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September 1, 2026

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September 2026 School Holidays: सितंबर में कब-कब बंद रहेंगे स्कूल? देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट

September 2026 School Holidays: सितंबर 2026 की शुरुआत हो चुकी है. महीना शुरू होते ही छात्रों और पैरेंट्स ने छुट्टियों का कैलेंडर चेक करना शुरू कर दिया है. सितंबर में कई बड़े त्योहार, जयंतियां और साप्ताहिक अवकाश पड़ रहे हैं. इस वजह से कई दिन स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे. अगर आप भी इस महीने कहीं घूमने या पढ़ाई का शेड्यूल प्लान कर रहे हैं, तो छुट्टियों की यह लिस्ट आपके काम आएगी. सितंबर में स्कूल की छुट्टियां (School Holiday List September 2026) इस महीने 4 रविवार और 2 शनिवार के अलावा कई त्योहारों पर स्कूल बंद रहेंगे. 6 सितंबर (रविवार): पूरे देश में साप्ताहिक अवकाश रहेगा. 12 सितंबर (दूसरा शनिवार): ज्यादातर निजी और प्रशासनी स्कूलों में छुट्टी रहेगी. 13 सितंबर (रविवार): पूरे देश में साप्ताहिक अवकाश. 17 सितंबर (विश्वकर्मा पूजा, अनंत चतुर्दशी): टेक्निकल इंस्टीट्यूट्स, स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश रहेगा. 20 सितंबर (रविवार): पूरे देश में साप्ताहिक अवकाश. 26 सितंबर (चौथा शनिवार): कई बोर्ड और सीबीएसई स्कूलों में छुट्टी रहेगी. 27 सितंबर (रविवार): पूरे देश में साप्ताहिक अवकाश. ये भी पढ़ें: 5 सितंबर को देना है स्कूल में धांसू भाषण, यहां से लें आईडिया 5 सितंबर: शिक्षक दिवस पर क्या रहेगा? 5 सितंबर को देश भर में हिंदुस्तान के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती यानी शिक्षक दिवस मनाया जाता है. इस दिन ज्यादातर स्कूलों में सामान्य क्लासेज नहीं चलती हैं. स्कूलों में बच्चों द्वारा विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम, भाषण प्रतियोगिता और टीचर्स के सम्मान के कार्यक्रम होते हैं. कई राज्यों में कार्यक्रम के बाद हाफ-डे या पूरे दिन का विशेष अवकाश रहता है. राज्य स्तर और स्थानीय छुट्टियां अलग-अलग राज्यों के शिक्षा विभाग अपने हिसाब से स्थानीय त्योहारों पर छुट्टियां तय करते हैं. कुछ राज्यों में स्थानीय जयंतियों और क्षेत्रीय पर्वों पर अलग से अवकाश घोषित किया जाता है. भारी बारिश या खराब मौसम के चलते भी कई जिलों में प्रशासन अलग से छुट्टी के आदेश जारी करता है. सटीक जानकारी के लिए छात्र अपने स्कूल के नोटिस बोर्ड और ऑफिशियली व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े रहें. ये भी पढ़ें: Computer Programming पर है कमांड, तो ये प्रशासनी नौकरियां हैं बेस्ट The post September 2026 School Holidays: सितंबर में कब-कब बंद रहेंगे स्कूल? देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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Central Zone vs East Zone: दलीप ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची वैभव सूर्यवंशी और ईशान की टीम, सेंट्रल जोन को 4 विकेट से हराया

