक हिंदुस्तानीय बाजार के लिए भी इसके आधिकारिक लॉन्च और लोकल प्राइसिंग का खुलासा करेगी. हिंदुस्तानीय कीमत अंतरराष्ट्रीय कीमत से थोड़ी कम या ज्यादा हो सकती है, जो कि इस बात पर निर्भर करेगा कि कौन से फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स हिंदुस्तानीय वेरिएंट में शामिल किए जाएंगे. One UI 9 के साथ लेटेस्ट सॉफ्टवेयर और एआई एक्सपीरियंस यह सैमसंग का पहला ऐसा स्मार्टफोन है जो आउट-ऑफ-the-box One UI 9 ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ आ रहा है. One UI 9 वह सॉफ्टवेयर है जिससे आपका फोन चलता है. नए इंटरफेस के साथ इसमें लेटेस्ट गैलेक्सी AI टूल्स का सपोर्ट मिलता है, जो फोटो और वीडियो एडिटिंग से लेकर रोजमर्रा के टास्क को बेहद आसान बना देते हैं. उदाहरण के लिए, यह AI फीचर आपकी धुंधली तस्वीरों को भी एकदम साफ कर देगा. आप ‘सर्कल टू सर्च’ जैसे फीचर्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, जो किसी भी इमेज में वस्तु को तुरंत पहचानने में मदद करता है, या ‘ट्रांसलेट लाइव’ जो बातचीत को रीयल-टाइम में ट्रांसलेट करता है. कंपनी इस हैंडसेट के साथ 7 साल तक ओएस अपग्रेड्स और सिक्योरिटी अपडेट्स का वादा कर रही है, जिससे फोन का सॉफ्टवेयर एक्सपीरियंस लंबे समय तक सिक्योर रहेगा. डिस्प्ले, परफॉर्मेंस और स्टोरेज क्षमता डिवाइस में 6.7-इंच का FHD+ इनफिनिटी-ओ डायनेमिक AMOLED 2X डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 1900 निट्स की पीक ब्राइटनेस के साथ आता है. स्पीड और मल्टीटास्किंग के लिए फोन में 3nm प्रोसेस पर आधारित Samsung Exynos 2500 चिपसेट, जो फोन का प्रोसेसर है, और Xclipse 950 GPU (ग्राफिक्स प्रोसेसर) दिया गया है. फोन को 8GB रैम के साथ 128GB, 256GB और 512GB के तीन अलग-अलग स्टोरेज ऑप्शंस में पेश किया गया है. ट्रिपल रियर कैमरा और बैटरी बैकअप फोटोग्राफी के लिए इसके बैक पैनल पर ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मौजूद है. इसमें f/1.8 अपर्चर वाला 50MP का मुख्य कैमरा (OIS यानी ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन सपोर्ट के साथ), 123-डिग्री फील्ड-ऑफ़-व्यू वाला 12MP का अल्ट्रा-वाइड एंगल लेंस और 8MP का टेलीफोटो सेंसर शामिल है. 3x ऑप्टिकल ज़ूम की सुविधा है, जिससे आप क्वालिटी खराब किए बिना 3 गुना तक ज़ूम कर सकते हैं. f/1.8 अपर्चर ज्यादा रोशनी पकड़ने वाले लेंस के लिए जाना जाता है. सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए फ्रंट में 12MP का शूटर दिया गया है. पावर देने के लिए इसमें 4,900mAh की दमदार बैटरी है, जो 45W फास्ट वायर्ड चार्जिंग, 15W वायरलेस चार्जिंग और वायरलेस पावर शेयर टेक्नोलॉजी को सपोर्ट करती है. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) Q1. Samsung Galaxy S26 FE किन प्रमुख गेम्स को स्मूथली हैंडल कर सकता है? उत्तर: Samsung Galaxy S26 FE को दमदार Exynos 2500 चिपसेट और Xclipse 950 GPU के साथ पेश किया गया है, जो इसे कई हाई-एंड गेम्स को स्मूथली चलाने में सक्षम बनाता है. Q2. क्या Galaxy S26 FE की बैटरी पूरे दिन इस्तेमाल करने के लिए काफी है? उत्तर: 4,900mAh की दमदार बैटरी के साथ, Galaxy S26 FE सामान्य उपयोग पर पूरे दिन चलने की उम्मीद है, और इसमें 45W फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट भी है. Q3. क्या इस फोन पर मल्टीटास्किंग करते समय लैग का अनुभव होगा? उत्तर: 8GB रैम और Samsung Exynos 2500 चिपसेट के साथ, Galaxy S26 FE मल्टीटास्किंग के दौरान स्मूथ परफॉरमेंस देने में सक्षम होना चाहिए. ये भी पढ़ें: लॉन्च के कुछ महीने बाद ही Samsung Galaxy S26 Ultra हुआ ₹15,000 सस्ता, अब इतनी रह गई कीमत ये भी पढ़ें: 20 हजार के बजट में प्रीमियम सैमसंग फोन! जानिए Galaxy A35 5G को सस्ते में खरीदने का पूरा तरीका The post 80 हजार वाले फोन के प्रीमियम फीचर्स अब बजट में! जानिए Galaxy S26 FE की कीमत और खासियत appeared first on Naya Vichar.