Central Zone vs East Zone: ईस्ट जोन ने दलीप ट्रॉफी 2026 के पहले सेमीफाइनल में सेंट्रल जोन को चार विकेट से हराकर फाइनल में जगह बना ली है. बेंगलुरु के बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में स्पोर्ट्से गए मुकाबले के तीसरे दिन ईस्ट जोन ने 159 रन के लक्ष्य को छह विकेट गंवाकर हासिल कर लिया. कप्तान ईशान किशन 39 रन बनाकर नाबाद रहे और उन्होंने चौका लगाकर टीम को जीत तक पहुंचाया. अब फाइनल में ईस्ट जोन का सामना दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा. पहली पारी में बराबरी, दूसरी में बदला मैच मुकाबले में सेंट्रल जोन ने अपनी पहली पारी में 266 रन बनाए थे. इसके जवाब में ईस्ट जोन ने भी 266 रन बनाकर स्कोर बराबर कर दिया. ऐसे में दूसरी पारी का प्रदर्शन मैच का रुख तय करने वाला था. यहां ईस्ट जोन के गेंदबाजों ने शानदार काम किया और सेंट्रल जोन को दूसरी पारी में सिर्फ 158 रन पर समेट दिया. इस तरह ईस्ट जोन के सामने जीत के लिए 159 रन का लक्ष्य आया. सेंट्रल जोन ने तीसरे दिन अपनी दूसरी पारी 45/3 से आगे बढ़ाई, लेकिन टीम को लंबे समय तक कोई बड़ी साझेदारी नहीं मिल सकी. हरफनमौला हर्ष दुबे और आर्यन पांडे ने नौवें विकेट के लिए 45 रन जोड़कर टीम को कुछ राहत जरूर दी, लेकिन तब तक नुकसान काफी हो चुका था. सेंट्रल जोन की पूरी टीम 158 रन पर सिमट गई. ईशान किशन ने संभाली पारी 159 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरे ईस्ट जोन को कप्तान ईशान किशन ने संभाला. उन्होंने जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 39 रन बनाए और टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया. ईस्ट जोन ने दो सत्र से भी कम समय में लक्ष्य हासिल कर लिया. 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने भी इस रन चेज में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने 43 गेंदों पर 40 रन की तेज पारी स्पोर्ट्सकर टीम को अच्छी शुरुआत दी. वैभव ने अपनी पारी में आक्रामक अंदाज दिखाया और शुरुआती दबाव को सेंट्रल जोन पर वापस डाल दिया. हालांकि, सेंट्रल जोन के हर्ष दुबे ने मुकाबले में रोमांच जरूर बढ़ाया. उन्होंने दूसरी पारी में चार विकेट लेकर ईस्ट जोन के बल्लेबाजों को परेशान किया, लेकिन टीम के पास बचाव के लिए पर्याप्त रन नहीं थे. आखिरकार ईस्ट जोन ने छह विकेट गंवाकर लक्ष्य हासिल कर लिया. ये भी पढ़ें: Messi and Dhoni Retirement: 39 की उम्र, दो दिग्गज और संन्यास का एक जैसा अंदाज, जानिए धोनी-मेसी में और क्या थीं संन्यास के समय की समानताएं शमी और मुकेश कुमार की घातक गेंदबाजी ईस्ट जोन की जीत में मोहम्मद शमी और मुकेश कुमार की गेंदबाजी सबसे अहम रही. दूसरी पारी में मुकेश कुमार ने चार विकेट झटके, जबकि मोहम्मद शमी को तीन सफलता मिलीं. दोनों तेज गेंदबाजों ने सेंट्रल जोन के बल्लेबाजों को खुलकर स्पोर्ट्सने का मौका नहीं दिया और लगातार विकेट निकालकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया. दूसरी ओर, सेंट्रल जोन की टीम में कई बड़े नाम मौजूद थे और वह टूर्नामेंट की डिफेंडिंग चैंपियन भी थी. लेकिन सेमीफाइनल में टीम की बल्लेबाजी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी. पहली पारी में 266 रन बनाने के बाद दूसरी पारी में सिर्फ 158 रन पर ऑलआउट होना उसके लिए भारी पड़ गया. फाइनल में पहुंचा ईस्ट जोन ईस्ट जोन ने इस जीत के साथ दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है. टीम ने पहले स्कोर बराबर किया, फिर गेंदबाजों के दम पर सेंट्रल जोन को कम स्कोर पर रोक दिया और अंत में ईशान किशन तथा वैभव सूर्यवंशी की पारियों की मदद से लक्ष्य हासिल कर लिया.अब ईस्ट जोन की नजर खिताब पर होगी. फाइनल में उसका सामना नॉर्थ जोन और साउथ जोन के बीच स्पोर्ट्से जा रहे दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा. वहीं, सेंट्रल जोन के लिए डिफेंडिंग चैंपियन होने के बावजूद सेमीफाइनल में मिली हार निराशाजनक अंत साबित हुई. ये भी पढ़ें: Abhimanyu Easwaran: 10 साल की उम्र में शुरू हुआ सफर, फर्स्ट क्लास में 47 के ऊपर का औसत; आंकड़े बता रहे क्यों हैं इतने खास The post Central Zone vs East Zone: दलीप ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची वैभव सूर्यवंशी और ईशान की टीम, सेंट्रल जोन को 4 विकेट से हराया appeared first on Naya Vichar.