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29 अगस्त की टॉप-20 खबरें: नेपाल में बना 150 किमी का ‘डेथ कॉरिडोर’, रांची में ट्रैक्टर से टकराई वंदे भारत ट्रेन

1. नया विचार की ग्राउंड जीरो रिपोर्ट: ‘मेरी मम्मी कहां है?’, जाल में फंसकर बची 5 साल की मासूम, नेपाल बाढ़ में खो गया पूरा परिवार नेपाल की भीषण बाढ़ ने पांच साल की इशारा तामांग से उसकी मां को छीन लिया. रसुवा में तेज बहाव के दौरान जाल में फंसने से उसकी जान बच गई. घायल हालत में वह काठमांडू के टीचिंग अस्पताल पहुंची, लेकिन साथ परिवार का कोई सदस्य नहीं है. अब सोशल मीडिया से पिता की तलाश जारी है. यहां पढ़ें पूरी समाचार 2. नया विचार की ग्राउंड जीरो रिपोर्ट: नेपाल में बना 150 किमी का ‘डेथ कॉरिडोर’, त्रिशूली नदी में हर ओर तैर रहे शव तिब्बत में बुधवार की सुबह ग्लेशियर टूटने की घटना के बाद रूह कंपा देने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं. नेपाल में जिस जगह पर तबाही हुई वहां नया विचार की टीम पहुंची. लोगों ने बातचीत के दौरान कई रूह कंपा देने वाली कहानियां सुनाई. यहां पढ़ें पूरी समाचार 3. हिंदुस्तान-चीन की बढ़ती नजदीकी से पाकिस्तान बेचैन, आर्टिकल 370 के मॉडल पर PoK का स्टेटस बदलने की तैयारी? हिंदुस्तान और चीन के बीच सीमा विवाद पर बातचीत बढ़ने के साथ ही पाकिस्तान की चिंताएं बढ़ गई हैं. पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और गिलगित-बाल्टिस्तान के संवैधानिक दर्जे में बदलाव की समाचारें आ रही हैं, जिससे क्षेत्र में नई हलचल मची है. यहां पढ़ें पूरी समाचार 4. वाल्मीकि घोटाले में घिरे बी नागेंद्र ने दिया मंत्री पद से इस्तीफा, ऐलान करते ही फूट-फूटकर रोए; बोले- मेरे दस्तखत किसी लेनदेन में नहीं कर्नाटक की डीके शिवकुमार प्रशासन में मंत्री बी नागेंद्र ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. नागेंद्र पर वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम से जुड़े कथित घोटाले में आरोप लगे थे. मामले को लेकर उन पर लगातार सवाल उठ रहे थे. इस्तीफा देने के बाद अब इस मुद्दे पर कर्नाटक की नेतृत्व और गरमा सकती है. यहां पढ़ें पूरी समाचार 5. चीनी और प्याज के बाद मुंबई में दूध ₹9 महंगा, क्या बिहार-झारखंड में भी बढ़ेंगे दाम? मुंबई में त्योहारी सीजन से पहले दूध की कीमतों में ₹9 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है. 1 सितंबर 2026 से दूध ₹102 प्रति लीटर हो जाएगा. ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि क्या इसका असर बिहार और झारखंड में भी पड़ेगा. यहां पढ़ें पूरी समाचार 6. Video: मराठी सीखने को मिली 1 साल की मोहलत, मुंबई में गैर-मराठी ऑटो चालकों ने मनाया जश्न महाराष्ट्र में मराठी भाषा सीखने के विवाद के बीच गैर-मराठी ऑटो और टैक्सी चालकों को बड़ी राहत मिली है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चालकों को मराठी सीखने के लिए एक साल का समय देने का फैसला किया है, जिससे वे बिना रोजगार की चिंता किए भाषा सीख सकेंगे. यहां पढ़ें पूरी समाचार 7. सावन में मटन खाने की जिद ने 30 साल के बेटे की ली जान, पिता ने पीट-पीटकर कर मार डाला, मां भी गिरफ्तार महाराष्ट्र के पुणे में सावन के दौरान मटन खाने को लेकर एक भीषण विवाद हो गया, जिसने एक 30 वर्षीय बेटे की जान ले ली. इस घटना में माता-पिता को गिरफ्तार किया गया है. जानें कैसे एक जिद हत्या में बदल गई. यहां पढ़ें पूरी समाचार 8. रांची से पटना जा रही Vande Bharat Express ट्रैक्टर से टकरायी, इंजन के आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त रांची से पटना जा रही वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस हजारीबाग के पास रेलवे ट्रैक पर ट्रैक्टर से टकरा गई. हादसे में किसी यात्री को चोट नहीं आई, लेकिन ट्रेन कुछ देर के लिए बाधित रही. यहां पढ़ें पूरी समाचार 9. बिहार में 6 IAS का हुआ ट्रांसफर, नवादा से पटना तक बदले अफसर, सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी की लिस्ट बिहार प्रशासन ने राज्य में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 6 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है. सामान्य प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की. इस फेरबदल में नवादा और कैमूर की उप विकास आयुक्त (डीडीसी) समेत कई विभागों के निदेशक और सचिव बदले गए हैं. यहां पढ़ें पूरी समाचार 10. नेपाल के सैलाब में बलिया के परिवार पर टूटा कहर: पत्नी-बेटा लापता, सुबह बेटे ने पिलाई थी चाय, कुछ घंटे बाद मच गई तबाही नेपाल में त्रिशूली नदी में आई अचानक बाढ़ ने बलिया के एक परिवार को तोड़ दिया है. सैलाब में मां-बेटा बह गए हैं, जिनकी तलाश जारी है. यह घटना तब हुई जब सुबह बेटे ने पिता के लिए चाय बनाई थी. यहां पढ़ें पूरी समाचार 11. बरेली में रक्षाबंधन कार्यक्रम में भगदड़, एक स्त्री की मौत, साड़ी लेने उमड़ी थी हजारों की भीड़ बरेली में रक्षाबंधन के एक कार्यक्रम में भगदड़ मचने से मातम पसर गया. साड़ी और उपहार लेने पहुंची हजारों स्त्रीओं की भीड़ के कारण अफरा-तफरी मची, जिसमें एक स्त्री की दुखद मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. यहां पढ़ें पूरी समाचार 12. ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी और 2 टीएमसी नेता के खिलाफ प्राथमिकी, 13 गिरफ्तार कोलकाता में कैमक स्ट्रीट स्थित तृणमूल कांग्रेस कार्यालय के बाहर हुई झड़प के बाद पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी सहित 3 नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज की गयी है. पुलिस ने 13 लोगों को गिरफ्तार किया है. यहां पढ़ें पूरी समाचार 13. Google Microsoft में प्लेसमेंट देकर छा गया ये कॉलेज, 1400 से ज्यादा जॉब ऑफर अगर आप सोचते हैं कि प्लेसमेंट सीजन बोरिंग स्प्रेडशीट होते हैं, तो NIT राउरकेला का डेटा देखकर आपकी सोच बदल जाएगी. यहां करोड़ों के पैकेज, हजारों ऑफर और सैकड़ों कंपनियां, सब कुछ एक साथ दिखता है. यहां पढ़ें पूरी समाचार 14. एक्टिंग नहीं, चुनी सुरों की राह. Hrithik के बेटे Hrehaan Roshan ने म्यूजिक इंडस्ट्री में रखा कदम, सबा और सुजैन खान का रिएक्शन वायरल ऋतिक रोशन के बड़े बेटे Hrehaan Roshan ने अपने पहले सिंगल ‘This Heavenly Place’ के साथ म्यूजिक इंडस्ट्री में कदम रख दिया है. पिता ऋतिक और मां सुजैन खान समेत पूरे परिवार ने उनके इस नए सफर पर ढेर सारा प्यार और शुभकामनाएं दी हैं. यहां पढ़ें पूरी समाचार 15. फ्री फायर मैक्स रिडीम कोड्स 21 अगस्त 2026: मुफ्त में अनलॉक करें लेजेंडरी गन स्किन्स और बंडल्स, जानें क्लेम करने की पूरी गाइड फ्री फायर मैक्स गेमर्स के लिए बड़ी खुशसमाचारी! 21

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National Sports Day: मैदान में पसीना बहा रहे झारखंड के खिलाड़ी, लेकिन कमाई कितनी? जानें खेल से रोजगार का पूरा गणित