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जंतर-मंतर प्रोटेस्ट: जेपी नड्डा बोले, CJP प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज सभी FIR होंगी वापस

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उन सभी FIR को रद्द कर दिया, जो देश भर में 20 से 25 जुलाई के बीच ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज की गई थीं. नड्डा ने कहा, “हमने BJP शासित सभी राज्यों से बातचीत की; उन्होंने भी CJP प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR वापस लेने का भरोसा दिया है.” नड्डा ने 5 सितंबर को होने वाले CJP के विरोध प्रदर्शन को वापस लेने के फैसले का किया स्वागत पूरे देश में NEET पेपर लीक मामले के विरोध में प्रदर्शन करने वालों के ख़िलाफ FIR रद्द करने और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, “25 जुलाई 2026 को, डॉ जितेंद्र सिंह और मैंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों से बातचीत की थी. हिंदुस्तान प्रशासन की ओर से, छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए, हमने उन्हें भरोसा दिलाया था कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले वापस ले लिए जाएंगे और उनके खिलाफ कोई और सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी. इसी सिलसिले में, हमने BJP शासित राज्यों की प्रशासनों से भी इस मामले पर चर्चा की थी, और हम उस वादे को पूरा करने जा रहे हैं. हम प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद 5 सितंबर को होने वाले प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को वापस लेने के CJP प्रवक्ता के फैसले का स्वागत करते हैं. प्रशासन के लिए, युवाओं की तरक्की और विकास हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है.” सुप्रीम कोर्ट ने जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को तीन महीने के भीतर मुआवजा देने का दिया निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को देशभर में 20 से 25 जुलाई के बीच ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकी (FIR) रद्द करने का आदेश दिया. हिंदुस्तान के प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र प्रशासन को एक और अहम निर्देश दिया. कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के प्रश्नपत्र लीक के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को तीन महीने के भीतर मुआवजा दिया जाए. सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 142 का किया इस्तेमाल कोर्ट ने एफआईआर वापस लेने के फैसले के लिए अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल किया. संविधान का अनुच्छेद 142 सुप्रीम कोर्ट को किसी मामले में पूर्ण न्याय करने के लिए आवश्यक आदेश और निर्देश जारी करने की विशेष शक्ति प्रदान करता है. ये भी पढ़ें: CJP ने 5 सितंबर का दिल्ली मार्च वापस लिया, FIR वापस लेने के प्रशासन के कदम के बाद बदला फैसला The post जंतर-मंतर प्रोटेस्ट: जेपी नड्डा बोले, CJP प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज सभी FIR होंगी वापस appeared first on Naya Vichar.

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5 सितंबर को देना है स्कूल में धांसू भाषण, यहां से लें आइडिया