National Sports Day: झारखंड की पहचान देश-दुनिया में सिर्फ खनिज संपदा से नहीं, बल्कि स्पोर्ट्स प्रतिभाओं से भी बनी है. हॉकी, तीरंदाजी, फुटबॉल, एथलेटिक्स और क्रिकेट समेत कई स्पोर्ट्सों में राज्य के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है. लेकिन स्पोर्ट्स दिवस के मौके पर एक सवाल सबसे अहम है- मैदान पर सालों पसीना बहाने वाले झारखंड के खिलाड़ियों की आर्थिक सुरक्षा कितनी मजबूत है? मेडल जीतने के बाद पुरस्कार राशि से लेकर प्रशासनी नौकरी तक, स्पोर्ट्स को करियर बनाने वाले खिलाड़ियों के सामने कमाई के कितने रास्ते हैं? मेडल जीता तो मिल सकती है सम्मान राशि झारखंड स्पोर्ट्स नीति-2022 में खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के लिए सम्मान राशि का प्रावधान किया गया है. राज्य के स्पोर्ट्स निदेशालय की ओर से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक या भागीदारी के आधार पर नकद पुरस्कार के लिए आवेदन भी मांगे जाते रहे हैं. 2026 में भी खिलाड़ियों को सम्मान राशि के लिए आवेदन की प्रक्रिया जारी रही है. इसके अलावा झारखंड की स्पोर्ट्स उत्कृष्टता नकद पुरस्कार योजना में असाधारण प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री की स्वीकृति के अधीन 10 लाख रुपये तक की राशि दिए जाने का प्रावधान बताया गया है. यानी किसी खिलाड़ी की बड़ी उपलब्धि उसके लिए एकमुश्त आर्थिक मदद का रास्ता खोल सकती है. लेकिन खिलाड़ियों की असली चुनौती सिर्फ मेडल जीतने के बाद मिलने वाली पुरस्कार राशि नहीं है. सवाल यह है कि मेडल के बाद नियमित आय का इंतजाम कितना मजबूत है? यह भी पढ़ें: Jharkhand Weather Alert: सावधान! आज से 3 दिन झारखंड में आफत की बारिश, इन जिलों में वज्रपात का भी खतरा स्पोर्ट्स से नौकरी तक का रास्ता सबसे अहम खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ा आर्थिक सहारा प्रशासनी या सार्वजनिक क्षेत्र की नौकरी हो सकती है. स्पोर्ट्स कोटे के जरिए खिलाड़ियों की नियुक्ति का प्रावधान मौजूद है. केंद्र के स्तर पर भी कई स्पोर्ट्स विधाओं के खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स कोटे से प्रशासनी नौकरी का अवसर मिलता है. झारखंड में हालांकि खिलाड़ियों को रोजगार मिलने का आंकड़ा चिंता पैदा करता है. 2025 में पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने दावा किया था कि राज्य गठन के 25 वर्षों में केवल 44 खिलाड़ियों को रोजगार मिला. खिलाड़ियों का कहना था कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल करने के बावजूद बड़ी संख्या में खिलाड़ी स्पोर्ट्स जीवन के बाद आर्थिक असुरक्षा से जूझते हैं. यानी राज्य में प्रतिभा और उपलब्धियों की कमी नहीं है, लेकिन उपलब्धि को स्थायी रोजगार और नियमित आय में बदलने की चुनौती अब भी बड़ी है. रेलवे ने संभाला है खिलाड़ियों का मोर्चा झारखंड के कई खिलाड़ियों के लिए रेलवे जैसे संस्थान रोजगार का बड़ा सहारा बने हैं. रांची रेल मंडल ने हॉकी समेत दूसरे स्पोर्ट्सों के खिलाड़ियों को नौकरी देकर स्पोर्ट्स के साथ रोजगार का रास्ता उपलब्ध कराया है. सलीमा टेटे, निक्की प्रधान समेत कई खिलाड़ी रेलवे से जुड़े रहे हैं. यही वजह है कि झारखंड के खिलाड़ियों के लिए स्पोर्ट्स और नौकरी का संबंध बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है. अगर खिलाड़ी को यह भरोसा हो कि राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन के बाद उसके लिए रोजगार का रास्ता खुलेगा, तो वह लंबे समय तक स्पोर्ट्स में बने रहने का जोखिम उठा सकता है. यह भी पढ़ें: Bharatmala Project: झारखंड में कहां-कहां बन रही हिंदुस्तानमाला की सड़क? इन जिलों की बदलेगी तस्वीर, जमीन देने वालों के मुआवजे पर भी बड़ा अपडेट खिलाड़ी की जेब का सबसे बड़ा सवाल- रोज का खर्च एक खिलाड़ी की कमाई का हिसाब केवल पुरस्कार राशि से नहीं लगाया जा सकता. प्रशिक्षण, डाइट, स्पोर्ट्स किट, जूते, यात्रा और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने पर लगातार खर्च होता है. 