Teachers Day Speech in Hindi 2026: हर साल 5 सितंबर को हिंदुस्तान में शिक्षक दिवस मनाया जाता है. यह दिन देश के दूसरे राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है. इस दिन स्कूल और कॉलेजों में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. छात्र अपने शिक्षकों के सम्मान में भाषण, कविता और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं. अगर आपको भी स्कूल में शिक्षक दिवस के मौके पर भाषण देना है और समझ नहीं आ रहा कि शुरुआत कैसे करें, तो यहां दिया गया यह Teachers Day Speech in Hindi आपकी तैयारी में मदद कर सकता है. Teachers Day पर ऐसे शुरू करें भाषण आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय/महोदया, सम्मानित शिक्षकगण और मेरे प्यारे साथियों, आप सभी को मेरा नमस्कार. आज हम सभी यहां शिक्षक दिवस के खास अवसर पर एकत्र हुए हैं. सबसे पहले मैं सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस (Teachers Day) की हार्दिक शुभकामनाएं देना चाहता/चाहती हूं. हिंदुस्तान में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है. यह दिन महान शिक्षाविद और हिंदुस्तान के पहले उपराष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के रूप में मनाया जाता है. उनका मानना था कि शिक्षा और शिक्षक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. शिक्षक हमारे जीवन में क्यों खास हैं? शिक्षक हमारे जीवन में सिर्फ पढ़ाई का ज्ञान देने का काम नहीं करते, बल्कि वे हमें सही और गलत के बीच अंतर समझाते हैं. वे हमारी गलतियों से सीखने, मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं. एक शिक्षक का योगदान केवल कक्षा और किताबों तक सीमित नहीं होता. वे हमारे अंदर आत्मविश्वास पैदा करते हैं और हमें एक बेहतर इंसान बनने की राह दिखाते हैं. कई बार शिक्षक की कही हुई एक छोटी सी बात भी हमारे जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है. शिक्षकों के लिए धन्यवाद हमारे शिक्षक अपना समय और मेहनत लगाकर हमें पढ़ाते हैं. जब हम किसी विषय को समझ नहीं पाते, तो वे उसे दोबारा समझाते हैं. हमारी गलतियों को सुधारते हैं और बेहतर करने के लिए प्रेरित करते हैं. इसलिए आज शिक्षक दिवस के मौके पर हम सभी को अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करना चाहिए. उनके योगदान के लिए जितना धन्यवाद कहा जाए, वह कम है. अंत में ऐसे करें भाषण खत्म अंत में मैं बस इतना कहना चाहूंगा/चाहूंगी कि हमारे जीवन में माता-पिता के बाद शिक्षक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है. शिक्षक हमारे भविष्य को आकार देने में अहम योगदान देते हैं. आइए, इस शिक्षक दिवस पर हम अपने सभी शिक्षकों को धन्यवाद दें और उनकी दी हुई सीख को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लें. इन्हीं शब्दों के साथ मैं अपनी वाणी को विराम देता/देती हूं. आप सभी को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं. धन्यवाद. जय हिंद. Teachers Day Speech को बनाएं खास अगर आपको स्कूल में कम समय के लिए भाषण देना है, तो ऊपर दिए भाषण को छोटा करके 2 से 3 मिनट में भी प्रस्तुत किया जा सकता है. भाषण के दौरान शिक्षकों के प्रति सम्मान और अपनी भावनाओं को सहज तरीके से व्यक्त करें. इससे भाषण ज्यादा प्रभावी और यादगार बन सकता है. ये भी पढ़ें: मेहनत करने पर भी सफलता नहीं मिली तो क्या करें? पूर्व IAS दिव्या मित्तल ने दिए 3 टिप्स The post 5 सितंबर को देना है स्कूल में धांसू भाषण, यहां से लें आइडिया appeared first on Naya Vichar.

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क्या इन्फ्लुएंसर्स और रील्स के भरोसे यूपी 2027 चुनाव जीतेगी बीजेपी, नये डिजिटल प्लान की होगी महत्वपूर्ण भूमिका

UP Politics: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बीजेपी ने अपनी चुनावी रणनीति को डिजिटल प्लेटफॉर्म तक विस्तार देने की तैयारी तेज कर दी है. पार्टी अब केवल रैलियों, जनसभाओं और पारंपरिक प्रचार के भरोसे नहीं रहना चाहती. सोशल मीडिया, रील्स, WhatsApp और डिजिटल कंटेंट के जरिए सीधे मतदाताओं तक पहुंचने की रणनीति बनाई जा रही है. खासतौर पर युवाओं और नई पीढ़ी के वोटरों तक प्रशासन की योजनाओं और उपलब्धियों का संदेश पहुंचाने पर जोर रहेगा. सेवा संकल्प अभियान में डिजिटल प्रचार को मिलेगी बड़ी भूमिका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ के दौरान बीजेपी जनसंपर्क के साथ डिजिटल प्रचार को भी अहम हिस्सा बनाने की तैयारी में है. घर-घर संपर्क, बैठकों और नुक्कड़ सभाओं के अलावा पार्टी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों तक पहुंच बनाएगी. कार्यकर्ताओं को डिजिटल माध्यमों का प्रभावी इस्तेमाल कर प्रशासन के काम और योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी जा सकती है. लाभार्थियों की सक्सेस स्टोरी बनेगी बड़ा चुनावी हथियार बीजेपी की रणनीति में प्रशासनी योजनाओं के लाभार्थियों की सफलता की कहानियां अहम भूमिका निभा सकती हैं. पार्टी ऐसे लोगों के छोटे वीडियो और रील्स तैयार कर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने की योजना बना रही है, जिनके जीवन में प्रशासनी योजनाओं के जरिए बदलाव आया है. इन वीडियो के माध्यम से विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं को आम लोगों के अनुभवों से जोड़कर पेश करने की कोशिश होगी. इसका खास फोकस युवा और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय मतदाताओं पर रहेगा. WhatsApp और इन्फ्लुएंसर्स के जरिए पहुंचेगा संदेश डिजिटल अभियान में WhatsApp नेटवर्क और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को भी अहम भूमिका देने की तैयारी है. बीजेपी की कोशिश है कि पार्टी और प्रशासन से जुड़े संदेश केवल आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट तक सीमित न रहें, बल्कि अलग-अलग डिजिटल माध्यमों से व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचें. रील्स और छोटे वीडियो के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पार्टी चुनावी संदेश को आसान, छोटे और प्रभावी कंटेंट के रूप में पेश करने की रणनीति पर काम कर रही है. विपक्ष के नैरेटिव का डिजिटल जवाब देने की रणनीति ‘सेवा संकल्प अभियान’ को लेकर हुई कार्यशालाओं में पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने और विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की रणनीति समझाई गई है. बीजेपी की योजना विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों का जवाब तथ्यों और प्रशासन की उपलब्धियों के आधार पर देने की है. पार्टी चाहती है कि सोशल मीडिया पर विपक्ष के नैरेटिव को चुनौती देने के साथ-साथ प्रशासन के पक्ष में एक मजबूत नेतृत्वक संदेश तैयार किया जाए. डिजिटल बनाम जमीनी प्रचार, 2027 में कितना असर यूपी चुनाव 2027 की सियासी लड़ाई अब केवल मंचों और मैदानों तक सीमित नहीं रहने वाली है. बीजेपी एक तरफ घर-घर संपर्क और नुक्कड़ सभाओं के जरिए जमीनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है, तो दूसरी तरफ रील्स, WhatsApp, इन्फ्लुएंसर्स और सक्सेस स्टोरीज के सहारे डिजिटल किलेबंदी भी कर रही है. आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि डिजिटल प्रचार की यह रणनीति यूपी के युवा और नए मतदाताओं को कितना प्रभावित कर पाती है. यह भी देखें: हमें अपराधी बना दिया, भाई को गोली मार दी, अखिलेश के STF वाले बयान पर संजय निषाद का पलटवार The post क्या इन्फ्लुएंसर्स और रील्स के भरोसे यूपी 2027 चुनाव जीतेगी बीजेपी, नये डिजिटल प्लान की होगी महत्वपूर्ण भूमिका appeared first on Naya Vichar.

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सिंधु के पानी पर PAK की बढ़ी बेचैनी, SCO में शहबाज ने कहा- ‘पानी क्षेत्र की Lifeblood’, भारत को दिया इशारा