2026 में सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक झारखंड के खिलाड़ियों के लिए पौष्टिक आहार मद में 500 रुपये प्रति माह की राशि का उल्लेख किया गया और इसके भुगतान में लंबे समय से देरी का दावा किया गया. खिलाड़ियों के सामने प्रशिक्षण और पोषण के खर्च का सवाल ऐसे में और गंभीर हो जाता है. यानी मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए जिस खिलाड़ी को रोज पौष्टिक भोजन और आधुनिक प्रशिक्षण की जरूरत है, उसके लिए आर्थिक सहायता का नियमित और समय पर मिलना भी उतना ही जरूरी है. स्पोर्ट्स से कमाई के कितने रास्ते? झारखंड के खिलाड़ी स्पोर्ट्स को करियर बनाकर मुख्य रूप से कई रास्तों से आर्थिक सुरक्षा हासिल कर सकते हैं- 1. प्रतियोगिता में पुरस्कार राशि – राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन के आधार पर सम्मान राशि. 2. प्रशासनी नौकरी – स्पोर्ट्स कोटे के जरिए विभिन्न प्रशासनी विभागों में नियुक्ति. 3. रेलवे और PSU – रेलवे सहित सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां खिलाड़ियों के लिए रोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम रही हैं. 4. कॉरपोरेट नौकरी और प्रायोजन – बड़ी कंपनियां खिलाड़ियों को नौकरी, प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता उपलब्ध करा सकती हैं. 5. कोचिंग और अकादमी – स्पोर्ट्स करियर के बाद खिलाड़ी प्रशिक्षक, कोच या स्पोर्ट्स अकादमी से जुड़कर आय अर्जित कर सकते हैं. यह भी पढ़ें: रांची: लिव-इन रिश्ते में तनाव के बीच युवक ने दी जान, मोबाइल वीडियो की बात से पुलिस जांच में जुटी असली सवाल- मेडल के बाद क्या? झारखंड ने स्पोर्ट्स प्रतिभाओं के दम पर देश-दुनिया में अपनी पहचान बनाई है. राज्य की स्पोर्ट्स नीति में खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने, ग्रामीण स्पोर्ट्स केंद्र और स्पोर्ट्स अकादमियों को बढ़ावा देने जैसे प्रावधान भी रखे गए हैं. लेकिन किसी खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि उसका स्पोर्ट्स करियर खत्म होने के बाद क्या होगा? अगर किसी खिलाड़ी ने 10-15 साल मैदान में दिए हैं तो उसके सामने नौकरी, पेंशन, कोचिंग या किसी दूसरे स्थायी रोजगार का रास्ता होना जरूरी है. 2025 में पूर्व खिलाड़ियों द्वारा रोजगार और आर्थिक सुरक्षा को लेकर उठाए गए सवाल बताते हैं कि यह मुद्दा सिर्फ मौजूदा खिलाड़ियों का नहीं, बल्कि उन खिलाड़ियों का भी है जिन्होंने अपने स्पोर्ट्स जीवन में झारखंड का नाम रोशन किया. स्पोर्ट्स दिवस पर इसलिए झारखंड के सामने असली चुनौती सिर्फ नए खिलाड़ी तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसा भविष्य देना भी है जिसमें मैदान पर बहाया गया पसीना मेडल के साथ सम्मानजनक और स्थायी रोजगार में भी बदले. यह भी पढ़ें: क्रिकेट ट्रेनिंग के लिए घर से निकला 11 साल का मासूम लापता, 4 घंटे बाद मिली ऐसी

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