सिंधु जल समझौते को लेकर हिंदुस्तान का रुख सख्त है. इससे पाकिस्तान की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है. अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने SCO के मंच से पानी को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने साझा जल संसाधनों को क्षेत्र की ‘जीवनरेखा’ बताते हुए कहा कि पानी का इस्तेमाल कभी हथियार या नेतृत्वक दबाव बनाने के लिए नहीं होना चाहिए. क्या इस समझौते का भविष्य अनिश्चित है? SCO शिखर सम्मेलन: शहबाज शरीफ ने सिंधु जल समझौते पर जताई चिंता पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में सिंधु जल समझौते का मुद्दा उठाया. पाकिस्तान ने 2026-27 के लिए SCO की अध्यक्षता संभाली है. इसी दौरान शहबाज ने साझा जल संसाधनों को लेकर अपनी चिंता जाहिर की. ‘पानी क्षेत्र की Lifeblood’, बोले शहबाज शहबाज शरीफ ने कहा कि पानी इस क्षेत्र की ‘जीवनरेखा’ है. उन्होंने कहा कि जल संसाधनों का इस्तेमाल किसी देश पर दबाव बनाने, नेतृत्वक लाभ हासिल करने या हथियार के तौर पर नहीं किया जाना चाहिए. उनके मुताबिक साझा जल संसाधनों से जुड़े समझौते ऐसे अंतरराष्ट्रीय समझौते हैं जिन्हें माना जाना चाहिए और उनका बिना शर्त पालन होना चाहिए. हिंदुस्तान के सख्त रुख से पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ी शहबाज शरीफ का यह बयान ऐसे समय आया है जब सिंधु जल समझौते को लेकर हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच विवाद फिर तेज हो गया है. पाकिस्तान लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को उठा रहा है और हिंदुस्तान से समझौते का पालन करने की मांग कर रहा है. हिंदुस्तान की ओर से सिंधु जल समझौते को लेकर अपना रुख पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है. हेग कोर्ट के फैसले को हिंदुस्तान ने किया खारिज हेग कोर्ट के फैसले पर हिंदुस्तान की प्रतिक्रिया ने पाकिस्तान की चिंता को और बढ़ा दिया, जो पहले से ही जल संसाधनों को लेकर मुखर रहा है. पाकिस्तान की चिंता उस समय और बढ़ गई जब हिंदुस्तान ने सिंधु जल समझौते से जुड़े हेग स्थित मध्यस्थता तंत्र के फैसले को मानने से इनकार कर दिया. रिपोर्ट के मुताबिक, संबंधित ट्रिब्यूनल ने सिंधु जल समझौते को कायम बताते हुए जम्मू-कश्मीर में रातले हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट से जुड़े काम को सीमित करने की बात कही थी. हिंदुस्तान ने इस फैसले को स्वीकार नहीं किया और ट्रिब्यूनल के गठन पर ही सवाल उठाया. पानी को लेकर पहले भी बयान देता रहा है पाकिस्तान सिंधु जल समझौते को लेकर पाकिस्तान की ओर से पहले भी कई बार बयान सामने आ चुके हैं. पाकिस्तान का कहना है कि सिंधु नदी उसके लिए खेती, ऊर्जा और वित्तीय स्थिति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है. ऐसे में हिंदुस्तान के रुख में किसी भी बदलाव को लेकर इस्लामाबाद की चिंता लगातार सामने आ रही है. हिंदुस्तान-पाक के बीच फिर केंद्र में आया सिंधु जल समझौता 1960 में हुए सिंधु जल समझौते के तहत दोनों देशों के बीच सिंधु नदी तंत्र के जल के इस्तेमाल की व्यवस्था तय की गई थी. अब हिंदुस्तान-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बीच यह समझौता एक बार फिर दोनों देशों के रिश्तों के केंद्र में आ गया है. SCO जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर शहबाज शरीफ का पानी को ‘जीवनरेखा’ बताना इसी बढ़ती चिंता का संकेत माना जा रहा है. 1948 के अरब-इजरायल युद्ध के बाद जॉर्डन नदी के जल बंटवारे को लेकर भी तनाव देखा गया था, जहां पानी को नेतृत्वक औजार के रूप में इस्तेमाल करने का प्रयास हुआ था. ये भी पढ़ें: PoK में प्रदर्शनकारियों पर ‘अत्यधिक बल’ का इस्तेमाल, चुनावों पर भी उठे सवाल; पाकिस्तान की मानवाधिकार संस्था ने खोली पोल The post सिंधु के पानी पर PAK की बढ़ी बेचैनी, SCO में शहबाज ने कहा- ‘पानी क्षेत्र की Lifeblood’, हिंदुस्तान को दिया इशारा appeared first on Naya Vichar.

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ब्रेकिंग न्यूज़: सारठ में स्कूल वैन-पिकअप की जोरदार भिड़ंत, बच्ची की मौत; चार गंभीर

प्रतिनिधि, सारठ. सारठ-चितरा मुख्य मार्ग पर मांझलीबाद गांव के समीप मंगलवार को स्कूली बच्चों से भरी मैजिक और पिकअप वैन में आमने-सामने टक्कर हो गयी. हादसे में एक स्कूली बच्ची की मौत हो गयी, जबकि चार शिशु गंभीर रूप से घायल हो गये. मृत बच्ची की पहचान चितरा थाना क्षेत्र के खमार गांव निवासी मुन्नी कुमारी के रूप में बतायी जा रही है. 15 शिशु थे स्कूल सवार जानकारी के अनुसार, स्कूल मैजिक में करीब 15 शिशु सवार होकर नारंगी मोड़ स्थित स्कूल जा रहे थे. इसी दौरान मांझलीबाद गांव के समीप सामने से आ रही पिकअप से मैजिक की टक्कर हो गयी. हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गयी. यह भी पढ़ें: दुमका-पाकुड़ रोड पर गड्ढों का जाल, बारिश में सड़क बनी मुसीबत इलाज के दौरान बच्ची ने तोड़ा दम हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया. वहां चिकित्सकों ने मुन्नी कुमारी को मृत घोषित कर दिया. वहीं, चार बच्चों की स्थिति गंभीर बतायी जा रही है. प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए देवघर रेफर कर दिया. क्षतिग्रस्त स्कूल वैन. हादसे के बाद मची अफरातफरी घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में अफरातफरी मच गयी. हादसे के कारण कुछ देर तक मार्ग पर भी लोगों की भीड़ जुट गयी. घटना के संबंध में पुलिस की ओर से मामले की छानबीन की जा रही है. The post ब्रेकिंग न्यूज़: सारठ में स्कूल वैन-पिकअप की जोरदार भिड़ंत, बच्ची की मौत; चार गंभीर appeared first on Naya Vichar.

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CJP ने 5 सितंबर का दिल्ली मार्च वापस लिया, FIR वापस लेने के सरकार के कदम के बाद बदला फैसला

CJP ने 5 सितंबर को दिल्ली में होने वाला अपना प्रस्तावित मार्च रद्द करने का फैसला किया है. संगठन की ओर से यह जानकारी मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में दी गई. CJP के प्रतिनिधि सौरव दास ने कोर्ट को बताया कि प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके बाद मार्च नहीं निकालने का फैसला लिया गया. इंडिया गेट से दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक होना था मार्च यह मार्च इंडिया गेट से दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक निकाला जाना था. CJP ने इससे पहले आरोप लगाया था कि प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने का भरोसा दिया था, लेकिन उस पर समय से कार्रवाई नहीं हुई. इसी के बाद 5 सितंबर को मार्च निकालने का ऐलान किया गया था. ये भी पढ़ें: रांची में 2 दिन की बारिश से बिगड़ी सफाई व्यवस्था – कई इलाकों में लगा कचरे का अंबार, बीमारी का खतरा बढ़ा ये मामला सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंचा था. सोमवार को कोर्ट ने मार्च पर रोक लगाने से इनकार करते हुए कहा था कि सभी पक्षों को कानून के दायरे में रहकर शांतिपूर्ण तरीके से काम करना चाहिए. अब प्रशासन की ओर से FIR वापस लेने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद CJP ने मार्च वापस लेने का फैसला किया है. सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार की सुनवाई के दौरान संगठन ने अपने फैसले की जानकारी दी. The post CJP ने 5 सितंबर का दिल्ली मार्च वापस लिया, FIR वापस लेने के प्रशासन के कदम के बाद बदला फैसला appeared first on Naya Vichar.

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Video : लाल चादर में गुलाबी टोपी पहने मासूम, नेपाल में तबाही के बीच डेढ़ महीने के बच्चे का रेस्क्यू

चारों तरफ पानी, मलबा और तबाही…जैसे हालात के बीच एक डेढ़ महीने के मासूम को सुरक्षित बाहर निकालने की तस्वीर ने हर किसी का दिल छू लिया. नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ के बीच रेस्क्यू टीम ने शिशु को बाढ़ प्रभावित इलाके से निकालकर सुरक्षित धुन्चे कैंप पहुंचाया. जिसका वीडियो वायरल हो रहा है. रेस्क्यू का दिल छू लेने वाला वीडियो वायरल सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में नेपाली सेना के जवान मासूम को पारंपरिक टोकरी में बेहद सावधानी से ले जाते दिखाई दे रहे हैं. लाल चादर में लिपटा और गुलाबी टोपी पहने बच्चा कभी रोता नजर आता है तो कभी बिल्कुल शांत दिखता है. पास खड़ी स्त्री सैनिक शिशु को देखकर मुस्कुराती है. स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, शिशु और उसके परिवार को स्याफ्रुबेंशी इलाके से रेस्क्यू किया गया. परिवार को पहले जिला मुख्यालय धुन्चे पहुंचाया गया और बाद में काठमांडू ले जाया गया. तबाही के बाद 11 हजार से अधिक लोगों का रेस्क्यू 26 अगस्त को तिब्बत की ओर से भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने रसुवागढ़ी, तिमुरे और स्याफ्रुबेंशी समेत कई इलाकों में भारी तबाही मचाई. सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हैं और कई जगहों पर मलबे के कारण राहत कार्य मुश्किल बना हुआ है. खराब मौसम और जगह-जगह जमा मलबे के कारण राहत एवं बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही हैं. इसके बावजूद सुरक्षाबल लगातार रेस्क्यू अभियान चला रहे हैं. राहत एवं बचाव अभियान में नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के साथ हिंदुस्तान, चीन और दक्षिण कोरिया की विशेषज्ञ टीमें भी जुटी हैं. ताजा आंकड़ों के अनुसार अब तक करीब 987 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि लगभग 3,916 लोग अभी भी लापता हैं. अब तक 11,814 लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है. ये भी पढ़ें: 60 घंटे बाद मलबे से जिंदा निकली 6 साल की बच्ची, माता-पिता से बिछड़े भाई-बहन का वीडियो देख रो पड़ेगा दिल! The post Video : लाल चादर में गुलाबी टोपी पहने मासूम, नेपाल में तबाही के बीच डेढ़ महीने के शिशु का रेस्क्यू appeared first on Naya Vichar.

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जन्माष्टमी पर लगानी है मेहंदी? मोरपंख से बांसुरी तक ट्राई करें ये 5 खूबसूरत डिजाइन

Janmashtami Mehndi Designs: जन्माष्टमी का त्योहार आते ही घर में तैयारियां शुरू हो जाती हैं. कपड़ों से लेकर पूजा की सजावट तक हर चीज को खास बनाने की कोशिश होती है. ऐसे में मेहंदी भी त्योहार के लुक को और खूबसूरत बना सकती है. अगर आप इस जन्माष्टमी पर हाथों में मेहंदी लगाने का सोच रही हैं, लेकिन ज्यादा मुश्किल डिजाइन नहीं बनाना चाहतीं, तो ये 5 आसान डिजाइन आपके काम आ सकते हैं. 1. मोरपंख वाली मेहंदी कान्हा और उनकी बांसुरी का रिश्ता भला कौन नहीं जानता. जन्माष्टमी पर आप हाथों में छोटी सी बांसुरी का डिजाइन बनवा सकती हैं. इसके साथ कुछ पत्तियां और छोटी-छोटी बेल जोड़ दें. सिंपल मेहंदी पसंद करने वाली लड़कियों के लिए यह डिजाइन काफी अच्छा विकल्प है. 3. मटकी और फूलों की डिजाइन अगर आप धार्मिक डिजाइन की जगह कुछ सिंपल और एलिगेंट चाहती हैं, तो फ्लोरल बेल ट्राई करें. उंगलियों से लेकर हथेली के एक हिस्से तक फूल-पत्तियों की पतली बेल बनाएं. चाहें तो इसमें छोटा सा मोरपंख या बांसुरी का पैटर्न भी जोड़ सकती हैं. 5. कृष्ण थीम की मिनिमल मेहंदी आजकल हाथों पर मिनिमल डिजाइन काफी पसंद किए जाते हैं. जन्माष्टमी के लिए हथेली के बीच में छोटा सा कृष्ण मुकुट, मोरपंख या बांसुरी बनाकर उसके आसपास डॉट्स और छोटी बेल बनाई जा सकती है. कम मेहंदी में भी यह डिजाइन काफी खूबसूरत दिखाई देगा. यह भी पढ़ें: जन्माष्टमी पर छा जाएगी आपकी AI फोटो, राधा-कृष्ण थीम के लिए कॉपी करें ये Prompts The post जन्माष्टमी पर लगानी है मेहंदी? मोरपंख से बांसुरी तक ट्राई करें ये 5 खूबसूरत डिजाइन appeared first on Naya Vichar.

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